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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन

आधुनिक बिहार: पृथक राज्य, संस्थाएँ, प्रेस और शिक्षा

Modern Bihar: Separate State, Institutions, Press and Education

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 1) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार के प्रशासनिक विकास और सामाजिक-राजनीतिक चेतना को दर्शाता है। इसमें बिहार की पहचान के लिए संघर्ष और आधुनिक इतिहास को आकार देने वाली प्रमुख संस्थाओं के विकास पर प्रकाश डाला गया है।

बंगाल से बिहार का पृथक्करण (1912), सच्चिदानंद सिन्हा और बिहार-ओडिशा विभाजन (1936)

मुगल साम्राज्य के पतन के दौरान 1733 में बंगाल के नवाब शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे में मिला दिया था। लंबे समय तक बंगाल का हिस्सा रहने के कारण प्रशासनिक और रोजगार के क्षेत्रों में बिहारवासियों की उपेक्षा हुई, जिससे पृथक बिहार राज्य की मांग ने जोर पकड़ा। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने 1894 में 'बिहार टाइम्स' अखबार शुरू करके इस आंदोलन को वैचारिक नेतृत्व दिया, जिसके कारण डॉ. सिन्हा को 'आधुनिक बिहार का निर्माता' कहा जाता है। 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में जॉर्ज पंचम ने बिहार और ओडिशा को बंगाल से अलग करने की घोषणा की। 22 मार्च 1912 को नए प्रांत के गठन की औपचारिक अधिसूचना जारी हुई (इसीलिए 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है) और 1 अप्रैल 1912 से यह प्रांत अस्तित्व में आया। आगे चलकर भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को भी बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य बना दिया गया, जिसके बाद सर जेम्स डेविड सिफ्टन पृथक बिहार के पहले राज्यपाल बने।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (ग) मौलाना मजहरुल हक (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा

(क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना (ख) 1936 में ओडिशा से बिहार के अलग होने की घोषणा (ग) 1947 में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण (घ) 1950 में बिहार को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने

(क) 1912 ई. (ख) 1919 ई. (ग) 1936 ई. (घ) 1947 ई.

(क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन (ख) लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (ग) सर मौरिस गार्नियर हॉलेट (घ) जयरामदास दौलतराम

(क) बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण (ग) मजहरुल हक और हसन इमाम (घ) राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रारंभिक परीक्षा में यह सर्वाधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक है। प्रश्न मुख्य रूप से बिहार दिवस की तिथि (22 मार्च 1912), दिल्ली दरबार की घोषणा (1911), ओडिशा के विभाजन का वर्ष (1936), 'आधुनिक बिहार के निर्माता' (सच्चिदानंद सिन्हा), तथा उस समय के प्रथम राज्यपाल (एस.पी. सिन्हा/जेम्स सिफ्टन) पर सीधे तथा तथ्यात्मक रूप में पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 याद रखें सूत्र: '12 में बंगाल छोड़ा, 36 में ओडिशा मोड़ा' (1912 = बंगाल से बिहार अलग, 1936 = ओडिशा से बिहार अलग)।

पटना उच्च न्यायालय, पटना विश्वविद्यालय एवं प्रमुख संस्थाएँ

1912 में बंगाल से अलग होकर नया प्रांत बनने के बाद बिहार में प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना का दौर शुरू हुआ। इसी क्रम में न्याय के शीर्ष केंद्र के रूप में 3 फरवरी 1916 को पटना उच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन हुआ। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1917 में पटना विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप का सातवाँ सबसे पुराना विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त है। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 1917 में पटना संग्रहालय और चिकित्सा शिक्षा के लिए 1925 में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज (वर्तमान PMCH) की स्थापना हुई। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान असहयोग आंदोलन के प्रभाव में मौलाना मज़हरुल हक ने सदाकत आश्रम और महात्मा गांधी ने बिहार विद्यापीठ (1921) की नींव रखी। ये संस्थाएँ आधुनिक बिहार के बौद्धिक, प्रशासनिक और सामाजिक विकास का आधार स्तंभ बनीं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 1 दिसंबर 1913 (ख) 22 मार्च 1912 (ग) 3 फरवरी 1916 (घ) 1 अप्रैल 1917

(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921

(क) 1921 (ख) 1925 (ग) 1927 (घ) 1930

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मज़हरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) सच्चिदानंद सिन्हा

1. पटना उच्च न्यायालय - 1916

2. पटना संग्रहालय - 1917

3. पटना साइंस कॉलेज - 1927

उपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) पंडित लक्ष्मीकांत झा (ख) सर सैयद फजल अली (ग) सर एडवर्ड चामियर (घ) सच्चिदानंद सिन्हा

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रारंभिक परीक्षा में पटना उच्च न्यायालय और पटना विश्वविद्यालय के स्थापना वर्ष (1916 और 1917) पर प्रत्यक्ष तथ्यात्मक प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त PMCH (1925), बिहार विद्यापीठ (1921), और सदाकत आश्रम से संबंधित स्थापना तिथियों व संस्थापकों के नामों को सुमेलन (Match the Column) या बहु-विकल्पीय रूप में पूछा जाता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 क्रम याद रखें: '16 में कोर्ट, 17 में यूनिवर्सिटी और म्यूजियम, 21 में विद्यापीठ व आश्रम, 25 में मेडिकल कॉलेज' (16-कोर्ट, 17-यूनिवर्सिटी/म्यूजियम, 21-विद्यापीठ, 25-PMCH)।

बिहार के प्रमुख समाचार पत्र एवं पत्रिकाएँ

उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में बिहार में समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं ने राष्ट्रीय चेतना जगाने और आधुनिक बिहार के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। 1872 में शुरू हुआ 'बिहार बंधु' राज्य का पहला हिंदी समाचार पत्र था, जिसने हिंदी भाषा और जनमुद्दों को मंच प्रदान किया। 1894 में सचिदानंद सिन्हा और महेश नारायण द्वारा स्थापित 'द बिहार टाइम्स' ने बंगाल से पृथक बिहार राज्य के निर्माण की वैचारिक नींव रखी। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद और मौलाना मजहरुल हक जैसे नेताओं ने 'सर्चलाइट', 'देश' और 'द मदरलैंड' के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम का प्रचार-प्रसार किया। इसके अलावा स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन ने 'हुंकार' पत्रिका के माध्यम से किसान आंदोलन को सशक्त आवाज़ दी।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) बिहार बंधु, 1872 (ख) द बिहार हेराल्ड, 1875 (ग) सर्वहितैषी, 1890 (घ) देश, 1920

(क) 1875 (ख) 1894 (ग) 1906 (घ) 1912

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) सचिदानंद सिन्हा (घ) हसन इमाम

(क) गुरु प्रसाद सेन (ख) मुरली मनोहर प्रसाद (ग) महेश नारायण (घ) सैयद हैदर हुसैन

1. द बिहार हेराल्ड - गुरु प्रसाद सेन

2. हुंकार - स्वामी सहजानंद सरस्वती

3. युवक - रामवृक्ष बेनीपुरी

उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी

(क) द इंडियन नेशन (ख) आर्यावर्त (ग) द मदरलैंड (घ) द स्टेट्समैन

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के समाचार पत्रों पर प्रश्न मुख्य रूप से पत्र के नाम, स्थापना वर्ष, प्रथम संपादक/संस्थापक और संबंधित आंदोलन (जैसे पृथक बिहार मांग, असहयोग आंदोलन, किसान आंदोलन) के संदर्भ में सुमेलन और प्रत्यक्ष वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 याद रखें कोड: '72 में बंधु (हिंदी), 75 में हेराल्ड (अंग्रेजी)' - 1872 बिहार बंधु, 1875 बिहार हेराल्ड।

संविधान सभा में बिहार, प्रथम मुख्यमंत्री और राज्यपाल

भारतीय संविधान के निर्माण में बिहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता बिहार के ही डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी, जिसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया। राजनीतिक रूप से, 1937 के चुनावों के बाद मोहम्मद यूनुस बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (तब प्रधानमंत्री) बने, जबकि श्री कृष्ण सिंह ने बाद में कमान संभाली। स्वतंत्रता के बाद, जयरामदास दौलतराम बिहार के पहले राज्यपाल नियुक्त किए गए। यह उप-विषय बिहार के प्रशासनिक और संवैधानिक विकास के शुरुआती स्तंभों को दर्शाता है। इसमें ब्रिटिश काल के पहले भारतीय राज्यपाल एस.पी. सिन्हा का योगदान भी शामिल है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) सच्चिदानंद सिन्हा (ग) एस.पी. सिन्हा (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा

(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) मोहम्मद यूनुस (ग) भोला पासवान शास्त्री (घ) अब्दुल बारी

(क) जयरामदास दौलतराम (ख) माधव श्रीहरि अणे (ग) नित्यानंद कानूनगो (घ) आर.आर. दिवाकर

(क) 1965 (ख) 1968 (ग) 1970 (घ) 1972

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC इस उप-विषय से अक्सर 'प्रथम' व्यक्तियों के नाम, महत्वपूर्ण तिथियां (जैसे संविधान सभा की बैठक) और स्वतंत्रता के समय के पदों के बारे में सीधे प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 'सच्चा राज' - पहले 'सच्चा' (सच्चिदानंद - अस्थायी) फिर 'राज' (राजेंद्र प्रसाद - स्थायी)।

स्वतंत्रता पश्चात बिहार: भूमि सुधार, जेपी आंदोलन एवं झारखंड निर्माण

1947 में स्वतंत्रता के बाद बिहार में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का एक नया दौर शुरू हुआ। जमींदारी उन्मूलन के लिए 1950 में बिहार भूमि सुधार अधिनियम पारित किया गया, जो भारत में जमींदारी समाप्त करने वाला पहला राज्य कानून बना। वर्ष 1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान से 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया गया, जिसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर बिहार का विभाजन कर अलग झारखंड राज्य गठित किया गया। इस विभाजन के समय बिहार के 18 जिले (45.85% भूभाग) झारखंड में शामिल हुए और शेष 37 जिले बिहार में रहे, जिसके बाद अगस्त 2001 में अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 16 जिले (ख) 18 जिले (ग) 22 जिले (घ) 24 जिले

(क) सदाकत आश्रम, पटना (ख) गांधी मैदान, पटना (ग) तिलका मांझी चौक, भागलपुर (घ) सचिवालय प्रांगन, पटना

(क) उत्तर प्रदेश (ख) बिहार (ग) पश्चिम बंगाल (घ) तमिलनाडु

1. 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड का गठन हुआ।

2. विभाजन के समय बिहार में 37 जिले शेष बचे थे।

3. जहानाबाद से अलग कर अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) 11वीं शताब्दी (ख) 13वीं शताब्दी (ग) 15वीं शताब्दी (घ) 17वीं शताब्दी

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC इस उप-विषय से झारखंड विभाजन की तिथि (15 नवंबर 2000), विभाजन के समय जिलों की संख्या (18 जिले / 45.85% क्षेत्रफल), जेपी आंदोलन (1974, गांधी मैदान) और बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 पर सीधे तथा कथन-आधारित प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 15 नव 2000 को 18 जिले झारखंड गए, 37 बिहार में रहे, 38वां अरवल बना।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. आधुनिक बिहार का निर्माता किसे माना जाता है?

  1. (क) सच्चिदानंद सिन्हा
  2. (ख) कुमार कालिका प्रसाद सिन्हा
  3. (ग) सर गणेश दत्त
  4. (घ) आचार्य नरेंद्र देव
उत्तर देखें

उत्तर: (क) सच्चिदानंद सिन्हा

सच्चिदानंद सिन्हा ने महेश नारायण के साथ मिलकर पृथक बिहार की मांग के लिए जोरदार आंदोलन चलाया था।

2. बिहार बंगाल से अलग कब हुआ था?

  1. (क) 1911
  2. (ख) 1912
  3. (ग) 1913
  4. (घ) 1914
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1912

12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में घोषणा के बाद, 22 मार्च 1912 को बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग कर दिया गया था।

3. पटना उच्च न्यायालय की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. (क) 1912
  2. (ख) 1914
  3. (ग) 1916
  4. (घ) 1917
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 1916

पटना उच्च न्यायालय की स्थापना 3 फरवरी, 1916 को हुई थी।

4. बिहार से प्रकाशित होने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र कौन सा था?

  1. (क) आर्यावर्त
  2. (ख) बिहार बंधु
  3. (ग) प्रभाकर
  4. (घ) सर्वहितैषी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) बिहार बंधु

बिहार बंधु 1872 में बिहार से शुरू होने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र था।

5. बिहार और उड़ीसा का विभाजन किस वर्ष हुआ था?

  1. (क) 1912
  2. (ख) 1935
  3. (ग) 1936
  4. (घ) 1956
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 1936

भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत 1 अप्रैल 1936 को बिहार और उड़ीसा अलग राज्य बने।

6. 1918 में प्रकाशित 'सर्चलाइट' समाचार पत्र के प्रथम संपादक कौन थे?

  1. (क) मुरली मनोहर प्रसाद
  2. (ख) सैयद हैदर हुसैन
  3. (ग) महेश नारायण
  4. (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) सैयद हैदर हुसैन

सर्चलाइट के पहले संपादक सैयद हैदर हुसैन थे, बाद में मुरली मनोहर प्रसाद इसके प्रसिद्ध संपादक बने।

7. स्वतंत्रता के पश्चात बिहार के प्रथम राज्यपाल कौन थे?

  1. (क) माधव श्रीहरि अणे
  2. (ख) आर.आर. दिवाकर
  3. (ग) जयरामदास दौलतराम
  4. (घ) जगन्नाथ कौशल
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) जयरामदास दौलतराम

जयरामदास दौलतराम 15 अगस्त 1947 से 11 जनवरी 1948 तक बिहार के पहले राज्यपाल रहे।

8. जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किस वर्ष किया था?

  1. (क) 1970
  2. (ख) 1972
  3. (ग) 1974
  4. (घ) 1977
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 1974

5 जून 1974 को पटना के गांधी मैदान से जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था।

9. झारखंड राज्य बिहार से कब अलग हुआ था?

  1. (क) 1 नवंबर 2000
  2. (ख) 9 नवंबर 2000
  3. (ग) 15 नवंबर 2000
  4. (घ) 25 नवंबर 2000
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 15 नवंबर 2000

बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर 2000 को झारखंड भारत का 28वां राज्य बना।

10. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. (क) पटना विश्वविद्यालय - 1917
  2. (ख) पटना उच्च न्यायालय - 1916
  3. (ग) बिहार का पृथक्करण - 1912
  4. (घ) उड़ीसा का पृथक्करण - 1938
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) उड़ीसा का पृथक्करण - 1938

उड़ीसा को 1936 में बिहार से अलग किया गया था, न कि 1938 में।

English version — Modern Bihar: Separate State, Institutions, Press and Education

This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains (GS Paper 1) as it covers the administrative evolution and socio-political awakening of Bihar. It highlights the struggle for identity and the development of key institutions that shaped the state's modern history.

Separation of Bihar from Bengal (1912), Sachchidananda Sinha, and Bihar-Odisha Separation (1936)

In 1733, Nawab Shujauddin of Bengal annexed Bihar into the Bengal Subah, leading to centuries of administrative and professional marginalization for the people of Bihar. In response, a sustained movement for a separate province began, championed intellectually by Dr. Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan through their journal 'Bihar Times' launched in 1894; hence Dr. Sinha is revered as the 'Father of Modern Bihar'. At the Delhi Durbar on 12 December 1911, King George V officially announced the creation of the province of Bihar and Orissa separated from Bengal. A formal notification was issued on 22 March 1912 (celebrated as Bihar Diwas), and the new province officially began functioning on 1 April 1912. Later, under the Government of India Act 1935, Orissa was carved out as a distinct province on 1 April 1936, leaving Bihar as an independent administrative unit with Sir James David Sifton as its first Governor.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (ग) मौलाना मजहरुल हक (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा

(क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना (ख) 1936 में ओडिशा से बिहार के अलग होने की घोषणा (ग) 1947 में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण (घ) 1950 में बिहार को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने

(क) 1912 ई. (ख) 1919 ई. (ग) 1936 ई. (घ) 1947 ई.

(क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन (ख) लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (ग) सर मौरिस गार्नियर हॉलेट (घ) जयरामदास दौलतराम

(क) बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण (ग) मजहरुल हक और हसन इमाम (घ) राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह

How it is asked

This is one of the most frequently tested historical sub-topics in BPSC Pre. Questions focus directly on Bihar Diwas (22 March 1912), the Delhi Durbar declaration (1911), year of separation of Orissa (1936), the 'Father of Modern Bihar' (Sachchidananda Sinha), and the governors of these periods (S.P. Sinha / James Sifton).

Do not confuse

💡 याद रखें सूत्र: '12 में बंगाल छोड़ा, 36 में ओडिशा मोड़ा' (1912 = बंगाल से बिहार अलग, 1936 = ओडिशा से बिहार अलग)।

Patna High Court, Patna University and Key Historic Institutions

Following the creation of Bihar as a separate province from Bengal in 1912, a major phase of establishing administrative, judicial, and educational institutions began. As the apex seat of justice, the Patna High Court was formally inaugurated on 3 February 1916. To expand higher education in the newly formed state, Patna University was founded in October 1917, becoming the seventh oldest university in the Indian subcontinent. Alongside these, the Patna Museum was set up in 1917 to preserve historical heritage, and the Prince of Wales Medical College (now PMCH) was established in 1925. During the national struggle under the Non-Cooperation Movement, Maulana Mazharul Haque founded Sadaqat Ashram, and Mahatma Gandhi inaugurated Bihar Vidyapeeth in 1921. These foundational institutions played a vital role in shaping the intellectual, legal, and educational infrastructure of modern Bihar.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 1 दिसंबर 1913 (ख) 22 मार्च 1912 (ग) 3 फरवरी 1916 (घ) 1 अप्रैल 1917

(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921

(क) 1921 (ख) 1925 (ग) 1927 (घ) 1930

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मज़हरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) सच्चिदानंद सिन्हा

1. पटना उच्च न्यायालय - 1916

2. पटना संग्रहालय - 1917

3. पटना साइंस कॉलेज - 1927

उपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) पंडित लक्ष्मीकांत झा (ख) सर सैयद फजल अली (ग) सर एडवर्ड चामियर (घ) सच्चिदानंद सिन्हा

How it is asked

BPSC frequently tests the exact founding years of Patna High Court (1916) and Patna University (1917). Questions on other colonial-era institutions such as PMCH (1925), Bihar Vidyapeeth (1921), and Sadaqat Ashram appear as direct MCQs or match-the-column questions focusing on years and personalities.

Do not confuse

💡 क्रम याद रखें: '16 में कोर्ट, 17 में यूनिवर्सिटी और म्यूजियम, 21 में विद्यापीठ व आश्रम, 25 में मेडिकल कॉलेज' (16-कोर्ट, 17-यूनिवर्सिटी/म्यूजियम, 21-विद्यापीठ, 25-PMCH)।

Major Newspapers and Journals of Bihar

During the 19th and 20th centuries, newspapers and periodicals in Bihar played a historic role in awakening national consciousness and shaping modern Bihar. 'Bihar Bandhu', started in 1872, was the first Hindi newspaper of the province and provided a platform for public causes in the Devanagari script. In 1894, 'The Behar Times', founded by Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan, laid the ideological foundation for the separation of Bihar from Bengal. During the freedom struggle, nationalist leaders like Dr. Rajendra Prasad and Maulana Mazharul Haque used publications like 'Searchlight', 'Desh', and 'The Motherland' to mobilize the masses. Additionally, peasant leaders like Swami Sahajanand Saraswati propagated the agrarian movement through the weekly journal 'Hunkar'.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) बिहार बंधु, 1872 (ख) द बिहार हेराल्ड, 1875 (ग) सर्वहितैषी, 1890 (घ) देश, 1920

(क) 1875 (ख) 1894 (ग) 1906 (घ) 1912

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) सचिदानंद सिन्हा (घ) हसन इमाम

(क) गुरु प्रसाद सेन (ख) मुरली मनोहर प्रसाद (ग) महेश नारायण (घ) सैयद हैदर हुसैन

1. द बिहार हेराल्ड - गुरु प्रसाद सेन

2. हुंकार - स्वामी सहजानंद सरस्वती

3. युवक - रामवृक्ष बेनीपुरी

उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी

(क) द इंडियन नेशन (ख) आर्यावर्त (ग) द मदरलैंड (घ) द स्टेट्समैन

How it is asked

In BPSC Prelims, questions on Bihar's press are frequently framed around publication years, founding editors, language of the newspaper, and their political alignment with freedom movements like the Bihar separation campaign, Non-Cooperation, or Kisan movements.

Do not confuse

💡 याद रखें कोड: '72 में बंधु (हिंदी), 75 में हेराल्ड (अंग्रेजी)' - 1872 बिहार बंधु, 1875 बिहार हेराल्ड।

Bihar in the Constituent Assembly, first CM and Governor

Bihar played a pivotal role in the framing of the Indian Constitution, providing both the temporary and permanent presidents of the Constituent Assembly. Dr. Sachchidanand Sinha presided over the inaugural meeting, followed by Dr. Rajendra Prasad's election as the permanent chairman. Politically, the state saw its first Indian administration under Muhammad Yunus in 1937, while Shri Krishna Singh became the first Chief Minister after independence. The transition from British-appointed governors like Charles Stuart Bailey to Indian leaders like Jairamdas Daulatram marks the state's journey toward democratic governance. This period also highlights the appointment of S.P. Sinha as the first Indian Governor during the British era.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) सच्चिदानंद सिन्हा (ग) एस.पी. सिन्हा (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा

(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) मोहम्मद यूनुस (ग) भोला पासवान शास्त्री (घ) अब्दुल बारी

(क) जयरामदास दौलतराम (ख) माधव श्रीहरि अणे (ग) नित्यानंद कानूनगो (घ) आर.आर. दिवाकर

(क) 1965 (ख) 1968 (ग) 1970 (घ) 1972

How it is asked

BPSC frequently asks direct questions about 'first' personalities, important dates (like Constituent Assembly meetings), and positions held at the time of independence.

Do not confuse

💡 'सच्चा राज' - पहले 'सच्चा' (सच्चिदानंद - अस्थायी) फिर 'राज' (राजेंद्र प्रसाद - स्थायी)।

Bihar Post-1947: Land Reforms, JP Movement, and Creation of Jharkhand

After independence in 1947, Bihar experienced major socio-political transformations. The Bihar Land Reforms Act of 1950 was enacted to abolish the Zamindari system, making Bihar the first state in India to pass such a law. In 1974, Jayaprakash Narayan (JP) launched the 'Total Revolution' movement from Gandhi Maidan in Patna, profoundly shaping national politics. On 15 November 2000, commemorating Birsa Munda's birth anniversary, Bihar was reorganized to create the state of Jharkhand. During bifurcation, 18 districts (45.85% area) went to Jharkhand, leaving Bihar with 37 districts (54.15% area), with Arwal later created as Bihar's 38th district in 2001.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 16 जिले (ख) 18 जिले (ग) 22 जिले (घ) 24 जिले

(क) सदाकत आश्रम, पटना (ख) गांधी मैदान, पटना (ग) तिलका मांझी चौक, भागलपुर (घ) सचिवालय प्रांगन, पटना

(क) उत्तर प्रदेश (ख) बिहार (ग) पश्चिम बंगाल (घ) तमिलनाडु

1. 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड का गठन हुआ।

2. विभाजन के समय बिहार में 37 जिले शेष बचे थे।

3. जहानाबाद से अलग कर अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) 11वीं शताब्दी (ख) 13वीं शताब्दी (ग) 15वीं शताब्दी (घ) 17वीं शताब्दी

How it is asked

BPSC asks questions on the date of Jharkhand's creation (15 Nov 2000), the number of split districts (18 districts / 45.85% area), the JP Movement (1974, Gandhi Maidan), and the Bihar Land Reforms Act 1950.

Do not confuse

💡 15 नव 2000 को 18 जिले झारखंड गए, 37 बिहार में रहे, 38वां अरवल बना।

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