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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन1857 का विद्रोह और बिहार
The Revolt of 1857 and Bihar
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है। कुंवर सिंह और पीर अली जैसे नायकों के योगदान को समझना बिहार विशेष खंड में अंक प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।
1857 के विद्रोह के कारण
1857 का विद्रोह केवल एक तात्कालिक कारण का परिणाम नहीं था, बल्कि ब्रिटिश शासन के प्रति दशकों से पनप रहे असंतोष का विस्फोट था। डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (हड़प नीति) और अवध के विलय ने राजनीतिक असंतोष पैदा किया। अंग्रेजों की भू-राजस्व नीतियों ने भारतीय कृषि और हस्तशिल्प उद्योग को पूरी तरह तबाह कर दिया। धार्मिक अयोग्यता अधिनियम 1856 और ईसाई मिशनरी गतिविधियों ने धार्मिक आशंकाओं को जन्म दिया। इसके साथ ही, एनफील्ड राइफल के चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग ने तात्कालिक चिंगारी का काम किया।
मुख्य तथ्य
- लॉर्ड डलहौजी ने व्यपगत के सिद्धांत (Doctrine of Lapse) के तहत सतारा (1848), जैतपुर, संभलपुर, उदयपुर, झांसी और नागपुर का विलय किया।
- अवध का 1856 में 'कुशासन' (Maladministration) का आरोप लगाकर जेम्स आउट्रम की रिपोर्ट के आधार पर ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया।
- 1856 में लॉर्ड कैनिंग के शासनकाल में 'सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम' (General Service Enlistment Act) पारित हुआ, जिससे सैनिकों के लिए समुद्र पार जाना अनिवार्य किया गया।
- 1850 के 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Lex Loci Act) ने धर्म परिवर्तन करने वाले हिंदुओं/मुसलमानों को अपनी पैतृक संपत्ति का अधिकार सुरक्षित रखा।
- 1856 में लॉर्ड कैनिंग के समय ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम पारित किया गया।
- पुरानी 'ब्राउन बेस' बंदूक के स्थान पर 1856 के अंत में नई 'एनफील्ड राइफल' का प्रयोग शुरू किया गया था।
- एनफील्ड राइफल के कारतूसों की खोल पर गाय और सूअर की चर्बी के प्रयोग की खबर ने विद्रोह की तात्कालिक चिंगारी भड़काई।
- 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में 34वीं नेटिव इन्फेंट्री के सैनिक मंगल पांडे ने ब्रिटिश अधिकारियों पर गोली चलाई।
- 1852 में गठित 'इनाम आयोग' (Inam Commission) का उद्देश्य उन जागीरों की जांच करना था जिन पर कर नहीं दिया जाता था, जिससे हजारों भू-स्वामी बेदखल हुए।
- वेलजली की 'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance) ने भारतीय राजाओं की संप्रभुता समाप्त कर दी थी, जिससे शासक वर्ग में गहरा रोष था।
तालिका
- कारण का प्रकार: राजनीतिक · मुख्य नीति/घटना: व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1848-1856
- कारण का प्रकार: राजनीतिक · मुख्य नीति/घटना: अवध का विलय (कुशासन के आधार पर) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1856
- कारण का प्रकार: सामाजिक-धार्मिक · मुख्य नीति/घटना: लेक्स लोकी अधिनियम (पैतृक संपत्ति अधिकार) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1850
- कारण का प्रकार: सैन्य · मुख्य नीति/घटना: सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड कैनिंग · वर्ष: 1856
- कारण का प्रकार: तात्कालिक · मुख्य नीति/घटना: एनफील्ड राइफल का आगमन (चर्बी वाले कारतूस) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड कैनिंग · वर्ष: 1856-1857
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण निम्नलिखित में से क्या था?
(क) अंग्रेजों द्वारा भारतीय कुटीर उद्योगों को नष्ट करना (ख) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग (ग) अवध का कुशासन के आधार पर विलय (घ) लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति
- ✔ उत्तर: (ख) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग — 1857 के विद्रोह की तात्कालिक चिंगारी एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी के प्रयोग की अफवाह से भड़की थी।
- प्रश्न 2: 1856 में किस ब्रिटिश अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अवध का विलय ब्रिटिश साम्राज्य में किया गया था?
(क) विलियम टेलर (ख) जेम्स आउट्रम (ग) कर्नल स्लीमैन (घ) हेनरी लॉरेंस
- ✔ उत्तर: (ख) जेम्स आउट्रम — अवध पर कुशासन का आरोप लगाकर जेम्स आउट्रम की रिपोर्ट के आधार पर 1856 में विलय किया गया था।
- प्रश्न 3: निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने यह नियम बनाया कि भारतीय सैनिकों को समुद्र पार सेवा हेतु भेजा जा सकता है?
(क) धार्मिक अयोग्यता अधिनियम 1850 (ख) सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम 1856 (ग) सती प्रथा निषेध अधिनियम 1829 (घ) इनाम आयोग अधिनियम 1852
- ✔ उत्तर: (ख) सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम 1856 — लॉर्ड कैनिंग द्वारा 1856 में पारित सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम ने सैनिकों के लिए समुद्र पार जाना अनिवार्य बनाया।
- प्रश्न 4: 1857 के विद्रोह के राजनीतिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डलहौजी ने व्यपगत के सिद्धांत के तहत सतारा और झांसी का विलय किया।
2. अवध का विलय व्यपगत के सिद्धांत के तहत हुआ था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — अवध का विलय व्यपगत के सिद्धांत से नहीं बल्कि 'कुशासन' (maladministration) के आधार पर हुआ था।
- प्रश्न 5: 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह करने वाले मंगल पांडे किस रेजीमेंट के सैनिक थे?
(क) 19वीं नेटिव इन्फेंट्री (ख) 34वीं बंगाली नेटिव इन्फेंट्री (ग) 20वीं नेटिव इन्फेंट्री (घ) 7वीं अवध अनियमित कैवलरी
- ✔ उत्तर: (ख) 34वीं बंगाली नेटिव इन्फेंट्री — मंगल पांडे बैरकपुर में 34वीं नेटिव इन्फेंट्री के सिपाही थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में 1857 के कारणों पर अक्सर अवध का विलय, व्यपगत का सिद्धांत, तात्कालिक कारण (चर्बी वाले कारतूस), और मंगल पांडे से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ अवध का विलय 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) से नहीं, बल्कि 'कुशासन' के आरोप पर आउट्रम की रिपोर्ट के आधार पर हुआ था।
- ✘ पुरानी बंदूक 'ब्राउन बेस' थी, और उसकी जगह नई आई बंदूक 'एनफील्ड राइफल' थी।
- ✘ विद्रोह के समय गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग था, लेकिन विलय की अधिकांश नीतियां लॉर्ड डलहौजी ने लागू की थीं।
💡 अवध-कुशासन, सतारा-हड़प, कैनिंग-राइफल - याद रखें कि अवध का कारण कुशासन था, सतारा हड़प नीति का पहला शिकार था, और राइफल कैनिंग के समय आई।
1857 का विद्रोह: भारत के प्रमुख केंद्र, नेता एवं तिथियां
10 मई 1857 को मेरठ से शुरू हुआ यह विद्रोह बहुत तेजी से उत्तर और मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में फैल गया। विद्रोहियों ने दिल्ली पहुंचकर अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय को भारत का सम्राट घोषित किया, यद्यपि वास्तविक सैन्य कमान जनरल बख्त खान के हाथ में थी। कानपुर में नाना साहब और तात्या टोपे, लखनऊ में बेगम हजरत महल, तथा झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। बरेली में खान बहादुर खान और फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह ने ब्रिटिश सेना को कड़ी चुनौती दी। अंग्रेजों ने जॉन निकलसन, कोलिन कैंपबेल, कर्नल नील और सर ह्यू रोज जैसे अधिकारियों के माध्यम से इन सभी केंद्रों पर बर्बरतापूर्वक दमन किया।
मुख्य तथ्य
- विद्रोह की औपचारिक शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ की 20वीं एन.आई. पैदल टुकड़ी द्वारा की गई।
- 11-12 मई 1857 को मेरठ के सैनिकों ने दिल्ली पर अधिकार कर बहादुर शाह द्वितीय को भारत का सम्राट घोषित किया।
- दिल्ली में विद्रोह का वास्तविक सैन्य नेतृत्व बरेली से आए जनरल बख्त खान के हाथ में था।
- कानपुर में 5 जून 1857 को विद्रोह शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब (धोंधू पंत) ने किया।
- कानपुर विद्रोह में तात्या टोपे (रामचंद्र पांडुरंग) मुख्य सेनापति थे तथा अजीमुल्लाह खान नाना साहब के राजनीतिक सलाहकार थे।
- लखनऊ में 4 जून 1857 को बेगम हजरत महल ने अपने पुत्र बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर विद्रोह की कमान संभाली।
- झांसी में जून 1857 में रानी लक्ष्मीबाई (मणिकर्णिका) ने कमान संभाली; सर ह्यू रोज ने उन्हें 'विद्रोहियों में अकेली मर्द' कहा था।
- बरेली में पूर्व रुहेला शासक के वंशज खान बहादुर खान ने विद्रोह का नेतृत्व किया तथा स्वयं को नवाब घोषित किया।
- फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जेहाद का नारा दिया और उन्हें ब्रिटिश सरकार ने सबसे खतरनाक दुश्मन माना।
- इलाहाबाद और बनारस में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया, जिसे कर्नल नील ने क्रूरतापूर्वक दबाया।
- असम में मनीराम दत्त ने कंदर्पेश्वर सिंह को राजा घोषित कर विद्रोह का आयोजन किया।
- ओडिशा (संबलपुर) में सुरेंद्र साई और उज्ज्वल साई ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया।
तालिका
- केंद्र: दिल्ली · भारतीय नेता: बहादुर शाह द्वितीय एवं जनरल बख्त खान · विद्रोह की तिथि: 11-12 मई 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: जॉन निकलसन एवं मेजर हडसन
- केंद्र: कानपुर · भारतीय नेता: नाना साहब, तात्या टोपे, अजीमुल्लाह खान · विद्रोह की तिथि: 5 जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल एवं हैवलॉक
- केंद्र: लखनऊ · भारतीय नेता: बेगम हजरत महल एवं बिरजिस कादिर · विद्रोह की तिथि: 4 जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: हेवलॉक, आउटराम एवं कैंपबेल
- केंद्र: झांसी / ग्वालियर · भारतीय नेता: रानी लक्ष्मीबाई एवं तात्या टोपे · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर ह्यू रोज
- केंद्र: बरेली · भारतीय नेता: खान बहादुर खान · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल
- केंद्र: फैजाबाद · भारतीय नेता: मौलवी अहमदुल्लाह शाह · विद्रोह की तिथि: मई/जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल
- केंद्र: इलाहाबाद / बनारस · भारतीय नेता: मौलवी लियाकत अली · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: कर्नल नील
- केंद्र: जगदीशपुर (बिहार) · भारतीय नेता: बाबू कुंवर सिंह एवं अमर सिंह · विद्रोह की तिथि: जुलाई 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: विलियम टेलर एवं विंसेंट आयर
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली में सैन्य संचालन का वास्तविक नेतृत्व किसने किया था?
(क) बहादुर शाह द्वितीय (ख) जनरल बख्त खान (ग) अजीमुल्लाह खान (घ) मौलवी अहमदुल्लाह
- ✔ उत्तर: (ख) जनरल बख्त खान — दिल्ली में बहादुर शाह द्वितीय केवल प्रतीकात्मक नेता थे, वास्तविक सैन्य नेतृत्व जनरल बख्त खान ने किया था।
- प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (केंद्र - नेता) सही सुमेलित नहीं है?
(क) कानपुर - नाना साहब (ख) लखनऊ - बेगम हजरत महल (ग) बरेली - मौलवी लियाकत अली (घ) झांसी - रानी लक्ष्मीबाई
- ✔ उत्तर: (ग) बरेली - मौलवी लियाकत अली — बरेली में विद्रोह का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था, जबकि मौलवी लियाकत अली ने इलाहाबाद में नेतृत्व किया था।
- प्रश्न 8: 1857 के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में तात्या टोपे नाना साहब के मुख्य सेनापति थे।
2. ब्रिटिश सेनापति सर ह्यू रोज ने रानी लक्ष्मीबाई को 'विद्रोहियों में एकमात्र पुरुष' कहा था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — दोनों कथन सत्य हैं; तात्या टोपे कानपुर में सेनापति थे और सर ह्यू रोज ने लक्ष्मीबाई की वीरता की प्रशंसा की थी।
- प्रश्न 9: अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह के दौरान किस नेता को अपना 'सबसे खतरनाक दुश्मन' माना और उन पर 50,000 रुपये का इनाम रखा था?
(क) खान बहादुर खान (ख) मौलवी अहमदुल्लाह शाह (ग) कुंवर सिंह (घ) नाना साहब
- ✔ उत्तर: (ख) मौलवी अहमदुल्लाह शाह — फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह की रणनीतिक क्षमता के कारण अंग्रेजों ने उन्हें सबसे साहसी और खतरनाक दुश्मन माना था।
- प्रश्न 10: असम में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया था?
(क) सुरेंद्र साई (ख) मनीराम दत्त (ग) दीवान मूलराज (घ) गुलाब सिंह
- ✔ उत्तर: (ख) मनीराम दत्त — असम में मनीराम दत्त ने 1857 के विद्रोह की अगुवाई की थी।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में विभिन्न केंद्रों के नेताओं के नाम, उनकी भूमिका, अंग्रेजों द्वारा नियुक्त दमनकर्ता अधिकारियों के नाम और घटनाओं के कालक्रम पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ बरेली के नेता खान बहादुर खान और फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह के बीच भ्रम होना।
- ✘ इलाहाबाद के नेता मौलवी लियाकत अली और फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह में नाम का भ्रम।
- ✘ तात्या टोपे का वास्तविक नाम (रामचंद्र पांडुरंग) और नाना साहब का वास्तविक नाम (धोंधू पंत) में अंतर ध्यान न रखना।
💡 याद रखें ट्रिक: 'दिल में बख्त, कान में नाना, लखनऊ की बेगम का झांसी में गाना' (दिल्ली-बख्त खान, कानपुर-नाना साहब, लखनऊ-बेगम हजरत महल, झांसी-रानी लक्ष्मीबाई)
1857 का विद्रोह: बिहार, कुंवर सिंह और दानापुर सैनिक
1857 के महान संग्राम में बिहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रही। बिहार में विद्रोह की पहली चिंगारी 12 जून 1857 को देवघर जिले के रोहिणी गांव से फूटी, जहां सैनिकों ने ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला किया। पटना में 3 जुलाई 1857 को पुस्तक विक्रेता पीर अली के नेतृत्व में उथल-पुथल शुरू हुई जिसमें अफीम एजेंट डॉ. लायल मारा गया। इसके बाद 25 जुलाई 1857 को दानापुर छावनी की तीन रेजिमेंटों ने विद्रोह कर दिया और वे जगदीशपुर के जमींदार बाबू कुंवर सिंह के साथ आ मिले। लगभग 80 वर्ष की आयु में बाबू कुंवर सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरा पर कब्जा कर लिया तथा अंग्रेजों को कई युद्धों में पराजित किया। अप्रैल 1858 में कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके भाई अमर सिंह ने कैमूर पहाड़ियों से छापामार युद्ध जारी रखा।
मुख्य तथ्य
- अविभाजित बिहार में 1857 के विद्रोह की शुरुआत 12 जून 1857 को रोहिणी गांव (देवघर) में 5वीं इर्रेगुलर कैवलरी के सैनिकों द्वारा हुई।
- पटना में विद्रोह का नेतृत्व 3 जुलाई 1857 को पुस्तक विक्रेता पीर अली ने किया, जिसमें अफीम एजेंट डॉ. आर. लायल मारा गया।
- तिरहुत के पुलिस जमादार वारिस अली को अंग्रेजों के खिलाफ पत्र लिखने और बगावत की साजिश के आरोप में फांसी दी गई थी।
- 25 जुलाई 1857 को दानापुर छावनी की 7वीं, 8वीं और 40वीं नेटिव इन्फैंट्री रेजिमेंटों ने एक साथ बगावत कर दी।
- दानापुर के विद्रोही सैनिक सोन नदी पार करके जगदीशपुर के जमींदार बाबू कुंवर सिंह से मिले और उन्हें अपना सर्वमान्य नेता चुना।
- बाबू कुंवर सिंह का जन्म शाहबाद (अब भोजपुर) जिले के जगदीशपुर में हुआ था और 1857 के संग्राम के समय उनकी आयु लगभग 80 वर्ष थी।
- कुंवर सिंह ने 27 जुलाई 1857 को आरा शहर पर कब्जा कर लिया और वहां अपनी स्वतंत्र सरकार स्थापित की।
- 29-30 जुलाई 1857 को आरा के पास कैप्टन डनबार के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सैन्य टुकड़ी को कुंवर सिंह के सैनिकों ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
- मेजर विंसेंट आयर ने 3 अगस्त 1857 को बीबीगंज के युद्ध में कुंवर सिंह को हराकर आरा को पुनः अंग्रेजों के नियंत्रण में लिया।
- उत्तर प्रदेश के अतरौलिया (आजमगढ़) में कुंवर सिंह ने मार्च 1858 में कर्नल मिलमैन की ब्रिटिश सेना को पराजित किया था।
- गंगा पार करते समय कैप्टन डगलस की गोली से घायल होने पर कुंवर सिंह ने अपनी घायल बांह काटकर गंगा मैया को समर्पित कर दी थी।
- 23 अप्रैल 1858 को कुंवर सिंह ने कैप्टन ली ग्रैंड के नेतृत्व वाली अंग्रेजी सेना को करारी शिकस्त दी; इस दिन को बिहार में 'विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
- अत्यधिक घावों और रक्तस्राव के कारण 26 अप्रैल 1858 को बाबू कुंवर सिंह का निधन हो गया।
- कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके छोटे भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से छापामार (गुरिल्ला) युद्ध जारी रखा।
- अमर सिंह के मुख्य सहयोगी हरकिशन सिंह थे जिन्होंने जगदीशपुर में एक समांतर सरकार का संचालन किया था।
तालिका
- क्षेत्र / स्थान: रोहिणी (देवघर) · प्रमुख विद्रोही नेता: 5वीं इर्रेगुलर कैवलरी के सैनिक · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 12 जून 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: मेजर मैक्डोनाल्ड
- क्षेत्र / स्थान: पटना शहर · प्रमुख विद्रोही नेता: पीर अली (पुस्तक विक्रेता) · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 3 जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: विलियम टेलर (कमिश्नर)
- क्षेत्र / स्थान: तिरहुत / मुजफ्फरपुर · प्रमुख विद्रोही नेता: वारिस अली (पुलिस जमादार) · विद्रोह प्रारंभ तिथि: जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: विलियम टेलर
- क्षेत्र / स्थान: दानापुर / आरा · प्रमुख विद्रोही नेता: बाबू कुंवर सिंह · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 25 जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: कैप्टन डनबार, मेजर विंसेंट आयर
- क्षेत्र / स्थान: जगदीशपुर / कैमूर · प्रमुख विद्रोही नेता: अमर सिंह एवं हरकिशन सिंह · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 1858 - 1859 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: ब्रिगेडियर डगलस
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: बिहार में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व जगदीशपुर में मुख्य रूप से किसने किया था?
(क) नाना साहेब (ख) तात्या टोपे (ग) कुंवर सिंह (घ) खान बहादुर खान
- ✔ उत्तर: (ग) कुंवर सिंह — जगदीशपुर (शाहबाद) में 1857 के संग्राम का कुशल नेतृत्व बाबू कुंवर सिंह ने किया था।
- प्रश्न 12: पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए ऐतिहासिक विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
(क) वारिस अली (ख) पीर अली (ग) अमर सिंह (घ) इनायत अली
- ✔ उत्तर: (ख) पीर अली — पटना में 3 जुलाई 1857 को पुस्तक विक्रेता पीर अली ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह की कमान संभाली थी।
- प्रश्न 13: दानापुर छावनी की देशी पैदल टुकड़ियों ने किस तिथि को एक साथ विद्रोह किया था?
(क) 12 जून 1857 (ख) 3 जुलाई 1857 (ग) 25 जुलाई 1857 (घ) 15 अगस्त 1857
- ✔ उत्तर: (ग) 25 जुलाई 1857 — दानापुर छावनी की तीन रेजिमेंटों ने 25 जुलाई 1857 को बगावत की और आरा की ओर कूच किया।
- प्रश्न 14: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बाबू कुंवर सिंह के संदर्भ में सत्य है?
1. उन्होंने 23 अप्रैल 1858 को कैप्टन ली ग्रैंड की सेना को पराजित किया।
2. वे शाहबाद जिले के जगदीशपुर के जमींदार थे।
3. उनकी मृत्यु के बाद अमर सिंह ने विद्रोह का नेतृत्व संभाला।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 सभी — कुंवर सिंह ने कैप्टन ली ग्रैंड को हराया, वे जगदीशपुर के जमींदार थे और उनकी मृत्यु के बाद अमर सिंह ने संघर्ष जारी रखा।
- प्रश्न 15: 1857 के आंदोलन के दौरान किस ब्रिटिश अधिकारी ने आरा में कुंवर सिंह को पराजित कर जगदीशपुर पर कब्जा किया था?
(क) कैप्टन डनबार (ख) मेजर विंसेंट आयर (ग) विलियम टेलर (घ) कैप्टन ली ग्रैंड
- ✔ उत्तर: (ख) मेजर विंसेंट आयर — मेजर विंसेंट आयर ने 3 अगस्त 1857 को बीबीगंज के युद्ध में आरा को अंग्रेजों के अधिकार में वापस लिया था।
- प्रश्न 16: कुंवर सिंह के छोटे भाई अमर सिंह ने 1857 के विद्रोह के दौरान किस क्षेत्र की पहाड़ियों से छापामार युद्ध चलाया था?
(क) राजगीर की पहाड़ियां (ख) कैमूर की पहाड़ियां (ग) बराबर की पहाड़ियां (घ) खड़गपुर की पहाड़ियां
- ✔ उत्तर: (ख) कैमूर की पहाड़ियां — अमर सिंह ने कैमूर की दुर्गम पहाड़ियों को अपना केंद्र बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ छापामार (गुरिल्ला) युद्ध चलाया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में बिहार में 1857 की क्रांति से हर बार 1-2 प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेषकर कुंवर सिंह की विजय यात्रा (अतरौलिया, आरा, ली ग्रैंड पर विजय), दानापुर सैन्य विद्रोह की तिथि (25 जुलाई 1857), पीर अली (3 जुलाई 1857), और अमर सिंह द्वारा चलाए गए छापामार युद्ध पर सीधे तथ्यात्मक प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ रोहिणी गांव में विद्रोह की तिथि (12 जून 1857), पटना में पीर अली का विद्रोह (3 जुलाई 1857) और दानापुर छावनी का विद्रोह (25 जुलाई 1857) - इन तीनों तिथियों में भ्रम होता है।
- ✘ आरा में कुंवर सिंह से हारने वाला अंग्रेज अधिकारी कैप्टन डनबार था, जबकि आरा को जीतने वाला अधिकारी मेजर विंसेंट आयर था और 23 अप्रैल 1858 को कुंवर सिंह से पराजित होने वाला कैप्टन ली ग्रैंड था।
💡 याद रखें 3 प्रमुख तिथियां: 12 जून (रोहिणी), 3 जुलाई (पीर अली), 25 जुलाई (दानापुर सैनिक कुंवर सिंह से मिले)।
विलियम टेलर (पटना कमिश्नर) और दमन चक्र
1857 के संग्राम के दौरान विलियम टेलर पटना प्रमंडल का कमिश्नर था। उसने पटना में विद्रोह की संभावना को रोकने के लिए अत्यंत कठोर और दमनकारी नीतियां अपनाईं। 19 जून 1857 को टेलर ने छल से पटना के तीन प्रमुख वहाबी नेताओं—मौलवी अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन और वाइज़ुल हक को बातचीत के बहाने बुलाकर नज़रबंद कर दिया। 3 जुलाई 1857 को जब पीर अली ने पटना में विद्रोह किया, तो टेलर ने उसे क्रूरता से दबाया और 7 जुलाई को पीर अली समेत 17 क्रांतिकारियों को फांसी दे दी। इसके बाद शाहबाद क्षेत्र में मेजर विंसेंट आयर ने बीबीगंज के युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को पराजित किया और जगदीशपुर पर अधिकार कर लिया। टेलर की अति-कठोर नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं के कारण अगस्त 1857 में ब्रिटिश सरकार ने उसे हटाकर ई.ए. सैमुअल्स को पटना का नया कमिश्नर नियुक्त किया।
मुख्य तथ्य
- 1857 के विद्रोह के समय पटना प्रमंडल का ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर था।
- टेलर ने 19 जून 1857 को मौलवी अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन और वाइज़ुल हक को धोखे से बंदी बनाया था।
- 3 जुलाई 1857 को पटना में पीर अली के नेतृत्व में हुए विद्रोह को टेलर ने पूरी कठोरता से दबाया।
- 7 जुलाई 1857 को टेलर के आदेश पर पीर अली और उनके सहयोगियों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई।
- दानापुर के विद्रोहियों से मुकाबला करने पहुंचे ब्रिटिश अधिकारी कैप्टन डनबार को आरा के पास पराजय और मृत्यु का सामना करना पड़ा।
- मेजर विंसेंट आयर ने 2-3 अगस्त 1857 को बीबीगंज के प्रसिद्ध युद्ध में बाबू कुंवर सिंह की सेना को हराया।
- विंसेंट आयर ने 12 अगस्त 1857 को जगदीशपुर पर कब्ज़ा कर वहां के किले एवं महलों को ध्वस्त कर दिया।
- विलियम टेलर की विवादास्पद नीतियों के कारण अगस्त 1857 में उसे हटाकर ई.ए. सैमुअल्स को नया पटना कमिश्नर बनाया गया।
- विलियम टेलर ने 1857 की पटना की घटनाओं पर 'अवर क्राइसिस' (Our Crisis) नामक पुस्तक लिखी।
- विलियम एलिस 1763 के पटना कत्लेआम से संबंधित था, जबकि विलियम टेलर 1857 का कमिश्नर था।
तालिका
- अधिकारी/नायक: विलियम टेलर · पद/भूमिका: पटना कमिश्नर · संबद्ध स्थान: पटना · मुख्य कार्य/घटना (1857): तीन मौलवियों को नज़रबंद किया तथा पीर अली को फांसी दी
- अधिकारी/नायक: कैप्टन डनबार · पद/भूमिका: ब्रिटिश सैन्य अधिकारी · संबद्ध स्थान: आरा (शाहबाद) · मुख्य कार्य/घटना (1857): विद्रोहियों से लड़ते हुए आरा के पास मारा गया
- अधिकारी/नायक: मेजर विंसेंट आयर · पद/भूमिका: तोपखाना अधिकारी · संबद्ध स्थान: बीबीगंज / जगदीशपुर · मुख्य कार्य/घटना (1857): बीबीगंज युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को हराया व जगदीशपुर ध्वस्त किया
- अधिकारी/नायक: ई.ए. सैमुअल्स · पद/भूमिका: पटना कमिश्नर · संबद्ध स्थान: पटना प्रमंडल · मुख्य कार्य/घटना (1857): अगस्त 1857 में विलियम टेलर को हटाकर नया कमिश्नर नियुक्त
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 17: 1857 के विद्रोह के समय पटना का कमिश्नर (आयुक्त) कौन था?
(क) विलियम टेलर (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) विंसेंट आयर (घ) ई.ए. सैमुअल्स
- ✔ उत्तर: (क) विलियम टेलर — 1857 के स्वाधीनता संग्राम के दौरान पटना प्रमंडल का ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर था।
- प्रश्न 18: विलियम टेलर ने 19 जून 1857 को किन मौलवियों को छलपूर्वक बंदी बनाया था?
(क) अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन एवं वाइज़ुल हक (ख) अहमदुल्लाह शाह एवं लियाकत अली (ग) पीर अली एवं वारिस अली (घ) सलीमउल्लाह एवं बकर अली
- ✔ उत्तर: (क) अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन एवं वाइज़ुल हक — टेलर ने पटना के तीन प्रमुख वहाबी नेताओं - अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन और वाइज़ुल हक को छल से बुलाकर नज़रबंद किया था।
- प्रश्न 19: निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिकारी ने अगस्त 1857 में बीबीगंज की लड़ाई में कुंवर सिंह की सेना को पराजित किया था?
(क) कैप्टन डनबार (ख) मेजर विंसेंट आयर (ग) विलियम टेलर (घ) कर्नल नील
- ✔ उत्तर: (ख) मेजर विंसेंट आयर — मेजर विंसेंट आयर ने बीबीगंज के युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को हराया और जगदीशपुर पर कब्ज़ा किया था।
- प्रश्न 20: विलियम टेलर को हटाकर अगस्त 1857 में पटना का नया कमिश्नर किसे नियुक्त किया गया था?
(क) विलियम एलिस (ख) ई.ए. सैमुअल्स (ग) लॉर्ड एलगिन (घ) सर कॉलिन कैंपबेल
- ✔ उत्तर: (ख) ई.ए. सैमुअल्स — टेलर की दमनकारी एवं विवादास्पद नीतियों के कारण ब्रिटिश सरकार ने उसे हटाकर ई.ए. सैमुअल्स को कमिश्नर बनाया।
- प्रश्न 21: 1857 के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1) पटना कमिश्नर विलियम टेलर ने पीर अली को फांसी की सजा दी थी।
2) कैप्टन डनबार आरा के पास सिपाहियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — टेलर ने पीर अली को फांसी दी थी तथा डनबार दानापुर सिपाहियों से आरा के निकट युद्ध में मारा गया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में इस उप-विषय से प्रश्न मुख्य रूप से 1857 के समय पटना कमिश्नर के नाम (विलियम टेलर), उसके द्वारा वहाबी मौलवियों व पीर अली के दमन, बीबीगंज युद्ध के विजेता (विंसेंट आयर) और टेलर के स्थान पर बने नए कमिश्नर (सैमुअल्स) पर सीधे एवं कथन-आधारित प्रश्नों के रूप में पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ विलियम टेलर (1857 का पटना कमिश्नर) तथा विलियम एलिस (1763 पटना कत्लेआम से संबंधित ब्रिटिश एजेंट) के बीच भ्रम न करें।
- ✘ पटना शहर में प्रशासनिक दमन विलियम टेलर ने किया, जबकि शाहबाद/जगदीशपुर में कुंवर सिंह के विरुद्ध सैन्य अभियान मेजर विंसेंट आयर ने चलाया।
- ✘ विलियम टेलर के पदमुक्त होने के बाद नया कमिश्नर ई.ए. सैमुअल्स बना था, न कि विंसेंट आयर।
💡 टेलर ने काटी पटना की क्रांति, आयर ने बुझाई शाहबाद की आग।
1857 के परिणाम: भारत सरकार अधिनियम 1858 एवं महारानी की घोषणा
1857 के महान विद्रोह के बाद ब्रिटिश संसद ने भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त कर सीधा ब्रिटिश क्राउन का शासन स्थापित किया। इसके तहत भारत सरकार अधिनियम 1858 पारित किया गया, जिसने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स के द्वैध शासन को समाप्त कर दिया। लंदन में भारत सचिव (Secretary of State) का नया पद और उसकी सहायता के लिए 15-सदस्यीय परिषद का गठन किया गया। 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद दरबार में महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा पढ़ी, जिसमें रियासतों के विलय को रोकने और धार्मिक हस्तक्षेप न करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा, पील आयोग की सिफारिशों के आधार पर भारतीय सेना का पुनर्गठन किया गया और यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया।
मुख्य तथ्य
- भारत सरकार अधिनियम 1858 द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर शासन की बागडोर ब्रिटिश क्राउन को सौंपी गई।
- 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद दरबार में महारानी विक्टोरिया की घोषणा पढ़कर सुनाई।
- भारत के गवर्नर-जनरल को क्राउन का प्रत्यक्ष प्रतिनिधि बनाते हुए 'वायसराय' की उपाधि दी गई; लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने।
- पीट्स इंडिया एक्ट 1784 द्वारा स्थापित बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को समाप्त कर दिया गया।
- ब्रिटेन के मंत्रिमंडल में 'भारत सचिव' (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15-सदस्यीय इंडिया काउंसिल बनाई गई।
- लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति (Doctrine of Lapse / व्यपगत का सिद्धांत) को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया।
- देशी राजाओं को दत्तक पुत्र (गोद) लेने का अधिकार पुनः वापस प्रदान किया गया।
- 1857 के विद्रोह के बाद सैन्य पुनर्गठन के लिए 'पील आयोग' (Peel Commission) का गठन किया गया।
- पील आयोग की सिफारिश पर बंगाल प्रेसीडेंसी में यूरोपीय और भारतीय सैनिकों का अनुपात 1:2 तथा मद्रास और बॉम्बे में 1:2.5 कर दिया गया।
- सेना में 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत लड़ाकू (Martial) और गैर-लड़ाकू (Non-Martial) जातियों का विभाजन लागू किया गया।
- महारानी की घोषणा को 'भारतीय जनता का अधिकार पत्र' (Magna Carta of Indian People) भी कहा गया।
- ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों के धार्मिक एवं सामाजिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाई।
तालिका
- विषय/क्षेत्र: भारत का प्रशासनिक प्रमुख · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): वायसराय एवं गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया
- विषय/क्षेत्र: गृह सरकार (Home Govt) · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स एवं बोर्ड ऑफ कंट्रोल · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): भारत सचिव (Secretary of State) एवं 15-सदस्यीय इंडिया काउंसिल
- विषय/क्षेत्र: देसी रियासतों के प्रति नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): विलय की नीति (हड़प नीति/व्यपगत सिद्धांत) · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): क्षेत्रीय विस्तार की नीति समाप्त, गोद लेने की अनुमति
- विषय/क्षेत्र: सैन्य प्रशासन नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): भारतीय सैनिकों का अत्यधिक बहुमत (5:1) · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): पील आयोग द्वारा पुनर्गठित, यूरोपीय अनुपात बढ़ा (1:2)
- विषय/क्षेत्र: सामाजिक-धार्मिक नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): सुधारवादी/हस्तक्षेपकारी नीति · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): तटस्थता एवं गैर-हस्तक्षेप की नीति
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 22: 1857 के विद्रोह के बाद 1 नवंबर 1858 को महारानी विक्टोरिया का घोषणा-पत्र लॉर्ड कैनिंग ने कहां पढ़कर सुनाया था?
(क) कलकत्ता (ख) इलाहाबाद (ग) दिल्ली (घ) लखनऊ
- ✔ उत्तर: (ख) इलाहाबाद — 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद में आयोजित दरबार में महारानी विक्टोरिया की घोषणा पढ़ी थी।
- प्रश्न 23: भारत सरकार अधिनियम 1858 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत कर शासन क्राउन को सौंप दिया गया।
2. भारत के गवर्नर-जनरल को 'वायसराय' की उपाधि दी गई।
3. बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को समाप्त कर दिया गया।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 — 1858 के अधिनियम द्वारा कंपनी शासन समाप्त हुआ, गवर्नर-जनरल को वायसराय कहा गया और द्वैध शासन निकाय समाप्त हुए।
- प्रश्न 24: 1857 के विद्रोह के उपरांत भारतीय सेना के पुनर्गठन हेतु किस आयोग की नियुक्ति की गई थी?
(क) हंटर आयोग (ख) पील आयोग (ग) साइमन कमीशन (घ) स्ट्रेची आयोग
- ✔ उत्तर: (ख) पील आयोग — 1857 के बाद सैन्य पुनर्गठन के लिए पील आयोग (Peel Commission) का गठन किया गया था।
- प्रश्न 25: भारत का प्रथम वायसराय निम्नलिखित में से कौन बना?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड विलियम बेंटिक (ग) लॉर्ड कैनिंग (घ) लॉर्ड रिपन
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड कैनिंग — 1858 अधिनियम के तहत भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने।
- प्रश्न 26: 1858 की महारानी की घोषणा के तहत ब्रिटिश सरकार ने देसी राजाओं के संदर्भ में क्या नीति अपनाई?
(क) सभी देसी रियासतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय (ख) व्यपगत सिद्धांत (हड़प नीति) की समाप्ति और गोद लेने के अधिकार की बहाली (ग) देसी राजाओं की सेना को पूरी तरह समाप्त करना (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ उत्तर: (ख) व्यपगत सिद्धांत (हड़प नीति) की समाप्ति और गोद लेने के अधिकार की बहाली — महारानी की घोषणा द्वारा डलहौजी की हड़प नीति समाप्त कर दी गई तथा गोद लेने का अधिकार बहाल किया गया।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से भारत सरकार अधिनियम 1858 के प्रावधानों (वायसराय पद का सृजन, भारत सचिव एवं 15-सदस्यीय परिषद, बोर्ड ऑफ कंट्रोल का अंत), महारानी की घोषणा (इलाहाबाद दरबार, 1 नवंबर 1858) और पील आयोग (सैन्य पुनर्गठन) पर सीधे तथा कथन-आधारित प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ गवर्नर-जनरल और वायसराय में भ्रम: 1858 में गवर्नर-जनरल का पद समाप्त नहीं हुआ, बल्कि क्राउन के प्रतिनिधि के रूप में उसे 'वायसराय' की अतिरिक्त उपाधि दी गई।
- ✘ पीट्स इंडिया एक्ट (1784) द्वारा स्थापित बोर्ड ऑफ कंट्रोल को 1858 के अधिनियम से समाप्त किया गया, चार्टर एक्ट 1833 या 1853 से नहीं।
- ✘ पील आयोग (Peel Commission) का संबंध 1857 के बाद सैन्य पुनर्गठन से है, न कि शिक्षा या पुलिस सुधार से।
💡 1-11-58 को इलाहाबाद में कैनिंग ने पत्र पढ़ा: 1858 अधिनियम से 15 सदस्यों वाली भारत सचिव परिषद बनी और पील आयोग से सेना पुनर्गठित हुई।
एक नज़र में (Revision)
- 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग था।
- बिहार में विद्रोह की शुरुआत 12 जून, 1857 को देवघर के रोहिणी गाँव (अब झारखंड) से हुई थी।
- पटना में 3 जुलाई, 1857 को पुस्तक विक्रेता पीर अली के नेतृत्व में विद्रोह भड़का।
- दानापुर छावनी के तीन रेजिमेंटों के सैनिकों ने 25 जुलाई, 1857 को विद्रोह किया।
- जगदीशपुर के 80 वर्षीय जमींदार बाबू कुंवर सिंह बिहार में विद्रोह के मुख्य सूत्रधार थे।
- कुंवर सिंह ने आरा पर कब्जा किया और आजमगढ़ तक अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी।
- अमर सिंह ने कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद कैमूर की पहाड़ियों से छापामार युद्ध जारी रखा।
- वारिस अली, तिरहुत के एक पुलिस जमादार, को विद्रोह के आरोप में फांसी दी गई थी।
- विलियम टेलर पटना का कमिश्नर था जिसने पीर अली और अन्य विद्रोहियों का दमन किया।
- विन्सेंट आयर ने बीबीगंज के युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को पराजित कर आरा को मुक्त कराया।
- 1858 के अधिनियम द्वारा भारत का शासन कंपनी से ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित कर दिया गया।
- महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा ने भारतीय राज्यों के प्रति विलय की नीति को त्याग दिया।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. 1857 के विद्रोह के दौरान पटना का कमिश्नर कौन था?
- (क) विलियम टेलर
- (ख) विन्सेंट आयर
- (ग) लॉयड
- (घ) सैमुअल
उत्तर देखें
उत्तर: (क) विलियम टेलर
विलियम टेलर 1857 के विद्रोह के दौरान पटना का कमिश्नर था, जिसने पीर अली के विद्रोह को दबाया था।
2. बिहार में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले कुंवर सिंह किस स्थान के जमींदार थे?
- (क) पटना
- (ख) जगदीशपुर
- (ग) आरा
- (घ) रोहिणी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) जगदीशपुर
बाबू कुंवर सिंह शाहाबाद जिले के जगदीशपुर के एक शक्तिशाली जमींदार थे।
3. पटना में 3 जुलाई, 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- (क) अमर सिंह
- (ख) कुंवर सिंह
- (ग) पीर अली
- (घ) वारिस अली
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) पीर अली
पटना में विद्रोह का नेतृत्व एक पुस्तक विक्रेता पीर अली ने किया था।
4. दानापुर छावनी के सैनिकों ने किस तिथि को विद्रोह किया और कुंवर सिंह से हाथ मिला लिया?
- (क) 12 जून, 1857
- (ख) 3 जुलाई, 1857
- (ग) 25 जुलाई, 1857
- (घ) 2 अगस्त, 1857
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 25 जुलाई, 1857
दानापुर के सैनिकों ने 25 जुलाई, 1857 को विद्रोह किया और अगले दिन जगदीशपुर पहुंचे।
5. कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किसने संभाला?
- (क) हरे कृष्ण सिंह
- (ख) अमर सिंह
- (ग) निशान सिंह
- (घ) पीर अली
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) अमर सिंह
कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके भाई अमर सिंह ने संघर्ष जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों में समानांतर सरकार बनाई।
6. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (केंद्र - नेता) सही सुमेलित नहीं है?
- (क) दिल्ली - बहादुर शाह जफर
- (ख) कानपुर - नाना साहेब
- (ग) लखनऊ - बेगम हजरत महल
- (घ) झांसी - तात्या टोपे
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) झांसी - तात्या टोपे
झांसी में विद्रोह का नेतृत्व रानी लक्ष्मीबाई ने किया था, जबकि तात्या टोपे उनके सहयोगी थे और कानपुर से भी जुड़े थे।
7. तिरहुत के उस पुलिस जमादार का नाम क्या था जिसे 1857 के विद्रोह के दौरान फांसी दी गई थी?
- (क) वारिस अली
- (ख) अहमदुल्ला
- (ग) इनायत अली
- (घ) पीर अली
उत्तर देखें
उत्तर: (क) वारिस अली
वारिस अली तिरहुत में एक पुलिस जमादार था जिसे विद्रोह की साजिश रचने के आरोप में फांसी दी गई थी।
8. 1857 के विद्रोह के दमन के बाद, भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत क्या परिवर्तन हुआ?
- (क) ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हो गया
- (ख) मुगल साम्राज्य को बहाल किया गया
- (ग) भारत को स्वतंत्रता दी गई
- (घ) सहायक संधि को अनिवार्य बनाया गया
उत्तर देखें
उत्तर: (क) ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त हो गया
1858 के अधिनियम ने कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया और सत्ता ब्रिटिश क्राउन को सौंप दी।
9. महारानी विक्टोरिया की उद्घोषणा (1 नवंबर, 1858) कहाँ पढ़ी गई थी?
- (क) कलकत्ता
- (ख) दिल्ली
- (ग) इलाहाबाद
- (घ) पटना
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) इलाहाबाद
लॉर्ड कैनिंग ने 1 नवंबर, 1858 को इलाहाबाद के मिंटो पार्क में आयोजित एक दरबार में महारानी की उद्घोषणा पढ़ी थी।
10. बिहार में 1857 के विद्रोह को दबाने का मुख्य श्रेय किस ब्रिटिश अधिकारी को दिया जाता है?
- (क) विलियम टेलर और विन्सेंट आयर
- (ख) जॉन निकोलसन
- (ग) कॉलिन कैंपबेल
- (घ) हेनरी लॉरेंस
उत्तर देखें
उत्तर: (क) विलियम टेलर और विन्सेंट आयर
विलियम टेलर (पटना) और विन्सेंट आयर (आरा) ने बिहार में विद्रोह को दबाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
English version — The Revolt of 1857 and Bihar
This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it highlights Bihar's pivotal role in India's first war of independence. Understanding the contributions of leaders like Kunwar Singh and Peer Ali is essential for scoring in the Bihar Special section.
Causes of the Revolt of 1857
The Revolt of 1857 was not the result of a single immediate cause, but an explosion of resentment built up over decades against British rule. Political discontent was fueled by Dalhousie's Doctrine of Lapse and the annexation of Awadh on grounds of maladministration. British land revenue policies ruined Indian agriculture and traditional handicrafts. Social and religious legislation, along with Christian missionary activities, heightened fears of religious interference. Finally, the introduction of greased cartridges for the Enfield rifle served as the immediate spark.
Key facts
- Lord Dalhousie annexed Satara (1848), Jaitpur, Sambalpur, Udaipur, Jhansi, and Nagpur under the Doctrine of Lapse.
- Awadh was annexed in 1856 on the grounds of maladministration based on James Outram's report.
- The General Service Enlistment Act was passed in 1856 during Lord Canning's tenure, making overseas service mandatory for recruits.
- The Religious Disabilities Act (Lex Loci Act) of 1850 allowed converts from Hinduism/Islam to retain rights to parental property.
- The Hindu Widows' Remarriage Act was passed in 1856 during Lord Canning's tenure through the efforts of Ishwar Chandra Vidyasagar.
- The new Enfield Rifle replaced the old Brown Bess musket in late 1856.
- The rumor that Enfield rifle cartridges were greased with cow and pig fat acted as the immediate cause of the revolt.
- On 29 March 1857, Mangal Pandey of the 34th Native Infantry fired at British officers in Barrackpore.
- The Inam Commission set up in 1852 aimed to inquire into tax-free estates, leading to the confiscation of thousands of titles.
- Wellesley's Subsidiary Alliance system stripped Indian rulers of sovereignty, causing deep resentment among the ruling class.
Table
- कारण का प्रकार: राजनीतिक · मुख्य नीति/घटना: व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1848-1856
- कारण का प्रकार: राजनीतिक · मुख्य नीति/घटना: अवध का विलय (कुशासन के आधार पर) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1856
- कारण का प्रकार: सामाजिक-धार्मिक · मुख्य नीति/घटना: लेक्स लोकी अधिनियम (पैतृक संपत्ति अधिकार) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड डलहौजी · वर्ष: 1850
- कारण का प्रकार: सैन्य · मुख्य नीति/घटना: सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड कैनिंग · वर्ष: 1856
- कारण का प्रकार: तात्कालिक · मुख्य नीति/घटना: एनफील्ड राइफल का आगमन (चर्बी वाले कारतूस) · संबंधित गवर्नर जनरल: लॉर्ड कैनिंग · वर्ष: 1856-1857
Practice questions (solved)
- Q 1: 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण निम्नलिखित में से क्या था?
(क) अंग्रेजों द्वारा भारतीय कुटीर उद्योगों को नष्ट करना (ख) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग (ग) अवध का कुशासन के आधार पर विलय (घ) लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति
- ✔ Answer: (ख) एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग — 1857 के विद्रोह की तात्कालिक चिंगारी एनफील्ड राइफल के कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी के प्रयोग की अफवाह से भड़की थी।
- Q 2: 1856 में किस ब्रिटिश अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अवध का विलय ब्रिटिश साम्राज्य में किया गया था?
(क) विलियम टेलर (ख) जेम्स आउट्रम (ग) कर्नल स्लीमैन (घ) हेनरी लॉरेंस
- ✔ Answer: (ख) जेम्स आउट्रम — अवध पर कुशासन का आरोप लगाकर जेम्स आउट्रम की रिपोर्ट के आधार पर 1856 में विलय किया गया था।
- Q 3: निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने यह नियम बनाया कि भारतीय सैनिकों को समुद्र पार सेवा हेतु भेजा जा सकता है?
(क) धार्मिक अयोग्यता अधिनियम 1850 (ख) सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम 1856 (ग) सती प्रथा निषेध अधिनियम 1829 (घ) इनाम आयोग अधिनियम 1852
- ✔ Answer: (ख) सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम 1856 — लॉर्ड कैनिंग द्वारा 1856 में पारित सामान्य सेवा भर्ती अधिनियम ने सैनिकों के लिए समुद्र पार जाना अनिवार्य बनाया।
- Q 4: 1857 के विद्रोह के राजनीतिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. डलहौजी ने व्यपगत के सिद्धांत के तहत सतारा और झांसी का विलय किया।
2. अवध का विलय व्यपगत के सिद्धांत के तहत हुआ था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — अवध का विलय व्यपगत के सिद्धांत से नहीं बल्कि 'कुशासन' (maladministration) के आधार पर हुआ था।
- Q 5: 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह करने वाले मंगल पांडे किस रेजीमेंट के सैनिक थे?
(क) 19वीं नेटिव इन्फेंट्री (ख) 34वीं बंगाली नेटिव इन्फेंट्री (ग) 20वीं नेटिव इन्फेंट्री (घ) 7वीं अवध अनियमित कैवलरी
- ✔ Answer: (ख) 34वीं बंगाली नेटिव इन्फेंट्री — मंगल पांडे बैरकपुर में 34वीं नेटिव इन्फेंट्री के सिपाही थे।
How it is asked
BPSC frequently asks factual questions regarding the annexation of Awadh, Doctrine of Lapse, immediate cause (greased cartridges), and Mangal Pandey.
Do not confuse
- ✘ अवध का विलय 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) से नहीं, बल्कि 'कुशासन' के आरोप पर आउट्रम की रिपोर्ट के आधार पर हुआ था।
- ✘ पुरानी बंदूक 'ब्राउन बेस' थी, और उसकी जगह नई आई बंदूक 'एनफील्ड राइफल' थी।
- ✘ विद्रोह के समय गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग था, लेकिन विलय की अधिकांश नीतियां लॉर्ड डलहौजी ने लागू की थीं।
💡 अवध-कुशासन, सतारा-हड़प, कैनिंग-राइफल - याद रखें कि अवध का कारण कुशासन था, सतारा हड़प नीति का पहला शिकार था, और राइफल कैनिंग के समय आई।
1857 Revolt: Key Centres, Leaders, and Dates across India
The revolt that began at Meerut on May 10, 1857, quickly spread across North and Central India. The rebels marched to Delhi and proclaimed Mughal Emperor Bahadur Shah II as the Emperor of India, though the actual military leadership was held by General Bakht Khan. In Kanpur, Nana Sahib and Tantia Tope led the uprising, while Begum Hazrat Mahal in Lucknow and Rani Lakshmibai in Jhansi posed formidable challenges to British rule. Khan Bahadur Khan in Bareilly and Maulvi Ahmadullah in Faizabad organized fierce resistance. The British eventually suppressed these centres using officers like John Nicholson, Colin Campbell, Colonel Neill, and Sir Hugh Rose.
Key facts
- The formal revolt began on May 10, 1857, by the 20th Native Infantry at Meerut.
- On May 11-12, 1857, Meerut sepoys captured Delhi and proclaimed Bahadur Shah II as Emperor of India.
- In Delhi, the actual military command of the revolt was held by General Bakht Khan from Bareilly.
- The revolt in Kanpur started on June 5, 1857, led by Nana Sahib (Dhondhu Pant), adopted son of Peshwa Baji Rao II.
- In Kanpur, Tantia Tope (Ramchandra Pandurang) was the commander-in-chief and Azimullah Khan was Nana Sahib's political advisor.
- In Lucknow, Begum Hazrat Mahal declared her minor son Birjis Qadir as Nawab and led the revolt on June 4, 1857.
- In Jhansi, Rani Lakshmibai led the revolt in June 1857; Sir Hugh Rose called her 'the only man among the rebels'.
- In Bareilly, Khan Bahadur Khan, descendant of the Rohilla ruler, led the revolt and proclaimed himself Nawab.
- In Faizabad, Maulvi Ahmadullah Shah led the revolt calling for Jihad against the British, who considered him their most dangerous enemy.
- In Allahabad and Banaras, the revolt was led by Maulvi Liyaqat Ali and suppressed ruthlessly by Colonel Neill.
- In Assam, Maniram Dutta organized the revolt by declaring Kandarpeswar Singha as the king.
- In Odisha (Sambalpur), Surendra Sai and Ujjwal Sai led the rebellion against the British.
Table
- केंद्र: दिल्ली · भारतीय नेता: बहादुर शाह द्वितीय एवं जनरल बख्त खान · विद्रोह की तिथि: 11-12 मई 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: जॉन निकलसन एवं मेजर हडसन
- केंद्र: कानपुर · भारतीय नेता: नाना साहब, तात्या टोपे, अजीमुल्लाह खान · विद्रोह की तिथि: 5 जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल एवं हैवलॉक
- केंद्र: लखनऊ · भारतीय नेता: बेगम हजरत महल एवं बिरजिस कादिर · विद्रोह की तिथि: 4 जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: हेवलॉक, आउटराम एवं कैंपबेल
- केंद्र: झांसी / ग्वालियर · भारतीय नेता: रानी लक्ष्मीबाई एवं तात्या टोपे · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर ह्यू रोज
- केंद्र: बरेली · भारतीय नेता: खान बहादुर खान · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल
- केंद्र: फैजाबाद · भारतीय नेता: मौलवी अहमदुल्लाह शाह · विद्रोह की तिथि: मई/जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: सर कोलिन कैंपबेल
- केंद्र: इलाहाबाद / बनारस · भारतीय नेता: मौलवी लियाकत अली · विद्रोह की तिथि: जून 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: कर्नल नील
- केंद्र: जगदीशपुर (बिहार) · भारतीय नेता: बाबू कुंवर सिंह एवं अमर सिंह · विद्रोह की तिथि: जुलाई 1857 · ब्रिटिश दमनकर्ता अधिकारी: विलियम टेलर एवं विंसेंट आयर
Practice questions (solved)
- Q 6: 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली में सैन्य संचालन का वास्तविक नेतृत्व किसने किया था?
(क) बहादुर शाह द्वितीय (ख) जनरल बख्त खान (ग) अजीमुल्लाह खान (घ) मौलवी अहमदुल्लाह
- ✔ Answer: (ख) जनरल बख्त खान — दिल्ली में बहादुर शाह द्वितीय केवल प्रतीकात्मक नेता थे, वास्तविक सैन्य नेतृत्व जनरल बख्त खान ने किया था।
- Q 7: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (केंद्र - नेता) सही सुमेलित नहीं है?
(क) कानपुर - नाना साहब (ख) लखनऊ - बेगम हजरत महल (ग) बरेली - मौलवी लियाकत अली (घ) झांसी - रानी लक्ष्मीबाई
- ✔ Answer: (ग) बरेली - मौलवी लियाकत अली — बरेली में विद्रोह का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था, जबकि मौलवी लियाकत अली ने इलाहाबाद में नेतृत्व किया था।
- Q 8: 1857 के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में तात्या टोपे नाना साहब के मुख्य सेनापति थे।
2. ब्रिटिश सेनापति सर ह्यू रोज ने रानी लक्ष्मीबाई को 'विद्रोहियों में एकमात्र पुरुष' कहा था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — दोनों कथन सत्य हैं; तात्या टोपे कानपुर में सेनापति थे और सर ह्यू रोज ने लक्ष्मीबाई की वीरता की प्रशंसा की थी।
- Q 9: अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह के दौरान किस नेता को अपना 'सबसे खतरनाक दुश्मन' माना और उन पर 50,000 रुपये का इनाम रखा था?
(क) खान बहादुर खान (ख) मौलवी अहमदुल्लाह शाह (ग) कुंवर सिंह (घ) नाना साहब
- ✔ Answer: (ख) मौलवी अहमदुल्लाह शाह — फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह की रणनीतिक क्षमता के कारण अंग्रेजों ने उन्हें सबसे साहसी और खतरनाक दुश्मन माना था।
- Q 10: असम में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया था?
(क) सुरेंद्र साई (ख) मनीराम दत्त (ग) दीवान मूलराज (घ) गुलाब सिंह
- ✔ Answer: (ख) मनीराम दत्त — असम में मनीराम दत्त ने 1857 के विद्रोह की अगुवाई की थी।
How it is asked
BPSC frequently asks questions matching centres with their leaders, British suppressors, and chronological dates of the revolt.
Do not confuse
- ✘ बरेली के नेता खान बहादुर खान और फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह के बीच भ्रम होना।
- ✘ इलाहाबाद के नेता मौलवी लियाकत अली और फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह में नाम का भ्रम।
- ✘ तात्या टोपे का वास्तविक नाम (रामचंद्र पांडुरंग) और नाना साहब का वास्तविक नाम (धोंधू पंत) में अंतर ध्यान न रखना।
💡 याद रखें ट्रिक: 'दिल में बख्त, कान में नाना, लखनऊ की बेगम का झांसी में गाना' (दिल्ली-बख्त खान, कानपुर-नाना साहब, लखनऊ-बेगम हजरत महल, झांसी-रानी लक्ष्मीबाई)
1857 Revolt: Bihar, Kunwar Singh and Danapur Sepoys
Bihar played a heroic and pivotal role in the Indian Revolt of 1857. The rebellion first flared up on June 12, 1857, at Rohini village in Deoghar district. In Patna, bookbinder Peer Ali led a fierce uprising on July 3, 1857, during which Opium Agent Dr. Lyell was killed. The movement gained massive momentum on July 25, 1857, when three native regiments at Danapur garrison mutinied and joined Babu Kunwar Singh of Jagdishpur. Despite being around 80 years old, Kunwar Singh captured Arrah and successfully fought British forces across Bihar and UP. After his death in April 1858, his brother Amar Singh sustained a guerrilla resistance from the Kaimur hills.
Key facts
- In undivided Bihar, the 1857 revolt began on June 12, 1857, at Rohini village (Deoghar) by soldiers of the 5th Irregular Cavalry.
- In Patna, the revolt was led on July 3, 1857, by bookbinder Peer Ali, in which Opium Agent Dr. R. Lyell was killed.
- Waris Ali, a police Jamadar of Tirhut, was arrested and hanged for plotting rebellion against the British.
- On July 25, 1857, the 7th, 8th, and 40th Native Infantry regiments at Danapur cantonment revolted together.
- The Danapur mutineers crossed the Son river and joined Babu Kunwar Singh, the landlord of Jagdishpur, choosing him as their leader.
- Babu Kunwar Singh was born in Jagdishpur, Shahabad (now Bhojpur), and was about 80 years old during the 1857 revolt.
- Kunwar Singh captured Arrah town on July 27, 1857, and established his independent administration there.
- On July 29-30, 1857, Kunwar Singh's forces completely defeated the British detachment led by Captain Dunbar near Arrah.
- Major Vincent Eyre defeated Kunwar Singh at the Battle of Bibiganj on August 3, 1857, recapturing Arrah for the British.
- In March 1858, Kunwar Singh defeated Colonel Milman's British force at Atraulia in Azamgarh, Uttar Pradesh.
- When shot in the arm by Captain Douglas's troops while crossing the Ganga, Kunwar Singh severed his wounded arm and offered it to the river Ganga.
- On April 23, 1858, Kunwar Singh decisively defeated the British force under Captain Le Grand; this day is celebrated as 'Vijay Diwas' in Bihar.
- Babu Kunwar Singh passed away on April 26, 1858, due to severe injuries and blood loss.
- After Kunwar Singh's death, his younger brother Amar Singh continued guerrilla warfare from the Kaimur hills.
- Harkishan Singh was the chief lieutenant of Amar Singh and operated a parallel government at Jagdishpur.
Table
- क्षेत्र / स्थान: रोहिणी (देवघर) · प्रमुख विद्रोही नेता: 5वीं इर्रेगुलर कैवलरी के सैनिक · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 12 जून 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: मेजर मैक्डोनाल्ड
- क्षेत्र / स्थान: पटना शहर · प्रमुख विद्रोही नेता: पीर अली (पुस्तक विक्रेता) · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 3 जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: विलियम टेलर (कमिश्नर)
- क्षेत्र / स्थान: तिरहुत / मुजफ्फरपुर · प्रमुख विद्रोही नेता: वारिस अली (पुलिस जमादार) · विद्रोह प्रारंभ तिथि: जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: विलियम टेलर
- क्षेत्र / स्थान: दानापुर / आरा · प्रमुख विद्रोही नेता: बाबू कुंवर सिंह · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 25 जुलाई 1857 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: कैप्टन डनबार, मेजर विंसेंट आयर
- क्षेत्र / स्थान: जगदीशपुर / कैमूर · प्रमुख विद्रोही नेता: अमर सिंह एवं हरकिशन सिंह · विद्रोह प्रारंभ तिथि: 1858 - 1859 · संबंधित अंग्रेज अधिकारी / दमनकर्ता: ब्रिगेडियर डगलस
Practice questions (solved)
- Q 11: बिहार में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व जगदीशपुर में मुख्य रूप से किसने किया था?
(क) नाना साहेब (ख) तात्या टोपे (ग) कुंवर सिंह (घ) खान बहादुर खान
- ✔ Answer: (ग) कुंवर सिंह — जगदीशपुर (शाहबाद) में 1857 के संग्राम का कुशल नेतृत्व बाबू कुंवर सिंह ने किया था।
- Q 12: पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए ऐतिहासिक विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
(क) वारिस अली (ख) पीर अली (ग) अमर सिंह (घ) इनायत अली
- ✔ Answer: (ख) पीर अली — पटना में 3 जुलाई 1857 को पुस्तक विक्रेता पीर अली ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह की कमान संभाली थी।
- Q 13: दानापुर छावनी की देशी पैदल टुकड़ियों ने किस तिथि को एक साथ विद्रोह किया था?
(क) 12 जून 1857 (ख) 3 जुलाई 1857 (ग) 25 जुलाई 1857 (घ) 15 अगस्त 1857
- ✔ Answer: (ग) 25 जुलाई 1857 — दानापुर छावनी की तीन रेजिमेंटों ने 25 जुलाई 1857 को बगावत की और आरा की ओर कूच किया।
- Q 14: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बाबू कुंवर सिंह के संदर्भ में सत्य है?
1. उन्होंने 23 अप्रैल 1858 को कैप्टन ली ग्रैंड की सेना को पराजित किया।
2. वे शाहबाद जिले के जगदीशपुर के जमींदार थे।
3. उनकी मृत्यु के बाद अमर सिंह ने विद्रोह का नेतृत्व संभाला।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 सभी — कुंवर सिंह ने कैप्टन ली ग्रैंड को हराया, वे जगदीशपुर के जमींदार थे और उनकी मृत्यु के बाद अमर सिंह ने संघर्ष जारी रखा।
- Q 15: 1857 के आंदोलन के दौरान किस ब्रिटिश अधिकारी ने आरा में कुंवर सिंह को पराजित कर जगदीशपुर पर कब्जा किया था?
(क) कैप्टन डनबार (ख) मेजर विंसेंट आयर (ग) विलियम टेलर (घ) कैप्टन ली ग्रैंड
- ✔ Answer: (ख) मेजर विंसेंट आयर — मेजर विंसेंट आयर ने 3 अगस्त 1857 को बीबीगंज के युद्ध में आरा को अंग्रेजों के अधिकार में वापस लिया था।
- Q 16: कुंवर सिंह के छोटे भाई अमर सिंह ने 1857 के विद्रोह के दौरान किस क्षेत्र की पहाड़ियों से छापामार युद्ध चलाया था?
(क) राजगीर की पहाड़ियां (ख) कैमूर की पहाड़ियां (ग) बराबर की पहाड़ियां (घ) खड़गपुर की पहाड़ियां
- ✔ Answer: (ख) कैमूर की पहाड़ियां — अमर सिंह ने कैमूर की दुर्गम पहाड़ियों को अपना केंद्र बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ छापामार (गुरिल्ला) युद्ध चलाया था।
How it is asked
BPSC regularly asks 1-2 questions from the 1857 Revolt in Bihar in both Prelims and Mains. Specific focus areas include Kunwar Singh's battle victories (Atraulia, Arrah, defeat of Le Grand), the date of the Danapur mutiny (July 25, 1857), Peer Ali's uprising (July 3, 1857), and Amar Singh's guerrilla tactics.
Do not confuse
- ✘ रोहिणी गांव में विद्रोह की तिथि (12 जून 1857), पटना में पीर अली का विद्रोह (3 जुलाई 1857) और दानापुर छावनी का विद्रोह (25 जुलाई 1857) - इन तीनों तिथियों में भ्रम होता है।
- ✘ आरा में कुंवर सिंह से हारने वाला अंग्रेज अधिकारी कैप्टन डनबार था, जबकि आरा को जीतने वाला अधिकारी मेजर विंसेंट आयर था और 23 अप्रैल 1858 को कुंवर सिंह से पराजित होने वाला कैप्टन ली ग्रैंड था।
💡 याद रखें 3 प्रमुख तिथियां: 12 जून (रोहिणी), 3 जुलाई (पीर अली), 25 जुलाई (दानापुर सैनिक कुंवर सिंह से मिले)।
William Taylor (Patna Commissioner) and the Suppression
William Taylor was the Commissioner of Patna Division during the Revolt of 1857. To prevent an uprising in Patna, he adopted extremely oppressive measures. On 19 June 1857, he treacherous house-arrested three prominent Wahabi leaders—Maulvi Ahmadullah, Muhammad Hussain, and Waezul Haq—after inviting them under the pretext of consultation. When Peer Ali launched an uprising on 3 July 1857, Taylor brutally suppressed it and publicly executed Peer Ali along with 17 others on 7 July 1857. Later, Major Vincent Eyre defeated Kunwar Singh's forces at the Battle of Bibiganj and captured Jagdishpur. Due to his high-handed tactics and controversial decisions, Taylor was removed from his post in August 1857 and replaced by E.A. Samuells.
Key facts
- William Taylor was the British Commissioner of Patna Division during the 1857 revolt.
- Taylor deceitfully arrested Maulvi Ahmadullah, Muhammad Hussain, and Waezul Haq on 19 June 1857.
- Taylor ruthlessly suppressed the uprising led by Peer Ali in Patna on 3 July 1857.
- Peer Ali and his associates were publicly executed on 7 July 1857 by Taylor's order.
- Captain Dunbar, sent to fight Danapur rebels, faced defeat and death near Arrah.
- Major Vincent Eyre defeated Babu Kunwar Singh's army at the famous Battle of Bibiganj on 2-3 August 1857.
- Vincent Eyre captured Jagdishpur on 12 August 1857 and destroyed the fort and palaces.
- Due to controversial policies, Taylor was removed in August 1857 and E.A. Samuells was made the new Patna Commissioner.
- William Taylor wrote a book titled 'Our Crisis' on the 1857 events in Patna.
- William Ellis was associated with the Patna Massacre of 1763, whereas William Taylor was the Commissioner in 1857.
Table
- अधिकारी/नायक: विलियम टेलर · पद/भूमिका: पटना कमिश्नर · संबद्ध स्थान: पटना · मुख्य कार्य/घटना (1857): तीन मौलवियों को नज़रबंद किया तथा पीर अली को फांसी दी
- अधिकारी/नायक: कैप्टन डनबार · पद/भूमिका: ब्रिटिश सैन्य अधिकारी · संबद्ध स्थान: आरा (शाहबाद) · मुख्य कार्य/घटना (1857): विद्रोहियों से लड़ते हुए आरा के पास मारा गया
- अधिकारी/नायक: मेजर विंसेंट आयर · पद/भूमिका: तोपखाना अधिकारी · संबद्ध स्थान: बीबीगंज / जगदीशपुर · मुख्य कार्य/घटना (1857): बीबीगंज युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को हराया व जगदीशपुर ध्वस्त किया
- अधिकारी/नायक: ई.ए. सैमुअल्स · पद/भूमिका: पटना कमिश्नर · संबद्ध स्थान: पटना प्रमंडल · मुख्य कार्य/घटना (1857): अगस्त 1857 में विलियम टेलर को हटाकर नया कमिश्नर नियुक्त
Practice questions (solved)
- Q 17: 1857 के विद्रोह के समय पटना का कमिश्नर (आयुक्त) कौन था?
(क) विलियम टेलर (ख) लॉर्ड कैनिंग (ग) विंसेंट आयर (घ) ई.ए. सैमुअल्स
- ✔ Answer: (क) विलियम टेलर — 1857 के स्वाधीनता संग्राम के दौरान पटना प्रमंडल का ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर था।
- Q 18: विलियम टेलर ने 19 जून 1857 को किन मौलवियों को छलपूर्वक बंदी बनाया था?
(क) अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन एवं वाइज़ुल हक (ख) अहमदुल्लाह शाह एवं लियाकत अली (ग) पीर अली एवं वारिस अली (घ) सलीमउल्लाह एवं बकर अली
- ✔ Answer: (क) अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन एवं वाइज़ुल हक — टेलर ने पटना के तीन प्रमुख वहाबी नेताओं - अहमदउल्लाह, मोहम्मद हुसैन और वाइज़ुल हक को छल से बुलाकर नज़रबंद किया था।
- Q 19: निम्नलिखित में से किस ब्रिटिश अधिकारी ने अगस्त 1857 में बीबीगंज की लड़ाई में कुंवर सिंह की सेना को पराजित किया था?
(क) कैप्टन डनबार (ख) मेजर विंसेंट आयर (ग) विलियम टेलर (घ) कर्नल नील
- ✔ Answer: (ख) मेजर विंसेंट आयर — मेजर विंसेंट आयर ने बीबीगंज के युद्ध में कुंवर सिंह की सेना को हराया और जगदीशपुर पर कब्ज़ा किया था।
- Q 20: विलियम टेलर को हटाकर अगस्त 1857 में पटना का नया कमिश्नर किसे नियुक्त किया गया था?
(क) विलियम एलिस (ख) ई.ए. सैमुअल्स (ग) लॉर्ड एलगिन (घ) सर कॉलिन कैंपबेल
- ✔ Answer: (ख) ई.ए. सैमुअल्स — टेलर की दमनकारी एवं विवादास्पद नीतियों के कारण ब्रिटिश सरकार ने उसे हटाकर ई.ए. सैमुअल्स को कमिश्नर बनाया।
- Q 21: 1857 के विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1) पटना कमिश्नर विलियम टेलर ने पीर अली को फांसी की सजा दी थी।
2) कैप्टन डनबार आरा के पास सिपाहियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — टेलर ने पीर अली को फांसी दी थी तथा डनबार दानापुर सिपाहियों से आरा के निकट युद्ध में मारा गया था।
How it is asked
In BPSC, questions on this sub-topic are asked directly or statement-based on the name of Patna Commissioner (William Taylor), his suppression of Wahabi Maulvis and Peer Ali, the winner of Battle of Bibiganj (Vincent Eyre), and the successor to Taylor (E.A. Samuells).
Do not confuse
- ✘ विलियम टेलर (1857 का पटना कमिश्नर) तथा विलियम एलिस (1763 पटना कत्लेआम से संबंधित ब्रिटिश एजेंट) के बीच भ्रम न करें।
- ✘ पटना शहर में प्रशासनिक दमन विलियम टेलर ने किया, जबकि शाहबाद/जगदीशपुर में कुंवर सिंह के विरुद्ध सैन्य अभियान मेजर विंसेंट आयर ने चलाया।
- ✘ विलियम टेलर के पदमुक्त होने के बाद नया कमिश्नर ई.ए. सैमुअल्स बना था, न कि विंसेंट आयर।
💡 टेलर ने काटी पटना की क्रांति, आयर ने बुझाई शाहबाद की आग।
Results of 1857: Government of India Act 1858 & Queen's Proclamation
Following the Revolt of 1857, the British Parliament ended the rule of the East India Company and established direct British Crown rule over India. The Government of India Act 1858 abolished the dual government of the Board of Control and Court of Directors. A new office of the Secretary of State for India was created in London along with a 15-member advisory council. On November 1, 1858, Lord Canning read Queen Victoria's Proclamation at the Allahabad Durbar, promising to halt territorial annexations and respect religious customs. Additionally, based on the Peel Commission's recommendations, the Indian army was reorganized, significantly increasing the ratio of European soldiers.
Key facts
- The Government of India Act 1858 ended East India Company rule and transferred governance to the British Crown.
- On November 1, 1858, Lord Canning read Queen Victoria's Proclamation at the Allahabad Durbar.
- The Governor-General of India was titled 'Viceroy' as the direct representative of the Crown; Lord Canning became the first Viceroy.
- The Board of Control and Court of Directors created under the Pitt's India Act 1784 were abolished.
- A new post of 'Secretary of State for India' was created in the British Cabinet, supported by a 15-member India Council.
- Lord Dalhousie's Policy of Annexation (Doctrine of Lapse) was officially abolished.
- Indian princely rulers were restored the right to adopt heirs.
- The 'Peel Commission' was constituted for army reorganization after the 1857 Revolt.
- On the recommendation of the Peel Commission, the ratio of European to Indian soldiers was fixed at 1:2 in Bengal and 1:2.5 in Madras and Bombay.
- A classification of Martial and Non-Martial races was introduced in the army under the divide-and-rule policy.
- Queen Victoria's Proclamation was also called the 'Magna Carta of the Indian People'.
- The British government adopted a policy of non-interference in the religious and social matters of Indians.
Table
- विषय/क्षेत्र: भारत का प्रशासनिक प्रमुख · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): वायसराय एवं गवर्नर-जनरल ऑफ इंडिया
- विषय/क्षेत्र: गृह सरकार (Home Govt) · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स एवं बोर्ड ऑफ कंट्रोल · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): भारत सचिव (Secretary of State) एवं 15-सदस्यीय इंडिया काउंसिल
- विषय/क्षेत्र: देसी रियासतों के प्रति नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): विलय की नीति (हड़प नीति/व्यपगत सिद्धांत) · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): क्षेत्रीय विस्तार की नीति समाप्त, गोद लेने की अनुमति
- विषय/क्षेत्र: सैन्य प्रशासन नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): भारतीय सैनिकों का अत्यधिक बहुमत (5:1) · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): पील आयोग द्वारा पुनर्गठित, यूरोपीय अनुपात बढ़ा (1:2)
- विषय/क्षेत्र: सामाजिक-धार्मिक नीति · 1857 से पूर्व (कंपनी शासन): सुधारवादी/हस्तक्षेपकारी नीति · 1858 के बाद (क्राउन का शासन): तटस्थता एवं गैर-हस्तक्षेप की नीति
Practice questions (solved)
- Q 22: 1857 के विद्रोह के बाद 1 नवंबर 1858 को महारानी विक्टोरिया का घोषणा-पत्र लॉर्ड कैनिंग ने कहां पढ़कर सुनाया था?
(क) कलकत्ता (ख) इलाहाबाद (ग) दिल्ली (घ) लखनऊ
- ✔ Answer: (ख) इलाहाबाद — 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग ने इलाहाबाद में आयोजित दरबार में महारानी विक्टोरिया की घोषणा पढ़ी थी।
- Q 23: भारत सरकार अधिनियम 1858 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत कर शासन क्राउन को सौंप दिया गया।
2. भारत के गवर्नर-जनरल को 'वायसराय' की उपाधि दी गई।
3. बोर्ड ऑफ कंट्रोल और कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स को समाप्त कर दिया गया।
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 — 1858 के अधिनियम द्वारा कंपनी शासन समाप्त हुआ, गवर्नर-जनरल को वायसराय कहा गया और द्वैध शासन निकाय समाप्त हुए।
- Q 24: 1857 के विद्रोह के उपरांत भारतीय सेना के पुनर्गठन हेतु किस आयोग की नियुक्ति की गई थी?
(क) हंटर आयोग (ख) पील आयोग (ग) साइमन कमीशन (घ) स्ट्रेची आयोग
- ✔ Answer: (ख) पील आयोग — 1857 के बाद सैन्य पुनर्गठन के लिए पील आयोग (Peel Commission) का गठन किया गया था।
- Q 25: भारत का प्रथम वायसराय निम्नलिखित में से कौन बना?
(क) लॉर्ड डलहौजी (ख) लॉर्ड विलियम बेंटिक (ग) लॉर्ड कैनिंग (घ) लॉर्ड रिपन
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड कैनिंग — 1858 अधिनियम के तहत भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वायसराय बने।
- Q 26: 1858 की महारानी की घोषणा के तहत ब्रिटिश सरकार ने देसी राजाओं के संदर्भ में क्या नीति अपनाई?
(क) सभी देसी रियासतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय (ख) व्यपगत सिद्धांत (हड़प नीति) की समाप्ति और गोद लेने के अधिकार की बहाली (ग) देसी राजाओं की सेना को पूरी तरह समाप्त करना (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
- ✔ Answer: (ख) व्यपगत सिद्धांत (हड़प नीति) की समाप्ति और गोद लेने के अधिकार की बहाली — महारानी की घोषणा द्वारा डलहौजी की हड़प नीति समाप्त कर दी गई तथा गोद लेने का अधिकार बहाल किया गया।
How it is asked
BPSC asks direct and statement-based questions on the provisions of the Act of 1858 (Viceroy post, Secretary of State and 15-member council, abolition of Board of Control), Queen's Proclamation (Allahabad Durbar, 1 Nov 1858), and Peel Commission (army reorganization).
Do not confuse
- ✘ गवर्नर-जनरल और वायसराय में भ्रम: 1858 में गवर्नर-जनरल का पद समाप्त नहीं हुआ, बल्कि क्राउन के प्रतिनिधि के रूप में उसे 'वायसराय' की अतिरिक्त उपाधि दी गई।
- ✘ पीट्स इंडिया एक्ट (1784) द्वारा स्थापित बोर्ड ऑफ कंट्रोल को 1858 के अधिनियम से समाप्त किया गया, चार्टर एक्ट 1833 या 1853 से नहीं।
- ✘ पील आयोग (Peel Commission) का संबंध 1857 के बाद सैन्य पुनर्गठन से है, न कि शिक्षा या पुलिस सुधार से।
💡 1-11-58 को इलाहाबाद में कैनिंग ने पत्र पढ़ा: 1858 अधिनियम से 15 सदस्यों वाली भारत सचिव परिषद बनी और पील आयोग से सेना पुनर्गठित हुई।
Quick revision
- The immediate cause of the 1857 revolt was the use of greased cartridges in Enfield rifles.
- In Bihar, the revolt began on June 12, 1857, at Rohini village in Deoghar (now in Jharkhand).
- In Patna, the uprising broke out on July 3, 1857, led by book-seller Peer Ali.
- Sepoys of three regiments at Danapur Cantonment revolted on July 25, 1857.
- Babu Kunwar Singh, the 80-year-old zamindar of Jagdishpur, was the main leader in Bihar.
- Kunwar Singh captured Arrah and gave a tough fight to the British up to Azamgarh.
- Amar Singh continued the guerrilla warfare from the Kaimur hills after Kunwar Singh's death.
- Waris Ali, a police jamadar in Tirhut, was executed for his involvement in the revolt.
- William Taylor was the Commissioner of Patna who suppressed Peer Ali and other rebels.
- Vincent Eyre defeated Kunwar Singh's forces at the Battle of Bibiganj and relieved Arrah.
- The Government of India Act 1858 transferred Indian administration from the Company to the Crown.
- Queen Victoria's Proclamation renounced the policy of annexation of Indian states.