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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन

आधुनिक भारत: यूरोपीय आगमन, प्लासी-बक्सर और कंपनी शासन

Modern India: European Arrival, Plassey-Buxar, and Company Rule

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार में मुगल सत्ता के पतन और ब्रिटिश प्रभुत्व के उदय को दर्शाता है। इसमें यूरोपीय व्यापारिक केंद्रों की स्थापना और बिहार पर उनके प्रशासनिक प्रभावों का विस्तृत विवरण मिलता है।

यूरोपीय कंपनियों का आगमन और पटना में अंग्रेजी फैक्ट्री

बिहार में यूरोपीय व्यापारियों का आगमन 17वीं शताब्दी की शुरुआत में हुआ, जिसमें पुर्तगाली सबसे पहले आए। वे हुगली के रास्ते नावों से पटना आते थे और मुख्य रूप से मसालों और सूती कपड़ों का व्यापार करते थे। डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की, जो वर्तमान में पटना कॉलेज का हिस्सा है। अंग्रेजों ने कई असफल प्रयासों के बाद 1651 में पटना के गुलजारबाग में अपनी स्थायी फैक्ट्री बनाई। पटना उस समय शोरा (Saltpetre) के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था, जिसकी यूरोप में बारूद बनाने के लिए भारी मांग थी। फ्रांसीसी और डेनिश व्यापारियों ने भी बाद में अपनी फैक्ट्रियां खोलीं, जिससे पटना एक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र बन गया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 1620 (ख) 1632 (ग) 1651 (घ) 1734

(क) विलियम एलिस (ख) पीटर मुंडी (ग) जॉब चारनॉक (घ) रॉबर्ट क्लाइव

(क) बर्नियर (ख) पीटर मुंडी (ग) मनुची (घ) टैवर्नियर

(क) सिराजुद्दौला (ख) मीर जाफर (ग) मीर कासिम (घ) शाह आलम द्वितीय

(क) चाय (ख) शोरा (Saltpetre) (ग) रबड़ (घ) कॉफी

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

1) राजा नंदकुमार को मृत्युदण्ड

2) सालबाई की संधि

3) वन्दिवाश की लड़ाई

4) टीपू सुल्तान की मृत्यु

निम्नलिखित में से उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?

(क) 2-3-4-1 (ख) 3-1-2-4 (ग) 2-4-1-3 (घ) 3-2-1-4

व्यक्ति — सम्बन्धित रहे

(क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल (ख) दयानन्द सरस्वती — सत्यार्थ प्रकाश (ग) रामास्वामी नैकर — जस्टिस पार्टी (घ) ज्योतिराव फूले — सत्यशोधक समाज

परीक्षा में कैसे आता है

बीपीएससी अक्सर डच और अंग्रेजी फैक्ट्रियों के स्थापना वर्ष, उनके वर्तमान स्थान और प्रमुख व्यापारिक वस्तुओं (जैसे शोरा) के बारे में प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 डच बत्तीस (32), अंग्रेज इक्यावन (51) - डच 1632 में और अंग्रेज 1651 में आए।

प्लासी और बक्सर का युद्ध, इलाहाबाद की संधि और दीवानी अधिकार

18वीं शताब्दी के मध्य में बिहार और बंगाल का राजनीतिक भविष्य पूरी तरह बदल गया। 1733 में शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे का हिस्सा बना दिया था, जिससे यह क्षेत्र एक बड़ी प्रशासनिक इकाई बन गया। 1757 में प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल में ब्रिटिश प्रभाव की नींव रखी। इसके बाद 1764 में बक्सर का युद्ध हुआ, जो भारतीय इतिहास में अधिक निर्णायक साबित हुआ क्योंकि इसमें अंग्रेजों ने मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, अवध के नवाब और मीर कासिम की संयुक्त सेना को हराया। 1765 की इलाहाबाद की संधि के माध्यम से ईस्ट इंडिया कंपनी को बिहार, बंगाल और ओडिशा की 'दीवानी' (राजस्व वसूली का अधिकार) प्राप्त हुई। इस घटना ने बिहार के आर्थिक संसाधनों पर अंग्रेजों का पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर दिया और द्वैध शासन की शुरुआत हुई।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) रॉबर्ट क्लाइव (ख) हेक्टर मुनरो (ग) लॉर्ड वेलेज़ली (घ) वारेन हेस्टिंग्स

(क) 1707 (ख) 1733 (ग) 1756 (घ) 1765

(क) केवल बंगाल (ख) बंगाल और बिहार (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा (घ) केवल बिहार

(क) मीर कासिम (ख) शाह आलम द्वितीय (ग) सिराजुद्दौला (घ) शुजाउद्दौला

(क) कुतुबुद्दीन ऐबक (ख) इल्तुतमिश (ग) बलबन (घ) अलाउद्दीन खिलजी

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC इस विषय से अक्सर युद्धों की सटीक तिथियां, संधियों के वर्ष और उन अधिकारियों के नाम पूछता है जिन्होंने सेना का नेतृत्व किया था। दीवानी अधिकारों के हस्तांतरण और बिहार के नायब दीवानों के नाम भी पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 बक्सर-मुनरो (B-M) और प्लासी-क्लाइव (P-C): वर्णमाला क्रम (Alphabetical order) में B पहले आता है और M बाद में, P बाद में आता है और C पहले, लेकिन याद रखने के लिए 'BM' (बक्सर-मुनरो) एक प्रसिद्ध कार ब्रांड जैसा लगता है।

स्थायी बंदोबस्त 1793 और बिहार पर प्रभाव

लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त (इस्तमरारी बंदोबस्त) लागू किया। इस व्यवस्था के तहत जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया गया और सरकार को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया गया। कंपनी को कुल लगान का 10/11 भाग मिलता था, जबकि जमींदार 1/11 भाग अपने पास रखते थे। बिहार में इसके कारण किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई क्योंकि जमींदार उनसे मनमाना लगान वसूलने लगे। 'सूर्यास्त कानून' (Sunset Law) के तहत यदि जमींदार निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान नहीं चुकाता था, तो उसकी जमींदारी नीलाम कर दी जाती थी। इस व्यवस्था ने बिहार में एक नए शोषक जमींदार वर्ग को जन्म दिया जो अंग्रेजों के प्रति वफादार था।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) जमींदारों का जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करना (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना (ग) खेती में सुधार करना (घ) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना

(क) कुल लगान का 1/11 (ख) कुल लगान का 1/2 (ग) कुल लगान का 10/11 (घ) कुल लगान का 5/6

(क) यह केवल किसानों पर लागू होता था (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी (ग) यह सूर्यास्त के बाद खेती करने पर रोक लगाता था (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) लॉर्ड वेलेज़ली (ख) सर जॉन शोर (ग) थॉमस मुनरो (घ) लॉर्ड डलहौजी

(क) वे भूमि के मालिक बन गए (ख) उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए (घ) उन्हें लगान से मुक्ति मिल गई

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में अक्सर स्थायी बंदोबस्त के लागू होने का वर्ष, गवर्नर-जनरल का नाम और कंपनी के राजस्व हिस्से (10/11) के बारे में पूछा जाता है। बिहार के संदर्भ में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर भी प्रश्न आते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 कॉर्न (Cornwallis) ने 93 (1793) में जमीन को 'स्थायी' (Permanent) कर दिया।

गवर्नर-जनरल और उनके प्रमुख सुधार

भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान गवर्नर-जनरल और वायसराय ने प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण अधिनियम और सुधार लागू किए। वारेन हेस्टिंग्स ने 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के साथ नींव रखी, जबकि लॉर्ड कॉर्नवालिस को भारत में नागरिक सेवाओं (Civil Services) का जनक माना जाता है। लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त किया, वहीं लॉर्ड डलहौजी ने 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) और रेलवे की शुरुआत की। 1858 के बाद वायसराय का पद आया, जिसमें लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने। बिहार के संदर्भ में लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय का काल अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके समय में ही बिहार को बंगाल से अलग कर एक नया प्रांत बनाया गया था।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) वारेन हेस्टिंग्स

(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिन्टो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड

(क) लॉर्ड कैनिंग (ख) लॉर्ड रिपन (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) लॉर्ड डलहौजी

(क) लॉर्ड डलहौजी - व्यपगत का सिद्धांत (ख) लॉर्ड वेलेज़ली - सहायक संधि (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (घ) लॉर्ड रिपन - स्थानीय स्वशासन

(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) लॉर्ड मेयो (घ) लॉर्ड डफरिन

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल

(क) 1912 (ख) 1913 (ग) 1911 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में गवर्नर-जनरल और उनके द्वारा किए गए सुधारों (जैसे सती प्रथा, रेलवे, सिविल सेवा) और बिहार के गठन से संबंधित वायसराय पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 बेंटिक ने 'बैन' (Ban) किया सती को, डलहौजी ने 'दौड़ाई' रेल।

पटना में वहाबी आंदोलन और सामाजिक सुधार

वहाबी आंदोलन भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला सबसे संगठित और प्रभावशाली विद्रोह था, जिसका मुख्य केंद्र पटना था। सैयद अहमद बरेलवी ने इस आंदोलन की शुरुआत इस्लाम के शुद्धिकरण और विदेशी शासन को समाप्त करने के उद्देश्य से की थी। पटना में विलायत अली और इनायत अली जैसे नेताओं ने इसे एक मजबूत सैन्य और वित्तीय आधार प्रदान किया। यह आंदोलन लगभग 1820 से 1860 के दशक तक सक्रिय रहा और इसने उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध छेड़ा। वहाबी आंदोलन के साथ-साथ बिहार में ब्रह्म समाज और आर्य समाज जैसी संस्थाओं ने भी सामाजिक चेतना और शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन आंदोलनों ने बिहार के लोगों में राजनीतिक जागरूकता पैदा की, जिसने आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) लखनऊ (ख) पटना (ग) इलाहाबाद (घ) दिल्ली

(क) विलायत अली और इनायत अली (ख) मजहरुल हक (ग) पीर अली (घ) कुंवर सिंह

(क) इनायत अली (ख) याह्या अली (ग) सैयद अहमद बरेलवी (घ) शाह मोहम्मद हुसैन

(क) 1828 (ख) 1866 (ग) 1875 (घ) 1890

1. यह एक पूर्णतः धार्मिक आंदोलन था।

2. इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था।

3. पटना इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र था।

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में वहाबी आंदोलन से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, विशेषकर इसके मुख्य केंद्र (पटना), प्रमुख नेताओं (विलायत अली, इनायत अली) और इसके दमन के कालक्रम के बारे में।

इनमें भ्रम न करें

💡 पटना के 'विलायत' में 'इनायत' हुई - (विलायत अली और इनायत अली पटना के प्रमुख वहाबी नेता थे)।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 9 प्रश्न

1. पटना में डच (Dutch) फैक्ट्री की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. (क) 1620
  2. (ख) 1632
  3. (ग) 1651
  4. (घ) 1764
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1632

डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जो वर्तमान में पटना कॉलेज का उत्तरी हिस्सा है।

2. बक्सर के युद्ध (1764) में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व किसने किया था?

  1. (क) रॉबर्ट क्लाइव
  2. (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. (ग) हेक्टर मुनरो
  4. (घ) वारेन हेस्टिंग्स
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) हेक्टर मुनरो

बक्सर के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व मेजर हेक्टर मुनरो ने किया था।

3. इलाहाबाद की संधि (1765) के बाद बिहार का उप-दीवान (Deputy Diwan) किसे नियुक्त किया गया था?

  1. (क) मोहम्मद रज़ा खान
  2. (ख) राजा शिताब राय
  3. (ग) राय दुर्लभ
  4. (घ) जगत सेठ
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) राजा शिताब राय

इलाहाबाद की संधि के बाद, रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के लिए मोहम्मद रज़ा खान और बिहार के लिए राजा शिताब राय को उप-दीवान नियुक्त किया था।

4. बिहार में 1793 में 'स्थायी बंदोबस्त' लागू करने का मुख्य कारण क्या था?

  1. (क) जमींदारों के लिए जमीन पर वंशानुगत अधिकार को स्वेच्छा से हस्तांतरित करना
  2. (ख) भू-राजस्व का राजस्व निर्णय करना
  3. (ग) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) भू-राजस्व का राजस्व निर्णय करना

स्थायी बंदोबस्त का मुख्य उद्देश्य कंपनी के लिए एक निश्चित राजस्व सुनिश्चित करना और जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बनाना था।

5. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. पुर्तगाली बिहार में व्यापार करने वाले पहले यूरोपीय थे। 2. वे मुख्य रूप से बिहार से सूती वस्त्र और शोरा (Saltpetre) का निर्यात करते थे।

  1. (क) केवल 1 सही है
  2. (ख) केवल 2 सही है
  3. (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं
  4. (घ) न तो 1 और न ही 2 सही है
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं

पुर्तगाली पहले यूरोपीय थे और वे बिहार से सूती वस्त्र, मसाले और शोरा का व्यापार करते थे।

6. किस अधिनियम के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया?

  1. (क) पिट्स इंडिया एक्ट 1784
  2. (ख) रेगुलेटिंग एक्ट 1773
  3. (ग) चार्टर एक्ट 1813
  4. (घ) चार्टर एक्ट 1833
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) रेगुलेटिंग एक्ट 1773

1773 के रेगुलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर-जनरल बना दिया और वारेन हेस्टिंग्स पहले गवर्नर-जनरल बने।

7. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए: (A) प्लासी का युद्ध - (i) 1764 (B) बक्सर का युद्ध - (ii) 1757 (C) स्थायी बंदोबस्त - (iii) 1765 (D) इलाहाबाद की संधि - (iv) 1793

  1. (क) A-ii, B-i, C-iv, D-iii
  2. (ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
  3. (ग) A-ii, B-i, C-iii, D-iv
  4. (घ) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
उत्तर देखें

उत्तर: (क) A-ii, B-i, C-iv, D-iii

प्लासी (1757), बक्सर (1764), इलाहाबाद की संधि (1765), और स्थायी बंदोबस्त (1793) सही कालानुक्रमिक घटनाएं हैं।

8. अंग्रेजों ने पटना में अपनी स्थायी फैक्ट्री किस वर्ष स्थापित की थी?

  1. (क) 1620
  2. (ख) 1651
  3. (ग) 1632
  4. (घ) 1664
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1651

अंग्रेजों ने 1620 में प्रयास किया था, लेकिन उन्हें स्थायी सफलता 1651 में मिली।

9. बक्सर के युद्ध के समय बंगाल का नवाब कौन था?

  1. (क) मीर कासिम
  2. (ख) मीर जाफर
  3. (ग) सिराजुद्दौला
  4. (घ) नजम-उद-दौला
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) मीर जाफर

युद्ध मीर कासिम (अपदस्थ नवाब) द्वारा लड़ा गया था, लेकिन युद्ध के समय अंग्रेजों ने मीर जाफर को पुनः बंगाल का नवाब घोषित कर दिया था।

English version — Modern India: European Arrival, Plassey-Buxar, and Company Rule

This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it marks the transition from Mughal decline to British dominance in Bihar. It details the establishment of European trading posts and their administrative impact on the region.

Arrival of European Companies and English Factory at Patna

European traders began arriving in Bihar in the early 17th century, with the Portuguese being the first to reach via the Hooghly river. They primarily traded in spices and textiles using boats to reach Patna. The Dutch established their first factory in Patna in 1632, which is now part of the Patna College building. After initial failed attempts, the English successfully set up a permanent factory in 1651 at Gulzarbagh. Patna was a major hub for saltpetre (shora) trade, which was in high demand in Europe for making gunpowder. Later, French and Danish traders also established their presence, making Patna a significant international trading center.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 1620 (ख) 1632 (ग) 1651 (घ) 1734

(क) विलियम एलिस (ख) पीटर मुंडी (ग) जॉब चारनॉक (घ) रॉबर्ट क्लाइव

(क) बर्नियर (ख) पीटर मुंडी (ग) मनुची (घ) टैवर्नियर

(क) सिराजुद्दौला (ख) मीर जाफर (ग) मीर कासिम (घ) शाह आलम द्वितीय

(क) चाय (ख) शोरा (Saltpetre) (ग) रबड़ (घ) कॉफी

📜 Real previous-year questions (BPSC)

1) राजा नंदकुमार को मृत्युदण्ड

2) सालबाई की संधि

3) वन्दिवाश की लड़ाई

4) टीपू सुल्तान की मृत्यु

निम्नलिखित में से उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?

(क) 2-3-4-1 (ख) 3-1-2-4 (ग) 2-4-1-3 (घ) 3-2-1-4

व्यक्ति — सम्बन्धित रहे

(क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल (ख) दयानन्द सरस्वती — सत्यार्थ प्रकाश (ग) रामास्वामी नैकर — जस्टिस पार्टी (घ) ज्योतिराव फूले — सत्यशोधक समाज

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the establishment years of Dutch and English factories, their current locations, and major trade commodities like saltpetre.

Do not confuse

💡 डच बत्तीस (32), अंग्रेज इक्यावन (51) - डच 1632 में और अंग्रेज 1651 में आए।

Battles of Plassey and Buxar, Treaty of Allahabad, and Diwani Rights

In the mid-18th century, the political future of Bihar and Bengal changed completely. In 1733, Shujauddin annexed Bihar to the Bengal province, making it a large administrative unit. In 1757, Robert Clive laid the foundation of British influence in Bengal by defeating Siraj-ud-Daulah in the Battle of Plassey. This was followed by the Battle of Buxar in 1764, which proved more decisive in Indian history as the British defeated the combined forces of Mughal Emperor Shah Alam II, the Nawab of Awadh, and Mir Qasim. Through the Treaty of Allahabad in 1765, the East India Company obtained the 'Diwani' (right to collect revenue) of Bihar, Bengal, and Odisha. This event established complete British control over the economic resources of Bihar and marked the beginning of the Dual Government.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) रॉबर्ट क्लाइव (ख) हेक्टर मुनरो (ग) लॉर्ड वेलेज़ली (घ) वारेन हेस्टिंग्स

(क) 1707 (ख) 1733 (ग) 1756 (घ) 1765

(क) केवल बंगाल (ख) बंगाल और बिहार (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा (घ) केवल बिहार

(क) मीर कासिम (ख) शाह आलम द्वितीय (ग) सिराजुद्दौला (घ) शुजाउद्दौला

(क) कुतुबुद्दीन ऐबक (ख) इल्तुतमिश (ग) बलबन (घ) अलाउद्दीन खिलजी

How it is asked

BPSC frequently asks for the exact dates of battles, years of treaties, and the names of officers who led the armies. The transfer of Diwani rights and the names of Naib Diwans of Bihar are also common questions.

Do not confuse

💡 बक्सर-मुनरो (B-M) और प्लासी-क्लाइव (P-C): वर्णमाला क्रम (Alphabetical order) में B पहले आता है और M बाद में, P बाद में आता है और C पहले, लेकिन याद रखने के लिए 'BM' (बक्सर-मुनरो) एक प्रसिद्ध कार ब्रांड जैसा लगता है।

Permanent Settlement 1793 and its effect on Bihar

Lord Cornwallis introduced the Permanent Settlement (also known as Istamrari Bandobast) in 1793 across Bengal, Bihar, and Orissa. Under this system, zamindars were recognized as the permanent owners of the land, and the revenue to be paid to the government was fixed forever. The Company received 10/11th of the total revenue, while the zamindars kept 1/11th for themselves. In Bihar, this led to the miserable condition of peasants as zamindars began collecting arbitrary and high rents. The 'Sunset Law' mandated that if a zamindar failed to pay the revenue by sunset on a fixed date, their zamindari would be auctioned. This system created a new class of exploitative zamindars in Bihar who remained loyal to the British.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) जमींदारों का जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करना (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना (ग) खेती में सुधार करना (घ) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना

(क) कुल लगान का 1/11 (ख) कुल लगान का 1/2 (ग) कुल लगान का 10/11 (घ) कुल लगान का 5/6

(क) यह केवल किसानों पर लागू होता था (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी (ग) यह सूर्यास्त के बाद खेती करने पर रोक लगाता था (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) लॉर्ड वेलेज़ली (ख) सर जॉन शोर (ग) थॉमस मुनरो (घ) लॉर्ड डलहौजी

(क) वे भूमि के मालिक बन गए (ख) उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए (घ) उन्हें लगान से मुक्ति मिल गई

How it is asked

BPSC frequently asks about the year of implementation, the name of the Governor-General, and the Company's revenue share (10/11). Questions also appear on its socio-economic impact specifically in Bihar.

Do not confuse

💡 कॉर्न (Cornwallis) ने 93 (1793) में जमीन को 'स्थायी' (Permanent) कर दिया।

Governors-General and their major acts/reforms

During British rule in India, Governors-General and Viceroys implemented several key acts and reforms to reshape the administrative, social, and political structure. Warren Hastings laid the foundation with the Regulating Act of 1773, while Lord Cornwallis is considered the father of Civil Services in India. Lord William Bentinck abolished social evils like Sati, and Lord Dalhousie introduced the 'Doctrine of Lapse' and the Railways. After 1858, the post of Viceroy was created, with Lord Canning being the first. In the context of Bihar, Lord Hardinge II's tenure is crucial as Bihar was separated from Bengal to form a new province during his time.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) वारेन हेस्टिंग्स

(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिन्टो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड

(क) लॉर्ड कैनिंग (ख) लॉर्ड रिपन (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) लॉर्ड डलहौजी

(क) लॉर्ड डलहौजी - व्यपगत का सिद्धांत (ख) लॉर्ड वेलेज़ली - सहायक संधि (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (घ) लॉर्ड रिपन - स्थानीय स्वशासन

(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) लॉर्ड मेयो (घ) लॉर्ड डफरिन

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल

(क) 1912 (ख) 1913 (ग) 1911 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक

How it is asked

BPSC frequently asks questions about Governors-General and their reforms (like Sati abolition, Railways, Civil Services) and the Viceroy associated with the formation of Bihar.

Do not confuse

💡 बेंटिक ने 'बैन' (Ban) किया सती को, डलहौजी ने 'दौड़ाई' रेल।

Wahabi Movement in Patna and Social Reforms

The Wahabi movement was the first highly organized and influential rebellion against British rule in India, with Patna serving as its primary center. Founded by Syed Ahmed Barelvi, the movement aimed at purifying Islam and ending foreign rule. In Patna, leaders like Wilayat Ali and Enayat Ali provided it with a strong military and financial base. The movement remained active from the 1820s to the 1860s, waging war against the British on the North-West Frontier. Alongside the Wahabis, institutions like the Brahmo Samaj and Arya Samaj played a crucial role in spreading social consciousness and education in Bihar. These movements fostered political awareness among the people of Bihar, laying the groundwork for the later freedom struggle.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) लखनऊ (ख) पटना (ग) इलाहाबाद (घ) दिल्ली

(क) विलायत अली और इनायत अली (ख) मजहरुल हक (ग) पीर अली (घ) कुंवर सिंह

(क) इनायत अली (ख) याह्या अली (ग) सैयद अहमद बरेलवी (घ) शाह मोहम्मद हुसैन

(क) 1828 (ख) 1866 (ग) 1875 (घ) 1890

1. यह एक पूर्णतः धार्मिक आंदोलन था।

2. इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था।

3. पटना इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र था।

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the Wahabi movement, especially regarding its main center (Patna), key leaders (Wilayat Ali, Enayat Ali), and the timeline of its suppression.

Do not confuse

💡 पटना के 'विलायत' में 'इनायत' हुई - (विलायत अली और इनायत अली पटना के प्रमुख वहाबी नेता थे)।

Quick revision

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