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BPSC CCEअर्थव्यवस्थाबजट, कर, योजना और सरकारी योजनाएँ
Budget, Taxation, Planning and Government Schemes
यह अध्याय BPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के भारतीय अर्थव्यवस्था खंड का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे प्रत्येक वर्ष बजट घाटे, जीएसटी, नीति आयोग, गरीबी समितियों एवं केंद्र सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
बजट के प्रकार और घाटे की अवधारणाएँ (राजकोषीय, राजस्व एवं प्राथमिक घाटा)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए 'वार्षिक वित्तीय विवरण' (बजट) संसद में प्रस्तुत किया जाता है। बजट के मुख्य रूप से दो भाग होते हैं: राजस्व खाता (नियमित आय-व्यय) और पूंजीगत खाता (संपत्ति व देनदारी से जुड़े लेन-देन)। बजट संरचना के आधार पर पारंपरिक बजट, शून्य-आधारित बजट (Zero-Based Budgeting), जेंडर बजट और आउटकम बजट में विभाजित किया जाता है। जब सरकार का कुल व्यय उसकी कुल गैर-ऋण आय से अधिक हो जाता है, तो बजट घाटा उत्पन्न होता है। अर्थव्यवस्था में प्रमुख घाटे जैसे राजस्व घाटा, प्रभावी राजस्व घाटा, राजकोषीय घाटा और प्राथमिक घाटा सरकार की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के मुख्य संकेतक हैं। इनमें राजकोषीय घाटा सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- संविधान के अनुच्छेद 112 में 'बजट' शब्द की जगह 'वार्षिक वित्तीय विवरण' शब्द का प्रयोग किया गया है।
- राजकोषीय घाटा = कुल व्यय - (राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियाँ)।
- राजकोषीय घाटा सरकार की कुल विशुद्ध उधारी (Net Borrowing) आवश्यकता को दर्शाता है।
- प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान।
- राजस्व घाटा = कुल राजस्व व्यय - कुल राजस्व प्राप्तियाँ।
- प्रभावी राजस्व घाटा = राजस्व घाटा - पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन हेतु दिए गए अनुदान।
- एफआरबीएम (FRBM) अधिनियम 2003 के तहत राज्यों के लिए राजकोषीय घाटा सीमा जीएसडीपी (GSDP) का 3% निर्धारित की गई है।
- शून्य-आधारित बजट (Zero-Based Budgeting) के जनक पीटर पायर (Peter Pyhrr) हैं, जिन्होंने 1970 में यह विचार दिया था।
- भारत में पहली बार शून्य-आधारित बजट 1987 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में लागू किया गया था।
- भारत में औपचारिक रूप से जेंडर बजटिंग (Gender Budgeting) विवरण 2005-06 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया था।
- आउटकम बजट (Outcome Budget) की शुरुआत भारत में पहली बार वर्ष 2005 में की गई थी।
- प्रभावी राजस्व घाटे की अवधारणा को वित्तीय वर्ष 2011-12 के केंद्रीय बजट में प्रस्तुत किया गया था।
तालिका
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): राजस्व घाटा (Revenue Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ · मुख्य विशेषता (Key Detail): सरकार की दैनिक प्रशासनिक आय और खर्च में कमी को दर्शाता है।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): प्रभावी राजस्व घाटा (Effective Revenue Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजस्व घाटा - पूंजीगत संपत्ति निर्माण हेतु अनुदान · मुख्य विशेषता (Key Detail): इसे केंद्रीय बजट 2011-12 में पहली बार पेश किया गया था।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): कुल व्यय - (कुल प्राप्तियाँ - उधारी) · मुख्य विशेषता (Key Detail): सरकार द्वारा ली जाने वाली कुल विशुद्ध उधारी (Borrowing) का प्रतीक है।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान · मुख्य विशेषता (Key Detail): चालू वर्ष के राजकोषीय कामकाज के घाटे को दर्शाता है (ब्याज को छोड़कर)।
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) की गणना करने का सही सूत्र क्या है?
(क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान (ख) राजस्व घाटा - पूंजीगत व्यय (ग) कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ (घ) राजकोषीय घाटा - राजस्व घाटा
- ✔ उत्तर: (क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान — प्राथमिक घाटा चालू वर्ष की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है और यह राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर प्राप्त होता है।
- प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा घाटा सरकार की कुल उधारी (Borrowing) आवश्यकताओं को दर्शाता है?
(क) राजस्व घाटा (ख) राजकोषीय घाटा (ग) प्राथमिक घाटा (घ) मौद्रिक घाटा
- ✔ उत्तर: (ख) राजकोषीय घाटा — राजकोषीय घाटा सरकार की उस कुल राशि को दर्शाता है जिसे उसे अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए उधार लेना पड़ता है।
- प्रश्न 3: शून्य-आधारित बजट (Zero-Based Budgeting) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजटीय आवंटन शून्य से शुरू किया जाता है।
2. भारत में इसे सबसे पहले वर्ष 1987 में अपनाया गया था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — शून्य-आधारित बजट में पुराने बजट को आधार न मानकर शून्य से समीक्षा की जाती है और भारत में इसे 1987 में लागू किया गया था।
- प्रश्न 4: राज्यों के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) की सामान्य सीमा GSDP का कितने प्रतिशत निर्धारित है?
(क) 2% (ख) 3% (ग) 4% (घ) 5%
- ✔ उत्तर: (ख) 3% — एफआरबीएम अधिनियम तथा वित्त आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार राज्यों के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% पर सीमित रखा गया है।
- प्रश्न 5: यदि किसी वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा ₹ 15 लाख करोड़ है और पिछले ऋणों पर ब्याज भुगतान ₹ 6 लाख करोड़ है, तो प्राथमिक घाटा कितना होगा?
(क) ₹ 21 लाख करोड़ (ख) ₹ 9 लाख करोड़ (ग) ₹ 15 लाख करोड़ (घ) ₹ 6 लाख करोड़
- ✔ उत्तर: (ख) ₹ 9 लाख करोड़ — प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा (15 लाख करोड़) - ब्याज भुगतान (6 लाख करोड़) = 9 लाख करोड़।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में घाटे की अवधारणाओं के सूत्रों (जैसे राजकोषीय व प्राथमिक घाटा), शून्य आधारित तथा जेंडर बजट के प्रारंभ वर्ष और राज्य राजकोषीय घाटे की सीमाओं (3% GSDP) पर सीधे और कथन-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा: राजकोषीय घाटे में सरकार की कुल उधारी आवश्यकता शामिल होती है, जबकि राजस्व घाटा केवल दैनिक/नियमित प्राप्तियों और खर्चों के अंतर को दर्शाता है।
- ✘ राजकोषीय घाटा और प्राथमिक घाटा: प्राथमिक घाटे में से पुराने ऋणों पर किया गया ब्याज भुगतान घटा दिया जाता है (प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान)।
- ✘ शून्य-आधारित बजट और पारंपरिक बजट: पारंपरिक बजट में पिछले वर्ष के व्यय को आधार मानकर वृद्धि की जाती है, जबकि शून्य-आधारित बजट में प्रत्येक मद का औचित्य शून्य से साबित करना पड़ता है।
💡 प्राथमिक घाटे का सूत्र याद रखने के लिए: 'राज - ब्याज = प्राथमिक' (राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान = प्राथमिक घाटा)
कर, जीएसटी परिषद और टैक्स स्लैब
कर सरकार की आय का मुख्य स्रोत हैं, जिन्हें मुख्य रूप से दो भागों—प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) और अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)—में विभाजित किया जाता है। प्रत्यक्ष कर (जैसे आयकर, निगम कर) सीधे करदाता द्वारा चुकाया जाता है, जिसका भार दूसरों पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। अप्रत्यक्ष कर (जैसे वस्तु एवं सेवा कर या जीएसटी) वस्तुओं और सेवाओं के उपभोग पर लगता है, जिसका भार अंतिम उपभोक्ता पर पड़ता है। भारत में 1 जुलाई 2017 को 101वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जीएसटी लागू करके कई अप्रत्यक्ष करों को मिला दिया गया। जीएसटी परिषद संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
मुख्य तथ्य
- भारत में जीएसटी 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ (101वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2016)।
- जीएसटी को अनुमोदित/लागू करने वाला पहला भारतीय राज्य असम था।
- जीएसटी परिषद की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत की गई है।
- जीएसटी परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं।
- जीएसटी में मुख्य रूप से चार मानक कर स्लैब हैं: 5%, 12%, 18% और 28% (इसके अतिरिक्त 0% शून्य दर भी है)।
- जीएसटी परिषद में केंद्र सरकार के पास 1/3 (33.33%) और सभी राज्य सरकारों के पास मिलाकर 2/3 (66.67%) मताधिकार होता है।
- जीएसटी परिषद में किसी भी निर्णय को पारित करने के लिए 3/4 (75%) बहुमत की आवश्यकता होती है।
- आयकर (Income Tax) और निगम कर (Corporation Tax) प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) के प्रमुख उदाहरण हैं।
- प्रत्यक्ष कर की दरें आमतौर पर प्रगतिशील (Progressive) होती हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कर प्रतिगामी (Regressive) प्रवृत्ति के होते हैं।
- मानव उपभोग की शराब, पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोल, डीजल) और विद्युत वर्तमान में जीएसटी के दायरे से बाहर हैं।
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) प्रत्यक्ष करों का और CBIC अप्रत्यक्ष करों एवं सीमा शुल्क का प्रबंधन करता है।
तालिका
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 0% · प्रकार (Category): कर मुक्त (Zero Rated) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): ताजा सब्जियां, अनपैक्ड खाद्यान्न, दूध, प्राकृतिक शहद, स्वास्थ्य सेवाएं
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 5% · प्रकार (Category): आवश्यक वस्तुएं (Essential Slabs) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल, पैक्ड पनीर, ₹1000 तक के जूते/कपड़े
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 12% · प्रकार (Category): मानक दर - निचली (Standard - Lower) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फ्रोजन मीट, मोबाइल फोन, आयुर्वेदिक दवाएं
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 18% · प्रकार (Category): मानक दर - ऊपरी (Standard - Upper) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): साबुन, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, वित्तीय/बैंकिंग सेवाएं, रेस्टोरेंट
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 28% · प्रकार (Category): विलासिता एवं अहितकर (Luxury & Sin Goods) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): लक्जरी कारें, एसी, रेफ्रिजरेटर, तंबाकू उत्पाद, वातित पेय (Aerated drinks)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 6: भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने के लिए कौन सा संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया था?
(क) 100वां संविधान संशोधन अधिनियम (ख) 101वां संविधान संशोधन अधिनियम (ग) 102वां संविधान संशोधन अधिनियम (घ) 103वां संविधान संशोधन अधिनियम
- ✔ उत्तर: (ख) 101वां संविधान संशोधन अधिनियम — जीएसटी 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा 1 जुलाई 2017 से पूरे भारत में लागू किया गया था।
- प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन सा एक प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) का उदाहरण है?
(क) सीमा शुल्क (Customs Duty) (ख) निगम कर (Corporation Tax) (ग) जीएसटी (GST) (घ) केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty)
- ✔ उत्तर: (ख) निगम कर (Corporation Tax) — निगम कर (Corporation Tax) कंपनियों के शुद्ध लाभ पर लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष कर है।
- प्रश्न 8: जीएसटी परिषद (GST Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 279A में है।
2. इसके अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं।
3. परिषद में किसी निर्णय हेतु तीन-चौथाई (75%) बहुमत की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1 और 3 (ग) केवल 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (ख) केवल 1 और 3 — जीएसटी परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं, प्रधानमंत्री नहीं; इसलिए कथन 2 असत्य है।
- प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु वर्तमान में जीएसटी (GST) के दायरे से बाहर है?
(क) ब्रांडेड पैक्ड खाद्यान्न (ख) स्मार्टफोन (ग) मानव उपभोग के लिए अल्कोहल (शराब) (घ) इलेक्ट्रिक वाहन
- ✔ उत्तर: (ग) मानव उपभोग के लिए अल्कोहल (शराब) — मानव उपभोग की शराब, कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और बिजली जीएसटी के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
- प्रश्न 10: जीएसटी परिषद में केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों के मताधिकार (Voting Weightage) का अनुपात क्रमशः कितना है?
(क) 1/2 और 1/2 (ख) 1/3 और 2/3 (ग) 1/4 और 3/4 (घ) 2/5 और 3/5
- ✔ उत्तर: (ख) 1/3 और 2/3 — जीएसटी परिषद में केंद्र सरकार के पास 1/3 (33.33%) और सभी राज्यों के पास कुल मिलाकर 2/3 (66.67%) भारित वोट होता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में प्रत्यक्ष बनाम अप्रत्यक्ष कर के उदाहरणों, जीएसटी लागू होने की तिथि (1 जुलाई 2017), 101वें संविधान संशोधन, अनुच्छेद 279A, वोटिंग पैटर्न और जीएसटी स्लैब से बार-बार सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ 101वां संशोधन अधिनियम बनाम 122वां संशोधन विधेयक: जीएसटी विधेयक 122वां संविधान संशोधन विधेयक था, जो पारित होकर 101वां संविधान संशोधन अधिनियम बना।
- ✘ जीएसटी परिषद के अध्यक्ष: छात्र अक्सर प्रधानमंत्री का चयन कर लेते हैं, जबकि परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
- ✘ वोट शेयर बनाम निर्णय बहुमत: राज्यों का वोट शेयर 2/3 (66.67%) है, लेकिन निर्णय पास करने के लिए कुल 3/4 (75%) समर्थन चाहिए।
💡 जीएसटी परिषद अनुच्छेद: 279A -> (2+7=9, A = Amendment for GST Council).
पंचवर्षीय योजनाएँ और नीति आयोग
भारत में स्वतंत्रता के बाद आर्थिक विकास के लिए योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था का मॉडल अपनाया गया। 15 मार्च 1950 को योजना आयोग की स्थापना की गई, जिसने 1951 से 2017 तक कुल 12 पंचवर्षीय योजनाएँ संचालित कीं। प्रथम योजना हैरॉड-डोमर मॉडल पर तथा द्वितीय योजना महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी। पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) द्वारा दी जाती थी। 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर 'नीति आयोग' (NITI Aayog) का गठन किया गया, जो 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण और 'सहकारी संघवाद' के सिद्धांत पर कार्य करता है। नीति आयोग का पदेन अध्यक्ष देश का प्रधानमंत्री होता है और यह 15-वर्षीय विजन, 7-वर्षीय रणनीति तथा विकसित भारत 2047 (Net Zero 2070 लक्ष्य सहित) की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
मुख्य तथ्य
- भारत में नियोजित अर्थव्यवस्था का पहला विचार 1934 में एम. विश्वेश्वरैया की पुस्तक 'प्लांड इकोनॉमी फॉर इंडिया' में दिया गया था।
- 1944 में आठ उद्योगपतियों द्वारा 'बॉम्बे प्लान' तैयार किया गया, जिसमें जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला और अर्देशिर दलाल शामिल थे।
- जन योजना (People's Plan) 1945 में एम.एन. रॉय द्वारा तथा सर्वोदय योजना 1950 में जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रस्तुत की गई।
- योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को के.सी. नियोगी समिति की सिफारिश पर एक गैर-संवैधानिक और परामर्शदात्री निकाय के रूप में हुई थी।
- राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का गठन 6 अगस्त 1952 को पंचवर्षीय योजनाओं को अंतिम अनुमोदन देने हेतु किया गया था।
- प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) हैरॉड-डोमर मॉडल पर आधारित थी और इसमें कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी।
- द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61) पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी और इसमें भारी उद्योगों पर जोर दिया गया था।
- 1966 से 1969 तक भारत में तीन वार्षिक योजनाएँ चलाई गईं, जिन्हें 'योजना अवकाश' (Plan Holiday) कहा जाता है।
- पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) में 'गरीबी हटाओ' और आत्मनिर्भरता का मुख्य नारा दिया गया था, जिसे 1978 में समय से पूर्व समाप्त कर 'रोलिंग प्लान' शुरू किया गया।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) अंतिम योजना थी, जिसका लक्ष्य 'तीव्रतर, अधिक समावेशी और सतत विकास' था।
- नीति आयोग (National Institution for Transforming India) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव द्वारा की गई।
- नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं तथा इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शासी परिषद (Governing Council) के सदस्य होते हैं।
- नीति आयोग 'टॉप-डाउन' दृष्टिकोण के बजाय 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण पर कार्य करता है।
तालिका
- योजना / संस्था: प्रथम पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1951 - 1956 · मुख्य मॉडल / आधार: हैरॉड-डोमर मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: कृषि, सिंचाई एवं बिजली परियोजनाओं का विकास
- योजना / संस्था: द्वितीय पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1956 - 1961 · मुख्य मॉडल / आधार: पी.सी. महालनोबिस मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: भारी उद्योग और तीव्र औद्योगीकरण
- योजना / संस्था: तृतीय पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1961 - 1966 · मुख्य मॉडल / आधार: सुखमय चक्रवर्ती/जॉन सैंडी · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
- योजना / संस्था: योजना अवकाश (Plan Holiday) · अवधि / वर्ष: 1966 - 1969 · मुख्य मॉडल / आधार: वार्षिक योजनाएँ · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: कृषि व हरित क्रांति को बढ़ावा
- योजना / संस्था: पांचवीं पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1974 - 1978 · मुख्य मॉडल / आधार: डी.पी. धर मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: गरीबी उन्मूलन (गरीबी हटाओ) और आत्मनिर्भरता
- योजना / संस्था: 12वीं पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 2012 - 2017 · मुख्य मॉडल / आधार: अंतिम योजना · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: तीव्रतर, अधिक समावेशी और सतत विकास
- योजना / संस्था: नीति आयोग (NITI Aayog) · अवधि / वर्ष: 1 जनवरी 2015 से · मुख्य मॉडल / आधार: थिंक टैंक / बॉटम-अप दृष्टिकोण · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: सहकारी संघवाद, 15-वर्षीय विजन, विकसित भारत 2047
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 11: प्रथम पंचवर्षीय योजना किस मॉडल पर आधारित थी?
(क) महालनोबिस मॉडल (ख) हैरॉड-डोमर मॉडल (ग) गांधीवादी मॉडल (घ) इन्पुट-आउटपुट मॉडल
- ✔ उत्तर: (ख) हैरॉड-डोमर मॉडल — प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) हैरॉड-डोमर मॉडल पर आधारित थी, जिसमें कृषि विकास पर मुख्य बल दिया गया था।
- प्रश्न 12: निम्नलिखित में से किस पंचवर्षीय योजना के दौरान 'गरीबी हटाओ' का नारा मुख्य लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया था?
(क) तीसरी योजना (ख) चौथी योजना (ग) पांचवीं योजना (घ) सातवीं योजना
- ✔ उत्तर: (ग) पांचवीं योजना — पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) में 'गरीबी उन्मूलन' और 'आत्मनिर्भरता' को प्रमुख उद्देश्य बनाया गया था।
- प्रश्न 13: नीति आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई थी।
2. यह 'टॉप-डाउन' नियोजन दृष्टिकोण का पालन करता है।
3. भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1 और 3 (ग) केवल 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (ख) केवल 1 और 3 — नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को स्थापित हुआ और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं, लेकिन यह 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण पर कार्य करता है।
- प्रश्न 14: योजना आयोग के स्थान पर गठित नीति आयोग (NITI Aayog) में NITI का पूर्ण रूप क्या है?
(क) National Institution for Transforming India (ख) National Institute for Technical India (ग) National Initiative for Transforming Infrastructure (घ) National Institution for Trade and Industry
- ✔ उत्तर: (क) National Institution for Transforming India — NITI का पूरा नाम 'National Institution for Transforming India' (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) है।
- प्रश्न 15: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (योजना/प्रस्ताव)
a) सर्वोदय योजना
b) बॉम्बे प्लान
c) जन योजना (People's Plan)
d) प्रथम योजना मॉडल
सूची-II (संबद्ध व्यक्ति/मॉडल)
1) एम.एन. रॉय
2) हैरॉड-डोमर
3) जयप्रकाश नारायण
4) 8 उद्योगपति (1944)
(क) a-3, b-4, c-1, d-2 (ख) a-1, b-2, c-3, d-4 (ग) a-4, b-3, c-2, d-1 (घ) a-2, b-1, c-4, d-3
- ✔ उत्तर: (क) a-3, b-4, c-1, d-2 — सर्वोदय योजना JP नारायण (1950), बॉम्बे प्लान उद्योगपतियों (1944), जन योजना MN रॉय (1945) और प्रथम योजना हैरॉड-डोमर मॉडल से संबंधित है।
- प्रश्न 16: भारत में 'योजना अवकाश' (Plan Holiday) की अवधि क्या थी?
(क) 1962 - 1965 (ख) 1966 - 1969 (ग) 1978 - 1980 (घ) 1990 - 1992
- ✔ उत्तर: (ख) 1966 - 1969 — तीसरी योजना की विफलता और युद्ध/सूखे के बाद 1966 से 1969 के बीच तीन एक-वर्षीय योजनाएँ चलाई गईं जिन्हें योजना अवकाश कहा गया।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 95] निम्नलिखित में से कौन-सा पूँजीवादी "बाम्बे प्लान" का वास्तुकार नहीं था ?
(क) जे. आर. डी. टाटा (ख) धीरूभाई अंबानी (ग) जी. डी. बिड़ला (घ) श्री राम
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) धीरूभाई अंबानी — 1944 के बॉम्बे प्लान के रचनाकारों में जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला, श्री राम आदि 8 उद्योगपति शामिल थे; धीरूभाई अंबानी इसमें शामिल नहीं थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से अक्सर प्रश्न पूछता है। प्रारंभिक इतिहास (जैसे बॉम्बे प्लान, सर्वोदय योजना, एम. विश्वेश्वरैया), योजनाओं के मॉडल (हैरॉड-डोमर, महालनोबिस), गरीबी उन्मूलन की योजना (5वीं योजना), योजना अवकाश की अवधि, और नीति आयोग के ढाँचे/सिद्धंत (सहकारी संघवाद, अध्यक्ष, बॉटम-अप मॉडल) पर सीधे और कथन-आधारित प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ योजना आयोग का दृष्टिकोण 'टॉप-डाउन' (ऊपर से नीचे) था, जबकि नीति आयोग का दृष्टिकोण 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) है।
- ✘ रोलिंग प्लान (1978-80) जनता पार्टी सरकार द्वारा लाया गया था, जबकि 'योजना अवकाश' (1966-69) तीसरी योजना के बाद लागू हुआ था।
- ✘ राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का गठन 1952 में हुआ था, जबकि योजना आयोग 1950 में बना था।
💡 नीति आयोग का मूल मंत्र: 'नीचे से ऊपर (Bottom-Up) सहयोग बढ़ाओ, विकसित भारत 2047 का सपना साकार बनाओ।'
गरीबी और बेरोजगारी: माप एवं समितियाँ
भारत में गरीबी का आकलन पारंपरिक रूप से न्यूनतम उपभोग व्यय और पोषण आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता रहा है। योजना आयोग द्वारा गठित वाई. के. अलघ समिति (1979) ने पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्रों के लिए 2100 कैलोरी का मानक तय किया। इसके बाद लकड़ावाला समिति (1993) तथा तेंदुलकर समिति (2009) ने गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए उपभोग टोकरी (पॉवर्टी लाइन बास्केट) में सुधार किए। तेंदुलकर समिति ने 2011-12 में भारत में गरीबी 21.9% आंकी, जबकि रंगराजन समिति (2014) के अनुसार यह 29.5% थी। वर्तमान में नीति आयोग राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) जारी करता है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के 12 संकेतक शामिल हैं। बेरोजगारी का आकलन एनएसओ (सांख्यिकी मंत्रालय) द्वारा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के माध्यम से यूपीएस, यूपीएसएस और सीडब्ल्यूएस आधार पर किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- वाई. के. अलघ कार्यदल (1979) ने प्रति व्यक्ति दैनिक न्यूनतम पोषण मानक ग्रामीण क्षेत्र हेतु 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्र हेतु 2100 कैलोरी निर्धारित किया था।
- डी.टी. लकड़ावाला समिति (1993) ने ग्रामीण गरीबी के आकलन हेतु CPI-AL (कृषि मजदूर) और शहरी गरीबी हेतु CPI-IW (औद्योगिक श्रमिक) के प्रयोग की संस्तुति की।
- सुरेश तेंदुलकर समिति (2009) ने कैलोरी खपत के बजाय मासिक प्रति व्यक्ति उपभोग व्यय (MPCE) को आधार बनाया और 2004-05 में गरीबी दर 37.2% आंकी।
- तेंदुलकर समिति के अनुसार 2011-12 में गरीबी रेखा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹816 प्रति माह (₹27.20/दिन) और शहरी क्षेत्रों के लिए ₹1000 प्रति माह (₹33.33/दिन) थी, जिसके तहत देश में 21.9% गरीब थे।
- सी. रंगराजन समिति (2014) ने 2011-12 के लिए गरीबी रेखा ग्रामीण क्षेत्र में ₹972 प्रति माह (₹32/दिन) और शहरी क्षेत्र में ₹1407 प्रति माह (₹47/दिन) तय की, जिससे कुल गरीबी 29.5% आंकी गई।
- नीति आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में 3 आयाम (स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर) और 12 संकेतक शामिल हैं।
- नीति आयोग के राष्ट्रीय MPI (NFHS-5 आधारित) के अनुसार बिहार में बहुआयामी गरीबों का प्रतिशत देश में सर्वाधिक (33.76%) दर्ज किया गया।
- प्रच्छन्न या छिपी हुई बेरोजगारी (Disguised Unemployment) वह स्थिति है जहाँ आवश्यकता से अधिक श्रमिक लगे होते हैं और श्रम की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है।
- चक्रीय बेरोजगारी (Cyclical Unemployment) अर्थव्यवस्था में व्यापार चक्र की मंदी या मांग में कमी के कारण उत्पन्न होती है।
- संरचनात्मक बेरोजगारी (Structural Unemployment) बाजार में उपलब्ध नौकरियों के कौशल और काम चाहने वालों के कौशल के बीच बेमेल होने के कारण होती है।
- एनएसओ द्वारा श्रम बल और बेरोजगारी दर मापने के लिए सामान्य स्थिति (Usual Status - 365 दिन) और वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (Current Weekly Status - 7 दिन) का उपयोग किया जाता है।
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) कुल जनसंख्या में काम कर रहे या काम की तलाश कर रहे लोगों (श्रम बल) का प्रतिशत दर्शाती है।
तालिका
- समिति / आयोग: वाई. के. अलघ कार्यदल · वर्ष: 1979 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी सेवन (ग्रामीण 2400 kcal, शहरी 2100 kcal) · गरीबी रेखा / अनुमान: न्यूनतम पोषण आवश्यकता आधारित उपभोग व्यय
- समिति / आयोग: डी.टी. लकड़ावाला समिति · वर्ष: 1993 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी आधार बरकरार; CPI-AL (ग्रामीण) और CPI-IW (शहरी) · गरीबी रेखा / अनुमान: राज्यवार अलग-अलग मूल्य सूचकांक आधारित रेखा
- समिति / आयोग: सुरेश तेंदुलकर समिति · वर्ष: 2009 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी मानक त्यागा; भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य पर संयुक्त MPCE · गरीबी रेखा / अनुमान: 2011-12: ₹816 (ग्रामीण), ₹1000 (शहरी); गरीबी 21.9%
- समिति / आयोग: सी. रंगराजन समिति · वर्ष: 2014 · माप का आधार / मानदंड: पोषक तत्व (प्रोटीन, वसा) + गैर-खाद्य आवश्यक व्यय · गरीबी रेखा / अनुमान: 2011-12: ₹972 (ग्रामीण), ₹1407 (शहरी); गरीबी 29.5%
- समिति / आयोग: नीति आयोग राष्ट्रीय MPI · वर्ष: 2021 से · माप का आधार / मानदंड: 3 आयाम (स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर) और 12 संकेतक · गरीबी रेखा / अनुमान: NFHS-5 के अनुसार राष्ट्रीय गरीबी 14.96%, बिहार 33.76%
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 17: भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण हेतु किस समिति ने पहली बार कैलोरी मानदंड (ग्रामीण में 2400 और शहरी में 2100 कैलोरी) की सिफारिश की थी?
(क) डी.टी. लकड़ावाला समिति (ख) वाई. के. अलघ कार्यदल (ग) सुरेश तेंदुलकर समिति (घ) सी. रंगराजन समिति
- ✔ उत्तर: (ख) वाई. के. अलघ कार्यदल — 1979 में वाई. के. अलघ कार्यदल ने न्यूनतम कैलोरी आवश्यकता (ग्रामीण 2400 और शहरी 2100 कैलोरी) के आधार पर गरीबी रेखा का निर्धारण किया था।
- प्रश्न 18: तेंदुलकर समिति की पद्धति के अनुसार वर्ष 2011-12 में भारत में गरीबी का कुल प्रतिशत कितना आकलित किया गया था?
(क) 29.5% (ख) 37.2% (ग) 21.9% (घ) 16.5%
- ✔ उत्तर: (ग) 21.9% — सुरेश तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के आधार पर योजना आयोग ने वर्ष 2011-12 में भारत की गरीबी 21.9% आंकी थी।
- प्रश्न 19: कृषि क्षेत्र में सामान्यतः किस प्रकार की बेरोजगारी सर्वाधिक पाई जाती है, जहाँ श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है?
(क) घर्षणात्मक बेरोजगारी (ख) प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी (ग) संरचनात्मक बेरोजगारी (घ) ऐच्छिक बेरोजगारी
- ✔ उत्तर: (ख) प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी — प्रच्छन्न बेरोजगारी में आवश्यकता से अधिक लोग कार्य में लगे होते हैं और अतिरिक्त श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है।
- प्रश्न 20: नीति आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के संबंध में कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर 3 आयाम शामिल हैं।
2. यह सूचकांक अलकिरे-फॉस्टर पद्धति पर आधारित है।
3. इसके अंतर्गत कुल 12 संकेतक शामिल किए गए हैं।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनें:
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 सभी — नीति आयोग का राष्ट्रीय MPI 3 आयामों, 12 संकेतकों तथा ऑक्सफोर्ड की अलकिरे-फॉस्टर (AF) पद्धति पर आधारित है।
- प्रश्न 21: रंगराजन समिति (2014) ने 2011-12 के लिए शहरी क्षेत्रों हेतु प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपभोग व्यय की गरीबी रेखा कितनी निर्धारित की थी?
(क) ₹27.20 (ख) ₹32.00 (ग) ₹33.33 (घ) ₹47.00
- ✔ उत्तर: (घ) ₹47.00 — रंगराजन समिति ने शहरी क्षेत्रों के लिए ₹47 प्रतिदिन (₹1407/माह) और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹32 प्रतिदिन (₹972/माह) तय किया था।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 45] NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार, निम्नलिखित में से किस राज्य ने 2019-20 में 6% से कम आबादी को बहुआयामी रूप से गरीब के रूप में दर्ज किया?
(क) जम्मू और कश्मीर (ख) हिमाचल प्रदेश (ग) उत्तर प्रदेश (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) हिमाचल प्रदेश — NFHS-5 आधारित बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में 6% से भी कम आबादी बहुआयामी रूप से गरीब दर्ज की गई थी।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 47] वार्षिक पीएलएफएस 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार :
(क) वर्ष 2021-22 के बाद से शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं के श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में अधिक वृद्धि हुई है। (ख) 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 90 फीसदी राज्यों में कार्यबल भागीदारी दर (WPR) (सभी उम्र के लिए) राष्ट्रीय औसत 43.7 फीसदी से नीचे है। (ग) कृषि में महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी 2017-18 से 2023-24 तक काफी कम हो गई है। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) वर्ष 2021-22 के बाद से शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं के श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में अधिक वृद्धि हुई है। — आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2023-24 के अनुसार 2021-22 के उपरांत शहरी महिलाओं की अपेक्षा ग्रामीण महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई।
परीक्षा में कैसे आता है
बीपीएससी में गरीबी आकलन समितियों (अलघ, लकड़ावाला, तेंदुलकर, रंगराजन) के गठन वर्ष, कैलोरी मानक, उपभोग व्यय के आंकड़े (₹816/₹1000 या ₹32/₹47) तथा बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के संकेतकों और बिहार की स्थिति पर नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही बेरोजगारी के प्रकार (विशेषकर प्रच्छन्न व संरचनात्मक) और PLFS रिपोर्ट के श्रम बल आंकड़ों पर भी सीधे प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ तेंदुलकर समिति (2011-12) की गरीबी रेखा ग्रामीण ₹27.20 (₹816/माह) व शहरी ₹33.33 (₹1000/माह) थी, जबकि रंगराजन समिति (2014) ने इसे बढ़ाकर ग्रामीण ₹32 (₹972/माह) व शहरी ₹47 (₹1407/माह) किया। छात्र इन दोनों के प्रति दिन/माह आंकड़ों में उलझ जाते हैं।
- ✘ प्रच्छन्न बेरोजगारी (श्रमिक आवश्यकता से अधिक, शून्य सीमांत उत्पादकता) और मौसमी बेरोजगारी (फसल कटाई के बाद काम न मिलना) दोनों कृषि में दिखती हैं, पर दोनों की संकल्पना भिन्न है।
- ✘ अलघ और लकड़ावाला समितियों ने गरीबी रेखा के लिए कैलोरी खपत (2400/2100) का उपयोग किया, जबकि तेंदुलकर समिति ने कैलोरी मानदंड को पूरी तरह त्यागकर उपभोग व्यय को आधार बनाया।
💡 समितियों का कालक्रम याद रखें: 'A-L-T-R' = Alagh (1979) → Lakdawala (1993) → Tendulkar (2009) → Rangarajan (2014)
प्रमुख केंद्रीय योजनाएँ और उनके शुरुआत वर्ष
भारत सरकार द्वारा सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए विभिन्न प्रमुख केंद्रीय योजनाएँ शुरू की गई हैं। मनरेगा (MGNREGA) ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों के गारंटीकृत रोज़गार के माध्यम से आजीविका सुरक्षा प्रदान करता है। वित्तीय समावेशन के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना (2014) लागू की गई, जबकि महिलाओं को स्वच्छ ईंधन देने हेतु उज्ज्वला योजना (2016) बलिया से शुरू हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत (2018) दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है जो प्रति परिवार 5 लाख रुपये का कवर देती है। किसानों की आय सहायता के लिए PM-KISAN (2019) के तहत प्रतिवर्ष 6,000 रुपये सीधे बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- नरेगा अधिनियम सितंबर 2005 में पारित हुआ और 2 फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से लागू किया गया।
- 2 अक्टूबर 2009 को नरेगा का नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) कर दिया गया।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से शुरू की गई थी।
- उज्ज्वला 2.0 का शुभारंभ 10 अगस्त 2021 को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से किया गया था।
- आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) 23 सितंबर 2018 को राँची (झारखंड) से शुरू हुई।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की औपचारिक शुरुआत 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर (UP) से हुई थी।
- PM-KISAN योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को 2,000 रुपये की 3 समान किस्तों में कुल 6,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं।
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMAY-MUDRA) 8 अप्रैल 2015 को छोटे व्यवसायियों को ऋण देने हेतु शुरू की गई।
- मुद्रा योजना में तीन श्रेणियाँ हैं: शिशु (50,000 रुपये तक), किशोर (50,000 से 5 लाख तक) और तरुण (5 लाख से 10 लाख रुपये तक)।
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 1 जून 2020 को रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को ऋण देने के लिए शुरू की गई।
तालिका
- योजना का नाम: मनरेगा (MGNREGA) · शुरुआत तिथि/वर्ष: 2 फरवरी 2006 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: अनंतपुर (AP) / ग्रामीण विकास मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिन का अकुशल रोज़गार
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री जन धन योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 28 अगस्त 2014 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: वित्त मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: वित्तीय समावेशन एवं शून्य शेष बैंक खाता
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 1 मई 2016 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: बलिया (UP) / पेट्रोलियम मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: BPL परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन
- योजना का नाम: आयुष्मान भारत (PM-JAY) · शुरुआत तिथि/वर्ष: 23 सितंबर 2018 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: राँची (झारखंड) / स्वास्थ्य मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: प्रति परिवार 5 लाख रुपये/वर्ष का स्वास्थ्य बीमा
- योजना का नाम: PM-KISAN · शुरुआत तिथि/वर्ष: 24 फरवरी 2019 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: गोरखपुर (UP) / कृषि मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: किसानों को 6,000 रुपये/वर्ष आय सहायता (3 किस्तों में)
- योजना का नाम: PM मुद्रा योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 8 अप्रैल 2015 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: वित्त मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: छोटे उद्यमों को 10 लाख तक ऋण (शिशु, किशोर, तरुण)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 22: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के किस जिले से हुई थी?
(क) गोरखपुर (ख) बलिया (ग) महोबा (घ) वाराणसी
- ✔ उत्तर: (ख) बलिया — प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को यूपी के बलिया जिले से हुई थी।
- प्रश्न 23: मनरेगा (MGNREGA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नरेगा अधिनियम सितंबर 2005 में पारित हुआ था।
2. 2 अक्टूबर 2009 को इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — नरेगा एक्ट 2005 में पारित हुआ और 2009 में इसका नाम बदलकर मनरेगा किया गया।
- प्रश्न 24: आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष कितनी स्वास्थ्य बीमा राशि प्रदान की जाती है?
(क) 2 लाख रुपये (ख) 3 लाख रुपये (ग) 5 लाख रुपये (घ) 10 लाख रुपये
- ✔ उत्तर: (ग) 5 लाख रुपये — आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
- प्रश्न 25: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को वार्षिक कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है?
(क) 4,000 रुपये (ख) 6,000 रुपये (ग) 8,000 रुपये (घ) 12,000 रुपये
- ✔ उत्तर: (ख) 6,000 रुपये — PM-KISAN योजना के तहत किसानों को 2,000 रुपये की 3 किस्तों में कुल 6,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं।
- प्रश्न 26: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (योजना) - सूची-II (शुरुआत वर्ष)
a) PM जन धन योजना - 1) 2018
b) PM उज्ज्वला योजना - 2) 2014
c) आयुष्मान भारत - 3) 2019
d) PM-KISAN - 4) 2016
(क) a-2, b-4, c-1, d-3 (ख) a-1, b-3, c-2, d-4 (ग) a-4, b-2, c-3, d-1 (घ) a-2, b-1, c-4, d-3
- ✔ उत्तर: (क) a-2, b-4, c-1, d-3 — जन धन 2014, उज्ज्वला 2016, आयुष्मान भारत 2018 और PM-KISAN 2019 में शुरू हुई थी।
- प्रश्न 27: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत शिशु श्रेणी के तहत अधिकतम कितनी ऋण राशि दी जा सकती है?
(क) 25,000 रुपये (ख) 50,000 रुपये (ग) 1 लाख रुपये (घ) 5 लाख रुपये
- ✔ उत्तर: (ख) 50,000 रुपये — मुद्रा योजना में शिशु श्रेणी के तहत अधिकतम 50,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 46] सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।
सूची-I
सूची-II
a) प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (पीएटी) योजना — 1) 2023-24 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया
b) तटरेखा आवास और मूर्त आय के लिए मैंग्रोव पहल (MISHTI) — 2) ऊर्जा-गहन उद्योगों में उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य
c) पर्यावरण के लिए जीवन शैली (LiFE) पहल — 3) राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में 2019 में लॉन्च किया गया
d) राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) — 4) नवंबर 2021 में ग्लासगो में COP26 में लॉन्च किया गया
(क) a-1, b-3, c-2, d-4 (ख) a-3, b-4, c-1, d-2 (ग) a-2, b-1, c-4, d-3 (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) a-2, b-1, c-4, d-3 — PAT योजना ऊर्जा उद्योगों में उत्सर्जन कमी हेतु, MISHTI मैंग्रोव हेतु 2023-24 बजट में, LiFE 2021 COP26 में और NCAP 2019 में लॉन्च हुई थी।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 67] सरकार द्वारा घोषित आत्म निर्भर भारत योजना सहयोग करती है :
1) भारत की निर्माण क्षमता वृद्धि तथा उद्योगों से निर्यात में
2) घरेलू उत्पादन में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने में
इनमें से :
(क) 1 सही है (ख) 2 सही है (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं — आत्मनिर्भर भारत योजना का उद्देश्य घरेलू निर्माण क्षमता, निर्यात और विदेशी निवेश को बढ़ाना है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में प्रमुख योजनाओं के प्रारंभ वर्ष, शुरुआत के स्थान (जैसे उज्ज्वला-बलिया, आयुष्मान-राँची), योजना के मुख्य लाभ और नोडल मंत्रालयों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ मनरेगा अधिनियम 2005 में पारित हुआ था, परंतु योजना 2 फरवरी 2006 से लागू हुई और इसका नाम 2 अक्टूबर 2009 को बदला गया।
- ✘ उज्ज्वला योजना (LPG गैस कनेक्शन) 2016 में बलिया से शुरू हुई, जबकि उजाला योजना (LED बल्ब वितरण) 2015 में शुरू हुई थी।
- ✘ PM-KISAN योजना में 6,000 रुपये प्रतिवर्ष 3 किस्तों (2000-2000-2000) में दिए जाते हैं, न कि एकमुश्त।
💡 JUMKA: जन-धन (2014), उज्ज्वला (2016), मुद्रा (2015), किसान-सम्मान (2019), आयुष्मान (2018) - वर्षों का क्रम याद रखें।
एक नज़र में (Revision)
- राजकोषीय घाटा = कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ (उधार को छोड़कर); प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान।
- राजस्व घाटा तब होता है जब कुल राजस्व व्यय, कुल राजस्व प्राप्तियों से अधिक हो जाता है।
- जीएसटी 101वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा लागू अप्रत्यक्ष कर है, जिसके मुख्य दर स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% हैं।
- जीएसटी परिषद का उल्लेख अनुच्छेद 279A में है और इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
- नीति आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी, जिसके पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
- प्रथम पंचवर्षीय योजना हैरॉड-डोमर मॉडल पर तथा द्वितीय पंचवर्षीय योजना महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी।
- भारत में गरीबी आकलन से संबंधित प्रमुख समितियाँ: अलघ (1979), लकड़ावाला (1993), तेंदुलकर (2009) और रंगराजन (2014) हैं।
- मनरेगा (MGNREGA) अधिनियम 2005 में पारित हुआ और 2 फरवरी 2006 से लागू हुआ, जो ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का शुभारंभ 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन के उद्देश्य से किया गया था।
- प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY) 1 मई 2016 को BPL परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने हेतु शुरू की गई थी।
- आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना सितंबर 2018 में शुरू हुई, जो प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर देती है।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई, जिसके तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष ₹6000 दिए जाते हैं।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) की गणना निम्नलिखित में से किस सूत्र द्वारा की जाती है?
- (क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान
- (ख) राजस्व घाटा - पूंजीगत व्यय
- (ग) कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ
- (घ) राजकोषीय घाटा + ऋण भुगतान
उत्तर देखें
उत्तर: (क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान
प्राथमिक घाटा, राजकोषीय घाटे में से पिछले ऋणों पर किए गए ब्याज भुगतान को घटाकर प्राप्त किया जाता है (प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान)।
2. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत जीएसटी (GST) परिषद का गठन किया गया है और इसके अध्यक्ष कौन होते हैं?
- (क) अनुच्छेद 280, नीति आयोग के उपाध्यक्ष
- (ख) अनुच्छेद 279A, केंद्रीय वित्त मंत्री
- (ग) अनुच्छेद 269A, भारत के प्रधानमंत्री
- (घ) अनुच्छेद 300A, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) अनुच्छेद 279A, केंद्रीय वित्त मंत्री
101वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अनुच्छेद 279A जोड़ा गया जिसके तहत जीएसटी परिषद गठित की गई। केंद्रीय वित्त मंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।
3. द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61) किस आर्थिक मॉडल पर आधारित थी?
- (क) हैरॉड-डोमर मॉडल
- (ख) पी. सी. महालनोबिस मॉडल
- (ग) गांधीवादी मॉडल
- (घ) एस. एन. अग्रवाल मॉडल
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) पी. सी. महालनोबिस मॉडल
द्वितीय पंचवर्षीय योजना पी. सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी, जिसने भारी उद्योगों और बुनियादी ढाँचे के विकास पर जोर दिया। प्रथम योजना हैरॉड-डोमर मॉडल पर थी।
4. नीति आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर की गई थी।
2. यह 'बॉटम-अप' (Bottom-up) दृष्टिकोण और सहयोगात्मक संघवाद पर कार्य करता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को बना और यह योजना आयोग के 'टॉप-डाउन' मॉडल के विपरीत 'बॉटम-अप' दृष्टिकोण पर काम करता है।
5. भारत में गरीबी आकलन के लिए गठित निम्नलिखित समितियों को उनके गठन के कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:
1. सुरेश तेंदुलकर समिति
2. वाई. के. अलघ समिति
3. सी. रंगराजन समिति
4. डी. टी. लकड़ावाला समिति
- (क) 2, 4, 1, 3
- (ख) 1, 2, 3, 4
- (ग) 4, 2, 1, 3
- (घ) 2, 1, 4, 3
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 2, 4, 1, 3
समितियों के गठन का वर्ष: अलघ समिति (1979), लकड़ावाला समिति (1993), तेंदुलकर समिति (2009), और रंगराजन समिति (2014)। अतः सही क्रम 2, 4, 1, 3 है।
6. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
- (क) यह योजना 2006 में शुरू की गई थी और यह प्रतिवर्ष कम से कम 100 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की गारंटी देती है।
- (ख) यह योजना केवल शहरी बीपीएल परिवारों के लिए लागू है।
- (ग) इसे 2014 में शुरू किया गया था तथा इसमें 200 दिनों का रोजगार अनिवार्य है।
- (घ) यह योजना केवल महिलाओं को रोजगार देने का वैधानिक अधिकार देती है।
उत्तर देखें
उत्तर: (क) यह योजना 2006 में शुरू की गई थी और यह प्रतिवर्ष कम से कम 100 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की गारंटी देती है।
नरेगा (NREGA) 2 फरवरी 2006 को शुरू किया गया था (2009 में नाम मनरेगा हुआ)। यह ग्रामीण अकुशल श्रमिकों को वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देता है।
7. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कितनी वित्तीय सहायता दी जाती है?
- (क) ₹4,000 दो किस्तों में
- (ख) ₹6,000 तीन किस्तों में
- (ग) ₹12,000 बारह किस्तों में
- (घ) ₹10,000 दो किस्तों में
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) ₹6,000 तीन किस्तों में
PM-KISAN योजना (2019 में शुरू) के तहत पात्र किसान परिवारों को ₹2000 की तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष ₹6,000 की प्रत्यक्ष आय सहायता दी जाती है।
8. सूची-I (सरकारी योजना) को सूची-II (शुरू होने का वर्ष) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I:
A. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
B. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PMUY)
C. आयुष्मान भारत (PM-JAY)
D. PM-KISAN
सूची-II:
1. 2014
2. 2016
3. 2018
4. 2019
- (क) A-1, B-2, C-3, D-4
- (ख) A-2, B-1, C-4, D-3
- (ग) A-1, B-3, C-2, D-4
- (घ) A-4, B-2, C-3, D-1
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-1, B-2, C-3, D-4
PMJDY - 2014, PMUY - 2016, आयुष्मान भारत - 2018, PM-KISAN - 2019 में शुरू हुई थीं।
9. आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत प्रति पात्र परिवार प्रति वर्ष कितना स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है?
- (क) ₹1 लाख
- (ख) ₹2 लाख
- (ग) ₹5 लाख
- (घ) ₹10 लाख
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) ₹5 लाख
आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।
10. वस्तु एवं सेवा कर (GST) में निम्नलिखित में से कौन-सी चार मुख्य कर दरें (Tax Slabs) शामिल हैं?
- (क) 0%, 5%, 10%, 20%
- (ख) 5%, 12%, 18%, 28%
- (ग) 2%, 8%, 15%, 25%
- (घ) 5%, 10%, 15%, 20%
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 5%, 12%, 18%, 28%
जीएसटी परिषद द्वारा निर्धारित चार मुख्य मानक कर स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% हैं। आवश्यक वस्तुओं पर 0% दर लागू होती है।
English version — Budget, Taxation, Planning and Government Schemes
This chapter is a vital part of the Indian Economy section for BPSC Prelims and Mains exams. Questions are frequently asked on budget deficits, GST, NITI Aayog, poverty estimation committees, and key central government schemes.
Budget Types and Deficit Concepts (Fiscal, Revenue, and Primary Deficit)
Under Article 112 of the Indian Constitution, the 'Annual Financial Statement' (Budget) is presented to Parliament for every financial year. The budget broadly consists of two parts: Revenue Account (routine receipts and expenditure) and Capital Account (asset and liability creation). Based on structure and approach, budgets are categorized into Traditional, Zero-Based, Gender, and Outcome budgets. When total expenditure exceeds non-borrowed total receipts, a budget deficit occurs. Key financial indicators like Revenue Deficit, Effective Revenue Deficit, Fiscal Deficit, and Primary Deficit evaluate government fiscal health. Among these, Fiscal Deficit reflects the total borrowing requirement of the government.
Key facts
- In Article 112 of the Constitution, the term 'Annual Financial Statement' is used instead of 'Budget'.
- Fiscal Deficit = Total Expenditure - (Revenue Receipts + Non-Debt Capital Receipts).
- Fiscal Deficit directly reflects the total net borrowing requirement of the government.
- Primary Deficit = Fiscal Deficit - Interest Payments.
- Revenue Deficit = Total Revenue Expenditure - Total Revenue Receipts.
- Effective Revenue Deficit = Revenue Deficit - Grants for creation of capital assets.
- Under the FRBM Act 2003, the fiscal deficit limit for states is capped at 3% of GSDP.
- Peter Pyhrr is considered the father of Zero-Based Budgeting, developed in 1970.
- Zero-Based Budgeting was first introduced in India in 1987 in the Ministry of Science and Technology.
- Gender Budgeting statement was formally introduced in India in the 2005-06 Union Budget.
- Outcome Budget was introduced for the first time in India in the year 2005.
- The concept of Effective Revenue Deficit was introduced in the Union Budget 2011-12.
Table
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): राजस्व घाटा (Revenue Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ · मुख्य विशेषता (Key Detail): सरकार की दैनिक प्रशासनिक आय और खर्च में कमी को दर्शाता है।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): प्रभावी राजस्व घाटा (Effective Revenue Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजस्व घाटा - पूंजीगत संपत्ति निर्माण हेतु अनुदान · मुख्य विशेषता (Key Detail): इसे केंद्रीय बजट 2011-12 में पहली बार पेश किया गया था।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): कुल व्यय - (कुल प्राप्तियाँ - उधारी) · मुख्य विशेषता (Key Detail): सरकार द्वारा ली जाने वाली कुल विशुद्ध उधारी (Borrowing) का प्रतीक है।
- घाटे का प्रकार (Type of Deficit): प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) · सूत्र / परिभाषा (Formula): राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान · मुख्य विशेषता (Key Detail): चालू वर्ष के राजकोषीय कामकाज के घाटे को दर्शाता है (ब्याज को छोड़कर)।
Practice questions (solved)
- Q 1: प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) की गणना करने का सही सूत्र क्या है?
(क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान (ख) राजस्व घाटा - पूंजीगत व्यय (ग) कुल व्यय - कुल प्राप्तियाँ (घ) राजकोषीय घाटा - राजस्व घाटा
- ✔ Answer: (क) राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान — प्राथमिक घाटा चालू वर्ष की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है और यह राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर प्राप्त होता है।
- Q 2: निम्नलिखित में से कौन-सा घाटा सरकार की कुल उधारी (Borrowing) आवश्यकताओं को दर्शाता है?
(क) राजस्व घाटा (ख) राजकोषीय घाटा (ग) प्राथमिक घाटा (घ) मौद्रिक घाटा
- ✔ Answer: (ख) राजकोषीय घाटा — राजकोषीय घाटा सरकार की उस कुल राशि को दर्शाता है जिसे उसे अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए उधार लेना पड़ता है।
- Q 3: शून्य-आधारित बजट (Zero-Based Budgeting) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसमें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजटीय आवंटन शून्य से शुरू किया जाता है।
2. भारत में इसे सबसे पहले वर्ष 1987 में अपनाया गया था।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — शून्य-आधारित बजट में पुराने बजट को आधार न मानकर शून्य से समीक्षा की जाती है और भारत में इसे 1987 में लागू किया गया था।
- Q 4: राज्यों के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) की सामान्य सीमा GSDP का कितने प्रतिशत निर्धारित है?
(क) 2% (ख) 3% (ग) 4% (घ) 5%
- ✔ Answer: (ख) 3% — एफआरबीएम अधिनियम तथा वित्त आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार राज्यों के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% पर सीमित रखा गया है।
- Q 5: यदि किसी वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा ₹ 15 लाख करोड़ है और पिछले ऋणों पर ब्याज भुगतान ₹ 6 लाख करोड़ है, तो प्राथमिक घाटा कितना होगा?
(क) ₹ 21 लाख करोड़ (ख) ₹ 9 लाख करोड़ (ग) ₹ 15 लाख करोड़ (घ) ₹ 6 लाख करोड़
- ✔ Answer: (ख) ₹ 9 लाख करोड़ — प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा (15 लाख करोड़) - ब्याज भुगतान (6 लाख करोड़) = 9 लाख करोड़।
How it is asked
BPSC asks direct formula-based, statement-type, and factual questions on deficit concepts (Fiscal, Primary Deficit), introduction years of budget types (Zero-based, Gender budgeting), and FRBM limits (3% GSDP cap).
Do not confuse
- ✘ राजकोषीय घाटा और राजस्व घाटा: राजकोषीय घाटे में सरकार की कुल उधारी आवश्यकता शामिल होती है, जबकि राजस्व घाटा केवल दैनिक/नियमित प्राप्तियों और खर्चों के अंतर को दर्शाता है।
- ✘ राजकोषीय घाटा और प्राथमिक घाटा: प्राथमिक घाटे में से पुराने ऋणों पर किया गया ब्याज भुगतान घटा दिया जाता है (प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान)।
- ✘ शून्य-आधारित बजट और पारंपरिक बजट: पारंपरिक बजट में पिछले वर्ष के व्यय को आधार मानकर वृद्धि की जाती है, जबकि शून्य-आधारित बजट में प्रत्येक मद का औचित्य शून्य से साबित करना पड़ता है।
💡 प्राथमिक घाटे का सूत्र याद रखने के लिए: 'राज - ब्याज = प्राथमिक' (राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान = प्राथमिक घाटा)
Taxes, GST Council and Slabs
Taxes are the primary source of government revenue, broadly classified into Direct Taxes and Indirect Taxes. Direct taxes (like Income Tax and Corporate Tax) are paid directly by the taxpayer and cannot be shifted to others. Indirect taxes (like Goods and Services Tax or GST) are levied on goods and services, where the burden falls on the end consumer. On July 1, 2017, India implemented GST via the 101st Constitutional Amendment Act, subsuming multiple indirect taxes. The GST Council is a constitutional body under Article 279A, chaired by the Union Finance Minister, responsible for deciding tax rates and exemptions.
Key facts
- GST was implemented in India on July 1, 2017 (101st Constitutional Amendment Act, 2016).
- Assam was the first Indian state to ratify/pass the GST bill.
- GST Council is established under Article 279A of the Indian Constitution.
- The Union Finance Minister serves as the Chairperson of the GST Council.
- GST has four major standard tax slabs: 5%, 12%, 18%, and 28% (along with a 0% zero rate).
- In the GST Council, the Central Government has 1/3rd voting weightage, and State Governments together have 2/3rd.
- A decision in the GST Council requires a 3/4th (75%) majority vote to be passed.
- Income Tax and Corporation Tax are major examples of Direct Taxes.
- Direct taxes are generally progressive, whereas indirect taxes tend to be regressive in nature.
- Alcohol for human consumption, petroleum products, and electricity are currently outside the purview of GST.
- CBDT manages direct taxes, while CBIC manages indirect taxes and customs duties.
Table
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 0% · प्रकार (Category): कर मुक्त (Zero Rated) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): ताजा सब्जियां, अनपैक्ड खाद्यान्न, दूध, प्राकृतिक शहद, स्वास्थ्य सेवाएं
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 5% · प्रकार (Category): आवश्यक वस्तुएं (Essential Slabs) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल, पैक्ड पनीर, ₹1000 तक के जूते/कपड़े
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 12% · प्रकार (Category): मानक दर - निचली (Standard - Lower) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, फ्रोजन मीट, मोबाइल फोन, आयुर्वेदिक दवाएं
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 18% · प्रकार (Category): मानक दर - ऊपरी (Standard - Upper) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): साबुन, टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, वित्तीय/बैंकिंग सेवाएं, रेस्टोरेंट
- जीएसटी स्लैब (GST Slab): 28% · प्रकार (Category): विलासिता एवं अहितकर (Luxury & Sin Goods) · प्रमुख वस्तुएं/सेवाएं (Key Goods/Services): लक्जरी कारें, एसी, रेफ्रिजरेटर, तंबाकू उत्पाद, वातित पेय (Aerated drinks)
Practice questions (solved)
- Q 6: भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने के लिए कौन सा संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया था?
(क) 100वां संविधान संशोधन अधिनियम (ख) 101वां संविधान संशोधन अधिनियम (ग) 102वां संविधान संशोधन अधिनियम (घ) 103वां संविधान संशोधन अधिनियम
- ✔ Answer: (ख) 101वां संविधान संशोधन अधिनियम — जीएसटी 101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा 1 जुलाई 2017 से पूरे भारत में लागू किया गया था।
- Q 7: निम्नलिखित में से कौन सा एक प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) का उदाहरण है?
(क) सीमा शुल्क (Customs Duty) (ख) निगम कर (Corporation Tax) (ग) जीएसटी (GST) (घ) केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty)
- ✔ Answer: (ख) निगम कर (Corporation Tax) — निगम कर (Corporation Tax) कंपनियों के शुद्ध लाभ पर लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष कर है।
- Q 8: जीएसटी परिषद (GST Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 279A में है।
2. इसके अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं।
3. परिषद में किसी निर्णय हेतु तीन-चौथाई (75%) बहुमत की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1 और 3 (ग) केवल 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (ख) केवल 1 और 3 — जीएसटी परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं, प्रधानमंत्री नहीं; इसलिए कथन 2 असत्य है।
- Q 9: निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु वर्तमान में जीएसटी (GST) के दायरे से बाहर है?
(क) ब्रांडेड पैक्ड खाद्यान्न (ख) स्मार्टफोन (ग) मानव उपभोग के लिए अल्कोहल (शराब) (घ) इलेक्ट्रिक वाहन
- ✔ Answer: (ग) मानव उपभोग के लिए अल्कोहल (शराब) — मानव उपभोग की शराब, कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और बिजली जीएसटी के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
- Q 10: जीएसटी परिषद में केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों के मताधिकार (Voting Weightage) का अनुपात क्रमशः कितना है?
(क) 1/2 और 1/2 (ख) 1/3 और 2/3 (ग) 1/4 और 3/4 (घ) 2/5 और 3/5
- ✔ Answer: (ख) 1/3 और 2/3 — जीएसटी परिषद में केंद्र सरकार के पास 1/3 (33.33%) और सभी राज्यों के पास कुल मिलाकर 2/3 (66.67%) भारित वोट होता है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct questions on direct vs indirect tax examples, GST implementation date (July 1, 2017), 101st Constitutional Amendment, Article 279A, voting structure, and GST tax slabs.
Do not confuse
- ✘ 101वां संशोधन अधिनियम बनाम 122वां संशोधन विधेयक: जीएसटी विधेयक 122वां संविधान संशोधन विधेयक था, जो पारित होकर 101वां संविधान संशोधन अधिनियम बना।
- ✘ जीएसटी परिषद के अध्यक्ष: छात्र अक्सर प्रधानमंत्री का चयन कर लेते हैं, जबकि परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
- ✘ वोट शेयर बनाम निर्णय बहुमत: राज्यों का वोट शेयर 2/3 (66.67%) है, लेकिन निर्णय पास करने के लिए कुल 3/4 (75%) समर्थन चाहिए।
💡 जीएसटी परिषद अनुच्छेद: 279A -> (2+7=9, A = Amendment for GST Council).
Five-Year Plans and NITI Aayog
After independence, India adopted a planned economy model for economic development. The Planning Commission was established on 15 March 1950, which executed 12 Five-Year Plans from 1951 to 2017. The 1st Plan was based on the Harrod-Domar model and the 2nd on the Mahalanobis model. Final approval for plans was given by the National Development Council (NDC). On 1 January 2015, NITI Aayog replaced the Planning Commission, functioning on a 'bottom-up' approach and the principle of 'cooperative federalism'. The Prime Minister serves as its ex-officio Chairperson, guiding vision documents like Viksit Bharat 2047 alongside Net Zero 2070 goals.
Key facts
- The first idea of a planned economy in India was proposed by M. Visvesvaraya in his 1934 book 'Planned Economy for India'.
- In 1944, the 'Bombay Plan' was prepared by eight industrialists including J.R.D. Tata, G.D. Birla, and Ardeshir Dalal.
- The People's Plan was proposed by M.N. Roy in 1945, and the Sarvodaya Plan by Jayaprakash Narayan in 1950.
- The Planning Commission was established on 15 March 1950 as an extra-constitutional body on the recommendation of the K.C. Neogy Committee.
- The National Development Council (NDC) was formed on 6 August 1952 to give final approval to Five-Year Plans.
- The First Five-Year Plan (1951-56) was based on the Harrod-Domar model and prioritized agriculture.
- The Second Five-Year Plan (1956-61) was based on the P.C. Mahalanobis model and stressed heavy industrialization.
- Three annual plans were implemented between 1966 and 1969, known as the 'Plan Holiday'.
- The Fifth Plan (1974-78) emphasized 'Garibi Hatao' and self-reliance, cut short in 1978 to introduce the 'Rolling Plan'.
- The 12th Five-Year Plan (2012-17) was the last plan, aimed at 'Faster, More Inclusive and Sustainable Growth'.
- NITI Aayog (National Institution for Transforming India) was established on 1 January 2015 via a cabinet resolution.
- The Prime Minister of India is the ex-officio Chairperson of NITI Aayog, and all Chief Ministers are members of its Governing Council.
- NITI Aayog functions on a 'bottom-up' approach rather than the traditional 'top-down' approach.
Table
- योजना / संस्था: प्रथम पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1951 - 1956 · मुख्य मॉडल / आधार: हैरॉड-डोमर मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: कृषि, सिंचाई एवं बिजली परियोजनाओं का विकास
- योजना / संस्था: द्वितीय पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1956 - 1961 · मुख्य मॉडल / आधार: पी.सी. महालनोबिस मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: भारी उद्योग और तीव्र औद्योगीकरण
- योजना / संस्था: तृतीय पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1961 - 1966 · मुख्य मॉडल / आधार: सुखमय चक्रवर्ती/जॉन सैंडी · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
- योजना / संस्था: योजना अवकाश (Plan Holiday) · अवधि / वर्ष: 1966 - 1969 · मुख्य मॉडल / आधार: वार्षिक योजनाएँ · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: कृषि व हरित क्रांति को बढ़ावा
- योजना / संस्था: पांचवीं पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 1974 - 1978 · मुख्य मॉडल / आधार: डी.पी. धर मॉडल · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: गरीबी उन्मूलन (गरीबी हटाओ) और आत्मनिर्भरता
- योजना / संस्था: 12वीं पंचवर्षीय योजना · अवधि / वर्ष: 2012 - 2017 · मुख्य मॉडल / आधार: अंतिम योजना · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: तीव्रतर, अधिक समावेशी और सतत विकास
- योजना / संस्था: नीति आयोग (NITI Aayog) · अवधि / वर्ष: 1 जनवरी 2015 से · मुख्य मॉडल / आधार: थिंक टैंक / बॉटम-अप दृष्टिकोण · मुख्य उद्देश्य / बिंदु: सहकारी संघवाद, 15-वर्षीय विजन, विकसित भारत 2047
Practice questions (solved)
- Q 11: प्रथम पंचवर्षीय योजना किस मॉडल पर आधारित थी?
(क) महालनोबिस मॉडल (ख) हैरॉड-डोमर मॉडल (ग) गांधीवादी मॉडल (घ) इन्पुट-आउटपुट मॉडल
- ✔ Answer: (ख) हैरॉड-डोमर मॉडल — प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) हैरॉड-डोमर मॉडल पर आधारित थी, जिसमें कृषि विकास पर मुख्य बल दिया गया था।
- Q 12: निम्नलिखित में से किस पंचवर्षीय योजना के दौरान 'गरीबी हटाओ' का नारा मुख्य लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया था?
(क) तीसरी योजना (ख) चौथी योजना (ग) पांचवीं योजना (घ) सातवीं योजना
- ✔ Answer: (ग) पांचवीं योजना — पांचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-78) में 'गरीबी उन्मूलन' और 'आत्मनिर्भरता' को प्रमुख उद्देश्य बनाया गया था।
- Q 13: नीति आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई थी।
2. यह 'टॉप-डाउन' नियोजन दृष्टिकोण का पालन करता है।
3. भारत के प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 1 और 3 (ग) केवल 2 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (ख) केवल 1 और 3 — नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को स्थापित हुआ और इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं, लेकिन यह 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) दृष्टिकोण पर कार्य करता है।
- Q 14: योजना आयोग के स्थान पर गठित नीति आयोग (NITI Aayog) में NITI का पूर्ण रूप क्या है?
(क) National Institution for Transforming India (ख) National Institute for Technical India (ग) National Initiative for Transforming Infrastructure (घ) National Institution for Trade and Industry
- ✔ Answer: (क) National Institution for Transforming India — NITI का पूरा नाम 'National Institution for Transforming India' (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) है।
- Q 15: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (योजना/प्रस्ताव)
a) सर्वोदय योजना
b) बॉम्बे प्लान
c) जन योजना (People's Plan)
d) प्रथम योजना मॉडल
सूची-II (संबद्ध व्यक्ति/मॉडल)
1) एम.एन. रॉय
2) हैरॉड-डोमर
3) जयप्रकाश नारायण
4) 8 उद्योगपति (1944)
(क) a-3, b-4, c-1, d-2 (ख) a-1, b-2, c-3, d-4 (ग) a-4, b-3, c-2, d-1 (घ) a-2, b-1, c-4, d-3
- ✔ Answer: (क) a-3, b-4, c-1, d-2 — सर्वोदय योजना JP नारायण (1950), बॉम्बे प्लान उद्योगपतियों (1944), जन योजना MN रॉय (1945) और प्रथम योजना हैरॉड-डोमर मॉडल से संबंधित है।
- Q 16: भारत में 'योजना अवकाश' (Plan Holiday) की अवधि क्या थी?
(क) 1962 - 1965 (ख) 1966 - 1969 (ग) 1978 - 1980 (घ) 1990 - 1992
- ✔ Answer: (ख) 1966 - 1969 — तीसरी योजना की विफलता और युद्ध/सूखे के बाद 1966 से 1969 के बीच तीन एक-वर्षीय योजनाएँ चलाई गईं जिन्हें योजना अवकाश कहा गया।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 95] निम्नलिखित में से कौन-सा पूँजीवादी "बाम्बे प्लान" का वास्तुकार नहीं था ?
(क) जे. आर. डी. टाटा (ख) धीरूभाई अंबानी (ग) जी. डी. बिड़ला (घ) श्री राम
- ✔ Official answer: (ख) धीरूभाई अंबानी — 1944 के बॉम्बे प्लान के रचनाकारों में जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला, श्री राम आदि 8 उद्योगपति शामिल थे; धीरूभाई अंबानी इसमें शामिल नहीं थे।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on pre-independence planning initiatives (Bombay Plan, Visvesvaraya, Sarvodaya), models of plans (Harrod-Domar, Mahalanobis), key themes like Garibi Hatao (5th Plan), Plan Holiday, and NITI Aayog's structure and philosophy (cooperative federalism, bottom-up approach).
Do not confuse
- ✘ योजना आयोग का दृष्टिकोण 'टॉप-डाउन' (ऊपर से नीचे) था, जबकि नीति आयोग का दृष्टिकोण 'बॉटम-अप' (नीचे से ऊपर) है।
- ✘ रोलिंग प्लान (1978-80) जनता पार्टी सरकार द्वारा लाया गया था, जबकि 'योजना अवकाश' (1966-69) तीसरी योजना के बाद लागू हुआ था।
- ✘ राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का गठन 1952 में हुआ था, जबकि योजना आयोग 1950 में बना था।
💡 नीति आयोग का मूल मंत्र: 'नीचे से ऊपर (Bottom-Up) सहयोग बढ़ाओ, विकसित भारत 2047 का सपना साकार बनाओ।'
Poverty and Unemployment: Measures and Committees
Poverty estimation in India historically relied on minimum consumption expenditure and nutritional requirements. The Planning Commission's Y.K. Alagh Committee (1979) first defined poverty using calorie norms of 2400 kcal for rural and 2100 kcal for urban areas. Subsequently, the Lakdawala Committee (1993) and Suresh Tendulkar Committee (2009) refined the poverty line basket, shifting towards broader consumption including education and health. Tendulkar methodology estimated 2011-12 all-India poverty at 21.9%, whereas the C. Rangarajan Committee (2014) estimated it at 29.5%. Currently, NITI Aayog releases the National Multidimensional Poverty Index (MPI) based on 12 indicators across health, education, and living standards. Unemployment is measured by the National Statistical Office (NSO) via the Periodic Labour Force Survey (PLFS) using Usual Status and Current Weekly Status approaches.
Key facts
- Y.K. Alagh Task Force (1979) fixed minimum daily per capita calorie intake at 2400 kcal for rural and 2100 kcal for urban areas.
- D.T. Lakdawala Committee (1993) recommended using CPI-AL for rural poverty and CPI-IW for urban poverty estimation.
- Suresh Tendulkar Committee (2009) moved away from calorie intake to Monthly Per Capita Expenditure (MPCE), estimating poverty at 37.2% for 2004-05.
- Under Tendulkar methodology for 2011-12, the poverty line was ₹816/month (₹27.20/day) for rural and ₹1000/month (₹33.33/day) for urban areas, yielding 21.9% poverty.
- C. Rangarajan Committee (2014) set poverty line at ₹972/month (₹32/day) rural and ₹1407/month (₹47/day) urban for 2011-12, estimating poverty at 29.5%.
- NITI Aayog's National Multidimensional Poverty Index (MPI) comprises 3 dimensions (Health, Education, Standard of Living) and 12 indicators.
- According to NITI Aayog's National MPI based on NFHS-5, Bihar had the highest multidimensionally poor population proportion (33.76%) in India.
- Disguised unemployment is a situation where more workers are engaged than required and marginal productivity of labour is zero.
- Cyclical unemployment occurs due to downturns in the business cycle or deficiency in aggregate demand.
- Structural unemployment arises from a mismatch between skills demanded by the market and skills possessed by workers.
- NSO measures labour force and unemployment using Usual Status (365 days reference) and Current Weekly Status (7 days reference).
- Labour Force Participation Rate (LFPR) denotes the percentage of persons in the labour force (working or seeking work) in the total population.
Table
- समिति / आयोग: वाई. के. अलघ कार्यदल · वर्ष: 1979 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी सेवन (ग्रामीण 2400 kcal, शहरी 2100 kcal) · गरीबी रेखा / अनुमान: न्यूनतम पोषण आवश्यकता आधारित उपभोग व्यय
- समिति / आयोग: डी.टी. लकड़ावाला समिति · वर्ष: 1993 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी आधार बरकरार; CPI-AL (ग्रामीण) और CPI-IW (शहरी) · गरीबी रेखा / अनुमान: राज्यवार अलग-अलग मूल्य सूचकांक आधारित रेखा
- समिति / आयोग: सुरेश तेंदुलकर समिति · वर्ष: 2009 · माप का आधार / मानदंड: कैलोरी मानक त्यागा; भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य पर संयुक्त MPCE · गरीबी रेखा / अनुमान: 2011-12: ₹816 (ग्रामीण), ₹1000 (शहरी); गरीबी 21.9%
- समिति / आयोग: सी. रंगराजन समिति · वर्ष: 2014 · माप का आधार / मानदंड: पोषक तत्व (प्रोटीन, वसा) + गैर-खाद्य आवश्यक व्यय · गरीबी रेखा / अनुमान: 2011-12: ₹972 (ग्रामीण), ₹1407 (शहरी); गरीबी 29.5%
- समिति / आयोग: नीति आयोग राष्ट्रीय MPI · वर्ष: 2021 से · माप का आधार / मानदंड: 3 आयाम (स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर) और 12 संकेतक · गरीबी रेखा / अनुमान: NFHS-5 के अनुसार राष्ट्रीय गरीबी 14.96%, बिहार 33.76%
Practice questions (solved)
- Q 17: भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण हेतु किस समिति ने पहली बार कैलोरी मानदंड (ग्रामीण में 2400 और शहरी में 2100 कैलोरी) की सिफारिश की थी?
(क) डी.टी. लकड़ावाला समिति (ख) वाई. के. अलघ कार्यदल (ग) सुरेश तेंदुलकर समिति (घ) सी. रंगराजन समिति
- ✔ Answer: (ख) वाई. के. अलघ कार्यदल — 1979 में वाई. के. अलघ कार्यदल ने न्यूनतम कैलोरी आवश्यकता (ग्रामीण 2400 और शहरी 2100 कैलोरी) के आधार पर गरीबी रेखा का निर्धारण किया था।
- Q 18: तेंदुलकर समिति की पद्धति के अनुसार वर्ष 2011-12 में भारत में गरीबी का कुल प्रतिशत कितना आकलित किया गया था?
(क) 29.5% (ख) 37.2% (ग) 21.9% (घ) 16.5%
- ✔ Answer: (ग) 21.9% — सुरेश तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के आधार पर योजना आयोग ने वर्ष 2011-12 में भारत की गरीबी 21.9% आंकी थी।
- Q 19: कृषि क्षेत्र में सामान्यतः किस प्रकार की बेरोजगारी सर्वाधिक पाई जाती है, जहाँ श्रमिकों की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है?
(क) घर्षणात्मक बेरोजगारी (ख) प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी (ग) संरचनात्मक बेरोजगारी (घ) ऐच्छिक बेरोजगारी
- ✔ Answer: (ख) प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी — प्रच्छन्न बेरोजगारी में आवश्यकता से अधिक लोग कार्य में लगे होते हैं और अतिरिक्त श्रमिक की सीमांत उत्पादकता शून्य होती है।
- Q 20: नीति आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के संबंध में कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर 3 आयाम शामिल हैं।
2. यह सूचकांक अलकिरे-फॉस्टर पद्धति पर आधारित है।
3. इसके अंतर्गत कुल 12 संकेतक शामिल किए गए हैं।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनें:
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3 सभी
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 सभी — नीति आयोग का राष्ट्रीय MPI 3 आयामों, 12 संकेतकों तथा ऑक्सफोर्ड की अलकिरे-फॉस्टर (AF) पद्धति पर आधारित है।
- Q 21: रंगराजन समिति (2014) ने 2011-12 के लिए शहरी क्षेत्रों हेतु प्रति व्यक्ति प्रतिदिन उपभोग व्यय की गरीबी रेखा कितनी निर्धारित की थी?
(क) ₹27.20 (ख) ₹32.00 (ग) ₹33.33 (घ) ₹47.00
- ✔ Answer: (घ) ₹47.00 — रंगराजन समिति ने शहरी क्षेत्रों के लिए ₹47 प्रतिदिन (₹1407/माह) और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹32 प्रतिदिन (₹972/माह) तय किया था।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 45] NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार, निम्नलिखित में से किस राज्य ने 2019-20 में 6% से कम आबादी को बहुआयामी रूप से गरीब के रूप में दर्ज किया?
(क) जम्मू और कश्मीर (ख) हिमाचल प्रदेश (ग) उत्तर प्रदेश (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (ख) हिमाचल प्रदेश — NFHS-5 आधारित बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में हिमाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में 6% से भी कम आबादी बहुआयामी रूप से गरीब दर्ज की गई थी।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 47] वार्षिक पीएलएफएस 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार :
(क) वर्ष 2021-22 के बाद से शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं के श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में अधिक वृद्धि हुई है। (ख) 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 90 फीसदी राज्यों में कार्यबल भागीदारी दर (WPR) (सभी उम्र के लिए) राष्ट्रीय औसत 43.7 फीसदी से नीचे है। (ग) कृषि में महिला श्रमिकों की हिस्सेदारी 2017-18 से 2023-24 तक काफी कम हो गई है। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (क) वर्ष 2021-22 के बाद से शहरी महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं के श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में अधिक वृद्धि हुई है। — आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) 2023-24 के अनुसार 2021-22 के उपरांत शहरी महिलाओं की अपेक्षा ग्रामीण महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई।
How it is asked
BPSC frequently tests poverty estimation committees (Alagh, Lakdawala, Tendulkar, Rangarajan) along with their cutoff figures, calorie norms, and NITI Aayog's Multidimensional Poverty Index (MPI) indicators and Bihar's rank. Concepts of disguised and structural unemployment and PLFS labour force participation trends are regularly asked.
Do not confuse
- ✘ तेंदुलकर समिति (2011-12) की गरीबी रेखा ग्रामीण ₹27.20 (₹816/माह) व शहरी ₹33.33 (₹1000/माह) थी, जबकि रंगराजन समिति (2014) ने इसे बढ़ाकर ग्रामीण ₹32 (₹972/माह) व शहरी ₹47 (₹1407/माह) किया। छात्र इन दोनों के प्रति दिन/माह आंकड़ों में उलझ जाते हैं।
- ✘ प्रच्छन्न बेरोजगारी (श्रमिक आवश्यकता से अधिक, शून्य सीमांत उत्पादकता) और मौसमी बेरोजगारी (फसल कटाई के बाद काम न मिलना) दोनों कृषि में दिखती हैं, पर दोनों की संकल्पना भिन्न है।
- ✘ अलघ और लकड़ावाला समितियों ने गरीबी रेखा के लिए कैलोरी खपत (2400/2100) का उपयोग किया, जबकि तेंदुलकर समिति ने कैलोरी मानदंड को पूरी तरह त्यागकर उपभोग व्यय को आधार बनाया।
💡 समितियों का कालक्रम याद रखें: 'A-L-T-R' = Alagh (1979) → Lakdawala (1993) → Tendulkar (2009) → Rangarajan (2014)
Major Central Schemes and Launch Years
The Government of India has launched various major central schemes for social and economic welfare. MGNREGA ensures livelihood security in rural areas by guaranteeing 100 days of wage employment per household annually. For financial inclusion, PM Jan Dhan Yojana was launched in 2014, while PM Ujjwala Yojana (2016) provides clean cooking gas to BPL households. In the health sector, Ayushman Bharat (2018) offers health insurance coverage of Rs 5 lakh per family per year. PM-KISAN (2019) provides direct income support of Rs 6,000 annually to eligible farmer families.
Key facts
- NREGA Act was passed in September 2005 and implemented on 2 February 2006 from Anantapur, Andhra Pradesh.
- NREGA was renamed as MGNREGA on 2 October 2009.
- PM Jan Dhan Yojana (PMJDY) was launched on 28 August 2014 for financial inclusion.
- PM Ujjwala Yojana was launched on 1 May 2016 from Ballia district of Uttar Pradesh.
- Ujjwala 2.0 was launched on 10 August 2021 from Mahoba district, Uttar Pradesh.
- Ayushman Bharat PM-JAY was launched on 23 September 2018 from Ranchi, Jharkhand.
- Ayushman Bharat provides free treatment cover of up to Rs 5 lakh per family per year.
- PM-KISAN was officially launched on 24 February 2019 from Gorakhpur, UP.
- Under PM-KISAN, Rs 6,000 per year is provided in 3 equal installments of Rs 2,000.
- PM Mudra Yojana was launched on 8 April 2015 to provide loans to small entrepreneurs.
- Mudra scheme has three categories: Shishu (up to Rs 50,000), Kishore (Rs 50k to 5L), and Tarun (Rs 5L to 10L).
- PM SVANidhi scheme was launched on 1 June 2020 to provide loans to street vendors.
Table
- योजना का नाम: मनरेगा (MGNREGA) · शुरुआत तिथि/वर्ष: 2 फरवरी 2006 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: अनंतपुर (AP) / ग्रामीण विकास मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 100 दिन का अकुशल रोज़गार
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री जन धन योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 28 अगस्त 2014 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: वित्त मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: वित्तीय समावेशन एवं शून्य शेष बैंक खाता
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 1 मई 2016 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: बलिया (UP) / पेट्रोलियम मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: BPL परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन
- योजना का नाम: आयुष्मान भारत (PM-JAY) · शुरुआत तिथि/वर्ष: 23 सितंबर 2018 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: राँची (झारखंड) / स्वास्थ्य मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: प्रति परिवार 5 लाख रुपये/वर्ष का स्वास्थ्य बीमा
- योजना का नाम: PM-KISAN · शुरुआत तिथि/वर्ष: 24 फरवरी 2019 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: गोरखपुर (UP) / कृषि मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: किसानों को 6,000 रुपये/वर्ष आय सहायता (3 किस्तों में)
- योजना का नाम: PM मुद्रा योजना · शुरुआत तिथि/वर्ष: 8 अप्रैल 2015 · प्रारंभ स्थान/मंत्रालय: वित्त मंत्रालय · मुख्य उद्देश्य: छोटे उद्यमों को 10 लाख तक ऋण (शिशु, किशोर, तरुण)
Practice questions (solved)
- Q 22: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के किस जिले से हुई थी?
(क) गोरखपुर (ख) बलिया (ग) महोबा (घ) वाराणसी
- ✔ Answer: (ख) बलिया — प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को यूपी के बलिया जिले से हुई थी।
- Q 23: मनरेगा (MGNREGA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नरेगा अधिनियम सितंबर 2005 में पारित हुआ था।
2. 2 अक्टूबर 2009 को इसका नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — नरेगा एक्ट 2005 में पारित हुआ और 2009 में इसका नाम बदलकर मनरेगा किया गया।
- Q 24: आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष कितनी स्वास्थ्य बीमा राशि प्रदान की जाती है?
(क) 2 लाख रुपये (ख) 3 लाख रुपये (ग) 5 लाख रुपये (घ) 10 लाख रुपये
- ✔ Answer: (ग) 5 लाख रुपये — आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है।
- Q 25: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को वार्षिक कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है?
(क) 4,000 रुपये (ख) 6,000 रुपये (ग) 8,000 रुपये (घ) 12,000 रुपये
- ✔ Answer: (ख) 6,000 रुपये — PM-KISAN योजना के तहत किसानों को 2,000 रुपये की 3 किस्तों में कुल 6,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं।
- Q 26: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (योजना) - सूची-II (शुरुआत वर्ष)
a) PM जन धन योजना - 1) 2018
b) PM उज्ज्वला योजना - 2) 2014
c) आयुष्मान भारत - 3) 2019
d) PM-KISAN - 4) 2016
(क) a-2, b-4, c-1, d-3 (ख) a-1, b-3, c-2, d-4 (ग) a-4, b-2, c-3, d-1 (घ) a-2, b-1, c-4, d-3
- ✔ Answer: (क) a-2, b-4, c-1, d-3 — जन धन 2014, उज्ज्वला 2016, आयुष्मान भारत 2018 और PM-KISAN 2019 में शुरू हुई थी।
- Q 27: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत शिशु श्रेणी के तहत अधिकतम कितनी ऋण राशि दी जा सकती है?
(क) 25,000 रुपये (ख) 50,000 रुपये (ग) 1 लाख रुपये (घ) 5 लाख रुपये
- ✔ Answer: (ख) 50,000 रुपये — मुद्रा योजना में शिशु श्रेणी के तहत अधिकतम 50,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 46] सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए।
सूची-I
सूची-II
a) प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (पीएटी) योजना — 1) 2023-24 के केंद्रीय बजट में पेश किया गया
b) तटरेखा आवास और मूर्त आय के लिए मैंग्रोव पहल (MISHTI) — 2) ऊर्जा-गहन उद्योगों में उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य
c) पर्यावरण के लिए जीवन शैली (LiFE) पहल — 3) राष्ट्रीय स्तर की रणनीति के रूप में 2019 में लॉन्च किया गया
d) राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) — 4) नवंबर 2021 में ग्लासगो में COP26 में लॉन्च किया गया
(क) a-1, b-3, c-2, d-4 (ख) a-3, b-4, c-1, d-2 (ग) a-2, b-1, c-4, d-3 (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (ग) a-2, b-1, c-4, d-3 — PAT योजना ऊर्जा उद्योगों में उत्सर्जन कमी हेतु, MISHTI मैंग्रोव हेतु 2023-24 बजट में, LiFE 2021 COP26 में और NCAP 2019 में लॉन्च हुई थी।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 67] सरकार द्वारा घोषित आत्म निर्भर भारत योजना सहयोग करती है :
1) भारत की निर्माण क्षमता वृद्धि तथा उद्योगों से निर्यात में
2) घरेलू उत्पादन में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने में
इनमें से :
(क) 1 सही है (ख) 2 सही है (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है
- ✔ Official answer: (ग) 1 और 2 दोनों सही हैं — आत्मनिर्भर भारत योजना का उद्देश्य घरेलू निर्माण क्षमता, निर्यात और विदेशी निवेश को बढ़ाना है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct questions on launch years, launch places (e.g. Ujjwala-Ballia, Ayushman-Ranchi), key benefits, and nodal ministries of central schemes.
Do not confuse
- ✘ मनरेगा अधिनियम 2005 में पारित हुआ था, परंतु योजना 2 फरवरी 2006 से लागू हुई और इसका नाम 2 अक्टूबर 2009 को बदला गया।
- ✘ उज्ज्वला योजना (LPG गैस कनेक्शन) 2016 में बलिया से शुरू हुई, जबकि उजाला योजना (LED बल्ब वितरण) 2015 में शुरू हुई थी।
- ✘ PM-KISAN योजना में 6,000 रुपये प्रतिवर्ष 3 किस्तों (2000-2000-2000) में दिए जाते हैं, न कि एकमुश्त।
💡 JUMKA: जन-धन (2014), उज्ज्वला (2016), मुद्रा (2015), किसान-सम्मान (2019), आयुष्मान (2018) - वर्षों का क्रम याद रखें।
Quick revision
- Fiscal Deficit = Total Expenditure - Total Receipts (excluding borrowings); Primary Deficit = Fiscal Deficit - Interest Payments.
- Revenue Deficit occurs when revenue expenditure exceeds revenue receipts.
- GST was introduced via the 101st Constitutional Amendment Act with major tax slabs of 5%, 12%, 18%, and 28%.
- GST Council is constituted under Article 279A and is chaired by the Union Finance Minister.
- NITI Aayog was established on January 1, 2015, replacing the Planning Commission, with the Prime Minister as ex-officio Chairperson.
- The First Five-Year Plan was based on Harrod-Domar model, while the Second was based on the Mahalanobis model.
- Key committees for poverty estimation in India: Alagh (1979), Lakdawala (1993), Tendulkar (2009), and Rangarajan (2014).
- MGNREGA Act was passed in 2005 and launched on February 2, 2006, guaranteeing 100 days of wage employment to rural households.
- Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana (PMJDY) was launched on August 28, 2014, for comprehensive financial inclusion.
- Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) was launched on May 1, 2016, to provide LPG connections to BPL households.
- Ayushman Bharat (PM-JAY) was launched in September 2018, providing a health coverage of Rs 5 lakh per family per year.
- Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) was launched on February 24, 2019, providing income support of Rs 6000 per year.