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BPSC CCEभारतीय राजव्यवस्था

न्यायपालिका, संवैधानिक एवं गैर-संवैधानिक निकाय तथा आपातकालीन उपबंध

Judiciary, Constitutional and Non-Constitutional Bodies, and Emergency Provisions

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी (BPSC) प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन तथा मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2 (भारतीय राजव्यवस्था) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे सर्वोच्च न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र, प्रमुख संवैधानिक पदों और आपातकालीन प्रावधानों पर प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं।

सर्वोच्च न्यायालय: नियुक्ति, क्षेत्राधिकार एवं जनहित याचिका (PIL)

भारतीय संविधान के भाग 5 में अध्याय 4 के तहत अनुच्छेद 124 से 147 तक सर्वोच्च न्यायालय के गठन, शक्तियों और कार्यप्रणाली का वर्णन है। भारत में एकीकृत न्यायपालिका की व्यवस्था है, जिसके शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय स्थित है जिसका उद्घाटन 28 जनवरी 1950 को हुआ था। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा कॉलेजियम प्रणाली की सिफारिश पर की जाती है। सर्वोच्च न्यायालय को मूल क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 131), रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 32), अपीलीय क्षेत्राधिकार तथा राष्ट्रपति को सलाह देने का परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 143) प्राप्त है। साथ ही, अनुच्छेद 129 के तहत इसे अभिलेख न्यायालय घोषित किया गया है, जिसकी अवमानना पर दंड देने का अधिकार है। गरीबों और वंचितों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए 1980 के दशक में न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्ण अय्यर के प्रयासों से जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा विकसित की गई थी।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अनुच्छेद 126 (ख) अनुच्छेद 129 (ग) अनुच्छेद 131 (घ) अनुच्छेद 137

(क) भारत के राष्ट्रपति को (ख) भारत के मुख्य न्यायाधीश को (ग) संसद को (विधि द्वारा) (घ) विधि मंत्रालय को

(क) अपीलीय क्षेत्राधिकार (ख) परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार (ग) प्रारंभिक (मूल) क्षेत्राधिकार (घ) समीक्षा क्षेत्राधिकार

1. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक पद धारण करते हैं।

2. राष्ट्रपति को सलाह देने का परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार अनुच्छेद 143 में वर्णित है।

3. भारत में जनहित याचिका (PIL) की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्ला (ख) न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती (ग) न्यायमूर्ति एच. जे. कानिया (घ) न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा

(क) केंद्रीय कानून मंत्री (ख) प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति (ग) भारत के राष्ट्रपति (घ) उपराष्ट्रपति

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित प्रश्न सीधे अनुच्छेदों (जैसे 32, 129, 131, 143), न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु (65 वर्ष), संख्या वृद्धि की शक्ति (संसद), तथा PIL के प्रणेता (पी.एन. भगवती) से पूछे जाते हैं। कथन-आधारित प्रश्नों में मूल बनाम अपीलीय क्षेत्राधिकार की तुलना कराई जाती है।

इनमें भ्रम न करें

💡 याद रखें '143 = सलाह': राष्ट्रपति SC से विधिक मामलों में प्यार से सलाह मांगते हैं अनुच्छेद 143 के तहत (पर मानना बाध्यकारी नहीं)।

उच्च न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय (1916)

भारतीय संविधान के भाग 6 में अनुच्छेद 214 से 231 तक उच्च न्यायालयों के गठन, क्षेत्राधिकार और शक्तियों का विवरण दिया गया है। अनुच्छेद 214 प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय का प्रावधान करता है, जबकि संसद अनुच्छेद 231 के तहत दो या अधिक राज्यों के लिए साझा उच्च न्यायालय बना सकती है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित राज्यपाल के परामर्श से की जाती है। बिहार परीक्षा की दृष्टि से 3 फरवरी 1916 को स्थापित पटना उच्च न्यायालय अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसके पहले मुख्य न्यायाधीश सर एडवर्ड मेनार्ड डेस चैम्प्स चामियर थे। अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों और अन्य विधिक अधिकारों के लिए रिट जारी करने का व्यापक अधिकार प्राप्त है। इसके अलावा, अनुच्छेद 215 के तहत यह एक अभिलेख न्यायालय (Court of Record) है जो अपनी अवमानना पर दंड दे सकता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 3 मार्च 1916 (ख) 3 फरवरी 1916 (ग) 1 अप्रैल 1912 (घ) 12 दिसंबर 1911

(क) संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा (ख) भारत के राष्ट्रपति द्वारा (ग) भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा (घ) राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा

1. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकता है।

2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) सर एडवर्ड मेनार्ड डेस चैम्प्स चामियर (ख) पंडित लक्ष्मी कांत झा (ग) सर कर्टनी टेरेल (घ) आर्थर ट्रेवर डॉसन

(क) वेतन और पेंशन दोनों राज्य की संचित निधि से दिए जाते हैं। (ख) वेतन और पेंशन दोनों भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं। (ग) वेतन राज्य की संचित निधि से और पेंशन भारत की संचित निधि से दी जाती है। (घ) वेतन भारत की संचित निधि से और पेंशन राज्य की संचित निधि से दी जाती है।

(क) अनुच्छेद 214 (ख) अनुच्छेद 217 (ग) अनुच्छेद 226 (घ) अनुच्छेद 231

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC परीक्षा में पटना उच्च न्यायालय की स्थापना तिथि (3 फरवरी 1916), प्रथम मुख्य न्यायाधीश, अनुच्छेद 226 (रिट क्षेत्राधिकार) तथा न्यायाधीशों के वेतन एवं पेंशन के नियमों से सीधे एवं कथन-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 3 फरवरी 1916 को पटना HC खुला; रिट में 226 (HC) 32 (SC) से बड़ा!

भारत के प्रमुख संवैधानिक निकाय (अनुच्छेद सहित)

भारतीय संविधान में कुछ विशेष संस्थाओं का उल्लेख सीधे अनुच्छेदों में किया गया है, जिन्हें संवैधानिक निकाय कहा जाता है। महान्यायवादी (अनुच्छेद 76) भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है, जबकि सीएजी (अनुच्छेद 148) सार्वजनिक धन का संरक्षक होता है। निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324) देश में निष्पक्ष चुनाव आयोजित कराता है तथा राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K) स्थानीय निकायों के चुनाव कराता है। वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे की सिफारिश करता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) अनुच्छेद 315 के तहत लोक सेवकों की भर्ती के लिए जिम्मेदार हैं। इन निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति और कार्यकाल से प्रश्न BPSC में बार-बार पूछे जाते हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) वह संसद के किसी भी सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है और मतदान कर सकता है। (ख) उसे पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया अपनाई जाती है। (ग) वह राष्ट्रपति को विधिक मामलों में परामर्श देता है और राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। (घ) उसकी नियुक्ति संसद की सिफारिश पर प्रधानमंत्री करते हैं।

(क) भारत के राष्ट्रपति (ख) संसद विधि द्वारा (ग) केंद्रीय मंत्रिमंडल (घ) सर्वोच्च न्यायालय

(क) नियुक्ति और पदमुक्ति दोनों राज्यपाल द्वारा की जाती है। (ख) नियुक्ति और पदमुक्ति दोनों राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। (ग) नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, परंतु पदमुक्ति केवल राष्ट्रपति द्वारा हो सकती है। (घ) नियुक्ति मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते हैं।

(क) भारत का महान्यायवादी - अनुच्छेद 76 (ख) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक - अनुच्छेद 148 (ग) वित्त आयोग - अनुच्छेद 280 (घ) राज्य निर्वाचन आयोग - अनुच्छेद 326

(क) 80 वर्ष (ख) 82 वर्ष (ग) 85 वर्ष (घ) 90 वर्ष

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त सुनवाई हेतु अर्ह नहीं है। (ख) राष्ट्रपति को विधिक मामलों में परामर्श देता है। (ग) संसद के सदन की प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता है। (घ) सरकार का पूर्ण कालिक सलाहकार है।

(क) भारत का राष्ट्रपति (ख) मंत्रिपरिषद (ग) संसद विधि द्वारा (घ) संघीय कैबिनेट

(क) 80 वर्ष (ख) 85 वर्ष (ग) 90 वर्ष (घ) 82 वर्ष

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में संवैधानिक निकायों से अनुच्छेदों (जैसे 76, 148, 280, 324, 243K), नियुक्तिकर्ता, कार्यकाल, सदस्यों की योग्यताओं को निर्धारित करने वाली संस्था तथा संशोधनों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 अनुच्छेद क्रम याद रखें: AG(76) -> CAG(148) -> SEC(243K) -> FC(280) -> UPSC(315) -> EC(324)

गैर-संवैधानिक एवं वैधानिक निकाय (नीति आयोग, NHRC, CVC, लोकपाल)

भारतीय शासन व्यवस्था में ऐसे निकाय जिनका उल्लेख संविधान के मूल पाठ या अनुच्छेदों में नहीं है, गैर-संवैधानिक निकाय कहलाते हैं। इन्हें दो श्रेणियों में बांटा जाता है: वैधानिक (संसद के कानून द्वारा निर्मित) और कार्यकारी (मंत्रिमंडल के प्रस्ताव द्वारा निर्मित)। नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर एक कार्यकारी निकाय के रूप में गठित किया गया, जो 'सहकारी संघवाद' और 'थिंक टैंक' के रूप में कार्य करता है। नीति आयोग के प्रमुख दस्तावेज़ विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को वर्ष 2070 तक नेट जीरो (Net Zero 2070) उत्सर्जन लक्ष्य के साथ संरेखित करते हैं। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की स्थापना एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई। इसी प्रकार, भ्रष्टाचार रोकने हेतु संथानम समिति की सिफारिश पर CVC (1964 में गठित, 2003 में वैधानिक दर्जा) तथा 2013 के अधिनियम द्वारा लोकपाल का गठन किया गया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (ख) केंद्रीय सतर्कता आयोग (ग) नीति आयोग (घ) केंद्रीय सूचना आयोग

(क) बलवंत राय मेहता समिति (ख) के. संथानम समिति (ग) प्रशासनिक सुधार आयोग (घ) स्वर्ण सिंह समिति

1. यह एक संवैधानिक निकाय है।

2. इसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत हुई थी।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) इसके अध्यक्ष भारत के वित्त मंत्री होते हैं। (ख) यह राज्यों को वित्तीय अनुदान आवंटित करता है। (ग) यह एक वैधानिक संस्था है। (घ) भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।

(क) न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी (ख) न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष (ग) न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तू (घ) न्यायमूर्ति यू. यू. ललित

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रीलिम्स में गैर-संवैधानिक निकायों से प्रश्न अक्सर उनके स्वरूप (संवैधानिक बनाम वैधानिक/कार्यकारी), स्थापना का वर्ष, संबंधित समिति की सिफारिशें (जैसे CVC के लिए संथानम समिति) तथा अध्यक्ष/संरचना से पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 याद रखें: CVC = संथानम समिति (1964/2003) | नीति = कार्यकारी Think Tank (1 Jan 2015) | NHRC = 1993 अधिनियम

आपातकालीन प्रावधान (अनुच्छेद 352, 356, 360)

भारतीय संविधान के भाग XVIII (अनुच्छेद 352 से 360) में आपातकालीन प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इन प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा की रक्षा करना है। आपातकाल लागू होने पर भारत का संघात्मक ढांचा बिना किसी औपचारिक संशोधन के एकात्मक रूप में बदल जाता है। राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर लगाया जाता है। राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता पर राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) और वित्तीय स्थायित्व को खतरा होने पर वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) लागू किया जाता है। 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा इन प्रावधानों में दूरगामी सुधार किए गए ताकि इनका दुरुपयोग रोका जा सके।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अनुच्छेद 356 (ख) अनुच्छेद 358 (ग) अनुच्छेद 359 (घ) अनुच्छेद 360

1. इसकी उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा 1 महीने के भीतर विशेष बहुमत से स्वीकृत होना चाहिए।

2. 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) 1 वर्ष (ख) 2 वर्ष (ग) 3 वर्ष (घ) अनिश्चित काल

(क) इसे संसद द्वारा 1 माह के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिए। (ख) इसे लागू करने की अधिकतम अवधि 3 वर्ष है। (ग) भारत में इसे अब तक एक बार लागू किया जा चुका है। (घ) इसके लागू रहने की कोई अधिकतम समय-सीमा निर्धारित नहीं है।

(क) अनुच्छेद 74 (42वां संशोधन) (ख) अनुच्छेद 352 (44वां संशोधन) (ग) अनुच्छेद 75 (44वां संशोधन) (घ) अनुच्छेद 356 (42वां संशोधन)

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में आपातकालीन प्रावधानों से अनुच्छेद 352, 356 और 360 के अंतर, आवश्यक बहुमत, समय सीमा और 44वें संशोधन के बदलावों पर सीधे एवं कथन-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 अनुच्छेद का क्रम: 352 (+4) -> 356 (+4) -> 360। स्वीकृति समय: 352 के लिए 1 महीना, बाकी दोनों (356 व 360) के लिए 2 महीने।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. पटना उच्च न्यायालय की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. (क) 1912
  2. (ख) 1916
  3. (ग) 1919
  4. (घ) 1921
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1916

पटना उच्च न्यायालय की स्थापना 3 फरवरी 1916 को हुई थी, जब इसने औपचारिक रूप से कार्य करना शुरू किया था।

2. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत भारत का राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय से विधिक या तथ्यात्मक प्रश्नों पर सलाह ले सकता है?

  1. (क) अनुच्छेद 129
  2. (ख) अनुच्छेद 131
  3. (ग) अनुच्छेद 137
  4. (घ) अनुच्छेद 143
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) अनुच्छेद 143

अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को सार्वजनिक महत्व के मामलों पर सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श लेने की शक्ति (सलाहकारी क्षेत्राधिकार) प्रदान करता है।

3. भारत में जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा की शुरुआत मुख्य रूप से किस मुख्य न्यायाधीश/न्यायमूर्ति की पहल से मानी जाती है?

  1. (क) न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्ला
  2. (ख) न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती
  3. (ग) न्यायमूर्ति एच. जे. कनिया
  4. (घ) न्यायमूर्ति वाई. वी. चंद्रचूड़
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती

भारत में पीआईएल (PIL) की शुरुआत 1980 के दशक में न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्णा अय्यर द्वारा की गई थी।

4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति अनुच्छेद 76 के तहत राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। 2. उन्हें संसद के दोनों सदनों में बोलने और कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है। 3. उन्हें संसद में मतदान करने का अधिकार भी प्राप्त है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. (क) केवल 1 और 2
  2. (ख) केवल 2 और 3
  3. (ग) केवल 1 और 3
  4. (घ) 1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (क) केवल 1 और 2

अनुच्छेद 88 के तहत महान्यायवादी को संसद के दोनों सदनों में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, परंतु उन्हें मतदान करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

5. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए: सूची-I (संस्थान) A. भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक B. वित्त आयोग C. भारत निर्वाचन आयोग D. संघ लोक सेवा आयोग सूची-II (अनुच्छेद) 1. अनुच्छेद 280 2. अनुच्छेद 148 3. अनुच्छेद 315 4. अनुच्छेद 324 कूट:

  1. (क) A-2, B-1, C-4, D-3
  2. (ख) A-1, B-2, C-4, D-3
  3. (ग) A-2, B-1, C-3, D-4
  4. (घ) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर देखें

उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3

CAG अनुच्छेद 148, वित्त आयोग अनुच्छेद 280, निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 और UPSC अनुच्छेद 315 के तहत उल्लिखित हैं।

6. लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के 'मित्र, दार्शनिक एवं मार्गदर्शक' के रूप में कौन कार्य करता है?

  1. (क) भारत का महान्यायवादी
  2. (ख) भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG)
  3. (ग) वित्त आयोग के अध्यक्ष
  4. (घ) रिजर्व बैंक के गवर्नर
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG)

CAG की लेखापरीक्षा रिपोर्टों की जांच संसद की लोक लेखा समिति (PAC) करती है, इसलिए CAG को इस समिति का 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' कहा जाता है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा निकाय न तो संवैधानिक है और न ही सांविधिक (वैधानिक), बल्कि एक गैर-सांविधिक कार्यकारी निकाय है?

  1. (क) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)
  2. (ख) केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)
  3. (ग) नीति आयोग (NITI Aayog)
  4. (घ) लोकपाल
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) नीति आयोग (NITI Aayog)

नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक कार्यकारी संकल्प द्वारा की गई थी। यह न तो संवैधानिक निकाय है और न ही सांविधिक।

8. किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 352 में राष्ट्रीय आपातकाल के आधार के रूप में 'आंतरिक अशांति' शब्द के स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द प्रतिस्थापित किया गया?

  1. (क) 42वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
  2. (ख) 44वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
  3. (ग) 52वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1985
  4. (घ) 61वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1989
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 44वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1978

44वें संविधान संशोधन अधिनियम 1978 द्वारा अनुच्छेद 352 में 'आंतरिक अशांति' शब्द को हटाकर 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द जोड़ा गया ताकि आपातकाल के दुरुपयोग को रोका जा सके।

9. उच्च न्यायालयों के रिट क्षेत्राधिकार के संदर्भ में, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 226 सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 से किस प्रकार भिन्न है?

  1. (क) अनुच्छेद 226 केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन तक सीमित है।
  2. (ख) अनुच्छेद 226 मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य सामान्य विधिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु भी रिट जारी करने की शक्ति देता है।
  3. (ग) उच्च न्यायालय केवल बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट जारी कर सकता है।
  4. (घ) अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करना उच्च न्यायालय के लिए अनिवार्य है।
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) अनुच्छेद 226 मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य सामान्य विधिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु भी रिट जारी करने की शक्ति देता है।

सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 के तहत केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत विधिक अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।

10. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 360 के अंतर्गत वित्तीय आपातकाल भारत में अब तक कितनी बार घोषित किया गया है?

  1. (क) एक बार (1991 के आर्थिक संकट के दौरान)
  2. (ख) दो बार
  3. (ग) तीन बार
  4. (घ) एक बार भी नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) एक बार भी नहीं

भारत में अब तक एक बार भी अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपातकाल लागू नहीं किया गया है।

English version — Judiciary, Constitutional and Non-Constitutional Bodies, and Emergency Provisions

This chapter is crucial for both BPSC Prelims General Studies and Mains GS Paper-2 (Indian Polity). Questions regarding the jurisdictions of the Supreme Court and Patna High Court, key constitutional posts, and emergency provisions are routinely asked every year.

Supreme Court: Appointment, Jurisdiction, PIL

Part V (Articles 124 to 147) of the Indian Constitution deals with the organization, powers, and jurisdiction of the Supreme Court. India has a single integrated judicial system with the Supreme Court at its apex, inaugurated on January 28, 1950. Judges, including the Chief Justice of India (CJI), are appointed by the President following recommendations from the Collegium system. The court exercises original jurisdiction (Article 131), writ jurisdiction (Article 32), appellate jurisdiction, and advisory jurisdiction (Article 143). Under Article 129, it serves as a Court of Record with powers to punish for its contempt. To ensure justice for marginalized sections, Public Interest Litigation (PIL) was introduced in the 1980s under the pioneering leadership of Justice P. N. Bhagwati and Justice V. R. Krishna Iyer.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अनुच्छेद 126 (ख) अनुच्छेद 129 (ग) अनुच्छेद 131 (घ) अनुच्छेद 137

(क) भारत के राष्ट्रपति को (ख) भारत के मुख्य न्यायाधीश को (ग) संसद को (विधि द्वारा) (घ) विधि मंत्रालय को

(क) अपीलीय क्षेत्राधिकार (ख) परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार (ग) प्रारंभिक (मूल) क्षेत्राधिकार (घ) समीक्षा क्षेत्राधिकार

1. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक पद धारण करते हैं।

2. राष्ट्रपति को सलाह देने का परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार अनुच्छेद 143 में वर्णित है।

3. भारत में जनहित याचिका (PIL) की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3

(क) न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्ला (ख) न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती (ग) न्यायमूर्ति एच. जे. कानिया (घ) न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा

(क) केंद्रीय कानून मंत्री (ख) प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति (ग) भारत के राष्ट्रपति (घ) उपराष्ट्रपति

How it is asked

BPSC frequently tests direct articles (such as 32, 129, 131, 143), retirement age of SC judges (65 years vs HC 62 years), Parliamentary power to increase judges, and the origin/pioneers of PIL. Statement-based questions often contrast original and appellate jurisdictions.

Do not confuse

💡 याद रखें '143 = सलाह': राष्ट्रपति SC से विधिक मामलों में प्यार से सलाह मांगते हैं अनुच्छेद 143 के तहत (पर मानना बाध्यकारी नहीं)।

High Courts including Patna High Court (1916)

Articles 214 to 231 in Part VI of the Indian Constitution govern the organization, jurisdiction, and powers of High Courts. Article 214 mandates a High Court for each state, while Article 231 empowers Parliament to establish a common High Court for multiple states. High Court judges are appointed by the President in consultation with the Chief Justice of India and the state Governor. For Bihar competitive exams, the Patna High Court, established on 3 February 1916 with Sir Edward Maynard Des Champs Chamier as its first Chief Justice, is a key subject. Under Article 226, High Courts possess broad writ jurisdiction extending to both fundamental and legal rights. Furthermore, under Article 215, a High Court functions as a Court of Record with powers to punish for its contempt.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 3 मार्च 1916 (ख) 3 फरवरी 1916 (ग) 1 अप्रैल 1912 (घ) 12 दिसंबर 1911

(क) संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा (ख) भारत के राष्ट्रपति द्वारा (ग) भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा (घ) राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा

1. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी कर सकता है।

2. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) सर एडवर्ड मेनार्ड डेस चैम्प्स चामियर (ख) पंडित लक्ष्मी कांत झा (ग) सर कर्टनी टेरेल (घ) आर्थर ट्रेवर डॉसन

(क) वेतन और पेंशन दोनों राज्य की संचित निधि से दिए जाते हैं। (ख) वेतन और पेंशन दोनों भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं। (ग) वेतन राज्य की संचित निधि से और पेंशन भारत की संचित निधि से दी जाती है। (घ) वेतन भारत की संचित निधि से और पेंशन राज्य की संचित निधि से दी जाती है।

(क) अनुच्छेद 214 (ख) अनुच्छेद 217 (ग) अनुच्छेद 226 (घ) अनुच्छेद 231

How it is asked

BPSC frequently asks direct and statement-based questions on the Patna High Court establishment date (3 Feb 1916), first Chief Justice, Article 226 writ powers, and salary-pension funding rules.

Do not confuse

💡 3 फरवरी 1916 को पटना HC खुला; रिट में 226 (HC) 32 (SC) से बड़ा!

Constitutional Bodies of India with Articles

Constitutional bodies are authorities created directly by the Constitution of India. The Attorney General (Article 76) is the chief legal advisor to the Union Government, while the CAG (Article 148) acts as the guardian of the public purse. The Election Commission of India (Article 324) manages national and state elections, whereas State Election Commissions (Article 243K) handle local body elections. The Finance Commission (Article 280) recommends tax revenue distribution between the Union and States. UPSC and SPSC (Articles 315-323) conduct recruitment for civil services. Their articles, appointments, tenures, and removal procedures are frequently tested in BPSC CCE.

Key facts

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Practice questions (solved)

(क) वह संसद के किसी भी सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है और मतदान कर सकता है। (ख) उसे पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया अपनाई जाती है। (ग) वह राष्ट्रपति को विधिक मामलों में परामर्श देता है और राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। (घ) उसकी नियुक्ति संसद की सिफारिश पर प्रधानमंत्री करते हैं।

(क) भारत के राष्ट्रपति (ख) संसद विधि द्वारा (ग) केंद्रीय मंत्रिमंडल (घ) सर्वोच्च न्यायालय

(क) नियुक्ति और पदमुक्ति दोनों राज्यपाल द्वारा की जाती है। (ख) नियुक्ति और पदमुक्ति दोनों राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। (ग) नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, परंतु पदमुक्ति केवल राष्ट्रपति द्वारा हो सकती है। (घ) नियुक्ति मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते हैं।

(क) भारत का महान्यायवादी - अनुच्छेद 76 (ख) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक - अनुच्छेद 148 (ग) वित्त आयोग - अनुच्छेद 280 (घ) राज्य निर्वाचन आयोग - अनुच्छेद 326

(क) 80 वर्ष (ख) 82 वर्ष (ग) 85 वर्ष (घ) 90 वर्ष

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त सुनवाई हेतु अर्ह नहीं है। (ख) राष्ट्रपति को विधिक मामलों में परामर्श देता है। (ग) संसद के सदन की प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता है। (घ) सरकार का पूर्ण कालिक सलाहकार है।

(क) भारत का राष्ट्रपति (ख) मंत्रिपरिषद (ग) संसद विधि द्वारा (घ) संघीय कैबिनेट

(क) 80 वर्ष (ख) 85 वर्ष (ग) 90 वर्ष (घ) 82 वर्ष

How it is asked

BPSC tests constitutional bodies through direct factual questions on governing articles, appointing authorities, removal procedures, and terms of office.

Do not confuse

💡 अनुच्छेद क्रम याद रखें: AG(76) -> CAG(148) -> SEC(243K) -> FC(280) -> UPSC(315) -> EC(324)

Non-Constitutional & Statutory Bodies (NITI Aayog, NHRC, CVC, Lokpal)

Bodies that are not mentioned in the original articles of the Indian Constitution are termed non-constitutional bodies. They are broadly classified into statutory bodies (created by an Act of Parliament) and executive bodies (created by a Cabinet resolution). NITI Aayog was established on 1 January 2015 by an executive resolution replacing the Planning Commission to function as a think tank based on cooperative federalism. NITI Aayog reports align Viksit Bharat 2047 targets with India's Net Zero 2070 commitments alongside revitalizing state economies. The National Human Rights Commission (NHRC) was formed as a statutory body under the Protection of Human Rights Act, 1993. Similarly, the Central Vigilance Commission (CVC, formed in 1964 and granted statutory status in 2003 based on Santhanam Committee recommendations) and Lokpal (under Lokpal Act 2013) were created to tackle corruption.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (ख) केंद्रीय सतर्कता आयोग (ग) नीति आयोग (घ) केंद्रीय सूचना आयोग

(क) बलवंत राय मेहता समिति (ख) के. संथानम समिति (ग) प्रशासनिक सुधार आयोग (घ) स्वर्ण सिंह समिति

1. यह एक संवैधानिक निकाय है।

2. इसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत हुई थी।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) इसके अध्यक्ष भारत के वित्त मंत्री होते हैं। (ख) यह राज्यों को वित्तीय अनुदान आवंटित करता है। (ग) यह एक वैधानिक संस्था है। (घ) भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।

(क) न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी (ख) न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष (ग) न्यायमूर्ति एच. एल. दत्तू (घ) न्यायमूर्ति यू. यू. ललित

How it is asked

In BPSC Prelims, questions on non-constitutional bodies frequently focus on their nature (constitutional vs statutory/executive), year of establishment, recommending committee (e.g., Santhanam Committee for CVC), and head/composition.

Do not confuse

💡 याद रखें: CVC = संथानम समिति (1964/2003) | नीति = कार्यकारी Think Tank (1 Jan 2015) | NHRC = 1993 अधिनियम

Emergency Provisions (Article 352, 356, 360)

Part XVIII (Articles 352 to 360) of the Indian Constitution details emergency provisions to safeguard the sovereignty, unity, integrity, and security of the nation. During an emergency, the federal structure transforms into a unitary system without a formal constitutional amendment. National Emergency (Article 352) is declared on grounds of war, external aggression, or armed rebellion. President's Rule (Article 356) is imposed during the breakdown of constitutional machinery in a state, while Financial Emergency (Article 360) addresses threats to financial stability. The 44th Constitutional Amendment Act of 1978 introduced crucial safeguards to prevent the misuse of these powers.

Key facts

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Practice questions (solved)

(क) अनुच्छेद 356 (ख) अनुच्छेद 358 (ग) अनुच्छेद 359 (घ) अनुच्छेद 360

1. इसकी उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा 1 महीने के भीतर विशेष बहुमत से स्वीकृत होना चाहिए।

2. 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द को 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) 1 वर्ष (ख) 2 वर्ष (ग) 3 वर्ष (घ) अनिश्चित काल

(क) इसे संसद द्वारा 1 माह के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिए। (ख) इसे लागू करने की अधिकतम अवधि 3 वर्ष है। (ग) भारत में इसे अब तक एक बार लागू किया जा चुका है। (घ) इसके लागू रहने की कोई अधिकतम समय-सीमा निर्धारित नहीं है।

(क) अनुच्छेद 74 (42वां संशोधन) (ख) अनुच्छेद 352 (44वां संशोधन) (ग) अनुच्छेद 75 (44वां संशोधन) (घ) अनुच्छेद 356 (42वां संशोधन)

How it is asked

BPSC frequently asks direct and statement-based questions on emergency articles (352, 356, 360), parliamentary approval timeframes, majorities, and changes brought by the 44th Amendment.

Do not confuse

💡 अनुच्छेद का क्रम: 352 (+4) -> 356 (+4) -> 360। स्वीकृति समय: 352 के लिए 1 महीना, बाकी दोनों (356 व 360) के लिए 2 महीने।

Quick revision

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