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SSC CGLतर्क (Reasoning)

आकृति आधारित प्रश्न-1 (दर्पण, जल प्रतिबिम्ब, कागज मोड़ना/काटना एवं सन्निहित आकृति)

Figure Based Questions-1 (Mirror Image, Water Image, Paper Folding/Cutting & Embedded Figure)

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

SSC CGL, CHSL, CPO और GD जैसी परीक्षाओं के Tier-1 और Tier-2 में इस अध्याय से 2 से 4 प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं। यह अध्याय अत्यधिक अंकदायी (scoring) है क्योंकि यह पूरी तरह से विजुअल रीज़निंग और बुनियादी नियमों पर आधारित है। सही अवधारणा और सटीकता से आप इसमें 100% अंक प्राप्त कर सकते हैं।

दर्पण प्रतिबिम्ब (लम्बवत एवं क्षैतिज दर्पण)

दर्पण प्रतिबिम्ब (Mirror Image) किसी वस्तु या आकृति का वह रूप है जो दर्पण में दिखाई देता है। जब दर्पण को दाईं या बाईं ओर लम्बवत (Vertical Mirror) रखा जाता है, तो वस्तु का बायाँ (Left) भाग दायाँ (Right) और दायाँ भाग बायाँ बन जाता है, जबकि ऊपर (Top) और नीचे (Bottom) का भाग समान रहता है। यदि दर्पण को वस्तु के ऊपर या नीचे क्षैतिज (Horizontal Mirror) रखा जाता है, तो ऊपर का भाग नीचे और नीचे का भाग ऊपर हो जाता है। SSC परीक्षाओं में अक्षरों, संख्याओं तथा आकृतियों के दर्पण प्रतिबिम्ब के प्रश्न एलिमिनेशन (Option Elimination) तकनीक से आसानी से हल किए जा सकते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 लम्बवत दर्पण नियम (Vertical Mirror): Left ↔ Right बदलता है, Top & Bottom स्थिर रहता है। (क्रम उलट जाता है) — जब दर्पण MN वस्तु या शब्द के दाईं (Right) या बाईं (Left) ओर खड़ा रखा गया हो।

दर्पण दाईं ओर लम्बवत (Vertical Mirror) रखा है।

अक्षरों का क्रम दायें से बायें उलट जाता है।

मूल शब्द का अंतिम अक्षर 'D' है।

अतः दर्पण प्रतिबिम्ब में सबसे पहला अक्षर 'D' का बायाँ-दायाँ उल्टा रूप (Ɑ) होगा।

मूल अक्षर 'F' में खड़ी वर्टिकल रेखा बाईं ओर और दो क्षैतिज रेखाएं दाईं ओर हैं।

लम्बवत दर्पण में बायाँ और दायाँ आपस में बदल जाते हैं।

इसलिए वर्टिकल रेखा दाईं ओर आ जाएगी।

दो क्षैतिज रेखाएँ बाईं ओर मुड़ जाएँगी।

📐 क्षैतिज दर्पण नियम (Horizontal Mirror): Top ↔ Bottom बदलता है, Left & Right स्थिर रहता है। (क्रम वही रहता है) — जब दर्पण MN वस्तु या शब्द के नीचे (Bottom) या ऊपर (Top) लेटा हुआ रखा गया हो।

दर्पण नीचे रखा है (Horizontal Mirror)।

इसमें ऊपर और नीचे की दिशाएँ बदलती हैं, बायाँ-दायाँ समान रहता है।

'7' की ऊपरी क्षैतिज रेखा अब नीचे आ जाएगी।

तिरछी रेखा नीचे जाने के बजाय ऊपर की ओर विस्तारित होगी।

क्षैतिज दर्पण में केवल ऊपर और नीचे का भाग बदलता है।

अक्षरों के बाएँ से दाएँ स्थान का क्रम नहीं बदलता है।

अक्षरों का क्रम C, O, D, E ही रहेगा।

प्रत्येक अक्षर का ऊपरी हिस्सा नीचे आ जाएगा।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

दर्पण दाईं ओर लम्बवत रखा है।

संख्याओं का क्रम उलट जाएगा: सबसे पहले 4, फिर 6, फिर 9।

'4' का खुला बायाँ भाग दाईं ओर आ जाएगा।

'6' का नीचे का वृत्त दाईं ओर घूम जाएगा।

'9' का ऊपर का वृत्त बाईं ओर आ जाएगा।

लम्बवत दर्पण में शब्द का अंतिम अक्षर सबसे पहले दिखता है।

अक्षरों का क्रम होगा: G, N, I, N, O, S, A, E, R।

प्रत्येक अक्षर का बायाँ-दायाँ भाग पलट जाएगा।

'G', 'N', 'S', 'E', 'R' का मुख विपरीत दिशा में होगा।

'I', 'O', 'A' में कोई पार्श्व बदलाव नहीं दिखेगा।

लम्बवत दर्पण में बायाँ ↔ दायाँ बदलता है, ऊपर-नीचे अपरिवर्तित रहता है।

मूल चित्र में काला वृत्त: ऊपरी-बाएँ कोने में है।

प्रतिबिम्ब में काला वृत्त: ऊपरी-दाएँ कोने में जाएगा।

मूल चित्र में तीर: निचले-दाएँ कोने में है।

प्रतिबिम्ब में तीर: निचले-बाएँ कोने में जाएगा (तीर का मुख ऊपर ही रहेगा)।

क्षैतिज दर्पण (Horizontal Mirror) में Top ↔ Bottom बदलता है।

अक्षरों के बाएँ से दाएँ स्थान का क्रम नहीं बदलता है।

क्रम B, E, N, D ही रहेगा।

'B' और 'E' का ऊपर-नीचे का भाग समान दिखेगा।

'N' की तिरछी रेखा उल्टी दिशा में आ जाएगी।

क्षैतिज दर्पण में ऊपर ↔ नीचे बदलता है, बायाँ-दायाँ समान रहता है।

त्रिभुज का शीर्ष ऊपर है, अतः प्रतिबिम्ब में शीर्ष नीचे होगा (उल्टा त्रिभुज)।

बाईं ओर का 'P' बाईं ओर ही रहेगा, लेकिन उसका गोलाई वाला भाग नीचे आ जाएगा।

दाईं ओर का '3' दाईं ओर ही रहेगा, लेकिन ऊपर-नीचे उलट जाएगा।

लम्बवत दर्पण में क्रम उलट जाता है।

मूल अनुक्रम का अंतिम तत्व '2' है, इसलिए प्रतिबिम्ब में पहला तत्व उल्टा '2' होगा।

मूल अनुक्रम का पहला तत्व 'K' है, इसलिए प्रतिबिम्ब में अंतिम तत्व उल्टा 'K' होगा।

अक्षरों का क्रम: 2(उल्टा), M, 7(उल्टा), 8, K(उल्टा)।

लम्बवत दर्पण में Left ↔ Right बदलता है और Top ↔ Bottom समान रहता है।

ऊपरी-दायाँ (+) → बदलकर ऊपरी-बायाँ (+) बनेगा।

ऊपरी-बायाँ (÷) → बदलकर ऊपरी-दायाँ (÷) बनेगा।

निचला-दायाँ (-) → बदलकर निचला-बायाँ (-) बनेगा।

निचला-बायाँ (×) → बदलकर निचला-दायाँ (×) बनेगा।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, GD और Railway NTPC की प्रत्येक पाली में दर्पण प्रतिबिम्ब से 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। लम्बवत दर्पण (MN) के प्रश्न सर्वाधिक आते हैं।

आम गलतियाँ

💡 लम्बवत दर्पण वाले प्रश्न में हमेशा दिए गए शब्द के अंतिम अक्षर को देखें—वही दर्पण प्रतिबिम्ब का पहला अक्षर बनता है। इससे विकल्पों को देखकर उत्तर 5 सेकंड में मिल जाता है।", "tip_en": "In vertical mirror questions, always look at the last character of the given word—it becomes the first character in the mirror image. Use option elimination to solve in 5 seconds.

जल प्रतिबिंब

जल प्रतिबिंब (Water Image) में किसी भी आकृति या वस्तु का ऊपरी भाग नीचे और निचला भाग ऊपर की ओर दिखाई देता है। इसमें बायाँ (Left) और दायाँ (Right) भाग अपनी जगह पर ही रहता है, यानी दिशा नहीं बदलती। यह किसी क्षैतिज दर्पण (Horizontal Mirror) की तरह काम करता है। प्रश्नों को जल्दी हल करने के लिए हमेशा ऑप्शन एलिमिनेशन (Option Elimination) का उपयोग करें और सबसे पहले आकृति के ऊपरी और निचले सिरों के बदलाव को देखें।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Top ↔ Bottom, Left = Left, Right = Right — जब किसी अक्षर, संख्या या आकृति का जल प्रतिबिंब ज्ञात करना हो।

अक्षर B में बाईं ओर एक सीधी रेखा है जो जल प्रतिबिंब में भी बाईं ओर ही रहेगी। B का ऊपरी छोटा लूप नीचे चला जाएगा तथा निचला बड़ा लूप ऊपर आ जाएगा।

संख्या 7 में ऊपर क्षैतिज रेखा होती है, जो जल प्रतिबिंब में नीचे आ जाएगी। ऊपर से नीचे आने वाली तिरछी रेखा जल प्रतिबिंब में नीचे से ऊपर की ओर जाती दिखेगी।

📐 जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - वास्तविक समय (यदि मिनट ≤ 30) या 17:90 - वास्तविक समय (यदि मिनट > 30) — जब घड़ी का वास्तविक समय देकर जल प्रतिबिंब का समय पूछा जाए (या विपरीत)।

यहाँ मिनट 30 से कम हैं, इसलिए 18:30 का प्रयोग करेंगे। जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - 8:20। घंटे = 18 - 8 = 10। मिनट = 30 - 20 = 10।

यहाँ मिनट 30 से अधिक (40) हैं, इसलिए 17:90 का प्रयोग करेंगे। जल प्रतिबिंब समय = 17:90 - 4:40। घंटे = 17 - 4 = 13 (अर्थात 1 बजे)। मिनट = 90 - 40 = 50।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

C का जल प्रतिबिंब 'C' ही रहता है। O का जल प्रतिबिंब 'O' ही रहता है। D का जल प्रतिबिंब 'D' ही रहता है। E का जल प्रतिबिंब 'E' ही रहता है। अक्षरों की बाएँ से दाएँ स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

A का शीर्ष नीचे आ जाएगा (उल्टा A)। 8 का छोटा लूप नीचे तथा बड़ा लूप ऊपर हो जाएगा। P का ऊपर वाला लूप नीचे की तरफ बनेगा। 9 का ऊपरी गोला नीचे आ जाएगा और पूंछ ऊपर की ओर मुड़ी होगी।

त्रिभुज का शीर्ष ऊपर है, जल प्रतिबिंब में शीर्ष नीचे की ओर होगा। मूल आकृति में वृत्त ऊपर है, जल प्रतिबिंब में वृत्त नीचे की ओर आ जाएगा।

जल प्रतिबिंब में ऊपर की दिशा नीचे में बदल जाती है। बायाँ और दायाँ भाग अपरिवर्तित रहता है। अतः ऊपर-दाएँ जाने वाला तीर अब नीचे-दाएँ (Bottom-Right) कोने की ओर इशारा करेगा।

सूत्र: जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - वास्तविक समय। घंटे: 18 - 9 = 9। मिनट: 30 - 15 = 15।

मिनट 30 से अधिक (45) हैं, अतः 17:90 का प्रयोग करेंगे। वास्तविक समय = 17:90 - 2:45। घंटे = 17 - 2 = 15 (अर्थात 3 बजे)। मिनट = 90 - 45 = 45।

जल प्रतिबिंब में Top और Bottom आपस में बदल जाते हैं। ऊपरी-बाएँ भाग का छायांकित वृत्त अब निचले-बाएँ (Bottom-Left) भाग में जाएगा। निचले-दाएँ भाग का '+' चिह्न अब ऊपरी-दाएँ (Top-Right) भाग में जाएगा। बाएँ और दाएँ की स्थिति अपरिवर्तित रहेगी।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, CPO और Railway परीक्षाओं में जल प्रतिबिंब के 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। प्रश्न मुख्य रूप से अक्षरों/संख्याओं के समूह या संयुक्त आकृतियों के ऊपर-नीचे उलटने पर आधारित होते हैं।

आम गलतियाँ

💡 जल प्रतिबिंब प्रश्नों को हल करते समय सबसे पहले आकृति के सबसे ऊपरी हिस्से का चयन करें; सही उत्तर वाले विकल्प में वह हिस्सा सबसे नीचे दिखना चाहिए। इससे गलत विकल्प तुरंत हट जाते हैं।避 eliminate wrong options quickly based on top-to-bottom shift logic.

कागज़ को मोड़ना और छेदना (Paper Folding and Punching)

कागज़ को मोड़कर उसमें छेद (Punch/Cut) किया जाता है, और फिर उसे वापस खोलने (Unfold) पर बनी आकृति ज्ञात करनी होती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि जब भी कागज़ को किसी मोड़ने वाली रेखा (Fold line) के अनुदिश खोला जाता है, तो वह रेखा एक दर्पण (Mirror) की तरह कार्य करती है। यदि कागज़ ऊपर से नीचे खोला जाता है, तो जल प्रतिबिंब (Water Image) बनता है; यदि बाएँ से दाएँ खोला जाता है, तो दर्पण प्रतिबिंब (Mirror Image) बनता है। प्रश्नों में कागज़ की परतों (Layers) का ध्यान रखना आवश्यक है, क्योंकि एक पंच कई परतों पर एक साथ छेद बना देता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 प्रत्येक Unfold चरण = मोड़ने वाली रेखा (Fold Line) पर प्रतिबिम्ब (Reflection) — जब कागज़ को किसी भी मोड़ रेखा के अनुदिश वापस खोला जाए।

स्टेप 1: कागज़ को नीचे से ऊपर खोलने पर क्षैतिज रेखा के अनुदिश Water Image बनेगी, जिससे ऊपर-दाएँ भी एक वृत्त आ जाएगा।

स्टेप 2: कागज़ को दाएँ से बाएँ खोलने पर लंबवत रेखा के अनुदिश Mirror Image बनेगी।

परिणाम: चार कोनों पर 4 वृत्त दिखाई देंगे।

स्टेप 1: एक चौथाई भाग से आधा करने पर त्रिभुज का प्रतिबिम्ब बनेगा।

स्टेप 2: आधा से पूरा वृत्त खोलने पर चारों भागों में त्रिभुज दिखाई देंगे।

परिणाम: केंद्र के चारों ओर 4 त्रिभुज दिखाई देंगे।

📐 कुल छेदों की संख्या = पंचों की संख्या × कागज़ की परतों की संख्या — जब खोले गए कागज़ पर कुल छेदों की संख्या की गणना करनी हो।

परतों की संख्या = 2 × 2 = 4 परतें

पंचों की संख्या = 2

कुल छेदों की संख्या = 4 × 2 = 8 वृत्त

कुल पंच = 2 (1 वर्ग + 1 त्रिभुज)

परतें = 8

कुल आकृतियाँ = 8 × 2 = 16 (8 वर्ग और 8 त्रिभुज)

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

स्टेप 1: नीचे मोड़ने पर Water Image - ऊपरी बाएँ वृत्त का प्रतिबिम्ब निचले बाएँ कोने में और वर्ग का प्रतिबिम्ब नीचे आएगा।

स्टेप 2: बाएँ से दाएँ खोलने पर Mirror Image - बाएँ पक्ष के 2 वृत्त और 2 वर्ग दाएँ पक्ष में भी प्रतिबिंबित होंगे।

परिणाम: चारों कोनों पर 4 वृत्त और मध्य में 4 वर्ग दिखाई देंगे।

स्टेप 1: एक चौथाई भाग से आधा वृत्त खोलने पर अर्द्धवृत्त पूरा वृत्त बन जाएगा।

स्टेप 2: पूरा वृत्त खोलने पर 4 वृत्त (कोने वाले) और व्यास पर 2 पूरे वृत्त दिखाई देंगे।

परिणाम: 4 छोटे वृत्त और 2 मध्य वृत्त बनेंगे।

स्टेप 1: ऊपर खोलने पर 'L' का Water Image (उल्टा L) बनेगा।

स्टेप 2: दाएँ खोलने पर दोनों 'L' आकृतियों की Mirror Image बनेगी।

परिणाम: केंद्र में 4 'L' आकृतियाँ मिलकर एक सममित क्रॉस/चौकोर पैटर्न बनाएंगी।

स्टेप 1: पहला उन्मोचन (Unfold) विकर्ण रेखा पर प्रतिबिम्ब बनाएगा।

स्टेप 2: दूसरा उन्मोचन मुख्य विकर्ण पर प्रतिबिम्ब बनाएगा।

परिणाम: कागज़ के विकर्णों के अनुदिश केंद्र के आसपास 4 वृत्त दिखाई देंगे।

परतों की संख्या = 8

पंचों की संख्या = 1

कुल त्रिकोण = 8 × 1 = 8

विकर्ण और अक्षों के अनुदिश दर्पण प्रतिबिम्ब के कारण आठों त्रिकोण अष्टकोणीय सममिति में व्यवस्थित होंगे।

ध्यान दें: पंच केवल 1 परत पर किया गया है, सभी परतों पर नहीं।

इसलिए खोलने पर कोई नया प्रतिबिम्ब नहीं बनेगा।

केवल उसी स्थान पर 1 तीर बना रहेगा जहाँ पंच किया गया था।

स्टेप 1: ऊपर की ओर खोलने पर (Water Image) त्रिभुज का शीर्ष नीचे की ओर हो जाएगा।

स्टेप 2: दाएँ की ओर खोलने पर (Mirror Image) दिशा समान रहेगी।

परिणाम: ऊपर की 2 परतों में शीर्ष नीचे की ओर तथा नीचे की 2 परतों में शीर्ष ऊपर की ओर होगा।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, GD और Railway NTPC परीक्षाओं में 'Paper Folding and Punching' से 1 प्रश्न लगभग हर शिफ्ट में निश्चित रूप से पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 प्रश्न को हल करते समय अंतिम मोड़ (Last fold) से पीछे की ओर चलें और प्रत्येक मोड़ रेखा (Fold line) को एक दर्पण (Mirror) मानते हुए प्रतिबिम्ब बनाते जाएँ। Boundary/Edges के कट हमेशा symmetrical आकार बनाते हैं। Color/Shape alignment विकल्प छाँटने में बहुत उपयोगी होता है। Focus on options eliminating wrong reflections fast step-by-step. Avoid drawing full diagram - eliminate 3 options based on 1 punch reflection position easily in exam. Keep simple mirror logic clear standard rule. Practice step reve

कागज़ को काटना और खोलना (Paper Cutting Patterns)

कागज़ काटने वाले प्रश्नों में, एक वर्गाकार या वृत्ताकार कागज़ को 1 या 2 बार मोड़ा जाता है (जैसे आधा, फिर चौथाई) और अंत में उसमें कुछ कट (कटौती) या छिद्र बनाए जाते हैं। जब कागज़ को वापस खोला जाता है, तो प्रत्येक कट का प्रतिबिम्ब (Image) मोड़ रेखा (Fold line) के सापेक्ष बनता है। कागज़ को हमेशा मोड़ने के ठीक विपरीत क्रम (Reverse order) में खोला जाता है। मोड़ रेखा एक दर्पण (Mirror) की तरह कार्य करती है; दाएँ/बाएँ मोड़ने पर पार्श्व प्रतिबिम्ब (Horizontal mirror image) तथा ऊपर/नीचे मोड़ने पर जल प्रतिबिम्ब (Water image) बनता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 मोड़ रेखा = दर्पण (Fold Line = Mirror Line) — जब भी कागज़ को किसी मोड़ रेखा पर खोला जाए

कागज़ को ऊपर से नीचे मोड़ा गया है, इसलिए इसे नीचे से ऊपर खोलेंगे।

क्षैतिज मोड़ रेखा (Horizontal fold line) एक जल-दर्पण (Water Mirror) का कार्य करेगी।

निचले भाग का सितारा ऊपरी भाग में परावर्तित होगा।

चूँकि सितारा सममित (Symmetrical) आकृति है, ऊपर भी वैसा ही सितारा दिखेगा।

अतः ऊपर और नीचे 1-1 (कुल 2) सितारे दिखाई देंगे।

कागज़ को दाएँ से बाएँ मोड़ा गया था, अतः इसे बाएँ से दाएँ खोलेंगे।

ऊर्ध्वाधर मोड़ रेखा (Vertical fold line) समतल दर्पण का कार्य करती है।

बाएँ भाग का 'L' दाएँ भाग में '⅃' (दर्पण प्रतिबिम्ब) के रूप में दिखेगा।

अतः खोलने पर कागज़ पर 'L ⅃' का जोड़ा बनेगा।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

कागज़ बाएँ से दाएँ मोड़ा गया है, इसलिए खोलते समय मोड़ रेखा ऊर्ध्वाधर दर्पण होगी।

दाएँ भाग में एक त्रिभुज (शीर्ष ऊपर) स्थित है।

ऊर्ध्वाधर दर्पण में ऊपर का शीर्ष ऊपर ही रहता है।

बाएँ भाग में समान त्रिभुज (शीर्ष ऊपर) का प्रतिबिम्ब बनेगा।

अतः खोलने पर दोनों ओर 1-1 त्रिभुज (दोनों के शीर्ष ऊपर) दिखाई देंगे।

पहला कदम: कागज़ को बाएँ खोलें (पार्श्व प्रतिबिम्ब):

निचले-दाएँ कोने का वृत्त निचले-बाएँ कोने में दिखेगा।

ऊपरी-बाएँ कोने (केंद्र के पास) का वर्ग ऊपरी-दाएँ कोने में दिखेगा।

दूसरा कदम: कागज़ को नीचे से ऊपर खोलें (जल प्रतिबिम्ब):

नीचे के दोनों वृत्त ऊपर के दोनों कोनों में प्रतिबिम्बित होंगे।

केंद्र के दोनों वर्ग ऊपर केंद्र में प्रतिबिम्बित होंगे।

परिणाम: कागज़ के चारों कोनों पर 1-1 वृत्त तथा केंद्र में 4 वर्ग बनेंगे।

बंद कोना कागज़ का केंद्र बिंदु होता है।

केंद्र के कोने पर काटा गया वृत्त चारों चतुर्थांशों में मिलकर केंद्र में 1 बड़ा वृत्त बनाएगा।

बाहरी खुले कोने पर काटा गया 'V' कट चारों बाहरी कोनों पर 1-1 'V' कट बनाएगा।

अतः खोलने पर कागज़ के केंद्र में 1 पूर्ण वृत्त तथा चारों कोनों पर 1-1 'V' कट दिखेगा।

वृत्त को दो बार मोड़ने पर 90° का एक चतुर्थांश प्राप्त होता है।

चतुर्थांश की बाहरी परिधि पर 2 छिद्र हैं।

पहला मोड़ खोलने (180° अर्धवृत्त) पर परिधि पर 2 + 2 = 4 छिद्र होंगे।

दूसरा मोड़ खोलने (360° पूरा वृत्त) पर परिधि पर 4 + 4 = 8 छिद्र होंगे।

अतः पूरी वृत्ताकार परिधि के साथ 8 छिद्र एक गोलाकार क्रम में व्यवस्थित होंगे।

चौथाई भाग में तीर का निशान केंद्र से बाहर की तरफ है।

बाएँ खोलने पर: तीर का प्रतिबिम्ब बाएँ चतुर्थांश में बाहर की ओर इशारा करेगा।

नीचे खोलने पर: दोनों तीरों का प्रतिबिम्ब निचले चतुर्थांशों में बाहर की ओर होगा।

अतः खोलने पर 4 तीर दिखाई देंगे, जो केंद्र से बाहर चारों दिशाओं में इशारा कर रहे होंगे।

छोटे त्रिभुज के 3 कोनों में से 1 कोना कागज़ का केंद्र है, 1 कोना कागज़ का बाहरी कोना है, और 1 कोना किनारे का मध्य बिंदु है।

केंद्र वाले कोने के छेद मिलकर कागज़ के केंद्र में 1 वृत्त बनाएंगे।

बाहरी कोने वाले छेद कागज़ के 4 बाहरी कोनों पर 4 छेद बनाएंगे।

मध्य बिंदु वाले छेद चारों भुजाओं के मध्य में 4 छेद बनाएंगे।

अतः कुल मिलाकर 1 केंद्र में + 4 कोनों पर + 4 भुजाओं के मध्य में (कुल 9 छिद्र) बनेंगे।

कागज़ का बंद कोना खोलने पर कागज़ का ठीक केंद्र बिंदु बनता है।

बंद कोने पर बना 1 त्रिभुजाकार कट चारों चतुर्थांशों में मिलकर केंद्र में 1 समचतुर्भुज (Diamond) बनाएगा।

चौथाई हिस्से के बीच में बना 1 वर्ग खोलने पर चारों चतुर्थांशों में 1-1 वर्ग (कुल 4 वर्ग) बनाएगा।

अतः खोलने पर केंद्र में 1 समचतुर्भुज (Diamond) और उसके चारों ओर 4 वर्ग दिखेंगे।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS, CPO, GD और Railway NTPC में प्रत्येक पाली (Shift) में 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 विकल्प निरसन (Option Elimination) का प्रयोग करें: अंतिम कट की स्थिति जिस विकल्प में अपने चतुर्थांश में सही दर्पण प्रतिबिम्ब नहीं बनाती, उसे तुरंत ख़ारिज कर दें। 90% प्रश्न 5 सेकंड में हल हो जाते हैं।をつ, 5 seconds to solve.

सन्निहित आकृति (Embedded Figure)

सन्निहित आकृति (Embedded Figure) के प्रश्नों में एक प्रश्न-आकृति दी जाती है, जो विकल्प की चार उत्तर-आकृतियों में से किसी एक में छिपी (निहित) होती है। छात्र को यह पहचानना होता है कि मूल आकृति किस उत्तर-आकृति में पूरी तरह से बिना उसका आकार बदले फिट बैठती है। ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए मुख्य आकृति की रेखाओं, कोणों (angles) और प्रतिच्छेदन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। विकल्पों को छांटने (elimination method) की प्रक्रिया सबसे तेज और सटीक तरीका है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 घूर्णन रहित मिलान नियम (Matching pattern without rotation) — जब प्रश्न में स्पष्ट निर्देश हो कि आकृति को घुमाने (Rotation) की अनुमति नहीं है।

प्रश्न आकृति = अक्षर 'Z'

विकल्प (B) में वर्ग की ऊपरी भुजा, विकर्ण और निचली भुजा मिलकर एक स्पष्ट 'Z' बनाते हैं।

बिना घुमाए 'Z' केवल विकल्प (B) में ही मौजूद है।

अतः विकल्प (B) सही है।

प्रश्न आकृति = समकोण त्रिभुज (आधार नीचे, लंब बाईं ओर)

विकल्प (B) में आयत का बायाँ भाग, निचला आधार और विकर्ण मिलकर ठीक वही समकोण त्रिभुज बनाते हैं।

दिशा बदले बिना यह केवल विकल्प (B) में निहित है।

अतः विकल्प (B) सही है।

📐 घूर्णन अनुमति मिलान नियम (Matching pattern with rotation allowed) — जब प्रश्न में आकृति को घुमाने की अनुमति दी गई हो या घूर्णन पर कोई प्रतिबंध न हो।

प्रश्न आकृति = 'F'

घूर्णन की अनुमति होने पर 'F' को 90 डिग्री दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाने पर वह विकल्प (A) से मेल खाता है।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = ऊपर की ओर इशारा करता तीर

इसे 90 डिग्री वामावर्त घुमाने पर यह बाईं ओर इशारा करेगा।

विकल्प (B) में बाएँ इशारा करता तीर स्पष्ट रूप से मौजूद है।

अतः विकल्प (B) सही है।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

प्रश्न आकृति = ऊपर की ओर खुला 'V' आकार

विकल्प (A) में केवल X रेखाएं हैं।

विकल्प (B) में वर्ग की ऊपरी रेखाओं से ठीक ऊपर की ओर खुला 'V' स्पष्ट बना है।

बिना घुमाए विकल्प (B) में यह आकृति पूरी तरह सन्निहित है।

प्रश्न आकृति = 'T' आकार

विकल्प (C) में षट्भुज की एक बाहरी भुजा और केंद्र तक जाती रेखा मिलकर 'T' आकार बनाती हैं (90 डिग्री घुमाने पर)।

घूर्णन की अनुमति होने के कारण विकल्प (C) सही है।

प्रश्न आकृति = K तथा उससे सटी लंबवत रेखा

विकल्प (A) में वर्ग के मध्य में लंबवत रेखा और उससे निकलती दो तिरछी रेखाएं ठीक वही K-संरचना बनाती हैं।

अन्य किसी विकल्प में K आकृति की रेखाएं मौजूद नहीं हैं।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = डमरू आकार (विपरीत त्रिभुज)

विकल्प (B) में आयत के दोनों विकर्ण एक-दूसरे को X के रूप में काटना और ऊपरी व निचली भुजाएं मिलकर ठीक डमरू बनाती हैं।

अतः विकल्प (B) सही है।

मुख्य प्रश्न आकृति = वर्ग + वृत्त + समबाहु त्रिभुज

विकल्प (A) में 'वृत्त के अंदर समबाहु त्रिभुज' दर्शाया गया है।

यह विकल्प (A) की आकृति मुख्य प्रश्न आकृति के अंदर पूरी तरह निहित है।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = समलंब चतुर्भुज (बायां पार्श्व लंबवत, दायां तिरछा)

विकल्प (A) में आयत का बायां भाग, ऊपरी-निचली भुजाएं और दायां तिरछा कट मिलकर ठीक समलंब बनाते हैं।

बिना घुमाए यह विकल्प (A) में निहित है।

प्रश्न आकृति = 'H' जैसी आकृति (दो खड़ी रेखाएं + एक तिरछी मध्य रेखा)

विकल्प (B) के ग्रिड में दो खड़ी रेखाओं के बीच तिरछी जोड़ने वाली रेखा स्पष्ट दिखती है।

अतः प्रश्न आकृति विकल्प (B) में छिपी है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD की प्रत्येक पाली में सन्निहित आकृति (Embedded Figure) से 1 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछा जाता है। हाल के पैटर्न में 'घूर्णन की अनुमति नहीं है (Rotation is NOT allowed)' वाले प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 प्रश्न आकृति के सबसे अनोखे हिस्से या तीखे कोण (Unique angle/intersection) को पहचानें और विकल्पों में केवल उसी विशिष्ट भाग को खोजकर गलत विकल्पों को तुरंत छांटें (Elimination method)।Short distance or sharp turns rule out invalid options quickly visually count intersecting strokes before deciding option match carefully proceed correctly step by step without rush always observe exact orientation guidelines correctly clear exam paper visually precisely right away format accurately straight forward p

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 9 प्रश्न

1. एक वर्गाकार बॉक्स के ऊपरी बाएँ कोने में एक काला वृत्त (Black circle) और निचले दाएँ कोने में ऊपर की ओर इशारा करता एक तीर (Arrow pointing up) बना है। यदि एक लंबवत दर्पण (Vertical Mirror) इस वर्गाकार बॉक्स के दाईं ओर रखा जाए, तो दर्पण प्रतिबिम्ब कैसा दिखेगा?

  1. (क) ऊपरी दाएँ कोने में काला वृत्त और निचले बाएँ कोने में ऊपर की ओर इशारा करता तीर
  2. (ख) ऊपरी बाएँ कोने में काला वृत्त और निचले दाएँ कोने में नीचे की ओर इशारा करता तीर
  3. (ग) निचले बाएँ कोने में काला वृत्त और ऊपरी दाएँ कोने में ऊपर की ओर इशारा करता तीर
  4. (घ) ऊपरी दाएँ कोने में काला वृत्त और निचले बाएँ कोने में नीचे की ओर इशारा करता तीर
उत्तर देखें

उत्तर: (क) ऊपरी दाएँ कोने में काला वृत्त और निचले बाएँ कोने में ऊपर की ओर इशारा करता तीर

लंबवत दर्पण (Vertical Mirror) में बायाँ हिस्सा दायाँ और दायाँ हिस्सा बायाँ हो जाता है। अतः ऊपरी-बाएँ कोने का काला वृत्त ऊपरी-दाएँ कोने में जाएगा, और निचले-दाएँ कोने का ऊपर इशारा करता तीर निचले-बाएँ कोने में जाएगा (दिशा ऊपर की ओर ही रहेगी)।

2. एक आकृति में ऊपर की ओर शीर्ष (pointing UP) वाला एक त्रिभुज है जिसके ऊपरी शीर्ष कोने पर एक छायांकित छोटा वृत्त बना है। इसका जल प्रतिबिम्ब (नीचे स्थित क्षैतिज दर्पण) कैसा दिखेगा?

  1. (क) नीचे की ओर शीर्ष वाला त्रिभुज, जिसके निचले शीर्ष पर छायांकित वृत्त है
  2. (ख) ऊपर की ओर शीर्ष वाला त्रिभुज, जिसके निचले शीर्ष पर छायांकित वृत्त है
  3. (ग) नीचे की ओर शीर्ष वाला त्रिभुज, जिसके ऊपरी शीर्ष पर छायांकित वृत्त है
  4. (घ) बाईं ओर इशारा करता त्रिभुज, जिसके बाएँ शीर्ष पर छायांकित वृत्त है
उत्तर देखें

उत्तर: (क) नीचे की ओर शीर्ष वाला त्रिभुज, जिसके निचले शीर्ष पर छायांकित वृत्त है

जल प्रतिबिम्ब (Horizontal Mirror) में शीर्ष परिवर्तन (Vertical Inversion) होता है। ऊपर की ओर इशारा करता त्रिभुज नीचे की ओर हो जाएगा और शीर्ष पर बना छायांकित वृत्त निचले शीर्ष पर चला जाएगा।

3. एक वर्गाकार कागज को पहले आधा बाएँ से दाएँ मोड़ा जाता है, और फिर आधा ऊपर से नीचे मोड़ा जाता है (जिससे कागज 4 परतों वाला हो जाता है)। इसके केंद्र में एक छोटा वृत्ताकार छिद्र (circular hole) किया जाता है। कागज को पूरी तरह खोलने पर कुल कितने छिद्र दिखेंगे?

  1. (क) 4 छिद्र
  2. (ख) 2 छिद्र
  3. (ग) 1 छिद्र
  4. (घ) 8 छिद्र
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 4 छिद्र

कागज को दो बार मोड़ा गया है (4 परतें)। 4 परतों वाले कागज में 1 छिद्र करने पर, पूरा खोलने पर 4 छिद्र (प्रत्येक चौथाई भाग में एक) प्राप्त होंगे।

4. एक पारदर्शी वर्गाकार शीट को बीच की लंबवत बिंदीदार रेखा (Vertical dotted line) से मोड़ा जाता है। बाएँ आधे भाग में ऊपर की ओर इशारा करता एक त्रिभुज है और दाएँ आधे भाग में एक वृत्त है। यदि दाएँ आधे भाग को बाएँ आधे भाग पर (Right to Left) मोड़ा जाए, तो संयुक्त आकृति कैसी दिखेगी?

  1. (क) त्रिभुज और वृत्त दोनों बाएँ आधे भाग में एक साथ दिखाई देंगे
  2. (ख) त्रिभुज नीचे की ओर उल्टा हो जाएगा और वृत्त के साथ दिखेगा
  3. (ग) केवल त्रिभुज दिखाई देगा, वृत्त गायब हो जाएगा
  4. (घ) वृत्त बाएँ आधे भाग में जाएगा और त्रिभुज दाएँ आधे भाग में चला जाएगा
उत्तर देखें

उत्तर: (क) त्रिभुज और वृत्त दोनों बाएँ आधे भाग में एक साथ दिखाई देंगे

पारदर्शी शीट (Transparent sheet) को दाएँ से बाएँ मोड़ने पर दाएँ भाग की आकृति बाएँ भाग की आकृति के ऊपर अध्यारोपित (superimpose) हो जाती है। इसलिए त्रिभुज और वृत्त दोनों बाएँ भाग में एक साथ दिखाई देंगे।

5. यदि 'P 6 Z 9 R' के दाईं ओर एक लंबवत दर्पण रखा जाए, तो बनने वाले प्रतिबिम्ब का सही क्रम और विवरण क्या होगा?

  1. (क) बाएँ से दाएँ क्रम होगा: R(पार्श्व उल्टा), 9(पार्श्व उल्टा), Z(पार्श्व उल्टा), 6(पार्श्व उल्टा), P(पार्श्व उल्टा)
  2. (ख) P, 6, Z, 9, R (समान क्रम, सभी वर्ण ऊपर-नीचे उल्टे)
  3. (ग) R, 9, Z, 6, P (अक्षरों का क्रम बदला है, वर्णों का दायाँ-बायाँ नहीं बदला)
  4. (घ) P, 6, Z, 9, R (कोई परिवर्तन नहीं होगा)
उत्तर देखें

उत्तर: (क) बाएँ से दाएँ क्रम होगा: R(पार्श्व उल्टा), 9(पार्श्व उल्टा), Z(पार्श्व उल्टा), 6(पार्श्व उल्टा), P(पार्श्व उल्टा)

लंबवत दर्पण में वर्णों का क्रम दाएँ से बाएँ उलट जाता है (R पहले और P अंत में) तथा प्रत्येक वर्ण का पार्श्व परिवर्तन (Left-Right flip) भी होता है।

6. दी गई प्रश्न आकृति 'N' (जो दो समानांतर लंबवत रेखाओं और उन्हें जोड़ने वाली एक विकर्ण रेखा से बनी है) निम्नलिखित में से किस विकल्प आकृति में बिना घुमाए पूर्णतः सन्निहित (embedded) है?

  1. (क) एक समलम्ब (Trapezium) जिसके अंदर विकर्ण नहीं है
  2. (ख) एक आयत (Rectangle) जिसमें दाएँ ऊपरी कोने से बाएँ निचले कोने तक एक विकर्ण रेखा खींची गई है
  3. (ग) एक वृत्त (Circle) जिसके केंद्र में एक व्यास खींचा गया है
  4. (घ) एक समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) जिसके अंदर एक मध्यिका है
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) एक आयत (Rectangle) जिसमें दाएँ ऊपरी कोने से बाएँ निचले कोने तक एक विकर्ण रेखा खींची गई है

आयताकार आकृति में दो लंबवत समानांतर रेखाएँ होती हैं और ऊपरी-दाएँ से निचले-बाएँ कोण तक खींचा गया विकर्ण मिलकर 'N' आकृति का निर्माण करता है।

7. एक वर्गाकार कागज को विकर्ण के अनुदिश मोड़ा जाता है जिससे एक त्रिभुज बनता है। इस त्रिभुज को फिर से बीच से आधा मोड़ा जाता है (एक छोटा समकोण त्रिभुज बनाने के लिए)। अब इस मोड़े गए कागज (4 परतें) पर 1 त्रिभुजाकार कट और 2 वृत्ताकार छिद्र किए जाते हैं। जब कागज को पूरी तरह खोला जाएगा, तो कुल कितने त्रिभुजाकार कट और कितने वृत्ताकार छिद्र प्राप्त होंगे?

  1. (क) 4 त्रिभुजाकार कट और 8 वृत्ताकार छिद्र
  2. (ख) 2 त्रिभुजाकार कट और 4 वृत्ताकार छिद्र
  3. (ग) 4 त्रिभुजाकार कट और 4 वृत्ताकार छिद्र
  4. (घ) 8 त्रिभुजाकार कट और 16 वृत्ताकार छिद्र
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 4 त्रिभुजाकार कट और 8 वृत्ताकार छिद्र

कागज को दो बार मोड़ा गया है जिससे 4 परतें बनती हैं। 4 परतों पर 1 त्रिभुजाकार कट लगाने पर 4 कट और 2 वृत्ताकार छिद्र करने पर 2 × 4 = 8 छिद्र प्राप्त होंगे।

8. एक आकृति में एक आयत है जिसके अंदर: (1) ऊपरी-दाएँ कोने में एक छायांकित तीर दाईं ओर इशारा कर रहा है, (2) निचले-बाएँ कोने में 'L' अक्षर सीधा लिखा है, और (3) केंद्र में एक प्लस (+) चिन्ह है। यदि इसके नीचे क्षैतिज दर्पण (Water Image) रखा जाए, तो सही स्थिति क्या होगी?

  1. (क) निचले-दाएँ कोने में दाईं ओर इशारा करता छायांकित तीर, ऊपरी-बाएँ कोने में जल-प्रतिबिम्बित 'L', और केंद्र में प्लस (+)
  2. (ख) निचले-बाएँ कोने में बाईं ओर इशारा करता छायांकित तीर, ऊपरी-दाएँ कोने में सीधा 'L', और केंद्र में गुणा (×)
  3. (ग) ऊपरी-दाएँ कोने में बाईं ओर इशारा करता छायांकित तीर, निचले-बाएँ कोने में उल्टा 'L', और केंद्र में प्लस (+)
  4. (घ) निचले-दाएँ कोने में बाईं ओर इशारा करता छायांकित तीर, ऊपरी-बाएँ कोने में जल-प्रतिबिम्बित 'L', और केंद्र में प्लस (+)
उत्तर देखें

उत्तर: (क) निचले-दाएँ कोने में दाईं ओर इशारा करता छायांकित तीर, ऊपरी-बाएँ कोने में जल-प्रतिबिम्बित 'L', और केंद्र में प्लस (+)

जल प्रतिबिम्ब में: (1) ऊपरी-दायाँ कोना निचले-दाएँ कोने में बदलता है, लेकिन दाईं ओर इशारा करता तीर दाईं ओर ही रहता है। (2) निचला-बायाँ कोना ऊपरी-बाएँ कोने में बदलता है और 'L' ऊपर-नीचे उल्टा हो जाता है। (3) केंद्र का प्लस (+) अपरिवर्तित रहता है।

9. एक प्रश्न आकृति में एक 'त्रिशूल जैसा ढाँचा' (Trident structure) है, जिसमें एक लंबवत मध्य रेखा है, जिसके ऊपरी सिरे पर 3 ऊपर की ओर झुके हुए काँटे (prongs) हैं और निचले सिरे पर एक छोटा वृत्त है। यह आकृति निम्नलिखित में से किस संरचना में बिना घुमाए सन्निहित (embedded) है?

  1. (क) एक संरचना जिसमें एक केंद्रीय लंबवत रेखा है जिसके ऊपर 3 U-आकार की ऊपर मुड़ी शाखाएं और आधार पर एक वृत्त बना है
  2. (ख) एक संरचना जिसमें एक क्षैतिज रेखा है जिसके दाएँ सिरे पर 3 नीचे की ओर झुकी शाखाएं हैं
  3. (ग) एक वर्गाकार ग्रिड जिसमें केवल दो लंबवत रेखाएं और दो विकर्ण हैं बिना किसी वृत्त के
  4. (घ) एक वृत्त जिसके अंदर दो प्रतिच्छेदी व्यास और तीन समानांतर क्षैतिज रेखाएं हैं
उत्तर देखें

उत्तर: (क) एक संरचना जिसमें एक केंद्रीय लंबवत रेखा है जिसके ऊपर 3 U-आकार की ऊपर मुड़ी शाखाएं और आधार पर एक वृत्त बना है

विकल्प 0 में केंद्रीय लंबवत रेखा, उसके शीर्ष पर ऊपर की ओर मुड़ी 3 शाखाएँ (काँटे) और आधार पर वृत्त स्पष्ट रूप से विद्यमान हैं, जो प्रश्न आकृति के पूर्णतः अनुकूल है।

English version — Figure Based Questions-1 (Mirror Image, Water Image, Paper Folding/Cutting & Embedded Figure)

In SSC exams (CGL, CHSL, CPO, GD) Tier-1 and Tier-2, 2 to 4 questions are regularly asked from this chapter. It is highly scoring because it relies entirely on visual reasoning and simple rules. With proper practice and attention to detail, you can easily score full marks.

Mirror Image (Vertical and Horizontal Mirror)

A mirror image is the reflected visual of an object in a mirror. When a vertical mirror is placed to the left or right, the left and right sides swap (lateral inversion), while the top and bottom remain unchanged. When a horizontal mirror is placed above or below the object, the top and bottom swap while left and right remain unchanged (similar to a water image). In SSC exams, mirror image problems involving letters, numbers, and figures are best solved using the option elimination technique.

Formulas with examples

📐 लम्बवत दर्पण नियम (Vertical Mirror): Left ↔ Right बदलता है, Top & Bottom स्थिर रहता है। (क्रम उलट जाता है) — When mirror MN is placed vertically to the right or left of the object.

दर्पण दाईं ओर लम्बवत (Vertical Mirror) रखा है।

अक्षरों का क्रम दायें से बायें उलट जाता है।

मूल शब्द का अंतिम अक्षर 'D' है।

अतः दर्पण प्रतिबिम्ब में सबसे पहला अक्षर 'D' का बायाँ-दायाँ उल्टा रूप (Ɑ) होगा।

मूल अक्षर 'F' में खड़ी वर्टिकल रेखा बाईं ओर और दो क्षैतिज रेखाएं दाईं ओर हैं।

लम्बवत दर्पण में बायाँ और दायाँ आपस में बदल जाते हैं।

इसलिए वर्टिकल रेखा दाईं ओर आ जाएगी।

दो क्षैतिज रेखाएँ बाईं ओर मुड़ जाएँगी।

📐 क्षैतिज दर्पण नियम (Horizontal Mirror): Top ↔ Bottom बदलता है, Left & Right स्थिर रहता है। (क्रम वही रहता है) — When mirror MN is placed horizontally below or above the object.

दर्पण नीचे रखा है (Horizontal Mirror)।

इसमें ऊपर और नीचे की दिशाएँ बदलती हैं, बायाँ-दायाँ समान रहता है।

'7' की ऊपरी क्षैतिज रेखा अब नीचे आ जाएगी।

तिरछी रेखा नीचे जाने के बजाय ऊपर की ओर विस्तारित होगी।

क्षैतिज दर्पण में केवल ऊपर और नीचे का भाग बदलता है।

अक्षरों के बाएँ से दाएँ स्थान का क्रम नहीं बदलता है।

अक्षरों का क्रम C, O, D, E ही रहेगा।

प्रत्येक अक्षर का ऊपरी हिस्सा नीचे आ जाएगा।

Question types asked

Solved questions (every type)

दर्पण दाईं ओर लम्बवत रखा है।

संख्याओं का क्रम उलट जाएगा: सबसे पहले 4, फिर 6, फिर 9।

'4' का खुला बायाँ भाग दाईं ओर आ जाएगा।

'6' का नीचे का वृत्त दाईं ओर घूम जाएगा।

'9' का ऊपर का वृत्त बाईं ओर आ जाएगा।

लम्बवत दर्पण में शब्द का अंतिम अक्षर सबसे पहले दिखता है।

अक्षरों का क्रम होगा: G, N, I, N, O, S, A, E, R।

प्रत्येक अक्षर का बायाँ-दायाँ भाग पलट जाएगा।

'G', 'N', 'S', 'E', 'R' का मुख विपरीत दिशा में होगा।

'I', 'O', 'A' में कोई पार्श्व बदलाव नहीं दिखेगा।

लम्बवत दर्पण में बायाँ ↔ दायाँ बदलता है, ऊपर-नीचे अपरिवर्तित रहता है।

मूल चित्र में काला वृत्त: ऊपरी-बाएँ कोने में है।

प्रतिबिम्ब में काला वृत्त: ऊपरी-दाएँ कोने में जाएगा।

मूल चित्र में तीर: निचले-दाएँ कोने में है।

प्रतिबिम्ब में तीर: निचले-बाएँ कोने में जाएगा (तीर का मुख ऊपर ही रहेगा)।

क्षैतिज दर्पण (Horizontal Mirror) में Top ↔ Bottom बदलता है।

अक्षरों के बाएँ से दाएँ स्थान का क्रम नहीं बदलता है।

क्रम B, E, N, D ही रहेगा।

'B' और 'E' का ऊपर-नीचे का भाग समान दिखेगा।

'N' की तिरछी रेखा उल्टी दिशा में आ जाएगी।

क्षैतिज दर्पण में ऊपर ↔ नीचे बदलता है, बायाँ-दायाँ समान रहता है।

त्रिभुज का शीर्ष ऊपर है, अतः प्रतिबिम्ब में शीर्ष नीचे होगा (उल्टा त्रिभुज)।

बाईं ओर का 'P' बाईं ओर ही रहेगा, लेकिन उसका गोलाई वाला भाग नीचे आ जाएगा।

दाईं ओर का '3' दाईं ओर ही रहेगा, लेकिन ऊपर-नीचे उलट जाएगा।

लम्बवत दर्पण में क्रम उलट जाता है।

मूल अनुक्रम का अंतिम तत्व '2' है, इसलिए प्रतिबिम्ब में पहला तत्व उल्टा '2' होगा।

मूल अनुक्रम का पहला तत्व 'K' है, इसलिए प्रतिबिम्ब में अंतिम तत्व उल्टा 'K' होगा।

अक्षरों का क्रम: 2(उल्टा), M, 7(उल्टा), 8, K(उल्टा)।

लम्बवत दर्पण में Left ↔ Right बदलता है और Top ↔ Bottom समान रहता है।

ऊपरी-दायाँ (+) → बदलकर ऊपरी-बायाँ (+) बनेगा।

ऊपरी-बायाँ (÷) → बदलकर ऊपरी-दायाँ (÷) बनेगा।

निचला-दायाँ (-) → बदलकर निचला-बायाँ (-) बनेगा।

निचला-बायाँ (×) → बदलकर निचला-दायाँ (×) बनेगा।

How it is asked

1-2 questions are asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, GD, and Railway NTPC. Vertical mirror image (MN placed to the right) is the most frequently tested pattern.

Common mistakes

💡 लम्बवत दर्पण वाले प्रश्न में हमेशा दिए गए शब्द के अंतिम अक्षर को देखें—वही दर्पण प्रतिबिम्ब का पहला अक्षर बनता है। इससे विकल्पों को देखकर उत्तर 5 सेकंड में मिल जाता है।", "tip_en": "In vertical mirror questions, always look at the last character of the given word—it becomes the first character in the mirror image. Use option elimination to solve in 5 seconds.

Water Image

In a water image, the top part of an object or figure is inverted to the bottom, and the bottom part goes to the top. The left and right orientations remain completely unchanged. It acts just like a horizontal mirror reflection. To solve questions quickly, use option elimination by checking the vertical inversion of key elements.

Formulas with examples

📐 Top ↔ Bottom, Left = Left, Right = Right — When finding the water image of any letter, number, or figure.

अक्षर B में बाईं ओर एक सीधी रेखा है जो जल प्रतिबिंब में भी बाईं ओर ही रहेगी। B का ऊपरी छोटा लूप नीचे चला जाएगा तथा निचला बड़ा लूप ऊपर आ जाएगा।

संख्या 7 में ऊपर क्षैतिज रेखा होती है, जो जल प्रतिबिंब में नीचे आ जाएगी। ऊपर से नीचे आने वाली तिरछी रेखा जल प्रतिबिंब में नीचे से ऊपर की ओर जाती दिखेगी।

📐 जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - वास्तविक समय (यदि मिनट ≤ 30) या 17:90 - वास्तविक समय (यदि मिनट > 30) — When clock time is given and water image time is required (or vice versa).

यहाँ मिनट 30 से कम हैं, इसलिए 18:30 का प्रयोग करेंगे। जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - 8:20। घंटे = 18 - 8 = 10। मिनट = 30 - 20 = 10।

यहाँ मिनट 30 से अधिक (40) हैं, इसलिए 17:90 का प्रयोग करेंगे। जल प्रतिबिंब समय = 17:90 - 4:40। घंटे = 17 - 4 = 13 (अर्थात 1 बजे)। मिनट = 90 - 40 = 50।

Question types asked

Solved questions (every type)

C का जल प्रतिबिंब 'C' ही रहता है। O का जल प्रतिबिंब 'O' ही रहता है। D का जल प्रतिबिंब 'D' ही रहता है। E का जल प्रतिबिंब 'E' ही रहता है। अक्षरों की बाएँ से दाएँ स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।

A का शीर्ष नीचे आ जाएगा (उल्टा A)। 8 का छोटा लूप नीचे तथा बड़ा लूप ऊपर हो जाएगा। P का ऊपर वाला लूप नीचे की तरफ बनेगा। 9 का ऊपरी गोला नीचे आ जाएगा और पूंछ ऊपर की ओर मुड़ी होगी।

त्रिभुज का शीर्ष ऊपर है, जल प्रतिबिंब में शीर्ष नीचे की ओर होगा। मूल आकृति में वृत्त ऊपर है, जल प्रतिबिंब में वृत्त नीचे की ओर आ जाएगा।

जल प्रतिबिंब में ऊपर की दिशा नीचे में बदल जाती है। बायाँ और दायाँ भाग अपरिवर्तित रहता है। अतः ऊपर-दाएँ जाने वाला तीर अब नीचे-दाएँ (Bottom-Right) कोने की ओर इशारा करेगा।

सूत्र: जल प्रतिबिंब समय = 18:30 - वास्तविक समय। घंटे: 18 - 9 = 9। मिनट: 30 - 15 = 15।

मिनट 30 से अधिक (45) हैं, अतः 17:90 का प्रयोग करेंगे। वास्तविक समय = 17:90 - 2:45। घंटे = 17 - 2 = 15 (अर्थात 3 बजे)। मिनट = 90 - 45 = 45।

जल प्रतिबिंब में Top और Bottom आपस में बदल जाते हैं। ऊपरी-बाएँ भाग का छायांकित वृत्त अब निचले-बाएँ (Bottom-Left) भाग में जाएगा। निचले-दाएँ भाग का '+' चिह्न अब ऊपरी-दाएँ (Top-Right) भाग में जाएगा। बाएँ और दाएँ की स्थिति अपरिवर्तित रहेगी।

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, MTS, CPO, and Railway exams, 1 to 2 questions are regularly asked from Water Image, mostly based on letter/number combinations or visual shape inversions.

Common mistakes

💡 जल प्रतिबिंब प्रश्नों को हल करते समय सबसे पहले आकृति के सबसे ऊपरी हिस्से का चयन करें; सही उत्तर वाले विकल्प में वह हिस्सा सबसे नीचे दिखना चाहिए। इससे गलत विकल्प तुरंत हट जाते हैं।避 eliminate wrong options quickly based on top-to-bottom shift logic.

Paper Folding and Punching

In paper folding and punching questions, a piece of paper is folded in a specific sequence and punched/cut, and we need to determine the final pattern when unfolded. The core principle is that every unfold step acts as a reflection (mirror image) across the fold line. Unfolding horizontally creates a mirror image, while unfolding vertically creates a water image. The number of layers of paper at the punched region determines how many identical holes appear upon unfolding.

Formulas with examples

📐 प्रत्येक Unfold चरण = मोड़ने वाली रेखा (Fold Line) पर प्रतिबिम्ब (Reflection) — When unfolding the paper along any fold line.

स्टेप 1: कागज़ को नीचे से ऊपर खोलने पर क्षैतिज रेखा के अनुदिश Water Image बनेगी, जिससे ऊपर-दाएँ भी एक वृत्त आ जाएगा।

स्टेप 2: कागज़ को दाएँ से बाएँ खोलने पर लंबवत रेखा के अनुदिश Mirror Image बनेगी।

परिणाम: चार कोनों पर 4 वृत्त दिखाई देंगे।

स्टेप 1: एक चौथाई भाग से आधा करने पर त्रिभुज का प्रतिबिम्ब बनेगा।

स्टेप 2: आधा से पूरा वृत्त खोलने पर चारों भागों में त्रिभुज दिखाई देंगे।

परिणाम: केंद्र के चारों ओर 4 त्रिभुज दिखाई देंगे।

📐 कुल छेदों की संख्या = पंचों की संख्या × कागज़ की परतों की संख्या — To calculate total holes formed after unfolding.

परतों की संख्या = 2 × 2 = 4 परतें

पंचों की संख्या = 2

कुल छेदों की संख्या = 4 × 2 = 8 वृत्त

कुल पंच = 2 (1 वर्ग + 1 त्रिभुज)

परतें = 8

कुल आकृतियाँ = 8 × 2 = 16 (8 वर्ग और 8 त्रिभुज)

Question types asked

Solved questions (every type)

स्टेप 1: नीचे मोड़ने पर Water Image - ऊपरी बाएँ वृत्त का प्रतिबिम्ब निचले बाएँ कोने में और वर्ग का प्रतिबिम्ब नीचे आएगा।

स्टेप 2: बाएँ से दाएँ खोलने पर Mirror Image - बाएँ पक्ष के 2 वृत्त और 2 वर्ग दाएँ पक्ष में भी प्रतिबिंबित होंगे।

परिणाम: चारों कोनों पर 4 वृत्त और मध्य में 4 वर्ग दिखाई देंगे।

स्टेप 1: एक चौथाई भाग से आधा वृत्त खोलने पर अर्द्धवृत्त पूरा वृत्त बन जाएगा।

स्टेप 2: पूरा वृत्त खोलने पर 4 वृत्त (कोने वाले) और व्यास पर 2 पूरे वृत्त दिखाई देंगे।

परिणाम: 4 छोटे वृत्त और 2 मध्य वृत्त बनेंगे।

स्टेप 1: ऊपर खोलने पर 'L' का Water Image (उल्टा L) बनेगा।

स्टेप 2: दाएँ खोलने पर दोनों 'L' आकृतियों की Mirror Image बनेगी।

परिणाम: केंद्र में 4 'L' आकृतियाँ मिलकर एक सममित क्रॉस/चौकोर पैटर्न बनाएंगी।

स्टेप 1: पहला उन्मोचन (Unfold) विकर्ण रेखा पर प्रतिबिम्ब बनाएगा।

स्टेप 2: दूसरा उन्मोचन मुख्य विकर्ण पर प्रतिबिम्ब बनाएगा।

परिणाम: कागज़ के विकर्णों के अनुदिश केंद्र के आसपास 4 वृत्त दिखाई देंगे।

परतों की संख्या = 8

पंचों की संख्या = 1

कुल त्रिकोण = 8 × 1 = 8

विकर्ण और अक्षों के अनुदिश दर्पण प्रतिबिम्ब के कारण आठों त्रिकोण अष्टकोणीय सममिति में व्यवस्थित होंगे।

ध्यान दें: पंच केवल 1 परत पर किया गया है, सभी परतों पर नहीं।

इसलिए खोलने पर कोई नया प्रतिबिम्ब नहीं बनेगा।

केवल उसी स्थान पर 1 तीर बना रहेगा जहाँ पंच किया गया था।

स्टेप 1: ऊपर की ओर खोलने पर (Water Image) त्रिभुज का शीर्ष नीचे की ओर हो जाएगा।

स्टेप 2: दाएँ की ओर खोलने पर (Mirror Image) दिशा समान रहेगी।

परिणाम: ऊपर की 2 परतों में शीर्ष नीचे की ओर तथा नीचे की 2 परतों में शीर्ष ऊपर की ओर होगा।

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, MTS, GD, and Railway exams, 1 question on Paper Folding and Punching appears in almost every shift.

Common mistakes

💡 प्रश्न को हल करते समय अंतिम मोड़ (Last fold) से पीछे की ओर चलें और प्रत्येक मोड़ रेखा (Fold line) को एक दर्पण (Mirror) मानते हुए प्रतिबिम्ब बनाते जाएँ। Boundary/Edges के कट हमेशा symmetrical आकार बनाते हैं। Color/Shape alignment विकल्प छाँटने में बहुत उपयोगी होता है। Focus on options eliminating wrong reflections fast step-by-step. Avoid drawing full diagram - eliminate 3 options based on 1 punch reflection position easily in exam. Keep simple mirror logic clear standard rule. Practice step reve

Paper Cutting Patterns

In paper cutting problems, a paper sheet is folded one or more times and cuts or hole-punches are made in the final folded shape. When unfolded, each cut mirrors across the respective fold line. Unfolding always occurs in the exact reverse sequence of folding. Every fold line acts as a symmetry line/mirror: a horizontal fold creates a water image (vertical flip), whereas a vertical fold creates a standard mirror image (horizontal flip).

Formulas with examples

📐 मोड़ रेखा = दर्पण (Fold Line = Mirror Line) — Whenever paper is unfolded across any fold line

कागज़ को ऊपर से नीचे मोड़ा गया है, इसलिए इसे नीचे से ऊपर खोलेंगे।

क्षैतिज मोड़ रेखा (Horizontal fold line) एक जल-दर्पण (Water Mirror) का कार्य करेगी।

निचले भाग का सितारा ऊपरी भाग में परावर्तित होगा।

चूँकि सितारा सममित (Symmetrical) आकृति है, ऊपर भी वैसा ही सितारा दिखेगा।

अतः ऊपर और नीचे 1-1 (कुल 2) सितारे दिखाई देंगे।

कागज़ को दाएँ से बाएँ मोड़ा गया था, अतः इसे बाएँ से दाएँ खोलेंगे।

ऊर्ध्वाधर मोड़ रेखा (Vertical fold line) समतल दर्पण का कार्य करती है।

बाएँ भाग का 'L' दाएँ भाग में '⅃' (दर्पण प्रतिबिम्ब) के रूप में दिखेगा।

अतः खोलने पर कागज़ पर 'L ⅃' का जोड़ा बनेगा।

Question types asked

Solved questions (every type)

कागज़ बाएँ से दाएँ मोड़ा गया है, इसलिए खोलते समय मोड़ रेखा ऊर्ध्वाधर दर्पण होगी।

दाएँ भाग में एक त्रिभुज (शीर्ष ऊपर) स्थित है।

ऊर्ध्वाधर दर्पण में ऊपर का शीर्ष ऊपर ही रहता है।

बाएँ भाग में समान त्रिभुज (शीर्ष ऊपर) का प्रतिबिम्ब बनेगा।

अतः खोलने पर दोनों ओर 1-1 त्रिभुज (दोनों के शीर्ष ऊपर) दिखाई देंगे।

पहला कदम: कागज़ को बाएँ खोलें (पार्श्व प्रतिबिम्ब):

निचले-दाएँ कोने का वृत्त निचले-बाएँ कोने में दिखेगा।

ऊपरी-बाएँ कोने (केंद्र के पास) का वर्ग ऊपरी-दाएँ कोने में दिखेगा।

दूसरा कदम: कागज़ को नीचे से ऊपर खोलें (जल प्रतिबिम्ब):

नीचे के दोनों वृत्त ऊपर के दोनों कोनों में प्रतिबिम्बित होंगे।

केंद्र के दोनों वर्ग ऊपर केंद्र में प्रतिबिम्बित होंगे।

परिणाम: कागज़ के चारों कोनों पर 1-1 वृत्त तथा केंद्र में 4 वर्ग बनेंगे।

बंद कोना कागज़ का केंद्र बिंदु होता है।

केंद्र के कोने पर काटा गया वृत्त चारों चतुर्थांशों में मिलकर केंद्र में 1 बड़ा वृत्त बनाएगा।

बाहरी खुले कोने पर काटा गया 'V' कट चारों बाहरी कोनों पर 1-1 'V' कट बनाएगा।

अतः खोलने पर कागज़ के केंद्र में 1 पूर्ण वृत्त तथा चारों कोनों पर 1-1 'V' कट दिखेगा।

वृत्त को दो बार मोड़ने पर 90° का एक चतुर्थांश प्राप्त होता है।

चतुर्थांश की बाहरी परिधि पर 2 छिद्र हैं।

पहला मोड़ खोलने (180° अर्धवृत्त) पर परिधि पर 2 + 2 = 4 छिद्र होंगे।

दूसरा मोड़ खोलने (360° पूरा वृत्त) पर परिधि पर 4 + 4 = 8 छिद्र होंगे।

अतः पूरी वृत्ताकार परिधि के साथ 8 छिद्र एक गोलाकार क्रम में व्यवस्थित होंगे।

चौथाई भाग में तीर का निशान केंद्र से बाहर की तरफ है।

बाएँ खोलने पर: तीर का प्रतिबिम्ब बाएँ चतुर्थांश में बाहर की ओर इशारा करेगा।

नीचे खोलने पर: दोनों तीरों का प्रतिबिम्ब निचले चतुर्थांशों में बाहर की ओर होगा।

अतः खोलने पर 4 तीर दिखाई देंगे, जो केंद्र से बाहर चारों दिशाओं में इशारा कर रहे होंगे।

छोटे त्रिभुज के 3 कोनों में से 1 कोना कागज़ का केंद्र है, 1 कोना कागज़ का बाहरी कोना है, और 1 कोना किनारे का मध्य बिंदु है।

केंद्र वाले कोने के छेद मिलकर कागज़ के केंद्र में 1 वृत्त बनाएंगे।

बाहरी कोने वाले छेद कागज़ के 4 बाहरी कोनों पर 4 छेद बनाएंगे।

मध्य बिंदु वाले छेद चारों भुजाओं के मध्य में 4 छेद बनाएंगे।

अतः कुल मिलाकर 1 केंद्र में + 4 कोनों पर + 4 भुजाओं के मध्य में (कुल 9 छिद्र) बनेंगे।

कागज़ का बंद कोना खोलने पर कागज़ का ठीक केंद्र बिंदु बनता है।

बंद कोने पर बना 1 त्रिभुजाकार कट चारों चतुर्थांशों में मिलकर केंद्र में 1 समचतुर्भुज (Diamond) बनाएगा।

चौथाई हिस्से के बीच में बना 1 वर्ग खोलने पर चारों चतुर्थांशों में 1-1 वर्ग (कुल 4 वर्ग) बनाएगा।

अतः खोलने पर केंद्र में 1 समचतुर्भुज (Diamond) और उसके चारों ओर 4 वर्ग दिखेंगे।

How it is asked

Asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, CPO, and GD exams (1-2 questions guaranteed).

Common mistakes

💡 विकल्प निरसन (Option Elimination) का प्रयोग करें: अंतिम कट की स्थिति जिस विकल्प में अपने चतुर्थांश में सही दर्पण प्रतिबिम्ब नहीं बनाती, उसे तुरंत ख़ारिज कर दें। 90% प्रश्न 5 सेकंड में हल हो जाते हैं।をつ, 5 seconds to solve.

Embedded Figure

In Embedded Figure questions, a given question figure is hidden inside one of the four option figures. The candidate must identify which option contains the exact pattern without altering its shape (unless rotation is explicitly allowed). To solve these, focus on key structural lines, angles, and intersection points of the question figure. Using the elimination method by ruling out options missing key lines is the fastest strategy.

Formulas with examples

📐 घूर्णन रहित मिलान नियम (Matching pattern without rotation) — When the question explicitly states that rotation of the figure is not allowed.

प्रश्न आकृति = अक्षर 'Z'

विकल्प (B) में वर्ग की ऊपरी भुजा, विकर्ण और निचली भुजा मिलकर एक स्पष्ट 'Z' बनाते हैं।

बिना घुमाए 'Z' केवल विकल्प (B) में ही मौजूद है।

अतः विकल्प (B) सही है।

प्रश्न आकृति = समकोण त्रिभुज (आधार नीचे, लंब बाईं ओर)

विकल्प (B) में आयत का बायाँ भाग, निचला आधार और विकर्ण मिलकर ठीक वही समकोण त्रिभुज बनाते हैं।

दिशा बदले बिना यह केवल विकल्प (B) में निहित है।

अतः विकल्प (B) सही है।

📐 घूर्णन अनुमति मिलान नियम (Matching pattern with rotation allowed) — When rotation of the figure is allowed or no restriction is mentioned in the question.

प्रश्न आकृति = 'F'

घूर्णन की अनुमति होने पर 'F' को 90 डिग्री दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाने पर वह विकल्प (A) से मेल खाता है।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = ऊपर की ओर इशारा करता तीर

इसे 90 डिग्री वामावर्त घुमाने पर यह बाईं ओर इशारा करेगा।

विकल्प (B) में बाएँ इशारा करता तीर स्पष्ट रूप से मौजूद है।

अतः विकल्प (B) सही है।

Question types asked

Solved questions (every type)

प्रश्न आकृति = ऊपर की ओर खुला 'V' आकार

विकल्प (A) में केवल X रेखाएं हैं।

विकल्प (B) में वर्ग की ऊपरी रेखाओं से ठीक ऊपर की ओर खुला 'V' स्पष्ट बना है।

बिना घुमाए विकल्प (B) में यह आकृति पूरी तरह सन्निहित है।

प्रश्न आकृति = 'T' आकार

विकल्प (C) में षट्भुज की एक बाहरी भुजा और केंद्र तक जाती रेखा मिलकर 'T' आकार बनाती हैं (90 डिग्री घुमाने पर)।

घूर्णन की अनुमति होने के कारण विकल्प (C) सही है।

प्रश्न आकृति = K तथा उससे सटी लंबवत रेखा

विकल्प (A) में वर्ग के मध्य में लंबवत रेखा और उससे निकलती दो तिरछी रेखाएं ठीक वही K-संरचना बनाती हैं।

अन्य किसी विकल्प में K आकृति की रेखाएं मौजूद नहीं हैं।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = डमरू आकार (विपरीत त्रिभुज)

विकल्प (B) में आयत के दोनों विकर्ण एक-दूसरे को X के रूप में काटना और ऊपरी व निचली भुजाएं मिलकर ठीक डमरू बनाती हैं।

अतः विकल्प (B) सही है।

मुख्य प्रश्न आकृति = वर्ग + वृत्त + समबाहु त्रिभुज

विकल्प (A) में 'वृत्त के अंदर समबाहु त्रिभुज' दर्शाया गया है।

यह विकल्प (A) की आकृति मुख्य प्रश्न आकृति के अंदर पूरी तरह निहित है।

अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।

प्रश्न आकृति = समलंब चतुर्भुज (बायां पार्श्व लंबवत, दायां तिरछा)

विकल्प (A) में आयत का बायां भाग, ऊपरी-निचली भुजाएं और दायां तिरछा कट मिलकर ठीक समलंब बनाते हैं।

बिना घुमाए यह विकल्प (A) में निहित है।

प्रश्न आकृति = 'H' जैसी आकृति (दो खड़ी रेखाएं + एक तिरछी मध्य रेखा)

विकल्प (B) के ग्रिड में दो खड़ी रेखाओं के बीच तिरछी जोड़ने वाली रेखा स्पष्ट दिखती है।

अतः प्रश्न आकृति विकल्प (B) में छिपी है।

How it is asked

SSC exams (CGL, CHSL, MTS, GD, Railway) regularly feature 1 question on Embedded Figures in almost every shift. Recent patterns heavily emphasize questions where rotation is NOT allowed.

Common mistakes

💡 प्रश्न आकृति के सबसे अनोखे हिस्से या तीखे कोण (Unique angle/intersection) को पहचानें और विकल्पों में केवल उसी विशिष्ट भाग को खोजकर गलत विकल्पों को तुरंत छांटें (Elimination method)।Short distance or sharp turns rule out invalid options quickly visually count intersecting strokes before deciding option match carefully proceed correctly step by step without rush always observe exact orientation guidelines correctly clear exam paper visually precisely right away format accurately straight forward p

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