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BPSC CCEभूगोलभारत: जलवायु, मिट्टी और जैव विविधता
India: Climate, Soil and Biodiversity
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें मानसून की क्रियाविधि, मृदा वर्गीकरण और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक प्रयासों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
मानसून क्रियाविधि, ऋतुएँ और वर्षा वितरण
भारत की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी हवाओं द्वारा नियंत्रित होती है, जो एक मौसमी हवा प्रणाली है। मानसून शब्द अरबी शब्द 'मौसिम' से आया है, जिसका अर्थ है हवाओं की दिशा में ऋतु के अनुसार बदलाव। ग्रीष्मकाल में, तिब्बत का पठार अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे वहाँ निम्न वायुदाब बनता है और दक्षिण-पश्चिम मानसून हवाएँ भारत की ओर आकर्षित होती हैं। यह मानसून दो शाखाओं में विभाजित होता है: अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा। भारत में वर्षा का वितरण बहुत असमान है; जहाँ पश्चिमी घाट और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा होती है, वहीं राजस्थान और लद्दाख जैसे क्षेत्र सूखे रहते हैं। शीत ऋतु में, लौटता हुआ मानसून तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर वर्षा करता है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 'पश्चिमी विक्षोभ' से वर्षा होती है।
मुख्य तथ्य
- मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के शब्द 'मौसिम' से हुई है।
- भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले जून के पहले सप्ताह में केरल तट पर पहुँचता है।
- मेघालय में स्थित मासिनराम दुनिया का सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है।
- एल नीनो (El Nino) भारतीय मानसून पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और सूखे का कारण बन सकता है।
- ला नीना (La Nina) भारतीय मानसून के लिए अनुकूल माना जाता है और अच्छी वर्षा लाता है।
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) भूमध्य सागर से उत्पन्न होते हैं और उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा लाते हैं।
- तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी मानसून (लौटते मानसून) से वर्षा होती है।
- ग्रीष्म ऋतु में उत्तर भारत में चलने वाली गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहा जाता है।
- केरल और कर्नाटक में मानसून पूर्व वर्षा को 'मैंगो शावर' (आम्र वर्षा) कहा जाता है।
- पश्चिम बंगाल में वैशाख के महीने में आने वाले विनाशकारी तूफानों को 'काल बैसाखी' कहते हैं।
- असम में मानसून पूर्व वर्षा को 'बोरदोइचिला' के नाम से जाना जाता है।
- आईटीसीजेड (ITCZ) का उत्तर की ओर खिसकना मानसून के आगमन का एक प्रमुख कारण है।
तालिका
- स्थानीय नाम: मैंगो शावर · प्रभावित क्षेत्र: केरल और कर्नाटक · महत्व/विशेषता: आम की फसल को जल्दी पकाने में सहायक
- स्थानीय नाम: चेरी ब्लॉसम · प्रभावित क्षेत्र: कर्नाटक · महत्व/विशेषता: कॉफी के फूलों के खिलने के लिए लाभदायक
- स्थानीय नाम: काल बैसाखी · प्रभावित क्षेत्र: पश्चिम बंगाल · महत्व/विशेषता: शाम को आने वाले विनाशकारी तूफान
- स्थानीय नाम: बोरदोइचिला · प्रभावित क्षेत्र: असम · महत्व/विशेषता: चाय और जूट की खेती के लिए उपयोगी
- स्थानीय नाम: लू · प्रभावित क्षेत्र: उत्तर भारत के मैदान · महत्व/विशेषता: गर्म और शुष्क हवाएँ
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: भारत के किस राज्य में 'लौटते हुए मानसून' (Retreating Monsoon) के कारण शीत ऋतु में वर्षा होती है?
(क) पंजाब (ख) बिहार (ग) तमिलनाडु (घ) केरल
- ✔ उत्तर: (ग) तमिलनाडु — लौटता हुआ मानसून बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण कर तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर वर्षा करता है।
- प्रश्न 2: उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों में होने वाली वर्षा का मुख्य कारण क्या है?
(क) दक्षिण-पश्चिम मानसून (ख) पश्चिमी विक्षोभ (ग) चक्रवातीय वर्षा (घ) व्यापारिक पवनें
- ✔ उत्तर: (ख) पश्चिमी विक्षोभ — भूमध्य सागर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा) में शीतकालीन वर्षा का कारण बनते हैं।
- प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) मैंगो शावर - कर्नाटक (ख) काल बैसाखी - पश्चिम बंगाल (ग) चेरी ब्लॉसम - केरल (घ) बोरदोइचिला - असम
- ✔ उत्तर: (ग) चेरी ब्लॉसम - केरल — चेरी ब्लॉसम मुख्य रूप से कर्नाटक में कॉफी के फूलों के खिलने से संबंधित है, न कि केरल से।
- प्रश्न 4: भारत में मानसून के 'विस्फोट' (Burst of Monsoon) के लिए कौन उत्तरदायी माना जाता है?
(क) पूर्वी जेट स्ट्रीम (ख) पश्चिमी जेट स्ट्रीम (ग) एल नीनो (घ) आईटीसीजेड का दक्षिण की ओर खिसकना
- ✔ उत्तर: (क) पूर्वी जेट स्ट्रीम — उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (TEJ) भारत में मानसून के अचानक आगमन या विस्फोट के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।
- प्रश्न 5: बिहार में मानसून की कौन सी शाखा वर्षा लाती है?
(क) अरब सागर शाखा (ख) बंगाल की खाड़ी शाखा (ग) पश्चिमी विक्षोभ (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ उत्तर: (ख) बंगाल की खाड़ी शाखा — बिहार और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकांश वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से होती है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में मानसून से संबंधित प्रश्न अक्सर स्थानीय हवाओं के नाम (जैसे लू, काल बैसाखी), वर्षा के वितरण (सर्वाधिक और न्यूनतम वर्षा वाले क्षेत्र), और शीतकालीन वर्षा के कारणों (पश्चिमी विक्षोभ बनाम लौटता मानसून) पर पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर पश्चिमी विक्षोभ (उत्तर-पश्चिम भारत) और लौटते मानसून (तमिलनाडु) के बीच भ्रमित होते हैं, दोनों ही सर्दियों में वर्षा करते हैं लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में।
- ✘ अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा के प्रभाव क्षेत्रों को लेकर भ्रम रहता है; याद रखें कि बिहार में वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से होती है।
💡 मानसून का 'म' = 'म'ौसिम (अरबी शब्द) और 'म'ासिनराम (सर्वाधिक वर्षा)।
भारत की मिट्टियाँ: प्रकार और वितरण
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टियों को आठ प्रमुख वर्गों में विभाजित किया है। मिट्टी का निर्माण चट्टानों के टूटने, जलवायु और वनस्पतियों के प्रभाव से होता है, जो कृषि की प्रकृति को निर्धारित करता है। जलोढ़ मिट्टी भारत के सबसे बड़े क्षेत्र (लगभग 43%) पर फैली है और उत्तर भारत के मैदानों में पाई जाती है। काली मिट्टी दक्कन के पठार में मिलती है और कपास के लिए सर्वोत्तम है, जबकि लाल मिट्टी प्रायद्वीपीय भारत के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। लैटेराइट मिट्टी भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में लीचिंग (निक्षालन) प्रक्रिया से बनती है। बिहार के संदर्भ में, गंगा के मैदानी भागों में जलोढ़ मिट्टी की प्रधानता है जो कृषि के लिए अत्यंत उपजाऊ है।
मुख्य तथ्य
- ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) ने भारतीय मिट्टी को 8 प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किया है।
- जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) भारत के कुल क्षेत्रफल के लगभग 43.4% भाग पर पाई जाती है।
- पुरानी जलोढ़ मिट्टी को 'बांगर' और नई जलोढ़ मिट्टी को 'खादर' कहा जाता है।
- काली मिट्टी को 'रेगुर' या 'कपास वाली मिट्टी' भी कहा जाता है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गुजरात में मिलती है।
- काली मिट्टी में 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का गुण होता है क्योंकि सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
- लाल मिट्टी का लाल रंग लोहे के ऑक्साइड (Ferric Oxide) की उपस्थिति के कारण होता है।
- लैटेराइट मिट्टी का निर्माण भारी वर्षा के कारण होने वाले 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया से होता है।
- लैटेराइट मिट्टी काजू, चाय, कॉफी और रबर की खेती के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती है।
- लवणीय मिट्टी को उत्तर भारत में 'रेह', 'ऊसर' या 'कल्लड़' के नाम से भी जाना जाता है।
- पीठ (Peaty) मिट्टी भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में जैविक पदार्थों के जमाव से बनती है।
- भारतीय मिट्टियों में सामान्यतः नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
- बिहार के उत्तरी भाग (जैसे चंपारण) में पर्वत पाद मिट्टी और तराई मिट्टी का विस्तार पाया जाता है।
- जलोढ़ मिट्टी में पोटाश की प्रचुरता होती है लेकिन फास्फोरस की कमी होती है।
तालिका
- मिट्टी का प्रकार: जलोढ़ मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान, तटीय क्षेत्र · मुख्य फसलें: धान, गेहूं, गन्ना · विशेषता: सर्वाधिक उपजाऊ, पोटाश युक्त
- मिट्टी का प्रकार: काली मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र · मुख्य फसलें: कपास, सोयाबीन · विशेषता: नमी धारण क्षमता, बेसाल्ट चट्टानें
- मिट्टी का प्रकार: लाल-पीली मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ · मुख्य फसलें: दलहन, मोटे अनाज · विशेषता: लोह ऑक्साइड के कारण लाल रंग
- मिट्टी का प्रकार: लैटेराइट मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: पश्चिमी घाट, मेघालय · मुख्य फसलें: काजू, चाय, रबर · विशेषता: निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया
- मिट्टी का प्रकार: शुष्क/मरुस्थलीय · प्रमुख क्षेत्र: राजस्थान, दक्षिण पंजाब · मुख्य फसलें: बाजरा, ज्वार · विशेषता: रेतीली संरचना, लवण युक्त
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: भारत में सर्वाधिक क्षेत्र पर किस प्रकार की मिट्टी का विस्तार पाया जाता है?
(क) काली मिट्टी (ख) जलोढ़ मिट्टी (ग) लाल मिट्टी (घ) लैटेराइट मिट्टी
- ✔ उत्तर: (ख) जलोढ़ मिट्टी — जलोढ़ मिट्टी भारत के लगभग 43% भाग को कवर करती है और सबसे विस्तृत मृदा समूह है।
- प्रश्न 7: 'रेगुर' मिट्टी का दूसरा नाम क्या है?
(क) लाल मिट्टी (ख) काली मिट्टी (ग) ऊसर मिट्टी (घ) शुष्क मिट्टी
- ✔ उत्तर: (ख) काली मिट्टी — काली मिट्टी को इसकी जल धारण क्षमता और कपास उत्पादन के लिए 'रेगुर' कहा जाता है।
- प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सी मिट्टी 'निक्षालन' (Leaching) के परिणामस्वरूप बनती है?
(क) जलोढ़ मिट्टी (ख) काली मिट्टी (ग) लैटेराइट मिट्टी (घ) लाल मिट्टी
- ✔ उत्तर: (ग) लैटेराइट मिट्टी — भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में पोषक तत्वों के बह जाने (लीचिंग) से लैटेराइट मिट्टी का निर्माण होता है।
- प्रश्न 9: पुरानी जलोढ़ मिट्टी को किस नाम से जाना जाता है?
(क) खादर (ख) बांगर (ग) रेह (घ) कल्लड़
- ✔ उत्तर: (ख) बांगर — बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है जो बाढ़ के मैदानों से ऊपर स्थित होती है, जबकि खादर नई मिट्टी है।
- प्रश्न 10: काली मिट्टी के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?
(क) इसमें नमी रोकने की क्षमता कम होती है (ख) यह मुख्य रूप से हिमालय क्षेत्र में पाई जाती है (ग) इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहते हैं (घ) इसमें फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होता है
- ✔ उत्तर: (ग) इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहते हैं — सूखने पर गहरी दरारें पड़ने के कारण इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहा जाता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में मिट्टी से संबंधित प्रश्न अक्सर उनके क्षेत्रीय वितरण, फसलों के साथ संबंध (जैसे कपास-काली मिट्टी) और उनकी रासायनिक विशेषताओं (जैसे नाइट्रोजन या पोटाश की कमी) पर आधारित होते हैं। बिहार की विशिष्ट मिट्टियों जैसे 'करैल-कैवाल' पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ बांगर और खादर में भ्रम: बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है और खादर नई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी है।
- ✘ लाल और लैटेराइट मिट्टी: लाल मिट्टी कम वर्षा वाले क्षेत्रों में लोह ऑक्साइड के कारण होती है, जबकि लैटेराइट अत्यधिक वर्षा और लीचिंग वाले क्षेत्रों में बनती है।
💡 जलाकर लाओ (ज-जलोढ़, ला-लाल, क-काली, र-रेगुर/लैटेराइट) - भारत की प्रमुख मिट्टियों का क्षेत्रफल के अनुसार घटता क्रम।
प्राकृतिक वनस्पति के प्रकार
भारत में प्राकृतिक वनस्पति का वितरण मुख्य रूप से वर्षा की मात्रा, तापमान, आर्द्रता और स्थलाकृति पर निर्भर करता है। देश में सबसे विस्तृत क्षेत्र पर उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन पाए जाते हैं, जिन्हें आर्द्र और शुष्क दो भागों में बांटा जाता है। पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल और पूर्वोत्तर भारत जैसे 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन मिलते हैं। 70 सेमी से कम वर्षा वाले उत्तर-पश्चिमी शुष्क भागों में कांटेदार झाड़ियां पाई जाती हैं। हिमालयी क्षेत्रों में ऊंचाई बढ़ने के साथ-साथ उष्णकटिबंधीय वनों से लेकर शीतोष्ण और अल्पाइन वनस्पतियों का क्रमिक विकास दिखाई देता है। तटीय डेल्टाई इलाकों में ज्वारीय वनों (मैंग्रोव) का विशेष पारिस्थितिकी तंत्र विकसित है।
मुख्य तथ्य
- भारत में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (मानसूनी) वन पाए जाते हैं।
- उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के लिए 200 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा तथा 22°C से अधिक औसत तापमान की आवश्यकता होती है।
- रोजवुड, महोगनी, एबोनी (आबनूस) और ऐनी उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के प्रमुख वृक्ष हैं।
- आर्द्र पर्णपाती वन 100 से 200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जिनमें सागौन, साल, शीशम, महुआ और चंदन मुख्य हैं।
- शुष्क पर्णपाती वन 70 से 100 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में मिलते हैं, जिनमें तेंदू, पलाश, अमलतास और बेल प्रमुख वृक्ष हैं।
- 70 सेमी से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में बबूल, बेर, खजूर, खैर और नागफनी जैसे कंटीले वन पाए जाते हैं।
- पर्वतीय वनों में 1500 से 3000 मीटर की ऊंचाई पर चीड़, देवदार, स्प्रूस और सिल्वर फर जैसे शंकुधारी वन पाए जाते हैं।
- दक्षिण भारत के नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों पर मिलने वाले शीतोष्ण कटिबंधीय वनों को 'शोला' (Shola) कहा जाता है।
- गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में 'सुंदरी' वृक्षों की बहुलता के कारण मैंग्रोव वन को सुंदरवन कहा जाता है।
- मैंग्रोव वनों के पौधों में श्वसन के लिए विशेष वायवीय जड़ें (न्यूमेटोफोर) पाई जाती हैं।
- केंद्रीय वन अनुसंधान संस्थान (FRI) देहरादून (उत्तराखंड) में स्थित है।
तालिका
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय सदाबहार · वार्षिक वर्षा: > 200 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल, पूर्वोत्तर भारत, अंडमान-निकोबार · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: महोगनी, रोजवुड, एबोनी, बांस, सिनकोना
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती · वार्षिक वर्षा: 100 - 200 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: शिवालिक तराई, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी घाट का पूर्वी ढाल · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: सागौन (Teak), साल (Sal), शीशम, चंदन, महुआ
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती · वार्षिक वर्षा: 70 - 100 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान के नम भाग, प्रायद्वीपीय पठार · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: तेंदू, पलाश, अमलतास, बेल, खैर
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय कांटेदार · वार्षिक वर्षा: < 70 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: दक्षिण-पश्चिम पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: बबूल, खजूर, बेर, नागफनी (कैक्टस)
- वनस्पति का प्रकार: पर्वतीय वन (शीतोष्ण/अल्पाइन) · वार्षिक वर्षा: ऊंचाई आधारित · प्रमुख क्षेत्र: हिमालयी राज्य, नीलगिरि एवं अन्नामलाई पहाड़ियाँ · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: देवदार, चीड़, सिल्वर फर, ओक, रोडोडेन्ड्रॉन
- वनस्पति का प्रकार: मैंग्रोव / ज्वारीय वन · वार्षिक वर्षा: तटीय दलदली क्षेत्र · प्रमुख क्षेत्र: सुंदरवन डेल्टा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा डेल्टा · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: सुंदरी, राइजोफोरा, कैसुरीना, फोनिक्स
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा वन प्रकार सर्वाधिक वृहद क्षेत्र पर विस्तृत है?
(क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (ख) उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (ग) उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (घ) पर्वतीय आर्द्र शीतोष्ण वन
- ✔ उत्तर: (ग) उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन — भारत में कुल वन क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (विशेषकर शुष्क पर्णपाती) सबसे बड़े भू-भाग पर फैले हैं।
- प्रश्न 12: रोजवुड, महोगनी और आबनूस किस प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति के प्रमुख वृक्ष हैं?
(क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (ग) शीतोष्ण कोणधारी वन (घ) मैंग्रोव वन
- ✔ उत्तर: (क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन — रोजवुड, महोगनी और आबनूस 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के विशिष्ट पादप हैं।
- प्रश्न 13: दक्षिण भारत की नीलगिरि एवं पालनी पहाड़ियों में पाए जाने वाले शीतोष्ण वनों को किस स्थानीय नाम से जाना जाता है?
(क) बुग्याल (ख) शोला (ग) मर्ग (घ) तराई
- ✔ उत्तर: (ख) शोला — दक्षिण भारत के उच्च पर्वतीय भागों (नीलगिरि, अन्नामलाई) में स्थित शीतोष्ण कटिबंधीय वनों को 'शोला वन' कहा जाता है।
- प्रश्न 14: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंदन - आर्द्र पर्णपाती वन
2. खैर - कंटीले वन
3. देवदार - पर्वतीय कोणधारी वन
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 — चंदन मानसूनी/आर्द्र पर्णपाती, खैर शुष्क कांटेदार तथा देवदार 1500-3000 मीटर के उच्च हिमालयी शीतोष्ण वनों में पाया जाता है।
- प्रश्न 15: मैंग्रोव वनस्पतियों की जड़ें खारे पानी और कीचड़ में श्वसन के लिए जल-सतह से ऊपर निकल आती हैं, इन्हें क्या कहा जाता है?
(क) अवस्तंभ जड़ें (ख) न्यूमेटोफोर (श्वसन मूल) (ग) परजीवी जड़ें (घ) कंदमूल
- ✔ उत्तर: (ख) न्यूमेटोफोर (श्वसन मूल) — मैंग्रोव पादपों में ऑक्सीजन ग्रहण करने के लिए ऊर्ध्वाधर निकलने वाली वायवीय जड़ों को न्यूमेटोफोर या श्वसन मूल कहते हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 111] भारत में समशीतोष्ण वन अनुसंधान केन्द्र किस शहर में है?
(क) शिमला (ख) रांची (ग) श्रीनगर (घ) देहरादून
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) शिमला
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में वनों के प्रकार, उनके प्रमुख वृक्षों (जैसे सागौन, साल, महोगनी, चंदन), वर्षा की आवश्यक सीमाओं और प्रमुख वन अनुसंधान संस्थानों के स्थान पर सीधे और सुमेलन वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ सदाबहार और पर्णपाती वनों के वृक्षों में भ्रम: सागौन और साल 'पर्णपाती' (मानसूनी) वन के हैं, जबकि महोगनी और आबनूस 'सदाबहार' वन के वृक्ष हैं।
- ✘ पर्वतीय घास के मैदान और वन: हिमालय के शीतोष्ण घास के मैदान 'बुग्याल/मर्ग' कहलाते हैं, जबकि दक्षिण भारत के नीलगिरि पहाड़ियों के शीतोष्ण वन 'शोला' कहलाते हैं।
- ✘ वन अनुसंधान संस्थान: केंद्रीय वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में है, जबकि समशीतोष्ण वन अनुसंधान केंद्र शिमला में है।
💡 सदाबहार के VIP वृक्ष: 'M-E-R-A' वन = Mahogany, Ebony, Rosewood, Aini (सभी उष्णकटिबंधीय सदाबहार हैं)।
राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, बायोस्फीयर रिजर्व और रामसर स्थल
भारत में जैव विविधता के संरक्षण के लिए विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्र बनाए गए हैं। राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) में मानवीय गतिविधियाँ पूरी तरह प्रतिबंधित होती हैं, जबकि वन्यजीव अभयारण्यों में कुछ छूट मिलती है। टाइगर रिजर्व विशेष रूप से बाघों के संरक्षण के लिए 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत घोषित किए जाते हैं। बायोस्फीयर रिजर्व बड़े पारिस्थितिकी तंत्र होते हैं जहाँ मनुष्य और प्रकृति सह-अस्तित्व में रहते हैं। रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) हैं, जिनका संरक्षण 1971 के रामसर कन्वेंशन के तहत किया जाता है। बिहार में वाल्मीकि नगर एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व है, जबकि बेगूसराय का कावर झील प्रमुख रामसर स्थल है।
मुख्य तथ्य
- भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड) है, जिसे 1936 में हेली नेशनल पार्क के रूप में स्थापित किया गया था।
- बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) में स्थित है।
- भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से हुई थी।
- मणिपुर की लोकतक झील में स्थित 'केबुल लामजाओ' दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है।
- टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों में खनन (Mining) पूरी तरह प्रतिबंधित है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुँचे।
- कौटिल्य के अर्थशास्त्र में भी वनों और वन्यजीवों के प्रबंधन के महत्व का उल्लेख मिलता है।
- संरक्षित क्षेत्र और आर्द्रभूमियाँ भूजल स्तर (Groundwater level) को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- नीलगिरी (1986) भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व था, जो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैला है।
- बेगूसराय की कावर झील (Kanwar Lake) बिहार की पहली रामसर साइट है, जो एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील है।
- भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान 'हेमिस' (लद्दाख) है और सबसे छोटा 'साउथ बटन' (अंडमान निकोबार) है।
- रामसर कन्वेंशन पर 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर किए गए थे।
तालिका
- राज्य: बिहार · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व · विशेषता: बिहार का एकमात्र बाघ अभयारण्य
- राज्य: मणिपुर · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: केबुल लामजाओ · विशेषता: विश्व का एकमात्र तैरता उद्यान (लोकतक झील)
- राज्य: असम · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध
- राज्य: गुजरात · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: गिर राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: एशियाई शेरों का एकमात्र निवास
- राज्य: लद्दाख · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: हेमिस राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान
- राज्य: उत्तराखंड · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: जिम कॉर्बेट · विशेषता: भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 16: बिहार के किस जिले में एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान स्थित है?
(क) पूर्वी चंपारण (ख) पश्चिम चंपारण (ग) गया (घ) बेगूसराय
- ✔ उत्तर: (ख) पश्चिम चंपारण — वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है।
- प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन सा दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है?
(क) काजीरंगा (ख) केबुल लामजाओ (ग) भीतरकनिका (घ) सुंदरवन
- ✔ उत्तर: (ख) केबुल लामजाओ — केबुल लामजाओ मणिपुर की लोकतक झील में स्थित दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ उद्यान है।
- प्रश्न 18: टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?
(क) यहाँ खनन की अनुमति है (ख) यहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है (ग) यहाँ केवल निजी खनन की अनुमति है (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ उत्तर: (ख) यहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है — पारिस्थितिकी सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- प्रश्न 19: भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' किस वर्ष शुरू किया गया था?
(क) 1971 (ख) 1972 (ग) 1973 (घ) 1975
- ✔ उत्तर: (ग) 1973 — प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1973 में बाघों के संरक्षण के लिए की गई थी।
- प्रश्न 20: बिहार की पहली रामसर साइट 'कावर झील' किस जिले में स्थित है?
(क) पटना (ख) बेगूसराय (ग) दरभंगा (घ) भागलपुर
- ✔ उत्तर: (ख) बेगूसराय — कावर झील बेगूसराय जिले में स्थित है और यह बिहार की पहली रामसर साइट है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 144] विलुप्त होने के खतरे में पड़ी प्रजातियाँ कहलाती है :
(क) सुभेद्य (ख) दुर्लभ (ग) लुप्तप्राय (घ) विलुप्त
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) लुप्तप्राय — रेड डेटा बुक के अनुसार, जो प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर होती हैं, उन्हें 'लुप्तप्राय' (Endangered) कहा जाता है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 113] ‘लोकतक’ एक ........ है।
(क) घाटी (ख) झील (ग) नदी (घ) पर्वत श्रृंखला
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) झील — लोकतक मणिपुर में स्थित एक झील है, जिसमें प्रसिद्ध तैरता हुआ केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में अक्सर बिहार के विशिष्ट उद्यानों (वाल्मीकि), रामसर साइट्स की स्थिति और भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों के मिलान वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ वाल्मीकि नगर को अक्सर पूर्वी चंपारण समझ लिया जाता है, जबकि यह पश्चिम चंपारण में है।
- ✘ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) और प्रोजेक्ट टाइगर (1973) के वर्षों में अक्सर भ्रम होता है।
- ✘ कावर झील को कुछ छात्र दरभंगा में समझते हैं, पर यह बेगूसराय में है।
💡 मणिपुर की 'लोक' (Loktak) में 'केबल' (Keibul) तैर रही है।
पर्यावरण सम्मेलन और संगठन
वैश्विक स्तर पर पर्यावरण की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संधियाँ और संगठन बनाए गए हैं। जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने के लिए UNFCCC के तहत क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौता सबसे प्रमुख हैं। आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण के लिए 1971 में रामसर सम्मेलन हुआ था, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने के लिए CITES (वाशिंगटन कन्वेंशन) कार्य करता है। ओजोन परत को बचाने के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक सफल वैश्विक प्रयास माना जाता है। ये सभी सम्मेलन देशों के लिए कानूनी या स्वैच्छिक लक्ष्य निर्धारित करते हैं ताकि पृथ्वी के संसाधनों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्य तथ्य
- रामसर सम्मेलन: 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित हुआ।
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस: प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को मनाया जाता है।
- UNFCCC: 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन (Rio Earth Summit) में अपनाया गया।
- क्योटो प्रोटोकॉल (1997): ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि।
- पेरिस समझौता (2015): वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C (अधिमानतः 1.5°C) से नीचे रखने का लक्ष्य।
- CITES: इसे 'वाशिंगटन कन्वेंशन' (1973) के रूप में भी जाना जाता है।
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987): ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों (CFCs) को रोकने के लिए।
- भारत रामसर संधि में शामिल हुआ: 1 फरवरी 1982 को।
- भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल: सुंदरवन (पश्चिम बंगाल)।
- भारत का सबसे छोटा रामसर स्थल: रेणुका आर्द्रभूमि (हिमाचल प्रदेश)।
- मॉन्ट्रो रिकॉर्ड (Montreux Record): उन रामसर स्थलों की सूची जहाँ पारिस्थितिक परिवर्तन हुए हैं।
- CBD (जैव विविधता सम्मेलन): 1992 में रियो डी जनेरियो में हस्ताक्षरित।
तालिका
- सम्मेलन/संधि: रामसर सम्मेलन · वर्ष: 1971 · मुख्य विषय: आर्द्रभूमि संरक्षण
- सम्मेलन/संधि: CITES · वर्ष: 1973 · मुख्य विषय: लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार
- सम्मेलन/संधि: मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल · वर्ष: 1987 · मुख्य विषय: ओजोन परत संरक्षण
- सम्मेलन/संधि: रियो पृथ्वी सम्मेलन · वर्ष: 1992 · मुख्य विषय: सतत विकास और जलवायु
- सम्मेलन/संधि: क्योटो प्रोटोकॉल · वर्ष: 1997 · मुख्य विषय: ग्रीनहाउस गैस कटौती
- सम्मेलन/संधि: पेरिस समझौता · वर्ष: 2015 · मुख्य विषय: जलवायु परिवर्तन नियंत्रण
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 21: रामसर सम्मेलन मुख्य रूप से किसके संरक्षण से संबंधित है?
(क) ओजोन परत (ख) आर्द्रभूमि (Wetlands) (ग) लुप्तप्राय प्रजातियाँ (घ) ग्लोबल वार्मिंग
- ✔ उत्तर: (ख) आर्द्रभूमि (Wetlands) — रामसर सम्मेलन 1971 में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके बुद्धिमानी से उपयोग के लिए किया गया था।
- प्रश्न 22: क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष अपनाया गया था?
(क) 1992 (ख) 1997 (ग) 2005 (घ) 2015
- ✔ उत्तर: (ख) 1997 — क्योटो प्रोटोकॉल को 1997 में अपनाया गया था और यह 2005 में लागू हुआ था।
- प्रश्न 23: निम्नलिखित में से किसे 'वाशिंगटन कन्वेंशन' के नाम से भी जाना जाता है?
(क) UNFCCC (ख) CITES (ग) रामसर सम्मेलन (घ) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- ✔ उत्तर: (ख) CITES — CITES को 1973 में वाशिंगटन डी.सी. में हस्ताक्षरित होने के कारण वाशिंगटन कन्वेंशन कहा जाता है।
- प्रश्न 24: पेरिस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(क) ओजोन क्षरण को रोकना (ख) आर्द्रभूमियों का विस्तार (ग) वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम रखना (घ) परमाणु हथियारों पर रोक
- ✔ उत्तर: (ग) वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम रखना — पेरिस समझौता (2015) जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने पर केंद्रित है।
- प्रश्न 25: मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का संबंध किससे है?
(क) जैव विविधता (ख) ओजोन परत का संरक्षण (ग) मरुस्थलीकरण (घ) खतरनाक अपशिष्ट
- ✔ उत्तर: (ख) ओजोन परत का संरक्षण — मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों के उत्पादन को रोकने के लिए बनाया गया है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में अक्सर सम्मेलनों के वर्ष, उनके मुख्यालय या शहर, और उनके मुख्य उद्देश्य (जैसे ओजोन, आर्द्रभूमि या जलवायु परिवर्तन) के बारे में मिलान करने वाले या सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ क्योटो प्रोटोकॉल (ग्रीनहाउस गैस) और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (ओजोन परत) के बीच भ्रम।
- ✘ रामसर सम्मेलन का वर्ष (1971) और भारत के शामिल होने का वर्ष (1982) अलग-अलग हैं।
💡 राम (Ramsar) सर गीले (Wetlands) हैं; मॉन्ट्रियल (Montreal) में ओजोन (Ozone) की छतरी है।
एक नज़र में (Revision)
- भारत की जलवायु को 'उष्णकटिबंधीय मानसून' के रूप में वर्णित किया गया है।
- दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में अधिकांश वर्षा (लगभग 75%) के लिए जिम्मेदार है।
- आईटीसीजेड (ITCZ) का उत्तर की ओर खिसकना मानसून की शुरुआत का मुख्य कारण है।
- जलोढ़ मिट्टी भारत के सबसे बड़े क्षेत्र (लगभग 43%) में फैली हुई है और बिहार में प्रमुख है।
- काली मिट्टी (रेगुर) कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम है और इसमें जल धारण क्षमता अधिक होती है।
- भारत में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (मानसूनी वन) सबसे व्यापक रूप से पाए जाते हैं।
- प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1973 में बाघों के संरक्षण के लिए की गई थी।
- कंवर झील (बेगूसराय) बिहार का एकमात्र रामसर स्थल है।
- क्योटो प्रोटोकॉल (1997) ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने से संबंधित है।
- पेरिस समझौता (2015) वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने का लक्ष्य रखता है।
- नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व (1986) था।
- रामसर कन्वेंशन (1971) आर्द्रभूमि के संरक्षण और स्थायी उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. भारतीय मानसून के संदर्भ में, 'आईटीसीजेड' (ITCZ) के संबंध में कौन सा कथन सही है?
- (क) यह सर्दियों में हिमालय के उत्तर में स्थित होता है
- (ख) यह गर्मियों में गंगा के मैदान की ओर खिसक जाता है
- (ग) यह एक उच्च दाब वाला क्षेत्र है
- (घ) यह केवल समुद्री क्षेत्रों में बनता है
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) यह गर्मियों में गंगा के मैदान की ओर खिसक जाता है
गर्मियों में, अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) गंगा के मैदान की ओर उत्तर की ओर खिसक जाता है, जिससे निम्न दाब का क्षेत्र बनता है जो मानसूनी हवाओं को आकर्षित करता है।
2. निम्नलिखित में से किस मिट्टी को 'स्व-जुताई' वाली मिट्टी के रूप में जाना जाता है?
- (क) जलोढ़ मिट्टी
- (ख) लाल मिट्टी
- (ग) काली मिट्टी
- (घ) लैटेराइट मिट्टी
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) काली मिट्टी
काली मिट्टी (रेगुर) सूखने पर गहरी दरारें विकसित करती है, जिससे ऑक्सीजन का संचार होता है, इसलिए इसे स्व-जुताई वाली मिट्टी कहा जाता है।
3. भारत में किस प्रकार के वन सर्वाधिक क्षेत्र में पाए जाते हैं?
- (क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
- (ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
- (ग) पर्वतीय वन
- (घ) मैंग्रोव वन
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, जिन्हें मानसूनी वन भी कहा जाता है, भारत में सबसे व्यापक हैं।
4. बिहार का एकमात्र रामसर स्थल 'कंवर झील' किस जिले में स्थित है?
- (क) पटना
- (ख) बेगूसराय
- (ग) दरभंगा
- (घ) भागलपुर
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) बेगूसराय
कंवर झील (कावर ताल) बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित है और यह एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की गोखुर झील है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (क) जिम कॉर्बेट - उत्तराखंड
- (ख) कान्हा - मध्य प्रदेश
- (ग) बांदीपुर - कर्नाटक
- (घ) मानस - राजस्थान
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) मानस - राजस्थान
मानस राष्ट्रीय उद्यान असम में स्थित है, न कि राजस्थान में।
6. 'क्योटो प्रोटोकॉल' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (क) ओजोन परत का संरक्षण
- (ख) जैव विविधता का संरक्षण
- (ग) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना
- (घ) खतरनाक कचरे का निपटान
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना
1997 में अपनाया गया क्योटो प्रोटोकॉल विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित करता है।
7. लैटेराइट मिट्टी के निर्माण के लिए कौन सी प्रक्रिया उत्तरदायी है?
- (क) निक्षालन (Leaching)
- (ख) जलोढ़ जमाव
- (ग) यांत्रिक अपक्षय
- (घ) ज्वालामुखी क्रिया
उत्तर देखें
उत्तर: (क) निक्षालन (Leaching)
लैटेराइट मिट्टी भारी वर्षा के कारण होने वाले तीव्र निक्षालन (Leaching) का परिणाम है, जिससे पोषक तत्व बह जाते हैं।
8. CITES (साइट्स) कन्वेंशन किससे संबंधित है?
- (क) आर्द्रभूमि संरक्षण
- (ख) लुप्तप्राय प्रजातियों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
- (ग) समुद्री प्रदूषण
- (घ) मरुस्थलीकरण
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) लुप्तप्राय प्रजातियों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
CITES लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है ताकि उनकी उत्तरजीविता को खतरा न हो।
9. भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व कौन सा था?
- (क) नंदा देवी
- (ख) सुंदरवन
- (ग) नीलगिरी
- (घ) मन्नार की खाड़ी
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) नीलगिरी
नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व 1986 में स्थापित भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व था।
10. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों पर पूर्वी ढलानों की तुलना में अधिक वर्षा क्यों होती है?
- (क) वे समुद्र के करीब हैं
- (ख) वे मानसूनी हवाओं को रोकते हैं (पर्वतीय वर्षा)
- (ग) वहां घने जंगल हैं
- (घ) वहां कम तापमान होता है
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) वे मानसूनी हवाओं को रोकते हैं (पर्वतीय वर्षा)
पश्चिमी घाट दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा के लिए एक बाधा के रूप में कार्य करते हैं, जिससे पश्चिमी ढलानों पर पर्वतीय वर्षा होती है।
English version — India: Climate, Soil and Biodiversity
This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains (GS Paper 2). It covers monsoon mechanisms, soil classification, and global environmental conservation efforts, which are frequently tested topics.
Monsoon Mechanism, Seasons, and Rainfall Distribution
India's climate is primarily governed by the monsoon wind system, which is a seasonal reversal of winds. The term 'Monsoon' is derived from the Arabic word 'Mausim', meaning seasonal change in wind direction. During summer, the intense heating of the Tibetan Plateau creates a low-pressure zone, drawing South-West monsoon winds towards the Indian subcontinent. This monsoon splits into two branches: the Arabian Sea branch and the Bay of Bengal branch. Rainfall distribution in India is highly uneven; while the Western Ghats and Northeast India receive heavy rainfall, regions like Rajasthan and Ladakh remain arid. In winter, the retreating monsoon brings rain to the Coromandel Coast of Tamil Nadu, while 'Western Disturbances' cause precipitation in North-West India.
Key facts
- The word Monsoon originated from the Arabic word 'Mausim'.
- The South-West monsoon first reaches the Kerala coast in the first week of June.
- Mawsynram in Meghalaya is the wettest place on Earth.
- El Nino has a negative impact on the Indian monsoon and can cause droughts.
- La Nina is considered favorable for the Indian monsoon and brings good rainfall.
- Western Disturbances originate from the Mediterranean Sea and bring winter rain to North-West India.
- The Coromandel Coast of Tamil Nadu receives rainfall mainly from the North-East monsoon (Retreating Monsoon).
- Hot and dry winds blowing in North India during summer are called 'Loo'.
- Pre-monsoon showers in Kerala and Karnataka are known as 'Mango Showers'.
- Destructive storms in West Bengal during the month of Baisakh are called 'Kal Baisakhi'.
- Pre-monsoon rain in Assam is known as 'Bordoisila'.
- The northward shift of the ITCZ is a major reason for the onset of the monsoon.
Table
- स्थानीय नाम: मैंगो शावर · प्रभावित क्षेत्र: केरल और कर्नाटक · महत्व/विशेषता: आम की फसल को जल्दी पकाने में सहायक
- स्थानीय नाम: चेरी ब्लॉसम · प्रभावित क्षेत्र: कर्नाटक · महत्व/विशेषता: कॉफी के फूलों के खिलने के लिए लाभदायक
- स्थानीय नाम: काल बैसाखी · प्रभावित क्षेत्र: पश्चिम बंगाल · महत्व/विशेषता: शाम को आने वाले विनाशकारी तूफान
- स्थानीय नाम: बोरदोइचिला · प्रभावित क्षेत्र: असम · महत्व/विशेषता: चाय और जूट की खेती के लिए उपयोगी
- स्थानीय नाम: लू · प्रभावित क्षेत्र: उत्तर भारत के मैदान · महत्व/विशेषता: गर्म और शुष्क हवाएँ
Practice questions (solved)
- Q 1: भारत के किस राज्य में 'लौटते हुए मानसून' (Retreating Monsoon) के कारण शीत ऋतु में वर्षा होती है?
(क) पंजाब (ख) बिहार (ग) तमिलनाडु (घ) केरल
- ✔ Answer: (ग) तमिलनाडु — लौटता हुआ मानसून बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण कर तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर वर्षा करता है।
- Q 2: उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों में होने वाली वर्षा का मुख्य कारण क्या है?
(क) दक्षिण-पश्चिम मानसून (ख) पश्चिमी विक्षोभ (ग) चक्रवातीय वर्षा (घ) व्यापारिक पवनें
- ✔ Answer: (ख) पश्चिमी विक्षोभ — भूमध्य सागर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत (पंजाब, हरियाणा) में शीतकालीन वर्षा का कारण बनते हैं।
- Q 3: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) मैंगो शावर - कर्नाटक (ख) काल बैसाखी - पश्चिम बंगाल (ग) चेरी ब्लॉसम - केरल (घ) बोरदोइचिला - असम
- ✔ Answer: (ग) चेरी ब्लॉसम - केरल — चेरी ब्लॉसम मुख्य रूप से कर्नाटक में कॉफी के फूलों के खिलने से संबंधित है, न कि केरल से।
- Q 4: भारत में मानसून के 'विस्फोट' (Burst of Monsoon) के लिए कौन उत्तरदायी माना जाता है?
(क) पूर्वी जेट स्ट्रीम (ख) पश्चिमी जेट स्ट्रीम (ग) एल नीनो (घ) आईटीसीजेड का दक्षिण की ओर खिसकना
- ✔ Answer: (क) पूर्वी जेट स्ट्रीम — उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (TEJ) भारत में मानसून के अचानक आगमन या विस्फोट के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।
- Q 5: बिहार में मानसून की कौन सी शाखा वर्षा लाती है?
(क) अरब सागर शाखा (ख) बंगाल की खाड़ी शाखा (ग) पश्चिमी विक्षोभ (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ Answer: (ख) बंगाल की खाड़ी शाखा — बिहार और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकांश वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से होती है।
How it is asked
In BPSC, questions related to the monsoon are frequently asked about the names of local winds (like Loo, Kal Baisakhi), rainfall distribution (highest and lowest rainfall regions), and the causes of winter rainfall (Western Disturbances vs. Retreating Monsoon).
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर पश्चिमी विक्षोभ (उत्तर-पश्चिम भारत) और लौटते मानसून (तमिलनाडु) के बीच भ्रमित होते हैं, दोनों ही सर्दियों में वर्षा करते हैं लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में।
- ✘ अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा के प्रभाव क्षेत्रों को लेकर भ्रम रहता है; याद रखें कि बिहार में वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से होती है।
💡 मानसून का 'म' = 'म'ौसिम (अरबी शब्द) और 'म'ासिनराम (सर्वाधिक वर्षा)।
Soil Types in India and their Distribution
The Indian Council of Agricultural Research (ICAR) has classified Indian soils into eight major categories based on their characteristics and location. Soil formation is influenced by parent rock material, climate, and vegetation, which in turn dictates the agricultural patterns of a region. Alluvial soil is the most extensive (about 43%), covering the Indo-Gangetic plains and being highly fertile. Black soil, also known as Regur, is found in the Deccan Trap and is ideal for cotton due to its moisture-retention capacity. Red soil covers large parts of the peninsular plateau, while Laterite soil develops in areas of high temperature and heavy rainfall through leaching. In Bihar, alluvial soil dominates the landscape, supporting intensive agriculture.
Key facts
- ICAR (Indian Council of Agricultural Research) has classified Indian soils into 8 major types.
- Alluvial soil covers approximately 43.4% of India's total land area.
- Old alluvial soil is called 'Bhangar' and new alluvial soil is called 'Khadar'.
- Black soil is also known as 'Regur' or 'Black Cotton Soil', found mainly in Maharashtra and Gujarat.
- Black soil has 'self-ploughing' characteristics as it develops deep cracks when dry.
- The red color of Red soil is due to the presence of iron oxides (Ferric Oxide).
- Laterite soil is formed through the process of 'Leaching' caused by heavy rainfall.
- Laterite soil is considered very useful for the cultivation of cashew, tea, coffee, and rubber.
- Saline soil is also known as 'Reh', 'Usar', or 'Kallar' in Northern India.
- Peaty soil is formed by the accumulation of organic matter in areas of heavy rainfall and high humidity.
- Indian soils generally lack nitrogen, phosphorus, and humus content.
- Mountain-foot soil and Terai soil are found in the northern parts of Bihar (like Champaran).
- Alluvial soil is rich in potash but deficient in phosphorus.
Table
- मिट्टी का प्रकार: जलोढ़ मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान, तटीय क्षेत्र · मुख्य फसलें: धान, गेहूं, गन्ना · विशेषता: सर्वाधिक उपजाऊ, पोटाश युक्त
- मिट्टी का प्रकार: काली मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र · मुख्य फसलें: कपास, सोयाबीन · विशेषता: नमी धारण क्षमता, बेसाल्ट चट्टानें
- मिट्टी का प्रकार: लाल-पीली मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ · मुख्य फसलें: दलहन, मोटे अनाज · विशेषता: लोह ऑक्साइड के कारण लाल रंग
- मिट्टी का प्रकार: लैटेराइट मिट्टी · प्रमुख क्षेत्र: पश्चिमी घाट, मेघालय · मुख्य फसलें: काजू, चाय, रबर · विशेषता: निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया
- मिट्टी का प्रकार: शुष्क/मरुस्थलीय · प्रमुख क्षेत्र: राजस्थान, दक्षिण पंजाब · मुख्य फसलें: बाजरा, ज्वार · विशेषता: रेतीली संरचना, लवण युक्त
Practice questions (solved)
- Q 6: भारत में सर्वाधिक क्षेत्र पर किस प्रकार की मिट्टी का विस्तार पाया जाता है?
(क) काली मिट्टी (ख) जलोढ़ मिट्टी (ग) लाल मिट्टी (घ) लैटेराइट मिट्टी
- ✔ Answer: (ख) जलोढ़ मिट्टी — जलोढ़ मिट्टी भारत के लगभग 43% भाग को कवर करती है और सबसे विस्तृत मृदा समूह है।
- Q 7: 'रेगुर' मिट्टी का दूसरा नाम क्या है?
(क) लाल मिट्टी (ख) काली मिट्टी (ग) ऊसर मिट्टी (घ) शुष्क मिट्टी
- ✔ Answer: (ख) काली मिट्टी — काली मिट्टी को इसकी जल धारण क्षमता और कपास उत्पादन के लिए 'रेगुर' कहा जाता है।
- Q 8: निम्नलिखित में से कौन सी मिट्टी 'निक्षालन' (Leaching) के परिणामस्वरूप बनती है?
(क) जलोढ़ मिट्टी (ख) काली मिट्टी (ग) लैटेराइट मिट्टी (घ) लाल मिट्टी
- ✔ Answer: (ग) लैटेराइट मिट्टी — भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में पोषक तत्वों के बह जाने (लीचिंग) से लैटेराइट मिट्टी का निर्माण होता है।
- Q 9: पुरानी जलोढ़ मिट्टी को किस नाम से जाना जाता है?
(क) खादर (ख) बांगर (ग) रेह (घ) कल्लड़
- ✔ Answer: (ख) बांगर — बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है जो बाढ़ के मैदानों से ऊपर स्थित होती है, जबकि खादर नई मिट्टी है।
- Q 10: काली मिट्टी के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?
(क) इसमें नमी रोकने की क्षमता कम होती है (ख) यह मुख्य रूप से हिमालय क्षेत्र में पाई जाती है (ग) इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहते हैं (घ) इसमें फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होता है
- ✔ Answer: (ग) इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहते हैं — सूखने पर गहरी दरारें पड़ने के कारण इसे 'स्वतः जुताई' वाली मिट्टी कहा जाता है।
How it is asked
In BPSC, questions on soil are frequently based on their regional distribution, relationship with crops (like cotton-black soil), and chemical characteristics (like deficiency of nitrogen or potash). Specific soils of Bihar like 'Karail-Kewal' are also asked.
Do not confuse
- ✘ बांगर और खादर में भ्रम: बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है और खादर नई उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी है।
- ✘ लाल और लैटेराइट मिट्टी: लाल मिट्टी कम वर्षा वाले क्षेत्रों में लोह ऑक्साइड के कारण होती है, जबकि लैटेराइट अत्यधिक वर्षा और लीचिंग वाले क्षेत्रों में बनती है।
💡 जलाकर लाओ (ज-जलोढ़, ला-लाल, क-काली, र-रेगुर/लैटेराइट) - भारत की प्रमुख मिट्टियों का क्षेत्रफल के अनुसार घटता क्रम।
Types of Natural Vegetation
The distribution of natural vegetation in India is predominantly governed by rainfall, temperature, humidity, and topography. Tropical deciduous (monsoon) forests are the most widespread forest type across India, categorized into moist and dry deciduous. Regions receiving over 200 cm of rainfall, such as the Western Ghats and Northeast India, host dense tropical evergreen forests. Arid and semi-arid tracts with less than 70 cm rainfall support tropical thorn forests and scrubs. In the Himalayan belt, vegetation transitions from subtropical to temperate and alpine types with increasing altitude. Along the coastal deltas, tidal mangrove vegetation forms a unique and protective ecological zone.
Key facts
- Tropical deciduous (monsoon) forests occupy the largest forest area in India.
- Tropical evergreen forests require more than 200 cm of annual rainfall and an average temperature above 22°C.
- Rosewood, mahogany, ebony, and aini are key tree species of tropical evergreen forests.
- Moist deciduous forests occur in 100–200 cm rainfall zones, featuring teak, sal, shisham, mahua, and sandalwood.
- Dry deciduous forests thrive in 70–100 cm rainfall regions, with tendu, palash, amaltas, and bel as dominant trees.
- Areas receiving less than 70 cm rainfall feature thorny species like acacia, ber, date palm, khair, and cacti.
- In montane zones between 1500 and 3000 meters, coniferous trees like chir pine, deodar, spruce, and silver fir predominate.
- Temperate montane forests found in the Nilgiri, Anaimalai, and Palani hills of South India are called 'Sholas'.
- Mangrove forests in the Ganga-Brahmaputra delta are named Sundarbans due to the abundance of 'Sundari' trees.
- Mangrove plants possess specialized aerial breathing roots known as pneumatophores.
- The Forest Research Institute (FRI) is headquartered at Dehradun, Uttarakhand.
Table
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय सदाबहार · वार्षिक वर्षा: > 200 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल, पूर्वोत्तर भारत, अंडमान-निकोबार · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: महोगनी, रोजवुड, एबोनी, बांस, सिनकोना
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती · वार्षिक वर्षा: 100 - 200 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: शिवालिक तराई, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी घाट का पूर्वी ढाल · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: सागौन (Teak), साल (Sal), शीशम, चंदन, महुआ
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती · वार्षिक वर्षा: 70 - 100 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान के नम भाग, प्रायद्वीपीय पठार · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: तेंदू, पलाश, अमलतास, बेल, खैर
- वनस्पति का प्रकार: उष्णकटिबंधीय कांटेदार · वार्षिक वर्षा: < 70 सेमी · प्रमुख क्षेत्र: दक्षिण-पश्चिम पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: बबूल, खजूर, बेर, नागफनी (कैक्टस)
- वनस्पति का प्रकार: पर्वतीय वन (शीतोष्ण/अल्पाइन) · वार्षिक वर्षा: ऊंचाई आधारित · प्रमुख क्षेत्र: हिमालयी राज्य, नीलगिरि एवं अन्नामलाई पहाड़ियाँ · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: देवदार, चीड़, सिल्वर फर, ओक, रोडोडेन्ड्रॉन
- वनस्पति का प्रकार: मैंग्रोव / ज्वारीय वन · वार्षिक वर्षा: तटीय दलदली क्षेत्र · प्रमुख क्षेत्र: सुंदरवन डेल्टा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा डेल्टा · प्रमुख वृक्ष प्रजातियाँ: सुंदरी, राइजोफोरा, कैसुरीना, फोनिक्स
Practice questions (solved)
- Q 11: भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा वन प्रकार सर्वाधिक वृहद क्षेत्र पर विस्तृत है?
(क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (ख) उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (ग) उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (घ) पर्वतीय आर्द्र शीतोष्ण वन
- ✔ Answer: (ग) उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन — भारत में कुल वन क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (विशेषकर शुष्क पर्णपाती) सबसे बड़े भू-भाग पर फैले हैं।
- Q 12: रोजवुड, महोगनी और आबनूस किस प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति के प्रमुख वृक्ष हैं?
(क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन (ग) शीतोष्ण कोणधारी वन (घ) मैंग्रोव वन
- ✔ Answer: (क) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन — रोजवुड, महोगनी और आबनूस 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के विशिष्ट पादप हैं।
- Q 13: दक्षिण भारत की नीलगिरि एवं पालनी पहाड़ियों में पाए जाने वाले शीतोष्ण वनों को किस स्थानीय नाम से जाना जाता है?
(क) बुग्याल (ख) शोला (ग) मर्ग (घ) तराई
- ✔ Answer: (ख) शोला — दक्षिण भारत के उच्च पर्वतीय भागों (नीलगिरि, अन्नामलाई) में स्थित शीतोष्ण कटिबंधीय वनों को 'शोला वन' कहा जाता है।
- Q 14: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. चंदन - आर्द्र पर्णपाती वन
2. खैर - कंटीले वन
3. देवदार - पर्वतीय कोणधारी वन
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 — चंदन मानसूनी/आर्द्र पर्णपाती, खैर शुष्क कांटेदार तथा देवदार 1500-3000 मीटर के उच्च हिमालयी शीतोष्ण वनों में पाया जाता है।
- Q 15: मैंग्रोव वनस्पतियों की जड़ें खारे पानी और कीचड़ में श्वसन के लिए जल-सतह से ऊपर निकल आती हैं, इन्हें क्या कहा जाता है?
(क) अवस्तंभ जड़ें (ख) न्यूमेटोफोर (श्वसन मूल) (ग) परजीवी जड़ें (घ) कंदमूल
- ✔ Answer: (ख) न्यूमेटोफोर (श्वसन मूल) — मैंग्रोव पादपों में ऑक्सीजन ग्रहण करने के लिए ऊर्ध्वाधर निकलने वाली वायवीय जड़ों को न्यूमेटोफोर या श्वसन मूल कहते हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 111] भारत में समशीतोष्ण वन अनुसंधान केन्द्र किस शहर में है?
(क) शिमला (ख) रांची (ग) श्रीनगर (घ) देहरादून
- ✔ Official answer: (क) शिमला
How it is asked
BPSC frequently tests forest classifications, characteristic tree species (e.g., teak, sal, mahogany, sandalwood), required rainfall brackets, and locations of premier forestry research institutes.
Do not confuse
- ✘ सदाबहार और पर्णपाती वनों के वृक्षों में भ्रम: सागौन और साल 'पर्णपाती' (मानसूनी) वन के हैं, जबकि महोगनी और आबनूस 'सदाबहार' वन के वृक्ष हैं।
- ✘ पर्वतीय घास के मैदान और वन: हिमालय के शीतोष्ण घास के मैदान 'बुग्याल/मर्ग' कहलाते हैं, जबकि दक्षिण भारत के नीलगिरि पहाड़ियों के शीतोष्ण वन 'शोला' कहलाते हैं।
- ✘ वन अनुसंधान संस्थान: केंद्रीय वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में है, जबकि समशीतोष्ण वन अनुसंधान केंद्र शिमला में है।
💡 सदाबहार के VIP वृक्ष: 'M-E-R-A' वन = Mahogany, Ebony, Rosewood, Aini (सभी उष्णकटिबंधीय सदाबहार हैं)।
National Parks, Tiger Reserves, Biosphere Reserves, and Ramsar Sites
Various types of protected areas have been established in India for biodiversity conservation. National Parks strictly prohibit human activities, whereas Wildlife Sanctuaries offer some relaxations. Tiger Reserves are specifically designated under 'Project Tiger' for tiger conservation. Biosphere Reserves are large ecosystems where humans and nature coexist, often under the UNESCO MAB program. Ramsar Sites are wetlands of international importance protected under the 1971 Ramsar Convention. In Bihar, Valmiki Nagar is the sole National Park and Tiger Reserve, while Kanwar Lake in Begusarai is the primary Ramsar site.
Key facts
- India's first National Park is Jim Corbett (Uttarakhand), established in 1936 as Hailey National Park.
- Bihar's only National Park and Tiger Reserve is located in Valmiki Nagar (West Champaran).
- Project Tiger was launched in India on April 1, 1973, from Jim Corbett National Park.
- Keibul Lamjao in Manipur's Loktak Lake is the world's only floating national park.
- Mining is strictly prohibited in protected zones like Tiger Reserves to prevent damage to the ecosystem.
- Kautilya's Arthashastra also mentions the importance of managing forests and wildlife.
- Protected areas and wetlands play a crucial role in maintaining groundwater levels.
- Nilgiri (1986) was India's first Biosphere Reserve, spanning Tamil Nadu, Kerala, and Karnataka.
- Kanwar Lake in Begusarai is Bihar's first Ramsar site and is the largest oxbow lake in Asia.
- India's largest National Park is Hemis (Ladakh) and the smallest is South Button (Andaman & Nicobar).
- The Ramsar Convention was signed on February 2, 1971, in the city of Ramsar, Iran.
Table
- राज्य: बिहार · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व · विशेषता: बिहार का एकमात्र बाघ अभयारण्य
- राज्य: मणिपुर · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: केबुल लामजाओ · विशेषता: विश्व का एकमात्र तैरता उद्यान (लोकतक झील)
- राज्य: असम · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध
- राज्य: गुजरात · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: गिर राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: एशियाई शेरों का एकमात्र निवास
- राज्य: लद्दाख · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: हेमिस राष्ट्रीय उद्यान · विशेषता: भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान
- राज्य: उत्तराखंड · प्रमुख संरक्षित क्षेत्र: जिम कॉर्बेट · विशेषता: भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान
Practice questions (solved)
- Q 16: बिहार के किस जिले में एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान स्थित है?
(क) पूर्वी चंपारण (ख) पश्चिम चंपारण (ग) गया (घ) बेगूसराय
- ✔ Answer: (ख) पश्चिम चंपारण — वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है।
- Q 17: निम्नलिखित में से कौन सा दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है?
(क) काजीरंगा (ख) केबुल लामजाओ (ग) भीतरकनिका (घ) सुंदरवन
- ✔ Answer: (ख) केबुल लामजाओ — केबुल लामजाओ मणिपुर की लोकतक झील में स्थित दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ उद्यान है।
- Q 18: टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों के संदर्भ में कौन सा कथन सत्य है?
(क) यहाँ खनन की अनुमति है (ख) यहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है (ग) यहाँ केवल निजी खनन की अनुमति है (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ Answer: (ख) यहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है — पारिस्थितिकी सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- Q 19: भारत में 'प्रोजेक्ट टाइगर' किस वर्ष शुरू किया गया था?
(क) 1971 (ख) 1972 (ग) 1973 (घ) 1975
- ✔ Answer: (ग) 1973 — प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1973 में बाघों के संरक्षण के लिए की गई थी।
- Q 20: बिहार की पहली रामसर साइट 'कावर झील' किस जिले में स्थित है?
(क) पटना (ख) बेगूसराय (ग) दरभंगा (घ) भागलपुर
- ✔ Answer: (ख) बेगूसराय — कावर झील बेगूसराय जिले में स्थित है और यह बिहार की पहली रामसर साइट है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 144] विलुप्त होने के खतरे में पड़ी प्रजातियाँ कहलाती है :
(क) सुभेद्य (ख) दुर्लभ (ग) लुप्तप्राय (घ) विलुप्त
- ✔ Official answer: (ग) लुप्तप्राय — रेड डेटा बुक के अनुसार, जो प्रजातियाँ विलुप्त होने के कगार पर होती हैं, उन्हें 'लुप्तप्राय' (Endangered) कहा जाता है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 113] ‘लोकतक’ एक ........ है।
(क) घाटी (ख) झील (ग) नदी (घ) पर्वत श्रृंखला
- ✔ Official answer: (ख) झील — लोकतक मणिपुर में स्थित एक झील है, जिसमें प्रसिद्ध तैरता हुआ केबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है।
How it is asked
BPSC frequently asks about Bihar-specific parks (Valmiki), the location of Ramsar sites, and matching-type questions on famous national parks of India.
Do not confuse
- ✘ वाल्मीकि नगर को अक्सर पूर्वी चंपारण समझ लिया जाता है, जबकि यह पश्चिम चंपारण में है।
- ✘ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) और प्रोजेक्ट टाइगर (1973) के वर्षों में अक्सर भ्रम होता है।
- ✘ कावर झील को कुछ छात्र दरभंगा में समझते हैं, पर यह बेगूसराय में है।
💡 मणिपुर की 'लोक' (Loktak) में 'केबल' (Keibul) तैर रही है।
Environment Conventions and Organisations
Several important international treaties and organizations have been established globally to protect the environment. Under the UNFCCC, the Kyoto Protocol and the Paris Agreement are the most prominent for controlling climate change. The Ramsar Convention was held in 1971 for the conservation of wetlands, which are vital for the ecosystem. CITES (Washington Convention) works to prevent international trade in endangered species. The Montreal Protocol is considered a successful global effort to protect the ozone layer. All these conventions set legal or voluntary targets for countries to ensure that Earth's resources are preserved for the future.
Key facts
- Ramsar Convention: Signed on 2 February 1971 in Ramsar, Iran.
- World Wetlands Day: Celebrated every year on 2 February.
- UNFCCC: Adopted at the 1992 Rio Earth Summit.
- Kyoto Protocol (1997): A legally binding treaty to reduce greenhouse gas emissions.
- Paris Agreement (2015): Goal to keep global temperature rise below 2°C (preferably 1.5°C).
- CITES: Also known as the 'Washington Convention' (1973).
- Montreal Protocol (1987): To phase out substances that deplete the ozone layer (CFCs).
- India joined the Ramsar Convention: On 1 February 1982.
- Largest Ramsar site in India: Sundarbans (West Bengal).
- Smallest Ramsar site in India: Renuka Wetland (Himachal Pradesh).
- Montreux Record: List of Ramsar sites where ecological changes have occurred.
- CBD (Convention on Biological Diversity): Signed in 1992 at Rio de Janeiro.
Table
- सम्मेलन/संधि: रामसर सम्मेलन · वर्ष: 1971 · मुख्य विषय: आर्द्रभूमि संरक्षण
- सम्मेलन/संधि: CITES · वर्ष: 1973 · मुख्य विषय: लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार
- सम्मेलन/संधि: मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल · वर्ष: 1987 · मुख्य विषय: ओजोन परत संरक्षण
- सम्मेलन/संधि: रियो पृथ्वी सम्मेलन · वर्ष: 1992 · मुख्य विषय: सतत विकास और जलवायु
- सम्मेलन/संधि: क्योटो प्रोटोकॉल · वर्ष: 1997 · मुख्य विषय: ग्रीनहाउस गैस कटौती
- सम्मेलन/संधि: पेरिस समझौता · वर्ष: 2015 · मुख्य विषय: जलवायु परिवर्तन नियंत्रण
Practice questions (solved)
- Q 21: रामसर सम्मेलन मुख्य रूप से किसके संरक्षण से संबंधित है?
(क) ओजोन परत (ख) आर्द्रभूमि (Wetlands) (ग) लुप्तप्राय प्रजातियाँ (घ) ग्लोबल वार्मिंग
- ✔ Answer: (ख) आर्द्रभूमि (Wetlands) — रामसर सम्मेलन 1971 में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके बुद्धिमानी से उपयोग के लिए किया गया था।
- Q 22: क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष अपनाया गया था?
(क) 1992 (ख) 1997 (ग) 2005 (घ) 2015
- ✔ Answer: (ख) 1997 — क्योटो प्रोटोकॉल को 1997 में अपनाया गया था और यह 2005 में लागू हुआ था।
- Q 23: निम्नलिखित में से किसे 'वाशिंगटन कन्वेंशन' के नाम से भी जाना जाता है?
(क) UNFCCC (ख) CITES (ग) रामसर सम्मेलन (घ) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
- ✔ Answer: (ख) CITES — CITES को 1973 में वाशिंगटन डी.सी. में हस्ताक्षरित होने के कारण वाशिंगटन कन्वेंशन कहा जाता है।
- Q 24: पेरिस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(क) ओजोन क्षरण को रोकना (ख) आर्द्रभूमियों का विस्तार (ग) वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम रखना (घ) परमाणु हथियारों पर रोक
- ✔ Answer: (ग) वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम रखना — पेरिस समझौता (2015) जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने पर केंद्रित है।
- Q 25: मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का संबंध किससे है?
(क) जैव विविधता (ख) ओजोन परत का संरक्षण (ग) मरुस्थलीकरण (घ) खतरनाक अपशिष्ट
- ✔ Answer: (ख) ओजोन परत का संरक्षण — मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत को नष्ट करने वाले पदार्थों के उत्पादन को रोकने के लिए बनाया गया है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct or matching questions about the years of conventions, their host cities, and their primary objectives (e.g., Ozone, Wetlands, or Climate Change).
Do not confuse
- ✘ क्योटो प्रोटोकॉल (ग्रीनहाउस गैस) और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (ओजोन परत) के बीच भ्रम।
- ✘ रामसर सम्मेलन का वर्ष (1971) और भारत के शामिल होने का वर्ष (1982) अलग-अलग हैं।
💡 राम (Ramsar) सर गीले (Wetlands) हैं; मॉन्ट्रियल (Montreal) में ओजोन (Ozone) की छतरी है।
Quick revision
- India's climate is described as 'Tropical Monsoon' type.
- The Southwest Monsoon is responsible for the majority of rainfall (about 75%) in India.
- The northward shift of the ITCZ is a primary driver for the onset of the monsoon.
- Alluvial soil covers the largest area in India (about 43%) and is dominant in Bihar.
- Black soil (Regur) is best for cotton cultivation and has high water-retention capacity.
- Tropical Deciduous forests (Monsoon forests) are the most widespread in India.
- Project Tiger was launched in 1973 for the conservation of tigers.
- Kanwar Lake (Begusarai) is the only Ramsar site in Bihar.
- The Kyoto Protocol (1997) relates to reducing greenhouse gas emissions.
- The Paris Agreement (2015) aims to keep global temperature rise below 2 degrees Celsius.
- Nilgiri Biosphere Reserve was the first biosphere reserve in India (1986).
- The Ramsar Convention (1971) is an international treaty for the conservation of wetlands.