{"kind": "gs", "intro_hi": "मौर्य साम्राज्य BPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। बिहार विशेष इतिहास में पाटलिपुत्र, अशोक के अभिलेख और मौर्यकालीन कला से लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विषय की विस्तृत समझ अभ्यर्थियों को परीक्षा में उत्कृष्ट अंक दिलाने में सहायक है।", "intro_en": "The Mauryan Empire is a high-yield topic for both BPSC Prelims and Mains examinations. Questions regularly feature in Bihar Special History regarding Pataliputra, Ashoka's edicts, and Mauryan art. Mastering this chapter ensures a solid foundation for scoring high in ancient history.", "subtopics": [{"name_hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य, चाणक्य, मेगस्थनीज और सेल्यूकस संधि", "name_en": "Chandragupta Maurya, Chanakya, Megasthenes and Seleucus Treaty", "explain_hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु और कूटनीतिज्ञ चाणक्य (विष्णुगुप्त/कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक धनानंद को पराजित कर 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की नींव रखी। 305 ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त ने सिकंदर के पूर्व सेनापति और सीरियाई ग्रीक शासक सेल्यूकस निकेटर को युद्ध में पराजित कर एक ऐतिहासिक संधि की। इस संधि के तहत सेल्यूकस ने चन्द्रगुप्त को एरिया, अराकोसिया, गेड्रोसिया और पेरोपेमिसदाई (वर्तमान काबुल, कंधार, हेरात और बलूचिस्तान) का क्षेत्र सौंपा और अपनी पुत्री का विवाह चन्द्रगुप्त से किया। बदले में चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी भेंट किए। सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर पाटलिपुत्र दरबार में भेजा, जिसने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'इण्डिका' में मौर्य प्रशासन और तत्कालीन समाज का वर्णन किया। चन्द्रगुप्त के समय ही सौराष्ट्र (गुजरात) के राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा प्रसिद्ध सुदर्शन झील का निर्माण कराया गया था।", "explain_en": "Chandragupta Maurya founded the Mauryan Empire in 322 BCE by overthrowing Dhanananda, the last Nanda ruler, with the strategic guidance of Chanakya (Kautilya). In 305 BCE, Chandragupta defeated Seleucus I Nicator, establishing a historic treaty that expanded the empire to eastern Afghanistan and Balochistan (Aria, Arachosia, Gedrosia, and Paropamisadae). As part of this diplomatic alliance, Seleucus gave his daughter in marriage and received 500 war elephants in exchange. Seleucus also dispatched Megasthenes as an ambassador to the court at Pataliputra, who authored 'Indica', providing a vivid account of Mauryan administration and society. During Chandragupta's reign, the renowned Sudarshan Lake was constructed in Saurashtra by his provincial governor, Pushyagupta Vaishya.", "facts": [{"hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की सहायता से अंतिम नंद शासक धनानंद को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी।", "en": "Chandragupta Maurya established the Mauryan Empire by defeating the last Nanda king Dhanananda with Chanakya's help."}, {"hi": "सर विलियम जोन्स ने सर्वप्रथम यूनानी स्रोतों में उल्लिखित 'सैंड्रोकोट्टस' (Sandrocottus) की पहचान चन्द्रगुप्त मौर्य के रूप में की थी।", "en": "Sir William Jones was the first to identify 'Sandrocottus' from Greek texts as Chandragupta Maurya."}, {"hi": "305 ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच युद्ध हुआ, जिसके बाद एक महत्वपूर्ण शांति संधि हुई।", "en": "In 305 BCE, a conflict took place between Chandragupta Maurya and Seleucus I Nicator, leading to a crucial peace treaty."}, {"hi": "संधि के तहत चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी दिए तथा सेल्यूकस ने हेरात, कंधार, काबुल और मकरान/बलूचिस्तान का क्षेत्र सौंपा।", "en": "Under the treaty, Chandragupta gifted 500 war elephants, and Seleucus ceded Aria, Arachosia, Paropamisadae, and Gedrosia."}, {"hi": "सेल्यूकस निकेटर ने चन्द्रगुप्त मौर्य के पाटलिपुत्र स्थित राजदरबार में मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर भेजा था।", "en": "Seleucus Nicator sent Megasthenes as his ambassador to Chandragupta Maurya's royal court at Pataliputra."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इण्डिका' में मौर्य प्रशासन, पाटलिपुत्र नगर और भारतीय समाज का विस्तृत वर्णन किया।", "en": "Megasthenes wrote 'Indica', offering a detailed account of Mauryan administration, Pataliputra, and Indian society."}, {"hi": "चाणक्य (कौटिल्य/विष्णुगुप्त) चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री और मुख्य सलाहकार थे।", "en": "Chanakya (Kautilya/Vishnugupta) served as the Prime Minister and chief advisor to Chandragupta Maurya."}, {"hi": "चाणक्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' मूलतः राजनीति विज्ञान, शासन कला और कूटनीति पर आधारित 15 अधिकरणों (खंडों) का ग्रंथ है।", "en": "Chanakya's 'Arthashastra' is a treatise on statecraft, political theory, and diplomacy divided into 15 books (Adhikaranas)."}, {"hi": "अर्थशास्त्र में राज्य संचालन हेतु सात अंगों का 'सप्तांग सिद्धांत' (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, दंड/बल, मित्र) दिया गया है।", "en": "Arthashastra propounded the 'Saptanga Theory' of the state consisting of Swami, Amatya, Janapada, Durga, Kosha, Danda, and Mitra."}, {"hi": "सौराष्ट्र (गुजरात) के गिरनार में सुदर्शन झील का निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने करवाया था।", "en": "Sudarshan Lake at Girnar in Saurashtra was constructed by Pushyagupta Vaishya, the provincial governor of Chandragupta Maurya."}, {"hi": "मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों का एक मंडल करता था, जो 5-5 सदस्यों की 6 समितियों में विभाजित था।", "en": "According to Megasthenes, the administration of Pataliputra was managed by a board of 30 members divided into 6 committees of 5 each."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने भारतीय समाज को 7 जातियों/वर्गों (दार्शनिक, कृषक, पशुपालक, शिल्पी/कारीगर, योद्धा, निरीक्षक, सभासद) में विभाजित बताया।", "en": "Megasthenes divided Indian society into 7 classes: philosophers, farmers, herdsmen, artisans, soldiers, overseers, and councillors."}, {"hi": "जैन परंपरा (परिशिष्टपर्वन) के अनुसार अपने जीवन के अंतिम दिनों में चन्द्रगुप्त मौर्य ने भद्रबाहु से दीक्षा लेकर श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में संलेखना/संथारा द्वारा प्राण त्यागे।", "en": "According to Jain tradition, Chandragupta Maurya embraced Jainism under Bhadrabahu and ended his life through Sallekhana at Shravanabelagola."}], "examples": [{"q": "यूनानी लेखक जस्टिन और स्ट्रैबो द्वारा उल्लिखित 'सैंड्रोकोट्टस' की पहचान चन्द्रगुप्त मौर्य से सर्वप्रथम किसने की थी?", "options": ["विलियम जोन्स", "वी. ए. स्मिथ", "जेम्स प्रिंसेप", "आर. जी. भंडारकर"], "ans": 0, "why": "18वीं सदी के प्राच्यविद् सर विलियम जोन्स ने सर्वप्रथम सैंड्रोकोट्टस का समीकरण चन्द्रगुप्त मौर्य के साथ सिद्ध किया था।"}, {"q": "चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के मध्य हुए समझौते के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?", "options": ["सेल्यूकस ने चन्द्रगुप्त को 500 हाथी भेंट किए थे।", "चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को काबुल और कंधार का क्षेत्र सौंप दिया था।", "चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी दिए और बदले में पूर्वी अफगानिस्तान व बलूचिस्तान के क्षेत्र प्राप्त किए।", "मेगस्थनीज को बिंदुसार के दरबार में भेजा गया था।"], "ans": 2, "why": "305 ईसा पूर्व की संधि में चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी दिए और सेल्यूकस ने हेरात, कंधार, काबुल एवं बलूचिस्तान मौर्य साम्राज्य को सौंपे।"}, {"q": "सौराष्ट्र में प्रसिद्ध 'सुदर्शन झील' का निर्माण किसके शासनकाल में और किसके द्वारा कराया गया था?", "options": ["अशोक के समय तुषास्फ द्वारा", "चन्द्रगुप्त मौर्य के समय पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा", "रुद्रदामन के समय सुविशाख द्वारा", "स्कंदगुप्त के समय पर्णदत्त द्वारा"], "ans": 1, "why": "जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने सिंचाई हेतु सुदर्शन झील का निर्माण करवाया था।"}, {"q": "कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' का मुख्य विषय क्या है?", "options": ["धार्मिक अनुष्ठान एवं दर्शन", "मौर्यकालीन समाज की वर्ण-व्यवस्था", "राज्य व्यवस्था, शासन कला और विदेश नीति", "अर्थव्यवस्था और कर संग्रहण की गणितीय पद्धतियां"], "ans": 2, "why": "अर्थशास्त्र राजनीति, कूटनीति और शासन प्रशासन के सिद्धांतों पर आधारित व्यावहारिक राजनीतिक दर्शन का ग्रंथ है।"}, {"q": "मेगस्थनीज की पुस्तक 'इण्डिका' के विवरणों पर विचार कीजिए:\n1. पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) द्वारा संचालित था।\n2. मेगस्थनीज के अनुसार भारतीय समाज सात वर्गों में विभाजित था।\n3. मेगस्थनीज ने भारत में दास प्रथा के प्रचलन का विस्तृत उल्लेख किया है।\nउपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1 और 2", "केवल 2 और 3", "केवल 1 और 3", "1, 2 और 3"], "ans": 0, "why": "मेगस्थनीज ने स्पष्ट लिखा था कि भारत में दास प्रथा नहीं थी (कथन 3 गलत है, जबकि 1 और 2 दोनों सत्य हैं)।"}], "asked_hi": "BPSC इस सब-टॉपिक से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न (सैंड्रोकोट्टस की पहचान, सुदर्शन झील का निर्माणकर्ता, राजदूत मेगस्थनीज की पुस्तक) तथा सेल्यूकस संधि के प्रावधानों एवं कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत पर आधारित बहु-कथनीय प्रश्न नियमित रूप से पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks direct factual questions on the identification of Sandrocottus, builder of Sudarshan Lake, and Megasthenes, as well as analytical matching questions on treaty terms and Arthashastra concepts.", "confusions_hi": ["सुदर्शन झील का निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य (राज्यपाल पुष्यगुप्त) ने कराया था, जबकि इसकी पहली नहर अशोक (तुषास्फ) ने निकाली और मरम्मत रुद्रदामन व स्कंदगुप्त ने कराई थी।", "मेगस्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था, जबकि डायमेकस (सीरिया) और डायोनिसियस (मिस्र) बिंदुसार/अशोक के समय आए थे।", "कौटिल्य का अर्थशास्त्र आधुनिक अर्थशास्त्र (Economics) की पुस्तक नहीं है, बल्कि यह मुख्यतः शासन प्रणाली और राजनीति विज्ञान (Statecraft and Polity) का ग्रंथ है।"], "table": {"head": ["प्रमुख स्रोत/घटना", "सम्बन्धित विदेशी/शासक", "प्रमुख विवरण / परिणाम"], "rows": [["सैंड्रोकोट्टस पहचान", "सर विलियम जोन्स", "ग्रीक ग्रंथों के सैंड्रोकोट्टस का तादात्म्य चन्द्रगुप्त मौर्य से स्थापित किया"], ["305 ईसा पूर्व संधि", "सेल्यूकस निकेटर", "चन्द्रगुप्त को 4 प्रांत (काबुल, कंधार, हेरात, बलूचिस्तान) मिले; सेल्यूकस को 500 हाथी"], ["राजदूत आगमन", "मेगस्थनीज", "पाटलिपुत्र दरबार में आगमन; प्रसिद्ध ग्रंथ 'इण्डिका' की रचना की"], ["प्रशासनिक ग्रंथ", "कौटिल्य (चाणक्य)", "15 अधिकरणों में 'अर्थशास्त्र' की रचना; सप्तांग सिद्धांत प्रतिपादित"], ["सुदर्शन झील निर्माण", "पुष्यगुप्त वैश्य (राज्यपाल)", "सौराष्ट्र (गुजरात) के गिरनार क्षेत्र में सिंचाई हेतु बांध व झील का निर्माण"], ["अंतिम जीवन व संलेखना", "आचार्य भद्रबाहु", "श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) की चंद्रगिरि पहाड़ी पर जैन विधि द्वारा देहत्याग"]]}, "trick_hi": "ट्रिक: 'सैंड्रो से 500 हाथी लेकर मेगस्थनीज ने इंडिका लिखी' (सैंड्रोकोट्टस = चन्द्रगुप्त, सेल्यूकस को 500 हाथी दिए, मेगस्थनीज राजदूत बना जिसने इंडिका लिखी)।", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:88", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 88", "topic": "प्राचीन भारत", "q": "सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।\nसूची-I (घटना/स्थान) — सूची-II (सम्बन्धित व्यक्ति)\na) चोल गंगम झील — 1) चन्द्रगुप्त मौर्य\nb) धर्म महामात्र की नियुक्ति — 2) हर्षवर्धन\nc) प्रयाग की सभा — 3) राजेन्द्र प्रथम\nd) सुदर्शन झील — 4) अशोक\nनीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :", "options": ["a-3, b-4, c-2, d-1", "a-1, b-4, c-2, d-3", "a-3, b-4, c-1, d-2", "a-2, b-3, c-1, d-4"], "ans": [0], "why_hi": "सुदर्शन झील का प्रारंभिक निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य के सौराष्ट्र राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा कराया गया था, इसलिए सूची सुमेलन में 'सुदर्शन झील' का सही मिलान 'चन्द्रगुप्त मौर्य' से होता है।"}]}, {"name_hi": "बिन्दुसार, अशोक, कलिंग युद्ध, धम्म एवं अभिलेख (बिहार में अभिलेख)", "name_en": "Bindusara, Ashoka, Kalinga War, Dhamma and Edicts (Edicts in Bihar)", "explain_hi": "चंद्रगुप्त मौर्य के पश्चात् उनका पुत्र बिन्दुसार मगध की गद्दी पर बैठा, जिसे यूनानी विवरणों में 'अमित्रघात' कहा गया है। बिन्दुसार के बाद उसका पुत्र अशोक शासक बना, जिसके राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पूर्व) में प्रसिद्ध कलिंग युद्ध हुआ। कलिंग युद्ध में हुए भीषण नरसंहार से द्रवित होकर अशोक ने 'भेरीघोष' का त्याग कर 'धम्मघोष' अपनाया और बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया। अशोक ने अपनी प्रजा में नैतिक व सामाजिक आचरण के प्रसार हेतु प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी, खरोष्ठी व अरामेक लिपियों में शिलालेख एवं स्तंभलेख उत्कीर्ण करवाए। बिहार के चंपारण क्षेत्र में अशोक के प्रसिद्ध स्तंभलेख मिलते हैं, जिनमें लौरिया नंदनगढ़, लौरिया अरेराज और रामपूर्वा प्रमुख हैं। प्रयाग स्तंभलेख पर अशोक के अलावा गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त और मुगल बादशाह जहाँगीर के अभिलेख भी मिलते हैं।", "explain_en": "After Chandragupta Maurya, his son Bindusara ascended the throne of Magadha, referred to as 'Amitraghata' in Greek texts. Bindusara was succeeded by Ashoka, during whose 8th regnal year (261 BCE) the historic Kalinga War was fought. Moved by the massive devastation of the war, Ashoka abandoned Bherighosha for Dhammaghosha and adopted Buddhism. To spread moral and social values among his subjects, Ashoka issued rock and pillar edicts in Prakrit language using Brahmi, Kharosthi, Greek, and Aramaic scripts. In Bihar's Champaran region, major Ashokan pillar edicts are located at Lauriya Nandangarh, Lauriya Araraj, and Rampurva. The Prayag Pillar Inscription uniquely mentions Ashoka, Samudragupta, and Jahangir.", "facts": [{"hi": "बिन्दुसार को यूनानी लेखकों द्वारा 'अमित्रघात' (शत्रुओं का नाश करने वाला) कहा गया है।", "en": "Bindusara was called 'Amitraghata' (Slayer of enemies) by Greek writers."}, {"hi": "अशोक का राज्याभिषेक 269 ई.पूर्व में हुआ; गद्दी पर बैठने से पूर्व वह उज्जैन का राज्यपाल (उपराजा) था।", "en": "Ashoka's coronation took place in 269 BCE; prior to this, he was the governor of Ujjain."}, {"hi": "कलिंग युद्ध अशोक के राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पूर्व) में लड़ा गया था।", "en": "The Kalinga War took place in the 8th year of Ashoka's coronation (261 BCE)."}, {"hi": "अशोक के 13वें वृहद शिलालेख में कलिंग युद्ध के विनाश और उसके हृदय परिवर्तन का वर्णन है।", "en": "The 13th Major Rock Edict describes the destruction of Kalinga War and Ashoka's change of heart."}, {"hi": "अशोक की धम्म नीति का उल्लेख मुख्य रूप से उसके 2वें, 7वें और 12वें शिलालेखों में मिलता है।", "en": "Ashoka's Dhamma policy is prominently discussed in his 2nd, 7th, and 12th edicts."}, {"hi": "प्रथम स्तंभलेख में धम्म के प्रति निष्ठा और समर्पण का वर्णन किया गया है।", "en": "The first pillar inscription describes devotion and allegiance to Dhamma."}, {"hi": "बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में 'लौरिया नंदनगढ़' स्तंभ स्थित है, जिस पर सिंह की आकृति है।", "en": "Lauriya Nandangarh pillar is located in West Champaran district of Bihar, featuring a single lion capital."}, {"hi": "बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में 'लौरिया अरेराज' स्तंभलेख स्थित है।", "en": "Lauriya Araraj pillar edict is located in East Champaran district of Bihar."}, {"hi": "बिहार के पश्चिमी चंपारण में स्थित 'रामपूर्वा' से दो स्तंभ मिले हैं (बैल/वृषभ शीर्ष एवं सिंह शीर्ष)।", "en": "Rampurva in West Champaran, Bihar yielded two pillars (one with a bull capital and one with a lion capital)."}, {"hi": "इलाहाबाद (प्रयाग) स्तंभलेख में अशोक, समुद्रगुप्त तथा मुगल सम्राट जहाँगीर का उल्लेख मिलता है।", "en": "The Allahabad (Prayag) Pillar inscription mentions Ashoka, Samudragupta, and Mughal emperor Jahangir."}, {"hi": "मास्की और गुर्जरा लघु शिलालेखों में अशोक का व्यक्तिगत नाम 'अशोक' स्पष्ट रूप से उत्कीर्ण है।", "en": "The personal name 'Ashoka' is explicitly mentioned in Maski and Gujarra minor rock edicts."}, {"hi": "अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 13वें वर्ष में धम्म के प्रचार-प्रसार के लिए 'धम्म महामात्रों' की नियुक्ति की।", "en": "Ashoka appointed 'Dhamma Mahamattas' in his 13th regnal year for spreading Dhamma."}], "examples": [{"q": "अशोक के किस शिलालेख में प्रसिद्ध कलिंग युद्ध के परिणामों और उसके हृदय परिवर्तन का विस्तृत विवरण मिलता है?", "options": ["10वाँ शिलालेख", "11वाँ शिलालेख", "12वाँ शिलालेख", "13वाँ शिलालेख"], "ans": 3, "why": "13वें वृहद शिलालेख में कलिंग युद्ध के विनाश तथा अशोक के भेरीघोष से धम्मघोष की ओर परिवर्तन का विवरण है।"}, {"q": "बिहार के निम्नलिखित स्थानों में से कहाँ अशोक के स्तंभलेख पाए गए हैं?\n1) लौरिया नंदनगढ़\n2) रामपूर्वा\n3) लौरिया अरेराज\n4) पाटलिपुत्र\nनीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :", "options": ["केवल 1 और 2", "केवल 1, 2 और 3", "केवल 2, 3 और 4", "उपरोक्त में से एक से अधिक"], "ans": 1, "why": "लौरिया नंदनगढ़ (पं. चंपारण), रामपूर्वा (पं. चंपारण) तथा लौरिया अरेराज (पू. चंपारण) तीनों स्थानों पर अशोक के स्तंभलेख स्थित हैं।"}, {"q": "प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभलेख का संबंध निम्नलिखित में से किन-किन शासकों से है?", "options": ["अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य", "अशोक, समुद्रगुप्त और जहाँगीर", "अशोक, कनिष्क और हर्ष", "समुद्रगुप्त, अकबार और शाहजहाँ"], "ans": 1, "why": "प्रयाग-कौशांबी स्तंभ पर मूल रूप से अशोक का लेख है, जिस पर बाद में समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति तथा जहाँगीर का लेख उकेरा गया।"}, {"q": "यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' के नाम से किस मौर्य शासक को सम्बोधित किया गया है?", "options": ["चंद्रगुप्त मौर्य", "बिन्दुसार", "अशोक", "दशरथ"], "ans": 1, "why": "बिन्दुसार को यूनानी ग्रंथों में 'अमित्रघात' (अमित्रोचेट्स) कहा गया है।"}, {"q": "अशोक की धम्म नीति का विस्तृत उल्लेख मुख्य रूप से किन शिलालेखों/स्तंभलेखों में किया गया है?", "options": ["केवल 1रे और 3रे", "2रे, 7वें और 12वें अभिलेख", "केवल 13वें शिलालेख", "उपरोक्त में से कोई नहीं"], "ans": 1, "why": "अशोक की धम्म नीति और उसके व्यावहारिक सिद्धांतों की चर्चा मुख्यतः 2रे, 7वें और 12वें अभिलेखों में हुई है।"}], "asked_hi": "BPSC अशोक के कलिंग युद्ध, उसके शिलालेखों/स्तंभलेखों के स्थान (विशेषकर बिहार के चंपारण जिले के अभिलेख), लिपियों, तथा बिन्दुसार की उपाधि से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions regarding Ashoka's Kalinga War, locations of his rock and pillar edicts (especially Champaran in Bihar), scripts used, and Bindusara's title.", "confusions_hi": ["पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के अभिलेखों में भ्रम: लौरिया नंदनगढ़ और रामपूर्वा 'पश्चिमी चंपारण' में हैं, जबकि लौरिया अरेराज 'पूर्वी चंपारण' में स्थित है।", "बिन्दुसार और बिम्बिसार में भ्रम: बिम्बिसार हर्यक वंश का संस्थापक था (अजातशत्रु का पिता), जबकि बिन्दुसार मौर्य वंश का शासक था (चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता)।"], "table": {"head": ["स्थल / अभिलेख", "प्रकार एवं जिला (बिहार)", "प्रमुख विशेषता / तथ्य"], "rows": [["लौरिया नंदनगढ़", "स्तंभलेख (पश्चिमी चंपारण)", "सिंह की आकृति वाला भव्य स्तंभ, 6 स्तंभलेख उत्कीर्ण"], ["लौरिया अरेराज", "स्तंभलेख (पूर्वी चंपारण)", "अशोक के 6 मुख्य स्तंभलेख उत्कीर्ण"], ["रामपूर्वा", "स्तंभलेख (पश्चिमी चंपारण)", "दो स्तंभ प्राप्त (एक वृषभ/बैल शीर्ष तथा एक सिंह शीर्ष)"], ["13वाँ वृहद शिलालेख", "शिलालेख (विभिन्न स्थल)", "कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) और हृदय परिवर्तन का वर्णन"], ["प्रयाग स्तंभलेख", "स्तंभलेख (प्रयागराज)", "अशोक, समुद्रगुप्त (प्रयाग प्रशस्ति) एवं जहाँगीर का उल्लेख"]]}, "trick_hi": "चंपारण के अशोक स्तंभ याद रखने की ट्रिक: 'राम ने नंदन और अरेराज को चंपारण भेजा' (रामपूर्वा, लौरिया नंदनगढ़, लौरिया अरेराज - चंपारण)।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य प्रशासन, गुप्तचर व्यवस्था, राजस्व एवं पाटलिपुत्र नगर प्रशासन", "name_en": "Mauryan Administration, Espionage, Revenue System, and Pataliputra City Administration", "explain_hi": "मौर्य साम्राज्य भारत का पहला विकेंद्रीकृत और सुसंगठित केंद्रीयकृत साम्राज्य था जिसका विस्तृत वर्णन कौटिल्य के अर्थशास्त्र और मेगस्थनीज की इंडिका में मिलता है। राजा प्रशासन का सर्वोच्च प्रमुख होता था, जिसकी सहायता के लिए मंत्रिपरिषद और 18 'तीर्थ' (उच्च अधिकारी) तथा 26 'अध्यक्ष' (विभागाध्यक्ष) होते थे। प्रांतीय प्रशासन में साम्राज्य को प्रांतों (चक्र) में बांटा गया था, जहाँ राजकुमार या 'आर्यपुत्र' राज्यपाल बनाए जाते थे। गुप्तचर प्रणाली (गूढ़पुरुष) अत्यंत सुदृढ़ थी जिसमें संस्था (स्थिर) और संचारा (भ्रमणशील) दो प्रकार के गुप्तचर कार्य करते थे। राजस्व संग्रह का मुख्य अधिकारी समाहर्ता तथा कोषाध्यक्ष सन्निधाता कहलाता था। पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा चलाया जाता था जो 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) में विभाजित थी।", "explain_en": "The Mauryan Empire established India's first highly organized centralized administrative system, detailed extensively in Chanakya's Arthashastra and Megasthenes' Indica. The King was the supreme head, assisted by a council of ministers (Mantriparishad), 18 high officials called 'Tirthas', and 26 department heads known as 'Adhyakshas'. The empire was divided into provinces (Chakras) governed by royal princes called Aryaputras or Kumaras. The espionage system was remarkably efficient, employing 'Gudhapurushas' divided into two branches: Sanstha (stationed at one place) and Sanchara (wandering agents). Revenue administration was headed by the Samaharta (chief collector) and Sannidhata (chief treasurer), with land revenue (Bhaga) usually set at one-sixth of produce. Pataliputra, called Palibrotha by Megasthenes, was governed by a 30-member council divided into 6 specialized committees of 5 members each.", "facts": [{"hi": "अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य प्रशासन के शीर्ष 18 अधिकारियों को 'तीर्थ' या 'महामात्र' कहा जाता था।", "en": "According to Arthashastra, the top 18 administrative officials were known as 'Tirthas' or 'Mahamatras'."}, {"hi": "मौर्यकाल में विभिन्न विभागों के अध्यक्षों को 'अध्यक्ष' कहा जाता था, जिनकी संख्या अर्थशास्त्र में 26 बताई गई है।", "en": "Departmental heads in the Mauryan period were called 'Adhyakshas', numbering 26 in Arthashastra."}, {"hi": "समाहर्ता राजस्व विभाग का मुख्य संग्रहकर्ता (Chief Revenue Collector) होता था।", "en": "Samaharta was the Chief Revenue Collector of the Mauryan empire."}, {"hi": "सन्निधाता राजकीय कोषागार और भंडागार का मुख्य संरक्षक (Chief Treasurer) होता था।", "en": "Sannidhata was the Chief Custodian of the royal treasury and storehouse."}, {"hi": "मौर्यकाल में गुप्तचरों को 'गूढ़पुरुष' कहा जाता था तथा गुप्तचर विभाग के प्रमुख को 'सर्पमहामात्र' कहा जाता था।", "en": "Spies were called 'Gudhapurushas' and the espionage department head was called 'Sarpamahamatra'."}, {"hi": "एक स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' और स्थान-स्थान पर भ्रमण करने वालों को 'संचारा' कहा जाता था।", "en": "Stationary spies were called 'Sanstha' while moving spies were called 'Sanchara'."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में पाटलिपुत्र को 'पालिब्रोध' (Palibrotha) कहा है।", "en": "Megasthenes referred to Pataliputra as 'Palibrotha' in his book 'Indica'."}, {"hi": "मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा होता था, जो 6 उप-समितियों में बंटी थी।", "en": "According to Megasthenes, Pataliputra city administration was managed by a 30-member council split into 6 sub-committees."}, {"hi": "पाटलिपुत्र नगर प्रशासन की प्रत्येक उप-समिति में 5-5 सदस्य होते थे।", "en": "Each sub-committee of Pataliputra city administration consisted of 5 members."}, {"hi": "मौर्य साम्राज्य में भू-राजस्व (भाग) सामान्यतः उपज का 1/6 भाग (16.6%) होता था।", "en": "Land revenue (Bhaga) in the Mauryan Empire was generally 1/6th of the produce."}, {"hi": "सीता (Sita) सरकारी या राज्य की भूमि से प्राप्त होने वाली आय को कहा जाता था और इसका प्रमुख 'सीताध्यक्ष' कहलाता था।", "en": "Income from crown land was called 'Sita', overseen by the 'Sitadhyaksha'."}, {"hi": "नगर के अधिकारियों को मेगस्थनीज ने 'एस्टिनोमोई' (Astynomoi) तथा जिला अधिकारियों को 'एग्रोनोमोई' (Agronomoi) कहा है।", "en": "City officials were called 'Astynomoi' and district officials were called 'Agronomoi' by Megasthenes."}, {"hi": "मौर्य न्याय व्यवस्था में दो प्रकार के न्यायालय थे: धर्मस्थीय (दीवानी) और कण्टकशोधन (फौजदारी)।", "en": "The Mauryan judicial system had two types of courts: Dharmasthiya (civil) and Kantakashodhana (criminal)."}], "examples": [{"q": "मौर्यकालीन नगर प्रशासन के संदर्भ में मेगस्थनीज के विवरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?", "options": ["नगर का प्रशासन 20 सदस्यों की परिषद चलाती थी", "पाटलिपुत्र का प्रशासन 6 समितियों द्वारा चलाया जाता था, जिनमें प्रत्येक में 5 सदस्य थे", "नगर के प्रमुख अधिकारी को एग्रोनोमोई कहा जाता था", "उपरोक्त में से एक से अधिक"], "ans": 1, "why": "इंडिका के अनुसार पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 30 सदस्यों की परिषद द्वारा चलाया जाता था जो 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) में विभक्त थी।"}, {"q": "मौर्य प्रशासन में 'समाहर्ता' का मुख्य कार्य क्या था?", "options": ["राजकीय कोषागार की सुरक्षा करना", "सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करना", "राजस्व संग्रह एवं आय-व्यय का ब्योरा रखना", "नगर सुरक्षा का निरीक्षण करना"], "ans": 2, "why": "समाहर्ता मौर्य साम्राज्य में कर तथा राजस्व संग्रह का सर्वोच्च अधिकारी था।"}, {"q": "अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य गुप्तचर व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1) गुप्तचरों को 'गूढ़पुरुष' कहा जाता था।\n2) एक स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संचारा' कहा जाता था।\nउपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1", "केवल 2", "1 और 2 दोनों", "न तो 1, न ही 2"], "ans": 0, "why": "कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि एक स्थान पर रहने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' कहा जाता था, जबकि भ्रमणशील गुप्तचरों को 'संचारा' कहते थे।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:\nसूची-I (अधिकारी)\nA. सन्निधाता\nB. सीताध्यक्ष\nC. पौतवाध्यक्ष\nD. शुल्काध्यक्ष\n\nसूची-II (विभाग)\n1. माप-तौल विभाग\n2. राजकीय कोष\n3. सीमा शुल्क\n4. राजकीय कृषि भूमि\n\nसही कूट का चयन कीजिए:", "options": ["A-2, B-4, C-1, D-3", "A-4, B-2, C-1, D-3", "A-2, B-1, C-4, D-3", "A-1, B-4, C-2, D-3"], "ans": 0, "why": "सन्निधाता कोषाध्यक्ष (2), सीताध्यक्ष सरकारी कृषि भूमि (4), पौतवाध्यक्ष माप-तौल (1), तथा शुल्काध्यक्ष सीमा शुल्क (3) से संबंधित थे।"}, {"q": "मेगस्थनीज ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक इंडिका में पाटलिपुत्र नगर को किस नाम से संबोधित किया है?", "options": ["कुसुमपुर", "पुष्पपुर", "पालिब्रोध (Palibrotha)", "पाटलिग्राम"], "ans": 2, "why": "यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र को इंडिका में 'पालिब्रोध' (Palibrotha) कहा है।"}, {"q": "मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था के संदर्भ में 'कण्टकशोधन' किस प्रकार का न्यायालय था?", "options": ["दीवानी न्यायालय (Civil Court)", "फौजदारी न्यायालय (Criminal Court)", "धार्मिक न्यायालय", "व्यापारिक न्यायालय"], "ans": 1, "why": "मौर्यकाल में फौजदारी न्यायालय को 'कण्टकशोधन' तथा दीवानी न्यायालय को 'धर्मस्थीय' कहा जाता था।"}], "asked_hi": "BPSC में मौर्य प्रशासन, पाटलिपुत्र की नगर समिति (6 समितियां, 5 सदस्य), समाहर्ता और सन्निधाता के बीच अंतर, इंडिका में वर्णित नाम (पालिब्रोध), तथा गुप्तचर प्रकारों (संस्था व संचारा) से सीधे तथ्य-आधारित और सुमेलित करने वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks factual and matching questions on Mauryan administration, Pataliputra city sub-committees (6 committees, 5 members each), Samaharta vs Sannidhata, terminology in Indica (Palibrotha), and espionage types (Sanstha and Sanchara).", "confusions_hi": ["समाहर्ता (कर संग्रहकर्ता/Tax Collector) और सन्निधाता (कोषाध्यक्ष/Treasurer) के मुख्य कार्यों में छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।", "संस्था (एक स्थान पर स्थिर रहने वाले गुप्तचर) और संचारा (स्थान-स्थान पर भ्रमणशील गुप्तचर) के अर्थ को उल्टा समझ लेते हैं।", "मेगस्थनीज द्वारा प्रयुक्त यूनानी शब्दों 'एस्टिनोमोई' (नगर अधिकारी) तथा 'एग्रोनोमोई' (जिला/मार्ग अधिकारी) में भ्रम होता है।"], "table": {"head": ["अधिकारी/पद", "विभाग/कार्य", "मुख्य दायित्व"], "rows": [["समाहर्ता", "राजस्व संग्रह", "कर एकत्र करने वाला सर्वोच्च अधिकारी"], ["सन्निधाता", "कोषाध्यक्ष", "राजकीय कोष एवं भंडागार का प्रमुख"], ["सीताध्यक्ष", "कृषि विभाग", "सरकारी (शाही) भूमि का प्रबंधन एवं कृषि देखरेख"], ["पौतवाध्यक्ष", "माप और तौल", "तौल एवं माप मानकों का नियंत्रक अधिकारी"], ["शुल्काध्यक्ष", "सीमा शुल्क", "व्यापारिक कर एवं चुंगी (Toll tax) संग्रह"], ["संस्था एवं संचारा", "गुप्तचर प्रणाली", "गूढ़पुरुष: संस्था (स्थिर) तथा संचारा (भ्रमणशील)"]]}, "trick_hi": "समाहर्ता = 'समेटने वाला' (Tax Collector), सन्निधाता = 'निधि (कोष) संभालने वाला' (Treasurer)। संस्था = 'स्थिर' गुप्तचर।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य कला: स्तंभ, दीदारगंज यक्षी, बराबर गुफाएं", "name_en": "Mauryan Art: Pillars, Didarganj Yakshi, Barabar Caves", "explain_hi": "मौर्यकालीन कला को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जाता है - राजकीय कला और लोक कला। राजकीय कला के अंतर्गत अशोक द्वारा निर्मित एकाश्मक स्तंभ और चट्टान काटकर बनाई गई गुफाएं आती हैं। गया जिले में स्थित बराबर की गुफाएं सम्राट अशोक द्वारा आजीविक संप्रदाय के भिक्षुओं को दान में दी गई थीं। वहीं नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं का निर्माण अशोक के पौत्र दशरथ ने करवाया था। लोक कला का उत्कृष्ट उदाहरण पटना के दीदारगंज से प्राप्त चंवर ग्राहिणी यक्षी की मूर्ति है। मौर्यकालीन वास्तुकला एवं मूर्तिकला की सबसे प्रमुख विशेषता चुनार के बलुआ पत्थर पर की गई शीशे जैसी चमकदार ओपदार पॉलिश है।", "explain_en": "Mauryan art is broadly classified into Court Art and Popular or Folk Art. Court Art is exemplified by monolithic sandstone pillars erected by Ashoka and rock-cut cave architecture. The Barabar caves in Gaya district were excavated and donated to the Ajivika sect by Emperor Ashoka. Similarly, the nearby Nagarjuni caves were dedicated to Ajivikas by Ashoka's grandson, Dasaratha. Popular art is best represented by the Didarganj Chamara Grahani Yakshi statue discovered near Patna. The hallmark of Mauryan art and sculpture is the extraordinary glass-like polished surface on Chunar sandstone.", "facts": [{"hi": "दीदारगंज (पटना) से प्राप्त चंवर ग्राहिणी यक्षी मूर्ति मौर्यकालीन लोक कला का सर्वोत्तम उदाहरण है।", "en": "The Chamara Grahani Yakshi statue found at Didarganj (Patna) is a classic example of Mauryan folk art."}, {"hi": "दीदारगंज यक्षी मूर्ति चुनार के एक ही बलुआ पत्थर से बनी है तथा इस पर चमकदार ओपदार पॉलिश है।", "en": "The Didarganj Yakshi statue is made from a single block of Chunar sandstone and features high polish."}, {"hi": "बराबर पहाड़ी समूह में सुदामा, कर्ण चौपार, लोमस ऋषि और विश्वकर्मा नामक चार प्रमुख गुफाएं शामिल हैं।", "en": "The Barabar hill group comprises four major caves: Sudama, Karna Chaupar, Lomas Rishi, and Visvakarma."}, {"hi": "अशोक के पौत्र दशरथ ने नागार्जुनी पहाड़ियों में गोपी, वहीयक और वढथिका गुफाएं आजीविकों को दान दी थीं।", "en": "Ashoka's grandson Dasharatha donated Gopi, Vahiyaka, and Vadathika caves in Nagarjuni hills to Ajivikas."}, {"hi": "मौर्यकालीन स्तंभ एकाश्मक (Monolithic) हैं, जिन्हें चुनार (उत्तर प्रदेश) के बलुआ पत्थर से तराशा गया है।", "en": "Mauryan pillars are monolithic structures sculpted out of Chunar sandstone."}, {"hi": "बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में लौरिया नंदनगढ़ और रामपुरवा अशोक स्तंभ स्थित हैं।", "en": "Lauriya Nandangarh and Rampurva Ashokan pillars are located in the West Champaran district of Bihar."}, {"hi": "पूर्वी चंपारण जिले में लौरिया अरेराज अशोक स्तंभ स्थित है।", "en": "Lauriya Araraj Ashokan pillar is situated in the East Champaran district of Bihar."}, {"hi": "रामपुरवा से दो स्तंभ शीर्ष मिले हैं, जिनमें से एक पर सिंह और दूसरे पर वृषभ (बैल) अंकित है।", "en": "Two capitals were found at Rampurva, one adorned with a lion and the other with a bull."}, {"hi": "सारनाथ के अशोक स्तंभ शीर्ष पर बनी चार सिंहों की आकृति भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह है।", "en": "The four-lion capital atop the Sarnath Ashokan pillar serves as the national emblem of India."}, {"hi": "मौर्यकालीन वास्तुकला की सबसे विशिष्ट पहचान पत्थरों पर की गई शीशे जैसी चमकदार (ओपदार) पॉलिश है।", "en": "The most distinctive feature of Mauryan architecture is its glass-like lustrous polish on stone."}], "examples": [{"q": "मौर्यकालीन प्रसिद्ध 'चंवर ग्राहिणी यक्षी' की मूर्ति बिहार के किस स्थान से प्राप्त हुई है?", "options": ["वैशाली", "दीदारगंज (पटना)", "बराबर (गया)", "राजगीर"], "ans": 1, "why": "दीदारगंज (पटना) से मौर्यकालीन पॉलिशदार चंवर ग्राहिणी यक्षी की मूर्ति मिली है।"}, {"q": "बराबर की गुफाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. यह बिहार के गया जिले में स्थित हैं।\n2. इन गुफाओं को सम्राट अशोक ने आजीविक संप्रदाय को दान दिया था।\nउपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1", "केवल 2", "1 और 2 दोनों", "न तो 1, न ही 2"], "ans": 2, "why": "बराबर की गुफाएं गया में स्थित हैं और अशोक द्वारा आजीविकों को दान की गई थीं।"}, {"q": "नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं को आजीविक संप्रदाय को किसने दान दिया था?", "options": ["चंद्रगुप्त मौर्य", "बिंदुसार", "अशोक", "दशरथ"], "ans": 3, "why": "अशोक के पौत्र दशरथ ने नागार्जुनी पहाड़ी की गुफाएं आजीविकों को समर्पित की थीं।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:\nसूची-I (स्थल) — सूची-II (विशेषता/अवशेष)\na) दीदारगंज — 1) वृषभ शीर्ष स्तंभ\nb) रामपुरवा — 2) चंवर ग्राहिणी यक्षी\nc) नागार्जुनी गुफाएं — 3) अशोक द्वारा दान\nd) बराबर गुफाएं — 4) दशरथ द्वारा दान", "options": ["a-2, b-1, c-4, d-3", "a-1, b-2, c-3, d-4", "a-2, b-1, c-3, d-4", "a-4, b-3, c-2, d-1"], "ans": 0, "why": "दीदारगंज से यक्षी, रामपुरवा से वृषभ शीर्ष, नागार्जुनी गुफाएं दशरथ तथा बराबर गुफाएं अशोक से संबंधित हैं।"}, {"q": "मौर्यकालीन स्तंभों की निर्माण सामग्री क्या थी?", "options": ["सफेद संगमरमर", "लाल ईंटें", "चुनार का बलुआ पत्थर", "काले ग्रेनाइट पत्थर"], "ans": 2, "why": "मौर्य स्तंभ एकाश्मक हैं और चुनार के बलुआ पत्थर से निर्मित हैं।"}], "asked_hi": "BPSC में मौर्य कला से संबंधित प्रश्न मुख्यतः दीदारगंज यक्षी की मूर्ति, बराबर एवं नागार्जुनी गुफाओं के दानकर्ता, स्तंभों के स्थान और मौर्यकालीन पॉलिश की विशेषताओं पर पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions on Mauryan art regarding the Didarganj Yakshi statue, donors of Barabar and Nagarjuni caves, pillar locations in Bihar, and the characteristic polish.", "confusions_hi": ["बराबर की गुफाएं अशोक ने दान की थीं, जबकि नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएं अशोक के पौत्र दशरथ ने आजीविकों को दान दी थीं।", "दीदारगंज यक्षी राजकीय कला का नहीं बल्कि मौर्यकालीन लोक कला (Popular Art) का उदाहरण है।"], "table": {"head": ["कलाकृति / संरचना", "स्थान / जिला", "संबंधित शासक / संप्रदाय", "विशेषता"], "rows": [["दीदारगंज यक्षी (चंवर ग्राहिणी)", "दीदारगंज, पटना", "मौर्यकाल (लोक कला)", "चुनार बलुआ पत्थर, चमकदार ओपदार पॉलिश"], ["नागार्जुनी गुफाएं (गोपी गुफा)", "नागार्जुनी पहाड़ी, गया", "दशरथ (अशोक का पौत्र)", "आजीविक संप्रदाय को दान"], ["रामपुरवा स्तंभ शीर्ष", "पश्चिम चंपारण", "सम्राट अशोक", "वृषभ (बैल) और सिंह शीर्ष"], ["सारनाथ सिंह स्तंभ", "सारनाथ, वाराणसी", "सम्राट अशोक", "चार सिंह, भारत का राष्ट्रीय प्रतीक"]]}, "trick_hi": "अशोक बराबर आजीविक को दिया, दशरथ ने नागार्जुनी संभाला।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य साम्राज्य का पतन और शुंग वंश", "name_en": "Decline of Maurya Empire and Shunga Dynasty", "explain_hi": "अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य के उत्तराधिकारी कमजोर सिद्ध हुए, जिससे साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। 185 ईसा पूर्व में, अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या उसके अपने ही सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने एक सैन्य निरीक्षण के दौरान कर दी। पुष्यमित्र शुंग ने मगध पर शुंग वंश की नींव रखी, जिसे ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का काल माना जाता है। शुंगों के बाद मगध पर कण्व वंश का शासन रहा और उत्तर-पश्चिम से कुषाणों जैसे विदेशी आक्रमणकारियों का प्रभाव बढ़ा। कुषाणों के पतन के बाद, मगध के क्षेत्रों पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन रहा। यह पूरा काल मौर्यों की केंद्रीय सत्ता के अंत और क्षेत्रीय राज्यों के उदय का प्रतीक है।", "explain_en": "After Ashoka's death, the Mauryan successors were weak, leading to the gradual disintegration of the empire. In 185 BC, the last Mauryan emperor, Brihadratha, was assassinated by his commander-in-chief, Pushyamitra Shunga, during a military review. Pushyamitra Shunga established the Shunga dynasty, marking a revival of Brahmanism in Magadha. Following the Shungas, the Kanva dynasty ruled, while foreign invaders like the Kushans gained influence in the northwest. After the decline of the Kushans, descendants of the Licchavis ruled parts of Magadha. This period signifies the end of Mauryan centralization and the rise of various regional and foreign powers.", "facts": [{"hi": "अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ था जिसकी हत्या 185 ईसा पूर्व में हुई थी।", "en": "The last Mauryan emperor was Brihadratha, who was assassinated in 185 BC."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य वंश को समाप्त कर शुंग वंश की स्थापना की।", "en": "Pushyamitra Shunga established the Shunga dynasty after ending the Mauryan rule."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग मौर्य सेना में 'सेनापति' के पद पर आसीन था।", "en": "Pushyamitra Shunga held the position of 'Senapati' (Commander-in-chief) in the Mauryan army."}, {"hi": "प्रसिद्ध व्याकरणविद् पतंजलि, पुष्यमित्र शुंग के समकालीन थे और उनके पुरोहित थे।", "en": "The famous grammarian Patanjali was a contemporary and priest of Pushyamitra Shunga."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग ने दो अश्वमेध यज्ञ किए थे, जिसका विवरण अयोध्या अभिलेख में मिलता है।", "en": "Pushyamitra Shunga performed two Ashvamedha sacrifices, as mentioned in the Ayodhya inscription."}, {"hi": "शुंग वंश की राजधानी पाटलिपुत्र थी, लेकिन बाद में विदिशा एक महत्वपूर्ण केंद्र बना।", "en": "The capital of the Shunga dynasty was Pataliputra, but Vidisha later became an important center."}, {"hi": "शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था, जिसकी हत्या वासुदेव कण्व ने की थी।", "en": "The last ruler of the Shunga dynasty was Devabhuti, who was killed by Vasudeva Kanva."}, {"hi": "कण्व वंश की स्थापना वासुदेव ने लगभग 73 ईसा पूर्व में की थी।", "en": "The Kanva dynasty was founded by Vasudeva around 73 BC."}, {"hi": "कुषाणों के पतन के बाद मगध पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन रहा।", "en": "After the decline of the Kushans, Magadha was ruled by the descendants of the Licchavis."}, {"hi": "भरहुत स्तूप का पुनर्निर्माण और सांची स्तूप की वेष्टनी (railings) का निर्माण शुंग काल में हुआ।", "en": "The reconstruction of Bharhut Stupa and the railings of Sanchi Stupa occurred during the Shunga period."}, {"hi": "मगध के राजवंशों का सही क्रम: मौर्य -> शुंग -> कण्व -> कुषाण (विदेशी)।", "en": "Correct sequence of Magadha dynasties: Maurya -> Shunga -> Kanva -> Kushan (Foreign)."}], "examples": [{"q": "अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या किसने की थी?", "options": ["वासुदेव कण्व", "पुष्यमित्र शुंग", "अजातशत्रु", "चंद्रगुप्त मौर्य"], "ans": 1, "why": "पुष्यमित्र शुंग, जो बृहद्रथ का सेनापति था, ने 185 ईसा पूर्व में उसकी हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की।"}, {"q": "प्राचीन भारत के निम्नलिखित राजवंशों को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित करें: (1) कण्व, (2) मौर्य, (3) शुंग, (4) कुषाण", "options": ["2-3-1-4", "2-1-3-4", "3-2-1-4", "1-2-3-4"], "ans": 0, "why": "सही क्रम मौर्य (322-185 ई.पू.), शुंग (185-73 ई.पू.), कण्व (73-28 ई.पू.) और फिर कुषाण है।"}, {"q": "पतंजलि किसके समकालीन थे?", "options": ["चंद्रगुप्त द्वितीय", "गौतमीपुत्र शातकर्णी", "पुष्यमित्र शुंग", "अशोक"], "ans": 2, "why": "पतंजलि पुष्यमित्र शुंग के दरबार में थे और उन्होंने उनके अश्वमेध यज्ञ संपन्न कराए थे।"}, {"q": "शुंग वंश के बाद मगध पर किस वंश ने शासन किया?", "options": ["कुषाण वंश", "गुप्त वंश", "कण्व वंश", "सातवाहन वंश"], "ans": 2, "why": "शुंग वंश के अंतिम शासक देवभूति की हत्या कर वासुदेव ने कण्व वंश की स्थापना की थी।"}, {"q": "कुषाणों के पतन के बाद मगध पर किसका शासन रहा?", "options": ["लिच्छवि वंशज", "पाल वंश", "मौर्य वंश", "नंद वंश"], "ans": 0, "why": "स्रोत के अनुसार, कुषाणों के पतन के बाद मगध पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन था।"}], "asked_hi": "BPSC में अक्सर मौर्योत्तर काल के राजवंशों का सही कालानुक्रम (Chronology) और शुंग वंश के संस्थापक के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions about the correct chronology of post-Mauryan dynasties and the founder of the Shunga dynasty.", "confusions_hi": ["बृहद्रथ: एक बृहद्रथ मगध के सबसे प्राचीन वंश का संस्थापक था (जरासंध का पिता), और दूसरा अंतिम मौर्य सम्राट था।", "राजधानी: शुंगों की मुख्य राजधानी पाटलिपुत्र थी, लेकिन विदिशा उनकी दूसरी महत्वपूर्ण राजधानी बनी।"], "table": {"head": ["वंश", "संस्थापक", "अंतिम शासक"], "rows": [["मौर्य वंश", "चंद्रगुप्त मौर्य", "बृहद्रथ"], ["शुंग वंश", "पुष्यमित्र शुंग", "देवभूति"], ["कण्व वंश", "वासुदेव कण्व", "सुशर्मन"]]}, "trick_hi": "मौर्यों को 'शुंग' (सूँघ) कर 'कण' (कण्व) में बदल दिया - (Maurya -> Shunga -> Kanva)", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:90", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 90", "topic": "प्राचीन भारत के राजवंश", "q": "प्राचीन भारत के निम्नलिखित राजवंशों पर विचार कीजिए।\n1) शुंग\n2) मौर्य\n3) कुषाण\n4) कण्व\nनिम्नलिखित में से उनके शासन का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है ?", "options": ["2-1-4-3", "1-2-3-4", "2-3-1-4", "2-1-3-4"], "ans": [0], "why_hi": "यह प्रश्न राजवंशों के कालानुक्रम पर आधारित है; 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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलनमौर्य साम्राज्य
Mauryan Empire
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. मेगस्थनीज द्वारा पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन के विवरण के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
- (क) नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा होता था जो 6 समितियों में विभाजित थी।
- (ख) नगर प्रशासन केवल सैन्य अधिकारियों द्वारा चलाया जाता था।
- (ग) पाटलिपुत्र में कर वसूली पूरी तरह से माफ थी।
- (घ) नगर का प्रशासन 4 बड़े प्रांतीय गवर्नरों के अधीन था।
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उत्तर: (क) नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा होता था जो 6 समितियों में विभाजित थी।
मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 30 सदस्यों की एक सभा द्वारा चलाया जाता था, जो 5-5 सदस्यों की 6 समितियों में बंटी थी।
2. निम्नलिखित में से किस यूनानी शासक ने चंद्रगुप्त मौर्य के साथ संधि के बाद मेगस्थनीज को अपने राजदूत के रूप में पाटलिपुत्र भेजा था?
- (क) सिकंदर
- (ख) सेल्यूकस निकेटर
- (ग) एंटीओकस प्रथम
- (घ) टॉलेमी फिलाडेल्फ़स
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) सेल्यूकस निकेटर
305 ईसा पूर्व के युद्ध के बाद सेल्यूकस निकेटर ने चंद्रगुप्त मौर्य के साथ संधि की और मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर पाटलिपुत्र भेजा।
3. अशोक के किस बृहत् शिलालेख में कलिंग युद्ध का वर्णन तथा उसके हृदय परिवर्तन की चर्चा मिलती है?
- (क) शिलालेख X
- (ख) शिलालेख XI
- (ग) शिलालेख XII
- (घ) शिलालेख XIII
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) शिलालेख XIII
अशोक के 13वें बृहत् शिलालेख (Major Rock Edict XIII) में कलिंग युद्ध के विनाश और उसके बाद अशोक द्वारा 'धम्म विजय' अपनाने का उल्लेख है।
4. बिहार में स्थित अशोक के स्तंभ लेखों और उनके जिलों का सही मिलान कीजिए: (A) लौरिया नंदनगढ़ - 1. पूर्वी चंपारण, (B) लौरिया अरेराज - 2. पश्चिम चंपारण, (C) रामपूर्वा - 3. पश्चिम चंपारण।
- (क) A-2, B-1, C-3
- (ख) A-1, B-2, C-3
- (ग) A-3, B-1, C-2
- (घ) A-2, B-3, C-1
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-2, B-1, C-3
लौरिया नंदनगढ़ और रामपूर्वा पश्चिम चंपारण में स्थित हैं, जबकि लौरिया अरेराज पूर्वी चंपारण जिले में स्थित है।
5. मौर्य प्रशासन में केंद्रीय राजस्व विभाग का सर्वोच्च अधिकारी कौन होता था?
- (क) सन्निधाता
- (ख) समाहर्ता
- (ग) व्यावहारिक
- (घ) प्रदेष्टा
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उत्तर: (ख) समाहर्ता
मौर्य काल में 'समाहर्ता' का कार्य कर निर्धारण और राजस्व संग्रह करना था, जबकि 'सन्निधाता' राजकीय कोषाध्यक्ष होता था।
6. चाणक्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य साम्राज्य में कार्यरत गुप्तचरों को क्या कहा जाता था?
- (क) गुढ़पुरुष
- (ख) धम्म महामात्र
- (ग) रज्जुक
- (घ) अमात्य
उत्तर देखें
उत्तर: (क) गुढ़पुरुष
अर्थशास्त्र में गुप्तचरों के लिए 'गुढ़पुरुष' शब्द का प्रयोग किया गया है। गुप्तचर प्रणाली के प्रमुख को 'सर्पमहामात्र' कहा जाता था।
7. बिहार के जहानाबाद जिले में स्थित बराबर पहाड़ियों की गुफाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इन गुफाओं को आजीविक संप्रदाय के संतों के आवास हेतु दान किया गया था। 2. अशोक और उनके पौत्र दशरथ ने यहाँ गुफाओं का निर्माण करवाया था। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों
बराबर पहाड़ियों में स्थित गुफाएँ (जैसे लोमस ऋषि, सुदामा) सम्राट अशोक और उनके पौत्र दशरथ द्वारा आजीविक संप्रदाय के मुनियों के लिए बनवाई गई थीं।
8. मौर्य कला की प्रसिद्ध कृति 'दीदारगंज यक्षी' की मूर्ति वर्तमान में किस संग्रहालय में संरक्षित है?
- (क) राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
- (ख) बिहार संग्रहालय / पटना संग्रहालय
- (ग) नालंदा संग्रहालय
- (घ) भारतीय संग्रहालय, कोलकाता
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) बिहार संग्रहालय / पटना संग्रहालय
दीदारगंज यक्षी (चामरधारिणी) की मूर्ति 1917 में पटना के दीदारगंज से मिली थी और यह बिहार संग्रहालय/पटना संग्रहालय में संरक्षित है।
9. सम्राट अशोक द्वारा नैतिक नियमों के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए किस नए पद का सृजन किया गया था?
- (क) समाहर्ता
- (ख) धम्म महामात्र
- (ग) प्रदेशिक
- (घ) सन्निधाता
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) धम्म महामात्र
अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 13वें वर्ष में 'धम्म महामात्र' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की जिनका कार्य धम्म का प्रचार और समाज में नैतिक आचरण सुनिश्चित करना था।
10. मौर्य साम्राज्य के अंतिम शासक बृहद्रथ की हत्या करके किस सेनापति ने शुंग राजवंश की स्थापना की थी?
- (क) अग्निमित्र
- (ख) पुष्यमित्र शुंग
- (ग) वसुमित्र
- (घ) देवभूति
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) पुष्यमित्र शुंग
लगभग 185 ईसा पूर्व में मौर्य सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या कर मगध पर शुंग वंश की नींव रखी।
English version — Mauryan Empire
{"kind": "gs", "intro_hi": "मौर्य साम्राज्य BPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। बिहार विशेष इतिहास में पाटलिपुत्र, अशोक के अभिलेख और मौर्यकालीन कला से लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विषय की विस्तृत समझ अभ्यर्थियों को परीक्षा में उत्कृष्ट अंक दिलाने में सहायक है।", "intro_en": "The Mauryan Empire is a high-yield topic for both BPSC Prelims and Mains examinations. Questions regularly feature in Bihar Special History regarding Pataliputra, Ashoka's edicts, and Mauryan art. Mastering this chapter ensures a solid foundation for scoring high in ancient history.", "subtopics": [{"name_hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य, चाणक्य, मेगस्थनीज और सेल्यूकस संधि", "name_en": "Chandragupta Maurya, Chanakya, Megasthenes and Seleucus Treaty", "explain_hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरु और कूटनीतिज्ञ चाणक्य (विष्णुगुप्त/कौटिल्य) की सहायता से नंद वंश के अंतिम शासक धनानंद को पराजित कर 322 ईसा पूर्व में मौर्य साम्राज्य की नींव रखी। 305 ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त ने सिकंदर के पूर्व सेनापति और सीरियाई ग्रीक शासक सेल्यूकस निकेटर को युद्ध में पराजित कर एक ऐतिहासिक संधि की। इस संधि के तहत सेल्यूकस ने चन्द्रगुप्त को एरिया, अराकोसिया, गेड्रोसिया और पेरोपेमिसदाई (वर्तमान काबुल, कंधार, हेरात और बलूचिस्तान) का क्षेत्र सौंपा और अपनी पुत्री का विवाह चन्द्रगुप्त से किया। बदले में चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी भेंट किए। सेल्यूकस ने मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर पाटलिपुत्र दरबार में भेजा, जिसने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'इण्डिका' में मौर्य प्रशासन और तत्कालीन समाज का वर्णन किया। चन्द्रगुप्त के समय ही सौराष्ट्र (गुजरात) के राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा प्रसिद्ध सुदर्शन झील का निर्माण कराया गया था।", "explain_en": "Chandragupta Maurya founded the Mauryan Empire in 322 BCE by overthrowing Dhanananda, the last Nanda ruler, with the strategic guidance of Chanakya (Kautilya). In 305 BCE, Chandragupta defeated Seleucus I Nicator, establishing a historic treaty that expanded the empire to eastern Afghanistan and Balochistan (Aria, Arachosia, Gedrosia, and Paropamisadae). As part of this diplomatic alliance, Seleucus gave his daughter in marriage and received 500 war elephants in exchange. Seleucus also dispatched Megasthenes as an ambassador to the court at Pataliputra, who authored 'Indica', providing a vivid account of Mauryan administration and society. During Chandragupta's reign, the renowned Sudarshan Lake was constructed in Saurashtra by his provincial governor, Pushyagupta Vaishya.", "facts": [{"hi": "चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की सहायता से अंतिम नंद शासक धनानंद को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी।", "en": "Chandragupta Maurya established the Mauryan Empire by defeating the last Nanda king Dhanananda with Chanakya's help."}, {"hi": "सर विलियम जोन्स ने सर्वप्रथम यूनानी स्रोतों में उल्लिखित 'सैंड्रोकोट्टस' (Sandrocottus) की पहचान चन्द्रगुप्त मौर्य के रूप में की थी।", "en": "Sir William Jones was the first to identify 'Sandrocottus' from Greek texts as Chandragupta Maurya."}, {"hi": "305 ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के बीच युद्ध हुआ, जिसके बाद एक महत्वपूर्ण शांति संधि हुई।", "en": "In 305 BCE, a conflict took place between Chandragupta Maurya and Seleucus I Nicator, leading to a crucial peace treaty."}, {"hi": "संधि के तहत चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी दिए तथा सेल्यूकस ने हेरात, कंधार, काबुल और मकरान/बलूचिस्तान का क्षेत्र सौंपा।", "en": "Under the treaty, Chandragupta gifted 500 war elephants, and Seleucus ceded Aria, Arachosia, Paropamisadae, and Gedrosia."}, {"hi": "सेल्यूकस निकेटर ने चन्द्रगुप्त मौर्य के पाटलिपुत्र स्थित राजदरबार में मेगस्थनीज को अपना राजदूत बनाकर भेजा था।", "en": "Seleucus Nicator sent Megasthenes as his ambassador to Chandragupta Maurya's royal court at Pataliputra."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इण्डिका' में मौर्य प्रशासन, पाटलिपुत्र नगर और भारतीय समाज का विस्तृत वर्णन किया।", "en": "Megasthenes wrote 'Indica', offering a detailed account of Mauryan administration, Pataliputra, and Indian society."}, {"hi": "चाणक्य (कौटिल्य/विष्णुगुप्त) चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री और मुख्य सलाहकार थे।", "en": "Chanakya (Kautilya/Vishnugupta) served as the Prime Minister and chief advisor to Chandragupta Maurya."}, {"hi": "चाणक्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' मूलतः राजनीति विज्ञान, शासन कला और कूटनीति पर आधारित 15 अधिकरणों (खंडों) का ग्रंथ है।", "en": "Chanakya's 'Arthashastra' is a treatise on statecraft, political theory, and diplomacy divided into 15 books (Adhikaranas)."}, {"hi": "अर्थशास्त्र में राज्य संचालन हेतु सात अंगों का 'सप्तांग सिद्धांत' (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, दंड/बल, मित्र) दिया गया है।", "en": "Arthashastra propounded the 'Saptanga Theory' of the state consisting of Swami, Amatya, Janapada, Durga, Kosha, Danda, and Mitra."}, {"hi": "सौराष्ट्र (गुजरात) के गिरनार में सुदर्शन झील का निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने करवाया था।", "en": "Sudarshan Lake at Girnar in Saurashtra was constructed by Pushyagupta Vaishya, the provincial governor of Chandragupta Maurya."}, {"hi": "मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों का एक मंडल करता था, जो 5-5 सदस्यों की 6 समितियों में विभाजित था।", "en": "According to Megasthenes, the administration of Pataliputra was managed by a board of 30 members divided into 6 committees of 5 each."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने भारतीय समाज को 7 जातियों/वर्गों (दार्शनिक, कृषक, पशुपालक, शिल्पी/कारीगर, योद्धा, निरीक्षक, सभासद) में विभाजित बताया।", "en": "Megasthenes divided Indian society into 7 classes: philosophers, farmers, herdsmen, artisans, soldiers, overseers, and councillors."}, {"hi": "जैन परंपरा (परिशिष्टपर्वन) के अनुसार अपने जीवन के अंतिम दिनों में चन्द्रगुप्त मौर्य ने भद्रबाहु से दीक्षा लेकर श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में संलेखना/संथारा द्वारा प्राण त्यागे।", "en": "According to Jain tradition, Chandragupta Maurya embraced Jainism under Bhadrabahu and ended his life through Sallekhana at Shravanabelagola."}], "examples": [{"q": "यूनानी लेखक जस्टिन और स्ट्रैबो द्वारा उल्लिखित 'सैंड्रोकोट्टस' की पहचान चन्द्रगुप्त मौर्य से सर्वप्रथम किसने की थी?", "options": ["विलियम जोन्स", "वी. ए. स्मिथ", "जेम्स प्रिंसेप", "आर. जी. भंडारकर"], "ans": 0, "why": "18वीं सदी के प्राच्यविद् सर विलियम जोन्स ने सर्वप्रथम सैंड्रोकोट्टस का समीकरण चन्द्रगुप्त मौर्य के साथ सिद्ध किया था।"}, {"q": "चन्द्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस निकेटर के मध्य हुए समझौते के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?", "options": ["सेल्यूकस ने चन्द्रगुप्त को 500 हाथी भेंट किए थे।", "चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को काबुल और कंधार का क्षेत्र सौंप दिया था।", "चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 युद्धक हाथी दिए और बदले में पूर्वी अफगानिस्तान व बलूचिस्तान के क्षेत्र प्राप्त किए।", "मेगस्थनीज को बिंदुसार के दरबार में भेजा गया था।"], "ans": 2, "why": "305 ईसा पूर्व की संधि में चन्द्रगुप्त ने सेल्यूकस को 500 हाथी दिए और सेल्यूकस ने हेरात, कंधार, काबुल एवं बलूचिस्तान मौर्य साम्राज्य को सौंपे।"}, {"q": "सौराष्ट्र में प्रसिद्ध 'सुदर्शन झील' का निर्माण किसके शासनकाल में और किसके द्वारा कराया गया था?", "options": ["अशोक के समय तुषास्फ द्वारा", "चन्द्रगुप्त मौर्य के समय पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा", "रुद्रदामन के समय सुविशाख द्वारा", "स्कंदगुप्त के समय पर्णदत्त द्वारा"], "ans": 1, "why": "जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रांतीय राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य ने सिंचाई हेतु सुदर्शन झील का निर्माण करवाया था।"}, {"q": "कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' का मुख्य विषय क्या है?", "options": ["धार्मिक अनुष्ठान एवं दर्शन", "मौर्यकालीन समाज की वर्ण-व्यवस्था", "राज्य व्यवस्था, शासन कला और विदेश नीति", "अर्थव्यवस्था और कर संग्रहण की गणितीय पद्धतियां"], "ans": 2, "why": "अर्थशास्त्र राजनीति, कूटनीति और शासन प्रशासन के सिद्धांतों पर आधारित व्यावहारिक राजनीतिक दर्शन का ग्रंथ है।"}, {"q": "मेगस्थनीज की पुस्तक 'इण्डिका' के विवरणों पर विचार कीजिए:\n1. पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) द्वारा संचालित था।\n2. मेगस्थनीज के अनुसार भारतीय समाज सात वर्गों में विभाजित था।\n3. मेगस्थनीज ने भारत में दास प्रथा के प्रचलन का विस्तृत उल्लेख किया है।\nउपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1 और 2", "केवल 2 और 3", "केवल 1 और 3", "1, 2 और 3"], "ans": 0, "why": "मेगस्थनीज ने स्पष्ट लिखा था कि भारत में दास प्रथा नहीं थी (कथन 3 गलत है, जबकि 1 और 2 दोनों सत्य हैं)।"}], "asked_hi": "BPSC इस सब-टॉपिक से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न (सैंड्रोकोट्टस की पहचान, सुदर्शन झील का निर्माणकर्ता, राजदूत मेगस्थनीज की पुस्तक) तथा सेल्यूकस संधि के प्रावधानों एवं कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत पर आधारित बहु-कथनीय प्रश्न नियमित रूप से पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks direct factual questions on the identification of Sandrocottus, builder of Sudarshan Lake, and Megasthenes, as well as analytical matching questions on treaty terms and Arthashastra concepts.", "confusions_hi": ["सुदर्शन झील का निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य (राज्यपाल पुष्यगुप्त) ने कराया था, जबकि इसकी पहली नहर अशोक (तुषास्फ) ने निकाली और मरम्मत रुद्रदामन व स्कंदगुप्त ने कराई थी।", "मेगस्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था, जबकि डायमेकस (सीरिया) और डायोनिसियस (मिस्र) बिंदुसार/अशोक के समय आए थे।", "कौटिल्य का अर्थशास्त्र आधुनिक अर्थशास्त्र (Economics) की पुस्तक नहीं है, बल्कि यह मुख्यतः शासन प्रणाली और राजनीति विज्ञान (Statecraft and Polity) का ग्रंथ है।"], "table": {"head": ["प्रमुख स्रोत/घटना", "सम्बन्धित विदेशी/शासक", "प्रमुख विवरण / परिणाम"], "rows": [["सैंड्रोकोट्टस पहचान", "सर विलियम जोन्स", "ग्रीक ग्रंथों के सैंड्रोकोट्टस का तादात्म्य चन्द्रगुप्त मौर्य से स्थापित किया"], ["305 ईसा पूर्व संधि", "सेल्यूकस निकेटर", "चन्द्रगुप्त को 4 प्रांत (काबुल, कंधार, हेरात, बलूचिस्तान) मिले; सेल्यूकस को 500 हाथी"], ["राजदूत आगमन", "मेगस्थनीज", "पाटलिपुत्र दरबार में आगमन; प्रसिद्ध ग्रंथ 'इण्डिका' की रचना की"], ["प्रशासनिक ग्रंथ", "कौटिल्य (चाणक्य)", "15 अधिकरणों में 'अर्थशास्त्र' की रचना; सप्तांग सिद्धांत प्रतिपादित"], ["सुदर्शन झील निर्माण", "पुष्यगुप्त वैश्य (राज्यपाल)", "सौराष्ट्र (गुजरात) के गिरनार क्षेत्र में सिंचाई हेतु बांध व झील का निर्माण"], ["अंतिम जीवन व संलेखना", "आचार्य भद्रबाहु", "श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) की चंद्रगिरि पहाड़ी पर जैन विधि द्वारा देहत्याग"]]}, "trick_hi": "ट्रिक: 'सैंड्रो से 500 हाथी लेकर मेगस्थनीज ने इंडिका लिखी' (सैंड्रोकोट्टस = चन्द्रगुप्त, सेल्यूकस को 500 हाथी दिए, मेगस्थनीज राजदूत बना जिसने इंडिका लिखी)।", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:88", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 88", "topic": "प्राचीन भारत", "q": "सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।\nसूची-I (घटना/स्थान) — सूची-II (सम्बन्धित व्यक्ति)\na) चोल गंगम झील — 1) चन्द्रगुप्त मौर्य\nb) धर्म महामात्र की नियुक्ति — 2) हर्षवर्धन\nc) प्रयाग की सभा — 3) राजेन्द्र प्रथम\nd) सुदर्शन झील — 4) अशोक\nनीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :", "options": ["a-3, b-4, c-2, d-1", "a-1, b-4, c-2, d-3", "a-3, b-4, c-1, d-2", "a-2, b-3, c-1, d-4"], "ans": [0], "why_hi": "सुदर्शन झील का प्रारंभिक निर्माण चन्द्रगुप्त मौर्य के सौराष्ट्र राज्यपाल पुष्यगुप्त वैश्य द्वारा कराया गया था, इसलिए सूची सुमेलन में 'सुदर्शन झील' का सही मिलान 'चन्द्रगुप्त मौर्य' से होता है।"}]}, {"name_hi": "बिन्दुसार, अशोक, कलिंग युद्ध, धम्म एवं अभिलेख (बिहार में अभिलेख)", "name_en": "Bindusara, Ashoka, Kalinga War, Dhamma and Edicts (Edicts in Bihar)", "explain_hi": "चंद्रगुप्त मौर्य के पश्चात् उनका पुत्र बिन्दुसार मगध की गद्दी पर बैठा, जिसे यूनानी विवरणों में 'अमित्रघात' कहा गया है। बिन्दुसार के बाद उसका पुत्र अशोक शासक बना, जिसके राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पूर्व) में प्रसिद्ध कलिंग युद्ध हुआ। कलिंग युद्ध में हुए भीषण नरसंहार से द्रवित होकर अशोक ने 'भेरीघोष' का त्याग कर 'धम्मघोष' अपनाया और बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया। अशोक ने अपनी प्रजा में नैतिक व सामाजिक आचरण के प्रसार हेतु प्राकृत भाषा तथा ब्राह्मी, खरोष्ठी व अरामेक लिपियों में शिलालेख एवं स्तंभलेख उत्कीर्ण करवाए। बिहार के चंपारण क्षेत्र में अशोक के प्रसिद्ध स्तंभलेख मिलते हैं, जिनमें लौरिया नंदनगढ़, लौरिया अरेराज और रामपूर्वा प्रमुख हैं। प्रयाग स्तंभलेख पर अशोक के अलावा गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त और मुगल बादशाह जहाँगीर के अभिलेख भी मिलते हैं।", "explain_en": "After Chandragupta Maurya, his son Bindusara ascended the throne of Magadha, referred to as 'Amitraghata' in Greek texts. Bindusara was succeeded by Ashoka, during whose 8th regnal year (261 BCE) the historic Kalinga War was fought. Moved by the massive devastation of the war, Ashoka abandoned Bherighosha for Dhammaghosha and adopted Buddhism. To spread moral and social values among his subjects, Ashoka issued rock and pillar edicts in Prakrit language using Brahmi, Kharosthi, Greek, and Aramaic scripts. In Bihar's Champaran region, major Ashokan pillar edicts are located at Lauriya Nandangarh, Lauriya Araraj, and Rampurva. The Prayag Pillar Inscription uniquely mentions Ashoka, Samudragupta, and Jahangir.", "facts": [{"hi": "बिन्दुसार को यूनानी लेखकों द्वारा 'अमित्रघात' (शत्रुओं का नाश करने वाला) कहा गया है।", "en": "Bindusara was called 'Amitraghata' (Slayer of enemies) by Greek writers."}, {"hi": "अशोक का राज्याभिषेक 269 ई.पूर्व में हुआ; गद्दी पर बैठने से पूर्व वह उज्जैन का राज्यपाल (उपराजा) था।", "en": "Ashoka's coronation took place in 269 BCE; prior to this, he was the governor of Ujjain."}, {"hi": "कलिंग युद्ध अशोक के राज्याभिषेक के 8वें वर्ष (261 ई.पूर्व) में लड़ा गया था।", "en": "The Kalinga War took place in the 8th year of Ashoka's coronation (261 BCE)."}, {"hi": "अशोक के 13वें वृहद शिलालेख में कलिंग युद्ध के विनाश और उसके हृदय परिवर्तन का वर्णन है।", "en": "The 13th Major Rock Edict describes the destruction of Kalinga War and Ashoka's change of heart."}, {"hi": "अशोक की धम्म नीति का उल्लेख मुख्य रूप से उसके 2वें, 7वें और 12वें शिलालेखों में मिलता है।", "en": "Ashoka's Dhamma policy is prominently discussed in his 2nd, 7th, and 12th edicts."}, {"hi": "प्रथम स्तंभलेख में धम्म के प्रति निष्ठा और समर्पण का वर्णन किया गया है।", "en": "The first pillar inscription describes devotion and allegiance to Dhamma."}, {"hi": "बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में 'लौरिया नंदनगढ़' स्तंभ स्थित है, जिस पर सिंह की आकृति है।", "en": "Lauriya Nandangarh pillar is located in West Champaran district of Bihar, featuring a single lion capital."}, {"hi": "बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में 'लौरिया अरेराज' स्तंभलेख स्थित है।", "en": "Lauriya Araraj pillar edict is located in East Champaran district of Bihar."}, {"hi": "बिहार के पश्चिमी चंपारण में स्थित 'रामपूर्वा' से दो स्तंभ मिले हैं (बैल/वृषभ शीर्ष एवं सिंह शीर्ष)।", "en": "Rampurva in West Champaran, Bihar yielded two pillars (one with a bull capital and one with a lion capital)."}, {"hi": "इलाहाबाद (प्रयाग) स्तंभलेख में अशोक, समुद्रगुप्त तथा मुगल सम्राट जहाँगीर का उल्लेख मिलता है।", "en": "The Allahabad (Prayag) Pillar inscription mentions Ashoka, Samudragupta, and Mughal emperor Jahangir."}, {"hi": "मास्की और गुर्जरा लघु शिलालेखों में अशोक का व्यक्तिगत नाम 'अशोक' स्पष्ट रूप से उत्कीर्ण है।", "en": "The personal name 'Ashoka' is explicitly mentioned in Maski and Gujarra minor rock edicts."}, {"hi": "अशोक ने अपने राज्याभिषेक के 13वें वर्ष में धम्म के प्रचार-प्रसार के लिए 'धम्म महामात्रों' की नियुक्ति की।", "en": "Ashoka appointed 'Dhamma Mahamattas' in his 13th regnal year for spreading Dhamma."}], "examples": [{"q": "अशोक के किस शिलालेख में प्रसिद्ध कलिंग युद्ध के परिणामों और उसके हृदय परिवर्तन का विस्तृत विवरण मिलता है?", "options": ["10वाँ शिलालेख", "11वाँ शिलालेख", "12वाँ शिलालेख", "13वाँ शिलालेख"], "ans": 3, "why": "13वें वृहद शिलालेख में कलिंग युद्ध के विनाश तथा अशोक के भेरीघोष से धम्मघोष की ओर परिवर्तन का विवरण है।"}, {"q": "बिहार के निम्नलिखित स्थानों में से कहाँ अशोक के स्तंभलेख पाए गए हैं?\n1) लौरिया नंदनगढ़\n2) रामपूर्वा\n3) लौरिया अरेराज\n4) पाटलिपुत्र\nनीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :", "options": ["केवल 1 और 2", "केवल 1, 2 और 3", "केवल 2, 3 और 4", "उपरोक्त में से एक से अधिक"], "ans": 1, "why": "लौरिया नंदनगढ़ (पं. चंपारण), रामपूर्वा (पं. चंपारण) तथा लौरिया अरेराज (पू. चंपारण) तीनों स्थानों पर अशोक के स्तंभलेख स्थित हैं।"}, {"q": "प्रयाग (इलाहाबाद) स्तंभलेख का संबंध निम्नलिखित में से किन-किन शासकों से है?", "options": ["अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य", "अशोक, समुद्रगुप्त और जहाँगीर", "अशोक, कनिष्क और हर्ष", "समुद्रगुप्त, अकबार और शाहजहाँ"], "ans": 1, "why": "प्रयाग-कौशांबी स्तंभ पर मूल रूप से अशोक का लेख है, जिस पर बाद में समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति तथा जहाँगीर का लेख उकेरा गया।"}, {"q": "यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' के नाम से किस मौर्य शासक को सम्बोधित किया गया है?", "options": ["चंद्रगुप्त मौर्य", "बिन्दुसार", "अशोक", "दशरथ"], "ans": 1, "why": "बिन्दुसार को यूनानी ग्रंथों में 'अमित्रघात' (अमित्रोचेट्स) कहा गया है।"}, {"q": "अशोक की धम्म नीति का विस्तृत उल्लेख मुख्य रूप से किन शिलालेखों/स्तंभलेखों में किया गया है?", "options": ["केवल 1रे और 3रे", "2रे, 7वें और 12वें अभिलेख", "केवल 13वें शिलालेख", "उपरोक्त में से कोई नहीं"], "ans": 1, "why": "अशोक की धम्म नीति और उसके व्यावहारिक सिद्धांतों की चर्चा मुख्यतः 2रे, 7वें और 12वें अभिलेखों में हुई है।"}], "asked_hi": "BPSC अशोक के कलिंग युद्ध, उसके शिलालेखों/स्तंभलेखों के स्थान (विशेषकर बिहार के चंपारण जिले के अभिलेख), लिपियों, तथा बिन्दुसार की उपाधि से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions regarding Ashoka's Kalinga War, locations of his rock and pillar edicts (especially Champaran in Bihar), scripts used, and Bindusara's title.", "confusions_hi": ["पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के अभिलेखों में भ्रम: लौरिया नंदनगढ़ और रामपूर्वा 'पश्चिमी चंपारण' में हैं, जबकि लौरिया अरेराज 'पूर्वी चंपारण' में स्थित है।", "बिन्दुसार और बिम्बिसार में भ्रम: बिम्बिसार हर्यक वंश का संस्थापक था (अजातशत्रु का पिता), जबकि बिन्दुसार मौर्य वंश का शासक था (चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता)।"], "table": {"head": ["स्थल / अभिलेख", "प्रकार एवं जिला (बिहार)", "प्रमुख विशेषता / तथ्य"], "rows": [["लौरिया नंदनगढ़", "स्तंभलेख (पश्चिमी चंपारण)", "सिंह की आकृति वाला भव्य स्तंभ, 6 स्तंभलेख उत्कीर्ण"], ["लौरिया अरेराज", "स्तंभलेख (पूर्वी चंपारण)", "अशोक के 6 मुख्य स्तंभलेख उत्कीर्ण"], ["रामपूर्वा", "स्तंभलेख (पश्चिमी चंपारण)", "दो स्तंभ प्राप्त (एक वृषभ/बैल शीर्ष तथा एक सिंह शीर्ष)"], ["13वाँ वृहद शिलालेख", "शिलालेख (विभिन्न स्थल)", "कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) और हृदय परिवर्तन का वर्णन"], ["प्रयाग स्तंभलेख", "स्तंभलेख (प्रयागराज)", "अशोक, समुद्रगुप्त (प्रयाग प्रशस्ति) एवं जहाँगीर का उल्लेख"]]}, "trick_hi": "चंपारण के अशोक स्तंभ याद रखने की ट्रिक: 'राम ने नंदन और अरेराज को चंपारण भेजा' (रामपूर्वा, लौरिया नंदनगढ़, लौरिया अरेराज - चंपारण)।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य प्रशासन, गुप्तचर व्यवस्था, राजस्व एवं पाटलिपुत्र नगर प्रशासन", "name_en": "Mauryan Administration, Espionage, Revenue System, and Pataliputra City Administration", "explain_hi": "मौर्य साम्राज्य भारत का पहला विकेंद्रीकृत और सुसंगठित केंद्रीयकृत साम्राज्य था जिसका विस्तृत वर्णन कौटिल्य के अर्थशास्त्र और मेगस्थनीज की इंडिका में मिलता है। राजा प्रशासन का सर्वोच्च प्रमुख होता था, जिसकी सहायता के लिए मंत्रिपरिषद और 18 'तीर्थ' (उच्च अधिकारी) तथा 26 'अध्यक्ष' (विभागाध्यक्ष) होते थे। प्रांतीय प्रशासन में साम्राज्य को प्रांतों (चक्र) में बांटा गया था, जहाँ राजकुमार या 'आर्यपुत्र' राज्यपाल बनाए जाते थे। गुप्तचर प्रणाली (गूढ़पुरुष) अत्यंत सुदृढ़ थी जिसमें संस्था (स्थिर) और संचारा (भ्रमणशील) दो प्रकार के गुप्तचर कार्य करते थे। राजस्व संग्रह का मुख्य अधिकारी समाहर्ता तथा कोषाध्यक्ष सन्निधाता कहलाता था। पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा चलाया जाता था जो 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) में विभाजित थी।", "explain_en": "The Mauryan Empire established India's first highly organized centralized administrative system, detailed extensively in Chanakya's Arthashastra and Megasthenes' Indica. The King was the supreme head, assisted by a council of ministers (Mantriparishad), 18 high officials called 'Tirthas', and 26 department heads known as 'Adhyakshas'. The empire was divided into provinces (Chakras) governed by royal princes called Aryaputras or Kumaras. The espionage system was remarkably efficient, employing 'Gudhapurushas' divided into two branches: Sanstha (stationed at one place) and Sanchara (wandering agents). Revenue administration was headed by the Samaharta (chief collector) and Sannidhata (chief treasurer), with land revenue (Bhaga) usually set at one-sixth of produce. Pataliputra, called Palibrotha by Megasthenes, was governed by a 30-member council divided into 6 specialized committees of 5 members each.", "facts": [{"hi": "अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य प्रशासन के शीर्ष 18 अधिकारियों को 'तीर्थ' या 'महामात्र' कहा जाता था।", "en": "According to Arthashastra, the top 18 administrative officials were known as 'Tirthas' or 'Mahamatras'."}, {"hi": "मौर्यकाल में विभिन्न विभागों के अध्यक्षों को 'अध्यक्ष' कहा जाता था, जिनकी संख्या अर्थशास्त्र में 26 बताई गई है।", "en": "Departmental heads in the Mauryan period were called 'Adhyakshas', numbering 26 in Arthashastra."}, {"hi": "समाहर्ता राजस्व विभाग का मुख्य संग्रहकर्ता (Chief Revenue Collector) होता था।", "en": "Samaharta was the Chief Revenue Collector of the Mauryan empire."}, {"hi": "सन्निधाता राजकीय कोषागार और भंडागार का मुख्य संरक्षक (Chief Treasurer) होता था।", "en": "Sannidhata was the Chief Custodian of the royal treasury and storehouse."}, {"hi": "मौर्यकाल में गुप्तचरों को 'गूढ़पुरुष' कहा जाता था तथा गुप्तचर विभाग के प्रमुख को 'सर्पमहामात्र' कहा जाता था।", "en": "Spies were called 'Gudhapurushas' and the espionage department head was called 'Sarpamahamatra'."}, {"hi": "एक स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' और स्थान-स्थान पर भ्रमण करने वालों को 'संचारा' कहा जाता था।", "en": "Stationary spies were called 'Sanstha' while moving spies were called 'Sanchara'."}, {"hi": "मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक 'इंडिका' में पाटलिपुत्र को 'पालिब्रोध' (Palibrotha) कहा है।", "en": "Megasthenes referred to Pataliputra as 'Palibrotha' in his book 'Indica'."}, {"hi": "मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन 30 सदस्यों की एक परिषद द्वारा होता था, जो 6 उप-समितियों में बंटी थी।", "en": "According to Megasthenes, Pataliputra city administration was managed by a 30-member council split into 6 sub-committees."}, {"hi": "पाटलिपुत्र नगर प्रशासन की प्रत्येक उप-समिति में 5-5 सदस्य होते थे।", "en": "Each sub-committee of Pataliputra city administration consisted of 5 members."}, {"hi": "मौर्य साम्राज्य में भू-राजस्व (भाग) सामान्यतः उपज का 1/6 भाग (16.6%) होता था।", "en": "Land revenue (Bhaga) in the Mauryan Empire was generally 1/6th of the produce."}, {"hi": "सीता (Sita) सरकारी या राज्य की भूमि से प्राप्त होने वाली आय को कहा जाता था और इसका प्रमुख 'सीताध्यक्ष' कहलाता था।", "en": "Income from crown land was called 'Sita', overseen by the 'Sitadhyaksha'."}, {"hi": "नगर के अधिकारियों को मेगस्थनीज ने 'एस्टिनोमोई' (Astynomoi) तथा जिला अधिकारियों को 'एग्रोनोमोई' (Agronomoi) कहा है।", "en": "City officials were called 'Astynomoi' and district officials were called 'Agronomoi' by Megasthenes."}, {"hi": "मौर्य न्याय व्यवस्था में दो प्रकार के न्यायालय थे: धर्मस्थीय (दीवानी) और कण्टकशोधन (फौजदारी)।", "en": "The Mauryan judicial system had two types of courts: Dharmasthiya (civil) and Kantakashodhana (criminal)."}], "examples": [{"q": "मौर्यकालीन नगर प्रशासन के संदर्भ में मेगस्थनीज के विवरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?", "options": ["नगर का प्रशासन 20 सदस्यों की परिषद चलाती थी", "पाटलिपुत्र का प्रशासन 6 समितियों द्वारा चलाया जाता था, जिनमें प्रत्येक में 5 सदस्य थे", "नगर के प्रमुख अधिकारी को एग्रोनोमोई कहा जाता था", "उपरोक्त में से एक से अधिक"], "ans": 1, "why": "इंडिका के अनुसार पाटलिपुत्र का नगर प्रशासन 30 सदस्यों की परिषद द्वारा चलाया जाता था जो 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) में विभक्त थी।"}, {"q": "मौर्य प्रशासन में 'समाहर्ता' का मुख्य कार्य क्या था?", "options": ["राजकीय कोषागार की सुरक्षा करना", "सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करना", "राजस्व संग्रह एवं आय-व्यय का ब्योरा रखना", "नगर सुरक्षा का निरीक्षण करना"], "ans": 2, "why": "समाहर्ता मौर्य साम्राज्य में कर तथा राजस्व संग्रह का सर्वोच्च अधिकारी था।"}, {"q": "अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्य गुप्तचर व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1) गुप्तचरों को 'गूढ़पुरुष' कहा जाता था।\n2) एक स्थान पर रहकर कार्य करने वाले गुप्तचरों को 'संचारा' कहा जाता था।\nउपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1", "केवल 2", "1 और 2 दोनों", "न तो 1, न ही 2"], "ans": 0, "why": "कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि एक स्थान पर रहने वाले गुप्तचरों को 'संस्था' कहा जाता था, जबकि भ्रमणशील गुप्तचरों को 'संचारा' कहते थे।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:\nसूची-I (अधिकारी)\nA. सन्निधाता\nB. सीताध्यक्ष\nC. पौतवाध्यक्ष\nD. शुल्काध्यक्ष\n\nसूची-II (विभाग)\n1. माप-तौल विभाग\n2. राजकीय कोष\n3. सीमा शुल्क\n4. राजकीय कृषि भूमि\n\nसही कूट का चयन कीजिए:", "options": ["A-2, B-4, C-1, D-3", "A-4, B-2, C-1, D-3", "A-2, B-1, C-4, D-3", "A-1, B-4, C-2, D-3"], "ans": 0, "why": "सन्निधाता कोषाध्यक्ष (2), सीताध्यक्ष सरकारी कृषि भूमि (4), पौतवाध्यक्ष माप-तौल (1), तथा शुल्काध्यक्ष सीमा शुल्क (3) से संबंधित थे।"}, {"q": "मेगस्थनीज ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक इंडिका में पाटलिपुत्र नगर को किस नाम से संबोधित किया है?", "options": ["कुसुमपुर", "पुष्पपुर", "पालिब्रोध (Palibrotha)", "पाटलिग्राम"], "ans": 2, "why": "यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने पाटलिपुत्र को इंडिका में 'पालिब्रोध' (Palibrotha) कहा है।"}, {"q": "मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था के संदर्भ में 'कण्टकशोधन' किस प्रकार का न्यायालय था?", "options": ["दीवानी न्यायालय (Civil Court)", "फौजदारी न्यायालय (Criminal Court)", "धार्मिक न्यायालय", "व्यापारिक न्यायालय"], "ans": 1, "why": "मौर्यकाल में फौजदारी न्यायालय को 'कण्टकशोधन' तथा दीवानी न्यायालय को 'धर्मस्थीय' कहा जाता था।"}], "asked_hi": "BPSC में मौर्य प्रशासन, पाटलिपुत्र की नगर समिति (6 समितियां, 5 सदस्य), समाहर्ता और सन्निधाता के बीच अंतर, इंडिका में वर्णित नाम (पालिब्रोध), तथा गुप्तचर प्रकारों (संस्था व संचारा) से सीधे तथ्य-आधारित और सुमेलित करने वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks factual and matching questions on Mauryan administration, Pataliputra city sub-committees (6 committees, 5 members each), Samaharta vs Sannidhata, terminology in Indica (Palibrotha), and espionage types (Sanstha and Sanchara).", "confusions_hi": ["समाहर्ता (कर संग्रहकर्ता/Tax Collector) और सन्निधाता (कोषाध्यक्ष/Treasurer) के मुख्य कार्यों में छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।", "संस्था (एक स्थान पर स्थिर रहने वाले गुप्तचर) और संचारा (स्थान-स्थान पर भ्रमणशील गुप्तचर) के अर्थ को उल्टा समझ लेते हैं।", "मेगस्थनीज द्वारा प्रयुक्त यूनानी शब्दों 'एस्टिनोमोई' (नगर अधिकारी) तथा 'एग्रोनोमोई' (जिला/मार्ग अधिकारी) में भ्रम होता है।"], "table": {"head": ["अधिकारी/पद", "विभाग/कार्य", "मुख्य दायित्व"], "rows": [["समाहर्ता", "राजस्व संग्रह", "कर एकत्र करने वाला सर्वोच्च अधिकारी"], ["सन्निधाता", "कोषाध्यक्ष", "राजकीय कोष एवं भंडागार का प्रमुख"], ["सीताध्यक्ष", "कृषि विभाग", "सरकारी (शाही) भूमि का प्रबंधन एवं कृषि देखरेख"], ["पौतवाध्यक्ष", "माप और तौल", "तौल एवं माप मानकों का नियंत्रक अधिकारी"], ["शुल्काध्यक्ष", "सीमा शुल्क", "व्यापारिक कर एवं चुंगी (Toll tax) संग्रह"], ["संस्था एवं संचारा", "गुप्तचर प्रणाली", "गूढ़पुरुष: संस्था (स्थिर) तथा संचारा (भ्रमणशील)"]]}, "trick_hi": "समाहर्ता = 'समेटने वाला' (Tax Collector), सन्निधाता = 'निधि (कोष) संभालने वाला' (Treasurer)। संस्था = 'स्थिर' गुप्तचर।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य कला: स्तंभ, दीदारगंज यक्षी, बराबर गुफाएं", "name_en": "Mauryan Art: Pillars, Didarganj Yakshi, Barabar Caves", "explain_hi": "मौर्यकालीन कला को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जाता है - राजकीय कला और लोक कला। राजकीय कला के अंतर्गत अशोक द्वारा निर्मित एकाश्मक स्तंभ और चट्टान काटकर बनाई गई गुफाएं आती हैं। गया जिले में स्थित बराबर की गुफाएं सम्राट अशोक द्वारा आजीविक संप्रदाय के भिक्षुओं को दान में दी गई थीं। वहीं नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं का निर्माण अशोक के पौत्र दशरथ ने करवाया था। लोक कला का उत्कृष्ट उदाहरण पटना के दीदारगंज से प्राप्त चंवर ग्राहिणी यक्षी की मूर्ति है। मौर्यकालीन वास्तुकला एवं मूर्तिकला की सबसे प्रमुख विशेषता चुनार के बलुआ पत्थर पर की गई शीशे जैसी चमकदार ओपदार पॉलिश है।", "explain_en": "Mauryan art is broadly classified into Court Art and Popular or Folk Art. Court Art is exemplified by monolithic sandstone pillars erected by Ashoka and rock-cut cave architecture. The Barabar caves in Gaya district were excavated and donated to the Ajivika sect by Emperor Ashoka. Similarly, the nearby Nagarjuni caves were dedicated to Ajivikas by Ashoka's grandson, Dasaratha. Popular art is best represented by the Didarganj Chamara Grahani Yakshi statue discovered near Patna. The hallmark of Mauryan art and sculpture is the extraordinary glass-like polished surface on Chunar sandstone.", "facts": [{"hi": "दीदारगंज (पटना) से प्राप्त चंवर ग्राहिणी यक्षी मूर्ति मौर्यकालीन लोक कला का सर्वोत्तम उदाहरण है।", "en": "The Chamara Grahani Yakshi statue found at Didarganj (Patna) is a classic example of Mauryan folk art."}, {"hi": "दीदारगंज यक्षी मूर्ति चुनार के एक ही बलुआ पत्थर से बनी है तथा इस पर चमकदार ओपदार पॉलिश है।", "en": "The Didarganj Yakshi statue is made from a single block of Chunar sandstone and features high polish."}, {"hi": "बराबर पहाड़ी समूह में सुदामा, कर्ण चौपार, लोमस ऋषि और विश्वकर्मा नामक चार प्रमुख गुफाएं शामिल हैं।", "en": "The Barabar hill group comprises four major caves: Sudama, Karna Chaupar, Lomas Rishi, and Visvakarma."}, {"hi": "अशोक के पौत्र दशरथ ने नागार्जुनी पहाड़ियों में गोपी, वहीयक और वढथिका गुफाएं आजीविकों को दान दी थीं।", "en": "Ashoka's grandson Dasharatha donated Gopi, Vahiyaka, and Vadathika caves in Nagarjuni hills to Ajivikas."}, {"hi": "मौर्यकालीन स्तंभ एकाश्मक (Monolithic) हैं, जिन्हें चुनार (उत्तर प्रदेश) के बलुआ पत्थर से तराशा गया है।", "en": "Mauryan pillars are monolithic structures sculpted out of Chunar sandstone."}, {"hi": "बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में लौरिया नंदनगढ़ और रामपुरवा अशोक स्तंभ स्थित हैं।", "en": "Lauriya Nandangarh and Rampurva Ashokan pillars are located in the West Champaran district of Bihar."}, {"hi": "पूर्वी चंपारण जिले में लौरिया अरेराज अशोक स्तंभ स्थित है।", "en": "Lauriya Araraj Ashokan pillar is situated in the East Champaran district of Bihar."}, {"hi": "रामपुरवा से दो स्तंभ शीर्ष मिले हैं, जिनमें से एक पर सिंह और दूसरे पर वृषभ (बैल) अंकित है।", "en": "Two capitals were found at Rampurva, one adorned with a lion and the other with a bull."}, {"hi": "सारनाथ के अशोक स्तंभ शीर्ष पर बनी चार सिंहों की आकृति भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह है।", "en": "The four-lion capital atop the Sarnath Ashokan pillar serves as the national emblem of India."}, {"hi": "मौर्यकालीन वास्तुकला की सबसे विशिष्ट पहचान पत्थरों पर की गई शीशे जैसी चमकदार (ओपदार) पॉलिश है।", "en": "The most distinctive feature of Mauryan architecture is its glass-like lustrous polish on stone."}], "examples": [{"q": "मौर्यकालीन प्रसिद्ध 'चंवर ग्राहिणी यक्षी' की मूर्ति बिहार के किस स्थान से प्राप्त हुई है?", "options": ["वैशाली", "दीदारगंज (पटना)", "बराबर (गया)", "राजगीर"], "ans": 1, "why": "दीदारगंज (पटना) से मौर्यकालीन पॉलिशदार चंवर ग्राहिणी यक्षी की मूर्ति मिली है।"}, {"q": "बराबर की गुफाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:\n1. यह बिहार के गया जिले में स्थित हैं।\n2. इन गुफाओं को सम्राट अशोक ने आजीविक संप्रदाय को दान दिया था।\nउपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?", "options": ["केवल 1", "केवल 2", "1 और 2 दोनों", "न तो 1, न ही 2"], "ans": 2, "why": "बराबर की गुफाएं गया में स्थित हैं और अशोक द्वारा आजीविकों को दान की गई थीं।"}, {"q": "नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाओं को आजीविक संप्रदाय को किसने दान दिया था?", "options": ["चंद्रगुप्त मौर्य", "बिंदुसार", "अशोक", "दशरथ"], "ans": 3, "why": "अशोक के पौत्र दशरथ ने नागार्जुनी पहाड़ी की गुफाएं आजीविकों को समर्पित की थीं।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:\nसूची-I (स्थल) — सूची-II (विशेषता/अवशेष)\na) दीदारगंज — 1) वृषभ शीर्ष स्तंभ\nb) रामपुरवा — 2) चंवर ग्राहिणी यक्षी\nc) नागार्जुनी गुफाएं — 3) अशोक द्वारा दान\nd) बराबर गुफाएं — 4) दशरथ द्वारा दान", "options": ["a-2, b-1, c-4, d-3", "a-1, b-2, c-3, d-4", "a-2, b-1, c-3, d-4", "a-4, b-3, c-2, d-1"], "ans": 0, "why": "दीदारगंज से यक्षी, रामपुरवा से वृषभ शीर्ष, नागार्जुनी गुफाएं दशरथ तथा बराबर गुफाएं अशोक से संबंधित हैं।"}, {"q": "मौर्यकालीन स्तंभों की निर्माण सामग्री क्या थी?", "options": ["सफेद संगमरमर", "लाल ईंटें", "चुनार का बलुआ पत्थर", "काले ग्रेनाइट पत्थर"], "ans": 2, "why": "मौर्य स्तंभ एकाश्मक हैं और चुनार के बलुआ पत्थर से निर्मित हैं।"}], "asked_hi": "BPSC में मौर्य कला से संबंधित प्रश्न मुख्यतः दीदारगंज यक्षी की मूर्ति, बराबर एवं नागार्जुनी गुफाओं के दानकर्ता, स्तंभों के स्थान और मौर्यकालीन पॉलिश की विशेषताओं पर पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions on Mauryan art regarding the Didarganj Yakshi statue, donors of Barabar and Nagarjuni caves, pillar locations in Bihar, and the characteristic polish.", "confusions_hi": ["बराबर की गुफाएं अशोक ने दान की थीं, जबकि नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएं अशोक के पौत्र दशरथ ने आजीविकों को दान दी थीं।", "दीदारगंज यक्षी राजकीय कला का नहीं बल्कि मौर्यकालीन लोक कला (Popular Art) का उदाहरण है।"], "table": {"head": ["कलाकृति / संरचना", "स्थान / जिला", "संबंधित शासक / संप्रदाय", "विशेषता"], "rows": [["दीदारगंज यक्षी (चंवर ग्राहिणी)", "दीदारगंज, पटना", "मौर्यकाल (लोक कला)", "चुनार बलुआ पत्थर, चमकदार ओपदार पॉलिश"], ["नागार्जुनी गुफाएं (गोपी गुफा)", "नागार्जुनी पहाड़ी, गया", "दशरथ (अशोक का पौत्र)", "आजीविक संप्रदाय को दान"], ["रामपुरवा स्तंभ शीर्ष", "पश्चिम चंपारण", "सम्राट अशोक", "वृषभ (बैल) और सिंह शीर्ष"], ["सारनाथ सिंह स्तंभ", "सारनाथ, वाराणसी", "सम्राट अशोक", "चार सिंह, भारत का राष्ट्रीय प्रतीक"]]}, "trick_hi": "अशोक बराबर आजीविक को दिया, दशरथ ने नागार्जुनी संभाला।", "pyqs": []}, {"name_hi": "मौर्य साम्राज्य का पतन और शुंग वंश", "name_en": "Decline of Maurya Empire and Shunga Dynasty", "explain_hi": "अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य के उत्तराधिकारी कमजोर सिद्ध हुए, जिससे साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। 185 ईसा पूर्व में, अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या उसके अपने ही सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने एक सैन्य निरीक्षण के दौरान कर दी। पुष्यमित्र शुंग ने मगध पर शुंग वंश की नींव रखी, जिसे ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान का काल माना जाता है। शुंगों के बाद मगध पर कण्व वंश का शासन रहा और उत्तर-पश्चिम से कुषाणों जैसे विदेशी आक्रमणकारियों का प्रभाव बढ़ा। कुषाणों के पतन के बाद, मगध के क्षेत्रों पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन रहा। यह पूरा काल मौर्यों की केंद्रीय सत्ता के अंत और क्षेत्रीय राज्यों के उदय का प्रतीक है।", "explain_en": "After Ashoka's death, the Mauryan successors were weak, leading to the gradual disintegration of the empire. In 185 BC, the last Mauryan emperor, Brihadratha, was assassinated by his commander-in-chief, Pushyamitra Shunga, during a military review. Pushyamitra Shunga established the Shunga dynasty, marking a revival of Brahmanism in Magadha. Following the Shungas, the Kanva dynasty ruled, while foreign invaders like the Kushans gained influence in the northwest. After the decline of the Kushans, descendants of the Licchavis ruled parts of Magadha. This period signifies the end of Mauryan centralization and the rise of various regional and foreign powers.", "facts": [{"hi": "अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ था जिसकी हत्या 185 ईसा पूर्व में हुई थी।", "en": "The last Mauryan emperor was Brihadratha, who was assassinated in 185 BC."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य वंश को समाप्त कर शुंग वंश की स्थापना की।", "en": "Pushyamitra Shunga established the Shunga dynasty after ending the Mauryan rule."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग मौर्य सेना में 'सेनापति' के पद पर आसीन था।", "en": "Pushyamitra Shunga held the position of 'Senapati' (Commander-in-chief) in the Mauryan army."}, {"hi": "प्रसिद्ध व्याकरणविद् पतंजलि, पुष्यमित्र शुंग के समकालीन थे और उनके पुरोहित थे।", "en": "The famous grammarian Patanjali was a contemporary and priest of Pushyamitra Shunga."}, {"hi": "पुष्यमित्र शुंग ने दो अश्वमेध यज्ञ किए थे, जिसका विवरण अयोध्या अभिलेख में मिलता है।", "en": "Pushyamitra Shunga performed two Ashvamedha sacrifices, as mentioned in the Ayodhya inscription."}, {"hi": "शुंग वंश की राजधानी पाटलिपुत्र थी, लेकिन बाद में विदिशा एक महत्वपूर्ण केंद्र बना।", "en": "The capital of the Shunga dynasty was Pataliputra, but Vidisha later became an important center."}, {"hi": "शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था, जिसकी हत्या वासुदेव कण्व ने की थी।", "en": "The last ruler of the Shunga dynasty was Devabhuti, who was killed by Vasudeva Kanva."}, {"hi": "कण्व वंश की स्थापना वासुदेव ने लगभग 73 ईसा पूर्व में की थी।", "en": "The Kanva dynasty was founded by Vasudeva around 73 BC."}, {"hi": "कुषाणों के पतन के बाद मगध पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन रहा।", "en": "After the decline of the Kushans, Magadha was ruled by the descendants of the Licchavis."}, {"hi": "भरहुत स्तूप का पुनर्निर्माण और सांची स्तूप की वेष्टनी (railings) का निर्माण शुंग काल में हुआ।", "en": "The reconstruction of Bharhut Stupa and the railings of Sanchi Stupa occurred during the Shunga period."}, {"hi": "मगध के राजवंशों का सही क्रम: मौर्य -> शुंग -> कण्व -> कुषाण (विदेशी)।", "en": "Correct sequence of Magadha dynasties: Maurya -> Shunga -> Kanva -> Kushan (Foreign)."}], "examples": [{"q": "अंतिम मौर्य सम्राट बृहद्रथ की हत्या किसने की थी?", "options": ["वासुदेव कण्व", "पुष्यमित्र शुंग", "अजातशत्रु", "चंद्रगुप्त मौर्य"], "ans": 1, "why": "पुष्यमित्र शुंग, जो बृहद्रथ का सेनापति था, ने 185 ईसा पूर्व में उसकी हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की।"}, {"q": "प्राचीन भारत के निम्नलिखित राजवंशों को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित करें: (1) कण्व, (2) मौर्य, (3) शुंग, (4) कुषाण", "options": ["2-3-1-4", "2-1-3-4", "3-2-1-4", "1-2-3-4"], "ans": 0, "why": "सही क्रम मौर्य (322-185 ई.पू.), शुंग (185-73 ई.पू.), कण्व (73-28 ई.पू.) और फिर कुषाण है।"}, {"q": "पतंजलि किसके समकालीन थे?", "options": ["चंद्रगुप्त द्वितीय", "गौतमीपुत्र शातकर्णी", "पुष्यमित्र शुंग", "अशोक"], "ans": 2, "why": "पतंजलि पुष्यमित्र शुंग के दरबार में थे और उन्होंने उनके अश्वमेध यज्ञ संपन्न कराए थे।"}, {"q": "शुंग वंश के बाद मगध पर किस वंश ने शासन किया?", "options": ["कुषाण वंश", "गुप्त वंश", "कण्व वंश", "सातवाहन वंश"], "ans": 2, "why": "शुंग वंश के अंतिम शासक देवभूति की हत्या कर वासुदेव ने कण्व वंश की स्थापना की थी।"}, {"q": "कुषाणों के पतन के बाद मगध पर किसका शासन रहा?", "options": ["लिच्छवि वंशज", "पाल वंश", "मौर्य वंश", "नंद वंश"], "ans": 0, "why": "स्रोत के अनुसार, कुषाणों के पतन के बाद मगध पर लिच्छवियों के वंशजों का शासन था।"}], "asked_hi": "BPSC में अक्सर मौर्योत्तर काल के राजवंशों का सही कालानुक्रम (Chronology) और शुंग वंश के संस्थापक के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions about the correct chronology of post-Mauryan dynasties and the founder of the Shunga dynasty.", "confusions_hi": ["बृहद्रथ: एक बृहद्रथ मगध के सबसे प्राचीन वंश का संस्थापक था (जरासंध का पिता), और दूसरा अंतिम मौर्य सम्राट था।", "राजधानी: शुंगों की मुख्य राजधानी पाटलिपुत्र थी, लेकिन विदिशा उनकी दूसरी महत्वपूर्ण राजधानी बनी।"], "table": {"head": ["वंश", "संस्थापक", "अंतिम शासक"], "rows": [["मौर्य वंश", "चंद्रगुप्त मौर्य", "बृहद्रथ"], ["शुंग वंश", "पुष्यमित्र शुंग", "देवभूति"], ["कण्व वंश", "वासुदेव कण्व", "सुशर्मन"]]}, "trick_hi": "मौर्यों को 'शुंग' (सूँघ) कर 'कण' (कण्व) में बदल दिया - (Maurya -> Shunga -> Kanva)", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:90", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 90", "topic": "प्राचीन भारत के राजवंश", "q": "प्राचीन भारत के निम्नलिखित राजवंशों पर विचार कीजिए।\n1) शुंग\n2) मौर्य\n3) कुषाण\n4) कण्व\nनिम्नलिखित में से उनके शासन का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है ?", "options": ["2-1-4-3", "1-2-3-4", "2-3-1-4", "2-1-3-4"], "ans": [0], "why_hi": "यह प्रश्न राजवंशों के कालानुक्रम पर आधारित है; मौर्यों के बाद शुंग, फिर कण्व और उसके बाद कुषाण आए।"}, {"id": "bpsc-cce-70-pre:35", "label": "BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 35", "topic": "प्राचीन भारतीय इतिहास", "q": "राजा \"प्रवरसेन\" के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें :\na. वह वाकाटक वंश का वास्तविक संस्थापक था ।\nb. उनका साम्राज्य उत्तर में बुंदेलखंड से लेकर दक्षिण में हैदराबाद तक ।\nc. वह अपने पिता विंध्यशक्ति के उत्तराधिकारी बने ।\nd. उनका उल्लेख पुराणों में मिलता है ।\nनिम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?", "options": ["a और b दोनों", "a और c दोनों", "b, c और d", "उपरोक्त में एक से अधिक"], "ans": [3], "why_hi": "प्रवरसेन वाकाटक वंश का था, जो मौर्योत्तर काल के बाद के क्षेत्रीय राजवंशों के विकास का हिस्सा है।"}]}], "summary_hi": ["चंद्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की सहायता से घनानंद को पराजित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की।", "सेल्यूकस निकेटर के साथ संधि के तहत चंद्रगुप्त को काबुल, कंधार, हेरात और मकरान मिले, तथा मेगस्थनीज पाटलिपुत्र आया।", "मेगस्थनीज की 'इंडिका' में पाटलिपुत्र के प्रशासन हेतु 6 समितियों (प्रत्येक में 5 सदस्य) का वर्णन है।", "कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सप्तांग सिद्धांत और विस्तृत प्रशासन प्रणाली का उल्लेख है।", "बिंदुसार को यूनानी स्रोतों में 'अमित्रघात' कहा गया और उनके शासनकाल में डाइमेकस भारत आया।", "अशोक ने 261 ईसा पूर्व में कलिंग युद्ध जीता, जिसका उल्लेख उनके 13वें बृहत् शिलालेख में मिलता है।", "बिहार में अशोक के प्रमुख स्तंभ लेख लौरिया नंदनगढ़ (पश्चिम चंपारण), रामपूर्वा (पश्चिम चंपारण) और लौरिया अरेराज (पूर्वी चंपारण) में स्थित हैं।", "मौर्य प्रशासन में राजस्व एकत्र करने वाला मुख्य अधिकारी 'समाहर्ता' और कोषाध्यक्ष 'सन्निधाता' कहलाता था।", "गुप्तचर विभाग के प्रमुख को 'सर्पमहामात्र' और गुप्तचरों को 'गुढ़पुरुष' कहा जाता था।", "जहानाबाद की बराबर पहाड़ियों में लोमस ऋषि और सुदामा गुफाएँ अशोक एवं दशरथ द्वारा आजीविकों के लिए बनवाई गईं।", "दीदारगंज (पटना) से प्राप्त 'चामरधारिणी यक्षी' की मूर्ति मौर्यकालीन मूर्तिकला एवं ओपदार पॉलिश का सर्वोत्तम उदाहरण है।", "185 ईसा पूर्व में सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य राजा बृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की।"], "summary_en": ["Chandragupta Maurya founded the empire by defeating Dhanananda with the guidance of Chanakya.", "Under the treaty with Seleucus Nicator, Chandragupta received Kabul, Kandahar, Herat, and Makran, and Megasthenes visited Pataliputra.", "Megasthenes' 'Indica' describes the city administration of Pataliputra being run by 6 committees of 5 members each.", "Kautilya's 'Arthashastra' outlines the Saptanga theory and a detailed system of statecraft and governance.", "Bindusara was called 'Amitraghata' in Greek texts, and Deimachus visited his court as an ambassador.", "Ashoka fought the Kalinga War in 261 BCE, detailed in his 13th Major Rock Edict, leading to his adoption of Dhamma.", "Major Ashokan pillar edicts in Bihar are located at Lauriya Nandangarh (West Champaran), Rampurva (West Champaran), and Lauriya Araraj (East Champaran).", "In Mauryan administration, 'Samaharta' was the chief revenue collector and 'Sannidhata' was the chief treasurer.", "The espionage department was headed by 'Sarpamahamatra' and spies were called 'Gudhapurushas'.", "Barabar Caves (Lomas Rishi, Sudama) in Jehanabad were excavated by Ashoka and Dasharatha for Ajivika ascetics.", "The Didarganj Yakshi statue from Patna showcases the finest level of Mauryan stone polishing technique.", "In 185 BCE, commander-in-chief Pushyamitra Shunga assassinated the last ruler Brihadratha to found the Shunga dynasty."]}