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BPSC CCEबिहार का इतिहासबिहार का इतिहास: जैन और बौद्ध धर्म
History of Bihar: Jainism and Buddhism
बिहार की परीक्षाओं में जैन और बौद्ध धर्म का बहुत महत्व है। ये धर्म बिहार की धरती से ही फले-फूले और भारतीय संस्कृति को नई दिशा दी।
जैन धर्म
- जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर थे।
- महावीर का जन्म वैशाली के पास कुंडग्राम में हुआ था।
- जैन धर्म में अहिंसा को सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना गया है।
- जैन धर्म दो भागों में बंट गया: श्वेतांबर (स्थूलभद्र के नेतृत्व में) और दिगंबर (भद्रबाहु के नेतृत्व में)।
- जैन धर्म के पवित्र ग्रंथ अर्ध-मागधी भाषा में लिखे गए हैं।
- महावीर को राजगीर की विपुलचल पहाड़ी पर ज्ञान प्राप्त हुआ था।
बौद्ध धर्म
- गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था, लेकिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति बिहार के बोधगया में हुई।
- बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में पाली भाषा में दिया था।
- बौद्ध संघ में शामिल होने के लिए कम से कम 15 वर्ष की आयु अनिवार्य थी।
- बुद्ध ने अपने सबसे अधिक उपदेश कोसल की राजधानी श्रावस्ती में दिए थे।
- बौद्ध धर्म में ईश्वर और आत्मा की सत्ता को स्वीकार नहीं किया गया है।
- बुद्ध की मृत्यु (महापरिनिर्वाण) कुशीनगर में हुई थी।
अपने आप को जाँचिए — 5 प्रश्न
1. जैन धर्म के संदर्भ में, 'तीर्थंकर' शब्द का क्या अर्थ है और प्रथम तीर्थंकर कौन थे?
- (क) विजेता; पार्श्वनाथ
- (ख) शिक्षक; ऋषभदेव
- (ग) मोक्ष प्राप्तकर्ता; महावीर
- (घ) मार्गदर्शक; अरिष्टनेमि
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) शिक्षक; ऋषभदेव
ऋषभदेव (आदिनाथ) प्रथम तीर्थंकर थे और जैन शब्द 'जिन' से बना है जिसका अर्थ विजेता है।
2. बौद्ध संघ में प्रवेश के नियमों के संबंध में कौन सा कथन सही है?
- (क) 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं था
- (ख) माता-पिता की अनुमति के बिना प्रवेश वर्जित था
- (ग) दास और ऋणी व्यक्ति संघ में शामिल हो सकते थे
- (घ) संघ में प्रवेश के लिए केवल संस्कृत भाषा का ज्ञान आवश्यक था
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उत्तर: (ख) माता-पिता की अनुमति के बिना प्रवेश वर्जित था
संघ में प्रवेश के लिए 15 वर्ष की आयु और माता-पिता की अनुमति अनिवार्य थी।
3. जैन धर्म की प्रथम संगीति (परिषद) के बारे में क्या सत्य है?
- (क) यह वल्लभी में आयोजित हुई थी
- (ख) इसकी अध्यक्षता भद्रबाहु ने की थी
- (ग) इसमें जैन धर्म का विभाजन हुआ था
- (घ) इसमें 12 अंगों का अंतिम संकलन हुआ था
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उत्तर: (ग) इसमें जैन धर्म का विभाजन हुआ था
प्रथम संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जहाँ जैन धर्म श्वेतांबर और दिगंबर में विभाजित हुआ।
4. गौतम बुद्ध के जीवन की घटनाओं और उनके प्रतीकों का सही मिलान कौन सा है?
- (क) जन्म - कमल
- (ख) प्रथम उपदेश - स्तूप
- (ग) ज्ञान प्राप्ति - घोड़ा
- (घ) मृत्यु - पदचिह्न
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उत्तर: (क) जन्म - कमल
जन्म का प्रतीक कमल है, जबकि प्रथम उपदेश का चक्र, ज्ञान का बोधि वृक्ष और मृत्यु का स्तूप है।
5. महावीर स्वामी के जीवन के अंतिम समय के बारे में कौन सा तथ्य सही है?
- (क) उनकी मृत्यु 540 ईसा पूर्व में हुई थी
- (ख) उन्होंने अपना अंतिम उपदेश राजगीर में दिया था
- (ग) उनकी मृत्यु राजा हस्तिपाल के महल में हुई थी
- (घ) उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु 80 वर्ष थी
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) उनकी मृत्यु राजा हस्तिपाल के महल में हुई थी
महावीर की मृत्यु 468 ईसा पूर्व में 72 वर्ष की आयु में पावापुरी में राजा हस्तिपाल के यहाँ हुई थी।
English version — History of Bihar: Jainism and Buddhism
Jainism and Buddhism are very important for Bihar exams. These religions flourished on the soil of Bihar and gave a new direction to Indian culture.
Jainism
- Lord Mahavira was the 24th Tirthankara of Jainism.
- Mahavira was born at Kundgram near Vaishali.
- Non-violence (Ahimsa) is considered the most important vow in Jainism.
- Jainism split into two sects: Shvetambara (led by Sthulabhadra) and Digambara (led by Bhadrabahu).
- Jain scriptures were written in the Ardha-Magadhi language.
- Mahavira attained supreme knowledge (Kevalgyan) at Vipulachal hill in Rajgir.
Buddhism
- Gautam Buddha was born in Lumbini, but he attained enlightenment in Bodh Gaya, Bihar.
- Buddha gave his first sermon in Sarnath in the Pali language.
- A minimum age of 15 years was mandatory to join the Buddhist Sangha.
- Buddha gave his maximum teachings in Shravasti, the capital of Kosala.
- Buddhism does not believe in the existence of God or the Soul.
- Buddha attained Mahaparinirvana (death) in Kushinagar.