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BPSC CCEसामान्य विज्ञानरसायन विज्ञान: पदार्थ, परमाणु संरचना तथा अम्ल-क्षार-लवण
Chemistry: Matter, Atomic Structure, and Acids, Bases & Salts
बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान खंड में रसायन विज्ञान से लगभग 8 से 10 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अध्याय से पदार्थों के भौतिक व रासायनिक परिवर्तन, परमाणु संरचना, आवर्त सारणी के गुणधर्म, अम्ल-क्षार संकेतक तथा दैनिक जीवन में उपयोगी लवणों से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
पदार्थ की अवस्थाएं, मिश्रण एवं पृथक्करण की विधियां
पदार्थ वह सब कुछ है जिसमें द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरता है। भौतिक आधार पर पदार्थ की पांच अवस्थाएं होती हैं: ठोस, द्रव, गैस, प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (BEC)। रासायनिक संघटन के आधार पर पदार्थ को शुद्ध पदार्थ (तत्व और यौगिक) तथा मिश्रण (समांगी और विषमांगी) में बांटा जाता है। समांगी मिश्रण (जैसे विलयन या पीतल) में घटक पूरी तरह एकसार होते हैं, जबकि विषमांगी मिश्रण (जैसे कोलाइड और निलंबन) में घटक अलग-अलग दिखाई देते हैं। विभिन्न औद्योगिक और प्रयोगशाला प्रक्रियाओं में अशुद्धियों को हटाने के लिए आसवन, प्रभाजी आसवन, ऊर्ध्वपातन, क्रोमैटोग्राफी और अपकेंद्रीकरण जैसी भौतिक पृथक्करण विधियों का प्रयोग किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- पदार्थ की चतुर्थ अवस्था प्लाज्मा है, जिसमें कण अत्यधिक ऊर्जावान और आयनित गैस के रूप में होते हैं (उदा. सूर्य, तारे और फ्लोरोसेंट ट्यूब)।
- पदार्थ की पांचवीं अवस्था बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (BEC) है, जिसे अति-निम्न घनत्व वाली गैस को परम शून्य ताप के करीब ठंडा करके प्राप्त किया जाता है।
- समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) के अवयवों को भौतिक रूप से अलग नहीं देखा जा सकता, जैसे वायु, चीनी का घोल और मिश्र धातुएं।
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) के घटक असमान रूप से वितरित होते हैं, जैसे दूध, रक्त, धुआँ और निलंबन।
- दूध एक पायस (Emulsion) प्रकार का कोलाइड है, जिसमें द्रव के कण द्रव में ही परिक्षिप्त होते हैं।
- टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना है, जिसे कोलाइडल विलयन और निलंबन दर्शाते हैं, लेकिन वास्तविक विलयन नहीं दर्शाता।
- ब्राउनी गति (Brownian Motion) कोलाइडल कणों की निरंतर टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) गति होती है, जो कोलाइड को स्थिर बनाए रखती है।
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव में बदले सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
- कपूर, नेफ़थलीन, अमोनियम क्लोराइड (नौसादर), एंथ्रासीन और आयोडीन ऊर्ध्वपातन प्रदर्शित करने वाले प्रमुख पदार्थ हैं।
- प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) का प्रयोग तब किया जाता है जब दो घुलनशील द्रवों के क्वथनांकों में 25 K (या 25°C) से कम का अंतर हो।
- कच्चे पेट्रोलियम से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन आदि को अलग करने तथा वायु से विभिन्न गैसों को पृथक करने के लिए प्रभाजी आसवन विधि अपनाई जाती है।
- अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) तकनीक का उपयोग दूध से क्रीम अलग करने, वाशिंग मशीन में कपड़े सुखाने और पैथोलॉजी लैब में रक्त/मूत्र जांच में होता है।
- वर्णलेखन (Chromatography) अधिशोषण क्षमता और विलेयता के अंतर पर आधारित है, जिसका प्रयोग स्याही के रंगों और रक्त से नशीले पदार्थों को अलग करने में होता है।
- निक्षेपण (Deposition) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई गैस बिना द्रव बने सीधे ठोस में बदल जाती है (जैसे पाला या फ्रॉस्ट जमना)।
तालिका
- पृथक्करण विधि: ऊर्ध्वपातन (Sublimation) · मूल सिद्धांत / शर्त: ठोस का बिना द्रव बने सीधे गैस में रूपांतरण · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: नमक और कपूर का मिश्रण, अमोनियम क्लोराइड और रेत का पृथक्करण
- पृथक्करण विधि: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) · मूल सिद्धांत / शर्त: घुलनशील द्रवों के क्वथनांकों में 25 K से कम अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: कच्चे पेट्रोलियम से ईंधन घटक, वायु से ऑक्सीजन/नाइट्रोजन पृथक्करण
- पृथक्करण विधि: साधारण आसवन (Simple Distillation) · मूल सिद्धांत / शर्त: घुलनशील द्रवों के क्वथनांकों में 25 K से अधिक अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: जल और एसीटोन का पृथक्करण, समुद्री जल से आसुत जल प्राप्त करना
- पृथक्करण विधि: अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) · मूल सिद्धांत / शर्त: तीव्र घूर्णन से घनत्व के आधार पर कणों का पृथक्करण · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: दूध से मलाई/क्रीम निकालना, वाशिंग मशीन का ड्रायर, रक्त जांच
- पृथक्करण विधि: वर्णलेखन (Chromatography) · मूल सिद्धांत / शर्त: एक ही विलायक में विभिन्न पदार्थों की घुलनशीलता और अधिशोषण में अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: काली स्याही में उपस्थित रंगों को अलग करना, रक्त से ड्रग्स की पहचान
- पृथक्करण विधि: क्रिस्टलीकरण (Crystallisation) · मूल सिद्धांत / शर्त: संतृप्त गर्म घोल को ठंडा कर शुद्ध क्रिस्टल बनाना · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: समुद्री जल से प्राप्त नमक का शोधन, अशुद्ध फिटकरी या कॉपर सल्फेट का शुद्धिकरण
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: दूध से मक्खन या क्रीम अलग करने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का प्रयोग किया जाता है?
(क) प्रभाजी आसवन (ख) अपकेंद्रीकरण (ग) ऊर्ध्वपातन (घ) वर्णलेखन (क्रोमैटोग्राफी)
- ✔ उत्तर: (ख) अपकेंद्रीकरण — अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) में तीव्र घूर्णन द्वारा भारी कण नीचे बैठ जाते हैं और हल्के कण (जैसे क्रीम) ऊपर तैरने लगते हैं।
- प्रश्न 2: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) विधि का उपयोग उन दो द्रवों के मिश्रण को अलग करने हेतु किया जाता है, जिनके क्वथनांकों में अंतर होता है:
(क) 25 K से अधिक (ख) 25 K से कम (ग) 50 K से अधिक (घ) 100 K से अधिक
- ✔ उत्तर: (ख) 25 K से कम — जब दो घुलनशील द्रवों के क्वथनांक में 25 K (या 25°C) से कम अंतर होता है, तो प्रभाजी आसवन का प्रयोग किया जाता है; 25 K से अधिक पर साधारण आसवन प्रयुक्त होता है।
- प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ गर्म करने पर सीधे ठोस से वाष्प (गैस) में बदल जाता है?
(क) सोडियम क्लोराइड (ख) अमोनियम क्लोराइड (ग) कैल्शियम कार्बोनेट (घ) मैग्नीशियम सल्फेट
- ✔ उत्तर: (ख) अमोनियम क्लोराइड — अमोनियम क्लोराइड (नौसादर) एक ऊर्ध्वपातज (sublimable) पदार्थ है जो गर्म करने पर बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है।
- प्रश्न 4: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टिंडल प्रभाव केवल सच्चे विलयन (True Solution) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
2. दूध एक प्रकार का पायस (Emulsion) कोलाइड है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2
- ✔ उत्तर: (ख) केवल 2 — सच्चे विलयन के कण बहुत छोटे होने के कारण टिंडल प्रभाव नहीं दिखाते; कोलाइड और निलंबन ही टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।
- प्रश्न 5: कच्चे पेट्रोलियम से गैसोलीन (पेट्रोल), मिट्टी का तेल और डीजल को अलग करने के लिए कौन-सी तकनीक अपनाई जाती है?
(क) साधारण आसवन (ख) प्रभाजी आसवन (ग) क्रिस्टलीकरण (घ) निथारना (Decantation)
- ✔ उत्तर: (ख) प्रभाजी आसवन — पेट्रोलियम के हाइड्रोकार्बन घटकों के क्वथनांक काफी निकट (25 K से कम अंतर) होते हैं, इसलिए प्रभाजी आसवन प्रयुक्त होता है।
- प्रश्न 6: पदार्थ की चौथी अवस्था (प्लाज्मा) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसमें कण अत्यधिक ठंडे और स्थिर होते हैं। (ख) यह अवस्था तारों और सूर्य के चमकने का कारण है। (ग) इसका निश्चित आकार और निश्चित आयतन होता है। (घ) यह परम शून्य तापमान पर प्राप्त की जाती है।
- ✔ उत्तर: (ख) यह अवस्था तारों और सूर्य के चमकने का कारण है। — तारों और सूर्य में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण गैसें आयनित होकर प्लाज्मा अवस्था बनाती हैं, जिससे वे चमकते हैं।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC और बिहार पुलिस SI में इस उप-विषय से मुख्य रूप से पृथक्करण विधियों के अनुप्रयोग (दूध से मक्खन, पेट्रोलियम का प्रभाजी आसवन, ऊर्ध्वपातन वाले यौगिक जैसे कपूर व अमोनियम क्लोराइड), कोलाइड के प्रकार (पायस/जेल) तथा टिंडल प्रभाव पर सीधे या कथन-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ साधारण आसवन vs प्रभाजी आसवन: छात्र क्वथनांक के अंतर में भ्रमित होते हैं; 25 K से अधिक अंतर पर साधारण आसवन तथा 25 K से कम अंतर पर प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) का प्रयोग होता है।
- ✘ ऊर्ध्वपातन vs निक्षेपण: ऊर्ध्वपातन ठोस का सीधे गैस में बदलना है, जबकि निक्षेपण (Deposition) गैस का बिना द्रव बने सीधे ठोस में बदलना है।
- ✘ सच्चा विलयन vs कोलाइड: सच्चे विलयन के कण प्रकाश को प्रकीर्णित नहीं करते (टिंडल प्रभाव अनुपस्थित), जबकि कोलाइडल कण प्रकाश को फैलाते हैं (टिंडल प्रभाव उपस्थित)।
💡 ऊर्ध्वपातन प्रदर्शित करने वाले पदार्थों की ट्रिक: 'कपूर ने अमोनिया को आयोडीन दिया' (कपूर, नेफ़थलीन, अमोनियम क्लोराइड, आयोडीन)।
परमाणु संरचना, समस्थानिक एवं आवर्त सारणी के रुझान
पदार्थ का सबसे छोटा अविभाज्य घटक डाल्टन के अनुसार परमाणु था, लेकिन बाद की खोजों से सिद्ध हुआ कि परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे उप-परमाण्विक कणों से बना है। जे. जे. थॉमसन ने प्रथम परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया, जिसके बाद रदरफोर्ड ने α-कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा नाभिक की खोज की और बोहर ने स्थायी कक्षाओं की अवधारणा दी। किसी तत्व के परमाणु क्रमांक (Z) में प्रोटॉनों की संख्या होती है, जबकि द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का योग होती है। समस्थानिक वे परमाणु हैं जिनके परमाणु क्रमांक समान परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। आधुनिक आवर्त सारणी में हेनरी मोसले ने तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया, जहाँ आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।
मुख्य तथ्य
- परमाणु की संरचना का पहला मॉडल जे. जे. थॉमसन ने प्लम पुडिंग मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया था।
- इलेक्ट्रॉन की खोज जे. जे. थॉमसन ने कैथोड किरणों के अध्ययन के दौरान 1897 में की थी।
- प्रोटॉन की उपस्थिति की खोज ई. गोल्डस्टीन ने कनाल किरणों (एनोड किरणों) से की थी।
- न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 में की थी, जिस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता है।
- परमाणु के नाभिक की खोज अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने 1911 में अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग से की थी।
- डाल्टन का परमाणु सिद्धांत द्रव्यमान संरक्षण, निश्चित अनुपात और गुणित अनुपात के नियमों की व्याख्या करता है।
- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक होते हैं: प्रोटीयम, ड्यूटीरियम और ट्राइटियम (जो रेडियोधर्मी है)।
- समभारिक (Isobars) वे तत्व हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या (A) समान होती है लेकिन परमाणु क्रमांक (Z) भिन्न होता है।
- समन्यूट्रॉनिक (Isotones) वे परमाणु हैं जिनमें न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है।
- मेंडलीव की आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी, जिसमें 63 तत्व शामिल थे।
- आधुनिक आवर्त नियम हेनरी मोसले (1913) द्वारा दिया गया था, जो परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
- आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) घटता है।
- आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनन ऊर्जा और विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है।
- आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व फ्लोरीन (F) है।
तालिका
- कण / सिद्धांत: इलेक्ट्रॉन · वैज्ञानिक: जे. जे. थॉमसन (1897) · मुख्य विशेषता / मान: ऋणावेशित (-1.6 × 10⁻¹⁹ C), कैथोड किरणें
- कण / सिद्धांत: प्रोटॉन · वैज्ञानिक: ई. गोल्डस्टीन / रदरफोर्ड · मुख्य विशेषता / मान: धनावेशित (+1.6 × 10⁻¹⁹ C), कनाल किरणें
- कण / सिद्धांत: न्यूट्रॉन · वैज्ञानिक: जेम्स चैडविक (1932) · मुख्य विशेषता / मान: उदासीन (शून्य आवेश), द्रव्यमान ~1.67 × 10⁻²⁷ kg
- कण / सिद्धांत: परमाणु नाभिक · वैज्ञानिक: अर्नेस्ट रदरफोर्ड (1911) · मुख्य विशेषता / मान: अल्फा (α) कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा
- कण / सिद्धांत: आधुनिक आवर्त सारणी · वैज्ञानिक: हेनरी मोसले (1913) · मुख्य विशेषता / मान: परमाणु क्रमांक (Z) पर आधारित, 18 वर्ग व 7 आवर्त
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 7: परमाणु की संरचना के लिए एक मॉडल प्रस्तावित करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
(क) अर्नेस्ट रदरफोर्ड (ख) ई. गोल्डस्टिन (ग) जे. जे. थॉमसन (घ) नील्स बोहर
- ✔ उत्तर: (ग) जे. जे. थॉमसन — जे. जे. थॉमसन ने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद परमाणु का पहला मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) प्रस्तुत किया था।
- प्रश्न 8: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत द्वारा निम्नलिखित में से किन नियमों की व्याख्या की जाती है?
i. द्रव्यमान संरक्षण का नियम
ii. स्थिर संघटन का नियम
iii. रेडियोधर्मिता का नियम
iv. बहु अनुपात का नियम
(क) i, ii और iii (ख) ii, iii और iv (ग) i, iii और iv (घ) i, ii और iv
- ✔ उत्तर: (घ) i, ii और iv — डाल्टन का सिद्धांत रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या करता है, जबकि रेडियोधर्मिता एक नाभिकीय घटना है।
- प्रश्न 9: हाइड्रोजन का कौन-सा समस्थानिक (Isotope) रेडियोधर्मी प्रकृति का होता है?
(क) प्रोटीयम (ख) ड्यूटीरियम (ग) ट्राइटियम (घ) हाइड्रोजन-4
- ✔ उत्तर: (ग) ट्राइटियम — ट्राइटियम (1H3) हाइड्रोजन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है जो बीटा कण उत्सर्जित करता है।
- प्रश्न 10: आधुनिक आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन देखा जाता है?
(क) परमाणु त्रिज्या बढ़ती है (ख) विद्युत ऋणात्मकता घटती है (ग) आयनन विभव बढ़ता है (घ) धात्विक गुण बढ़ता है
- ✔ उत्तर: (ग) आयनन विभव बढ़ता है — आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन विभव (आयनन ऊर्जा) बढ़ता है।
- प्रश्न 11: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: A. इलेक्ट्रॉन, B. न्यूट्रॉन, C. नाभिक, D. आधुनिक आवर्त सारणी
सूची-II: 1. जेम्स चैडविक, 2. जे. जे. थॉमसन, 3. हेनरी मोसले, 4. अर्नेस्ट रदरफोर्ड
सही कूट चुनिए:
(क) A-2, B-1, C-4, D-3 (ख) A-1, B-2, C-3, D-4 (ग) A-2, B-4, C-1, D-3 (घ) A-4, B-1, C-2, D-3
- ✔ उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3 — इलेक्ट्रॉन की खोज थॉमसन ने, न्यूट्रॉन की चैडविक ने, नाभिक की रदरफोर्ड ने और आधुनिक आवर्त सारणी मोसले ने दी थी।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 29] परमाणु की संरचना के लिए एक मॉडल प्रस्तावित करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे ?
(क) रदरफोर्ड (ख) ई. गोल्डस्टिन (ग) जे. जे. थॉमसन (घ) नील्स बोहर
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) जे. जे. थॉमसन — जे. जे. थॉमसन ने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद परमाणु का पहला मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) प्रस्तावित किया था।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 34] डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त की सफलतापूर्वक व्याख्या
i. द्रव्यमान संरक्षण का नियम ।
ii. स्थिर संघटन का नियम ।
iii. रेडियोधर्मिता का नियम ।
iv. बहु अनुपात का नियम ।
(क) i, ii और iii (ख) ii, iii और iv (ग) i, iii और iv (घ) i, ii और iv
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) i, ii और iv — डाल्टन का परमाणु सिद्धांत द्रव्यमान संरक्षण, स्थिर संघटन और बहु अनुपात के नियमों की व्याख्या करता है, जबकि रेडियोधर्मिता नाभिकीय घटना है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में परमाणु संरचना के मॉडल (थॉमसन, रदरफोर्ड, डाल्टन), उप-परमाण्विक कणों के खोजकर्ता, समस्थानिक/समभारिक तथा आवर्त सारणी के रुझानों (जैसे परमाणु त्रिज्या, आयनन विभव) पर सीधे और कथन-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ प्रोटॉन की खोज बनाम नामकरण: एनोड किरणों के रूप में खोज ई. गोल्डस्टीन (1886) ने की थी, जबकि प्रोटॉन का नामकरण और नाभिकीय कण के रूप में पहचान रदरफोर्ड ने की।
- ✘ समस्थानिक बनाम समभारिक: समस्थानिक (Isotopes) में परमाणु क्रमांक समान होता है, जबकि समभारिक (Isobars) में कुल द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- ✘ आवर्त नियम का आधार: मेंडलीव का आवर्त नियम परमाणु द्रव्यमान पर आधारित था, जबकि मोसले का आधुनिक आवर्त नियम परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
💡 ईंट पर नाच (ई = इलेक्ट्रॉन - थॉमसन, प = प्रोटॉन - रदरफोर्ड/गोल्डस्टीन, ना = न्यूट्रॉन - चैडविक)
रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
रासायनिक अभिक्रिया में पुराने रासायनिक बंध टूटते हैं और नए बंध बनते हैं, जिससे नए गुणों वाले पदार्थों का निर्माण होता है। मुख्य प्रकारों में संयोजन (दो पदार्थों का मिलना), वियोजन (एक यौगिक का टूटना), विस्थापन और द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएं शामिल हैं। इलेक्ट्रॉन या ऑक्सीजन के आदान-प्रदान के आधार पर इन्हें ऑक्सीकरण (उपचयन) तथा अपचयन (रेडॉक्स) में बांटा जाता है। जिन अभिक्रियाओं में ऊर्जा या ऊष्मा बाहर निकलती है उन्हें ऊष्माक्षेपी और जिनमें ऊष्मा अवशोषित होती है उन्हें ऊष्माशोषी कहते हैं। बीपीएससी परीक्षा में प्रतिक्रियाओं के व्यावहारिक उदाहरणों और ऊष्माक्षेपी या विस्थापन अभिक्रियाओं से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद बनाते हैं, जैसे बिना बुझे चूने (CaO) की जल से अभिक्रिया।
- वियोजन या अपघटन अभिक्रिया में एक एकल यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है (जैसे CaCO₃ का गर्म होकर CaO और CO₂ में बदलना)।
- विस्थापन अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक के विलयन से हटा देता है (जैसे Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu)।
- द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में दो यौगिकों के बीच आयनों की अदला-बदली होती है, जिससे अक्सर एक अघुलनशील अवक्षेप (Precipitate) बनता है।
- ऑक्सीकरण (उपचयन) प्रक्रिया में ऑक्सीजन की वृद्धि, हाइड्रोजन की कमी या इलेक्ट्रॉनों का ह्रास (Loss of electrons) होता है।
- अपचयन प्रक्रिया में हाइड्रोजन की वृद्धि, ऑक्सीजन की कमी या इलेक्ट्रॉनों का लाभ (Gain of electrons) होता है।
- रेडॉक्स अभिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें एक पदार्थ का ऑक्सीकरण और दूसरे का अपचयन एक साथ होता है।
- ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic) में ऊर्जा या ऊष्मा का उत्सर्जन होता है, जैसे प्राकृतिक गैस का दहन और श्वसन क्रिया।
- ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic) में वातावरण से ऊष्मा का अवशोषण होता है, जैसे प्रकाश संश्लेषण और बर्फ का पिघलना।
- सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का जल में तनुकरण एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है।
- अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से लवण तथा जल का बनना उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया कहलाती है।
- लोहे पर जंग लगना एक धीमी रेडॉक्स (ऑक्सीकरण) अभिक्रिया का उदाहरण है।
तालिका
- अभिक्रिया का प्रकार: संयोजन (Combination) · प्रमुख विशेषता: दो या अधिक अभिकारक मिलकर 1 उत्पाद बनाते हैं · रासायनिक उदाहरण: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा
- अभिक्रिया का प्रकार: वियोजन (Decomposition) · प्रमुख विशेषता: एक यौगिक दो या अधिक पदार्थों में टूटता है · रासायनिक उदाहरण: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃
- अभिक्रिया का प्रकार: विस्थापन (Displacement) · प्रमुख विशेषता: अधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय तत्व को हटाता है · रासायनिक उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
- अभिक्रिया का प्रकार: द्वि-विस्थापन (Double Displacement) · प्रमुख विशेषता: अभिकारकों के आयनों का आदान-प्रदान (अवक्षेपण) · रासायनिक उदाहरण: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- अभिक्रिया का प्रकार: ऊष्माक्षेपी (Exothermic) · प्रमुख विशेषता: अभिक्रिया में ऊष्मा/ऊर्जा मुक्त होती है · रासायनिक उदाहरण: श्वसन, प्राकृतिक गैस का दहन
- अभिक्रिया का प्रकार: ऊष्माशोषी (Endothermic) · प्रमुख विशेषता: अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण होता है · रासायनिक उदाहरण: प्रकाश संश्लेषण, CaCO₃ का अपघटन
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया का उदाहरण है?
(क) जल का वाष्पीकरण (ख) कपूर का उर्ध्वपातन (ग) बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया (घ) प्रकाश संश्लेषण
- ✔ उत्तर: (ग) बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया — बिना बुझे चूने (CaO) में जल मिलाने पर अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा बाहर निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
- प्रश्न 13: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के नीले घोल में डुबोया जाता है, तो घोल का रंग बदलकर हरा हो जाता है। यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?
(क) संयोजन अभिक्रिया (ख) विस्थापन अभिक्रिया (ग) अपघटन अभिक्रिया (घ) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
- ✔ उत्तर: (ख) विस्थापन अभिक्रिया — लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील होने के कारण कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर फेरस सल्फेट (हरा रंग) बनाता है।
- प्रश्न 14: ऑक्सीकरण (उपचयन) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है।
2. इसमें इलेक्ट्रॉनों का लाभ (Gain) होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — ऑक्सीकरण में ऑक्सीजन का योग होता है लेकिन इलेक्ट्रॉनों का ह्रास (हानि) होता है, लाभ अपचयन में होता है।
- प्रश्न 15: मानव शरीर में भोजन का पचना और श्वसन (Respiration) प्रक्रिया किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया के उदाहरण हैं?
(क) क्रमशः वियोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (ख) क्रमशः संयोजन और ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (ग) दोनों केवल ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ हैं (घ) दोनों केवल विस्थापन अभिक्रियाएँ हैं
- ✔ उत्तर: (क) क्रमशः वियोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ — पाचन में जटिल भोजन सरल पदार्थों में टूटता है (वियोजन) और श्वसन से ऊर्जा मुक्त होती है (ऊष्माक्षेपी)।
- प्रश्न 16: सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के विलयनों को मिलाने पर सफेद अवक्षेप बनता है। यह अभिक्रिया कहलाती है:
(क) संयोजन अभिक्रिया (ख) विस्थापन अभिक्रिया (ग) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (घ) उदासीनीकरण अभिक्रिया
- ✔ उत्तर: (ग) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया — इस अभिक्रिया में दोनों यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, जिससे अघुलनशील BaSO₄ का अवक्षेप बनता है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 50] निम्नलिखित में से कौन-सी उष्माक्षेपी प्रक्रियाएँ है ?
i. पानी का वाष्पीकरण ।
ii. सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का तनुकरण ।
iii. बिना बूझे चूने के साथ पानी की प्रतिक्रिया ।
iv. कपूर (क्रिस्टल) का उर्ध्वपातन ।
(क) ii और iii (ख) iii और iv (ग) i और ii (घ) i और iv
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) ii और iii — सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण और बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया दोनों अत्यधिक ऊष्मा मुक्त करती हैं, इसलिए ये ऊष्माक्षेपी प्रक्रियाएं हैं।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार से सीधे उदाहरण-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, विशेषकर ऊष्माक्षेपी/ऊष्माशोषी प्रक्रियाओं, विस्थापन अभिक्रिया और दैनिक जीवन में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों से।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ संयोजन बनाम वियोजन: संयोजन में दो या अधिक पदार्थ जुड़कर 1 उत्पाद बनाते हैं, जबकि वियोजन में 1 पदार्थ टूटकर कई उत्पाद बनाता है।
- ✘ ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन: छात्र अक्सर भूलते हैं कि 'ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉन की हानि (Loss)' और 'अपचयन = इलेक्ट्रॉन का लाभ (Gain)' होता है।
💡 OIL RIG याद रखें: Oxidation Is Loss (ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन घटता है), Reduction Is Gain (अपचयन में इलेक्ट्रॉन बढ़ता है)।
अम्ल, क्षार, लवण, pH मान एवं सूचक
अम्ल वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयन (H+) देते हैं और स्वाद में खट्टे होते हैं, जबकि क्षार हाइड्रॉक्साइड आयन (OH-) प्रदान करते हैं तथा स्वाद में कड़वे व स्पर्श में साबुन जैसे चिकने होते हैं। अम्ल और क्षार आपस में क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, जिसे उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया कहा जाता है। किसी विलयन की अम्लीयता या क्षारीयता को मापने के लिए pH पैमाने का उपयोग किया जाता है, जिसका मान 0 से 14 के मध्य होता है। विलयनों की प्रकृति पहचानने के लिए लिटमस, फेनोल्फथलीन तथा मिथाइल ऑरेंज जैसे रासायनिक व प्राकृतिक सूचकों का प्रयोग होता है। मानव पाचन तंत्र में आमाशय द्वारा स्रावित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन पचाने में मदद करता है तथा दैनिक जीवन में चींटी के डंक से लेकर बेकिंग सोडा तक अम्ल-क्षार संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- pH स्केल की खोज वर्ष 1909 में डेनिश रसायनज्ञ एस. पी. एल. सोरेनसन (S. P. L. Sorensen) ने की थी।
- pH मान 7 उदासीन विलयन (जैसे शुद्ध जल), 7 से कम अम्लीय तथा 7 से अधिक क्षारीय विलयन को दर्शाता है।
- मानव रक्त का सामान्य pH मान 7.35 से 7.45 (हल्का क्षारीय) के बीच होता है।
- मानव आमाशय (पेट) के जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है, जिसका pH लगभग 1.5 से 3.5 होता है।
- 0.1 N HCl विलयन का pH मान 1.0 होता है [pH = -log(0.1) = 1]।
- जब वर्षा के जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे 'अम्ल वर्षा' (Acid Rain) कहा जाता है।
- चींटी एवं बिच्छू के डंक में मेथेनॉइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) पाया जाता है, जिसकी जलन बेकिंग सोडा या कैलेमाइन से शांत होती है।
- सिरके (Vinegar) में 5% से 8% एसीटिक अम्ल (Ethanoic Acid) घुला होता है।
- नींबू और संतरे में सिट्रिक अम्ल, इमली व अंगूर में टार्टरिक अम्ल तथा टमाटर में ऑक्जेलिक अम्ल पाया जाता है।
- दही और खट्टे दूध में लैक्टिक अम्ल उपस्थित होता है।
- नीला लिटमस पेपर अम्ल में लाल हो जाता है, जबकि लाल लिटमस क्षार के संपर्क में नीला हो जाता है।
- फेनोल्फथलीन सूचक अम्लीय माध्यम में रंगहीन रहता है और क्षारीय माध्यम में गुलाबी हो जाता है।
- मिथाइल ऑरेंज सूचक अम्लीय विलयन में लाल तथा क्षारीय विलयन में पीला रंग प्रदर्शित करता है।
- सोडा-अम्ल अग्निशामक (Soda-acid fire extinguisher) में सोडियम बाइकार्बोनेट और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग होता है, जिससे CO2 गैस बनती है।
- मुँह का pH मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का इनेमल (कैल्शियम हाइड्रॉक्सीएपैटाइट) संक्षारित होने लगता है।
तालिका
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: सिरका (Vinegar) · उपस्थित अम्ल / क्षार: एसीटिक अम्ल (Ethanoic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 2.4 - 3.4 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: नींबू एवं संतरा · उपस्थित अम्ल / क्षार: सिट्रिक अम्ल (Citric acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 2.2 - 2.5 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: इमली एवं कच्चा आम · उपस्थित अम्ल / क्षार: टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: अम्लीय
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: टमाटर · उपस्थित अम्ल / क्षार: ऑक्जेलिक अम्ल (Oxalic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 4.0 - 4.4 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: दही / खट्टा दूध · उपस्थित अम्ल / क्षार: लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 4.5 - 5.5 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: चींटी / बिच्छू का डंक · उपस्थित अम्ल / क्षार: मेथेनॉइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) · सामान्य pH मान / प्रकृति: तीव्र अम्लीय जलनकारक
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: आमाशय रस (Gastric juice) · उपस्थित अम्ल / क्षार: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 1.5 - 3.5 (प्रबल अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: मानव रक्त · उपस्थित अम्ल / क्षार: हल्का क्षारीय बफर · सामान्य pH मान / प्रकृति: 7.35 - 7.45
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: शुद्ध जल (Neutral water) · उपस्थित अम्ल / क्षार: उदासीन · सामान्य pH मान / प्रकृति: 7.0 (25°C पर)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया · उपस्थित अम्ल / क्षार: मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)2] · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 10.5 (एंटासिड क्षार)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल टमाटर में मुख्य रूप से पाया जाता है?
(क) एसीटिक अम्ल (ख) टार्टरिक अम्ल (ग) ऑक्जेलिक अम्ल (घ) लैक्टिक अम्ल
- ✔ उत्तर: (ग) ऑक्जेलिक अम्ल — टमाटर में मुख्य रूप से ऑक्जेलिक अम्ल और मैलिक अम्ल पाया जाता है।
- प्रश्न 18: फेनोल्फथलीन सूचक क्षारीय विलयन में कैसा रंग देता है?
(क) पीला (ख) गुलाबी (ग) लाल (घ) रंगहीन
- ✔ उत्तर: (ख) गुलाबी — फेनोल्फथलीन क्षार के संपर्क में गुलाबी रंग देता है जबकि अम्ल में यह रंगहीन रहता है।
- प्रश्न 19: मानव रक्त के सामान्य pH मान की परास (रेंज) क्या है?
(क) 6.0 - 6.5 (ख) 7.35 - 7.45 (ग) 8.0 - 8.5 (घ) 5.0 - 5.5
- ✔ उत्तर: (ख) 7.35 - 7.45 — मानव रक्त थोड़ा क्षारीय होता है और इसका सामान्य pH मान 7.35 से 7.45 के मध्य बना रहता है।
- प्रश्न 20: चींटी के काटने पर त्वचा में जलन किस अम्ल के स्राव के कारण होती है?
(क) फॉर्मिक अम्ल (ख) नाइट्रिक अम्ल (ग) सल्फ्यूरिक अम्ल (घ) सिट्रिक अम्ल
- ✔ उत्तर: (क) फॉर्मिक अम्ल — चींटी और मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक अम्ल (मेथेनॉइक अम्ल) उपस्थित होता है।
- प्रश्न 21: दंत क्षय तब प्रारंभ होता है जब मुँह का pH मान कितने से कम हो जाता है?
(क) 6.5 (ख) 7.0 (ग) 5.5 (घ) 8.0
- ✔ उत्तर: (ग) 5.5 — मुँह का pH 5.5 से नीचे गिरने पर दाँतों की बाह्य परत (इनेमल) का क्षरण होने लगता है।
- प्रश्न 22: अम्ल वर्षा (Acid rain) के जल का pH मान सामान्यतः कितना होता है?
(क) 5.6 से कम (ख) 7.0 से अधिक (ग) 8.5 से अधिक (घ) 6.5 से 7.0 के मध्य
- ✔ उत्तर: (क) 5.6 से कम — जब वर्षा जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 131] 0.1 एन HCl समाधान का पीएच मान है लगभग :
(क) 1.0 (ख) 11.0 (ग) 10 (घ) 2.0
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) 1.0 — 0.1 N HCl पूर्णतः वियोजित होकर [H+] = 0.1 M देता है, अतः pH = -log(10^-1) = 1.0 होता है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 93] निम्नलिखित में से कौन-सा सोडा अम्ल अग्निशामक का घटक है ?
(क) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम कार्बोनेट (ख) सान्द्र. सल्फ्यूरिक अम्ल और एल्यूमीनियम सल्फेट (ग) सान्द्र. सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम कार्बोनेट विलयन (घ) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और बाइकार्बोनेट विलयन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और बाइकार्बोनेट विलयन — सोडा-अम्ल अग्निशामक में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया सोडियम बाइकार्बोनेट विलयन से कराकर CO2 गैस उत्पन्न की जाती है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 13] निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल पेट में स्रावित होता है ?
(क) नाइट्रिक अम्ल (ख) सल्फ्यूरिक अम्ल (ग) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (घ) फॉस्फोरिक अम्ल
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल — मानव आमाशय की जठर ग्रंथियों से भोजन के पाचन एवं रोगाणुनाशन के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC CCE एवं बिहार दारोगा परीक्षा में प्राकृतिक पदार्थों में पाए जाने वाले अम्ल (जैसे सिरका, इमली, टमाटर, चींटी का डंक), सूचकों के रंग परिवर्तन (लिटमस, फेनोल्फथलीन), सामान्य द्रवों के pH मान (रक्त, शुद्ध जल, अम्ल वर्षा) तथा पाचन क्रिया में शामिल अम्ल पर प्रत्यक्ष वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र सिरके (एसीटिक अम्ल) और चींटी के डंक (मेथेनॉइक/फॉर्मिक अम्ल) के रासायनिक नामों में अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ मिथाइल ऑरेंज और फेनोल्फथलीन के रंग परिवर्तन में भ्रम: फेनोल्फथलीन अम्ल में रंगहीन और क्षार में गुलाबी होता है, जबकि मिथाइल ऑरेंज अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है।
- ✘ अम्ल वर्षा का कट-ऑफ pH मान 5.6 होता है, इसे छात्र सामान्य जल के उदासीन मान (7.0) से भ्रमित कर बैठते हैं।
💡 अम्ल के लिटमस रंग के लिए 'अ-नि-ला' याद रखें: अ = अम्ल, नि = नीले लिटमस को, ला = लाल कर देता है।
प्रमुख रासायनिक नाम एवं सूत्र (बेकिंग सोडा, विरंजक चूर्ण, प्लास्टर ऑफ पेरिस)
दैनिक जीवन और उद्योगों में प्रयुक्त होने वाले अनेक अकार्बनिक यौगिकों के व्यावहारिक नाम उनके रासायनिक नामों से भिन्न होते हैं। बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) भोजन को स्पंजी बनाने और अग्निशामक यंत्रों में प्रयोग होता है। धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) में क्रिस्टलन जल के 10 अणु उपस्थित होते हैं, जो कपड़ों की धुलाई और जल की स्थायी कठोरता दूर करने में काम आता है। शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन की क्रिया से विरंजक चूर्ण (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) का निर्माण होता है, जो कीटाणुनाशक के रूप में प्रयुक्त होता है। जिप्सम को 373 K (100°C) पर गर्म करने पर यह क्रिस्टलन जल का तीन-चौथाई भाग त्यागकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (अर्ध-हाइड्रेट) बनाता है। यह वर्गीकरण और इनके रासायनिक संघटन राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के सबसे लोकप्रिय विषयों में से एक हैं।
मुख्य तथ्य
- बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है।
- धावन सोडा (धोने का सोडा) का रासायनिक सूत्र Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) होता है।
- विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) का सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड / हाइपोक्लोराइट) है।
- विरंजक चूर्ण का निर्माण शुष्क बुझे हुए चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस (Cl₂) प्रवाहित करके किया जाता है।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक सूत्र CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) है।
- जिप्सम का रासायनिक सूत्र CaSO₄·2H₂O (कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट) है।
- जिप्सम को 373 K (100°C) तापमान पर गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ पेरिस प्राप्त होता है।
- बिना बुझा चूना (क्विक लाइम) कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) कहलाता है।
- बुझा हुआ चूना (स्लेक्ड लाइम) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)₂] कहलाता है।
- नीला थोथा (तूतिया) का रासायनिक सूत्र CuSO₄·5H₂O (कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट) होता है।
- हरा कसीस फेरस सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट (FeSO₄·7H₂O) को कहा जाता है।
- कास्टिक सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) है।
- हास्य गैस (लाफिंग गैस) का रासायनिक नाम नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) है।
- संगमरमर, चाक और चूना पत्थर का रासायनिक सूत्र CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) होता है।
तालिका
- व्यापारिक नाम: बेकिंग सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट · रासायनिक सूत्र: NaHCO₃ · प्रमुख उपयोग: बेकिंग पाउडर निर्माण, एंटासिड, अग्निशामक
- व्यापारिक नाम: धावन सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: Na₂CO₃·10H₂O · प्रमुख उपयोग: कांच/साबुन उद्योग, जल की स्थायी कठोरता दूर करना
- व्यापारिक नाम: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) · रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड · रासायनिक सूत्र: CaOCl₂ · प्रमुख उपयोग: जल रोगाणुनाशन, वस्त्र उद्योग में विरंजन
- व्यापारिक नाम: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) · रासायनिक नाम: कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O · प्रमुख उपयोग: टूटी हड्डियों को जोड़ना, मूर्तियां, खिलौने
- व्यापारिक नाम: जिप्सम · रासायनिक नाम: कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CaSO₄·2H₂O · प्रमुख उपयोग: सीमेंट की सैटिंग धीमी करना, POP का निर्माण
- व्यापारिक नाम: बिना बुझा चूना (क्विक लाइम) · रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्साइड · रासायनिक सूत्र: CaO · प्रमुख उपयोग: सीमेंट निर्माण, सफेदी बनाने में
- व्यापारिक नाम: बुझा हुआ चूना (स्लेक्ड लाइम) · रासायनिक नाम: कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड · रासायनिक सूत्र: Ca(OH)₂ · प्रमुख उपयोग: दीवारों पर सफेदी, विरंजक चूर्ण बनाना
- व्यापारिक नाम: नीला थोथा · रासायनिक नाम: कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CuSO₄·5H₂O · प्रमुख उपयोग: कवकनाशी (Fungicide), विद्युत लेपन
- व्यापारिक नाम: कास्टिक सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रॉक्साइड · रासायनिक सूत्र: NaOH · प्रमुख उपयोग: साबुन, अपमार्जक और कागज उद्योग
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 23: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का सही रासायनिक सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(क) CaSO₄·2H₂O (ख) CaSO₄·½H₂O (ग) CaSO₄·H₂O (घ) 2CaSO₄·H₂O
- ✔ उत्तर: (ख) CaSO₄·½H₂O — प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट का अर्ध-हाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) होता है।
- प्रश्न 24: खाने का सोडा (बेकिंग सोडा) का रासायनिक नाम क्या है?
(क) सोडियम कार्बोनेट (ख) सोडियम सल्फेट (ग) सोडियम बाइकार्बोनेट (घ) कैल्शियम बाइकार्बोनेट
- ✔ उत्तर: (ग) सोडियम बाइकार्बोनेट — बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है।
- प्रश्न 25: ब्लीचिंग पाउडर तैयार करने के लिए बुझे हुए चूने पर किस गैस की अभिक्रिया कराई जाती है?
(क) ऑक्सीजन (ख) नाइट्रोजन (ग) हाइड्रोजन (घ) क्लोरीन
- ✔ उत्तर: (घ) क्लोरीन — शुष्क बुझे चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करने से ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बनता है।
- प्रश्न 26: धावन सोडा (Washing Soda) के एक अणु में क्रिस्टलन जल के कितने अणु उपस्थित होते हैं?
(क) 5 (ख) 7 (ग) 10 (घ) 2
- ✔ उत्तर: (ग) 10 — धावन सोडा का सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है, जिसमें क्रिस्टलन जल के 10 अणु होते हैं।
- प्रश्न 27: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. नीला थोथा - CuSO₄·5H₂O
2. जिप्सम - CaSO₄·2H₂O
3. बिना बुझा चूना - Ca(OH)₂
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 और 2 — बिना बुझा चूना CaO होता है, जबकि Ca(OH)₂ बुझा हुआ चूना कहलाता है; अतः कथन 1 और 2 सही हैं।
- प्रश्न 28: अग्निशामक यंत्रों एवं प्रति-अम्ल (Antacid) के संघटक के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
(क) विरंजक चूर्ण (ख) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (ग) कैल्शियम कार्बोनेट (घ) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- ✔ उत्तर: (ख) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट — सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (बेकिंग सोडा) एक दुर्बल क्षारक है, जो एंटासिड और सोडा-एसिड अग्निशामक में प्रयुक्त होता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में सामान्य रासायनिक पदार्थों के व्यापारिक नाम, उनके रासायनिक सूत्र, क्रिस्टलन जल के अणुओं की संख्या (जैसे धावन सोडा में 10H₂O या नीला थोथा में 5H₂O) और सुमेलन (Match the following) प्रकार के प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ बेकिंग सोडा (NaHCO₃ - बाइकार्बोनेट) और धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O - कार्बोनेट) में भ्रम होना। 'B' से Baking और 'B' से Bicarbonate याद रखें।
- ✘ जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) और प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) में जल के अणुओं की संख्या का उलटना।
- ✘ बिना बुझा चूना (Quick lime = CaO) तथा बुझा हुआ चूना (Slaked lime = Ca(OH)₂) के रासायनिक सूत्रों में अंतर न समझ पाना।
💡 'बाई (Bi) जी खाना बनाती हैं' - इसलिए 'Bicarbonate' (NaHCO₃) खाने का सोडा है और सामान्य 'Carbonate' कपड़े धोने का सोडा है।
एक नज़र में (Revision)
- पदार्थ की पांच अवस्थाएं होती हैं: ठोस, द्रव, गैस, प्लाज्मा तथा बोस-आइंस्टीन कंडेनसेट (BEC)।
- उर्ध्वपातन (Sublimation) प्रक्रिया में ठोस पदार्थ गर्म करने पर सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है (जैसे कपूर, अमोनियम क्लोराइड, नेफ़थलीन)।
- परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन (न्यूक्लियॉन) स्थित होते हैं, जबकि ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं में परिक्रमा करते हैं।
- समस्थानिक (Isotopes) समान परमाणु क्रमांक परंतु भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले परमाणु होते हैं (उदा. C-12 एवं C-14; कोबाल्ट-60 का उपयोग कैंसर उपचार में होता है)।
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) घटता है, जबकि विद्युत-ऋणात्मकता और आयनन ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- ऑक्सीकरण (Oxidation) में इलेक्ट्रॉनों का ह्रास होता है तथा ऑक्सीकरण संख्या बढ़ती है, जबकि अपचयन (Reduction) में इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए जाते हैं।
- अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, नीले लिटमस को लाल करते हैं और इनका pH मान 7 से कम होता है (उदा. सिरके में एसिटिक अम्ल, चींटी के डंक में मेथेनॉइक अम्ल)।
- क्षारक स्वाद में कड़वे होते हैं, लाल लिटमस को नीला करते हैं और फिनोल्फथलीन को गुलाबी रंग में बदल देते हैं।
- बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) का रासायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) है, जिसका उपयोग अग्निशामक तथा एंटासिड में होता है।
- धावन सोडा (Washing Soda) का रासायनिक सूत्र Na2CO3.10H2O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) है, जिसका उपयोग जल की स्थायी कठोरता दूर करने में होता है।
- विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) का रासायनिक सूत्र CaOCl2 (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) है, जो रोगाणुनाशक के रूप में प्रयुक्त होता है।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक सूत्र CaSO4.1/2H2O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) है, जो जिप्सम (CaSO4.2H2O) को 373 K पर गर्म करने पर प्राप्त होता है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे गैस में परिवर्तित (उर्ध्वपातित) हो जाता है?
- (क) सोडियम क्लोराइड
- (ख) कैल्शियम कार्बोनेट
- (ग) अमोनियम क्लोराइड
- (घ) मैग्नीशियम सल्फेट
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) अमोनियम क्लोराइड
अमोनियम क्लोराइड (नौसादर), कपूर, नेफ़थलीन और आयोडीन उर्ध्वपातन दर्शाते हैं, जो गर्म करने पर सीधे ठोस से वाष्प में बदल जाते हैं।
2. परमाणु के नाभिक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. नाभिक में केवल प्रोटॉन तथा इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं।\n2. रदरफोर्ड के अल्फा-कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा परमाणु नाभिक की खोज हुई थी।\nउपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) केवल 2
नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं (इलेक्ट्रॉन बाहर चक्कर लगाते हैं), अतः कथन 1 गलत है। रदरफोर्ड ने 1911 में स्वर्ण-पन्नी प्रयोग से नाभिक की खोज की थी, अतः कथन 2 सही है।
3. रेडियोधर्मी समस्थानिकों और उनके अनुप्रयोगों का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (क) कोबाल्ट-60 - कैंसर का उपचार
- (ख) आयोडीन-131 - घेंघा (थायरॉइड) रोग का उपचार
- (ग) सोडियम-24 - रक्त प्रवाह के थक्के का पता लगाना
- (घ) कार्बन-14 - जल की स्थायी कठोरता का मापन
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) कार्बन-14 - जल की स्थायी कठोरता का मापन
कार्बन-14 का उपयोग जीवाश्मों और पुरानी जैविक वस्तुओं की आयु निर्धारण (रेडियोकार्बन डेटिंग) में किया जाता है, जल की कठोरता मापने में नहीं।
4. आधुनिक आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर निम्नलिखित में से क्या घटता है?
- (क) विद्युत-ऋणात्मकता
- (ख) आयनन विभव (ऊर्जा)
- (ग) परमाणु त्रिज्या (आकार)
- (घ) इलेक्ट्रॉन बंधुता
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) परमाणु त्रिज्या (आकार)
आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिससे बाह्यतम इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर अधिक खिंचते हैं और परमाणु त्रिज्या घटती है।
5. लोहे में जंग (Rusting of Iron) लगना किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण है?
- (क) केवल अपचयन अभिक्रिया
- (ख) रेडॉक्स (ऑक्सीकरण-अपचयन) अभिक्रिया
- (ग) उदासीनीकरण अभिक्रिया
- (घ) ऊष्माशोषी अभिक्रिया
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) रेडॉक्स (ऑक्सीकरण-अपचयन) अभिक्रिया
लोहे में जंग लगना एक रेडॉक्स अभिक्रिया है, जिसमें आयरन का ऑक्सीकरण (Fe से Fe2+/Fe3+) तथा वायुमंडलीय ऑक्सीजन का अपचयन होता है।
6. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:\nसूची-I (प्राकृतिक स्रोत) : A. सिरका, B. खट्टा दूध/दही, C. इमली, D. चींटी का डंक\nसूची-II (अम्ल) : 1. लैक्टिक अम्ल, 2. टार्टरिक अम्ल, 3. एसिटिक अम्ल, 4. मेथेनॉइक (फॉर्मिक) अम्ल
- (क) A-3, B-1, C-2, D-4
- (ख) A-3, B-2, C-1, D-4
- (ग) A-4, B-1, C-2, D-3
- (घ) A-1, B-3, C-4, D-2
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-3, B-1, C-2, D-4
सिरके में एसिटिक अम्ल (3), दही में लैक्टिक अम्ल (1), इमली में टार्टरिक अम्ल (2) तथा चींटी के डंक में मेथेनॉइक अम्ल (4) पाया जाता है।
7. जब फिनोल्फथलीन सूचक को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के जलीय विलयन में मिलाया जाता है, तो विलयन का रंग कैसा हो जाता है?
- (क) पीला
- (ख) गुलाबी
- (ग) रंगहीन
- (घ) नीला
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) गुलाबी
फिनोल्फथलीन एक संश्लेषित सूचक है जो अम्लीय अथवा उदासीन माध्यम में रंगहीन रहता है, परंतु क्षारीय माध्यम (जैसे NaOH) में गुलाबी रंग देता है।
8. बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) का सही रासायनिक नाम और सूत्र क्या है?
- (क) सोडियम कार्बोनेट, Na2CO3
- (ख) सोडियम बाइकार्बोनेट, NaHCO3
- (ग) सोडियम हाइड्रॉक्साइड, NaOH
- (घ) कैल्शियम कार्बोनेट, CaCO3
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) सोडियम बाइकार्बोनेट, NaHCO3
बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट है और इसका सूत्र NaHCO3 है।
9. विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) के निर्माण में बुझे हुए चूने [Ca(OH)2] पर किस गैस की क्रिया कराई जाती है?
- (क) ऑक्सीजन
- (ख) हाइड्रोजन
- (ग) क्लोरीन
- (घ) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) क्लोरीन
शुष्क बुझे हुए चूने [Ca(OH)2] पर क्लोरीन (Cl2) गैस प्रवाहित करने पर विरंजक चूर्ण [CaOCl2] तथा जल बनता है।
10. प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रासायनिक सूत्र क्या है?
- (क) CaSO4.2H2O
- (ख) CaSO4.1/2H2O
- (ग) MgSO4.7H2O
- (घ) CuSO4.5H2O
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) CaSO4.1/2H2O
प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट है और इसका सूत्र CaSO4.1/2H2O है। जिप्सम का सूत्र CaSO4.2H2O होता है।
English version — Chemistry: Matter, Atomic Structure, and Acids, Bases & Salts
In the BPSC Preliminary Examination, General Science includes around 8 to 10 direct questions from Chemistry. Topics such as states of matter, atomic structure, periodic trends, acid-base indicators, and everyday salts are repeatedly asked and are scoring areas for aspirants.
States of Matter, Mixtures and Separation Methods
Matter is anything that possesses mass and occupies space. Physically, matter exists in five states: solid, liquid, gas, plasma, and Bose-Einstein Condensate (BEC). Chemically, matter is classified into pure substances (elements and compounds) and mixtures (homogeneous and heterogeneous). In homogeneous mixtures (like true solutions and alloys), components are uniformly distributed, whereas heterogeneous mixtures (like colloids and suspensions) have non-uniform compositions. Physical separation techniques such as distillation, fractional distillation, sublimation, chromatography, and centrifugation are widely used to separate these mixtures based on physical properties.
Key facts
- Plasma is the fourth state of matter, consisting of super energetic and super excited ionized gas particles (e.g., sun, stars, fluorescent tubes).
- The fifth state of matter is Bose-Einstein Condensate (BEC), formed by cooling a gas of extremely low density to temperatures close to absolute zero.
- Components of a homogeneous mixture cannot be physically distinguished, such as air, sugar solution, and alloys.
- Components of a heterogeneous mixture are non-uniformly distributed, such as milk, blood, smoke, and suspensions.
- Milk is an emulsion type of colloid, in which liquid particles are dispersed in a liquid medium.
- Tyndall Effect is the scattering of a light beam, exhibited by colloidal solutions and suspensions, but not by true solutions.
- Brownian Motion is the continuous zig-zag motion of colloidal particles, which imparts stability to the colloid.
- Sublimation is the process in which a solid changes directly into gas without passing through the intermediate liquid state.
- Camphor, naphthalene, ammonium chloride, anthracene, and iodine are prominent substances that undergo sublimation.
- Fractional distillation is used when the difference in boiling points of two miscible liquids is less than 25 K (or 25°C).
- Fractional distillation is employed to separate petroleum components (petrol, diesel, kerosene) and different gases from air.
- Centrifugation is used for separating cream from milk, drying clothes in washing machines, and diagnostic blood/urine tests.
- Chromatography is based on differences in adsorption and solubility, used to separate dyes in ink and drugs from blood.
- Deposition is the process in which a gas transforms directly into a solid without passing through the liquid phase.
Table
- पृथक्करण विधि: ऊर्ध्वपातन (Sublimation) · मूल सिद्धांत / शर्त: ठोस का बिना द्रव बने सीधे गैस में रूपांतरण · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: नमक और कपूर का मिश्रण, अमोनियम क्लोराइड और रेत का पृथक्करण
- पृथक्करण विधि: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) · मूल सिद्धांत / शर्त: घुलनशील द्रवों के क्वथनांकों में 25 K से कम अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: कच्चे पेट्रोलियम से ईंधन घटक, वायु से ऑक्सीजन/नाइट्रोजन पृथक्करण
- पृथक्करण विधि: साधारण आसवन (Simple Distillation) · मूल सिद्धांत / शर्त: घुलनशील द्रवों के क्वथनांकों में 25 K से अधिक अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: जल और एसीटोन का पृथक्करण, समुद्री जल से आसुत जल प्राप्त करना
- पृथक्करण विधि: अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) · मूल सिद्धांत / शर्त: तीव्र घूर्णन से घनत्व के आधार पर कणों का पृथक्करण · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: दूध से मलाई/क्रीम निकालना, वाशिंग मशीन का ड्रायर, रक्त जांच
- पृथक्करण विधि: वर्णलेखन (Chromatography) · मूल सिद्धांत / शर्त: एक ही विलायक में विभिन्न पदार्थों की घुलनशीलता और अधिशोषण में अंतर · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: काली स्याही में उपस्थित रंगों को अलग करना, रक्त से ड्रग्स की पहचान
- पृथक्करण विधि: क्रिस्टलीकरण (Crystallisation) · मूल सिद्धांत / शर्त: संतृप्त गर्म घोल को ठंडा कर शुद्ध क्रिस्टल बनाना · दैनिक जीवन / औद्योगिक अनुप्रयोग: समुद्री जल से प्राप्त नमक का शोधन, अशुद्ध फिटकरी या कॉपर सल्फेट का शुद्धिकरण
Practice questions (solved)
- Q 1: दूध से मक्खन या क्रीम अलग करने के लिए निम्नलिखित में से किस विधि का प्रयोग किया जाता है?
(क) प्रभाजी आसवन (ख) अपकेंद्रीकरण (ग) ऊर्ध्वपातन (घ) वर्णलेखन (क्रोमैटोग्राफी)
- ✔ Answer: (ख) अपकेंद्रीकरण — अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) में तीव्र घूर्णन द्वारा भारी कण नीचे बैठ जाते हैं और हल्के कण (जैसे क्रीम) ऊपर तैरने लगते हैं।
- Q 2: प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) विधि का उपयोग उन दो द्रवों के मिश्रण को अलग करने हेतु किया जाता है, जिनके क्वथनांकों में अंतर होता है:
(क) 25 K से अधिक (ख) 25 K से कम (ग) 50 K से अधिक (घ) 100 K से अधिक
- ✔ Answer: (ख) 25 K से कम — जब दो घुलनशील द्रवों के क्वथनांक में 25 K (या 25°C) से कम अंतर होता है, तो प्रभाजी आसवन का प्रयोग किया जाता है; 25 K से अधिक पर साधारण आसवन प्रयुक्त होता है।
- Q 3: निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ गर्म करने पर सीधे ठोस से वाष्प (गैस) में बदल जाता है?
(क) सोडियम क्लोराइड (ख) अमोनियम क्लोराइड (ग) कैल्शियम कार्बोनेट (घ) मैग्नीशियम सल्फेट
- ✔ Answer: (ख) अमोनियम क्लोराइड — अमोनियम क्लोराइड (नौसादर) एक ऊर्ध्वपातज (sublimable) पदार्थ है जो गर्म करने पर बिना पिघले सीधे गैस में बदल जाता है।
- Q 4: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टिंडल प्रभाव केवल सच्चे विलयन (True Solution) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
2. दूध एक प्रकार का पायस (Emulsion) कोलाइड है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2
- ✔ Answer: (ख) केवल 2 — सच्चे विलयन के कण बहुत छोटे होने के कारण टिंडल प्रभाव नहीं दिखाते; कोलाइड और निलंबन ही टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करते हैं।
- Q 5: कच्चे पेट्रोलियम से गैसोलीन (पेट्रोल), मिट्टी का तेल और डीजल को अलग करने के लिए कौन-सी तकनीक अपनाई जाती है?
(क) साधारण आसवन (ख) प्रभाजी आसवन (ग) क्रिस्टलीकरण (घ) निथारना (Decantation)
- ✔ Answer: (ख) प्रभाजी आसवन — पेट्रोलियम के हाइड्रोकार्बन घटकों के क्वथनांक काफी निकट (25 K से कम अंतर) होते हैं, इसलिए प्रभाजी आसवन प्रयुक्त होता है।
- Q 6: पदार्थ की चौथी अवस्था (प्लाज्मा) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसमें कण अत्यधिक ठंडे और स्थिर होते हैं। (ख) यह अवस्था तारों और सूर्य के चमकने का कारण है। (ग) इसका निश्चित आकार और निश्चित आयतन होता है। (घ) यह परम शून्य तापमान पर प्राप्त की जाती है।
- ✔ Answer: (ख) यह अवस्था तारों और सूर्य के चमकने का कारण है। — तारों और सूर्य में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण गैसें आयनित होकर प्लाज्मा अवस्था बनाती हैं, जिससे वे चमकते हैं।
How it is asked
In BPSC and Bihar Police SI, this sub-topic is frequently tested through direct and statement-based questions on separation techniques (cream from milk, fractional distillation of petroleum, sublimable substances like camphor and ammonium chloride), types of colloids (emulsions), and the Tyndall effect.
Do not confuse
- ✘ साधारण आसवन vs प्रभाजी आसवन: छात्र क्वथनांक के अंतर में भ्रमित होते हैं; 25 K से अधिक अंतर पर साधारण आसवन तथा 25 K से कम अंतर पर प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) का प्रयोग होता है।
- ✘ ऊर्ध्वपातन vs निक्षेपण: ऊर्ध्वपातन ठोस का सीधे गैस में बदलना है, जबकि निक्षेपण (Deposition) गैस का बिना द्रव बने सीधे ठोस में बदलना है।
- ✘ सच्चा विलयन vs कोलाइड: सच्चे विलयन के कण प्रकाश को प्रकीर्णित नहीं करते (टिंडल प्रभाव अनुपस्थित), जबकि कोलाइडल कण प्रकाश को फैलाते हैं (टिंडल प्रभाव उपस्थित)।
💡 ऊर्ध्वपातन प्रदर्शित करने वाले पदार्थों की ट्रिक: 'कपूर ने अमोनिया को आयोडीन दिया' (कपूर, नेफ़थलीन, अमोनियम क्लोराइड, आयोडीन)।
Atomic Structure, Isotopes, and Periodic Table Trends
According to Dalton, the atom was considered indivisible, but subsequent discoveries established that it comprises subatomic particles: electrons, protons, and neutrons. J.J. Thomson proposed the first atomic model, Rutherford discovered the atomic nucleus through the alpha-particle scattering experiment, and Bohr introduced stationary orbits. An element's atomic number (Z) equals its proton count, whereas its mass number (A) represents the sum of protons and neutrons. Isotopes are atoms of the same element with identical atomic numbers but different mass numbers. In the modern periodic table developed by Henry Moseley, elements are organized by increasing atomic number, where moving left to right across a period decreases atomic radius and increases electronegativity.
Key facts
- The first model of atomic structure was proposed by J.J. Thomson as the Plum Pudding model.
- Electron was discovered by J.J. Thomson during cathode ray experiments in 1897.
- The presence of proton was discovered by E. Goldstein using canal rays (anode rays).
- Neutron was discovered by James Chadwick in 1932 and carries no electric charge.
- The atomic nucleus was discovered by Ernest Rutherford in 1911 through the alpha-particle scattering experiment.
- Dalton's atomic theory explains the laws of conservation of mass, definite proportions, and multiple proportions.
- Hydrogen has three isotopes: Protium, Deuterium, and Tritium (which is radioactive).
- Isobars are elements having the same mass number (A) but different atomic numbers (Z).
- Isotones are atoms that have the same number of neutrons.
- Mendeleev's periodic table was based on atomic mass and contained 63 elements.
- Modern periodic law was proposed by Henry Moseley (1913) and is based on atomic number.
- Moving from left to right across a period in the periodic table, the atomic radius decreases.
- Moving from left to right across a period, ionization energy and electronegativity increase.
- Fluorine (F) is the most electronegative element in the periodic table.
Table
- कण / सिद्धांत: इलेक्ट्रॉन · वैज्ञानिक: जे. जे. थॉमसन (1897) · मुख्य विशेषता / मान: ऋणावेशित (-1.6 × 10⁻¹⁹ C), कैथोड किरणें
- कण / सिद्धांत: प्रोटॉन · वैज्ञानिक: ई. गोल्डस्टीन / रदरफोर्ड · मुख्य विशेषता / मान: धनावेशित (+1.6 × 10⁻¹⁹ C), कनाल किरणें
- कण / सिद्धांत: न्यूट्रॉन · वैज्ञानिक: जेम्स चैडविक (1932) · मुख्य विशेषता / मान: उदासीन (शून्य आवेश), द्रव्यमान ~1.67 × 10⁻²⁷ kg
- कण / सिद्धांत: परमाणु नाभिक · वैज्ञानिक: अर्नेस्ट रदरफोर्ड (1911) · मुख्य विशेषता / मान: अल्फा (α) कण प्रकीर्णन प्रयोग द्वारा
- कण / सिद्धांत: आधुनिक आवर्त सारणी · वैज्ञानिक: हेनरी मोसले (1913) · मुख्य विशेषता / मान: परमाणु क्रमांक (Z) पर आधारित, 18 वर्ग व 7 आवर्त
Practice questions (solved)
- Q 7: परमाणु की संरचना के लिए एक मॉडल प्रस्तावित करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
(क) अर्नेस्ट रदरफोर्ड (ख) ई. गोल्डस्टिन (ग) जे. जे. थॉमसन (घ) नील्स बोहर
- ✔ Answer: (ग) जे. जे. थॉमसन — जे. जे. थॉमसन ने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद परमाणु का पहला मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) प्रस्तुत किया था।
- Q 8: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत द्वारा निम्नलिखित में से किन नियमों की व्याख्या की जाती है?
i. द्रव्यमान संरक्षण का नियम
ii. स्थिर संघटन का नियम
iii. रेडियोधर्मिता का नियम
iv. बहु अनुपात का नियम
(क) i, ii और iii (ख) ii, iii और iv (ग) i, iii और iv (घ) i, ii और iv
- ✔ Answer: (घ) i, ii और iv — डाल्टन का सिद्धांत रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या करता है, जबकि रेडियोधर्मिता एक नाभिकीय घटना है।
- Q 9: हाइड्रोजन का कौन-सा समस्थानिक (Isotope) रेडियोधर्मी प्रकृति का होता है?
(क) प्रोटीयम (ख) ड्यूटीरियम (ग) ट्राइटियम (घ) हाइड्रोजन-4
- ✔ Answer: (ग) ट्राइटियम — ट्राइटियम (1H3) हाइड्रोजन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है जो बीटा कण उत्सर्जित करता है।
- Q 10: आधुनिक आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन देखा जाता है?
(क) परमाणु त्रिज्या बढ़ती है (ख) विद्युत ऋणात्मकता घटती है (ग) आयनन विभव बढ़ता है (घ) धात्विक गुण बढ़ता है
- ✔ Answer: (ग) आयनन विभव बढ़ता है — आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन विभव (आयनन ऊर्जा) बढ़ता है।
- Q 11: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: A. इलेक्ट्रॉन, B. न्यूट्रॉन, C. नाभिक, D. आधुनिक आवर्त सारणी
सूची-II: 1. जेम्स चैडविक, 2. जे. जे. थॉमसन, 3. हेनरी मोसले, 4. अर्नेस्ट रदरफोर्ड
सही कूट चुनिए:
(क) A-2, B-1, C-4, D-3 (ख) A-1, B-2, C-3, D-4 (ग) A-2, B-4, C-1, D-3 (घ) A-4, B-1, C-2, D-3
- ✔ Answer: (क) A-2, B-1, C-4, D-3 — इलेक्ट्रॉन की खोज थॉमसन ने, न्यूट्रॉन की चैडविक ने, नाभिक की रदरफोर्ड ने और आधुनिक आवर्त सारणी मोसले ने दी थी।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 29] परमाणु की संरचना के लिए एक मॉडल प्रस्तावित करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे ?
(क) रदरफोर्ड (ख) ई. गोल्डस्टिन (ग) जे. जे. थॉमसन (घ) नील्स बोहर
- ✔ Official answer: (ग) जे. जे. थॉमसन — जे. जे. थॉमसन ने 1897 में इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद परमाणु का पहला मॉडल (प्लम पुडिंग मॉडल) प्रस्तावित किया था।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 34] डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त की सफलतापूर्वक व्याख्या
i. द्रव्यमान संरक्षण का नियम ।
ii. स्थिर संघटन का नियम ।
iii. रेडियोधर्मिता का नियम ।
iv. बहु अनुपात का नियम ।
(क) i, ii और iii (ख) ii, iii और iv (ग) i, iii और iv (घ) i, ii और iv
- ✔ Official answer: (घ) i, ii और iv — डाल्टन का परमाणु सिद्धांत द्रव्यमान संरक्षण, स्थिर संघटन और बहु अनुपात के नियमों की व्याख्या करता है, जबकि रेडियोधर्मिता नाभिकीय घटना है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct and statement-based questions on atomic models (Thomson, Rutherford, Dalton), subatomic particle discoverers, isotopes/isobars, and periodic table trends (atomic radius, ionization potential).
Do not confuse
- ✘ प्रोटॉन की खोज बनाम नामकरण: एनोड किरणों के रूप में खोज ई. गोल्डस्टीन (1886) ने की थी, जबकि प्रोटॉन का नामकरण और नाभिकीय कण के रूप में पहचान रदरफोर्ड ने की।
- ✘ समस्थानिक बनाम समभारिक: समस्थानिक (Isotopes) में परमाणु क्रमांक समान होता है, जबकि समभारिक (Isobars) में कुल द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- ✘ आवर्त नियम का आधार: मेंडलीव का आवर्त नियम परमाणु द्रव्यमान पर आधारित था, जबकि मोसले का आधुनिक आवर्त नियम परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
💡 ईंट पर नाच (ई = इलेक्ट्रॉन - थॉमसन, प = प्रोटॉन - रदरफोर्ड/गोल्डस्टीन, ना = न्यूट्रॉन - चैडविक)
Types of Chemical Reactions
Chemical reactions involve the breaking of old atomic bonds and formation of new ones to yield new substances. The main types include combination (reactants joining), decomposition (a compound breaking down), single displacement, and double displacement reactions. Based on oxygen or electron transfer, reactions are categorized as oxidation or reduction (redox). Reactions releasing heat are termed exothermic, while those absorbing heat are endothermic. BPSC frequently asks conceptual and application-based questions on exothermic processes, displacement reactions, and daily redox examples.
Key facts
- In a combination reaction, two or more reactants combine to form a single product, such as quicklime (CaO) reacting with water.
- In a decomposition reaction, a single compound breaks down into two or more simpler substances (e.g., heating CaCO₃ to form CaO and CO₂).
- In a displacement reaction, a more reactive element displaces a less reactive element from its compound solution.
- In a double displacement reaction, exchange of ions occurs between two compounds, often forming an insoluble precipitate.
- Oxidation involves the gain of oxygen, loss of hydrogen, or loss of electrons.
- Reduction involves the gain of hydrogen, loss of oxygen, or gain of electrons.
- A redox reaction is one in which oxidation and reduction occur simultaneously.
- An exothermic reaction releases energy or heat, such as combustion of natural gas and human respiration.
- An endothermic reaction absorbs heat from surroundings, such as photosynthesis and melting of ice.
- Dilution of concentrated sulfuric acid (H₂SO₄) in water is a highly exothermic process.
- The reaction between an acid and a base to produce salt and water is called a neutralization reaction.
- Rusting of iron is an example of a slow redox (oxidation) reaction.
Table
- अभिक्रिया का प्रकार: संयोजन (Combination) · प्रमुख विशेषता: दो या अधिक अभिकारक मिलकर 1 उत्पाद बनाते हैं · रासायनिक उदाहरण: CaO + H₂O → Ca(OH)₂ + ऊष्मा
- अभिक्रिया का प्रकार: वियोजन (Decomposition) · प्रमुख विशेषता: एक यौगिक दो या अधिक पदार्थों में टूटता है · रासायनिक उदाहरण: 2FeSO₄ → Fe₂O₃ + SO₂ + SO₃
- अभिक्रिया का प्रकार: विस्थापन (Displacement) · प्रमुख विशेषता: अधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय तत्व को हटाता है · रासायनिक उदाहरण: Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
- अभिक्रिया का प्रकार: द्वि-विस्थापन (Double Displacement) · प्रमुख विशेषता: अभिकारकों के आयनों का आदान-प्रदान (अवक्षेपण) · रासायनिक उदाहरण: Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
- अभिक्रिया का प्रकार: ऊष्माक्षेपी (Exothermic) · प्रमुख विशेषता: अभिक्रिया में ऊष्मा/ऊर्जा मुक्त होती है · रासायनिक उदाहरण: श्वसन, प्राकृतिक गैस का दहन
- अभिक्रिया का प्रकार: ऊष्माशोषी (Endothermic) · प्रमुख विशेषता: अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण होता है · रासायनिक उदाहरण: प्रकाश संश्लेषण, CaCO₃ का अपघटन
Practice questions (solved)
- Q 12: निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया का उदाहरण है?
(क) जल का वाष्पीकरण (ख) कपूर का उर्ध्वपातन (ग) बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया (घ) प्रकाश संश्लेषण
- ✔ Answer: (ग) बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया — बिना बुझे चूने (CaO) में जल मिलाने पर अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा बाहर निकलती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
- Q 13: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के नीले घोल में डुबोया जाता है, तो घोल का रंग बदलकर हरा हो जाता है। यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?
(क) संयोजन अभिक्रिया (ख) विस्थापन अभिक्रिया (ग) अपघटन अभिक्रिया (घ) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया
- ✔ Answer: (ख) विस्थापन अभिक्रिया — लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील होने के कारण कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर फेरस सल्फेट (हरा रंग) बनाता है।
- Q 14: ऑक्सीकरण (उपचयन) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है।
2. इसमें इलेक्ट्रॉनों का लाभ (Gain) होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — ऑक्सीकरण में ऑक्सीजन का योग होता है लेकिन इलेक्ट्रॉनों का ह्रास (हानि) होता है, लाभ अपचयन में होता है।
- Q 15: मानव शरीर में भोजन का पचना और श्वसन (Respiration) प्रक्रिया किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया के उदाहरण हैं?
(क) क्रमशः वियोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (ख) क्रमशः संयोजन और ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (ग) दोनों केवल ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ हैं (घ) दोनों केवल विस्थापन अभिक्रियाएँ हैं
- ✔ Answer: (क) क्रमशः वियोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ — पाचन में जटिल भोजन सरल पदार्थों में टूटता है (वियोजन) और श्वसन से ऊर्जा मुक्त होती है (ऊष्माक्षेपी)।
- Q 16: सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के विलयनों को मिलाने पर सफेद अवक्षेप बनता है। यह अभिक्रिया कहलाती है:
(क) संयोजन अभिक्रिया (ख) विस्थापन अभिक्रिया (ग) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (घ) उदासीनीकरण अभिक्रिया
- ✔ Answer: (ग) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया — इस अभिक्रिया में दोनों यौगिकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, जिससे अघुलनशील BaSO₄ का अवक्षेप बनता है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 50] निम्नलिखित में से कौन-सी उष्माक्षेपी प्रक्रियाएँ है ?
i. पानी का वाष्पीकरण ।
ii. सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का तनुकरण ।
iii. बिना बूझे चूने के साथ पानी की प्रतिक्रिया ।
iv. कपूर (क्रिस्टल) का उर्ध्वपातन ।
(क) ii और iii (ख) iii और iv (ग) i और ii (घ) i और iv
- ✔ Official answer: (क) ii और iii — सल्फ्यूरिक अम्ल का तनुकरण और बिना बुझे चूने की जल से अभिक्रिया दोनों अत्यधिक ऊष्मा मुक्त करती हैं, इसलिए ये ऊष्माक्षेपी प्रक्रियाएं हैं।
How it is asked
BPSC asks direct example-based questions on chemical reaction types, focusing on exothermic/endothermic processes, displacement reactions, and everyday chemical transformations.
Do not confuse
- ✘ संयोजन बनाम वियोजन: संयोजन में दो या अधिक पदार्थ जुड़कर 1 उत्पाद बनाते हैं, जबकि वियोजन में 1 पदार्थ टूटकर कई उत्पाद बनाता है।
- ✘ ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन: छात्र अक्सर भूलते हैं कि 'ऑक्सीकरण = इलेक्ट्रॉन की हानि (Loss)' और 'अपचयन = इलेक्ट्रॉन का लाभ (Gain)' होता है।
💡 OIL RIG याद रखें: Oxidation Is Loss (ऑक्सीकरण में इलेक्ट्रॉन घटता है), Reduction Is Gain (अपचयन में इलेक्ट्रॉन बढ़ता है)।
Acids, Bases, Salts, pH Scale and Indicators
Acids are substances that produce hydrogen ions (H+) in an aqueous solution and taste sour, whereas bases produce hydroxide ions (OH-) in solution and feel slippery with a bitter taste. When acids and bases react with each other, they form salt and water in a process known as neutralization. The pH scale, ranging from 0 to 14, is used to quantify the acidity or basicity of a solution, where 7 represents neutrality. Indicators such as litmus paper, phenolphthalein, and methyl orange are utilized to detect whether a solution is acidic or basic through distinct color changes. In daily human physiology, gastric juice secretes hydrochloric acid for digestion, and acid-base chemistry plays an essential role in everyday applications ranging from ant stings to antacids.
Key facts
- The pH scale was introduced in 1909 by Danish chemist S. P. L. Sorensen.
- A pH of 7 represents a neutral solution (like pure water), less than 7 indicates an acidic solution, and greater than 7 indicates a basic solution.
- The normal pH range of human blood is slightly basic, between 7.35 and 7.45.
- Hydrochloric acid (HCl) is secreted in gastric juice of the human stomach with a pH of approximately 1.5 to 3.5.
- The pH of a 0.1 N HCl solution is approximately 1.0 [pH = -log(0.1) = 1].
- When the pH of rainwater drops below 5.6, it is classified as acid rain.
- Ant and nettle stings contain methanoic acid (formic acid), neutralized by baking soda or calamine.
- Vinegar contains a 5% to 8% solution of acetic acid (ethanoic acid).
- Lemons and oranges contain citric acid, tamarind and grapes contain tartaric acid, and tomatoes contain oxalic acid.
- Lactic acid is present in curd and sour milk.
- Blue litmus paper turns red in acidic medium, while red litmus paper turns blue in basic medium.
- Phenolphthalein indicator remains colorless in an acidic medium and turns pink in a basic medium.
- Methyl orange indicator turns red in an acidic solution and yellow in a basic solution.
- Soda-acid fire extinguishers use sodium bicarbonate and dilute sulfuric acid to generate carbon dioxide gas.
- Tooth enamel begins to corrode when the pH of the mouth drops below 5.5.
Table
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: सिरका (Vinegar) · उपस्थित अम्ल / क्षार: एसीटिक अम्ल (Ethanoic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 2.4 - 3.4 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: नींबू एवं संतरा · उपस्थित अम्ल / क्षार: सिट्रिक अम्ल (Citric acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 2.2 - 2.5 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: इमली एवं कच्चा आम · उपस्थित अम्ल / क्षार: टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: अम्लीय
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: टमाटर · उपस्थित अम्ल / क्षार: ऑक्जेलिक अम्ल (Oxalic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 4.0 - 4.4 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: दही / खट्टा दूध · उपस्थित अम्ल / क्षार: लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 4.5 - 5.5 (अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: चींटी / बिच्छू का डंक · उपस्थित अम्ल / क्षार: मेथेनॉइक अम्ल (फॉर्मिक अम्ल) · सामान्य pH मान / प्रकृति: तीव्र अम्लीय जलनकारक
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: आमाशय रस (Gastric juice) · उपस्थित अम्ल / क्षार: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 1.5 - 3.5 (प्रबल अम्लीय)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: मानव रक्त · उपस्थित अम्ल / क्षार: हल्का क्षारीय बफर · सामान्य pH मान / प्रकृति: 7.35 - 7.45
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: शुद्ध जल (Neutral water) · उपस्थित अम्ल / क्षार: उदासीन · सामान्य pH मान / प्रकृति: 7.0 (25°C पर)
- प्राकृतिक स्रोत / पदार्थ: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया · उपस्थित अम्ल / क्षार: मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)2] · सामान्य pH मान / प्रकृति: लगभग 10.5 (एंटासिड क्षार)
Practice questions (solved)
- Q 17: निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल टमाटर में मुख्य रूप से पाया जाता है?
(क) एसीटिक अम्ल (ख) टार्टरिक अम्ल (ग) ऑक्जेलिक अम्ल (घ) लैक्टिक अम्ल
- ✔ Answer: (ग) ऑक्जेलिक अम्ल — टमाटर में मुख्य रूप से ऑक्जेलिक अम्ल और मैलिक अम्ल पाया जाता है।
- Q 18: फेनोल्फथलीन सूचक क्षारीय विलयन में कैसा रंग देता है?
(क) पीला (ख) गुलाबी (ग) लाल (घ) रंगहीन
- ✔ Answer: (ख) गुलाबी — फेनोल्फथलीन क्षार के संपर्क में गुलाबी रंग देता है जबकि अम्ल में यह रंगहीन रहता है।
- Q 19: मानव रक्त के सामान्य pH मान की परास (रेंज) क्या है?
(क) 6.0 - 6.5 (ख) 7.35 - 7.45 (ग) 8.0 - 8.5 (घ) 5.0 - 5.5
- ✔ Answer: (ख) 7.35 - 7.45 — मानव रक्त थोड़ा क्षारीय होता है और इसका सामान्य pH मान 7.35 से 7.45 के मध्य बना रहता है।
- Q 20: चींटी के काटने पर त्वचा में जलन किस अम्ल के स्राव के कारण होती है?
(क) फॉर्मिक अम्ल (ख) नाइट्रिक अम्ल (ग) सल्फ्यूरिक अम्ल (घ) सिट्रिक अम्ल
- ✔ Answer: (क) फॉर्मिक अम्ल — चींटी और मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक अम्ल (मेथेनॉइक अम्ल) उपस्थित होता है।
- Q 21: दंत क्षय तब प्रारंभ होता है जब मुँह का pH मान कितने से कम हो जाता है?
(क) 6.5 (ख) 7.0 (ग) 5.5 (घ) 8.0
- ✔ Answer: (ग) 5.5 — मुँह का pH 5.5 से नीचे गिरने पर दाँतों की बाह्य परत (इनेमल) का क्षरण होने लगता है।
- Q 22: अम्ल वर्षा (Acid rain) के जल का pH मान सामान्यतः कितना होता है?
(क) 5.6 से कम (ख) 7.0 से अधिक (ग) 8.5 से अधिक (घ) 6.5 से 7.0 के मध्य
- ✔ Answer: (क) 5.6 से कम — जब वर्षा जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 131] 0.1 एन HCl समाधान का पीएच मान है लगभग :
(क) 1.0 (ख) 11.0 (ग) 10 (घ) 2.0
- ✔ Official answer: (क) 1.0 — 0.1 N HCl पूर्णतः वियोजित होकर [H+] = 0.1 M देता है, अतः pH = -log(10^-1) = 1.0 होता है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 93] निम्नलिखित में से कौन-सा सोडा अम्ल अग्निशामक का घटक है ?
(क) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम कार्बोनेट (ख) सान्द्र. सल्फ्यूरिक अम्ल और एल्यूमीनियम सल्फेट (ग) सान्द्र. सल्फ्यूरिक अम्ल और सोडियम कार्बोनेट विलयन (घ) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और बाइकार्बोनेट विलयन
- ✔ Official answer: (घ) तनु. सल्फ्यूरिक अम्ल और बाइकार्बोनेट विलयन — सोडा-अम्ल अग्निशामक में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया सोडियम बाइकार्बोनेट विलयन से कराकर CO2 गैस उत्पन्न की जाती है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 13] निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल पेट में स्रावित होता है ?
(क) नाइट्रिक अम्ल (ख) सल्फ्यूरिक अम्ल (ग) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (घ) फॉस्फोरिक अम्ल
- ✔ Official answer: (ग) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल — मानव आमाशय की जठर ग्रंथियों से भोजन के पाचन एवं रोगाणुनाशन के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है।
How it is asked
In BPSC CCE and Bihar Police exams, questions are regularly asked on naturally occurring acids in daily items (vinegar, tamarind, ant stings), indicator color transitions, typical pH values of biological fluids, and acid-base neutralizing components in everyday life.
Do not confuse
- ✘ छात्र सिरके (एसीटिक अम्ल) और चींटी के डंक (मेथेनॉइक/फॉर्मिक अम्ल) के रासायनिक नामों में अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ मिथाइल ऑरेंज और फेनोल्फथलीन के रंग परिवर्तन में भ्रम: फेनोल्फथलीन अम्ल में रंगहीन और क्षार में गुलाबी होता है, जबकि मिथाइल ऑरेंज अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है।
- ✘ अम्ल वर्षा का कट-ऑफ pH मान 5.6 होता है, इसे छात्र सामान्य जल के उदासीन मान (7.0) से भ्रमित कर बैठते हैं।
💡 अम्ल के लिटमस रंग के लिए 'अ-नि-ला' याद रखें: अ = अम्ल, नि = नीले लिटमस को, ला = लाल कर देता है।
Common Chemical Names and Formulas (Baking Soda, Bleaching Powder, Plaster of Paris)
Many inorganic compounds used in daily life and industrial applications possess common commercial names distinct from their scientific nomenclature. Baking soda (sodium bicarbonate) is widely used in baking and fire extinguishers to release carbon dioxide. Washing soda (sodium carbonate decahydrate) contains ten molecules of water of crystallization and is used for cleaning and removing permanent hardness of water. Bleaching powder (calcium oxychloride) is produced by the action of chlorine gas on dry slaked lime and acts as a strong disinfectant and bleaching agent. Gypsum on controlled heating at 373 K loses water to form Plaster of Paris (calcium sulphate hemihydrate), which hardens upon rehydration. Understanding these formulas, synthesis, and water of crystallization is essential for state civil service examinations.
Key facts
- The chemical name of baking soda is sodium hydrogen carbonate or sodium bicarbonate (NaHCO₃).
- The chemical formula of washing soda is Na₂CO₃·10H₂O (sodium carbonate decahydrate).
- The chemical formula of bleaching powder is CaOCl₂ (calcium oxychloride / hypochlorite).
- Bleaching powder is synthesized by passing chlorine gas over dry slaked lime [Ca(OH)₂].
- The chemical formula of Plaster of Paris is CaSO₄·½H₂O (calcium sulphate hemihydrate).
- The chemical formula of gypsum is CaSO₄·2H₂O (calcium sulphate dihydrate).
- Plaster of Paris is obtained by heating gypsum at a controlled temperature of 373 K (100°C).
- Quicklime is chemically known as calcium oxide (CaO).
- Slaked lime is chemically known as calcium hydroxide [Ca(OH)₂].
- Blue vitriol is chemically copper sulphate pentahydrate (CuSO₄·5H₂O).
- Green vitriol refers to ferrous sulphate heptahydrate (FeSO₄·7H₂O).
- Caustic soda is chemically known as sodium hydroxide (NaOH).
- Laughing gas is chemically known as nitrous oxide (N₂O).
- Marble, chalk, and limestone share the same chemical formula: calcium carbonate (CaCO₃).
Table
- व्यापारिक नाम: बेकिंग सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट · रासायनिक सूत्र: NaHCO₃ · प्रमुख उपयोग: बेकिंग पाउडर निर्माण, एंटासिड, अग्निशामक
- व्यापारिक नाम: धावन सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: Na₂CO₃·10H₂O · प्रमुख उपयोग: कांच/साबुन उद्योग, जल की स्थायी कठोरता दूर करना
- व्यापारिक नाम: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) · रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड · रासायनिक सूत्र: CaOCl₂ · प्रमुख उपयोग: जल रोगाणुनाशन, वस्त्र उद्योग में विरंजन
- व्यापारिक नाम: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) · रासायनिक नाम: कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CaSO₄·½H₂O · प्रमुख उपयोग: टूटी हड्डियों को जोड़ना, मूर्तियां, खिलौने
- व्यापारिक नाम: जिप्सम · रासायनिक नाम: कैल्शियम सल्फेट डाइहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CaSO₄·2H₂O · प्रमुख उपयोग: सीमेंट की सैटिंग धीमी करना, POP का निर्माण
- व्यापारिक नाम: बिना बुझा चूना (क्विक लाइम) · रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्साइड · रासायनिक सूत्र: CaO · प्रमुख उपयोग: सीमेंट निर्माण, सफेदी बनाने में
- व्यापारिक नाम: बुझा हुआ चूना (स्लेक्ड लाइम) · रासायनिक नाम: कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड · रासायनिक सूत्र: Ca(OH)₂ · प्रमुख उपयोग: दीवारों पर सफेदी, विरंजक चूर्ण बनाना
- व्यापारिक नाम: नीला थोथा · रासायनिक नाम: कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट · रासायनिक सूत्र: CuSO₄·5H₂O · प्रमुख उपयोग: कवकनाशी (Fungicide), विद्युत लेपन
- व्यापारिक नाम: कास्टिक सोडा · रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रॉक्साइड · रासायनिक सूत्र: NaOH · प्रमुख उपयोग: साबुन, अपमार्जक और कागज उद्योग
Practice questions (solved)
- Q 23: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का सही रासायनिक सूत्र निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(क) CaSO₄·2H₂O (ख) CaSO₄·½H₂O (ग) CaSO₄·H₂O (घ) 2CaSO₄·H₂O
- ✔ Answer: (ख) CaSO₄·½H₂O — प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट का अर्ध-हाइड्रेट (CaSO₄·½H₂O) होता है।
- Q 24: खाने का सोडा (बेकिंग सोडा) का रासायनिक नाम क्या है?
(क) सोडियम कार्बोनेट (ख) सोडियम सल्फेट (ग) सोडियम बाइकार्बोनेट (घ) कैल्शियम बाइकार्बोनेट
- ✔ Answer: (ग) सोडियम बाइकार्बोनेट — बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है।
- Q 25: ब्लीचिंग पाउडर तैयार करने के लिए बुझे हुए चूने पर किस गैस की अभिक्रिया कराई जाती है?
(क) ऑक्सीजन (ख) नाइट्रोजन (ग) हाइड्रोजन (घ) क्लोरीन
- ✔ Answer: (घ) क्लोरीन — शुष्क बुझे चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करने से ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) बनता है।
- Q 26: धावन सोडा (Washing Soda) के एक अणु में क्रिस्टलन जल के कितने अणु उपस्थित होते हैं?
(क) 5 (ख) 7 (ग) 10 (घ) 2
- ✔ Answer: (ग) 10 — धावन सोडा का सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है, जिसमें क्रिस्टलन जल के 10 अणु होते हैं।
- Q 27: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. नीला थोथा - CuSO₄·5H₂O
2. जिप्सम - CaSO₄·2H₂O
3. बिना बुझा चूना - Ca(OH)₂
उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (क) केवल 1 और 2 — बिना बुझा चूना CaO होता है, जबकि Ca(OH)₂ बुझा हुआ चूना कहलाता है; अतः कथन 1 और 2 सही हैं।
- Q 28: अग्निशामक यंत्रों एवं प्रति-अम्ल (Antacid) के संघटक के रूप में किसका उपयोग किया जाता है?
(क) विरंजक चूर्ण (ख) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (ग) कैल्शियम कार्बोनेट (घ) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- ✔ Answer: (ख) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट — सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (बेकिंग सोडा) एक दुर्बल क्षारक है, जो एंटासिड और सोडा-एसिड अग्निशामक में प्रयुक्त होता है।
How it is asked
BPSC frequently tests candidates on commercial names, exact chemical formulas, the number of water molecules of crystallization, and match-the-column questions combining substances with their common applications.
Do not confuse
- ✘ बेकिंग सोडा (NaHCO₃ - बाइकार्बोनेट) और धावन सोडा (Na₂CO₃·10H₂O - कार्बोनेट) में भ्रम होना। 'B' से Baking और 'B' से Bicarbonate याद रखें।
- ✘ जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) और प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) में जल के अणुओं की संख्या का उलटना।
- ✘ बिना बुझा चूना (Quick lime = CaO) तथा बुझा हुआ चूना (Slaked lime = Ca(OH)₂) के रासायनिक सूत्रों में अंतर न समझ पाना।
💡 'बाई (Bi) जी खाना बनाती हैं' - इसलिए 'Bicarbonate' (NaHCO₃) खाने का सोडा है और सामान्य 'Carbonate' कपड़े धोने का सोडा है।
Quick revision
- Matter exists in five states: solid, liquid, gas, plasma, and Bose-Einstein Condensate (BEC).
- Sublimation is the phase transition directly from solid to gas without entering the liquid phase (e.g., camphor, ammonium chloride, naphthalene).
- The atomic nucleus contains protons and neutrons (nucleons), while negatively charged electrons revolve around the nucleus in defined orbits.
- Isotopes are atoms of the same element having the same atomic number but different mass numbers (e.g., C-12, C-14; Cobalt-60 is used in cancer therapy).
- Across a period from left to right in the modern periodic table, atomic radius decreases while electronegativity and ionization energy increase.
- Oxidation involves the loss of electrons (increase in oxidation state), whereas reduction involves the gain of electrons (decrease in oxidation state).
- Acids turn blue litmus red and have a pH less than 7 (e.g., acetic acid in vinegar, methanoic acid in ant sting).
- Bases turn red litmus blue, turn phenolphthalein pink, and have a pH greater than 7.
- Baking soda is chemically sodium bicarbonate (NaHCO3), widely used in baking, fire extinguishers, and as an antacid.
- Washing soda is sodium carbonate decahydrate (Na2CO3.10H2O), used for softening permanent hardness of water.
- Bleaching powder is calcium oxychloride (CaOCl2), widely used as a disinfectant and bleaching agent.
- Plaster of Paris (POP) is calcium sulfate hemihydrate (CaSO4.1/2H2O), produced by heating gypsum (CaSO4.2H2O) at 373 K.