होम › नोट्स › BPSC CCE › इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन
BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलनआधुनिक भारत: यूरोपीय आगमन, प्लासी-बक्सर और कंपनी शासन
Modern India: European Arrival, Plassey-Buxar, and Company Rule
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार में मुगल सत्ता के पतन और ब्रिटिश प्रभुत्व के उदय को दर्शाता है। इसमें यूरोपीय व्यापारिक केंद्रों की स्थापना और बिहार पर उनके प्रशासनिक प्रभावों का विस्तृत विवरण मिलता है।
यूरोपीय कंपनियों का आगमन और पटना में अंग्रेजी फैक्ट्री
बिहार में यूरोपीय व्यापारियों का आगमन 17वीं शताब्दी की शुरुआत में हुआ, जिसमें पुर्तगाली सबसे पहले आए। वे हुगली के रास्ते नावों से पटना आते थे और मुख्य रूप से मसालों और सूती कपड़ों का व्यापार करते थे। डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की, जो वर्तमान में पटना कॉलेज का हिस्सा है। अंग्रेजों ने कई असफल प्रयासों के बाद 1651 में पटना के गुलजारबाग में अपनी स्थायी फैक्ट्री बनाई। पटना उस समय शोरा (Saltpetre) के व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था, जिसकी यूरोप में बारूद बनाने के लिए भारी मांग थी। फ्रांसीसी और डेनिश व्यापारियों ने भी बाद में अपनी फैक्ट्रियां खोलीं, जिससे पटना एक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र बन गया।
मुख्य तथ्य
- पुर्तगाली बिहार आने वाले पहले यूरोपीय व्यापारी थे जो हुगली से पटना आते थे।
- पटना में डच फैक्ट्री की स्थापना 1632 ई. में हुई थी (वर्तमान पटना कॉलेज)।
- अंग्रेजों ने 1620 में पटना के आलमगंज में फैक्ट्री खोलने का पहला असफल प्रयास किया था।
- पटना में अंग्रेजी फैक्ट्री की स्थायी स्थापना 1651 ई. में हुई थी।
- जॉब चारनॉक को 1664 में पटना की अंग्रेजी फैक्ट्री का प्रमुख बनाया गया था।
- अंग्रेजी यात्री पीटर मुंडी ने 1632 में पटना की यात्रा की और इसकी समृद्धि का वर्णन किया।
- फ्रांसीसी व्यापारियों ने पटना में अपनी फैक्ट्री 1734 ई. में स्थापित की थी।
- डेनिश (डेनमार्क) फैक्ट्री की स्थापना 1774 ई. में पटना में हुई थी।
- पटना नरसंहार (1763) में मीर कासिम ने अंग्रेजी एजेंट विलियम एलिस की हत्या कर दी थी।
- बिहार मुख्य रूप से शोरा (Saltpetre), अफीम और सूती वस्त्रों के निर्यात के लिए प्रसिद्ध था।
- सच्चिदानंद सिन्हा ने 1918 में पटना से 'सर्चलाइट' समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया।
- वर्तमान में गुलजारबाग स्थित गवर्नमेंट प्रिंटिंग प्रेस कभी अंग्रेजी फैक्ट्री थी।
तालिका
- यूरोपीय कंपनी: डच · पटना में स्थापना: 1632 ई. · वर्तमान पहचान: पटना कॉलेज (उत्तरी भाग)
- यूरोपीय कंपनी: अंग्रेज · पटना में स्थापना: 1651 ई. · वर्तमान पहचान: गुलजारबाग (गवर्नमेंट प्रेस)
- यूरोपीय कंपनी: फ्रांसीसी · पटना में स्थापना: 1734 ई. · वर्तमान पहचान: व्यापारिक केंद्र
- यूरोपीय कंपनी: डेनिश · पटना में स्थापना: 1774 ई. · वर्तमान पहचान: नेपाली कोठी के पास
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: बिहार में डच फैक्ट्री की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1620 (ख) 1632 (ग) 1651 (घ) 1734
- ✔ उत्तर: (ख) 1632 — डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी फैक्ट्री स्थापित की थी, जो अब पटना कॉलेज है।
- प्रश्न 2: पटना में अंग्रेजी फैक्ट्री का प्रमुख 1664 में किसे नियुक्त किया गया था?
(क) विलियम एलिस (ख) पीटर मुंडी (ग) जॉब चारनॉक (घ) रॉबर्ट क्लाइव
- ✔ उत्तर: (ग) जॉब चारनॉक — जॉब चारनॉक को 1664 में पटना फैक्ट्री का प्रमुख बनाया गया था और वह 1680-81 तक यहाँ रहा।
- प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन सा यूरोपीय यात्री पटना की समृद्धि से प्रभावित हुआ था?
(क) बर्नियर (ख) पीटर मुंडी (ग) मनुची (घ) टैवर्नियर
- ✔ उत्तर: (ख) पीटर मुंडी — अंग्रेजी यात्री पीटर मुंडी ने 1632 में पटना की यात्रा के दौरान इसे एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र बताया था।
- प्रश्न 4: पटना नरसंहार (1763) के लिए कौन सा शासक उत्तरदायी था?
(क) सिराजुद्दौला (ख) मीर जाफर (ग) मीर कासिम (घ) शाह आलम द्वितीय
- ✔ उत्तर: (ग) मीर कासिम — मीर कासिम ने 1763 में पटना में विलियम एलिस सहित कई अंग्रेजों की हत्या करवा दी थी।
- प्रश्न 5: बिहार से यूरोपीय व्यापारी मुख्य रूप से किस वस्तु का निर्यात करते थे?
(क) चाय (ख) शोरा (Saltpetre) (ग) रबड़ (घ) कॉफी
- ✔ उत्तर: (ख) शोरा (Saltpetre) — बिहार शोरा (बारूद बनाने के लिए) का प्रमुख उत्पादक था, जिसकी यूरोप में बहुत मांग थी।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 98] आधुनिक भारतीय इतिहास को निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए।
1) राजा नंदकुमार को मृत्युदण्ड
2) सालबाई की संधि
3) वन्दिवाश की लड़ाई
4) टीपू सुल्तान की मृत्यु
निम्नलिखित में से उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?
(क) 2-3-4-1 (ख) 3-1-2-4 (ग) 2-4-1-3 (घ) 3-2-1-4
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) 3-1-2-4 — वन्दिवाश की लड़ाई (1760) अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी, जो यूरोपीय आगमन के क्रम का हिस्सा है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 93] निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित नहीं है?
व्यक्ति — सम्बन्धित रहे
(क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल (ख) दयानन्द सरस्वती — सत्यार्थ प्रकाश (ग) रामास्वामी नैकर — जस्टिस पार्टी (घ) ज्योतिराव फूले — सत्यशोधक समाज
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल — यह प्रश्न समाचार पत्रों से संबंधित है; स्रोत के अनुसार 'सर्चलाइट' पटना से 1918 में शुरू हुआ था।
परीक्षा में कैसे आता है
बीपीएससी अक्सर डच और अंग्रेजी फैक्ट्रियों के स्थापना वर्ष, उनके वर्तमान स्थान और प्रमुख व्यापारिक वस्तुओं (जैसे शोरा) के बारे में प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ अंग्रेजों का पहला प्रयास 1620 में था, लेकिन स्थायी फैक्ट्री 1651 में बनी।
- ✘ डच फैक्ट्री (1632) और अंग्रेजी फैक्ट्री (1651) के वर्षों में अक्सर छात्र भ्रमित हो जाते हैं।
💡 डच बत्तीस (32), अंग्रेज इक्यावन (51) - डच 1632 में और अंग्रेज 1651 में आए।
प्लासी और बक्सर का युद्ध, इलाहाबाद की संधि और दीवानी अधिकार
18वीं शताब्दी के मध्य में बिहार और बंगाल का राजनीतिक भविष्य पूरी तरह बदल गया। 1733 में शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे का हिस्सा बना दिया था, जिससे यह क्षेत्र एक बड़ी प्रशासनिक इकाई बन गया। 1757 में प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराकर बंगाल में ब्रिटिश प्रभाव की नींव रखी। इसके बाद 1764 में बक्सर का युद्ध हुआ, जो भारतीय इतिहास में अधिक निर्णायक साबित हुआ क्योंकि इसमें अंग्रेजों ने मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय, अवध के नवाब और मीर कासिम की संयुक्त सेना को हराया। 1765 की इलाहाबाद की संधि के माध्यम से ईस्ट इंडिया कंपनी को बिहार, बंगाल और ओडिशा की 'दीवानी' (राजस्व वसूली का अधिकार) प्राप्त हुई। इस घटना ने बिहार के आर्थिक संसाधनों पर अंग्रेजों का पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर दिया और द्वैध शासन की शुरुआत हुई।
मुख्य तथ्य
- 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद, मुगल सत्ता कमजोर होने पर बिहार बंगाल का हिस्सा बन गया।
- 1733 में शुजाउद्दीन ने आधिकारिक तौर पर बिहार को बंगाल सूबे में मिला लिया था।
- अलीवर्दी खान ने 1756 में अपनी मृत्यु तक बिहार, बंगाल और ओडिशा पर सीधा नियंत्रण रखा।
- 23 जून 1757 को प्लासी का युद्ध रॉबर्ट क्लाइव और सिराजुद्दौला के बीच लड़ा गया था।
- 22 अक्टूबर 1764 को बक्सर का युद्ध हुआ, जिसमें अंग्रेजी सेना का नेतृत्व हेक्टर मुनरो ने किया था।
- बक्सर के युद्ध में मीर कासिम, शुजाउद्दौला (अवध) और शाह आलम द्वितीय (मुगल) की संयुक्त सेना हार गई थी।
- 1765 में इलाहाबाद की संधि के तहत कंपनी को बिहार, बंगाल और ओडिशा की दीवानी प्राप्त हुई।
- मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने 12 अगस्त 1765 को कंपनी को दीवानी अधिकार सौंपे थे।
- रॉबर्ट क्लाइव ने 1765 में बंगाल और बिहार में 'द्वैध शासन' (Dual Government) लागू किया।
- इल्तुतमिश 1225 में बिहार पर अभियान चलाने वाला दिल्ली का पहला सुल्तान था।
- बिहार और बंगाल को एकीकृत करने के बाद लखनौती को प्रशासनिक मुख्यालय बनाया गया था।
तालिका
- घटना: प्लासी का युद्ध · वर्ष: 1757 · मुख्य व्यक्तित्व: क्लाइव vs सिराजुद्दौला · महत्व: बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की नींव
- घटना: बक्सर का युद्ध · वर्ष: 1764 · मुख्य व्यक्तित्व: मुनरो vs संयुक्त सेना · महत्व: भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व की स्थापना
- घटना: इलाहाबाद की संधि · वर्ष: 1765 · मुख्य व्यक्तित्व: शाह आलम II और क्लाइव · महत्व: बिहार-बंगाल-ओडिशा की दीवानी प्राप्त
- घटना: द्वैध शासन · वर्ष: 1765 · मुख्य व्यक्तित्व: रॉबर्ट क्लाइव · महत्व: राजस्व और प्रशासन का पृथक्करण
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: बक्सर के युद्ध (1764) के समय अंग्रेजी सेना का सेनापति कौन था?
(क) रॉबर्ट क्लाइव (ख) हेक्टर मुनरो (ग) लॉर्ड वेलेज़ली (घ) वारेन हेस्टिंग्स
- ✔ उत्तर: (ख) हेक्टर मुनरो — बक्सर के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व हेक्टर मुनरो ने किया था, जबकि प्लासी में क्लाइव ने किया था।
- प्रश्न 7: किस वर्ष शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे का हिस्सा बनाया था?
(क) 1707 (ख) 1733 (ग) 1756 (घ) 1765
- ✔ उत्तर: (ख) 1733 — 1733 में शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल में मिलाया था, जिससे प्रशासनिक एकीकरण हुआ।
- प्रश्न 8: इलाहाबाद की संधि (1765) के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को कहाँ की दीवानी प्राप्त हुई?
(क) केवल बंगाल (ख) बंगाल और बिहार (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा (घ) केवल बिहार
- ✔ उत्तर: (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा — 1765 की संधि के तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा तीनों क्षेत्रों के राजस्व अधिकार मिले।
- प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन सा शासक बक्सर के युद्ध में शामिल नहीं था?
(क) मीर कासिम (ख) शाह आलम द्वितीय (ग) सिराजुद्दौला (घ) शुजाउद्दौला
- ✔ उत्तर: (ग) सिराजुद्दौला — सिराजुद्दौला प्लासी के युद्ध (1757) में शामिल था, बक्सर (1764) में नहीं।
- प्रश्न 10: बिहार पर अभियान करने वाला दिल्ली का प्रथम सुल्तान कौन था?
(क) कुतुबुद्दीन ऐबक (ख) इल्तुतमिश (ग) बलबन (घ) अलाउद्दीन खिलजी
- ✔ उत्तर: (ख) इल्तुतमिश — इल्तुतमिश ने 1225 में बिहार और बंगाल पर अधिकार करने के लिए अभियान चलाया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस विषय से अक्सर युद्धों की सटीक तिथियां, संधियों के वर्ष और उन अधिकारियों के नाम पूछता है जिन्होंने सेना का नेतृत्व किया था। दीवानी अधिकारों के हस्तांतरण और बिहार के नायब दीवानों के नाम भी पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के वर्षों को आपस में बदल देते हैं।
- ✘ रॉबर्ट क्लाइव और हेक्टर मुनरो के नेतृत्व वाले युद्धों में भ्रम होता है; याद रखें क्लाइव प्लासी में था और मुनरो बक्सर में।
💡 बक्सर-मुनरो (B-M) और प्लासी-क्लाइव (P-C): वर्णमाला क्रम (Alphabetical order) में B पहले आता है और M बाद में, P बाद में आता है और C पहले, लेकिन याद रखने के लिए 'BM' (बक्सर-मुनरो) एक प्रसिद्ध कार ब्रांड जैसा लगता है।
स्थायी बंदोबस्त 1793 और बिहार पर प्रभाव
लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त (इस्तमरारी बंदोबस्त) लागू किया। इस व्यवस्था के तहत जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया गया और सरकार को दिया जाने वाला लगान हमेशा के लिए तय कर दिया गया। कंपनी को कुल लगान का 10/11 भाग मिलता था, जबकि जमींदार 1/11 भाग अपने पास रखते थे। बिहार में इसके कारण किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई क्योंकि जमींदार उनसे मनमाना लगान वसूलने लगे। 'सूर्यास्त कानून' (Sunset Law) के तहत यदि जमींदार निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान नहीं चुकाता था, तो उसकी जमींदारी नीलाम कर दी जाती थी। इस व्यवस्था ने बिहार में एक नए शोषक जमींदार वर्ग को जन्म दिया जो अंग्रेजों के प्रति वफादार था।
मुख्य तथ्य
- 1793: लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा स्थायी बंदोबस्त लागू किया गया।
- सर जॉन शोर: इस व्यवस्था के मुख्य योजनाकार (Architect) थे।
- 10/11 भाग: कंपनी का हिस्सा जो जमींदारों को जमा करना होता था।
- 1/11 भाग: जमींदार का हिस्सा जो उनकी सेवाओं के लिए उनके पास रहता था।
- सूर्यास्त कानून (Sunset Law): निश्चित तिथि तक लगान न देने पर जमींदारी की नीलामी।
- क्षेत्र: यह ब्रिटिश भारत के लगभग 19% क्षेत्र (बंगाल, बिहार, उड़ीसा, वाराणसी, उत्तरी कर्नाटक) पर लागू था।
- बिहार पर प्रभाव: किसानों के पारंपरिक भूमि अधिकार समाप्त हो गए और वे केवल बटाईदार बनकर रह गए।
- जमींदारों का स्वामित्व: भूमि को हस्तांतरणीय और वंशानुगत बना दिया गया।
- राजस्व की निश्चितता: कंपनी की आय निश्चित हो गई, लेकिन कृषि सुधार में उनकी रुचि खत्म हो गई।
- अनुपस्थित जमींदारी: बिहार में कई जमींदार शहरों में रहने लगे और लगान वसूली कारिंदों पर छोड़ दी।
तालिका
- विशेषता: लागू करने वाला · विवरण: लॉर्ड कॉर्नवालिस
- विशेषता: वर्ष · विवरण: 1793
- विशेषता: मुख्य क्षेत्र · विवरण: बंगाल, बिहार, उड़ीसा
- विशेषता: राजस्व निर्धारण · विवरण: स्थायी (हमेशा के लिए तय)
- विशेषता: जमींदार की भूमिका · विवरण: भूमि का वास्तविक मालिक
- विशेषता: कंपनी का हिस्सा · विवरण: 89% (10/11)
- विशेषता: जमींदार का हिस्सा · विवरण: 11% (1/11)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: बिहार में स्थायी बंदोबस्त लागू करने का मुख्य कारण क्या था?
(क) जमींदारों का जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करना (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना (ग) खेती में सुधार करना (घ) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना
- ✔ उत्तर: (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना — कंपनी अपनी आय को निश्चित करना चाहती थी ताकि बजट बनाया जा सके।
- प्रश्न 12: स्थायी बंदोबस्त के तहत सरकार (कंपनी) का हिस्सा कितना तय किया गया था?
(क) कुल लगान का 1/11 (ख) कुल लगान का 1/2 (ग) कुल लगान का 10/11 (घ) कुल लगान का 5/6
- ✔ उत्तर: (ग) कुल लगान का 10/11 — 10/11 भाग कंपनी का था और 1/11 भाग जमींदार का।
- प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'सूर्यास्त कानून' के बारे में सही है?
(क) यह केवल किसानों पर लागू होता था (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी (ग) यह सूर्यास्त के बाद खेती करने पर रोक लगाता था (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ उत्तर: (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी — सूर्यास्त कानून जमींदारों के लिए समय सीमा तय करता था।
- प्रश्न 14: स्थायी बंदोबस्त की योजना किसने बनाई थी?
(क) लॉर्ड वेलेज़ली (ख) सर जॉन शोर (ग) थॉमस मुनरो (घ) लॉर्ड डलहौजी
- ✔ उत्तर: (ख) सर जॉन शोर — सर जॉन शोर इस योजना के मुख्य रणनीतिकार थे।
- प्रश्न 15: स्थायी बंदोबस्त का बिहार के किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
(क) वे भूमि के मालिक बन गए (ख) उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए (घ) उन्हें लगान से मुक्ति मिल गई
- ✔ उत्तर: (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए — किसानों के अधिकार छीन लिए गए और वे केवल किराएदार बनकर रह गए।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में अक्सर स्थायी बंदोबस्त के लागू होने का वर्ष, गवर्नर-जनरल का नाम और कंपनी के राजस्व हिस्से (10/11) के बारे में पूछा जाता है। बिहार के संदर्भ में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर भी प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ स्थायी बंदोबस्त (जमींदार मालिक) और रैयतवाड़ी (किसान मालिक) के बीच भ्रम।
- ✘ योजना बनाने वाले (जॉन शोर) और लागू करने वाले (कॉर्नवालिस) के बीच अंतर।
- ✘ राजस्व हिस्सेदारी: 10/11 कंपनी का है, न कि जमींदार का।
💡 कॉर्न (Cornwallis) ने 93 (1793) में जमीन को 'स्थायी' (Permanent) कर दिया।
गवर्नर-जनरल और उनके प्रमुख सुधार
भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान गवर्नर-जनरल और वायसराय ने प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण अधिनियम और सुधार लागू किए। वारेन हेस्टिंग्स ने 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के साथ नींव रखी, जबकि लॉर्ड कॉर्नवालिस को भारत में नागरिक सेवाओं (Civil Services) का जनक माना जाता है। लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त किया, वहीं लॉर्ड डलहौजी ने 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) और रेलवे की शुरुआत की। 1858 के बाद वायसराय का पद आया, जिसमें लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने। बिहार के संदर्भ में लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय का काल अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके समय में ही बिहार को बंगाल से अलग कर एक नया प्रांत बनाया गया था।
मुख्य तथ्य
- वारेन हेस्टिंग्स 1773 में बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल बने।
- लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल में स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) लागू किया।
- लॉर्ड वेलेज़ली ने भारतीय राज्यों को नियंत्रित करने के लिए 'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance) की शुरुआत की।
- लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 में सती प्रथा को अवैध घोषित किया।
- लॉर्ड डलहौजी ने 1853 में भारत की पहली रेलवे लाइन (बंबई से ठाणे) शुरू की।
- लॉर्ड कैनिंग 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर-जनरल और भारत के पहले वायसराय थे।
- लॉर्ड लिटन ने 1878 में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट पारित किया, जिसे 'मुंह बंद करने वाला कानून' कहा गया।
- लॉर्ड रिपन को भारत में 'स्थानीय स्वशासन का जनक' माना जाता है।
- लॉर्ड कर्जन ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया था।
- लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के समय 1911 में दिल्ली दरबार का आयोजन हुआ और बिहार को अलग प्रांत बनाने की घोषणा हुई।
- 1 अप्रैल 1912 को बिहार और उड़ीसा औपचारिक रूप से बंगाल से अलग हो गए।
तालिका
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड कॉर्नवालिस · प्रमुख कार्य/सुधार: स्थायी बंदोबस्त, सिविल सेवा · वर्ष: 1793
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड विलियम बेंटिक · प्रमुख कार्य/सुधार: सती प्रथा का अंत · वर्ष: 1829
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड डलहौजी · प्रमुख कार्य/सुधार: प्रथम रेलवे, डाक सेवा · वर्ष: 1853
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड रिपन · प्रमुख कार्य/सुधार: प्रथम नियमित जनगणना · वर्ष: 1881
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय · प्रमुख कार्य/सुधार: बिहार का पृथक्करण · वर्ष: 1912
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 16: भारत में नागरिक सेवाओं (Civil Services) का जनक किसे माना जाता है?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) वारेन हेस्टिंग्स
- ✔ उत्तर: (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस — लॉर्ड कॉर्नवालिस ने प्रशासन को संगठित किया और सिविल सेवाओं की नींव रखी।
- प्रश्न 17: किस वायसराय के कार्यकाल के दौरान बिहार को बंगाल से अलग कर एक नया प्रांत बनाया गया था?
(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिन्टो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के समय 1911 में घोषणा हुई और 1912 में बिहार अलग प्रांत बना।
- प्रश्न 18: सती प्रथा का उन्मूलन किस गवर्नर-जनरल द्वारा किया गया था?
(क) लॉर्ड कैनिंग (ख) लॉर्ड रिपन (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) लॉर्ड डलहौजी
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक — लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 के नियम XVII द्वारा सती प्रथा को समाप्त किया।
- प्रश्न 19: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) लॉर्ड डलहौजी - व्यपगत का सिद्धांत (ख) लॉर्ड वेलेज़ली - सहायक संधि (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (घ) लॉर्ड रिपन - स्थानीय स्वशासन
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट — वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लॉर्ड लिटन द्वारा लाया गया था, बेंटिक द्वारा नहीं।
- प्रश्न 20: 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) लॉर्ड मेयो (घ) लॉर्ड डफरिन
- ✔ उत्तर: (ख) लॉर्ड कैनिंग — लॉर्ड कैनिंग 1856-1862 तक भारत के गवर्नर-जनरल/वायसराय थे।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 72] दिल्ली में उसके राजकीय प्रवेश के अवसर पर किस वायसराय पर एक बम फेंका गया था ?
(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) लार्ड हार्डिंग्ज — 1912 में दिल्ली में प्रवेश के दौरान लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय पर बम फेंका गया था, जो बिहार के गठन के समय वायसराय थे।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 4] अंग्रेजों ने राजधानी को दिल्ली कब स्थानांतरित किया ?
(क) 1912 (ख) 1913 (ग) 1911 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) 1912 — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के कार्यकाल में 1911 में राजधानी स्थानांतरण की घोषणा हुई और 1912 में दिल्ली राजधानी बनी।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में गवर्नर-जनरल और उनके द्वारा किए गए सुधारों (जैसे सती प्रथा, रेलवे, सिविल सेवा) और बिहार के गठन से संबंधित वायसराय पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ लॉर्ड कर्जन (बंगाल विभाजन) और लॉर्ड हार्डिंग (विभाजन रद्द/बिहार गठन) के बीच भ्रम।
- ✘ गवर्नर-जनरल (1858 से पहले) और वायसराय (1858 के बाद) के पदों के बीच अंतर।
💡 बेंटिक ने 'बैन' (Ban) किया सती को, डलहौजी ने 'दौड़ाई' रेल।
पटना में वहाबी आंदोलन और सामाजिक सुधार
वहाबी आंदोलन भारत में ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला सबसे संगठित और प्रभावशाली विद्रोह था, जिसका मुख्य केंद्र पटना था। सैयद अहमद बरेलवी ने इस आंदोलन की शुरुआत इस्लाम के शुद्धिकरण और विदेशी शासन को समाप्त करने के उद्देश्य से की थी। पटना में विलायत अली और इनायत अली जैसे नेताओं ने इसे एक मजबूत सैन्य और वित्तीय आधार प्रदान किया। यह आंदोलन लगभग 1820 से 1860 के दशक तक सक्रिय रहा और इसने उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध छेड़ा। वहाबी आंदोलन के साथ-साथ बिहार में ब्रह्म समाज और आर्य समाज जैसी संस्थाओं ने भी सामाजिक चेतना और शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन आंदोलनों ने बिहार के लोगों में राजनीतिक जागरूकता पैदा की, जिसने आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी।
मुख्य तथ्य
- सैयद अहमद बरेलवी भारत में वहाबी आंदोलन के प्रवर्तक थे।
- पटना 1822 से 1868 तक वहाबी आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा।
- सैयद अहमद बरेलवी ने 1821 में पटना की यात्रा की और शाह मोहम्मद हुसैन के घर ठहरे थे।
- पटना में आंदोलन के संचालन के लिए चार 'खलीफा' नियुक्त किए गए: विलायत अली, इनायत अली, शाह मोहम्मद हुसैन और फरहत हुसैन।
- 1831 में बालाकोट के युद्ध में सैयद अहमद की मृत्यु के बाद विलायत अली और इनायत अली ने नेतृत्व संभाला।
- वहाबियों ने उत्तर-पश्चिमी सीमा प्रांत में 'सिटताना' को अपना मुख्य सैन्य आधार बनाया था।
- पटना के वहाबी नेता गुप्त रूप से धन और स्वयंसेवकों को सीमावर्ती क्षेत्रों में भेजते थे।
- 1863 के अंबाला अभियान और 1864-65 के पटना मुकदमों के बाद इस आंदोलन को बेरहमी से कुचल दिया गया।
- पटना ट्रायल (1864) के दौरान याह्या अली को मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में काला पानी में बदल दिया गया।
- पटना में ब्रह्म समाज की पहली शाखा 1866 में स्थापित की गई थी।
- बिहार में आर्य समाज का प्रभाव मुख्य रूप से दानापुर और पटना के क्षेत्रों में शिक्षा सुधार के लिए रहा।
- इनायत अली ने बंगाल के किसानों को जमींदारों और अंग्रेजों के खिलाफ संगठित किया था।
- वहाबी आंदोलन को 'दार-उल-हर्ब' (काफिरों का देश) को 'दार-उल-इस्लाम' में बदलने के प्रयास के रूप में देखा जाता था।
तालिका
- आंदोलन/संस्था: वहाबी आंदोलन · प्रमुख नेता (बिहार): विलायत अली, इनायत अली · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: इस्लामी सुधार और ब्रिटिश विरोध
- आंदोलन/संस्था: ब्रह्म समाज · प्रमुख नेता (बिहार): गजाधर प्रसाद · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: सामाजिक सुधार और शिक्षा
- आंदोलन/संस्था: आर्य समाज · प्रमुख नेता (बिहार): स्वामी दयानंद (प्रेरणा) · मुख्य केंद्र: दानापुर, पटना · उद्देश्य: वैदिक धर्म का प्रचार
- आंदोलन/संस्था: रामकृष्ण मिशन · प्रमुख नेता (बिहार): स्वामी विवेकानंद (प्रेरणा) · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: मानवतावादी सेवा
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 21: वहाबी आंदोलन का मुख्य केंद्र निम्नलिखित में से कौन सा था?
(क) लखनऊ (ख) पटना (ग) इलाहाबाद (घ) दिल्ली
- ✔ उत्तर: (ख) पटना — पटना 1822 से 1868 तक वहाबी आंदोलन का सबसे प्रमुख संगठनात्मक केंद्र था।
- प्रश्न 22: सैयद अहमद बरेलवी ने पटना में किसे अपना मुख्य प्रतिनिधि (खलीफा) नियुक्त किया था?
(क) विलायत अली और इनायत अली (ख) मजहरुल हक (ग) पीर अली (घ) कुंवर सिंह
- ✔ उत्तर: (क) विलायत अली और इनायत अली — सैयद अहमद ने पटना में विलायत अली, इनायत अली, शाह मोहम्मद हुसैन और फरहत हुसैन को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था।
- प्रश्न 23: वहाबी आंदोलन के किस नेता की मृत्यु 1831 में बालाकोट के युद्ध में हुई थी?
(क) इनायत अली (ख) याह्या अली (ग) सैयद अहमद बरेलवी (घ) शाह मोहम्मद हुसैन
- ✔ उत्तर: (ग) सैयद अहमद बरेलवी — सैयद अहमद बरेलवी 1831 में सिखों के खिलाफ लड़ते हुए बालाकोट के युद्ध में शहीद हो गए थे।
- प्रश्न 24: पटना में ब्रह्म समाज की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1828 (ख) 1866 (ग) 1875 (घ) 1890
- ✔ उत्तर: (ख) 1866 — बिहार में ब्रह्म समाज की पहली शाखा 1866 में पटना में स्थापित की गई थी।
- प्रश्न 25: वहाबी आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
1. यह एक पूर्णतः धार्मिक आंदोलन था।
2. इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था।
3. पटना इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र था।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (ख) केवल 2 और 3 — यह धार्मिक के साथ-साथ एक राजनीतिक और ब्रिटिश विरोधी आंदोलन था जिसका केंद्र पटना था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में वहाबी आंदोलन से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, विशेषकर इसके मुख्य केंद्र (पटना), प्रमुख नेताओं (विलायत अली, इनायत अली) और इसके दमन के कालक्रम के बारे में।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ वहाबी आंदोलन (पटना केंद्र) और फरायजी आंदोलन (बंगाल केंद्र) के बीच भ्रमित न हों।
- ✘ सैयद अहमद बरेलवी (वहाबी नेता) और सर सैयद अहमद खान (अलीगढ़ आंदोलन) दो अलग व्यक्ति हैं।
💡 पटना के 'विलायत' में 'इनायत' हुई - (विलायत अली और इनायत अली पटना के प्रमुख वहाबी नेता थे)।
एक नज़र में (Revision)
- पुर्तगाली बिहार पहुंचने वाले पहले यूरोपीय थे, जो हुगली के रास्ते नावों से व्यापार करते थे।
- डच फैक्ट्री की स्थापना 1632 में पटना (वर्तमान पटना कॉलेज) में हुई थी।
- अंग्रेजों ने 1620 में पटना में फैक्ट्री खोलने का प्रयास किया, लेकिन स्थायी सफलता 1651 में मिली।
- प्लासी का युद्ध (1757) सिराजुद्दौला और रॉबर्ट क्लाइव के बीच हुआ, जिसने बंगाल में ब्रिटिश नींव रखी।
- बक्सर का युद्ध (1764) हेक्टर मुनरो और मीर कासिम, शुजाउद्दौला एवं शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच हुआ।
- इलाहाबाद की संधि (1765) के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी प्राप्त हुई।
- लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बिहार और बंगाल में स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) लागू किया।
- स्थायी बंदोबस्त के कारण बिहार में जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बना दिया गया।
- पटना 19वीं शताब्दी में वहाबी आंदोलन का मुख्य केंद्र था, जिसका नेतृत्व सैयद अहमद बरेलवी ने किया।
- राजा राम मोहन राय ने पटना में अरबी और फारसी की शिक्षा ग्रहण की थी, जो सामाजिक सुधारों के अग्रदूत बने।
- रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के तहत वारेन हेस्टिंग्स बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल बने।
- चार्टर एक्ट 1813 ने चाय और चीन के साथ व्यापार को छोड़कर कंपनी का एकाधिकार समाप्त कर दिया।
अपने आप को जाँचिए — 9 प्रश्न
1. पटना में डच (Dutch) फैक्ट्री की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- (क) 1620
- (ख) 1632
- (ग) 1651
- (घ) 1764
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 1632
डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, जो वर्तमान में पटना कॉलेज का उत्तरी हिस्सा है।
2. बक्सर के युद्ध (1764) में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व किसने किया था?
- (क) रॉबर्ट क्लाइव
- (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस
- (ग) हेक्टर मुनरो
- (घ) वारेन हेस्टिंग्स
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) हेक्टर मुनरो
बक्सर के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व मेजर हेक्टर मुनरो ने किया था।
3. इलाहाबाद की संधि (1765) के बाद बिहार का उप-दीवान (Deputy Diwan) किसे नियुक्त किया गया था?
- (क) मोहम्मद रज़ा खान
- (ख) राजा शिताब राय
- (ग) राय दुर्लभ
- (घ) जगत सेठ
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) राजा शिताब राय
इलाहाबाद की संधि के बाद, रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के लिए मोहम्मद रज़ा खान और बिहार के लिए राजा शिताब राय को उप-दीवान नियुक्त किया था।
4. बिहार में 1793 में 'स्थायी बंदोबस्त' लागू करने का मुख्य कारण क्या था?
- (क) जमींदारों के लिए जमीन पर वंशानुगत अधिकार को स्वेच्छा से हस्तांतरित करना
- (ख) भू-राजस्व का राजस्व निर्णय करना
- (ग) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) भू-राजस्व का राजस्व निर्णय करना
स्थायी बंदोबस्त का मुख्य उद्देश्य कंपनी के लिए एक निश्चित राजस्व सुनिश्चित करना और जमींदारों को भूमि का स्थायी मालिक बनाना था।
5. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. पुर्तगाली बिहार में व्यापार करने वाले पहले यूरोपीय थे।
2. वे मुख्य रूप से बिहार से सूती वस्त्र और शोरा (Saltpetre) का निर्यात करते थे।
- (क) केवल 1 सही है
- (ख) केवल 2 सही है
- (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं
- (घ) न तो 1 और न ही 2 सही है
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं
पुर्तगाली पहले यूरोपीय थे और वे बिहार से सूती वस्त्र, मसाले और शोरा का व्यापार करते थे।
6. किस अधिनियम के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया?
- (क) पिट्स इंडिया एक्ट 1784
- (ख) रेगुलेटिंग एक्ट 1773
- (ग) चार्टर एक्ट 1813
- (घ) चार्टर एक्ट 1833
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) रेगुलेटिंग एक्ट 1773
1773 के रेगुलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर-जनरल बना दिया और वारेन हेस्टिंग्स पहले गवर्नर-जनरल बने।
7. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
(A) प्लासी का युद्ध - (i) 1764
(B) बक्सर का युद्ध - (ii) 1757
(C) स्थायी बंदोबस्त - (iii) 1765
(D) इलाहाबाद की संधि - (iv) 1793
- (क) A-ii, B-i, C-iv, D-iii
- (ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
- (ग) A-ii, B-i, C-iii, D-iv
- (घ) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-ii, B-i, C-iv, D-iii
प्लासी (1757), बक्सर (1764), इलाहाबाद की संधि (1765), और स्थायी बंदोबस्त (1793) सही कालानुक्रमिक घटनाएं हैं।
8. अंग्रेजों ने पटना में अपनी स्थायी फैक्ट्री किस वर्ष स्थापित की थी?
- (क) 1620
- (ख) 1651
- (ग) 1632
- (घ) 1664
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 1651
अंग्रेजों ने 1620 में प्रयास किया था, लेकिन उन्हें स्थायी सफलता 1651 में मिली।
9. बक्सर के युद्ध के समय बंगाल का नवाब कौन था?
- (क) मीर कासिम
- (ख) मीर जाफर
- (ग) सिराजुद्दौला
- (घ) नजम-उद-दौला
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) मीर जाफर
युद्ध मीर कासिम (अपदस्थ नवाब) द्वारा लड़ा गया था, लेकिन युद्ध के समय अंग्रेजों ने मीर जाफर को पुनः बंगाल का नवाब घोषित कर दिया था।
English version — Modern India: European Arrival, Plassey-Buxar, and Company Rule
This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it marks the transition from Mughal decline to British dominance in Bihar. It details the establishment of European trading posts and their administrative impact on the region.
Arrival of European Companies and English Factory at Patna
European traders began arriving in Bihar in the early 17th century, with the Portuguese being the first to reach via the Hooghly river. They primarily traded in spices and textiles using boats to reach Patna. The Dutch established their first factory in Patna in 1632, which is now part of the Patna College building. After initial failed attempts, the English successfully set up a permanent factory in 1651 at Gulzarbagh. Patna was a major hub for saltpetre (shora) trade, which was in high demand in Europe for making gunpowder. Later, French and Danish traders also established their presence, making Patna a significant international trading center.
Key facts
- Portuguese were the first European traders to arrive in Bihar, coming from Hooghly to Patna.
- The Dutch factory in Patna was established in 1632 AD (present-day Patna College).
- The English made their first unsuccessful attempt to open a factory in Alamganj, Patna in 1620.
- The permanent English factory in Patna was established in 1651 AD.
- Job Charnock was appointed as the chief of the English factory in Patna in 1664.
- English traveler Peter Mundy visited Patna in 1632 and described its prosperity.
- French traders established their factory in Patna in 1734 AD.
- The Danish factory was established in Patna in 1774 AD.
- In the Patna Massacre (1763), Mir Kasim killed the English agent William Ellis.
- Bihar was primarily famous for the export of saltpetre, opium, and cotton textiles.
- Sachchidanand Sinha started the publication of the 'Searchlight' newspaper from Patna in 1918.
- The current Government Printing Press at Gulzarbagh was once the English factory.
Table
- यूरोपीय कंपनी: डच · पटना में स्थापना: 1632 ई. · वर्तमान पहचान: पटना कॉलेज (उत्तरी भाग)
- यूरोपीय कंपनी: अंग्रेज · पटना में स्थापना: 1651 ई. · वर्तमान पहचान: गुलजारबाग (गवर्नमेंट प्रेस)
- यूरोपीय कंपनी: फ्रांसीसी · पटना में स्थापना: 1734 ई. · वर्तमान पहचान: व्यापारिक केंद्र
- यूरोपीय कंपनी: डेनिश · पटना में स्थापना: 1774 ई. · वर्तमान पहचान: नेपाली कोठी के पास
Practice questions (solved)
- Q 1: बिहार में डच फैक्ट्री की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1620 (ख) 1632 (ग) 1651 (घ) 1734
- ✔ Answer: (ख) 1632 — डच व्यापारियों ने 1632 में पटना में अपनी फैक्ट्री स्थापित की थी, जो अब पटना कॉलेज है।
- Q 2: पटना में अंग्रेजी फैक्ट्री का प्रमुख 1664 में किसे नियुक्त किया गया था?
(क) विलियम एलिस (ख) पीटर मुंडी (ग) जॉब चारनॉक (घ) रॉबर्ट क्लाइव
- ✔ Answer: (ग) जॉब चारनॉक — जॉब चारनॉक को 1664 में पटना फैक्ट्री का प्रमुख बनाया गया था और वह 1680-81 तक यहाँ रहा।
- Q 3: निम्नलिखित में से कौन सा यूरोपीय यात्री पटना की समृद्धि से प्रभावित हुआ था?
(क) बर्नियर (ख) पीटर मुंडी (ग) मनुची (घ) टैवर्नियर
- ✔ Answer: (ख) पीटर मुंडी — अंग्रेजी यात्री पीटर मुंडी ने 1632 में पटना की यात्रा के दौरान इसे एक समृद्ध व्यापारिक केंद्र बताया था।
- Q 4: पटना नरसंहार (1763) के लिए कौन सा शासक उत्तरदायी था?
(क) सिराजुद्दौला (ख) मीर जाफर (ग) मीर कासिम (घ) शाह आलम द्वितीय
- ✔ Answer: (ग) मीर कासिम — मीर कासिम ने 1763 में पटना में विलियम एलिस सहित कई अंग्रेजों की हत्या करवा दी थी।
- Q 5: बिहार से यूरोपीय व्यापारी मुख्य रूप से किस वस्तु का निर्यात करते थे?
(क) चाय (ख) शोरा (Saltpetre) (ग) रबड़ (घ) कॉफी
- ✔ Answer: (ख) शोरा (Saltpetre) — बिहार शोरा (बारूद बनाने के लिए) का प्रमुख उत्पादक था, जिसकी यूरोप में बहुत मांग थी।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 98] आधुनिक भारतीय इतिहास को निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए।
1) राजा नंदकुमार को मृत्युदण्ड
2) सालबाई की संधि
3) वन्दिवाश की लड़ाई
4) टीपू सुल्तान की मृत्यु
निम्नलिखित में से उपरोक्त घटनाओं का सही कालानुक्रमिक क्रम कौन-सा है?
(क) 2-3-4-1 (ख) 3-1-2-4 (ग) 2-4-1-3 (घ) 3-2-1-4
- ✔ Official answer: (ख) 3-1-2-4 — वन्दिवाश की लड़ाई (1760) अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी, जो यूरोपीय आगमन के क्रम का हिस्सा है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 93] निम्नलिखित में से कौन एक सही सुमेलित नहीं है?
व्यक्ति — सम्बन्धित रहे
(क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल (ख) दयानन्द सरस्वती — सत्यार्थ प्रकाश (ग) रामास्वामी नैकर — जस्टिस पार्टी (घ) ज्योतिराव फूले — सत्यशोधक समाज
- ✔ Official answer: (क) जेम्स ऑगस्टस हिक्की — कलकत्ता क्रोनिकल — यह प्रश्न समाचार पत्रों से संबंधित है; स्रोत के अनुसार 'सर्चलाइट' पटना से 1918 में शुरू हुआ था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about the establishment years of Dutch and English factories, their current locations, and major trade commodities like saltpetre.
Do not confuse
- ✘ अंग्रेजों का पहला प्रयास 1620 में था, लेकिन स्थायी फैक्ट्री 1651 में बनी।
- ✘ डच फैक्ट्री (1632) और अंग्रेजी फैक्ट्री (1651) के वर्षों में अक्सर छात्र भ्रमित हो जाते हैं।
💡 डच बत्तीस (32), अंग्रेज इक्यावन (51) - डच 1632 में और अंग्रेज 1651 में आए।
Battles of Plassey and Buxar, Treaty of Allahabad, and Diwani Rights
In the mid-18th century, the political future of Bihar and Bengal changed completely. In 1733, Shujauddin annexed Bihar to the Bengal province, making it a large administrative unit. In 1757, Robert Clive laid the foundation of British influence in Bengal by defeating Siraj-ud-Daulah in the Battle of Plassey. This was followed by the Battle of Buxar in 1764, which proved more decisive in Indian history as the British defeated the combined forces of Mughal Emperor Shah Alam II, the Nawab of Awadh, and Mir Qasim. Through the Treaty of Allahabad in 1765, the East India Company obtained the 'Diwani' (right to collect revenue) of Bihar, Bengal, and Odisha. This event established complete British control over the economic resources of Bihar and marked the beginning of the Dual Government.
Key facts
- After Aurangzeb's death in 1707, Bihar became part of Bengal as Mughal power weakened.
- In 1733, Shujauddin officially annexed Bihar to the Bengal province.
- Alivardi Khan maintained direct control over Bihar, Bengal, and Odisha until his death in 1756.
- The Battle of Plassey was fought on June 23, 1757, between Robert Clive and Siraj-ud-Daulah.
- The Battle of Buxar took place on October 22, 1764, with the British army led by Hector Munro.
- In the Battle of Buxar, the combined forces of Mir Qasim, Shuja-ud-Daulah (Awadh), and Shah Alam II (Mughal) were defeated.
- Under the Treaty of Allahabad in 1765, the Company received the Diwani of Bihar, Bengal, and Odisha.
- Mughal Emperor Shah Alam II handed over Diwani rights to the Company on August 12, 1765.
- Robert Clive implemented 'Dual Government' in Bengal and Bihar in 1765.
- Iltutmish was the first Sultan of Delhi to campaign against Bihar in 1225.
- Lakhnauti was made the administrative headquarters after uniting Bihar and Bengal.
Table
- घटना: प्लासी का युद्ध · वर्ष: 1757 · मुख्य व्यक्तित्व: क्लाइव vs सिराजुद्दौला · महत्व: बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की नींव
- घटना: बक्सर का युद्ध · वर्ष: 1764 · मुख्य व्यक्तित्व: मुनरो vs संयुक्त सेना · महत्व: भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व की स्थापना
- घटना: इलाहाबाद की संधि · वर्ष: 1765 · मुख्य व्यक्तित्व: शाह आलम II और क्लाइव · महत्व: बिहार-बंगाल-ओडिशा की दीवानी प्राप्त
- घटना: द्वैध शासन · वर्ष: 1765 · मुख्य व्यक्तित्व: रॉबर्ट क्लाइव · महत्व: राजस्व और प्रशासन का पृथक्करण
Practice questions (solved)
- Q 6: बक्सर के युद्ध (1764) के समय अंग्रेजी सेना का सेनापति कौन था?
(क) रॉबर्ट क्लाइव (ख) हेक्टर मुनरो (ग) लॉर्ड वेलेज़ली (घ) वारेन हेस्टिंग्स
- ✔ Answer: (ख) हेक्टर मुनरो — बक्सर के युद्ध में अंग्रेजी सेना का नेतृत्व हेक्टर मुनरो ने किया था, जबकि प्लासी में क्लाइव ने किया था।
- Q 7: किस वर्ष शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे का हिस्सा बनाया था?
(क) 1707 (ख) 1733 (ग) 1756 (घ) 1765
- ✔ Answer: (ख) 1733 — 1733 में शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल में मिलाया था, जिससे प्रशासनिक एकीकरण हुआ।
- Q 8: इलाहाबाद की संधि (1765) के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी को कहाँ की दीवानी प्राप्त हुई?
(क) केवल बंगाल (ख) बंगाल और बिहार (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा (घ) केवल बिहार
- ✔ Answer: (ग) बंगाल, बिहार और ओडिशा — 1765 की संधि के तहत कंपनी को बंगाल, बिहार और ओडिशा तीनों क्षेत्रों के राजस्व अधिकार मिले।
- Q 9: निम्नलिखित में से कौन सा शासक बक्सर के युद्ध में शामिल नहीं था?
(क) मीर कासिम (ख) शाह आलम द्वितीय (ग) सिराजुद्दौला (घ) शुजाउद्दौला
- ✔ Answer: (ग) सिराजुद्दौला — सिराजुद्दौला प्लासी के युद्ध (1757) में शामिल था, बक्सर (1764) में नहीं।
- Q 10: बिहार पर अभियान करने वाला दिल्ली का प्रथम सुल्तान कौन था?
(क) कुतुबुद्दीन ऐबक (ख) इल्तुतमिश (ग) बलबन (घ) अलाउद्दीन खिलजी
- ✔ Answer: (ख) इल्तुतमिश — इल्तुतमिश ने 1225 में बिहार और बंगाल पर अधिकार करने के लिए अभियान चलाया था।
How it is asked
BPSC frequently asks for the exact dates of battles, years of treaties, and the names of officers who led the armies. The transfer of Diwani rights and the names of Naib Diwans of Bihar are also common questions.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के वर्षों को आपस में बदल देते हैं।
- ✘ रॉबर्ट क्लाइव और हेक्टर मुनरो के नेतृत्व वाले युद्धों में भ्रम होता है; याद रखें क्लाइव प्लासी में था और मुनरो बक्सर में।
💡 बक्सर-मुनरो (B-M) और प्लासी-क्लाइव (P-C): वर्णमाला क्रम (Alphabetical order) में B पहले आता है और M बाद में, P बाद में आता है और C पहले, लेकिन याद रखने के लिए 'BM' (बक्सर-मुनरो) एक प्रसिद्ध कार ब्रांड जैसा लगता है।
Permanent Settlement 1793 and its effect on Bihar
Lord Cornwallis introduced the Permanent Settlement (also known as Istamrari Bandobast) in 1793 across Bengal, Bihar, and Orissa. Under this system, zamindars were recognized as the permanent owners of the land, and the revenue to be paid to the government was fixed forever. The Company received 10/11th of the total revenue, while the zamindars kept 1/11th for themselves. In Bihar, this led to the miserable condition of peasants as zamindars began collecting arbitrary and high rents. The 'Sunset Law' mandated that if a zamindar failed to pay the revenue by sunset on a fixed date, their zamindari would be auctioned. This system created a new class of exploitative zamindars in Bihar who remained loyal to the British.
Key facts
- 1793: Permanent Settlement was introduced by Lord Cornwallis.
- Sir John Shore: He was the main architect of this system.
- 10/11th share: The portion of revenue to be deposited with the Company.
- 1/11th share: The portion kept by the zamindar for their services.
- Sunset Law: Auction of zamindari if revenue was not paid by a fixed date.
- Area: It covered about 19% of British India (Bengal, Bihar, Orissa, Varanasi, Northern Karnataka).
- Effect on Bihar: Traditional land rights of peasants ended, and they became mere tenants.
- Ownership of Zamindars: Land was made transferable and hereditary.
- Certainty of Revenue: The Company's income became fixed, but their interest in agricultural reform ended.
- Absentee Landlordism: Many zamindars in Bihar moved to cities, leaving revenue collection to agents.
Table
- विशेषता: लागू करने वाला · विवरण: लॉर्ड कॉर्नवालिस
- विशेषता: वर्ष · विवरण: 1793
- विशेषता: मुख्य क्षेत्र · विवरण: बंगाल, बिहार, उड़ीसा
- विशेषता: राजस्व निर्धारण · विवरण: स्थायी (हमेशा के लिए तय)
- विशेषता: जमींदार की भूमिका · विवरण: भूमि का वास्तविक मालिक
- विशेषता: कंपनी का हिस्सा · विवरण: 89% (10/11)
- विशेषता: जमींदार का हिस्सा · विवरण: 11% (1/11)
Practice questions (solved)
- Q 11: बिहार में स्थायी बंदोबस्त लागू करने का मुख्य कारण क्या था?
(क) जमींदारों का जमीन पर अधिकार सुनिश्चित करना (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना (ग) खेती में सुधार करना (घ) जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना
- ✔ Answer: (ख) भू-राजस्व का निश्चित राजस्व प्राप्त करना — कंपनी अपनी आय को निश्चित करना चाहती थी ताकि बजट बनाया जा सके।
- Q 12: स्थायी बंदोबस्त के तहत सरकार (कंपनी) का हिस्सा कितना तय किया गया था?
(क) कुल लगान का 1/11 (ख) कुल लगान का 1/2 (ग) कुल लगान का 10/11 (घ) कुल लगान का 5/6
- ✔ Answer: (ग) कुल लगान का 10/11 — 10/11 भाग कंपनी का था और 1/11 भाग जमींदार का।
- Q 13: निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'सूर्यास्त कानून' के बारे में सही है?
(क) यह केवल किसानों पर लागू होता था (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी (ग) यह सूर्यास्त के बाद खेती करने पर रोक लगाता था (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ Answer: (ख) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक लगान न देने पर जमींदारी नीलाम हो जाती थी — सूर्यास्त कानून जमींदारों के लिए समय सीमा तय करता था।
- Q 14: स्थायी बंदोबस्त की योजना किसने बनाई थी?
(क) लॉर्ड वेलेज़ली (ख) सर जॉन शोर (ग) थॉमस मुनरो (घ) लॉर्ड डलहौजी
- ✔ Answer: (ख) सर जॉन शोर — सर जॉन शोर इस योजना के मुख्य रणनीतिकार थे।
- Q 15: स्थायी बंदोबस्त का बिहार के किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा?
(क) वे भूमि के मालिक बन गए (ख) उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए (घ) उन्हें लगान से मुक्ति मिल गई
- ✔ Answer: (ग) वे जमींदारों की दया पर निर्भर हो गए — किसानों के अधिकार छीन लिए गए और वे केवल किराएदार बनकर रह गए।
How it is asked
BPSC frequently asks about the year of implementation, the name of the Governor-General, and the Company's revenue share (10/11). Questions also appear on its socio-economic impact specifically in Bihar.
Do not confuse
- ✘ स्थायी बंदोबस्त (जमींदार मालिक) और रैयतवाड़ी (किसान मालिक) के बीच भ्रम।
- ✘ योजना बनाने वाले (जॉन शोर) और लागू करने वाले (कॉर्नवालिस) के बीच अंतर।
- ✘ राजस्व हिस्सेदारी: 10/11 कंपनी का है, न कि जमींदार का।
💡 कॉर्न (Cornwallis) ने 93 (1793) में जमीन को 'स्थायी' (Permanent) कर दिया।
Governors-General and their major acts/reforms
During British rule in India, Governors-General and Viceroys implemented several key acts and reforms to reshape the administrative, social, and political structure. Warren Hastings laid the foundation with the Regulating Act of 1773, while Lord Cornwallis is considered the father of Civil Services in India. Lord William Bentinck abolished social evils like Sati, and Lord Dalhousie introduced the 'Doctrine of Lapse' and the Railways. After 1858, the post of Viceroy was created, with Lord Canning being the first. In the context of Bihar, Lord Hardinge II's tenure is crucial as Bihar was separated from Bengal to form a new province during his time.
Key facts
- Warren Hastings became the first Governor-General of Bengal in 1773.
- Lord Cornwallis implemented the Permanent Settlement in Bengal in 1793.
- Lord Wellesley introduced the 'Subsidiary Alliance' to control Indian states.
- Lord William Bentinck declared the practice of Sati illegal in 1829.
- Lord Dalhousie started India's first railway line (Bombay to Thane) in 1853.
- Lord Canning was the Governor-General during the 1857 Revolt and the first Viceroy of India.
- Lord Lytton passed the Vernacular Press Act in 1878, known as the 'Gagging Act'.
- Lord Ripon is considered the 'Father of Local Self-Government' in India.
- Lord Curzon carried out the Partition of Bengal in 1905.
- During Lord Hardinge II's time in 1911, the Delhi Durbar was held and the creation of Bihar as a separate province was announced.
- On April 1, 1912, Bihar and Orissa formally separated from Bengal.
Table
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड कॉर्नवालिस · प्रमुख कार्य/सुधार: स्थायी बंदोबस्त, सिविल सेवा · वर्ष: 1793
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड विलियम बेंटिक · प्रमुख कार्य/सुधार: सती प्रथा का अंत · वर्ष: 1829
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड डलहौजी · प्रमुख कार्य/सुधार: प्रथम रेलवे, डाक सेवा · वर्ष: 1853
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड रिपन · प्रमुख कार्य/सुधार: प्रथम नियमित जनगणना · वर्ष: 1881
- गवर्नर-जनरल/वायसराय: लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय · प्रमुख कार्य/सुधार: बिहार का पृथक्करण · वर्ष: 1912
Practice questions (solved)
- Q 16: भारत में नागरिक सेवाओं (Civil Services) का जनक किसे माना जाता है?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) वारेन हेस्टिंग्स
- ✔ Answer: (ख) लॉर्ड कॉर्नवालिस — लॉर्ड कॉर्नवालिस ने प्रशासन को संगठित किया और सिविल सेवाओं की नींव रखी।
- Q 17: किस वायसराय के कार्यकाल के दौरान बिहार को बंगाल से अलग कर एक नया प्रांत बनाया गया था?
(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिन्टो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के समय 1911 में घोषणा हुई और 1912 में बिहार अलग प्रांत बना।
- Q 18: सती प्रथा का उन्मूलन किस गवर्नर-जनरल द्वारा किया गया था?
(क) लॉर्ड कैनिंग (ख) लॉर्ड रिपन (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक (घ) लॉर्ड डलहौजी
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक — लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 के नियम XVII द्वारा सती प्रथा को समाप्त किया।
- Q 19: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) लॉर्ड डलहौजी - व्यपगत का सिद्धांत (ख) लॉर्ड वेलेज़ली - सहायक संधि (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (घ) लॉर्ड रिपन - स्थानीय स्वशासन
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड विलियम बेंटिक - वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट — वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लॉर्ड लिटन द्वारा लाया गया था, बेंटिक द्वारा नहीं।
- Q 20: 1857 के विद्रोह के समय भारत का गवर्नर-जनरल कौन था?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) लॉर्ड मेयो (घ) लॉर्ड डफरिन
- ✔ Answer: (ख) लॉर्ड कैनिंग — लॉर्ड कैनिंग 1856-1862 तक भारत के गवर्नर-जनरल/वायसराय थे।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 72] दिल्ली में उसके राजकीय प्रवेश के अवसर पर किस वायसराय पर एक बम फेंका गया था ?
(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल
- ✔ Official answer: (ग) लार्ड हार्डिंग्ज — 1912 में दिल्ली में प्रवेश के दौरान लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय पर बम फेंका गया था, जो बिहार के गठन के समय वायसराय थे।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 4] अंग्रेजों ने राजधानी को दिल्ली कब स्थानांतरित किया ?
(क) 1912 (ख) 1913 (ग) 1911 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक
- ✔ Official answer: (क) 1912 — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के कार्यकाल में 1911 में राजधानी स्थानांतरण की घोषणा हुई और 1912 में दिल्ली राजधानी बनी।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about Governors-General and their reforms (like Sati abolition, Railways, Civil Services) and the Viceroy associated with the formation of Bihar.
Do not confuse
- ✘ लॉर्ड कर्जन (बंगाल विभाजन) और लॉर्ड हार्डिंग (विभाजन रद्द/बिहार गठन) के बीच भ्रम।
- ✘ गवर्नर-जनरल (1858 से पहले) और वायसराय (1858 के बाद) के पदों के बीच अंतर।
💡 बेंटिक ने 'बैन' (Ban) किया सती को, डलहौजी ने 'दौड़ाई' रेल।
Wahabi Movement in Patna and Social Reforms
The Wahabi movement was the first highly organized and influential rebellion against British rule in India, with Patna serving as its primary center. Founded by Syed Ahmed Barelvi, the movement aimed at purifying Islam and ending foreign rule. In Patna, leaders like Wilayat Ali and Enayat Ali provided it with a strong military and financial base. The movement remained active from the 1820s to the 1860s, waging war against the British on the North-West Frontier. Alongside the Wahabis, institutions like the Brahmo Samaj and Arya Samaj played a crucial role in spreading social consciousness and education in Bihar. These movements fostered political awareness among the people of Bihar, laying the groundwork for the later freedom struggle.
Key facts
- Syed Ahmed Barelvi was the founder of the Wahabi movement in India.
- Patna remained the most important center of the Wahabi movement from 1822 to 1868.
- Syed Ahmed Barelvi visited Patna in 1821 and stayed at the house of Shah Muhammad Hussain.
- Four 'Khalifas' were appointed to lead the movement in Patna: Wilayat Ali, Enayat Ali, Shah Muhammad Hussain, and Farhat Husain.
- After Syed Ahmed's death in the Battle of Balakot in 1831, Wilayat Ali and Enayat Ali took over the leadership.
- The Wahabis made 'Sittana' in the North-West Frontier Province their main military base.
- Wahabi leaders from Patna secretly sent money and volunteers to the border regions.
- The movement was brutally suppressed after the Ambala Campaign of 1863 and the Patna Trials of 1864-65.
- During the Patna Trial (1864), Yahya Ali was sentenced to death, which was later commuted to life imprisonment in Andaman.
- The first branch of Brahmo Samaj in Patna was established in 1866.
- The influence of Arya Samaj in Bihar was primarily in the areas of Danapur and Patna for educational reforms.
- Enayat Ali organized the peasants of Bengal against the landlords and the British.
- The Wahabi movement was seen as an effort to convert 'Dar-ul-Harb' (land of infidels) into 'Dar-ul-Islam'.
Table
- आंदोलन/संस्था: वहाबी आंदोलन · प्रमुख नेता (बिहार): विलायत अली, इनायत अली · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: इस्लामी सुधार और ब्रिटिश विरोध
- आंदोलन/संस्था: ब्रह्म समाज · प्रमुख नेता (बिहार): गजाधर प्रसाद · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: सामाजिक सुधार और शिक्षा
- आंदोलन/संस्था: आर्य समाज · प्रमुख नेता (बिहार): स्वामी दयानंद (प्रेरणा) · मुख्य केंद्र: दानापुर, पटना · उद्देश्य: वैदिक धर्म का प्रचार
- आंदोलन/संस्था: रामकृष्ण मिशन · प्रमुख नेता (बिहार): स्वामी विवेकानंद (प्रेरणा) · मुख्य केंद्र: पटना · उद्देश्य: मानवतावादी सेवा
Practice questions (solved)
- Q 21: वहाबी आंदोलन का मुख्य केंद्र निम्नलिखित में से कौन सा था?
(क) लखनऊ (ख) पटना (ग) इलाहाबाद (घ) दिल्ली
- ✔ Answer: (ख) पटना — पटना 1822 से 1868 तक वहाबी आंदोलन का सबसे प्रमुख संगठनात्मक केंद्र था।
- Q 22: सैयद अहमद बरेलवी ने पटना में किसे अपना मुख्य प्रतिनिधि (खलीफा) नियुक्त किया था?
(क) विलायत अली और इनायत अली (ख) मजहरुल हक (ग) पीर अली (घ) कुंवर सिंह
- ✔ Answer: (क) विलायत अली और इनायत अली — सैयद अहमद ने पटना में विलायत अली, इनायत अली, शाह मोहम्मद हुसैन और फरहत हुसैन को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था।
- Q 23: वहाबी आंदोलन के किस नेता की मृत्यु 1831 में बालाकोट के युद्ध में हुई थी?
(क) इनायत अली (ख) याह्या अली (ग) सैयद अहमद बरेलवी (घ) शाह मोहम्मद हुसैन
- ✔ Answer: (ग) सैयद अहमद बरेलवी — सैयद अहमद बरेलवी 1831 में सिखों के खिलाफ लड़ते हुए बालाकोट के युद्ध में शहीद हो गए थे।
- Q 24: पटना में ब्रह्म समाज की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1828 (ख) 1866 (ग) 1875 (घ) 1890
- ✔ Answer: (ख) 1866 — बिहार में ब्रह्म समाज की पहली शाखा 1866 में पटना में स्थापित की गई थी।
- Q 25: वहाबी आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
1. यह एक पूर्णतः धार्मिक आंदोलन था।
2. इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था।
3. पटना इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र था।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (ख) केवल 2 और 3 — यह धार्मिक के साथ-साथ एक राजनीतिक और ब्रिटिश विरोधी आंदोलन था जिसका केंद्र पटना था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about the Wahabi movement, especially regarding its main center (Patna), key leaders (Wilayat Ali, Enayat Ali), and the timeline of its suppression.
Do not confuse
- ✘ वहाबी आंदोलन (पटना केंद्र) और फरायजी आंदोलन (बंगाल केंद्र) के बीच भ्रमित न हों।
- ✘ सैयद अहमद बरेलवी (वहाबी नेता) और सर सैयद अहमद खान (अलीगढ़ आंदोलन) दो अलग व्यक्ति हैं।
💡 पटना के 'विलायत' में 'इनायत' हुई - (विलायत अली और इनायत अली पटना के प्रमुख वहाबी नेता थे)।
Quick revision
- Portuguese were the first Europeans to reach Bihar, trading via boats through Hooghly.
- The Dutch factory was established in Patna (current Patna College) in 1632.
- The English attempted a factory in Patna in 1620, but permanent success came in 1651.
- The Battle of Plassey (1757) between Siraj-ud-Daulah and Robert Clive laid the British foundation in Bengal.
- The Battle of Buxar (1764) was fought between Hector Munro and the combined forces of Mir Qasim, Shuja-ud-Daula, and Shah Alam II.
- The Treaty of Allahabad (1765) granted Diwani rights of Bengal, Bihar, and Orissa to the East India Company.
- Lord Cornwallis introduced the Permanent Settlement in Bihar and Bengal in 1793.
- The Permanent Settlement made landlords the permanent owners of land in Bihar.
- Patna was the main center of the Wahabi Movement in the 19th century, led by Syed Ahmed Barelvi.
- Raja Ram Mohan Roy, a pioneer of social reforms, studied Arabic and Persian in Patna.
- Warren Hastings became the first Governor-General of Bengal under the Regulating Act of 1773.
- The Charter Act of 1813 ended the Company's monopoly except for trade in tea and with China.