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BPSC CCEसामान्य विज्ञानभौतिकी: मात्रक, गति, बल, गुरुत्वाकर्षण और ऊर्जा
Physics: Units, Motion, Force, Gravity and Energy
यह अध्याय BPSC प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान खंड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिससे प्रतिवर्ष 3 से 5 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। इसमें मात्रक, गति के नियम, गुरुत्वाकर्षण तथा द्रव-यांत्रिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग शामिल हैं। यह अध्याय BPSC मुख्य परीक्षा हेतु दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व को समझने के लिए भी अनिवार्य है।
एसआई मात्रक एवं प्रमुख रूपांतरण
भौतिक राशियों के मापन हेतु 1960 में अंतरराष्ट्रीय माप-तौल ब्यूरो द्वारा 'एसआई पद्धति' (Système International) को वैश्विक मानक के रूप में स्वीकारा गया। इस पद्धति में 7 मूल मात्रक (लंबाई, द्रव्यमान, समय, विद्युत धारा, तापमान, ज्योति तीव्रता और पदार्थ की मात्रा) तथा 2 संपूरक मात्रक (रेडियन और स्टेरेडियन) निर्धारित किए गए हैं। भौतिकी की अन्य सभी राशियों के मात्रक इन्हीं सात मूल मात्रकों के संयोजन से बनते हैं, जिन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहा जाता है। परीक्षा में अक्सर इन मूल मात्रकों, व्युत्पन्न इकाइयों (जैसे टेस्ला, पास्कल, जूल) और खगोलीय व व्यावहारिक दूरियों (जैसे प्रकाश वर्ष, पारसेक, नॉटिकल मील) के मान एवं रूपांतरण पूछे जाते हैं। मात्रकों की स्पष्ट समझ विज्ञान के संख्यात्मक और तथ्यात्मक दोनों प्रकार के प्रश्नों को हल करने का आधार है।
मुख्य तथ्य
- एसआई पद्धति में 7 मूल मात्रक हैं: मीटर (m), किलोग्राम (kg), सेकण्ड (s), एम्पीयर (A), केल्विन (K), कैंडेला (cd), और मोल (mol)।
- दो संपूरक मात्रक हैं: समतल कोण का रेडियन (rad) तथा ठोस कोण का स्टेरेडियन (sr)।
- 1 प्रकाश वर्ष (Light Year) दूरी का मात्रक है, जिसका मान 9.46 × 10¹⁵ मीटर होता है।
- पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है; 1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष = 3.08 × 10¹⁶ मीटर।
- 1 अश्वशक्ति (Horsepower - hp) का मान 746 वाट (Watt) के बराबर होता है।
- विद्युत ऊर्जा की 1 वाणिज्यिक यूनिट (1 किलोवाट-घंटा या kWh) = 3.6 × 10⁶ जूल होती है।
- चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का एसआई मात्रक टेस्ला (T) है, जो न्यूटन प्रति एम्पीयर-मीटर [N/(A·m)] के समतुल्य है।
- दाब का एसआई मात्रक पास्कल (Pa = N/m²) है; मौसम विज्ञान में 1 बार = 10⁵ पास्कल का प्रयोग होता है।
- आवृत्ति (Frequency) का एसआई मात्रक हर्ट्ज़ (Hz) होता है, जो प्रति सेकण्ड (s⁻¹) कंपनों को व्यक्त करता है।
- 1 एंगस्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ मीटर होता है, जिसका उपयोग प्रकाश की तरंगदैर्घ्य व्यक्त करने में किया जाता है।
- नाभिक के आकार को मापने के लिए फर्मी (फेम्टोमीटर) का प्रयोग होता है; 1 फर्मी = 10⁻¹⁵ मीटर।
- समुद्री दूरी मापने के लिए नॉटिकल मील का प्रयोग होता है; 1 नॉटिकल मील = 1.852 किलोमीटर।
तालिका
- भौतिक राशि: लंबाई (खगोलीय) · एसआई मात्रक / प्रतीक: प्रकाश वर्ष / पारसेक · समतुल्य मान / संबंध: 1 ly = 9.46×10¹⁵ m; 1 पारसेक = 3.26 ly
- भौतिक राशि: दाब (Pressure) · एसआई मात्रक / प्रतीक: पास्कल (Pa) · समतुल्य मान / संबंध: 1 Pa = 1 N/m²; 1 बार = 10⁵ Pa
- भौतिक राशि: शक्ति (Power) · एसआई मात्रक / प्रतीक: वाट (W) · समतुल्य मान / संबंध: 1 W = 1 J/s; 1 अश्वशक्ति = 746 W
- भौतिक राशि: व्यापारिक विद्युत ऊर्जा · एसआई मात्रक / प्रतीक: किलोवाट-घंटा (kWh / यूनिट) · समतुल्य मान / संबंध: 1 यूनिट = 3.6 × 10⁶ J
- भौतिक राशि: चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) · एसआई मात्रक / प्रतीक: टेस्ला (T) · समतुल्य मान / संबंध: 1 T = 1 N/(A·m) = 1 वेबर/मी²
- भौतिक राशि: ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) · एसआई मात्रक / प्रतीक: कैंडेला (cd) · समतुल्य मान / संबंध: मूल मात्रक (Base Unit)
- भौतिक राशि: तरंगदैर्घ्य (Wavelength) · एसआई मात्रक / प्रतीक: एंगस्ट्रॉम (Å) / मीटर (m) · समतुल्य मान / संबंध: 1 Å = 10⁻¹⁰ m; 1 nm = 10⁻⁹ m
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सी दूरी की इकाई नहीं है?
(क) प्रकाश वर्ष (ख) पारसेक (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) बार
- ✔ उत्तर: (घ) बार — 'बार' वायुमंडलीय दाब मापने की इकाई है (1 बार = 10⁵ पास्कल), जबकि अन्य तीनों दूरियों के मात्रक हैं।
- प्रश्न 2: 1 पारसेक का मान लगभग कितने प्रकाश वर्ष के बराबर होता है?
(क) 1.49 प्रकाश वर्ष (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष (ग) 4.24 प्रकाश वर्ष (घ) 9.46 प्रकाश वर्ष
- ✔ उत्तर: (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष — 1 पारसेक बराबर 3.26 प्रकाश वर्ष (3.08 × 10¹⁶ मीटर) होता है।
- प्रश्न 3: यांत्रिक शक्ति की व्यावहारिक इकाई 'अश्वशक्ति' (Horsepower) में कितने वाट होते हैं?
(क) 735 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट
- ✔ उत्तर: (ख) 746 वाट — 1 अश्वशक्ति (hp) का मानक मान 746 वाट (W) होता है।
- प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) कार्य - जूल (ख) दाब - पास्कल (ग) आवृत्ति - हर्ट्ज़ (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला
- ✔ उत्तर: (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला — चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर (Wb) होता है, जबकि टेस्ला (T) चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है।
- प्रश्न 5: तरंगदैर्घ्य को सामान्यतः किस इकाई में मापा जाता है, जिसका मान 10⁻¹⁰ मीटर होता है?
(क) माइक्रोन (ख) नैनोमीटर (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) फर्मी
- ✔ उत्तर: (ग) एंगस्ट्रॉम — 1 एंगस्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ मीटर होता है और इसका मुख्य उपयोग तरंगदैर्घ्य मापन में होता है।
- प्रश्न 6: एसआई प्रणाली में मूल मात्रकों की कुल संख्या कितनी है?
(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11
- ✔ उत्तर: (ख) 7 — एसआई पद्धति में 7 मूल मात्रक और 2 संपूरक मात्रक मान्य हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 149] निम्नलिखित में से कौन टेस्ला के समतुल्य है ?
(क) न्यूटन पर कुलम्ब (ख) एम्पीयर पर न्यूटन (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर (घ) न्यूटन पर एम्पीयर-सैकण्ड
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर — चुंबकीय बल सूत्र F = B·I·L से चुंबकीय क्षेत्र B = F / (I·L) प्राप्त होता है, जिसका मात्रक न्यूटन प्रति एम्पीयर-मीटर बनता है, जिसे टेस्ला कहते हैं।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 123] किसी घर में एक महिने में ऊर्जा की खपत 250 यूनिट होती है तो कुल ऊर्जा जूल में होगी :
(क) 9×10⁴ (ख) 8×10⁶ (ग) 9×10⁸ (घ) 10⁵
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) 9×10⁸ — 1 विद्युत यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल होता है, अतः 250 यूनिट = 250 × 3.6 × 10⁶ = 9 × 10⁸ जूल।
परीक्षा में कैसे आता है
बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में भौतिक राशियों के एसआई मात्रक, उनके व्युत्पन्न रूप (जैसे टेस्ला = N/(A·m)), खगोलीय दूरियों के रूपांतरण (प्रकाश वर्ष, पारसेक) और विद्युत ऊर्जा (यूनिट को जूल में बदलना) से हर वर्ष 1 से 2 सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ प्रकाश वर्ष (Light Year) में 'वर्ष' देखकर छात्र इसे समय का मात्रक समझ लेते हैं, जबकि यह खगोलीय 'दूरी' का मात्रक है।
- ✘ किलोवाट (kW) शक्ति का मात्रक है, जबकि किलोवाट-घंटा (kWh) ऊर्जा (विद्युत खपत) का मात्रक है।
- ✘ टेस्ला 'चुंबकीय क्षेत्र' का मात्रक है, जबकि वेबर 'चुंबकीय फ्लक्स' का मात्रक है।
💡 'कैंडल' जलाकर 'ज्योति' देखी → ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) का मात्रक कैंडेला (cd) है।
गति एवं न्यूटन के गति नियम (दैनिक जीवन के अनुप्रयोग)
समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं, जिसे दूरी, विस्थापन, चाल, वेग और त्वरण से मापा जाता है। सर आइजैक न्यूटन ने 1687 ई. में अपनी पुस्तक 'प्रिंसिपिया' में गति के तीन बुनियादी नियमों का प्रतिपादन किया था। प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) बताता है कि बिना बाह्य बल के वस्तु अपनी प्रारंभिक अवस्था बनाए रखती है, जो बल की संकल्पना या परिभाषा देता है। द्वितीय नियम संवेग परिवर्तन की दर से बल का परिमाण (F = ma) निर्धारित करता है। तृतीय नियम बताता है कि प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। दैनिक जीवन में अचानक बस रुकने पर आगे झुकना, क्रिकेटर द्वारा कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना और रॉकेट का प्रक्षेपण इन्हीं नियमों पर आधारित हैं।
मुख्य तथ्य
- न्यूटन ने गति के नियमों का प्रतिपादन 1687 ई. में अपनी पुस्तक 'फ़िलॉसफ़िए नेचुरैलिस प्रिंसिपिया मैथेमेटिका' में किया था।
- जड़त्व किसी वस्तु का वह स्वाभाविक गुण है जो उसकी गति अथवा विराम अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है; जड़त्व का माप द्रव्यमान होता है।
- न्यूटन का प्रथम गति नियम बल की गुणात्मक परिभाषा (Qualitative definition) देता है, इसे 'गैलिलियो का नियम' भी कहा जाता है।
- न्यूटन का द्वितीय गति नियम बल की मात्रात्मक माप (F = dp/dt = ma) प्रदान करता है।
- संवेग (Linear Momentum, p = mv) एक सदिश राशि है, जिसका SI मात्रक किग्रा·मीटर/सेकंड (kg·m/s) होता है।
- आवेग (Impulse = बल × समयांतराल) संवेग में कुल परिवर्तन के बराबर होता है और इसका मात्रक न्यूटन-सेकंड (N·s) होता है।
- क्रिकेट खिलाड़ी द्वारा गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचना संपर्क समय बढ़ाकर चोट से बचने हेतु आवेग/बल घटाने का उदाहरण है (द्वितीय नियम)।
- न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार क्रिया और प्रतिक्रिया बल सदैव दो भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर एक साथ कार्य करते हैं।
- रॉकेट नोदन (Rocket Propulsion) तथा जेट विमान का उड़ना न्यूटन के तृतीय नियम और रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत पर आधारित है।
- बंदूक से गोली चलाने पर बंदूक का पीछे की ओर झटका देना (Recoil of Gun) रेखीय संवेग संरक्षण का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
- समान त्वरण से गतिमान वस्तु के गति समीकरण: v = u + at, s = ut + ½at², तथा v² = u² + 2as होते हैं।
- एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है, लेकिन दिशा बदलने के कारण वेग निरंतर परिवर्तित होता है, अतः यह एक त्वरित गति है।
तालिका
- गति नियम: प्रथम नियम (First Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: जड़त्व का नियम / गैलिलियो का नियम · गणितीय व्यंजक: यदि F_बाह्य = 0, तो a = 0 (बल की परिभाषा) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: बस के रुकने पर आगे झुकना; दरी को डंडे से पीटने पर धूल अलग होना; फल का पेड़ हिलाने पर गिरना
- गति नियम: द्वितीय नियम (Second Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: संवेग परिवर्तन का नियम · गणितीय व्यंजक: F = dp/dt = ma (बल का परिमाण) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: क्रिकेटर द्वारा कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना; वाहनों में शॉक-एब्जॉर्बर (स्प्रिंग) लगाना
- गति नियम: तृतीय नियम (Third Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम · गणितीय व्यंजक: F_12 = - F_21 (युग्म बल) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: रॉकेट नोदन; बंदूक का पीछे हटना; पानी में तैरते समय हाथ से पानी पीछे धकेलना; कुएं से पानी खींचते समय रस्सी टूटने पर पीछे गिरना
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 7: चलती हुई बस के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं, इसका मुख्य कारण क्या है?
(क) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व (ग) बस और यात्रियों के बीच घर्षण (घ) संवेग में तीव्र वृद्धि
- ✔ उत्तर: (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व — न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, बस रुकने पर यात्रियों के शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व (Inertia of motion) के कारण गति बनाए रखने की कोशिश करता है।
- प्रश्न 8: न्यूटन का कौन-सा नियम बल का गणितीय सूत्र (व्यंजक) प्रदान करता है?
(क) प्रथम गति नियम (ख) द्वितीय गति नियम (ग) तृतीय गति नियम (घ) गुरुत्वाकर्षण का नियम
- ✔ उत्तर: (ख) द्वितीय गति नियम — न्यूटन का द्वितीय गति नियम (F = ma) संवेग परिवर्तन की दर के आधार पर बल का गणितीय मान और सूत्र निर्धारित करता है।
- प्रश्न 9: रॉकेट का प्रक्षेपण भौतिकी के किस मौलिक सिद्धांत पर कार्य करता है?
(क) द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत (घ) कोणीय संवेग संरक्षण सिद्धांत
- ✔ उत्तर: (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत — रॉकेट ईंधन के निष्कासन से उत्पन्न प्रतिक्रिया बल और रेखीय संवेग संरक्षण (Conservation of Linear Momentum) के सिद्धांत पर उड़ता है।
- प्रश्न 10: एक 5 किग्रा द्रव्यमान की स्थिर वस्तु पर 20 न्यूटन का नियत बल 3 सेकंड तक लगाया जाता है। वस्तु द्वारा प्राप्त किया गया अंतिम वेग क्या होगा?
(क) 8 मी/से (ख) 10 मी/से (ग) 12 मी/से (घ) 15 मी/से
- ✔ उत्तर: (ग) 12 मी/से — त्वरण a = F/m = 20/5 = 4 मी/से²। गति समीकरण v = u + at से, v = 0 + (4 × 3) = 12 मी/से।
- प्रश्न 11: कंबल को छड़ी से पीटने पर धूल के कण बाहर निकल जाते हैं। यह घटना किस नियम को दर्शाती है?
(क) न्यूटन का प्रथम गति नियम (ख) न्यूटन का द्वितीय गति नियम (ग) न्यूटन का तृतीय गति नियम (घ) आर्किमिडीज का सिद्धांत
- ✔ उत्तर: (क) न्यूटन का प्रथम गति नियम — कंबल को पीटने पर वह गति में आ जाता है परंतु धूल के कण विराम के जड़त्व (Inertia of rest) के कारण अपने स्थान पर ही स्थिर रहना चाहते हैं और अलग हो जाते हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 121] हम एक लकड़ी के बक्से को 200 न्यूटन बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर ढकलते है। सीमान्त घर्षण बल होगा :
(क) 100 न्यूटन (ख) 200 न्यूटन (ग) 300 न्यूटन (घ) 400 न्यूटन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) 200 न्यूटन — न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, जब बक्सा नियत वेग (शून्य त्वरण) से चलता है, तो उस पर कुल बाह्य बल शून्य होता है; अतः सीमांत घर्षण बल आरोपित बल (200 न्यूटन) के बिल्कुल बराबर होगा।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 122] एक ट्रक विराम अवस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 सेकण्ड में 400 मीटर की दूरी तय करता है। यदि ट्रक का द्रव्यमान 7 टन है तो इस पर लगने वाला बल होगा :
(क) 11000 न्यूटन (ख) 12000 न्यूटन (ग) 13000 न्यूटन (घ) 14000 न्यूटन
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) 14000 न्यूटन — s = ut + ½at² से 400 = 0 + ½ × a × (20)² हल करने पर त्वरण a = 2 मी/से² मिलता है; F = ma से बल = 7000 किग्रा × 2 मी/से² = 14000 न्यूटन।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 122] निम्नलिखित में से कौन-सा एक गैर-संपर्क बल है ?
(क) चुम्बकीय बल (ख) घर्षण बल (ग) प्रभावी बल (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) चुम्बकीय बल — चुंबकीय बल बिना भौतिक संपर्क के कार्य करता है इसलिए यह एक गैर-संपर्क बल (Non-contact force) है, जबकि घर्षण संपर्क बल है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC और बिहार पुलिस की परीक्षाओं में न्यूटन के तीनों नियमों के व्यावहारिक उदाहरणों (जैसे अचानक ब्रेक लगना, कैच लेते समय हाथ खींचना, रॉकेट/बंदूक), गति के समीकरणों (v=u+at, s=ut+½at²) पर सीधे संख्यात्मक प्रश्नों और संपर्क बनाम गैर-संपर्क बलों के वर्गीकरण पर लगातार प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ बल की परिभाषा बनाम सूत्र: न्यूटन का प्रथम नियम बल की गुणात्मक परिभाषा (संकल्पना) देता है, जबकि द्वितीय नियम बल का गणितीय सूत्र (F = ma) और माप देता है।
- ✘ क्रिया और प्रतिक्रिया बल: क्रिया और प्रतिक्रिया समान और विपरीत होते हैं, लेकिन वे हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे कभी एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते।
- ✘ रॉकेट का कार्य सिद्धांत: रॉकेट प्रणोदन न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) और रेखीय संवेग संरक्षण दोनों पर आधारित है; विकल्प में संवेग संरक्षण को प्रमुखता दी जाती है।
💡 न्यूटन के नियम याद रखने का सूत्र: 'ज-स-क्रि' (ज = जड़त्व/प्रथम नियम, स = संवेग-बल/द्वितीय नियम, क्रि = क्रिया-प्रतिक्रिया/तृतीय नियम)।
गुरुत्वाकर्षण, 'g' का मान, उपग्रह एवं पलायन वेग
ब्रह्मांड में किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं, जिसका प्रतिपादन आइजक न्यूटन ने किया था। पृथ्वी जिस आकर्षण बल से किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है, उसे गुरुत्व कहते हैं और इसके प्रभाव से उत्पन्न त्वरण गुरुत्वीय त्वरण (g) कहलाता है। पृथ्वी की सतह पर 'g' का मान एकसमान नहीं होता; यह ध्रुवों पर सर्वाधिक और भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। किसी खगोलीय पिंड की सतह से किसी वस्तु को अंतरिक्ष में फेंकने के लिए आवश्यक न्यूनतम गति को पलायन वेग कहते हैं। उपग्रह वे आकाशीय या मानवनिर्मित पिंड हैं जो ग्रहों के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में परिक्रमा करते हैं। लिफ्ट में गति और मुक्त पतन की स्थिति में आभासी भार में परिवर्तन गुरुत्वीय त्वरण के प्रभाव का ही उदाहरण है।
मुख्य तथ्य
- सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का मान 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg² होता है, जिसका प्रायोगिक मान सबसे पहले हेनरी कैवेंडिश ने दिया था।
- पृथ्वी की सतह पर मानक गुरुत्वीय त्वरण (g) का औसत मान 9.8 m/s² (लगभग 32 ft/s²) होता है।
- गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान पृथ्वी के ध्रुवों (Poles) पर अधिकतम तथा विषुवत रेखा (Equator) पर न्यूनतम होता है।
- पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर अथवा पृथ्वी के अंदर गहराई में जाने पर दोनों ही स्थितियों में 'g' का मान घटता है।
- पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान शून्य होता है, अतः वहाँ वस्तु का भार भी शून्य हो जाता है।
- चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का 1/6 भाग होता है (g_moon = g/6)।
- किसी वस्तु का द्रव्यमान (Mass) सर्वत्र समान रहता है, किंतु भार (Weight = m × g) स्थान के अनुसार बदलता रहता है।
- पृथ्वी के लिए पलायन वेग (Escape Velocity) का मान 11.2 किमी/सेकंड (km/s) होता है।
- चंद्रमा पर पलायन वेग लगभग 2.38 किमी/सेकंड होता है, जो गैस के अणुओं के तापीय वेग से कम होने के कारण वहां वायुमंडल नहीं टिक पाता।
- पलायन वेग (v_e) और कक्षीय वेग (v_o) में संबंध v_e = √2 × v_o होता है (पलायन वेग, कक्षीय वेग का √2 या 1.414 गुना होता है)।
- भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) पृथ्वी तल से लगभग 36,000 किमी की ऊंचाई पर स्थित होते हैं और इनका आवर्तकाल 24 घंटे होता है।
- भू-स्थिर उपग्रह की घूर्णन दिशा पश्चिम से पूर्व (West to East) होती है, जो पृथ्वी के घूर्णन की दिशा के समान है।
- जब लिफ्ट त्वरण 'a' से ऊपर जाती है तो व्यक्ति का आभासी भार बढ़ जाता है [R = m(g + a)], और नीचे आने पर घट जाता है [R = m(g - a)]।
- लिफ्ट की डोरी टूटने पर मुक्त पतन की स्थिति में त्वरण a = g हो जाता है, जिससे आभासी भार शून्य (भारहीनता की स्थिति) हो जाता है।
तालिका
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी (ध्रुव) · गुरुत्वीय त्वरण (g): अधिकतम (~9.83 m/s²) · पलायन वेग: 11.2 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: ध्रुवीय त्रिज्या सबसे कम होने से भार अधिकतम
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी (भूमध्य रेखा) · गुरुत्वीय त्वरण (g): न्यूनतम (~9.78 m/s²) · पलायन वेग: 11.2 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: विषुवतीय त्रिज्या अधिक होने से भार न्यूनतम
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी का केंद्र · गुरुत्वीय त्वरण (g): शून्य (0 m/s²) · पलायन वेग: लागू नहीं · विशेष परीक्षा बिंदु: केंद्र पर वस्तु का भार शून्य होता है
- पिंड / स्थिति: चंद्रमा · गुरुत्वीय त्वरण (g): 1.62 m/s² (पृथ्वी का 1/6) · पलायन वेग: 2.38 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: कम पलायन वेग के कारण वायुमंडल अनुपस्थित
- पिंड / स्थिति: भू-स्थिर उपग्रह कक्षा · गुरुत्वीय त्वरण (g): अत्यंत क्षीण · पलायन वेग: कक्षीय वेग ~ 3.1 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: ऊंचाई 36,000 किमी, आवर्तकाल 24 घंटे, पश्चिम से पूर्व
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 12: पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु का भार अधिकतम कहाँ पर होगा?
(क) भूमध्य रेखा पर (ख) ध्रुवों पर (ग) कर्क रेखा पर (घ) मकर रेखा पर
- ✔ उत्तर: (ख) ध्रुवों पर — पृथ्वी की ध्रुवीय त्रिज्या न्यूनतम होने के कारण ध्रुवों पर 'g' का मान अधिकतम होता है, जिससे वस्तु का भार (W = mg) भी ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है।
- प्रश्न 13: यदि 60 किग्रा द्रव्यमान वाले किसी व्यक्ति को चंद्रमा पर ले जाया जाए, तो चंद्रमा पर उसका द्रव्यमान कितना होगा?
(क) 10 किग्रा (ख) 60 किग्रा (ग) 360 किग्रा (घ) शून्य
- ✔ उत्तर: (ख) 60 किग्रा — द्रव्यमान किसी पदार्थ की मौलिक मात्रा है जो ब्रह्मांड में सर्वत्र स्थिर (अपरिवर्तित) रहती है; केवल भार 1/6 होकर 10 किग्रा-भार रह जाएगा।
- प्रश्न 14: पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु का पलायन वेग कितना होता है?
(क) 11.2 किमी/सेकंड (ख) 11.2 मीटर/सेकंड (ग) 2.38 किमी/सेकंड (घ) 9.8 किमी/सेकंड
- ✔ उत्तर: (क) 11.2 किमी/सेकंड — पृथ्वी का पलायन वेग 11.2 किमी/सेकंड होता है, जिस गति से फेंकने पर कोई पिंड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाता है।
- प्रश्न 15: एक भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल कितना होता है?
(क) 12 घंटे (ख) 24 घंटे (ग) 365 दिन (घ) 84 मिनट
- ✔ उत्तर: (ख) 24 घंटे — भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी के साथ समकालिक होता है, इसलिए इसका परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर यानी 24 घंटे होता है।
- प्रश्न 16: यदि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल में 41.4% (या √2 गुना) की वृद्धि कर दी जाए, तो उपग्रह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(क) वह उसी कक्षा में तेज घूमने लगेगा (ख) वह पृथ्वी पर गिर जाएगा (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा (घ) उसकी दिशा विपरीत हो जाएगी
- ✔ उत्तर: (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा — चूँकि पलायन वेग कक्षीय वेग का √2 गुना (यानी 41.4% अधिक) होता है, अतः वेग इतना बढ़ाने पर वह अपनी कक्षा छोड़कर पलायन कर जाएगा।
- प्रश्न 17: एक लिफ्ट एकसमान वेग (Constant Velocity) से ऊपर की ओर जा रही है। उसमें खड़े व्यक्ति के भार में क्या परिवर्तन होगा?
(क) भार बढ़ जाएगा (ख) भार घट जाएगा (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा (घ) भार शून्य हो जाएगा
- ✔ उत्तर: (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा — जब लिफ्ट एकसमान वेग से गति करती है, तो त्वरण a = 0 होता है, जिससे आभासी भार R = m(g ± 0) = mg रहता है, अर्थात् कोई बदलाव नहीं होता।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC CCE एवं बिहार दरोगा में गुरुत्वाकर्षण से लगातार तथ्यात्मक और अवधारणा-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। सबसे पसंदीदा पैटर्न: ध्रुवों बनाम विषुवत रेखा पर 'g' का मान, चंद्रमा पर द्रव्यमान व भार में अंतर, पलायन वेग का मान (11.2 किमी/सेकंड), उपग्रहों की ऊंचाई व दिशा, तथा त्वरित लिफ्ट में व्यक्ति के भार पर आधारित सवाल।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ द्रव्यमान (Mass) और भार (Weight) का भ्रम: द्रव्यमान पदार्थ की मूल मात्रा है और सर्वत्र स्थिर रहता है (मात्रक: किग्रा), जबकि भार एक बल है (W = mg) जो 'g' बदलने पर बदल जाता है (मात्रक: न्यूटन)।
- ✘ पलायन वेग (v_e) और कक्षीय वेग (v_o) का संबंध: छात्र भूल जाते हैं कि v_e = √2 × v_o होता है, न कि v_o = √2 × v_e। पलायन वेग हमेशा कक्षीय वेग से अधिक होता है।
- ✘ एकसमान वेग बनाम त्वरित गति में लिफ्ट: एकसमान चाल से चलती लिफ्ट में भार नहीं बदलता; भार केवल तब बदलता है जब लिफ्ट में त्वरण (Acceleration) या मंदन हो।
💡 'ध्रुव धनी, विषुवत निर्धन' - ध्रुव (Poles) पर 'g' और भार सबसे अधिक (धनी) होता है, जबकि विषुवत रेखा (Equator) पर 'g' और भार सबसे कम (निर्धन) होता है।
कार्य, ऊर्जा और शक्ति
भौतिकी में कार्य तभी माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल लगे और वस्तु में बल की दिशा में विस्थापन हो (W = F × s × cosθ)। यदि विस्थापन शून्य है या बल तथा विस्थापन के बीच 90 डिग्री का कोण है, तो किया गया कार्य शून्य होता है। ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को कहते हैं और यह एक अदिश राशि है, जिसका SI मात्रक जूल होता है। यांत्रिक ऊर्जा मुख्य रूप से गतिज ऊर्जा (KE = ½mv²) और स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh) के रूप में पाई जाती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित होती है। कार्य करने की समय दर को शक्ति (Power = W/t) कहते हैं, जिसका मात्रक वाट होता है।
मुख्य तथ्य
- कार्य का SI मात्रक जूल (J) तथा CGS मात्रक अर्ग (erg) है (1 जूल = 10⁷ अर्ग)।
- यदि बल और विस्थापन के बीच का कोण 90° हो (जैसे कुली द्वारा सिर पर बोझ लेकर क्षैतिज चलना), तो गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है।
- गतिज ऊर्जा का सूत्र KE = ½mv² होता है; यदि वस्तु का वेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा 4 गुना हो जाती है।
- संवेग (p) और गतिज ऊर्जा (E) में संबंध: E = p² / (2m) होता है।
- स्थितिज ऊर्जा का सूत्र PE = mgh होता है, जो वस्तु की स्थिति अथवा विन्यास पर निर्भर करती है।
- स्वतंत्र रूप से नीचे गिरती हुई वस्तु की स्थितिज ऊर्जा घटती है जबकि गतिज ऊर्जा समान अनुपात में बढ़ती है, कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है।
- शक्ति का SI मात्रक वाट (Watt) अथवा जूल/सेकंड होता है।
- 1 अश्वशक्ति (Horsepower - hp) का मान 746 वाट के बराबर होता है।
- व्यावसायिक ऊर्जा मात्रक 1 किलोवाट-घंटा (1 kWh / 1 यूनिट) = 3.6 × 10⁶ जूल होता है।
- डायनेमो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में तथा विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
- विद्युत शक्ति के सूत्र: P = VI = I²R = V²/R होते हैं (जहाँ IR² शक्ति का सूत्र नहीं है)।
तालिका
- उपकरण / युक्ति: डायनेमो (जनरेटर) · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: यांत्रिक ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत मोटर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: यांत्रिक ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत बल्ब / हीटर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: सौर सेल · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: प्रकाश ऊर्जा (सौर ऊर्जा) · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: माइक्रोफोन · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: ध्वनि ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: लाउडस्पीकर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: ध्वनि ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत सेल (बैटरी) · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: रासायनिक ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 18: यदि किसी गतिशील वस्तु का संवेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
(क) दोगुनी (ख) चार गुनी (ग) अपरिवर्तित रहेगी (घ) आधी
- ✔ उत्तर: (ख) चार गुनी — संबंध E = p²/(2m) के अनुसार यदि संवेग (p) दोगुना होगा, तो गतिज ऊर्जा (2)² = 4 गुनी हो जाएगी।
- प्रश्न 19: एक कुली 50 किग्रा का भार अपने सिर पर रखकर क्षैतिज प्लेटफॉर्म पर 10 मीटर चलता है। गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा कुली पर किया गया कार्य होगा:
(क) 500 जूल (ख) 50 जूल (ग) शून्य (घ) 980 जूल
- ✔ उत्तर: (ग) शून्य — गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर तथा विस्थापन क्षैतिज है (कोण θ = 90°), अतः W = Fscos(90°) = 0।
- प्रश्न 20: एक अश्वशक्ति (1 HP) में कितने वाट होते हैं?
(क) 700 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट
- ✔ उत्तर: (ख) 746 वाट — 1 अश्वशक्ति (Horsepower) का मानक मान 746 वाट होता है।
- प्रश्न 21: ऊर्जा संरक्षण के नियम का सही अर्थ क्या है?
(क) ऊर्जा का निरंतर निर्माण होता है (ख) ऊर्जा का विनाश संभव है (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है (घ) स्थितिज ऊर्जा सदैव गतिज ऊर्जा से अधिक होती है
- ✔ उत्तर: (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है — ऊर्जा संरक्षण नियम के अनुसार ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा नियत है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।
- प्रश्न 22: 1 किलोवाट-घंटा (kWh) का मान जूल में कितना होता है?
(क) 3.6 × 10³ जूल (ख) 3.6 × 10⁵ जूल (ग) 3.6 × 10⁶ जूल (घ) 10⁶ जूल
- ✔ उत्तर: (ग) 3.6 × 10⁶ जूल — 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ जूल।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 125] मुक्त रूप से गिरते हुये पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है।
(क) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन है। (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। (ग) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन है। (घ) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं है।
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। — मुक्त रूप से गिरती वस्तु में स्थितिज ऊर्जा घटती है और गतिज ऊर्जा उसी अनुपात में बढ़ती है, अतः यह ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 126] बेलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय हल पर 140 न्यूटन का बल लगाती है। जोता गया खेत 15 मीटर लम्बा है। खेत की लम्बाई को जोतने में किया गया कार्य :
(क) 1900 जूल (ख) 2000 जूल (ग) 2100 जूल (घ) 2200 जूल
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) 2100 जूल — कार्य = बल × विस्थापन (W = F × s) = 140 N × 15 m = 2100 जूल।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 128] निम्नलिखित में से कौन-सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नही करता है?
(क) I²R (ख) IR² (ग) VI (घ) V²/R
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) IR² — विद्युत शक्ति के सही सूत्र P = VI, P = I²R और P = V²/R हैं; IR² कोई वैध शक्ति सूत्र नहीं है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC और बिहार पुलिस परीक्षाओं में इस टॉपिक से सीधे संख्यात्मक प्रश्न (W = F × s), गतिज ऊर्जा-संवेग के संबंध (वेग या संवेग बढ़ाने पर ऊर्जा में बदलाव), ऊर्जा रूपांतरण करने वाले उपकरण तथा शक्ति के मात्रक (1 HP = 746 W, 1 kWh) पर नियमित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ किलोवाट (kW) शक्ति का मात्रक है, जबकि किलोवाट-घंटा (kWh) ऊर्जा का मात्रक है।
- ✘ वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा 4 गुनी होती है, लेकिन संवेग केवल 2 गुना होता है।
- ✘ कुली द्वारा किया गया भौतिक कार्य शून्य नहीं होता (मांसपेशियों द्वारा कार्य होता है), परंतु 'गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध' किया गया कार्य क्षैतिज गति में शून्य होता है।
💡 P-E-M-V याद रखें: 'Power = Energy / Time' और संवेग-ऊर्जा के लिए 'P² बटे 2m = Kinetic Energy'।
दाब, उत्प्लावकता, पृष्ठ तनाव एवं श्यानता
दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले लंबवत बल को कहते हैं, जिसका मान क्षेत्रफल घटने पर बढ़ता है। पास्कल के नियम के अनुसार किसी बंद द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है। आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार द्रव में डूबी वस्तु पर ऊपर की ओर उत्प्लावक बल लगता है, जो वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है। पृष्ठ तनाव द्रवों का वह गुण है जिसके कारण उनका मुक्त पृष्ठ न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करता है। श्यानता द्रवों एवं गैसों की परतों के बीच गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण बल है।
मुख्य तथ्य
- दाब (P) = बल (F) / क्षेत्रफल (A); इसका SI मात्रक पास्कल (Pa) या न्यूटन/मीटर² है।
- वायुमंडलीय दाब को बैरोमीटर द्वारा मापा जाता है, जिसकी खोज टोरिसेली ने की थी।
- बैरोमीटर के पाठ्यांक का अचानक गिरना तूफान या आंधी आने का संकेत होता है।
- पास्कल का नियम: हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक और हाइड्रोलिक प्रेस पास्कल के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
- आर्किमिडीज का सिद्धांत: उत्प्लावन बल हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है; जहाज का तैरना इसी पर आधारित है।
- दूध की शुद्धता मापने वाला 'लैक्टोमीटर' और द्रवों का घनत्व मापने वाला 'हाइड्रोमीटर' आर्किमिडीज के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
- संसजक बल (Cohesive force) के कारण द्रवों में पृष्ठ तनाव होता है, जिससे द्रव न्यूनतम पृष्ठ क्षेत्रफल प्राप्त करना चाहता है।
- वर्षा की बूंदें पृष्ठ तनाव के कारण ही गोलाकार आकृति धारण करती हैं।
- तापमान बढ़ाने पर द्रवों का पृष्ठ तनाव घटता है और क्रांतिक ताप पर यह शून्य हो जाता है।
- पानी में साबुन या डिटर्जेंट मिलाने पर पानी का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जिससे कपड़े बेहतर साफ होते हैं।
- केशिकत्व (Capillarity) के कारण दीये की बत्ती में तेल ऊपर चढ़ता है और ब्लोटिंग पेपर स्याही सोखता है।
- श्यानता केवल द्रवों और गैसों का गुण है; आदर्श द्रव की श्यानता शून्य होती है।
- तापमान बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता घटती है, जबकि गैसों की श्यानता बढ़ती है।
तालिका
- भौतिक गुण/सिद्धांत: दाब (Pressure) · मुख्य कारण/परिभाषा: P = F / A (एकांक क्षेत्रफल पर बल) · दैनिक जीवन में उदाहरण: कील का नुकीला सिरा आसानी से धंसना, दलदल में लेटने की सलाह
- भौतिक गुण/सिद्धांत: पास्कल का नियम · मुख्य कारण/परिभाषा: बंद द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान · दैनिक जीवन में उदाहरण: हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक
- भौतिक गुण/सिद्धांत: आर्किमिडीज सिद्धांत · मुख्य कारण/परिभाषा: उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार · दैनिक जीवन में उदाहरण: जहाज का पानी में तैरना, लैक्टोमीटर, हाइड्रोमीटर
- भौतिक गुण/सिद्धांत: पृष्ठ तनाव · मुख्य कारण/परिभाषा: संसजक बल द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल की प्रवृत्ति · दैनिक जीवन में उदाहरण: वर्षा की बूंद गोल होना, गर्म सूप का स्वादिष्ट लगना
- भौतिक गुण/सिद्धांत: केशिकत्व · मुख्य कारण/परिभाषा: पतली नली में द्रव का चढ़ना या उतरना · दैनिक जीवन में उदाहरण: दीपक की बत्ती में तेल चढ़ना, पौधों की जड़ों से जल परिवहन
- भौतिक गुण/सिद्धांत: श्यानता · मुख्य कारण/परिभाषा: द्रव/गैस परतों में आंतरिक घर्षण बल · दैनिक जीवन में उदाहरण: पानी की तुलना में शहद का धीमा बहना
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 23: वर्षा की बूंदों का गोल होना निम्नलिखित में से किस भौतिक गुण के कारण होता है?
(क) श्यानता (ख) पृष्ठ तनाव (ग) गुरुत्वाकर्षण (घ) उत्प्लावकता
- ✔ उत्तर: (ख) पृष्ठ तनाव — द्रव का पृष्ठ तनाव मुक्त पृष्ठ को न्यूनतम क्षेत्रफल (गोलाकार) में समेटने का प्रयास करता है।
- प्रश्न 24: बैरोमीटर के पाठ्यांक में अचानक गिरावट किस प्राकृतिक घटना का संकेतक है?
(क) साफ मौसम (ख) आंधी या तूफान (ग) अत्यधिक बर्फबारी (घ) वर्षा की संभावना
- ✔ उत्तर: (ख) आंधी या तूफान — बैरोमीटर का पारा अचानक गिरना वायुमंडलीय दाब में तीव्र कमी दर्शाती है, जो तूफान का संकेत है।
- प्रश्न 25: निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
(क) लैक्टोमीटर (ख) हाइड्रोमीटर (ग) समुद्री जहाज (घ) पेरीस्कोप
- ✔ उत्तर: (घ) पेरीस्कोप — पेरीस्कोप प्रकाश के परावर्तन के नियम पर कार्य करता है, आर्किमिडीज सिद्धांत पर नहीं।
- प्रश्न 26: द्रवों का तापमान बढ़ाने पर उनके पृष्ठ तनाव और श्यानता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) दोनों बढ़ते हैं (ख) पृष्ठ तनाव बढ़ता है तथा श्यानता घटती है (ग) दोनों घटते हैं (घ) पृष्ठ तनाव घटता है तथा श्यानता बढ़ती है
- ✔ उत्तर: (ग) दोनों घटते हैं — तापमान वृद्धि से द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटते हैं।
- प्रश्न 27: हाइड्रोलिक ब्रेक किस नियम/सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
(क) बर्नौली का प्रमेय (ख) पास्कल का नियम (ग) आर्किमिडीज का सिद्धांत (घ) फैराडे का नियम
- ✔ उत्तर: (ख) पास्कल का नियम — हाइड्रोलिक ब्रेक बंद द्रव पर समान दाब संचरण के पास्कल नियम पर आधारित हैं।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में दाब के अनुप्रयोग (बैरोमीटर पाठ्यांक), आर्किमिडीज सिद्धांत, वर्षा की बूंदों के गोल होने का कारण (पृष्ठ तनाव), और तापमान के साथ श्यानता एवं पृष्ठ तनाव के परिवर्तन पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ गैसों और द्रवों पर तापमान का श्यानता पर प्रभाव: ताप बढ़ाने से द्रवों की श्यानता घटती है, किंतु गैसों की श्यानता बढ़ती है।
- ✘ संसजक बल (Cohesive force) समान अणुओं के बीच लगता है, जबकि आसंजक बल (Adhesive force) भिन्न अणुओं के बीच लगता है।
💡 'ता-घ-पृ-घ' : ताप बढ़ेगा, तो द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटेंगे।
एक नज़र में (Revision)
- प्रकाश वर्ष और पारसेक खगोलीय दूरी मापने की इकाइयाँ हैं; 1 पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
- एंगस्ट्रॉम (Å) तरंगदैर्ध्य मापने का मात्रक है, जो 10^-10 मीटर के बराबर होता है।
- न्यूटन का प्रथम गति नियम 'जड़त्व का नियम' कहलाता है, जिससे बल की परिभाषा प्राप्त होती है।
- बंदूक से गोली चलाने पर पीछे की ओर धक्का लगना न्यूटन के तीसरे गति नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) का उदाहरण है।
- पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण (g) का मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है।
- पृथ्वी की सतह से पलायन वेग (Escape Velocity) का मान 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड होता है।
- यदि किसी वस्तु का संवेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।
- 1 अश्वशक्ति (Horsepower) 746 वाट के बराबर होती है, जो शक्ति की एक व्यावहारिक इकाई है।
- वर्षा की बूंदों का गोल होना जल के पृष्ठ तनाव (Surface Tension) के कारण होता है।
- दीपक की बत्ती में तेल का ऊपर चढ़ना तथा ब्लॉटिंग पेपर द्वारा स्याही सोखना केशिकत्व (Capillarity) का उदाहरण है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (क) प्रकाश वर्ष - खगोलीय दूरी का मात्रक
- (ख) पारसेक - समय मापने की इकाई
- (ग) पास्कल - दाब का मात्रक
- (घ) जूल - कार्य एवं ऊर्जा का मात्रक
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) पारसेक - समय मापने की इकाई
पारसेक समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है। 1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष।
2. जब एक चलती हुई बस अचानक रुकती है, तो यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं। यह घटना न्यूटन के किस नियम द्वारा स्पष्ट होती है?
- (क) प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)
- (ख) द्वितीय गति नियम (संवेग परिवर्तन का नियम)
- (ग) तृतीय गति नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)
- (घ) गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम
उत्तर देखें
उत्तर: (क) प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम)
न्यूटन का प्रथम नियम (गति का जड़त्व) यह बताता है कि वस्तु अपनी गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है।
3. पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण (g) के मान के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
- (क) g का मान ध्रुवों पर न्यूनतम और विषुवत रेखा पर अधिकतम होता है
- (ख) g का मान ध्रुवों पर अधिकतम और विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है
- (ग) पृथ्वी के केंद्र पर g का मान अनंत होता है
- (घ) ऊँचाई बढ़ने पर g का मान हमेशा बढ़ता है
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) g का मान ध्रुवों पर अधिकतम और विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है
पृथ्वी का आकार पूर्णतः गोल न होने और घूर्णन के कारण g का मान ध्रुवों पर अधिकतम तथा विषुवत (भूमध्य) रेखा पर न्यूनतम होता है।
4. यदि किसी गतिशील पिंड का संवेग (Momentum) दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- (क) दोगुनी हो जाएगी
- (ख) चार गुनी हो जाएगी
- (ग) आधी रह जाएगी
- (घ) अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) चार गुनी हो जाएगी
गतिज ऊर्जा KE = p^2 / 2m होती है। यदि संवेग (p) दोगुना किया जाए, तो गतिज ऊर्जा (2)^2 = 4 गुनी हो जाएगी।
5. पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए न्यूनतम पलायन वेग (Escape Velocity) कितना होना चाहिए?
- (क) 7.9 किमी/सेकंड
- (ख) 11.2 किमी/सेकंड
- (ग) 11.2 मीटर/सेकंड
- (घ) 15.0 किमी/सेकंड
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 11.2 किमी/सेकंड
पृथ्वी के लिए पलायन वेग का मान 11.2 किमी/सेकंड है। इस वेग से फेंकी गई वस्तु वापस पृथ्वी पर नहीं आती।
6. 1 अश्वशक्ति (Horsepower) में कितने वाट (Watts) होते हैं?
- (क) 735 वाट
- (ख) 746 वाट
- (ग) 750 वाट
- (घ) 1000 वाट
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 746 वाट
1 अश्वशक्ति (1 HP) का मान मानक प्रणाली में 746 वाट के बराबर होता है।
7. वर्षा की बूंदों का गोलाकार आकृति ग्रहण करने का मुख्य कारण क्या है?
- (क) द्रव की श्यानता (Viscosity)
- (ख) जल का पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
- (ग) वायुमंडलीय दाब
- (घ) गुरुत्वाकर्षण बल
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) जल का पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
पृष्ठ तनाव के कारण द्रव अपने स्वतंत्र पृष्ठ के क्षेत्रफल को न्यूनतम रखने का प्रयास करता है; दिए गए आयतन के लिए गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल न्यूनतम होता है।
8. पानी से भरे गिलास में बर्फ का एक टुकड़ा तैर रहा है। जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो जल का स्तर-
- (क) ऊपर उठ जाएगा
- (ख) नीचे गिर जाएगा
- (ग) अपरिवर्तित रहेगा
- (घ) पहले बढ़ेगा फिर घटेगा
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) अपरिवर्तित रहेगा
आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार पिघली बर्फ का आयतन, बर्फ द्वारा विस्थापित पानी के आयतन के बराबर होता है, इसलिए स्तर में कोई बदलाव नहीं होता।
9. तापमान बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (क) श्यानता बढ़ती है
- (ख) श्यानता घटती है
- (ग) अपरिवर्तित रहती है
- (घ) शून्य हो जाती है
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) श्यानता घटती है
तापमान बढ़ने पर द्रवों में अंतराआण्विक बल (intermolecular force) कम हो जाता है, जिससे उनकी श्यानता घट जाती है।
10. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I: (A) केशिकत्व, (B) पास्कल का नियम, (C) आर्किमिडीज का नियम, (D) न्यूटन का तृतीय नियम
सूची-II: (1) हाइड्रोलिक ब्रेक, (2) ब्लॉटिंग पेपर द्वारा स्याही सोखना, (3) रॉकेट प्रक्षेपण, (4) जहाजों का पानी में तैरना
- (क) A-2, B-1, C-4, D-3
- (ख) A-1, B-2, C-3, D-4
- (ग) A-2, B-4, C-1, D-3
- (घ) A-4, B-1, C-2, D-3
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3
केशिकत्व - ब्लॉटिंग पेपर (2); पास्कल नियम - हाइड्रोलिक ब्रेक (1); आर्किमिडीज नियम - जहाजों का तैरना (4); न्यूटन का तीसरा नियम - रॉकेट प्रणोदन (3)।
English version — Physics: Units, Motion, Force, Gravity and Energy
This chapter is a highly vital segment of the General Science section in BPSC Prelims, featuring 3 to 5 direct questions every year. It covers physical units, laws of motion, gravitation, and fluid mechanics applications. Understanding these concepts is also fundamental for explaining science in daily life in BPSC Mains.
SI Units and Important Conversions
The International System of Units (SI) was adopted globally in 1960 to standardize physical measurements. It consists of 7 base units (length, mass, time, electric current, temperature, luminous intensity, amount of substance) and 2 supplementary units (radian and steradian). All other physical quantities are expressed through derived units formed by combining these base units. BPSC frequently tests knowledge of fundamental and derived units (such as Tesla, Pascal, Joule) along with practical and astronomical conversion factors (light year, parsec, nautical mile). Mastering units and their mathematical equivalents is essential for scoring in physics.
Key facts
- There are 7 base SI units: metre (m), kilogram (kg), second (s), ampere (A), kelvin (K), candela (cd), and mole (mol).
- Two supplementary units are: radian (rad) for plane angle and steradian (sr) for solid angle.
- 1 light year is a unit of astronomical distance, equal to 9.46 × 10¹⁵ metres.
- Parsec is the largest unit of astronomical distance; 1 parsec = 3.26 light years = 3.08 × 10¹⁶ metres.
- 1 Horsepower (hp) is equivalent to 746 Watts.
- 1 commercial unit of electrical energy (1 kWh) equals 3.6 × 10⁶ Joules.
- The SI unit of magnetic field strength is Tesla (T), equivalent to Newton per ampere-metre [N/(A·m)].
- The SI unit of pressure is Pascal (Pa = N/m²); 1 bar = 10⁵ Pascals is used in meteorology.
- The SI unit of frequency is Hertz (Hz), which denotes cycles per second (s⁻¹).
- 1 Angstrom (Å) = 10⁻¹⁰ metres, commonly used to express wavelengths of light.
- Fermi (femtometre) is used to measure nuclear dimensions; 1 fermi = 10⁻¹⁵ metres.
- Nautical mile is used for maritime navigation; 1 nautical mile = 1.852 kilometres.
Table
- भौतिक राशि: लंबाई (खगोलीय) · एसआई मात्रक / प्रतीक: प्रकाश वर्ष / पारसेक · समतुल्य मान / संबंध: 1 ly = 9.46×10¹⁵ m; 1 पारसेक = 3.26 ly
- भौतिक राशि: दाब (Pressure) · एसआई मात्रक / प्रतीक: पास्कल (Pa) · समतुल्य मान / संबंध: 1 Pa = 1 N/m²; 1 बार = 10⁵ Pa
- भौतिक राशि: शक्ति (Power) · एसआई मात्रक / प्रतीक: वाट (W) · समतुल्य मान / संबंध: 1 W = 1 J/s; 1 अश्वशक्ति = 746 W
- भौतिक राशि: व्यापारिक विद्युत ऊर्जा · एसआई मात्रक / प्रतीक: किलोवाट-घंटा (kWh / यूनिट) · समतुल्य मान / संबंध: 1 यूनिट = 3.6 × 10⁶ J
- भौतिक राशि: चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) · एसआई मात्रक / प्रतीक: टेस्ला (T) · समतुल्य मान / संबंध: 1 T = 1 N/(A·m) = 1 वेबर/मी²
- भौतिक राशि: ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) · एसआई मात्रक / प्रतीक: कैंडेला (cd) · समतुल्य मान / संबंध: मूल मात्रक (Base Unit)
- भौतिक राशि: तरंगदैर्घ्य (Wavelength) · एसआई मात्रक / प्रतीक: एंगस्ट्रॉम (Å) / मीटर (m) · समतुल्य मान / संबंध: 1 Å = 10⁻¹⁰ m; 1 nm = 10⁻⁹ m
Practice questions (solved)
- Q 1: निम्नलिखित में से कौन-सी दूरी की इकाई नहीं है?
(क) प्रकाश वर्ष (ख) पारसेक (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) बार
- ✔ Answer: (घ) बार — 'बार' वायुमंडलीय दाब मापने की इकाई है (1 बार = 10⁵ पास्कल), जबकि अन्य तीनों दूरियों के मात्रक हैं।
- Q 2: 1 पारसेक का मान लगभग कितने प्रकाश वर्ष के बराबर होता है?
(क) 1.49 प्रकाश वर्ष (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष (ग) 4.24 प्रकाश वर्ष (घ) 9.46 प्रकाश वर्ष
- ✔ Answer: (ख) 3.26 प्रकाश वर्ष — 1 पारसेक बराबर 3.26 प्रकाश वर्ष (3.08 × 10¹⁶ मीटर) होता है।
- Q 3: यांत्रिक शक्ति की व्यावहारिक इकाई 'अश्वशक्ति' (Horsepower) में कितने वाट होते हैं?
(क) 735 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट
- ✔ Answer: (ख) 746 वाट — 1 अश्वशक्ति (hp) का मानक मान 746 वाट (W) होता है।
- Q 4: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
(क) कार्य - जूल (ख) दाब - पास्कल (ग) आवृत्ति - हर्ट्ज़ (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला
- ✔ Answer: (घ) चुंबकीय फ्लक्स - टेस्ला — चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर (Wb) होता है, जबकि टेस्ला (T) चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक है।
- Q 5: तरंगदैर्घ्य को सामान्यतः किस इकाई में मापा जाता है, जिसका मान 10⁻¹⁰ मीटर होता है?
(क) माइक्रोन (ख) नैनोमीटर (ग) एंगस्ट्रॉम (घ) फर्मी
- ✔ Answer: (ग) एंगस्ट्रॉम — 1 एंगस्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ मीटर होता है और इसका मुख्य उपयोग तरंगदैर्घ्य मापन में होता है।
- Q 6: एसआई प्रणाली में मूल मात्रकों की कुल संख्या कितनी है?
(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11
- ✔ Answer: (ख) 7 — एसआई पद्धति में 7 मूल मात्रक और 2 संपूरक मात्रक मान्य हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 149] निम्नलिखित में से कौन टेस्ला के समतुल्य है ?
(क) न्यूटन पर कुलम्ब (ख) एम्पीयर पर न्यूटन (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर (घ) न्यूटन पर एम्पीयर-सैकण्ड
- ✔ Official answer: (ग) न्यूटन पर एम्पीयर मीटर — चुंबकीय बल सूत्र F = B·I·L से चुंबकीय क्षेत्र B = F / (I·L) प्राप्त होता है, जिसका मात्रक न्यूटन प्रति एम्पीयर-मीटर बनता है, जिसे टेस्ला कहते हैं।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 123] किसी घर में एक महिने में ऊर्जा की खपत 250 यूनिट होती है तो कुल ऊर्जा जूल में होगी :
(क) 9×10⁴ (ख) 8×10⁶ (ग) 9×10⁸ (घ) 10⁵
- ✔ Official answer: (ग) 9×10⁸ — 1 विद्युत यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल होता है, अतः 250 यूनिट = 250 × 3.6 × 10⁶ = 9 × 10⁸ जूल।
How it is asked
BPSC regularly asks 1-2 direct questions on SI units, their derived formulations (e.g., Tesla = N/(A·m)), astronomical distance conversions (light year, parsec), and commercial electrical energy conversions (units to Joules).
Do not confuse
- ✘ प्रकाश वर्ष (Light Year) में 'वर्ष' देखकर छात्र इसे समय का मात्रक समझ लेते हैं, जबकि यह खगोलीय 'दूरी' का मात्रक है।
- ✘ किलोवाट (kW) शक्ति का मात्रक है, जबकि किलोवाट-घंटा (kWh) ऊर्जा (विद्युत खपत) का मात्रक है।
- ✘ टेस्ला 'चुंबकीय क्षेत्र' का मात्रक है, जबकि वेबर 'चुंबकीय फ्लक्स' का मात्रक है।
💡 'कैंडल' जलाकर 'ज्योति' देखी → ज्योति तीव्रता (Luminous intensity) का मात्रक कैंडेला (cd) है।
Motion and Newton's Laws of Motion with Daily Life Applications
Motion describes the change in position of an object over time, characterized by displacement, velocity, and acceleration. Sir Isaac Newton established the three fundamental laws of motion in 1687 in his book 'Principia'. The first law (Law of Inertia) defines force qualitatively, stating that an object maintains its state unless acted upon by an external unbalanced force. The second law provides the quantitative formula for force (F = ma) through the rate of change of linear momentum. The third law states that forces always occur in equal and opposite pairs. Daily phenomena such as passengers jerking when a bus stops, a fielder cushioning a cricket catch, and rocket propulsion directly demonstrate these laws.
Key facts
- Newton formulated the laws of motion in 1687 in his book 'Philosophiae Naturalis Principia Mathematica'.
- Inertia is the inherent property of a body that resists changes to its state of rest or motion; mass is the measure of inertia.
- Newton's first law of motion gives the qualitative definition of force and is also known as Galileo's Law of Inertia.
- Newton's second law of motion provides the quantitative measurement of force (F = dp/dt = ma).
- Momentum (p = mv) is a vector quantity whose SI unit is kilogram-meter per second (kg·m/s).
- Impulse (Force × time interval) equals the total change in momentum, measured in Newton-seconds (N·s).
- A cricket fielder pulling hands back while catching a ball reduces the impact force by increasing contact time (Second Law).
- According to Newton's third law, action and reaction forces always act simultaneously on two different bodies.
- Rocket propulsion and jet flight are based on Newton's third law and the principle of conservation of linear momentum.
- The backward recoil of a gun upon firing a bullet is a direct application of the conservation of linear momentum.
- Equations of motion under uniform acceleration are: v = u + at, s = ut + ½at², and v² = u² + 2as.
- In uniform circular motion, speed remains constant but velocity continuously changes due to direction, making it an accelerated motion.
Table
- गति नियम: प्रथम नियम (First Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: जड़त्व का नियम / गैलिलियो का नियम · गणितीय व्यंजक: यदि F_बाह्य = 0, तो a = 0 (बल की परिभाषा) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: बस के रुकने पर आगे झुकना; दरी को डंडे से पीटने पर धूल अलग होना; फल का पेड़ हिलाने पर गिरना
- गति नियम: द्वितीय नियम (Second Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: संवेग परिवर्तन का नियम · गणितीय व्यंजक: F = dp/dt = ma (बल का परिमाण) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: क्रिकेटर द्वारा कैच लेते समय हाथ पीछे खींचना; वाहनों में शॉक-एब्जॉर्बर (स्प्रिंग) लगाना
- गति नियम: तृतीय नियम (Third Law) · अन्य नाम / मूल सिद्धांत: क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम · गणितीय व्यंजक: F_12 = - F_21 (युग्म बल) · दैनिक जीवन के मुख्य उदाहरण: रॉकेट नोदन; बंदूक का पीछे हटना; पानी में तैरते समय हाथ से पानी पीछे धकेलना; कुएं से पानी खींचते समय रस्सी टूटने पर पीछे गिरना
Practice questions (solved)
- Q 7: चलती हुई बस के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं, इसका मुख्य कारण क्या है?
(क) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व (ग) बस और यात्रियों के बीच घर्षण (घ) संवेग में तीव्र वृद्धि
- ✔ Answer: (ख) यात्रियों के शरीर का जड़त्व — न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, बस रुकने पर यात्रियों के शरीर का ऊपरी भाग गति के जड़त्व (Inertia of motion) के कारण गति बनाए रखने की कोशिश करता है।
- Q 8: न्यूटन का कौन-सा नियम बल का गणितीय सूत्र (व्यंजक) प्रदान करता है?
(क) प्रथम गति नियम (ख) द्वितीय गति नियम (ग) तृतीय गति नियम (घ) गुरुत्वाकर्षण का नियम
- ✔ Answer: (ख) द्वितीय गति नियम — न्यूटन का द्वितीय गति नियम (F = ma) संवेग परिवर्तन की दर के आधार पर बल का गणितीय मान और सूत्र निर्धारित करता है।
- Q 9: रॉकेट का प्रक्षेपण भौतिकी के किस मौलिक सिद्धांत पर कार्य करता है?
(क) द्रव्यमान संरक्षण सिद्धांत (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत (घ) कोणीय संवेग संरक्षण सिद्धांत
- ✔ Answer: (ग) रेखीय संवेग संरक्षण सिद्धांत — रॉकेट ईंधन के निष्कासन से उत्पन्न प्रतिक्रिया बल और रेखीय संवेग संरक्षण (Conservation of Linear Momentum) के सिद्धांत पर उड़ता है।
- Q 10: एक 5 किग्रा द्रव्यमान की स्थिर वस्तु पर 20 न्यूटन का नियत बल 3 सेकंड तक लगाया जाता है। वस्तु द्वारा प्राप्त किया गया अंतिम वेग क्या होगा?
(क) 8 मी/से (ख) 10 मी/से (ग) 12 मी/से (घ) 15 मी/से
- ✔ Answer: (ग) 12 मी/से — त्वरण a = F/m = 20/5 = 4 मी/से²। गति समीकरण v = u + at से, v = 0 + (4 × 3) = 12 मी/से।
- Q 11: कंबल को छड़ी से पीटने पर धूल के कण बाहर निकल जाते हैं। यह घटना किस नियम को दर्शाती है?
(क) न्यूटन का प्रथम गति नियम (ख) न्यूटन का द्वितीय गति नियम (ग) न्यूटन का तृतीय गति नियम (घ) आर्किमिडीज का सिद्धांत
- ✔ Answer: (क) न्यूटन का प्रथम गति नियम — कंबल को पीटने पर वह गति में आ जाता है परंतु धूल के कण विराम के जड़त्व (Inertia of rest) के कारण अपने स्थान पर ही स्थिर रहना चाहते हैं और अलग हो जाते हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 121] हम एक लकड़ी के बक्से को 200 न्यूटन बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर ढकलते है। सीमान्त घर्षण बल होगा :
(क) 100 न्यूटन (ख) 200 न्यूटन (ग) 300 न्यूटन (घ) 400 न्यूटन
- ✔ Official answer: (ख) 200 न्यूटन — न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, जब बक्सा नियत वेग (शून्य त्वरण) से चलता है, तो उस पर कुल बाह्य बल शून्य होता है; अतः सीमांत घर्षण बल आरोपित बल (200 न्यूटन) के बिल्कुल बराबर होगा।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 122] एक ट्रक विराम अवस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 सेकण्ड में 400 मीटर की दूरी तय करता है। यदि ट्रक का द्रव्यमान 7 टन है तो इस पर लगने वाला बल होगा :
(क) 11000 न्यूटन (ख) 12000 न्यूटन (ग) 13000 न्यूटन (घ) 14000 न्यूटन
- ✔ Official answer: (घ) 14000 न्यूटन — s = ut + ½at² से 400 = 0 + ½ × a × (20)² हल करने पर त्वरण a = 2 मी/से² मिलता है; F = ma से बल = 7000 किग्रा × 2 मी/से² = 14000 न्यूटन।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 122] निम्नलिखित में से कौन-सा एक गैर-संपर्क बल है ?
(क) चुम्बकीय बल (ख) घर्षण बल (ग) प्रभावी बल (घ) इनमें से कोई नहीं
- ✔ Official answer: (क) चुम्बकीय बल — चुंबकीय बल बिना भौतिक संपर्क के कार्य करता है इसलिए यह एक गैर-संपर्क बल (Non-contact force) है, जबकि घर्षण संपर्क बल है।
How it is asked
BPSC and Bihar Police exams consistently test real-life applications of Newton's laws (jerking in bus, catching a ball, recoil/rocket propulsion), direct numerical problems using equations of motion (F=ma, kinematics equations), and conceptual classification of contact versus non-contact forces.
Do not confuse
- ✘ बल की परिभाषा बनाम सूत्र: न्यूटन का प्रथम नियम बल की गुणात्मक परिभाषा (संकल्पना) देता है, जबकि द्वितीय नियम बल का गणितीय सूत्र (F = ma) और माप देता है।
- ✘ क्रिया और प्रतिक्रिया बल: क्रिया और प्रतिक्रिया समान और विपरीत होते हैं, लेकिन वे हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे कभी एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते।
- ✘ रॉकेट का कार्य सिद्धांत: रॉकेट प्रणोदन न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) और रेखीय संवेग संरक्षण दोनों पर आधारित है; विकल्प में संवेग संरक्षण को प्रमुखता दी जाती है।
💡 न्यूटन के नियम याद रखने का सूत्र: 'ज-स-क्रि' (ज = जड़त्व/प्रथम नियम, स = संवेग-बल/द्वितीय नियम, क्रि = क्रिया-प्रतिक्रिया/तृतीय नियम)।
Gravitation, Acceleration due to Gravity (g), Satellites, and Escape Velocity
Gravitation is the universal attractive force acting between any two masses in the universe, as formulated by Sir Isaac Newton. The specific gravitational pull exerted by the Earth on any object towards its center is known as gravity, and the resulting acceleration is acceleration due to gravity (g). The value of 'g' varies across the Earth's surface, reaching its maximum at the poles and minimum at the equator. Escape velocity is the minimum launch speed required for an object to permanently overcome a celestial body's gravitational field. Satellites are celestial or artificial bodies that orbit planets in stable gravitational trajectories. Variations in apparent weight inside moving elevators and during free fall are direct practical applications of gravitational physics.
Key facts
- The value of Universal Gravitational Constant (G) is 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg², first experimentally determined by Henry Cavendish.
- The standard average value of acceleration due to gravity (g) on Earth's surface is 9.8 m/s² (approx. 32 ft/s²).
- The value of acceleration due to gravity (g) is maximum at the poles and minimum at the equator.
- The value of 'g' decreases both with an increase in altitude above the surface and with depth inside the Earth.
- The value of 'g' at the center of the Earth is zero, meaning an object's weight becomes zero there.
- The acceleration due to gravity on the Moon is 1/6th of that on the Earth (g_moon = g/6).
- The mass of an object remains constant everywhere, while its weight (W = m × g) changes depending on location.
- The escape velocity from the surface of the Earth is 11.2 km/s.
- The escape velocity on the Moon is approx. 2.38 km/s; because this is lower than the root-mean-square velocity of gases, the Moon has no atmosphere.
- The relationship between escape velocity (v_e) and orbital velocity (v_o) is v_e = √2 × v_o (escape velocity is √2 or 1.414 times orbital velocity).
- Geostationary satellites orbit at an altitude of approximately 36,000 km with an orbital period of 24 hours.
- The direction of rotation of a geostationary satellite is from West to East, matching Earth's rotation.
- When an elevator accelerates upward with 'a', apparent weight increases [R = m(g + a)], and when accelerating downward, it decreases [R = m(g - a)].
- During free fall when a lift's cable snaps (a = g), the apparent weight becomes zero, leading to a state of weightlessness.
Table
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी (ध्रुव) · गुरुत्वीय त्वरण (g): अधिकतम (~9.83 m/s²) · पलायन वेग: 11.2 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: ध्रुवीय त्रिज्या सबसे कम होने से भार अधिकतम
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी (भूमध्य रेखा) · गुरुत्वीय त्वरण (g): न्यूनतम (~9.78 m/s²) · पलायन वेग: 11.2 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: विषुवतीय त्रिज्या अधिक होने से भार न्यूनतम
- पिंड / स्थिति: पृथ्वी का केंद्र · गुरुत्वीय त्वरण (g): शून्य (0 m/s²) · पलायन वेग: लागू नहीं · विशेष परीक्षा बिंदु: केंद्र पर वस्तु का भार शून्य होता है
- पिंड / स्थिति: चंद्रमा · गुरुत्वीय त्वरण (g): 1.62 m/s² (पृथ्वी का 1/6) · पलायन वेग: 2.38 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: कम पलायन वेग के कारण वायुमंडल अनुपस्थित
- पिंड / स्थिति: भू-स्थिर उपग्रह कक्षा · गुरुत्वीय त्वरण (g): अत्यंत क्षीण · पलायन वेग: कक्षीय वेग ~ 3.1 km/s · विशेष परीक्षा बिंदु: ऊंचाई 36,000 किमी, आवर्तकाल 24 घंटे, पश्चिम से पूर्व
Practice questions (solved)
- Q 12: पृथ्वी की सतह पर किसी वस्तु का भार अधिकतम कहाँ पर होगा?
(क) भूमध्य रेखा पर (ख) ध्रुवों पर (ग) कर्क रेखा पर (घ) मकर रेखा पर
- ✔ Answer: (ख) ध्रुवों पर — पृथ्वी की ध्रुवीय त्रिज्या न्यूनतम होने के कारण ध्रुवों पर 'g' का मान अधिकतम होता है, जिससे वस्तु का भार (W = mg) भी ध्रुवों पर सर्वाधिक होता है।
- Q 13: यदि 60 किग्रा द्रव्यमान वाले किसी व्यक्ति को चंद्रमा पर ले जाया जाए, तो चंद्रमा पर उसका द्रव्यमान कितना होगा?
(क) 10 किग्रा (ख) 60 किग्रा (ग) 360 किग्रा (घ) शून्य
- ✔ Answer: (ख) 60 किग्रा — द्रव्यमान किसी पदार्थ की मौलिक मात्रा है जो ब्रह्मांड में सर्वत्र स्थिर (अपरिवर्तित) रहती है; केवल भार 1/6 होकर 10 किग्रा-भार रह जाएगा।
- Q 14: पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु का पलायन वेग कितना होता है?
(क) 11.2 किमी/सेकंड (ख) 11.2 मीटर/सेकंड (ग) 2.38 किमी/सेकंड (घ) 9.8 किमी/सेकंड
- ✔ Answer: (क) 11.2 किमी/सेकंड — पृथ्वी का पलायन वेग 11.2 किमी/सेकंड होता है, जिस गति से फेंकने पर कोई पिंड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाता है।
- Q 15: एक भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल कितना होता है?
(क) 12 घंटे (ख) 24 घंटे (ग) 365 दिन (घ) 84 मिनट
- ✔ Answer: (ख) 24 घंटे — भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी के साथ समकालिक होता है, इसलिए इसका परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर यानी 24 घंटे होता है।
- Q 16: यदि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल में 41.4% (या √2 गुना) की वृद्धि कर दी जाए, तो उपग्रह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(क) वह उसी कक्षा में तेज घूमने लगेगा (ख) वह पृथ्वी पर गिर जाएगा (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा (घ) उसकी दिशा विपरीत हो जाएगी
- ✔ Answer: (ग) वह अपनी कक्षा छोड़कर अंतरिक्ष में पलायन कर जाएगा — चूँकि पलायन वेग कक्षीय वेग का √2 गुना (यानी 41.4% अधिक) होता है, अतः वेग इतना बढ़ाने पर वह अपनी कक्षा छोड़कर पलायन कर जाएगा।
- Q 17: एक लिफ्ट एकसमान वेग (Constant Velocity) से ऊपर की ओर जा रही है। उसमें खड़े व्यक्ति के भार में क्या परिवर्तन होगा?
(क) भार बढ़ जाएगा (ख) भार घट जाएगा (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा (घ) भार शून्य हो जाएगा
- ✔ Answer: (ग) भार अपरिवर्तित रहेगा — जब लिफ्ट एकसमान वेग से गति करती है, तो त्वरण a = 0 होता है, जिससे आभासी भार R = m(g ± 0) = mg रहता है, अर्थात् कोई बदलाव नहीं होता।
How it is asked
BPSC CCE and Bihar Police exams regularly ask factual and conceptual questions from gravity. Favorite patterns include: variation of 'g' between poles and the equator, difference between mass and weight on the Moon, escape velocity value (11.2 km/s), geostationary satellite orbit details, and apparent weight inside accelerating elevators.
Do not confuse
- ✘ द्रव्यमान (Mass) और भार (Weight) का भ्रम: द्रव्यमान पदार्थ की मूल मात्रा है और सर्वत्र स्थिर रहता है (मात्रक: किग्रा), जबकि भार एक बल है (W = mg) जो 'g' बदलने पर बदल जाता है (मात्रक: न्यूटन)।
- ✘ पलायन वेग (v_e) और कक्षीय वेग (v_o) का संबंध: छात्र भूल जाते हैं कि v_e = √2 × v_o होता है, न कि v_o = √2 × v_e। पलायन वेग हमेशा कक्षीय वेग से अधिक होता है।
- ✘ एकसमान वेग बनाम त्वरित गति में लिफ्ट: एकसमान चाल से चलती लिफ्ट में भार नहीं बदलता; भार केवल तब बदलता है जब लिफ्ट में त्वरण (Acceleration) या मंदन हो।
💡 'ध्रुव धनी, विषुवत निर्धन' - ध्रुव (Poles) पर 'g' और भार सबसे अधिक (धनी) होता है, जबकि विषुवत रेखा (Equator) पर 'g' और भार सबसे कम (निर्धन) होता है।
Work, Energy, and Power
In physics, work is said to be done only when a force is applied to an object and causes displacement in the direction of the force (W = F × s × cosθ). If displacement is zero or force and displacement are perpendicular (90 degrees), the net work done is zero. Energy is defined as the capacity to do work; it is a scalar quantity with the SI unit Joule. Mechanical energy predominantly exists as kinetic energy (KE = ½mv²) and potential energy (PE = mgh). According to the law of conservation of energy, energy can neither be created nor destroyed, only transformed from one form to another. Power is the rate of doing work (Power = W/t), measured in Watts.
Key facts
- The SI unit of work is Joule (J) and the CGS unit is erg (1 Joule = 10⁷ erg).
- If the angle between force and displacement is 90° (e.g., a porter carrying a load horizontally), work done by gravity is zero.
- The formula for kinetic energy is KE = ½mv²; doubling the velocity quadruples the kinetic energy.
- The relationship between momentum (p) and kinetic energy (E) is E = p² / (2m).
- The formula for potential energy is PE = mgh, which depends on the position or configuration of an object.
- For a freely falling body, potential energy decreases while kinetic energy increases proportionally, keeping total mechanical energy constant.
- The SI unit of power is Watt (W) or Joule/second.
- 1 Horsepower (hp) is equal to 746 Watts.
- The commercial unit of energy, 1 kilowatt-hour (1 kWh / 1 unit) = 3.6 × 10⁶ Joules.
- A dynamo converts mechanical energy into electrical energy, whereas an electric motor converts electrical energy into mechanical energy.
- Electric power formulas are: P = VI = I²R = V²/R (where IR² is not a valid formula for power).
Table
- उपकरण / युक्ति: डायनेमो (जनरेटर) · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: यांत्रिक ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत मोटर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: यांत्रिक ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत बल्ब / हीटर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: सौर सेल · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: प्रकाश ऊर्जा (सौर ऊर्जा) · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: माइक्रोफोन · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: ध्वनि ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: लाउडस्पीकर · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: विद्युत ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: ध्वनि ऊर्जा
- उपकरण / युक्ति: विद्युत सेल (बैटरी) · ऊर्जा का प्रारंभिक रूप: रासायनिक ऊर्जा · ऊर्जा का अंतिम रूप: विद्युत ऊर्जा
Practice questions (solved)
- Q 18: यदि किसी गतिशील वस्तु का संवेग दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
(क) दोगुनी (ख) चार गुनी (ग) अपरिवर्तित रहेगी (घ) आधी
- ✔ Answer: (ख) चार गुनी — संबंध E = p²/(2m) के अनुसार यदि संवेग (p) दोगुना होगा, तो गतिज ऊर्जा (2)² = 4 गुनी हो जाएगी।
- Q 19: एक कुली 50 किग्रा का भार अपने सिर पर रखकर क्षैतिज प्लेटफॉर्म पर 10 मीटर चलता है। गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा कुली पर किया गया कार्य होगा:
(क) 500 जूल (ख) 50 जूल (ग) शून्य (घ) 980 जूल
- ✔ Answer: (ग) शून्य — गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर तथा विस्थापन क्षैतिज है (कोण θ = 90°), अतः W = Fscos(90°) = 0।
- Q 20: एक अश्वशक्ति (1 HP) में कितने वाट होते हैं?
(क) 700 वाट (ख) 746 वाट (ग) 750 वाट (घ) 1000 वाट
- ✔ Answer: (ख) 746 वाट — 1 अश्वशक्ति (Horsepower) का मानक मान 746 वाट होता है।
- Q 21: ऊर्जा संरक्षण के नियम का सही अर्थ क्या है?
(क) ऊर्जा का निरंतर निर्माण होता है (ख) ऊर्जा का विनाश संभव है (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है (घ) स्थितिज ऊर्जा सदैव गतिज ऊर्जा से अधिक होती है
- ✔ Answer: (ग) ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, केवल रूपांतरित होती है — ऊर्जा संरक्षण नियम के अनुसार ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा नियत है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है।
- Q 22: 1 किलोवाट-घंटा (kWh) का मान जूल में कितना होता है?
(क) 3.6 × 10³ जूल (ख) 3.6 × 10⁵ जूल (ग) 3.6 × 10⁶ जूल (घ) 10⁶ जूल
- ✔ Answer: (ग) 3.6 × 10⁶ जूल — 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3.6 × 10⁶ जूल।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 125] मुक्त रूप से गिरते हुये पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है।
(क) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन है। (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। (ग) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन है। (घ) गुरूत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं है।
- ✔ Official answer: (ख) ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है। — मुक्त रूप से गिरती वस्तु में स्थितिज ऊर्जा घटती है और गतिज ऊर्जा उसी अनुपात में बढ़ती है, अतः यह ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 126] बेलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय हल पर 140 न्यूटन का बल लगाती है। जोता गया खेत 15 मीटर लम्बा है। खेत की लम्बाई को जोतने में किया गया कार्य :
(क) 1900 जूल (ख) 2000 जूल (ग) 2100 जूल (घ) 2200 जूल
- ✔ Official answer: (ग) 2100 जूल — कार्य = बल × विस्थापन (W = F × s) = 140 N × 15 m = 2100 जूल।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 128] निम्नलिखित में से कौन-सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नही करता है?
(क) I²R (ख) IR² (ग) VI (घ) V²/R
- ✔ Official answer: (ख) IR² — विद्युत शक्ति के सही सूत्र P = VI, P = I²R और P = V²/R हैं; IR² कोई वैध शक्ति सूत्र नहीं है।
How it is asked
In BPSC and Bihar Police exams, questions are frequently asked on direct numericals (W = F × s), kinetic energy-momentum relations, energy conversion devices, and power units (1 HP = 746 W, 1 kWh).
Do not confuse
- ✘ किलोवाट (kW) शक्ति का मात्रक है, जबकि किलोवाट-घंटा (kWh) ऊर्जा का मात्रक है।
- ✘ वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा 4 गुनी होती है, लेकिन संवेग केवल 2 गुना होता है।
- ✘ कुली द्वारा किया गया भौतिक कार्य शून्य नहीं होता (मांसपेशियों द्वारा कार्य होता है), परंतु 'गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध' किया गया कार्य क्षैतिज गति में शून्य होता है।
💡 P-E-M-V याद रखें: 'Power = Energy / Time' और संवेग-ऊर्जा के लिए 'P² बटे 2m = Kinetic Energy'।
Pressure, Buoyancy, Surface Tension, and Viscosity
Pressure is the perpendicular force acting per unit area, which increases as the surface area decreases. According to Pascal's Law, pressure applied to a confined fluid is transmitted equally in all directions. Archimedes' Principle states that a submerged object experiences an upward buoyant force equal to the weight of the displaced fluid. Surface tension is the property of liquids by which their open surface tends to shrink into the minimum possible area. Viscosity is the internal frictional force between liquid or gas layers that opposes their relative motion.
Key facts
- Pressure (P) = Force (F) / Area (A); its SI unit is Pascal (Pa) or N/m².
- Atmospheric pressure is measured using a barometer, invented by Torricelli.
- A sudden drop in the barometer reading indicates an impending storm or thunderstorm.
- Pascal's Law: Hydraulic lift, hydraulic brakes, and hydraulic press work on Pascal's principle.
- Archimedes' Principle: Buoyant force equals the weight of the displaced fluid; floating ships are based on this.
- Lactometer (milk purity) and Hydrometer (liquid density) work on Archimedes' principle.
- Cohesive force causes surface tension in liquids, making them occupy minimum surface area.
- Raindrops assume a spherical shape due to surface tension.
- On increasing temperature, the surface tension of liquids decreases and becomes zero at critical temperature.
- Adding soap or detergent to water decreases its surface tension, helping clean clothes better.
- Capillarity causes oil to rise in a lamp's wick and blotting paper to absorb ink.
- Viscosity is a property of fluids (liquids and gases) only; an ideal fluid has zero viscosity.
- Increasing temperature decreases liquid viscosity, but increases gas viscosity.
Table
- भौतिक गुण/सिद्धांत: दाब (Pressure) · मुख्य कारण/परिभाषा: P = F / A (एकांक क्षेत्रफल पर बल) · दैनिक जीवन में उदाहरण: कील का नुकीला सिरा आसानी से धंसना, दलदल में लेटने की सलाह
- भौतिक गुण/सिद्धांत: पास्कल का नियम · मुख्य कारण/परिभाषा: बंद द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान · दैनिक जीवन में उदाहरण: हाइड्रोलिक लिफ्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक
- भौतिक गुण/सिद्धांत: आर्किमिडीज सिद्धांत · मुख्य कारण/परिभाषा: उत्प्लावक बल = विस्थापित द्रव का भार · दैनिक जीवन में उदाहरण: जहाज का पानी में तैरना, लैक्टोमीटर, हाइड्रोमीटर
- भौतिक गुण/सिद्धांत: पृष्ठ तनाव · मुख्य कारण/परिभाषा: संसजक बल द्वारा न्यूनतम क्षेत्रफल की प्रवृत्ति · दैनिक जीवन में उदाहरण: वर्षा की बूंद गोल होना, गर्म सूप का स्वादिष्ट लगना
- भौतिक गुण/सिद्धांत: केशिकत्व · मुख्य कारण/परिभाषा: पतली नली में द्रव का चढ़ना या उतरना · दैनिक जीवन में उदाहरण: दीपक की बत्ती में तेल चढ़ना, पौधों की जड़ों से जल परिवहन
- भौतिक गुण/सिद्धांत: श्यानता · मुख्य कारण/परिभाषा: द्रव/गैस परतों में आंतरिक घर्षण बल · दैनिक जीवन में उदाहरण: पानी की तुलना में शहद का धीमा बहना
Practice questions (solved)
- Q 23: वर्षा की बूंदों का गोल होना निम्नलिखित में से किस भौतिक गुण के कारण होता है?
(क) श्यानता (ख) पृष्ठ तनाव (ग) गुरुत्वाकर्षण (घ) उत्प्लावकता
- ✔ Answer: (ख) पृष्ठ तनाव — द्रव का पृष्ठ तनाव मुक्त पृष्ठ को न्यूनतम क्षेत्रफल (गोलाकार) में समेटने का प्रयास करता है।
- Q 24: बैरोमीटर के पाठ्यांक में अचानक गिरावट किस प्राकृतिक घटना का संकेतक है?
(क) साफ मौसम (ख) आंधी या तूफान (ग) अत्यधिक बर्फबारी (घ) वर्षा की संभावना
- ✔ Answer: (ख) आंधी या तूफान — बैरोमीटर का पारा अचानक गिरना वायुमंडलीय दाब में तीव्र कमी दर्शाती है, जो तूफान का संकेत है।
- Q 25: निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
(क) लैक्टोमीटर (ख) हाइड्रोमीटर (ग) समुद्री जहाज (घ) पेरीस्कोप
- ✔ Answer: (घ) पेरीस्कोप — पेरीस्कोप प्रकाश के परावर्तन के नियम पर कार्य करता है, आर्किमिडीज सिद्धांत पर नहीं।
- Q 26: द्रवों का तापमान बढ़ाने पर उनके पृष्ठ तनाव और श्यानता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) दोनों बढ़ते हैं (ख) पृष्ठ तनाव बढ़ता है तथा श्यानता घटती है (ग) दोनों घटते हैं (घ) पृष्ठ तनाव घटता है तथा श्यानता बढ़ती है
- ✔ Answer: (ग) दोनों घटते हैं — तापमान वृद्धि से द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटते हैं।
- Q 27: हाइड्रोलिक ब्रेक किस नियम/सिद्धांत पर कार्य करते हैं?
(क) बर्नौली का प्रमेय (ख) पास्कल का नियम (ग) आर्किमिडीज का सिद्धांत (घ) फैराडे का नियम
- ✔ Answer: (ख) पास्कल का नियम — हाइड्रोलिक ब्रेक बंद द्रव पर समान दाब संचरण के पास्कल नियम पर आधारित हैं।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on pressure applications (barometer readings), Archimedes' principle, spherical raindrops (surface tension), and variation of viscosity and surface tension with temperature.
Do not confuse
- ✘ गैसों और द्रवों पर तापमान का श्यानता पर प्रभाव: ताप बढ़ाने से द्रवों की श्यानता घटती है, किंतु गैसों की श्यानता बढ़ती है।
- ✘ संसजक बल (Cohesive force) समान अणुओं के बीच लगता है, जबकि आसंजक बल (Adhesive force) भिन्न अणुओं के बीच लगता है।
💡 'ता-घ-पृ-घ' : ताप बढ़ेगा, तो द्रवों का पृष्ठ तनाव और श्यानता दोनों घटेंगे।
Quick revision
- Light year and Parsec are units of astronomical distance; 1 Parsec is equal to approximately 3.26 light years.
- Angstrom (Å) is the unit used for measuring wavelength, equal to 10^-10 meters.
- Newton's First Law of Motion is known as the Law of Inertia, which defines force.
- The backward recoil experienced when firing a gun is an application of Newton's Third Law (action-reaction).
- Acceleration due to gravity (g) on Earth is maximum at the poles and minimum at the equator.
- The escape velocity from the surface of the Earth is 11.2 kilometers per second.
- If the momentum of an object is doubled, its kinetic energy becomes four times.
- 1 Horsepower (HP) is equal to 746 Watts, which is a practical unit of power.
- Raindrops assume a spherical shape due to the surface tension of water.
- Oil rising in a lamp wick and blotting paper absorbing ink are classic examples of capillary action.