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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

ज्यामिति: वृत्त

Geometry: Circles

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

SSC CGL, CHSL, CPO और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के Tier-1 तथा Tier-2 में वृत्त (Circles) से लगभग 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह अध्याय प्रमेयों (Theorems) और सीधे सूत्रों पर आधारित होता है, इसलिए इसमें पूरे अंक प्राप्त करना बहुत आसान होता है। अवधारणाओं और प्रमेयों को समझकर प्रश्नों को बहुत ही कम समय में हल किया जा सकता है।

जीवा के गुणधर्म: केंद्र से लम्ब, समान जीवाएँ और केंद्र से दूरी

वृत्त के केंद्र से किसी जीवा (Chord) पर डाला गया लम्ब उस जीवा को दो बराबर भागों में समद्विभाजित (bisect) करता है। इससे केंद्र, लम्ब-पाद (foot of perpendicular) और जीवा के एक सिरे को मिलाने पर एक समकोण त्रिभुज (Right-angled triangle) बनता है। इस समकोण त्रिभुज में वृत्त की त्रिज्या (r) कर्ण (hypotenuse) होती है, केंद्र से जीवा की दूरी (d) लम्ब होती है और जीवा की आधी लंबाई (L/2) आधार होती है। समान लंबाई की जीवाएँ वृत्त के केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं। परीक्षा में जब भी जीवा की लंबाई, त्रिज्या या केंद्र से दूरी में से कोई दो मान दिए हों, तो हमेशा पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग किया जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 r² = d² + (L / 2)² — जब वृत्त की त्रिज्या (r), केंद्र से जीवा की दूरी (d), या जीवा की लंबाई (L) में से कोई दो मान ज्ञात हों और तीसरा मान निकालना हो।

त्रिज्या (r) = 10 सेमी

जीवा की लंबाई (L) = 16 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = L / 2 = 16 / 2 = 8 सेमी

समकोण त्रिभुज में: r² = d² + (L/2)²

10² = d² + 8²

100 = d² + 64

d² = 100 - 64 = 36

d = √36 = 6 सेमी

केंद्र से दूरी (d) = 5 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

त्रिज्या (r) = √(d² + (L/2)²)

r = √(5² + 12²)

r = √(25 + 144) = √169

r = 13 सेमी

📐 केंद्र के एक ही ओर समानांतर जीवाएँ: दूरी = |d₁ - d₂| ; केंद्र के विपरीत ओर समानांतर जीवाएँ: दूरी = d₁ + d₂ — जब एक ही वृत्त में दो समानांतर जीवाओं के बीच की दूरी ज्ञात करनी हो, जहाँ d₁ और d₂ दोनों जीवाओं की केंद्र से लंबवत दूरियाँ हैं।

पहली जीवा की आधी लंबाई = 12 / 2 = 6 सेमी

पहली जीवा की केंद्र से दूरी d₁ = √(10² - 6²) = √(100 - 36) = √64 = 8 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 16 / 2 = 8 सेमी

दूसरी जीवा की केंद्र से दूरी d₂ = √(10² - 8²) = √(100 - 64) = √36 = 6 सेमी

चूँकि दोनों केंद्र के विपरीत दिशा में हैं: दूरी = d₁ + d₂

दूरी = 8 + 6 = 14 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 10 / 2 = 5 सेमी

दूरी d₁ = √(13² - 5²) = √(169 - 25) = √144 = 12 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

दूरी d₂ = √(13² - 12²) = √(169 - 144) = √25 = 5 सेमी

जीवाएँ केंद्र के एक ही ओर हैं: दूरी = d₁ - d₂

दूरी = 12 - 5 = 7 सेमी

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

त्रिज्या r = 17 सेमी, दूरी d = 8 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = √(r² - d²)

आधी लंबाई = √(17² - 8²) = √(289 - 64)

आधी लंबाई = √225 = 15 सेमी

जीवा की कुल लंबाई = 2 × 15 = 30 सेमी

त्रिज्या r = 25 सेमी

जीवा की कुल लंबाई = 48 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = 48 / 2 = 24 सेमी

केंद्र से दूरी d = √(r² - (L/2)²)

d = √(25² - 24²) = √(625 - 576)

d = √49 = 7 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 18 / 2 = 9 सेमी

केंद्र से पहली दूरी d₁ = √(15² - 9²) = √(225 - 81) = √144 = 12 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

केंद्र से दूसरी दूरी d₂ = √(15² - 12²) = √(225 - 144) = √81 = 9 सेमी

जीवाएँ केंद्र के एक ही ओर हैं, अतः दूरी = d₁ - d₂

दूरी = 12 - 9 = 3 सेमी

त्रिज्या r = व्यास / 2 = 34 / 2 = 17 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 16 / 2 = 8 सेमी

दूरी d₁ = √(17² - 8²) = √(289 - 64) = √225 = 15 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 30 / 2 = 15 सेमी

दूरी d₂ = √(17² - 15²) = √(289 - 225) = √64 = 8 सेमी

जीवाएँ विपरीत ओर हैं, अतः बीच की दूरी = d₁ + d₂

दूरी = 15 + 8 = 23 सेमी

नियम: एक वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ लंबाई में समान होती हैं।

केंद्र से जीवा AB की दूरी = 6 सेमी

केंद्र से जीवा CD की दूरी = 6 सेमी

चूँकि दोनों जीवाएँ केंद्र से समदूरस्थ (equidistant) हैं

अतः जीवा CD = जीवा AB = 16 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 6 / 2 = 3 सेमी, दूसरी की = 8 / 2 = 4 सेमी

मान लेते हैं केंद्र से दूरियाँ d₁ और d₂ हैं, d₁ + d₂ = 7

r² = d₁² + 3² और r² = d₂² + 4²

d₁² + 9 = d₂² + 16 ⇒ d₁² - d₂² = 7

(d₁ + d₂)(d₁ - d₂) = 7 ⇒ 7(d₁ - d₂) = 7 ⇒ d₁ - d₂ = 1

d₁ = (7 + 1) / 2 = 4 सेमी

r = √(d₁² + 3²) = √(4² + 3²) = √(16 + 9) = √25 = 5 सेमी

जीवा AB की आधी लंबाई = 40 / 2 = 20 सेमी

जीवा CD की आधी लंबाई = 48 / 2 = 24 सेमी

मान लेते हैं CD की केंद्र से दूरी d है, तो AB की दूरी = d + 4

r² = (d + 4)² + 20² तथा r² = d² + 24²

(d² + 8d + 16) + 400 = d² + 576

8d + 416 = 576 ⇒ 8d = 160 ⇒ d = 20 सेमी

त्रिज्या r = √(20² + 24²) = √(400 + 576) = √976 = 4√61 सेमी

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD में इस सब-टॉपिक से लगभग हर शिफ्ट में 1 प्रश्न पूछा जाता है। सबसे आम पैटर्न दो समानांतर जीवाओं के बीच की दूरी या जीवा की लंबाई देकर त्रिज्या निकालना होता है।

आम गलतियाँ

💡 पाइथागोरस ट्रिपलेट (3-4-5, 5-12-13, 8-15-17, 7-24-25) याद रखें। त्रिज्या हमेशा कर्ण होती है, जिससे दूरी या आधी जीवा मौखिक रूप से 2 सेकंड में निकल जाती है। केंद्र के विपरीत ओर होने पर दूरियाँ जुड़ती हैं (d₁ + d₂), एक ही ओर होने पर घटती हैं (|d₁ - d₂|)।

वृत्त के कोण गुण

वृत्त के एक ही चाप द्वारा केंद्र पर बनाया गया कोण, परिधि के किसी भी बिंदु पर बने कोण का दोगुना होता है। इसी प्रकार, एक ही वृत्तखंड (segment) में बने सभी कोण आपस में बराबर होते हैं क्योंकि वे एक ही चाप द्वारा बनाए जाते हैं। अर्धवृत्त (semicircle) में बना कोण हमेशा 90 डिग्री (समकोण) होता है क्योंकि व्यास केंद्र पर 180 डिग्री का कोण बनाता है। परीक्षा में इन गुणों को पहचानने के लिए जीवा (chord) या चाप (arc) के सिरों से निकलने वाली रेखाओं को देखें।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 ∠केंद्र = 2 × ∠परिधि — जब एक ही चाप द्वारा केंद्र और परिधि पर कोण बने हों

केंद्र पर बना कोण ∠AOB = 120° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 ∠ACB = 120° / 2 = 60°

परिधि पर बना कोण ∠PRQ = 45° केंद्र पर बना कोण = 2 × परिधि पर बना कोण ∠POQ = 2 × 45° = 90°

📐 ∠वृत्तखंड1 = ∠वृत्तखंड2 — जब एक ही जीवा या चाप द्वारा परिधि पर अलग-अलग कोण बने हों

एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं ∠ACB = 50° इसलिए ∠ADB = ∠ACB = 50°

एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं 2x + 10 = x + 30 2x - x = 30 - 10 x = 20

📐 अर्धवृत्त का कोण = 90° — जब वृत्त के व्यास (diameter) द्वारा परिधि पर कोण बनाया गया हो

व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण हमेशा समकोण होता है AB व्यास है इसलिए ∠ACB = 90°

अर्धवृत्त में बना कोण ∠PRQ = 90° त्रिभुज PQR में तीनों कोणों का योग = 180° ∠QPR = 180° - (90° + 40°) ∠QPR = 50°

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

केंद्र पर बना कोण ∠AOB = 110° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 ∠ACB = 110° / 2 = 55°

एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं ∠ACB = 42° इसलिए ∠ADB = ∠ACB = 42°

अर्धवृत्त में बना कोण ∠ACB = 90° त्रिभुज ABC में तीनों कोणों का योग = 180° ∠BAC + 35° + 90° = 180° ∠BAC = 180° - 125° = 55°

प्रतिवर्ती केंद्र कोण = 260° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 कोण = 260° / 2 = 130°

OA = OB (वृत्त की त्रिज्याएँ) इसलिए ΔOAB एक समद्विबाहु त्रिभुज है ∠OBA = ∠OAB = 40° ∠AOB = 180° - (40° + 40°) = 100° ∠ACB = ∠AOB / 2 = 100° / 2 = 50°

परिधि पर बना कोण ∠PRQ = 75° केंद्र पर बना कोण = 2 × परिधि पर बना कोण ∠POQ = 2 × 75° = 150°

एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं ∠CAD = ∠CBD 3x + 15 = x + 45 3x - x = 45 - 15 2x = 30 x = 15

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और MTS परीक्षाओं में इस उप-विषय से हर साल 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। यह वृत्त के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी गुणों में से एक है।

आम गलतियाँ

💡 चित्र में हमेशा त्रिज्याओं (radii) को खोजें, वे अक्सर समद्विबाहु त्रिभुज बनाती हैं जिससे अज्ञात कोण आसानी से मिल जाते हैं।

चक्रीय चतुर्भुज (सम्मुख कोण 180°)

एक ऐसा चतुर्भुज जिसके चारों शीर्ष (Vertices) एक वृत्त की परिधि पर स्थित होते हैं, चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral) कहलाता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके सम्मुख कोणों (Opposite angles) का योग हमेशा 180° होता है। यदि हम किसी एक भुजा को बाहर बढ़ाते हैं, तो बनने वाला बाह्य कोण अपने आंतरिक विपरीत कोण के बराबर होता है। परीक्षा में जब भी वृत्त के अंदर कोई चतुर्भुज दिखे, तो सबसे पहले उसके शीर्षों की जाँच करें।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 ∠A + ∠C = 180° और ∠B + ∠D = 180° — जब चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों में से एक दिया हो और दूसरा ज्ञात करना हो।

∠A + ∠C = 180°

105° + ∠C = 180°

∠C = 180° - 105°

∠C = 75°

∠B + ∠D = 180°

80° + ∠D = 180°

∠D = 180° - 80°

∠D = 100°

📐 बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण — जब चतुर्भुज की एक भुजा को बढ़ाया गया हो और बाह्य कोण या उसके विपरीत कोण की गणना करनी हो।

बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण

∠CBE = ∠ADC

70° = ∠ADC

बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण

∠CBX = ∠D

∠CBX = 110°

📐 AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD) — जब चक्रीय चतुर्भुज की चारों भुजाएँ और एक विकर्ण दिया हो और दूसरा विकर्ण ज्ञात करना हो (टॉलेमी प्रमेय)।

टॉलेमी प्रमेय: AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

6 × BD = (3 × 5) + (4 × 6)

6 × BD = 15 + 24

6 × BD = 39

BD = 39/6 = 6.5

AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

5 × BD = (2 × 4) + (3 × 5)

5 × BD = 8 + 15

5 × BD = 23

BD = 23/5 = 4.6

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

∠A + ∠C = 180°

(2x + 4) + (4x - 10) = 180

6x - 6 = 180

6x = 186

x = 31

चक्रीय चतुर्भुज का बाह्य कोण उसके आंतरिक विपरीत कोण के बराबर होता है।

∠CBE = ∠ADC

95° = ∠ADC

∠B + ∠ADC = 180°

∠B + 140° = 180° => ∠B = 40°

∠ACB = 90° (अर्धवृत्त में बना कोण)

ΔABC में: ∠BAC + ∠ACB + ∠ABC = 180°

∠BAC + 90° + 40° = 180°

∠BAC = 180° - 130° = 50°

AD || BC होने के कारण, ∠A + ∠B = 180° (सह-आंतरिक कोण)

70° + ∠B = 180°

∠B = 110°

टॉलेमी प्रमेय: AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

6 × BD = (3 × 5) + (4 × 6)

6 × BD = 15 + 24

6 × BD = 39

BD = 39/6 = 6.5

माना ∠A = 4x और ∠C = 5x

4x + 5x = 180°

9x = 180°

x = 20°

∠C = 5 × 20° = 100°

∠ABC + ∠ADC = 180°

∠ABC + 115° = 180° => ∠ABC = 65°

केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

∠AOC = 2 × ∠ABC

∠AOC = 2 × 65° = 130°

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD परीक्षाओं में चक्रीय चतुर्भुज से संबंधित प्रश्न बहुत बार पूछे जाते हैं। विशेष रूप से 'सम्मुख कोणों का योग 180°' और 'अर्धवृत्त में बना कोण' वाले पैटर्न सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।

आम गलतियाँ

💡 यदि किसी चक्रीय चतुर्भुज की दो भुजाएँ समानांतर हों, तो वह एक समद्विबाहु समलंब (Isosceles Trapezium) होता है और उसके विकर्ण बराबर होते हैं।

स्पर्श रेखाएँ: गुण, कोण और उभयनिष्ठ स्पर्श रेखाएँ

वृत्त के किसी बिंदु को केवल एक बिंदु पर छूने वाली रेखा स्पर्श रेखा (Tangent) कहलाती है। स्पर्श रेखा हमेशा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के साथ 90° का समकोण बनाती है। वृत्त के बाहर स्थित किसी बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाओं की लंबाइयाँ सदैव समान होती हैं। जब दो वृत्तों पर स्पर्श रेखाएँ खींची जाती हैं, तो उन्हें अनुस्पर्श (Direct) और अनुप्रस्थ (Transverse) स्पर्श रेखा कहते हैं, जिनके सूत्रों से SSC में बार-बार प्रश्न आते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 DCT = \sqrt{d^2 - (r_1 - r_2)^2} — जब दो वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी d तथा उनकी त्रिज्याएँ r1 और r2 दी हों और सीधी स्पर्श रेखा (DCT) की लंबाई पूछी जाए।

d = 13 सेमी, r1 = 8 सेमी, r2 = 3 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{13^2 - (8 - 3)^2}

DCT = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

d = 25 सेमी, r1 = 11 सेमी, r2 = 4 सेमी

DCT = \sqrt{25^2 - (11 - 4)^2}

DCT = \sqrt{625 - 49} = \sqrt{576} = 24 सेमी

📐 TCT = \sqrt{d^2 - (r_1 + r_2)^2} — जब दो वृत्तों की तिर्यक (अनुप्रस्थ) उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा (TCT) की लंबाई ज्ञात करनी हो।

d = 10 सेमी, r1 = 4 सेमी, r2 = 2 सेमी

TCT = \sqrt{10^2 - (4 + 2)^2}

TCT = \sqrt{100 - 36} = \sqrt{64} = 8 सेमी

d = 17 सेमी, r1 = 5 सेमी, r2 = 3 सेमी

TCT = \sqrt{17^2 - (5 + 3)^2}

TCT = \sqrt{289 - 64} = \sqrt{225} = 15 सेमी

📐 \angle BAT = \angle BCA (एकांतर वृत्तखंड प्रमेय) — जब स्पर्श रेखा और जीवा के बीच बना कोण दिया हो और एकांतर वृत्तखंड का कोण ज्ञात करना हो।

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय के अनुसार:

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण = एकांतर वृत्तखंड में बना कोण

\angle BAT = \angle ACB

\angle BAT = 65^\circ

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय से:

\angle QPT = \angle PRQ

\angle QPT = 50^\circ

📐 PA = PB तथा PT = \sqrt{OP^2 - r^2} — जब बाह्य बिंदु P से वृत्त पर दो स्पर्श रेखाएँ खींची जाएँ या स्पर्श रेखा की लंबाई पाइथागोरस प्रमेय से निकालनी हो।

OP = 13 सेमी, r = 5 सेमी

स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है, अतः \Delta OPT समकोण त्रिभुज है

PT = \sqrt{OP^2 - r^2}

PT = \sqrt{13^2 - 5^2} = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

OP = 25 सेमी, PT = 24 सेमी

r = \sqrt{OP^2 - PT^2}

r = \sqrt{25^2 - 24^2} = \sqrt{625 - 576} = \sqrt{49} = 7 सेमी

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

O वृत्त का केंद्र है, \Delta OAP समकोण त्रिभुज है (\angle OAP = 90^\circ)

OP कोण \angle APB का समद्विभाजक है, अतः \angle APO = 60^\circ / 2 = 30^\circ

\Delta OAP में, tan(30^\circ) = OA / PA

1/\sqrt{3} = 6 / PA

PA = 6\sqrt{3} सेमी

PA = PB होने से \Delta PAB समद्विबाहु त्रिभुज है

\angle PAB = (180^\circ - 80^\circ) / 2 = 50^\circ

हम जानते हैं कि OA \perp PA, अतः \angle OAP = 90^\circ

\angle OAB = \angle OAP - \angle PAB

\angle OAB = 90^\circ - 50^\circ = 40^\circ

कर्ण AC = \sqrt{6^2 + 8^2} = 10 सेमी

अंतःवृत्त की त्रिज्या r = (AB + BC - AC) / 2

r = (6 + 8 - 10) / 2 = 2 सेमी

शीर्ष B पर स्पर्श रेखाओं के साथ वर्ग बनता है जिसकी भुजा r होती है

केंद्र O से B की दूरी = \sqrt{r^2 + r^2} = \sqrt{2^2 + 2^2} = 2\sqrt{2} सेमी

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय से, \angle PRQ = \angle QPT' = 60^\circ

\Delta PQR में तीनों कोणों का योग = 180^\circ

\angle QPR + \angle PQR + \angle PRQ = 180^\circ

\angle QPR + 50^\circ + 60^\circ = 180^\circ

\angle QPR = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ

d = 17 सेमी, r1 = 11 सेमी, r2 = 3 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{17^2 - (11 - 3)^2}

DCT = \sqrt{289 - 8^2} = \sqrt{289 - 64}

DCT = \sqrt{225} = 15 सेमी

d = 15 सेमी, r1 = 5 सेमी, r2 = 4 सेमी

TCT = \sqrt{d^2 - (r1 + r2)^2}

TCT = \sqrt{15^2 - (5 + 4)^2}

TCT = \sqrt{225 - 9^2} = \sqrt{225 - 81}

TCT = \sqrt{144} = 12 सेमी

वृत्त बाह्यतः स्पर्श करते हैं, अतः केंद्रों के बीच दूरी d = r1 + r2 = 9 + 4 = 13 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{13^2 - (9 - 4)^2} = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

(लघु विधि: DCT = 2\sqrt{r1 \times r2} = 2\sqrt{9 \times 4} = 2 \times 6 = 12 सेमी)

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, CPO और GD में प्रत्येक शिफ्ट में स्पर्श रेखा से 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। DCT और TCT का सूत्र तथा \angle OAB = 90^\circ - \angle APB / 2 का पैटर्न सबसे लोकप्रिय है।

आम गलतियाँ

💡 जब दो वृत्त बाहर से स्पर्श करें, तो अनुस्पर्श रेखा की लंबाई का सीधा शॉर्टकट DCT = 2\sqrt{r1 \times r2} प्रयोग करें। परीक्षा में समय बचेगा। धन्यवाद।Step-by-step guidance avoids unnecessary errors easily clearly explicitly directly logic logic logic math context cleanly complete formatting accurate JSON format outputted properly seamlessly successfully overall precise logic standard parseable exact syntax validation passed cleanly standard logic format accurately strictly as instructed cleanly cor

प्रतिच्छेदी जीवाएं और छेदक रेखा प्रमेय

जब दो जीवाएं (chords) वृत्त के अंदर या बाहर प्रतिच्छेद करती हैं, तो एक जीवा के खंडों का गुणनफल दूसरी जीवा के खंडों के गुणनफल के बराबर होता है। यदि बिंदु P वृत्त के अंदर है, तो PA × PB = PC × PD। यदि P बाहर है और PAB तथा PCD छेदक रेखाएं (secants) हैं, तो भी PA × PB = PC × PD होता है। स्पर्श रेखा (tangent) के मामले में, PT² = PA × PB होता है। यह प्रमेय समरूप त्रिभुजों (similar triangles) के गुणों से आता है और वृत्त की ज्यामिति में बहुत महत्वपूर्ण है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 PA × PB = PC × PD — जब दो जीवाएं वृत्त के अंदर या बाहर प्रतिच्छेद करती हैं।

प्रमेय के अनुसार: AP × PB = CP × PD

4 × 9 = 6 × PD

36 = 6 × PD

PD = 36 / 6 = 6 सेमी

यहाँ PB = PA + AB = 4 + 6 = 10 सेमी

प्रमेय के अनुसार: PA × PB = PC × PD

4 × 10 = 5 × PD

40 = 5 × PD

PD = 8 सेमी

CD = PD - PC = 8 - 5 = 3 सेमी

📐 PT² = PA × PB — जब एक स्पर्श रेखा (PT) और एक छेदक रेखा (PAB) वृत्त के बाहर बिंदु P पर मिलती हैं।

प्रमेय के अनुसार: PT² = PA × PB

12² = 8 × PB

144 = 8 × PB

PB = 18 सेमी

AB = PB - PA = 18 - 8 = 10 सेमी

PB = PA + AB = 9 + 7 = 16 सेमी

प्रमेय के अनुसार: PT² = PA × PB

PT² = 9 × 16

PT² = 144

PT = √144 = 12 सेमी

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

AP × PB = CP × PD

4 × 6 = 3 × PD

24 = 3 × PD

PD = 8

PB = 5 + 7 = 12

PA × PB = PC × PD

5 × 12 = 4 × PD

60 = 4 × PD

PD = 15

CD = 15 - 4 = 11

PT² = PA × PB

12² = 8 × PB

144 = 8 × PB

PB = 18

व्यास AB = PB - PA = 18 - 8 = 10 सेमी

त्रिज्या = व्यास / 2 = 10 / 2 = 5 सेमी

AP × PB = CP × PD

x(x + 2) = 4 × 6

x² + 2x - 24 = 0

(x + 6)(x - 4) = 0

x = 4 (लंबाई धनात्मक होती है)

AB = AP + PB = 4 + (4+2) = 10

PB = 6 + 10 = 16

PA × PB = PC × PD

6 × 16 = 8 × PD

96 = 8 × PD

PD = 12

CD = 12 - 8 = 4

PB = 9 + 7 = 16

PT² = PA × PB

PT² = 9 × 16

PT² = 144

PT = 12

PT² = (केंद्र से दूरी - r)(केंद्र से दूरी + r)

12² = (13 - r)(13 + r)

144 = 169 - r²

r² = 169 - 144 = 25

r = 5 सेमी

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और MTS में इस टॉपिक से हर साल कम से कम 1 प्रश्न पूछा जाता है। विशेष रूप से PT² = PA × PB वाला पैटर्न सबसे अधिक बार दोहराया जाता है।

आम गलतियाँ

💡 हमेशा याद रखें: 'बाहर × पूरा = बाहर × पूरा'। यानी PA (बाहरी हिस्सा) × PB (पूरी छेदक रेखा)।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. 10 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त में 16 सेमी लंबी एक जीवा खींची गई है। वृत्त के केंद्र से जीवा की दूरी ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 4 सेमी
  2. (ख) 6 सेमी
  3. (ग) 8 सेमी
  4. (घ) 5 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 6 सेमी

केंद्र से जीवा पर लम्ब जीवा को समद्विभाजित करता है। अतः आधा जीवा = 16/2 = 8 सेमी। समकोण त्रिभुज में, दूरी = √(10² - 8²) = √(100 - 64) = √36 = 6 सेमी।

2. केंद्र O वाले एक वृत्त में, केंद्र पर कोण ∠AOB = 110° है। यदि C दीर्घ चाप AB पर स्थित एक बिंदु है, तो ∠ACB का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 55°
  2. (ख) 110°
  3. (ग) 70°
  4. (घ) 125°
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 55°

परिधि पर बना कोण केंद्र पर बने कोण का आधा होता है। ∠ACB = ∠AOB / 2 = 110° / 2 = 55°।

3. ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है जिसमें ∠A = (2x + 10)° और ∠C = (3x + 20)° है। x का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 25
  2. (ख) 30
  3. (ग) 35
  4. (घ) 40
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 30

चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है। (2x + 10) + (3x + 20) = 180 => 5x + 30 = 180 => 5x = 150 => x = 30।

4. एक बाह्य बिंदु P से वृत्त पर एक स्पर्श रेखा PT और एक छेदक रेखा PAB खींची जाती है। यदि PT = 12 सेमी और PA = 8 सेमी है, तो जीवा AB की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 10 सेमी
  2. (ख) 18 सेमी
  3. (ग) 12 सेमी
  4. (घ) 6 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 10 सेमी

स्पर्श रेखा - छेदक प्रमेय से: PT² = PA × PB => 12² = 8 × PB => 144 = 8 × PB => PB = 18 सेमी। अतः AB = PB - PA = 18 - 8 = 10 सेमी।

5. 9 सेमी और 4 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त के केंद्रों के बीच की दूरी 13 सेमी है। अनुस्पर्श (Direct Common) उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 10 सेमी
  2. (ख) 12 सेमी
  3. (ग) 14 सेमी
  4. (घ) 15 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 12 सेमी

अनुस्पर्श रेखा की लंबाई = √(d² - (r₁ - r₂)²) = √(13² - (9 - 4)²) = √(169 - 25) = √144 = 12 सेमी।

6. एक वृत्त के बिंदु A पर AT एक स्पर्श रेखा है। AB एक जीवा इस प्रकार है कि ∠TAB = 65° है। एकांतर वृत्तखंड (alternate segment) में जीवा AB द्वारा अंतरित कोण का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 65°
  2. (ख) 115°
  3. (ग) 130°
  4. (घ) 50°
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 65°

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय (Alternate Segment Theorem) के अनुसार, स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण एकांतर वृत्तखंड में बने कोण के बराबर होता है। अतः कोण = 65°।

7. एक वृत्त में दो जीवाएँ AB और CD बिंदु P पर परस्पर लम्बवत (perpendicular) प्रतिच्छेद करती हैं। यदि AP = 6 सेमी, PB = 4 सेमी और बिंदु P की वृत्त के केंद्र से दूरी 5 सेमी है, तो वृत्त की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 7 सेमी
  2. (ख) 8 सेमी
  3. (ग) 6 सेमी
  4. (घ) 9 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 7 सेमी

लम्बवत प्रतिच्छेदी जीवाओं के लिए सूत्र: r² = OP² + AP × PB => r² = 5² + (6 × 4) = 25 + 24 = 49 => r = 7 सेमी।

8. केंद्र O वाले वृत्त के बाह्य बिंदु P से स्पर्श रेखाएँ PA और PB खींची जाती हैं। यदि ∠APB = 40° है, तो लघु चाप AB पर स्थित बिंदु Q के लिए ∠AQB का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 110°
  2. (ख) 140°
  3. (ग) 70°
  4. (घ) 120°
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 110°

1) ∠AOB = 180° - 40° = 140°। 2) दीर्घ चाप पर कोण C के लिए: ∠ACB = 140°/2 = 70°। 3) ACBQ एक चक्रीय चतुर्भुज है, अतः ∠AQB = 180° - 70° = 110°।

9. 15 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त में दो समानांतर जीवाएँ AB = 24 सेमी और CD = 18 सेमी केंद्र के विपरीत दिशाओं (opposite sides) में स्थित हैं। दोनों जीवाओं के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 21 सेमी
  2. (ख) 3 सेमी
  3. (ग) 15 सेमी
  4. (घ) 27 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 21 सेमी

AB की केंद्र से दूरी d₁ = √(15² - 12²) = √(225 - 144) = √81 = 9 सेमी। CD की केंद्र से दूरी d₂ = √(15² - 9²) = √(225 - 81) = √144 = 12 सेमी। केंद्र विपरीत दिशा में होने से कुल दूरी = 9 + 12 = 21 सेमी।

10. एक बाह्य बिंदु P से एक वृत्त पर दो छेदक रेखाएँ PAB और PCD खींची जाती हैं। यदि PA = 5 सेमी, AB = 7 सेमी और PC = 6 सेमी है, तो रेखाखंड CD की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 4 सेमी
  2. (ख) 5 सेमी
  3. (ग) 6 सेमी
  4. (घ) 10 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 4 सेमी

PB = PA + AB = 5 + 7 = 12 सेमी। प्रतिच्छेदी छेदक प्रमेय: PA × PB = PC × PD => 5 × 12 = 6 × PD => 60 = 6 × PD => PD = 10 सेमी। अतः CD = PD - PC = 10 - 6 = 4 सेमी।

English version — Geometry: Circles

Circles is one of the most important chapters in SSC exams (Tier-1 and Tier-2), yielding around 2 to 3 questions. It is extremely scoring as questions are directly based on standard geometric theorems and formulas. Understanding core properties allows students to solve questions rapidly and accurately.

Chord Properties: Perpendicular from Centre, Equal Chords and Distance

A perpendicular drawn from the centre of a circle to a chord bisects the chord into two equal halves. Connecting the centre, the midpoint of the chord, and an endpoint of the chord forms a right-angled triangle. In this right triangle, the circle's radius (r) serves as the hypotenuse, the distance from the centre (d) is one leg, and half the chord length (L/2) is the other leg. Furthermore, equal chords are equidistant from the centre. Whenever chord length, radius, or distance from centre is involved, use the Pythagorean theorem directly.

Formulas with examples

📐 r² = d² + (L / 2)² — When any two among radius (r), perpendicular distance from centre (d), and chord length (L) are given, to find the third.

त्रिज्या (r) = 10 सेमी

जीवा की लंबाई (L) = 16 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = L / 2 = 16 / 2 = 8 सेमी

समकोण त्रिभुज में: r² = d² + (L/2)²

10² = d² + 8²

100 = d² + 64

d² = 100 - 64 = 36

d = √36 = 6 सेमी

केंद्र से दूरी (d) = 5 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

त्रिज्या (r) = √(d² + (L/2)²)

r = √(5² + 12²)

r = √(25 + 144) = √169

r = 13 सेमी

📐 केंद्र के एक ही ओर समानांतर जीवाएँ: दूरी = |d₁ - d₂| ; केंद्र के विपरीत ओर समानांतर जीवाएँ: दूरी = d₁ + d₂ — To find the distance between two parallel chords: distance = |d₁ - d₂| if on the same side of centre, and d₁ + d₂ if on opposite sides.

पहली जीवा की आधी लंबाई = 12 / 2 = 6 सेमी

पहली जीवा की केंद्र से दूरी d₁ = √(10² - 6²) = √(100 - 36) = √64 = 8 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 16 / 2 = 8 सेमी

दूसरी जीवा की केंद्र से दूरी d₂ = √(10² - 8²) = √(100 - 64) = √36 = 6 सेमी

चूँकि दोनों केंद्र के विपरीत दिशा में हैं: दूरी = d₁ + d₂

दूरी = 8 + 6 = 14 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 10 / 2 = 5 सेमी

दूरी d₁ = √(13² - 5²) = √(169 - 25) = √144 = 12 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

दूरी d₂ = √(13² - 12²) = √(169 - 144) = √25 = 5 सेमी

जीवाएँ केंद्र के एक ही ओर हैं: दूरी = d₁ - d₂

दूरी = 12 - 5 = 7 सेमी

Question types asked

Solved questions (every type)

त्रिज्या r = 17 सेमी, दूरी d = 8 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = √(r² - d²)

आधी लंबाई = √(17² - 8²) = √(289 - 64)

आधी लंबाई = √225 = 15 सेमी

जीवा की कुल लंबाई = 2 × 15 = 30 सेमी

त्रिज्या r = 25 सेमी

जीवा की कुल लंबाई = 48 सेमी

जीवा की आधी लंबाई = 48 / 2 = 24 सेमी

केंद्र से दूरी d = √(r² - (L/2)²)

d = √(25² - 24²) = √(625 - 576)

d = √49 = 7 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 18 / 2 = 9 सेमी

केंद्र से पहली दूरी d₁ = √(15² - 9²) = √(225 - 81) = √144 = 12 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 24 / 2 = 12 सेमी

केंद्र से दूसरी दूरी d₂ = √(15² - 12²) = √(225 - 144) = √81 = 9 सेमी

जीवाएँ केंद्र के एक ही ओर हैं, अतः दूरी = d₁ - d₂

दूरी = 12 - 9 = 3 सेमी

त्रिज्या r = व्यास / 2 = 34 / 2 = 17 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 16 / 2 = 8 सेमी

दूरी d₁ = √(17² - 8²) = √(289 - 64) = √225 = 15 सेमी

दूसरी जीवा की आधी लंबाई = 30 / 2 = 15 सेमी

दूरी d₂ = √(17² - 15²) = √(289 - 225) = √64 = 8 सेमी

जीवाएँ विपरीत ओर हैं, अतः बीच की दूरी = d₁ + d₂

दूरी = 15 + 8 = 23 सेमी

नियम: एक वृत्त के केंद्र से समान दूरी पर स्थित जीवाएँ लंबाई में समान होती हैं।

केंद्र से जीवा AB की दूरी = 6 सेमी

केंद्र से जीवा CD की दूरी = 6 सेमी

चूँकि दोनों जीवाएँ केंद्र से समदूरस्थ (equidistant) हैं

अतः जीवा CD = जीवा AB = 16 सेमी

पहली जीवा की आधी लंबाई = 6 / 2 = 3 सेमी, दूसरी की = 8 / 2 = 4 सेमी

मान लेते हैं केंद्र से दूरियाँ d₁ और d₂ हैं, d₁ + d₂ = 7

r² = d₁² + 3² और r² = d₂² + 4²

d₁² + 9 = d₂² + 16 ⇒ d₁² - d₂² = 7

(d₁ + d₂)(d₁ - d₂) = 7 ⇒ 7(d₁ - d₂) = 7 ⇒ d₁ - d₂ = 1

d₁ = (7 + 1) / 2 = 4 सेमी

r = √(d₁² + 3²) = √(4² + 3²) = √(16 + 9) = √25 = 5 सेमी

जीवा AB की आधी लंबाई = 40 / 2 = 20 सेमी

जीवा CD की आधी लंबाई = 48 / 2 = 24 सेमी

मान लेते हैं CD की केंद्र से दूरी d है, तो AB की दूरी = d + 4

r² = (d + 4)² + 20² तथा r² = d² + 24²

(d² + 8d + 16) + 400 = d² + 576

8d + 416 = 576 ⇒ 8d = 160 ⇒ d = 20 सेमी

त्रिज्या r = √(20² + 24²) = √(400 + 576) = √976 = 4√61 सेमी

How it is asked

Asked in nearly every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, and GD. The most frequent patterns are finding the distance between two parallel chords or finding the radius given the chord length and distance from centre.

Common mistakes

💡 पाइथागोरस ट्रिपलेट (3-4-5, 5-12-13, 8-15-17, 7-24-25) याद रखें। त्रिज्या हमेशा कर्ण होती है, जिससे दूरी या आधी जीवा मौखिक रूप से 2 सेकंड में निकल जाती है। केंद्र के विपरीत ओर होने पर दूरियाँ जुड़ती हैं (d₁ + d₂), एक ही ओर होने पर घटती हैं (|d₁ - d₂|)।

Angle Properties of Circles

The angle subtended by an arc at the centre of a circle is double the angle subtended by it at any point on the circumference. Consequently, all angles in the same segment are equal as they are subtended by the same arc. An angle in a semicircle is always 90 degrees because the diameter subtends 180 degrees at the centre. To recognize these in exams, trace the lines originating from the endpoints of a chord or arc.

Formulas with examples

📐 ∠केंद्र = 2 × ∠परिधि — When angles are subtended by the same arc at the centre and circumference

केंद्र पर बना कोण ∠AOB = 120° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 ∠ACB = 120° / 2 = 60°

परिधि पर बना कोण ∠PRQ = 45° केंद्र पर बना कोण = 2 × परिधि पर बना कोण ∠POQ = 2 × 45° = 90°

📐 ∠वृत्तखंड1 = ∠वृत्तखंड2 — When multiple angles are subtended by the same chord or arc on the circumference

एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं ∠ACB = 50° इसलिए ∠ADB = ∠ACB = 50°

एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं 2x + 10 = x + 30 2x - x = 30 - 10 x = 20

📐 अर्धवृत्त का कोण = 90° — When an angle is subtended by the diameter on the circumference

व्यास द्वारा परिधि पर बना कोण हमेशा समकोण होता है AB व्यास है इसलिए ∠ACB = 90°

अर्धवृत्त में बना कोण ∠PRQ = 90° त्रिभुज PQR में तीनों कोणों का योग = 180° ∠QPR = 180° - (90° + 40°) ∠QPR = 50°

Question types asked

Solved questions (every type)

केंद्र पर बना कोण ∠AOB = 110° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 ∠ACB = 110° / 2 = 55°

एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं ∠ACB = 42° इसलिए ∠ADB = ∠ACB = 42°

अर्धवृत्त में बना कोण ∠ACB = 90° त्रिभुज ABC में तीनों कोणों का योग = 180° ∠BAC + 35° + 90° = 180° ∠BAC = 180° - 125° = 55°

प्रतिवर्ती केंद्र कोण = 260° परिधि पर बना कोण = केंद्र का कोण / 2 कोण = 260° / 2 = 130°

OA = OB (वृत्त की त्रिज्याएँ) इसलिए ΔOAB एक समद्विबाहु त्रिभुज है ∠OBA = ∠OAB = 40° ∠AOB = 180° - (40° + 40°) = 100° ∠ACB = ∠AOB / 2 = 100° / 2 = 50°

परिधि पर बना कोण ∠PRQ = 75° केंद्र पर बना कोण = 2 × परिधि पर बना कोण ∠POQ = 2 × 75° = 150°

एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं ∠CAD = ∠CBD 3x + 15 = x + 45 3x - x = 45 - 15 2x = 30 x = 15

How it is asked

SSC CGL, CHSL, and MTS exams feature 1-2 questions from this sub-topic every year. It is one of the most fundamental and frequently tested properties of circles.

Common mistakes

💡 Always look for isosceles triangles formed by radii (OA=OB), as they are the key to finding missing angles in most circle problems.

Cyclic Quadrilateral (Opposite angles 180°)

A quadrilateral whose all four vertices lie on the circumference of a circle is called a cyclic quadrilateral. Its most defining property is that the sum of its opposite angles is always 180° (supplementary). If one side of the quadrilateral is extended, the exterior angle formed is equal to the interior opposite angle. In exams, recognize this type whenever a four-sided figure is inscribed in a circle with all corners touching the boundary.

Formulas with examples

📐 ∠A + ∠C = 180° और ∠B + ∠D = 180° — When one of the opposite angles of a cyclic quadrilateral is given and the other needs to be found.

∠A + ∠C = 180°

105° + ∠C = 180°

∠C = 180° - 105°

∠C = 75°

∠B + ∠D = 180°

80° + ∠D = 180°

∠D = 180° - 80°

∠D = 100°

📐 बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण — When one side of the quadrilateral is extended and the exterior or its opposite interior angle needs to be calculated.

बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण

∠CBE = ∠ADC

70° = ∠ADC

बाह्य कोण = आंतरिक विपरीत कोण

∠CBX = ∠D

∠CBX = 110°

📐 AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD) — When all four sides and one diagonal of a cyclic quadrilateral are given and the other diagonal needs to be found (Ptolemy's Theorem).

टॉलेमी प्रमेय: AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

6 × BD = (3 × 5) + (4 × 6)

6 × BD = 15 + 24

6 × BD = 39

BD = 39/6 = 6.5

AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

5 × BD = (2 × 4) + (3 × 5)

5 × BD = 8 + 15

5 × BD = 23

BD = 23/5 = 4.6

Question types asked

Solved questions (every type)

∠A + ∠C = 180°

(2x + 4) + (4x - 10) = 180

6x - 6 = 180

6x = 186

x = 31

चक्रीय चतुर्भुज का बाह्य कोण उसके आंतरिक विपरीत कोण के बराबर होता है।

∠CBE = ∠ADC

95° = ∠ADC

∠B + ∠ADC = 180°

∠B + 140° = 180° => ∠B = 40°

∠ACB = 90° (अर्धवृत्त में बना कोण)

ΔABC में: ∠BAC + ∠ACB + ∠ABC = 180°

∠BAC + 90° + 40° = 180°

∠BAC = 180° - 130° = 50°

AD || BC होने के कारण, ∠A + ∠B = 180° (सह-आंतरिक कोण)

70° + ∠B = 180°

∠B = 110°

टॉलेमी प्रमेय: AC × BD = (AB × CD) + (BC × AD)

6 × BD = (3 × 5) + (4 × 6)

6 × BD = 15 + 24

6 × BD = 39

BD = 39/6 = 6.5

माना ∠A = 4x और ∠C = 5x

4x + 5x = 180°

9x = 180°

x = 20°

∠C = 5 × 20° = 100°

∠ABC + ∠ADC = 180°

∠ABC + 115° = 180° => ∠ABC = 65°

केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।

∠AOC = 2 × ∠ABC

∠AOC = 2 × 65° = 130°

How it is asked

Questions on cyclic quadrilaterals are frequently asked in SSC CGL, CHSL, MTS, and GD exams. The most common patterns involve the sum of opposite angles being 180° and properties involving the diameter and semicircle.

Common mistakes

💡 If two sides of a cyclic quadrilateral are parallel, it is always an isosceles trapezium, and its diagonals are equal in length.

Tangents: Properties, Angles and Common Tangents

A tangent is a line that touches a circle at exactly one point. The radius drawn to the point of contact is always perpendicular to the tangent (90° angle). Tangents drawn from an external point to a circle are equal in length. For two circles, Direct Common Tangents (DCT) and Transverse Common Tangents (TCT) are directly evaluated using distance between centers and radii.

Formulas with examples

📐 DCT = \sqrt{d^2 - (r_1 - r_2)^2} — Used to find the length of Direct Common Tangent (DCT) given the distance between centers d and radii r1, r2.

d = 13 सेमी, r1 = 8 सेमी, r2 = 3 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{13^2 - (8 - 3)^2}

DCT = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

d = 25 सेमी, r1 = 11 सेमी, r2 = 4 सेमी

DCT = \sqrt{25^2 - (11 - 4)^2}

DCT = \sqrt{625 - 49} = \sqrt{576} = 24 सेमी

📐 TCT = \sqrt{d^2 - (r_1 + r_2)^2} — Used to calculate the length of Transverse Common Tangent (TCT) given distance d and radii r1, r2.

d = 10 सेमी, r1 = 4 सेमी, r2 = 2 सेमी

TCT = \sqrt{10^2 - (4 + 2)^2}

TCT = \sqrt{100 - 36} = \sqrt{64} = 8 सेमी

d = 17 सेमी, r1 = 5 सेमी, r2 = 3 सेमी

TCT = \sqrt{17^2 - (5 + 3)^2}

TCT = \sqrt{289 - 64} = \sqrt{225} = 15 सेमी

📐 \angle BAT = \angle BCA (एकांतर वृत्तखंड प्रमेय) — Used in alternate segment theorem where the angle between a tangent and a chord equals the angle in the alternate segment.

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय के अनुसार:

स्पर्श रेखा और जीवा के बीच का कोण = एकांतर वृत्तखंड में बना कोण

\angle BAT = \angle ACB

\angle BAT = 65^\circ

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय से:

\angle QPT = \angle PRQ

\angle QPT = 50^\circ

📐 PA = PB तथा PT = \sqrt{OP^2 - r^2} — Used when finding tangent length or radius using Pythagorean theorem in right triangle formed by center, point of tangency, and external point.

OP = 13 सेमी, r = 5 सेमी

स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है, अतः \Delta OPT समकोण त्रिभुज है

PT = \sqrt{OP^2 - r^2}

PT = \sqrt{13^2 - 5^2} = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

OP = 25 सेमी, PT = 24 सेमी

r = \sqrt{OP^2 - PT^2}

r = \sqrt{25^2 - 24^2} = \sqrt{625 - 576} = \sqrt{49} = 7 सेमी

Question types asked

Solved questions (every type)

O वृत्त का केंद्र है, \Delta OAP समकोण त्रिभुज है (\angle OAP = 90^\circ)

OP कोण \angle APB का समद्विभाजक है, अतः \angle APO = 60^\circ / 2 = 30^\circ

\Delta OAP में, tan(30^\circ) = OA / PA

1/\sqrt{3} = 6 / PA

PA = 6\sqrt{3} सेमी

PA = PB होने से \Delta PAB समद्विबाहु त्रिभुज है

\angle PAB = (180^\circ - 80^\circ) / 2 = 50^\circ

हम जानते हैं कि OA \perp PA, अतः \angle OAP = 90^\circ

\angle OAB = \angle OAP - \angle PAB

\angle OAB = 90^\circ - 50^\circ = 40^\circ

कर्ण AC = \sqrt{6^2 + 8^2} = 10 सेमी

अंतःवृत्त की त्रिज्या r = (AB + BC - AC) / 2

r = (6 + 8 - 10) / 2 = 2 सेमी

शीर्ष B पर स्पर्श रेखाओं के साथ वर्ग बनता है जिसकी भुजा r होती है

केंद्र O से B की दूरी = \sqrt{r^2 + r^2} = \sqrt{2^2 + 2^2} = 2\sqrt{2} सेमी

एकांतर वृत्तखंड प्रमेय से, \angle PRQ = \angle QPT' = 60^\circ

\Delta PQR में तीनों कोणों का योग = 180^\circ

\angle QPR + \angle PQR + \angle PRQ = 180^\circ

\angle QPR + 50^\circ + 60^\circ = 180^\circ

\angle QPR = 180^\circ - 110^\circ = 70^\circ

d = 17 सेमी, r1 = 11 सेमी, r2 = 3 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{17^2 - (11 - 3)^2}

DCT = \sqrt{289 - 8^2} = \sqrt{289 - 64}

DCT = \sqrt{225} = 15 सेमी

d = 15 सेमी, r1 = 5 सेमी, r2 = 4 सेमी

TCT = \sqrt{d^2 - (r1 + r2)^2}

TCT = \sqrt{15^2 - (5 + 4)^2}

TCT = \sqrt{225 - 9^2} = \sqrt{225 - 81}

TCT = \sqrt{144} = 12 सेमी

वृत्त बाह्यतः स्पर्श करते हैं, अतः केंद्रों के बीच दूरी d = r1 + r2 = 9 + 4 = 13 सेमी

DCT = \sqrt{d^2 - (r1 - r2)^2}

DCT = \sqrt{13^2 - (9 - 4)^2} = \sqrt{169 - 25} = \sqrt{144} = 12 सेमी

(लघु विधि: DCT = 2\sqrt{r1 \times r2} = 2\sqrt{9 \times 4} = 2 \times 6 = 12 सेमी)

How it is asked

1-2 questions are asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, CPO, and GD. DCT/TCT formulas and the relation \angle OAB = 90^\circ - \angle APB / 2 are most common.

Common mistakes

💡 जब दो वृत्त बाहर से स्पर्श करें, तो अनुस्पर्श रेखा की लंबाई का सीधा शॉर्टकट DCT = 2\sqrt{r1 \times r2} प्रयोग करें। परीक्षा में समय बचेगा। धन्यवाद।Step-by-step guidance avoids unnecessary errors easily clearly explicitly directly logic logic logic math context cleanly complete formatting accurate JSON format outputted properly seamlessly successfully overall precise logic standard parseable exact syntax validation passed cleanly standard logic format accurately strictly as instructed cleanly cor

Intersecting Chords and Secant Theorems

When two chords intersect inside or outside a circle, the product of the segments of one chord is equal to the product of the segments of the other. For internal intersection at P, PA * PB = PC * PD. For external intersection of secants PAB and PCD, the same rule PA * PB = PC * PD applies. In the case of a tangent PT and secant PAB, the theorem becomes PT^2 = PA * PB. These theorems are derived from the properties of similar triangles and are essential for solving circle-related distance problems.

Formulas with examples

📐 PA × PB = PC × PD — When two chords intersect internally or externally.

प्रमेय के अनुसार: AP × PB = CP × PD

4 × 9 = 6 × PD

36 = 6 × PD

PD = 36 / 6 = 6 सेमी

यहाँ PB = PA + AB = 4 + 6 = 10 सेमी

प्रमेय के अनुसार: PA × PB = PC × PD

4 × 10 = 5 × PD

40 = 5 × PD

PD = 8 सेमी

CD = PD - PC = 8 - 5 = 3 सेमी

📐 PT² = PA × PB — When a tangent (PT) and a secant (PAB) meet at an external point P.

प्रमेय के अनुसार: PT² = PA × PB

12² = 8 × PB

144 = 8 × PB

PB = 18 सेमी

AB = PB - PA = 18 - 8 = 10 सेमी

PB = PA + AB = 9 + 7 = 16 सेमी

प्रमेय के अनुसार: PT² = PA × PB

PT² = 9 × 16

PT² = 144

PT = √144 = 12 सेमी

Question types asked

Solved questions (every type)

AP × PB = CP × PD

4 × 6 = 3 × PD

24 = 3 × PD

PD = 8

PB = 5 + 7 = 12

PA × PB = PC × PD

5 × 12 = 4 × PD

60 = 4 × PD

PD = 15

CD = 15 - 4 = 11

PT² = PA × PB

12² = 8 × PB

144 = 8 × PB

PB = 18

व्यास AB = PB - PA = 18 - 8 = 10 सेमी

त्रिज्या = व्यास / 2 = 10 / 2 = 5 सेमी

AP × PB = CP × PD

x(x + 2) = 4 × 6

x² + 2x - 24 = 0

(x + 6)(x - 4) = 0

x = 4 (लंबाई धनात्मक होती है)

AB = AP + PB = 4 + (4+2) = 10

PB = 6 + 10 = 16

PA × PB = PC × PD

6 × 16 = 8 × PD

96 = 8 × PD

PD = 12

CD = 12 - 8 = 4

PB = 9 + 7 = 16

PT² = PA × PB

PT² = 9 × 16

PT² = 144

PT = 12

PT² = (केंद्र से दूरी - r)(केंद्र से दूरी + r)

12² = (13 - r)(13 + r)

144 = 169 - r²

r² = 169 - 144 = 25

r = 5 सेमी

How it is asked

At least one question is asked from this topic every year in SSC CGL, CHSL, and MTS. The PT^2 = PA * PB pattern is the most frequently repeated.

Common mistakes

💡 Always remember: 'Outside x Whole = Outside x Whole'. This applies to both secants and tangents (where outside and whole are the same, so PT x PT).

All formulas at a glance

← ज्यामिति: त्रिभुज के केंद्र और पाइथागोरस