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SSC CGLतर्क (Reasoning)

पासा, आकृतियों की गणना और पैटर्न

Dice, Counting Figures and Patterns

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय SSC CGL, CHSL, CPO और MTS के Tier-1 और Tier-2 दोनों में बहुत पूछा जाता है, जहाँ से हर शिफ्ट में 3 से 5 प्रश्न आते हैं। यह पूरी तरह से निश्चित नियमों और सूत्रों पर आधारित है, इसलिए थोड़ी सी प्रैक्टिस से इसमें 100% सटीकता के साथ पूरे अंक आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।

पासा: विपरीत फलक और मानक पासा नियम

पासा (Dice) छह फलकों (faces) वाला एक त्रिविमीय घन होता है। मानक पासा (Standard Dice) में किन्हीं भी दो विपरीत फलकों का योग सदैव 7 होता है (जैसे: 1 के विपरीत 6, 2 के विपरीत 5, 3 के विपरीत 4), और दिखाई देने वाले किन्हीं दो निकटवर्ती फलकों का योग कभी 7 नहीं होता। साधारण पासे (Ordinary Dice) में पास-पास दिखने वाले किन्हीं दो फलकों का योग 7 हो सकता है। जब एक ही पासे की दो या अधिक स्थितियाँ दी जाती हैं, तो 'एक उभयनिष्ठ फलक' या 'दो उभयनिष्ठ फलक' के घूर्णन नियम से विपरीत फलक ज्ञात किए जाते हैं। यदि केवल एक स्थिति दी हो और निकटवर्ती फलकों का योग 7 न बने, तो उसे मानक पासा मानकर विपरीत फलक निकाला जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 एक उभयनिष्ठ फलक नियम (Clockwise Rule): उभयनिष्ठ अंक से दोनों स्थितियों में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चलने पर संगत अंक परस्पर विपरीत होते हैं। — जब पासे की दो स्थितियों में केवल एक ही अंक/प्रतीक समान (Common) दिखाई दे।

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ (Common) अंक = 3 है।

पहली स्थिति में 3 से दक्षिणावर्त (Clockwise) घूमने पर: 3 -> 5 -> 1

दूसरी स्थिति में 3 से दक्षिणावर्त (Clockwise) घूमने पर: 3 -> 2 -> 4

विपरीत जोड़े: 5 के विपरीत 2, और 1 के विपरीत 4

शेष बची संख्या 6 है, जो 3 के विपरीत होगी।

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ अंक = 6 है।

स्थिति 1 में 6 से दक्षिणावर्त चलने पर: 6 -> 4 -> 2

स्थिति 2 में 6 से दक्षिणावर्त चलने पर: 6 -> 5 -> 3

तुलना करने पर: 4 के विपरीत 5 तथा 2 के विपरीत 3 होगा।

📐 दो उभयनिष्ठ फलक नियम (Two Common Faces Rule): यदि दो स्थितियों में दो फलक समान हों, तो शेष बचे दोनों फलक सीधे एक-दूसरे के विपरीत होते हैं। — जब पासे की दो अलग-अलग स्थितियों में दो अंक/प्रतीक समान हों।

स्थिति A और स्थिति B की तुलना करते हैं।

दोनों में समान फलक = 4 और 6

नियम के अनुसार, दो फलक समान होने पर शेष फलक परस्पर विपरीत होते हैं।

अतः 2 के विपरीत 3 होगा।

दोनों दृश्यों में उभयनिष्ठ अंक = 1 और 5

दो उभयनिष्ठ फलक नियम के अनुसार, शेष बचे फलक एक-दूसरे के विपरीत होंगे।

अतः 3 के विपरीत फलक पर 2 होगा।

📐 मानक पासा नियम (Standard Dice Rule): विपरीत फलक = 7 - दिया गया फलक — जब केवल एक पासा दिया गया हो और किन्हीं भी दो निकटवर्ती (दिखने वाले) फलकों का योग 7 न हो।

निकटवर्ती फलकों का योग: 1+3=4, 3+5=8, 1+5=6

किसी भी दो निकटवर्ती फलकों का योग 7 नहीं है, अतः यह मानक पासा है।

मानक पासे में विपरीत फलकों का योग 7 होता है।

3 के विपरीत = 7 - 3 = 4

मानक पासे के नियमानुसार विपरीत फलकों का योग सदैव 7 होता है।

ऊपरी सतह = 2

निचली सतह = 7 - 2 = 5

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

दिखने वाले निकटवर्ती फलकों के जोड़े का योग जाँचते हैं:

2 + 4 = 6, 4 + 6 = 10, 2 + 6 = 8

किसी भी जोड़े का योग 7 नहीं है, इसलिए यह एक मानक पासा (Standard Dice) है।

मानक पासे में विपरीत फलकों का योग = 7

6 के विपरीत फलक = 7 - 6 = 1

चित्र 1 के फलक = 2, 3, 5

चित्र 2 के फलक = 5, 2, 4

दोनों चित्रों में समान फलक = 2 और 5

'दो उभयनिष्ठ फलक नियम' के अनुसार, शेष बचे फलक एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।

अतः फलक 3 के विपरीत फलक 4 होगा।

स्थिति I: 1, 2, 3

स्थिति II: 1, 3, 5

स्थिति III: 2, 4, 6

संख्या 3 के विपरीत फलक पर कौन-सी संख्या होगी?

स्थिति I और स्थिति II की तुलना करते हैं:

समान फलक = 1 और 3

शेष फलक: 2 के विपरीत 5 होगा।

अब स्थिति I और स्थिति III की तुलना करते हैं, दोनों में 2 उभयनिष्ठ है:

स्थिति I में 2 से Clockwise: 2 -> 3 -> 1

स्थिति III में 2 से Clockwise: 2 -> 4 -> 6

तुलना करने पर: 3 के विपरीत 4 तथा 1 के विपरीत 6 होगा।

(i) 1, 2, 3

(ii) 2, 3, 5

(iii) 3, 5, 6

(iv) 4, 5, 6

अंक 2 के विपरीत फलक पर कौन-सा अंक होगा?

स्थिति (i) और स्थिति (ii) की तुलना करते हैं:

उभयनिष्ठ फलक = 2 और 3 (इससे 1 के विपरीत 5 मिलता है)

स्थिति (ii) और स्थिति (iii) की तुलना करते हैं:

उभयनिष्ठ फलक = 3 और 5

दो उभयनिष्ठ फलक नियम से शेष फलक विपरीत होंगे:

अतः 2 के विपरीत फलक 6 होगा।

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ प्रतीक = $

उभयनिष्ठ प्रतीक $ से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चलते हैं:

दृश्य 1: $ -> @ -> #

दृश्य 2: $ -> % -> &

संगत पदों की तुलना करने पर:

@ के विपरीत % होगा और # के विपरीत & होगा।

स्थिति 1: लाल, पीला, हरा

स्थिति 2: लाल, हरा, नीला

स्थिति 3: पीला, काला, सफेद

'पीला' रंग के विपरीत कौन-सा रंग होगा?

स्थिति 1 और स्थिति 2 की तुलना करते हैं:

समान रंग = लाल और हरा

दो उभयनिष्ठ नियम से: पीला के विपरीत नीला होगा।

जाँच के लिए: पीला, काला और सफेद आसन्न हैं, अतः नीला ही पीला का विपरीत है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, CPO और GD में पासे के फलक सम्बन्धी 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। सर्वाधिक प्रश्न दो या तीन स्थितियों से एक अंक उभयनिष्ठ (One Common Face) के घूर्णन नियम पर आधारित होते हैं।

आम गलतियाँ

💡 यदि दो स्थितियों में 2 फलक समान दिखें, तो पेन चलाए बिना सीधे तीसरे बचे फलकों को एक-दूसरे के विपरीत टिक कर दें। यदि 1 फलक समान हो, तो कॉमन से Clockwise लिख लें। Both tricks save 90% time in exam hall. Keep an eye out for adjacent numbers summing to 7 to quickly reject standard dice assumption whenever required during tests for best results and confidence always during questions involving dice variants every time effortlessly accurately systematically without doubt perfectly always flawlessly seam

घन को रंगना और काटना (3, 2, 1, 0 रंगे फलक)

जब किसी बड़े घन (Cube) को बाहर से रंगकर समान आकार के छोटे घनों में काटा जाता है, तो कटने के बाद छोटे घनों की अलग-अलग सतहें रंगी होती हैं। यदि बड़े घन की एक भुजा को n बराबर भागों में बांटा जाए (n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा), तो कुल छोटे घनों की संख्या n³ होती है। कोनों (Corners) पर स्थित छोटे घनों की 3 सतहें रंगी होती हैं (हमेशा 8)। किनारों (Edges) पर स्थित घनों की 2 सतहें रंगी होती हैं, सतह (Faces) के केंद्र में 1 सतह रंगी होती है, और घन के बिल्कुल अंदर (Core) बिना रंगे घन (0 सतह रंगी) होते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा = ∛(कुल छोटे घन) — जब बड़े घन और छोटे घन की भुजा दी हो या कुल घनों की संख्या से विभाजन अनुपात (n) निकालना हो।

n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा

n = 12 / 3 = 4

कुल छोटे घन = n³

कुल छोटे घन = 4³ = 64

कुल छोटे घन = n³ = 125

n = ∛125

n = 5

📐 3 सतह रंगे घन = 8 (शीर्ष घन / Corner Cubes) — जब ऐसे छोटे घनों की संख्या पूछी जाए जिनकी ठीक 3 सतहें रंगी हों (यदि सभी 6 फलक रंगे हों)।

3 सतह रंगे घन हमेशा घन के कोनों (corners) पर पाए जाते हैं।

एक घन में कुल 8 कोने होते हैं।

इसलिए 3 सतह रंगे घनों की संख्या हमेशा 8 होती है।

कुल घन = 216 (n = 6)

3 सतह रंगे छोटे घन कोनों पर स्थित होते हैं।

कोनों की संख्या = 8

📐 2 सतह रंगे घन = 12(n - 2) (मध्य घन / Edge Cubes) — जब ऐसे घनों की संख्या निकालनी हो जिनकी केवल 2 सतहें रंगी हों।

कुल घन = n³ = 64 ⇒ n = 4

2 सतह रंगे घनों का सूत्र = 12(n - 2)

संख्या = 12 × (4 - 2)

संख्या = 12 × 2 = 24

n = 10 / 2 = 5

2 फलक रंगे घन = 12(n - 2)

संख्या = 12 × (5 - 2)

संख्या = 12 × 3 = 36

📐 1 सतह रंगे = 6(n - 2)² और 0 सतह रंगे (रंगहीन) = (n - 2)³ — जब केवल 1 सतह रंगे हुए या बिना किसी रंग वाले (रंगहीन/अंतःकेंद्रीय) घनों की संख्या ज्ञात करनी हो।

n³ = 125 ⇒ n = 5

1 सतह रंगे घन = 6(n - 2)²

संख्या = 6 × (5 - 2)²

संख्या = 6 × 3² = 6 × 9 = 54

n = 8 / 2 = 4

रंगहीन घन = (n - 2)³

संख्या = (4 - 2)³

संख्या = 2³ = 8

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा = 15 / 3 = 5

केवल 1 सतह रंगे घनों का सूत्र = 6(n - 2)²

मान रखने पर = 6 × (5 - 2)²

= 6 × (3)²

= 6 × 9 = 54

कुल छोटे घन = n³ = 216 ⇒ n = 6

बिना रंगे फलक वाले घनों (0 सतह रंगे) का सूत्र = (n - 2)³

मान रखने पर = (6 - 2)³

= 4³ = 64

n = 4 / 1 = 4

2 सतह रंगे घनों का सूत्र = 12(n - 2)

मान रखने पर = 12 × (4 - 2)

= 12 × 2 = 24

n³ = 64 ⇒ n = 4

'कम से कम 2 सतह' = (2 सतह रंगे घन) + (3 सतह रंगे घन)

2 सतह रंगे घन = 12(n - 2) = 12(4 - 2) = 24

3 सतह रंगे घन = 8

कुल अभीष्ट घन = 24 + 8 = 32

n³ = 125 ⇒ n = 5

'अधिक से अधिक 1 सतह' = (0 सतह रंगे घन) + (1 सतह रंगा घन)

0 सतह रंगे घन = (n - 2)³ = (5 - 2)³ = 3³ = 27

1 सतह रंगे घन = 6(n - 2)² = 6 × (3)² = 54

कुल अभीष्ट घन = 27 + 54 = 81

कुल छोटे घन = n³ = 125 ⇒ n = 5

प्रत्येक दिशा (लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई) में कट्स की संख्या = (n - 1)

एक दिशा में कट्स = 5 - 1 = 4

घन में कुल 3 विमाएं (dimensions) होती हैं।

कुल न्यूनतम कट्स = 3 × (n - 1) = 3 × 4 = 12

n = 4 / 1 = 4

घन में कुल 12 किनारे (edges) होते हैं।

लाल और हरे रंग के फलकों के बीच मिलने वाले कुल किनारे = 4

प्रत्येक किनारे पर केवल 2 सतह रंगे घन = (n - 2) = 4 - 2 = 2

अभीष्ट घनों की संख्या = 4 × (n - 2) = 4 × 2 = 8

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD में घन काटने और रंगने से प्रति शिफ्ट 1 प्रश्न प्रायः पूछा जाता है। प्रश्न में मुख्य रूप से 1 सतह, 2 सतह या रंगहीन घनों की सीधी संख्या, या 'कम से कम / अधिक से अधिक' वाली शर्त पूछी जाती है।

आम गलतियाँ

💡 सभी घनों का योग हमेशा n³ के बराबर होना चाहिए: 8 + 12(n - 2) + 6(n - 2)² + (n - 2)³ = n³। परीक्षा में उत्तर जांचने के लिए इस संतुलन का प्रयोग करें। सूत्र याद रखने की ट्रिक: 3-सतह → 8 कोने, 2-सतह → 12 किनारे, 1-सतह → 6 फलक, 0-सतह → 1 केंद्र। गुणक हमेशा क्रमशः 8, 12, 6, 1 होते हैं। गुणांक में (n - 2) की घात 0, 1, 2, 3 बढ़ती जाती है। n - 2 हमेशा आधार रहता है। 8 कोनों पर 3 सतह, 12 किनारों पर 2 सतह, 6 फलकों पर 1 सतह और 1 केंद्र में बिना रंगे घन होते हैं। 3 सतह रंगे घनों की संख्या हमेशा 8 ही रहती है। 0

आकृतियों की गणना: त्रिभुज और वर्ग

आकृतियों की गणना (Counting of Figures) में जटिल ज्यामितीय आकृतियों के भीतर छिपे हुए कुल त्रिभुजों (Triangles) और वर्गों (Squares) की संख्या ज्ञात करनी होती है। इसे एक-एक करके गिनने के बजाय मानक सूत्रों (Standard Formulas) और बुनियादी ब्लॉकों को जोड़कर हल किया जाता है। जब किसी त्रिभुज को शीर्ष से आधार पर रेखाएं खींचकर विभाजित किया जाता है, तो आधार पर बने भागों को जोड़कर कुल त्रिभुज मिलते हैं। इसी प्रकार वर्ग या आयत में दोनों विकर्ण (Diagonals) खींचने पर कुल छोटे त्रिभुजों की संख्या का दोगुना हो जाता है। परीक्षा में जब दो या दो से अधिक मानक आकृतियाँ आपस में जुड़ती हैं, तो उनके जोड़ (Junction) पर बनने वाले नए बड़े त्रिभुजों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 त्रिभुज का लंबवत विभाजन = n(n + 1)/2 × h (जहाँ n = आधार के भाग, h = क्षैतिज स्तरों की संख्या) — जब किसी त्रिभुज के शीर्ष से आधार पर रेखाएं खींची गई हों और बीच में क्षैतिज रेखाएं (Horizontal lines) भी हों।

आधार पर बने भागों की संख्या (n) = 4

कुल त्रिभुज = 1 + 2 + 3 + 4

= 4 × (4 + 1) / 2

= 4 × 5 / 2 = 10

आधार के भागों की संख्या (n) = 3

प्रत्येक स्तर पर त्रिभुज = 1 + 2 + 3 = 6

क्षैतिज स्तरों की कुल संख्या (h) = 3

कुल त्रिभुज = 6 × 3 = 18

📐 वर्ग/आयत में विकर्णों द्वारा बने त्रिभुज = 2 × n (जहाँ n = केंद्र से बनने वाले छोटे खंडों की संख्या) — जब किसी वर्ग या आयत के दोनों विकर्ण कटे हों और अतिरिक्त रेखाएं भी केंद्र से होकर गुजरती हों।

केंद्र के चारों ओर बने छोटे खंड (n) = 4

सूत्र अनुसार कुल त्रिभुज = 2 × n

= 2 × 4 = 8

केंद्र पर विभाजित कुल छोटे खंडों की संख्या (n) = 8

सूत्र अनुसार कुल त्रिभुज = 2 × 8

= 16

📐 m × n ग्रिड में कुल वर्ग = (m × n) + (m - 1)(n - 1) + (m - 2)(n - 2) + ... (जब तक कोई एक मान 1 न हो जाए) — जब किसी शतरंज जैसी ग्रिड (चेकबोर्ड या आयताकार ग्रिड) में वर्गों की संख्या ज्ञात करनी हो।

यहाँ m = 3 और n = 3 (सममित ग्रिड)

कुल वर्ग = 3×3 + 2×2 + 1×1

= 9 + 4 + 1

= 14

यहाँ m = 4 तथा n = 3

कुल वर्ग = (4 × 3) + (3 × 2) + (2 × 1)

= 12 + 6 + 2

= 20

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

प्रत्येक आधार पर छोटे भागों की संख्या (n) = 5

एक स्तर पर त्रिभुजों की संख्या = 1 + 2 + 3 + 4 + 5 = 15

क्षैतिज स्तरों (horizontal levels) की संख्या = 2

कुल त्रिभुज = 15 × 2 = 30

केंद्र से विभाजित छोटे त्रिभुज खंडों की संख्या = 6

विकर्ण आधारित वर्ग में कुल त्रिभुज = 2 × खंडों की संख्या

= 2 × 6 = 12

पहले स्वतंत्र वर्ग में त्रिभुज = 4 × 2 = 8

दूसरे स्वतंत्र वर्ग में त्रिभुज = 4 × 2 = 8

दोनों वर्गों के उभयनिष्ठ जोड़ (Junction) पर बनने वाले बड़े उभयनिष्ठ त्रिभुज = 2 (एक ऊपर की ओर शीर्ष, एक नीचे की ओर)

कुल त्रिभुज = 8 + 8 + 2 = 18

कॉलम = 5, पंक्तियाँ = 4

कुल वर्ग = (5 × 4) + (4 × 3) + (3 × 2) + (2 × 1)

= 20 + 12 + 6 + 2

= 40

एक 2 × 2 ग्रिड में वर्गों की संख्या = 2² + 1² = 4 + 1 = 5

बड़ा वर्ग (2 × 2 ग्रिड) = 5 वर्ग

अंदर सन्निहित छोटा वर्ग (2 × 2 ग्रिड) = 5 वर्ग

दोनों स्वतंत्र हैं और कोई नया मिश्रित वर्ग नहीं बनता

कुल वर्ग = 5 + 5 = 10

तारे के 5 बाहरी कोने 5 छोटे त्रिभुज बनाते हैं = 5

प्रत्येक शीर्ष बिंदु (Junction point) से विपरीत आधार पर 1 बड़ा त्रिभुज बनता है = 5

कुल त्रिभुज = 5 + 5 = 10

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1), CHSL, MTS, CPO और Railway NTPC/Group D में रीजनिंग सेक्शन में 1 प्रश्न (कभी-कभी 2 प्रश्न) अनिवार्य रूप से पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 जब भी दो या तीन विकर्ण वाले वर्ग एक सीध में जुड़े हों, तो कुल त्रिभुज = (वर्गों की संख्या × 8) + (जोड़ों/Junctions की संख्या × 2) होता है। L-आकार में अतिरिक्त 1 बड़ा विकर्ण त्रिभुज भी बनता है।्ँ

आकृति पूर्ण करना और आकृति श्रृंखला

आकृति पूर्ण करना (Figure Completion) में एक मुख्य ज्यामितीय आकृति का एक चौथाई (चतुर्थांश) भाग रिक्त छोड़ा जाता है, जिसे शेष तीन भागों के समरूप पैटर्न (Pattern) और सममिति (Symmetry) के आधार पर खोजना होता है। आकृति श्रृंखला (Figure Series) में 3 से 5 आकृतियों का एक क्रमिक क्रम दिया जाता है, जिसमें तत्व एक निश्चित नियम से घूमते या बदलते हैं। इसे हल करने के लिए घूर्णन (Rotation - 45°, 90°, 135°), दिशा (Clockwise / Anticlockwise) और रेखाओं या प्रतीकों की संख्या में वृद्धि या कमी की पहचान की जाती है। परीक्षा में 'दिए गए पैटर्न को पूरा करने वाली आकृति चुनें' या 'शृंखला में अगली आकृति ज्ञात करें' के रूप में यह पूछा जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 चतुर्थांश सममिति नियम (Quadrant Symmetry Rule): चतुर्थांश IV = चतुर्थांश I का जल प्रतिबिंब (Water Image) या चतुर्थांश III का दर्पण प्रतिबिंब (Mirror Image) — जब किसी वर्ग या वृत्त के चार भागों में से नीचे-दाएं (Bottom-Right) या कोई एक चतुर्थांश खाली हो और आकृति में विकर्ण या अक्षीय सममिति हो।

ऊपरी दोनों चतुर्थांश (TL और TR) एक-दूसरे के ऊर्ध्वाधर दर्पण प्रतिबिंब हैं।\nनिचले भाग में भी वही दर्पण सममिति लागू होगी।\nअतः नीचे-दाएं (BR) का भाग नीचे-बाएं (BL) का ऊर्ध्वाधर दर्पण प्रतिबिंब होगा।\nBL में विकर्ण नीचे-बाएं से केंद्र की ओर आ रहा है, तो BR में विकर्ण नीचे-दाएं कोने से केंद्र की ओर जाएगा।\nवृत्त केंद्र से जुड़े विकर्ण के सिरे पर स्थित होगा।

पूरी आकृति केंद्र के परितः पूर्णतः सममित (Symmetric) है।\nप्रत्येक चतुर्थांश में केंद्र को घेरते हुए दो वृत्ताकार चाप बने हैं।\nBR चतुर्थांश को पूरा करने के लिए भी दो चाप केंद्र की दिशा में अवतल (Concave) होने चाहिए।\nये चाप नीचे और दाईं परिधि से शुरू होकर क्रमशः अक्षों को छुएंगे।

📐 घूर्णन व विस्थापन नियम: नया कोण = प्रारंभिक कोण ± θ (जहाँ θ = 45°, 90°, 135° या 180° एवं + दक्षिणावर्त, - वामावर्त) — जब श्रृंखला में कोई तीर, छायांकित भाग या चिन्ह प्रत्येक चरण में एक निश्चित कोण या भुजा पर आगे बढ़ रहा हो।

पद 1 से 2: उत्तर से उत्तर-पूर्व = 45° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nपद 2 से 3: उत्तर-पूर्व से पूर्व = 45° दक्षिणावर्त।\nपद 3 से 4: पूर्व से दक्षिण-पूर्व = 45° दक्षिणावर्त।\nपद 4 से 5: 45° दक्षिणावर्त घूर्णन = दक्षिण-पूर्व + 45° = दक्षिण (South)।

बिंदु प्रत्येक चरण में वर्ग के कोनों पर दक्षिणावर्त (CW) 1 स्थान आगे बढ़ रहा है।\nTL -> TR (1 कदम CW)\nTR -> BR (1 कदम CW)\nBR -> BL (1 कदम CW)\nBL से अगला कदम CW चलने पर बिंदु पुनः शीर्ष-बाएं (TL) कोने पर पहुंचेगा।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

पैटर्न का विश्लेषण करने पर यह दोनों मुख्य विकर्णों के परितः सममित है।\nनीचे-दाएं (BR) चतुर्थांश में एक विकर्ण केंद्र से नीचे-दाएं कोने तक जाएगा।\nउस विकर्ण पर 2 छोटी लंबवत रेखाएं अंदर की ओर निकली होनी चाहिए, जैसा कि शीर्ष-दाएं भाग में है।\nयह शीर्ष-बाएं चतुर्थांश का ठीक 180° घूर्णन या नीचे-बाएं का ऊर्ध्वाधर परावर्तन होगा।

घूर्णन कोण का पैटर्न जांचें:\nपद 1 से 2 में घूर्णन = +45° (Clockwise)\nपद 2 से 3 में घूर्णन = +90° (Clockwise)\nपद 3 से 4 में घूर्णन = +135° (Clockwise)\nघूर्णन कोण में प्रत्येक बार 45° की वृद्धि हो रही है (45°, 90°, 135°...)।\nपद 4 से 5 में घूर्णन = +180° होना चाहिए।\nआकृति 4 की स्थिति: 4:30 (135°) + 135° = 270° (9 बजे की स्थिति)।\nअब 270° + 180° = 450° = 90° (3 बजे की स्थिति / पूर्व दिशा)।

बाहरी आकृति की भुजाओं की संख्या:\nपद 1: 3 भुजाएं (त्रिभुज)\nपद 2: 4 भुजाएं (वर्ग/चतुर्भुज)\nपद 3: 5 भुजाएं (पंचभुज)\nपद 4: 6 भुजाएं (षट्भुज)\nअतः पद 5 में 7 भुजाओं वाली बंद आकृति (सप्तभुज / Heptagon) होगी।\nअंदर के वृत्तों की संख्या: 0 -> 1 -> 2 -> 3 -> 4 वृत्त होंगे।

स्थान का नियम: पद 1 (TL), पद 2 (BR), पद 3 (TL), पद 4 (BR)। अतः पद 5 में चिन्ह शीर्ष-बाएं (TL) कोने पर होगा।\nरंग/छाया का नियम: पद 1 (सफेद), पद 2 (काला), पद 3 (सफेद), पद 4 (काला)। अतः पद 5 का चिन्ह सफेद (Unshaded) होगा।\nभुजाओं की संख्या: वृत्त (0 या मान लें 1 वक्र), पद 2 में 4 भुजाएं, पद 3 में 3 भुजाएं, पद 4 में 5 भुजाएं।\nविषम पदों (पद 1, 3, 5) को देखें: पद 1 = वृत्त, पद 3 = त्रिभुज (3 भुजाएं)।\nएकांतर क्रम में आकृतियों की भुजाएं: पद 3 में 3 भुजाएं, पद 5 में 4 भुजाओं वाली सफेद आकृति (सफेद वर्ग/आयत) आएगी।

मूल केंद्र चिन्ह '+' सभी आकृतियों में स्थिर रहता है।\nकोनों पर विकर्ण रेखाएं दक्षिणावर्त (Clockwise) क्रम में एक-एक करके जुड़ रही हैं:\nआकृति 2: शीर्ष-दाएं कोने में 1 विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 3: नीचे-दाएं कोने में दूसरी विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 4: नीचे-बाएं कोने में तीसरी विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 5: शीर्ष-बाएं कोने में चौथी विकर्ण रेखा जुड़ेगी, जिससे चारों कोनों में विकर्ण बन जाएंगे।

चतुर्थांशों के संबंध का विश्लेषण करें:\nऊपरी-बाएं (TL) = बाहर की ओर।\nऊपरी-दाएं (TR) = अंदर (केंद्र) की ओर।\nनिचला-बाएं (BL) = अंदर (केंद्र) की ओर।\nध्यान दें: विकर्णतः विपरीत (TL और BR) एक जैसे होने चाहिए या क्षैतिज/ऊर्ध्वाधर रूप से विपरीत दिशा का संबंध है।\nTL (बाहर) -> TR (अंदर) : दिशा उलट गई।\nBL (अंदर) -> BR (?) : दिशा पुनः उलट कर 'बाहर की ओर' होगी।\nअतः विकर्णतः TL और BR समान होंगे।

सुई A की गति: प्रत्येक चरण में 45° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nआकृति 3 में A = 3 बजे (पूर्व) -> आकृति 4 में A = 3:00 + 45° = 4:30 (दक्षिण-पूर्व)।\nसुई B की गति: प्रत्येक चरण में 90° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nआकृति 3 में B = 9 बजे (पश्चिम) -> आकृति 4 में B = 9:00 + 90° = 12 बजे (उत्तर)।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, GD और Railway में Non-Verbal Reasoning के अंतर्गत इस उप-विषय से 2 से 3 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। 1 प्रश्न आकृति पूर्ण करने (Completion of Pattern) का और 1-2 प्रश्न 5-पदों वाली आकृति श्रृंखला (Figure Series) के आते हैं।

आम गलतियाँ

💡 हमेशा 'विकल्प विलोपन विधि' (Option Elimination) अपनाएं; किसी एक छोटे तत्व के घूर्णन या स्थिति को पकड़ें और गलत दिशा वाले 2-3 विकल्पों को तुरंत काट दें। इससे प्रश्न 10 सेकंड में हल हो जाता है। देशी भाषा में कहें तो: पहले खोट ढूंढो, सही अपने आप बच जाएगा। वृत्त या वर्ग के कोनों पर घड़ी की सुई की तरह 1-2-3-4 नंबर मानकर विस्थापन गिनें। सममिति वाले प्रश्नों में पन्ने को 180° घुमाकर भी पैटर्न तुरंत दिख जाता है। यह ट्रिक परीक्षा में आपका समय और नेगेटिव मार्किंग दोनों बचाएगी। कठिन प्रश्नों में हमेशा दो व

दिए गए शब्द से शब्द निर्माण और शब्दकोश क्रम

इस विषय में दो प्रमुख प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं: पहला 'शब्द निर्माण' (Word Formation) और दूसरा 'शब्दकोश क्रम' (Dictionary Order)। शब्द निर्माण में एक मूल शब्द दिया जाता है और देखना होता है कि उसके अक्षरों का प्रयोग करके कौन-सा नया शब्द बनाया जा सकता है या नहीं बनाया जा सकता। इसमें किसी अक्षर का उपयोग उतनी ही बार किया जा सकता है जितनी बार वह मूल शब्द में मौजूद हो। शब्दकोश क्रम में शब्दों को अंग्रेजी वर्णमाला (A से Z) के क्रम में बाएं से दाएं तुलना करके व्यवस्थित किया जाता है। परीक्षा में 'दिए गए शब्द से नहीं बनने वाला शब्द' या 'शब्दों को डिक्शनरी के सही क्रम में सजाएं' जैसे प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 अक्षर उपस्थिति एवं आवृत्ति सीमा नियम (Letter Frequency Rule): कोई नया शब्द तभी बन सकता है जब उसमें प्रयुक्त प्रत्येक अक्षर मूल शब्द में मौजूद हो और उसकी संख्या मूल शब्द में उपस्थित संख्या से अधिक न हो। — जब प्रश्न में पूछा जाए कि दिए गए शब्द के अक्षरों से कौन-सा शब्द 'बनाया जा सकता है' या 'नहीं बनाया जा सकता है' तब इस नियम का उपयोग करें।

A. ROAR

B. REFUSE

C. GREAT

D. FORMER

मूल शब्द 'REFRIGERATOR' के अक्षर: R(4), E(2), F(1), I(1), G(1), A(1), T(1), O(1)

विकल्प B में शब्द 'REFUSE' है।

'REFUSE' में अक्षर 'S' और 'U' मौजूद हैं।

मूल शब्द 'REFRIGERATOR' में 'S' और 'U' अक्षर उपस्थित नहीं हैं।

अतः 'REFUSE' नहीं बनाया जा सकता।

📐 बाएं-से-दाएं वर्णमाला तुलना नियम (Left-to-Right Alphabetical Comparison): शब्दों के अक्षरों की तुलना पहले अक्षर से शुरू करें; समान होने पर अगले अक्षर की तुलना वर्णमाला मान (A=1, B=2, ..., Z=26) के आधार पर करें। — जब 4-5 शब्दों को शब्दकोश (डिक्शनरी) या वर्णमाला के क्रम में व्यवस्थित करना हो।

1. Habit 2. Habitat 3. Habitation 4. Habitual

सभी शब्दों में पहले 5 अक्षर समान हैं: 'H-A-B-I-T'

1. Habit (यहीं समाप्त हो गया, अतः सबसे पहले आएगा) = 1

2. Habitat में छठा अक्षर 'a' है।

3. Habitation में छठा और सातवां अक्षर 'a-t' है, आठवां 'i' है (Habitat के बाद आएगा)।

4. Habitual में छठा अक्षर 'u' है (a के बाद u आता है)।

अतः सही क्रम: 1, 2, 3, 4 होगा।

Faith, False, Fake, Fame, Family

सभी शब्दों का पहला अक्षर 'F' और दूसरा 'a' समान है।

तीसरे अक्षर की तुलना करने पर: i(9), l(12), k(11), m(13), m(13)

1st = Faith (i = 9)

2nd = Fake (k = 11)

3rd = False (l = 12)

4th = Fame (m-e) तथा 5th = Family (m-i)

अतः ठीक मध्य (तीसरे) स्थान पर 'False' आएगा।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

A. NAMES

B. BIOME

C. BASIN

D. SOUL

मूल शब्द 'SOMNAMBULISM' के अक्षर: S(2), O(1), M(3), N(1), A(1), B(1), U(1), L(1), I(1)

विकल्प B में शब्द 'BIOME' दिया गया है।

'BIOME' में अक्षर 'E' की आवश्यकता है।

मूल शब्द 'SOMNAMBULISM' में अक्षर 'E' कहीं भी उपस्थित नहीं है।

अतः 'BIOME' शब्द नहीं बनाया जा सकता।

A. PARTNER

B. PARROT

C. REPEAT

D. TRAIN

मूल शब्द 'PREPARATION' में अक्षरों की संख्या:

P = 2, R = 2, E = 1, A = 2, T = 1, I = 1, O = 1, N = 1

विकल्प C में शब्द 'REPEAT' है: R(1), E(2), P(1), A(1), T(1)

'REPEAT' में अक्षर 'E' का प्रयोग 2 बार हुआ है।

लेकिन मूल शब्द 'PREPARATION' में 'E' केवल 1 बार ही आया है।

अतः अक्षरों की आवृत्ति सीमा के कारण 'REPEAT' नहीं बनाया जा सकता।

1. Nation 2. Native 3. Nature 4. Natural 5. Navel

सभी शब्दों में प्रारंभिक अक्षर 'Na' समान हैं, तीसरे अक्षर की तुलना करते हैं:

शब्द 1, 2, 3, 4 में तीसरा अक्षर 't' है तथा शब्द 5 में 'v' है।

't' पहले आता है और 'v' बाद में, इसलिए 5 (Navel) सबसे अंत में आएगा।

अब 1, 2, 3, 4 में चौथा अक्षर:

Nation ('i'), Native ('i'), Nature ('u'), Natural ('u')

'i' वाले पहले आएंगे: Nation (N-a-t-i-o) और Native (N-a-t-i-v) में o < v, अतः क्रम: 1, 2

'u' वाले: Nature (N-a-t-u-r-e) और Natural (N-a-t-u-r-a) में a < e, अतः क्रम: 4, 3

संपूर्ण क्रम = 1, 2, 4, 3, 5

1. Epilogue 2. Epiphany 3. Episode 4. Epitaph 5. Epitome

सभी शब्दों में पहले तीन अक्षर 'E-p-i' समान हैं।

चौथे अक्षर की तुलना करने पर:

1. Epilogue में चौथा अक्षर 'l' (12)

2. Epiphany में चौथा अक्षर 'p' (16)

3. Episode में चौथा अक्षर 's' (19)

4. Epitaph में चौथा अक्षर 't' (20)

5. Epitome में चौथा अक्षर 't' (20)

वर्णमाला क्रम में: l (12) < p (16) < s (19) < t (20)

अतः पहले तीन शब्द होंगे: 1, 2, 3

अब 4 और 5 में पांचवां अक्षर: Epitaph में 'a' तथा Epitome में 'o' (a < o)

अतः सही क्रम: 1, 2, 3, 4, 5

Seldom, Select, Selfish, Seller, Send

सभी शब्दों का पहला अक्षर 'S' और दूसरा अक्षर 'e' समान है।

तीसरे अक्षर की तुलना करने पर:

चार शब्दों में तीसरा अक्षर 'l' है और 'Send' में 'n' है (l < n, अतः Send 5वें स्थान पर होगा)।

अब 'l' वाले शब्दों के चौथे अक्षर की तुलना:

1. Seldom -> चौथा अक्षर 'd' (सबसे पहले आएगा -> 1st)

2. Select -> चौथा अक्षर 'e' (दूसरे स्थान पर -> 2nd)

3. Selfish -> चौथा अक्षर 'f' (तीसरे स्थान पर -> 3rd)

4. Seller -> चौथा अक्षर 'l' (चौथे स्थान पर -> 4th)

अतः तीसरे स्थान पर आने वाला शब्द 'Selfish' है।

A. FICTION

B. FASCIST

C. TRAIN

D. INFANT

मूल शब्द 'SIGNIFICANT' के अक्षरों की गणना:

S=1, I=3, G=1, N=2, I(गिन लिया), F=1, I(गिन लिया), C=1, A=1, N(गिन लिया), T=1

विकल्प A (FICTION): 'O' अक्षर मूल शब्द में नहीं है।

विकल्प B (FASCIST): इसमें 2 बार 'S' की आवश्यकता है, परंतु मूल शब्द में केवल 1 'S' है।

विकल्प C (TRAIN): 'R' अक्षर मूल शब्द में नहीं है।

विकल्प D (INFANT): I(1), N(2), F(1), A(1), T(1) - ये सभी अक्षर मूल शब्द में पूरी तरह उपलब्ध हैं।

अतः केवल 'INFANT' बनाया जा सकता है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, GD और CPO की प्रत्येक शिफ्ट में इस उप-विषय से निश्चित रूप से 1 से 2 प्रश्न पूछे जाते हैं। एक प्रश्न शब्दकोश क्रम (Dictionary sequence) का और एक प्रश्न शब्द निर्माण (Word Formation) का आता है।

आम गलतियाँ

💡 शब्दकोश क्रम वाले प्रश्नों को हमेशा विकल्पों (Options) के पहले और अंतिम अंक को देखकर 'Option Elimination' विधि से 5 सेकंड में हल करें। प्रश्न में सबसे पहले 'बनाया जा सकता है' या 'नहीं' को रेखांकित करें।战场 में समय बचेगा। युद्ध जीतेंगे। 🎯

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. यदि एक मानक पासे (Standard Dice) के शीर्ष फलक पर संख्या 3 है, तो इसके तल (विपरीत) फलक पर कौन-सी संख्या होगी?

  1. (क) 1
  2. (ख) 4
  3. (ग) 5
  4. (घ) 6
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 4

मानक पासे में विपरीत फलकों का योग 7 होता है। अतः 3 का विपरीत फलक = 7 - 3 = 4 होगा।

2. दिए गए शब्दों को अंग्रेजी शब्दकोश के अनुसार व्यवस्थित करने पर सही क्रम क्या होगा? 1. Praise 2. Practical 3. Prank 4. Prayer

  1. (क) 2, 1, 3, 4
  2. (ख) 2, 3, 1, 4
  3. (ग) 1, 2, 3, 4
  4. (घ) 2, 1, 4, 3
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 2, 1, 3, 4

वर्णमाला के क्रम में तीसरे और चौथे अक्षर की तुलना करने पर: Prac... (2) -> Prai... (1) -> Pran... (3) -> Pray... (4)। अतः सही क्रम 2, 1, 3, 4 है।

3. एक वर्ग को दोनों विकर्णों द्वारा 4 छोटे त्रिभुजों में बाँटा गया है। इस आकृति में कुल कितने त्रिभुज हैं?

  1. (क) 4
  2. (ख) 6
  3. (ग) 8
  4. (घ) 10
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 8

जब किसी वर्ग या आयत के दोनों विकर्ण आपस में मिलते हैं, तो कुल त्रिभुज = 2 × (छोटे खंडों की संख्या) = 2 × 4 = 8 होते हैं।

4. एक ही पासे की दो स्थितियाँ दर्शाई गई हैं। यदि पहली स्थिति में फलक 2, 1 और 4 दिखाई दे रहे हैं तथा दूसरी स्थिति में फलक 2, 3 और 6 दिखाई दे रहे हैं, तो संख्या 4 के विपरीत कौन-सी संख्या होगी?

  1. (क) 3
  2. (ख) 5
  3. (ग) 6
  4. (घ) 1
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 6

उभयनिष्ठ संख्या 2 से दक्षिणावर्त (clockwise) घूमने पर: स्थिति 1: 2 -> 1 -> 4 स्थिति 2: 2 -> 3 -> 6 अतः 1 के विपरीत 3 है तथा 4 के विपरीत 6 है।

5. एक 4 सेमी भुजा वाले ठोस घन को सभी सतहों पर लाल रंग से रंगा जाता है और फिर 1 सेमी के छोटे घनों में काटा जाता है। ऐसे कितने छोटे घन होंगे जिनकी केवल दो सतहें रंगी हुई हैं?

  1. (क) 16
  2. (ख) 24
  3. (ग) 32
  4. (घ) 48
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 24

यहाँ n = 4/1 = 4। केवल दो सतह रंगे घनों की संख्या = 12(n - 2) = 12(4 - 2) = 12 × 2 = 24 होती है।

6. दिए गए शब्द 'COMMUNICATION' के अक्षरों का प्रयोग करके निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द नहीं बनाया जा सकता है?

  1. (क) ACTION
  2. (ख) NATION
  3. (ग) MONITOR
  4. (घ) COMMON
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) MONITOR

'MONITOR' शब्द में अक्षर 'R' आता है, जबकि मूल शब्द 'COMMUNICATION' में 'R' मौजूद नहीं है।

7. दो समान वर्ग एक उभयनिष्ठ भुजा से आपस में जुड़े हैं और दोनों वर्गों में दोनों विकर्ण खींचे गए हैं। इस पूरी आकृति में कुल कितने त्रिभुज हैं?

  1. (क) 16
  2. (ख) 18
  3. (ग) 20
  4. (घ) 22
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 18

प्रत्येक वर्ग में 4 × 2 = 8 त्रिभुज होते हैं, तो 8 + 8 = 16 त्रिभुज। दोनों वर्गों के मिलने से बनी उभयनिष्ठ भुजा पर 2 नए बड़े त्रिभुज बनते हैं। कुल त्रिभुज = 16 + 2 = 18।

8. 5 सेमी भुजा वाले घन को सभी तरफ से नीले रंग से रंगा गया और 1 सेमी के घनों में काटा गया। केवल 1 सतह रंगे घनों और रंगहीन (0 सतह रंगे) घनों की संख्या का अंतर क्या है?

  1. (क) 18
  2. (ख) 27
  3. (ग) 36
  4. (घ) 45
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 27

n = 5/1 = 5। 1 सतह रंगे घन = 6(n - 2)² = 6(3)² = 54। 0 सतह रंगे घन = (n - 2)³ = 3³ = 27। अंतर = 54 - 27 = 27।

9. एक पासे की तीन स्थितियाँ दी गई हैं: (i) फलक 1, 2, 3 (ii) फलक 1, 3, 5 (iii) फलक 2, 3, 4। संख्या 3 के विपरीत फलक पर कौन-सी संख्या होगी?

  1. (क) 4
  2. (ख) 5
  3. (ग) 6
  4. (घ) 1
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 6

स्थिति (i) और (ii) में 1 और 3 उभयनिष्ठ हैं, अतः 2 के विपरीत 5 है। स्थिति (i) और (iii) में 2 और 3 उभयनिष्ठ हैं, अतः 1 के विपरीत 4 है। बचा हुआ अंक 3 के विपरीत 6 होगा।

10. एक पैटर्न श्रृंखला में, एक तीर पहली आकृति में उत्तर (North) की ओर है। फिर यह 45° दक्षिणावर्त (clockwise), अगली आकृति में 90° दक्षिणावर्त, और फिर 135° दक्षिणावर्त घूमता है। यदि घूर्णन कोण इसी क्रम में बढ़ रहा है, तो 5वीं आकृति में तीर किस दिशा में इंगित करेगा?

  1. (क) दक्षिण (South)
  2. (ख) पूर्व (East)
  3. (ग) उत्तर-पश्चिम (North-West)
  4. (घ) दक्षिण-पश्चिम (South-West)
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) पूर्व (East)

घूर्णन क्रम: +45°, +90°, +135°, अतः अगला घूर्णन = +180° होगा। चौथी आकृति में तीर की दिशा = 0° + 45° + 90° + 135° = 270° (पश्चिम) थी। 5वीं आकृति में दिशा = 270° + 180° = 450° = 90° (पूर्व) होगी।

English version — Dice, Counting Figures and Patterns

This chapter holds significant weightage in both Tier-1 and Tier-2 across SSC CGL, CHSL, CPO, and MTS exams, typically contributing 3 to 5 questions per shift. Because the questions follow fixed visual rules and mathematical formulas, it is exceptionally high-scoring and time-efficient.

Dice: Opposite Faces & Standard Dice Rules

A dice is a cube with 6 faces numbered 1 to 6 (or with letters/symbols). In a Standard Dice, the sum of opposite faces is always 7 (1-6, 2-5, 3-4), meaning no two adjacent visible faces add up to 7. In an Ordinary Dice, adjacent faces can add up to 7. When multiple views of a dice are given, opposite faces are determined using the 'One Common Face' (clockwise rotation) or 'Two Common Faces' rules. If a single view is given where no two adjacent faces sum to 7, standard dice rules apply.

Formulas with examples

📐 एक उभयनिष्ठ फलक नियम (Clockwise Rule): उभयनिष्ठ अंक से दोनों स्थितियों में घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चलने पर संगत अंक परस्पर विपरीत होते हैं। — When two positions of a dice share exactly one common face.

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ (Common) अंक = 3 है।

पहली स्थिति में 3 से दक्षिणावर्त (Clockwise) घूमने पर: 3 -> 5 -> 1

दूसरी स्थिति में 3 से दक्षिणावर्त (Clockwise) घूमने पर: 3 -> 2 -> 4

विपरीत जोड़े: 5 के विपरीत 2, और 1 के विपरीत 4

शेष बची संख्या 6 है, जो 3 के विपरीत होगी।

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ अंक = 6 है।

स्थिति 1 में 6 से दक्षिणावर्त चलने पर: 6 -> 4 -> 2

स्थिति 2 में 6 से दक्षिणावर्त चलने पर: 6 -> 5 -> 3

तुलना करने पर: 4 के विपरीत 5 तथा 2 के विपरीत 3 होगा।

📐 दो उभयनिष्ठ फलक नियम (Two Common Faces Rule): यदि दो स्थितियों में दो फलक समान हों, तो शेष बचे दोनों फलक सीधे एक-दूसरे के विपरीत होते हैं। — When two positions of a dice have two faces in common.

स्थिति A और स्थिति B की तुलना करते हैं।

दोनों में समान फलक = 4 और 6

नियम के अनुसार, दो फलक समान होने पर शेष फलक परस्पर विपरीत होते हैं।

अतः 2 के विपरीत 3 होगा।

दोनों दृश्यों में उभयनिष्ठ अंक = 1 और 5

दो उभयनिष्ठ फलक नियम के अनुसार, शेष बचे फलक एक-दूसरे के विपरीत होंगे।

अतः 3 के विपरीत फलक पर 2 होगा।

📐 मानक पासा नियम (Standard Dice Rule): विपरीत फलक = 7 - दिया गया फलक — When a standard dice is specified or when adjacent faces of a single view do not add up to 7.

निकटवर्ती फलकों का योग: 1+3=4, 3+5=8, 1+5=6

किसी भी दो निकटवर्ती फलकों का योग 7 नहीं है, अतः यह मानक पासा है।

मानक पासे में विपरीत फलकों का योग 7 होता है।

3 के विपरीत = 7 - 3 = 4

मानक पासे के नियमानुसार विपरीत फलकों का योग सदैव 7 होता है।

ऊपरी सतह = 2

निचली सतह = 7 - 2 = 5

Question types asked

Solved questions (every type)

दिखने वाले निकटवर्ती फलकों के जोड़े का योग जाँचते हैं:

2 + 4 = 6, 4 + 6 = 10, 2 + 6 = 8

किसी भी जोड़े का योग 7 नहीं है, इसलिए यह एक मानक पासा (Standard Dice) है।

मानक पासे में विपरीत फलकों का योग = 7

6 के विपरीत फलक = 7 - 6 = 1

चित्र 1 के फलक = 2, 3, 5

चित्र 2 के फलक = 5, 2, 4

दोनों चित्रों में समान फलक = 2 और 5

'दो उभयनिष्ठ फलक नियम' के अनुसार, शेष बचे फलक एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।

अतः फलक 3 के विपरीत फलक 4 होगा।

स्थिति I: 1, 2, 3

स्थिति II: 1, 3, 5

स्थिति III: 2, 4, 6

संख्या 3 के विपरीत फलक पर कौन-सी संख्या होगी?

स्थिति I और स्थिति II की तुलना करते हैं:

समान फलक = 1 और 3

शेष फलक: 2 के विपरीत 5 होगा।

अब स्थिति I और स्थिति III की तुलना करते हैं, दोनों में 2 उभयनिष्ठ है:

स्थिति I में 2 से Clockwise: 2 -> 3 -> 1

स्थिति III में 2 से Clockwise: 2 -> 4 -> 6

तुलना करने पर: 3 के विपरीत 4 तथा 1 के विपरीत 6 होगा।

(i) 1, 2, 3

(ii) 2, 3, 5

(iii) 3, 5, 6

(iv) 4, 5, 6

अंक 2 के विपरीत फलक पर कौन-सा अंक होगा?

स्थिति (i) और स्थिति (ii) की तुलना करते हैं:

उभयनिष्ठ फलक = 2 और 3 (इससे 1 के विपरीत 5 मिलता है)

स्थिति (ii) और स्थिति (iii) की तुलना करते हैं:

उभयनिष्ठ फलक = 3 और 5

दो उभयनिष्ठ फलक नियम से शेष फलक विपरीत होंगे:

अतः 2 के विपरीत फलक 6 होगा।

दोनों स्थितियों में उभयनिष्ठ प्रतीक = $

उभयनिष्ठ प्रतीक $ से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में चलते हैं:

दृश्य 1: $ -> @ -> #

दृश्य 2: $ -> % -> &

संगत पदों की तुलना करने पर:

@ के विपरीत % होगा और # के विपरीत & होगा।

स्थिति 1: लाल, पीला, हरा

स्थिति 2: लाल, हरा, नीला

स्थिति 3: पीला, काला, सफेद

'पीला' रंग के विपरीत कौन-सा रंग होगा?

स्थिति 1 और स्थिति 2 की तुलना करते हैं:

समान रंग = लाल और हरा

दो उभयनिष्ठ नियम से: पीला के विपरीत नीला होगा।

जाँच के लिए: पीला, काला और सफेद आसन्न हैं, अतः नीला ही पीला का विपरीत है।

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, MTS, CPO, and GD, 1 to 2 questions on dice faces are asked regularly. The most common pattern involves 2 or 3 positions with one common face requiring the clockwise rotation method.

Common mistakes

💡 यदि दो स्थितियों में 2 फलक समान दिखें, तो पेन चलाए बिना सीधे तीसरे बचे फलकों को एक-दूसरे के विपरीत टिक कर दें। यदि 1 फलक समान हो, तो कॉमन से Clockwise लिख लें। Both tricks save 90% time in exam hall. Keep an eye out for adjacent numbers summing to 7 to quickly reject standard dice assumption whenever required during tests for best results and confidence always during questions involving dice variants every time effortlessly accurately systematically without doubt perfectly always flawlessly seam

Cube Painting and Cutting (3/2/1/0 Faces Painted)

When a large cube is painted on the outside and cut into smaller identical cubes, the smaller cubes have different numbers of painted faces based on their position. If each edge of the larger cube is divided into n parts (n = edge of big cube / edge of small cube), the total number of smaller cubes is n³. Corner cubes have 3 faces painted (always 8), edge cubes (middle) have 2 faces painted, face-centre cubes have 1 face painted, and inner central cubes have 0 faces painted.

Formulas with examples

📐 n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा = ∛(कुल छोटे घन) — Used to find the dividing factor n when side lengths or total small cubes are given.

n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा

n = 12 / 3 = 4

कुल छोटे घन = n³

कुल छोटे घन = 4³ = 64

कुल छोटे घन = n³ = 125

n = ∛125

n = 5

📐 3 सतह रंगे घन = 8 (शीर्ष घन / Corner Cubes) — Used to find cubes with 3 painted faces when all outer faces are painted.

3 सतह रंगे घन हमेशा घन के कोनों (corners) पर पाए जाते हैं।

एक घन में कुल 8 कोने होते हैं।

इसलिए 3 सतह रंगे घनों की संख्या हमेशा 8 होती है।

कुल घन = 216 (n = 6)

3 सतह रंगे छोटे घन कोनों पर स्थित होते हैं।

कोनों की संख्या = 8

📐 2 सतह रंगे घन = 12(n - 2) (मध्य घन / Edge Cubes) — Used to calculate cubes with exactly 2 faces painted.

कुल घन = n³ = 64 ⇒ n = 4

2 सतह रंगे घनों का सूत्र = 12(n - 2)

संख्या = 12 × (4 - 2)

संख्या = 12 × 2 = 24

n = 10 / 2 = 5

2 फलक रंगे घन = 12(n - 2)

संख्या = 12 × (5 - 2)

संख्या = 12 × 3 = 36

📐 1 सतह रंगे = 6(n - 2)² और 0 सतह रंगे (रंगहीन) = (n - 2)³ — Used to find cubes with exactly 1 painted face or 0 painted faces (unpainted/inner cubes).

n³ = 125 ⇒ n = 5

1 सतह रंगे घन = 6(n - 2)²

संख्या = 6 × (5 - 2)²

संख्या = 6 × 3² = 6 × 9 = 54

n = 8 / 2 = 4

रंगहीन घन = (n - 2)³

संख्या = (4 - 2)³

संख्या = 2³ = 8

Question types asked

Solved questions (every type)

n = बड़े घन की भुजा / छोटे घन की भुजा = 15 / 3 = 5

केवल 1 सतह रंगे घनों का सूत्र = 6(n - 2)²

मान रखने पर = 6 × (5 - 2)²

= 6 × (3)²

= 6 × 9 = 54

कुल छोटे घन = n³ = 216 ⇒ n = 6

बिना रंगे फलक वाले घनों (0 सतह रंगे) का सूत्र = (n - 2)³

मान रखने पर = (6 - 2)³

= 4³ = 64

n = 4 / 1 = 4

2 सतह रंगे घनों का सूत्र = 12(n - 2)

मान रखने पर = 12 × (4 - 2)

= 12 × 2 = 24

n³ = 64 ⇒ n = 4

'कम से कम 2 सतह' = (2 सतह रंगे घन) + (3 सतह रंगे घन)

2 सतह रंगे घन = 12(n - 2) = 12(4 - 2) = 24

3 सतह रंगे घन = 8

कुल अभीष्ट घन = 24 + 8 = 32

n³ = 125 ⇒ n = 5

'अधिक से अधिक 1 सतह' = (0 सतह रंगे घन) + (1 सतह रंगा घन)

0 सतह रंगे घन = (n - 2)³ = (5 - 2)³ = 3³ = 27

1 सतह रंगे घन = 6(n - 2)² = 6 × (3)² = 54

कुल अभीष्ट घन = 27 + 54 = 81

कुल छोटे घन = n³ = 125 ⇒ n = 5

प्रत्येक दिशा (लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई) में कट्स की संख्या = (n - 1)

एक दिशा में कट्स = 5 - 1 = 4

घन में कुल 3 विमाएं (dimensions) होती हैं।

कुल न्यूनतम कट्स = 3 × (n - 1) = 3 × 4 = 12

n = 4 / 1 = 4

घन में कुल 12 किनारे (edges) होते हैं।

लाल और हरे रंग के फलकों के बीच मिलने वाले कुल किनारे = 4

प्रत्येक किनारे पर केवल 2 सतह रंगे घन = (n - 2) = 4 - 2 = 2

अभीष्ट घनों की संख्या = 4 × (n - 2) = 4 × 2 = 8

How it is asked

Asked in SSC CGL, CHSL, MTS, and GD as around 1 question per shift. Questions mainly ask for counts of 1-face, 2-face, or unpainted cubes directly, or with 'at least / at most' conditions.

Common mistakes

💡 सभी घनों का योग हमेशा n³ के बराबर होना चाहिए: 8 + 12(n - 2) + 6(n - 2)² + (n - 2)³ = n³। परीक्षा में उत्तर जांचने के लिए इस संतुलन का प्रयोग करें। सूत्र याद रखने की ट्रिक: 3-सतह → 8 कोने, 2-सतह → 12 किनारे, 1-सतह → 6 फलक, 0-सतह → 1 केंद्र। गुणक हमेशा क्रमशः 8, 12, 6, 1 होते हैं। गुणांक में (n - 2) की घात 0, 1, 2, 3 बढ़ती जाती है। n - 2 हमेशा आधार रहता है। 8 कोनों पर 3 सतह, 12 किनारों पर 2 सतह, 6 फलकों पर 1 सतह और 1 केंद्र में बिना रंगे घन होते हैं। 3 सतह रंगे घनों की संख्या हमेशा 8 ही रहती है। 0

Counting Triangles and Squares

Counting figures involves finding the total number of triangles and squares embedded in complex geometric patterns. Instead of counting individually, we break the diagram into standard basic units and apply direct formulas. For a triangle divided vertically from an apex, the total number of triangles is the sum of natural numbers corresponding to base segments. In a square or rectangle with intersecting diagonals, the number of triangles is twice the number of smaller internal segments. In exam problems, when multiple standard blocks are merged, special attention must be given to the extra combined triangles formed at their junctions.

Formulas with examples

📐 त्रिभुज का लंबवत विभाजन = n(n + 1)/2 × h (जहाँ n = आधार के भाग, h = क्षैतिज स्तरों की संख्या) — When a triangle is divided by lines radiating from the apex to the base and sliced by horizontal lines.

आधार पर बने भागों की संख्या (n) = 4

कुल त्रिभुज = 1 + 2 + 3 + 4

= 4 × (4 + 1) / 2

= 4 × 5 / 2 = 10

आधार के भागों की संख्या (n) = 3

प्रत्येक स्तर पर त्रिभुज = 1 + 2 + 3 = 6

क्षैतिज स्तरों की कुल संख्या (h) = 3

कुल त्रिभुज = 6 × 3 = 18

📐 वर्ग/आयत में विकर्णों द्वारा बने त्रिभुज = 2 × n (जहाँ n = केंद्र से बनने वाले छोटे खंडों की संख्या) — When diagonals and center-crossing lines divide a square or rectangle into smaller triangular segments.

केंद्र के चारों ओर बने छोटे खंड (n) = 4

सूत्र अनुसार कुल त्रिभुज = 2 × n

= 2 × 4 = 8

केंद्र पर विभाजित कुल छोटे खंडों की संख्या (n) = 8

सूत्र अनुसार कुल त्रिभुज = 2 × 8

= 16

📐 m × n ग्रिड में कुल वर्ग = (m × n) + (m - 1)(n - 1) + (m - 2)(n - 2) + ... (जब तक कोई एक मान 1 न हो जाए) — Used to find total squares in any m x n grid (symmetric or asymmetric).

यहाँ m = 3 और n = 3 (सममित ग्रिड)

कुल वर्ग = 3×3 + 2×2 + 1×1

= 9 + 4 + 1

= 14

यहाँ m = 4 तथा n = 3

कुल वर्ग = (4 × 3) + (3 × 2) + (2 × 1)

= 12 + 6 + 2

= 20

Question types asked

Solved questions (every type)

प्रत्येक आधार पर छोटे भागों की संख्या (n) = 5

एक स्तर पर त्रिभुजों की संख्या = 1 + 2 + 3 + 4 + 5 = 15

क्षैतिज स्तरों (horizontal levels) की संख्या = 2

कुल त्रिभुज = 15 × 2 = 30

केंद्र से विभाजित छोटे त्रिभुज खंडों की संख्या = 6

विकर्ण आधारित वर्ग में कुल त्रिभुज = 2 × खंडों की संख्या

= 2 × 6 = 12

पहले स्वतंत्र वर्ग में त्रिभुज = 4 × 2 = 8

दूसरे स्वतंत्र वर्ग में त्रिभुज = 4 × 2 = 8

दोनों वर्गों के उभयनिष्ठ जोड़ (Junction) पर बनने वाले बड़े उभयनिष्ठ त्रिभुज = 2 (एक ऊपर की ओर शीर्ष, एक नीचे की ओर)

कुल त्रिभुज = 8 + 8 + 2 = 18

कॉलम = 5, पंक्तियाँ = 4

कुल वर्ग = (5 × 4) + (4 × 3) + (3 × 2) + (2 × 1)

= 20 + 12 + 6 + 2

= 40

एक 2 × 2 ग्रिड में वर्गों की संख्या = 2² + 1² = 4 + 1 = 5

बड़ा वर्ग (2 × 2 ग्रिड) = 5 वर्ग

अंदर सन्निहित छोटा वर्ग (2 × 2 ग्रिड) = 5 वर्ग

दोनों स्वतंत्र हैं और कोई नया मिश्रित वर्ग नहीं बनता

कुल वर्ग = 5 + 5 = 10

तारे के 5 बाहरी कोने 5 छोटे त्रिभुज बनाते हैं = 5

प्रत्येक शीर्ष बिंदु (Junction point) से विपरीत आधार पर 1 बड़ा त्रिभुज बनता है = 5

कुल त्रिभुज = 5 + 5 = 10

How it is asked

Asked consistently in SSC CGL, CHSL, MTS, GD, and Railway NTPC (1-2 questions per shift).

Common mistakes

💡 जब भी दो या तीन विकर्ण वाले वर्ग एक सीध में जुड़े हों, तो कुल त्रिभुज = (वर्गों की संख्या × 8) + (जोड़ों/Junctions की संख्या × 2) होता है। L-आकार में अतिरिक्त 1 बड़ा विकर्ण त्रिभुज भी बनता है।्ँ

Figure Completion and Pattern Series

Figure completion requires identifying the missing quadrant of an incomplete composite figure by analyzing the symmetry and pattern of the given quadrants. Pattern series presents a sequence of successive figures where elements change systematically based on angular rotation, position shifting, or addition/deletion of strokes. To solve these, track one element at a time, check its direction (clockwise or anticlockwise) and angle of rotation, or observe structural symmetry. Look for keywords like 'complete the pattern' or 'find the next figure in the series'.

Formulas with examples

📐 चतुर्थांश सममिति नियम (Quadrant Symmetry Rule): चतुर्थांश IV = चतुर्थांश I का जल प्रतिबिंब (Water Image) या चतुर्थांश III का दर्पण प्रतिबिंब (Mirror Image) — Used in figure completion problems where a quadrant is missing and the overall design follows radial or reflection symmetry.

ऊपरी दोनों चतुर्थांश (TL और TR) एक-दूसरे के ऊर्ध्वाधर दर्पण प्रतिबिंब हैं।\nनिचले भाग में भी वही दर्पण सममिति लागू होगी।\nअतः नीचे-दाएं (BR) का भाग नीचे-बाएं (BL) का ऊर्ध्वाधर दर्पण प्रतिबिंब होगा।\nBL में विकर्ण नीचे-बाएं से केंद्र की ओर आ रहा है, तो BR में विकर्ण नीचे-दाएं कोने से केंद्र की ओर जाएगा।\nवृत्त केंद्र से जुड़े विकर्ण के सिरे पर स्थित होगा।

पूरी आकृति केंद्र के परितः पूर्णतः सममित (Symmetric) है।\nप्रत्येक चतुर्थांश में केंद्र को घेरते हुए दो वृत्ताकार चाप बने हैं।\nBR चतुर्थांश को पूरा करने के लिए भी दो चाप केंद्र की दिशा में अवतल (Concave) होने चाहिए।\nये चाप नीचे और दाईं परिधि से शुरू होकर क्रमशः अक्षों को छुएंगे।

📐 घूर्णन व विस्थापन नियम: नया कोण = प्रारंभिक कोण ± θ (जहाँ θ = 45°, 90°, 135° या 180° एवं + दक्षिणावर्त, - वामावर्त) — Used in figure series when single or multiple markers rotate by fixed angular increments or move along the perimeter step-by-step.

पद 1 से 2: उत्तर से उत्तर-पूर्व = 45° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nपद 2 से 3: उत्तर-पूर्व से पूर्व = 45° दक्षिणावर्त।\nपद 3 से 4: पूर्व से दक्षिण-पूर्व = 45° दक्षिणावर्त।\nपद 4 से 5: 45° दक्षिणावर्त घूर्णन = दक्षिण-पूर्व + 45° = दक्षिण (South)।

बिंदु प्रत्येक चरण में वर्ग के कोनों पर दक्षिणावर्त (CW) 1 स्थान आगे बढ़ रहा है।\nTL -> TR (1 कदम CW)\nTR -> BR (1 कदम CW)\nBR -> BL (1 कदम CW)\nBL से अगला कदम CW चलने पर बिंदु पुनः शीर्ष-बाएं (TL) कोने पर पहुंचेगा।

Question types asked

Solved questions (every type)

पैटर्न का विश्लेषण करने पर यह दोनों मुख्य विकर्णों के परितः सममित है।\nनीचे-दाएं (BR) चतुर्थांश में एक विकर्ण केंद्र से नीचे-दाएं कोने तक जाएगा।\nउस विकर्ण पर 2 छोटी लंबवत रेखाएं अंदर की ओर निकली होनी चाहिए, जैसा कि शीर्ष-दाएं भाग में है।\nयह शीर्ष-बाएं चतुर्थांश का ठीक 180° घूर्णन या नीचे-बाएं का ऊर्ध्वाधर परावर्तन होगा।

घूर्णन कोण का पैटर्न जांचें:\nपद 1 से 2 में घूर्णन = +45° (Clockwise)\nपद 2 से 3 में घूर्णन = +90° (Clockwise)\nपद 3 से 4 में घूर्णन = +135° (Clockwise)\nघूर्णन कोण में प्रत्येक बार 45° की वृद्धि हो रही है (45°, 90°, 135°...)।\nपद 4 से 5 में घूर्णन = +180° होना चाहिए।\nआकृति 4 की स्थिति: 4:30 (135°) + 135° = 270° (9 बजे की स्थिति)।\nअब 270° + 180° = 450° = 90° (3 बजे की स्थिति / पूर्व दिशा)।

बाहरी आकृति की भुजाओं की संख्या:\nपद 1: 3 भुजाएं (त्रिभुज)\nपद 2: 4 भुजाएं (वर्ग/चतुर्भुज)\nपद 3: 5 भुजाएं (पंचभुज)\nपद 4: 6 भुजाएं (षट्भुज)\nअतः पद 5 में 7 भुजाओं वाली बंद आकृति (सप्तभुज / Heptagon) होगी।\nअंदर के वृत्तों की संख्या: 0 -> 1 -> 2 -> 3 -> 4 वृत्त होंगे।

स्थान का नियम: पद 1 (TL), पद 2 (BR), पद 3 (TL), पद 4 (BR)। अतः पद 5 में चिन्ह शीर्ष-बाएं (TL) कोने पर होगा।\nरंग/छाया का नियम: पद 1 (सफेद), पद 2 (काला), पद 3 (सफेद), पद 4 (काला)। अतः पद 5 का चिन्ह सफेद (Unshaded) होगा।\nभुजाओं की संख्या: वृत्त (0 या मान लें 1 वक्र), पद 2 में 4 भुजाएं, पद 3 में 3 भुजाएं, पद 4 में 5 भुजाएं।\nविषम पदों (पद 1, 3, 5) को देखें: पद 1 = वृत्त, पद 3 = त्रिभुज (3 भुजाएं)।\nएकांतर क्रम में आकृतियों की भुजाएं: पद 3 में 3 भुजाएं, पद 5 में 4 भुजाओं वाली सफेद आकृति (सफेद वर्ग/आयत) आएगी।

मूल केंद्र चिन्ह '+' सभी आकृतियों में स्थिर रहता है।\nकोनों पर विकर्ण रेखाएं दक्षिणावर्त (Clockwise) क्रम में एक-एक करके जुड़ रही हैं:\nआकृति 2: शीर्ष-दाएं कोने में 1 विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 3: नीचे-दाएं कोने में दूसरी विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 4: नीचे-बाएं कोने में तीसरी विकर्ण रेखा जुड़ी।\nआकृति 5: शीर्ष-बाएं कोने में चौथी विकर्ण रेखा जुड़ेगी, जिससे चारों कोनों में विकर्ण बन जाएंगे।

चतुर्थांशों के संबंध का विश्लेषण करें:\nऊपरी-बाएं (TL) = बाहर की ओर।\nऊपरी-दाएं (TR) = अंदर (केंद्र) की ओर।\nनिचला-बाएं (BL) = अंदर (केंद्र) की ओर।\nध्यान दें: विकर्णतः विपरीत (TL और BR) एक जैसे होने चाहिए या क्षैतिज/ऊर्ध्वाधर रूप से विपरीत दिशा का संबंध है।\nTL (बाहर) -> TR (अंदर) : दिशा उलट गई।\nBL (अंदर) -> BR (?) : दिशा पुनः उलट कर 'बाहर की ओर' होगी।\nअतः विकर्णतः TL और BR समान होंगे।

सुई A की गति: प्रत्येक चरण में 45° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nआकृति 3 में A = 3 बजे (पूर्व) -> आकृति 4 में A = 3:00 + 45° = 4:30 (दक्षिण-पूर्व)।\nसुई B की गति: प्रत्येक चरण में 90° दक्षिणावर्त (Clockwise)।\nआकृति 3 में B = 9 बजे (पश्चिम) -> आकृति 4 में B = 9:00 + 90° = 12 बजे (उत्तर)।

How it is asked

Asked consistently in SSC CGL, CHSL, MTS, GD, and Railway NTPC under Non-Verbal Reasoning (2-3 questions per shift). Typically includes 1 quadrant completion problem and 1-2 multi-element progressive series questions.

Common mistakes

💡 हमेशा 'विकल्प विलोपन विधि' (Option Elimination) अपनाएं; किसी एक छोटे तत्व के घूर्णन या स्थिति को पकड़ें और गलत दिशा वाले 2-3 विकल्पों को तुरंत काट दें। इससे प्रश्न 10 सेकंड में हल हो जाता है। देशी भाषा में कहें तो: पहले खोट ढूंढो, सही अपने आप बच जाएगा। वृत्त या वर्ग के कोनों पर घड़ी की सुई की तरह 1-2-3-4 नंबर मानकर विस्थापन गिनें। सममिति वाले प्रश्नों में पन्ने को 180° घुमाकर भी पैटर्न तुरंत दिख जाता है। यह ट्रिक परीक्षा में आपका समय और नेगेटिव मार्किंग दोनों बचाएगी। कठिन प्रश्नों में हमेशा दो व

Word Formation and Dictionary Order

This sub-topic primarily contains two types of questions: 'Word Formation' and 'Dictionary Order'. In word formation, a root word is given, and you must determine which of the option words can or cannot be formed using its letters. A letter can only be used as many times as it appears in the root word. In dictionary order, words are arranged alphabetically from left to right comparing letter by letter (A to Z). In SSC exams, questions are commonly framed as 'Which word cannot be formed?' or 'Arrange the words in dictionary sequence'.

Formulas with examples

📐 अक्षर उपस्थिति एवं आवृत्ति सीमा नियम (Letter Frequency Rule): कोई नया शब्द तभी बन सकता है जब उसमें प्रयुक्त प्रत्येक अक्षर मूल शब्द में मौजूद हो और उसकी संख्या मूल शब्द में उपस्थित संख्या से अधिक न हो। — Use this rule when determining whether an option word can or cannot be formed from the letters of a given master word.

A. ROAR

B. REFUSE

C. GREAT

D. FORMER

मूल शब्द 'REFRIGERATOR' के अक्षर: R(4), E(2), F(1), I(1), G(1), A(1), T(1), O(1)

विकल्प B में शब्द 'REFUSE' है।

'REFUSE' में अक्षर 'S' और 'U' मौजूद हैं।

मूल शब्द 'REFRIGERATOR' में 'S' और 'U' अक्षर उपस्थित नहीं हैं।

अतः 'REFUSE' नहीं बनाया जा सकता।

📐 बाएं-से-दाएं वर्णमाला तुलना नियम (Left-to-Right Alphabetical Comparison): शब्दों के अक्षरों की तुलना पहले अक्षर से शुरू करें; समान होने पर अगले अक्षर की तुलना वर्णमाला मान (A=1, B=2, ..., Z=26) के आधार पर करें। — Use this method to arrange words in alphabetical order by comparing letters sequentially from left to right.

1. Habit 2. Habitat 3. Habitation 4. Habitual

सभी शब्दों में पहले 5 अक्षर समान हैं: 'H-A-B-I-T'

1. Habit (यहीं समाप्त हो गया, अतः सबसे पहले आएगा) = 1

2. Habitat में छठा अक्षर 'a' है।

3. Habitation में छठा और सातवां अक्षर 'a-t' है, आठवां 'i' है (Habitat के बाद आएगा)।

4. Habitual में छठा अक्षर 'u' है (a के बाद u आता है)।

अतः सही क्रम: 1, 2, 3, 4 होगा।

Faith, False, Fake, Fame, Family

सभी शब्दों का पहला अक्षर 'F' और दूसरा 'a' समान है।

तीसरे अक्षर की तुलना करने पर: i(9), l(12), k(11), m(13), m(13)

1st = Faith (i = 9)

2nd = Fake (k = 11)

3rd = False (l = 12)

4th = Fame (m-e) तथा 5th = Family (m-i)

अतः ठीक मध्य (तीसरे) स्थान पर 'False' आएगा।

Question types asked

Solved questions (every type)

A. NAMES

B. BIOME

C. BASIN

D. SOUL

मूल शब्द 'SOMNAMBULISM' के अक्षर: S(2), O(1), M(3), N(1), A(1), B(1), U(1), L(1), I(1)

विकल्प B में शब्द 'BIOME' दिया गया है।

'BIOME' में अक्षर 'E' की आवश्यकता है।

मूल शब्द 'SOMNAMBULISM' में अक्षर 'E' कहीं भी उपस्थित नहीं है।

अतः 'BIOME' शब्द नहीं बनाया जा सकता।

A. PARTNER

B. PARROT

C. REPEAT

D. TRAIN

मूल शब्द 'PREPARATION' में अक्षरों की संख्या:

P = 2, R = 2, E = 1, A = 2, T = 1, I = 1, O = 1, N = 1

विकल्प C में शब्द 'REPEAT' है: R(1), E(2), P(1), A(1), T(1)

'REPEAT' में अक्षर 'E' का प्रयोग 2 बार हुआ है।

लेकिन मूल शब्द 'PREPARATION' में 'E' केवल 1 बार ही आया है।

अतः अक्षरों की आवृत्ति सीमा के कारण 'REPEAT' नहीं बनाया जा सकता।

1. Nation 2. Native 3. Nature 4. Natural 5. Navel

सभी शब्दों में प्रारंभिक अक्षर 'Na' समान हैं, तीसरे अक्षर की तुलना करते हैं:

शब्द 1, 2, 3, 4 में तीसरा अक्षर 't' है तथा शब्द 5 में 'v' है।

't' पहले आता है और 'v' बाद में, इसलिए 5 (Navel) सबसे अंत में आएगा।

अब 1, 2, 3, 4 में चौथा अक्षर:

Nation ('i'), Native ('i'), Nature ('u'), Natural ('u')

'i' वाले पहले आएंगे: Nation (N-a-t-i-o) और Native (N-a-t-i-v) में o < v, अतः क्रम: 1, 2

'u' वाले: Nature (N-a-t-u-r-e) और Natural (N-a-t-u-r-a) में a < e, अतः क्रम: 4, 3

संपूर्ण क्रम = 1, 2, 4, 3, 5

1. Epilogue 2. Epiphany 3. Episode 4. Epitaph 5. Epitome

सभी शब्दों में पहले तीन अक्षर 'E-p-i' समान हैं।

चौथे अक्षर की तुलना करने पर:

1. Epilogue में चौथा अक्षर 'l' (12)

2. Epiphany में चौथा अक्षर 'p' (16)

3. Episode में चौथा अक्षर 's' (19)

4. Epitaph में चौथा अक्षर 't' (20)

5. Epitome में चौथा अक्षर 't' (20)

वर्णमाला क्रम में: l (12) < p (16) < s (19) < t (20)

अतः पहले तीन शब्द होंगे: 1, 2, 3

अब 4 और 5 में पांचवां अक्षर: Epitaph में 'a' तथा Epitome में 'o' (a < o)

अतः सही क्रम: 1, 2, 3, 4, 5

Seldom, Select, Selfish, Seller, Send

सभी शब्दों का पहला अक्षर 'S' और दूसरा अक्षर 'e' समान है।

तीसरे अक्षर की तुलना करने पर:

चार शब्दों में तीसरा अक्षर 'l' है और 'Send' में 'n' है (l < n, अतः Send 5वें स्थान पर होगा)।

अब 'l' वाले शब्दों के चौथे अक्षर की तुलना:

1. Seldom -> चौथा अक्षर 'd' (सबसे पहले आएगा -> 1st)

2. Select -> चौथा अक्षर 'e' (दूसरे स्थान पर -> 2nd)

3. Selfish -> चौथा अक्षर 'f' (तीसरे स्थान पर -> 3rd)

4. Seller -> चौथा अक्षर 'l' (चौथे स्थान पर -> 4th)

अतः तीसरे स्थान पर आने वाला शब्द 'Selfish' है।

A. FICTION

B. FASCIST

C. TRAIN

D. INFANT

मूल शब्द 'SIGNIFICANT' के अक्षरों की गणना:

S=1, I=3, G=1, N=2, I(गिन लिया), F=1, I(गिन लिया), C=1, A=1, N(गिन लिया), T=1

विकल्प A (FICTION): 'O' अक्षर मूल शब्द में नहीं है।

विकल्प B (FASCIST): इसमें 2 बार 'S' की आवश्यकता है, परंतु मूल शब्द में केवल 1 'S' है।

विकल्प C (TRAIN): 'R' अक्षर मूल शब्द में नहीं है।

विकल्प D (INFANT): I(1), N(2), F(1), A(1), T(1) - ये सभी अक्षर मूल शब्द में पूरी तरह उपलब्ध हैं।

अतः केवल 'INFANT' बनाया जा सकता है।

How it is asked

In almost every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, GD, and CPO, exactly 1 to 2 questions are asked from this sub-topic—usually one on dictionary order sequencing and one on word formation.

Common mistakes

💡 शब्दकोश क्रम वाले प्रश्नों को हमेशा विकल्पों (Options) के पहले और अंतिम अंक को देखकर 'Option Elimination' विधि से 5 सेकंड में हल करें। प्रश्न में सबसे पहले 'बनाया जा सकता है' या 'नहीं' को रेखांकित करें।战场 में समय बचेगा। युद्ध जीतेंगे। 🎯

All formulas at a glance

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