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BPSC CCEसामान्य विज्ञान

भौतिकी: मात्रक, गति, बल, गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा

Physics: Units, Motion, Force, Gravity and Energy

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय BPSC प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान खंड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिससे प्रतिवर्ष 3 से 5 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। इसमें मात्रक, गति के नियम, गुरुत्वाकर्षण तथा द्रव-यांत्रिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग शामिल हैं। यह अध्याय BPSC मुख्य परीक्षा हेतु दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व को समझने के लिए भी अनिवार्य है।

एसआई मात्रक एवं प्रमुख रूपांतरण

भौतिक राशियों के मापन हेतु 1960 में अंतरराष्ट्रीय माप-तौल ब्यूरो द्वारा 'एसआई पद्धति' (Système International) को वैश्विक मानक के रूप में स्वीकारा गया। इस पद्धति में 7 मूल मात्रक (लंबाई, द्रव्यमान, समय, विद्युत धारा, तापमान, ज्योति तीव्रता और पदार्थ की मात्रा) तथा 2 संपूरक मात्रक (रेडियन और स्टेरेडियन) निर्धारित किए गए हैं। भौतिकी की अन्य सभी राशियों के मात्रक इन्हीं सात मूल मात्रकों के संयोजन से बनते हैं, जिन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहा जाता है। परीक्षा में अक्सर इन मूल मात्रकों, व्युत्पन्न इकाइयों (जैसे टेस्ला, पास्कल, जूल) और खगोलीय व व्यावहारिक दूरियों (जैसे प्रकाश वर्ष, पारसेक, नॉटिकल मील) के मान एवं रूपांतरण पूछे जाते हैं। मात्रकों की स्पष्ट समझ विज्ञान के संख्यात्मक और तथ्यात्मक दोनों प्रकार के प्रश्नों को हल करने का आधार है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) प्रकाश वर्ष (ख) पारसेक (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) बार

(क) 1.49 प्रकाश वर्ष (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष (ग) 4.24 प्रकाश वर्ष (घ) 9.46 प्रकाश वर्ष

(क) 735 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट

(क) कार्य - जूल (ख) दाब - पास्कल (ग) आवृत्ति - हर्ट्ज़ (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला

(क) माइक्रोन (ख) नैनोमीटर (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) फर्मी

(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) न्यूटन पर कुलम्ब (ख) एम्पीयर पर न्यूटन (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर (घ) न्यूटन पर एम्पीयर-सैकण्ड

(क) 9×10⁴ (ख) 8×10⁶ (ग) 9×10⁸ (घ) 10⁵

परीक्षा में कैसे आता है

बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में भौतिक राशियों के एसआई मात्रक, उनके व्युत्पन्न रूप (जैसे टेस्ला = N/(A·m)), खगोलीय दूरियों के रूपांतरण (प्रकाश वर्ष, पारसेक) और विद्युत ऊर्जा (यूनिट को जूल में बदलना) से हर वर्ष 1 से 2 सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 'कैंडल' जलाकर 'ज्योति' देखी → ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) का मात्रक कैंडेला (cd) है।

गति एवं न्यूटन के गति नियम (दैनिक जीवन के अनुप्रयोग)

समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं, जिसे दूरी, विस्थापन, चाल, वेग और त्वरण से मापा जाता है। सर आइजैक न्यूटन ने 1687 ई. में अपनी पुस्तक 'प्रिंसिपिया' में गति के तीन बुनियादी नियमों का प्रतिपादन किया था। प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) बताता है कि बिना बाह्य बल के वस्तु अपनी प्रारंभिक अवस्था बनाए रखती है, जो बल की संकल्पना या परिभाषा देता है। द्वितीय नियम संवेग परिवर्तन की दर से बल का परिमाण (F = ma) निर्धारित करता है। तृतीय नियम बताता है कि प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। दैनिक जीवन में अचानक बस रुकने पर आगे झुकना, क्रिकेटर द्वारा कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना और रॉकेट का प्रक्षेपण इन्हीं नियमों पर आधारित हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व (ग) बस और यात्रियों के बीच घर्षण (घ) संवेग में तीव्र वृद्धि

(क) प्रथम गति नियम (ख) द्वितीय गति नियम (ग) तृतीय गति नियम (घ) गुरुत्वाकर्षण का नियम

(क) द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत (घ) कोणीय संवेग संरक्षण सिद्धांत

(क) 8 मी/से (ख) 10 मी/से (ग) 12 मी/से (घ) 15 मी/से

(क) न्यूटन का प्रथम गति नियम (ख) न्यूटन का द्वितीय गति नियम (ग) न्यूटन का तृतीय गति नियम (घ) आर्किमिडीज का सिद्धांत

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) 100 न्यूटन (ख) 200 न्यूटन (ग) 300 न्यूटन (घ) 400 न्यूटन

(क) 11000 न्यूटन (ख) 12000 न्यूटन (ग) 13000 न्यूटन (घ) 14000 न्यूटन

(क) चुम्बकीय बल (ख) घर्षण बल (ग) प्रभावी बल (घ) इनमें से कोई नहीं

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC और बिहार पुलिस की परीक्षाओं में न्यूटन के तीनों नियमों के व्यावहारिक उदाहरणों (जैसे अचानक ब्रेक लगना, कैच लेते समय हाथ खींचना, रॉकेट/बंदूक), गति के समीकरणों (v=u+at, s=ut+½at²) पर सीधे संख्यात्मक प्रश्नों और संपर्क बनाम गैर-संपर्क बलों के वर्गीकरण पर लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 न्यूटन के नियम याद रखने का सूत्र: 'ज-स-क्रि' (ज = जड़त्व/प्रथम नियम, स = संवेग-बल/द्वितीय नियम, क्रि = क्रिया-प्रतिक्रिया/तृतीय नियम)।

गुरुत्वाकर्षण, 'g' का मान, उपग्रह एवं पलायन वेग

ब्रह्मांड में किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं, जिसका प्रतिपादन आइजक न्यूटन ने किया था। पृथ्वी जिस आकर्षण बल से किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है, उसे गुरुत्व कहते हैं और इसके प्रभाव से उत्पन्न त्वरण गुरुत्वीय त्वरण (g) कहलाता है। पृथ्वी की सतह पर 'g' का मान एकसमान नहीं होता; यह ध्रुवों पर सर्वाधिक और भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। किसी खगोलीय पिंड की सतह से किसी वस्तु को अंतरिक्ष में फेंकने के लिए आवश्यक न्यूनतम गति को पलायन वेग कहते हैं। उपग्रह वे आकाशीय या मानवनिर्मित पिंड हैं जो ग्रहों के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में परिक्रमा करते हैं। लिफ्ट में गति और मुक्त पतन की स्थिति में आभासी भार में परिवर्तन गुरुत्वीय त्वरण के प्रभाव का ही उदाहरण है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) भूमध्य रेखा पर (ख) ध्रुवों पर (ग) कर्क रेखा पर (घ) मकर रेखा पर

(क) 10 किग्रा (ख) 60 किग्रा (ग) 360 किग्रा (घ) शून्य

(क) 11.2 किमी/सेकंड (ख) 11.2 मीटर/सेकंड (ग) 2.38 किमी/सेकंड (घ) 9.8 किमी/सेकंड

(क) 12 घंटे (ख) 24 घंटे (ग) 365 दिन (घ) 84 मिनट

(क) वह उसी कक्षा में तेज घूमने लगेगा (ख) वह पृथ्वी पर गिर जाएगा (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा (घ) उसकी दिशा विपरीत हो जाएगी

(क) भार बढ़ जाएगा (ख) भार घट जाएगा (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा (घ) भार शून्य हो जाएगा

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC CCE एवं बिहार दरोगा में गुरुत्वाकर्षण से लगातार तथ्यात्मक और अवधारणा-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। सबसे पसंदीदा पैटर्न: ध्रुवों बनाम विषुवत रेखा पर 'g' का मान, चंद्रमा पर द्रव्यमान व भार में अंतर, पलायन वेग का मान (11.2 किमी/सेकंड), उपग्रहों की ऊंचाई व दिशा, तथा त्वरित लिफ्ट में व्यक्ति के भार पर आधारित सवाल।

इनमें भ्रम न करें

💡 'ध्रुव धनी, विषुवत निर्धन' - ध्रुव (Poles) पर 'g' और भार सबसे अधिक (धनी) होता है, जबकि विषुवत रेखा (Equator) पर 'g' और भार सबसे कम (निर्धन) होता है।

कार्य, ऊर्जा और शक्ति

भौतिकी में कार्य तभी माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल लगे और वस्तु में बल की दिशा में विस्थापन हो (W = F × s × cosθ)। यदि विस्थापन शून्य है या बल तथा विस्थापन के बीच 90 डिग्री का कोण है, तो किया गया कार्य शून्य होता है। ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को कहते हैं और यह एक अदिश राशि है, जिसका SI मात्रक जूल होता है। यांत्रिक ऊर्जा मुख्य रूप से गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) और स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) के रूप में पाई जाती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित होती है। कार्य करने की समय दर को शक्ति (Power = W/t) कहते हैं, जिसका मात्रक वाट होता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) दोगुनी (ख) चार गुनी (ग) अपरिवर्तित रहेगी (घ) आधी

(क) 500 जूल (ख) 50 जूल (ग) शून्य (घ) 980 जूल

(क) 700 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट

(क) ऊर्जा का निरंतर निर्माण होता है (ख) ऊर्जा का विनाश संभव है (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है (घ) स्थितिज ऊर्जा सदैव गतिज ऊर्जा से अधिक होती है

(क) 3.6 × 10³ जूल (ख) 3.6 × 10⁵ जूल (ग) 3.6 × 10⁶ जूल (घ) 10⁶ जूल

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन है। (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। (ग) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन है। (घ) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं है।

(क) 1900 जूल (ख) 2000 जूल (ग) 2100 जूल (घ) 2200 जूल

(क) I²R (ख) IR² (ग) VI (घ) V²/R

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC और बिहार पुलिस परीक्षाओं में इस टॉपिक से सीधे संख्यात्मक प्रश्न (W = F × s), गतिज ऊर्जा-संवेग के संबंध (वेग या संवेग बढ़ाने पर ऊर्जा में बदलाव), ऊर्जा रूपांतरण करने वाले उपकरण तथा शक्ति के मात्रक (1 HP = 746 W, 1 kWh) पर नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 P-E-M-V याद रखें: 'Power = Energy / Time' और संवेग-ऊर्जा के लिए 'P² बटे 2m = Kinetic Energy'।

दाब, उत्प्लावकता, पृष्ठ तनाव एवं श्यानता

दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले लंबवत बल को कहते हैं, जिसका मान क्षेत्रफल घटने पर बढ़ता है। पास्कल के नियम के अनुसार किसी बंद द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है। आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार द्रव में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर उत्प्लावक बल लगता है, जो वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है। पृष्ठ तनाव द्रवों का वह गुण है जिसके कारण उनका मुक्त पृष्ठ न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करता है। श्यानता द्रवों एवं गैसों की परतों के बीच गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण बल है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) श्यानता (ख) पृष्ठ तनाव (ग) गुरुत्वाकर्षण (घ) उत्प्लावकता

(क) साफ मौसम (ख) आंधी या तूफान (ग) अत्यधिक बर्फबारी (घ) वर्षा की संभावना

(क) लैक्टोमीटर (ख) हाइड्रोमीटर (ग) समुद्री जहाज (घ) पेरीस्कोप

(क) दोनों बढ़ते हैं (ख) पृष्ठ तनाव बढ़ता है तथा श्यानता घटती है (ग) दोनों घटते हैं (घ) पृष्ठ तनाव घटता है तथा श्यानता बढ़ती है

(क) बर्नौली का प्रमेय (ख) पास्कल का नियम (ग) आर्किमिडीज का सिद्धांत (घ) फैराडे का नियम

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में दाब के अनुप्रयोग (बैरोमीटर पाठ्यांक), आर्किमिडीज सिद्धांत, वर्षा की बूंदों के गोल होने का कारण (पृष्ठ तनाव), और तापमान के साथ श्यानता एवं पृष्ठ तनाव के परिवर्तन पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 'ता-घ-पृ-घ' : ताप बढ़ेगा, तो द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटेंगे।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. (क) प्रकाश वर्ष - खगोलीय दूरी का मात्रक
  2. (ख) पारसेक - समय मापने की इकाई
  3. (ग) पास्कल - दाब का मात्रक
  4. (घ) जूल - कार्य एवं ऊर्जा का मात्रक
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) पारसेक - समय मापने की इकाई

पारसेक समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है। 1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष।

2. जब एक चलती हुई बस अचानक रुकती है, तो यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं। यह घटना न्यूटन के किस नियम द्वारा स्पष्ट होती है?

  1. (क) प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)
  2. (ख) द्वितीय गति नियम (संवेग परिवर्तन का नियम)
  3. (ग) तृतीय गति नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)
  4. (घ) गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम
उत्तर देखें

उत्तर: (क) प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)

न्यूटन का प्रथम नियम (गति का जड़त्व) यह बताता है कि वस्तु अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।

3. पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण (g) के मान के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?

  1. (क) g का मान ध्रुवों पर न्यूनतम और विषुवत रेखा पर अधिकतम होता है
  2. (ख) g का मान ध्रुवों पर अधिकतम और विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है
  3. (ग) पृथ्वी के केंद्र पर g का मान अनंत होता है
  4. (घ) ऊँचाई बढ़ने पर g का मान हमेशा बढ़ता है
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) g का मान ध्रुवों पर अधिकतम और विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है

पृथ्वी का आकार पूर्णतः गोल न होने और घूर्णन के कारण g का मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा विषुवत (भूमध्य) रेखा पर न्यूनतम होता है।

4. यदि किसी गतिशील पिंड का संवेग (Momentum) दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

  1. (क) दोगुनी हो जाएगी
  2. (ख) चार गुनी हो जाएगी
  3. (ग) आधी रह जाएगी
  4. (घ) अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) चार गुनी हो जाएगी

गतिज ऊर्जा KE = p^2 / 2m होती है। यदि संवेग (p) दोगुना किया जाए, तो गतिज ऊर्जा (2)^2 = 4 गुनी हो जाएगी।

5. पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए न्यूनतम पलायन वेग (Escape Velocity) कितना होना चाहिए?

  1. (क) 7.9 किमी/सेकंड
  2. (ख) 11.2 किमी/सेकंड
  3. (ग) 11.2 मीटर/सेकंड
  4. (घ) 15.0 किमी/सेकंड
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 11.2 किमी/सेकंड

पृथ्वी के लिए पलायन वेग का मान 11.2 किमी/सेकंड है। इस वेग से फेंकी गई वस्तु वापस पृथ्वी पर नहीं आती।

6. 1 अश्वशक्ति (Horsepower) में कितने वाट (Watts) होते हैं?

  1. (क) 735 वाट
  2. (ख) 746 वाट
  3. (ग) 750 वाट
  4. (घ) 1000 वाट
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 746 वाट

1 अश्वशक्ति (1 HP) का मान मानक प्रणाली में 746 वाट के बराबर होता है।

7. वर्षा की बूंदों का गोलाकार आकृति ग्रहण करने का मुख्य कारण क्या है?

  1. (क) द्रव की श्यानता (Viscosity)
  2. (ख) जल का पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
  3. (ग) वायुमंडलीय दाब
  4. (घ) गुरुत्वाकर्षण बल
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) जल का पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

पृष्ठ तनाव के कारण द्रव अपने स्वतंत्र पृष्ठ के क्षेत्रफल को न्यूनतम रखने का प्रयास करता है; दिए गए आयतन के लिए गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल न्यूनतम होता है।

8. पानी से भरे गिलास में बर्फ का एक टुकड़ा तैर रहा है। जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो जल का स्तर-

  1. (क) ऊपर उठ जाएगा
  2. (ख) नीचे गिर जाएगा
  3. (ग) अपरिवर्तित रहेगा
  4. (घ) पहले बढ़ेगा फिर घटेगा
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) अपरिवर्तित रहेगा

आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार पिघली बर्फ का आयतन, बर्फ द्वारा विस्थापित पानी के आयतन के बराबर होता है, इसलिए स्तर में कोई बदलाव नहीं होता।

9. तापमान बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity) पर क्या प्रभाव पड़ता है?

  1. (क) श्यानता बढ़ती है
  2. (ख) श्यानता घटती है
  3. (ग) अपरिवर्तित रहती है
  4. (घ) शून्य हो जाती है
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) श्यानता घटती है

तापमान बढ़ने पर द्रवों में अंतराआण्विक बल (intermolecular force) कम हो जाता है, जिससे उनकी श्यानता घट जाती है।

10. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए: सूची-I: (A) केशिकत्व, (B) पास्कल का नियम, (C) आर्किमिडीज का नियम, (D) न्यूटन का तृतीय नियम सूची-II: (1) हाइड्रोलिक ब्रेक, (2) ब्लॉटिंग पेपर द्वारा स्याही सोखना, (3) रॉकेट प्रक्षेपण, (4) जहाजों का पानी में तैरना

  1. (क) A-2, B-1, C-4, D-3
  2. (ख) A-1, B-2, C-3, D-4
  3. (ग) A-2, B-4, C-1, D-3
  4. (घ) A-4, B-1, C-2, D-3
उत्तर देखें

उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3

केशिकत्व - ब्लॉटिंग पेपर (2); पास्कल नियम - हाइड्रोलिक ब्रेक (1); आर्किमिडीज नियम - जहाजों का तैरना (4); न्यूटन का तीसरा नियम - रॉकेट प्रणोदन (3)।

English version — Physics: Units, Motion, Force, Gravity and Energy

This chapter is a highly vital segment of the General Science section in BPSC Prelims, featuring 3 to 5 direct questions every year. It covers physical units, laws of motion, gravitation, and fluid mechanics applications. Understanding these concepts is also fundamental for explaining science in daily life in BPSC Mains.

SI Units and Important Conversions

The International System of Units (SI) was adopted globally in 1960 to standardize physical measurements. It consists of 7 base units (length, mass, time, electric current, temperature, luminous intensity, amount of substance) and 2 supplementary units (radian and steradian). All other physical quantities are expressed through derived units formed by combining these base units. BPSC frequently tests knowledge of fundamental and derived units (such as Tesla, Pascal, Joule) along with practical and astronomical conversion factors (light year, parsec, nautical mile). Mastering units and their mathematical equivalents is essential for scoring in physics.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) प्रकाश वर्ष (ख) पारसेक (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) बार

(क) 1.49 प्रकाश वर्ष (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष (ग) 4.24 प्रकाश वर्ष (घ) 9.46 प्रकाश वर्ष

(क) 735 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट

(क) कार्य - जूल (ख) दाब - पास्कल (ग) आवृत्ति - हर्ट्ज़ (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला

(क) माइक्रोन (ख) नैनोमीटर (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) फर्मी

(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) न्यूटन पर कुलम्ब (ख) एम्पीयर पर न्यूटन (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर (घ) न्यूटन पर एम्पीयर-सैकण्ड

(क) 9×10⁴ (ख) 8×10⁶ (ग) 9×10⁸ (घ) 10⁵

How it is asked

BPSC regularly asks 1-2 direct questions on SI units, their derived formulations (e.g., Tesla = N/(A·m)), astronomical distance conversions (light year, parsec), and commercial electrical energy conversions (units to Joules).

Do not confuse

💡 'कैंडल' जलाकर 'ज्योति' देखी → ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) का मात्रक कैंडेला (cd) है।

Motion and Newton's Laws of Motion with Daily Life Applications

Motion describes the change in position of an object over time, characterized by displacement, velocity, and acceleration. Sir Isaac Newton established the three fundamental laws of motion in 1687 in his book 'Principia'. The first law (Law of Inertia) defines force qualitatively, stating that an object maintains its state unless acted upon by an external unbalanced force. The second law provides the quantitative formula for force (F = ma) through the rate of change of linear momentum. The third law states that forces always occur in equal and opposite pairs. Daily phenomena such as passengers jerking when a bus stops, a fielder cushioning a cricket catch, and rocket propulsion directly demonstrate these laws.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व (ग) बस और यात्रियों के बीच घर्षण (घ) संवेग में तीव्र वृद्धि

(क) प्रथम गति नियम (ख) द्वितीय गति नियम (ग) तृतीय गति नियम (घ) गुरुत्वाकर्षण का नियम

(क) द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत (घ) कोणीय संवेग संरक्षण सिद्धांत

(क) 8 मी/से (ख) 10 मी/से (ग) 12 मी/से (घ) 15 मी/से

(क) न्यूटन का प्रथम गति नियम (ख) न्यूटन का द्वितीय गति नियम (ग) न्यूटन का तृतीय गति नियम (घ) आर्किमिडीज का सिद्धांत

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) 100 न्यूटन (ख) 200 न्यूटन (ग) 300 न्यूटन (घ) 400 न्यूटन

(क) 11000 न्यूटन (ख) 12000 न्यूटन (ग) 13000 न्यूटन (घ) 14000 न्यूटन

(क) चुम्बकीय बल (ख) घर्षण बल (ग) प्रभावी बल (घ) इनमें से कोई नहीं

How it is asked

BPSC and Bihar Police exams consistently test real-life applications of Newton's laws (jerking in bus, catching a ball, recoil/rocket propulsion), direct numerical problems using equations of motion (F=ma, kinematics equations), and conceptual classification of contact versus non-contact forces.

Do not confuse

💡 न्यूटन के नियम याद रखने का सूत्र: 'ज-स-क्रि' (ज = जड़त्व/प्रथम नियम, स = संवेग-बल/द्वितीय नियम, क्रि = क्रिया-प्रतिक्रिया/तृतीय नियम)।

Gravitation, Acceleration due to Gravity (g), Satellites, and Escape Velocity

Gravitation is the universal attractive force acting between any two masses in the universe, as formulated by Sir Isaac Newton. The specific gravitational pull exerted by the Earth on any object towards its center is known as gravity, and the resulting acceleration is acceleration due to gravity (g). The value of 'g' varies across the Earth's surface, reaching its maximum at the poles and minimum at the equator. Escape velocity is the minimum launch speed required for an object to permanently overcome a celestial body's gravitational field. Satellites are celestial or artificial bodies that orbit planets in stable gravitational trajectories. Variations in apparent weight inside moving elevators and during free fall are direct practical applications of gravitational physics.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) भूमध्य रेखा पर (ख) ध्रुवों पर (ग) कर्क रेखा पर (घ) मकर रेखा पर

(क) 10 किग्रा (ख) 60 किग्रा (ग) 360 किग्रा (घ) शून्य

(क) 11.2 किमी/सेकंड (ख) 11.2 मीटर/सेकंड (ग) 2.38 किमी/सेकंड (घ) 9.8 किमी/सेकंड

(क) 12 घंटे (ख) 24 घंटे (ग) 365 दिन (घ) 84 मिनट

(क) वह उसी कक्षा में तेज घूमने लगेगा (ख) वह पृथ्वी पर गिर जाएगा (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा (घ) उसकी दिशा विपरीत हो जाएगी

(क) भार बढ़ जाएगा (ख) भार घट जाएगा (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा (घ) भार शून्य हो जाएगा

How it is asked

BPSC CCE and Bihar Police exams regularly ask factual and conceptual questions from gravity. Favorite patterns include: variation of 'g' between poles and the equator, difference between mass and weight on the Moon, escape velocity value (11.2 km/s), geostationary satellite orbit details, and apparent weight inside accelerating elevators.

Do not confuse

💡 'ध्रुव धनी, विषुवत निर्धन' - ध्रुव (Poles) पर 'g' और भार सबसे अधिक (धनी) होता है, जबकि विषुवत रेखा (Equator) पर 'g' और भार सबसे कम (निर्धन) होता है।

Work, Energy, and Power

In physics, work is said to be done only when a force is applied to an object and causes displacement in the direction of the force (W = F × s × cosθ). If displacement is zero or force and displacement are perpendicular (90 degrees), the net work done is zero. Energy is defined as the capacity to do work; it is a scalar quantity with the SI unit Joule. Mechanical energy predominantly exists as kinetic energy (KE = ½mv²) and potential energy (PE = mgh). According to the law of conservation of energy, energy can neither be created nor destroyed, only transformed from one form to another. Power is the rate of doing work (Power = W/t), measured in Watts.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) दोगुनी (ख) चार गुनी (ग) अपरिवर्तित रहेगी (घ) आधी

(क) 500 जूल (ख) 50 जूल (ग) शून्य (घ) 980 जूल

(क) 700 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट

(क) ऊर्जा का निरंतर निर्माण होता है (ख) ऊर्जा का विनाश संभव है (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है (घ) स्थितिज ऊर्जा सदैव गतिज ऊर्जा से अधिक होती है

(क) 3.6 × 10³ जूल (ख) 3.6 × 10⁵ जूल (ग) 3.6 × 10⁶ जूल (घ) 10⁶ जूल

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन है। (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। (ग) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन है। (घ) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं है।

(क) 1900 जूल (ख) 2000 जूल (ग) 2100 जूल (घ) 2200 जूल

(क) I²R (ख) IR² (ग) VI (घ) V²/R

How it is asked

In BPSC and Bihar Police exams, questions are frequently asked on direct numericals (W = F × s), kinetic energy-momentum relations, energy conversion devices, and power units (1 HP = 746 W, 1 kWh).

Do not confuse

💡 P-E-M-V याद रखें: 'Power = Energy / Time' और संवेग-ऊर्जा के लिए 'P² बटे 2m = Kinetic Energy'।

Pressure, Buoyancy, Surface Tension, and Viscosity

Pressure is the perpendicular force acting per unit area, which increases as the surface area decreases. According to Pascal's Law, pressure applied to a confined fluid is transmitted equally in all directions. Archimedes' Principle states that a submerged object experiences an upward buoyant force equal to the weight of the displaced fluid. Surface tension is the property of liquids by which their open surface tends to shrink into the minimum possible area. Viscosity is the internal frictional force between liquid or gas layers that opposes their relative motion.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) श्यानता (ख) पृष्ठ तनाव (ग) गुरुत्वाकर्षण (घ) उत्प्लावकता

(क) साफ मौसम (ख) आंधी या तूफान (ग) अत्यधिक बर्फबारी (घ) वर्षा की संभावना

(क) लैक्टोमीटर (ख) हाइड्रोमीटर (ग) समुद्री जहाज (घ) पेरीस्कोप

(क) दोनों बढ़ते हैं (ख) पृष्ठ तनाव बढ़ता है तथा श्यानता घटती है (ग) दोनों घटते हैं (घ) पृष्ठ तनाव घटता है तथा श्यानता बढ़ती है

(क) बर्नौली का प्रमेय (ख) पास्कल का नियम (ग) आर्किमिडीज का सिद्धांत (घ) फैराडे का नियम

How it is asked

BPSC frequently asks questions on pressure applications (barometer readings), Archimedes' principle, spherical raindrops (surface tension), and variation of viscosity and surface tension with temperature.

Do not confuse

💡 'ता-घ-पृ-घ' : ताप बढ़ेगा, तो द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटेंगे।

Quick revision

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