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BPSC CCEबिहार विशेषबिहार की कला और संस्कृति: मौर्य और पाल कला
Art and Culture of Bihar: Mauryan and Pala Art
बीपीएससी परीक्षा में बिहार की कला और संस्कृति से हर साल प्रश्न पूछे जाते हैं। यह विषय मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है।
मौर्य कला
- मौर्य काल में पत्थर की नक्काशी का विकास हुआ।
- अशोक के स्तंभ मौर्य कला का सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं।
- इन स्तंभों पर चमकदार पॉलिश (चमकदार सतह) की गई थी।
- मौर्यकालीन मूर्तियों में यक्ष और यक्षिणी की मूर्तियां प्रसिद्ध हैं।
- राजप्रासाद (महल) निर्माण में लकड़ी का व्यापक उपयोग किया गया था।
पाल कला
- पाल शासकों के समय बिहार में मूर्तिकला और चित्रकला का विकास हुआ।
- पाल मूर्तियों में काले पत्थर (बेसाल्ट) का उपयोग किया गया था।
- ये मूर्तियां अक्सर बौद्ध धर्म से संबंधित हैं।
- नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय पाल कला के केंद्र थे।
- पाल चित्रकला मुख्य रूप से ताड़ के पत्तों पर बनी पांडुलिपियों (हस्तलिखित ग्रंथों) में देखी जाती है।
अपने आप को जाँचिए — 5 प्रश्न
1. मौर्यकालीन स्तंभों की मुख्य विशेषता क्या थी?
- (क) लाल बलुआ पत्थर का उपयोग
- (ख) अत्यधिक चमकदार पॉलिश
- (ग) जटिल नक्काशीदार आधार
- (घ) धातु की परत का प्रयोग
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) अत्यधिक चमकदार पॉलिश
मौर्यकालीन स्तंभों की सबसे बड़ी पहचान उनकी चमकदार पॉलिश है।
2. पालकालीन मूर्तिकला में किस सामग्री का सबसे अधिक उपयोग किया गया?
- (क) सफेद संगमरमर
- (ख) लाल बलुआ पत्थर
- (ग) काला बेसाल्ट पत्थर
- (घ) टेराकोटा
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) काला बेसाल्ट पत्थर
पाल मूर्तिकला अपनी काले बेसाल्ट पत्थर की बनावट के लिए जानी जाती है।
3. मौर्यकालीन वास्तुकला में लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कहाँ देखा गया?
- (क) स्तूपों के निर्माण में
- (ख) राजप्रासाद के निर्माण में
- (ग) गुफाओं की नक्काशी में
- (घ) स्तंभों के शीर्ष में
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) राजप्रासाद के निर्माण में
मौर्यकालीन महलों के निर्माण में लकड़ी का व्यापक उपयोग किया गया था।
4. पाल चित्रकला का मुख्य आधार क्या था?
- (क) दीवारें
- (ख) ताड़ के पत्ते
- (ग) कपड़ा
- (घ) मिट्टी के बर्तन
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) ताड़ के पत्ते
पाल चित्रकला मुख्य रूप से ताड़ के पत्तों पर लिखी पांडुलिपियों में मिलती है।
5. मौर्य और पाल कला के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- (क) मौर्य कला केवल बौद्ध थी
- (ख) पाल कला में पत्थर का उपयोग नहीं था
- (ग) मौर्य कला राजकीय संरक्षण में थी
- (घ) पाल कला केवल हिंदू धर्म पर आधारित थी
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) मौर्य कला राजकीय संरक्षण में थी
मौर्य कला मुख्य रूप से सम्राटों के संरक्षण में विकसित हुई थी।
English version — Art and Culture of Bihar: Mauryan and Pala Art
Questions on Bihar's art and culture appear every year in the BPSC exam. This topic is crucial for the Mains exam as it defines the historical identity of Bihar.
Mauryan Art
- Stone carving flourished during the Mauryan period.
- Ashokan pillars are the finest examples of Mauryan art.
- These pillars featured a distinct mirror-like polish on the surface.
- Yaksha and Yakshini statues are famous examples of Mauryan sculpture.
- Wood was extensively used in the construction of royal palaces.
Pala Art
- Sculpture and painting developed in Bihar under the Pala rulers.
- Pala sculptures were primarily carved from black basalt stone.
- These sculptures are mostly associated with Buddhist themes.
- Universities like Nalanda and Vikramshila were major hubs for Pala art.
- Pala painting is mainly found in manuscripts written on palm leaves.