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BPSC CCEसामान्य विज्ञान

भौतिकी 2: ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि

Physics 2: Heat, Light, and Sound

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान खंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे प्रतिवर्ष 3-5 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें दैनिक जीवन में होने वाली भौतिक घटनाओं के वैज्ञानिक कारणों को समझाया गया है जो मुख्य परीक्षा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड में भी सहायक हैं।

ऊष्मा, ताप पैमाना एवं ऊष्मा का संचरण

ऊष्मा ऊर्जा का एक रूप है जो तापांतर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में प्रवाहित होती है, जबकि ताप किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडक की माप है। ताप मापने के लिए मुख्यतः सेल्सियस, फ़ारेनहाइट और केल्विन पैमाने का प्रयोग किया जाता है। -40° पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट पैमाने का मान बिल्कुल समान होता है। ऊष्मा का स्थानांतरण तीन मुख्य विधियों द्वारा होता है: चालन, संवहन और विकिरण। चालन में माध्यम के कण अपने स्थान से हटे बिना ऊष्मा स्थानांतरित करते हैं (जैसे ठोस पदार्थों में), जबकि संवहन में कण स्वयं गति करते हैं (जैसे द्रव और गैसों में)। विकिरण को संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है और सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक इसी माध्यम से पहुँचती है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 0° (ख) 40° (ग) -40° (घ) 100°

(क) चालन (ख) संवहन (ग) विकिरण (घ) वाष्पन

1. जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है।

2. केल्विन पैमाने पर परम शून्य ताप 0 K होता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) 273 K (ख) 310 K (ग) 370 K (घ) 100 K

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) प्रतिबिंब (ख) विकिरण (ग) संवहन (घ) संचालन

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC इस उप-विषय से बार-बार सीधे और तथ्यात्मक प्रश्न पूछता है। सबसे लोकप्रिय प्रश्न ऊष्मा स्थानांतरण की विधियों (विशेष रूप से बिना माध्यम वाले विकिरण) और विभिन्न ताप पैमानों के बीच परिवर्तन/समानता (-40° पर C=F) से पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 -40 पर C और F गले मिलते हैं (-40°C = -40°F) तथा 'वि'किरण = 'बि'ना माध्यम के ऊष्मा।

प्रकाश का परावर्तन और दर्पण

जब प्रकाश की किरणें किसी चमकदार सतह जैसे दर्पण से टकराकर उसी माध्यम में वापस लौटती हैं, तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं। परावर्तन के दो मुख्य नियम हैं: आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है, और आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा अभिलंब एक ही तल में होते हैं। समतल दर्पण हमेशा वस्तु के बराबर, सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है, जिसमें पार्श्व परिवर्तन (बायां हिस्सा दायां दिखना) होता है। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं: अवतल (Concave) और उत्तल (Convex)। अवतल दर्पण प्रकाश को एक बिंदु पर सिकोड़ता है, जबकि उत्तल दर्पण प्रकाश को फैलाता है। इनका उपयोग दैनिक जीवन में टॉर्च, वाहनों के शीशों और दंत चिकित्सा में व्यापक रूप से किया जाता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अवतल दर्पण (ख) उत्तल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) बेलनाकार दर्पण

(क) शून्य (ख) 100 सेमी (ग) अनंत (घ) 25 सेमी

(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) इनमें से कोई नहीं

(क) 90 डिग्री (ख) 0 डिग्री (ग) 45 डिग्री (घ) 180 डिग्री

(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) उभयोत्तल दर्पण

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) +1 सेमी (ख) -1 सेमी (ग) 2 सेमी (घ) अनन्त

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में दर्पणों के उपयोग (विशेषकर उत्तल और अवतल दर्पण) और समतल दर्पण की विशेषताओं पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 अवतल (Concave) में 'Cave' शब्द है, गुफा की तरह अंदर धंसा हुआ दर्पण जो चीजों को बड़ा करके दिखाता है।

अपवर्तन, लेंस, पूर्ण आंतरिक परावर्तन और दृष्टि दोष

जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में प्रवेश करता है, तो उसकी गति बदलने के कारण वह अपने पथ से विचलित हो जाता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं। लेंस इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं; उत्तल लेंस प्रकाश को सिकोड़ता है जबकि अवतल लेंस उसे फैलाता है। पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाते समय एक निश्चित कोण (क्रांतिक कोण) से अधिक पर टकराता है। इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन का संयुक्त परिणाम है। मानव आँख में निकट दृष्टि दोष और दूर दृष्टि दोष जैसी समस्याएँ होती हैं जिन्हें उचित लेंसों द्वारा ठीक किया जाता है। यह विषय प्रकाशिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) उत्तल लेंस (ख) अवतल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) समतल लेंस

(क) अपवर्तन (ख) व्यतिकरण (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) प्रकीर्णन

(क) मीटर (ख) वाट (ग) डायोप्टर (घ) ल्यूमेन

(क) केवल परावर्तन (ख) केवल अपवर्तन (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) केवल प्रकीर्णन

(क) अवतल लेंस (ख) उत्तल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) द्विफोकसी लेंस

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से अक्सर दृष्टि दोषों के निवारण के लिए प्रयुक्त लेंसों और पूर्ण आंतरिक परावर्तन के उदाहरणों (जैसे हीरा, ऑप्टिकल फाइबर) पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 निकट (3 अक्षर) -> अवतल (4 अक्षर); दूर (2 अक्षर) -> उत्तल (3 अक्षर) [छोटे शब्द के लिए छोटा लेंस, बड़े के लिए बड़ा]

ध्वनि: चाल, प्रतिध्वनि, पराश्रव्य और डेसिबल

ध्वनि एक अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंग है जिसे चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, इसलिए यह निर्वात में यात्रा नहीं कर सकती। ध्वनि की चाल माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, यही कारण है कि यह ठोसों में सबसे तेज और गैसों में सबसे धीमी होती है। जब ध्वनि किसी परावर्तक सतह से टकराकर वापस आती है, तो उसे प्रतिध्वनि (Echo) कहते हैं, जिसके लिए कम से कम 17.2 मीटर की दूरी आवश्यक है। मानव कान 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की आवृत्ति सुन सकता है; इससे अधिक आवृत्ति को पराश्रव्य (Ultrasound) कहा जाता है। ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है, जो यह बताता है कि ध्वनि कितनी तेज या धीमी है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) निर्वात (ख) वायु (ग) जल (घ) लोहा

(क) 10 मीटर (ख) 17.2 मीटर (ग) 25 मीटर (घ) 34.4 मीटर

(क) इनकी आवृत्ति 20 हर्ट्ज से कम होती है (ख) इन्हें मनुष्य सुन सकते हैं (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है (घ) इनकी चाल प्रकाश की चाल के बराबर होती है

(क) 45 dB (ख) 75 dB (ग) 90 dB (घ) 120 dB

(क) घटेगी (ख) बढ़ेगी (ग) स्थिर रहेगी (घ) पहले बढ़ेगी फिर घटेगी

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) स्टील (ख) जल (ग) वायु (घ) हाइड्रोजन

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में अक्सर ध्वनि की चाल के माध्यमों (ठोस, द्रव, गैस) की तुलना, प्रतिध्वनि के लिए आवश्यक दूरी और पराश्रव्य तरंगों के अनुप्रयोगों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 ध्वनि की चाल का क्रम याद रखें: 'ठोस-द्रव-गैस' (S-L-G) - जैसे ट्रेन की पटरी पर आवाज हवा से पहले आती है।

दैनिक जीवन की प्रकाशिक घटनाएँ

हमारे चारों ओर दिखने वाली कई प्राकृतिक घटनाएँ प्रकाश के प्रकीर्णन, अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर आधारित होती हैं। आकाश का नीला रंग और सूर्योदय के समय सूर्य की लालिमा प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण होती है, जहाँ छोटे कण नीले प्रकाश को अधिक फैलाते हैं। रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का बनना पूर्ण आंतरिक परावर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हवा की विभिन्न परतों के तापमान में अंतर के कारण होता है। तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है क्योंकि प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने के लिए हवा की बदलती घनत्व वाली परतों से गुजरना पड़ता है। अंतरिक्ष में वायुमंडल न होने के कारण वहाँ से आकाश काला दिखाई देता है। ये घटनाएँ न केवल देखने में सुंदर हैं, बल्कि भौतिकी के मूलभूत सिद्धांतों को भी स्पष्ट करती हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) प्रकाश का परावर्तन (ख) प्रकाश का अपवर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का विक्षेपण

(क) प्रकाश का विवर्तन (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का व्यतिकरण

(क) तारों के प्रकाश का परावर्तन (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन (ग) तारों का अपना प्रकाश बदलना (घ) प्रकाश का प्रकीर्णन

(क) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है (ग) सूर्य उस समय ठंडा होता है (घ) अपवर्तन के कारण

(क) नीला (ख) लाल (ग) सफेद (घ) काला

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से सीधे वैचारिक प्रश्न पूछे जाते हैं। अक्सर 'कारण' (जैसे प्रकीर्णन या अपवर्तन) और 'घटना' के मिलान वाले प्रश्न या सीधे एक-लाइनर प्रश्न आते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 S-B-S: Scattering (प्रकीर्णन) = Blue (नीला) Sky (आकाश)। T-A-R: Twinkling (टिमटिमाना) = Atmospheric Refraction (वायुमंडलीय अपवर्तन)।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का संचरण मुख्य रूप से किस विधि द्वारा होता है?

  1. (क) चालन (Conduction)
  2. (ख) संवहन (Convection)
  3. (ग) विकिरण (Radiation)
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) विकिरण (Radiation)

विकिरण ऊष्मा संचरण की वह विधि है जिसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए सूर्य की ऊष्मा निर्वात से होकर पृथ्वी तक पहुँचती है।

2. वाहनों में पीछे के दृश्य को देखने के लिए किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?

  1. (क) अवतल दर्पण
  2. (ख) उत्तल दर्पण
  3. (ग) समतल दर्पण
  4. (घ) परवलयिक दर्पण
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) उत्तल दर्पण

उत्तल दर्पण हमेशा सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालक को पीछे का एक विस्तृत क्षेत्र दिखाई देता है।

3. आकाश का नीला रंग दिखाई देने का मुख्य कारण क्या है?

  1. (क) प्रकाश का परावर्तन
  2. (ख) प्रकाश का अपवर्तन
  3. (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन
  4. (घ) प्रकाश का विक्षेपण
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन

वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कण नीले रंग के प्रकाश को सबसे अधिक बिखेरते (प्रकीर्णन) हैं, जिससे आकाश नीला दिखाई देता है।

4. मृगमरीचिका (Mirage) बनने की घटना का कारण क्या है?

  1. (क) केवल अपवर्तन
  2. (ख) केवल परावर्तन
  3. (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. (घ) विवर्तन
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन

रेगिस्तान में गर्म हवा की परतों के बीच प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण भ्रम की स्थिति पैदा होती है जिसे मृगमरीचिका कहते हैं।

5. निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए किस लेंस का उपयोग किया जाता है?

  1. (क) उत्तल लेंस
  2. (ख) अवतल लेंस
  3. (ग) बेलनाकार लेंस
  4. (घ) द्विफोकसी लेंस
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) अवतल लेंस

निकट दृष्टि दोष में दूर की वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखतीं, इसे अवतल लेंस (अपसारी लेंस) द्वारा ठीक किया जाता है।

6. ध्वनि की चाल किस माध्यम में सबसे अधिक होती है?

  1. (क) निर्वात
  2. (ख) वायु
  3. (ग) जल
  4. (घ) इस्पात (Steel)
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) इस्पात (Steel)

ध्वनि की चाल माध्यम के घनत्व और प्रत्यास्थता पर निर्भर करती है, जो ठोसों (जैसे इस्पात) में द्रवों और गैसों की तुलना में अधिक होती है।

7. एक स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह और श्रोता के बीच न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?

  1. (क) 10 मीटर
  2. (ख) 17.2 मीटर
  3. (ग) 25 मीटर
  4. (घ) 34.4 मीटर
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 17.2 मीटर

मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव 0.1 सेकंड तक रहता है, इस समय अंतराल में ध्वनि को जाकर वापस आने के लिए लगभग 17.2 मीटर की दूरी आवश्यक है।

8. कथन A: ध्वनि तरंगें निर्वात में गमन नहीं कर सकतीं। कथन B: प्रकाश तरंगें निर्वात में गमन कर सकती हैं।

  1. (क) केवल कथन A सही है
  2. (ख) केवल कथन B सही है
  3. (ग) कथन A और B दोनों सही हैं
  4. (घ) दोनों कथन गलत हैं
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) कथन A और B दोनों सही हैं

ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे माध्यम चाहिए, जबकि प्रकाश एक विद्युत चुंबकीय तरंग है जो निर्वात में भी चल सकती है।

9. पराश्रव्य (Ultrasound) तरंगों की आवृत्ति कितनी होती है?

  1. (क) 20 हर्ट्ज से कम
  2. (ख) 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज के बीच
  3. (ग) 20,000 हर्ट्ज से अधिक
  4. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 20,000 हर्ट्ज से अधिक

20,000 हर्ट्ज से अधिक आवृत्ति वाली तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहा जाता है, जिन्हें मनुष्य नहीं सुन सकते।

10. इंद्रधनुष के बनने में प्रकाश की कौन सी घटनाएं शामिल होती हैं?

  1. (क) केवल अपवर्तन और परावर्तन
  2. (ख) केवल विक्षेपण
  3. (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन
  4. (घ) केवल प्रकीर्णन
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन

इंद्रधनुष वर्षा की बूंदों द्वारा प्रकाश के अपवर्तन, विक्षेपण (रंगों में टूटना) और आंतरिक परावर्तन के संयुक्त प्रभाव से बनता है।

English version — Physics 2: Heat, Light, and Sound

This chapter is crucial for the General Science section of BPSC Prelims, with 3-5 questions asked annually. It explains the scientific reasons behind everyday physical phenomena, which also aids the Science & Technology section of the Mains exam.

Heat, Temperature Scales, and Modes of Heat Transfer

Heat is a form of energy that flows between bodies due to a temperature difference, whereas temperature measures the degree of hotness or coldness. Temperature is measured using Celsius, Fahrenheit, and Kelvin scales. At -40 degrees, both Celsius and Fahrenheit scales read the same value. Heat transfer occurs via three main modes: conduction, convection, and radiation. In conduction, heat flows without actual particle movement (mainly in solids), while in convection, fluid particles move to carry heat (in liquids and gases). Radiation requires no material medium, and energy from the Sun reaches the Earth through this mode.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 0° (ख) 40° (ग) -40° (घ) 100°

(क) चालन (ख) संवहन (ग) विकिरण (घ) वाष्पन

1. जल का अधिकतम घनत्व 4°C पर होता है।

2. केल्विन पैमाने पर परम शून्य ताप 0 K होता है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) 273 K (ख) 310 K (ग) 370 K (घ) 100 K

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) प्रतिबिंब (ख) विकिरण (ग) संवहन (घ) संचालन

How it is asked

BPSC frequently asks direct factual questions on heat transfer modes (especially radiation which needs no medium) and conversions/equalities between temperature scales (such as -40° C = F).

Do not confuse

💡 -40 पर C और F गले मिलते हैं (-40°C = -40°F) तथा 'वि'किरण = 'बि'ना माध्यम के ऊष्मा।

Reflection of Light and Mirrors

Reflection occurs when light rays strike a polished surface like a mirror and bounce back into the same medium. There are two laws of reflection: the angle of incidence equals the angle of reflection, and the incident ray, reflected ray, and normal all lie in the same plane. A plane mirror always forms a virtual, erect image of the same size as the object, characterized by lateral inversion. Spherical mirrors are of two types: Concave (converging) and Convex (diverging). Concave mirrors focus light to a point, whereas convex mirrors spread light out. These mirrors are extensively used in daily life, including flashlights, vehicle mirrors, and dentistry.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अवतल दर्पण (ख) उत्तल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) बेलनाकार दर्पण

(क) शून्य (ख) 100 सेमी (ग) अनंत (घ) 25 सेमी

(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) इनमें से कोई नहीं

(क) 90 डिग्री (ख) 0 डिग्री (ग) 45 डिग्री (घ) 180 डिग्री

(क) उत्तल दर्पण (ख) अवतल दर्पण (ग) समतल दर्पण (घ) उभयोत्तल दर्पण

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) +1 सेमी (ख) -1 सेमी (ग) 2 सेमी (घ) अनन्त

How it is asked

BPSC frequently asks questions on the uses of mirrors (especially convex and concave) and the characteristics of plane mirrors.

Do not confuse

💡 अवतल (Concave) में 'Cave' शब्द है, गुफा की तरह अंदर धंसा हुआ दर्पण जो चीजों को बड़ा करके दिखाता है।

Refraction, Lenses, Total Internal Reflection and Eye Defects

Refraction occurs when light changes speed and direction while moving from one transparent medium to another. Lenses utilize this property; convex lenses converge light rays while concave lenses diverge them. Total Internal Reflection (TIR) happens when light travels from a denser to a rarer medium at an angle greater than the critical angle. A rainbow is formed due to the combined effect of refraction, dispersion, and internal reflection of sunlight by water droplets. Common human eye defects like Myopia and Hypermetropia are corrected using specific lenses based on these optical principles.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) उत्तल लेंस (ख) अवतल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) समतल लेंस

(क) अपवर्तन (ख) व्यतिकरण (ग) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) प्रकीर्णन

(क) मीटर (ख) वाट (ग) डायोप्टर (घ) ल्यूमेन

(क) केवल परावर्तन (ख) केवल अपवर्तन (ग) अपवर्तन, विक्षेपण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (घ) केवल प्रकीर्णन

(क) अवतल लेंस (ख) उत्तल लेंस (ग) बेलनाकार लेंस (घ) द्विफोकसी लेंस

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the types of lenses used for vision correction and real-world examples of Total Internal Reflection like diamonds and optical fibers.

Do not confuse

💡 निकट (3 अक्षर) -> अवतल (4 अक्षर); दूर (2 अक्षर) -> उत्तल (3 अक्षर) [छोटे शब्द के लिए छोटा लेंस, बड़े के लिए बड़ा]

Sound: Speed, Echo, Ultrasound and Decibel

Sound is a longitudinal mechanical wave that requires a medium to travel, meaning it cannot move through a vacuum. The speed of sound depends on the density and elasticity of the medium, which is why it travels fastest in solids and slowest in gases. An echo is the reflection of sound from a surface, requiring a minimum distance of 17.2 meters to be heard clearly. The human ear can perceive frequencies between 20 Hz and 20,000 Hz; frequencies above this range are called ultrasound. Sound intensity is measured in decibels (dB), which quantifies how loud or soft a sound is.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) निर्वात (ख) वायु (ग) जल (घ) लोहा

(क) 10 मीटर (ख) 17.2 मीटर (ग) 25 मीटर (घ) 34.4 मीटर

(क) इनकी आवृत्ति 20 हर्ट्ज से कम होती है (ख) इन्हें मनुष्य सुन सकते हैं (ग) इनका उपयोग सोनार (SONAR) में किया जाता है (घ) इनकी चाल प्रकाश की चाल के बराबर होती है

(क) 45 dB (ख) 75 dB (ग) 90 dB (घ) 120 dB

(क) घटेगी (ख) बढ़ेगी (ग) स्थिर रहेगी (घ) पहले बढ़ेगी फिर घटेगी

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) स्टील (ख) जल (ग) वायु (घ) हाइड्रोजन

How it is asked

BPSC frequently asks direct questions on comparing the speed of sound in different media (solid, liquid, gas), the required distance for an echo, and the applications of ultrasound.

Do not confuse

💡 ध्वनि की चाल का क्रम याद रखें: 'ठोस-द्रव-गैस' (S-L-G) - जैसे ट्रेन की पटरी पर आवाज हवा से पहले आती है।

Everyday Optical Phenomena

Many natural phenomena observed around us are based on the scattering, refraction, and total internal reflection of light. The blue color of the sky and the redness of the sun during sunrise and sunset are due to the scattering of light, where smaller particles scatter blue light more effectively. The formation of a mirage in deserts is a classic example of total internal reflection (TIR), caused by temperature gradients in the air layers. The twinkling of stars is a result of atmospheric refraction as light passes through air layers of varying densities before reaching Earth. In space, due to the absence of an atmosphere, the sky appears black. These phenomena are not only visually striking but also demonstrate fundamental principles of physics.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) प्रकाश का परावर्तन (ख) प्रकाश का अपवर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का विक्षेपण

(क) प्रकाश का विवर्तन (ख) पूर्ण आंतरिक परावर्तन (ग) प्रकाश का प्रकीर्णन (घ) प्रकाश का व्यतिकरण

(क) तारों के प्रकाश का परावर्तन (ख) वायुमंडलीय अपवर्तन (ग) तारों का अपना प्रकाश बदलना (घ) प्रकाश का प्रकीर्णन

(क) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है (ख) लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है (ग) सूर्य उस समय ठंडा होता है (घ) अपवर्तन के कारण

(क) नीला (ख) लाल (ग) सफेद (घ) काला

How it is asked

BPSC asks direct conceptual questions from this sub-topic. Often, matching questions between 'cause' (like scattering or refraction) and 'phenomenon' or direct one-liners are common.

Do not confuse

💡 S-B-S: Scattering (प्रकीर्णन) = Blue (नीला) Sky (आकाश)। T-A-R: Twinkling (टिमटिमाना) = Atmospheric Refraction (वायुमंडलीय अपवर्तन)।

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