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BPSC CCEभारतीय राजव्यवस्थासंघ सरकार: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद
Union Government: President, Prime Minister and Parliament
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के भारतीय राजव्यवस्था खंड और मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2 (GS Paper 2) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति, मंत्रिपरिषद और संसद की कार्यप्रणाली तथा प्रक्रियाओं से प्रतिवर्ष प्रत्यक्ष तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति: निर्वाचन, शक्तियां, महाभियोग व अध्यादेश
भारतीय संविधान के भाग 5 (अनुच्छेद 52 से 78) के अंतर्गत संघ कार्यपालिका का विवरण दिया गया है। राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख तथा प्रथम नागरिक होता है, जिसकी समस्त कार्यपालिका शक्तियाँ उसके नाम से संचालित होती हैं। राष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों तथा राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होता है। यदि राष्ट्रपति संविधान का उल्लंघन करता है, तो अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग चलाकर उसे पद से हटाया जा सकता है। राष्ट्रपति के पास अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी करने और अनुच्छेद 72 के तहत क्षमादान देने की विशेष शक्तियाँ हैं। राज्य के राज्यपाल द्वारा अनुच्छेद 201 के तहत आरक्षित विधेयकों पर राष्ट्रपति अंतिम निर्णय लेता है। उपराष्ट्रपति अनुच्छेद 63 के तहत राज्य सभा का पदेन सभापति होता है और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उसके कर्तव्यों का निर्वहन करता है।
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा और अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी।
- राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल (अनुच्छेद 54) में संसद के दोनों सदनों तथा राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
- 70वें संविधान संशोधन 1992 द्वारा दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को राष्ट्रपति के निर्वाचन में शामिल किया गया।
- राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) की प्रक्रिया संसद के किसी भी सदन में शुरू की जा सकती है, जिसके लिए 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिनों की पूर्व सूचना अनिवार्य है।
- राष्ट्रपति पर महाभियोग का प्रस्ताव पारित करने के लिए सदन की कुल सदस्यता के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत की आवश्यकता होती है।
- अनुच्छेद 123 के तहत जब संसद का सत्र न चल रहा हो, तब राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकता है, जिसकी अधिकतम अवधि 6 माह और 6 सप्ताह होती है।
- अनुच्छेद 201 के अनुसार, राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित किसी राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति स्वीकृति दे सकता है या रोक सकता है।
- अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को मृत्युदंड और सैन्य अदालत (Court Martial) द्वारा दी गई सजा को क्षमा करने की अनन्य शक्ति प्राप्त है।
- नीलम संजीवा रेड्डी भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे जो राष्ट्रपति बनने से पूर्व लोकसभा के अध्यक्ष रहे थे और निर्विरोध चुने गए थे।
- अनुच्छेद 63 के तहत भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा, जो अनुच्छेद 64 के अनुसार राज्य सभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है।
- उपराष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों) भाग लेते हैं, लेकिन राज्य विधानसभाओं के सदस्य नहीं।
तालिका
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 52 एवं 53 · विषय (Topic): भारत का राष्ट्रपति व कार्यपालिका शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): भारत का संवैधानिक प्रमुख; संघ की कार्यपालिका शक्ति निहित।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 54 एवं 55 · विषय (Topic): राष्ट्रपति का निर्वाचन व रीति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संसद व राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 61 · विषय (Topic): राष्ट्रपति पर महाभियोग · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संविधान के उल्लंघन पर संसद के किसी भी सदन में 2/3 बहुमत से।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 63 एवं 64 · विषय (Topic): उपराष्ट्रपति व राज्य सभा का पदेन सभापति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): भारत का दूसरा सर्वोच्च पद; राज्य सभा का पदेन सभापति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 72 · विषय (Topic): राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): मृत्युदंड और सैन्य अदालत (Court Martial) की सजा को माफ करने की शक्ति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 123 · विषय (Topic): अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संसद के विश्रांतिकाल में कानून बनाने की आपात शक्ति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 201 · विषय (Topic): आरक्षित राज्य विधेयकों पर सहमति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ भेजे गए राज्य विधेयकों पर निर्णय।
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल के संदर्भ में सही है?
(क) संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य भाग लेते हैं। (ख) राज्य विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। (ग) संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। (घ) केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भाग लेते हैं।
- ✔ उत्तर: (ग) संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। — राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं, मनोनीत या विधान परिषद के सदस्य नहीं।
- प्रश्न 2: राष्ट्रपति पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाकर महाभियोग की प्रक्रिया किस सदन में प्रारंभ की जा सकती है?
(क) केवल लोकसभा में (ख) केवल राज्यसभा में (ग) संसद के किसी भी सदन में (घ) केवल उच्चतम न्यायालय की सिफारिश पर
- ✔ उत्तर: (ग) संसद के किसी भी सदन में — अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में प्रस्तुत किया जा सकता है।
- प्रश्न 3: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति अध्यादेश जारी करने की शक्ति रखता है?
(क) अनुच्छेद 110 (ख) अनुच्छेद 123 (ग) अनुच्छेद 213 (घ) अनुच्छेद 352
- ✔ उत्तर: (ख) अनुच्छेद 123 — अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है।
- प्रश्न 4: राष्ट्रपति के क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्णतः क्षमा कर सकता है।
2. राष्ट्रपति सैन्य अदालत (Court Martial) द्वारा दी गई सजा को माफ नहीं कर सकता।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — राष्ट्रपति सैन्य अदालत द्वारा दी गई सजा को भी माफ कर सकता है, इसलिए कथन 2 असत्य है।
- प्रश्न 5: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I (अनुच्छेद)
A. अनुच्छेद 61
B. अनुच्छेद 72
C. अनुच्छेद 123
D. अनुच्छेद 201
सूची-II (विषय)
1. क्षमादान की शक्ति
2. राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश
3. राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति की स्वीकृति
4. महाभियोग की प्रक्रिया
(क) A-4, B-1, C-2, D-3 (ख) A-1, B-4, C-2, D-3 (ग) A-4, B-2, C-1, D-3 (घ) A-3, B-1, C-2, D-4
- ✔ उत्तर: (क) A-4, B-1, C-2, D-3 — अनुच्छेद 61 (महाभियोग), 72 (क्षमादान), 123 (अध्यादेश) तथा 201 (राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति की सहमति) का सही मिलान A-4, B-1, C-2, D-3 है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 19] निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रपति बनने से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रहे थे ?
(क) वी. वी. गिरी (ख) ज्ञानी जैल सिंह (ग) ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (घ) नीलम संजीवा रेड्डी
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) नीलम संजीवा रेड्डी — नीलम संजीवा रेड्डी भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे जो पहले लोकसभा अध्यक्ष रह चुके थे।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 56] लोकसभा के सचिवालय स्टाफ की नियुक्ति की शक्ति निहित है :
(क) प्रधानमंत्री कार्यालय में (ख) संघ लोक सेवा आयोग में (ग) कर्मचारी चयन आयोग में (घ) लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श उपरान्त राष्ट्रपति में
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श उपरान्त राष्ट्रपति में — संसदीय नियमों और संवैधानिक व्यवस्था के तहत लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष के परामर्श पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल के सदस्यों, महाभियोग प्रक्रिया की शर्तों, अध्यादेश जारी करने के अनुच्छेद (123) तथा पूर्व राष्ट्रपतियों की पृष्ठभूमि (जैसे नीलम संजीवा रेड्डी) से सीधे और कथन-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ निर्वाचन बनाम महाभियोग: संसद के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के 'निर्वाचन' में भाग नहीं लेते, परंतु 'महाभियोग' प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
- ✘ अध्यादेश अनुच्छेद: राष्ट्रपति अध्यादेश अनुच्छेद 123 के तहत जारी करता है, जबकि राज्यपाल अध्यादेश अनुच्छेद 213 के तहत जारी करता है।
- ✘ उपराष्ट्रपति का निर्वाचन: राज्य विधानसभाओं के सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट नहीं देते।
💡 राष्ट्रपति अध्यादेश '1-2-3' (Art 123) और राज्यपाल अध्यादेश '2-1-3' (Art 213) से जारी होता है।
प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद्
भारत में संसदीय शासन प्रणाली होने के कारण राष्ट्रपति नाममात्र का कार्यपालक होता है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद् में निहित होती है। संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद् होगी, जिसकी सलाह पर राष्ट्रपति कार्य करता है। अनुच्छेद 75 के तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति करता है। मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र दे दे या उसकी मृत्यु हो जाए, तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद् स्वतः ही विघटित हो जाती है।
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद् होगी।
- अनुच्छेद 75(1): प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेगा।
- अनुच्छेद 75(3): मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
- अनुच्छेद 75(2): मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।
- 91वाँ संविधान संशोधन (2003): मंत्रिपरिषद् का कुल आकार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकता।
- अनुच्छेद 78: प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन संबंधी निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को दे।
- मंत्रियों की श्रेणियाँ: तीन श्रेणियाँ होती हैं - कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री।
- गैर-सांसद का मंत्री बनना: कोई व्यक्ति बिना संसद सदस्य बने अधिकतम 6 माह तक मंत्री रह सकता है।
- मंत्रिमंडल (Cabinet) शब्द: मूल संविधान में नहीं था; इसे 44वें संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 352 में जोड़ा गया।
- प्रधानमंत्री नीति आयोग, राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर-राज्य परिषद और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद के अध्यक्ष होते हैं।
- 18वीं लोकसभा (2024) में गिरिराज सिंह को केंद्रीय कपड़ा मंत्री का पद आवंटित किया गया।
- अनुच्छेद 75(4): मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति द्वारा दिलाई जाती है।
तालिका
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 74 · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद्
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(1) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा तथा अन्य मंत्री PM की सलाह पर नियुक्त होंगे
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(2) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद धारण करेंगे
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(3) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 78 · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: राष्ट्रपति को प्रशासनिक निर्णय एवं विधायी प्रस्तावों की जानकारी देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है?
(क) अनुच्छेद 74(1) (ख) अनुच्छेद 75(3) (ग) अनुच्छेद 77(2) (घ) अनुच्छेद 78
- ✔ उत्तर: (ख) अनुच्छेद 75(3) — अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी।
- प्रश्न 7: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद् में प्रधानमंत्री सहित कुल मंत्रियों की संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती?
(क) 10% (ख) 12% (ग) 15% (घ) 20%
- ✔ उत्तर: (ग) 15% — 91वें संशोधन (2003) द्वारा मंत्रियों की अधिकतम सीमा लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15% निर्धारित की गई है।
- प्रश्न 8: केन्द्रीय सरकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है। 2. बिना किसी सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति 6 माह से अधिक मंत्री नहीं रह सकता। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — मंत्रालयों का आवंटन राष्ट्रपति PM की सलाह पर करता है तथा गैर-सांसद अधिकतम 6 माह तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।
- प्रश्न 9: निम्नलिखित में से किन निकायों के पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं? 1. नीति आयोग 2. राष्ट्रीय एकता परिषद 3. अंतर-राज्य परिषद 4. राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1, 2 और 3 (ग) केवल 2, 3 और 4 (घ) 1, 2, 3 और 4
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2, 3 और 4 — प्रधानमंत्री नीति आयोग, राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर-राज्य परिषद तथा राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद इन सभी निकायों के अध्यक्ष होते हैं।
- प्रश्न 10: मूल संविधान में 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) शब्द का उल्लेख किस अनुच्छेद में था?
(क) अनुच्छेद 74 (ख) अनुच्छेद 75 (ग) अनुच्छेद 352 (घ) मूल संविधान में कहीं नहीं
- ✔ उत्तर: (घ) मूल संविधान में कहीं नहीं — 'मंत्रिमंडल' शब्द मूल संविधान में नहीं था; इसे 44वें संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 352 में जोड़ा गया।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 61] केन्द्रीय सरकार के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
1) मंत्रालय तथा विभागों का निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा कैबिनेट सचिव के परामर्श से होता है।
2) प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है।
इनमें से :
(क) केवल 1 सही है (ख) केवल 2 सही है (ग) 1 और 2 सही है (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) केवल 2 सही है — मंत्रियों को मंत्रालय का आवंटन राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर किया जाता है (कैबिनेट सचिव के परामर्श पर नहीं)।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 135] 18वीं लोकसभा के चुनाव के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय कपड़ा मंत्री के रूप में किसे नियुक्त किया गया ?
(क) भूपेन्द्र यादव (अलवर) (ख) गिरिराज सिंह (बेगूसराय) (ग) गजेन्द्र सिंह शेखावत (जोधपुर) (घ) राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मुंगेर)
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) गिरिराज सिंह (बेगूसराय) — 18वीं लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय कपड़ा मंत्री का पद गिरिराज सिंह (बेगूसराय) को आवंटित किया गया।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद् से संबंधित प्रश्न अनुच्छेदों (74, 75, 78), 91वें संशोधन (मंत्रिपरिषद् का आकार), सामूहिक उत्तरदायित्व, और नवीनतम केंद्रीय कैबिनेट विभागों के आवंटन पर पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ मंत्रिपरिषद् (Council of Ministers) और मंत्रिमंडल (Cabinet) में अंतर: मंत्रिपरिषद् में सभी श्रेणियों के मंत्री शामिल होते हैं, जबकि मंत्रिमंडल केवल कैबिनेट स्तर के वरिष्ठ मंत्रियों का छोटा समूह है।
- ✘ सामूहिक उत्तरदायित्व (लोकसभा के प्रति, अनुच्छेद 75(3)) और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (राष्ट्रपति के प्रति, अनुच्छेद 75(2)) में भ्रम न करें।
- ✘ गैर-सांसद व्यक्ति के मंत्री रहने की अधिकतम सीमा 6 माह है, जिसके बाद उसे लोकसभा या राज्यसभा में से किसी एक का सदस्य बनना अनिवार्य है।
💡 मंत्रियों का आधार: 74 में सलाह, 75 में नियुक्ति, 78 में कर्तव्य।
संसद: लोकसभा, राज्यसभा संरचना, सत्र एवं अध्यक्ष
भारतीय संसद अनुच्छेद 79 के तहत राष्ट्रपति, राज्यसभा (उच्च सदन) और लोकसभा (निम्न सदन) से मिलकर बनती है। राज्यसभा एक स्थायी सदन है जिसकी अधिकतम सदस्य संख्या 250 है, जिसमें बिहार से 16 सदस्य चुने जाते हैं। लोकसभा जनता का प्रतिनिधि सदन है, जिसकी अधिकतम क्षमता 550 है और बिहार से 40 सदस्य (6 एससी आरक्षित) निर्वाचित होते हैं। 104वें संविधान संशोधन (2019) द्वारा लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के मनोनयन प्रावधान को समाप्त कर दिया गया। संसद के सत्रों को आहूत एवं सत्रावसान करने का अधिकार राष्ट्रपति को है, जबकि बैठक का स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा से मिलकर बनती है।
- अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा की अधिकतम क्षमता 250 (238 निर्वाचित + 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत) निर्धारित है।
- अनुच्छेद 81 के तहत लोकसभा की अधिकतम क्षमता 550 है; 104वें संशोधन (2019) द्वारा आंग्ल-भारतीय मनोनयन समाप्त कर दिया गया।
- बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं, जिनमें से 6 सीटें (गया, गोपालगंज, सासाराम, हाजीपुर, जमुई, समस्तीपुर) अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
- राज्यसभा में बिहार राज्य को कुल 16 सीटें आवंटित की गई हैं, जिनकी व्यवस्था संविधान की चौथी अनुसूची में है।
- अनुच्छेद 102(1)(a) के अनुसार किसी सांसद को सरकार के अधीन 'लाभ का पद' धारण करने पर अयोग्य घोषित किया जाता है।
- अनुच्छेद 85 के तहत राष्ट्रपति संसद के सत्रों को आहूत और सत्रावसान करते हैं; दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतर 6 माह से अधिक नहीं हो सकता।
- सदन की बैठक का स्थगन (Adjournment) केवल पीठासीन अधिकारी (स्पीकर/सभापति) द्वारा किया जाता है।
- अनुच्छेद 93 के तहत लोकसभा अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष (Speaker) और एक उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) का चुनाव करती है।
- राज्यसभा एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता; इसके 1/3 सदस्य प्रत्येक 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।
- लोकसभा का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, परंतु इसे राष्ट्रपति द्वारा समय से पूर्व भी भंग किया जा सकता है।
- लोकसभा अध्यक्ष अपना त्यागपत्र उपाध्यक्ष को तथा उपाध्यक्ष अपना त्यागपत्र अध्यक्ष को सौंपते हैं।
तालिका
- विशेषता / विवरण: संविधान अनुच्छेद · लोकसभा (निम्न सदन): अनुच्छेद 81 · राज्यसभा (उच्च सदन): अनुच्छेद 80
- विशेषता / विवरण: अधिकतम सदस्य क्षमता · लोकसभा (निम्न सदन): 550 (104वें संशोधन बाद) · राज्यसभा (उच्च सदन): 250 (238 निर्वाचित + 12 मनोनीत)
- विशेषता / विवरण: बिहार में आवंटन · लोकसभा (निम्न सदन): 40 सीटें (6 SC हेतु आरक्षित) · राज्यसभा (उच्च सदन): 16 सीटें
- विशेषता / विवरण: न्यूनतम आयु सीमा · लोकसभा (निम्न सदन): 25 वर्ष · राज्यसभा (उच्च सदन): 30 वर्ष
- विशेषता / विवरण: सदन की प्रकृति एवं कार्यकाल · लोकसभा (निम्न सदन): अस्थायी (5 वर्ष, भंग योग्य) · राज्यसभा (उच्च सदन): स्थायी (सदस्य कार्यकाल 6 वर्ष, कभी भंग नहीं)
- विशेषता / विवरण: पीठासीन अधिकारी · लोकसभा (निम्न सदन): लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) · राज्यसभा (उच्च सदन): उपराष्ट्रपति (पदेन सभापति)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकित सदस्यों के संबंध में वर्तमान स्थिति क्या है?
(क) राष्ट्रपति 2 सदस्य मनोनीत करते हैं (ख) 104वें संविधान संशोधन द्वारा मनोनयन समाप्त कर दिया गया है (ग) राष्ट्रपति 1 सदस्य मनोनीत करते हैं (घ) वे आबादी के अनुसार मनोनीत होते हैं
- ✔ उत्तर: (ख) 104वें संविधान संशोधन द्वारा मनोनयन समाप्त कर दिया गया है — 104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है।
- प्रश्न 12: भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद किसी सांसद के लाभ के पद (Office of Profit) पर रहने के आधार पर अयोग्यता का प्रावधान करता है?
(क) अनुच्छेद 102(1)(a) (ख) अनुच्छेद 102(1)(b) (ग) अनुच्छेद 101(2) (घ) अनुच्छेद 103(1)
- ✔ उत्तर: (क) अनुच्छेद 102(1)(a) — अनुच्छेद 102(1)(a) के तहत केंद्र या राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद धारण करने पर सांसद की अयोग्यता का स्पष्ट प्रावधान है।
- प्रश्न 13: संसदीय कार्यवाही के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(क) सदन को आहूत करने का अधिकार राष्ट्रपति को है। (ख) स्थगन केवल पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जा सकता है। (ग) स्थगन का कार्य केवल सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है। (घ) विघटन से लोकसभा का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।
- ✔ उत्तर: (ग) स्थगन का कार्य केवल सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है। — बैठक को स्थगित करने की शक्ति केवल पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) के पास होती है, सदन के नेता के पास अकेले यह अधिकार नहीं होता।
- प्रश्न 14: बिहार राज्य के लिए लोकसभा और राज्यसभा में आवंटित सीटों की संख्या क्रमशः कितनी है?
(क) 40 तथा 16 (ख) 40 तथा 18 (ग) 38 तथा 16 (घ) 54 तथा 22
- ✔ उत्तर: (क) 40 तथा 16 — बिहार से लोकसभा की 40 सीटें तथा राज्यसभा की 16 सीटें आवंटित हैं।
- प्रश्न 15: राज्यसभा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(क) यह एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता। (ख) इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। (ग) इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। (घ) राष्ट्रपति इसमें 14 सदस्यों को मनोनीत करते हैं।
- ✔ उत्तर: (घ) राष्ट्रपति इसमें 14 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। — राष्ट्रपति राज्यसभा में साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा से केवल 12 सदस्य मनोनीत करते हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 5] लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व की क्या स्थिति है ?
(क) राष्ट्रपति द्वारा दो आंग्ल-भारतीय मनोनीत किए जाते हैं (ख) 104वें संवैधानिक संशोधन द्वारा उनका मनोनीत करना समाप्त कर दिया गया है (ग) राष्ट्रपति द्वारा एक आंग्ल-भारतीय मनोनीत किया जाता है (घ) वे उनकी आबादी के अनुसार मनोनीत होते हैं
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) 104वें संवैधानिक संशोधन द्वारा उनका मनोनीत करना समाप्त कर दिया गया है — 104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 16] संविधान का कौन-सा अनुच्छेद किसी सांसद के लाभकारी पद पर रोक लगाता है ?
(क) अनुच्छेद 102 (1) (b) (ख) अनुच्छेद 102 (1) (c) (ग) अनुच्छेद 102 (1) (a) (घ) अनुच्छेद 102 (1) (d)
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) अनुच्छेद 102 (1) (a) — अनुच्छेद 102(1)(a) के तहत यदि कोई संसद सदस्य लाभ का पद धारण करता है तो वह सांसद बनने हेतु अयोग्य हो जाता है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 65] निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1) सदन को आहूत करने का अर्थ दीक्षांत है।
2) स्थगन से सत्रावसान होता है।
3) विघटन सदन को समाप्त करता है।
4) स्थगन सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है।
इनमें कौन-सा सही नहीं हैं?
(क) 2 तथा 3 (ख) 1 तथा 3 (ग) केवल 2 (घ) केवल 4
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) केवल 4 — सदन की बैठक का स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जाता है, न कि सदन के नेता द्वारा अकेले।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में संसद की संरचना, सीटों के आवंटन (विशेष रूप से बिहार की सीटों और आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों), अनुच्छेदों (जैसे अयोग्यता का अनुच्छेद 102(1)(a)), 104वें संविधान संशोधन और सत्र/स्थगन प्रक्रिया पर नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ सत्रावसान (Prorogation) और स्थगन (Adjournment) में भ्रम: सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा पूरा सत्र समाप्त करने हेतु होता है, जबकि स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा दैनिक बैठक रोकने हेतु होता है।
- ✘ लोकसभा क्षमता में भ्रम: 104वें संशोधन के बाद कुल अधिकतम क्षमता 550 (530 राज्य + 20 संघ क्षेत्र) है, आंग्ल-भारतीयों की 2 सीटें हटा दी गई हैं।
- ✘ बिहार में आरक्षित सीटों में भ्रम: बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से केवल 6 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं, ST के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।
💡 याद रखें 'सरला' (79-80-81): स = संसद (79), र = राज्यसभा (80), ला = लोकसभा (81)।
विधेयक: साधारण, धन, संविधान संशोधन विधेयक एवं संयुक्त बैठक
भारतीय संसद में कानून निर्माण की प्रक्रिया विभिन्न प्रकार के विधेयकों के माध्यम से पूरी की जाती है। विधेयक मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं: साधारण विधेयक, धन विधेयक, वित्त विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक। साधारण विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और सदनों में मतभेद की स्थिति में अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकते हैं। धन विधेयक (अनुच्छेद 110) केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से पेश किया जाता है और राज्यसभा इसे अधिकतम 14 दिनों तक ही रोक सकती है। संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) के लिए दोनों सदनों का पृथक विशेष बहुमत अनिवार्य है और इसमें संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 द्वारा भूमि सुधार और ज़मींदारी उन्मूलन कानूनों को नौवीं अनुसूची में शामिल किया गया था।
मुख्य तथ्य
- साधारण विधेयक (अनुच्छेद 107) संसद के किसी भी सदन में बिना राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के पेश किया जा सकता है।
- धन विधेयक को अनुच्छेद 110 में परिभाषित किया गया है और यह केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से ही लाया जा सकता है।
- कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है।
- राज्यसभा धन विधेयक को केवल 14 दिनों तक रोक सकती है; यदि वह कोई संशोधन सुझाती है तो लोकसभा उसे मानने के लिए बाध्य नहीं है।
- अनुच्छेद 108 के तहत संसद की संयुक्त बैठक राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाती है और इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
- संयुक्त बैठक का प्रावधान केवल साधारण और वित्त विधेयकों के लिए है; यह धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक पर लागू नहीं होता है।
- संविधान संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 के अंतर्गत दी गई है और यह विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
- प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम (1951) द्वारा प्रथम भूमि सुधार एवं ज़मींदारी उन्मूलन से संबंधित कानूनों को नौवीं अनुसूची में शामिल किया गया।
- 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1976) 'लघु संविधान' कहलाता है, जिसके द्वारा प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'धर्मनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए।
- 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1978) द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत कानूनी अधिकार बनाया गया।
- 52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1985) द्वारा दल-बदल विरोधी कानून लागू कर दसवीं अनुसूची जोड़ी गई।
- 61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1989) द्वारा मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई।
- 69वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1991) द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) का विशेष दर्जा दिया गया।
- 36वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1975) के तहत सिक्किम को भारत संघ का पूर्ण राज्य बनाया गया।
तालिका
- विधेयक का प्रकार: साधारण विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 107 · प्रस्तुतीकरण का सदन: किसी भी सदन में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: आवश्यक नहीं · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू होती है
- विधेयक का प्रकार: धन विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 110 · प्रस्तुतीकरण का सदन: केवल लोकसभा में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: अनिवार्य है · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू नहीं होती
- विधेयक का प्रकार: वित्त विधेयक (प्रकार I) · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 117(1) · प्रस्तुतीकरण का सदन: केवल लोकसभा में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: अनिवार्य है · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू होती है
- विधेयक का प्रकार: संविधान संशोधन विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 368 · प्रस्तुतीकरण का सदन: किसी भी सदन में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: आवश्यक नहीं · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू नहीं होती
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 16: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 110 के अनुसार, धन विधेयक के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसे संसद के किसी भी सदन में पहले प्रस्तुत किया जा सकता है। (ख) राज्यसभा इसे 6 महीने तक रोक कर रख सकती है। (ग) यह केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से ही पेश किया जा सकता है। (घ) इस पर दोनों सदनों का गतिरोध सुलझाने के लिए संयुक्त बैठक बुलाई जाती है।
- ✔ उत्तर: (ग) यह केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से ही पेश किया जा सकता है। — धन विधेयक केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से प्रस्तुत किया जा सकता है।
- प्रश्न 17: संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
2. दोनों सदनों में असहमति की स्थिति में राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — संविधान संशोधन विधेयक किसी भी सदन में लाया जा सकता है परंतु इसके लिए संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है।
- प्रश्न 18: संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) की अध्यक्षता निम्नलिखित में से कौन करता है?
(क) भारत का राष्ट्रपति (ख) राज्यसभा का सभापति (ग) लोकसभा का अध्यक्ष (घ) केंद्रीय कानून मंत्री
- ✔ उत्तर: (ग) लोकसभा का अध्यक्ष — संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति बुलाते हैं परंतु इसकी अध्यक्षता केवल लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं।
- प्रश्न 19: प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम (1951) का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या था?
(क) दल-बदल पर रोक लगाना (ख) भूमि सुधार और ज़मींदारी उन्मूलन कानूनों को संरक्षण देना (ग) मतदान की आयु 18 वर्ष करना (घ) पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देना
- ✔ उत्तर: (ख) भूमि सुधार और ज़मींदारी उन्मूलन कानूनों को संरक्षण देना — 1st Amendment Act 1951 द्वारा भूमि सुधारों को नौवीं अनुसूची में जोड़कर न्यायिक समीक्षा से सुरक्षा दी गई।
- प्रश्न 20: किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द जोड़े गए?
(क) 44वाँ संशोधन अधिनियम (ख) 42वाँ संशोधन अधिनियम (ग) 24वाँ संशोधन अधिनियम (घ) 52वाँ संशोधन अधिनियम
- ✔ उत्तर: (ख) 42वाँ संशोधन अधिनियम — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्द शामिल किए गए।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 28] 42वें संशोधन द्वारा कौन-से दो शब्द प्रस्तावना में जोडे गए ?
(क) गणराज्य एवं धर्मनिरपेक्ष (ख) प्रजातान्त्रिक एवं समाजवादी (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी (घ) समाजवादी एवं प्रभुसत्तासम्पन्न
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्द जोड़े गए थे।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 31] मंत्री परिषद की संख्या को किस संविधानिक संशोधन द्वारा, लोकसभा सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत, तय किया गया ?
(क) 95वाँ संशोधन (ख) 92वाँ संशोधन (ग) 93वाँ संशोधन (घ) 91वाँ संशोधन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) 91वाँ संशोधन — 91वें संविधान संशोधन अधिनियम (2003) द्वारा मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा/विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% तक सीमित किया गया।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में धन विधेयक में राज्यसभा की 14-दिवसीय सीमा, संयुक्त बैठक की अध्यक्षता (लोकसभा अध्यक्ष), संविधान संशोधन प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) तथा प्रमुख संशोधनों (जैसे 1st, 42nd, 44th, 61st, 91st) से सीधे एवं कथन-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ धन विधेयक पर संयुक्त बैठक बुलाई जा सकती है या नहीं: धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक दोनों में संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) का कोई प्रावधान नहीं है।
- ✘ संयुक्त बैठक बुलाने और अध्यक्षता करने में अंतर: संयुक्त बैठक राष्ट्रपति द्वारा बुलाई (आहूत) जाती है, परंतु इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
- ✘ 42वें और 44वें संशोधन में अंतर: 42वें संशोधन (1976) ने प्रस्तावना में परिवर्तन किया और मौलिक कर्तव्य जोड़े, जबकि 44वें संशोधन (1978) ने संपत्ति का अधिकार हटाया।
💡 संयुक्त बैठक: 'आहूत करें राष्ट्रपति, कुर्सी संभालें स्पीकर' | धन विधेयक: 'केवल लोकसभा और 14 दिन'!
संसदीय उपकरण एवं समितियां: प्रश्नकाल, शून्यकाल, प्रस्ताव एवं समितियां
संसदीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका को विधायिका के प्रति जवाबदेह बनाए रखने के लिए विभिन्न संसदीय उपकरणों और समितियों की व्यवस्था की गई है। संसद की बैठक का पहला घंटा प्रश्नकाल होता है, जिसमें तारांकित, अतारांकित और अल्प-सूचना प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नकाल के ठीक बाद शून्यकाल शुरू होता है, जो 1962 से भारतीय संसदीय व्यवस्था की एक अनूठी देन है और इसमें बिना पूर्व सूचना के लोक महत्व के मामले उठाए जाते हैं। संसद में कार्यपालिका पर नियंत्रण हेतु अविश्वास प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, कार्यस्थगन प्रस्ताव और बजट के दौरान कटौती प्रस्ताव लाए जाते हैं। संसद के पास विस्तृत जांच-पड़ताल का समय सीमित होने के कारण वित्तीय और विभागीय स्थायी समितियां गठित की जाती हैं। लोक लेखा समिति, प्राकलन समिति और सार्वजनिक उपक्रम समिति जैसी वित्तीय समितियां सार्वजनिक धन के व्यय की निगरानी कर लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं।
मुख्य तथ्य
- संसद की बैठक का पहला घंटा (11:00 से 12:00 बजे) प्रश्नकाल कहलाता है।
- तारांकित प्रश्न (Starred Question) का उत्तर मंत्री द्वारा मौखिक दिया जाता है और इस पर अनुपूरक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
- अतारांकित प्रश्न (Unstarred Question) का उत्तर लिखित रूप में दिया जाता है और इस पर कोई अनुपूरक प्रश्न नहीं पूछा जा सकता।
- शून्यकाल (Zero Hour) भारतीय संसदीय नवाचार है, जो 1962 में आरंभ हुआ और यह प्रश्नकाल के तुरंत बाद शुरू होता है।
- शून्यकाल का उल्लेख संसद के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों (Rules of Procedure) में नहीं है।
- अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) केवल लोकसभा में और कम से कम 50 सदस्यों के समर्थन से ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
- कार्यस्थगन या काम रोको प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य होता है।
- कटौती प्रस्ताव (Cut Motion) केवल लोकसभा में बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सरकार के खर्चों में कमी के उद्देश्य से लाया जाता है।
- नीतिगत कटौती (Policy Cut) में मांग की राशि घटाकर ₹1 करने का प्रस्ताव होता है।
- प्राकलन समिति (Estimates Committee) संसद की सबसे बड़ी स्थायी समिति है, जिसमें सभी 30 सदस्य केवल लोकसभा से होते हैं।
- लोक लेखा समिति (PAC) में कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा से तथा 7 राज्यसभा से)।
- लोक लेखा समिति कैग (CAG) की वार्षिक लेखापरीक्षा रिपोर्टों की जांच करती है और कैग को इसका 'मित्र, दार्शनिक एवं मार्गदर्शक' कहा जाता है।
- वर्ष 1967 से एक सर्वमान्य परंपरा के अनुसार लोक लेखा समिति का अध्यक्ष अनिवार्यतः विपक्ष से चुना जाता है।
- किसी भी मंत्री को वित्तीय समितियों (प्राकलन, लोक लेखा, सार्वजनिक उपक्रम समिति) का सदस्य नहीं चुना जा सकता।
तालिका
- संसदीय समिति / उपकरण: लोक लेखा समिति (PAC) · कुल सदस्य / समय: 22 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 15 (लोकसभा) + 7 (राज्यसभा) · मुख्य कार्य / विशेषता: कैग (CAG) की रिपोर्ट की जांच करना; 1967 से विपक्ष का सदस्य अध्यक्ष बनता है।
- संसदीय समिति / उपकरण: प्राकलन समिति (Estimates) · कुल सदस्य / समय: 30 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 30 (केवल लोकसभा से) · मुख्य कार्य / विशेषता: सबसे बड़ी स्थायी समिति; बजट अनुमानों की जांच व वित्तीय मितव्ययिता सुझाना।
- संसदीय समिति / उपकरण: सार्वजनिक उपक्रम समिति · कुल सदस्य / समय: 22 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 15 (लोकसभा) + 7 (राज्यसभा) · मुख्य कार्य / विशेषता: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लेखों और रिपोर्टों की जांच करना।
- संसदीय समिति / उपकरण: प्रश्नकाल (Question Hour) · कुल सदस्य / समय: 11:00 AM - 12:00 PM · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: दोनों सदनों में · मुख्य कार्य / विशेषता: सत्र का प्रथम घंटा; तारांकित (मौखिक) और अतारांकित (लिखित) प्रश्न पूछना।
- संसदीय समिति / उपकरण: शून्यकाल (Zero Hour) · कुल सदस्य / समय: 12:00 PM से प्रारंभ · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: दोनों सदनों में · मुख्य कार्य / विशेषता: भारतीय नवाचार (1962); बिना पूर्व सूचना अविलंबनीय लोक महत्व के मुद्दे उठाना।
- संसदीय समिति / उपकरण: अविश्वास प्रस्ताव · कुल सदस्य / समय: न्यूनतम 50 समर्थक · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: केवल लोकसभा · मुख्य कार्य / विशेषता: मंत्रिपरिषद के बहुमत की जांच; पारित होने पर सरकार को त्यागपत्र देना पड़ता है।
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 21: संसद में 'कटौती प्रस्ताव' (Cut Motion) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
(क) मंत्रिपरिषद को बर्खास्त करना (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना (ग) संसद की दैनिक कार्यवाही को स्थगित करना (घ) संसद सदस्यों के वेतन-भत्ते कम करना
- ✔ उत्तर: (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना — कटौती प्रस्ताव बजट पर चर्चा के दौरान अनुदान मांगों में कमी करने के लिए केवल लोकसभा में पेश किया जाता है।
- प्रश्न 22: संसद की किस वित्तीय समिति में राज्यसभा का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं होता है?
(क) लोक लेखा समिति (ख) सार्वजनिक उपक्रम समिति (ग) प्राकलन समिति (घ) विभागीय स्थायी समिति
- ✔ उत्तर: (ग) प्राकलन समिति — प्राकलन समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं और सभी सदस्य केवल लोकसभा से ही एकल संक्रमणीय मत द्वारा चुने जाते हैं।
- प्रश्न 23: भारतीय संसद में 'शून्यकाल' (Zero Hour) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(क) यह प्रक्रिया के नियमों में औपचारिक रूप से उल्लिखित है। (ख) यह 1962 में शुरू की गई एक भारतीय नवाचार प्रणाली है। (ग) यह प्रश्नकाल से ठीक एक घंटा पहले शुरू होता है। (घ) इसमें केवल विदेशी मामलों पर ही चर्चा की जा सकती है।
- ✔ उत्तर: (ख) यह 1962 में शुरू की गई एक भारतीय नवाचार प्रणाली है। — शून्यकाल भारतीय संसदीय नवाचार है जिसकी शुरुआत वर्ष 1962 में हुई थी और यह नियमों की पुस्तिका में दर्ज नहीं है।
- प्रश्न 24: लोकसभा में 'अविश्वास प्रस्ताव' प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है?
(क) 25 सदस्य (ख) 50 सदस्य (ग) 100 सदस्य (घ) सदन की कुल सदस्य संख्या का 1/10
- ✔ उत्तर: (ख) 50 सदस्य — लोकसभा नियम 198 के तहत अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों की सहमति अनिवार्य है।
- प्रश्न 25: लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा और 7 राज्यसभा से)।
2. इसका अध्यक्ष सदैव लोकसभा का अध्यक्ष स्वयं होता है।
3. कोई भी मंत्री इसका सदस्य नहीं बन सकता।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (ग) केवल 1 और 3 — लोक लेखा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के सदस्यों में से की जाती है, लोकसभा अध्यक्ष स्वयं इसके अध्यक्ष नहीं होते।
- प्रश्न 26: जब संसद में किसी अनुदान मांग की राशि में से '100 रुपये' कम करने का प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो उसे क्या कहा जाता है?
(क) नीतिगत कटौती प्रस्ताव (ख) आर्थिक कटौती प्रस्ताव (ग) सांकेतिक कटौती प्रस्ताव (घ) विशेषाधिकार प्रस्ताव
- ✔ उत्तर: (ग) सांकेतिक कटौती प्रस्ताव — सांकेतिक कटौती (Token Cut) के तहत किसी विशिष्ट शिकायत को रेखांकित करने हेतु मांग की राशि में से 100 रुपये घटाने का प्रस्ताव होता है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 3] संसद में ‘‘कटौती प्रस्ताव’’ का क्या उद्देश्य होता है ?
(क) सरकार के दैनिक वित्तिय खर्चों पर रोक (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना (ग) सरकार के अनुदान पर रोक (घ) भारत की संचित निधि से अनुदान पर रोक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना — संसद में कटौती प्रस्ताव (Cut Motion) का उद्देश्य बजट पर चर्चा के दौरान कार्यपालिका द्वारा प्रस्तुत अनुदान मांगों के खर्चों में कटौती करना होता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में संसदीय समितियों (विशेष रूप से लोक लेखा समिति और प्राकलन समिति की संरचना, सदस्य संख्या और राज्यसभा की भूमिका), शून्यकाल की शुरुआत व प्रकृति, तथा विभिन्न प्रस्तावों (कटौती प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव के नियम) पर सीधे एवं बहु-कथनात्मक प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ लोक लेखा समिति (22 सदस्य: 15 LS + 7 RS) और प्राकलन समिति (30 सदस्य: केवल LS) की सदस्य संरचना में अक्सर भ्रम हो जाता है।
- ✘ तारांकित प्रश्न (मौखिक उत्तर + अनुपूरक प्रश्न संभव) और अतारांकित प्रश्न (लिखित उत्तर + कोई अनुपूरक प्रश्न नहीं) के नियमों में छात्र गलती करते हैं।
- ✘ नीतिगत कटौती (मांग घटाकर ₹1 करना) और सांकेतिक कटौती (मांग में से ₹100 कम करना) के अंतर को लेकर असमंजस होता है।
💡 ट्रिक: 'प्राकलन = पूरा लोकसभा (30)' (प्राकलन समिति में केवल लोकसभा के 30 सदस्य होते हैं, राज्यसभा शून्य)।
एक नज़र में (Revision)
- राष्ट्रपति का निर्वाचन (अनुच्छेद 54) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों और राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों (दिल्ली व पुडुचेरी) की विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्यों द्वारा होता है।
- राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) केवल 'संविधान के उल्लंघन' के आधार पर संसद के किसी भी सदन द्वारा कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत से चलाया जा सकता है।
- अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति संसद के सत्रावसान की स्थिति में अध्यादेश जारी कर सकते हैं, जिसकी अधिकतम अवधि संसद के पुनः समवेत होने के 6 सप्ताह तक होती है।
- उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 63-64) राज्यसभा का पदेन सभापति होता है, जिसके चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत) भाग लेते हैं।
- अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, तथा 91वें संशोधन (2003) के अनुसार मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
- राज्यसभा एक स्थायी सदन है (अधिकतम 250 सदस्य) जो कभी भंग नहीं होता; इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष बाद सेवानिवृत्त होते हैं।
- लोकसभा का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है, और लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा के सदस्यों द्वारा साधारण बहुमत से किया जाता है।
- धन विधेयक (अनुच्छेद 110) केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति से पेश होता है, जिसे राज्यसभा अधिकतम 14 दिनों तक ही रोक सकती है।
- साधारण विधेयक पर गतिरोध दूर करने हेतु अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते हैं, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है।
- संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) और धन विधेयक (अनुच्छेद 110) के संबंध में संयुक्त बैठक बुलाने का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है।
- संसद का पहला घंटा (11 से 12 बजे) प्रश्नकाल कहलाता है, जबकि इसके ठीक बाद का समय 'शून्यकाल' (Zero Hour) कहलाता है, जो भारत की अनूठी संसदीय देन है।
- लोक लेखा समिति (PAC) में कुल 22 सदस्य (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा) होते हैं, जिसका अध्यक्ष सामान्यतः विपक्षी दल से होता है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल (Electoral College) में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होते हैं?
- (क) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य
- (ख) राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
- (ग) राज्यों की विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य
- (घ) दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) राज्यों की विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य
अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में राज्यों की विधान परिषदों (Legislative Councils) के सदस्य (निर्वाचित अथवा मनोनीत) शामिल नहीं होते हैं।
2. राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
- (क) महाभियोग का प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
- (ख) संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य महाभियोग प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
- (ग) महाभियोग का आरोप लगाने के लिए सदन के कम से कम एक-तिहाई सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।
- (घ) राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य भी इस महाभियोग प्रक्रिया में मतदान करते हैं।
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य महाभियोग प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग प्रक्रिया में संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य भाग लेते हैं, यद्यपि वे राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते।
3. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 123 के अंतर्गत राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
- (क) संसद के दोनों सदनों के सत्र में रहने के दौरान भी अध्यादेश जारी किया जा सकता है।
- (ख) अध्यादेश द्वारा संविधान में संशोधन किया जा सकता है।
- (ग) संसद के पुनः समवेत होने पर अध्यादेश को 6 सप्ताह के भीतर संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
- (घ) अध्यादेश जारी करने का राष्ट्रपति का निर्णय न्यायिक समीक्षा के दायरे से पूर्णतः बाहर है।
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) संसद के पुनः समवेत होने पर अध्यादेश को 6 सप्ताह के भीतर संसद द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
संसद के पुनः संवेद (reassemble) होने के 6 सप्ताह के भीतर अध्यादेश को संसद द्वारा अनुमोदित होना आवश्यक है, अन्यथा यह निष्प्रभावी हो जाता है।
4. 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती?
- (क) 10%
- (ख) 12%
- (ग) 15%
- (घ) 20%
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 15%
91वें संशोधन अधिनियम (2003) द्वारा अनुच्छेद 75(1A) जोड़ा गया, जिसके तहत मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
5. भारत के उपराष्ट्रपति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।
2. उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद के मनोनीत सदस्य मतदान नहीं कर सकते।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (क) केवल 1
कथन 1 सही है (अनुच्छेद 64)। कथन 2 गलत है क्योंकि उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) भाग लेते हैं।
6. धन विधेयक (Money Bill) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
- (क) धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पुरःस्थापित (introduce) किया जा सकता है।
- (ख) राज्यसभा धन विधेयक में संशोधन कर सकती है अथवा उसे खारिज कर सकती है।
- (ग) कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करता है।
- (घ) राष्ट्रपति धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए संसद को वापस नहीं भेज सकते।
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) राज्यसभा धन विधेयक में संशोधन कर सकती है अथवा उसे खारिज कर सकती है।
अनुच्छेद 109 के अनुसार राज्यसभा धन विधेयक को न तो अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें कोई संशोधन कर सकती है; वह केवल 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें दे सकती है।
7. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त बैठक का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 108 में दिया गया है।
2. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा का सभापति करता है।
3. संविधान संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त बैठक नहीं बुलाई जा सकती।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- (क) केवल 1 और 2
- (ख) केवल 2 और 3
- (ग) केवल 1 और 3
- (घ) 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) केवल 1 और 3
कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 118(4) के तहत संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा की जाती है, न कि राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) द्वारा।
8. भारतीय संसद में 'शून्यकाल' (Zero Hour) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?
- (क) यह प्रक्रिया के नियमों (Rules of Procedure) में औपचारिक रूप से उल्लिखित है।
- (ख) यह प्रश्नकाल के ठीक बाद शुरू होता है और दोपहर के भोजन के अवकाश तक चलता है।
- (ग) इसके अंतर्गत मामले उठाने के लिए सदस्यों को 10 दिन पूर्व लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
- (घ) यह व्यवस्था ब्रिटिश संसदीय प्रणाली से उधार ली गई है।
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) यह प्रश्नकाल के ठीक बाद शुरू होता है और दोपहर के भोजन के अवकाश तक चलता है।
शून्यकाल प्रश्नकाल के तुरंत बाद (12:00 बजे) शुरू होता है। यह प्रक्रिया नियमों में दर्ज नहीं है और यह 1962 में प्रारंभ हुआ भारत का अपना नवाचार है।
9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (संसदीय समिति)
A. लोक लेखा समिति
B. प्राक्कलन समिति
C. सार्वजनिक उपक्रम समिति
सूची-II (कुल सदस्य संख्या)
1. 30 सदस्य (केवल लोकसभा)
2. 22 सदस्य (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा)
3. 22 सदस्य (15 लोकसभा + 7 राज्यसभा)
- (क) A-2, B-1, C-3
- (ख) A-1, B-2, C-3
- (ग) A-3, B-2, C-1
- (घ) A-2, B-3, C-1
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-2, B-1, C-3
प्राक्कलन समिति में 30 सदस्य होते हैं और सभी केवल लोकसभा से होते हैं। लोक लेखा समिति तथा सार्वजनिक उपक्रम समिति दोनों में 22-22 सदस्य (15 लोकसभा व 7 राज्यसभा) होते हैं।
10. संसद के किसी सदन के सत्रावसान (Prorogation) और विघटन (Dissolution) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- (क) सदन का सत्रावसान पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) द्वारा किया जाता है।
- (ख) विघटन से सदन में लंबित सभी विधेयक स्वतः समाप्त हो जाते हैं, चाहे उनकी स्थिति कुछ भी हो।
- (ग) राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर लोकसभा का सत्रावसान और विघटन करते हैं।
- (घ) राज्यसभा को भी राष्ट्रपति द्वारा 6 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर विघटित किया जा सकता है।
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर लोकसभा का सत्रावसान और विघटन करते हैं।
सदन का स्थगन (Adjournment) पीठासीन अधिकारी करता है, जबकि सत्रावसान और विघटन (केवल लोकसभा का) राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 85 के अंतर्गत किया जाता है; राज्यसभा एक स्थायी सदन है जो कभी विघटित नहीं होती।
English version — Union Government: President, Prime Minister and Parliament
This chapter is crucial for BPSC Prelims (Indian Polity section) and Mains General Studies Paper-2. Direct factual and conceptual questions regarding the powers of the President, Council of Ministers, and parliamentary procedures are consistently asked every year.
President and Vice-President: Election, Powers, Impeachment & Ordinance
Part V of the Indian Constitution (Articles 52 to 78) deals with the Union Executive. The President is the constitutional head and the first citizen of India, with all executive powers exercised in his name. The President is elected indirectly by an electoral college consisting of elected members of both Houses of Parliament and State Legislative Assemblies. Under Article 61, the President can be impeached for 'violation of the Constitution'. The President holds key legislative and judicial powers, such as issuing ordinances under Article 123 and granting pardons under Article 72. State bills reserved by the Governor under Article 201 require the President's assent. The Vice-President (Article 63) acts as the ex-officio Chairman of the Rajya Sabha and steps in during a vacancy in the President's office.
Key facts
- According to Article 52, there shall be a President of India, and under Article 53, the executive power of the Union is vested in the President.
- The electoral college for the President (Article 54) includes only the elected members of both Houses of Parliament and State Legislative Assemblies.
- The 70th Constitutional Amendment 1992 included the elected members of the Legislative Assemblies of Delhi and Puducherry in the Presidential electoral college.
- Impeachment of the President (Article 61) can be initiated in either House of Parliament with 1/4th members' signatures and a 14-day prior notice.
- To pass an impeachment resolution, a minimum two-thirds (2/3rd) majority of the total membership of the House is required.
- Under Article 123, when Parliament is not in session, the President can promulgate an ordinance, valid for a maximum of 6 months and 6 weeks.
- Under Article 201, the President can give or withhold assent to a state bill reserved by the Governor for his consideration.
- Under Article 72, the President has the exclusive power to grant pardon for death sentences and punishments awarded by court-martial.
- Neelam Sanjiva Reddy was the only President of India who had served as Lok Sabha Speaker prior to becoming President and was elected unopposed.
- Under Article 63, there shall be a Vice-President of India, who serves as the ex-officio Chairman of the Rajya Sabha under Article 64.
- The Vice-President's electoral college consists of all members (both elected and nominated) of both Houses of Parliament, but no state assembly members.
Table
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 52 एवं 53 · विषय (Topic): भारत का राष्ट्रपति व कार्यपालिका शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): भारत का संवैधानिक प्रमुख; संघ की कार्यपालिका शक्ति निहित।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 54 एवं 55 · विषय (Topic): राष्ट्रपति का निर्वाचन व रीति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संसद व राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 61 · विषय (Topic): राष्ट्रपति पर महाभियोग · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संविधान के उल्लंघन पर संसद के किसी भी सदन में 2/3 बहुमत से।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 63 एवं 64 · विषय (Topic): उपराष्ट्रपति व राज्य सभा का पदेन सभापति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): भारत का दूसरा सर्वोच्च पद; राज्य सभा का पदेन सभापति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 72 · विषय (Topic): राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): मृत्युदंड और सैन्य अदालत (Court Martial) की सजा को माफ करने की शक्ति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 123 · विषय (Topic): अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): संसद के विश्रांतिकाल में कानून बनाने की आपात शक्ति।
- अनुच्छेद (Article): अनुच्छेद 201 · विषय (Topic): आरक्षित राज्य विधेयकों पर सहमति · महत्वपूर्ण तथ्य (Key Fact): राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ भेजे गए राज्य विधेयकों पर निर्णय।
Practice questions (solved)
- Q 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल के संदर्भ में सही है?
(क) संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य भाग लेते हैं। (ख) राज्य विधान परिषद के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। (ग) संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। (घ) केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भाग लेते हैं।
- ✔ Answer: (ग) संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं। — राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं, मनोनीत या विधान परिषद के सदस्य नहीं।
- Q 2: राष्ट्रपति पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाकर महाभियोग की प्रक्रिया किस सदन में प्रारंभ की जा सकती है?
(क) केवल लोकसभा में (ख) केवल राज्यसभा में (ग) संसद के किसी भी सदन में (घ) केवल उच्चतम न्यायालय की सिफारिश पर
- ✔ Answer: (ग) संसद के किसी भी सदन में — अनुच्छेद 61 के तहत महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में प्रस्तुत किया जा सकता है।
- Q 3: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति अध्यादेश जारी करने की शक्ति रखता है?
(क) अनुच्छेद 110 (ख) अनुच्छेद 123 (ग) अनुच्छेद 213 (घ) अनुच्छेद 352
- ✔ Answer: (ख) अनुच्छेद 123 — अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है।
- Q 4: राष्ट्रपति के क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूर्णतः क्षमा कर सकता है।
2. राष्ट्रपति सैन्य अदालत (Court Martial) द्वारा दी गई सजा को माफ नहीं कर सकता।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — राष्ट्रपति सैन्य अदालत द्वारा दी गई सजा को भी माफ कर सकता है, इसलिए कथन 2 असत्य है।
- Q 5: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सही उत्तर का चयन कीजिए:
सूची-I (अनुच्छेद)
A. अनुच्छेद 61
B. अनुच्छेद 72
C. अनुच्छेद 123
D. अनुच्छेद 201
सूची-II (विषय)
1. क्षमादान की शक्ति
2. राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश
3. राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति की स्वीकृति
4. महाभियोग की प्रक्रिया
(क) A-4, B-1, C-2, D-3 (ख) A-1, B-4, C-2, D-3 (ग) A-4, B-2, C-1, D-3 (घ) A-3, B-1, C-2, D-4
- ✔ Answer: (क) A-4, B-1, C-2, D-3 — अनुच्छेद 61 (महाभियोग), 72 (क्षमादान), 123 (अध्यादेश) तथा 201 (राज्य विधेयक पर राष्ट्रपति की सहमति) का सही मिलान A-4, B-1, C-2, D-3 है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 19] निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रपति बनने से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रहे थे ?
(क) वी. वी. गिरी (ख) ज्ञानी जैल सिंह (ग) ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (घ) नीलम संजीवा रेड्डी
- ✔ Official answer: (घ) नीलम संजीवा रेड्डी — नीलम संजीवा रेड्डी भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे जो पहले लोकसभा अध्यक्ष रह चुके थे।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 56] लोकसभा के सचिवालय स्टाफ की नियुक्ति की शक्ति निहित है :
(क) प्रधानमंत्री कार्यालय में (ख) संघ लोक सेवा आयोग में (ग) कर्मचारी चयन आयोग में (घ) लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श उपरान्त राष्ट्रपति में
- ✔ Official answer: (घ) लोकसभा अध्यक्ष से परामर्श उपरान्त राष्ट्रपति में — संसदीय नियमों और संवैधानिक व्यवस्था के तहत लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष के परामर्श पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct and statement-based questions on the Presidential electoral college, impeachment conditions, ordinance power (Art 123), and specific historical facts about past Presidents (e.g., Neelam Sanjiva Reddy).
Do not confuse
- ✘ निर्वाचन बनाम महाभियोग: संसद के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के 'निर्वाचन' में भाग नहीं लेते, परंतु 'महाभियोग' प्रक्रिया में भाग लेते हैं।
- ✘ अध्यादेश अनुच्छेद: राष्ट्रपति अध्यादेश अनुच्छेद 123 के तहत जारी करता है, जबकि राज्यपाल अध्यादेश अनुच्छेद 213 के तहत जारी करता है।
- ✘ उपराष्ट्रपति का निर्वाचन: राज्य विधानसभाओं के सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में वोट देते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट नहीं देते।
💡 राष्ट्रपति अध्यादेश '1-2-3' (Art 123) और राज्यपाल अध्यादेश '2-1-3' (Art 213) से जारी होता है।
Prime Minister and Council of Ministers
In India's parliamentary system, the President is the nominal executive, while real executive authority rests with the Council of Ministers headed by the Prime Minister. Article 74 states that there shall be a Council of Ministers with the Prime Minister at the head to aid and advise the President. Under Article 75, the Prime Minister is appointed by the President, and other ministers are appointed by the President on the PM's advice. The Council of Ministers is collectively responsible to the House of the People (Lok Sabha). If the Prime Minister resigns or dies in office, the entire Council of Ministers automatically dissolves.
Key facts
- Article 74: There shall be a Council of Ministers with the PM as head to aid and advise the President.
- Article 75(1): The PM shall be appointed by the President and other ministers by the President on PM's advice.
- Article 75(3): The Council of Ministers is collectively responsible to the Lok Sabha.
- Article 75(2): Ministers hold office during the pleasure of the President.
- 91st Constitutional Amendment (2003): Council of Ministers cannot exceed 15% of total strength of Lok Sabha.
- Article 78: Duty of the PM to communicate to the President all administrative decisions.
- Categories of Ministers: Three categories - Cabinet Ministers, Ministers of State, and Deputy Ministers.
- Non-MP as Minister: A non-MP can remain a minister for maximum 6 months.
- Term 'Cabinet': Not in original Constitution; added to Article 352 by 44th Amendment (1978).
- The PM is chairman of NITI Aayog, National Integration Council, Inter-State Council, and National Water Resources Council.
- In the 18th Lok Sabha (2024), Giriraj Singh was allocated the Union Ministry of Textiles.
- Article 75(4): Oaths of office and secrecy to ministers are administered by the President.
Table
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 74 · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद्
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(1) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेगा तथा अन्य मंत्री PM की सलाह पर नियुक्त होंगे
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(2) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद धारण करेंगे
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 75(3) · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी
- अनुच्छेद: अनुच्छेद 78 · प्रमुख संवैधानिक प्रावधान: राष्ट्रपति को प्रशासनिक निर्णय एवं विधायी प्रस्तावों की जानकारी देना प्रधानमंत्री का कर्तव्य
Practice questions (solved)
- Q 6: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है?
(क) अनुच्छेद 74(1) (ख) अनुच्छेद 75(3) (ग) अनुच्छेद 77(2) (घ) अनुच्छेद 78
- ✔ Answer: (ख) अनुच्छेद 75(3) — अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करता है कि मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होगी।
- Q 7: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद् में प्रधानमंत्री सहित कुल मंत्रियों की संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती?
(क) 10% (ख) 12% (ग) 15% (घ) 20%
- ✔ Answer: (ग) 15% — 91वें संशोधन (2003) द्वारा मंत्रियों की अधिकतम सीमा लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15% निर्धारित की गई है।
- Q 8: केन्द्रीय सरकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है। 2. बिना किसी सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति 6 माह से अधिक मंत्री नहीं रह सकता। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — मंत्रालयों का आवंटन राष्ट्रपति PM की सलाह पर करता है तथा गैर-सांसद अधिकतम 6 माह तक ही मंत्री पद पर रह सकता है।
- Q 9: निम्नलिखित में से किन निकायों के पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं? 1. नीति आयोग 2. राष्ट्रीय एकता परिषद 3. अंतर-राज्य परिषद 4. राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1, 2 और 3 (ग) केवल 2, 3 और 4 (घ) 1, 2, 3 और 4
- ✔ Answer: (घ) 1, 2, 3 और 4 — प्रधानमंत्री नीति आयोग, राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर-राज्य परिषद तथा राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद इन सभी निकायों के अध्यक्ष होते हैं।
- Q 10: मूल संविधान में 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) शब्द का उल्लेख किस अनुच्छेद में था?
(क) अनुच्छेद 74 (ख) अनुच्छेद 75 (ग) अनुच्छेद 352 (घ) मूल संविधान में कहीं नहीं
- ✔ Answer: (घ) मूल संविधान में कहीं नहीं — 'मंत्रिमंडल' शब्द मूल संविधान में नहीं था; इसे 44वें संशोधन (1978) द्वारा अनुच्छेद 352 में जोड़ा गया।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 61] केन्द्रीय सरकार के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
1) मंत्रालय तथा विभागों का निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा कैबिनेट सचिव के परामर्श से होता है।
2) प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है।
इनमें से :
(क) केवल 1 सही है (ख) केवल 2 सही है (ग) 1 और 2 सही है (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है
- ✔ Official answer: (ख) केवल 2 सही है — मंत्रियों को मंत्रालय का आवंटन राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर किया जाता है (कैबिनेट सचिव के परामर्श पर नहीं)।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 135] 18वीं लोकसभा के चुनाव के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय कपड़ा मंत्री के रूप में किसे नियुक्त किया गया ?
(क) भूपेन्द्र यादव (अलवर) (ख) गिरिराज सिंह (बेगूसराय) (ग) गजेन्द्र सिंह शेखावत (जोधपुर) (घ) राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मुंगेर)
- ✔ Official answer: (ख) गिरिराज सिंह (बेगूसराय) — 18वीं लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय कपड़ा मंत्री का पद गिरिराज सिंह (बेगूसराय) को आवंटित किया गया।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on constitutional articles (74, 75, 78), the 91st Amendment limit, collective responsibility, and current cabinet portfolio allocations.
Do not confuse
- ✘ मंत्रिपरिषद् (Council of Ministers) और मंत्रिमंडल (Cabinet) में अंतर: मंत्रिपरिषद् में सभी श्रेणियों के मंत्री शामिल होते हैं, जबकि मंत्रिमंडल केवल कैबिनेट स्तर के वरिष्ठ मंत्रियों का छोटा समूह है।
- ✘ सामूहिक उत्तरदायित्व (लोकसभा के प्रति, अनुच्छेद 75(3)) और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (राष्ट्रपति के प्रति, अनुच्छेद 75(2)) में भ्रम न करें।
- ✘ गैर-सांसद व्यक्ति के मंत्री रहने की अधिकतम सीमा 6 माह है, जिसके बाद उसे लोकसभा या राज्यसभा में से किसी एक का सदस्य बनना अनिवार्य है।
💡 मंत्रियों का आधार: 74 में सलाह, 75 में नियुक्ति, 78 में कर्तव्य।
Parliament: Lok Sabha, Rajya Sabha Composition, Sessions, Speaker
Indian Parliament under Article 79 consists of the President, Rajya Sabha (Upper House), and Lok Sabha (Lower House). Rajya Sabha is a permanent body with a maximum strength of 250, where Bihar is allocated 16 seats. Lok Sabha is the House of the People with a maximum strength of 550, with 40 seats from Bihar (6 reserved for SCs). The nomination of 2 Anglo-Indian members in Lok Sabha was abolished by the 104th Constitutional Amendment Act (2019). The President summons and prorogues parliamentary sessions, while the presiding officer adjourns sittings.
Key facts
- According to Article 79, Parliament consists of the President, Rajya Sabha, and Lok Sabha.
- Under Article 80, the maximum strength of Rajya Sabha is fixed at 250 (238 elected + 12 nominated by President).
- Under Article 81, max strength of Lok Sabha is 550; 104th Amendment (2019) abolished Anglo-Indian nominations.
- Bihar has 40 Lok Sabha seats, of which 6 (Gaya, Gopalganj, Sasaram, Hajipur, Jamui, Samastipur) are reserved for SCs.
- Bihar is allocated 16 seats in Rajya Sabha, as provided under the Fourth Schedule of the Constitution.
- Under Article 102(1)(a), an MP can be disqualified for holding an office of profit under the government.
- Under Article 85, the President summons and prorogues sessions; gap between two sessions cannot exceed 6 months.
- Adjournment of a sitting is done solely by the Presiding Officer (Speaker/Chairman).
- Under Article 93, Lok Sabha elects a Speaker and a Deputy Speaker from amongst its members.
- Rajya Sabha is a permanent house that cannot be dissolved; 1/3rd members retire every 2 years.
- The normal tenure of Lok Sabha is 5 years, but it can be dissolved earlier by the President.
- The Speaker of Lok Sabha submits resignation to the Deputy Speaker, and vice versa.
Table
- विशेषता / विवरण: संविधान अनुच्छेद · लोकसभा (निम्न सदन): अनुच्छेद 81 · राज्यसभा (उच्च सदन): अनुच्छेद 80
- विशेषता / विवरण: अधिकतम सदस्य क्षमता · लोकसभा (निम्न सदन): 550 (104वें संशोधन बाद) · राज्यसभा (उच्च सदन): 250 (238 निर्वाचित + 12 मनोनीत)
- विशेषता / विवरण: बिहार में आवंटन · लोकसभा (निम्न सदन): 40 सीटें (6 SC हेतु आरक्षित) · राज्यसभा (उच्च सदन): 16 सीटें
- विशेषता / विवरण: न्यूनतम आयु सीमा · लोकसभा (निम्न सदन): 25 वर्ष · राज्यसभा (उच्च सदन): 30 वर्ष
- विशेषता / विवरण: सदन की प्रकृति एवं कार्यकाल · लोकसभा (निम्न सदन): अस्थायी (5 वर्ष, भंग योग्य) · राज्यसभा (उच्च सदन): स्थायी (सदस्य कार्यकाल 6 वर्ष, कभी भंग नहीं)
- विशेषता / विवरण: पीठासीन अधिकारी · लोकसभा (निम्न सदन): लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) · राज्यसभा (उच्च सदन): उपराष्ट्रपति (पदेन सभापति)
Practice questions (solved)
- Q 11: लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकित सदस्यों के संबंध में वर्तमान स्थिति क्या है?
(क) राष्ट्रपति 2 सदस्य मनोनीत करते हैं (ख) 104वें संविधान संशोधन द्वारा मनोनयन समाप्त कर दिया गया है (ग) राष्ट्रपति 1 सदस्य मनोनीत करते हैं (घ) वे आबादी के अनुसार मनोनीत होते हैं
- ✔ Answer: (ख) 104वें संविधान संशोधन द्वारा मनोनयन समाप्त कर दिया गया है — 104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है।
- Q 12: भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद किसी सांसद के लाभ के पद (Office of Profit) पर रहने के आधार पर अयोग्यता का प्रावधान करता है?
(क) अनुच्छेद 102(1)(a) (ख) अनुच्छेद 102(1)(b) (ग) अनुच्छेद 101(2) (घ) अनुच्छेद 103(1)
- ✔ Answer: (क) अनुच्छेद 102(1)(a) — अनुच्छेद 102(1)(a) के तहत केंद्र या राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद धारण करने पर सांसद की अयोग्यता का स्पष्ट प्रावधान है।
- Q 13: संसदीय कार्यवाही के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(क) सदन को आहूत करने का अधिकार राष्ट्रपति को है। (ख) स्थगन केवल पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जा सकता है। (ग) स्थगन का कार्य केवल सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है। (घ) विघटन से लोकसभा का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।
- ✔ Answer: (ग) स्थगन का कार्य केवल सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है। — बैठक को स्थगित करने की शक्ति केवल पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष/सभापति) के पास होती है, सदन के नेता के पास अकेले यह अधिकार नहीं होता।
- Q 14: बिहार राज्य के लिए लोकसभा और राज्यसभा में आवंटित सीटों की संख्या क्रमशः कितनी है?
(क) 40 तथा 16 (ख) 40 तथा 18 (ग) 38 तथा 16 (घ) 54 तथा 22
- ✔ Answer: (क) 40 तथा 16 — बिहार से लोकसभा की 40 सीटें तथा राज्यसभा की 16 सीटें आवंटित हैं।
- Q 15: राज्यसभा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(क) यह एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता। (ख) इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। (ग) इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। (घ) राष्ट्रपति इसमें 14 सदस्यों को मनोनीत करते हैं।
- ✔ Answer: (घ) राष्ट्रपति इसमें 14 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। — राष्ट्रपति राज्यसभा में साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा से केवल 12 सदस्य मनोनीत करते हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 5] लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व की क्या स्थिति है ?
(क) राष्ट्रपति द्वारा दो आंग्ल-भारतीय मनोनीत किए जाते हैं (ख) 104वें संवैधानिक संशोधन द्वारा उनका मनोनीत करना समाप्त कर दिया गया है (ग) राष्ट्रपति द्वारा एक आंग्ल-भारतीय मनोनीत किया जाता है (घ) वे उनकी आबादी के अनुसार मनोनीत होते हैं
- ✔ Official answer: (ख) 104वें संवैधानिक संशोधन द्वारा उनका मनोनीत करना समाप्त कर दिया गया है — 104वें संविधान संशोधन अधिनियम (2019) द्वारा लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 16] संविधान का कौन-सा अनुच्छेद किसी सांसद के लाभकारी पद पर रोक लगाता है ?
(क) अनुच्छेद 102 (1) (b) (ख) अनुच्छेद 102 (1) (c) (ग) अनुच्छेद 102 (1) (a) (घ) अनुच्छेद 102 (1) (d)
- ✔ Official answer: (ग) अनुच्छेद 102 (1) (a) — अनुच्छेद 102(1)(a) के तहत यदि कोई संसद सदस्य लाभ का पद धारण करता है तो वह सांसद बनने हेतु अयोग्य हो जाता है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 65] निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1) सदन को आहूत करने का अर्थ दीक्षांत है।
2) स्थगन से सत्रावसान होता है।
3) विघटन सदन को समाप्त करता है।
4) स्थगन सदन के नेता द्वारा अकेले किया जा सकता है।
इनमें कौन-सा सही नहीं हैं?
(क) 2 तथा 3 (ख) 1 तथा 3 (ग) केवल 2 (घ) केवल 4
- ✔ Official answer: (घ) केवल 4 — सदन की बैठक का स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा किया जाता है, न कि सदन के नेता द्वारा अकेले।
How it is asked
BPSC regularly asks questions on parliamentary composition, seat distribution (especially Bihar's seats and SC reserved constituencies), constitutional articles (like disqualification article 102(1)(a)), the 104th Amendment, and session/adjournment procedures.
Do not confuse
- ✘ सत्रावसान (Prorogation) और स्थगन (Adjournment) में भ्रम: सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा पूरा सत्र समाप्त करने हेतु होता है, जबकि स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा दैनिक बैठक रोकने हेतु होता है।
- ✘ लोकसभा क्षमता में भ्रम: 104वें संशोधन के बाद कुल अधिकतम क्षमता 550 (530 राज्य + 20 संघ क्षेत्र) है, आंग्ल-भारतीयों की 2 सीटें हटा दी गई हैं।
- ✘ बिहार में आरक्षित सीटों में भ्रम: बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से केवल 6 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं, ST के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं है।
💡 याद रखें 'सरला' (79-80-81): स = संसद (79), र = राज्यसभा (80), ला = लोकसभा (81)।
Bills: Ordinary, Money, Constitution Amendment & Joint Sitting
The law-making process in the Indian Parliament is conducted through various categories of bills. Bills are broadly classified as Ordinary Bills, Money Bills, Financial Bills, and Constitution Amendment Bills. An Ordinary Bill can originate in either House, and in case of a deadlock, the President can invoke a Joint Sitting under Article 108. A Money Bill under Article 110 can only be introduced in the Lok Sabha with the President's prior recommendation, and the Rajya Sabha can delay it for a maximum of 14 days. A Constitution Amendment Bill under Article 368 requires a separate special majority in both Houses, with no provision for a Joint Sitting. The 1st Constitution Amendment Act of 1951 introduced land reforms and zamindari abolition laws into the Ninth Schedule.
Key facts
- An ordinary bill (Article 107) can be introduced in either House of Parliament without the prior recommendation of the President.
- A Money Bill is defined under Article 110 and can be introduced only in the Lok Sabha with the prior recommendation of the President.
- Whether a bill is a Money Bill or not is finally decided by the Speaker of the Lok Sabha.
- Rajya Sabha can withhold a Money Bill for a maximum of 14 days; Lok Sabha is not bound to accept any suggested amendments.
- Under Article 108, a Joint Sitting of Parliament is summoned by the President and presided over by the Speaker of the Lok Sabha.
- Joint Sitting applies only to Ordinary and Financial Bills; it is not applicable to Money Bills or Constitution Amendment Bills.
- The procedure for Constitutional Amendment is provided under Article 368, and such a bill can be introduced in either House of Parliament.
- The 1st Constitution Amendment Act (1951) added first land reform and zamindari abolition laws to the Ninth Schedule.
- The 42nd Constitution Amendment Act (1976) is known as the 'Mini Constitution', adding 'Socialist', 'Secular', and 'Integrity' to the Preamble.
- The 44th Constitution Amendment Act (1978) removed the Right to Property from Fundamental Rights and made it a legal right under Article 300A.
- The 52nd Constitution Amendment Act (1985) introduced the Anti-Defection Law and added the Tenth Schedule.
- The 61st Constitution Amendment Act (1989) lowered the minimum voting age from 21 years to 18 years.
- The 69th Constitution Amendment Act (1991) accorded special status to Delhi as the National Capital Territory (NCT).
- Under the 36th Constitution Amendment Act (1975), Sikkim was made a full-fledged state of the Indian Union.
Table
- विधेयक का प्रकार: साधारण विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 107 · प्रस्तुतीकरण का सदन: किसी भी सदन में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: आवश्यक नहीं · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू होती है
- विधेयक का प्रकार: धन विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 110 · प्रस्तुतीकरण का सदन: केवल लोकसभा में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: अनिवार्य है · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू नहीं होती
- विधेयक का प्रकार: वित्त विधेयक (प्रकार I) · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 117(1) · प्रस्तुतीकरण का सदन: केवल लोकसभा में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: अनिवार्य है · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू होती है
- विधेयक का प्रकार: संविधान संशोधन विधेयक · संबंधित अनुच्छेद: अनुच्छेद 368 · प्रस्तुतीकरण का सदन: किसी भी सदन में · राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति: आवश्यक नहीं · संयुक्त बैठक (Art 108): लागू नहीं होती
Practice questions (solved)
- Q 16: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 110 के अनुसार, धन विधेयक के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसे संसद के किसी भी सदन में पहले प्रस्तुत किया जा सकता है। (ख) राज्यसभा इसे 6 महीने तक रोक कर रख सकती है। (ग) यह केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से ही पेश किया जा सकता है। (घ) इस पर दोनों सदनों का गतिरोध सुलझाने के लिए संयुक्त बैठक बुलाई जाती है।
- ✔ Answer: (ग) यह केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश से ही पेश किया जा सकता है। — धन विधेयक केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से प्रस्तुत किया जा सकता है।
- Q 17: संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
2. दोनों सदनों में असहमति की स्थिति में राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — संविधान संशोधन विधेयक किसी भी सदन में लाया जा सकता है परंतु इसके लिए संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है।
- Q 18: संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) की अध्यक्षता निम्नलिखित में से कौन करता है?
(क) भारत का राष्ट्रपति (ख) राज्यसभा का सभापति (ग) लोकसभा का अध्यक्ष (घ) केंद्रीय कानून मंत्री
- ✔ Answer: (ग) लोकसभा का अध्यक्ष — संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति बुलाते हैं परंतु इसकी अध्यक्षता केवल लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करते हैं।
- Q 19: प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम (1951) का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या था?
(क) दल-बदल पर रोक लगाना (ख) भूमि सुधार और ज़मींदारी उन्मूलन कानूनों को संरक्षण देना (ग) मतदान की आयु 18 वर्ष करना (घ) पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा देना
- ✔ Answer: (ख) भूमि सुधार और ज़मींदारी उन्मूलन कानूनों को संरक्षण देना — 1st Amendment Act 1951 द्वारा भूमि सुधारों को नौवीं अनुसूची में जोड़कर न्यायिक समीक्षा से सुरक्षा दी गई।
- Q 20: किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी' और 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द जोड़े गए?
(क) 44वाँ संशोधन अधिनियम (ख) 42वाँ संशोधन अधिनियम (ग) 24वाँ संशोधन अधिनियम (घ) 52वाँ संशोधन अधिनियम
- ✔ Answer: (ख) 42वाँ संशोधन अधिनियम — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्द शामिल किए गए।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 28] 42वें संशोधन द्वारा कौन-से दो शब्द प्रस्तावना में जोडे गए ?
(क) गणराज्य एवं धर्मनिरपेक्ष (ख) प्रजातान्त्रिक एवं समाजवादी (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी (घ) समाजवादी एवं प्रभुसत्तासम्पन्न
- ✔ Official answer: (ग) धर्मनिरपेक्ष एवं समाजवादी — 42वें संविधान संशोधन अधिनियम (1976) द्वारा प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्द जोड़े गए थे।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 31] मंत्री परिषद की संख्या को किस संविधानिक संशोधन द्वारा, लोकसभा सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत, तय किया गया ?
(क) 95वाँ संशोधन (ख) 92वाँ संशोधन (ग) 93वाँ संशोधन (घ) 91वाँ संशोधन
- ✔ Official answer: (घ) 91वाँ संशोधन — 91वें संविधान संशोधन अधिनियम (2003) द्वारा मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा/विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% तक सीमित किया गया।
How it is asked
BPSC regularly asks direct and statement-based questions on the 14-day limit for Rajya Sabha on Money Bills, Joint Sitting chairmanship (Lok Sabha Speaker), constitutional amendment process under Article 368, and key amendment acts (like 1st, 42nd, 44th, 61st, 91st).
Do not confuse
- ✘ धन विधेयक पर संयुक्त बैठक बुलाई जा सकती है या नहीं: धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक दोनों में संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) का कोई प्रावधान नहीं है।
- ✘ संयुक्त बैठक बुलाने और अध्यक्षता करने में अंतर: संयुक्त बैठक राष्ट्रपति द्वारा बुलाई (आहूत) जाती है, परंतु इसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
- ✘ 42वें और 44वें संशोधन में अंतर: 42वें संशोधन (1976) ने प्रस्तावना में परिवर्तन किया और मौलिक कर्तव्य जोड़े, जबकि 44वें संशोधन (1978) ने संपत्ति का अधिकार हटाया।
💡 संयुक्त बैठक: 'आहूत करें राष्ट्रपति, कुर्सी संभालें स्पीकर' | धन विधेयक: 'केवल लोकसभा और 14 दिन'!
Parliamentary Devices and Committees: Question Hour, Zero Hour, Motions, and Committees
In a parliamentary system of governance, parliamentary devices and committees are vital mechanisms to ensure executive accountability to the legislature. The first hour of a parliamentary sitting is designated as Question Hour, during which starred, unstarred, and short-notice questions are posed to ministers. Directly following Question Hour is Zero Hour, an innovative Indian parliamentary practice introduced in 1962 where urgent public matters are raised without prior notice. Control over the executive is maintained through various motions like the No-Confidence Motion, Calling Attention Motion, Adjournment Motion, and Cut Motions during budget discussions. Given Parliament's limited time, Standing Committees and Financial Committees—namely the Public Accounts Committee, Estimates Committee, and Committee on Public Undertakings—scrutinize public expenditure and departmental policies thoroughly.
Key facts
- The first hour of a parliamentary sitting (11:00 AM to 12:00 PM) is known as Question Hour.
- A Starred Question requires an oral answer from the minister, and supplementary questions can follow.
- An Unstarred Question requires a written answer, and no supplementary questions can be asked.
- Zero Hour is an Indian parliamentary innovation started in 1962, commencing immediately after Question Hour.
- Zero Hour is not formally mentioned in the Rules of Procedure of Parliament.
- A No-Confidence Motion can be introduced only in the Lok Sabha with the support of at least 50 members.
- An Adjournment Motion requires the support of at least 50 members to be admitted.
- A Cut Motion is introduced only in the Lok Sabha during discussions on Demands for Grants to reduce proposed expenditure.
- In a Policy Cut Motion, the amount of the demand is proposed to be reduced to Re 1.
- The Estimates Committee is the largest standing committee, having all 30 members exclusively from the Lok Sabha.
- The Public Accounts Committee (PAC) consists of 22 members (15 from Lok Sabha and 7 from Rajya Sabha).
- The PAC examines the audit reports of the CAG, and the CAG is termed its 'friend, philosopher, and guide'.
- By convention established in 1967, the Chairman of the Public Accounts Committee is invariably chosen from the opposition.
- A minister cannot be elected as a member of any of the financial committees (Estimates, PAC, PUC).
Table
- संसदीय समिति / उपकरण: लोक लेखा समिति (PAC) · कुल सदस्य / समय: 22 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 15 (लोकसभा) + 7 (राज्यसभा) · मुख्य कार्य / विशेषता: कैग (CAG) की रिपोर्ट की जांच करना; 1967 से विपक्ष का सदस्य अध्यक्ष बनता है।
- संसदीय समिति / उपकरण: प्राकलन समिति (Estimates) · कुल सदस्य / समय: 30 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 30 (केवल लोकसभा से) · मुख्य कार्य / विशेषता: सबसे बड़ी स्थायी समिति; बजट अनुमानों की जांच व वित्तीय मितव्ययिता सुझाना।
- संसदीय समिति / उपकरण: सार्वजनिक उपक्रम समिति · कुल सदस्य / समय: 22 सदस्य · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: 15 (लोकसभा) + 7 (राज्यसभा) · मुख्य कार्य / विशेषता: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लेखों और रिपोर्टों की जांच करना।
- संसदीय समिति / उपकरण: प्रश्नकाल (Question Hour) · कुल सदस्य / समय: 11:00 AM - 12:00 PM · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: दोनों सदनों में · मुख्य कार्य / विशेषता: सत्र का प्रथम घंटा; तारांकित (मौखिक) और अतारांकित (लिखित) प्रश्न पूछना।
- संसदीय समिति / उपकरण: शून्यकाल (Zero Hour) · कुल सदस्य / समय: 12:00 PM से प्रारंभ · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: दोनों सदनों में · मुख्य कार्य / विशेषता: भारतीय नवाचार (1962); बिना पूर्व सूचना अविलंबनीय लोक महत्व के मुद्दे उठाना।
- संसदीय समिति / उपकरण: अविश्वास प्रस्ताव · कुल सदस्य / समय: न्यूनतम 50 समर्थक · सदस्यों का सदन-वार विभाजन: केवल लोकसभा · मुख्य कार्य / विशेषता: मंत्रिपरिषद के बहुमत की जांच; पारित होने पर सरकार को त्यागपत्र देना पड़ता है।
Practice questions (solved)
- Q 21: संसद में 'कटौती प्रस्ताव' (Cut Motion) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
(क) मंत्रिपरिषद को बर्खास्त करना (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना (ग) संसद की दैनिक कार्यवाही को स्थगित करना (घ) संसद सदस्यों के वेतन-भत्ते कम करना
- ✔ Answer: (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना — कटौती प्रस्ताव बजट पर चर्चा के दौरान अनुदान मांगों में कमी करने के लिए केवल लोकसभा में पेश किया जाता है।
- Q 22: संसद की किस वित्तीय समिति में राज्यसभा का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं होता है?
(क) लोक लेखा समिति (ख) सार्वजनिक उपक्रम समिति (ग) प्राकलन समिति (घ) विभागीय स्थायी समिति
- ✔ Answer: (ग) प्राकलन समिति — प्राकलन समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं और सभी सदस्य केवल लोकसभा से ही एकल संक्रमणीय मत द्वारा चुने जाते हैं।
- Q 23: भारतीय संसद में 'शून्यकाल' (Zero Hour) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(क) यह प्रक्रिया के नियमों में औपचारिक रूप से उल्लिखित है। (ख) यह 1962 में शुरू की गई एक भारतीय नवाचार प्रणाली है। (ग) यह प्रश्नकाल से ठीक एक घंटा पहले शुरू होता है। (घ) इसमें केवल विदेशी मामलों पर ही चर्चा की जा सकती है।
- ✔ Answer: (ख) यह 1962 में शुरू की गई एक भारतीय नवाचार प्रणाली है। — शून्यकाल भारतीय संसदीय नवाचार है जिसकी शुरुआत वर्ष 1962 में हुई थी और यह नियमों की पुस्तिका में दर्ज नहीं है।
- Q 24: लोकसभा में 'अविश्वास प्रस्ताव' प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम कितने सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है?
(क) 25 सदस्य (ख) 50 सदस्य (ग) 100 सदस्य (घ) सदन की कुल सदस्य संख्या का 1/10
- ✔ Answer: (ख) 50 सदस्य — लोकसभा नियम 198 के तहत अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के लिए कम से कम 50 सदस्यों की सहमति अनिवार्य है।
- Q 25: लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें कुल 22 सदस्य होते हैं (15 लोकसभा और 7 राज्यसभा से)।
2. इसका अध्यक्ष सदैव लोकसभा का अध्यक्ष स्वयं होता है।
3. कोई भी मंत्री इसका सदस्य नहीं बन सकता।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (ग) केवल 1 और 3 — लोक लेखा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के सदस्यों में से की जाती है, लोकसभा अध्यक्ष स्वयं इसके अध्यक्ष नहीं होते।
- Q 26: जब संसद में किसी अनुदान मांग की राशि में से '100 रुपये' कम करने का प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो उसे क्या कहा जाता है?
(क) नीतिगत कटौती प्रस्ताव (ख) आर्थिक कटौती प्रस्ताव (ग) सांकेतिक कटौती प्रस्ताव (घ) विशेषाधिकार प्रस्ताव
- ✔ Answer: (ग) सांकेतिक कटौती प्रस्ताव — सांकेतिक कटौती (Token Cut) के तहत किसी विशिष्ट शिकायत को रेखांकित करने हेतु मांग की राशि में से 100 रुपये घटाने का प्रस्ताव होता है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 3] संसद में ‘‘कटौती प्रस्ताव’’ का क्या उद्देश्य होता है ?
(क) सरकार के दैनिक वित्तिय खर्चों पर रोक (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना (ग) सरकार के अनुदान पर रोक (घ) भारत की संचित निधि से अनुदान पर रोक
- ✔ Official answer: (ख) सरकार के बजट प्रस्तावों के खर्चों में कटौती का प्रस्ताव प्रस्तुत करना — संसद में कटौती प्रस्ताव (Cut Motion) का उद्देश्य बजट पर चर्चा के दौरान कार्यपालिका द्वारा प्रस्तुत अनुदान मांगों के खर्चों में कटौती करना होता है।
How it is asked
In BPSC Prelims, questions are routinely asked on parliamentary committees (especially composition, total members, and Rajya Sabha's role in PAC vs Estimates Committee), the origin and convention of Zero Hour, and the rules governing parliamentary motions like Cut Motion and No-Confidence Motion.
Do not confuse
- ✘ लोक लेखा समिति (22 सदस्य: 15 LS + 7 RS) और प्राकलन समिति (30 सदस्य: केवल LS) की सदस्य संरचना में अक्सर भ्रम हो जाता है।
- ✘ तारांकित प्रश्न (मौखिक उत्तर + अनुपूरक प्रश्न संभव) और अतारांकित प्रश्न (लिखित उत्तर + कोई अनुपूरक प्रश्न नहीं) के नियमों में छात्र गलती करते हैं।
- ✘ नीतिगत कटौती (मांग घटाकर ₹1 करना) और सांकेतिक कटौती (मांग में से ₹100 कम करना) के अंतर को लेकर असमंजस होता है।
💡 ट्रिक: 'प्राकलन = पूरा लोकसभा (30)' (प्राकलन समिति में केवल लोकसभा के 30 सदस्य होते हैं, राज्यसभा शून्य)।
Quick revision
- The President is elected (Article 54) by an electoral college consisting of the elected members of both Houses of Parliament and elected members of the Legislative Assemblies of States and UTs (Delhi & Puducherry).
- Impeachment of the President (Article 61) can be initiated in either House of Parliament only on grounds of 'violation of the Constitution' by a two-thirds majority of the total membership.
- Under Article 123, the President can promulgate ordinances during parliamentary recess, valid up to six weeks from the reassembly of Parliament.
- The Vice-President (Articles 63-64) is the ex-officio Chairman of the Rajya Sabha and is elected by members of both Houses of Parliament (both elected and nominated).
- Under Article 75(3), the Council of Ministers is collectively responsible to the Lok Sabha, and the 91st Amendment (2003) capped its size at 15% of the total strength of the Lok Sabha.
- The Rajya Sabha is a permanent body (maximum 250 members) not subject to dissolution; one-third of its members retire every second year.
- Lok Sabha has a normal tenure of 5 years, and the Speaker of the Lok Sabha is elected by its members from amongst themselves by a simple majority.
- A Money Bill (Article 110) can only be introduced in the Lok Sabha with prior presidential recommendation, and the Rajya Sabha can detain it for a maximum of 14 days.
- Under Article 108, the President can summon a joint sitting of Parliament to resolve deadlocks on ordinary bills, presided over by the Speaker of Lok Sabha.
- There is no provision for a joint sitting of Parliament in the case of a Money Bill or a Constitution Amendment Bill (Article 368).
- The first hour of a parliamentary sitting is Question Hour, followed immediately by Zero Hour, which is an informal Indian parliamentary innovation.
- The Public Accounts Committee (PAC) consists of 22 members (15 from Lok Sabha and 7 from Rajya Sabha), with its chairperson conventionally drawn from the opposition.