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BPSC CCEसामान्य विज्ञानभौतिकी 2: ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि
Physics 2: Heat, Light, and Sound
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान खंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे प्रतिवर्ष 3-5 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें दैनिक जीवन में होने वाली भौतिक घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों को समझाया गया है जो मुख्य परीक्षा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड में भी सहायक हैं।
ऊष्मा, ताप पैमाना एवं ऊष्मा का संचरण
ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है जो तापांतर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में प्रवाहित होती है, जबकि ताप किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडक की माप है। ताप मापने के लिए मुख्यतः सेल्सियस, फ़ारेनहाइट और केल्विन पैमाने का प्रयोग किया जाता है। -40° पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट पैमाने का मान बिल्कुल समान होता है। ऊष्मा का स्थानांतरण तीन मुख्य विधियों द्वारा होता है: चालन, संवहन और विकिरण। चालन में माध्यम के कण अपने स्थान से हटे बिना ऊष्मा स्थानांतरित करते हैं (जैसे ठोस पदार्थों में), जबकि संवहन में कण स्वयं गति करते हैं (जैसे द्रव और गैसों में)। विकिरण को संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है और सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक इसी माध्यम से पहुँचती है।
मुख्य तथ्य
- तापमान का SI मात्रक केल्विन (K) है तथा ऊष्मा का SI मात्रक जूल (J) है।
- सेल्सियस और फ़ारेनहाइट पैमाने का मान -40° (-40°C = -40°F) पर समान होता है।
- परम शून्य ताप (Absolute Zero) -273.15°C या 0 K होता है, जिससे नीचे कोई ताप संभव नहीं है।
- मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C या 98.6°F या 310 K होता है।
- जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है।
- ठोसों में ऊष्मा का संचरण मुख्यतः चालन (Conduction) विधि द्वारा होता है।
- द्रवों तथा गैसों में ऊष्मा का संचरण संवहन (Convection) विधि से होता है।
- विकिरण (Radiation) ऊष्मा संचरण की एकमात्र ऐसी विधि है जिसके लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
- समुद्री और स्थलीय समीर (Sea and Land Breeze) का बनना संवहन धारा का उदाहरण है।
- 1 कैलोरी = 4.184 जूल (लगभग 4.2 जूल) होता है।
- थर्मस फ्लैस्क में चालन, संवहन और विकिरण तीनों प्रकार के ऊष्मा क्षय को रोका जाता है।
तालिका
- विषय / पैमाना: सेल्सियस (°C) · मुख्य विशेषता / मान: जल का हिमांक 0°C, क्वथनांक 100°C · उदाहरण / संबंध: C = (F - 32) × 5/9
- विषय / पैमाना: फ़ारेनहाइट (°F) · मुख्य विशेषता / मान: जल का हिमांक 32°F, क्वथनांक 212°F · उदाहरण / संबंध: F = (C × 9/5) + 32
- विषय / पैमाना: केल्विन (K) · मुख्य विशेषता / मान: SI मात्रक, इसमें ऋणात्मक मान नहीं होता · उदाहरण / संबंध: K = C + 273.15
- विषय / पैमाना: चालन (Conduction) · मुख्य विशेषता / मान: कणों की बिना गति के ऊष्मा संचरण · उदाहरण / संबंध: ठोस वस्तुएँ, धातु का बर्तन गर्म होना
- विषय / पैमाना: संवहन (Convection) · मुख्य विशेषता / मान: कणों के स्वयं स्थानांतरण से संचरण · उदाहरण / संबंध: द्रव व गैस, वायुमंडल का गर्म होना, समुद्री समीर
- विषय / पैमाना: विकिरण (Radiation) · मुख्य विशेषता / मान: बिना किसी माध्यम के तरंगों रूप में संचरण · उदाहरण / संबंध: सूर्य की ऊष्मा, रेगिस्तान का रात में ठंडा होना
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: किस तापमान पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट पैमाने का मान समान होता है?
(क) 0° (ख) 40° (ग) -40° (घ) 100°
- ✔ उत्तर: (ग) -40° — -40°C और -40°F पर दोनों पैमाने एक ही मान प्रदर्शित करते हैं।
- प्रश्न 2: ऊष्मा स्थानांतरण की वह कौन-सी विधि है जिसके लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है?
(क) चालन (ख) संवहन (ग) विकिरण (घ) वाष्पन
- ✔ उत्तर: (ग) विकिरण — विकिरण के माध्यम से ऊष्मा निर्वात में भी गति कर सकती है।
- प्रश्न 3: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है।
2. केल्विन पैमाने पर परम शून्य ताप 0 K होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — जल का घनत्व 4°C पर सर्वाधिक होता है तथा 0 K न्यूनतम संभव ताप (परम शून्य) है।
- प्रश्न 4: स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप केल्विन पैमाने पर कितना होता है?
(क) 273 K (ख) 310 K (ग) 370 K (घ) 100 K
- ✔ उत्तर: (ख) 310 K — 37°C + 273.15 = लगभग 310 K।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 12] उष्मा स्थानांतरण जिसके लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, कहलाता है
(क) प्रतिबिंब (ख) विकिरण (ग) संवहन (घ) संचालन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) विकिरण — विकिरण (Radiation) ऊष्मा संचरण की एकमात्र ऐसी विधि है जिसके लिए किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता नहीं होती।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से बार-बार सीधे और तथ्यात्मक प्रश्न पूछता है। सबसे लोकप्रिय प्रश्न ऊष्मा स्थानांतरण की विधियों (विशेष रूप से बिना माध्यम वाले विकिरण) और विभिन्न ताप पैमानों के बीच परिवर्तन/समानता (-40° पर C=F) से पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ +40° और -40° में भ्रम: सेल्सियस और फ़ारेनहाइट केवल -40° पर बराबर होते हैं, धनात्मक 40° पर नहीं।
- ✘ संवहन और चालन में अंतर: चालन में माध्यम के कण स्थानांतरित नहीं होते (ठोस), जबकि संवहन में कण स्वयं गति करते हैं (द्रव व गैस)।
- ✘ केल्विन पैमाने में डिग्री का प्रयोग: केल्विन मान के साथ 'डिग्री (°)' नहीं लिखा जाता, केवल 'K' लिखा जाता है।
💡 -40 पर C और F गले मिलते हैं (-40°C = -40°F) तथा 'वि'किरण = 'बि'ना माध्यम के ऊष्मा।
प्रकाश का परावर्तन और दर्पण
जब प्रकाश की किरणें किसी चमकदार सतह जैसे दर्पण से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटती हैं, तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं। परावर्तन के दो मुख्य नियम हैं: आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है, और आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा अभिलंब एक ही तल में होते हैं। समतल दर्पण हमेशा वस्तु के बराबर, सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है, जिसमें पार्श्व परिवर्तन (बायां हिस्सा दायां दिखना) होता है। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं: अवतल (Concave) और उत्तल (Convex)। अवतल दर्पण प्रकाश को एक बिंदु पर सिकोड़ता है, जबकि उत्तल दर्पण प्रकाश को फैलाता है। इनका उपयोग दैनिक जीवन में टॉर्च, वाहनों के शीशों और दंत चिकित्सा में व्यापक रूप से किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- परावर्तन के नियम के अनुसार आपतन कोण (i) सदैव परावर्तन कोण (r) के बराबर होता है।
- समतल दर्पण की फोकस दूरी अनंत (Infinity) होती है।
- समतल दर्पण की शक्ति (Power) शून्य होती है।
- अवतल दर्पण को 'अभिसारी दर्पण' (Converging Mirror) भी कहा जाता है क्योंकि यह किरणों को एक बिंदु पर मिलाता है।
- उत्तल दर्पण को 'अपसारी दर्पण' (Diverging Mirror) कहा जाता है क्योंकि यह किरणों को फैला देता है।
- वाहनों के साइड मिरर (Rear-view mirror) के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह बड़ा दृष्टि क्षेत्र प्रदान करता है।
- दंत चिकित्सक (Dentists) दांतों का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए अवतल दर्पण का उपयोग करते हैं।
- दाढ़ी बनाने वाले दर्पण (Shaving mirror) के रूप में अवतल दर्पण का उपयोग किया जाता है।
- सर्चलाइट और कारों की हेडलाइट में परावर्तक के रूप में अवतल दर्पण का उपयोग होता है।
- समतल दर्पण में बना प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार के बराबर होता है।
- दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u है, जहाँ f फोकस दूरी, v प्रतिबिंब की दूरी और u वस्तु की दूरी है।
- उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है।
तालिका
- दर्पण का प्रकार: समतल दर्पण · प्रकृति: आभासी, सीधा, बराबर · मुख्य उपयोग: घरेलू उपयोग, पेरिस्कोप
- दर्पण का प्रकार: अवतल दर्पण · प्रकृति: अभिसारी (Converging) · मुख्य उपयोग: हेडलाइट, शेविंग मिरर, डेंटिस्ट
- दर्पण का प्रकार: उत्तल दर्पण · प्रकृति: अपसारी (Diverging) · मुख्य उपयोग: साइड मिरर, स्ट्रीट लाइट
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 5: वाहनों में पीछे के दृश्य को देखने के लिए किस दर्पण का प्रयोग किया जाता है?
(क) अवतल दर्पण (ख) उत्तल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) बेलनाकार दर्पण
- ✔ उत्तर: (ख) उत्तल दर्पण — उत्तल दर्पण वस्तुओं का छोटा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालक को पीछे का एक बड़ा क्षेत्र दिखाई देता है।
- प्रश्न 6: समतल दर्पण की फोकस दूरी कितनी होती है?
(क) शून्य (ख) 100 सेमी (ग) अनंत (घ) 25 सेमी
- ✔ उत्तर: (ग) अनंत — समतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या अनंत होती है, इसलिए इसकी फोकस दूरी भी अनंत होती है।
- प्रश्न 7: दाढ़ी बनाने के लिए किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ उत्तर: (ख) अवतल दर्पण — अवतल दर्पण चेहरे को फोकस के अंदर रखने पर उसका सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।
- प्रश्न 8: यदि आपतन कोण 45 डिग्री है, तो परावर्तन कोण का मान क्या होगा?
(क) 90 डिग्री (ख) 0 डिग्री (ग) 45 डिग्री (घ) 180 डिग्री
- ✔ उत्तर: (ग) 45 डिग्री — परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।
- प्रश्न 9: दंत चिकित्सकों द्वारा किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) उभयोत्तल दर्पण
- ✔ उत्तर: (ख) अवतल दर्पण — अवतल दर्पण दांतों का बड़ा और स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाने में मदद करता है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 127] समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है :
(क) +1 सेमी (ख) -1 सेमी (ग) 2 सेमी (घ) अनन्त
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) अनन्त — समतल दर्पण की सतह पूरी तरह सपाट होती है, जिससे इसकी वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी दोनों अनंत मानी जाती हैं।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में दर्पणों के उपयोग (विशेषकर उत्तल और अवतल दर्पण) और समतल दर्पण की विशेषताओं पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर अवतल दर्पण (Concave Mirror) और उत्तल लेंस (Convex Lens) के बीच भ्रमित होते हैं; याद रखें कि दोनों ही 'अभिसारी' (Converging) प्रकृति के होते हैं।
- ✘ समतल दर्पण में प्रतिबिंब 'पार्श्व उल्टा' (Lateral Inversion) होता है, इसे वास्तविक उल्टा प्रतिबिंब समझने की गलती न करें।
💡 अवतल (Concave) में 'Cave' शब्द है, गुफा की तरह अंदर धंसा हुआ दर्पण जो चीजों को बड़ा करके दिखाता है।
अपवर्तन, लेंस, पूर्ण आंतरिक परावर्तन और दृष्टि दोष
जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में प्रवेश करता है, तो उसकी गति बदलने के कारण वह अपने पथ से विचलित हो जाता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं। लेंस इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं; उत्तल लेंस प्रकाश को सिकोड़ता है जबकि अवतल लेंस उसे फैलाता है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाते समय एक निश्चित कोण (क्रांतिक कोण) से अधिक पर टकराता है। इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन का संयुक्त परिणाम है। मानव आँख में निकट दृष्टि दोष और दूर दृष्टि दोष जैसी समस्याएँ होती हैं जिन्हें उचित लेंसों द्वारा ठीक किया जाता है। यह विषय प्रकाशिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- प्रकाश की चाल निर्वात में सर्वाधिक (3 x 10^8 m/s) होती है।
- हीरे का अपवर्तनांक 2.42 होता है, जो इसकी अत्यधिक चमक का कारण है।
- लेंस की क्षमता का मात्रक डायोप्टर (D) होता है और P = 1/f (मीटर में) होता है।
- ऑप्टिकल फाइबर (प्रकाशिक तंतु) पूर्ण आंतरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
- निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
- दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) के निवारण के लिए उत्तल लेंस का प्रयोग होता है।
- जरा दृष्टि दोष (Presbyopia) के लिए द्विफोकसी (Bifocal) लेंस का उपयोग किया जाता है।
- अबिंदुकता (Astigmatism) को बेलनाकार (Cylindrical) लेंस से ठीक किया जाता है।
- इंद्रधनुष हमेशा सूर्य की विपरीत दिशा में दिखाई देता है।
- प्राथमिक इंद्रधनुष में लाल रंग बाहर की ओर और बैंगनी रंग अंदर की ओर होता है।
- स्नेल का नियम (Snell's Law): sin i / sin r = स्थिरांक (अपवर्तनांक)।
- पानी के अंदर हवा का बुलबुला अवतल लेंस की भांति व्यवहार करता है।
तालिका
- दृष्टि दोष: निकट दृष्टि दोष (Myopia) · लक्षण: दूर की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती · निवारण हेतु लेंस: अवतल लेंस (Concave)
- दृष्टि दोष: दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) · लक्षण: निकट की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती · निवारण हेतु लेंस: उत्तल लेंस (Convex)
- दृष्टि दोष: जरा दृष्टि दोष (Presbyopia) · लक्षण: वृद्धावस्था में दोनों समस्याएँ · निवारण हेतु लेंस: द्विफोकसी लेंस (Bifocal)
- दृष्टि दोष: अबिंदुकता (Astigmatism) · लक्षण: धुंधली दृष्टि (क्षैतिज/ऊर्ध्वाधर) · निवारण हेतु लेंस: बेलनाकार लेंस (Cylindrical)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 10: निकट दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति के चश्मे में कौन सा लेंस प्रयोग किया जाता है?
(क) उत्तल लेंस (ख) अवतल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) समतल लेंस
- ✔ उत्तर: (ख) अवतल लेंस — निकट दृष्टि दोष (Myopia) में दूर की वस्तुएं साफ नहीं दिखतीं, जिसे अवतल लेंस द्वारा प्रकाश को अपसारित करके ठीक किया जाता है।
- प्रश्न 11: प्रकाशिक तंतु (Optical Fiber) किस सिद्धांत पर आधारित है?
(क) अपवर्तन (ख) व्यतिकरण (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) प्रकीर्णन
- ✔ उत्तर: (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन — ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश संकेतों को बिना ऊर्जा हानि के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के माध्यम से लंबी दूरी तक भेजा जाता है।
- प्रश्न 12: लेंस की क्षमता का SI मात्रक क्या है?
(क) मीटर (ख) वाट (ग) डायोप्टर (घ) ल्यूमेन
- ✔ उत्तर: (ग) डायोप्टर — लेंस की शक्ति या क्षमता को डायोप्टर (D) में मापा जाता है, जो फोकस दूरी का व्युत्क्रम होता है।
- प्रश्न 13: इंद्रधनुष बनने का मुख्य कारण क्या है?
(क) केवल परावर्तन (ख) केवल अपवर्तन (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) केवल प्रकीर्णन
- ✔ उत्तर: (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन — इंद्रधनुष जल की बूंदों द्वारा प्रकाश के अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण और आंतरिक परावर्तन की एक जटिल प्रक्रिया है।
- प्रश्न 14: अबिंदुकता (Astigmatism) के उपचार के लिए किस प्रकार के लेंस का सुझाव दिया जाता है?
(क) अवतल लेंस (ख) उत्तल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) द्विफोकसी लेंस
- ✔ उत्तर: (ग) बेलनाकार लेंस — अबिंदुकता में कॉर्निया की वक्रता असमान होती है, जिसे बेलनाकार (Cylindrical) लेंस से ठीक किया जाता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में इस उप-विषय से अक्सर दृष्टि दोषों के निवारण के लिए प्रयुक्त लेंसों और पूर्ण आंतरिक परावर्तन के उदाहरणों (जैसे हीरा, ऑप्टिकल फाइबर) पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर निकट दृष्टि दोष (Myopia) के लिए उत्तल और अवतल लेंस के बीच भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ पानी में हवा का बुलबुला दिखता उत्तल है लेकिन व्यवहार अवतल लेंस जैसा करता है।
💡 निकट (3 अक्षर) -> अवतल (4 अक्षर); दूर (2 अक्षर) -> उत्तल (3 अक्षर) [छोटे शब्द के लिए छोटा लेंस, बड़े के लिए बड़ा]
ध्वनि: चाल, प्रतिध्वनि, पराश्रव्य और डेसिबल
ध्वनि एक अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, इसलिए यह निर्वात में यात्रा नहीं कर सकती। ध्वनि की चाल माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, यही कारण है कि यह ठोसों में सबसे तेज और गैसों में सबसे धीमी होती है। जब ध्वनि किसी परावर्तक सतह से टकराकर वापस आती है, तो उसे प्रतिध्वनि (Echo) कहते हैं, जिसके लिए कम से कम 17.2 मीटर की दूरी आवश्यक है। मानव कान 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की आवृत्ति सुन सकता है; इससे अधिक आवृत्ति को पराश्रव्य (Ultrasound) कहा जाता है। ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है, जो यह बताता है कि ध्वनि कितनी तेज या धीमी है।
मुख्य तथ्य
- ध्वनि की चाल निर्वात (Vacuum) में शून्य होती है क्योंकि इसे माध्यम चाहिए।
- 0°C पर शुष्क वायु में ध्वनि की चाल लगभग 332 मीटर/सेकंड होती है।
- तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल बढ़ती है (1°C बढ़ने पर 0.61 m/s की वृद्धि)।
- ध्वनि की चाल: ठोस > द्रव > गैस (स्टील में वायु की तुलना में लगभग 15 गुना तेज)।
- स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी 17.2 मीटर होनी चाहिए।
- मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव (Persistence of hearing) 1/10 सेकंड तक रहता है।
- पराश्रव्य तरंगों (Ultrasound) की आवृत्ति 20,000 हर्ट्ज (20 kHz) से अधिक होती है।
- SONAR तकनीक में समुद्र की गहराई मापने के लिए पराश्रव्य तरंगों का उपयोग होता है।
- ध्वनि की तीव्रता मापने की इकाई डेसिबल (dB) है।
- 80 डेसिबल से अधिक की ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (शोर) मानी जाती है।
- आर्द्र वायु (Humid air) में ध्वनि की चाल शुष्क वायु की तुलना में अधिक होती है।
- मैक संख्या (Mach Number) का उपयोग अति तीव्र विमानों की गति दर्शाने के लिए किया जाता है।
तालिका
- माध्यम: एल्युमीनियम/स्टील · अवस्था: ठोस · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 5000 - 6400
- माध्यम: समुद्री जल · अवस्था: द्रव · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 1531
- माध्यम: शुद्ध जल · अवस्था: द्रव · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 1498
- माध्यम: वायु (20°C) · अवस्था: गैस · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 343
- माध्यम: निर्वात · अवस्था: कोई नहीं · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 0
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 15: ध्वनि की चाल सबसे अधिक किसमें होगी?
(क) निर्वात (ख) वायु (ग) जल (घ) लोहा
- ✔ उत्तर: (घ) लोहा — ध्वनि ठोस माध्यमों (जैसे लोहा) में सबसे तीव्र गति से चलती है।
- प्रश्न 16: एक स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए श्रोता और परावर्तक के बीच न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?
(क) 10 मीटर (ख) 17.2 मीटर (ग) 25 मीटर (घ) 34.4 मीटर
- ✔ उत्तर: (ख) 17.2 मीटर — हवा में ध्वनि की चाल और सुनने की निरंतरता के आधार पर यह दूरी 17.2 मीटर निर्धारित है।
- प्रश्न 17: पराश्रव्य तरंगों (Ultrasound) के बारे में कौन सा कथन सत्य है?
(क) इनकी आवृत्ति 20 हर्ट्ज से कम होती है (ख) इन्हें मनुष्य सुन सकते हैं (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है (घ) इनकी चाल प्रकाश की चाल के बराबर होती है
- ✔ उत्तर: (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है — पराश्रव्य तरंगों का उपयोग समुद्र की गहराई और वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार में होता है।
- प्रश्न 18: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानव के लिए सबसे सुरक्षित ध्वनि स्तर क्या है?
(क) 45 dB (ख) 75 dB (ग) 90 dB (घ) 120 dB
- ✔ उत्तर: (क) 45 dB — WHO के अनुसार 45 डेसिबल तक का स्तर मानव कान के लिए सबसे अनुकूल और सुरक्षित है।
- प्रश्न 19: यदि वायु का तापमान बढ़ता है, तो ध्वनि की चाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(क) घटेगी (ख) बढ़ेगी (ग) स्थिर रहेगी (घ) पहले बढ़ेगी फिर घटेगी
- ✔ उत्तर: (ख) बढ़ेगी — तापमान बढ़ने पर माध्यम के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिससे ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 124] किस माध्यम में ध्वनी की चाल अधिकतम होती है?
(क) स्टील (ख) जल (ग) वायु (घ) हाइड्रोजन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) स्टील — स्टील एक ठोस है और ध्वनि की चाल ठोस माध्यमों में अधिकतम होती है, इसलिए स्टील सही उत्तर है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में अक्सर ध्वनि की चाल के माध्यमों (ठोस, द्रव, गैस) की तुलना, प्रतिध्वनि के लिए आवश्यक दूरी और पराश्रव्य तरंगों के अनुप्रयोगों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर प्रकाश और ध्वनि की चाल में भ्रमित होते हैं; प्रकाश निर्वात में सबसे तेज चलता है जबकि ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती।
- ✘ प्रतिध्वनि के लिए 17.2 मीटर की दूरी को अक्सर कुल यात्रा दूरी (34.4 मीटर) के साथ मिला दिया जाता है।
💡 ध्वनि की चाल का क्रम याद रखें: 'ठोस-द्रव-गैस' (S-L-G) - जैसे ट्रेन की पटरी पर आवाज हवा से पहले आती है।
दैनिक जीवन की प्रकाशिक घटनाएँ
हमारे चारों ओर दिखने वाली कई प्राकृतिक घटनाएँ प्रकाश के प्रकीर्णन, अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर आधारित होती हैं। आकाश का नीला रंग और सूर्योदय के समय सूर्य की लालिमा प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण होती है, जहाँ छोटे कण नीले प्रकाश को अधिक फैलाते हैं। रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का बनना पूर्ण आंतरिक परावर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हवा की विभिन्न परतों के तापमान में अंतर के कारण होता है। तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है क्योंकि प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने के लिए हवा की बदलती घनत्व वाली परतों से गुजरना पड़ता है। अंतरिक्ष में वायुमंडल न होने के कारण वहाँ से आकाश काला दिखाई देता है। ये घटनाएँ न केवल देखने में सुंदर हैं, बल्कि भौतिकी के मूलभूत सिद्धांतों को भी स्पष्ट करती हैं।
मुख्य तथ्य
- आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण होता है।
- रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का बनना पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) का परिणाम है।
- तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) के कारण होता है।
- सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल दिखना प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है।
- खतरे के संकेत लाल रंग के होते हैं क्योंकि लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है।
- वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले दिखाई देने लगता है।
- अंतरिक्ष यात्री को आकाश काला दिखाई देता है क्योंकि वहाँ प्रकाश का प्रकीर्णन करने के लिए वायुमंडल नहीं है।
- इंद्रधनुष प्रकाश के विक्षेपण (Dispersion), अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन का संयुक्त प्रभाव है।
- बादल सफेद दिखाई देते हैं क्योंकि वे सभी रंगों के प्रकाश को समान रूप से प्रकीर्णित करते हैं।
- टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) कोलाइडल कणों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना है।
- पानी में डूबी हुई पेंसिल अपवर्तन के कारण मुड़ी हुई प्रतीत होती है।
- हीरे का अत्यधिक चमकना उसके उच्च अपवर्तनांक और पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होता है।
तालिका
- घटना (Phenomenon): आकाश का नीला रंग · मुख्य कारण (Main Cause): प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering)
- घटना (Phenomenon): मृगतृष्णा (Mirage) · मुख्य कारण (Main Cause): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR)
- घटना (Phenomenon): तारों का टिमटिमाना · मुख्य कारण (Main Cause): वायुमंडलीय अपवर्तन (Refraction)
- घटना (Phenomenon): सूर्योदय की लालिमा · मुख्य कारण (Main Cause): प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering)
- घटना (Phenomenon): इंद्रधनुष का बनना · मुख्य कारण (Main Cause): विक्षेपण, अपवर्तन एवं परावर्तन
- घटना (Phenomenon): खतरे का लाल संकेत · मुख्य कारण (Main Cause): न्यूनतम प्रकीर्णन (Minimum Scattering)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 20: आकाश का नीला रंग किस भौतिक घटना के कारण होता है?
(क) प्रकाश का परावर्तन (ख) प्रकाश का अपवर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का विक्षेपण
- ✔ उत्तर: (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन — रेले प्रकीर्णन के अनुसार, कम तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश वायुमंडल के कणों द्वारा सबसे अधिक फैलाया जाता है।
- प्रश्न 21: रेगिस्तान में 'मृगतृष्णा' (Mirage) बनने का मुख्य कारण क्या है?
(क) प्रकाश का विवर्तन (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का व्यतिकरण
- ✔ उत्तर: (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन — गर्म हवा की परतों के बीच प्रकाश की किरणों का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होने से मरीचिका बनती है।
- प्रश्न 22: तारों के टिमटिमाने का सही कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?
(क) तारों के प्रकाश का परावर्तन (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन (ग) तारों का अपना प्रकाश बदलना (घ) प्रकाश का प्रकीर्णन
- ✔ उत्तर: (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन — पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व बदलने से प्रकाश का अपवर्तन होता है, जिससे तारे टिमटिमाते दिखते हैं।
- प्रश्न 23: सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है?
(क) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है (ग) सूर्य उस समय ठंडा होता है (घ) अपवर्तन के कारण
- ✔ उत्तर: (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है — लंबी दूरी तय करने के कारण केवल लंबी तरंगदैर्ध्य वाला लाल प्रकाश ही हम तक पहुँच पाता है, बाकी प्रकीर्णित हो जाता है।
- प्रश्न 24: अंतरिक्ष में किसी यात्री को आकाश कैसा दिखाई देगा?
(क) नीला (ख) लाल (ग) सफेद (घ) काला
- ✔ उत्तर: (घ) काला — अंतरिक्ष में वायुमंडल की अनुपस्थिति के कारण प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं होता है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में इस उप-विषय से सीधे वैचारिक प्रश्न पूछे जाते हैं। अक्सर 'कारण' (जैसे प्रकीर्णन या अपवर्तन) और 'घटना' के मिलान वाले प्रश्न या सीधे एक-लाइनर प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र अक्सर 'आकाश का नीला रंग' (प्रकीर्णन) और 'इंद्रधनुष' (विक्षेपण/अपवर्तन) के कारणों में भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ मरीचिका (Mirage) को केवल अपवर्तन समझ लेना गलत है, इसका मुख्य कारण 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन' है।
💡 S-B-S: Scattering (प्रकीर्णन) = Blue (नीला) Sky (आकाश)। T-A-R: Twinkling (टिमटिमाना) = Atmospheric Refraction (वायुमंडलीय अपवर्तन)।
एक नज़र में (Revision)
- ऊष्मा का संचरण तीन विधियों: चालन (ठोस), संवहन (तरल) और विकिरण (निर्वात) द्वारा होता है।
- परम शून्य ताप 0 केल्विन या -273.15 डिग्री सेल्सियस होता है।
- अवतल दर्पण का उपयोग दंत चिकित्सकों द्वारा और सौर भट्टियों में प्रकाश केंद्रित करने के लिए किया जाता है।
- उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों में पीछे का दृश्य (Rear-view) देखने के लिए किया जाता है क्योंकि यह सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
- तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन (Refraction) के कारण होता है।
- पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के कारण ही रेगिस्तान में मृगमरीचिका और ऑप्टिकल फाइबर कार्य करते हैं।
- निकट दृष्टि दोष (Myopia) को अवतल लेंस और दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) को उत्तल लेंस से ठीक किया जाता है।
- ध्वनि एक अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंग है जिसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है; यह निर्वात में यात्रा नहीं कर सकती।
- ध्वनि की चाल ठोसों में सबसे अधिक, फिर द्रवों में और गैसों में सबसे कम होती है।
- स्पष्ट प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए परावर्तक सतह और श्रोता के बीच न्यूनतम दूरी 17.2 मीटर होनी चाहिए।
- प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण आकाश का रंग नीला और सूर्योदय/सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दिखाई देता है।
- पराश्रव्य तरंगों (Ultrasound) की आवृत्ति 20,000 हर्ट्ज से अधिक होती है।
- ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है; 80 dB से अधिक की ध्वनि शोर कहलाती है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का संचरण मुख्य रूप से किस विधि द्वारा होता है?
- (क) चालन (Conduction)
- (ख) संवहन (Convection)
- (ग) विकिरण (Radiation)
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) विकिरण (Radiation)
विकिरण ऊष्मा संचरण की वह विधि है जिसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए सूर्य की ऊष्मा निर्वात से होकर पृथ्वी तक पहुँचती है।
2. वाहनों में पीछे के दृश्य को देखने के लिए किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?
- (क) अवतल दर्पण
- (ख) उत्तल दर्पण
- (ग) समतल दर्पण
- (घ) परवलयिक दर्पण
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) उत्तल दर्पण
उत्तल दर्पण हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालक को पीछे का एक विस्तृत क्षेत्र दिखाई देता है।
3. आकाश का नीला रंग दिखाई देने का मुख्य कारण क्या है?
- (क) प्रकाश का परावर्तन
- (ख) प्रकाश का अपवर्तन
- (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन
- (घ) प्रकाश का विक्षेपण
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन
वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कण नीले रंग के प्रकाश को सबसे अधिक बिखेरते (प्रकीर्णन) हैं, जिससे आकाश नीला दिखाई देता है।
4. मृगमरीचिका (Mirage) बनने की घटना का कारण क्या है?
- (क) केवल अपवर्तन
- (ख) केवल परावर्तन
- (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- (घ) विवर्तन
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
रेगिस्तान में गर्म हवा की परतों के बीच प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण भ्रम की स्थिति पैदा होती है जिसे मृगमरीचिका कहते हैं।
5. निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए किस लेंस का उपयोग किया जाता है?
- (क) उत्तल लेंस
- (ख) अवतल लेंस
- (ग) बेलनाकार लेंस
- (घ) द्विफोकसी लेंस
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) अवतल लेंस
निकट दृष्टि दोष में दूर की वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखतीं, इसे अवतल लेंस (अपसारी लेंस) द्वारा ठीक किया जाता है।
6. ध्वनि की चाल किस माध्यम में सबसे अधिक होती है?
- (क) निर्वात
- (ख) वायु
- (ग) जल
- (घ) इस्पात (Steel)
उत्तर देखें
उत्तर: (घ) इस्पात (Steel)
ध्वनि की चाल माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, जो ठोसों (जैसे इस्पात) में द्रवों और गैसों की तुलना में अधिक होती है।
7. एक स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह और श्रोता के बीच न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?
- (क) 10 मीटर
- (ख) 17.2 मीटर
- (ग) 25 मीटर
- (घ) 34.4 मीटर
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 17.2 मीटर
मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव 0.1 सेकंड तक रहता है, इस समय अंतराल में ध्वनि को जाकर वापस आने के लिए लगभग 17.2 मीटर की दूरी आवश्यक है।
8. कथन A: ध्वनि तरंगें निर्वात में गमन नहीं कर सकतीं।
कथन B: प्रकाश तरंगें निर्वात में गमन कर सकती हैं।
- (क) केवल कथन A सही है
- (ख) केवल कथन B सही है
- (ग) कथन A और B दोनों सही हैं
- (घ) दोनों कथन गलत हैं
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) कथन A और B दोनों सही हैं
ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे माध्यम चाहिए, जबकि प्रकाश एक विद्युत चुंबकीय तरंग है जो निर्वात में भी चल सकती है।
9. पराश्रव्य (Ultrasound) तरंगों की आवृत्ति कितनी होती है?
- (क) 20 हर्ट्ज से कम
- (ख) 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज के बीच
- (ग) 20,000 हर्ट्ज से अधिक
- (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 20,000 हर्ट्ज से अधिक
20,000 हर्ट्ज से अधिक आवृत्ति वाली तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहा जाता है, जिन्हें मनुष्य नहीं सुन सकते।
10. इंद्रधनुष के बनने में प्रकाश की कौन सी घटनाएं शामिल होती हैं?
- (क) केवल अपवर्तन और परावर्तन
- (ख) केवल विक्षेपण
- (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन
- (घ) केवल प्रकीर्णन
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन
इंद्रधनुष वर्षा की बूंदों द्वारा प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण (रंगों में टूटना) और आंतरिक परावर्तन के संयुक्त प्रभाव से बनता है।
English version — Physics 2: Heat, Light, and Sound
This chapter is crucial for the General Science section of BPSC Prelims, with 3-5 questions asked annually. It explains the scientific reasons behind everyday physical phenomena, which also aids the Science & Technology section of the Mains exam.
Heat, Temperature Scales, and Modes of Heat Transfer
Heat is a form of energy that flows between bodies due to a temperature difference, whereas temperature measures the degree of hotness or coldness. Temperature is measured using Celsius, Fahrenheit, and Kelvin scales. At -40 degrees, both Celsius and Fahrenheit scales read the same value. Heat transfer occurs via three main modes: conduction, convection, and radiation. In conduction, heat flows without actual particle movement (mainly in solids), while in convection, fluid particles move to carry heat (in liquids and gases). Radiation requires no material medium, and energy from the Sun reaches the Earth through this mode.
Key facts
- The SI unit of temperature is Kelvin (K) and that of heat is Joule (J).
- Celsius and Fahrenheit scales give the same reading at -40° (-40°C = -40°F).
- Absolute zero temperature is -273.15°C or 0 K, below which no temperature is possible.
- Normal human body temperature is 37°C or 98.6°F or 310 K.
- Water reaches its maximum density at 4°C.
- Heat transfer in solids occurs mainly through Conduction.
- Heat transfer in liquids and gases occurs through Convection.
- Radiation is the only heat transfer method that requires no medium.
- Sea breeze and land breeze are examples of convection currents.
- 1 Calorie = 4.184 Joules (approx 4.2 Joules).
- A thermos flask minimizes heat loss from all three modes: conduction, convection, and radiation.
Table
- विषय / पैमाना: सेल्सियस (°C) · मुख्य विशेषता / मान: जल का हिमांक 0°C, क्वथनांक 100°C · उदाहरण / संबंध: C = (F - 32) × 5/9
- विषय / पैमाना: फ़ारेनहाइट (°F) · मुख्य विशेषता / मान: जल का हिमांक 32°F, क्वथनांक 212°F · उदाहरण / संबंध: F = (C × 9/5) + 32
- विषय / पैमाना: केल्विन (K) · मुख्य विशेषता / मान: SI मात्रक, इसमें ऋणात्मक मान नहीं होता · उदाहरण / संबंध: K = C + 273.15
- विषय / पैमाना: चालन (Conduction) · मुख्य विशेषता / मान: कणों की बिना गति के ऊष्मा संचरण · उदाहरण / संबंध: ठोस वस्तुएँ, धातु का बर्तन गर्म होना
- विषय / पैमाना: संवहन (Convection) · मुख्य विशेषता / मान: कणों के स्वयं स्थानांतरण से संचरण · उदाहरण / संबंध: द्रव व गैस, वायुमंडल का गर्म होना, समुद्री समीर
- विषय / पैमाना: विकिरण (Radiation) · मुख्य विशेषता / मान: बिना किसी माध्यम के तरंगों रूप में संचरण · उदाहरण / संबंध: सूर्य की ऊष्मा, रेगिस्तान का रात में ठंडा होना
Practice questions (solved)
- Q 1: किस तापमान पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट पैमाने का मान समान होता है?
(क) 0° (ख) 40° (ग) -40° (घ) 100°
- ✔ Answer: (ग) -40° — -40°C और -40°F पर दोनों पैमाने एक ही मान प्रदर्शित करते हैं।
- Q 2: ऊष्मा स्थानांतरण की वह कौन-सी विधि है जिसके लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है?
(क) चालन (ख) संवहन (ग) विकिरण (घ) वाष्पन
- ✔ Answer: (ग) विकिरण — विकिरण के माध्यम से ऊष्मा निर्वात में भी गति कर सकती है।
- Q 3: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है।
2. केल्विन पैमाने पर परम शून्य ताप 0 K होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — जल का घनत्व 4°C पर सर्वाधिक होता है तथा 0 K न्यूनतम संभव ताप (परम शून्य) है।
- Q 4: स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य ताप केल्विन पैमाने पर कितना होता है?
(क) 273 K (ख) 310 K (ग) 370 K (घ) 100 K
- ✔ Answer: (ख) 310 K — 37°C + 273.15 = लगभग 310 K।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 12] उष्मा स्थानांतरण जिसके लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, कहलाता है
(क) प्रतिबिंब (ख) विकिरण (ग) संवहन (घ) संचालन
- ✔ Official answer: (ख) विकिरण — विकिरण (Radiation) ऊष्मा संचरण की एकमात्र ऐसी विधि है जिसके लिए किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता नहीं होती।
How it is asked
BPSC frequently asks direct factual questions on heat transfer modes (especially radiation which needs no medium) and conversions/equalities between temperature scales (such as -40° C = F).
Do not confuse
- ✘ +40° और -40° में भ्रम: सेल्सियस और फ़ारेनहाइट केवल -40° पर बराबर होते हैं, धनात्मक 40° पर नहीं।
- ✘ संवहन और चालन में अंतर: चालन में माध्यम के कण स्थानांतरित नहीं होते (ठोस), जबकि संवहन में कण स्वयं गति करते हैं (द्रव व गैस)।
- ✘ केल्विन पैमाने में डिग्री का प्रयोग: केल्विन मान के साथ 'डिग्री (°)' नहीं लिखा जाता, केवल 'K' लिखा जाता है।
💡 -40 पर C और F गले मिलते हैं (-40°C = -40°F) तथा 'वि'किरण = 'बि'ना माध्यम के ऊष्मा।
Reflection of Light and Mirrors
Reflection occurs when light rays strike a polished surface like a mirror and bounce back into the same medium. There are two laws of reflection: the angle of incidence equals the angle of reflection, and the incident ray, reflected ray, and normal all lie in the same plane. A plane mirror always forms a virtual, erect image of the same size as the object, characterized by lateral inversion. Spherical mirrors are of two types: Concave (converging) and Convex (diverging). Concave mirrors focus light to a point, whereas convex mirrors spread light out. These mirrors are extensively used in daily life, including flashlights, vehicle mirrors, and dentistry.
Key facts
- According to the laws of reflection, the angle of incidence (i) is always equal to the angle of reflection (r).
- The focal length of a plane mirror is infinity.
- The power of a plane mirror is zero.
- A concave mirror is also called a 'converging mirror' because it brings rays together at a point.
- A convex mirror is called a 'diverging mirror' because it spreads out the rays.
- Convex mirrors are used as rear-view mirrors in vehicles because they provide a wider field of view.
- Dentists use concave mirrors to see an enlarged image of the teeth.
- Concave mirrors are used as shaving mirrors to get a magnified view.
- Concave mirrors are used as reflectors in searchlights and car headlights.
- The image formed by a plane mirror is always virtual, erect, and equal to the size of the object.
- The mirror formula is 1/f = 1/v + 1/u, where f is focal length, v is image distance, and u is object distance.
- The image formed by a convex mirror is always virtual, erect, and smaller than the object.
Table
- दर्पण का प्रकार: समतल दर्पण · प्रकृति: आभासी, सीधा, बराबर · मुख्य उपयोग: घरेलू उपयोग, पेरिस्कोप
- दर्पण का प्रकार: अवतल दर्पण · प्रकृति: अभिसारी (Converging) · मुख्य उपयोग: हेडलाइट, शेविंग मिरर, डेंटिस्ट
- दर्पण का प्रकार: उत्तल दर्पण · प्रकृति: अपसारी (Diverging) · मुख्य उपयोग: साइड मिरर, स्ट्रीट लाइट
Practice questions (solved)
- Q 5: वाहनों में पीछे के दृश्य को देखने के लिए किस दर्पण का प्रयोग किया जाता है?
(क) अवतल दर्पण (ख) उत्तल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) बेलनाकार दर्पण
- ✔ Answer: (ख) उत्तल दर्पण — उत्तल दर्पण वस्तुओं का छोटा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालक को पीछे का एक बड़ा क्षेत्र दिखाई देता है।
- Q 6: समतल दर्पण की फोकस दूरी कितनी होती है?
(क) शून्य (ख) 100 सेमी (ग) अनंत (घ) 25 सेमी
- ✔ Answer: (ग) अनंत — समतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या अनंत होती है, इसलिए इसकी फोकस दूरी भी अनंत होती है।
- Q 7: दाढ़ी बनाने के लिए किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ Answer: (ख) अवतल दर्पण — अवतल दर्पण चेहरे को फोकस के अंदर रखने पर उसका सीधा और बड़ा प्रतिबिंब बनाता है।
- Q 8: यदि आपतन कोण 45 डिग्री है, तो परावर्तन कोण का मान क्या होगा?
(क) 90 डिग्री (ख) 0 डिग्री (ग) 45 डिग्री (घ) 180 डिग्री
- ✔ Answer: (ग) 45 डिग्री — परावर्तन के नियम के अनुसार, आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।
- Q 9: दंत चिकित्सकों द्वारा किस दर्पण का उपयोग किया जाता है?
(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) उभयोत्तल दर्पण
- ✔ Answer: (ख) अवतल दर्पण — अवतल दर्पण दांतों का बड़ा और स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाने में मदद करता है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 127] समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है :
(क) +1 सेमी (ख) -1 सेमी (ग) 2 सेमी (घ) अनन्त
- ✔ Official answer: (घ) अनन्त — समतल दर्पण की सतह पूरी तरह सपाट होती है, जिससे इसकी वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी दोनों अनंत मानी जाती हैं।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on the uses of mirrors (especially convex and concave) and the characteristics of plane mirrors.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर अवतल दर्पण (Concave Mirror) और उत्तल लेंस (Convex Lens) के बीच भ्रमित होते हैं; याद रखें कि दोनों ही 'अभिसारी' (Converging) प्रकृति के होते हैं।
- ✘ समतल दर्पण में प्रतिबिंब 'पार्श्व उल्टा' (Lateral Inversion) होता है, इसे वास्तविक उल्टा प्रतिबिंब समझने की गलती न करें।
💡 अवतल (Concave) में 'Cave' शब्द है, गुफा की तरह अंदर धंसा हुआ दर्पण जो चीजों को बड़ा करके दिखाता है।
Refraction, Lenses, Total Internal Reflection and Eye Defects
Refraction occurs when light changes speed and direction while moving from one transparent medium to another. Lenses utilize this property; convex lenses converge light rays while concave lenses diverge them. Total Internal Reflection (TIR) happens when light travels from a denser to a rarer medium at an angle greater than the critical angle. A rainbow is formed due to the combined effect of refraction, dispersion, and internal reflection of sunlight by water droplets. Common human eye defects like Myopia and Hypermetropia are corrected using specific lenses based on these optical principles.
Key facts
- The speed of light is maximum in a vacuum (3 x 10^8 m/s).
- The refractive index of diamond is 2.42, which causes its extreme brilliance.
- The unit of lens power is Dioptre (D) and P = 1/f (in meters).
- Optical fiber works on the principle of Total Internal Reflection (TIR).
- Concave lenses are used to correct Myopia (near-sightedness).
- Convex lenses are used to correct Hypermetropia (far-sightedness).
- Bifocal lenses are used for Presbyopia (age-related vision loss).
- Astigmatism is corrected using cylindrical lenses.
- A rainbow is always seen in the direction opposite to the sun.
- In a primary rainbow, red color is on the outside and violet is on the inside.
- Snell's Law: sin i / sin r = constant (refractive index).
- An air bubble inside water behaves like a concave lens.
Table
- दृष्टि दोष: निकट दृष्टि दोष (Myopia) · लक्षण: दूर की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती · निवारण हेतु लेंस: अवतल लेंस (Concave)
- दृष्टि दोष: दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) · लक्षण: निकट की वस्तु स्पष्ट नहीं दिखती · निवारण हेतु लेंस: उत्तल लेंस (Convex)
- दृष्टि दोष: जरा दृष्टि दोष (Presbyopia) · लक्षण: वृद्धावस्था में दोनों समस्याएँ · निवारण हेतु लेंस: द्विफोकसी लेंस (Bifocal)
- दृष्टि दोष: अबिंदुकता (Astigmatism) · लक्षण: धुंधली दृष्टि (क्षैतिज/ऊर्ध्वाधर) · निवारण हेतु लेंस: बेलनाकार लेंस (Cylindrical)
Practice questions (solved)
- Q 10: निकट दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति के चश्मे में कौन सा लेंस प्रयोग किया जाता है?
(क) उत्तल लेंस (ख) अवतल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) समतल लेंस
- ✔ Answer: (ख) अवतल लेंस — निकट दृष्टि दोष (Myopia) में दूर की वस्तुएं साफ नहीं दिखतीं, जिसे अवतल लेंस द्वारा प्रकाश को अपसारित करके ठीक किया जाता है।
- Q 11: प्रकाशिक तंतु (Optical Fiber) किस सिद्धांत पर आधारित है?
(क) अपवर्तन (ख) व्यतिकरण (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) प्रकीर्णन
- ✔ Answer: (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन — ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश संकेतों को बिना ऊर्जा हानि के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के माध्यम से लंबी दूरी तक भेजा जाता है।
- Q 12: लेंस की क्षमता का SI मात्रक क्या है?
(क) मीटर (ख) वाट (ग) डायोप्टर (घ) ल्यूमेन
- ✔ Answer: (ग) डायोप्टर — लेंस की शक्ति या क्षमता को डायोप्टर (D) में मापा जाता है, जो फोकस दूरी का व्युत्क्रम होता है।
- Q 13: इंद्रधनुष बनने का मुख्य कारण क्या है?
(क) केवल परावर्तन (ख) केवल अपवर्तन (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) केवल प्रकीर्णन
- ✔ Answer: (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन — इंद्रधनुष जल की बूंदों द्वारा प्रकाश के अपवर्तन, वर्ण-विक्षेपण और आंतरिक परावर्तन की एक जटिल प्रक्रिया है।
- Q 14: अबिंदुकता (Astigmatism) के उपचार के लिए किस प्रकार के लेंस का सुझाव दिया जाता है?
(क) अवतल लेंस (ख) उत्तल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) द्विफोकसी लेंस
- ✔ Answer: (ग) बेलनाकार लेंस — अबिंदुकता में कॉर्निया की वक्रता असमान होती है, जिसे बेलनाकार (Cylindrical) लेंस से ठीक किया जाता है।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about the types of lenses used for vision correction and real-world examples of Total Internal Reflection like diamonds and optical fibers.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर निकट दृष्टि दोष (Myopia) के लिए उत्तल और अवतल लेंस के बीच भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ पानी में हवा का बुलबुला दिखता उत्तल है लेकिन व्यवहार अवतल लेंस जैसा करता है।
💡 निकट (3 अक्षर) -> अवतल (4 अक्षर); दूर (2 अक्षर) -> उत्तल (3 अक्षर) [छोटे शब्द के लिए छोटा लेंस, बड़े के लिए बड़ा]
Sound: Speed, Echo, Ultrasound and Decibel
Sound is a longitudinal mechanical wave that requires a medium to travel, meaning it cannot move through a vacuum. The speed of sound depends on the density and elasticity of the medium, which is why it travels fastest in solids and slowest in gases. An echo is the reflection of sound from a surface, requiring a minimum distance of 17.2 meters to be heard clearly. The human ear can perceive frequencies between 20 Hz and 20,000 Hz; frequencies above this range are called ultrasound. Sound intensity is measured in decibels (dB), which quantifies how loud or soft a sound is.
Key facts
- The speed of sound in a vacuum is zero because it requires a medium.
- The speed of sound in dry air at 0°C is approximately 332 m/s.
- The speed of sound increases with temperature (0.61 m/s increase per 1°C).
- Speed of sound: Solids > Liquids > Gases (approx 15 times faster in steel than air).
- The minimum distance of the reflecting surface for a clear echo is 17.2 meters.
- The persistence of hearing for the human ear is 1/10th of a second.
- Ultrasound waves have a frequency greater than 20,000 Hz (20 kHz).
- Ultrasound waves are used in SONAR technology to measure the depth of the sea.
- The unit for measuring sound intensity is the decibel (dB).
- Sound above 80 decibels is considered harmful (noise) to human health.
- The speed of sound is higher in humid air compared to dry air.
- Mach Number is used to represent the speed of very fast aircraft.
Table
- माध्यम: एल्युमीनियम/स्टील · अवस्था: ठोस · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 5000 - 6400
- माध्यम: समुद्री जल · अवस्था: द्रव · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 1531
- माध्यम: शुद्ध जल · अवस्था: द्रव · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 1498
- माध्यम: वायु (20°C) · अवस्था: गैस · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 343
- माध्यम: निर्वात · अवस्था: कोई नहीं · ध्वनि की चाल (लगभग m/s): 0
Practice questions (solved)
- Q 15: ध्वनि की चाल सबसे अधिक किसमें होगी?
(क) निर्वात (ख) वायु (ग) जल (घ) लोहा
- ✔ Answer: (घ) लोहा — ध्वनि ठोस माध्यमों (जैसे लोहा) में सबसे तीव्र गति से चलती है।
- Q 16: एक स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए श्रोता और परावर्तक के बीच न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?
(क) 10 मीटर (ख) 17.2 मीटर (ग) 25 मीटर (घ) 34.4 मीटर
- ✔ Answer: (ख) 17.2 मीटर — हवा में ध्वनि की चाल और सुनने की निरंतरता के आधार पर यह दूरी 17.2 मीटर निर्धारित है।
- Q 17: पराश्रव्य तरंगों (Ultrasound) के बारे में कौन सा कथन सत्य है?
(क) इनकी आवृत्ति 20 हर्ट्ज से कम होती है (ख) इन्हें मनुष्य सुन सकते हैं (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है (घ) इनकी चाल प्रकाश की चाल के बराबर होती है
- ✔ Answer: (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है — पराश्रव्य तरंगों का उपयोग समुद्र की गहराई और वस्तुओं का पता लगाने के लिए सोनार में होता है।
- Q 18: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानव के लिए सबसे सुरक्षित ध्वनि स्तर क्या है?
(क) 45 dB (ख) 75 dB (ग) 90 dB (घ) 120 dB
- ✔ Answer: (क) 45 dB — WHO के अनुसार 45 डेसिबल तक का स्तर मानव कान के लिए सबसे अनुकूल और सुरक्षित है।
- Q 19: यदि वायु का तापमान बढ़ता है, तो ध्वनि की चाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(क) घटेगी (ख) बढ़ेगी (ग) स्थिर रहेगी (घ) पहले बढ़ेगी फिर घटेगी
- ✔ Answer: (ख) बढ़ेगी — तापमान बढ़ने पर माध्यम के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिससे ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 124] किस माध्यम में ध्वनी की चाल अधिकतम होती है?
(क) स्टील (ख) जल (ग) वायु (घ) हाइड्रोजन
- ✔ Official answer: (क) स्टील — स्टील एक ठोस है और ध्वनि की चाल ठोस माध्यमों में अधिकतम होती है, इसलिए स्टील सही उत्तर है।
How it is asked
BPSC frequently asks direct questions on comparing the speed of sound in different media (solid, liquid, gas), the required distance for an echo, and the applications of ultrasound.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर प्रकाश और ध्वनि की चाल में भ्रमित होते हैं; प्रकाश निर्वात में सबसे तेज चलता है जबकि ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती।
- ✘ प्रतिध्वनि के लिए 17.2 मीटर की दूरी को अक्सर कुल यात्रा दूरी (34.4 मीटर) के साथ मिला दिया जाता है।
💡 ध्वनि की चाल का क्रम याद रखें: 'ठोस-द्रव-गैस' (S-L-G) - जैसे ट्रेन की पटरी पर आवाज हवा से पहले आती है।
Everyday Optical Phenomena
Many natural phenomena observed around us are based on the scattering, refraction, and total internal reflection of light. The blue color of the sky and the redness of the sun during sunrise and sunset are due to the scattering of light, where smaller particles scatter blue light more effectively. The formation of a mirage in deserts is a classic example of total internal reflection (TIR), caused by temperature gradients in the air layers. The twinkling of stars is a result of atmospheric refraction as light passes through air layers of varying densities before reaching Earth. In space, due to the absence of an atmosphere, the sky appears black. These phenomena are not only visually striking but also demonstrate fundamental principles of physics.
Key facts
- The blue color of the sky is due to the scattering of light.
- The formation of a mirage in deserts is a result of total internal reflection (TIR).
- The twinkling of stars is caused by atmospheric refraction.
- The red appearance of the sun at sunrise and sunset is due to the scattering of light.
- Danger signals are red because red light is scattered the least.
- Due to atmospheric refraction, the sun appears about 2 minutes before the actual sunrise.
- An astronaut sees the sky as black because there is no atmosphere to scatter light.
- A rainbow is a combined effect of dispersion, refraction, and total internal reflection of light.
- Clouds appear white because they scatter light of all colors equally.
- The Tyndall Effect is the phenomenon of scattering of light by colloidal particles.
- A pencil dipped in water appears bent due to refraction.
- The brilliant shine of a diamond is due to its high refractive index and total internal reflection.
Table
- घटना (Phenomenon): आकाश का नीला रंग · मुख्य कारण (Main Cause): प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering)
- घटना (Phenomenon): मृगतृष्णा (Mirage) · मुख्य कारण (Main Cause): पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR)
- घटना (Phenomenon): तारों का टिमटिमाना · मुख्य कारण (Main Cause): वायुमंडलीय अपवर्तन (Refraction)
- घटना (Phenomenon): सूर्योदय की लालिमा · मुख्य कारण (Main Cause): प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering)
- घटना (Phenomenon): इंद्रधनुष का बनना · मुख्य कारण (Main Cause): विक्षेपण, अपवर्तन एवं परावर्तन
- घटना (Phenomenon): खतरे का लाल संकेत · मुख्य कारण (Main Cause): न्यूनतम प्रकीर्णन (Minimum Scattering)
Practice questions (solved)
- Q 20: आकाश का नीला रंग किस भौतिक घटना के कारण होता है?
(क) प्रकाश का परावर्तन (ख) प्रकाश का अपवर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का विक्षेपण
- ✔ Answer: (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन — रेले प्रकीर्णन के अनुसार, कम तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश वायुमंडल के कणों द्वारा सबसे अधिक फैलाया जाता है।
- Q 21: रेगिस्तान में 'मृगतृष्णा' (Mirage) बनने का मुख्य कारण क्या है?
(क) प्रकाश का विवर्तन (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का व्यतिकरण
- ✔ Answer: (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन — गर्म हवा की परतों के बीच प्रकाश की किरणों का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होने से मरीचिका बनती है।
- Q 22: तारों के टिमटिमाने का सही कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?
(क) तारों के प्रकाश का परावर्तन (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन (ग) तारों का अपना प्रकाश बदलना (घ) प्रकाश का प्रकीर्णन
- ✔ Answer: (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन — पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व बदलने से प्रकाश का अपवर्तन होता है, जिससे तारे टिमटिमाते दिखते हैं।
- Q 23: सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है?
(क) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है (ग) सूर्य उस समय ठंडा होता है (घ) अपवर्तन के कारण
- ✔ Answer: (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है — लंबी दूरी तय करने के कारण केवल लंबी तरंगदैर्ध्य वाला लाल प्रकाश ही हम तक पहुँच पाता है, बाकी प्रकीर्णित हो जाता है।
- Q 24: अंतरिक्ष में किसी यात्री को आकाश कैसा दिखाई देगा?
(क) नीला (ख) लाल (ग) सफेद (घ) काला
- ✔ Answer: (घ) काला — अंतरिक्ष में वायुमंडल की अनुपस्थिति के कारण प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं होता है।
How it is asked
BPSC asks direct conceptual questions from this sub-topic. Often, matching questions between 'cause' (like scattering or refraction) and 'phenomenon' or direct one-liners are common.
Do not confuse
- ✘ छात्र अक्सर 'आकाश का नीला रंग' (प्रकीर्णन) और 'इंद्रधनुष' (विक्षेपण/अपवर्तन) के कारणों में भ्रमित हो जाते हैं।
- ✘ मरीचिका (Mirage) को केवल अपवर्तन समझ लेना गलत है, इसका मुख्य कारण 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन' है।
💡 S-B-S: Scattering (प्रकीर्णन) = Blue (नीला) Sky (आकाश)। T-A-R: Twinkling (टिमटिमाना) = Atmospheric Refraction (वायुमंडलीय अपवर्तन)।
Quick revision
- Heat transfer occurs via three methods: Conduction (solids), Convection (fluids), and Radiation (vacuum).
- Absolute zero temperature is 0 Kelvin or -273.15 degrees Celsius.
- Concave mirrors are used by dentists and in solar furnaces to concentrate light.
- Convex mirrors are used as rear-view mirrors in vehicles because they form upright and diminished images.
- Twinkling of stars is caused by atmospheric refraction of light.
- Total Internal Reflection (TIR) is responsible for mirages in deserts and the functioning of optical fibers.
- Myopia (short-sightedness) is corrected by concave lenses, and Hypermetropia (long-sightedness) by convex lenses.
- Sound is a longitudinal mechanical wave that requires a medium; it cannot travel through a vacuum.
- The speed of sound is highest in solids, followed by liquids, and lowest in gases.
- To hear a clear echo, the minimum distance between the reflecting surface and the listener must be 17.2 meters.
- The blue color of the sky and the red color of the sun at sunrise/sunset are due to the scattering of light.
- Ultrasonic waves (Ultrasound) have a frequency greater than 20,000 Hz.
- Sound intensity is measured in decibels (dB); sound above 80 dB is considered noise.