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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

ज्यामिति: त्रिभुज के केंद्र और पाइथागोरस

Geometry: Centers of Triangles and Pythagoras

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय SSC CGL और CHSL (Tier-1 और Tier-2) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे आमतौर पर 2-3 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह एक स्कोरिंग विषय है क्योंकि इसके प्रश्न सीधे सूत्रों और गुणों (properties) पर आधारित होते हैं।

केंद्रक (Centroid) और अपोलोनियस प्रमेय

त्रिभुज की तीनों माध्यिकाएं (Medians) जिस बिंदु पर मिलती हैं, उसे केंद्रक (Centroid) कहते हैं। माध्यिका वह रेखा है जो शीर्ष (Vertex) को सामने वाली भुजा के मध्य-बिंदु (Midpoint) से मिलाती है। केंद्रक प्रत्येक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है (शीर्ष की ओर 2 भाग और आधार की ओर 1 भाग)। Apollonius प्रमेय का प्रयोग माध्यिका की लंबाई ज्ञात करने के लिए किया जाता है। जब भी प्रश्न में माध्यिका की लंबाई या त्रिभुज की भुजाओं और माध्यिकाओं के बीच संबंध पूछा जाए, तो Apollonius प्रमेय का उपयोग करें।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 AG : GD = 2 : 1 (यहाँ G केंद्रक है और AD माध्यिका है) — जब केंद्रक द्वारा माध्यिका का विभाजन या शीर्ष/मध्य-बिंदु से दूरी ज्ञात करनी हो।

केंद्रक (G) माध्यिका को 2:1 में बाँटता है

AG : GD = 2 : 1

अनुपात का कुल योग = 2 + 1 = 3 इकाई

3 इकाई = 18 सेमी

1 इकाई = 6 सेमी

AG = 2 इकाई = 2 × 6 = 12 सेमी

AG : GD = 2 : 1

यहाँ GD = 1 इकाई = 5 सेमी

AG = 2 इकाई = 2 × 5 = 10 सेमी

माध्यिका AD = AG + GD

AD = 10 + 5 = 15 सेमी

📐 AB² + AC² = 2(AD² + BD²) [Apollonius Theorem] — जब त्रिभुज की भुजाएं दी गई हों और माध्यिका AD की लंबाई निकालनी हो।

D, BC का मध्य-बिंदु है, अतः BD = BC / 2 = 10 / 2 = 5 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: AB² + AC² = 2(AD² + BD²)

6² + 8² = 2(AD² + 5²)

36 + 64 = 2(AD² + 25)

100 = 2(AD² + 25)

AD² + 25 = 50

AD² = 25 ⇒ AD = 5 सेमी

S, QR का मध्य-बिंदु है, अतः QS = QR / 2 = 8 / 2 = 4 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: PQ² + PR² = 2(PS² + QS²)

7² + 9² = 2(PS² + 4²)

49 + 81 = 2(PS² + 16)

130 = 2(PS² + 16)

PS² + 16 = 65

PS² = 49 ⇒ PS = 7 सेमी

📐 3 × (AB² + BC² + CA²) = 4 × (AD² + BE² + CF²) — जब त्रिभुज की भुजाओं के वर्गों और तीनों माध्यिकाओं के वर्गों के योग के बीच संबंध पूछा जाए।

सूत्र: 3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × 135

3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 540

भुजाओं के वर्गों का योग = 540 / 3 = 180 सेमी²

सूत्र: 3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

3 × 240 = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

720 = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

माध्यिकाओं के वर्गों का योग = 720 / 4 = 180 सेमी²

📐 4(AD² + CE²) = 5 × AC² (समकोण B पर AD और CE माध्यिकाएं हों) — जब समकोण त्रिभुज में दो न्यूनकोणों से खींची गई माध्यिकाओं की लंबाई दी हो।

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(5² + (2√5)²) = 5 × AC²

4(25 + 20) = 5 × AC²

4 × 45 = 5 × AC²

180 = 5 × AC²

AC² = 36 ⇒ AC = 6 सेमी

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(AD² + CE²) = 5 × (10)²

4(AD² + CE²) = 5 × 100 = 500

AD² + CE² = 500 / 4 = 125 सेमी²

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

केंद्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 में विभाजित करता है

इसलिए AG = (2/3)AD, BG = (2/3)BE, CG = (2/3)CF

AG + BG + CG = (2/3)(AD + BE + CF)

18 = (2/3)(AD + BE + CF)

AD + BE + CF = 18 × 3 / 2 = 27 सेमी

D, BC का मध्य-बिंदु है ⇒ BD = 12 / 2 = 6 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: AB² + AC² = 2(AD² + BD²)

9² + 11² = 2(AD² + 6²)

81 + 121 = 2(AD² + 36)

202 = 2(AD² + 36)

101 = AD² + 36

AD² = 65 ⇒ AD = √65 सेमी

सूत्र: 3 × (AB² + BC² + CA²) = 4 × (AD² + BE² + CF²)

3 × 360 = 4 × (AD² + BE² + CF²)

1080 = 4 × (AD² + BE² + CF²)

AD² + BE² + CF² = 1080 / 4 = 270 सेमी²

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(6² + 8²) = 5 × AC²

4(36 + 64) = 5 × AC²

4 × 100 = 5 × AC²

400 = 5 × AC²

AC² = 80 ⇒ AC = √80 = 4√5 सेमी

केंद्रक (G) त्रिभुज को 3 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बांटता है

ar(ΔGAB) = ar(ΔGBC) = ar(ΔGCA)

ar(ΔGBC) = (1/3) × ar(ΔABC)

ar(ΔGBC) = (1/3) × 72 = 24 सेमी²

मान लें GD = x इकाई, तब AG = 2x इकाई

AG - GD = 2x - x = x = 4 सेमी

इसलिए GD = 4 सेमी और AG = 2 × 4 = 8 सेमी

माध्यिका AD = AG + GD = 8 + 4 = 12 सेमी

जब माध्यिकाएं BE और CF समकोण पर काटती हैं, तब AB² + AC² = 5 × BC²

19² + 22² = 5 × BC²

361 + 484 = 5 × BC²

845 = 5 × BC²

BC² = 845 / 5 = 169

BC = √169 = 13 सेमी

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1 & Tier-2), CHSL, और CPO में केंद्रक के 2:1 अनुपात और अपोलोनियस प्रमेय से हर साल 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 समकोण त्रिभुज में कर्ण पर खींची गई माध्यिका की लंबाई कर्ण की आधी (Hypotenuse / 2) होती है। Direct याद रखें।

अंतःकेंद्र एवं अंतःत्रिज्या

त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों के समद्विभाजकों (Angle bisectors) के प्रतिच्छेदन बिंदु को अंतःकेंद्र (Incentre - I) कहते हैं। अंतःकेंद्र त्रिभुज की तीनों भुजाओं से समान दूरी पर स्थित होता है और यह दूरी अंतःत्रिज्या (Inradius - r) कहलाती है। अंतःकेंद्र पर दो कोण-समद्विभाजकों द्वारा बना कोण ∠BIC = 90° + ∠A/2 होता है। प्रश्नों में जब कोण-समद्विभाजक, अंतःवृत्त या अंतःत्रिज्या का उल्लेख हो, तब इस अवधारणा का उपयोग किया जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 ∠BIC = 90° + ∠A / 2 — जब अंतःकेंद्र I पर बना कोण ज्ञात करना हो या शीर्ष कोण ∠A निकालना हो।

∠BIC = 90° + ∠A / 2

∠BIC = 90° + 80° / 2

∠BIC = 90° + 40° = 130°

∠BIC = 90° + ∠A / 2

135° = 90° + ∠A / 2

∠A / 2 = 135° - 90° = 45°

∠A = 45° × 2 = 90°

📐 r = Δ / s — किसी भी सामान्य त्रिभुज के अंतःवृत्त की त्रिज्या (r) ज्ञात करने के लिए (जहाँ Δ = क्षेत्रफल, s = अर्ध-परिमाप)।

अर्ध-परिमाप (s) = 24 / 2 = 12 cm

अंतःत्रिज्या (r) = Δ / s

r = 36 / 12 = 3 cm

s = (5 + 12 + 13) / 2 = 15 cm

r = Δ / s

r = 30 / 15 = 2 cm

📐 समकोण त्रिभुज: r = (P + B - H) / 2 तथा समबाहु त्रिभुज: r = a / (2√3) — समकोण त्रिभुज या समबाहु त्रिभुज की अंतःत्रिज्या सीधे ज्ञात करने के लिए।

r = (P + B - H) / 2

r = (9 + 12 - 15) / 2

r = 6 / 2 = 3 cm

r = a / (2√3)

r = 18 / (2√3)

r = 9 / √3 = 3√3 cm

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

सूत्र: ∠BIC = 90° + ∠A / 2

∠BIC = 90° + 70° / 2

∠BIC = 90° + 35° = 125°

सूत्र: ∠BIC = 90° + ∠A / 2

125° = 90° + ∠A / 2

∠A / 2 = 125° - 90° = 35°

∠A = 35° × 2 = 70°

सूत्र: r = a / (2√3)

r = 12 / (2√3)

r = 6 / √3 = 2√3 cm

अंतःवृत्त का क्षेत्रफल = π r² = 48π

r² = 48 ⇒ r = √48 = 4√3 cm

सूत्र: r = a / (2√3)

4√3 = a / (2√3)

a = 4√3 × 2√3 = 24 cm

लंब (P) = 6 cm, आधार (B) = 8 cm, कर्ण (H) = 10 cm

सूत्र: r = (P + B - H) / 2

r = (6 + 8 - 10) / 2

r = 4 / 2 = 2 cm

लंब (P) = √(17² - 15²) = √(289 - 225) = √64 = 8 cm

सूत्र: r = (P + B - H) / 2

r = (8 + 15 - 17) / 2

r = 6 / 2 = 3 cm

अर्ध-परिमाप (s) = (13 + 14 + 15) / 2 = 21 cm

हिरॉन के सूत्र से क्षेत्रफल (Δ) = √(21 × 8 × 7 × 6) = 84 cm²

सूत्र: r = Δ / s

r = 84 / 21 = 4 cm

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD में अंतःकेंद्र पर आधारित कोण (∠BIC = 90° + A/2) तथा समकोण/समबाहु त्रिभुज की अंतःत्रिज्या पर सीधे 1 से 2 प्रश्न लगभग हर पाली में पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 समकोण त्रिभुज के लिए अंतःत्रिज्या r = (P + B - H) / 2 और समबाहु त्रिभुज के लिए r = a / 2√3 याद रखें, इससे बिना क्षेत्रफल निकाले 5 सेकंड में उत्तर आ जाता है। Flight time बचता है। माना r:R का अनुपात समबाहु में 1:2 होता है।mathrm{Inradius} = \Delta / s। अंतःकेंद्र कोण: ∠BIC = 90° + ∠A/2। समकोण त्रिभुज: r = (P + B - H) / 2। समबाहु त्रिभुज: r = a / (2√3)। सामान्य त्रिभुज: r = Δ / s। समबाहु त्रिभुज में r : R = 1 : 2 होता है।

परिकेंद्र (Circumcentre)

परिकेंद्र (Circumcentre) वह बिंदु है जहाँ त्रिभुज की तीनों भुजाओं के लंब समद्विभाजक (Perpendicular Bisectors) मिलते हैं। यह बिंदु त्रिभुज के तीनों शीर्षों (Vertices) से समान दूरी पर होता है, जिसे परित्रिज्या (Circumradius) 'R' कहा जाता है। इस बिंदु को केंद्र मानकर एक वृत्त खींचा जा सकता है जो त्रिभुज के तीनों शीर्षों से होकर गुजरता है। परिकेंद्र पर बना कोण, शीर्ष पर बने कोण का दोगुना होता है। समकोण त्रिभुज में परिकेंद्र हमेशा कर्ण (Hypotenuse) के मध्य-बिंदु पर स्थित होता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Angle BOC = 2 × Angle A — जब परिकेंद्र (O) पर बना कोण निकालना हो और शीर्ष कोण (A) दिया हो।

दिया है: कोण BAC = 85°

परिकेंद्र गुण: कोण BOC = 2 × कोण BAC

कोण BOC = 2 × 85°

कोण BOC = 170°

दिया है: कोण QOR = 110°

सूत्र: कोण QOR = 2 × कोण QPR

110° = 2 × कोण QPR

कोण QPR = 110° / 2

कोण QPR = 55°

📐 R = Hypotenuse / 2 — समकोण त्रिभुज (Right-angled triangle) की परित्रिज्या निकालने के लिए।

भुजाएँ: 6, 8, 10 (यह एक पाइथागोरियन ट्रिपलेट है)

कर्ण (Hypotenuse) = 10 सेमी

परित्रिज्या (R) = कर्ण / 2

परित्रिज्या = 10 / 2 = 5 सेमी

कर्ण = 26 सेमी

परित्रिज्या (R) = 26 / 2 = 13 सेमी

क्षेत्रफल = π × R²

क्षेत्रफल = π × 13 × 13 = 169π

📐 R = a / √3 — समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) की परित्रिज्या निकालने के लिए, जहाँ 'a' भुजा है।

भुजा (a) = 12 सेमी

सूत्र: R = a / √3

R = 12 / √3

हर का परिमेयकरण करने पर: (12 × √3) / 3

R = 4√3 सेमी

परित्रिज्या (R) = 6 सेमी

सूत्र: R = a / √3

6 = a / √3

a = 6√3 सेमी

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

त्रिभुज OBC में, OB = OC (परित्रिज्या)

इसलिए, कोण OCB = कोण OBC = 35°

कोण BOC = 180° - (35° + 35°) = 110°

हम जानते हैं: कोण BOC = 2 × कोण BAC

110° = 2 × कोण BAC

कोण BAC = 55°

भुजाएँ 5, 12, 13 एक समकोण त्रिभुज बनाती हैं (5² + 12² = 13²)

परिकेंद्र और शीर्षों के बीच की दूरी = परित्रिज्या (R)

समकोण त्रिभुज में R = कर्ण / 2

R = 13 / 2 = 6.5 सेमी

क्षेत्रफल = πR² = 154

(22/7) × R² = 154

R² = 154 × 7 / 22 = 49

R = 7 सेमी

समबाहु त्रिभुज के लिए: R = a / √3

7 = a / √3

a = 7√3 सेमी

अर्ध-परिमाप (s) = (13+14+15)/2 = 21

क्षेत्रफल = √[21(21-13)(21-14)(21-15)] = √[21×8×7×6] = 84 वर्ग सेमी

सूत्र: R = (abc) / (4 × क्षेत्रफल)

R = (13 × 14 × 15) / (4 × 84)

R = 2730 / 336 = 8.125 सेमी

कोण C = 180° - (40° + 70°) = 70°

तीनों कोण (40°, 70°, 70°) 90° से कम हैं।

यह एक न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled triangle) है।

न्यूनकोण त्रिभुज में परिकेंद्र त्रिभुज के अंदर होता है।

हम जानते हैं: कोण BOC = 2 × कोण BAC

दिया है: कोण BOC + कोण BAC = 150°

2 × कोण BAC + कोण BAC = 150°

3 × कोण BAC = 150°

कोण BAC = 50°

कर्ण AC = √(15² + 20²) = √(225 + 400)

AC = √625 = 25 सेमी

परित्रिज्या (R) = कर्ण / 2

R = 25 / 2 = 12.5 सेमी

परीक्षा में कैसे आता है

SSC परीक्षाओं (CGL, CHSL) में इस टॉपिक से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से समकोण त्रिभुज की परित्रिज्या (H/2) और कोण संबंध (BOC = 2A) पर आधारित प्रश्न हर साल आते हैं।

आम गलतियाँ

💡 समकोण त्रिभुज में, परिकेंद्र से किसी भी शीर्ष की दूरी हमेशा कर्ण की आधी होती है। त्रिज्या वाले प्रश्नों को हल करने का यह सबसे तेज़ तरीका है।

लंबकेंद्र (Orthocentre)

त्रिभुज के तीनों शीर्षों (Vertices) से सामने वाली भुजाओं पर डाले गए लंब (Altitudes) जिस बिंदु पर मिलते हैं, उसे लंबकेंद्र (Orthocentre) कहते हैं। यह बिंदु त्रिभुज के प्रकार पर निर्भर करता है: न्यूनकोण त्रिभुज में अंदर, अधिककोण में बाहर और समकोण में समकोण वाले शीर्ष पर होता है। परीक्षा में अक्सर लंबकेंद्र पर बनने वाले कोण और शीर्ष कोण के बीच के संपूरक संबंध (Supplementary relation) पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसे पहचानने के लिए प्रश्न में 'लंब' (Altitude) या 'लंबकेंद्र' शब्द दिया होता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Angle BHC = 180° - Angle A — जब त्रिभुज का लंबकेंद्र (H) दिया हो और शीर्ष कोण (A) या लंबकेंद्र पर बना कोण (BHC) ज्ञात करना हो।

दिया है: कोण A = 70°

सूत्र: कोण BHC = 180° - कोण A

कोण BHC = 180° - 70°

कोण BHC = 110°

दिया है: कोण QOR = 135°

सूत्र: कोण QOR = 180° - कोण P

135° = 180° - कोण P

कोण P = 180° - 135°

कोण P = 45°

📐 In Right Triangle, Orthocentre = Vertex with 90° — जब समकोण त्रिभुज (Right-angled triangle) में लंबकेंद्र की स्थिति पूछी जाए।

समकोण त्रिभुज में, लंबकेंद्र हमेशा उस शीर्ष पर होता है जहाँ 90° का कोण बनता है।

यहाँ कोण B = 90° है।

इसलिए, लंबकेंद्र शीर्ष B पर होगा।

शीर्ष (0,0), (4,0) और (0,3) एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं।

समकोण (0,0) पर बन रहा है क्योंकि X और Y अक्ष वहीं मिलते हैं।

समकोण त्रिभुज का लंबकेंद्र समकोण वाला शीर्ष ही होता है।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

लंबकेंद्र के गुण से: कोण BHC + कोण A = 180°

कोण BHC = 180° - 55°

कोण BHC = 125°

भुजाएँ 5, 12, 13 एक पाइथागोरस ट्रिपलेट हैं।

अतः यह एक समकोण त्रिभुज है जहाँ PR कर्ण है।

समकोण शीर्ष Q पर बनेगा (कर्ण के सामने वाला शीर्ष)।

लंबकेंद्र समकोण वाले शीर्ष पर होता है।

त्रिभुज चाहे न्यूनकोण हो या अधिककोण, लंबकेंद्र का कोण सूत्र समान रहता है।

कोण BHC = 180° - कोण A

कोण BHC = 180° - 110°

कोण BHC = 70°

कोण BOC (लंबकेंद्र) = 180 - 60 = 120°

कोण BIC (अंत:केंद्र) = 90 + (60/2) = 90 + 30 = 120°

अंतर = 120° - 120° = 0°

ऊँचाइयों का मिलन बिंदु P ही लंबकेंद्र (Orthocentre) है।

कोण APB = 180° - कोण C

कोण APB = 180° - 50°

कोण APB = 130°

त्रिभुज HBC में: कोण BHC = 180° - (25° + 35°)

कोण BHC = 180° - 60° = 120°

हम जानते हैं: कोण BHC = 180° - कोण A

120° = 180° - कोण A

कोण A = 60°

सूत्र: कोण BHC = 180° - कोण BAC

150° = 180° - कोण BAC

कोण BAC = 180° - 150°

कोण BAC = 30°

परीक्षा में कैसे आता है

SSC परीक्षाओं (CGL, CHSL) में इस टॉपिक से हर साल 1-2 प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से '180 - A' वाले सूत्र और समकोण त्रिभुज में लंबकेंद्र की स्थिति पर आधारित प्रश्न आते हैं।

आम गलतियाँ

💡 याद रखने की ट्रिक: लंबकेंद्र (Orthocentre) में 'लंब' होता है, और इसके कोण का योग शीर्ष कोण के साथ हमेशा 180° (संपूरक) होता है।

पाइथागोरस प्रमेय और ट्रिपलेट्स

पाइथागोरस प्रमेय केवल समकोण त्रिभुज (Right-angled triangle) पर लागू होती है, जहाँ कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है। ट्रिपलेट्स (Triplets) संख्याओं का वह समूह हैं जो इस नियम का पालन करते हैं, इन्हें याद रखने से गणना तेज होती है। यदि हमें त्रिभुज की तीन भुजाएँ दी गई हों, तो हम सबसे लंबी भुजा के वर्ग की तुलना अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग से करके यह बता सकते हैं कि त्रिभुज न्यूनकोण (Acute), अधिककोण (Obtuse) या समकोण (Right) है। परीक्षा में अक्सर ट्रिपलेट्स के गुणज (Multiples) पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 H² = P² + B² (कर्ण² = लंब² + आधार²) — जब समकोण त्रिभुज की कोई भी दो भुजाएँ दी गई हों और तीसरी ज्ञात करनी हो।

कर्ण² = लंब² + आधार²

कर्ण² = 12² + 9²

कर्ण² = 144 + 81

कर्ण² = 225

कर्ण = √225 = 15 सेमी

यहाँ कर्ण (सीढ़ी) = 25, आधार = 7

लंब² = कर्ण² - आधार²

लंब² = 25² - 7²

लंब² = 625 - 49

लंब² = 576

लंब = √576 = 24 मीटर

📐 त्रिभुज परीक्षण: c² < a² + b² (न्यूनकोण), c² = a² + b² (समकोण), c² > a² + b² (अधिककोण) — जब त्रिभुज की तीन भुजाएँ (a, b, c जहाँ c सबसे बड़ी है) दी गई हों और त्रिभुज का प्रकार पहचानना हो।

सबसे बड़ी भुजा (c) = 20

c² = 20² = 400

a² + b² = 8² + 15² = 64 + 225 = 289

यहाँ 400 > 289 (c² > a² + b²)

अतः यह एक अधिककोण त्रिभुज है।

सबसे बड़ी भुजा (c) = 8

c² = 8² = 64

a² + b² = 6² + 7² = 36 + 49 = 85

यहाँ 64 < 85 (c² < a² + b²)

अतः यह एक न्यूनकोण त्रिभुज है।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

कर्ण = 13, एक भुजा = 5

दूसरी भुजा² = 13² - 5²

दूसरी भुजा² = 169 - 25

दूसरी भुजा² = 144

दूसरी भुजा = √144 = 12 सेमी

विकल्प D की जाँच करें: 5² + 10² = 25 + 100 = 125

12² = 144

चूँकि 125 ≠ 144, यह ट्रिपलेट नहीं है।

अन्य सभी (7,24,25), (8,15,17), (9,40,41) मानक ट्रिपलेट्स हैं।

सबसे बड़ी भुजा = 13

13² = 169

5² + 12² = 25 + 144 = 169

चूँकि 169 = 169 (c² = a² + b²)

यह एक समकोण त्रिभुज है।

यह (3, 4, 5) ट्रिपलेट का 0.5 गुना है।

3 × 0.5 = 1.5

4 × 0.5 = 2.0

कर्ण = 5 × 0.5 = 2.5 सेमी

कर्ण = 10, लंब = 8

आधार² = 10² - 8²

आधार² = 100 - 64 = 36

आधार = √36 = 6 मीटर

ट्रिपलेट (8, 15, 17) से, लंब = 15 सेमी

क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × लंब

क्षेत्रफल = 1/2 × 8 × 15

क्षेत्रफल = 4 × 15 = 60 वर्ग सेमी

भुजाएँ 15 और 36 हैं।

इनका अनुपात = 15:36 = 5:12 (3 से भाग देने पर)

हम जानते हैं (5, 12, 13) एक ट्रिपलेट है।

अतः x = 13 × 3 = 39

परीक्षा में कैसे आता है

SSC परीक्षाओं (CGL, CHSL, MTS) में इस उप-विषय से हर शिफ्ट में कम से कम 1-2 प्रश्न सीधे या अन्य ज्यामिति प्रश्नों के भाग के रूप में पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 बुनियादी ट्रिपलेट्स जैसे (3,4,5), (5,12,13), (7,24,25), (8,15,17), (9,40,41), (20,21,29) और उनके गुणजों को याद रखें ताकि बिना वर्ग किए सेकंडों में उत्तर निकाला जा सके।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. एक त्रिभुज ABC में, AD एक माध्यिका है और G केंद्रक है। यदि AD = 13.5 सेमी है, तो AG की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 4.5 सेमी
  2. (ख) 9.0 सेमी
  3. (ग) 6.75 सेमी
  4. (घ) 10.5 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 9.0 सेमी

केंद्रक (G) माध्यिका (AD) को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। इसलिए, AG = (2/3) × AD = (2/3) × 13.5 = 9 सेमी।

2. त्रिभुज ABC में, I अंत:केंद्र है। यदि ∠BAC = 64° है, तो ∠BIC का मान क्या है?

  1. (क) 122°
  2. (ख) 128°
  3. (ग) 116°
  4. (घ) 148°
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 122°

अंत:केंद्र पर बना कोण ∠BIC = 90° + ∠A/2 होता है। यहाँ, ∠BIC = 90° + 64°/2 = 90° + 32° = 122°।

3. एक समकोण त्रिभुज की दो भुजाएँ 9 सेमी और 40 सेमी हैं, जहाँ 40 सेमी सबसे लंबी भुजा नहीं है। तीसरी भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 31 सेमी
  2. (ख) 49 सेमी
  3. (ग) 41 सेमी
  4. (घ) 39 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 41 सेमी

पाइथागोरस ट्रिपलेट (9, 40, 41) के अनुसार, यदि 9 और 40 लंब और आधार हैं, तो कर्ण = √(9² + 40²) = √(81 + 1600) = √1681 = 41 सेमी।

4. त्रिभुज ABC में, O परिकेंद्र है। यदि ∠BAC = 44° है, तो ∠BOC का माप ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 44°
  2. (ख) 136°
  3. (ग) 88°
  4. (घ) 112°
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 88°

परिकेंद्र पर बना कोण शीर्ष कोण का दोगुना होता है। ∠BOC = 2 × ∠A = 2 × 44° = 88°।

5. एक त्रिभुज ABC में, H लंबकेंद्र है। यदि ∠A = 55° है, तो ∠BHC का मान क्या होगा?

  1. (क) 125°
  2. (ख) 110°
  3. (ग) 55°
  4. (घ) 145°
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 125°

लंबकेंद्र के लिए, ∠BHC + ∠A = 180° होता है। इसलिए, ∠BHC = 180° - 55° = 125°।

6. एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ 20 सेमी, 21 सेमी और 29 सेमी हैं। इसकी अंत:त्रिज्या (inradius) ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 10 सेमी
  2. (ख) 6 सेमी
  3. (ग) 7.5 सेमी
  4. (घ) 12 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 6 सेमी

समकोण त्रिभुज के लिए, r = (P + B - H) / 2। यहाँ r = (20 + 21 - 29) / 2 = 12 / 2 = 6 सेमी।

7. त्रिभुज ABC में, AB = 7 सेमी, AC = 9 सेमी और BC = 8 सेमी है। भुजा BC पर खींची गई माध्यिका AD की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 6 सेमी
  2. (ख) 7 सेमी
  3. (ग) √50 सेमी
  4. (घ) 8 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 7 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय द्वारा: AB² + AC² = 2(AD² + (BC/2)²)। 7² + 9² = 2(AD² + 4²); 49 + 81 = 2(AD² + 16); 130 = 2(AD² + 16); 65 = AD² + 16; AD² = 49; AD = 7 सेमी।

8. यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 6 सेमी और 8 सेमी हैं, तो तीसरी भुजा 'x' के कितने पूर्णांक मान संभव हैं ताकि त्रिभुज अधिककोण (obtuse-angled) हो?

  1. (क) 4
  2. (ख) 5
  3. (ग) 6
  4. (घ) 3
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 6

त्रिभुज असमानता: 2 < x < 14। अधिककोण के लिए: 1) x² > 6² + 8² = 100 ⇒ x > 10 (मान: 11, 12, 13)। 2) 8² > 6² + x² ⇒ 64 > 36 + x² ⇒ x² < 28 ⇒ x < 5.29 (मान: 3, 4, 5)। कुल मान = 3 + 3 = 6।

9. एक समबाहु त्रिभुज की भुजा 6 सेमी है। इसकी परित्रिज्या (circumradius) और अंत:त्रिज्या (inradius) के बीच का अंतर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) √3 सेमी
  2. (ख) 2√3 सेमी
  3. (ग) 3 सेमी
  4. (घ) 1.5√3 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) √3 सेमी

R = a/√3 = 6/√3 = 2√3 सेमी। r = a/(2√3) = 6/(2√3) = √3 सेमी। अंतर = 2√3 - √3 = √3 सेमी।

10. एक त्रिभुज की भुजाएँ 6 सेमी, 8 सेमी और 10 सेमी हैं। इसके लंबकेंद्र (orthocentre) और परिकेंद्र (circumcentre) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 10 सेमी
  2. (ख) 5 सेमी
  3. (ग) 4 सेमी
  4. (घ) 3 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 5 सेमी

यह एक समकोण त्रिभुज है (6² + 8² = 10²)। समकोण त्रिभुज में, लंबकेंद्र समकोण वाले शीर्ष पर होता है और परिकेंद्र कर्ण का मध्यबिंदु होता है। इनके बीच की दूरी कर्ण की आधी (माध्यिका) होती है = 10 / 2 = 5 सेमी।

English version — Geometry: Centers of Triangles and Pythagoras

This chapter is crucial for SSC CGL and CHSL (Tier-1 & 2), typically contributing 2-3 questions. It is highly scoring as questions are directly based on standard properties and formulas.

Centroid and Apollonius Theorem

The point where the three medians of a triangle intersect is called the Centroid. A median is a line segment joining a vertex to the midpoint of the opposite side. The centroid divides each median in the ratio 2:1 (2 parts towards the vertex and 1 part towards the base). Apollonius theorem is used to find the length of a median. When a question asks for median length or the relation between sides and medians, use centroid properties and Apollonius theorem.

Formulas with examples

📐 AG : GD = 2 : 1 (यहाँ G केंद्रक है और AD माध्यिका है) — When calculating the division of a median by centroid or distance from vertex/midpoint.

केंद्रक (G) माध्यिका को 2:1 में बाँटता है

AG : GD = 2 : 1

अनुपात का कुल योग = 2 + 1 = 3 इकाई

3 इकाई = 18 सेमी

1 इकाई = 6 सेमी

AG = 2 इकाई = 2 × 6 = 12 सेमी

AG : GD = 2 : 1

यहाँ GD = 1 इकाई = 5 सेमी

AG = 2 इकाई = 2 × 5 = 10 सेमी

माध्यिका AD = AG + GD

AD = 10 + 5 = 15 सेमी

📐 AB² + AC² = 2(AD² + BD²) [Apollonius Theorem] — When triangle sides are given and the length of median AD needs to be found.

D, BC का मध्य-बिंदु है, अतः BD = BC / 2 = 10 / 2 = 5 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: AB² + AC² = 2(AD² + BD²)

6² + 8² = 2(AD² + 5²)

36 + 64 = 2(AD² + 25)

100 = 2(AD² + 25)

AD² + 25 = 50

AD² = 25 ⇒ AD = 5 सेमी

S, QR का मध्य-बिंदु है, अतः QS = QR / 2 = 8 / 2 = 4 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: PQ² + PR² = 2(PS² + QS²)

7² + 9² = 2(PS² + 4²)

49 + 81 = 2(PS² + 16)

130 = 2(PS² + 16)

PS² + 16 = 65

PS² = 49 ⇒ PS = 7 सेमी

📐 3 × (AB² + BC² + CA²) = 4 × (AD² + BE² + CF²) — When relation between sum of squares of sides and sum of squares of medians is required.

सूत्र: 3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × 135

3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 540

भुजाओं के वर्गों का योग = 540 / 3 = 180 सेमी²

सूत्र: 3 × (भुजाओं के वर्गों का योग) = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

3 × 240 = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

720 = 4 × (माध्यिकाओं के वर्गों का योग)

माध्यिकाओं के वर्गों का योग = 720 / 4 = 180 सेमी²

📐 4(AD² + CE²) = 5 × AC² (समकोण B पर AD और CE माध्यिकाएं हों) — When two medians drawn from acute angles in a right-angled triangle are given.

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(5² + (2√5)²) = 5 × AC²

4(25 + 20) = 5 × AC²

4 × 45 = 5 × AC²

180 = 5 × AC²

AC² = 36 ⇒ AC = 6 सेमी

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(AD² + CE²) = 5 × (10)²

4(AD² + CE²) = 5 × 100 = 500

AD² + CE² = 500 / 4 = 125 सेमी²

Question types asked

Solved questions (every type)

केंद्रक (G) प्रत्येक माध्यिका को 2:1 में विभाजित करता है

इसलिए AG = (2/3)AD, BG = (2/3)BE, CG = (2/3)CF

AG + BG + CG = (2/3)(AD + BE + CF)

18 = (2/3)(AD + BE + CF)

AD + BE + CF = 18 × 3 / 2 = 27 सेमी

D, BC का मध्य-बिंदु है ⇒ BD = 12 / 2 = 6 सेमी

अपोलोनियस प्रमेय: AB² + AC² = 2(AD² + BD²)

9² + 11² = 2(AD² + 6²)

81 + 121 = 2(AD² + 36)

202 = 2(AD² + 36)

101 = AD² + 36

AD² = 65 ⇒ AD = √65 सेमी

सूत्र: 3 × (AB² + BC² + CA²) = 4 × (AD² + BE² + CF²)

3 × 360 = 4 × (AD² + BE² + CF²)

1080 = 4 × (AD² + BE² + CF²)

AD² + BE² + CF² = 1080 / 4 = 270 सेमी²

सूत्र: 4(AD² + CE²) = 5 × AC²

4(6² + 8²) = 5 × AC²

4(36 + 64) = 5 × AC²

4 × 100 = 5 × AC²

400 = 5 × AC²

AC² = 80 ⇒ AC = √80 = 4√5 सेमी

केंद्रक (G) त्रिभुज को 3 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बांटता है

ar(ΔGAB) = ar(ΔGBC) = ar(ΔGCA)

ar(ΔGBC) = (1/3) × ar(ΔABC)

ar(ΔGBC) = (1/3) × 72 = 24 सेमी²

मान लें GD = x इकाई, तब AG = 2x इकाई

AG - GD = 2x - x = x = 4 सेमी

इसलिए GD = 4 सेमी और AG = 2 × 4 = 8 सेमी

माध्यिका AD = AG + GD = 8 + 4 = 12 सेमी

जब माध्यिकाएं BE और CF समकोण पर काटती हैं, तब AB² + AC² = 5 × BC²

19² + 22² = 5 × BC²

361 + 484 = 5 × BC²

845 = 5 × BC²

BC² = 845 / 5 = 169

BC = √169 = 13 सेमी

How it is asked

1-2 questions are regularly asked in SSC CGL (Tier-1 & Tier-2), CHSL, and CPO based on 2:1 ratio of centroid and Apollonius theorem.

Common mistakes

💡 समकोण त्रिभुज में कर्ण पर खींची गई माध्यिका की लंबाई कर्ण की आधी (Hypotenuse / 2) होती है। Direct याद रखें।

Incentre and Inradius

The point of intersection of the three internal angle bisectors of a triangle is called the Incentre (I). The incentre is equidistant from all three sides, and this perpendicular distance is called the Inradius (r). The angle formed at the incentre by two bisectors is ∠BIC = 90° + ∠A/2. Recognise this concept in questions mentioning angle bisectors, incircles, or inradii.

Formulas with examples

📐 ∠BIC = 90° + ∠A / 2 — When calculating the angle formed at the incentre I or finding the vertex angle A.

∠BIC = 90° + ∠A / 2

∠BIC = 90° + 80° / 2

∠BIC = 90° + 40° = 130°

∠BIC = 90° + ∠A / 2

135° = 90° + ∠A / 2

∠A / 2 = 135° - 90° = 45°

∠A = 45° × 2 = 90°

📐 r = Δ / s — To find the inradius (r) of any general triangle where Δ is area and s is semi-perimeter.

अर्ध-परिमाप (s) = 24 / 2 = 12 cm

अंतःत्रिज्या (r) = Δ / s

r = 36 / 12 = 3 cm

s = (5 + 12 + 13) / 2 = 15 cm

r = Δ / s

r = 30 / 15 = 2 cm

📐 समकोण त्रिभुज: r = (P + B - H) / 2 तथा समबाहु त्रिभुज: r = a / (2√3) — To quickly calculate the inradius for right-angled or equilateral triangles.

r = (P + B - H) / 2

r = (9 + 12 - 15) / 2

r = 6 / 2 = 3 cm

r = a / (2√3)

r = 18 / (2√3)

r = 9 / √3 = 3√3 cm

Question types asked

Solved questions (every type)

सूत्र: ∠BIC = 90° + ∠A / 2

∠BIC = 90° + 70° / 2

∠BIC = 90° + 35° = 125°

सूत्र: ∠BIC = 90° + ∠A / 2

125° = 90° + ∠A / 2

∠A / 2 = 125° - 90° = 35°

∠A = 35° × 2 = 70°

सूत्र: r = a / (2√3)

r = 12 / (2√3)

r = 6 / √3 = 2√3 cm

अंतःवृत्त का क्षेत्रफल = π r² = 48π

r² = 48 ⇒ r = √48 = 4√3 cm

सूत्र: r = a / (2√3)

4√3 = a / (2√3)

a = 4√3 × 2√3 = 24 cm

लंब (P) = 6 cm, आधार (B) = 8 cm, कर्ण (H) = 10 cm

सूत्र: r = (P + B - H) / 2

r = (6 + 8 - 10) / 2

r = 4 / 2 = 2 cm

लंब (P) = √(17² - 15²) = √(289 - 225) = √64 = 8 cm

सूत्र: r = (P + B - H) / 2

r = (8 + 15 - 17) / 2

r = 6 / 2 = 3 cm

अर्ध-परिमाप (s) = (13 + 14 + 15) / 2 = 21 cm

हिरॉन के सूत्र से क्षेत्रफल (Δ) = √(21 × 8 × 7 × 6) = 84 cm²

सूत्र: r = Δ / s

r = 84 / 21 = 4 cm

How it is asked

Direct questions on incentre angle (∠BIC = 90° + A/2) and inradius of right/equilateral triangles appear frequently in almost every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, and GD exams.

Common mistakes

💡 समकोण त्रिभुज के लिए अंतःत्रिज्या r = (P + B - H) / 2 और समबाहु त्रिभुज के लिए r = a / 2√3 याद रखें, इससे बिना क्षेत्रफल निकाले 5 सेकंड में उत्तर आ जाता है। Flight time बचता है। माना r:R का अनुपात समबाहु में 1:2 होता है।mathrm{Inradius} = \Delta / s। अंतःकेंद्र कोण: ∠BIC = 90° + ∠A/2। समकोण त्रिभुज: r = (P + B - H) / 2। समबाहु त्रिभुज: r = a / (2√3)। सामान्य त्रिभुज: r = Δ / s। समबाहु त्रिभुज में r : R = 1 : 2 होता है।

Circumcentre

The circumcentre is the point where the perpendicular bisectors of the three sides of a triangle intersect. This point is equidistant from all three vertices, and this distance is called the circumradius (R). A circle drawn with this point as the center passes through all three vertices. The angle subtended by a side at the circumcentre is twice the angle at the opposite vertex. In a right-angled triangle, the circumcentre always lies at the midpoint of the hypotenuse.

Formulas with examples

📐 Angle BOC = 2 × Angle A — When the angle at the circumcentre (O) needs to be found using the vertex angle (A).

दिया है: कोण BAC = 85°

परिकेंद्र गुण: कोण BOC = 2 × कोण BAC

कोण BOC = 2 × 85°

कोण BOC = 170°

दिया है: कोण QOR = 110°

सूत्र: कोण QOR = 2 × कोण QPR

110° = 2 × कोण QPR

कोण QPR = 110° / 2

कोण QPR = 55°

📐 R = Hypotenuse / 2 — To find the circumradius of a right-angled triangle.

भुजाएँ: 6, 8, 10 (यह एक पाइथागोरियन ट्रिपलेट है)

कर्ण (Hypotenuse) = 10 सेमी

परित्रिज्या (R) = कर्ण / 2

परित्रिज्या = 10 / 2 = 5 सेमी

कर्ण = 26 सेमी

परित्रिज्या (R) = 26 / 2 = 13 सेमी

क्षेत्रफल = π × R²

क्षेत्रफल = π × 13 × 13 = 169π

📐 R = a / √3 — To find the circumradius of an equilateral triangle where 'a' is the side.

भुजा (a) = 12 सेमी

सूत्र: R = a / √3

R = 12 / √3

हर का परिमेयकरण करने पर: (12 × √3) / 3

R = 4√3 सेमी

परित्रिज्या (R) = 6 सेमी

सूत्र: R = a / √3

6 = a / √3

a = 6√3 सेमी

Question types asked

Solved questions (every type)

त्रिभुज OBC में, OB = OC (परित्रिज्या)

इसलिए, कोण OCB = कोण OBC = 35°

कोण BOC = 180° - (35° + 35°) = 110°

हम जानते हैं: कोण BOC = 2 × कोण BAC

110° = 2 × कोण BAC

कोण BAC = 55°

भुजाएँ 5, 12, 13 एक समकोण त्रिभुज बनाती हैं (5² + 12² = 13²)

परिकेंद्र और शीर्षों के बीच की दूरी = परित्रिज्या (R)

समकोण त्रिभुज में R = कर्ण / 2

R = 13 / 2 = 6.5 सेमी

क्षेत्रफल = πR² = 154

(22/7) × R² = 154

R² = 154 × 7 / 22 = 49

R = 7 सेमी

समबाहु त्रिभुज के लिए: R = a / √3

7 = a / √3

a = 7√3 सेमी

अर्ध-परिमाप (s) = (13+14+15)/2 = 21

क्षेत्रफल = √[21(21-13)(21-14)(21-15)] = √[21×8×7×6] = 84 वर्ग सेमी

सूत्र: R = (abc) / (4 × क्षेत्रफल)

R = (13 × 14 × 15) / (4 × 84)

R = 2730 / 336 = 8.125 सेमी

कोण C = 180° - (40° + 70°) = 70°

तीनों कोण (40°, 70°, 70°) 90° से कम हैं।

यह एक न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled triangle) है।

न्यूनकोण त्रिभुज में परिकेंद्र त्रिभुज के अंदर होता है।

हम जानते हैं: कोण BOC = 2 × कोण BAC

दिया है: कोण BOC + कोण BAC = 150°

2 × कोण BAC + कोण BAC = 150°

3 × कोण BAC = 150°

कोण BAC = 50°

कर्ण AC = √(15² + 20²) = √(225 + 400)

AC = √625 = 25 सेमी

परित्रिज्या (R) = कर्ण / 2

R = 25 / 2 = 12.5 सेमी

How it is asked

Questions from this topic are frequently asked in SSC exams (CGL, CHSL). Primarily, questions based on the circumradius of a right-angled triangle (H/2) and the angle relationship (BOC = 2A) appear every year.

Common mistakes

💡 In a right-angled triangle, the distance from the circumcentre to any vertex is always half the hypotenuse. This is the fastest way to solve radius questions.

Orthocentre

The point where all three altitudes of a triangle intersect is called the Orthocentre. Its position varies: it lies inside an acute triangle, outside an obtuse triangle, and at the vertex containing the right angle in a right-angled triangle. In exams, questions focus on the supplementary relationship between the angle at the orthocentre and the vertex angle (BHC = 180 - A). Look for keywords like 'Altitude' or 'Orthocentre' to identify this concept.

Formulas with examples

📐 Angle BHC = 180° - Angle A — When the orthocentre (H) is given and you need to find the angle at the orthocentre or the vertex angle.

दिया है: कोण A = 70°

सूत्र: कोण BHC = 180° - कोण A

कोण BHC = 180° - 70°

कोण BHC = 110°

दिया है: कोण QOR = 135°

सूत्र: कोण QOR = 180° - कोण P

135° = 180° - कोण P

कोण P = 180° - 135°

कोण P = 45°

📐 In Right Triangle, Orthocentre = Vertex with 90° — When the position of the orthocentre is asked in a right-angled triangle.

समकोण त्रिभुज में, लंबकेंद्र हमेशा उस शीर्ष पर होता है जहाँ 90° का कोण बनता है।

यहाँ कोण B = 90° है।

इसलिए, लंबकेंद्र शीर्ष B पर होगा।

शीर्ष (0,0), (4,0) और (0,3) एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं।

समकोण (0,0) पर बन रहा है क्योंकि X और Y अक्ष वहीं मिलते हैं।

समकोण त्रिभुज का लंबकेंद्र समकोण वाला शीर्ष ही होता है।

Question types asked

Solved questions (every type)

लंबकेंद्र के गुण से: कोण BHC + कोण A = 180°

कोण BHC = 180° - 55°

कोण BHC = 125°

भुजाएँ 5, 12, 13 एक पाइथागोरस ट्रिपलेट हैं।

अतः यह एक समकोण त्रिभुज है जहाँ PR कर्ण है।

समकोण शीर्ष Q पर बनेगा (कर्ण के सामने वाला शीर्ष)।

लंबकेंद्र समकोण वाले शीर्ष पर होता है।

त्रिभुज चाहे न्यूनकोण हो या अधिककोण, लंबकेंद्र का कोण सूत्र समान रहता है।

कोण BHC = 180° - कोण A

कोण BHC = 180° - 110°

कोण BHC = 70°

कोण BOC (लंबकेंद्र) = 180 - 60 = 120°

कोण BIC (अंत:केंद्र) = 90 + (60/2) = 90 + 30 = 120°

अंतर = 120° - 120° = 0°

ऊँचाइयों का मिलन बिंदु P ही लंबकेंद्र (Orthocentre) है।

कोण APB = 180° - कोण C

कोण APB = 180° - 50°

कोण APB = 130°

त्रिभुज HBC में: कोण BHC = 180° - (25° + 35°)

कोण BHC = 180° - 60° = 120°

हम जानते हैं: कोण BHC = 180° - कोण A

120° = 180° - कोण A

कोण A = 60°

सूत्र: कोण BHC = 180° - कोण BAC

150° = 180° - कोण BAC

कोण BAC = 180° - 150°

कोण BAC = 30°

How it is asked

In SSC exams (CGL, CHSL), 1-2 questions are asked from this topic every year. Questions are primarily based on the '180 - A' formula and the position of the orthocentre in a right-angled triangle.

Common mistakes

💡 To remember: Orthocentre starts with 'O', and its angle is 'Opposite' (Supplementary) to the vertex angle (Sum = 180°).

Pythagoras Theorem and Triplets

Pythagoras theorem applies only to right-angled triangles where the square of the hypotenuse equals the sum of squares of the other two sides. Triplets are sets of integers that satisfy this rule; memorizing them speeds up calculations. By comparing the square of the longest side with the sum of squares of the other two sides, we can identify if a triangle is Acute, Obtuse, or Right-angled. SSC exams frequently feature questions based on multiples of standard triplets.

Formulas with examples

📐 H² = P² + B² (कर्ण² = लंब² + आधार²) — When any two sides of a right-angled triangle are given and the third needs to be found.

कर्ण² = लंब² + आधार²

कर्ण² = 12² + 9²

कर्ण² = 144 + 81

कर्ण² = 225

कर्ण = √225 = 15 सेमी

यहाँ कर्ण (सीढ़ी) = 25, आधार = 7

लंब² = कर्ण² - आधार²

लंब² = 25² - 7²

लंब² = 625 - 49

लंब² = 576

लंब = √576 = 24 मीटर

📐 त्रिभुज परीक्षण: c² < a² + b² (न्यूनकोण), c² = a² + b² (समकोण), c² > a² + b² (अधिककोण) — When three sides (a, b, c where c is longest) are given and the type of triangle needs to be identified.

सबसे बड़ी भुजा (c) = 20

c² = 20² = 400

a² + b² = 8² + 15² = 64 + 225 = 289

यहाँ 400 > 289 (c² > a² + b²)

अतः यह एक अधिककोण त्रिभुज है।

सबसे बड़ी भुजा (c) = 8

c² = 8² = 64

a² + b² = 6² + 7² = 36 + 49 = 85

यहाँ 64 < 85 (c² < a² + b²)

अतः यह एक न्यूनकोण त्रिभुज है।

Question types asked

Solved questions (every type)

कर्ण = 13, एक भुजा = 5

दूसरी भुजा² = 13² - 5²

दूसरी भुजा² = 169 - 25

दूसरी भुजा² = 144

दूसरी भुजा = √144 = 12 सेमी

विकल्प D की जाँच करें: 5² + 10² = 25 + 100 = 125

12² = 144

चूँकि 125 ≠ 144, यह ट्रिपलेट नहीं है।

अन्य सभी (7,24,25), (8,15,17), (9,40,41) मानक ट्रिपलेट्स हैं।

सबसे बड़ी भुजा = 13

13² = 169

5² + 12² = 25 + 144 = 169

चूँकि 169 = 169 (c² = a² + b²)

यह एक समकोण त्रिभुज है।

यह (3, 4, 5) ट्रिपलेट का 0.5 गुना है।

3 × 0.5 = 1.5

4 × 0.5 = 2.0

कर्ण = 5 × 0.5 = 2.5 सेमी

कर्ण = 10, लंब = 8

आधार² = 10² - 8²

आधार² = 100 - 64 = 36

आधार = √36 = 6 मीटर

ट्रिपलेट (8, 15, 17) से, लंब = 15 सेमी

क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × लंब

क्षेत्रफल = 1/2 × 8 × 15

क्षेत्रफल = 4 × 15 = 60 वर्ग सेमी

भुजाएँ 15 और 36 हैं।

इनका अनुपात = 15:36 = 5:12 (3 से भाग देने पर)

हम जानते हैं (5, 12, 13) एक ट्रिपलेट है।

अतः x = 13 × 3 = 39

How it is asked

In SSC exams (CGL, CHSL, MTS), at least 1-2 questions from this sub-topic are asked in every shift, either directly or as part of other geometry problems.

Common mistakes

💡 Memorize basic triplets like (3,4,5), (5,12,13), (7,24,25), (8,15,17), (9,40,41), (20,21,29) and their multiples to solve questions in seconds without squaring.

All formulas at a glance

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