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BPSC CCEअर्थव्यवस्थाभारतीय अर्थव्यवस्था: राष्ट्रीय आय, मुद्रा और बैंकिंग
Indian Economy: National Income, Money and Banking
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे राष्ट्रीय आय लेखांकन, मुद्रास्फीति, आरबीआई की मौद्रिक नीति और वित्तीय बाजारों से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं। इन मूल अवधारणाओं की समझ अर्थव्यवस्था खंड में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
GDP, GNP, NNP, प्रतिव्यक्ति आय तथा आधार वर्ष
राष्ट्रीय आय किसी देश द्वारा एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य होती है। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) देश की भौगोलिक सीमा के भीतर हुए कुल उत्पादन को दर्शाता है, चाहे उत्पादक भारतीय हो या विदेशी। सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में केवल देश के नागरिकों द्वारा अर्जित आय शामिल होती है, जिसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) जोड़ी जाती है। जब GNP में से मूल्यह्रास (Depreciation) घटाया जाता है, तो शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) प्राप्त होता है। साधन लागत पर NNP (NNP at Factor Cost) को ही आधिकारिक 'राष्ट्रीय आय' माना जाता है। भारत में राष्ट्रीय आय और प्रतिव्यक्ति आय की गणना वर्तमान में आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा की जाती है।
मुख्य तथ्य
- भारत में राष्ट्रीय आय का आकलन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाता है।
- भारत में जीडीपी तथा राष्ट्रीय आय गणना का वर्तमान आधार वर्ष (Base Year) 2011-12 है।
- साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at Factor Cost) को वास्तविक राष्ट्रीय आय कहा जाता है।
- भारत में पहली बार 1867-68 में दादाभाई नौरोजी ने प्रतिव्यक्ति आय ₹20 का अनुमान लगाया था।
- स्वतंत्रता के बाद 1949 में प्रो. पी. सी. महालनोबिस की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आय समिति का गठन हुआ।
- GNP की गणना का सूत्र: GNP = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA)।
- NNP की गणना का सूत्र: NNP = GNP - मूल्यह्रास (Depreciation)।
- बाजार मूल्य (Market Price) = साधन लागत (Factor Cost) + शुद्ध अप्रत्यक्ष कर (Net Indirect Taxes)।
- प्रतिव्यक्ति आय (Per Capita Income) = शुद्ध राष्ट्रीय आय / देश की कुल जनसंख्या।
- वास्तविक जीडीपी (Real GDP) की गणना स्थिर आधार वर्ष की कीमतों पर की जाती है।
- नाममात्र जीडीपी (Nominal GDP) की गणना चालू (वर्तमान) बाजार कीमतों पर की जाती है।
- वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय आय की पहली गणना 1931-32 में डॉ. वी.के.आर.वी. राव ने की थी।
तालिका
- अवधारणा: GDP (सकल घरेलू उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: घरेलू सीमा में अंतिम वस्तुओं/सेवाओं का मूल्य · मुख्य बिंदु: भौगोलिक सीमा (Geographical boundary) प्राथमिक है
- अवधारणा: GNP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय (NFIA) · मुख्य बिंदु: नागरिकता (Citizenship) प्राथमिक है
- अवधारणा: NDP (शुद्ध घरेलू उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GDP - मूल्यह्रास (Depreciation) · मुख्य बिंदु: उत्पादन साधनों में घिसावट का समायोजन
- अवधारणा: NNP (शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GNP - मूल्यह्रास (Depreciation) · मुख्य बिंदु: साधन लागत पर NNP ही वास्तविक 'राष्ट्रीय आय' है
- अवधारणा: प्रतिव्यक्ति आय (PCI) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: कुल राष्ट्रीय आय / कुल जनसंख्या · मुख्य बिंदु: जीवन स्तर तथा औसत आय का मापक
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: निम्नलिखित में से किसे औपचारिक रूप से किसी देश की 'राष्ट्रीय आय' माना जाता है?
(क) बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at MP) (ख) साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) (ग) बाजार मूल्य पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP at MP) (घ) साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at FC)
- ✔ उत्तर: (ख) साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) — साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) ही अर्थशास्त्र में आधिकारिक 'राष्ट्रीय आय' कहलाती है।
- प्रश्न 2: भारत में राष्ट्रीय आय और जीडीपी की गणना के लिए वर्तमान आधार वर्ष (Base Year) क्या है?
(क) 2004-05 (ख) 2011-12 (ग) 2014-15 (घ) 2017-18
- ✔ उत्तर: (ख) 2011-12 — सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (अब NSO) ने 2015 में आधार वर्ष बदलकर 2011-12 कर दिया था।
- प्रश्न 3: सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) तथा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में मुख्य अंतर क्या होता है?
(क) मूल्यह्रास (Depreciation) (ख) विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) (ग) अप्रत्यक्ष कर (घ) सरकारी अनुदान (Subsidies)
- ✔ उत्तर: (ख) विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) — GNP = GDP + NFIA होता है, इसलिए दोनों में अंतर विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय का है।
- प्रश्न 4: भारत में स्वतंत्रता से पूर्व सर्वप्रथम वैज्ञानिक विधि से राष्ट्रीय आय का आकलन किसने किया था?
(क) दादाभाई नौरोजी (ख) डॉ. वी. के. आर. वी. राव (ग) आर. सी. दत्त (घ) डी. आर. गाडगिल
- ✔ उत्तर: (ख) डॉ. वी. के. आर. वी. राव — डॉ. वी.के.आर.वी. राव ने 1931-32 में पहली बार वैज्ञानिक आधार पर भारत की राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया था।
- प्रश्न 5: राष्ट्रीय आय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रियल जीडीपी की गणना चालू बाजार कीमतों पर की जाती है।
2. प्रतिव्यक्ति आय की गणना कुल राष्ट्रीय आय को देश की कुल जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ख) केवल 2 — कथन 1 गलत है क्योंकि रियल जीडीपी स्थिर (आधार वर्ष) कीमतों पर मापी जाती है, जबकि कथन 2 सही है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 61] आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024 में वर्तमान कीमतों पर कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का कुल सकल मूल्य वर्धित (GVA) में योगदान कितना था ?
(क) 18.7%, 28.6% और 52.7% (ख) 17.7%, 27.6% और 54.7% (ग) 16.7%, 26.6% और 56.7% (घ) 17.7%, 28.6% और 53.7%
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) 17.7%, 27.6% और 54.7% — आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार FY24 में कुल GVA (सकल मूल्य वर्धन) में कृषि (17.7%), उद्योग (27.6%) और सेवा (54.7%) का योगदान था।
परीक्षा में कैसे आता है
बीपीएससी में राष्ट्रीय आय अवधारणाओं से संबंधित प्रश्न सीधे परिभाषा (GDP vs GNP), राष्ट्रीय आय के मापक (NNP at FC), गणना करने वाली संस्था (NSO/CSO), इतिहास (दादाभाई नौरोजी, वी.के.आर.वी. राव) और आधार वर्ष (2011-12) से पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ GDP और GNP में अंतर: GDP भौगोलिक सीमा पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि GNP देश के नागरिकों के उत्पादन पर केंद्रित होता है।
- ✘ दादाभाई नौरोजी vs वी.के.आर.वी. राव: प्रथम प्रयास दादाभाई नौरोजी (1867-68) का था, लेकिन प्रथम वैज्ञानिक आकलन डॉ. वी.के.आर.वी. राव (1931-32) ने किया था।
- ✘ Nominal vs Real GDP: नॉमिनल जीडीपी चालू (Current) कीमतों पर होती है, जबकि रियल जीडीपी आधार वर्ष (Constant) की कीमतों पर होती है।
💡 सूत्र याद रखने की ट्रिक: Gross से Net पर जाने के लिए 'मूल्यह्रास (Depreciation)' घटाएं, और Domestic से National पर जाने के लिए 'NFIA' जोड़ें।
मुद्रास्फीति के प्रकार, CPI और WPI
मुद्रास्फीति का अर्थ समय के साथ वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में निरंतर वृद्धि से है, जिससे मुद्रा की क्रय शक्ति घट जाती है। इसे मुख्य रूप से मांग-प्रेरित (Demand-Pull) और लागत-जन्य (Cost-Push) मुद्रास्फीति में वर्गीकृत किया जाता है। भारत में मुद्रास्फीति का मापन मुख्य रूप से थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) द्वारा किया जाता है। WPI को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का आर्थिक सलाहकार कार्यालय जारी करता है, जबकि CPI को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी किया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के बाद से अपनी मौद्रिक नीति के लिए CPI (संयुक्त) को प्राथमिक मापक मानता है। वर्तमान में RBI का लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्य (FIT) 4% है जिसमें (+/- 2%) की छूट सीमा रखी गई है।
मुख्य तथ्य
- थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का आधार वर्ष 2011-12 है।
- उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का आधार वर्ष 2012 है।
- WPI में केवल वस्तुओं (Goods) को शामिल किया जाता है, सेवाओं (Services) को नहीं।
- CPI में वस्तुएँ और सेवाएँ (Goods & Services) दोनों शामिल होती हैं।
- WPI का प्रकाशन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा किया जाता है।
- CPI का प्रकाशन सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाता है।
- RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुद्रास्फीति मापन के लिए CPI (संयुक्त) को आधार मानती है।
- कोर मुद्रास्फीति (Core Inflation) का अर्थ है हेडलाइन मुद्रास्फीति में से खाद्य और ईंधन/ऊर्जा मदों को हटाना।
- स्टैगफ्लेशन (Stagflation) वह स्थिति है जब उच्च मुद्रास्फीति के साथ आर्थिक संवृद्धि दर रुक जाती है और बेरोजगारी बढ़ती है।
- भारत में RBI का लक्षित मुद्रास्फीति बैंड 4% है, जिसमें न्यूनतम 2% और अधिकतम 6% की सीमा निर्धारित है (4% ± 2%)।
- CPI (संयुक्त) में सर्वाधिक भार 'खाद्य और पेय पदार्थ' (लगभग 45.86%) का है।
- WPI में सर्वाधिक भार 'विनिर्मित उत्पाद' (Manufactured Products) (लगभग 64.2%) का है।
तालिका
- विशेषता: जारीकर्ता संस्था · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): आर्थिक सलाहकार कार्यालय (DPIIT)
- विशेषता: आधार वर्ष · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): 2012 · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): 2011-12
- विशेषता: शामिल क्षेत्र · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): वस्तुएँ एवं सेवाएँ दोनों · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): केवल वस्तुएँ (सेवाएँ शामिल नहीं)
- विशेषता: सर्वाधिक भार (Weightage) · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): खाद्य एवं पेय पदार्थ (~45.86%) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): विनिर्मित उत्पाद (~64.23%)
- विशेषता: RBI नीति का आधार · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): हाँ (CPI Combined) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): नहीं
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जारी करने के लिए कौन-सी संस्था जिम्मेदार है?
(क) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) (ख) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) (ग) नीति आयोग (घ) आर्थिक सलाहकार कार्यालय
- ✔ उत्तर: (ख) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) — CPI का प्रकाशन सांख्यिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाता है।
- प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के संबंध में सही नहीं है?
(क) इसका आधार वर्ष 2011-12 है। (ख) इसमें सेवाओं के मूल्य परिवर्तन को शामिल किया जाता है। (ग) इसे आर्थिक सलाहकार कार्यालय जारी करता है। (घ) इसमें विनिर्मित वस्तुओं का भार सबसे अधिक होता है।
- ✔ उत्तर: (ख) इसमें सेवाओं के मूल्य परिवर्तन को शामिल किया जाता है। — WPI में केवल वस्तुओं (Goods) को शामिल किया जाता है, सेवाओं को नहीं।
- प्रश्न 8: 'कोर मुद्रास्फीति' (Core Inflation) को मापने के लिए हेडलाइन मुद्रास्फीति में से किन घटकों को घटाया जाता है?
(क) केवल विनिर्मित उत्पाद (ख) खाद्य पदार्थ और ईंधन/ऊर्जा (ग) केवल सेवाएं (घ) आयातित वस्तुएं
- ✔ उत्तर: (ख) खाद्य पदार्थ और ईंधन/ऊर्जा — कोर मुद्रास्फीति निकालने के लिए अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन मदों को बाहर कर दिया जाता है।
- प्रश्न 9: अर्थशास्त्र में 'स्टैगफ्लेशन' (Stagflation) की स्थिति का क्या अर्थ है?
(क) उच्च मुद्रास्फीति और उच्च आर्थिक वृद्धि (ख) निम्न मुद्रास्फीति और कम बेरोजगारी (ग) उच्च मुद्रास्फीति, धीमी आर्थिक वृद्धि और उच्च बेरोजगारी (घ) शून्य मुद्रास्फीति और पूर्ण रोजगार
- ✔ उत्तर: (ग) उच्च मुद्रास्फीति, धीमी आर्थिक वृद्धि और उच्च बेरोजगारी — स्टैगफ्लेशन में उच्च मुद्रास्फीति के साथ-साथ आर्थिक मंदी (Stagnation) और बेरोजगारी बनी रहती है।
- प्रश्न 10: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति तय करने के लिए किस मुद्रास्फीति सूचकांक को मुख्य मानक माना जाता है?
(क) WPI (थोक मूल्य सूचकांक) (ख) CPI (संयुक्त) (ग) जीडीपी डिफ्लेटर (घ) औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI
- ✔ उत्तर: (ख) CPI (संयुक्त) — उर्जित पटेल समिति की सिफारिश पर RBI ने 2014 से CPI (संयुक्त) को प्राथमिक मापक बनाया है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC CCE और बिहार पुलिस SI परीक्षाओं में CPI/WPI के आधार वर्ष, जारीकर्ता संस्था, कोर इन्फ्लेशन तथा मुद्रास्फीति के प्रकारों (जैसे स्टैगफ्लेशन) से संबंधित प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ CPI का आधार वर्ष 2012 है, जबकि WPI का आधार वर्ष 2011-12 है।
- ✘ WPI में केवल वस्तुएं शामिल होती हैं (सेवाएं नहीं), जबकि CPI में वस्तु और सेवा दोनों शामिल हैं।
- ✘ हेडलाइन इन्फ्लेशन में खाद्य और ईंधन शामिल होते हैं, जबकि कोर इन्फ्लेशन में इन्हें हटा दिया जाता है।
💡 WPI में केवल Goods (वस्तु), CPI में Goods + Services (वस्तु + सेवा) दोनों!
RBI के कार्य एवं मौद्रिक नीति के उपकरण (रेपो, CRR, SLR)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है, जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर हुई थी। RBI देश में मुद्रा आपूर्ति, साख नियंत्रण और बैंकिंग प्रणाली का विनियमन करता है। महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए RBI मौद्रिक नीति (Monetary Policy) का उपयोग करता है। मौद्रिक नीति के दो मुख्य प्रकार के उपकरण होते हैं: परिमाणात्मक (जैसे रेपो रेट, CRR, SLR, बैंक रेट, OMO) और गुणात्मक (जैसे मार्जिन आवश्यकता, नैतिक दबाव)। परिमाणात्मक उपकरण अर्थव्यवस्था में कुल साख की मात्रा को प्रभावित करते हैं, जबकि गुणात्मक उपकरण साख की दिशा तय करते हैं। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए RBI रेपो रेट और CRR/SLR में वृद्धि करता है, जिससे बाजार में तरलता कम हो जाती है।
मुख्य तथ्य
- RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को RBI अधिनियम, 1934 के तहत हिल्टन यंग आयोग (Royal Commission on Indian Currency and Finance) की सिफारिश पर की गई थी।
- RBI का राष्ट्रीयकरण 1 जनवरी 1949 को किया गया था।
- RBI के प्रथम गवर्नर सर ओसबोर्न स्मिथ (1935-1937) थे, जबकि प्रथम भारतीय गवर्नर सी. डी. देशमुख (1943-1949) थे।
- RBI अधिनियम 1934 की धारा 22 के अनुसार भारत में ₹1 के नोट को छोड़कर अन्य सभी करेंसी नोट जारी करने का एकाधिकार RBI के पास है।
- ₹1 का नोट और सिक्के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए जाते हैं और इस पर वित्त सचिव (Finance Secretary) के हस्ताक्षर होते हैं।
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR): वाणिज्यिक बैंकों को अपनी कुल जमा (NDTL) का एक निश्चित प्रतिशत RBI के पास नकद रूप में रखना अनिवार्य होता है, जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
- वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): बैंकों को अपनी कुल जमा (NDTL) का एक निश्चित प्रतिशत स्वयं के पास नकद, सोना या स्वीकृत सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में रखना होता है।
- रेपो दर (Repo Rate): वह ब्याज दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों की जमानत पर अल्पकालिक ऋण प्रदान करता है।
- रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate): वह ब्याज दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से अतिरिक्त तरलता (अल्पकालिक जमा) स्वीकार करता है।
- बैंक दर (Bank Rate): वह दर जिस पर RBI बिना किसी जमानत के वाणिज्यिक बैंकों को दीर्घकालिक ऋण देता है।
- सीमांत स्थायी सुविधा (MSF): बैंकों को आपातकालीन स्थिति में ओवरनाइट (एक रात के लिए) ऋण लेने की सुविधा प्रदान करती है, जिसकी दर रेपो रेट से अधिक होती है।
- खुला बाजार परिचालन (OMO): इसके तहत RBI बाजार में तरलता को नियंत्रित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) का क्रय एवं विक्रय करता है।
- मौद्रिक नीति समिति (MPC): वर्ष 2016 में गठित, इसमें कुल 6 सदस्य होते हैं (3 RBI से और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त) तथा RBI गवर्नर इसका पदेन अध्यक्ष होता है।
- मुद्रास्फीति (महंगाई) को घटाने के लिए RBI नीतिगत दरों (Repo Rate, CRR, SLR) में वृद्धि करता है (कठोर मौद्रिक नीति)।
तालिका
- उपकरण (Instrument): CRR (नकद आरक्षित अनुपात) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): RBI के पास (केवल नकद) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों की ऋण देने की क्षमता को नियंत्रित करता है (कोई ब्याज नहीं मिलता)
- उपकरण (Instrument): SLR (वैधानिक तरलता अनुपात) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): बैंकों के पास (नकद/सोना/G-Sec) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों की तरलता एवं वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है
- उपकरण (Instrument): रेपो दर (Repo Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): RBI से बैंकों द्वारा अल्पकालिक ऋण लेने की दर
- उपकरण (Instrument): रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों द्वारा RBI के पास अतिरिक्त धन जमा करने पर प्राप्त ब्याज
- उपकरण (Instrument): बैंक दर (Bank Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): RBI द्वारा बैंकों को बिना जमानत दीर्घकालिक ऋण देने की दर
- उपकरण (Instrument): खुला बाजार परिचालन (OMO) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): वित्तीय बाजार · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): सरकारी प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय द्वारा तरलता का नियमन
- उपकरण (Instrument): मार्जिन आवश्यकताएं (Margin Requirements) · प्रकार (Type): गुणात्मक (Qualitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): बैंक स्तर पर · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): विशिष्ट क्षेत्रों (जैसे कृषि/उद्योग) के लिए साख नियंत्रण
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर हुई थी।
2. RBI का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1951 में किया गया था।
3. ₹1 के नोट पर RBI के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) 1 और 2 (ग) 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 — RBI की स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर 1935 में हुई थी; राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ था और ₹1 के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।
- प्रश्न 12: जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो दर में वृद्धि करता है, तो अर्थव्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) वाणिज्यिक बैंकों के लिए ऋण सस्ता हो जाता है। (ख) बाजार में तरलता (मुद्रा की आपूर्ति) घटती है। (ग) बाजार में मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ती है। (घ) बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ जाती है।
- ✔ उत्तर: (ख) बाजार में तरलता (मुद्रा की आपूर्ति) घटती है। — रेपो दर बढ़ने से बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है, जिससे वे ब्याज दरें बढ़ाते हैं और बाजार में तरलता घटती है।
- प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा मौद्रिक नीति का परिमाणात्मक (Quantitative) उपकरण नहीं है?
(क) नकद आरक्षित अनुपात (CRR) (ख) वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) (ग) खुला बाजार परिचालन (OMO) (घ) नैतिक दबाव (Moral Suasion)
- ✔ उत्तर: (घ) नैतिक दबाव (Moral Suasion) — नैतिक दबाव (Moral Suasion) और मार्जिन आवश्यकताएं गुणात्मक (Qualitative) उपकरण हैं, जबकि CRR, SLR और OMO परिमाणात्मक उपकरण हैं।
- प्रश्न 14: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (उपकरण)
a) CRR
b) SLR
c) रेपो दर
d) बैंक दर
सूची-II (विवरण)
1) अल्पकालिक ऋण दर
2) दीर्घकालिक ऋण दर
3) RBI के पास नकद जमा
4) स्वयं के पास स्वीकृत परिसंपत्तियों में जमा
सही कूट का चयन कीजिए:
(क) a-3, b-4, c-1, d-2 (ख) a-4, b-3, c-2, d-1 (ग) a-3, b-4, c-2, d-1 (घ) a-1, b-2, c-3, d-4
- ✔ उत्तर: (क) a-3, b-4, c-1, d-2 — CRR बैंक RBI के पास नकद रखते हैं; SLR बैंक स्वयं के पास रखते हैं; रेपो रेट अल्पकालिक दर है तथा बैंक दर दीर्घकालिक दर है।
- प्रश्न 15: मौद्रिक नीति समिति (MPC) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसमें कुल 5 सदस्य होते हैं। (ख) इसका गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। (ग) केंद्रीय वित्त मंत्री इस समिति के अध्यक्ष होते हैं। (घ) यह वर्ष में केवल एक बार अपनी समीक्षा बैठक आयोजित करती है।
- ✔ उत्तर: (ख) इसका गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। — MPC का गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिश पर 2016 में किया गया था; इसमें 6 सदस्य होते हैं और RBI गवर्नर इसके अध्यक्ष होते हैं।
- प्रश्न 16: यदि RBI बाजार में तरलता (Liquidity) बढ़ाना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित में से कौन-सा कदम उठाना चाहिए?
(क) रेपो दर में वृद्धि करना (ख) CRR बढ़ाना (ग) खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदना (घ) SLR बढ़ाना
- ✔ उत्तर: (ग) खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदना — जब RBI खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदता है, तो बाजार में पैसा आता है और तरलता बढ़ती है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC CCE एवं बिहार पुलिस परीक्षाओं में RBI की स्थापना, प्रथम गवर्नर/भारतीय गवर्नर, CRR/SLR/रेपो दर की परिभाषाएं, परिमाणात्मक बनाम गुणात्मक उपकरण तथा मौद्रिक नीति समिति से सीधे व कथन-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ CRR एवं SLR में अंतर: CRR का पैसा बैंकों को RBI के पास अनिवार्य रूप से नकद में रखना होता है (जिस पर ब्याज नहीं मिलता), जबकि SLR का पैसा बैंक स्वयं के पास नकद, सोना या सरकारी प्रतिभूतियों में रखते हैं।
- ✘ रेपो दर एवं बैंक दर में अंतर: रेपो दर RBI द्वारा बैंकों को दिए जाने वाले 'अल्पकालिक' ऋण की दर है (जमानत के साथ), जबकि बैंक दर 'दीर्घकालिक' ऋण की दर है (बिना जमानत)।
- ✘ ₹1 के नोट और अन्य नोटों में अंतर: ₹1 का नोट वित्त मंत्रालय द्वारा जारी होता है और इस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि ₹2 या उससे अधिक के नोट RBI द्वारा जारी होते हैं और गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
💡 याद रखें: 'C'RR = 'C'ash with RBI | 'S'LR = 'S'ecurities/Self with Bank | 'R'epo = 'R'educed short term loans.
बैंकिंग संरचना, नाबार्ड, सिडबी और राष्ट्रीयकरण
भारतीय बैंकिंग प्रणाली का ढांचा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों में विभाजित है। स्वतंत्रता के बाद बैंकिंग सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने और निजी इजारेदारी समाप्त करने के लिए 1969 में 14 और 1980 में 6 बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। कृषि और ग्रामीण विकास को संस्थागत ऋण प्रदान करने के लिए 1982 में नाबार्ड की स्थापना शीर्ष संस्था के रूप में की गई। इसी प्रकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के संवर्धन और वित्तपोषण के लिए 1990 में सिडबी का गठन हुआ। यह संरचना देश में प्राथमिकताप्राप्त क्षेत्र ऋण (PSL) और वित्तीय समावेशन को गति देने में मुख्य भूमिका निभाती है।
मुख्य तथ्य
- इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर 1 जुलाई 1955 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्थापना की गई।
- एसबीआई की स्थापना की सिफारिश एडी गोरवाला समिति (अखिल भारतीय ग्रामीण ऋण सर्वेक्षण समिति) ने की थी।
- 19 जुलाई 1969 को 50 करोड़ रुपये से अधिक जमा पूंजी वाले 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।
- 15 अप्रैल 1980 को 200 करोड़ रुपये से अधिक जमा पूंजी वाले 6 अन्य निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।
- भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को अनुसूचित बैंक (Scheduled Banks) कहा जाता है।
- देश का पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) 'प्रथमा बैंक' 2 अक्टूबर 1975 को मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में स्थापित हुआ।
- आरआरबी की स्थापना एम. नरसिम्हम कार्यसमूह (1975) की सिफारिश पर की गई थी।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में हिस्सेदारी केंद्र सरकार (50%), प्रायोजक बैंक (35%) और राज्य सरकार (15%) की होती है।
- नाबार्ड (NABARD) की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन समिति (CRAFICARD) की सिफारिश पर हुई थी।
- नाबार्ड का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और यह कृषि व ग्रामीण वित्त की शीर्ष पुनर्वित्त संस्था है।
- सिडबी (SIDBI) की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को हुई थी और इसका मुख्यालय लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
- सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के वित्तपोषण और विकास के लिए प्रमुख वित्तीय संस्था है।
- सिक्किम और गोवा भारत के ऐसे दो राज्य हैं जहां कोई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कार्यरत नहीं है।
तालिका
- संस्था / घटना: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) · स्थापना / वर्ष: 1 जुलाई 1955 · मुख्यालय / स्थान: मुंबई · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: ए. डी. गोरवाला समिति (इंपीरियल बैंक का रूपांतरण)
- संस्था / घटना: प्रथम बैंक राष्ट्रीयकरण · स्थापना / वर्ष: 19 जुलाई 1969 · मुख्यालय / स्थान: भारत · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: 14 बैंक (₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले)
- संस्था / घटना: द्वितीय बैंक राष्ट्रीयकरण · स्थापना / वर्ष: 15 अप्रैल 1980 · मुख्यालय / स्थान: भारत · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: 6 बैंक (₹200 करोड़ से अधिक जमा वाले)
- संस्था / घटना: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) · स्थापना / वर्ष: 2 अक्टूबर 1975 · मुख्यालय / स्थान: मुरादाबाद (प्रथमा बैंक) · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: एम. नरसिम्हम समिति (अनुपात: 50:35:15)
- संस्था / घटना: नाबार्ड (NABARD) · स्थापना / वर्ष: 12 जुलाई 1982 · मुख्यालय / स्थान: मुंबई · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: बी. शिवरामन समिति (कृषि व ग्रामीण विकास शीर्ष बैंक)
- संस्था / घटना: सिडबी (SIDBI) · स्थापना / वर्ष: 2 अप्रैल 1990 · मुख्यालय / स्थान: लखनऊ · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: संसद के विशेष अधिनियम द्वारा (MSME क्षेत्र का शीर्ष बैंक)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 17: भारत में 14 प्रमुख व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष किया गया था?
(क) 1955 (ख) 1969 (ग) 1980 (घ) 1991
- ✔ उत्तर: (ख) 1969 — 19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में 50 करोड़ से अधिक जमा वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- प्रश्न 18: नाबार्ड (NABARD) की स्थापना किस समिति की सिफारिश पर की गई थी?
(क) नरसिम्हम समिति (ख) शिवरामन समिति (ग) केलकर समिति (घ) हिल्टन यंग आयोग
- ✔ उत्तर: (ख) शिवरामन समिति — नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन की अध्यक्षता वाली समिति (CRAFICARD) की रिपोर्ट पर की गई थी।
- प्रश्न 19: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(क) नई दिल्ली (ख) मुंबई (ग) लखनऊ (घ) कोलकाता
- ✔ उत्तर: (ग) लखनऊ — सिडबी की स्थापना अप्रैल 1990 में हुई थी और इसका मुख्यालय लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
- प्रश्न 20: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) की पूंजी में केंद्र सरकार, प्रायोजक बैंक तथा संबंधित राज्य सरकार की हिस्सेदारी का सही अनुपात क्या है?
(क) 50 : 35 : 15 (ख) 50 : 30 : 20 (ग) 60 : 25 : 15 (घ) 40 : 40 : 20
- ✔ उत्तर: (क) 50 : 35 : 15 — आरआरबी अधिनियम 1976 के तहत हिस्सेदारी अनुपात केंद्र 50%, प्रायोजक बैंक 35% और राज्य सरकार 15% निर्धारित है।
- प्रश्न 21: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1980 में 6 व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था।
2. भारत का प्रथम क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 'प्रथमा बैंक' था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — 15 अप्रैल 1980 को 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ तथा 2 अक्टूबर 1975 को मुरादाबाद में देश का पहला आरआरबी प्रथमा बैंक खुला।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में बैंकों के राष्ट्रीयकरण का वर्ष (1969 और 1980), नाबार्ड और सिडबी की स्थापना तिथि, संबंधित समितियां (शिवरामन और नरसिम्हम) तथा सिडबी के मुख्यालय (लखनऊ) पर सीधे और कूट-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ नाबार्ड और सिडबी के मुख्यालय में भ्रम: नाबार्ड का मुख्यालय मुंबई में है जबकि सिडबी का मुख्यालय लखनऊ में है।
- ✘ बैंक राष्ट्रीयकरण के दो चरणों में भ्रम: 1969 में 14 बैंक (न्यूनतम जमा ₹50 करोड़) तथा 1980 में 6 बैंक (न्यूनतम जमा ₹200 करोड़) का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- ✘ समितियों में भ्रम: आरआरबी के लिए नरसिम्हम समिति (1975), नाबार्ड के लिए शिवरामन समिति (1979/1981), और एसबीआई के लिए गोरवाला समिति।
💡 नाबार्ड मुम्बई में कृषि संभाले, सिडबी लखनऊ से उद्योग निकाले (NABARD = मुंबई, SIDBI = लखनऊ)।
मुद्रा बाजार एवं पूँजी बाजार (सेबी)
भारतीय वित्तीय बाजार को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है: मुद्रा बाजार (Money Market) और पूँजी बाजार (Capital Market)। मुद्रा बाजार अल्पकालिक कोषों (1 वर्ष तक की परिपक्वता अवधि) का बाजार है, जिसका नियमन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है। इसके प्रमुख उपकरणों में ट्रेजरी बिल, वाणिज्यिक पत्र (CP), जमा प्रमाण पत्र (CD) और कॉल मनी शामिल हैं। दूसरी ओर, पूँजी बाजार मध्यम और दीर्घकालिक कोषों (1 वर्ष से अधिक) का बाजार है, जहाँ शेयर, डिबेंचर और बॉन्ड का क्रय-विक्रय होता है। पूँजी बाजार के दो प्रमुख अंग होते हैं: प्राथमिक बाजार (जहाँ नई प्रतिभूतियाँ जारी होती हैं) और द्वितीयक बाजार (जहाँ मौजूदा प्रतिभूतियों का व्यापार होता है)। पूँजी बाजार और स्टॉक एक्सचेंजों का विनिमय एवं संरक्षण 'भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड' (SEBI) द्वारा किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- मुद्रा बाजार का नियमन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है, जो एक वर्ष तक के अल्पकालिक वित्तीय साधनों का संचालन करता है।
- पूँजी बाजार का नियमन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) करता है, जो दीर्घकालिक प्रतिभूतियों का संचालन करता है।
- ट्रेजरी बिल (T-Bills) भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा 91 दिन, 182 दिन तथा 364 दिन की अवधि के लिए जारी किए जाते हैं।
- कॉल मनी 1 दिन (ओवरनाइट) के लिए, नोटिस मनी 2 से 14 दिनों के लिए तथा टर्म मनी 14 दिनों से अधिक की अवधि के लिए अंतर-बैंक उधार बाजार में प्रयुक्त होती है।
- वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper - CP) भारत में वर्ष 1990 में अत्यधिक साख वाली कंपनियों द्वारा अल्पकालिक ऋण जुटाने के लिए शुरू किया गया था।
- जमा प्रमाण पत्र (Certificate of Deposit - CD) 1989 में शुरू किया गया था, जिसे अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और वित्तीय संस्थान जारी करते हैं।
- SEBI की स्थापना 12 अप्रैल 1988 को एक गैर-सांविधिक निकाय के रूप में हुई थी, जिसे SEBI अधिनियम, 1992 द्वारा वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है, जिसकी स्थापना 1875 में प्रेमचंद रायचंद द्वारा 'द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन' के रूप में की गई थी।
- BSE का प्रमुख संवेदी सूचकांक 'सेंसेक्स' (Sensex) है, जिसमें 30 अत्यधिक तरल और बड़ी कंपनियों के शेयर शामिल हैं।
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की स्थापना फेरवानी समिति की सिफारिश पर 1992 में हुई और इसका प्रमुख संवेदी सूचकांक 'निफ्टी 50' (Nifty 50) है।
- भारत की पहली क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) है, जिसकी स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी।
- आईपीओ (Initial Public Offering - IPO) प्राथमिक पूँजी बाजार का हिस्सा है, जिसके माध्यम से कंपनी पहली बार जनता को शेयर बेचती है।
तालिका
- बाजार: मुद्रा बाजार (Money Market) · नियामक (Regulator): RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) · अवधि (Maturity): अल्पकालिक (1 वर्ष तक) · प्रमुख उपकरण (Instruments): ट्रेजरी बिल, कॉल/नोटिस मनी, कमर्शियल पेपर, CD
- बाजार: पूँजी बाजार (Capital Market) · नियामक (Regulator): SEBI (सेबी) · अवधि (Maturity): दीर्घकालिक (1 वर्ष से अधिक) · प्रमुख उपकरण (Instruments): इक्विटी शेयर, डिबेंचर, सरकारी प्रतिभूतियाँ (G-Sec), बॉन्ड
- बाजार: प्राथमिक बाजार (Primary Market) · नियामक (Regulator): SEBI · अवधि (Maturity): नई प्रतिभूतियाँ · प्रमुख उपकरण (Instruments): IPO (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम), FPO, राइट्स इश्यू
- बाजार: द्वितीयक बाजार (Secondary Market) · नियामक (Regulator): SEBI · अवधि (Maturity): मौजूदा प्रतिभूतियाँ · प्रमुख उपकरण (Instruments): BSE और NSE पर लिस्टेड शेयरों का क्रय-विक्रय
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 22: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को वैधानिक दर्जा किस वर्ष प्रदान किया गया था?
(क) 1988 (ख) 1990 (ग) 1992 (घ) 1995
- ✔ उत्तर: (ग) 1992 — SEBI की स्थापना 1988 में हुई थी, लेकिन SEBI अधिनियम के तहत 30 जनवरी 1992 को इसे वैधानिक अधिकार दिए गए।
- प्रश्न 23: मुद्रा बाजार में एक बैंक द्वारा दूसरे बैंक से केवल एक रात (1 दिन) के लिए लिए जाने वाले ऋण को क्या कहा जाता है?
(क) टर्म मनी (ख) कॉल मनी (ग) नोटिस मनी (घ) कमर्शियल पेपर
- ✔ उत्तर: (ख) कॉल मनी — 1 दिन (ओवरनाइट) के लिए उधार ली जाने वाली अंतर-बैंक राशि को 'कॉल मनी' कहा जाता है।
- प्रश्न 24: निम्नलिखित में से कौन-सा मुद्रा बाजार का उपकरण (Instrument) नहीं है?
(क) ट्रेजरी बिल (ख) शेयर और डिबेंचर (ग) वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper) (घ) जमा प्रमाण पत्र (Certificate of Deposit)
- ✔ उत्तर: (ख) शेयर और डिबेंचर — शेयर और डिबेंचर पूँजी बाजार (Capital Market) के उपकरण हैं, जबकि शेष तीनों मुद्रा बाजार के अल्पकालिक साधन हैं।
- प्रश्न 25: भारत में ट्रेजरी बिल (T-Bills) किसके द्वारा जारी किए जाते हैं?
(क) राज्य सरकार द्वारा (ख) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा (ग) भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा (घ) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा
- ✔ उत्तर: (ग) भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा — ट्रेजरी बिल केंद्र सरकार की ओर से केवल RBI द्वारा निर्गमित किए जाते हैं; राज्य सरकारें इन्हें जारी नहीं कर सकतीं।
- प्रश्न 26: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की स्थापना की सिफारिश किस समिति द्वारा की गई थी?
(क) नरसिम्हम समिति (ख) फेरवानी समिति (ग) तारापोर समिति (घ) रंगराजन समिति
- ✔ उत्तर: (ख) फेरवानी समिति — NSE की स्थापना 1992 में एम. जे. फेरवानी समिति की सिफारिश के आधार पर की गई थी।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 45] क्रिसिल की रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2030 तक भारत में कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार कितना बढ़ने की उम्मीद है ?
(क) ₹ 50-70 लाख करोड़ (ख) ₹ 100-120 लाख करोड़ (ग) ₹ 70-90 लाख करोड़ (घ) ₹ 120-150 लाख करोड़
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) ₹ 100-120 लाख करोड़ — क्रिसिल (CRISIL) रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार भारत का कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार वित्तीय वर्ष 2024 के ₹43 लाख करोड़ से दोगुना होकर 2030 तक ₹100-120 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान व्यक्त किया गया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में मुद्रा एवं पूँजी बाजार से सीधे विनियामक संस्थाओं (RBI एवं SEBI के अधिकार क्षेत्र), बॉन्ड/शेयर बाजार के बुनियादी सिद्धांतों, ट्रेजरी बिलों की परिपक्वता अवधि, सेंसेक्स/निफ्टी के घटकों तथा क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की रिपोर्टों से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ SEBI की स्थापना वर्ष (1988) और वैधानिक दर्जा प्राप्त होने का वर्ष (1992) में छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ कॉल मनी (1 दिन), नोटिस मनी (2-14 दिन) और टर्म मनी (14 दिन से अधिक) की अवधियों में गलती करते हैं।
- ✘ मुद्रा बाजार का नियामक RBI है, जबकि पूँजी बाजार (शेयर, बॉन्ड) का नियामक SEBI है।
💡 'मुद्रा = 1 साल का सिक्का (RBI), पूँजी = लंबी उम्र का पेड़ (SEBI)': 1 साल तक मुद्रा (RBI) और 1 साल से ऊपर पूँजी (SEBI)।
एक नज़र में (Revision)
- सकल घरेलू उत्पाद (GDP) किसी देश की घरेलू सीमा के भीतर एक वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है।
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में GDP के साथ-साथ विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) भी शामिल होती है।
- साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at Factor Cost) को ही वास्तविक राष्ट्रीय आय कहा जाता है।
- भारत में वर्तमान में GDP और राष्ट्रीय आय की गणना के लिए आधार वर्ष 2011-12 है।
- मुद्रास्फीति की दर को मापने के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का उपयोग किया जाता है।
- आरबीआई (RBI) मौद्रिक नीति समिति (MPC) के माध्यम से मुद्रास्फीति को 4% (±2%) के लक्ष्य सीमा के भीतर नियंत्रित करता है।
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई थी और 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण किया गया था।
- आरबीआई मौद्रिक नियंत्रण के लिए रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट, CRR और SLR जैसे परिमाणात्मक साधनों का उपयोग करता है।
- भारत में 14 प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1969 में और 6 अन्य बैंकों का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1980 में किया गया था।
- नाबार्ड (NABARD) की स्थापना 1982 में शिवरामन समिति की सिफारिश पर कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए की गई थी।
- सिडबी (SIDBI) की स्थापना 1990 में हुई थी, जिसका मुख्यालय लखनऊ में है और यह MSME क्षेत्र को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- मुद्रा बाजार अल्पकालिक निधियों (1 वर्ष तक) का बाजार है, जबकि पूंजी बाजार दीर्घकालिक निधियों के लेनदेन से संबंधित है।
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) पूंजी बाजार का नियामक है, जिसे 1992 में वैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ था।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at Factor Cost) किसके बराबर होता है?
- (क) राष्ट्रीय आय (National Income)
- (ख) सकल घरेलू उत्पाद (GDP at Market Price)
- (ग) व्यक्तिगत आय (Personal Income)
- (घ) प्रयोज्य आय (Disposable Income)
उत्तर देखें
उत्तर: (क) राष्ट्रीय आय (National Income)
साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at Factor Cost) को ही अर्थशास्त्र में आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय आय' कहा जाता है।
2. भारत में वर्तमान में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की गणना के लिए किस आधार वर्ष का उपयोग किया जाता है?
- (क) 2004-05
- (ख) 2011-12
- (ग) 2014-15
- (घ) 2017-18
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 2011-12
केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (अब NSO) ने जनवरी 2015 में GDP का आधार वर्ष 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया था।
3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति निर्माण हेतु मुद्रास्फीति मापन के लिए किस सूचकांक को मुख्य संकेतक के रूप में प्रयोग किया जाता है?
- (क) थोक मूल्य सूचकांक (WPI)
- (ख) संयुक्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-Combined)
- (ग) औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI (CPI-IW)
- (घ) सकल घरेलू उत्पाद अवस्फीतिकारक (GDP Deflator)
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) संयुक्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-Combined)
उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के आधार पर RBI ने मौद्रिक नीति हेतु WPI के स्थान पर CPI (Combined) को अपना मुख्य मुद्रास्फीति माप बनाया।
4. निम्नलिखित में से कौन सा आरबीआई की मौद्रिक नीति का गुणात्मक (Qualitative) उपकरण है?
- (क) नकद आरक्षित अनुपात (CRR)
- (ख) वैधानिक तरलता अनुपात (SLR)
- (ग) रेपो दर (Repo Rate)
- (घ) साख की राशनिंग (Rationing of Credit)
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) साख की राशनिंग (Rationing of Credit)
साख की राशनिंग, नैतिक दबाव और मार्जिन आवश्यकताएं गुणात्मक या चयनात्मक उपकरण हैं, जबकि CRR, SLR और रेपो दर परिमाणात्मक (Quantitative) उपकरण हैं।
5. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसकी स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर हुई थी। 2. इसका राष्ट्रीयकरण वर्ष 1949 में किया गया था। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों
RBI की स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिशों के आधार पर RBI अधिनियम 1934 के तहत 1935 में हुई थी और 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण हुआ था।
6. वर्ष 1969 में भारत में कितने प्रमुख निजी वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था?
- (क) 6
- (ख) 10
- (ग) 14
- (घ) 20
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 14
19 जुलाई 1969 को 50 करोड़ रुपये से अधिक जमा वाले 14 बड़े वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। इसके बाद 1980 में 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
7. राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) की स्थापना किस समिति की सिफारिश पर की गई थी?
- (क) नरसिम्हम समिति
- (ख) शिवरामन समिति
- (ग) केल्कर समिति
- (घ) तेंदुलकर समिति
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) शिवरामन समिति
नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई थी।
8. भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- (क) मुंबई
- (ख) नई दिल्ली
- (ग) लखनऊ
- (घ) कोलकाता
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) लखनऊ
सिडबी (SIDBI) की स्थापना 1990 में हुई थी और इसका मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
9. निम्नलिखित में से कौन सा/से उपकरण मुद्रा बाजार (Money Market) से संबंधित है/हैं? 1. ट्रेजरी बिल (Treasury Bills) 2. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper) 3. शेयर (Shares)
- (क) केवल 1 और 2
- (ख) केवल 2 और 3
- (ग) केवल 1 और 3
- (घ) 1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (क) केवल 1 और 2
ट्रेजरी बिल और वाणिज्यिक पत्र अल्पकालिक साधन होने के कारण मुद्रा बाजार का हिस्सा हैं, जबकि शेयर दीर्घकालिक पूंजी बाजार का हिस्सा हैं।
10. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को किस वर्ष वैधानिक (Statutory) दर्जा प्रदान किया गया था?
- (क) 1988
- (ख) 1990
- (ग) 1992
- (घ) 1995
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1992
SEBI की स्थापना 1988 में एक गैर-संविधिक निकाय के रूप में हुई थी, लेकिन SEBI अधिनियम 1992 के तहत इसे 30 जनवरी 1992 को वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
English version — Indian Economy: National Income, Money and Banking
This chapter is crucial for both BPSC Prelims and Mains examinations. Questions are regularly asked from national income accounting, inflation, RBI's monetary policy, and financial markets. A clear understanding of these core concepts is essential to score high marks in the economy section.
GDP, GNP, NNP, Per Capita Income and Base Year
National Income measures the total monetary value of all final goods and services produced by a nation in a financial year. Gross Domestic Product (GDP) represents total production within the geographical boundaries of a country, regardless of ownership. Gross National Product (GNP) accounts for income earned by domestic citizens only, adding Net Factor Income from Abroad (NFIA) to GDP. Subtracting depreciation from GNP yields Net National Product (NNP). NNP at factor cost is formally termed as the National Income of a country. Per Capita Income is calculated by dividing total national income by total population, using 2011-12 as the base year by the NSO.
Key facts
- National Income in India is estimated by the National Statistical Office (NSO).
- The current base year for GDP and national income estimation in India is 2011-12.
- Net National Product at Factor Cost (NNP at FC) is formally defined as National Income.
- Dadabhai Naoroji first estimated India's per capita income at ₹20 in 1867-68.
- Post-independence, the National Income Committee was formed in 1949 under Prof. P.C. Mahalanobis.
- Formula for GNP: GNP = GDP + Net Factor Income from Abroad (NFIA).
- Formula for NNP: NNP = GNP - Depreciation.
- Market Price = Factor Cost + Net Indirect Taxes (Indirect Taxes - Subsidies).
- Per Capita Income = Net National Income / Total Population.
- Real GDP is calculated using constant base year prices.
- Nominal GDP is calculated using current market prices.
- First scientific estimation of national income was done by Dr. V.K.R.V. Rao in 1931-32.
Table
- अवधारणा: GDP (सकल घरेलू उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: घरेलू सीमा में अंतिम वस्तुओं/सेवाओं का मूल्य · मुख्य बिंदु: भौगोलिक सीमा (Geographical boundary) प्राथमिक है
- अवधारणा: GNP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GDP + विदेशों से शुद्ध साधन आय (NFIA) · मुख्य बिंदु: नागरिकता (Citizenship) प्राथमिक है
- अवधारणा: NDP (शुद्ध घरेलू उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GDP - मूल्यह्रास (Depreciation) · मुख्य बिंदु: उत्पादन साधनों में घिसावट का समायोजन
- अवधारणा: NNP (शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: GNP - मूल्यह्रास (Depreciation) · मुख्य बिंदु: साधन लागत पर NNP ही वास्तविक 'राष्ट्रीय आय' है
- अवधारणा: प्रतिव्यक्ति आय (PCI) · गणितीय सूत्र / परिभाषा: कुल राष्ट्रीय आय / कुल जनसंख्या · मुख्य बिंदु: जीवन स्तर तथा औसत आय का मापक
Practice questions (solved)
- Q 1: निम्नलिखित में से किसे औपचारिक रूप से किसी देश की 'राष्ट्रीय आय' माना जाता है?
(क) बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at MP) (ख) साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) (ग) बाजार मूल्य पर सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP at MP) (घ) साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at FC)
- ✔ Answer: (ख) साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) — साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP at FC) ही अर्थशास्त्र में आधिकारिक 'राष्ट्रीय आय' कहलाती है।
- Q 2: भारत में राष्ट्रीय आय और जीडीपी की गणना के लिए वर्तमान आधार वर्ष (Base Year) क्या है?
(क) 2004-05 (ख) 2011-12 (ग) 2014-15 (घ) 2017-18
- ✔ Answer: (ख) 2011-12 — सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (अब NSO) ने 2015 में आधार वर्ष बदलकर 2011-12 कर दिया था।
- Q 3: सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) तथा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में मुख्य अंतर क्या होता है?
(क) मूल्यह्रास (Depreciation) (ख) विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) (ग) अप्रत्यक्ष कर (घ) सरकारी अनुदान (Subsidies)
- ✔ Answer: (ख) विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (NFIA) — GNP = GDP + NFIA होता है, इसलिए दोनों में अंतर विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय का है।
- Q 4: भारत में स्वतंत्रता से पूर्व सर्वप्रथम वैज्ञानिक विधि से राष्ट्रीय आय का आकलन किसने किया था?
(क) दादाभाई नौरोजी (ख) डॉ. वी. के. आर. वी. राव (ग) आर. सी. दत्त (घ) डी. आर. गाडगिल
- ✔ Answer: (ख) डॉ. वी. के. आर. वी. राव — डॉ. वी.के.आर.वी. राव ने 1931-32 में पहली बार वैज्ञानिक आधार पर भारत की राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया था।
- Q 5: राष्ट्रीय आय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रियल जीडीपी की गणना चालू बाजार कीमतों पर की जाती है।
2. प्रतिव्यक्ति आय की गणना कुल राष्ट्रीय आय को देश की कुल जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ख) केवल 2 — कथन 1 गलत है क्योंकि रियल जीडीपी स्थिर (आधार वर्ष) कीमतों पर मापी जाती है, जबकि कथन 2 सही है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 61] आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024 में वर्तमान कीमतों पर कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का कुल सकल मूल्य वर्धित (GVA) में योगदान कितना था ?
(क) 18.7%, 28.6% और 52.7% (ख) 17.7%, 27.6% और 54.7% (ग) 16.7%, 26.6% और 56.7% (घ) 17.7%, 28.6% और 53.7%
- ✔ Official answer: (ख) 17.7%, 27.6% और 54.7% — आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार FY24 में कुल GVA (सकल मूल्य वर्धन) में कृषि (17.7%), उद्योग (27.6%) और सेवा (54.7%) का योगदान था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions regarding definitions (GDP vs GNP), national income metric (NNP at FC), measuring body (NSO), historical estimates (Dadabhai Naoroji), and the active base year (2011-12).
Do not confuse
- ✘ GDP और GNP में अंतर: GDP भौगोलिक सीमा पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि GNP देश के नागरिकों के उत्पादन पर केंद्रित होता है।
- ✘ दादाभाई नौरोजी vs वी.के.आर.वी. राव: प्रथम प्रयास दादाभाई नौरोजी (1867-68) का था, लेकिन प्रथम वैज्ञानिक आकलन डॉ. वी.के.आर.वी. राव (1931-32) ने किया था।
- ✘ Nominal vs Real GDP: नॉमिनल जीडीपी चालू (Current) कीमतों पर होती है, जबकि रियल जीडीपी आधार वर्ष (Constant) की कीमतों पर होती है।
💡 सूत्र याद रखने की ट्रिक: Gross से Net पर जाने के लिए 'मूल्यह्रास (Depreciation)' घटाएं, और Domestic से National पर जाने के लिए 'NFIA' जोड़ें।
Types of Inflation, CPI and WPI
Inflation refers to a sustained increase in the general price level of goods and services over time, which reduces the purchasing power of money. It is primarily classified into Demand-Pull Inflation and Cost-Push Inflation based on its underlying causes. In India, Wholesale Price Index (WPI) and Consumer Price Index (CPI) are the key tools used for measuring inflation. WPI is published by the Office of the Economic Adviser (Ministry of Commerce and Industry), whereas CPI is published by the National Statistical Office (NSO). Following the Urjit Patel Committee recommendations, RBI adopted CPI (Combined) as its primary metric for monetary policy decisions. Currently, RBI operates under a Flexible Inflation Target (FIT) of 4% with a tolerance band of +/- 2%.
Key facts
- The base year for Wholesale Price Index (WPI) is 2011-12.
- The base year for Consumer Price Index (CPI) is 2012.
- WPI includes only Goods and does not include Services.
- CPI includes both Goods and Services.
- WPI is published by the Office of Economic Adviser, Ministry of Commerce and Industry.
- CPI is published by the National Statistical Office (NSO), MoSPI.
- RBI's Monetary Policy Committee (MPC) uses CPI (Combined) as the anchor for measuring inflation.
- Core Inflation excludes volatile food and fuel/energy components from Headline Inflation.
- Stagflation is a situation characterized by high inflation, stagnant economic growth, and high unemployment.
- India's target inflation band set for RBI is 4% with a tolerance range of 2% to 6% (4% ± 2%).
- In CPI (Combined), the highest weightage is given to 'Food and Beverages' (~45.86%).
- In WPI, the highest weightage is given to 'Manufactured Products' (~64.2%).
Table
- विशेषता: जारीकर्ता संस्था · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): आर्थिक सलाहकार कार्यालय (DPIIT)
- विशेषता: आधार वर्ष · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): 2012 · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): 2011-12
- विशेषता: शामिल क्षेत्र · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): वस्तुएँ एवं सेवाएँ दोनों · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): केवल वस्तुएँ (सेवाएँ शामिल नहीं)
- विशेषता: सर्वाधिक भार (Weightage) · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): खाद्य एवं पेय पदार्थ (~45.86%) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): विनिर्मित उत्पाद (~64.23%)
- विशेषता: RBI नीति का आधार · उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): हाँ (CPI Combined) · थोक मूल्य सूचकांक (WPI): नहीं
Practice questions (solved)
- Q 6: भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) जारी करने के लिए कौन-सी संस्था जिम्मेदार है?
(क) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) (ख) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) (ग) नीति आयोग (घ) आर्थिक सलाहकार कार्यालय
- ✔ Answer: (ख) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) — CPI का प्रकाशन सांख्यिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा किया जाता है।
- Q 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के संबंध में सही नहीं है?
(क) इसका आधार वर्ष 2011-12 है। (ख) इसमें सेवाओं के मूल्य परिवर्तन को शामिल किया जाता है। (ग) इसे आर्थिक सलाहकार कार्यालय जारी करता है। (घ) इसमें विनिर्मित वस्तुओं का भार सबसे अधिक होता है।
- ✔ Answer: (ख) इसमें सेवाओं के मूल्य परिवर्तन को शामिल किया जाता है। — WPI में केवल वस्तुओं (Goods) को शामिल किया जाता है, सेवाओं को नहीं।
- Q 8: 'कोर मुद्रास्फीति' (Core Inflation) को मापने के लिए हेडलाइन मुद्रास्फीति में से किन घटकों को घटाया जाता है?
(क) केवल विनिर्मित उत्पाद (ख) खाद्य पदार्थ और ईंधन/ऊर्जा (ग) केवल सेवाएं (घ) आयातित वस्तुएं
- ✔ Answer: (ख) खाद्य पदार्थ और ईंधन/ऊर्जा — कोर मुद्रास्फीति निकालने के लिए अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन मदों को बाहर कर दिया जाता है।
- Q 9: अर्थशास्त्र में 'स्टैगफ्लेशन' (Stagflation) की स्थिति का क्या अर्थ है?
(क) उच्च मुद्रास्फीति और उच्च आर्थिक वृद्धि (ख) निम्न मुद्रास्फीति और कम बेरोजगारी (ग) उच्च मुद्रास्फीति, धीमी आर्थिक वृद्धि और उच्च बेरोजगारी (घ) शून्य मुद्रास्फीति और पूर्ण रोजगार
- ✔ Answer: (ग) उच्च मुद्रास्फीति, धीमी आर्थिक वृद्धि और उच्च बेरोजगारी — स्टैगफ्लेशन में उच्च मुद्रास्फीति के साथ-साथ आर्थिक मंदी (Stagnation) और बेरोजगारी बनी रहती है।
- Q 10: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक नीति तय करने के लिए किस मुद्रास्फीति सूचकांक को मुख्य मानक माना जाता है?
(क) WPI (थोक मूल्य सूचकांक) (ख) CPI (संयुक्त) (ग) जीडीपी डिफ्लेटर (घ) औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI
- ✔ Answer: (ख) CPI (संयुक्त) — उर्जित पटेल समिति की सिफारिश पर RBI ने 2014 से CPI (संयुक्त) को प्राथमिक मापक बनाया है।
How it is asked
In BPSC CCE and Bihar Police SI exams, questions are frequently asked on the base years of CPI/WPI, publishing agencies, Core Inflation, and types of inflation like Stagflation.
Do not confuse
- ✘ CPI का आधार वर्ष 2012 है, जबकि WPI का आधार वर्ष 2011-12 है।
- ✘ WPI में केवल वस्तुएं शामिल होती हैं (सेवाएं नहीं), जबकि CPI में वस्तु और सेवा दोनों शामिल हैं।
- ✘ हेडलाइन इन्फ्लेशन में खाद्य और ईंधन शामिल होते हैं, जबकि कोर इन्फ्लेशन में इन्हें हटा दिया जाता है।
💡 WPI में केवल Goods (वस्तु), CPI में Goods + Services (वस्तु + सेवा) दोनों!
RBI Functions and Monetary Policy Tools (Repo, CRR, SLR)
The Reserve Bank of India (RBI) is the central bank of India, established on April 1, 1935, based on the recommendations of the Hilton Young Commission. RBI regulates the country's money supply, credit control, and banking system. To control inflation and foster economic growth, RBI uses Monetary Policy. Monetary policy instruments are divided into two categories: Quantitative (such as Repo Rate, CRR, SLR, Bank Rate, OMO) and Qualitative (such as Margin Requirements, Moral Suasion). Quantitative tools affect the total volume of credit in the economy, whereas qualitative tools direct the allocation of credit. To curb inflation, RBI increases the Repo Rate, CRR, or SLR, thereby draining liquidity from the market.
Key facts
- RBI was established on April 1, 1935, under the RBI Act, 1934, based on the recommendations of the Hilton Young Commission.
- RBI was nationalised on January 1, 1949.
- The first Governor of RBI was Sir Osborne Smith (1935-1937), while the first Indian Governor was C. D. Deshmukh (1943-1949).
- Under Section 22 of the RBI Act 1934, RBI has the sole right to issue currency notes in India except ₹1 notes.
- Re 1 note and coins are issued by the Ministry of Finance and bear the signature of the Finance Secretary.
- Cash Reserve Ratio (CRR): Commercial banks must keep a specified percentage of their NDTL in cash with RBI, earning no interest.
- Statutory Liquidity Ratio (SLR): Banks must maintain a specified percentage of NDTL with themselves in cash, gold, or approved government securities.
- Repo Rate: The rate at which RBI lends short-term money to commercial banks against government securities.
- Reverse Repo Rate: The rate at which RBI absorbs liquidity from commercial banks.
- Bank Rate: The rate at which RBI provides long-term loans to commercial banks without collateral.
- Marginal Standing Facility (MSF): Allows banks to borrow overnight funds in emergency situations at a rate higher than the Repo Rate.
- Open Market Operations (OMO): Involves buying and selling of government securities by RBI to control market liquidity.
- Monetary Policy Committee (MPC): Formed in 2016, consists of 6 members (3 from RBI and 3 appointed by Central Govt) with the RBI Governor as ex-officio chairman.
- To reduce inflation, RBI increases policy rates (Repo Rate, CRR, SLR) known as tight/dear monetary policy.
Table
- उपकरण (Instrument): CRR (नकद आरक्षित अनुपात) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): RBI के पास (केवल नकद) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों की ऋण देने की क्षमता को नियंत्रित करता है (कोई ब्याज नहीं मिलता)
- उपकरण (Instrument): SLR (वैधानिक तरलता अनुपात) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): बैंकों के पास (नकद/सोना/G-Sec) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों की तरलता एवं वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करता है
- उपकरण (Instrument): रेपो दर (Repo Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): RBI से बैंकों द्वारा अल्पकालिक ऋण लेने की दर
- उपकरण (Instrument): रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): बैंकों द्वारा RBI के पास अतिरिक्त धन जमा करने पर प्राप्त ब्याज
- उपकरण (Instrument): बैंक दर (Bank Rate) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): N/A (ब्याज दर) · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): RBI द्वारा बैंकों को बिना जमानत दीर्घकालिक ऋण देने की दर
- उपकरण (Instrument): खुला बाजार परिचालन (OMO) · प्रकार (Type): परिमाणात्मक (Quantitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): वित्तीय बाजार · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): सरकारी प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय द्वारा तरलता का नियमन
- उपकरण (Instrument): मार्जिन आवश्यकताएं (Margin Requirements) · प्रकार (Type): गुणात्मक (Qualitative) · रखरखाव/स्थान (Where Kept): बैंक स्तर पर · मुख्य कार्य/प्रभाव (Key Function/Impact): विशिष्ट क्षेत्रों (जैसे कृषि/उद्योग) के लिए साख नियंत्रण
Practice questions (solved)
- Q 11: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर हुई थी।
2. RBI का राष्ट्रीयकरण वर्ष 1951 में किया गया था।
3. ₹1 के नोट पर RBI के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) 1 और 2 (ग) 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (क) केवल 1 — RBI की स्थापना हिल्टन यंग आयोग की सिफारिश पर 1935 में हुई थी; राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ था और ₹1 के नोट पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।
- Q 12: जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो दर में वृद्धि करता है, तो अर्थव्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) वाणिज्यिक बैंकों के लिए ऋण सस्ता हो जाता है। (ख) बाजार में तरलता (मुद्रा की आपूर्ति) घटती है। (ग) बाजार में मुद्रास्फीति तेजी से बढ़ती है। (घ) बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ जाती है।
- ✔ Answer: (ख) बाजार में तरलता (मुद्रा की आपूर्ति) घटती है। — रेपो दर बढ़ने से बैंकों के लिए उधार लेना महंगा हो जाता है, जिससे वे ब्याज दरें बढ़ाते हैं और बाजार में तरलता घटती है।
- Q 13: निम्नलिखित में से कौन-सा मौद्रिक नीति का परिमाणात्मक (Quantitative) उपकरण नहीं है?
(क) नकद आरक्षित अनुपात (CRR) (ख) वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) (ग) खुला बाजार परिचालन (OMO) (घ) नैतिक दबाव (Moral Suasion)
- ✔ Answer: (घ) नैतिक दबाव (Moral Suasion) — नैतिक दबाव (Moral Suasion) और मार्जिन आवश्यकताएं गुणात्मक (Qualitative) उपकरण हैं, जबकि CRR, SLR और OMO परिमाणात्मक उपकरण हैं।
- Q 14: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (उपकरण)
a) CRR
b) SLR
c) रेपो दर
d) बैंक दर
सूची-II (विवरण)
1) अल्पकालिक ऋण दर
2) दीर्घकालिक ऋण दर
3) RBI के पास नकद जमा
4) स्वयं के पास स्वीकृत परिसंपत्तियों में जमा
सही कूट का चयन कीजिए:
(क) a-3, b-4, c-1, d-2 (ख) a-4, b-3, c-2, d-1 (ग) a-3, b-4, c-2, d-1 (घ) a-1, b-2, c-3, d-4
- ✔ Answer: (क) a-3, b-4, c-1, d-2 — CRR बैंक RBI के पास नकद रखते हैं; SLR बैंक स्वयं के पास रखते हैं; रेपो रेट अल्पकालिक दर है तथा बैंक दर दीर्घकालिक दर है।
- Q 15: मौद्रिक नीति समिति (MPC) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) इसमें कुल 5 सदस्य होते हैं। (ख) इसका गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। (ग) केंद्रीय वित्त मंत्री इस समिति के अध्यक्ष होते हैं। (घ) यह वर्ष में केवल एक बार अपनी समीक्षा बैठक आयोजित करती है।
- ✔ Answer: (ख) इसका गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया था। — MPC का गठन उर्जित पटेल समिति की सिफारिश पर 2016 में किया गया था; इसमें 6 सदस्य होते हैं और RBI गवर्नर इसके अध्यक्ष होते हैं।
- Q 16: यदि RBI बाजार में तरलता (Liquidity) बढ़ाना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित में से कौन-सा कदम उठाना चाहिए?
(क) रेपो दर में वृद्धि करना (ख) CRR बढ़ाना (ग) खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदना (घ) SLR बढ़ाना
- ✔ Answer: (ग) खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदना — जब RBI खुले बाजार में सरकारी प्रतिभूतियां खरीदता है, तो बाजार में पैसा आता है और तरलता बढ़ती है।
How it is asked
In BPSC CCE and Bihar Police exams, questions are frequently asked on RBI establishment, first governor/Indian governor, definitions of CRR/SLR/Repo rate, quantitative vs qualitative tools, and the Monetary Policy Committee directly or through statement-based formats.
Do not confuse
- ✘ CRR एवं SLR में अंतर: CRR का पैसा बैंकों को RBI के पास अनिवार्य रूप से नकद में रखना होता है (जिस पर ब्याज नहीं मिलता), जबकि SLR का पैसा बैंक स्वयं के पास नकद, सोना या सरकारी प्रतिभूतियों में रखते हैं।
- ✘ रेपो दर एवं बैंक दर में अंतर: रेपो दर RBI द्वारा बैंकों को दिए जाने वाले 'अल्पकालिक' ऋण की दर है (जमानत के साथ), जबकि बैंक दर 'दीर्घकालिक' ऋण की दर है (बिना जमानत)।
- ✘ ₹1 के नोट और अन्य नोटों में अंतर: ₹1 का नोट वित्त मंत्रालय द्वारा जारी होता है और इस पर वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं, जबकि ₹2 या उससे अधिक के नोट RBI द्वारा जारी होते हैं और गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
💡 याद रखें: 'C'RR = 'C'ash with RBI | 'S'LR = 'S'ecurities/Self with Bank | 'R'epo = 'R'educed short term loans.
Banking Structure, NABARD, SIDBI, and Nationalisation
India's banking structure comprises Scheduled Commercial Banks, Regional Rural Banks (RRBs), and Cooperative Banks. To eliminate the monopoly of private industrialists and extend credit to agriculture and rural areas, 14 major commercial banks were nationalised in 1969 and 6 more in 1980. For rural and agricultural credit, NABARD was established in 1982 as an apex development bank. Similarly, SIDBI was set up in 1990 to promote and refinance Micro, Small, and Medium Enterprises (MSMEs). This structured framework drives priority sector lending and financial inclusion across the nation.
Key facts
- State Bank of India (SBI) was established on 1 July 1955 by nationalising the Imperial Bank of India.
- The establishment of SBI was recommended by the A.D. Gorwala Committee (All India Rural Credit Survey Committee).
- On 19 July 1969, 14 major commercial banks with deposits exceeding ₹50 crore were nationalised.
- On 15 April 1980, 6 more private commercial banks with deposits exceeding ₹200 crore were nationalised.
- Banks included in the Second Schedule of the RBI Act, 1934 are called Scheduled Banks.
- India's first Regional Rural Bank (RRB), 'Prathama Bank', was set up on 2 October 1975 at Moradabad (UP).
- RRBs were established on the recommendation of the M. Narasimham Working Group (1975).
- The shareholding in RRBs is Central Govt (50%), Sponsor Bank (35%), and State Govt (15%).
- NABARD was established on 12 July 1982 based on the recommendations of the B. Sivaraman Committee (CRAFICARD).
- NABARD is headquartered in Mumbai and acts as the apex refinancing body for agriculture and rural credit.
- SIDBI was established on 2 April 1990, and its headquarters is located in Lucknow (Uttar Pradesh).
- SIDBI is the principal financial institution for the promotion, financing, and development of the MSME sector.
- Sikkim and Goa are the two Indian states where no Regional Rural Bank functions.
Table
- संस्था / घटना: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) · स्थापना / वर्ष: 1 जुलाई 1955 · मुख्यालय / स्थान: मुंबई · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: ए. डी. गोरवाला समिति (इंपीरियल बैंक का रूपांतरण)
- संस्था / घटना: प्रथम बैंक राष्ट्रीयकरण · स्थापना / वर्ष: 19 जुलाई 1969 · मुख्यालय / स्थान: भारत · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: 14 बैंक (₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले)
- संस्था / घटना: द्वितीय बैंक राष्ट्रीयकरण · स्थापना / वर्ष: 15 अप्रैल 1980 · मुख्यालय / स्थान: भारत · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: 6 बैंक (₹200 करोड़ से अधिक जमा वाले)
- संस्था / घटना: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) · स्थापना / वर्ष: 2 अक्टूबर 1975 · मुख्यालय / स्थान: मुरादाबाद (प्रथमा बैंक) · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: एम. नरसिम्हम समिति (अनुपात: 50:35:15)
- संस्था / घटना: नाबार्ड (NABARD) · स्थापना / वर्ष: 12 जुलाई 1982 · मुख्यालय / स्थान: मुंबई · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: बी. शिवरामन समिति (कृषि व ग्रामीण विकास शीर्ष बैंक)
- संस्था / घटना: सिडबी (SIDBI) · स्थापना / वर्ष: 2 अप्रैल 1990 · मुख्यालय / स्थान: लखनऊ · सिफारिशी समिति / प्रमुख तथ्य: संसद के विशेष अधिनियम द्वारा (MSME क्षेत्र का शीर्ष बैंक)
Practice questions (solved)
- Q 17: भारत में 14 प्रमुख व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष किया गया था?
(क) 1955 (ख) 1969 (ग) 1980 (घ) 1991
- ✔ Answer: (ख) 1969 — 19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में 50 करोड़ से अधिक जमा वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- Q 18: नाबार्ड (NABARD) की स्थापना किस समिति की सिफारिश पर की गई थी?
(क) नरसिम्हम समिति (ख) शिवरामन समिति (ग) केलकर समिति (घ) हिल्टन यंग आयोग
- ✔ Answer: (ख) शिवरामन समिति — नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन की अध्यक्षता वाली समिति (CRAFICARD) की रिपोर्ट पर की गई थी।
- Q 19: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(क) नई दिल्ली (ख) मुंबई (ग) लखनऊ (घ) कोलकाता
- ✔ Answer: (ग) लखनऊ — सिडबी की स्थापना अप्रैल 1990 में हुई थी और इसका मुख्यालय लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।
- Q 20: क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) की पूंजी में केंद्र सरकार, प्रायोजक बैंक तथा संबंधित राज्य सरकार की हिस्सेदारी का सही अनुपात क्या है?
(क) 50 : 35 : 15 (ख) 50 : 30 : 20 (ग) 60 : 25 : 15 (घ) 40 : 40 : 20
- ✔ Answer: (क) 50 : 35 : 15 — आरआरबी अधिनियम 1976 के तहत हिस्सेदारी अनुपात केंद्र 50%, प्रायोजक बैंक 35% और राज्य सरकार 15% निर्धारित है।
- Q 21: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1980 में 6 व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था।
2. भारत का प्रथम क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 'प्रथमा बैंक' था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — 15 अप्रैल 1980 को 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ तथा 2 अक्टूबर 1975 को मुरादाबाद में देश का पहला आरआरबी प्रथमा बैंक खुला।
How it is asked
BPSC frequently asks direct and code-based questions on the years of bank nationalisation (1969, 1980), establishment dates of NABARD and SIDBI, recommending committees (Sivaraman, Narasimham), and SIDBI's headquarters (Lucknow).
Do not confuse
- ✘ नाबार्ड और सिडबी के मुख्यालय में भ्रम: नाबार्ड का मुख्यालय मुंबई में है जबकि सिडबी का मुख्यालय लखनऊ में है।
- ✘ बैंक राष्ट्रीयकरण के दो चरणों में भ्रम: 1969 में 14 बैंक (न्यूनतम जमा ₹50 करोड़) तथा 1980 में 6 बैंक (न्यूनतम जमा ₹200 करोड़) का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- ✘ समितियों में भ्रम: आरआरबी के लिए नरसिम्हम समिति (1975), नाबार्ड के लिए शिवरामन समिति (1979/1981), और एसबीआई के लिए गोरवाला समिति।
💡 नाबार्ड मुम्बई में कृषि संभाले, सिडबी लखनऊ से उद्योग निकाले (NABARD = मुंबई, SIDBI = लखनऊ)।
Money Market and Capital Market (SEBI)
The Indian financial market is broadly categorized into two parts: the Money Market and the Capital Market. The Money Market deals with short-term funds having maturities of up to one year and is regulated by the Reserve Bank of India (RBI). Its primary instruments include Treasury Bills, Commercial Papers (CP), Certificates of Deposit (CD), and Call Money. In contrast, the Capital Market deals in medium and long-term funds (maturities exceeding one year), where shares, debentures, and bonds are traded. The capital market consists of the primary market (issuing new securities) and the secondary market (trading existing securities). The regulation and investor protection of the securities market are governed by the Securities and Exchange Board of India (SEBI).
Key facts
- The Money Market is regulated by the Reserve Bank of India (RBI), dealing in short-term instruments with maturities up to one year.
- The Capital Market is regulated by the Securities and Exchange Board of India (SEBI), dealing with long-term securities.
- Treasury Bills (T-Bills) are issued by the RBI on behalf of the Government of India for tenors of 91, 182, and 364 days.
- Call money is used for 1 day (overnight), notice money for 2 to 14 days, and term money for more than 14 days in the inter-bank market.
- Commercial Paper (CP) was introduced in India in 1990 to allow highly rated corporate borrowers to raise short-term funds.
- Certificates of Deposit (CD) were introduced in 1989, issued by scheduled commercial banks and select financial institutions.
- SEBI was established on April 12, 1988, as an administrative body and received statutory status through the SEBI Act on January 30, 1992.
- The Bombay Stock Exchange (BSE) is Asia's oldest stock exchange, founded in 1875 by Premchand Roychand as 'The Native Share and Stock Brokers' Association'.
- BSE's benchmark index is 'Sensex', which comprises shares of 30 financially sound and well-established companies.
- The National Stock Exchange (NSE) was established in 1992 on the recommendation of the Pherwani Committee, and its flagship index is 'Nifty 50'.
- India's first credit rating agency was CRISIL, established in 1987.
- An Initial Public Offering (IPO) is part of the primary capital market where an unlisted company issues new shares to the public for the first time.
Table
- बाजार: मुद्रा बाजार (Money Market) · नियामक (Regulator): RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) · अवधि (Maturity): अल्पकालिक (1 वर्ष तक) · प्रमुख उपकरण (Instruments): ट्रेजरी बिल, कॉल/नोटिस मनी, कमर्शियल पेपर, CD
- बाजार: पूँजी बाजार (Capital Market) · नियामक (Regulator): SEBI (सेबी) · अवधि (Maturity): दीर्घकालिक (1 वर्ष से अधिक) · प्रमुख उपकरण (Instruments): इक्विटी शेयर, डिबेंचर, सरकारी प्रतिभूतियाँ (G-Sec), बॉन्ड
- बाजार: प्राथमिक बाजार (Primary Market) · नियामक (Regulator): SEBI · अवधि (Maturity): नई प्रतिभूतियाँ · प्रमुख उपकरण (Instruments): IPO (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम), FPO, राइट्स इश्यू
- बाजार: द्वितीयक बाजार (Secondary Market) · नियामक (Regulator): SEBI · अवधि (Maturity): मौजूदा प्रतिभूतियाँ · प्रमुख उपकरण (Instruments): BSE और NSE पर लिस्टेड शेयरों का क्रय-विक्रय
Practice questions (solved)
- Q 22: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को वैधानिक दर्जा किस वर्ष प्रदान किया गया था?
(क) 1988 (ख) 1990 (ग) 1992 (घ) 1995
- ✔ Answer: (ग) 1992 — SEBI की स्थापना 1988 में हुई थी, लेकिन SEBI अधिनियम के तहत 30 जनवरी 1992 को इसे वैधानिक अधिकार दिए गए।
- Q 23: मुद्रा बाजार में एक बैंक द्वारा दूसरे बैंक से केवल एक रात (1 दिन) के लिए लिए जाने वाले ऋण को क्या कहा जाता है?
(क) टर्म मनी (ख) कॉल मनी (ग) नोटिस मनी (घ) कमर्शियल पेपर
- ✔ Answer: (ख) कॉल मनी — 1 दिन (ओवरनाइट) के लिए उधार ली जाने वाली अंतर-बैंक राशि को 'कॉल मनी' कहा जाता है।
- Q 24: निम्नलिखित में से कौन-सा मुद्रा बाजार का उपकरण (Instrument) नहीं है?
(क) ट्रेजरी बिल (ख) शेयर और डिबेंचर (ग) वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper) (घ) जमा प्रमाण पत्र (Certificate of Deposit)
- ✔ Answer: (ख) शेयर और डिबेंचर — शेयर और डिबेंचर पूँजी बाजार (Capital Market) के उपकरण हैं, जबकि शेष तीनों मुद्रा बाजार के अल्पकालिक साधन हैं।
- Q 25: भारत में ट्रेजरी बिल (T-Bills) किसके द्वारा जारी किए जाते हैं?
(क) राज्य सरकार द्वारा (ख) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा (ग) भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा (घ) वाणिज्यिक बैंकों द्वारा
- ✔ Answer: (ग) भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा — ट्रेजरी बिल केंद्र सरकार की ओर से केवल RBI द्वारा निर्गमित किए जाते हैं; राज्य सरकारें इन्हें जारी नहीं कर सकतीं।
- Q 26: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की स्थापना की सिफारिश किस समिति द्वारा की गई थी?
(क) नरसिम्हम समिति (ख) फेरवानी समिति (ग) तारापोर समिति (घ) रंगराजन समिति
- ✔ Answer: (ख) फेरवानी समिति — NSE की स्थापना 1992 में एम. जे. फेरवानी समिति की सिफारिश के आधार पर की गई थी।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 45] क्रिसिल की रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2030 तक भारत में कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार कितना बढ़ने की उम्मीद है ?
(क) ₹ 50-70 लाख करोड़ (ख) ₹ 100-120 लाख करोड़ (ग) ₹ 70-90 लाख करोड़ (घ) ₹ 120-150 लाख करोड़
- ✔ Official answer: (ख) ₹ 100-120 लाख करोड़ — क्रिसिल (CRISIL) रेटिंग रिपोर्ट के अनुसार भारत का कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार वित्तीय वर्ष 2024 के ₹43 लाख करोड़ से दोगुना होकर 2030 तक ₹100-120 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान व्यक्त किया गया था।
How it is asked
BPSC tests regulatory jurisdictions (RBI vs SEBI), fundamentals of bond and equity markets, Treasury Bill maturities, BSE/NSE indices, and credit rating agency projections.
Do not confuse
- ✘ SEBI की स्थापना वर्ष (1988) और वैधानिक दर्जा प्राप्त होने का वर्ष (1992) में छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ कॉल मनी (1 दिन), नोटिस मनी (2-14 दिन) और टर्म मनी (14 दिन से अधिक) की अवधियों में गलती करते हैं।
- ✘ मुद्रा बाजार का नियामक RBI है, जबकि पूँजी बाजार (शेयर, बॉन्ड) का नियामक SEBI है।
💡 'मुद्रा = 1 साल का सिक्का (RBI), पूँजी = लंबी उम्र का पेड़ (SEBI)': 1 साल तक मुद्रा (RBI) और 1 साल से ऊपर पूँजी (SEBI)।
Quick revision
- Gross Domestic Product (GDP) is the total market value of final goods and services produced within a country's domestic territory in a year.
- Gross National Product (GNP) includes GDP plus Net Factor Income from Abroad (NFIA).
- Net National Product (NNP) at factor cost is defined as the real National Income of a country.
- The current base year for GDP calculation in India is 2011-12.
- Consumer Price Index (CPI) and Wholesale Price Index (WPI) are used to measure the rate of inflation.
- RBI targets headline CPI inflation at 4% (with a tolerance band of +/- 2%) through its Monetary Policy Committee.
- The Reserve Bank of India (RBI) was established on April 1, 1935, and nationalised on January 1, 1949.
- RBI uses quantitative instruments like Repo Rate, Reverse Repo Rate, CRR, and SLR to manage liquidity.
- 14 major commercial banks were nationalised in 1969, and 6 more were nationalised in 1980.
- NABARD was established in 1982 on the recommendation of the B. Sivaraman Committee for agricultural and rural development.
- SIDBI was set up in 1990 with headquarters in Lucknow to cater to the financial needs of the MSME sector.
- The Money Market deals with short-term funds (up to 1 year), while the Capital Market handles long-term financial assets.
- Securities and Exchange Board of India (SEBI) is the capital market regulator, given statutory status in 1992.