होम › नोट्स › BPSC CCE › इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन
BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलनआधुनिक बिहार: पृथक राज्य, संस्थाएँ, प्रेस और शिक्षा
Modern Bihar: Separate State, Institutions, Press and Education
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 1) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बिहार के प्रशासनिक विकास और सामाजिक-राजनीतिक चेतना को दर्शाता है। इसमें बिहार की पहचान के लिए संघर्ष और आधुनिक इतिहास को आकार देने वाली प्रमुख संस्थाओं के विकास पर प्रकाश डाला गया है।
बंगाल से बिहार का पृथक्करण (1912), सच्चिदानंद सिन्हा और बिहार-ओडिशा विभाजन (1936)
मुगल साम्राज्य के पतन के दौरान 1733 में बंगाल के नवाब शुजाउद्दीन ने बिहार को बंगाल सूबे में मिला दिया था। लंबे समय तक बंगाल का हिस्सा रहने के कारण प्रशासनिक और रोजगार के क्षेत्रों में बिहारवासियों की उपेक्षा हुई, जिससे पृथक बिहार राज्य की मांग ने जोर पकड़ा। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने 1894 में 'बिहार टाइम्स' अखबार शुरू करके इस आंदोलन को वैचारिक नेतृत्व दिया, जिसके कारण डॉ. सिन्हा को 'आधुनिक बिहार का निर्माता' कहा जाता है। 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में जॉर्ज पंचम ने बिहार और ओडिशा को बंगाल से अलग करने की घोषणा की। 22 मार्च 1912 को नए प्रांत के गठन की औपचारिक अधिसूचना जारी हुई (इसीलिए 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है) और 1 अप्रैल 1912 से यह प्रांत अस्तित्व में आया। आगे चलकर भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को भी बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य बना दिया गया, जिसके बाद सर जेम्स डेविड सिफ्टन पृथक बिहार के पहले राज्यपाल बने।
मुख्य तथ्य
- 1733 ई. में बंगाल के नवाब शुजाउद्दीन ने बिहार को अपने नियंत्रण में लेकर बंगाल में मिला दिया था।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को 'आधुनिक बिहार का निर्माता' माना जाता है।
- 1894 ई. में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने पृथक बिहार की मांग को उठाने के लिए 'बिहार टाइम्स' नामक पत्र की शुरुआत की।
- 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने बंगाल से अलग कर 'बिहार और ओडिशा' प्रांत बनाने की शाही घोषणा की।
- 22 मार्च 1912 को बिहार और ओडिशा प्रांत के गठन की आधिकारिक विधिवत अधिसूचना जारी हुई, इसलिए प्रतिवर्ष 22 मार्च को 'बिहार दिवस' मनाया जाता है।
- 1 अप्रैल 1912 से बिहार और ओडिशा संयुक्त प्रांत ने औपचारिक रूप से कार्य करना शुरू किया और पटना को राजधानी बनाया गया।
- लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (एस. पी. सिन्हा) 1920-21 में बिहार और ओडिशा प्रांत के पहले भारतीय गवर्नर (उपराज्यपाल/राज्यपाल) बने।
- 1 अप्रैल 1936 को भारत शासन अधिनियम 1935 के प्रावधानों के अंतर्गत ओडिशा को बिहार से अलग कर स्वतंत्र राज्य बनाया गया।
- 1936 में ओडिशा के अलग होने के बाद सर जेम्स डेविड सिफ्टन स्वतंत्र बिहार के पहले राज्यपाल बने।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली में भारत की संविधान सभा के प्रथम (अस्थायी) अध्यक्ष चुने गए थे।
तालिका
- वर्ष / तिथि: 1733 ई. · ऐतिहासिक घटना: बिहार का बंगाल में विलय · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: नवाब शुजाउद्दीन द्वारा बिहार को बंगाल सूबे का अंग बनाया गया
- वर्ष / तिथि: 1894 ई. · ऐतिहासिक घटना: 'बिहार टाइम्स' पत्रिका का प्रकाशन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा एवं महेश नारायण द्वारा पृथक राज्य की मांग
- वर्ष / तिथि: 12 दिसंबर 1911 · ऐतिहासिक घटना: दिल्ली दरबार में शाही घोषणा · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: जॉर्ज पंचम द्वारा बिहार और ओडिशा को बंगाल से अलग करने की घोषणा
- वर्ष / तिथि: 22 मार्च 1912 · ऐतिहासिक घटना: पृथक प्रांत गठन की आधिकारिक अधिसूचना · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 'बिहार दिवस' मनाया जाता है
- वर्ष / तिथि: 1 अप्रैल 1912 · ऐतिहासिक घटना: बिहार और ओडिशा प्रांत का प्रभावी गठन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: पटना को नए प्रांत की प्रांतीय राजधानी बनाया गया
- वर्ष / तिथि: 1920-1921 ई. · ऐतिहासिक घटना: बिहार-ओडिशा के प्रथम भारतीय गवर्नर · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (एस. पी. सिन्हा)
- वर्ष / तिथि: 1 अप्रैल 1936 · ऐतिहासिक घटना: ओडिशा का बिहार से विभाजन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत; जेम्स सिफ्टन पहले गवर्नर बने
- वर्ष / तिथि: 9 दिसंबर 1946 · ऐतिहासिक घटना: संविधान सभा की प्रथम बैठक · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा सर्वसम्मति से प्रथम अस्थायी अध्यक्ष बने
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: 'आधुनिक बिहार का निर्माता' निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
(क) डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (ग) मौलाना मजहरुल हक (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा
- ✔ उत्तर: (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 'बिहार टाइम्स' और केंद्रीय विधान परिषद के माध्यम से बिहार को बंगाल से पृथक कराने में अग्रणी भूमिका निभाई थी।
- प्रश्न 2: प्रतिवर्ष 22 मार्च को 'बिहार दिवस' किस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में मनाया जाता है?
(क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना (ख) 1936 में ओडिशा से बिहार के अलग होने की घोषणा (ग) 1947 में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण (घ) 1950 में बिहार को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने
- ✔ उत्तर: (क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना — 22 मार्च 1912 को भारत सरकार द्वारा बंगाल से अलग कर बिहार और ओडिशा प्रांत के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
- प्रश्न 3: बिहार और ओडिशा संयुक्त प्रांत से ओडिशा को किस वर्ष पृथक राज्य का दर्जा दिया गया?
(क) 1912 ई. (ख) 1919 ई. (ग) 1936 ई. (घ) 1947 ई.
- ✔ उत्तर: (ग) 1936 ई. — भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र प्रांत बनाया गया।
- प्रश्न 4: 1936 में ओडिशा के विभाजन के पश्चात नवगठित बिहार प्रांत के प्रथम राज्यपाल कौन बने थे?
(क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन (ख) लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (ग) सर मौरिस गार्नियर हॉलेट (घ) जयरामदास दौलतराम
- ✔ उत्तर: (क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन — 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा के अलग होने के बाद सर जेम्स डेविड सिफ्टन बिहार के पहले राज्यपाल बने।
- प्रश्न 5: 1894 में पृथक बिहार आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करने वाले पत्र 'बिहार टाइम्स' के संपादक/संस्थापक कौन थे?
(क) बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण (ग) मजहरुल हक और हसन इमाम (घ) राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह
- ✔ उत्तर: (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण — 1894 में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने मिलकर 'बिहार टाइम्स' पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में यह सर्वाधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक है। प्रश्न मुख्य रूप से बिहार दिवस की तिथि (22 मार्च 1912), दिल्ली दरबार की घोषणा (1911), ओडिशा के विभाजन का वर्ष (1936), 'आधुनिक बिहार के निर्माता' (सच्चिदानंद सिन्हा), तथा उस समय के प्रथम राज्यपाल (एस.पी. सिन्हा/जेम्स सिफ्टन) पर सीधे तथा तथ्यात्मक रूप में पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ 22 मार्च 1912 बनाम 1 अप्रैल 1912: 22 मार्च 1912 को बिहार-ओडिशा प्रांत गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई थी (इसलिए 'बिहार दिवस' 22 मार्च को मनाते हैं), जबकि इस नए प्रांत ने आधिकारिक तौर पर काम करना 1 अप्रैल 1912 से शुरू किया था।
- ✘ एस.पी. सिन्हा बनाम जेम्स सिफ्टन: सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (एस.पी. सिन्हा) 1920-21 में संयुक्त 'बिहार और ओडिशा' प्रांत के पहले भारतीय गवर्नर बने थे, जबकि सर जेम्स सिफ्टन 1936 में ओडिशा के अलग होने के बाद स्वतंत्र बिहार के पहले गवर्नर बने।
💡 याद रखें सूत्र: '12 में बंगाल छोड़ा, 36 में ओडिशा मोड़ा' (1912 = बंगाल से बिहार अलग, 1936 = ओडिशा से बिहार अलग)।
पटना उच्च न्यायालय, पटना विश्वविद्यालय एवं प्रमुख संस्थाएँ
1912 में बंगाल से अलग होकर नया प्रांत बनने के बाद बिहार में प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना का दौर शुरू हुआ। इसी क्रम में न्याय के शीर्ष केंद्र के रूप में 3 फरवरी 1916 को पटना उच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन हुआ। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1917 में पटना विश्वविद्यालय की स्थापना की गई, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप का सातवाँ सबसे पुराना विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त है। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए 1917 में पटना संग्रहालय और चिकित्सा शिक्षा के लिए 1925 में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज (वर्तमान PMCH) की स्थापना हुई। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान असहयोग आंदोलन के प्रभाव में मौलाना मज़हरुल हक ने सदाकत आश्रम और महात्मा गांधी ने बिहार विद्यापीठ (1921) की नींव रखी। ये संस्थाएँ आधुनिक बिहार के बौद्धिक, प्रशासनिक और सामाजिक विकास का आधार स्तंभ बनीं।
मुख्य तथ्य
- पटना उच्च न्यायालय का शिलान्यास 1 दिसंबर 1913 को वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वारा किया गया तथा इसका उद्घाटन 3 फरवरी 1916 को हुआ।
- पटना उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एडवर्ड मेनार्ड डेस चैम्प्स चामियर (Sir Edward Chamier) थे।
- पटना उच्च न्यायालय के प्रथम भारतीय मुख्य न्यायाधीश सर सैयद फजल अली (1943) थे, जबकि स्वतंत्रता के बाद प्रथम भारतीय मुख्य न्यायाधीश पंडित लक्ष्मीकांत झा बने।
- पटना विश्वविद्यालय की स्थापना अक्टूबर 1917 में 'पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1917' के अंतर्गत हुई थी।
- पटना विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति (Vice-Chancellor) जे. जी. जेनिंग्स (J. G. Jennings) थे।
- पटना संग्रहालय (जादूघर) की स्थापना अप्रैल 1917 में बिहार और उड़ीसा की ऐतिहासिक और पुरातात्विक कलाकृतियों के संरक्षण हेतु की गई थी।
- प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज (वर्तमान में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल - PMCH) की स्थापना 1925 में हुई थी।
- प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज की स्थापना औपचारिक रूप से वर्ष 1927 में हुई थी।
- महात्मा गांधी ने 6 फरवरी 1921 को राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार के लिए पटना में 'बिहार विद्यापीठ' का उद्घाटन किया था।
- मौलाना मज़हरुल हक ने 1921 में दीघा (पटना) के पास 'सदाकत आश्रम' की स्थापना खैरून मियां द्वारा दान की गई भूमि पर की थी।
- खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी को खान बहादुर खुदा बख्श द्वारा 29 अक्टूबर 1891 को जनता के लिए खोला गया था।
- पूसा (समस्तीपुर) में इम्पीरियल एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (IARI) की स्थापना 1905 में अमेरिकी परोपकारी हेनरी फिप्स के सहयोग से हुई थी।
तालिका
- संस्था का नाम: खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी · स्थापना वर्ष: 1891 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: खान बहादुर खुदा बख्श खान (1969 में राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित)
- संस्था का नाम: पूसा कृषि संस्थान (IARI) · स्थापना वर्ष: 1905 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: लॉर्ड कर्जन / हेनरी फिप्स (1934 भूकंप के बाद दिल्ली स्थानांतरित)
- संस्था का नाम: पटना उच्च न्यायालय · स्थापना वर्ष: 1916 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: उद्घाटन: 3 फरवरी 1916; प्रथम मुख्य न्यायाधीश: सर एडवर्ड चामियर
- संस्था का नाम: पटना विश्वविद्यालय · स्थापना वर्ष: 1917 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: प्रथम कुलपति: जे. जी. जेनिंग्स; 7वाँ सबसे पुराना विश्वविद्यालय
- संस्था का नाम: पटना संग्रहालय · स्थापना वर्ष: 1917 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: एडवर्ड गेट के प्रयासों से; दीदारगंज यक्षी की मूर्ति यहीं संरक्षित है
- संस्था का नाम: सदाकत आश्रम · स्थापना वर्ष: 1921 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: मौलाना मज़हरुल हक द्वारा स्थापित; राष्ट्रीय आंदोलन का प्रमुख केंद्र
- संस्था का नाम: बिहार विद्यापीठ · स्थापना वर्ष: 1921 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: महात्मा गांधी द्वारा 6 फरवरी 1921 को उद्घाटन; ब्रजकिशोर प्रसाद व डॉ. राजेंद्र प्रसाद जुड़े
- संस्था का नाम: प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज (PMCH) · स्थापना वर्ष: 1925 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: बिहार का पहला मेडिकल कॉलेज
- संस्था का नाम: पटना साइंस कॉलेज · स्थापना वर्ष: 1927 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: पटना उच्च न्यायालय ने औपचारिक रूप से किस वर्ष और किस तिथि से कार्य करना शुरू किया था?
(क) 1 दिसंबर 1913 (ख) 22 मार्च 1912 (ग) 3 फरवरी 1916 (घ) 1 अप्रैल 1917
- ✔ उत्तर: (ग) 3 फरवरी 1916 — पटना उच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन और कार्य प्रारंभ 3 फरवरी 1916 को हुआ था, जबकि इसकी आधारशिला 1913 में रखी गई थी।
- प्रश्न 7: पटना विश्वविद्यालय की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष की गई थी?
(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921
- ✔ उत्तर: (ग) 1917 — पटना विश्वविद्यालय की स्थापना अक्टूबर 1917 में पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1917 के तहत की गई थी।
- प्रश्न 8: पटना मेडिकल कॉलेज (पूर्व नाम: प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1921 (ख) 1925 (ग) 1927 (घ) 1930
- ✔ उत्तर: (ख) 1925 — प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1925 में पटना में की गई थी, जिसे अब PMCH कहा जाता है।
- प्रश्न 9: बिहार में राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1921 में 'बिहार विद्यापीठ' का उद्घाटन किसने किया था?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मज़हरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
- ✔ उत्तर: (ग) महात्मा गांधी — महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के दौरान 6 फरवरी 1921 को पटना में बिहार विद्यापीठ का औपचारिक उद्घाटन किया था।
- प्रश्न 10: निम्नलिखित युग्मों (संस्था और स्थापना वर्ष) पर विचार कीजिए:
1. पटना उच्च न्यायालय - 1916
2. पटना संग्रहालय - 1917
3. पटना साइंस कॉलेज - 1927
उपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 — पटना उच्च न्यायालय 1916, पटना संग्रहालय 1917 और पटना साइंस कॉलेज 1927 - तीनों ही युग्म पूर्णतः सही हैं।
- प्रश्न 11: पटना उच्च न्यायालय के प्रथम भारतीय मुख्य न्यायाधीश (स्वतंत्रता पूर्व) कौन थे?
(क) पंडित लक्ष्मीकांत झा (ख) सर सैयद फजल अली (ग) सर एडवर्ड चामियर (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
- ✔ उत्तर: (ख) सर सैयद फजल अली — सर सैयद फजल अली वर्ष 1943 में पटना उच्च न्यायालय के पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश बने थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में पटना उच्च न्यायालय और पटना विश्वविद्यालय के स्थापना वर्ष (1916 और 1917) पर प्रत्यक्ष तथ्यात्मक प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त PMCH (1925), बिहार विद्यापीठ (1921), और सदाकत आश्रम से संबंधित स्थापना तिथियों व संस्थापकों के नामों को सुमेलन (Match the Column) या बहु-विकल्पीय रूप में पूछा जाता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ पटना उच्च न्यायालय (1916) और पटना विश्वविद्यालय (1917) के वर्षों में छात्र भ्रमित होते हैं; उच्च न्यायालय 1916 में खुला था और विश्वविद्यालय 1917 में।
- ✘ पटना उच्च न्यायालय का शिलान्यास 1913 में हुआ था जबकि इसका उद्घाटन 1916 में; BPSC सामान्यतः उद्घाटन/कार्य प्रारंभ वर्ष (1916) ही पूछता है।
- ✘ सर एडवर्ड चामियर प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे, जबकि सर सैयद फजल अली पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश थे तथा पंडित लक्ष्मीकांत झा स्वतंत्रता पश्चात के पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश थे।
💡 क्रम याद रखें: '16 में कोर्ट, 17 में यूनिवर्सिटी और म्यूजियम, 21 में विद्यापीठ व आश्रम, 25 में मेडिकल कॉलेज' (16-कोर्ट, 17-यूनिवर्सिटी/म्यूजियम, 21-विद्यापीठ, 25-PMCH)।
बिहार के प्रमुख समाचार पत्र एवं पत्रिकाएँ
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी में बिहार में समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं ने राष्ट्रीय चेतना जगाने और आधुनिक बिहार के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। 1872 में शुरू हुआ 'बिहार बंधु' राज्य का पहला हिंदी समाचार पत्र था, जिसने हिंदी भाषा और जनमुद्दों को मंच प्रदान किया। 1894 में सचिदानंद सिन्हा और महेश नारायण द्वारा स्थापित 'द बिहार टाइम्स' ने बंगाल से पृथक बिहार राज्य के निर्माण की वैचारिक नींव रखी। राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद और मौलाना मजहरुल हक जैसे नेताओं ने 'सर्चलाइट', 'देश' और 'द मदरलैंड' के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम का प्रचार-प्रसार किया। इसके अलावा स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन ने 'हुंकार' पत्रिका के माध्यम से किसान आंदोलन को सशक्त आवाज़ दी।
मुख्य तथ्य
- बिहार का प्रथम हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र 'बिहार बंधु' था, जिसे 1872 में केशव राम भट्ट द्वारा बिहारशरीफ से शुरू किया गया था।
- 'बिहार बंधु' को 1874 में बिहारशरीफ से पटना स्थानांतरित किया गया तथा इसके लिए 'बिहार बंधु प्रेस' की स्थापना की गई थी।
- बिहार का प्रथम अंग्रेजी समाचार पत्र 'द बिहार हेराल्ड' था, जिसे 1875 में बाबू गुरु प्रसाद सेन ने प्रकाशित किया था।
- बिहार का पहला उर्दू अखबार 'नूर-उल-अनवार' था, जो 1853 में आरा से सैयद मोहम्मद हाशिम द्वारा निकाला गया था।
- 1894 में 'द बिहार टाइम्स' का प्रकाशन शुरू हुआ, जिसके संस्थापक संपादक महेश नारायण थे और सचिदानंद सिन्हा इसके प्रमुख सहयोगी थे।
- 'द बिहार टाइम्स' ने पृथक बिहार राज्य के गठन के आंदोलन में सर्वाधिक प्रभावी और निर्णायक भूमिका निभाई थी।
- 1906 में 'द बिहार टाइम्स' और 'बिहार न्यूज' का विलय कर 'द बिहारी' नाम से पत्र निकाला गया, जो 1912 में दैनिक बना।
- 'द सर्चलाइट' (Searchlight) का प्रकाशन 15 जुलाई 1918 को द्विसाप्ताहिक के रूप में पटना से प्रारंभ हुआ था।
- 'सर्चलाइट' के प्रथम संपादक सैयद हैदर हुसैन थे, जबकि मुरली मनोहर प्रसाद इसके सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रसिद्ध संपादक बने।
- असहयोग आंदोलन के प्रचार हेतु मौलाना मजहरुल हक ने सितंबर 1921 में सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' (The Motherland) अंग्रेजी पत्र शुरू किया।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1920 में पटना से राष्ट्रीय विचारों के प्रचार हेतु 'देश' नामक हिंदी साप्ताहिक का संपादन और प्रकाशन किया था।
- दरभंगा के महाराजा कामेश्वर सिंह ने 1931 में अंग्रेजी दैनिक 'द इंडियन नेशन' और 1941 में हिंदी दैनिक 'आर्यावर्त' का प्रकाशन शुरू कराया।
- स्वामी सहजानंद सरस्वती और राहुल सांकृत्यायन ने 1940 में किसानों की आवाज उठाने के लिए पटना से 'हुंकार' पत्रिका निकाली थी।
- रामवृक्ष बेनीपुरी ने 1929 में पटना से क्रांतिकारी और प्रगतिशील विचारों की संवाहक पत्रिका 'युवक' का संपादन किया था।
तालिका
- समाचार पत्र / पत्रिका: नूर-उल-अनवार · वर्ष: 1853 · भाषा: उर्दू · संस्थापक / संपादक: सैयद मोहम्मद हाशिम · स्थान / विशेष तथ्य: आरा (बिहार का पहला उर्दू अखबार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: बिहार बंधु · वर्ष: 1872 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: केशव राम भट्ट, मदन मोहन भट्ट · स्थान / विशेष तथ्य: बिहारशरीफ (1874 में पटना स्थानांतरित, पहला हिंदी पत्र)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द बिहार हेराल्ड · वर्ष: 1875 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: बाबू गुरु प्रसाद सेन · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (बिहार का पहला अंग्रेजी पत्र)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द बिहार टाइम्स · वर्ष: 1894 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: महेश नारायण (संपादक), सचिदानंद सिन्हा · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (पृथक बिहार निर्माण का मुख्य प्रचारक)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द सर्चलाइट · वर्ष: 1918 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: सैयद हैदर हुसैन, मुरली मनोहर प्रसाद · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (राष्ट्रीय आंदोलन में प्रमुख भूमिका)
- समाचार पत्र / पत्रिका: देश · वर्ष: 1920 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: डॉ. राजेंद्र प्रसाद · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द मदरलैंड · वर्ष: 1921 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: मौलाना मजहरुल हक · स्थान / विशेष तथ्य: सदाकत आश्रम, पटना (असहयोग आंदोलन)
- समाचार पत्र / पत्रिका: युवक · वर्ष: 1929 · भाषा: हिंदी मासिक · संस्थापक / संपादक: रामवृक्ष बेनीपुरी · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (क्रांतिकारी/प्रगतिशील विचार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द इंडियन नेशन · वर्ष: 1931 · भाषा: अंग्रेजी दैनिक · संस्थापक / संपादक: महाराजा कामेश्वर सिंह · स्थान / विशेष तथ्य: दरभंगा/पटना
- समाचार पत्र / पत्रिका: हुंकार · वर्ष: 1940 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: स्वामी सहजानंद सरस्वती, राहुल सांकृत्यायन · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (किसान आंदोलन का मुख्य मुखपत्र)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 12: बिहार का प्रथम हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र कौन-सा था और इसका प्रकाशन कब हुआ था?
(क) बिहार बंधु, 1872 (ख) द बिहार हेराल्ड, 1875 (ग) सर्वहितैषी, 1890 (घ) देश, 1920
- ✔ उत्तर: (क) बिहार बंधु, 1872 — 'बिहार बंधु' 1872 में केशव राम भट्ट द्वारा बिहारशरीफ से प्रकाशित राज्य का पहला हिंदी साप्ताहिक था।
- प्रश्न 13: बंगाल से अलग कर बिहार को एक स्वतंत्र प्रांत बनाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने वाला समाचार पत्र 'द बिहार टाइम्स' किस वर्ष शुरू हुआ था?
(क) 1875 (ख) 1894 (ग) 1906 (घ) 1912
- ✔ उत्तर: (ख) 1894 — 'द बिहार टाइम्स' का प्रकाशन 1894 में महेश नारायण और सचिदानंद सिन्हा के प्रयासों से प्रारंभ हुआ था।
- प्रश्न 14: असहयोग आंदोलन के दौरान पटना के सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' नामक अंग्रेजी समाचार पत्र किसने प्रारंभ किया था?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) सचिदानंद सिन्हा (घ) हसन इमाम
- ✔ उत्तर: (ख) मौलाना मजहरुल हक — मौलाना मजहरुल हक ने सितंबर 1921 में सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' का प्रकाशन राष्ट्रीय आंदोलन के प्रचारार्थ किया था।
- प्रश्न 15: बिहार के प्रसिद्ध अंग्रेजी दैनिक 'सर्चलाइट' के लंबे समय तक मुख्य संपादक निम्नलिखित में से कौन रहे?
(क) गुरु प्रसाद सेन (ख) मुरली मनोहर प्रसाद (ग) महेश नारायण (घ) सैयद हैदर हुसैन
- ✔ उत्तर: (ख) मुरली मनोहर प्रसाद — 'सर्चलाइट' के पहले संपादक सैयद हैदर हुसैन थे, परंतु इसके सबसे विख्यात और दीर्घकालिक संपादक मुरली मनोहर प्रसाद रहे।
- प्रश्न 16: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. द बिहार हेराल्ड - गुरु प्रसाद सेन
2. हुंकार - स्वामी सहजानंद सरस्वती
3. युवक - रामवृक्ष बेनीपुरी
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 सभी — द बिहार हेराल्ड (1875) गुरु प्रसाद सेन द्वारा, हुंकार (1940) स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा और युवक (1929) रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संचालित थे।
- प्रश्न 17: दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह द्वारा 1931 में कौन-सा प्रसिद्ध अंग्रेजी दैनिक अखबार पटना से शुरू कराया गया था?
(क) द इंडियन नेशन (ख) आर्यावर्त (ग) द मदरलैंड (घ) द स्टेट्समैन
- ✔ उत्तर: (क) द इंडियन नेशन — 1931 में महाराजा कामेश्वर सिंह ने 'द इंडियन नेशन' (अंग्रेजी) और 1941 में 'आर्यावर्त' (हिंदी) की शुरुआत की थी।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में बिहार के समाचार पत्रों पर प्रश्न मुख्य रूप से पत्र के नाम, स्थापना वर्ष, प्रथम संपादक/संस्थापक और संबंधित आंदोलन (जैसे पृथक बिहार मांग, असहयोग आंदोलन, किसान आंदोलन) के संदर्भ में सुमेलन और प्रत्यक्ष वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ 'द बिहार हेराल्ड' (1875) बिहार का पहला अंग्रेजी पत्र था, जबकि 'बिहार बंधु' (1872) पहला हिंदी पत्र था; दोनों के वर्षों और भाषाओं में छात्र भ्रमित होते हैं।
- ✘ 'द मदरलैंड' मौलाना मजहरुल हक द्वारा सदाकत आश्रम से शुरू किया गया था, जबकि 'देश' पत्र उसी परिसर/काल में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा संपादित था।
💡 याद रखें कोड: '72 में बंधु (हिंदी), 75 में हेराल्ड (अंग्रेजी)' - 1872 बिहार बंधु, 1875 बिहार हेराल्ड।
संविधान सभा में बिहार, प्रथम मुख्यमंत्री और राज्यपाल
भारतीय संविधान के निर्माण में बिहार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संविधान सभा की पहली बैठक की अध्यक्षता बिहार के ही डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने अस्थायी अध्यक्ष के रूप में की थी, जिसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया। राजनीतिक रूप से, 1937 के चुनावों के बाद मोहम्मद यूनुस बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (तब प्रधानमंत्री) बने, जबकि श्री कृष्ण सिंह ने बाद में कमान संभाली। स्वतंत्रता के बाद, जयरामदास दौलतराम बिहार के पहले राज्यपाल नियुक्त किए गए। यह उप-विषय बिहार के प्रशासनिक और संवैधानिक विकास के शुरुआती स्तंभों को दर्शाता है। इसमें ब्रिटिश काल के पहले भारतीय राज्यपाल एस.पी. सिन्हा का योगदान भी शामिल है।
मुख्य तथ्य
- 9 दिसंबर 1946: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष बने।
- 11 दिसंबर 1946: डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- मोहम्मद यूनुस 1937 में बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (प्रधानमंत्री) बने थे।
- श्री कृष्ण सिंह बिहार के पहले सत्याग्रही और स्वतंत्रता के बाद पहले मुख्यमंत्री थे।
- सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (S.P. Sinha) 1921 में बिहार के पहले भारतीय राज्यपाल बने।
- जयरामदास दौलतराम स्वतंत्रता के बाद बिहार के पहले राज्यपाल (15 अगस्त 1947) थे।
- बिहार में पहली बार राष्ट्रपति शासन जून 1968 में राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो के समय लगा।
- जेम्स सिफ्टन 1936 में ओडिशा के अलग होने के समय बिहार के राज्यपाल थे।
- केंद्रीय विधानसभा में बिहार की 10 सामान्य सीटों में से कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं।
तालिका
- पद: अस्थायी अध्यक्ष (संविधान सभा) · नाम: सच्चिदानंद सिन्हा · समय/संदर्भ: 9 दिसंबर 1946
- पद: स्थायी अध्यक्ष (संविधान सभा) · नाम: डॉ. राजेंद्र प्रसाद · समय/संदर्भ: 11 दिसंबर 1946
- पद: प्रथम मुख्यमंत्री (1937) · नाम: मोहम्मद यूनुस · समय/संदर्भ: ब्रिटिश काल (प्रथम भारतीय)
- पद: प्रथम मुख्यमंत्री (स्वतंत्रता बाद) · नाम: श्री कृष्ण सिंह · समय/संदर्भ: 1947-1961
- पद: प्रथम भारतीय राज्यपाल · नाम: एस.पी. सिन्हा · समय/संदर्भ: 1921 (ब्रिटिश काल)
- पद: प्रथम राज्यपाल (स्वतंत्रता बाद) · नाम: जयरामदास दौलतराम · समय/संदर्भ: 15 अगस्त 1947
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 18: संविधान सभा के प्रथम अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) सच्चिदानंद सिन्हा (ग) एस.पी. सिन्हा (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा
- ✔ उत्तर: (ख) सच्चिदानंद सिन्हा — 9 दिसंबर 1946 को सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- प्रश्न 19: बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (1937 में) कौन बने थे?
(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) मोहम्मद यूनुस (ग) भोला पासवान शास्त्री (घ) अब्दुल बारी
- ✔ उत्तर: (ख) मोहम्मद यूनुस — 1937 के चुनावों के बाद मोहम्मद यूनुस बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (प्रधानमंत्री) बने।
- प्रश्न 20: स्वतंत्रता के पश्चात बिहार के प्रथम राज्यपाल कौन थे?
(क) जयरामदास दौलतराम (ख) माधव श्रीहरि अणे (ग) नित्यानंद कानूनगो (घ) आर.आर. दिवाकर
- ✔ उत्तर: (क) जयरामदास दौलतराम — 15 अगस्त 1947 को जयरामदास दौलतराम ने बिहार के पहले राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला।
- प्रश्न 21: बिहार में पहली बार राष्ट्रपति शासन किस वर्ष लागू किया गया था?
(क) 1965 (ख) 1968 (ग) 1970 (घ) 1972
- ✔ उत्तर: (ख) 1968 — जून 1968 में मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के कार्यकाल के दौरान पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से अक्सर 'प्रथम' व्यक्तियों के नाम, महत्वपूर्ण तिथियां (जैसे संविधान सभा की बैठक) और स्वतंत्रता के समय के पदों के बारे में सीधे प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ मोहम्मद यूनुस (पहले भारतीय मुख्यमंत्री) और श्री कृष्ण सिंह (स्वतंत्रता के बाद पहले मुख्यमंत्री) के बीच भ्रम।
- ✘ सच्चिदानंद सिन्हा (अस्थायी अध्यक्ष) और डॉ. राजेंद्र प्रसाद (स्थायी अध्यक्ष) के बीच अक्सर छात्र गलती करते हैं।
💡 'सच्चा राज' - पहले 'सच्चा' (सच्चिदानंद - अस्थायी) फिर 'राज' (राजेंद्र प्रसाद - स्थायी)।
स्वतंत्रता पश्चात बिहार: भूमि सुधार, जेपी आंदोलन एवं झारखंड निर्माण
1947 में स्वतंत्रता के बाद बिहार में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का एक नया दौर शुरू हुआ। जमींदारी उन्मूलन के लिए 1950 में बिहार भूमि सुधार अधिनियम पारित किया गया, जो भारत में जमींदारी समाप्त करने वाला पहला राज्य कानून बना। वर्ष 1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान से 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया गया, जिसने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर बिहार का विभाजन कर अलग झारखंड राज्य गठित किया गया। इस विभाजन के समय बिहार के 18 जिले (45.85% भूभाग) झारखंड में शामिल हुए और शेष 37 जिले बिहार में रहे, जिसके बाद अगस्त 2001 में अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।
मुख्य तथ्य
- बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 में पारित हुआ और जमींदारी उन्मूलन कानून बनाने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना।
- बिहार में विनोबा भावे के भूदान आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1953 में गया जिले से हुई थी।
- 5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पटना के गांधी मैदान (पूर्व नाम पटना लॉन) से 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया।
- जेपी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मार्च 1974 में 'बिहार छात्र संघर्ष समिति' के आंदोलन से हुई थी।
- बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत 15 नवंबर 2000 को झारखंड भारत का 28वां राज्य बना।
- 15 नवंबर की तिथि पृथक झारखंड गठन के लिए इसलिए चुनी गई क्योंकि यह जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है।
- वर्ष 2000 में विभाजन के समय बिहार के 18 जिले (45.85% भौगोलिक क्षेत्रफल) झारखंड में शामिल किए गए।
- विभाजन के तुरंत बाद बिहार के पास 37 जिले (54.15% क्षेत्रफल) बचे थे, और अगस्त 2001 में जहानाबाद से पृथक कर अरवल को 38वां जिला बनाया गया।
- 'झारखंड' शब्द का प्रथम ऐतिहासिक/पुरातात्विक उल्लेख 13वीं शताब्दी के एक ताम्रपत्र में मिलता है।
- स्वतंत्रता के बाद बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह तथा प्रथम राज्यपाल जयरामदास दौलतराम थे।
- बिहार भूमि अधिकतम सीमा अधिनियम (Land Ceiling Act) वर्ष 1961 में पारित किया गया था।
तालिका
- घटना / अधिनियम: बिहार भूमि सुधार अधिनियम · वर्ष / तिथि: 1950 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जमींदारी उन्मूलन कानून बनाने वाला भारत का पहला राज्य बना
- घटना / अधिनियम: भूदान आंदोलन (बिहार) · वर्ष / तिथि: 1953 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: संत विनोबा भावे द्वारा गया जिले से बिहार में आरंभ
- घटना / अधिनियम: संपूर्ण क्रांति (जेपी आंदोलन) · वर्ष / तिथि: 5 जून 1974 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जयप्रकाश नारायण द्वारा पटना के गांधी मैदान से उद्घोष
- घटना / अधिनियम: झारखंड राज्य का गठन · वर्ष / तिथि: 15 नवंबर 2000 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: 18 जिलों (45.85% क्षेत्र) के साथ भारत का 28वां राज्य बना
- घटना / अधिनियम: अरवल जिला निर्माण · वर्ष / तिथि: अगस्त 2001 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जहानाबाद से अलग कर बिहार का 38वां जिला बना
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 22: 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर नए झारखंड राज्य का गठन हुआ। विभाजन के समय बिहार के कुल कितने जिले झारखंड में शामिल किए गए थे?
(क) 16 जिले (ख) 18 जिले (ग) 22 जिले (घ) 24 जिले
- ✔ उत्तर: (ख) 18 जिले — 15 नवंबर 2000 के विभाजन के समय बिहार के 18 जिले (45.85% क्षेत्रफल) पृथक झारखंड राज्य में शामिल किए गए थे।
- प्रश्न 23: वर्ष 1974 में ऐतिहासिक 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) का आह्वान जयप्रकाश नारायण द्वारा किस स्थान से किया गया था?
(क) सदाकत आश्रम, पटना (ख) गांधी मैदान, पटना (ग) तिलका मांझी चौक, भागलपुर (घ) सचिवालय प्रांगन, पटना
- ✔ उत्तर: (ख) गांधी मैदान, पटना — 5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से संपूर्ण क्रांति की घोषणा की थी।
- प्रश्न 24: स्वतंत्र भारत में जमींदारी उन्मूलन कानून (भूमि सुधार अधिनियम) पारित करने वाला देश का पहला राज्य कौन-सा था?
(क) उत्तर प्रदेश (ख) बिहार (ग) पश्चिम बंगाल (घ) तमिलनाडु
- ✔ उत्तर: (ख) बिहार — बिहार वर्ष 1950 में बिहार भूमि सुधार अधिनियम पारित कर जमींदारी उन्मूलन करने वाला भारत का पहला राज्य बना था।
- प्रश्न 25: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड का गठन हुआ।
2. विभाजन के समय बिहार में 37 जिले शेष बचे थे।
3. जहानाबाद से अलग कर अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 — तीनों कथन ऐतिहासिक रूप से सही हैं; विभाजन पर 37 जिले बचे थे और अगस्त 2001 में अरवल 38वां जिला बना।
- प्रश्न 26: आदिवासी बहुल क्षेत्र के संदर्भ में 'झारखंड' शब्द का प्रथम ऐतिहासिक उल्लेख किस शताब्दी के दस्तावेज में मिलता है?
(क) 11वीं शताब्दी (ख) 13वीं शताब्दी (ग) 15वीं शताब्दी (घ) 17वीं शताब्दी
- ✔ उत्तर: (ख) 13वीं शताब्दी — ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार 'झारखंड' शब्द का प्रथम उल्लेख 13वीं शताब्दी के ताम्रपत्र में हुआ है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से झारखंड विभाजन की तिथि (15 नवंबर 2000), विभाजन के समय जिलों की संख्या (18 जिले / 45.85% क्षेत्रफल), जेपी आंदोलन (1974, गांधी मैदान) और बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 पर सीधे तथा कथन-आधारित प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ विभाजन के समय (2000) झारखंड को 18 जिले दिए गए थे, लेकिन वर्तमान समय में झारखंड में कुल 24 जिले हैं।
- ✘ विभाजन के समय बिहार में 37 जिले ही बचे थे; बिहार का 38वां जिला 'अरवल' बाद में वर्ष 2001 में जहानाबाद से अलग करके बनाया गया।
💡 15 नव 2000 को 18 जिले झारखंड गए, 37 बिहार में रहे, 38वां अरवल बना।
एक नज़र में (Revision)
- सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने पृथक बिहार के आंदोलन का नेतृत्व किया।
- बिहार को 22 मार्च, 1912 को बंगाल से अलग किया गया था।
- पटना उच्च न्यायालय की स्थापना 3 फरवरी, 1916 को हुई थी।
- पटना विश्वविद्यालय की स्थापना 1 अक्टूबर, 1917 को हुई थी।
- बिहार और उड़ीसा को 1 अप्रैल, 1936 को अलग किया गया था।
- 'बिहार बंधु' (1872) बिहार से निकलने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र था।
- 'द बिहारी' के स्थान पर 1918 में 'सर्चलाइट' का प्रकाशन शुरू हुआ।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे।
- श्री कृष्ण सिंह बिहार के पहले मुख्यमंत्री (तत्कालीन प्रधानमंत्री) बने।
- जयरामदास दौलतराम स्वतंत्रता के बाद बिहार के पहले राज्यपाल थे।
- 1974 में भ्रष्टाचार के खिलाफ जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया।
- 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य का गठन हुआ।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. आधुनिक बिहार का निर्माता किसे माना जाता है?
- (क) सच्चिदानंद सिन्हा
- (ख) कुमार कालिका प्रसाद सिन्हा
- (ग) सर गणेश दत्त
- (घ) आचार्य नरेंद्र देव
उत्तर देखें
उत्तर: (क) सच्चिदानंद सिन्हा
सच्चिदानंद सिन्हा ने महेश नारायण के साथ मिलकर पृथक बिहार की मांग के लिए जोरदार आंदोलन चलाया था।
2. बिहार बंगाल से अलग कब हुआ था?
- (क) 1911
- (ख) 1912
- (ग) 1913
- (घ) 1914
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 1912
12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में घोषणा के बाद, 22 मार्च 1912 को बिहार और उड़ीसा को बंगाल से अलग कर दिया गया था।
3. पटना उच्च न्यायालय की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- (क) 1912
- (ख) 1914
- (ग) 1916
- (घ) 1917
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1916
पटना उच्च न्यायालय की स्थापना 3 फरवरी, 1916 को हुई थी।
4. बिहार से प्रकाशित होने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र कौन सा था?
- (क) आर्यावर्त
- (ख) बिहार बंधु
- (ग) प्रभाकर
- (घ) सर्वहितैषी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) बिहार बंधु
बिहार बंधु 1872 में बिहार से शुरू होने वाला पहला हिंदी समाचार पत्र था।
5. बिहार और उड़ीसा का विभाजन किस वर्ष हुआ था?
- (क) 1912
- (ख) 1935
- (ग) 1936
- (घ) 1956
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1936
भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत 1 अप्रैल 1936 को बिहार और उड़ीसा अलग राज्य बने।
6. 1918 में प्रकाशित 'सर्चलाइट' समाचार पत्र के प्रथम संपादक कौन थे?
- (क) मुरली मनोहर प्रसाद
- (ख) सैयद हैदर हुसैन
- (ग) महेश नारायण
- (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) सैयद हैदर हुसैन
सर्चलाइट के पहले संपादक सैयद हैदर हुसैन थे, बाद में मुरली मनोहर प्रसाद इसके प्रसिद्ध संपादक बने।
7. स्वतंत्रता के पश्चात बिहार के प्रथम राज्यपाल कौन थे?
- (क) माधव श्रीहरि अणे
- (ख) आर.आर. दिवाकर
- (ग) जयरामदास दौलतराम
- (घ) जगन्नाथ कौशल
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) जयरामदास दौलतराम
जयरामदास दौलतराम 15 अगस्त 1947 से 11 जनवरी 1948 तक बिहार के पहले राज्यपाल रहे।
8. जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किस वर्ष किया था?
- (क) 1970
- (ख) 1972
- (ग) 1974
- (घ) 1977
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1974
5 जून 1974 को पटना के गांधी मैदान से जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया था।
9. झारखंड राज्य बिहार से कब अलग हुआ था?
- (क) 1 नवंबर 2000
- (ख) 9 नवंबर 2000
- (ग) 15 नवंबर 2000
- (घ) 25 नवंबर 2000
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 15 नवंबर 2000
बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर 2000 को झारखंड भारत का 28वां राज्य बना।
10. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (क) पटना विश्वविद्यालय - 1917
- (ख) पटना उच्च न्यायालय - 1916
- (ग) बिहार का पृथक्करण - 1912
- (घ) उड़ीसा का पृथक्करण - 1938
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) उड़ीसा का पृथक्करण - 1938
उड़ीसा को 1936 में बिहार से अलग किया गया था, न कि 1938 में।
English version — Modern Bihar: Separate State, Institutions, Press and Education
This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains (GS Paper 1) as it covers the administrative evolution and socio-political awakening of Bihar. It highlights the struggle for identity and the development of key institutions that shaped the state's modern history.
Separation of Bihar from Bengal (1912), Sachchidananda Sinha, and Bihar-Odisha Separation (1936)
In 1733, Nawab Shujauddin of Bengal annexed Bihar into the Bengal Subah, leading to centuries of administrative and professional marginalization for the people of Bihar. In response, a sustained movement for a separate province began, championed intellectually by Dr. Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan through their journal 'Bihar Times' launched in 1894; hence Dr. Sinha is revered as the 'Father of Modern Bihar'. At the Delhi Durbar on 12 December 1911, King George V officially announced the creation of the province of Bihar and Orissa separated from Bengal. A formal notification was issued on 22 March 1912 (celebrated as Bihar Diwas), and the new province officially began functioning on 1 April 1912. Later, under the Government of India Act 1935, Orissa was carved out as a distinct province on 1 April 1936, leaving Bihar as an independent administrative unit with Sir James David Sifton as its first Governor.
Key facts
- In 1733 AD, Nawab Shujauddin of Bengal annexed Bihar into the Bengal Subah.
- Dr. Sachchidananda Sinha is regarded as the 'Father of Modern Bihar'.
- In 1894 AD, Dr. Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan started the journal 'Bihar Times' to voice the demand for a separate Bihar.
- On 12 December 1911 at the Delhi Durbar, British Emperor George V officially proclaimed the creation of the province of Bihar and Orissa.
- The official notification forming the province of Bihar and Orissa was issued on 22 March 1912, which is commemorated annually as 'Bihar Diwas'.
- On 1 April 1912, the combined province of Bihar and Orissa officially came into existence with Patna as its capital.
- Lord Satyendra Prasanna Sinha (S.P. Sinha) became the first Indian Governor of the Bihar and Orissa province in 1920-21.
- On 1 April 1936, Orissa was separated from Bihar to form an independent province under the Government of India Act 1935.
- After Orissa was separated in 1936, Sir James David Sifton became the first Governor of the separated province of Bihar.
- Dr. Sachchidananda Sinha was elected as the first (temporary) President of the Constituent Assembly of India on 9 December 1946.
Table
- वर्ष / तिथि: 1733 ई. · ऐतिहासिक घटना: बिहार का बंगाल में विलय · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: नवाब शुजाउद्दीन द्वारा बिहार को बंगाल सूबे का अंग बनाया गया
- वर्ष / तिथि: 1894 ई. · ऐतिहासिक घटना: 'बिहार टाइम्स' पत्रिका का प्रकाशन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा एवं महेश नारायण द्वारा पृथक राज्य की मांग
- वर्ष / तिथि: 12 दिसंबर 1911 · ऐतिहासिक घटना: दिल्ली दरबार में शाही घोषणा · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: जॉर्ज पंचम द्वारा बिहार और ओडिशा को बंगाल से अलग करने की घोषणा
- वर्ष / तिथि: 22 मार्च 1912 · ऐतिहासिक घटना: पृथक प्रांत गठन की आधिकारिक अधिसूचना · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 'बिहार दिवस' मनाया जाता है
- वर्ष / तिथि: 1 अप्रैल 1912 · ऐतिहासिक घटना: बिहार और ओडिशा प्रांत का प्रभावी गठन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: पटना को नए प्रांत की प्रांतीय राजधानी बनाया गया
- वर्ष / तिथि: 1920-1921 ई. · ऐतिहासिक घटना: बिहार-ओडिशा के प्रथम भारतीय गवर्नर · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (एस. पी. सिन्हा)
- वर्ष / तिथि: 1 अप्रैल 1936 · ऐतिहासिक घटना: ओडिशा का बिहार से विभाजन · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत; जेम्स सिफ्टन पहले गवर्नर बने
- वर्ष / तिथि: 9 दिसंबर 1946 · ऐतिहासिक घटना: संविधान सभा की प्रथम बैठक · प्रमुख व्यक्तित्व / तथ्य: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा सर्वसम्मति से प्रथम अस्थायी अध्यक्ष बने
Practice questions (solved)
- Q 1: 'आधुनिक बिहार का निर्माता' निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
(क) डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (ग) मौलाना मजहरुल हक (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा
- ✔ Answer: (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने 'बिहार टाइम्स' और केंद्रीय विधान परिषद के माध्यम से बिहार को बंगाल से पृथक कराने में अग्रणी भूमिका निभाई थी।
- Q 2: प्रतिवर्ष 22 मार्च को 'बिहार दिवस' किस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में मनाया जाता है?
(क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना (ख) 1936 में ओडिशा से बिहार के अलग होने की घोषणा (ग) 1947 में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण (घ) 1950 में बिहार को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने
- ✔ Answer: (क) 1912 में बंगाल प्रेसीडेंसी से पृथक बिहार के गठन की अधिसूचना — 22 मार्च 1912 को भारत सरकार द्वारा बंगाल से अलग कर बिहार और ओडिशा प्रांत के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
- Q 3: बिहार और ओडिशा संयुक्त प्रांत से ओडिशा को किस वर्ष पृथक राज्य का दर्जा दिया गया?
(क) 1912 ई. (ख) 1919 ई. (ग) 1936 ई. (घ) 1947 ई.
- ✔ Answer: (ग) 1936 ई. — भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को बिहार से अलग कर एक स्वतंत्र प्रांत बनाया गया।
- Q 4: 1936 में ओडिशा के विभाजन के पश्चात नवगठित बिहार प्रांत के प्रथम राज्यपाल कौन बने थे?
(क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन (ख) लॉर्ड सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (ग) सर मौरिस गार्नियर हॉलेट (घ) जयरामदास दौलतराम
- ✔ Answer: (क) सर जेम्स डेविड सिफ्टन — 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा के अलग होने के बाद सर जेम्स डेविड सिफ्टन बिहार के पहले राज्यपाल बने।
- Q 5: 1894 में पृथक बिहार आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करने वाले पत्र 'बिहार टाइम्स' के संपादक/संस्थापक कौन थे?
(क) बाबू कुंवर सिंह और अमर सिंह (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण (ग) मजहरुल हक और हसन इमाम (घ) राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह
- ✔ Answer: (ख) सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण — 1894 में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा और महेश नारायण ने मिलकर 'बिहार टाइम्स' पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया था।
How it is asked
This is one of the most frequently tested historical sub-topics in BPSC Pre. Questions focus directly on Bihar Diwas (22 March 1912), the Delhi Durbar declaration (1911), year of separation of Orissa (1936), the 'Father of Modern Bihar' (Sachchidananda Sinha), and the governors of these periods (S.P. Sinha / James Sifton).
Do not confuse
- ✘ 22 मार्च 1912 बनाम 1 अप्रैल 1912: 22 मार्च 1912 को बिहार-ओडिशा प्रांत गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई थी (इसलिए 'बिहार दिवस' 22 मार्च को मनाते हैं), जबकि इस नए प्रांत ने आधिकारिक तौर पर काम करना 1 अप्रैल 1912 से शुरू किया था।
- ✘ एस.पी. सिन्हा बनाम जेम्स सिफ्टन: सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा (एस.पी. सिन्हा) 1920-21 में संयुक्त 'बिहार और ओडिशा' प्रांत के पहले भारतीय गवर्नर बने थे, जबकि सर जेम्स सिफ्टन 1936 में ओडिशा के अलग होने के बाद स्वतंत्र बिहार के पहले गवर्नर बने।
💡 याद रखें सूत्र: '12 में बंगाल छोड़ा, 36 में ओडिशा मोड़ा' (1912 = बंगाल से बिहार अलग, 1936 = ओडिशा से बिहार अलग)।
Patna High Court, Patna University and Key Historic Institutions
Following the creation of Bihar as a separate province from Bengal in 1912, a major phase of establishing administrative, judicial, and educational institutions began. As the apex seat of justice, the Patna High Court was formally inaugurated on 3 February 1916. To expand higher education in the newly formed state, Patna University was founded in October 1917, becoming the seventh oldest university in the Indian subcontinent. Alongside these, the Patna Museum was set up in 1917 to preserve historical heritage, and the Prince of Wales Medical College (now PMCH) was established in 1925. During the national struggle under the Non-Cooperation Movement, Maulana Mazharul Haque founded Sadaqat Ashram, and Mahatma Gandhi inaugurated Bihar Vidyapeeth in 1921. These foundational institutions played a vital role in shaping the intellectual, legal, and educational infrastructure of modern Bihar.
Key facts
- The foundation stone of Patna High Court was laid on 1 December 1913 by Viceroy Lord Hardinge, and it was inaugurated on 3 February 1916.
- The first Chief Justice of the Patna High Court was Sir Edward Maynard Des Champs Chamier.
- Sir Syed Fazl Ali became the first Indian Chief Justice of Patna High Court in 1943, while Pandit Lakshmi Kant Jha was the first Indian Chief Justice after independence.
- Patna University was established in October 1917 under the Patna University Act, 1917.
- The first Vice-Chancellor of Patna University was J. G. Jennings.
- Patna Museum was established in April 1917 for the preservation of historical and archaeological artifacts of Bihar and Orissa.
- The Prince of Wales Medical College (now Patna Medical College and Hospital - PMCH) was founded in 1925.
- The prestigious Patna Science College was formally established in the year 1927.
- Mahatma Gandhi inaugurated 'Bihar Vidyapeeth' in Patna on 6 February 1921 to impart national education.
- Maulana Mazharul Haque founded 'Sadaqat Ashram' near Digha, Patna in 1921 on land donated by his friend Khairun Mian.
- Khuda Bakhsh Oriental Public Library was opened to the public on 29 October 1891 by Khan Bahadur Khuda Bakhsh.
- The Imperial Agricultural Research Institute was founded at Pusa (Samastipur) in 1905 with the aid of American philanthropist Henry Phipps.
Table
- संस्था का नाम: खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी · स्थापना वर्ष: 1891 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: खान बहादुर खुदा बख्श खान (1969 में राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित)
- संस्था का नाम: पूसा कृषि संस्थान (IARI) · स्थापना वर्ष: 1905 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: लॉर्ड कर्जन / हेनरी फिप्स (1934 भूकंप के बाद दिल्ली स्थानांतरित)
- संस्था का नाम: पटना उच्च न्यायालय · स्थापना वर्ष: 1916 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: उद्घाटन: 3 फरवरी 1916; प्रथम मुख्य न्यायाधीश: सर एडवर्ड चामियर
- संस्था का नाम: पटना विश्वविद्यालय · स्थापना वर्ष: 1917 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: प्रथम कुलपति: जे. जी. जेनिंग्स; 7वाँ सबसे पुराना विश्वविद्यालय
- संस्था का नाम: पटना संग्रहालय · स्थापना वर्ष: 1917 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: एडवर्ड गेट के प्रयासों से; दीदारगंज यक्षी की मूर्ति यहीं संरक्षित है
- संस्था का नाम: सदाकत आश्रम · स्थापना वर्ष: 1921 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: मौलाना मज़हरुल हक द्वारा स्थापित; राष्ट्रीय आंदोलन का प्रमुख केंद्र
- संस्था का नाम: बिहार विद्यापीठ · स्थापना वर्ष: 1921 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: महात्मा गांधी द्वारा 6 फरवरी 1921 को उद्घाटन; ब्रजकिशोर प्रसाद व डॉ. राजेंद्र प्रसाद जुड़े
- संस्था का नाम: प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज (PMCH) · स्थापना वर्ष: 1925 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: बिहार का पहला मेडिकल कॉलेज
- संस्था का नाम: पटना साइंस कॉलेज · स्थापना वर्ष: 1927 · संबद्ध प्रमुख व्यक्ति / विवरण: विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र
Practice questions (solved)
- Q 6: पटना उच्च न्यायालय ने औपचारिक रूप से किस वर्ष और किस तिथि से कार्य करना शुरू किया था?
(क) 1 दिसंबर 1913 (ख) 22 मार्च 1912 (ग) 3 फरवरी 1916 (घ) 1 अप्रैल 1917
- ✔ Answer: (ग) 3 फरवरी 1916 — पटना उच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन और कार्य प्रारंभ 3 फरवरी 1916 को हुआ था, जबकि इसकी आधारशिला 1913 में रखी गई थी।
- Q 7: पटना विश्वविद्यालय की स्थापना निम्नलिखित में से किस वर्ष की गई थी?
(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921
- ✔ Answer: (ग) 1917 — पटना विश्वविद्यालय की स्थापना अक्टूबर 1917 में पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1917 के तहत की गई थी।
- Q 8: पटना मेडिकल कॉलेज (पूर्व नाम: प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
(क) 1921 (ख) 1925 (ग) 1927 (घ) 1930
- ✔ Answer: (ख) 1925 — प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1925 में पटना में की गई थी, जिसे अब PMCH कहा जाता है।
- Q 9: बिहार में राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1921 में 'बिहार विद्यापीठ' का उद्घाटन किसने किया था?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मज़हरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
- ✔ Answer: (ग) महात्मा गांधी — महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के दौरान 6 फरवरी 1921 को पटना में बिहार विद्यापीठ का औपचारिक उद्घाटन किया था।
- Q 10: निम्नलिखित युग्मों (संस्था और स्थापना वर्ष) पर विचार कीजिए:
1. पटना उच्च न्यायालय - 1916
2. पटना संग्रहालय - 1917
3. पटना साइंस कॉलेज - 1927
उपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 — पटना उच्च न्यायालय 1916, पटना संग्रहालय 1917 और पटना साइंस कॉलेज 1927 - तीनों ही युग्म पूर्णतः सही हैं।
- Q 11: पटना उच्च न्यायालय के प्रथम भारतीय मुख्य न्यायाधीश (स्वतंत्रता पूर्व) कौन थे?
(क) पंडित लक्ष्मीकांत झा (ख) सर सैयद फजल अली (ग) सर एडवर्ड चामियर (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
- ✔ Answer: (ख) सर सैयद फजल अली — सर सैयद फजल अली वर्ष 1943 में पटना उच्च न्यायालय के पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश बने थे।
How it is asked
BPSC frequently tests the exact founding years of Patna High Court (1916) and Patna University (1917). Questions on other colonial-era institutions such as PMCH (1925), Bihar Vidyapeeth (1921), and Sadaqat Ashram appear as direct MCQs or match-the-column questions focusing on years and personalities.
Do not confuse
- ✘ पटना उच्च न्यायालय (1916) और पटना विश्वविद्यालय (1917) के वर्षों में छात्र भ्रमित होते हैं; उच्च न्यायालय 1916 में खुला था और विश्वविद्यालय 1917 में।
- ✘ पटना उच्च न्यायालय का शिलान्यास 1913 में हुआ था जबकि इसका उद्घाटन 1916 में; BPSC सामान्यतः उद्घाटन/कार्य प्रारंभ वर्ष (1916) ही पूछता है।
- ✘ सर एडवर्ड चामियर प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे, जबकि सर सैयद फजल अली पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश थे तथा पंडित लक्ष्मीकांत झा स्वतंत्रता पश्चात के पहले भारतीय मुख्य न्यायाधीश थे।
💡 क्रम याद रखें: '16 में कोर्ट, 17 में यूनिवर्सिटी और म्यूजियम, 21 में विद्यापीठ व आश्रम, 25 में मेडिकल कॉलेज' (16-कोर्ट, 17-यूनिवर्सिटी/म्यूजियम, 21-विद्यापीठ, 25-PMCH)।
Major Newspapers and Journals of Bihar
During the 19th and 20th centuries, newspapers and periodicals in Bihar played a historic role in awakening national consciousness and shaping modern Bihar. 'Bihar Bandhu', started in 1872, was the first Hindi newspaper of the province and provided a platform for public causes in the Devanagari script. In 1894, 'The Behar Times', founded by Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan, laid the ideological foundation for the separation of Bihar from Bengal. During the freedom struggle, nationalist leaders like Dr. Rajendra Prasad and Maulana Mazharul Haque used publications like 'Searchlight', 'Desh', and 'The Motherland' to mobilize the masses. Additionally, peasant leaders like Swami Sahajanand Saraswati propagated the agrarian movement through the weekly journal 'Hunkar'.
Key facts
- The first Hindi weekly newspaper of Bihar was 'Bihar Bandhu', started in 1872 by Keshav Ram Bhatt from Biharsharif.
- 'Bihar Bandhu' was shifted from Biharsharif to Patna in 1874 and Bihar Bandhu Press was established for it.
- The first English newspaper of Bihar was 'The Bihar Herald', published in 1875 by Babu Guru Prasad Sen.
- The first Urdu newspaper in Bihar was 'Nur-ul-Anwar', published from Arrah in 1853 by Syed Mohammad Hashim.
- In 1894, 'The Behar Times' was launched with Mahesh Narayan as its founding editor alongside Sachchidananda Sinha.
- 'The Behar Times' played the most influential and decisive role in the movement for a separate Bihar province.
- In 1906, 'The Behar Times' and 'Bihar News' merged to form 'The Beharee', which became a daily in 1912.
- The publication of 'The Searchlight' began on 15 July 1918 from Patna as a bi-weekly English newspaper.
- The first editor of 'Searchlight' was Syed Haider Hussain, while Murli Manohar Prasad became its longest-serving and famous editor.
- To propagate the Non-Cooperation Movement, Maulana Mazharul Haque started the English journal 'The Motherland' from Sadaqat Ashram in September 1921.
- Dr. Rajendra Prasad edited and published the Hindi weekly 'Desh' from Patna in 1920 to spread nationalist ideas.
- Maharaja Kameshwar Singh of Darbhanga started the English daily 'The Indian Nation' in 1931 and the Hindi daily 'Aryavarta' in 1941.
- Swami Sahajanand Saraswati and Rahul Sankrityayan launched the peasant journal 'Hunkar' from Patna in 1940.
- Rambriksh Benipuri edited the progressive youth journal 'Yuvak' from Patna in 1929.
Table
- समाचार पत्र / पत्रिका: नूर-उल-अनवार · वर्ष: 1853 · भाषा: उर्दू · संस्थापक / संपादक: सैयद मोहम्मद हाशिम · स्थान / विशेष तथ्य: आरा (बिहार का पहला उर्दू अखबार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: बिहार बंधु · वर्ष: 1872 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: केशव राम भट्ट, मदन मोहन भट्ट · स्थान / विशेष तथ्य: बिहारशरीफ (1874 में पटना स्थानांतरित, पहला हिंदी पत्र)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द बिहार हेराल्ड · वर्ष: 1875 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: बाबू गुरु प्रसाद सेन · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (बिहार का पहला अंग्रेजी पत्र)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द बिहार टाइम्स · वर्ष: 1894 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: महेश नारायण (संपादक), सचिदानंद सिन्हा · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (पृथक बिहार निर्माण का मुख्य प्रचारक)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द सर्चलाइट · वर्ष: 1918 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: सैयद हैदर हुसैन, मुरली मनोहर प्रसाद · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (राष्ट्रीय आंदोलन में प्रमुख भूमिका)
- समाचार पत्र / पत्रिका: देश · वर्ष: 1920 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: डॉ. राजेंद्र प्रसाद · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द मदरलैंड · वर्ष: 1921 · भाषा: अंग्रेजी · संस्थापक / संपादक: मौलाना मजहरुल हक · स्थान / विशेष तथ्य: सदाकत आश्रम, पटना (असहयोग आंदोलन)
- समाचार पत्र / पत्रिका: युवक · वर्ष: 1929 · भाषा: हिंदी मासिक · संस्थापक / संपादक: रामवृक्ष बेनीपुरी · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (क्रांतिकारी/प्रगतिशील विचार)
- समाचार पत्र / पत्रिका: द इंडियन नेशन · वर्ष: 1931 · भाषा: अंग्रेजी दैनिक · संस्थापक / संपादक: महाराजा कामेश्वर सिंह · स्थान / विशेष तथ्य: दरभंगा/पटना
- समाचार पत्र / पत्रिका: हुंकार · वर्ष: 1940 · भाषा: हिंदी साप्ताहिक · संस्थापक / संपादक: स्वामी सहजानंद सरस्वती, राहुल सांकृत्यायन · स्थान / विशेष तथ्य: पटना (किसान आंदोलन का मुख्य मुखपत्र)
Practice questions (solved)
- Q 12: बिहार का प्रथम हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र कौन-सा था और इसका प्रकाशन कब हुआ था?
(क) बिहार बंधु, 1872 (ख) द बिहार हेराल्ड, 1875 (ग) सर्वहितैषी, 1890 (घ) देश, 1920
- ✔ Answer: (क) बिहार बंधु, 1872 — 'बिहार बंधु' 1872 में केशव राम भट्ट द्वारा बिहारशरीफ से प्रकाशित राज्य का पहला हिंदी साप्ताहिक था।
- Q 13: बंगाल से अलग कर बिहार को एक स्वतंत्र प्रांत बनाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाने वाला समाचार पत्र 'द बिहार टाइम्स' किस वर्ष शुरू हुआ था?
(क) 1875 (ख) 1894 (ग) 1906 (घ) 1912
- ✔ Answer: (ख) 1894 — 'द बिहार टाइम्स' का प्रकाशन 1894 में महेश नारायण और सचिदानंद सिन्हा के प्रयासों से प्रारंभ हुआ था।
- Q 14: असहयोग आंदोलन के दौरान पटना के सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' नामक अंग्रेजी समाचार पत्र किसने प्रारंभ किया था?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) सचिदानंद सिन्हा (घ) हसन इमाम
- ✔ Answer: (ख) मौलाना मजहरुल हक — मौलाना मजहरुल हक ने सितंबर 1921 में सदाकत आश्रम से 'द मदरलैंड' का प्रकाशन राष्ट्रीय आंदोलन के प्रचारार्थ किया था।
- Q 15: बिहार के प्रसिद्ध अंग्रेजी दैनिक 'सर्चलाइट' के लंबे समय तक मुख्य संपादक निम्नलिखित में से कौन रहे?
(क) गुरु प्रसाद सेन (ख) मुरली मनोहर प्रसाद (ग) महेश नारायण (घ) सैयद हैदर हुसैन
- ✔ Answer: (ख) मुरली मनोहर प्रसाद — 'सर्चलाइट' के पहले संपादक सैयद हैदर हुसैन थे, परंतु इसके सबसे विख्यात और दीर्घकालिक संपादक मुरली मनोहर प्रसाद रहे।
- Q 16: निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. द बिहार हेराल्ड - गुरु प्रसाद सेन
2. हुंकार - स्वामी सहजानंद सरस्वती
3. युवक - रामवृक्ष बेनीपुरी
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 सभी — द बिहार हेराल्ड (1875) गुरु प्रसाद सेन द्वारा, हुंकार (1940) स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा और युवक (1929) रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संचालित थे।
- Q 17: दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह द्वारा 1931 में कौन-सा प्रसिद्ध अंग्रेजी दैनिक अखबार पटना से शुरू कराया गया था?
(क) द इंडियन नेशन (ख) आर्यावर्त (ग) द मदरलैंड (घ) द स्टेट्समैन
- ✔ Answer: (क) द इंडियन नेशन — 1931 में महाराजा कामेश्वर सिंह ने 'द इंडियन नेशन' (अंग्रेजी) और 1941 में 'आर्यावर्त' (हिंदी) की शुरुआत की थी।
How it is asked
In BPSC Prelims, questions on Bihar's press are frequently framed around publication years, founding editors, language of the newspaper, and their political alignment with freedom movements like the Bihar separation campaign, Non-Cooperation, or Kisan movements.
Do not confuse
- ✘ 'द बिहार हेराल्ड' (1875) बिहार का पहला अंग्रेजी पत्र था, जबकि 'बिहार बंधु' (1872) पहला हिंदी पत्र था; दोनों के वर्षों और भाषाओं में छात्र भ्रमित होते हैं।
- ✘ 'द मदरलैंड' मौलाना मजहरुल हक द्वारा सदाकत आश्रम से शुरू किया गया था, जबकि 'देश' पत्र उसी परिसर/काल में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा संपादित था।
💡 याद रखें कोड: '72 में बंधु (हिंदी), 75 में हेराल्ड (अंग्रेजी)' - 1872 बिहार बंधु, 1875 बिहार हेराल्ड।
Bihar in the Constituent Assembly, first CM and Governor
Bihar played a pivotal role in the framing of the Indian Constitution, providing both the temporary and permanent presidents of the Constituent Assembly. Dr. Sachchidanand Sinha presided over the inaugural meeting, followed by Dr. Rajendra Prasad's election as the permanent chairman. Politically, the state saw its first Indian administration under Muhammad Yunus in 1937, while Shri Krishna Singh became the first Chief Minister after independence. The transition from British-appointed governors like Charles Stuart Bailey to Indian leaders like Jairamdas Daulatram marks the state's journey toward democratic governance. This period also highlights the appointment of S.P. Sinha as the first Indian Governor during the British era.
Key facts
- December 9, 1946: Dr. Sachchidanand Sinha became the first temporary Chairman of the Constituent Assembly.
- December 11, 1946: Dr. Rajendra Prasad was elected as the permanent Chairman of the Constituent Assembly.
- Muhammad Yunus became the first Indian Chief Minister (then called Prime Minister) of Bihar in 1937.
- Shri Krishna Singh was the first Satyagrahi from Bihar and the first Chief Minister after independence.
- Satyendra Prasanna Sinha (S.P. Sinha) became the first Indian Governor of Bihar in 1921.
- Jairamdas Daulatram was the first Governor of Bihar after independence (August 15, 1947).
- President's Rule was first imposed in Bihar in June 1968 during Governor Nityanand Kanungo's tenure.
- James Sifton was the Governor of Bihar when Odisha separated in 1936.
- In the Central Assembly, Congress won 6 out of 10 general seats from Bihar.
Table
- पद: अस्थायी अध्यक्ष (संविधान सभा) · नाम: सच्चिदानंद सिन्हा · समय/संदर्भ: 9 दिसंबर 1946
- पद: स्थायी अध्यक्ष (संविधान सभा) · नाम: डॉ. राजेंद्र प्रसाद · समय/संदर्भ: 11 दिसंबर 1946
- पद: प्रथम मुख्यमंत्री (1937) · नाम: मोहम्मद यूनुस · समय/संदर्भ: ब्रिटिश काल (प्रथम भारतीय)
- पद: प्रथम मुख्यमंत्री (स्वतंत्रता बाद) · नाम: श्री कृष्ण सिंह · समय/संदर्भ: 1947-1961
- पद: प्रथम भारतीय राज्यपाल · नाम: एस.पी. सिन्हा · समय/संदर्भ: 1921 (ब्रिटिश काल)
- पद: प्रथम राज्यपाल (स्वतंत्रता बाद) · नाम: जयरामदास दौलतराम · समय/संदर्भ: 15 अगस्त 1947
Practice questions (solved)
- Q 18: संविधान सभा के प्रथम अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) सच्चिदानंद सिन्हा (ग) एस.पी. सिन्हा (घ) अनुग्रह नारायण सिन्हा
- ✔ Answer: (ख) सच्चिदानंद सिन्हा — 9 दिसंबर 1946 को सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- Q 19: बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (1937 में) कौन बने थे?
(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) मोहम्मद यूनुस (ग) भोला पासवान शास्त्री (घ) अब्दुल बारी
- ✔ Answer: (ख) मोहम्मद यूनुस — 1937 के चुनावों के बाद मोहम्मद यूनुस बिहार के पहले भारतीय मुख्यमंत्री (प्रधानमंत्री) बने।
- Q 20: स्वतंत्रता के पश्चात बिहार के प्रथम राज्यपाल कौन थे?
(क) जयरामदास दौलतराम (ख) माधव श्रीहरि अणे (ग) नित्यानंद कानूनगो (घ) आर.आर. दिवाकर
- ✔ Answer: (क) जयरामदास दौलतराम — 15 अगस्त 1947 को जयरामदास दौलतराम ने बिहार के पहले राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला।
- Q 21: बिहार में पहली बार राष्ट्रपति शासन किस वर्ष लागू किया गया था?
(क) 1965 (ख) 1968 (ग) 1970 (घ) 1972
- ✔ Answer: (ख) 1968 — जून 1968 में मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री के कार्यकाल के दौरान पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा।
How it is asked
BPSC frequently asks direct questions about 'first' personalities, important dates (like Constituent Assembly meetings), and positions held at the time of independence.
Do not confuse
- ✘ मोहम्मद यूनुस (पहले भारतीय मुख्यमंत्री) और श्री कृष्ण सिंह (स्वतंत्रता के बाद पहले मुख्यमंत्री) के बीच भ्रम।
- ✘ सच्चिदानंद सिन्हा (अस्थायी अध्यक्ष) और डॉ. राजेंद्र प्रसाद (स्थायी अध्यक्ष) के बीच अक्सर छात्र गलती करते हैं।
💡 'सच्चा राज' - पहले 'सच्चा' (सच्चिदानंद - अस्थायी) फिर 'राज' (राजेंद्र प्रसाद - स्थायी)।
Bihar Post-1947: Land Reforms, JP Movement, and Creation of Jharkhand
After independence in 1947, Bihar experienced major socio-political transformations. The Bihar Land Reforms Act of 1950 was enacted to abolish the Zamindari system, making Bihar the first state in India to pass such a law. In 1974, Jayaprakash Narayan (JP) launched the 'Total Revolution' movement from Gandhi Maidan in Patna, profoundly shaping national politics. On 15 November 2000, commemorating Birsa Munda's birth anniversary, Bihar was reorganized to create the state of Jharkhand. During bifurcation, 18 districts (45.85% area) went to Jharkhand, leaving Bihar with 37 districts (54.15% area), with Arwal later created as Bihar's 38th district in 2001.
Key facts
- The Bihar Land Reforms Act was passed in 1950, making Bihar the first state in India to enact a Zamindari abolition law.
- Vinoba Bhave's Bhoodan Movement in Bihar began in 1953 from Gaya district.
- On 5 June 1974, Jayaprakash Narayan (JP) gave the call for 'Total Revolution' from Gandhi Maidan (formerly Patna Lawn) in Patna.
- The JP movement formally began in March 1974 with the student movement led by the Bihar Chhatra Sangharsh Samiti.
- Jharkhand became the 28th state of India on 15 November 2000 under the Bihar Reorganisation Act, 2000.
- The date 15 November was chosen for Jharkhand's formation as it marks the birth anniversary of tribal hero Birsa Munda.
- At the time of bifurcation in 2000, 18 districts (45.85% of total area) were allocated to Jharkhand.
- Immediately after bifurcation, Bihar retained 37 districts (54.15% area), and Arwal was carved out of Jehanabad in August 2001 as the 38th district.
- The first historical mention of the word 'Jharkhand' is found in a 13th-century copper plate inscription.
- Post-independence, the first Chief Minister of Bihar was Dr. Srikrishna Sinha and the first Governor was Jairamdas Daulatram.
- The Bihar Land Reforms (Fixation of Ceiling Area and Acquisition of Surplus Land) Act was enacted in 1961.
Table
- घटना / अधिनियम: बिहार भूमि सुधार अधिनियम · वर्ष / तिथि: 1950 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जमींदारी उन्मूलन कानून बनाने वाला भारत का पहला राज्य बना
- घटना / अधिनियम: भूदान आंदोलन (बिहार) · वर्ष / तिथि: 1953 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: संत विनोबा भावे द्वारा गया जिले से बिहार में आरंभ
- घटना / अधिनियम: संपूर्ण क्रांति (जेपी आंदोलन) · वर्ष / तिथि: 5 जून 1974 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जयप्रकाश नारायण द्वारा पटना के गांधी मैदान से उद्घोष
- घटना / अधिनियम: झारखंड राज्य का गठन · वर्ष / तिथि: 15 नवंबर 2000 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: 18 जिलों (45.85% क्षेत्र) के साथ भारत का 28वां राज्य बना
- घटना / अधिनियम: अरवल जिला निर्माण · वर्ष / तिथि: अगस्त 2001 · मुख्य विशेषता एवं प्रभाव: जहानाबाद से अलग कर बिहार का 38वां जिला बना
Practice questions (solved)
- Q 22: 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर नए झारखंड राज्य का गठन हुआ। विभाजन के समय बिहार के कुल कितने जिले झारखंड में शामिल किए गए थे?
(क) 16 जिले (ख) 18 जिले (ग) 22 जिले (घ) 24 जिले
- ✔ Answer: (ख) 18 जिले — 15 नवंबर 2000 के विभाजन के समय बिहार के 18 जिले (45.85% क्षेत्रफल) पृथक झारखंड राज्य में शामिल किए गए थे।
- Q 23: वर्ष 1974 में ऐतिहासिक 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) का आह्वान जयप्रकाश नारायण द्वारा किस स्थान से किया गया था?
(क) सदाकत आश्रम, पटना (ख) गांधी मैदान, पटना (ग) तिलका मांझी चौक, भागलपुर (घ) सचिवालय प्रांगन, पटना
- ✔ Answer: (ख) गांधी मैदान, पटना — 5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से संपूर्ण क्रांति की घोषणा की थी।
- Q 24: स्वतंत्र भारत में जमींदारी उन्मूलन कानून (भूमि सुधार अधिनियम) पारित करने वाला देश का पहला राज्य कौन-सा था?
(क) उत्तर प्रदेश (ख) बिहार (ग) पश्चिम बंगाल (घ) तमिलनाडु
- ✔ Answer: (ख) बिहार — बिहार वर्ष 1950 में बिहार भूमि सुधार अधिनियम पारित कर जमींदारी उन्मूलन करने वाला भारत का पहला राज्य बना था।
- Q 25: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 15 नवंबर 2000 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड का गठन हुआ।
2. विभाजन के समय बिहार में 37 जिले शेष बचे थे।
3. जहानाबाद से अलग कर अरवल को बिहार का 38वां जिला बनाया गया।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 — तीनों कथन ऐतिहासिक रूप से सही हैं; विभाजन पर 37 जिले बचे थे और अगस्त 2001 में अरवल 38वां जिला बना।
- Q 26: आदिवासी बहुल क्षेत्र के संदर्भ में 'झारखंड' शब्द का प्रथम ऐतिहासिक उल्लेख किस शताब्दी के दस्तावेज में मिलता है?
(क) 11वीं शताब्दी (ख) 13वीं शताब्दी (ग) 15वीं शताब्दी (घ) 17वीं शताब्दी
- ✔ Answer: (ख) 13वीं शताब्दी — ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार 'झारखंड' शब्द का प्रथम उल्लेख 13वीं शताब्दी के ताम्रपत्र में हुआ है।
How it is asked
BPSC asks questions on the date of Jharkhand's creation (15 Nov 2000), the number of split districts (18 districts / 45.85% area), the JP Movement (1974, Gandhi Maidan), and the Bihar Land Reforms Act 1950.
Do not confuse
- ✘ विभाजन के समय (2000) झारखंड को 18 जिले दिए गए थे, लेकिन वर्तमान समय में झारखंड में कुल 24 जिले हैं।
- ✘ विभाजन के समय बिहार में 37 जिले ही बचे थे; बिहार का 38वां जिला 'अरवल' बाद में वर्ष 2001 में जहानाबाद से अलग करके बनाया गया।
💡 15 नव 2000 को 18 जिले झारखंड गए, 37 बिहार में रहे, 38वां अरवल बना।
Quick revision
- Sachchidananda Sinha and Mahesh Narayan led the movement for a separate Bihar.
- Bihar was separated from Bengal on March 22, 1912.
- Patna High Court was established on February 3, 1916.
- Patna University was established on October 1, 1917.
- Bihar and Orissa were separated on April 1, 1936.
- 'Bihar Bandhu' (1872) was the first Hindi newspaper from Bihar.
- 'Searchlight' started publication in 1918, replacing 'The Beharee'.
- Dr. Rajendra Prasad was elected as the permanent President of the Constituent Assembly.
- Shri Krishna Singh became the first Chief Minister (then Premier) of Bihar.
- Jairamdas Daulatram was the first Governor of Bihar after independence.
- In 1974, Jayaprakash Narayan called for 'Total Revolution' against corruption.
- Jharkhand state was formed by separating from Bihar on November 15, 2000.