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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन

बिहार की कला, संस्कृति, पर्व और मेले

Art, Culture, Festivals, and Fairs of Bihar

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान को दर्शाता है। इसमें राज्य की अद्वितीय चित्रकला शैलियों, लोक नृत्यों और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का विस्तृत विवरण मिलता है।

बिहार की लोक चित्रकला और हस्तशिल्प

बिहार की लोक चित्रकलाएँ यहाँ की सांस्कृतिक समृद्धि और ग्रामीण जीवन का जीवंत प्रतिबिंब हैं। मधुबनी पेंटिंग, जिसे मिथिला कला भी कहा जाता है, अपनी जटिल ज्यामितीय आकृतियों और प्राकृतिक रंगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। मंजूषा कला भागलपुर (अंग क्षेत्र) की विशिष्ट शैली है, जो बिहुला-विषहरी की लोककथाओं और सर्प रूपांकनों पर आधारित है। टिकुली कला पटना की एक प्राचीन कला है, जिसे आधुनिक समय में उपेंद्र महारथी ने पुनर्जीवित किया। सिक्की घास कला और सुजनी कढ़ाई बिहार के महत्वपूर्ण हस्तशिल्प हैं, जिन्हें उनकी विशिष्टता के लिए जीआई (GI) टैग प्रदान किया गया है। ये कलाएँ न केवल धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं, बल्कि बिहार की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य स्रोत भी बनी हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) रंगों का गहरा भराव (ख) केवल रेखाओं के माध्यम से चित्रण (ग) कांच का उपयोग (घ) कपड़े पर कढ़ाई

(क) मधुबनी (ख) टिकुली (ग) मंजूषा (घ) सुजनी

(क) महासुंदरी देवी (ख) सीता देवी (ग) जगदंबा देवी (घ) गंगा देवी

(क) गुलाबी (ख) पीला (ग) नीला (घ) हरा

(क) एक प्रकार की घास (ख) एक प्रकार की कढ़ाई (ग) एक लोक नृत्य (घ) एक मिट्टी का बर्तन

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) पटना (ख) भागलपुर (ग) दरभंगा (घ) सीतामढ़ी

परीक्षा में कैसे आता है

बीपीएससी में इस विषय से अक्सर चित्रकला की शैलियों (जैसे भरनी, कचनी), संबंधित क्षेत्रों (मिथिला, अंग), प्रसिद्ध कलाकारों के नाम और जीआई टैग प्राप्त उत्पादों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 मंजू (मंजूषा) भाग (भागलपुर) कर गुलाबी-पीली-हरी साड़ी लाई।

बिहार के लोकनृत्य, लोकगीत एवं भिखारी ठाकुर

बिहार की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और जीवंत है, जिसमें सामाजिक परिवेश, कृषि चक्र और पारिवारिक रिश्तों की गहरी अभिव्यक्ति मिलती है। जट-जटिन, झिझिया और डोमकच जैसे लोकनृत्य महिलाओं के जीवन, ऋतु परिवर्तन और वैवाहिक प्रसंगों से जुड़े हैं। वहीं सोहर, कजरी और चैता जैसे लोकगीत जीवन के संस्कारों एवं उत्सवों का अभिन्न अंग हैं। इस लोक परंपरा को राष्ट्रीय व वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का श्रेय भिखारी ठाकुर को जाता है, जिन्हें 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है। उन्होंने बिदेसिया और बेटी बेचवा जैसी रचनाओं के माध्यम से पलायन, गरीबी और सामाजिक कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया। वर्तमान में भी यह लोक विधाएँ बीपीएससी परीक्षाओं में संस्कृति खंड का मुख्य आधार हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (ख) राहुल सांकृत्यायन (ग) फणीश्वर नाथ रेणु (घ) रामधारी सिंह 'दिनकर'

(क) यह सावन माह में केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है। (ख) इसमें सिर पर छिद्रयुक्त घड़ा रखकर वर्षा के देवता इंद्र की स्तुति की जाती है। (ग) यह मगध क्षेत्र का प्रमुख युद्ध नृत्य है। (घ) यह विवाह के अवसर पर वर पक्ष द्वारा किया जाता है।

(क) जट-जटिन (ख) कजरी (ग) डोमकच (घ) झिझिया

(क) गबरघिचोर (ख) बेटी वियोग (ग) बिदेसिया (घ) मैला आँचल

(क) सोहर (ख) चैता (ग) कजरी (घ) बारहमासा

(क) मधुबनी चित्रकला (ख) लौंडा नाच / बिदेसिया (ग) मंजूषा कला (घ) छऊ नृत्य

परीक्षा में कैसे आता है

बीपीएससी में भिखारी ठाकुर की प्रमुख रचनाओं (बिदेसिया, गबरघिचोर आदि), उनकी उपाधि ('भोजपुरी का शेक्सपियर'), और लोकनृत्यों (जट-जटिन, झिझिया, डोमकच) के अवसर, क्षेत्र तथा प्रकृति पर सीधे वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 याद रखें: 'भिखारी जी ने बिदेसिया में बेटी बेची और गबरघिचोर को रोते देखा' (बिदेसिया, बेटी बेचवा/वियोग, गबरघिचोर - भिखारी ठाकुर की रचनाएँ)।

बिहार के प्रमुख पर्व: छठ, सामा-चकेवा, जितिया और कर्मा

बिहार की संस्कृति में पर्व-त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति और मानवीय संबंधों के उत्सव हैं। छठ पूजा बिहार का सबसे बड़ा 'महापर्व' है, जो स्वच्छता, पवित्रता और सूर्य उपासना का प्रतीक है। सामा-चकेवा और कर्मा जैसे त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाते हैं, जबकि जितिया माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु के लिए किया जाने वाला कठिन व्रत है। ये त्योहार बिहार की लोक परंपराओं, गीतों और सामुदायिक एकता को जीवंत रखते हैं। इनमें से अधिकांश पर्व प्रकृति (नदी, सूर्य, वृक्ष) की पूजा पर आधारित हैं, जो बिहार की प्राचीन कृषि संस्कृति को प्रदर्शित करते हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) जितिया (ख) छठ पूजा (ग) सामा-चकेवा (घ) कर्मा

(क) मगध (ख) भोजपुर (ग) मिथिला (घ) अंग

(क) कार्तिक शुक्ल षष्ठी (ख) अश्विन कृष्ण अष्टमी (ग) भादो शुक्ल एकादशी (घ) श्रावण पूर्णिमा

(क) यह केवल पुरुषों द्वारा मनाया जाता है। (ख) इसमें बरगद के पेड़ की पूजा होती है। (ग) यह भादो मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। (घ) यह मुख्य रूप से उत्तर बिहार का पर्व है।

a) छठ पूजा - 1) अश्विन कृष्ण अष्टमी

b) जितिया - 2) कार्तिक शुक्ल षष्ठी

c) कर्मा - 3) श्रावण मास

d) मधुश्रावणी - 4) भादो शुक्ल एकादशी

(क) a-2, b-1, c-4, d-3 (ख) a-1, b-2, c-3, d-4 (ग) a-2, b-4, c-1, d-3 (घ) a-3, b-1, c-4, d-2

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में बिहार के त्योहारों से संबंधित प्रश्न अक्सर उनकी तिथियों (हिंदू कैलेंडर के अनुसार), संबंधित क्षेत्र (जैसे मिथिला) और उनके सांस्कृतिक महत्व पर पूछे जाते हैं। छठ पूजा और सामा-चकेवा से जुड़े प्रश्न बार-बार दोहराए जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 छठ-6 (षष्ठी), जितिया-8 (अष्टमी), कर्मा-11 (एकादशी) - इस संख्या क्रम से तिथियां याद रखें।

बिहार के प्रमुख मेले

बिहार की संस्कृति में मेलों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जो धार्मिक आस्था और आर्थिक गतिविधियों का संगम होते हैं। सोनपुर मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, जो गंगा और गंडक के संगम पर आयोजित होता है। गया का पितृपक्ष मेला पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए 'पिंडदान' हेतु विश्व प्रसिद्ध है। श्रावणी मेला सुल्तानगंज से देवघर तक की कठिन पैदल यात्रा के लिए जाना जाता है, जिसमें श्रद्धालु गंगा जल लेकर चलते हैं। राजगीर का मलमास मेला हर तीन साल में एक बार 'अधिमास' के दौरान लगता है, जहाँ गर्म कुंडों में स्नान का महत्व है। ये मेले न केवल बिहार की परंपरा को दर्शाते हैं बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा देते हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) गया (ख) राजगीर (ग) सोनपुर (घ) भागलपुर

(क) पुनपुन नदी (ख) फल्गु नदी (ग) सोन नदी (घ) गंडक नदी

(क) प्रत्येक वर्ष (ख) दो वर्ष (ग) तीन वर्ष (घ) पाँच वर्ष

(क) पटना (ख) मुंगेर (ग) सुल्तानगंज (घ) कहलगाँव

(क) मंदार मेला - बांका (ख) सिमरिया मेला - बेगूसराय (ग) सौराष्ट्र मेला - मधुबनी (घ) सोनपुर मेला - पटना

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) कटिहार मेला (ख) सोनपुर मेला (ग) पूर्णिया मेला (घ) उपरोक्त में एक से अधिक

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC अक्सर मेलों के स्थान, उनसे जुड़ी नदियों के संगम और उनके आयोजन के समय (जैसे कार्तिक पूर्णिमा या मलमास) के बारे में प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 सोनपुर का 'सोना' पशु (पशु मेला) गंगा-गंडक के 'संग' (संगम) रहता है।

बिहार के वास्तुकला, विरासत स्थल और संग्रहालय

बिहार की वास्तुकला मौर्य काल से लेकर आधुनिक काल तक के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती है। महाबोधि मंदिर और नालंदा महाविहार यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल बिहार के दो सबसे महत्वपूर्ण स्थल हैं। बराबर की गुफाएं भारत में चट्टानों को काटकर बनाई गई सबसे पुरानी गुफाओं का उदाहरण पेश करती हैं। सासाराम में शेरशाह सूरी का मकबरा भारत-इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है जो एक झील के बीच स्थित है। पटना का गोलघर और पटना संग्रहालय ब्रिटिश काल की स्थापत्य कला की विशिष्ट पहचान हैं। ये स्थल न केवल पर्यटन के केंद्र हैं, बल्कि बिहार की प्राचीन शैक्षणिक और सांस्कृतिक विरासत के जीवंत प्रतीक भी हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 2002 (ख) 2012 (ग) 2015 (घ) 2016

(क) यह एक वर्गाकार संरचना है। (ख) यह एक अष्टकोणीय संरचना है। (ग) यह पूरी तरह से सफेद संगमरमर से बना है। (घ) यह एक गुफा मंदिर है।

(क) सैन्य छावनी के लिए (ख) अनाज भंडारण के लिए (ग) प्रशासनिक कार्यालय के लिए (घ) धार्मिक सभा के लिए

(क) कुमारगुप्त प्रथम (ख) चंद्रगुप्त मौर्य (ग) धर्मपाल (घ) गोपाल

(क) सारनाथ स्तूप (ख) केसरिया स्तूप (ग) सांची स्तूप (घ) धमेख स्तूप

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) 2005 (ख) 2007 (ग) 2008 (घ) 2014

(क) प्रथम (ख) द्वितीय (ग) तृतीय (घ) चतुर्थ

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC अक्सर यूनेस्को स्थलों के वर्ष, प्राचीन विश्वविद्यालयों के संस्थापकों और विशिष्ट स्मारकों (जैसे गोलघर या शेरशाह का मकबरा) की विशेषताओं के बारे में प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 'महा-दो' (Mahabodhi - 2002) और 'नालंदा-सोलह' (Nalanda - 2016) - इस तरह यूनेस्को वर्ष याद रखें।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. मंजूषा कला, जो बिहार के अंग क्षेत्र में प्रचलित है, मुख्य रूप से किस लोककथा पर आधारित है?

  1. (क) रामायण
  2. (ख) बिहुला-विषहरी
  3. (ग) महाभारत
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) बिहुला-विषहरी

मंजूषा कला भागलपुर (अंग क्षेत्र) की एक सर्प कला है जो बिहुला और विषहरी (सांपों की देवी) की कथा पर आधारित है।

2. निम्नलिखित में से किसे 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है?

  1. (क) विद्यापति
  2. (ख) फणीश्वर नाथ रेणु
  3. (ग) भिखारी ठाकुर
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) भिखारी ठाकुर

भिखारी ठाकुर एक प्रसिद्ध लोक नाटककार थे, जिन्हें उनके सांस्कृतिक योगदान के कारण 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है।

3. बिहार के किस लोक नृत्य में मिट्टी के घड़े में दीया जलाकर महिलाएं नृत्य करती हैं?

  1. (क) जट-जटिन
  2. (ख) झिझिया
  3. (ग) बिदेसिया
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) झिझिया

झिझिया नृत्य में महिलाएं अपने सिर पर छिद्रित मिट्टी के घड़े (जिसमें दीया जलता है) को संतुलित करके नृत्य करती हैं।

4. बिहार के निम्नलिखित में से किस उत्पाद को भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त है?

  1. (क) सिक्कि घास उत्पाद
  2. (ख) सुजनी कढ़ाई
  3. (ग) मधुबनी पेंटिंग
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक

सिक्कि घास, सुजनी कढ़ाई और मधुबनी पेंटिंग तीनों को बिहार के लिए जीआई टैग प्राप्त है।

5. सोनपुर का प्रसिद्ध 'हरिहर क्षेत्र मेला' किन दो नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है?

  1. (क) गंगा और कोसी
  2. (ख) गंगा और गंडक
  3. (ग) गंडक और सोन
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) गंगा और गंडक

सोनपुर मेला हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा और गंडक नदियों के संगम पर आयोजित किया जाता है।

6. नालंदा महाविहार को किस वर्ष यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था?

  1. (क) 2002
  2. (ख) 2012
  3. (ग) 2016
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 2016

नालंदा महाविहार को 2016 में यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया था, जबकि महाबोधि मंदिर को 2002 में शामिल किया गया था।

7. छठ पूजा के दौरान किस देवता की पूजा की जाती है?

  1. (क) भगवान शिव
  2. (ख) भगवान विष्णु
  3. (ग) सूर्य देव
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) सूर्य देव

छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव और उनकी पत्नी उषा (छठी मइया) को समर्पित है।

8. 'सामा-चकेवा' लोक पर्व बिहार के किस क्षेत्र में मुख्य रूप से मनाया जाता है?

  1. (क) मगध
  2. (ख) मिथिला
  3. (ग) भोजपुर
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) मिथिला

सामा-चकेवा मिथिला क्षेत्र का एक प्रमुख त्योहार है जो भाई-बहन के बीच के स्नेह को दर्शाता है।

9. पितृपक्ष मेला, जहाँ लोग अपने पूर्वजों के लिए 'पिंडदान' करते हैं, कहाँ आयोजित किया जाता है?

  1. (क) पटना
  2. (ख) गया
  3. (ग) वैशाली
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) गया

गया में फल्गु नदी के तट पर पितृपक्ष के दौरान विश्व प्रसिद्ध पिंडदान मेला आयोजित किया जाता है।

10. टिकुली कला का मुख्य केंद्र बिहार का कौन सा शहर है?

  1. (क) दरभंगा
  2. (ख) पटना
  3. (ग) मधुबनी
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) पटना

टिकुली कला का उद्भव और मुख्य केंद्र पटना है, जिसमें कांच पर बारीक नक्काशी की जाती है।

English version — Art, Culture, Festivals, and Fairs of Bihar

This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it showcases Bihar's rich cultural heritage and identity. It provides detailed insights into the state's unique painting styles, folk dances, and UNESCO World Heritage sites.

Folk Paintings and Handicrafts of Bihar

The folk paintings of Bihar are a vibrant reflection of its cultural richness and rural life. Madhubani painting, also known as Mithila art, is internationally renowned for its intricate geometric patterns and use of natural dyes. Manjusha art is a unique style from the Bhagalpur (Ang) region, centered around the folklore of Bihula-Bishahari and snake motifs. Tikuli art is an ancient craft from Patna, revived in modern times by Upendra Maharathi. Sikki grass craft and Sujani embroidery are significant handicrafts of Bihar, both of which have been granted GI tags for their uniqueness. These art forms are not only part of religious and social rituals but have also become a primary source of economic empowerment for the women of Bihar.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) रंगों का गहरा भराव (ख) केवल रेखाओं के माध्यम से चित्रण (ग) कांच का उपयोग (घ) कपड़े पर कढ़ाई

(क) मधुबनी (ख) टिकुली (ग) मंजूषा (घ) सुजनी

(क) महासुंदरी देवी (ख) सीता देवी (ग) जगदंबा देवी (घ) गंगा देवी

(क) गुलाबी (ख) पीला (ग) नीला (घ) हरा

(क) एक प्रकार की घास (ख) एक प्रकार की कढ़ाई (ग) एक लोक नृत्य (घ) एक मिट्टी का बर्तन

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) पटना (ख) भागलपुर (ग) दरभंगा (घ) सीतामढ़ी

How it is asked

BPSC frequently asks questions about painting styles (like Bharni, Kachni), associated regions (Mithila, Ang), names of famous artists, and products with GI tags.

Do not confuse

💡 मंजू (मंजूषा) भाग (भागलपुर) कर गुलाबी-पीली-हरी साड़ी लाई।

Folk Dances, Songs of Bihar and Bhikhari Thakur

Bihar possesses a remarkably vibrant folk culture reflecting agricultural cycles, domestic relationships, and social realities. Folk dances such as Jat-Jatin, Jhijhiya, and Domkach are closely tied to women's experiences, monsoonal shifts, and marital traditions. Concurrently, traditional songs like Sohar, Kajari, and Chaita mark critical rites of passage and seasonal transitions. Bhikhari Thakur, famously hailed as the 'Shakespeare of Bhojpuri', transformed this folk theater into a powerful instrument of social critique, addressing migration and dowry through masterworks like Bidesia. His legacy, along with traditional forms like Chhau and Launda Nach, forms a critical segment of Bihar's cultural heritage frequently tested in BPSC examinations.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (ख) राहुल सांकृत्यायन (ग) फणीश्वर नाथ रेणु (घ) रामधारी सिंह 'दिनकर'

(क) यह सावन माह में केवल पुरुषों द्वारा किया जाता है। (ख) इसमें सिर पर छिद्रयुक्त घड़ा रखकर वर्षा के देवता इंद्र की स्तुति की जाती है। (ग) यह मगध क्षेत्र का प्रमुख युद्ध नृत्य है। (घ) यह विवाह के अवसर पर वर पक्ष द्वारा किया जाता है।

(क) जट-जटिन (ख) कजरी (ग) डोमकच (घ) झिझिया

(क) गबरघिचोर (ख) बेटी वियोग (ग) बिदेसिया (घ) मैला आँचल

(क) सोहर (ख) चैता (ग) कजरी (घ) बारहमासा

(क) मधुबनी चित्रकला (ख) लौंडा नाच / बिदेसिया (ग) मंजूषा कला (घ) छऊ नृत्य

How it is asked

BPSC regularly asks direct and statement-based questions on Bhikhari Thakur's plays, his epithet, and specific folk dance forms like Jat-Jatin, Jhijhiya, and Domkach regarding their seasonal timing and cultural context.

Do not confuse

💡 याद रखें: 'भिखारी जी ने बिदेसिया में बेटी बेची और गबरघिचोर को रोते देखा' (बिदेसिया, बेटी बेचवा/वियोग, गबरघिचोर - भिखारी ठाकुर की रचनाएँ)।

Major Festivals of Bihar: Chhath, Sama-Chakeva, Jitiya, and Karma

Festivals in Bihar are not just religious rituals but celebrations of nature and human relationships. Chhath Puja is the state's most significant 'Mahaparv', symbolizing purity, discipline, and Sun worship. Festivals like Sama-Chakeva and Karma highlight the unbreakable bond between brothers and sisters, while Jitiya is a rigorous fast observed by mothers for the longevity of their children. These festivals keep Bihar's folk traditions, songs, and communal harmony alive. Most of these celebrations are centered around nature (rivers, sun, trees), reflecting the ancient agrarian culture of Bihar.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) जितिया (ख) छठ पूजा (ग) सामा-चकेवा (घ) कर्मा

(क) मगध (ख) भोजपुर (ग) मिथिला (घ) अंग

(क) कार्तिक शुक्ल षष्ठी (ख) अश्विन कृष्ण अष्टमी (ग) भादो शुक्ल एकादशी (घ) श्रावण पूर्णिमा

(क) यह केवल पुरुषों द्वारा मनाया जाता है। (ख) इसमें बरगद के पेड़ की पूजा होती है। (ग) यह भादो मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। (घ) यह मुख्य रूप से उत्तर बिहार का पर्व है।

a) छठ पूजा - 1) अश्विन कृष्ण अष्टमी

b) जितिया - 2) कार्तिक शुक्ल षष्ठी

c) कर्मा - 3) श्रावण मास

d) मधुश्रावणी - 4) भादो शुक्ल एकादशी

(क) a-2, b-1, c-4, d-3 (ख) a-1, b-2, c-3, d-4 (ग) a-2, b-4, c-1, d-3 (घ) a-3, b-1, c-4, d-2

How it is asked

In BPSC, questions related to Bihar's festivals are often asked about their dates (according to the Hindu calendar), the specific region (like Mithila), and their cultural significance. Questions on Chhath Puja and Sama-Chakeva are frequently repeated.

Do not confuse

💡 छठ-6 (षष्ठी), जितिया-8 (अष्टमी), कर्मा-11 (एकादशी) - इस संख्या क्रम से तिथियां याद रखें।

Major Fairs of Bihar

Fairs hold a significant place in Bihar's culture, serving as a confluence of religious faith and economic activities. The Sonepur Mela is considered Asia's largest cattle fair, held at the confluence of the Ganga and Gandak rivers. Gaya's Pitripaksha Mela is world-famous for 'Pind Daan' to ensure peace for the souls of ancestors. The Shravani Mela is known for the arduous foot journey from Sultanganj to Deoghar, where devotees carry Ganga water. Rajgir's Malmas Mela occurs once every three years during the 'Adhik Maas', emphasizing the importance of bathing in hot springs. These fairs not only reflect Bihar's traditions but also boost tourism and local trade.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) गया (ख) राजगीर (ग) सोनपुर (घ) भागलपुर

(क) पुनपुन नदी (ख) फल्गु नदी (ग) सोन नदी (घ) गंडक नदी

(क) प्रत्येक वर्ष (ख) दो वर्ष (ग) तीन वर्ष (घ) पाँच वर्ष

(क) पटना (ख) मुंगेर (ग) सुल्तानगंज (घ) कहलगाँव

(क) मंदार मेला - बांका (ख) सिमरिया मेला - बेगूसराय (ग) सौराष्ट्र मेला - मधुबनी (घ) सोनपुर मेला - पटना

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) कटिहार मेला (ख) सोनपुर मेला (ग) पूर्णिया मेला (घ) उपरोक्त में एक से अधिक

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the location of fairs, the confluence of rivers associated with them, and the timing of their organization (like Kartik Purnima or Malmas).

Do not confuse

💡 सोनपुर का 'सोना' पशु (पशु मेला) गंगा-गंडक के 'संग' (संगम) रहता है।

Architecture, Heritage Sites, and Museums of Bihar

The architecture of Bihar reflects a glorious history spanning from the Mauryan era to the modern period. The Mahabodhi Temple and Nalanda Mahavihara are the two most significant sites in Bihar included in the UNESCO World Heritage list. The Barabar Caves represent the oldest examples of rock-cut architecture in India. Sher Shah Suri's tomb in Sasaram is an excellent specimen of Indo-Islamic architecture, situated in the middle of a lake. Patna's Golghar and the Patna Museum are distinct hallmarks of British-era architectural style. These sites are not only centers of tourism but also living symbols of Bihar's ancient educational and cultural heritage.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 2002 (ख) 2012 (ग) 2015 (घ) 2016

(क) यह एक वर्गाकार संरचना है। (ख) यह एक अष्टकोणीय संरचना है। (ग) यह पूरी तरह से सफेद संगमरमर से बना है। (घ) यह एक गुफा मंदिर है।

(क) सैन्य छावनी के लिए (ख) अनाज भंडारण के लिए (ग) प्रशासनिक कार्यालय के लिए (घ) धार्मिक सभा के लिए

(क) कुमारगुप्त प्रथम (ख) चंद्रगुप्त मौर्य (ग) धर्मपाल (घ) गोपाल

(क) सारनाथ स्तूप (ख) केसरिया स्तूप (ग) सांची स्तूप (घ) धमेख स्तूप

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) 2005 (ख) 2007 (ग) 2008 (घ) 2014

(क) प्रथम (ख) द्वितीय (ग) तृतीय (घ) चतुर्थ

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the years of UNESCO recognition, founders of ancient universities, and specific features of monuments like Golghar or Sher Shah's tomb.

Do not confuse

💡 'महा-दो' (Mahabodhi - 2002) और 'नालंदा-सोलह' (Nalanda - 2016) - इस तरह यूनेस्को वर्ष याद रखें।

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