{"kind": "gs", "intro_hi": "यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार में तुर्क आक्रमण, दिल्ली सल्तनत के प्रभाव और शेरशाह सूरी के उदय को जोड़ता है। इसमें बिहार की प्रशासनिक पहचान और सांस्कृतिक समन्वय (भक्ति-सूफी) के विकास पर चर्चा की गई है।", "intro_en": "This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it bridges Turkish invasions in Bihar, the influence of the Delhi Sultanate, and the rise of Sher Shah Suri. It discusses the development of Bihar's administrative identity and cultural synthesis through Bhakti-Sufi movements.", "subtopics": [{"name_hi": "तुर्की आक्रमण और बिहार में बख्तियार खिलजी", "name_en": "Turkish Invasions and Bakhtiyar Khilji in Bihar", "explain_hi": "बिहार में तुर्की शासन की वास्तविक नींव 12वीं शताब्दी के अंत में इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी द्वारा रखी गई थी। उसने नालंदा और विक्रमशिला जैसे महान विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया और ओदंतपुरी पर विजय प्राप्त की। बख्तियार खिलजी के बाद, बिहार दिल्ली के सुल्तानों और बंगाल के शासकों के बीच संघर्ष का मुख्य केंद्र बन गया। इल्तुतमिश दिल्ली का पहला सुल्तान था जिसने 1225 में बिहार पर सैन्य अभियान चलाया और इसे अपने नियंत्रण में लिया। दिल्ली सल्तनत के दौरान बिहार पर गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंशों का प्रभाव रहा। यह काल बिहार की राजनीतिक सीमाओं के पुनर्गठन और इस्लामी संस्कृति के आगमन का गवाह बना।", "explain_en": "The real foundation of Turkish rule in Bihar was laid by Ikhtiyaruddin Muhammad bin Bakhtiyar Khilji at the end of the 12th century. He destroyed the great universities of Nalanda and Vikramshila and conquered Odantapuri. Following Khilji, Bihar became a major battleground for conflict between the Delhi Sultans and the rulers of Bengal. Iltutmish was the first Sultan of Delhi to lead a military campaign into Bihar in 1225 and bring it under his control. During the Delhi Sultanate, Bihar was influenced by the Slave, Khilji, Tughlaq, Sayyid, and Lodi dynasties. This period witnessed the reorganization of Bihar's political boundaries and the arrival of Islamic culture.", "facts": [{"hi": "बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।", "en": "Bakhtiyar Khilji destroyed Nalanda University and Vikramshila University."}, {"hi": "इल्तुतमिश बिहार पर अभियान चलाने वाला दिल्ली का पहला सुल्तान था (1225 ई.)।", "en": "Iltutmish was the first Sultan of Delhi to campaign in Bihar (1225 AD)."}, {"hi": "इल्तुतमिश ने बंगाल के शासक हिसामुद्दीन इवाज को हराकर बिहार पर अधिकार किया था।", "en": "Iltutmish captured Bihar after defeating the Bengal ruler Hisamuddin Iwaz."}, {"hi": "इल्तुतमिश ने मलिक जानी को बिहार का अपना पहला सूबेदार (राज्यपाल) नियुक्त किया था।", "en": "Iltutmish appointed Malik Jani as his first Governor (Subedar) of Bihar."}, {"hi": "दिल्ली सल्तनत के वंशों का क्रम: गुलाम (1206-90), खिलजी (1290-1320), तुगलक (1320-1414), सैयद (1414-51), लोदी (1451-1526)।", "en": "Order of Delhi Sultanate dynasties: Slave (1206-90), Khilji (1290-1320), Tughlaq (1320-1414), Sayyid (1414-51), Lodi (1451-1526)."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी ने अपनी राजधानी लखनौती (बंगाल) में स्थापित की थी।", "en": "Bakhtiyar Khilji established his capital at Lakhnauti (Bengal)."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी की हत्या उसके अपने ही अधिकारी अली मर्दान खिलजी ने की थी।", "en": "Bakhtiyar Khilji was assassinated by his own officer, Ali Mardan Khilji."}, {"hi": "लोदी वंश के बहलोल लोदी ने दिल्ली सल्तनत में सबसे लंबे समय तक शासन किया था।", "en": "Bahlul Lodi of the Lodi dynasty ruled for the longest duration in the Delhi Sultanate."}], "examples": [{"q": "बिहार में तुर्की सत्ता का वास्तविक संस्थापक कौन था?", "options": ["मलिक जानी", "इल्तुतमिश", "बख्तियार खिलजी", "कुतुबुद्दीन ऐबक"], "ans": 2, "why": "बख्तियार खिलजी ने 1198 में बिहार में तुर्की शासन की नींव रखी थी।"}, {"q": "इल्तुतमिश ने बिहार में अपना प्रथम सूबेदार किसे नियुक्त किया था?", "options": ["ऐवाज़", "नासिरुद्दीन महमूद", "अली मर्दान", "मलिक जानी"], "ans": 3, "why": "1225 में बिहार अभियान के बाद इल्तुतमिश ने मलिक जानी को राज्यपाल बनाया था।"}, {"q": "दिल्ली सल्तनत के वंशों को सही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें:", "options": ["गुलाम, तुगलक, खिलजी, सैयद, लोदी", "गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी", "खिलजी, गुलाम, तुगलक, लोदी, सैयद", "तुगलक, खिलजी, गुलाम, सैयद, लोदी"], "ans": 1, "why": "सल्तनत का सही क्रम गुलाम (1206), खिलजी (1290), तुगलक (1320), सैयद (1414) और लोदी (1451) है।"}, {"q": "बख्तियार खिलजी के बिहार आक्रमण का विस्तृत विवरण किस पुस्तक में मिलता है?", "options": ["तारीख-ए-फिरोजशाही", "तबकात-ए-नासिरी", "अकबरनामा", "तुजुक-ए-बाबरी"], "ans": 1, "why": "मिन्हास-उस-सिराज की 'तबकात-ए-नासिरी' में बख्तियार खिलजी के अभियानों का वर्णन है।"}, {"q": "नालंदा विश्वविद्यालय को किसने नष्ट किया था?", "options": ["अलाउद्दीन खिलजी", "बख्तियार खिलजी", "मोहम्मद गौरी", "महमूद गजनवी"], "ans": 1, "why": "बख्तियार खिलजी ने बिहार विजय के दौरान नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को जला दिया था।"}], "asked_hi": "BPSC अक्सर बख्तियार खिलजी के आक्रमण के वर्ष, नष्ट किए गए विश्वविद्यालयों और इल्तुतमिश द्वारा नियुक्त पहले सूबेदार के बारे में प्रश्न पूछता है। सल्तनत काल के वंशों का क्रम भी एक पसंदीदा विषय है।", "asked_en": "BPSC frequently asks about the year of Bakhtiyar Khilji's invasion, the universities destroyed, and the first governor appointed by Iltutmish. The chronological order of Sultanate dynasties is also a favorite topic.", "confusions_hi": ["बख्तियार खिलजी और अलाउद्दीन खिलजी के बीच भ्रमित न हों; बख्तियार ने बिहार जीता था जबकि अलाउद्दीन बाद का सुल्तान था।", "इल्तुतमिश बिहार आने वाला पहला सुल्तान था, न कि कुतुबुद्दीन ऐबक।"], "table": {"head": ["वंश", "संस्थापक", "समय अवधि"], "rows": [["गुलाम वंश", "कुतुबुद्दीन ऐबक", "1206 - 1290 ई."], ["खिलजी वंश", "जलालुद्दीन खिलजी", "1290 - 1320 ई."], ["तुगलक वंश", "गयासुद्दीन तुगलक", "1320 - 1414 ई."], ["सैयद वंश", "खिज्र खाँ", "1414 - 1451 ई."], ["लोदी वंश", "बहलोल लोदी", "1451 - 1526 ई."]]}, "trick_hi": "सल्तनत वंश क्रम के लिए: 'गुलाब खिले तो साँस लो' (गु-गुलाम, खि-खिलजी, तो-तुगलक, साँ-सैयद, लो-लोदी)", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:89", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 89", "topic": "मध्यकालीन भारत", "q": "निम्नलिखित शासकों में से किसने सबसे अधिक समय तक शासन किया ?", "options": ["अलाउद्दीन खिलजी", "मुहम्मद बिन तुगलक", "बहलोल लोदी", "बलबन"], "ans": [2], "why_hi": "बहलोल लोदी (लोदी वंश) ने दिल्ली सल्तनत के सभी सुल्तानों में सबसे लंबे समय (38 वर्ष) तक शासन किया था।"}]}, {"name_hi": "सल्तनत काल में बिहार: तुगलक शासन और सूफी संत", "name_en": "Bihar under the Sultanate: Tughlaq Rule and Sufi Saints", "explain_hi": "तुगलक काल बिहार के इतिहास में प्रशासनिक स्थिरता और सांस्कृतिक विकास का एक महत्वपूर्ण चरण था। गयासुद्दीन तुगलक के बंगाल अभियान के बाद बिहार पर दिल्ली सल्तनत का नियंत्रण और अधिक मजबूत हो गया। इस दौरान बिहार की राजधानी 'बिहार शरीफ' थी, जो शिक्षा और सूफी मत का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी। मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) जैसे प्रशासकों ने इस क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी काल में सूफी संतों, विशेषकर मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी के प्रभाव से बिहार में फिरदौसिया सिलसिले का प्रसार हुआ। उनकी दरगाह आज भी बिहार की साझा संस्कृति और धार्मिक सद्भाव का एक जीवंत प्रतीक मानी जाती है।", "explain_en": "The Tughlaq period was a significant phase of administrative stability and cultural development in Bihar's history. Following Ghiyasuddin Tughlaq's Bengal campaign, the Delhi Sultanate's control over Bihar became much stronger. During this time, 'Bihar Sharif' served as the capital of Bihar, emerging as a major center for education and Sufism. Administrators like Malik Ibrahim (Malik Bayan) played a crucial role in maintaining peace and order in the region. This era also saw the spread of the Firdausia order of Sufism under the influence of saints like Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri. His shrine remains a living symbol of Bihar's shared culture and religious harmony.", "facts": [{"hi": "तुगलक काल के दौरान बिहार की राजधानी बिहार शरीफ थी।", "en": "Bihar Sharif was the capital of Bihar during the Tughlaq period."}, {"hi": "गयासुद्दीन तुगलक ने 1324-25 में अपने बंगाल अभियान के दौरान बिहार के क्षेत्रों पर अधिकार किया था।", "en": "Ghiyasuddin Tughlaq captured regions of Bihar during his Bengal campaign in 1324-25."}, {"hi": "फिरोज शाह तुगलक ने 1359 में अपने बंगाल अभियान के दौरान बिहार का दौरा किया था।", "en": "Firoz Shah Tughlaq visited Bihar during his Bengal campaign in 1359."}, {"hi": "फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल के शिलालेख पटना और बिहार शरीफ से प्राप्त हुए हैं।", "en": "Inscriptions from the reign of Firoz Shah Tughlaq have been found in Patna and Bihar Sharif."}, {"hi": "मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) तुगलक काल में बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासक था।", "en": "Malik Ibrahim (Malik Bayan) was a very important administrator of Bihar during the Tughlaq period."}, {"hi": "मलिक इब्राहिम का मकबरा बिहार शरीफ की बड़ी पहाड़ी पर स्थित है।", "en": "The tomb of Malik Ibrahim is located on the Big Hill (Badi Pahari) of Bihar Sharif."}, {"hi": "मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित सूफी संत थे।", "en": "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was the most famous and respected Sufi saint of Bihar."}, {"hi": "मनेरी साहब का मकबरा बिहार शरीफ में 'बड़ी दरगाह' के नाम से जाना जाता है।", "en": "The tomb of Maneri Sahab is known as 'Badi Dargah' in Bihar Sharif."}, {"hi": "मखदूम मनेरी की पुण्यतिथि पर बिहार शरीफ में 5 दिवसीय वार्षिक 'उर्स' का आयोजन किया जाता है।", "en": "A 5-day annual 'Urs' is organized in Bihar Sharif on the death anniversary of Makhdum Maneri."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी की हत्या अली मर्दान ने की थी और उसे बिहार शरीफ के इमादपुर में दफनाया गया था।", "en": "Bakhtiyar Khilji was murdered by Ali Mardan and buried at Imadpur in Bihar Sharif."}], "examples": [{"q": "तुगलक काल के दौरान बिहार की राजधानी निम्नलिखित में से कौन सी थी?", "options": ["पटना", "बिहार शरीफ", "मुंगेर", "भागलपुर"], "ans": 1, "why": "तुगलक काल में बिहार की प्रशासनिक राजधानी बिहार शरीफ थी।"}, {"q": "प्रसिद्ध सूफी संत मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी की दरगाह कहाँ स्थित है?", "options": ["मनेर", "फुलवारी शरीफ", "बिहार शरीफ", "सासाराम"], "ans": 2, "why": "मखदूम मनेरी की दरगाह बिहार शरीफ की 'बड़ी दरगाह' में स्थित है।"}, {"q": "मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) का मकबरा बिहार के किस स्थान पर है?", "options": ["बिहार शरीफ", "रोहतासगढ़", "पटना", "गया"], "ans": 0, "why": "मलिक इब्राहिम तुगलक काल का प्रशासक था जिसका मकबरा बिहार शरीफ में है।"}, {"q": "बिहार शरीफ में मखदूम मनेरी की याद में आयोजित होने वाला 'उर्स' कितने दिनों का होता है?", "options": ["3 दिन", "5 दिन", "7 दिन", "10 दिन"], "ans": 1, "why": "स्रोत के अनुसार, बिहार शरीफ में 5 दिवसीय वार्षिक उर्स मनाया जाता है।"}, {"q": "बख्तियार खिलजी को बिहार में कहाँ दफनाया गया था?", "options": ["मनेर", "इमादपुर (बिहार शरीफ)", "ओदंतपुरी", "लखनौती"], "ans": 1, "why": "बख्तियार खिलजी का मकबरा बिहार शरीफ के इमादपुर में स्थित है।"}], "asked_hi": "BPSC में इस उप-विषय से अक्सर सूफी संतों के स्थान, तुगलक कालीन राजधानी और प्रमुख मध्यकालीन मकबरों के बारे में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।", "asked_en": "In BPSC, direct questions are often asked from this sub-topic regarding the locations of Sufi saints, the Tughlaq-era capital, and major medieval tombs.", "confusions_hi": ["छात्र अक्सर मखदूम मनेरी की दरगाह को 'मनेर' में समझ लेते हैं, जबकि उनकी मुख्य दरगाह (बड़ी दरगाह) बिहार शरीफ में है।", "बख्तियार खिलजी और मलिक इब्राहिम दोनों के मकबरे बिहार शरीफ में हैं, लेकिन उनके स्थान (इमादपुर और बड़ी पहाड़ी) अलग-अलग हैं।"], "table": {"head": ["व्यक्तित्व/स्थान", "महत्व", "शहर/स्थान"], "rows": [["मखदूम शर्फुद्दीन मनेरी", "प्रसिद्ध सूफी संत (बड़ी दरगाह)", "बिहार शरीफ"], ["मलिक इब्राहिम (मलिक बयां)", "तुगलक कालीन प्रशासक", "बिहार शरीफ"], ["बख्तियार खिलजी", "तुर्क शासन का संस्थापक (मकबरा)", "इमादपुर, बिहार शरीफ"], ["ओदंतपुरी", "प्रथम तुर्क विजय (1198)", "बिहार शरीफ"], ["फिरोज शाह तुगलक", "शिलालेख प्राप्ति स्थल", "पटना और बिहार शरीफ"]]}, "trick_hi": "तुगलक ने बिहार को 'शरीफ' (बिहार शरीफ) बनाया - इससे याद रहेगा कि तुगलक काल में राजधानी बिहार शरीफ थी।", "pyqs": []}, {"name_hi": "शेर शाह सूरी और सूर साम्राज्य", "name_en": "Sher Shah Suri and the Sur Empire", "explain_hi": "शेर शाह सूरी (मूल नाम फरीद खान) बिहार की धरती से उपजा एक महान अफगान शासक था जिसने दिल्ली में द्वितीय अफगान साम्राज्य की स्थापना की। उसने 1539 में चौसा और 1540 में कन्नौज (बिलग्राम) के युद्ध में मुगल सम्राट हुमायूँ को पराजित कर उसे भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उसका शासनकाल मात्र 5 वर्ष (1540-1545) का था, लेकिन उसके प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों ने भविष्य के मुगल और ब्रिटिश प्रशासन का आधार तैयार किया। उसने 'रुपया' नामक चांदी का सिक्का चलाया और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण कराया। बिहार के सासाराम में स्थित उसका मकबरा इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है, जो एक झील के बीच में बना है। उसने 1541 में पाटलिपुत्र का पुनरुद्धार कर उसका नाम 'पटना' रखा और इसे बिहार की प्रांतीय राजधानी बनाया।", "explain_en": "Sher Shah Suri (original name Farid Khan) was a formidable Afghan ruler from Bihar who established the second Afghan Empire in Delhi. He defeated the Mughal Emperor Humayun in the Battle of Chausa (1539) and the Battle of Kannauj (1540), forcing him into exile. Although his reign lasted only five years (1540-1545), his administrative and economic reforms laid the foundation for future Mughal and British governance. He introduced the silver coin 'Rupiya' and constructed the Grand Trunk Road to facilitate trade and communication. His tomb in Sasaram, Bihar, is a masterpiece of Indo-Islamic architecture situated in the middle of a lake. In 1541, he revived Pataliputra, renamed it 'Patna', and made it the provincial capital of Bihar.", "facts": [{"hi": "शेर शाह का बचपन का नाम फरीद खान था और उसने सासाराम में अपने पिता की जागीर का प्रबंधन सीखा था।", "en": "Sher Shah's childhood name was Farid Khan, and he learned to manage his father's jagir in Sasaram."}, {"hi": "बिहार के सूबेदार बहार खान लोहानी ने फरीद को एक शेर मारने पर 'शेर खान' की उपाधि दी थी।", "en": "Bahar Khan Lohani, the governor of Bihar, gave Farid the title 'Sher Khan' for killing a tiger."}, {"hi": "1539 में चौसा के युद्ध में हुमायूँ को हराने के बाद उसने 'शेर शाह' की उपाधि धारण की।", "en": "He assumed the title 'Sher Shah' after defeating Humayun in the Battle of Chausa in 1539."}, {"hi": "1540 में कन्नौज (बिलग्राम) के युद्ध में हुमायूँ को अंतिम रूप से पराजित कर उसने दिल्ली के सिंहासन पर अधिकार किया।", "en": "He captured the throne of Delhi after decisively defeating Humayun in the Battle of Kannauj (Bilgram) in 1540."}, {"hi": "शेर शाह ने 1541 में पाटलिपुत्र का नाम बदलकर 'पटना' रखा।", "en": "Sher Shah renamed Pataliputra as 'Patna' in 1541."}, {"hi": "उसने आधुनिक 'रुपया' (चांदी का सिक्का, 178 ग्रेन) और 'दाम' (तांबे का सिक्का) की शुरुआत की।", "en": "He introduced the modern 'Rupiya' (silver coin, 178 grains) and 'Dam' (copper coin)."}, {"hi": "उसने बंगाल के सोनारगाँव से उत्तर-पश्चिम में पेशावर तक 'सड़क-ए-आज़म' (ग्रैंड ट्रंक रोड) का निर्माण कराया।", "en": "He built the 'Sadak-e-Azam' (Grand Trunk Road) from Sonargaon in Bengal to Peshawar in the northwest."}, {"hi": "सासाराम में शेर शाह का मकबरा अष्टकोणीय (Octagonal) आकार का है और एक कृत्रिम झील के बीच स्थित है।", "en": "Sher Shah's tomb in Sasaram is octagonal in shape and situated in the middle of an artificial lake."}, {"hi": "उसने रोहतासगढ़ किले (बिहार) और झेलम के पास रोहतास किले (पाकिस्तान) का निर्माण करवाया।", "en": "He built the Rohtasgarh Fort (Bihar) and the Rohtas Fort near Jhelum (Pakistan)."}, {"hi": "1545 में कालिंजर के किले के घेराबंदी के दौरान 'उक्का' नामक आग्नेयास्त्र चलाते समय उसकी मृत्यु हो गई।", "en": "He died in 1545 during the siege of Kalinjar fort while operating a firearm called 'Ukka'."}, {"hi": "मलिक मोहम्मद जायसी, जिन्होंने 'पद्मावत' लिखी, शेर शाह के समकालीन थे।", "en": "Malik Muhammad Jayasi, who wrote 'Padmavat', was a contemporary of Sher Shah."}, {"hi": "शेर शाह के बाद उसका पुत्र इस्लाम शाह सूरी उत्तराधिकारी बना।", "en": "Sher Shah was succeeded by his son, Islam Shah Suri."}], "examples": [{"q": "शेर शाह सूरी ने किस युद्ध के पश्चात 'शेर शाह' की उपाधि धारण की थी?", "options": ["कन्नौज का युद्ध", "चौसा का युद्ध", "सूरजगढ़ का युद्ध", "कालिंजर का युद्ध"], "ans": 1, "why": "1539 में चौसा के युद्ध में हुमायूँ को हराने के बाद फरीद खान ने 'शेर शाह' की उपाधि ली थी।"}, {"q": "शेर शाह सूरी का मकबरा कहाँ स्थित है?", "options": ["दिल्ली", "आगरा", "सासाराम", "पटना"], "ans": 2, "why": "शेर शाह का प्रसिद्ध अष्टकोणीय मकबरा बिहार के सासाराम में एक झील के बीच स्थित है।"}, {"q": "मध्यकालीन भारत में 'रुपया' नामक सिक्का सर्वप्रथम किसने चलाया था?", "options": ["अकबर", "अलाउद्दीन खिलजी", "शेर शाह सूरी", "इल्तुतमिश"], "ans": 2, "why": "शेर शाह सूरी ने मुद्रा सुधार के तहत 178 ग्रेन का चांदी का रुपया पेश किया था।"}, {"q": "शेर शाह सूरी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?", "options": ["उसने 1541 में पटना का नामकरण किया।", "उसने ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण कराया।", "उसका बचपन का नाम फरीद था।", "उपरोक्त सभी"], "ans": 3, "why": "ये सभी तथ्य शेर शाह सूरी के जीवन और सुधारों से संबंधित और सही हैं।"}, {"q": "शेर शाह सूरी की मृत्यु किस अभियान के दौरान हुई थी?", "options": ["मारवाड़ अभियान", "कालिंजर अभियान", "रायसीन अभियान", "बंगाल अभियान"], "ans": 1, "why": "1545 में कालिंजर किले की घेराबंदी के दौरान बारूद के विस्फोट के कारण शेर शाह की मृत्यु हुई थी।"}], "asked_hi": "BPSC में शेर शाह सूरी से संबंधित प्रश्न अक्सर उसके युद्धों (चौसा और कन्नौज) के वर्ष, उसके द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधार (विशेषकर रुपया और लगान व्यवस्था), और सासाराम स्थित उसके मकबरे की वास्तुकला पर पूछे जाते हैं।", "asked_en": "In BPSC, questions related to Sher Shah Suri are frequently asked about the years of his battles (Chausa and Kannauj), his administrative reforms (especially the Rupiya and land revenue system), and the architecture of his tomb in Sasaram.", "confusions_hi": ["छात्र अक्सर 'शेर खान' और 'शेर शाह' की उपाधियों में भ्रमित होते हैं; शेर खान लोहानी ने दी थी, जबकि शेर शाह उसने स्वयं चौसा के बाद धारण की थी।", "चौसा (1539) और कन्नौज/बिलग्राम (1540) के युद्धों के क्रम और वर्षों में अक्सर गलती होती है।"], "table": {"head": ["घटना/सुधार", "वर्ष", "विवरण"], "rows": [["चौसा का युद्ध", "1539", "हुमायूँ की पराजय, शेर शाह की उपाधि धारण की"], ["कन्नौज का युद्ध", "1540", "हुमायूँ भारत से निष्कासित, दिल्ली पर सूर वंश का अधिकार"], ["पटना का पुनरुद्धार", "1541", "पाटलिपुत्र का नाम बदलकर पटना रखा गया"], ["कालिंजर अभियान", "1545", "शेर शाह की मृत्यु (अंतिम विजय)"], ["मुद्रा सुधार", "1540-45", "चांदी का रुपया और तांबे का दाम चलाया"]]}, "trick_hi": "\"चौसा में शेर दहाड़ा, कन्नौज में दिल्ली पाया\" (1539-चौसा, 1540-कन्नौज/दिल्ली विजय)", "pyqs": []}, {"name_hi": "भक्ति और सूफी आंदोलन", "name_en": "Bhakti and Sufi Movements", "explain_hi": "मध्यकालीन भारत में भक्ति और सूफी आंदोलनों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया। भक्ति आंदोलन के संतों ने ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण पर जोर दिया, जबकि सूफी संतों ने 'वहादत-उल-वजूद' (ईश्वर की एकता) का संदेश दिया। बिहार में सूफी मत का गहरा प्रभाव रहा, विशेषकर फिरदौसी सिलसिले का। मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध सूफी संत थे, जिनका केंद्र बिहार शरीफ था। इन आंदोलनों ने हिंदू-मुस्लिम एकता और क्षेत्रीय भाषाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।", "explain_en": "During medieval India, the Bhakti and Sufi movements aimed to eliminate social evils and discrimination. Bhakti saints emphasized personal love and devotion to God, while Sufi saints spread the message of 'Wahdat-ul-Wajood' (unity of God). Bihar was deeply influenced by Sufism, especially the Firdausi order. Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was the most famous Sufi saint of Bihar, with his center at Bihar Sharif. These movements played a crucial role in fostering Hindu-Muslim unity and the development of regional languages.", "facts": [{"hi": "बिहार में सबसे लोकप्रिय सूफी सिलसिला 'फिरदौसी' था।", "en": "The most popular Sufi order (silsila) in Bihar was the 'Firdausi' order."}, {"hi": "मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी का जन्म मनेर (पटना) में हुआ था और उनकी दरगाह बिहार शरीफ में है।", "en": "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was born in Maner (Patna) and his tomb is in Bihar Sharif."}, {"hi": "मनेरी की प्रसिद्ध रचनाओं में 'मकतूबात-ए-सदी' (100 पत्रों का संग्रह) शामिल है।", "en": "Maneri's famous works include 'Maktubat-e-Sadi' (a collection of 100 letters)."}, {"hi": "उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन लाने का श्रेय स्वामी रामानंद को जाता है।", "en": "The credit for bringing the Bhakti movement to North India goes to Swami Ramananda."}, {"hi": "रामानंद पहले संत थे जिन्होंने अपने उपदेशों के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग किया।", "en": "Ramananda was the first saint to use the Hindi language for his preachings."}, {"hi": "कबीर दास निर्गुण भक्ति के अनुयायी थे और उनकी शिक्षाएं 'बीजक' में संकलित हैं।", "en": "Kabir Das was a follower of Nirguna Bhakti and his teachings are compiled in 'Bijak'."}, {"hi": "बिहार के प्रसिद्ध संत दरिया साहब (भोजपुर) ने 'दरियापंथी' संप्रदाय की स्थापना की।", "en": "The famous saint of Bihar, Dariya Saheb (Bhojpur), founded the 'Dariyapanthi' sect."}, {"hi": "चिश्ती सिलसिले की स्थापना भारत में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने की थी।", "en": "The Chishti order was established in India by Khwaja Moinuddin Chishti."}, {"hi": "गुरु नानक देव ने अपनी यात्रा के दौरान बिहार के राजगीर, पटना और मुंगेर का दौरा किया था।", "en": "Guru Nanak Dev visited Rajgir, Patna, and Munger in Bihar during his travels."}, {"hi": "चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल और बिहार के क्षेत्रों में 'कीर्तन' परंपरा को लोकप्रिय बनाया।", "en": "Chaitanya Mahaprabhu popularized the 'Kirtan' tradition in the regions of Bengal and Bihar."}, {"hi": "सूफी संतों के निवास स्थान को 'खानकाह' कहा जाता था।", "en": "The residence of Sufi saints was known as 'Khanqah'."}, {"hi": "सुहरावर्दी सिलसिला मुख्य रूप से पंजाब और सिंध के क्षेत्रों में सक्रिय था।", "en": "The Suhrawardi order was primarily active in the regions of Punjab and Sindh."}, {"hi": "मखदूम मनेरी के गुरु का नाम ख्वाजा नजमुद्दीन फिरदौसी था।", "en": "The name of Makhdum Maneri's teacher was Khwaja Najmuddin Firdausi."}, {"hi": "बिहार में कादिरी सिलसिले के प्रमुख संत शाह कुमेश आजम थे।", "en": "Shah Kumesh Azam was a prominent saint of the Qadiri order in Bihar."}], "examples": [{"q": "बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय सूफी सिलसिला कौन सा था?", "options": ["फिरदौसी", "चिश्ती", "सुहरावर्दी", "कादिरी"], "ans": 0, "why": "बिहार में फिरदौसी सिलसिला सबसे अधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय था।"}, {"q": "'मकतूबात-ए-सदी' नामक प्रसिद्ध पत्रों के संग्रह के लेखक कौन हैं?", "options": ["अमीर खुसरो", "मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी", "निजामुद्दीन औलिया", "बाबा फरीद"], "ans": 1, "why": "मखदूम मनेरी ने अपने शिष्यों को लिखे 100 पत्रों का संग्रह 'मकतूबात-ए-सदी' के नाम से किया था।"}, {"q": "निम्नलिखित में से कौन से संत बिहार के भोजपुर क्षेत्र से संबंधित हैं और 'दरियापंथी' संप्रदाय चलाया?", "options": ["कबीर", "रामानंद", "दरिया साहब", "गुरु नानक"], "ans": 2, "why": "दरिया साहब बिहार के एक प्रसिद्ध संत थे जिन्होंने समन्वयवादी दरियापंथी संप्रदाय की स्थापना की।"}, {"q": "भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में लोकप्रिय बनाने का श्रेय किसे दिया जाता है?", "options": ["चैतन्य", "रामानंद", "तुकाराम", "नामदेव"], "ans": 1, "why": "रामानंद ने दक्षिण भारत से भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में लाकर इसे आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।"}, {"q": "सूफी शब्दावली में 'खानकाह' का क्या अर्थ है?", "options": ["मस्जिद", "पाठशाला", "सूफी संतों का निवास स्थान", "बाजार"], "ans": 2, "why": "खानकाह वह स्थान होता था जहाँ सूफी संत रहते थे और अपने उपदेश देते थे।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें: (A) रामानंद - 1. निर्गुण, (B) कबीर - 2. उत्तर भारत में भक्ति, (C) चैतन्य - 3. बिहार के संत, (D) दरिया साहब - 4. कीर्तन परंपरा", "options": ["A-2, B-1, C-4, D-3", "A-1, B-2, C-3, D-4", "A-4, B-3, C-2, D-1", "A-3, B-4, C-1, D-2"], "ans": 0, "why": "रामानंद उत्तर भारत में भक्ति लाए, कबीर निर्गुण थे, चैतन्य कीर्तन के लिए प्रसिद्ध थे और दरिया साहब बिहार से थे।"}], "asked_hi": "BPSC में बिहार के सूफी सिलसिलों (विशेषकर फिरदौसी) और मखदूम मनेरी की रचनाओं पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। भक्ति संतों के दर्शन और उनके द्वारा प्रयुक्त भाषा पर भी प्रश्न आते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions about Sufi orders in Bihar (especially Firdausi) and the works of Makhdum Maneri. Questions also appear on the philosophy of Bhakti saints and the languages they used.", "confusions_hi": ["मखदूम यहया मनेरी (बड़ी दरगाह) और मखदूम शाह दौलत (छोटी दरगाह) के बीच भ्रम न करें; दोनों मनेर से संबंधित हैं लेकिन यहया मनेरी फिरदौसी सिलसिले के मुख्य संत थे।", "सगुण (मूर्ति पूजा) और निर्गुण (निराकार ईश्वर) संतों के वर्गीकरण में सावधानी बरतें।"], "table": {"head": ["सिलसिला/संत", "प्रमुख केंद्र", "विशेषता/योगदान"], "rows": [["फिरदौसी", "बिहार शरीफ", "बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय सिलसिला"], ["चिश्ती", "अजमेर", "भारत में सबसे पुराना और व्यापक सिलसिला"], ["रामानंद", "वाराणसी", "भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत लाए, हिंदी का प्रयोग"], ["दरिया साहब", "भोजपुर (बिहार)", "दरियापंथी संप्रदाय, हिंदू-मुस्लिम एकता"], ["चैतन्य महाप्रभु", "बंगाल/बिहार", "गौड़ीय वैष्णववाद और कीर्तन परंपरा"]]}, "trick_hi": "बिहार में 'फिर' से 'मने' (फिर = फिरदौसी, मने = मनेरी) - इससे याद रहेगा कि बिहार में फिरदौसी सिलसिला और मनेरी साहब प्रसिद्ध थे।", "pyqs": []}, {"name_hi": "विजयनगर और बहमनी साम्राज्य (शासक और यात्री)", "name_en": "Vijayanagara and Bahmani Kingdoms (Rulers and Travellers)", "explain_hi": "14वीं शताब्दी में दक्षिण भारत में दो शक्तिशाली साम्राज्यों का उदय हुआ - हिंदू विजयनगर साम्राज्य और मुस्लिम बहमनी सल्तनत। विजयनगर की स्थापना 1336 में हरिहर और बुक्का ने तुंगभद्रा नदी के तट पर की थी, जबकि बहमनी की स्थापना 1347 में हसन गंगू ने की थी। इन दोनों साम्राज्यों के बीच रायचूर दोआब (कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच का क्षेत्र) को लेकर निरंतर संघर्ष चलता रहा। विजयनगर अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष और कृष्णदेव राय जैसे महान शासकों के लिए जाना जाता है। बहमनी साम्राज्य बाद में पाँच स्वतंत्र सल्तनतों में विभाजित हो गया। विदेशी यात्रियों के विवरण इन साम्राज्यों के वैभव और प्रशासन को समझने के प्रमुख स्रोत हैं।", "explain_en": "In the 14th century, two powerful empires emerged in South India: the Hindu Vijayanagara Empire and the Muslim Bahmani Sultanate. Vijayanagara was founded in 1336 by Harihara and Bukka on the banks of the Tungabhadra River, while Bahmani was established in 1347 by Hasan Gangu. A continuous conflict persisted between them over the fertile Raichur Doab (the land between Krishna and Tungabhadra rivers). Vijayanagara is renowned for its cultural zenith and great rulers like Krishnadeva Raya. The Bahmani kingdom later disintegrated into five independent sultanates. Accounts from foreign travelers are primary sources for understanding the grandeur and administration of these empires.", "facts": [{"hi": "विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में संगम वंश के हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने की थी।", "en": "The Vijayanagara Empire was founded in 1336 AD by Harihara I and Bukka Raya I of the Sangama dynasty."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 ई. में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने की थी।", "en": "The Bahmani Kingdom was founded in 1347 AD by Alauddin Hasan Bahman Shah (Hasan Gangu)."}, {"hi": "विजयनगर की राजधानी हम्पी (तुंगभद्रा नदी के किनारे) थी, जो वर्तमान कर्नाटक में स्थित है।", "en": "The capital of Vijayanagara was Hampi (on the banks of the Tungabhadra River), located in present-day Karnataka."}, {"hi": "कृष्णदेव राय (1509-1529) विजयनगर के सबसे महान शासक थे, जो तुलुव वंश से संबंधित थे।", "en": "Krishnadeva Raya (1509-1529) was the greatest ruler of Vijayanagara, belonging to the Tuluva dynasty."}, {"hi": "कृष्णदेव राय ने तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' और संस्कृत नाटक 'जाम्बवती कल्याणम' की रचना की।", "en": "Krishnadeva Raya authored the Telugu work 'Amuktamalyada' and the Sanskrit drama 'Jambavati Kalyanam'."}, {"hi": "इतालवी यात्री निकोलो कोंटी 1420 ई. में देवराय प्रथम के शासनकाल में विजयनगर आया था।", "en": "Italian traveler Nicolo Conti visited Vijayanagara in 1420 AD during the reign of Deva Raya I."}, {"hi": "फारसी राजदूत अब्दुल रज्जाक 1443 ई. में देवराय द्वितीय के दरबार में आया था।", "en": "Persian ambassador Abdur Razzaq visited the court of Deva Raya II in 1443 AD."}, {"hi": "पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस और बारबोसा कृष्णदेव राय के शासनकाल के दौरान विजयनगर आए थे।", "en": "Portuguese travelers Domingo Paes and Barbosa visited Vijayanagara during the reign of Krishnadeva Raya."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी गुलबर्गा थी, जिसे बाद में अहमद शाह ने बीदर स्थानांतरित कर दिया था।", "en": "The initial capital of the Bahmani Kingdom was Gulbarga, which was later shifted to Bidar by Ahmad Shah."}, {"hi": "प्रसिद्ध मदरसा-ए-महमुद गवां बीदर में स्थित है, जिसे बहमनी वजीर महमूद गवां ने बनवाया था।", "en": "The famous Madrasa of Mahmud Gawan is located in Bidar, built by the Bahmani Wazir Mahmud Gawan."}, {"hi": "तालीकोटा का युद्ध (राक्षस-तांगड़ी) 1565 ई. में हुआ, जिसमें विजयनगर की संयुक्त मुस्लिम सेनाओं से हार हुई।", "en": "The Battle of Talikota (Rakshasa-Tangadi) took place in 1565 AD, where Vijayanagara was defeated by combined Muslim forces."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य पाँच राज्यों में टूटा: बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, बरार और बीदर।", "en": "The Bahmani Kingdom split into five states: Bijapur, Golconda, Ahmednagar, Berar, and Bidar."}, {"hi": "रूसी यात्री अफानासी निकितिन ने 1470 ई. में बहमनी साम्राज्य की यात्रा की थी।", "en": "Russian traveler Afanasy Nikitin visited the Bahmani Kingdom in 1470 AD."}], "examples": [{"q": "विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की थी?", "options": ["देवराय प्रथम", "हरिहर द्वितीय", "कृष्णदेव राय", "अच्युत देव राय"], "ans": 2, "why": "कृष्णदेव राय ने तेलुगु भाषा में राजनीति पर आधारित ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' लिखा था।"}, {"q": "फारसी यात्री अब्दुल रज्जाक किसके शासनकाल में विजयनगर आया था?", "options": ["देवराय प्रथम", "देवराय द्वितीय", "कृष्णदेव राय", "सदाशिव राय"], "ans": 1, "why": "अब्दुल रज्जाक 1443 ई. में संगम वंश के राजा देवराय द्वितीय के दरबार में आया था।"}, {"q": "तालीकोटा का प्रसिद्ध युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?", "options": ["1526 ई.", "1556 ई.", "1565 ई.", "1576 ई."], "ans": 2, "why": "1565 ई. में तालीकोटा के युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य के वैभव का अंत कर दिया।"}, {"q": "बहमनी साम्राज्य का संस्थापक कौन था?", "options": ["महमूद गवां", "अलाउद्दीन बहमन शाह", "मुजाहिद शाह", "फिरोज शाह बहमनी"], "ans": 1, "why": "अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने 1347 ई. में बहमनी साम्राज्य की नींव रखी थी।"}, {"q": "निकोलो कोंटी, जो एक इतालवी यात्री था, किसके शासनकाल में विजयनगर आया?", "options": ["हरिहर प्रथम", "बुक्का प्रथम", "देवराय प्रथम", "कृष्णदेव राय"], "ans": 2, "why": "निकोलो कोंटी 1420 ई. में देवराय प्रथम के समय विजयनगर की यात्रा पर आया था।"}], "asked_hi": "BPSC अक्सर विजयनगर के संस्थापकों, विदेशी यात्रियों (मिलान करने वाले प्रश्न) और कृष्णदेव राय की साहित्यिक कृतियों के बारे में पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks about the founders of Vijayanagara, foreign travelers (matching type questions), and the literary works of Krishnadeva Raya.", "confusions_hi": ["निकोलो कोंटी (इटली) और अब्दुल रज्जाक (फारस) के देशों और शासकों के बीच भ्रम।", "विजयनगर (1336) और बहमनी (1347) की स्थापना के वर्षों में अंतर।"], "table": {"head": ["साम्राज्य/वंश", "संस्थापक", "राजधानी", "प्रमुख यात्री"], "rows": [["विजयनगर (संगम वंश)", "हरिहर और बुक्का", "हम्पी", "निकोलो कोंटी, अब्दुल रज्जाक"], ["विजयनगर (तुलुव वंश)", "वीर नरसिंह", "हम्पी", "डोमिंगो पायस, बारबोसा"], ["बहमनी साम्राज्य", "हसन गंगू", "गुलबर्गा/बीदर", "अफानासी निकितिन"]]}, "trick_hi": "विजयनगर के 'हरि' और 'बुक्का' ने 'संगम' किया (हरिहर और बुक्का ने संगम वंश की स्थापना की)।", "pyqs": []}], "summary_hi": ["बख्तियार खिलजी ने 12वीं शताब्दी के अंत में बिहार पर आक्रमण कर नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया।", "दिल्ली सल्तनत के राजवंशों का क्रम: गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंश है।", "तुगलक काल में बिहार शरीफ बिहार की राजधानी और प्रमुख राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरा।", "मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध सूफी संत थे, जो फिरदौसी सिलसिले से संबंधित थे।", "शेरशाह सूरी (फरीद खान) ने सासाराम में अपनी प्रशासनिक कुशलता सीखी और हुमायूँ को हराकर सूर वंश की स्थापना की।", "चौसा का युद्ध (1539) और कन्नौज का युद्ध (1540) शेरशाह और हुमायूँ के बीच निर्णायक संघर्ष थे।", "शेरशाह ने चांदी का 'रुपिया' चलाया और 'सड़क-ए-आजम' (ग्रैंड ट्रंक रोड) का निर्माण कराया।", "शेरशाह का मकबरा सासाराम में एक झील के बीच स्थित है, जो भारत-इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।", "भक्ति आंदोलन के संतों जैसे कबीर और रामानंद ने सामाजिक समानता और भक्ति पर जोर दिया।", "विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 में हरिहर और बुक्का ने की थी, जिसकी राजधानी हम्पी थी।", "बहमनी साम्राज्य की स्थापना अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 में की थी।", "निकोलो कोंटी और अब्दुर रज्जाक जैसे विदेशी यात्रियों ने विजयनगर के वैभव का वर्णन किया है।"], "summary_en": ["Bakhtiyar Khilji invaded Bihar in the late 12th century, destroying Nalanda and Vikramshila universities.", "The sequence of Delhi Sultanate dynasties is Slave, Khilji, Tughlaq, Sayyid, and Lodi.", "During the Tughlaq period, Bihar Sharif emerged as the capital and major political center of Bihar.", "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was Bihar's most famous Sufi saint, belonging to the Firdausi order.", "Sher Shah Suri (Farid Khan) learned administration in Sasaram and established the Sur dynasty after defeating Humayun.", "The Battle of Chausa (1539) and the Battle of Kannauj (1540) were decisive conflicts between Sher Shah and Humayun.", "Sher Shah introduced the silver 'Rupiya' and constructed the 'Sadak-e-Azam' (Grand Trunk Road).", "Sher Shah's tomb is located in the middle of a lake in Sasaram, a masterpiece of Indo-Islamic architecture.", "Bhakti movement saints like Kabir and Ramananda emphasized social equality and devotion.", "The Vijayanagara Empire was founded in 1336 by Harihara and Bukka, with its capital at Hampi.", "The Bahmani Kingdom was founded by Alauddin Hasan Bahman Shah in 1347.", "Foreign travellers like Nicolo Conti and Abdur Razzaq described the grandeur of Vijayanagara."]}
होम › नोट्स › BPSC CCE › इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन
BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलनमध्यकालीन भारत और बिहार: सल्तनत से शेरशाह
Medieval India and Bihar: From Sultanate to Sher Shah
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. बिहार में तुर्क सत्ता का वास्तविक संस्थापक किसे माना जाता है?
- (क) कुतुबुद्दीन ऐबक
- (ख) इल्तुतमिश
- (ग) बख्तियार खिलजी
- (घ) मलिक इब्राहिम
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) बख्तियार खिलजी
बख्तियार खिलजी ने 12वीं शताब्दी के अंत में बिहार पर आक्रमण किया और नालंदा एवं विक्रमशिला को नष्ट कर तुर्क शासन की नींव रखी।
2. दिल्ली सल्तनत के किस वंश के शासनकाल में बिहार शरीफ बिहार का प्रमुख राजनीतिक केंद्र बना?
- (क) गुलाम वंश
- (ख) खिलजी वंश
- (ग) तुगलक वंश
- (घ) लोदी वंश
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) तुगलक वंश
तुगलक काल में, विशेष रूप से गयासुद्दीन और मोहम्मद बिन तुगलक के समय, बिहार शरीफ प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ।
3. बिहार के प्रसिद्ध सूफी संत मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी किस सिलसिले से संबंधित थे?
- (क) चिश्ती
- (ख) सुहरावर्दी
- (ग) कादिरी
- (घ) फिरदौसी
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) फिरदौसी
मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी फिरदौसी सिलसिले के सबसे प्रभावशाली संत थे और उनका केंद्र बिहार शरीफ था।
4. शेरशाह सूरी और हुमायूँ के बीच 'चौसा का युद्ध' किस वर्ष लड़ा गया था?
- (क) 1530
- (ख) 1539
- (ग) 1540
- (घ) 1545
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 1539
चौसा का युद्ध 1539 में हुआ था जिसमें शेरशाह ने हुमायूँ को पराजित किया और 'शेरशाह' की उपाधि धारण की।
5. शेरशाह सूरी द्वारा शुरू किए गए चांदी के सिक्के का नाम क्या था?
- (क) दीनार
- (ख) टका
- (ग) रुपिया
- (घ) मोहर
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) रुपिया
शेरशाह ने 178 ग्रेन का चांदी का सिक्का चलाया जिसे 'रुपिया' कहा गया, जो आधुनिक मुद्रा प्रणाली का आधार बना।
6. सासाराम में शेरशाह सूरी के मकबरे की स्थापत्य शैली के बारे में कौन सा कथन सही है?
- (क) यह एक वर्गाकार संरचना है
- (ख) यह एक झील के बीच में स्थित अष्टकोणीय मकबरा है
- (ग) यह पूरी तरह से सफेद संगमरमर से बना है
- (घ) इसमें केवल फारसी वास्तुकला का उपयोग किया गया है
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) यह एक झील के बीच में स्थित अष्टकोणीय मकबरा है
शेरशाह का मकबरा एक कृत्रिम झील के बीच में स्थित एक विशाल अष्टकोणीय (Octagonal) संरचना है।
7. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना के समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
- (क) अलाउद्दीन खिलजी
- (ख) गयासुद्दीन तुगलक
- (ग) मोहम्मद बिन तुगलक
- (घ) फिरोज शाह तुगलक
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) मोहम्मद बिन तुगलक
1336 में जब हरिहर और बुक्का ने विजयनगर की स्थापना की, तब दिल्ली पर मोहम्मद बिन तुगलक का शासन था।
8. निम्नलिखित में से कौन सा यात्री देवराय द्वितीय के शासनकाल में विजयनगर आया था?
- (क) निकोलो कोंटी
- (ख) अब्दुर रज्जाक
- (ग) डोमिंगो पायस
- (घ) फर्नाओ नुनीज़
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) अब्दुर रज्जाक
फारसी राजदूत अब्दुर रज्जाक ने 1443 में देवराय द्वितीय के शासनकाल के दौरान विजयनगर का दौरा किया था।
9. शेरशाह के प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में 'सड़क-ए-आजम' किन दो स्थानों को जोड़ती थी?
- (क) आगरा से सासाराम
- (ख) सोनारगाँव से अटक
- (ग) दिल्ली से पटना
- (घ) लाहौर से मुल्तान
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) सोनारगाँव से अटक
शेरशाह ने बंगाल के सोनारगाँव से उत्तर-पश्चिम में अटक (सिंधु नदी) तक सड़क-ए-आजम का निर्माण कराया था।
10. भक्ति आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित का मिलान करें: 1. रामानंद - (A) निर्गुण संत 2. कबीर - (B) उत्तर भारत में भक्ति के प्रसारक 3. चैतन्य - (C) बंगाल में कीर्तन परंपरा
- (क) 1-B, 2-A, 3-C
- (ख) 1-A, 2-B, 3-C
- (ग) 1-C, 2-A, 3-B
- (घ) 1-B, 2-C, 3-A
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 1-B, 2-A, 3-C
रामानंद ने उत्तर भारत में भक्ति का प्रसार किया, कबीर एक निर्गुण संत थे, और चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल में कीर्तन परंपरा शुरू की।
English version — Medieval India and Bihar: From Sultanate to Sher Shah
{"kind": "gs", "intro_hi": "यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार में तुर्क आक्रमण, दिल्ली सल्तनत के प्रभाव और शेरशाह सूरी के उदय को जोड़ता है। इसमें बिहार की प्रशासनिक पहचान और सांस्कृतिक समन्वय (भक्ति-सूफी) के विकास पर चर्चा की गई है।", "intro_en": "This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it bridges Turkish invasions in Bihar, the influence of the Delhi Sultanate, and the rise of Sher Shah Suri. It discusses the development of Bihar's administrative identity and cultural synthesis through Bhakti-Sufi movements.", "subtopics": [{"name_hi": "तुर्की आक्रमण और बिहार में बख्तियार खिलजी", "name_en": "Turkish Invasions and Bakhtiyar Khilji in Bihar", "explain_hi": "बिहार में तुर्की शासन की वास्तविक नींव 12वीं शताब्दी के अंत में इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी द्वारा रखी गई थी। उसने नालंदा और विक्रमशिला जैसे महान विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया और ओदंतपुरी पर विजय प्राप्त की। बख्तियार खिलजी के बाद, बिहार दिल्ली के सुल्तानों और बंगाल के शासकों के बीच संघर्ष का मुख्य केंद्र बन गया। इल्तुतमिश दिल्ली का पहला सुल्तान था जिसने 1225 में बिहार पर सैन्य अभियान चलाया और इसे अपने नियंत्रण में लिया। दिल्ली सल्तनत के दौरान बिहार पर गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंशों का प्रभाव रहा। यह काल बिहार की राजनीतिक सीमाओं के पुनर्गठन और इस्लामी संस्कृति के आगमन का गवाह बना।", "explain_en": "The real foundation of Turkish rule in Bihar was laid by Ikhtiyaruddin Muhammad bin Bakhtiyar Khilji at the end of the 12th century. He destroyed the great universities of Nalanda and Vikramshila and conquered Odantapuri. Following Khilji, Bihar became a major battleground for conflict between the Delhi Sultans and the rulers of Bengal. Iltutmish was the first Sultan of Delhi to lead a military campaign into Bihar in 1225 and bring it under his control. During the Delhi Sultanate, Bihar was influenced by the Slave, Khilji, Tughlaq, Sayyid, and Lodi dynasties. This period witnessed the reorganization of Bihar's political boundaries and the arrival of Islamic culture.", "facts": [{"hi": "बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।", "en": "Bakhtiyar Khilji destroyed Nalanda University and Vikramshila University."}, {"hi": "इल्तुतमिश बिहार पर अभियान चलाने वाला दिल्ली का पहला सुल्तान था (1225 ई.)।", "en": "Iltutmish was the first Sultan of Delhi to campaign in Bihar (1225 AD)."}, {"hi": "इल्तुतमिश ने बंगाल के शासक हिसामुद्दीन इवाज को हराकर बिहार पर अधिकार किया था।", "en": "Iltutmish captured Bihar after defeating the Bengal ruler Hisamuddin Iwaz."}, {"hi": "इल्तुतमिश ने मलिक जानी को बिहार का अपना पहला सूबेदार (राज्यपाल) नियुक्त किया था।", "en": "Iltutmish appointed Malik Jani as his first Governor (Subedar) of Bihar."}, {"hi": "दिल्ली सल्तनत के वंशों का क्रम: गुलाम (1206-90), खिलजी (1290-1320), तुगलक (1320-1414), सैयद (1414-51), लोदी (1451-1526)।", "en": "Order of Delhi Sultanate dynasties: Slave (1206-90), Khilji (1290-1320), Tughlaq (1320-1414), Sayyid (1414-51), Lodi (1451-1526)."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी ने अपनी राजधानी लखनौती (बंगाल) में स्थापित की थी।", "en": "Bakhtiyar Khilji established his capital at Lakhnauti (Bengal)."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी की हत्या उसके अपने ही अधिकारी अली मर्दान खिलजी ने की थी।", "en": "Bakhtiyar Khilji was assassinated by his own officer, Ali Mardan Khilji."}, {"hi": "लोदी वंश के बहलोल लोदी ने दिल्ली सल्तनत में सबसे लंबे समय तक शासन किया था।", "en": "Bahlul Lodi of the Lodi dynasty ruled for the longest duration in the Delhi Sultanate."}], "examples": [{"q": "बिहार में तुर्की सत्ता का वास्तविक संस्थापक कौन था?", "options": ["मलिक जानी", "इल्तुतमिश", "बख्तियार खिलजी", "कुतुबुद्दीन ऐबक"], "ans": 2, "why": "बख्तियार खिलजी ने 1198 में बिहार में तुर्की शासन की नींव रखी थी।"}, {"q": "इल्तुतमिश ने बिहार में अपना प्रथम सूबेदार किसे नियुक्त किया था?", "options": ["ऐवाज़", "नासिरुद्दीन महमूद", "अली मर्दान", "मलिक जानी"], "ans": 3, "why": "1225 में बिहार अभियान के बाद इल्तुतमिश ने मलिक जानी को राज्यपाल बनाया था।"}, {"q": "दिल्ली सल्तनत के वंशों को सही कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें:", "options": ["गुलाम, तुगलक, खिलजी, सैयद, लोदी", "गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी", "खिलजी, गुलाम, तुगलक, लोदी, सैयद", "तुगलक, खिलजी, गुलाम, सैयद, लोदी"], "ans": 1, "why": "सल्तनत का सही क्रम गुलाम (1206), खिलजी (1290), तुगलक (1320), सैयद (1414) और लोदी (1451) है।"}, {"q": "बख्तियार खिलजी के बिहार आक्रमण का विस्तृत विवरण किस पुस्तक में मिलता है?", "options": ["तारीख-ए-फिरोजशाही", "तबकात-ए-नासिरी", "अकबरनामा", "तुजुक-ए-बाबरी"], "ans": 1, "why": "मिन्हास-उस-सिराज की 'तबकात-ए-नासिरी' में बख्तियार खिलजी के अभियानों का वर्णन है।"}, {"q": "नालंदा विश्वविद्यालय को किसने नष्ट किया था?", "options": ["अलाउद्दीन खिलजी", "बख्तियार खिलजी", "मोहम्मद गौरी", "महमूद गजनवी"], "ans": 1, "why": "बख्तियार खिलजी ने बिहार विजय के दौरान नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को जला दिया था।"}], "asked_hi": "BPSC अक्सर बख्तियार खिलजी के आक्रमण के वर्ष, नष्ट किए गए विश्वविद्यालयों और इल्तुतमिश द्वारा नियुक्त पहले सूबेदार के बारे में प्रश्न पूछता है। सल्तनत काल के वंशों का क्रम भी एक पसंदीदा विषय है।", "asked_en": "BPSC frequently asks about the year of Bakhtiyar Khilji's invasion, the universities destroyed, and the first governor appointed by Iltutmish. The chronological order of Sultanate dynasties is also a favorite topic.", "confusions_hi": ["बख्तियार खिलजी और अलाउद्दीन खिलजी के बीच भ्रमित न हों; बख्तियार ने बिहार जीता था जबकि अलाउद्दीन बाद का सुल्तान था।", "इल्तुतमिश बिहार आने वाला पहला सुल्तान था, न कि कुतुबुद्दीन ऐबक।"], "table": {"head": ["वंश", "संस्थापक", "समय अवधि"], "rows": [["गुलाम वंश", "कुतुबुद्दीन ऐबक", "1206 - 1290 ई."], ["खिलजी वंश", "जलालुद्दीन खिलजी", "1290 - 1320 ई."], ["तुगलक वंश", "गयासुद्दीन तुगलक", "1320 - 1414 ई."], ["सैयद वंश", "खिज्र खाँ", "1414 - 1451 ई."], ["लोदी वंश", "बहलोल लोदी", "1451 - 1526 ई."]]}, "trick_hi": "सल्तनत वंश क्रम के लिए: 'गुलाब खिले तो साँस लो' (गु-गुलाम, खि-खिलजी, तो-तुगलक, साँ-सैयद, लो-लोदी)", "pyqs": [{"id": "bpsc-cce-71-pre:89", "label": "BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 89", "topic": "मध्यकालीन भारत", "q": "निम्नलिखित शासकों में से किसने सबसे अधिक समय तक शासन किया ?", "options": ["अलाउद्दीन खिलजी", "मुहम्मद बिन तुगलक", "बहलोल लोदी", "बलबन"], "ans": [2], "why_hi": "बहलोल लोदी (लोदी वंश) ने दिल्ली सल्तनत के सभी सुल्तानों में सबसे लंबे समय (38 वर्ष) तक शासन किया था।"}]}, {"name_hi": "सल्तनत काल में बिहार: तुगलक शासन और सूफी संत", "name_en": "Bihar under the Sultanate: Tughlaq Rule and Sufi Saints", "explain_hi": "तुगलक काल बिहार के इतिहास में प्रशासनिक स्थिरता और सांस्कृतिक विकास का एक महत्वपूर्ण चरण था। गयासुद्दीन तुगलक के बंगाल अभियान के बाद बिहार पर दिल्ली सल्तनत का नियंत्रण और अधिक मजबूत हो गया। इस दौरान बिहार की राजधानी 'बिहार शरीफ' थी, जो शिक्षा और सूफी मत का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी। मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) जैसे प्रशासकों ने इस क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी काल में सूफी संतों, विशेषकर मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी के प्रभाव से बिहार में फिरदौसिया सिलसिले का प्रसार हुआ। उनकी दरगाह आज भी बिहार की साझा संस्कृति और धार्मिक सद्भाव का एक जीवंत प्रतीक मानी जाती है।", "explain_en": "The Tughlaq period was a significant phase of administrative stability and cultural development in Bihar's history. Following Ghiyasuddin Tughlaq's Bengal campaign, the Delhi Sultanate's control over Bihar became much stronger. During this time, 'Bihar Sharif' served as the capital of Bihar, emerging as a major center for education and Sufism. Administrators like Malik Ibrahim (Malik Bayan) played a crucial role in maintaining peace and order in the region. This era also saw the spread of the Firdausia order of Sufism under the influence of saints like Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri. His shrine remains a living symbol of Bihar's shared culture and religious harmony.", "facts": [{"hi": "तुगलक काल के दौरान बिहार की राजधानी बिहार शरीफ थी।", "en": "Bihar Sharif was the capital of Bihar during the Tughlaq period."}, {"hi": "गयासुद्दीन तुगलक ने 1324-25 में अपने बंगाल अभियान के दौरान बिहार के क्षेत्रों पर अधिकार किया था।", "en": "Ghiyasuddin Tughlaq captured regions of Bihar during his Bengal campaign in 1324-25."}, {"hi": "फिरोज शाह तुगलक ने 1359 में अपने बंगाल अभियान के दौरान बिहार का दौरा किया था।", "en": "Firoz Shah Tughlaq visited Bihar during his Bengal campaign in 1359."}, {"hi": "फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल के शिलालेख पटना और बिहार शरीफ से प्राप्त हुए हैं।", "en": "Inscriptions from the reign of Firoz Shah Tughlaq have been found in Patna and Bihar Sharif."}, {"hi": "मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) तुगलक काल में बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासक था।", "en": "Malik Ibrahim (Malik Bayan) was a very important administrator of Bihar during the Tughlaq period."}, {"hi": "मलिक इब्राहिम का मकबरा बिहार शरीफ की बड़ी पहाड़ी पर स्थित है।", "en": "The tomb of Malik Ibrahim is located on the Big Hill (Badi Pahari) of Bihar Sharif."}, {"hi": "मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित सूफी संत थे।", "en": "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was the most famous and respected Sufi saint of Bihar."}, {"hi": "मनेरी साहब का मकबरा बिहार शरीफ में 'बड़ी दरगाह' के नाम से जाना जाता है।", "en": "The tomb of Maneri Sahab is known as 'Badi Dargah' in Bihar Sharif."}, {"hi": "मखदूम मनेरी की पुण्यतिथि पर बिहार शरीफ में 5 दिवसीय वार्षिक 'उर्स' का आयोजन किया जाता है।", "en": "A 5-day annual 'Urs' is organized in Bihar Sharif on the death anniversary of Makhdum Maneri."}, {"hi": "बख्तियार खिलजी की हत्या अली मर्दान ने की थी और उसे बिहार शरीफ के इमादपुर में दफनाया गया था।", "en": "Bakhtiyar Khilji was murdered by Ali Mardan and buried at Imadpur in Bihar Sharif."}], "examples": [{"q": "तुगलक काल के दौरान बिहार की राजधानी निम्नलिखित में से कौन सी थी?", "options": ["पटना", "बिहार शरीफ", "मुंगेर", "भागलपुर"], "ans": 1, "why": "तुगलक काल में बिहार की प्रशासनिक राजधानी बिहार शरीफ थी।"}, {"q": "प्रसिद्ध सूफी संत मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी की दरगाह कहाँ स्थित है?", "options": ["मनेर", "फुलवारी शरीफ", "बिहार शरीफ", "सासाराम"], "ans": 2, "why": "मखदूम मनेरी की दरगाह बिहार शरीफ की 'बड़ी दरगाह' में स्थित है।"}, {"q": "मलिक इब्राहिम (मलिक बयां) का मकबरा बिहार के किस स्थान पर है?", "options": ["बिहार शरीफ", "रोहतासगढ़", "पटना", "गया"], "ans": 0, "why": "मलिक इब्राहिम तुगलक काल का प्रशासक था जिसका मकबरा बिहार शरीफ में है।"}, {"q": "बिहार शरीफ में मखदूम मनेरी की याद में आयोजित होने वाला 'उर्स' कितने दिनों का होता है?", "options": ["3 दिन", "5 दिन", "7 दिन", "10 दिन"], "ans": 1, "why": "स्रोत के अनुसार, बिहार शरीफ में 5 दिवसीय वार्षिक उर्स मनाया जाता है।"}, {"q": "बख्तियार खिलजी को बिहार में कहाँ दफनाया गया था?", "options": ["मनेर", "इमादपुर (बिहार शरीफ)", "ओदंतपुरी", "लखनौती"], "ans": 1, "why": "बख्तियार खिलजी का मकबरा बिहार शरीफ के इमादपुर में स्थित है।"}], "asked_hi": "BPSC में इस उप-विषय से अक्सर सूफी संतों के स्थान, तुगलक कालीन राजधानी और प्रमुख मध्यकालीन मकबरों के बारे में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।", "asked_en": "In BPSC, direct questions are often asked from this sub-topic regarding the locations of Sufi saints, the Tughlaq-era capital, and major medieval tombs.", "confusions_hi": ["छात्र अक्सर मखदूम मनेरी की दरगाह को 'मनेर' में समझ लेते हैं, जबकि उनकी मुख्य दरगाह (बड़ी दरगाह) बिहार शरीफ में है।", "बख्तियार खिलजी और मलिक इब्राहिम दोनों के मकबरे बिहार शरीफ में हैं, लेकिन उनके स्थान (इमादपुर और बड़ी पहाड़ी) अलग-अलग हैं।"], "table": {"head": ["व्यक्तित्व/स्थान", "महत्व", "शहर/स्थान"], "rows": [["मखदूम शर्फुद्दीन मनेरी", "प्रसिद्ध सूफी संत (बड़ी दरगाह)", "बिहार शरीफ"], ["मलिक इब्राहिम (मलिक बयां)", "तुगलक कालीन प्रशासक", "बिहार शरीफ"], ["बख्तियार खिलजी", "तुर्क शासन का संस्थापक (मकबरा)", "इमादपुर, बिहार शरीफ"], ["ओदंतपुरी", "प्रथम तुर्क विजय (1198)", "बिहार शरीफ"], ["फिरोज शाह तुगलक", "शिलालेख प्राप्ति स्थल", "पटना और बिहार शरीफ"]]}, "trick_hi": "तुगलक ने बिहार को 'शरीफ' (बिहार शरीफ) बनाया - इससे याद रहेगा कि तुगलक काल में राजधानी बिहार शरीफ थी।", "pyqs": []}, {"name_hi": "शेर शाह सूरी और सूर साम्राज्य", "name_en": "Sher Shah Suri and the Sur Empire", "explain_hi": "शेर शाह सूरी (मूल नाम फरीद खान) बिहार की धरती से उपजा एक महान अफगान शासक था जिसने दिल्ली में द्वितीय अफगान साम्राज्य की स्थापना की। उसने 1539 में चौसा और 1540 में कन्नौज (बिलग्राम) के युद्ध में मुगल सम्राट हुमायूँ को पराजित कर उसे भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उसका शासनकाल मात्र 5 वर्ष (1540-1545) का था, लेकिन उसके प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों ने भविष्य के मुगल और ब्रिटिश प्रशासन का आधार तैयार किया। उसने 'रुपया' नामक चांदी का सिक्का चलाया और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण कराया। बिहार के सासाराम में स्थित उसका मकबरा इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक बेजोड़ नमूना है, जो एक झील के बीच में बना है। उसने 1541 में पाटलिपुत्र का पुनरुद्धार कर उसका नाम 'पटना' रखा और इसे बिहार की प्रांतीय राजधानी बनाया।", "explain_en": "Sher Shah Suri (original name Farid Khan) was a formidable Afghan ruler from Bihar who established the second Afghan Empire in Delhi. He defeated the Mughal Emperor Humayun in the Battle of Chausa (1539) and the Battle of Kannauj (1540), forcing him into exile. Although his reign lasted only five years (1540-1545), his administrative and economic reforms laid the foundation for future Mughal and British governance. He introduced the silver coin 'Rupiya' and constructed the Grand Trunk Road to facilitate trade and communication. His tomb in Sasaram, Bihar, is a masterpiece of Indo-Islamic architecture situated in the middle of a lake. In 1541, he revived Pataliputra, renamed it 'Patna', and made it the provincial capital of Bihar.", "facts": [{"hi": "शेर शाह का बचपन का नाम फरीद खान था और उसने सासाराम में अपने पिता की जागीर का प्रबंधन सीखा था।", "en": "Sher Shah's childhood name was Farid Khan, and he learned to manage his father's jagir in Sasaram."}, {"hi": "बिहार के सूबेदार बहार खान लोहानी ने फरीद को एक शेर मारने पर 'शेर खान' की उपाधि दी थी।", "en": "Bahar Khan Lohani, the governor of Bihar, gave Farid the title 'Sher Khan' for killing a tiger."}, {"hi": "1539 में चौसा के युद्ध में हुमायूँ को हराने के बाद उसने 'शेर शाह' की उपाधि धारण की।", "en": "He assumed the title 'Sher Shah' after defeating Humayun in the Battle of Chausa in 1539."}, {"hi": "1540 में कन्नौज (बिलग्राम) के युद्ध में हुमायूँ को अंतिम रूप से पराजित कर उसने दिल्ली के सिंहासन पर अधिकार किया।", "en": "He captured the throne of Delhi after decisively defeating Humayun in the Battle of Kannauj (Bilgram) in 1540."}, {"hi": "शेर शाह ने 1541 में पाटलिपुत्र का नाम बदलकर 'पटना' रखा।", "en": "Sher Shah renamed Pataliputra as 'Patna' in 1541."}, {"hi": "उसने आधुनिक 'रुपया' (चांदी का सिक्का, 178 ग्रेन) और 'दाम' (तांबे का सिक्का) की शुरुआत की।", "en": "He introduced the modern 'Rupiya' (silver coin, 178 grains) and 'Dam' (copper coin)."}, {"hi": "उसने बंगाल के सोनारगाँव से उत्तर-पश्चिम में पेशावर तक 'सड़क-ए-आज़म' (ग्रैंड ट्रंक रोड) का निर्माण कराया।", "en": "He built the 'Sadak-e-Azam' (Grand Trunk Road) from Sonargaon in Bengal to Peshawar in the northwest."}, {"hi": "सासाराम में शेर शाह का मकबरा अष्टकोणीय (Octagonal) आकार का है और एक कृत्रिम झील के बीच स्थित है।", "en": "Sher Shah's tomb in Sasaram is octagonal in shape and situated in the middle of an artificial lake."}, {"hi": "उसने रोहतासगढ़ किले (बिहार) और झेलम के पास रोहतास किले (पाकिस्तान) का निर्माण करवाया।", "en": "He built the Rohtasgarh Fort (Bihar) and the Rohtas Fort near Jhelum (Pakistan)."}, {"hi": "1545 में कालिंजर के किले के घेराबंदी के दौरान 'उक्का' नामक आग्नेयास्त्र चलाते समय उसकी मृत्यु हो गई।", "en": "He died in 1545 during the siege of Kalinjar fort while operating a firearm called 'Ukka'."}, {"hi": "मलिक मोहम्मद जायसी, जिन्होंने 'पद्मावत' लिखी, शेर शाह के समकालीन थे।", "en": "Malik Muhammad Jayasi, who wrote 'Padmavat', was a contemporary of Sher Shah."}, {"hi": "शेर शाह के बाद उसका पुत्र इस्लाम शाह सूरी उत्तराधिकारी बना।", "en": "Sher Shah was succeeded by his son, Islam Shah Suri."}], "examples": [{"q": "शेर शाह सूरी ने किस युद्ध के पश्चात 'शेर शाह' की उपाधि धारण की थी?", "options": ["कन्नौज का युद्ध", "चौसा का युद्ध", "सूरजगढ़ का युद्ध", "कालिंजर का युद्ध"], "ans": 1, "why": "1539 में चौसा के युद्ध में हुमायूँ को हराने के बाद फरीद खान ने 'शेर शाह' की उपाधि ली थी।"}, {"q": "शेर शाह सूरी का मकबरा कहाँ स्थित है?", "options": ["दिल्ली", "आगरा", "सासाराम", "पटना"], "ans": 2, "why": "शेर शाह का प्रसिद्ध अष्टकोणीय मकबरा बिहार के सासाराम में एक झील के बीच स्थित है।"}, {"q": "मध्यकालीन भारत में 'रुपया' नामक सिक्का सर्वप्रथम किसने चलाया था?", "options": ["अकबर", "अलाउद्दीन खिलजी", "शेर शाह सूरी", "इल्तुतमिश"], "ans": 2, "why": "शेर शाह सूरी ने मुद्रा सुधार के तहत 178 ग्रेन का चांदी का रुपया पेश किया था।"}, {"q": "शेर शाह सूरी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?", "options": ["उसने 1541 में पटना का नामकरण किया।", "उसने ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण कराया।", "उसका बचपन का नाम फरीद था।", "उपरोक्त सभी"], "ans": 3, "why": "ये सभी तथ्य शेर शाह सूरी के जीवन और सुधारों से संबंधित और सही हैं।"}, {"q": "शेर शाह सूरी की मृत्यु किस अभियान के दौरान हुई थी?", "options": ["मारवाड़ अभियान", "कालिंजर अभियान", "रायसीन अभियान", "बंगाल अभियान"], "ans": 1, "why": "1545 में कालिंजर किले की घेराबंदी के दौरान बारूद के विस्फोट के कारण शेर शाह की मृत्यु हुई थी।"}], "asked_hi": "BPSC में शेर शाह सूरी से संबंधित प्रश्न अक्सर उसके युद्धों (चौसा और कन्नौज) के वर्ष, उसके द्वारा किए गए प्रशासनिक सुधार (विशेषकर रुपया और लगान व्यवस्था), और सासाराम स्थित उसके मकबरे की वास्तुकला पर पूछे जाते हैं।", "asked_en": "In BPSC, questions related to Sher Shah Suri are frequently asked about the years of his battles (Chausa and Kannauj), his administrative reforms (especially the Rupiya and land revenue system), and the architecture of his tomb in Sasaram.", "confusions_hi": ["छात्र अक्सर 'शेर खान' और 'शेर शाह' की उपाधियों में भ्रमित होते हैं; शेर खान लोहानी ने दी थी, जबकि शेर शाह उसने स्वयं चौसा के बाद धारण की थी।", "चौसा (1539) और कन्नौज/बिलग्राम (1540) के युद्धों के क्रम और वर्षों में अक्सर गलती होती है।"], "table": {"head": ["घटना/सुधार", "वर्ष", "विवरण"], "rows": [["चौसा का युद्ध", "1539", "हुमायूँ की पराजय, शेर शाह की उपाधि धारण की"], ["कन्नौज का युद्ध", "1540", "हुमायूँ भारत से निष्कासित, दिल्ली पर सूर वंश का अधिकार"], ["पटना का पुनरुद्धार", "1541", "पाटलिपुत्र का नाम बदलकर पटना रखा गया"], ["कालिंजर अभियान", "1545", "शेर शाह की मृत्यु (अंतिम विजय)"], ["मुद्रा सुधार", "1540-45", "चांदी का रुपया और तांबे का दाम चलाया"]]}, "trick_hi": "\"चौसा में शेर दहाड़ा, कन्नौज में दिल्ली पाया\" (1539-चौसा, 1540-कन्नौज/दिल्ली विजय)", "pyqs": []}, {"name_hi": "भक्ति और सूफी आंदोलन", "name_en": "Bhakti and Sufi Movements", "explain_hi": "मध्यकालीन भारत में भक्ति और सूफी आंदोलनों ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव को दूर करने का प्रयास किया। भक्ति आंदोलन के संतों ने ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम और समर्पण पर जोर दिया, जबकि सूफी संतों ने 'वहादत-उल-वजूद' (ईश्वर की एकता) का संदेश दिया। बिहार में सूफी मत का गहरा प्रभाव रहा, विशेषकर फिरदौसी सिलसिले का। मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध सूफी संत थे, जिनका केंद्र बिहार शरीफ था। इन आंदोलनों ने हिंदू-मुस्लिम एकता और क्षेत्रीय भाषाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।", "explain_en": "During medieval India, the Bhakti and Sufi movements aimed to eliminate social evils and discrimination. Bhakti saints emphasized personal love and devotion to God, while Sufi saints spread the message of 'Wahdat-ul-Wajood' (unity of God). Bihar was deeply influenced by Sufism, especially the Firdausi order. Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was the most famous Sufi saint of Bihar, with his center at Bihar Sharif. These movements played a crucial role in fostering Hindu-Muslim unity and the development of regional languages.", "facts": [{"hi": "बिहार में सबसे लोकप्रिय सूफी सिलसिला 'फिरदौसी' था।", "en": "The most popular Sufi order (silsila) in Bihar was the 'Firdausi' order."}, {"hi": "मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी का जन्म मनेर (पटना) में हुआ था और उनकी दरगाह बिहार शरीफ में है।", "en": "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was born in Maner (Patna) and his tomb is in Bihar Sharif."}, {"hi": "मनेरी की प्रसिद्ध रचनाओं में 'मकतूबात-ए-सदी' (100 पत्रों का संग्रह) शामिल है।", "en": "Maneri's famous works include 'Maktubat-e-Sadi' (a collection of 100 letters)."}, {"hi": "उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन लाने का श्रेय स्वामी रामानंद को जाता है।", "en": "The credit for bringing the Bhakti movement to North India goes to Swami Ramananda."}, {"hi": "रामानंद पहले संत थे जिन्होंने अपने उपदेशों के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग किया।", "en": "Ramananda was the first saint to use the Hindi language for his preachings."}, {"hi": "कबीर दास निर्गुण भक्ति के अनुयायी थे और उनकी शिक्षाएं 'बीजक' में संकलित हैं।", "en": "Kabir Das was a follower of Nirguna Bhakti and his teachings are compiled in 'Bijak'."}, {"hi": "बिहार के प्रसिद्ध संत दरिया साहब (भोजपुर) ने 'दरियापंथी' संप्रदाय की स्थापना की।", "en": "The famous saint of Bihar, Dariya Saheb (Bhojpur), founded the 'Dariyapanthi' sect."}, {"hi": "चिश्ती सिलसिले की स्थापना भारत में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती ने की थी।", "en": "The Chishti order was established in India by Khwaja Moinuddin Chishti."}, {"hi": "गुरु नानक देव ने अपनी यात्रा के दौरान बिहार के राजगीर, पटना और मुंगेर का दौरा किया था।", "en": "Guru Nanak Dev visited Rajgir, Patna, and Munger in Bihar during his travels."}, {"hi": "चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल और बिहार के क्षेत्रों में 'कीर्तन' परंपरा को लोकप्रिय बनाया।", "en": "Chaitanya Mahaprabhu popularized the 'Kirtan' tradition in the regions of Bengal and Bihar."}, {"hi": "सूफी संतों के निवास स्थान को 'खानकाह' कहा जाता था।", "en": "The residence of Sufi saints was known as 'Khanqah'."}, {"hi": "सुहरावर्दी सिलसिला मुख्य रूप से पंजाब और सिंध के क्षेत्रों में सक्रिय था।", "en": "The Suhrawardi order was primarily active in the regions of Punjab and Sindh."}, {"hi": "मखदूम मनेरी के गुरु का नाम ख्वाजा नजमुद्दीन फिरदौसी था।", "en": "The name of Makhdum Maneri's teacher was Khwaja Najmuddin Firdausi."}, {"hi": "बिहार में कादिरी सिलसिले के प्रमुख संत शाह कुमेश आजम थे।", "en": "Shah Kumesh Azam was a prominent saint of the Qadiri order in Bihar."}], "examples": [{"q": "बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय सूफी सिलसिला कौन सा था?", "options": ["फिरदौसी", "चिश्ती", "सुहरावर्दी", "कादिरी"], "ans": 0, "why": "बिहार में फिरदौसी सिलसिला सबसे अधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय था।"}, {"q": "'मकतूबात-ए-सदी' नामक प्रसिद्ध पत्रों के संग्रह के लेखक कौन हैं?", "options": ["अमीर खुसरो", "मखदूम शरीफुद्दीन यहया मनेरी", "निजामुद्दीन औलिया", "बाबा फरीद"], "ans": 1, "why": "मखदूम मनेरी ने अपने शिष्यों को लिखे 100 पत्रों का संग्रह 'मकतूबात-ए-सदी' के नाम से किया था।"}, {"q": "निम्नलिखित में से कौन से संत बिहार के भोजपुर क्षेत्र से संबंधित हैं और 'दरियापंथी' संप्रदाय चलाया?", "options": ["कबीर", "रामानंद", "दरिया साहब", "गुरु नानक"], "ans": 2, "why": "दरिया साहब बिहार के एक प्रसिद्ध संत थे जिन्होंने समन्वयवादी दरियापंथी संप्रदाय की स्थापना की।"}, {"q": "भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में लोकप्रिय बनाने का श्रेय किसे दिया जाता है?", "options": ["चैतन्य", "रामानंद", "तुकाराम", "नामदेव"], "ans": 1, "why": "रामानंद ने दक्षिण भारत से भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत में लाकर इसे आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।"}, {"q": "सूफी शब्दावली में 'खानकाह' का क्या अर्थ है?", "options": ["मस्जिद", "पाठशाला", "सूफी संतों का निवास स्थान", "बाजार"], "ans": 2, "why": "खानकाह वह स्थान होता था जहाँ सूफी संत रहते थे और अपने उपदेश देते थे।"}, {"q": "सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें: (A) रामानंद - 1. निर्गुण, (B) कबीर - 2. उत्तर भारत में भक्ति, (C) चैतन्य - 3. बिहार के संत, (D) दरिया साहब - 4. कीर्तन परंपरा", "options": ["A-2, B-1, C-4, D-3", "A-1, B-2, C-3, D-4", "A-4, B-3, C-2, D-1", "A-3, B-4, C-1, D-2"], "ans": 0, "why": "रामानंद उत्तर भारत में भक्ति लाए, कबीर निर्गुण थे, चैतन्य कीर्तन के लिए प्रसिद्ध थे और दरिया साहब बिहार से थे।"}], "asked_hi": "BPSC में बिहार के सूफी सिलसिलों (विशेषकर फिरदौसी) और मखदूम मनेरी की रचनाओं पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। भक्ति संतों के दर्शन और उनके द्वारा प्रयुक्त भाषा पर भी प्रश्न आते हैं।", "asked_en": "BPSC frequently asks questions about Sufi orders in Bihar (especially Firdausi) and the works of Makhdum Maneri. Questions also appear on the philosophy of Bhakti saints and the languages they used.", "confusions_hi": ["मखदूम यहया मनेरी (बड़ी दरगाह) और मखदूम शाह दौलत (छोटी दरगाह) के बीच भ्रम न करें; दोनों मनेर से संबंधित हैं लेकिन यहया मनेरी फिरदौसी सिलसिले के मुख्य संत थे।", "सगुण (मूर्ति पूजा) और निर्गुण (निराकार ईश्वर) संतों के वर्गीकरण में सावधानी बरतें।"], "table": {"head": ["सिलसिला/संत", "प्रमुख केंद्र", "विशेषता/योगदान"], "rows": [["फिरदौसी", "बिहार शरीफ", "बिहार में सर्वाधिक लोकप्रिय सिलसिला"], ["चिश्ती", "अजमेर", "भारत में सबसे पुराना और व्यापक सिलसिला"], ["रामानंद", "वाराणसी", "भक्ति आंदोलन को उत्तर भारत लाए, हिंदी का प्रयोग"], ["दरिया साहब", "भोजपुर (बिहार)", "दरियापंथी संप्रदाय, हिंदू-मुस्लिम एकता"], ["चैतन्य महाप्रभु", "बंगाल/बिहार", "गौड़ीय वैष्णववाद और कीर्तन परंपरा"]]}, "trick_hi": "बिहार में 'फिर' से 'मने' (फिर = फिरदौसी, मने = मनेरी) - इससे याद रहेगा कि बिहार में फिरदौसी सिलसिला और मनेरी साहब प्रसिद्ध थे।", "pyqs": []}, {"name_hi": "विजयनगर और बहमनी साम्राज्य (शासक और यात्री)", "name_en": "Vijayanagara and Bahmani Kingdoms (Rulers and Travellers)", "explain_hi": "14वीं शताब्दी में दक्षिण भारत में दो शक्तिशाली साम्राज्यों का उदय हुआ - हिंदू विजयनगर साम्राज्य और मुस्लिम बहमनी सल्तनत। विजयनगर की स्थापना 1336 में हरिहर और बुक्का ने तुंगभद्रा नदी के तट पर की थी, जबकि बहमनी की स्थापना 1347 में हसन गंगू ने की थी। इन दोनों साम्राज्यों के बीच रायचूर दोआब (कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच का क्षेत्र) को लेकर निरंतर संघर्ष चलता रहा। विजयनगर अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष और कृष्णदेव राय जैसे महान शासकों के लिए जाना जाता है। बहमनी साम्राज्य बाद में पाँच स्वतंत्र सल्तनतों में विभाजित हो गया। विदेशी यात्रियों के विवरण इन साम्राज्यों के वैभव और प्रशासन को समझने के प्रमुख स्रोत हैं।", "explain_en": "In the 14th century, two powerful empires emerged in South India: the Hindu Vijayanagara Empire and the Muslim Bahmani Sultanate. Vijayanagara was founded in 1336 by Harihara and Bukka on the banks of the Tungabhadra River, while Bahmani was established in 1347 by Hasan Gangu. A continuous conflict persisted between them over the fertile Raichur Doab (the land between Krishna and Tungabhadra rivers). Vijayanagara is renowned for its cultural zenith and great rulers like Krishnadeva Raya. The Bahmani kingdom later disintegrated into five independent sultanates. Accounts from foreign travelers are primary sources for understanding the grandeur and administration of these empires.", "facts": [{"hi": "विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ई. में संगम वंश के हरिहर प्रथम और बुक्का राय प्रथम ने की थी।", "en": "The Vijayanagara Empire was founded in 1336 AD by Harihara I and Bukka Raya I of the Sangama dynasty."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य की स्थापना 1347 ई. में अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने की थी।", "en": "The Bahmani Kingdom was founded in 1347 AD by Alauddin Hasan Bahman Shah (Hasan Gangu)."}, {"hi": "विजयनगर की राजधानी हम्पी (तुंगभद्रा नदी के किनारे) थी, जो वर्तमान कर्नाटक में स्थित है।", "en": "The capital of Vijayanagara was Hampi (on the banks of the Tungabhadra River), located in present-day Karnataka."}, {"hi": "कृष्णदेव राय (1509-1529) विजयनगर के सबसे महान शासक थे, जो तुलुव वंश से संबंधित थे।", "en": "Krishnadeva Raya (1509-1529) was the greatest ruler of Vijayanagara, belonging to the Tuluva dynasty."}, {"hi": "कृष्णदेव राय ने तेलुगु ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' और संस्कृत नाटक 'जाम्बवती कल्याणम' की रचना की।", "en": "Krishnadeva Raya authored the Telugu work 'Amuktamalyada' and the Sanskrit drama 'Jambavati Kalyanam'."}, {"hi": "इतालवी यात्री निकोलो कोंटी 1420 ई. में देवराय प्रथम के शासनकाल में विजयनगर आया था।", "en": "Italian traveler Nicolo Conti visited Vijayanagara in 1420 AD during the reign of Deva Raya I."}, {"hi": "फारसी राजदूत अब्दुल रज्जाक 1443 ई. में देवराय द्वितीय के दरबार में आया था।", "en": "Persian ambassador Abdur Razzaq visited the court of Deva Raya II in 1443 AD."}, {"hi": "पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पायस और बारबोसा कृष्णदेव राय के शासनकाल के दौरान विजयनगर आए थे।", "en": "Portuguese travelers Domingo Paes and Barbosa visited Vijayanagara during the reign of Krishnadeva Raya."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी गुलबर्गा थी, जिसे बाद में अहमद शाह ने बीदर स्थानांतरित कर दिया था।", "en": "The initial capital of the Bahmani Kingdom was Gulbarga, which was later shifted to Bidar by Ahmad Shah."}, {"hi": "प्रसिद्ध मदरसा-ए-महमुद गवां बीदर में स्थित है, जिसे बहमनी वजीर महमूद गवां ने बनवाया था।", "en": "The famous Madrasa of Mahmud Gawan is located in Bidar, built by the Bahmani Wazir Mahmud Gawan."}, {"hi": "तालीकोटा का युद्ध (राक्षस-तांगड़ी) 1565 ई. में हुआ, जिसमें विजयनगर की संयुक्त मुस्लिम सेनाओं से हार हुई।", "en": "The Battle of Talikota (Rakshasa-Tangadi) took place in 1565 AD, where Vijayanagara was defeated by combined Muslim forces."}, {"hi": "बहमनी साम्राज्य पाँच राज्यों में टूटा: बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, बरार और बीदर।", "en": "The Bahmani Kingdom split into five states: Bijapur, Golconda, Ahmednagar, Berar, and Bidar."}, {"hi": "रूसी यात्री अफानासी निकितिन ने 1470 ई. में बहमनी साम्राज्य की यात्रा की थी।", "en": "Russian traveler Afanasy Nikitin visited the Bahmani Kingdom in 1470 AD."}], "examples": [{"q": "विजयनगर साम्राज्य के किस शासक ने 'अमुक्तमाल्यद' की रचना की थी?", "options": ["देवराय प्रथम", "हरिहर द्वितीय", "कृष्णदेव राय", "अच्युत देव राय"], "ans": 2, "why": "कृष्णदेव राय ने तेलुगु भाषा में राजनीति पर आधारित ग्रंथ 'अमुक्तमाल्यद' लिखा था।"}, {"q": "फारसी यात्री अब्दुल रज्जाक किसके शासनकाल में विजयनगर आया था?", "options": ["देवराय प्रथम", "देवराय द्वितीय", "कृष्णदेव राय", "सदाशिव राय"], "ans": 1, "why": "अब्दुल रज्जाक 1443 ई. में संगम वंश के राजा देवराय द्वितीय के दरबार में आया था।"}, {"q": "तालीकोटा का प्रसिद्ध युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?", "options": ["1526 ई.", "1556 ई.", "1565 ई.", "1576 ई."], "ans": 2, "why": "1565 ई. में तालीकोटा के युद्ध ने विजयनगर साम्राज्य के वैभव का अंत कर दिया।"}, {"q": "बहमनी साम्राज्य का संस्थापक कौन था?", "options": ["महमूद गवां", "अलाउद्दीन बहमन शाह", "मुजाहिद शाह", "फिरोज शाह बहमनी"], "ans": 1, "why": "अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (हसन गंगू) ने 1347 ई. में बहमनी साम्राज्य की नींव रखी थी।"}, {"q": "निकोलो कोंटी, जो एक इतालवी यात्री था, किसके शासनकाल में विजयनगर आया?", "options": ["हरिहर प्रथम", "बुक्का प्रथम", "देवराय प्रथम", "कृष्णदेव राय"], "ans": 2, "why": "निकोलो कोंटी 1420 ई. में देवराय प्रथम के समय विजयनगर की यात्रा पर आया था।"}], "asked_hi": "BPSC अक्सर विजयनगर के संस्थापकों, विदेशी यात्रियों (मिलान करने वाले प्रश्न) और कृष्णदेव राय की साहित्यिक कृतियों के बारे में पूछता है।", "asked_en": "BPSC frequently asks about the founders of Vijayanagara, foreign travelers (matching type questions), and the literary works of Krishnadeva Raya.", "confusions_hi": ["निकोलो कोंटी (इटली) और अब्दुल रज्जाक (फारस) के देशों और शासकों के बीच भ्रम।", "विजयनगर (1336) और बहमनी (1347) की स्थापना के वर्षों में अंतर।"], "table": {"head": ["साम्राज्य/वंश", "संस्थापक", "राजधानी", "प्रमुख यात्री"], "rows": [["विजयनगर (संगम वंश)", "हरिहर और बुक्का", "हम्पी", "निकोलो कोंटी, अब्दुल रज्जाक"], ["विजयनगर (तुलुव वंश)", "वीर नरसिंह", "हम्पी", "डोमिंगो पायस, बारबोसा"], ["बहमनी साम्राज्य", "हसन गंगू", "गुलबर्गा/बीदर", "अफानासी निकितिन"]]}, "trick_hi": "विजयनगर के 'हरि' और 'बुक्का' ने 'संगम' किया (हरिहर और बुक्का ने संगम वंश की स्थापना की)।", "pyqs": []}], "summary_hi": ["बख्तियार खिलजी ने 12वीं शताब्दी के अंत में बिहार पर आक्रमण कर नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया।", "दिल्ली सल्तनत के राजवंशों का क्रम: गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंश है।", "तुगलक काल में बिहार शरीफ बिहार की राजधानी और प्रमुख राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरा।", "मखदूम शर्फुद्दीन यहया मनेरी बिहार के सबसे प्रसिद्ध सूफी संत थे, जो फिरदौसी सिलसिले से संबंधित थे।", "शेरशाह सूरी (फरीद खान) ने सासाराम में अपनी प्रशासनिक कुशलता सीखी और हुमायूँ को हराकर सूर वंश की स्थापना की।", "चौसा का युद्ध (1539) और कन्नौज का युद्ध (1540) शेरशाह और हुमायूँ के बीच निर्णायक संघर्ष थे।", "शेरशाह ने चांदी का 'रुपिया' चलाया और 'सड़क-ए-आजम' (ग्रैंड ट्रंक रोड) का निर्माण कराया।", "शेरशाह का मकबरा सासाराम में एक झील के बीच स्थित है, जो भारत-इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।", "भक्ति आंदोलन के संतों जैसे कबीर और रामानंद ने सामाजिक समानता और भक्ति पर जोर दिया।", "विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 में हरिहर और बुक्का ने की थी, जिसकी राजधानी हम्पी थी।", "बहमनी साम्राज्य की स्थापना अलाउद्दीन हसन बहमन शाह ने 1347 में की थी।", "निकोलो कोंटी और अब्दुर रज्जाक जैसे विदेशी यात्रियों ने विजयनगर के वैभव का वर्णन किया है।"], "summary_en": ["Bakhtiyar Khilji invaded Bihar in the late 12th century, destroying Nalanda and Vikramshila universities.", "The sequence of Delhi Sultanate dynasties is Slave, Khilji, Tughlaq, Sayyid, and Lodi.", "During the Tughlaq period, Bihar Sharif emerged as the capital and major political center of Bihar.", "Makhdum Sharfuddin Yahya Maneri was Bihar's most famous Sufi saint, belonging to the Firdausi order.", "Sher Shah Suri (Farid Khan) learned administration in Sasaram and established the Sur dynasty after defeating Humayun.", "The Battle of Chausa (1539) and the Battle of Kannauj (1540) were decisive conflicts between Sher Shah and Humayun.", "Sher Shah introduced the silver 'Rupiya' and constructed the 'Sadak-e-Azam' (Grand Trunk Road).", "Sher Shah's tomb is located in the middle of a lake in Sasaram, a masterpiece of Indo-Islamic architecture.", "Bhakti movement saints like Kabir and Ramananda emphasized social equality and devotion.", "The Vijayanagara Empire was founded in 1336 by Harihara and Bukka, with its capital at Hampi.", "The Bahmani Kingdom was founded by Alauddin Hasan Bahman Shah in 1347.", "Foreign travellers like Nicolo Conti and Abdur Razzaq described the grandeur of Vijayanagara."]}