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BPSC CCEभारतीय राजव्यवस्थासंविधान निर्माण, प्रस्तावना और मुख्य विशेषताएँ
Making of the Constitution, Preamble and Salient Features
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य परीक्षा (GS Paper 2) में भारतीय राजव्यवस्था के दार्शनिक आधार को समझने के लिए यह आधारभूत खंड है।
संविधान सभा: गठन, सत्र और प्रमुख व्यक्तित्व
भारतीय संविधान का निर्माण एक निर्वाचित संविधान सभा द्वारा किया गया, जिसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। इस ऐतिहासिक सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सर्वसम्मति से अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था। इसके ठीक दो दिन बाद, 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सभा का स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। संविधान सभा ने विभिन्न समितियों के माध्यम से कार्य किया, जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने संचालन और नियम समिति जैसी महत्वपूर्ण समितियों का नेतृत्व किया। बिहार के इन दो महान नेताओं ने न केवल संविधान निर्माण में बल्कि आधुनिक बिहार के गठन और स्वतंत्रता संग्राम में भी अमूल्य योगदान दिया। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद आगे चलकर 1952 में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
मुख्य तथ्य
- 9 दिसंबर 1946: संविधान सभा की प्रथम बैठक डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा की अस्थायी अध्यक्षता में हुई।
- 11 दिसंबर 1946: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा: इन्हें 'आधुनिक बिहार का जनक' कहा जाता है और इन्होंने 'बिहार टाइम्स' पत्रिका का संपादन किया।
- नमक सत्याग्रह (बिहार): डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इसकी रूपरेखा तैयार की और 6 अप्रैल 1930 की तिथि निर्धारित की थी।
- जेल प्रवास (1930): 5 जुलाई 1930 को गिरफ्तारी के बाद राजेन्द्र प्रसाद को हजारीबाग जेल भेजा गया था।
- बांकीपुर जेल: 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान राजेन्द्र प्रसाद को इसी जेल में रखा गया था।
- 1934 का भूकंप: मुंगेर में आए विनाशकारी भूकंप के समय राजेन्द्र प्रसाद ने राहत प्रयासों का नेतृत्व किया था।
- शहीद स्मारक (पटना): पटना सचिवालय स्थित इस स्मारक का औपचारिक अनावरण 1956 में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने किया था।
- राष्ट्रीय ध्वज: संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया था।
तालिका
- पद/भूमिका: अस्थायी अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा · महत्वपूर्ण तथ्य: 9 दिसंबर 1946 को नियुक्त
- पद/भूमिका: स्थायी अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद · महत्वपूर्ण तथ्य: 11 दिसंबर 1946 को निर्वाचित
- पद/भूमिका: आधुनिक बिहार के जनक · व्यक्तित्व: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा · महत्वपूर्ण तथ्य: बिहार टाइम्स के संपादक
- पद/भूमिका: नियम/संचालन समिति अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद · महत्वपूर्ण तथ्य: संविधान सभा की कार्यप्रणाली का नेतृत्व
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसे चुना गया था?
(क) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (ख) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (घ) जवाहरलाल नेहरू
- ✔ उत्तर: (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — 9 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- प्रश्न 2: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष कब निर्वाचित किया गया?
(क) 9 दिसंबर 1946 (ख) 11 दिसंबर 1946 (ग) 13 दिसंबर 1946 (घ) 26 जनवरी 1947
- ✔ उत्तर: (ख) 11 दिसंबर 1946 — पहली बैठक के दो दिन बाद 11 दिसंबर 1946 को उन्हें स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- प्रश्न 3: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को किस जेल में कैद किया गया था?
(क) हजारीबाग जेल (ख) बांकीपुर जेल (ग) यरवदा जेल (घ) कैंप जेल
- ✔ उत्तर: (ख) बांकीपुर जेल — 9 अगस्त 1942 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटना की बांकीपुर जेल में रखा गया था।
- प्रश्न 4: निम्नलिखित में से किसे 'आधुनिक बिहार का जनक' माना जाता है?
(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) अनुग्रह नारायण सिन्हा (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (घ) मजहरुल हक
- ✔ उत्तर: (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को बिहार को एक अलग प्रांत बनाने के प्रयासों के कारण आधुनिक बिहार का जनक कहा जाता है।
- प्रश्न 5: संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को किस तिथि को अपनाया गया?
(क) 15 अगस्त 1947 (ख) 26 जनवरी 1950 (ग) 22 जुलाई 1947 (घ) 24 जनवरी 1950
- ✔ उत्तर: (ग) 22 जुलाई 1947 — संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 65] संविधान सभा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज किस तिथि को अपनाया गया ?
(क) 24 जनवरी 1950 (ख) 26 नवम्बर 1950 (ग) 22 जुलाई 1947 (घ) 26 जनवरी 1950
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) 22 जुलाई 1947 — संविधान सभा ने अपनी कार्यवाही के दौरान 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में इस विषय से अक्सर संविधान सभा की बैठकों की सटीक तारीखें, अस्थायी बनाम स्थायी अध्यक्ष, और बिहार के नेताओं (राजेन्द्र प्रसाद और सच्चिदानंद सिन्हा) की विशिष्ट भूमिकाओं और उनकी जेल यात्राओं के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ अस्थायी अध्यक्ष (सिन्हा) और स्थायी अध्यक्ष (प्रसाद) के बीच भ्रम।
- ✘ 1930 की गिरफ्तारी (हजारीबाग जेल) और 1942 की गिरफ्तारी (बांकीपुर जेल) के स्थान में भ्रम।
💡 9 को सिन्हा (अस्थायी), 11 को प्रसाद (स्थायी) - बस दो दिन का अंतर याद रखें।
प्रस्तावना: शब्द और संशोधन
भारतीय संविधान की प्रस्तावना संविधान के सार, दर्शन और उद्देश्यों को प्रस्तुत करती है, जिसे एन.ए. पालकीवाला ने संविधान का 'परिचय पत्र' कहा था। यह पंडित नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को पेश किए गए 'उद्देश्य प्रस्ताव' पर आधारित है। प्रस्तावना की शुरुआत 'हम भारत के लोग' से होती है, जो यह स्पष्ट करता है कि भारत की संप्रभुता जनता में निहित है। इसमें भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय, पांच प्रकार की स्वतंत्रता और दो प्रकार की समानता का उल्लेख है। 1976 के 42वें संशोधन द्वारा इसमें तीन नए शब्द जोड़े गए थे, जो इसकी सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।
मुख्य तथ्य
- प्रस्तावना का आधार पंडित नेहरू द्वारा प्रस्तुत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (13 दिसंबर 1946) है।
- प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा संशोधन किया गया है।
- 42वें संशोधन द्वारा तीन शब्द जोड़े गए: समाजवादी (Socialist), पंथनिरपेक्ष (Secular) और अखंडता (Integrity)।
- प्रस्तावना में न्याय के तीन रूप हैं: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक (रूसी क्रांति से प्रेरित)।
- स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्श फ्रांस की क्रांति (1789-1799) से लिए गए हैं।
- केशवानंद भारती मामले (1973) में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना को संविधान का अंग माना।
- बेरुबारी यूनियन मामले (1960) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रस्तावना संविधान का अंग नहीं है।
- प्रस्तावना में पांच प्रकार की स्वतंत्रता है: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना।
- प्रस्तावना में दो प्रकार की समानता है: प्रतिष्ठा और अवसर की समता।
- प्रस्तावना में संविधान को अपनाने की तिथि 26 नवंबर 1949 का उल्लेख है।
- प्रस्तावना न्यायालय में प्रवर्तनीय (Justiciable) नहीं है।
- के.एम. मुंशी ने प्रस्तावना को भारतीय संविधान की 'राजनीतिक कुंडली' (Political Horoscope) कहा था।
तालिका
- श्रेणी: न्याय · विवरण: सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक · संख्या/स्रोत: 3 (रूसी क्रांति)
- श्रेणी: स्वतंत्रता · विवरण: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना · संख्या/स्रोत: 5 (फ्रांसीसी क्रांति)
- श्रेणी: समानता · विवरण: प्रतिष्ठा और अवसर · संख्या/स्रोत: 2
- श्रेणी: 42वां संशोधन · विवरण: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता · संख्या/स्रोत: 1976
- श्रेणी: प्रकृति · विवरण: गैर-न्यायिक (Non-justiciable) · संख्या/स्रोत: न्यायालय द्वारा लागू नहीं
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' शब्द किस संशोधन के तहत जोड़ा गया?
(क) 44वां संशोधन (ख) 42वां संशोधन (ग) 73वां संशोधन (घ) 86वां संशोधन
- ✔ उत्तर: (ख) 42वां संशोधन — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 के द्वारा प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए थे।
- प्रश्न 7: प्रस्तावना में कितने प्रकार के न्याय का उल्लेख किया गया है?
(क) दो (ख) तीन (ग) चार (घ) पांच
- ✔ उत्तर: (ख) तीन — प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय - सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक का उल्लेख है।
- प्रश्न 8: निम्न में से कौन सा शब्द 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत संविधान की प्रस्तावना में सम्मिलित नहीं था?
1. समाजवादी
2. पंथनिरपेक्ष
3. अखंडता
4. गणराज्य
(क) 1, 2 और 3 (ख) 2, 3 और 4 (ग) 1, 2 और 4 (घ) केवल 3
- ✔ उत्तर: (क) 1, 2 और 3 — समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्दों को 1976 में जोड़ा गया था, अतः ये मूल प्रस्तावना में नहीं थे।
- प्रश्न 9: किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार घोषित किया कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है?
(क) केशवानंद भारती मामला (ख) गोलकनाथ मामला (ग) बेरुबारी मामला (घ) मिनर्वा मिल्स मामला
- ✔ उत्तर: (ग) बेरुबारी मामला — 1960 के बेरुबारी यूनियन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना को संविधान का अंग नहीं माना था।
- प्रश्न 10: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया है?
(क) एक सार्वभौम, लोकतांत्रिक गणराज्य (ख) एक समाजवादी, लोकतांत्रिक गणराज्य (ग) एक सार्वभौम, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य (घ) एक गणराज्य
- ✔ उत्तर: (ग) एक सार्वभौम, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य — प्रस्तावना में भारत को 'संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न (सार्वभौम), समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य' कहा गया है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 28] 42वें संशोधन द्वारा कौन-से दो शब्द प्रस्तावना में जोडे गए ?
(क) गणराज्य एवं धर्मनिरपेक्ष (ख) प्रजातान्त्रिक एवं समाजवादी (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी (घ) समाजवादी एवं प्रभुसत्तासम्पन्न
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी — 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में प्रस्तावना से अक्सर 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए शब्दों, न्याय/स्वतंत्रता के प्रकार और महत्वपूर्ण अदालती मामलों (जैसे केशवानंद भारती) पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर 'बेरुबारी' (अंग नहीं है) और 'केशवानंद भारती' (अंग है) के निर्णयों में भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ स्वतंत्रता के 5 प्रकारों और न्याय के 3 प्रकारों की संख्या में अक्सर गलती होती है।
💡 S-S-S-D-R (Sovereign, Socialist, Secular, Democratic, Republic) - यह प्रस्तावना के मुख्य शब्दों का सही क्रम याद रखने की ट्रिक है।
संविधान के विदेशी स्रोत
भारतीय संविधान का निर्माण करते समय संविधान सभा ने दुनिया के लगभग 60 देशों के संविधानों का अध्ययन किया था। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इसे 'विश्व के ज्ञात संविधानों को छानने के बाद' तैयार किया हुआ बताया। संविधान का सबसे बड़ा हिस्सा (लगभग दो-तिहाई) 'भारत शासन अधिनियम, 1935' से लिया गया है, जो इसके प्रशासनिक ढांचे का आधार है। अन्य देशों से लिए गए प्रावधानों को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालकर अपनाया गया है। उदाहरण के लिए, संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से ली गई है, जबकि मौलिक अधिकार अमेरिका से प्रेरित हैं। यह संश्लेषण भारतीय संविधान को एक अनूठा और व्यावहारिक दस्तावेज बनाता है।
मुख्य तथ्य
- भारत शासन अधिनियम 1935: संघीय योजना, राज्यपाल का कार्यालय, न्यायपालिका का ढांचा और लोक सेवा आयोग।
- ब्रिटेन: संसदीय शासन प्रणाली, विधि का शासन (Rule of Law), एकल नागरिकता और द्विसदनवाद।
- संयुक्त राज्य अमेरिका: मूल अधिकार, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, न्यायिक पुनरावलोकन और राष्ट्रपति पर महाभियोग।
- आयरलैंड: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP) और राज्यसभा के लिए सदस्यों का नामांकन।
- कनाडा: सशक्त केंद्र के साथ संघीय व्यवस्था और अवशिष्ट शक्तियों (Residuary Powers) का केंद्र के पास होना।
- ऑस्ट्रेलिया: समवर्ती सूची (Concurrent List) और संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108)।
- जर्मनी (वाइमर संविधान): आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों का स्थगन।
- सोवियत संघ (USSR): मौलिक कर्तव्य और प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय का आदर्श।
- फ्रांस: गणतंत्रात्मक ढांचा और प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता एवं बंधुता के आदर्श।
- दक्षिण अफ्रीका: संविधान संशोधन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) और राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन।
- जापान: विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure established by Law)।
तालिका
- देश: ब्रिटेन · मुख्य प्रावधान: संसदीय शासन, एकल नागरिकता, विधि का शासन
- देश: अमेरिका · मुख्य प्रावधान: मूल अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, महाभियोग
- देश: आयरलैंड · मुख्य प्रावधान: नीति निर्देशक तत्व, राज्यसभा में नामांकन
- देश: कनाडा · मुख्य प्रावधान: सशक्त केंद्र, अवशिष्ट शक्तियाँ, राज्यपाल की नियुक्ति
- देश: ऑस्ट्रेलिया · मुख्य प्रावधान: समवर्ती सूची, संयुक्त बैठक, प्रस्तावना की भाषा
- देश: दक्षिण अफ्रीका · मुख्य प्रावधान: संविधान संशोधन, राज्यसभा सदस्यों का चुनाव
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
(क) कनाडा (ख) ऑस्ट्रेलिया (ग) अमेरिका (घ) ग्रेट ब्रिटेन
- ✔ उत्तर: (ख) ऑस्ट्रेलिया — समवर्ती सूची और संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।
- प्रश्न 12: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के विचार को भारतीय संविधान में कहाँ से अपनाया गया है?
(क) फ्रांस का संविधान (ख) कनाडा का संविधान (ग) आयरलैंड का संविधान (घ) जापान का संविधान
- ✔ उत्तर: (ग) आयरलैंड का संविधान — भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित नीति निर्देशक तत्व आयरलैंड से प्रेरित हैं।
- प्रश्न 13: कथन (A): भारतीय संविधान में अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास हैं।
कारण (R): यह प्रावधान कनाडा के संविधान से लिया गया है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है (ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है (ग) A सही है लेकिन R गलत है (घ) A गलत है लेकिन R सही है
- ✔ उत्तर: (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है — कनाडा से सशक्त केंद्र वाली संघीय व्यवस्था ली गई है जिसमें अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र को दी गई हैं।
- प्रश्न 14: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
(A) मौलिक अधिकार - (i) ब्रिटेन
(B) संसदीय प्रणाली - (ii) अमेरिका
(C) आपातकालीन प्रावधान - (iii) जर्मनी
(D) संशोधन प्रक्रिया - (iv) दक्षिण अफ्रीका
(क) A-i, B-ii, C-iii, D-iv (ख) A-ii, B-i, C-iii, D-iv (ग) A-ii, B-i, C-iv, D-iii (घ) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
- ✔ उत्तर: (ख) A-ii, B-i, C-iii, D-iv — मौलिक अधिकार अमेरिका से, संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से, आपातकाल जर्मनी से और संशोधन दक्षिण अफ्रीका से लिए गए हैं।
- प्रश्न 15: भारतीय संविधान में 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' किस देश से ली गई है?
(क) ब्रिटेन (ख) जापान (ग) कनाडा (घ) दक्षिण अफ्रीका
- ✔ उत्तर: (ख) जापान — जापान के संविधान से 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' ली गई है, जबकि 'विधि का शासन' ब्रिटेन से लिया गया है।
परीक्षा में कैसे आता है
बीपीएससी में इस विषय से अक्सर 'मिलान करें' (Match the following) वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। कभी-कभी सीधे तौर पर किसी विशिष्ट प्रावधान (जैसे समवर्ती सूची या नीति निर्देशक तत्व) का स्रोत पूछा जाता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ विधि का शासन (ब्रिटेन) और विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (जापान) के बीच अक्सर छात्र भ्रमित होते हैं।
- ✘ राज्यसभा में सदस्यों का 'नामांकन' आयरलैंड से लिया गया है, जबकि सदस्यों का 'निर्वाचन' दक्षिण अफ्रीका से लिया गया है।
💡 याद रखें: 'आयरन' (Iron) लेडी ने 'नीति' बनाई (आयरलैंड = नीति निर्देशक तत्व) और 'गर्व' (G-R-V) से 'गणतंत्र' बना (G-R-V: Germany-Republic-Veto नहीं, बल्कि France = Republic).
संविधान के भाग और अनुसूचियाँ
भारतीय संविधान को व्यवस्थित रखने के लिए इसे विभिन्न भागों (अध्यायों) और अनुसूचियों (परिशिष्टों) में विभाजित किया गया है। मूल संविधान में 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ थीं, लेकिन वर्तमान में संशोधनों के बाद 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं। भाग संविधान के मुख्य विषयों जैसे नागरिकता, मौलिक अधिकार और संघ सरकार को परिभाषित करते हैं। अनुसूचियाँ उन विषयों की विस्तृत सूची प्रदान करती हैं, जैसे राज्यों के नाम, वेतन, शपथ और भाषाएँ। BPSC परीक्षा में अक्सर यह पूछा जाता है कि कौन सा विषय किस अनुसूची या भाग के अंतर्गत आता है। यह संरचना शासन व्यवस्था को स्पष्ट और सुचारू बनाने में मदद करती है।
मुख्य तथ्य
- मूल संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं।
- वर्तमान में भारतीय संविधान में 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं।
- पहली अनुसूची में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नाम और उनके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र शामिल हैं।
- वर्ष 1956 में, पुरुलिया और पूर्णिया के कुछ हिस्सों को पश्चिम बंगाल में मिला दिया गया था।
- दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों और न्यायाधीशों की परिलब्धियों और भत्तों से संबंधित है।
- तीसरी अनुसूची में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों के लिए शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं।
- चौथी अनुसूची राज्यसभा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सीटों के आवंटन से संबंधित है।
- छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
- सातवीं अनुसूची संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से शक्तियों के विभाजन को दर्शाती है।
- आठवीं अनुसूची में संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं की सूची है।
- नौवीं अनुसूची को पहले संविधान संशोधन (1951) द्वारा भूमि सुधारों की रक्षा के लिए जोड़ा गया था।
- दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) को 52वें संशोधन, 1985 द्वारा जोड़ा गया था।
- ग्यारहवीं अनुसूची पंचायतों की शक्तियों और जिम्मेदारियों (29 विषय) से संबंधित है।
- बारहवीं अनुसूची नगर पालिकाओं की शक्तियों और जिम्मेदारियों (18 विषय) से संबंधित है।
तालिका
- अनुसूची: पहली · मुख्य विषय: राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के नाम · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: दूसरी · मुख्य विषय: वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: तीसरी · मुख्य विषय: शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: चौथी · मुख्य विषय: राज्यसभा में सीटों का आवंटन · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: सातवीं · मुख्य विषय: शक्तियों का विभाजन (संघ, राज्य, समवर्ती) · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: आठवीं · मुख्य विषय: मान्यता प्राप्त 22 भाषाएँ · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: नौवीं · मुख्य विषय: भूमि सुधार और कुछ अधिनियमों का सत्यापन · संबंधित संशोधन: 1st संशोधन (1951)
- अनुसूची: दसवीं · मुख्य विषय: दलबदल के आधार पर अयोग्यता · संबंधित संशोधन: 52वां संशोधन (1985)
- अनुसूची: ग्यारहवीं · मुख्य विषय: पंचायतों की शक्तियाँ (29 विषय) · संबंधित संशोधन: 73वां संशोधन (1992)
- अनुसूची: बारहवीं · मुख्य विषय: नगर पालिकाओं की शक्तियाँ (18 विषय) · संबंधित संशोधन: 74वां संशोधन (1992)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 16: भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दलबदल विरोधी कानून का प्रावधान है?
(क) आठवीं अनुसूची (ख) नौवीं अनुसूची (ग) दसवीं अनुसूची (घ) ग्यारहवीं अनुसूची
- ✔ उत्तर: (ग) दसवीं अनुसूची — दसवीं अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दलबदल के आधार पर अयोग्यता के लिए जोड़ा गया था।
- प्रश्न 17: छठी अनुसूची के प्रावधान निम्नलिखित में से किस राज्य में लागू नहीं होते हैं?
(क) असम (ख) मेघालय (ग) त्रिपुरा (घ) मणिपुर
- ✔ उत्तर: (घ) मणिपुर — छठी अनुसूची केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू होती है, मणिपुर पर नहीं।
- प्रश्न 18: संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के लिए कितने विषय निर्धारित किए गए हैं?
(क) 18 विषय (ख) 22 विषय (ग) 25 विषय (घ) 29 विषय
- ✔ उत्तर: (घ) 29 विषय — 73वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ी गई 11वीं अनुसूची में पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।
- प्रश्न 19: राज्यसभा में सीटों का आवंटन संविधान की किस अनुसूची के अंतर्गत आता है?
(क) तीसरी अनुसूची (ख) चौथी अनुसूची (ग) पांचवीं अनुसूची (घ) छठी अनुसूची
- ✔ उत्तर: (ख) चौथी अनुसूची — चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में सीटों के आवंटन से संबंधित है।
- प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
(क) दूसरी अनुसूची - शपथ (ख) आठवीं अनुसूची - भाषाएँ (ग) सातवीं अनुसूची - दलबदल (घ) नौवीं अनुसूची - राज्यसभा सीटें
- ✔ उत्तर: (ख) आठवीं अनुसूची - भाषाएँ — आठवीं अनुसूची में भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं का उल्लेख है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 60] निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
(क) राज्यसभा में सीटों का आवंटन- चौथी अनुसूची (ख) शपथ का प्रारूप - तीसरी अनुसूची (ग) अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन - छठी अनुसूची (घ) संघ सूची - सातवीं अनुसूची
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन - छठी अनुसूची — छठी अनुसूची केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के लिए है, जबकि सामान्य अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन पांचवीं अनुसूची में है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 38] संविधान की दसवीं अनुसूची से सम्बन्ध विषय को छोड़कर अन्य किसी आधार पर राज्य विधानसभा से अयोग्यता का निर्णय कौन करता है ?
(क) अध्यक्ष विधानसभा (ख) राज्यपाल (ग) उच्च न्यायालय (घ) राज्य चुनाव आयोग
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) राज्यपाल — दसवीं अनुसूची दलबदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित है, जिसका निर्णय सदन का अध्यक्ष करता है, जबकि अन्य आधारों पर निर्णय राज्यपाल करता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में इस विषय से अक्सर मिलान करने वाले प्रश्न (Match the following) पूछे जाते हैं, जहाँ एक तरफ अनुसूची और दूसरी तरफ उसका विषय दिया होता है। इसके अलावा, नए जोड़े गए अनुसूचियों (9वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं) के संशोधन वर्ष और छठी अनुसूची के राज्यों के नाम पर सीधे प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ दूसरी और तीसरी अनुसूची: छात्र अक्सर भूल जाते हैं कि दूसरी में 'वेतन' है और तीसरी में 'शपथ' (याद रखें: पहले पैसा/वेतन, फिर काम की शपथ)।
- ✘ 5वीं और 6वीं अनुसूची: 5वीं पूरे भारत के अनुसूचित क्षेत्रों के लिए है, जबकि 6वीं केवल 4 पूर्वोत्तर राज्यों (AMTM) के लिए है।
💡 अनुसूचियों को याद रखने की ट्रिक: 'TEARS OF OLD PM' (T-Territories, E-Emoluments, A-Affirmations, R-Rajya Sabha, S-Scheduled Areas, O-Other Areas, F-Federal List, O-Official Languages, L-Land Reforms, D-Defection, P-Panchayats, M-Municipalities).
संविधान की मुख्य विशेषताएँ: एकात्मक झुकाव के साथ संघात्मक ढांचा एवं संसदीय प्रणाली
भारतीय संविधान की सबसे प्रमुख विशेषता इसका संघात्मक रूप में होना किन्तु एकात्मकता की ओर मजबूत झुकाव रखना है। संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन है, फिर भी राष्ट्रीय हित और अखंडता के लिए केंद्र को अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। प्रसिद्ध संविधानविद् के. सी. ह्वीयर ने भारतीय संविधान को 'अर्द्ध-संघीय' (Quasi-Federal) कहा है। भारत में ब्रिटेन के मॉडल पर आधारित संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है जिसमें कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) सामूहिक रूप से विधायिका (लोकसभा) के प्रति उत्तरदायी होती है। इसके अलावा, भारत में एकीकृत व स्वतंत्र न्यायपालिका, एकल नागरिकता और आपातकालीन उपबंध जैसी विशेषताएँ इसे विश्व का एक अनूठा संविधान बनाती हैं।
मुख्य तथ्य
- के. सी. ह्वीयर (K.C. Wheare) ने भारतीय संविधान को 'अर्द्ध-संघीय' (Quasi-Federal) की संज्ञा दी है।
- ग्रैनविल ऑस्टिन ने भारतीय संघवाद को 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) कहा है।
- मॉरिस जोन्स ने भारत की संघीय व्यवस्था को 'सौदेबाजी का संघवाद' (Bargaining Federalism) नाम दिया।
- संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 75(3))।
- भारत में ब्रिटेन की तरह एकल नागरिकता (Single Citizenship) का प्रावधान है, जबकि अमेरिका में दोहरी नागरिकता है।
- अनुच्छेद 248 के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers) केंद्र (संसद) के पास निहित हैं।
- अनुच्छेद 249 संसद को राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने का अधिकार देता है।
- राष्ट्रपति द्वारा राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति (अनुच्छेद 155) भारतीय संविधान की एकात्मक विशेषता है।
- आपातकालीन उपबंधों (अनुच्छेद 352, 356, 360) के दौरान भारत का ढांचा बिना संशोधन के एकात्मक हो जाता है।
- अनुच्छेद 312 के तहत नई अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन राज्य सभा के विशेष प्रस्ताव द्वारा होता है।
- भारतीय न्यायपालिका एकीकृत (Integrated) एवं स्वतंत्र है, जिसमें शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय स्थित है।
तालिका
- लक्षण का प्रकार (Type): संघात्मक विशेषताएँ (Federal Features) · संविधान के प्रावधान (Constitutional Provisions): द्वैध सरकार (केंद्र व राज्य), लिखित संविधान, शक्तियों का विभाजन (7वीं अनुसूची), संविधान की सर्वोच्चता, स्वतंत्र न्यायपालिका, द्विसदनीय विधायिका
- लक्षण का प्रकार (Type): एकात्मक विशेषताएँ (Unitary Features) · संविधान के प्रावधान (Constitutional Provisions): मजबूत केंद्र, एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, आपातकालीन उपबंध, राज्यपाल की नियुक्ति, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास, अखिल भारतीय सेवाएँ
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 21: भारतीय संविधान को 'अर्द्ध-संघीय' (Quasi-Federal) किसने कहा था?
(क) ग्रैनविल ऑस्टिन (ख) के. सी. ह्वीयर (ग) मॉरिस जोन्स (घ) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
- ✔ उत्तर: (ख) के. सी. ह्वीयर — प्रसिद्ध संविधानविद् के. सी. ह्वीयर ने भारत के एकात्मक झुकाव वाले संघात्मक ढांचे को देखकर इसे 'अर्द्ध-संघीय' कहा था।
- प्रश्न 22: निम्नलिखित में से कौन-सी भारतीय संविधान की 'एकात्मक विशेषता' नहीं है?
(क) एकल नागरिकता (ख) एकीकृत न्यायपालिका (ग) शक्तियों का विभाजन (घ) राज्यपाल का पद
- ✔ उत्तर: (ग) शक्तियों का विभाजन — केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन (सातवीं अनुसूची) एक संघात्मक (Federal) विशेषता है, एकात्मक नहीं।
- प्रश्न 23: संसदीय शासन प्रणाली की मूल विशेषता निम्नलिखित में से क्या है?
(क) लिखित संविधान (ख) विधायिका के प्रति कार्यपालिका का उत्तरदायित्व (ग) न्यायपालिका की सर्वोच्चता (घ) संसद की संप्रभुता
- ✔ उत्तर: (ख) विधायिका के प्रति कार्यपालिका का उत्तरदायित्व — संसदीय प्रणाली की मुख्य पहचान यह है कि कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) अपनी नीतियों एवं कार्यों के लिए विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है।
- प्रश्न 24: भारतीय संघवाद से संबंधित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का संविधान 'सहकारी संघवाद' की अवधारणा पर बल देता है।
2. अनुच्छेद 248 के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों को दी गई हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — कथन 1 सही है (ग्रैनविल ऑस्टिन के अनुसार), परंतु कथन 2 गलत है क्योंकि अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र (संसद) को प्राप्त हैं।
- प्रश्न 25: किस अनुच्छेद के तहत संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है?
(क) अनुच्छेद 245 (ख) अनुच्छेद 249 (ग) अनुच्छेद 356 (घ) अनुच्छेद 368
- ✔ उत्तर: (ख) अनुच्छेद 249 — अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करे, तो संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में भारतीय संविधान के संघात्मक व एकात्मक लक्षण, अर्द्ध-संघीय स्वरूप से संबंधित विचारकों के कथन (ह्वीयर, ऑस्टिन) तथा संसदीय प्रणाली की उत्तरदायित्व की अवधारणा पर लगातार अवधारणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ संसदीय संप्रभुता बनाम न्यायिक सर्वोच्चता: ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है तथा अमेरिका में न्यायपालिका; भारत ने दोनों का सम्मिश्रण अपनाया है।
- ✘ अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers): अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया में यह राज्यों के पास हैं, लेकिन भारत में यह केंद्र के पास हैं (कनाडा मॉडल)।
- ✘ अर्द्ध-संघीय (Quasi-Federal) बनाम सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism): 'अर्द्ध-संघीय' के.सी. ह्वीयर ने कहा था और 'सहकारी संघवाद' ग्रैनविल ऑस्टिन ने।
💡 एकात्मक विशेषताओं को याद रखने का सूत्र: 'एक आपात में अखिल राज्यपाल केंद्र में' (एकल नागरिकता/एकीकृत न्यायपालिका + आपातकाल + अखिल भारतीय सेवा + राज्यपाल पद + केंद्र को अवशिष्ट शक्ति)
एक नज़र में (Revision)
- कैबिनेट मिशन योजना (1946) के तहत संविधान सभा का गठन किया गया था।
- 9 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- बी.एन. राव को संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था।
- प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ, जिसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
- प्रस्तावना पंडित नेहरू द्वारा पेश किए गए 'उद्देश्य प्रस्ताव' पर आधारित है।
- 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए।
- भारतीय संविधान के स्रोतों में ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली और अमेरिका से मौलिक अधिकार लिए गए हैं।
- मूल संविधान में 8 अनुसूचियाँ थीं, जो वर्तमान में बढ़कर 12 हो गई हैं।
- 10वीं अनुसूची दल-बदल विरोधी कानून और 11वीं अनुसूची पंचायती राज से संबंधित है।
- भारतीय संविधान 'लचीलेपन और कठोरता' का एक अनूठा मिश्रण है।
- के.सी. व्हीयर ने भारतीय संविधान को 'अर्ध-संघीय' (Quasi-federal) कहा है।
- संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया।
- संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका अपनी नीतियों और कार्यों के लिए विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. संविधान सभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता किसने की थी?
- (क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
- (ग) बी.आर. अंबेडकर
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
9 दिसंबर 1946 को हुई पहली बैठक में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के नाते अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में कौन-से शब्द जोड़े गए थे?
- (क) समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतंत्र
- (ख) समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता
- (ग) संप्रभु, समाजवादी और पंथनिरपेक्ष
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता
42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में तीन नए शब्द - समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता जोड़े गए थे।
3. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (स्रोत) - सूची-II (देश)
A. मौलिक अधिकार - 1. आयरलैंड
B. राज्य के नीति निदेशक तत्व - 2. संयुक्त राज्य अमेरिका
C. संसदीय शासन - 3. कनाडा
D. संघीय व्यवस्था (सशक्त केंद्र) - 4. ब्रिटेन
- (क) A-2, B-1, C-4, D-3
- (ख) A-1, B-2, C-3, D-4
- (ग) A-2, B-1, C-3, D-4
- (घ) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3
मौलिक अधिकार अमेरिका से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, संसदीय शासन ब्रिटेन से और संघीय व्यवस्था कनाडा से ली गई है।
4. भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची का संबंध किससे है?
- (क) पंचायती राज
- (ख) नगरपालिकाएँ
- (ग) दल-बदल विरोधी कानून
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) दल-बदल विरोधी कानून
10वीं अनुसूची को 52वें संशोधन (1985) द्वारा जोड़ा गया था, जो दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित है।
5. संविधान सभा की प्रारूप समिति (Drafting Committee) में कुल कितने सदस्य थे?
- (क) 5
- (ख) 7
- (ग) 9
- (घ) 11
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 7
प्रारूप समिति में अध्यक्ष (डॉ. बी.आर. अंबेडकर) सहित कुल 7 सदस्य थे।
6. भारतीय संविधान की प्रस्तावना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह न्यायालय में प्रवर्तनीय (Justiciable) नहीं है।
2. यह विधायिका की शक्तियों का स्रोत है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (क) केवल 1
प्रस्तावना गैर-न्यायिक है और यह न तो विधायिका की शक्ति का स्रोत है और न ही उसकी शक्तियों पर प्रतिबंध लगाती है।
7. भारतीय संविधान की 'एकात्मक' (Unitary) विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- (क) लिखित संविधान
- (ख) शक्तियों का विभाजन
- (ग) एकल नागरिकता
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) एकल नागरिकता
एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका और राज्यपाल की नियुक्ति एकात्मक विशेषताएँ हैं, जबकि लिखित संविधान और शक्तियों का विभाजन संघीय विशेषताएँ हैं।
8. संविधान सभा में 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया था?
- (क) जवाहरलाल नेहरू
- (ख) सरदार पटेल
- (ग) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (क) जवाहरलाल नेहरू
13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' पेश किया था, जो बाद में प्रस्तावना का आधार बना।
9. भारतीय संविधान के किस भाग में 'नगरपालिकाओं' का उल्लेख है?
- (क) भाग IX
- (ख) भाग IX-A
- (ग) भाग X
- (घ) भाग IV-A
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) भाग IX-A
भाग IX-A को 74वें संशोधन अधिनियम (1992) द्वारा नगरपालिकाओं के लिए जोड़ा गया था।
10. भारतीय संविधान को कब अंगीकृत (Adopted) किया गया था?
- (क) 26 जनवरी 1950
- (ख) 26 नवंबर 1949
- (ग) 15 अगस्त 1947
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 26 नवंबर 1949
भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया था, जबकि यह 26 जनवरी 1950 को पूर्णतः लागू हुआ।
English version — Making of the Constitution, Preamble and Salient Features
This chapter is crucial for BPSC Prelims as direct factual questions are frequently asked. For Mains (GS Paper 2), it serves as the foundational segment for understanding the philosophical basis of the Indian polity.
Constituent Assembly: Formation, Sessions and Key Personalities
The Indian Constitution was drafted by an elected Constituent Assembly, which held its inaugural meeting on December 9, 1946. Being the oldest member, Dr. Sachchidananda Sinha was chosen as the temporary President of the Assembly. Just two days later, on December 11, 1946, Dr. Rajendra Prasad was elected as the permanent President. The Assembly functioned through various committees, with Dr. Rajendra Prasad heading crucial ones like the Steering Committee and the Rules of Procedure Committee. These two stalwarts from Bihar played a pivotal role not only in constitution-making but also in the formation of modern Bihar and the freedom struggle. Dr. Rajendra Prasad eventually became the first President of independent India in 1952.
Key facts
- December 9, 1946: The first meeting of the Constituent Assembly was held under the temporary chairmanship of Dr. Sachchidananda Sinha.
- December 11, 1946: Dr. Rajendra Prasad was elected as the permanent Chairman of the Constituent Assembly.
- Dr. Sachchidananda Sinha: Known as the 'Father of Modern Bihar', he edited the magazine 'Bihar Times'.
- Salt Satyagraha (Bihar): Dr. Rajendra Prasad drafted the plan and fixed April 6, 1930, as the starting date.
- Jail Term (1930): After his arrest on July 5, 1930, Rajendra Prasad was sent to Hazaribagh Jail.
- Bankipur Jail: During the Quit India Movement on August 9, 1942, Rajendra Prasad was detained in this jail.
- 1934 Earthquake: Rajendra Prasad headed the relief efforts during the devastating earthquake in Munger.
- Martyrs' Memorial (Patna): This memorial at Patna Secretariat was formally unveiled by Dr. Rajendra Prasad in 1956.
- National Flag: The Indian National Flag was adopted by the Constituent Assembly on July 22, 1947.
Table
- पद/भूमिका: अस्थायी अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा · महत्वपूर्ण तथ्य: 9 दिसंबर 1946 को नियुक्त
- पद/भूमिका: स्थायी अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद · महत्वपूर्ण तथ्य: 11 दिसंबर 1946 को निर्वाचित
- पद/भूमिका: आधुनिक बिहार के जनक · व्यक्तित्व: डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा · महत्वपूर्ण तथ्य: बिहार टाइम्स के संपादक
- पद/भूमिका: नियम/संचालन समिति अध्यक्ष · व्यक्तित्व: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद · महत्वपूर्ण तथ्य: संविधान सभा की कार्यप्रणाली का नेतृत्व
Practice questions (solved)
- Q 1: संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में किसे चुना गया था?
(क) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (ख) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (घ) जवाहरलाल नेहरू
- ✔ Answer: (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — 9 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- Q 2: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष कब निर्वाचित किया गया?
(क) 9 दिसंबर 1946 (ख) 11 दिसंबर 1946 (ग) 13 दिसंबर 1946 (घ) 26 जनवरी 1947
- ✔ Answer: (ख) 11 दिसंबर 1946 — पहली बैठक के दो दिन बाद 11 दिसंबर 1946 को उन्हें स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- Q 3: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को किस जेल में कैद किया गया था?
(क) हजारीबाग जेल (ख) बांकीपुर जेल (ग) यरवदा जेल (घ) कैंप जेल
- ✔ Answer: (ख) बांकीपुर जेल — 9 अगस्त 1942 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें पटना की बांकीपुर जेल में रखा गया था।
- Q 4: निम्नलिखित में से किसे 'आधुनिक बिहार का जनक' माना जाता है?
(क) श्री कृष्ण सिंह (ख) अनुग्रह नारायण सिन्हा (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा (घ) मजहरुल हक
- ✔ Answer: (ग) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को बिहार को एक अलग प्रांत बनाने के प्रयासों के कारण आधुनिक बिहार का जनक कहा जाता है।
- Q 5: संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को किस तिथि को अपनाया गया?
(क) 15 अगस्त 1947 (ख) 26 जनवरी 1950 (ग) 22 जुलाई 1947 (घ) 24 जनवरी 1950
- ✔ Answer: (ग) 22 जुलाई 1947 — संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 65] संविधान सभा द्वारा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज किस तिथि को अपनाया गया ?
(क) 24 जनवरी 1950 (ख) 26 नवम्बर 1950 (ग) 22 जुलाई 1947 (घ) 26 जनवरी 1950
- ✔ Official answer: (ग) 22 जुलाई 1947 — संविधान सभा ने अपनी कार्यवाही के दौरान 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about the exact dates of Constituent Assembly meetings, temporary vs permanent chairmen, and the specific roles and jail terms of Bihar leaders like Rajendra Prasad and Sachchidananda Sinha.
Do not confuse
- ✘ अस्थायी अध्यक्ष (सिन्हा) और स्थायी अध्यक्ष (प्रसाद) के बीच भ्रम।
- ✘ 1930 की गिरफ्तारी (हजारीबाग जेल) और 1942 की गिरफ्तारी (बांकीपुर जेल) के स्थान में भ्रम।
💡 9 को सिन्हा (अस्थायी), 11 को प्रसाद (स्थायी) - बस दो दिन का अंतर याद रखें।
Preamble: Words and Amendments
The Preamble of the Indian Constitution presents the essence, philosophy, and objectives of the Constitution, which N.A. Palkhivala called the 'Identity Card' of the Constitution. It is based on the 'Objectives Resolution' moved by Pandit Nehru on December 13, 1946. The Preamble begins with 'We, the people of India,' clarifying that India's sovereignty lies with the people. It resolves to constitute India into a Sovereign, Socialist, Secular, Democratic Republic. The Preamble mentions three types of justice, five types of liberty, and two types of equality. The most significant historical event was the addition of three new words via the 42nd Amendment in 1976.
Key facts
- The basis of the Preamble is the 'Objectives Resolution' presented by Pandit Nehru (Dec 13, 1946).
- The Preamble has been amended only once so far by the 42nd Constitutional Amendment Act (1976).
- Three words were added by the 42nd Amendment: Socialist, Secular, and Integrity.
- There are three forms of justice in the Preamble: Social, Economic, and Political (inspired by the Russian Revolution).
- The ideals of Liberty, Equality, and Fraternity are taken from the French Revolution (1789-1799).
- In the Kesavananda Bharati case (1973), the Supreme Court held the Preamble to be a part of the Constitution.
- In the Berubari Union case (1960), the Supreme Court stated that the Preamble is not a part of the Constitution.
- There are five types of liberty in the Preamble: Thought, Expression, Belief, Faith, and Worship.
- There are two types of equality in the Preamble: Equality of Status and Opportunity.
- The Preamble mentions November 26, 1949, as the date of adoption of the Constitution.
- The Preamble is not enforceable (Justiciable) in a court of law.
- K.M. Munshi called the Preamble the 'Political Horoscope' of the Indian Constitution.
Table
- श्रेणी: न्याय · विवरण: सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक · संख्या/स्रोत: 3 (रूसी क्रांति)
- श्रेणी: स्वतंत्रता · विवरण: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना · संख्या/स्रोत: 5 (फ्रांसीसी क्रांति)
- श्रेणी: समानता · विवरण: प्रतिष्ठा और अवसर · संख्या/स्रोत: 2
- श्रेणी: 42वां संशोधन · विवरण: समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता · संख्या/स्रोत: 1976
- श्रेणी: प्रकृति · विवरण: गैर-न्यायिक (Non-justiciable) · संख्या/स्रोत: न्यायालय द्वारा लागू नहीं
Practice questions (solved)
- Q 6: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' शब्द किस संशोधन के तहत जोड़ा गया?
(क) 44वां संशोधन (ख) 42वां संशोधन (ग) 73वां संशोधन (घ) 86वां संशोधन
- ✔ Answer: (ख) 42वां संशोधन — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 के द्वारा प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए थे।
- Q 7: प्रस्तावना में कितने प्रकार के न्याय का उल्लेख किया गया है?
(क) दो (ख) तीन (ग) चार (घ) पांच
- ✔ Answer: (ख) तीन — प्रस्तावना में तीन प्रकार के न्याय - सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक का उल्लेख है।
- Q 8: निम्न में से कौन सा शब्द 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत संविधान की प्रस्तावना में सम्मिलित नहीं था?
1. समाजवादी
2. पंथनिरपेक्ष
3. अखंडता
4. गणराज्य
(क) 1, 2 और 3 (ख) 2, 3 और 4 (ग) 1, 2 और 4 (घ) केवल 3
- ✔ Answer: (क) 1, 2 और 3 — समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्दों को 1976 में जोड़ा गया था, अतः ये मूल प्रस्तावना में नहीं थे।
- Q 9: किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार घोषित किया कि प्रस्तावना संविधान का हिस्सा नहीं है?
(क) केशवानंद भारती मामला (ख) गोलकनाथ मामला (ग) बेरुबारी मामला (घ) मिनर्वा मिल्स मामला
- ✔ Answer: (ग) बेरुबारी मामला — 1960 के बेरुबारी यूनियन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना को संविधान का अंग नहीं माना था।
- Q 10: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत को किस रूप में घोषित किया गया है?
(क) एक सार्वभौम, लोकतांत्रिक गणराज्य (ख) एक समाजवादी, लोकतांत्रिक गणराज्य (ग) एक सार्वभौम, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य (घ) एक गणराज्य
- ✔ Answer: (ग) एक सार्वभौम, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य — प्रस्तावना में भारत को 'संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न (सार्वभौम), समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य' कहा गया है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 28] 42वें संशोधन द्वारा कौन-से दो शब्द प्रस्तावना में जोडे गए ?
(क) गणराज्य एवं धर्मनिरपेक्ष (ख) प्रजातान्त्रिक एवं समाजवादी (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी (घ) समाजवादी एवं प्रभुसत्तासम्पन्न
- ✔ Official answer: (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी — 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे।
How it is asked
In BPSC, questions are frequently asked about the words added by the 42nd Amendment, types of justice/liberty, and important court cases like Kesavananda Bharati.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर 'बेरुबारी' (अंग नहीं है) और 'केशवानंद भारती' (अंग है) के निर्णयों में भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ स्वतंत्रता के 5 प्रकारों और न्याय के 3 प्रकारों की संख्या में अक्सर गलती होती है।
💡 S-S-S-D-R (Sovereign, Socialist, Secular, Democratic, Republic) - यह प्रस्तावना के मुख्य शब्दों का सही क्रम याद रखने की ट्रिक है।
Sources of the Constitution
While drafting the Indian Constitution, the Constituent Assembly studied the constitutions of about 60 countries. Dr. B.R. Ambedkar stated that it was prepared after 'ransacking all known constitutions of the world.' The largest part of the Constitution (nearly two-thirds) is derived from the Government of India Act, 1935, which forms its administrative blueprint. Provisions borrowed from other countries were modified to suit Indian conditions. For instance, the parliamentary system was adopted from Britain, while Fundamental Rights were inspired by the USA. This synthesis makes the Indian Constitution a unique and practical document.
Key facts
- Government of India Act 1935: Federal scheme, Office of Governor, Judiciary structure, and Public Service Commissions.
- Britain: Parliamentary government, Rule of Law, Single citizenship, and Bicameralism.
- USA: Fundamental Rights, Independence of judiciary, Judicial review, and Impeachment of the President.
- Ireland: Directive Principles of State Policy (DPSP) and Nomination of members to Rajya Sabha.
- Canada: Federation with a strong Centre and Vesting of residuary powers in the Centre.
- Australia: Concurrent List and Joint sitting of the two Houses of Parliament (Article 108).
- Germany (Weimar Constitution): Suspension of Fundamental Rights during Emergency.
- Soviet Union (USSR): Fundamental Duties and Ideals of social, economic, and political justice in the Preamble.
- France: Republic structure and Ideals of liberty, equality, and fraternity in the Preamble.
- South Africa: Procedure for amendment of the Constitution (Article 368) and Election of members of Rajya Sabha.
- Japan: Procedure established by Law.
Table
- देश: ब्रिटेन · मुख्य प्रावधान: संसदीय शासन, एकल नागरिकता, विधि का शासन
- देश: अमेरिका · मुख्य प्रावधान: मूल अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, महाभियोग
- देश: आयरलैंड · मुख्य प्रावधान: नीति निर्देशक तत्व, राज्यसभा में नामांकन
- देश: कनाडा · मुख्य प्रावधान: सशक्त केंद्र, अवशिष्ट शक्तियाँ, राज्यपाल की नियुक्ति
- देश: ऑस्ट्रेलिया · मुख्य प्रावधान: समवर्ती सूची, संयुक्त बैठक, प्रस्तावना की भाषा
- देश: दक्षिण अफ्रीका · मुख्य प्रावधान: संविधान संशोधन, राज्यसभा सदस्यों का चुनाव
Practice questions (solved)
- Q 11: भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
(क) कनाडा (ख) ऑस्ट्रेलिया (ग) अमेरिका (घ) ग्रेट ब्रिटेन
- ✔ Answer: (ख) ऑस्ट्रेलिया — समवर्ती सूची और संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है।
- Q 12: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (DPSP) के विचार को भारतीय संविधान में कहाँ से अपनाया गया है?
(क) फ्रांस का संविधान (ख) कनाडा का संविधान (ग) आयरलैंड का संविधान (घ) जापान का संविधान
- ✔ Answer: (ग) आयरलैंड का संविधान — भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित नीति निर्देशक तत्व आयरलैंड से प्रेरित हैं।
- Q 13: कथन (A): भारतीय संविधान में अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास हैं।
कारण (R): यह प्रावधान कनाडा के संविधान से लिया गया है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है (ख) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है (ग) A सही है लेकिन R गलत है (घ) A गलत है लेकिन R सही है
- ✔ Answer: (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है — कनाडा से सशक्त केंद्र वाली संघीय व्यवस्था ली गई है जिसमें अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र को दी गई हैं।
- Q 14: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
(A) मौलिक अधिकार - (i) ब्रिटेन
(B) संसदीय प्रणाली - (ii) अमेरिका
(C) आपातकालीन प्रावधान - (iii) जर्मनी
(D) संशोधन प्रक्रिया - (iv) दक्षिण अफ्रीका
(क) A-i, B-ii, C-iii, D-iv (ख) A-ii, B-i, C-iii, D-iv (ग) A-ii, B-i, C-iv, D-iii (घ) A-iv, B-iii, C-ii, D-i
- ✔ Answer: (ख) A-ii, B-i, C-iii, D-iv — मौलिक अधिकार अमेरिका से, संसदीय प्रणाली ब्रिटेन से, आपातकाल जर्मनी से और संशोधन दक्षिण अफ्रीका से लिए गए हैं।
- Q 15: भारतीय संविधान में 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' किस देश से ली गई है?
(क) ब्रिटेन (ख) जापान (ग) कनाडा (घ) दक्षिण अफ्रीका
- ✔ Answer: (ख) जापान — जापान के संविधान से 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' ली गई है, जबकि 'विधि का शासन' ब्रिटेन से लिया गया है।
How it is asked
BPSC frequently asks 'Match the following' type questions from this topic. Sometimes, direct questions about the source of a specific provision (like Concurrent List or DPSP) are asked.
Do not confuse
- ✘ विधि का शासन (ब्रिटेन) और विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (जापान) के बीच अक्सर छात्र भ्रमित होते हैं।
- ✘ राज्यसभा में सदस्यों का 'नामांकन' आयरलैंड से लिया गया है, जबकि सदस्यों का 'निर्वाचन' दक्षिण अफ्रीका से लिया गया है।
💡 याद रखें: 'आयरन' (Iron) लेडी ने 'नीति' बनाई (आयरलैंड = नीति निर्देशक तत्व) और 'गर्व' (G-R-V) से 'गणतंत्र' बना (G-R-V: Germany-Republic-Veto नहीं, बल्कि France = Republic).
Parts and Schedules of the Constitution
To keep the Indian Constitution organized, it is divided into various Parts (chapters) and Schedules (appendices). The original Constitution had 22 Parts and 8 Schedules, but currently, after amendments, there are 25 Parts and 12 Schedules. Parts define the main subjects of the Constitution like Citizenship, Fundamental Rights, and the Union Government. Schedules provide detailed lists of those subjects, such as names of states, salaries, oaths, and languages. In BPSC exams, it is often asked which subject falls under which schedule or part. This structure helps in making the governance system clear and smooth.
Key facts
- The original Constitution had 22 Parts, 395 Articles, and 8 Schedules.
- Currently, there are 25 Parts and 12 Schedules in the Indian Constitution.
- The 1st Schedule contains the names of States and UTs and their territorial jurisdiction.
- In 1956, Purulia and parts of Purnia were merged with West Bengal.
- The 2nd Schedule relates to the emoluments and allowances of the President, Governors, and Judges.
- The 3rd Schedule contains forms of Oaths and Affirmations for various constitutional officials.
- The 4th Schedule deals with the allocation of seats in the Rajya Sabha to States and UTs.
- The 6th Schedule relates to the administration of tribal areas in Assam, Meghalaya, Tripura, and Mizoram.
- The 7th Schedule shows the division of powers through Union, State, and Concurrent lists.
- The 8th Schedule contains the list of 22 languages recognized by the Constitution.
- The 9th Schedule was added by the 1st Amendment (1951) to protect land reforms.
- The 10th Schedule (Anti-defection law) was added by the 52nd Amendment, 1985.
- The 11th Schedule relates to the powers and responsibilities of Panchayats (29 subjects).
- The 12th Schedule relates to the powers and responsibilities of Municipalities (18 subjects).
Table
- अनुसूची: पहली · मुख्य विषय: राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के नाम · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: दूसरी · मुख्य विषय: वेतन, भत्ते और विशेषाधिकार · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: तीसरी · मुख्य विषय: शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: चौथी · मुख्य विषय: राज्यसभा में सीटों का आवंटन · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: सातवीं · मुख्य विषय: शक्तियों का विभाजन (संघ, राज्य, समवर्ती) · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: आठवीं · मुख्य विषय: मान्यता प्राप्त 22 भाषाएँ · संबंधित संशोधन: -
- अनुसूची: नौवीं · मुख्य विषय: भूमि सुधार और कुछ अधिनियमों का सत्यापन · संबंधित संशोधन: 1st संशोधन (1951)
- अनुसूची: दसवीं · मुख्य विषय: दलबदल के आधार पर अयोग्यता · संबंधित संशोधन: 52वां संशोधन (1985)
- अनुसूची: ग्यारहवीं · मुख्य विषय: पंचायतों की शक्तियाँ (29 विषय) · संबंधित संशोधन: 73वां संशोधन (1992)
- अनुसूची: बारहवीं · मुख्य विषय: नगर पालिकाओं की शक्तियाँ (18 विषय) · संबंधित संशोधन: 74वां संशोधन (1992)
Practice questions (solved)
- Q 16: भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दलबदल विरोधी कानून का प्रावधान है?
(क) आठवीं अनुसूची (ख) नौवीं अनुसूची (ग) दसवीं अनुसूची (घ) ग्यारहवीं अनुसूची
- ✔ Answer: (ग) दसवीं अनुसूची — दसवीं अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दलबदल के आधार पर अयोग्यता के लिए जोड़ा गया था।
- Q 17: छठी अनुसूची के प्रावधान निम्नलिखित में से किस राज्य में लागू नहीं होते हैं?
(क) असम (ख) मेघालय (ग) त्रिपुरा (घ) मणिपुर
- ✔ Answer: (घ) मणिपुर — छठी अनुसूची केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू होती है, मणिपुर पर नहीं।
- Q 18: संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के लिए कितने विषय निर्धारित किए गए हैं?
(क) 18 विषय (ख) 22 विषय (ग) 25 विषय (घ) 29 विषय
- ✔ Answer: (घ) 29 विषय — 73वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ी गई 11वीं अनुसूची में पंचायतों के लिए 29 कार्यात्मक विषय शामिल हैं।
- Q 19: राज्यसभा में सीटों का आवंटन संविधान की किस अनुसूची के अंतर्गत आता है?
(क) तीसरी अनुसूची (ख) चौथी अनुसूची (ग) पांचवीं अनुसूची (घ) छठी अनुसूची
- ✔ Answer: (ख) चौथी अनुसूची — चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यसभा में सीटों के आवंटन से संबंधित है।
- Q 20: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
(क) दूसरी अनुसूची - शपथ (ख) आठवीं अनुसूची - भाषाएँ (ग) सातवीं अनुसूची - दलबदल (घ) नौवीं अनुसूची - राज्यसभा सीटें
- ✔ Answer: (ख) आठवीं अनुसूची - भाषाएँ — आठवीं अनुसूची में भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं का उल्लेख है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 60] निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
(क) राज्यसभा में सीटों का आवंटन- चौथी अनुसूची (ख) शपथ का प्रारूप - तीसरी अनुसूची (ग) अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन - छठी अनुसूची (घ) संघ सूची - सातवीं अनुसूची
- ✔ Official answer: (ग) अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन - छठी अनुसूची — छठी अनुसूची केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के लिए है, जबकि सामान्य अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन पांचवीं अनुसूची में है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 38] संविधान की दसवीं अनुसूची से सम्बन्ध विषय को छोड़कर अन्य किसी आधार पर राज्य विधानसभा से अयोग्यता का निर्णय कौन करता है ?
(क) अध्यक्ष विधानसभा (ख) राज्यपाल (ग) उच्च न्यायालय (घ) राज्य चुनाव आयोग
- ✔ Official answer: (ख) राज्यपाल — दसवीं अनुसूची दलबदल के आधार पर अयोग्यता से संबंधित है, जिसका निर्णय सदन का अध्यक्ष करता है, जबकि अन्य आधारों पर निर्णय राज्यपाल करता है।
How it is asked
In BPSC, matching questions are often asked from this topic, where the schedule is given on one side and its subject on the other. Additionally, direct questions are asked on the amendment years of newly added schedules (9th, 10th, 11th, 12th) and the names of states in the 6th schedule.
Do not confuse
- ✘ दूसरी और तीसरी अनुसूची: छात्र अक्सर भूल जाते हैं कि दूसरी में 'वेतन' है और तीसरी में 'शपथ' (याद रखें: पहले पैसा/वेतन, फिर काम की शपथ)।
- ✘ 5वीं और 6वीं अनुसूची: 5वीं पूरे भारत के अनुसूचित क्षेत्रों के लिए है, जबकि 6वीं केवल 4 पूर्वोत्तर राज्यों (AMTM) के लिए है।
💡 अनुसूचियों को याद रखने की ट्रिक: 'TEARS OF OLD PM' (T-Territories, E-Emoluments, A-Affirmations, R-Rajya Sabha, S-Scheduled Areas, O-Other Areas, F-Federal List, O-Official Languages, L-Land Reforms, D-Defection, P-Panchayats, M-Municipalities).
Salient Features: Federal System with Unitary Bias and Parliamentary System
The most prominent feature of the Indian Constitution is its federal structure with a strong unitary bias. Although there is a clear division of powers between the Centre and the States, the Centre has been rendered stronger to ensure national integrity. Constitutional scholar K.C. Wheare described the Indian Constitution as 'Quasi-Federal'. India adopted a parliamentary form of government based on the British model, where the executive is collectively responsible to the legislature (Lok Sabha). Additionally, features like an integrated independent judiciary, single citizenship, and emergency provisions make it a unique constitution in the world.
Key facts
- K.C. Wheare described the Indian Constitution as 'Quasi-Federal'.
- Granville Austin called Indian federalism 'Cooperative Federalism'.
- Morris Jones termed Indian federalism as 'Bargaining Federalism'.
- In parliamentary system, the executive is collectively responsible to the Lok Sabha (Article 75(3)).
- India provides for Single Citizenship borrowed from Britain, unlike dual citizenship in the USA.
- Under Article 248, residuary powers are vested in the Centre (Parliament).
- Article 249 empowers Parliament to legislate on State List matters in national interest.
- Appointment of Governors by the President (Article 155) is a unitary feature of the Constitution.
- During Emergency (Articles 352, 356, 360), the Indian polity converts into a unitary system without formal amendment.
- Under Article 312, creation of new All India Services requires a special resolution by Rajya Sabha.
- Indian judiciary is integrated and independent, with the Supreme Court at the apex.
Table
- लक्षण का प्रकार (Type): संघात्मक विशेषताएँ (Federal Features) · संविधान के प्रावधान (Constitutional Provisions): द्वैध सरकार (केंद्र व राज्य), लिखित संविधान, शक्तियों का विभाजन (7वीं अनुसूची), संविधान की सर्वोच्चता, स्वतंत्र न्यायपालिका, द्विसदनीय विधायिका
- लक्षण का प्रकार (Type): एकात्मक विशेषताएँ (Unitary Features) · संविधान के प्रावधान (Constitutional Provisions): मजबूत केंद्र, एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, आपातकालीन उपबंध, राज्यपाल की नियुक्ति, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास, अखिल भारतीय सेवाएँ
Practice questions (solved)
- Q 21: भारतीय संविधान को 'अर्द्ध-संघीय' (Quasi-Federal) किसने कहा था?
(क) ग्रैनविल ऑस्टिन (ख) के. सी. ह्वीयर (ग) मॉरिस जोन्स (घ) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
- ✔ Answer: (ख) के. सी. ह्वीयर — प्रसिद्ध संविधानविद् के. सी. ह्वीयर ने भारत के एकात्मक झुकाव वाले संघात्मक ढांचे को देखकर इसे 'अर्द्ध-संघीय' कहा था।
- Q 22: निम्नलिखित में से कौन-सी भारतीय संविधान की 'एकात्मक विशेषता' नहीं है?
(क) एकल नागरिकता (ख) एकीकृत न्यायपालिका (ग) शक्तियों का विभाजन (घ) राज्यपाल का पद
- ✔ Answer: (ग) शक्तियों का विभाजन — केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट विभाजन (सातवीं अनुसूची) एक संघात्मक (Federal) विशेषता है, एकात्मक नहीं।
- Q 23: संसदीय शासन प्रणाली की मूल विशेषता निम्नलिखित में से क्या है?
(क) लिखित संविधान (ख) विधायिका के प्रति कार्यपालिका का उत्तरदायित्व (ग) न्यायपालिका की सर्वोच्चता (घ) संसद की संप्रभुता
- ✔ Answer: (ख) विधायिका के प्रति कार्यपालिका का उत्तरदायित्व — संसदीय प्रणाली की मुख्य पहचान यह है कि कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) अपनी नीतियों एवं कार्यों के लिए विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है।
- Q 24: भारतीय संघवाद से संबंधित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का संविधान 'सहकारी संघवाद' की अवधारणा पर बल देता है।
2. अनुच्छेद 248 के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों को दी गई हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — कथन 1 सही है (ग्रैनविल ऑस्टिन के अनुसार), परंतु कथन 2 गलत है क्योंकि अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र (संसद) को प्राप्त हैं।
- Q 25: किस अनुच्छेद के तहत संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है?
(क) अनुच्छेद 245 (ख) अनुच्छेद 249 (ग) अनुच्छेद 356 (घ) अनुच्छेद 368
- ✔ Answer: (ख) अनुच्छेद 249 — अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करे, तो संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
How it is asked
BPSC regularly asks conceptual questions on federal vs unitary features, quotes by scholars (Wheare, Austin) on Indian federalism, and the responsibility concept in the parliamentary system.
Do not confuse
- ✘ संसदीय संप्रभुता बनाम न्यायिक सर्वोच्चता: ब्रिटेन में संसद सर्वोच्च है तथा अमेरिका में न्यायपालिका; भारत ने दोनों का सम्मिश्रण अपनाया है।
- ✘ अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers): अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया में यह राज्यों के पास हैं, लेकिन भारत में यह केंद्र के पास हैं (कनाडा मॉडल)।
- ✘ अर्द्ध-संघीय (Quasi-Federal) बनाम सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism): 'अर्द्ध-संघीय' के.सी. ह्वीयर ने कहा था और 'सहकारी संघवाद' ग्रैनविल ऑस्टिन ने।
💡 एकात्मक विशेषताओं को याद रखने का सूत्र: 'एक आपात में अखिल राज्यपाल केंद्र में' (एकल नागरिकता/एकीकृत न्यायपालिका + आपातकाल + अखिल भारतीय सेवा + राज्यपाल पद + केंद्र को अवशिष्ट शक्ति)
Quick revision
- The Constituent Assembly was formed under the Cabinet Mission Plan of 1946.
- Dr. Sachchidananda Sinha was elected as the temporary President on Dec 9, 1946.
- Dr. Rajendra Prasad was elected as the permanent President on Dec 11, 1946.
- B.N. Rau was appointed as the Constitutional Advisor to the Assembly.
- The Drafting Committee was formed on Aug 29, 1947, chaired by Dr. B.R. Ambedkar.
- The Preamble is based on the 'Objectives Resolution' moved by Jawaharlal Nehru.
- The 42nd Amendment (1976) added 'Socialist', 'Secular', and 'Integrity' to the Preamble.
- Sources include the Parliamentary system from the UK and Fundamental Rights from the USA.
- The original Constitution had 8 schedules, which have now increased to 12.
- The 10th Schedule relates to Anti-defection, and the 11th to Panchayati Raj.
- The Indian Constitution is a unique blend of rigidity and flexibility.
- K.C. Wheare described the Indian Constitution as 'Quasi-federal'.
- The Assembly adopted, enacted, and gave to themselves the Constitution on Nov 26, 1949.
- In a parliamentary system, the executive is responsible to the legislature for its policies.