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BPSC CCEभारतीय राजव्यवस्था

पंचायती राज और नगरीय निकाय

Panchayati Raj and Urban Local Bodies

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा (जीएस पेपर 2) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विकेंद्रीकृत शासन और बिहार के विशिष्ट सुधारों पर केंद्रित है। बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

बलवंत राय मेहता और अन्य समितियाँ

भारत में स्वतंत्रता के बाद सामुदायिक विकास कार्यक्रम (1952) और राष्ट्रीय विस्तार सेवा (1953) के कामकाज की समीक्षा के लिए जनवरी 1957 में बलवंत राय मेहता समिति नियुक्त की गई थी। इस समिति ने 'लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण' की अवधारणा पेश की और त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली की सिफारिश की। इसकी सिफारिशों के आधार पर 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था का उद्घाटन हुआ। बाद में 1977 में जनता पार्टी सरकार ने अशोक मेहता समिति बनाई जिसने केवल दो-स्तरीय (मंडल पंचायत और जिला परिषद) व्यवस्था का सुझाव दिया। आगे चलकर जी.वी.के. राव समिति (1985) और एल.एम. सिंघवी समिति (1986) ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने और उन्हें वित्तीय व प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने की सशक्त पैरवी की। अंततः वी.एन. गाडगिल और पी.के. थुंगन समिति की सिफारिशों ने 73वें संविधान संशोधन अधिनियम का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अशोक मेहता समिति (ख) बलवंत राय मेहता समिति (ग) जी.वी.के. राव समिति (घ) एल.एम. सिंघवी समिति

(क) बलवंत राय मेहता समिति (ख) अशोक मेहता समिति (ग) एल.एम. सिंघवी समिति (घ) संथानम समिति

(क) इसने पंचायती राज की तीन स्तरों वाली व्यवस्था बनाए रखने की वकालत की। (ख) इसने जिला स्तर पर 'जिला परिषद' और 15000-20000 आबादी वाले गांवों के समूह पर 'मंडल पंचायत' की द्वि-स्तरीय व्यवस्था की सिफारिश की। (ग) इसने राजनीतिक दलों को पंचायत चुनावों से पूरी तरह दूर रखने की सिफारिश की। (घ) इसने ग्राम पंचायत को ही सबसे प्रमुख प्रशासनिक इकाई माना।

(क) जी.वी.के. राव समिति (1985) (ख) एल.एम. सिंघवी समिति (1986) (ग) बलवंत राय मेहता समिति (1957) (घ) अशोक मेहता समिति (1977)

(क) आंध्र प्रदेश (ख) बिहार (ग) राजस्थान (घ) उत्तर प्रदेश

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) कृषि उत्पादन में वृद्धि करना (ख) रोजगार सृजन (ग) जनता में राजनीतिक चेतना में वृद्धि करना (घ) जनता को विकास के प्रशासन में प्रतिभाग करने योग्य बनाना

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रारंभिक परीक्षा में समितियों के गठन का वर्ष, उनके द्वारा सुझाई गई संरचना (त्रि-स्तरीय बनाम द्वि-स्तरीय), संवैधानिक मान्यता की सिफारिश करने वाली समिति और नागौर (राजस्थान) में इसके पहले उद्घाटन से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 समितियों का कालक्रम याद रखने की ट्रिक: 'B-A-G-S' -> Balwant Rai (1957), Ashok Mehta (1977), G.V.K. Rao (1985), Singhvi (1986)

73वाँ संविधान संशोधन: त्रि-स्तरीय ढांचा, 11वीं अनुसूची और ग्राम सभा

73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने भारत में पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। इसके माध्यम से संविधान में 'भाग 9' और '11वीं अनुसूची' जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों के लिए 29 कार्यक्षेत्र निर्धारित किए गए। यह कानून 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी हुआ, जिसे अब 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस संशोधन ने ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तर पर एक त्रि-स्तरीय संरचना अनिवार्य कर दी। ग्राम सभा को इस व्यवस्था की आधारशिला माना गया है, जिसमें गाँव के सभी पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं। यह स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने और लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 9वीं अनुसूची (ख) 10वीं अनुसूची (ग) 11वीं अनुसूची (घ) 12वीं अनुसूची

(क) 25 वर्ष की आयु (ख) गाँव की मतदाता सूची में पंजीकृत होना (ग) कम से कम 10वीं पास होना (घ) गाँव में संपत्ति होना

(क) 18 विषय (ख) 22 विषय (ग) 25 विषय (घ) 29 विषय

(क) 10 लाख (ख) 15 लाख (ग) 20 लाख (घ) 25 लाख

(क) बैठक साल में केवल एक बार होनी चाहिए (ख) दो बैठकों के बीच अधिकतम 3 महीने का अंतर हो सकता है (ग) बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करता है (घ) बैठक में केवल वार्ड सदस्य भाग ले सकते हैं

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) राज्य विधानमण्डल (ख) संसद (ग) राज्य वित्त आयोग (घ) जिला कलेक्टर

(क) मुख्यमंत्री (ख) ब्लॉक समिति का अध्यक्ष (ग) जिला परिषद का अध्यक्ष (घ) राज्यपाल द्वारा गठित वित्त आयोग

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC इस उप-विषय से अक्सर अनुच्छेदों (विशेषकर 243A, 243D, 243I), 11वीं अनुसूची के विषयों की संख्या (29), और महिलाओं के आरक्षण प्रतिशत पर सीधे प्रश्न पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 29 विषय, 11वीं अनुसूची, भाग 9 - पंचायत का नया राज।

बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 और महिला आरक्षण

बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006, राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लागू किया गया था। इस अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं को पंचायतों के सभी स्तरों पर 50% आरक्षण देना है, ऐसा करने वाला बिहार भारत का पहला राज्य बना। इसके अलावा, बिहार ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए 20% आरक्षण का प्रावधान किया है। स्थानीय स्तर पर न्यायिक कार्यों के लिए 'ग्राम कचहरी' की व्यवस्था की गई है, जिसका नेतृत्व सरपंच करता है। यह अधिनियम ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया गया है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 33 प्रतिशत (ख) 50 प्रतिशत (ग) 25 प्रतिशत (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) अप्रत्यक्ष रूप से (ख) मनोनयन द्वारा (ग) प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा (घ) वार्ड सदस्यों द्वारा

(क) 10% (ख) 15% (ग) 20% (घ) 27%

(क) इसका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। (ख) उप-सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है। (ग) सरपंच ग्राम कचहरी का प्रधान होता है। (घ) इसमें महिलाओं के लिए कोई आरक्षण नहीं है।

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में अक्सर महिलाओं के 50% आरक्षण के वर्ष और प्रतिशत, EBC आरक्षण की मात्रा, और ग्राम कचहरी के चुनाव की प्रकृति (प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष) पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 बिहार का 'पंच' (5) मंत्र: 50% महिला, 5 साल कार्यकाल, और 20% EBC (5 का गुणांक)।

74वाँ संशोधन और नगरीय निकाय

74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने भारत में शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। इसके माध्यम से संविधान में 'भाग IX-A' और '12वीं अनुसूची' जोड़ी गई, जिसमें नगर पालिकाओं के लिए 18 कार्यात्मक विषय शामिल हैं। यह अधिनियम तीन प्रकार की नगर पालिकाओं का प्रावधान करता है: नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम। बिहार के संदर्भ में, पटना नगर निगम की स्थापना 15 अगस्त 1952 को हुई थी, जो राज्य का एक प्रमुख ऐतिहासिक संस्थान है। यह संशोधन शहरी क्षेत्रों में स्वशासन, नियमित चुनाव और समाज के कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण सुनिश्चित करता है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत राज्य में इन निकायों का संचालन किया जाता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 9वीं अनुसूची (ख) 10वीं अनुसूची (ग) 11वीं अनुसूची (घ) 12वीं अनुसूची

(क) 26 जनवरी 1950 (ख) 15 अगस्त 1952 (ग) 1 अप्रैल 1936 (घ) 15 अगस्त 1947

(क) 29 विषय (ख) 18 विषय (ग) 21 विषय (घ) 15 विषय

(क) 1 लाख या अधिक (ख) 2 लाख या अधिक (ग) 3 लाख या अधिक (घ) 5 लाख या अधिक

(क) 33% (ख) 25% (ग) 50% (घ) कोई आरक्षण नहीं

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से अक्सर 74वें संशोधन की अनुसूची, विषयों की संख्या (18), और पटना नगर निगम की स्थापना की तारीख के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 नगर में 18 साल के बच्चे 12वीं (12वीं अनुसूची) कक्षा में पढ़ते हैं - (18 विषय, 12वीं अनुसूची)।

राज्य वित्त आयोग और चुनाव

73वें और 74वें संविधान संशोधन ने स्थानीय निकायों के लोकतांत्रिक और वित्तीय आधार को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण संस्थाओं, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग का प्रावधान किया है। अनुच्छेद 243K के तहत राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों और नगर निकायों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है। राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, लेकिन उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही कठिन है। दूसरी ओर, अनुच्छेद 243I के तहत राज्यपाल हर पांच साल में राज्य वित्त आयोग का गठन करते हैं। यह आयोग राज्य सरकार द्वारा एकत्रित करों और शुल्कों को स्थानीय निकायों के बीच बांटने के सिद्धांतों की सिफारिश करता है। यह सुनिश्चित करता है कि पंचायतों और नगर पालिकाओं के पास अपने कार्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अनुच्छेद 243I (ख) अनुच्छेद 243K (ग) अनुच्छेद 243J (घ) अनुच्छेद 243L

(क) राज्यपाल (ख) मुख्यमंत्री (ग) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (घ) राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष

(क) 3 वर्ष (ख) 4 वर्ष (ग) 5 वर्ष (घ) 6 वर्ष

(क) 2005 (ख) 2006 (ग) 2007 (घ) 2008

1. राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार करता है।

2. राज्य वित्त आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

सही कथन चुनें:

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) इनमें से कोई नहीं

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से अक्सर अनुच्छेदों (243I और 243K) पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया पर भी प्रश्न देखे गए हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 I = Income (वित्त आयोग 243I), K = Kursi/Election (निर्वाचन आयोग 243K)

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. पंचायती राज व्यवस्था में 'लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण' की सिफारिश करने वाली पहली समिति कौन सी थी?

  1. (क) अशोक मेहता समिति
  2. (ख) बलवंत राय मेहता समिति
  3. (ग) जी.वी.के. राव समिति
  4. (घ) एल.एम. सिंघवी समिति
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) बलवंत राय मेहता समिति

बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की थी।

2. 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान में कौन सी अनुसूची जोड़ी गई और इसमें कितने विषय शामिल हैं?

  1. (क) 11वीं अनुसूची, 29 विषय
  2. (ख) 12वीं अनुसूची, 18 विषय
  3. (ग) 11वीं अनुसूची, 18 विषय
  4. (घ) 10वीं अनुसूची, 29 विषय
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 11वीं अनुसूची, 29 विषय

73वें संशोधन ने 11वीं अनुसूची जोड़ी जिसमें पंचायतों के कार्यों के लिए 29 विषय सूचीबद्ध हैं।

3. बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत महिलाओं को पंचायतों में कितना प्रतिशत आरक्षण दिया गया है?

  1. (क) 33 प्रतिशत
  2. (ख) 50 प्रतिशत
  3. (ग) 25 प्रतिशत
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 50 प्रतिशत

बिहार 2006 में पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तरों पर महिलाओं को 50% आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना।

4. बिहार में 'ग्राम कचहरी' के संदर्भ में, न्यायिक कार्यों का प्रधान कौन होता है?

  1. (क) मुखिया
  2. (ख) पंचायत सचिव
  3. (ग) सरपंच
  4. (घ) न्याय मित्र
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) सरपंच

बिहार पंचायती राज अधिनियम के तहत, ग्राम कचहरी का नेतृत्व सरपंच द्वारा किया जाता है, जो दीवानी और फौजदारी मामलों की सुनवाई करता है।

5. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसने संविधान में भाग IX-A जोड़ा। 2. इसने 12वीं अनुसूची जोड़ी जिसमें 18 विषय हैं।

  1. (क) केवल 1 सही है
  2. (ख) केवल 2 सही है
  3. (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं
  4. (घ) न तो 1 और न ही 2 सही है
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं

74वां संशोधन नगर पालिकाओं से संबंधित है, जिसने भाग IX-A और 12वीं अनुसूची (18 विषय) को जोड़ा।

6. पंचायतों के वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए 'राज्य वित्त आयोग' का गठन कौन करता है?

  1. (क) मुख्यमंत्री
  2. (ख) राज्य का राज्यपाल
  3. (ग) राज्य विधानसभा का अध्यक्ष
  4. (घ) भारत का राष्ट्रपति
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) राज्य का राज्यपाल

अनुच्छेद 243-I के तहत, राज्य का राज्यपाल प्रत्येक पांच वर्ष में राज्य वित्त आयोग का गठन करता है।

7. ग्राम सभा की सही परिभाषा क्या है?

  1. (क) गाँव के सभी निवासी
  2. (ख) गाँव के सभी वयस्क पुरुष
  3. (ग) गाँव स्तर पर पंचायत के क्षेत्र के भीतर निर्वाचक नामावली में पंजीकृत व्यक्ति
  4. (घ) पंचायत के निर्वाचित सदस्य
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) गाँव स्तर पर पंचायत के क्षेत्र के भीतर निर्वाचक नामावली में पंजीकृत व्यक्ति

ग्राम सभा में वे सभी व्यक्ति शामिल होते हैं जिनका नाम ग्राम स्तर पर पंचायत की मतदाता सूची में दर्ज होता है।

8. निम्नलिखित समितियों को उनके गठन के वर्ष के साथ सुमेलित करें: (A) अशोक मेहता - 1. 1986, (B) एल.एम. सिंघवी - 2. 1977, (C) जी.वी.के. राव - 3. 1957, (D) बलवंत राय मेहता - 4. 1985

  1. (क) A-2, B-1, C-4, D-3
  2. (ख) A-1, B-2, C-3, D-4
  3. (ग) A-3, B-4, C-1, D-2
  4. (घ) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर देखें

उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3

सही मिलान है: बलवंत राय मेहता (1957), अशोक मेहता (1977), जी.वी.के. राव (1985), और एल.एम. सिंघवी (1986)।

9. राज्य निर्वाचन आयोग के बारे में कौन सा कथन सत्य है?

  1. (क) इसकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  2. (ख) यह पंचायतों और नगर पालिकाओं के चुनावों का संचालन करता है।
  3. (ग) यह विधानसभा चुनावों का संचालन करता है।
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) यह पंचायतों और नगर पालिकाओं के चुनावों का संचालन करता है।

राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K) केवल स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगर पालिकाओं) के चुनावों के लिए जिम्मेदार है।

10. बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के अनुसार, 'पंचायत समिति' का पदेन सचिव कौन होता है?

  1. (क) अनुमंडल पदाधिकारी (SDO)
  2. (ख) प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
  3. (ग) जिलाधिकारी (DM)
  4. (घ) अंचल अधिकारी (CO)
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)

बिहार में, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पंचायत समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पदेन सचिव के रूप में कार्य करता है।

English version — Panchayati Raj and Urban Local Bodies

This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains (GS Paper 2) as it focuses on decentralized governance and Bihar-specific reforms. Questions regarding the Bihar Panchayati Raj Act 2006 are frequently asked.

Balwant Rai Mehta and Other Committees

In January 1957, the Balwant Rai Mehta Committee was appointed to assess the functioning of the Community Development Programme (1952) and National Extension Service (1953). The committee introduced the idea of 'democratic decentralization' and recommended a three-tier Panchayati Raj system. Based on its recommendations, the first Panchayati Raj system was inaugurated on 2 October 1959 in Nagaur, Rajasthan. Later in 1977, the Janata Party government constituted the Ashok Mehta Committee, which suggested a two-tier model (Mandal Panchayat and Zila Parishad). Subsequent committees like G.V.K. Rao (1985) and L.M. Singhvi (1986) strongly advocated for granting constitutional status and revitalizing local governance. Finally, the recommendations of the Thungon and Gadgil committees formed the framework for the 73rd Constitutional Amendment Act.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अशोक मेहता समिति (ख) बलवंत राय मेहता समिति (ग) जी.वी.के. राव समिति (घ) एल.एम. सिंघवी समिति

(क) बलवंत राय मेहता समिति (ख) अशोक मेहता समिति (ग) एल.एम. सिंघवी समिति (घ) संथानम समिति

(क) इसने पंचायती राज की तीन स्तरों वाली व्यवस्था बनाए रखने की वकालत की। (ख) इसने जिला स्तर पर 'जिला परिषद' और 15000-20000 आबादी वाले गांवों के समूह पर 'मंडल पंचायत' की द्वि-स्तरीय व्यवस्था की सिफारिश की। (ग) इसने राजनीतिक दलों को पंचायत चुनावों से पूरी तरह दूर रखने की सिफारिश की। (घ) इसने ग्राम पंचायत को ही सबसे प्रमुख प्रशासनिक इकाई माना।

(क) जी.वी.के. राव समिति (1985) (ख) एल.एम. सिंघवी समिति (1986) (ग) बलवंत राय मेहता समिति (1957) (घ) अशोक मेहता समिति (1977)

(क) आंध्र प्रदेश (ख) बिहार (ग) राजस्थान (घ) उत्तर प्रदेश

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) कृषि उत्पादन में वृद्धि करना (ख) रोजगार सृजन (ग) जनता में राजनीतिक चेतना में वृद्धि करना (घ) जनता को विकास के प्रशासन में प्रतिभाग करने योग्य बनाना

How it is asked

BPSC frequently asks direct and conceptual questions about the year of committee formation, structural recommendations (3-tier vs 2-tier), the committee advocating constitutional status, and the first inauguration in Nagaur (Rajasthan).

Do not confuse

💡 समितियों का कालक्रम याद रखने की ट्रिक: 'B-A-G-S' -> Balwant Rai (1957), Ashok Mehta (1977), G.V.K. Rao (1985), Singhvi (1986)

73rd Amendment: Three Tiers, 11th Schedule, and Gram Sabha

The 73rd Constitutional Amendment Act of 1992 granted constitutional status to Panchayati Raj in India. It introduced 'Part 9' and the '11th Schedule' to the Constitution, specifying 29 functional subjects for Panchayats. Effective from April 24, 1993, this day is celebrated as National Panchayati Raj Day. The amendment mandated a three-tier structure at the village, block, and district levels. The Gram Sabha, comprising all registered voters of a village, is considered the foundation of this system. This was a revolutionary step towards empowering local self-governance and bringing democracy to the grassroots level.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 9वीं अनुसूची (ख) 10वीं अनुसूची (ग) 11वीं अनुसूची (घ) 12वीं अनुसूची

(क) 25 वर्ष की आयु (ख) गाँव की मतदाता सूची में पंजीकृत होना (ग) कम से कम 10वीं पास होना (घ) गाँव में संपत्ति होना

(क) 18 विषय (ख) 22 विषय (ग) 25 विषय (घ) 29 विषय

(क) 10 लाख (ख) 15 लाख (ग) 20 लाख (घ) 25 लाख

(क) बैठक साल में केवल एक बार होनी चाहिए (ख) दो बैठकों के बीच अधिकतम 3 महीने का अंतर हो सकता है (ग) बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर करता है (घ) बैठक में केवल वार्ड सदस्य भाग ले सकते हैं

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) राज्य विधानमण्डल (ख) संसद (ग) राज्य वित्त आयोग (घ) जिला कलेक्टर

(क) मुख्यमंत्री (ख) ब्लॉक समिति का अध्यक्ष (ग) जिला परिषद का अध्यक्ष (घ) राज्यपाल द्वारा गठित वित्त आयोग

How it is asked

BPSC frequently asks direct questions from this sub-topic on Articles (especially 243A, 243D, 243I), the number of subjects in the 11th Schedule (29), and the percentage of reservation for women.

Do not confuse

💡 29 विषय, 11वीं अनुसूची, भाग 9 - पंचायत का नया राज।

Bihar Panchayati Raj Act 2006 and Women Reservation

The Bihar Panchayati Raj Act 2006 was enacted to strengthen the three-tier Panchayati Raj system in the state. Its most significant feature is the provision of 50% reservation for women at all levels of Panchayats, making Bihar the first state in India to do so. Additionally, Bihar has provided 20% reservation for Extremely Backward Classes (EBC). For local judicial matters, the system of 'Gram Kachahari' has been established, headed by a Sarpanch. This Act provides a crucial legal framework for ensuring rural development and social justice. It also mandates reservation for SCs and STs in proportion to their population.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 33 प्रतिशत (ख) 50 प्रतिशत (ग) 25 प्रतिशत (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) अप्रत्यक्ष रूप से (ख) मनोनयन द्वारा (ग) प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा (घ) वार्ड सदस्यों द्वारा

(क) 10% (ख) 15% (ग) 20% (घ) 27%

(क) इसका कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। (ख) उप-सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है। (ग) सरपंच ग्राम कचहरी का प्रधान होता है। (घ) इसमें महिलाओं के लिए कोई आरक्षण नहीं है।

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the year and percentage of 50% reservation for women, the amount of EBC reservation, and the nature of Gram Kachahari elections (direct/indirect).

Do not confuse

💡 बिहार का 'पंच' (5) मंत्र: 50% महिला, 5 साल कार्यकाल, और 20% EBC (5 का गुणांक)।

74th Amendment, Municipal Bodies

The 74th Constitutional Amendment Act of 1992 granted constitutional status to Urban Local Bodies (ULBs) in India. It introduced 'Part IX-A' and the '12th Schedule' to the Constitution, listing 18 functional items for municipalities. The act provides for three types of urban bodies: Nagar Panchayats, Municipal Councils, and Municipal Corporations. In the context of Bihar, the Patna Municipal Corporation was established on August 15, 1952, marking a significant milestone in urban governance. This amendment ensures self-governance in urban areas through regular elections and reservations for marginalized sections. Currently, these bodies in Bihar are governed under the Bihar Municipal Act, 2007.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 9वीं अनुसूची (ख) 10वीं अनुसूची (ग) 11वीं अनुसूची (घ) 12वीं अनुसूची

(क) 26 जनवरी 1950 (ख) 15 अगस्त 1952 (ग) 1 अप्रैल 1936 (घ) 15 अगस्त 1947

(क) 29 विषय (ख) 18 विषय (ग) 21 विषय (घ) 15 विषय

(क) 1 लाख या अधिक (ख) 2 लाख या अधिक (ग) 3 लाख या अधिक (घ) 5 लाख या अधिक

(क) 33% (ख) 25% (ग) 50% (घ) कोई आरक्षण नहीं

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the schedule of the 74th amendment, the number of subjects (18), and the establishment date of the Patna Municipal Corporation.

Do not confuse

💡 नगर में 18 साल के बच्चे 12वीं (12वीं अनुसूची) कक्षा में पढ़ते हैं - (18 विषय, 12वीं अनुसूची)।

State Finance Commission and Elections

The 73rd and 74th Constitutional Amendments provided for two crucial institutions, the State Election Commission and the State Finance Commission, to strengthen the democratic and financial base of local bodies. Under Article 243K, the State Election Commission is responsible for preparing electoral rolls and conducting elections for Panchayats and Municipal bodies. The State Election Commissioner is appointed by the Governor, but the process for their removal is as stringent as that of a High Court judge. On the other hand, under Article 243I, the Governor constitutes a State Finance Commission every five years. This commission recommends the principles for distributing taxes and duties collected by the state government among the local bodies. It ensures that Panchayats and Municipalities have adequate resources to perform their functions.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अनुच्छेद 243I (ख) अनुच्छेद 243K (ग) अनुच्छेद 243J (घ) अनुच्छेद 243L

(क) राज्यपाल (ख) मुख्यमंत्री (ग) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (घ) राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष

(क) 3 वर्ष (ख) 4 वर्ष (ग) 5 वर्ष (घ) 6 वर्ष

(क) 2005 (ख) 2006 (ग) 2007 (घ) 2008

1. राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार करता है।

2. राज्य वित्त आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

सही कथन चुनें:

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) इनमें से कोई नहीं

How it is asked

In BPSC, direct questions are often asked on Articles (243I and 243K) from this sub-topic. Questions on the appointment and removal process of the State Election Commissioner have also been seen.

Do not confuse

💡 I = Income (वित्त आयोग 243I), K = Kursi/Election (निर्वाचन आयोग 243K)

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