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BPSC CCEसामान्य मानसिक योग्यता

सामान्य मानसिक योग्यता: अंकगणित

General Mental Ability: Arithmetic

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय SSC Tier-1 में लगभग 10-12 और Tier-2 में 15-18 प्रश्नों का आधार है। यह अत्यधिक स्कोरिंग है क्योंकि इसके सूत्र सीधे और तार्किक होते हैं जो अभ्यास से सिद्ध हो जाते हैं।

प्रतिशतता और लाभ-हानि

प्रतिशत (Percentage) का अर्थ है 'प्रति 100' पर गणना करना। किसी भी राशि की तुलना 100 के आधार पर करना ही प्रतिशत कहलाता है। लाभ और हानि पूरी तरह से प्रतिशत पर आधारित होते हैं, जहाँ लाभ या हानि की गणना हमेशा क्रय मूल्य (Cost Price) पर की जाती है। जब विक्रय मूल्य (Selling Price) क्रय मूल्य से अधिक होता है तो लाभ होता है, और जब विक्रय मूल्य क्रय मूल्य से कम होता है तो हानि होती है। प्रश्नों में प्रतिशत वृद्धि, कमी, छूट (Discount) और क्रमिक छूट (Successive Discount) से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 लाभ % = (लाभ / क्रय मूल्य) × 100 तथा हानि % = (हानि / क्रय मूल्य) × 100 — जब क्रय मूल्य और लाभ/हानि राशि दी गई हो और लाभ या हानि का प्रतिशत ज्ञात करना हो।

क्रय मूल्य (CP) = ₹400

विक्रय मूल्य (SP) = ₹500

लाभ = SP - CP = 500 - 400 = ₹100

लाभ % = (100 / 400) × 100 = 25%

क्रय मूल्य (CP) = ₹1200

विक्रय मूल्य (SP) = ₹960

हानि = CP - SP = 1200 - 960 = ₹240

हानि % = (240 / 1200) × 100 = 20%

📐 कुल प्रभाव % = A + B + (A × B) / 100 — जब किसी मान में लगातार दो बार प्रतिशत परिवर्तन (वृद्धि या कमी) किया जाए।

A = +20, B = +10

कुल प्रतिशत परिवर्तन = 20 + 10 + (20 × 10) / 100

= 30 + 200 / 100

= 30 + 2 = 32%

A = +20, B = -10

कुल प्रतिशत परिवर्तन = 20 + (-10) + (20 × (-10)) / 100

= 10 - 200 / 100

= 10 - 2 = 8%

📐 समतुल्य छूट % = D1 + D2 - (D1 × D2) / 100 — जब किसी अंकित मूल्य पर दो क्रमिक छूट (Successive Discounts) दी जाती हैं।

D1 = 20%, D2 = 10%

समतुल्य छूट = 20 + 10 - (20 × 10) / 100

= 30 - 200 / 100

= 30 - 2 = 28%

D1 = 30%, D2 = 20%

समतुल्य छूट = 30 + 20 - (30 × 20) / 100

= 50 - 600 / 100

= 50 - 6 = 44%

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

माना श्याम की आय = ₹100

राम की आय = 100 + 25 = ₹125

आय में कमी = 125 - 100 = ₹25

प्रतिशत कमी = (25 / 125) × 100

= (1 / 5) × 100 = 20%

माना प्रारंभिक मूल्य = ₹100/किग्रा

नया मूल्य = ₹120/किग्रा

खपत में कमी = 20 रुपये की

प्रतिशत कमी = (20 / 120) × 100

= (1 / 6) × 100 = 16.67%

15 × CP = 12 × SP

SP / CP = 15 / 12 = 5 / 4

मान लें CP = 4 और SP = 5

लाभ = 5 - 4 = 1

लाभ % = (1 / 4) × 100 = 25%

10% हानि से 5% लाभ तक का अंतर = 10% + 5% = 15%

15% का मान = ₹180

1% का मान = 180 / 15 = ₹12

100% (क्रय मूल्य) = 12 × 100 = ₹1200

माना क्रय मूल्य (CP) = ₹100

अंकित मूल्य (MP) = ₹140

छूट = 140 का 20% = (20 / 100) × 140 = ₹28

विक्रय मूल्य (SP) = 140 - 28 = ₹112

लाभ % = 112 - 100 = 12%

पहली छूट के बाद मूल्य = 2000 × (80 / 100) = ₹1600

दूसरी छूट के बाद विक्रय मूल्य = 1600 × (90 / 100) = ₹1440

त्रुटि = 1000 ग्राम - 800 ग्राम = 200 ग्राम

दिया गया वास्तविक वजन = 800 ग्राम

लाभ % = (त्रुटि / दिया गया वजन) × 100

= (200 / 800) × 100

= 25%

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC, SSC CGL, CHSL, MTS और Railway परीक्षाओं में इस उप-विषय से 2 से 4 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। प्रश्न मुख्य रूप से क्रमिक छूट, आयत/खपत आधारित परिवर्तन, क्रय-विक्रय मूल्य के संबंध और बेईमान व्यापारी पर आधारित होते हैं।

आम गलतियाँ

💡 प्रतिशत से भिन्न (Fraction) मान याद रखें (जैसे 25% = 1/4, 20% = 1/5, 16.67% = 1/6)। इससे गणना बहुत तेज और बिना कलम उठाए हो जाती है। मूल मान को हमेशा 100 मानकर हल करना सबसे आसान रहता है।setError Handling Strategy: Use Fraction method whenever percentage values are non-integer (like 14.28% = 1/7). Always calculate profit/loss percentage on CP unless specified otherwise in the question.

औसत और अनुपात

औसत (Average) का अर्थ है दी गई सभी राशियों के योग को उनकी कुल संख्या से विभाजित करना। यह 'समान वितरण' की अवधारणा पर आधारित है। अनुपात (Ratio) दो राशियों के बीच तुलना को दर्शाता है कि एक राशि दूसरी की कितनी गुनी है। समानुपात (Proportion) तब होता है जब दो अनुपात एक-दूसरे के बराबर हों। परीक्षा में औसत आयु में बदलाव, सिक्कों के अनुपात और मध्यानुपाती जैसे प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 औसत (Average) = राशियों का कुल योग / राशियों की कुल संख्या — जब दी गई संख्याओं का औसत निकालना हो या योग ज्ञात करना हो।

योग = 12 + 15 + 18 + 21 + 24 = 90

कुल संख्या = 5

औसत = 90 / 5 = 18

औसत = 26

कुल संख्या = 5

योग = औसत × कुल संख्या

योग = 26 × 5 = 130

📐 नया औसत = पुराना औसत + (वृद्धि × नई कुल संख्या) — जब समूह में एक नया व्यक्ति शामिल होता है और औसत बढ़ जाता है।

पुराना औसत = 50

वृद्धि = 1

नई संख्या = 10 + 1 = 11

नया वजन = 50 + (1 × 11) = 61 kg

📐 मध्यानुपाती (Mean Proportion) = √(a × b) — जब दो संख्याओं a और b के बीच का मध्यानुपाती ज्ञात करना हो।

a = 4, b = 16

मध्यानुपाती = √(4 × 16)

मध्यानुपाती = √64 = 8

a = 0.02, b = 0.32

मध्यानुपाती = √(0.02 × 0.32)

मध्यानुपाती = √0.0064 = 0.08

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

पुराना औसत = 45 kg

वृद्धि = 0.5 kg (500 ग्राम)

कुल लोग = 20 + 1 = 21

कुल वृद्धि = 21 × 0.5 = 10.5 kg

शिक्षक का वजन = 45 + 10.5 = 55.5 kg

अनुपाती योग = 2 + 3 + 5 = 10

1 यूनिट = 1200 / 10 = 120

A का हिस्सा = 2 × 120 = 240

C का हिस्सा = 5 × 120 = 600

अंतर = 600 - 240 = 360

सूत्र: तृतीयानुपाती = b² / a

a = 9, b = 12

मान = (12 × 12) / 9

मान = 144 / 9 = 16

मूल्य अनुपात = (5×1) : (9×0.5) : (25×0.25)

मूल्य अनुपात = 5 : 4.5 : 6.25

योग = 5 + 4.5 + 6.25 = 15.75

1 यूनिट = 1008 / 15.75 = 64

₹1 के सिक्के = 5 × 64 = 320

50 पैसे के सिक्के = 9 × 64 = 576

25 पैसे के सिक्के = 25 × 64 = 1600

लड़कों का कुल स्कोर = 40 × 75 = 3000

लड़कियों का कुल स्कोर = 60 × 80 = 4800

कुल स्कोर = 3000 + 4800 = 7800

कुल छात्र = 40 + 60 = 100

औसत = 7800 / 100 = 78

माना चतुर्थानुपाती x है

4 : 8 :: 15 : x

4 / 8 = 15 / x

4x = 120

x = 120 / 4 = 30

लगातार सम संख्याओं में औसत बीच की संख्या होती है।

संख्याएँ: 38, 40, 42, 44, 46

बीच की संख्या = 42

सबसे बड़ी संख्या = 46

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और MTS में इस टॉपिक से 2-3 प्रश्न निश्चित रूप से आते हैं। 'सिक्कों वाले अनुपात' और 'औसत में बदलाव' सबसे लोकप्रिय पैटर्न हैं।

आम गलतियाँ

💡 समांतर श्रेणी (जैसे लगातार सम/विषम संख्याएं) के लिए, औसत हमेशा (पहली संख्या + अंतिम संख्या) / 2 होता है।

समय-कार्य और समय-दूरी

समय और कार्य में कुल कार्य को हमेशा दिए गए दिनों का ल.स.प. (LCM) मानकर प्रत्येक व्यक्ति की 1 दिन की कार्यक्षमता (Efficiency) निकाली जाती है। कार्यक्षमता और समय एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely proportional) होते हैं, यानी अधिक क्षमता वाला व्यक्ति कम समय लेगा। समय, चाल और दूरी में मूल नियम यह है कि दूरी = चाल × समय होता है। जब दूरी समान हो, तो चाल और समय का अनुपात उल्टा होता है, और दोनों दिशाओं की चाल ज्ञात होने पर औसत चाल हार्मोनिक माध्य से निकाली जाती है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 कुल कार्य = ल.स.प. (LCM), कार्यक्षमता = कुल कार्य / समय, तथा (M₁ × D₁ × H₁) / W₁ = (M₂ × D₂ × H₂) / W₂ — जब अलग-अलग व्यक्तियों के कार्य करने के दिन दिए हों या व्यक्तियों, दिनों व घंटों की तुलना करके कार्य निकालना हो।

कुल कार्य = 10 और 15 का ल.स.प. = 30 इकाई

A की कार्यक्षमता = 30 / 10 = 3 इकाई/दिन

B की कार्यक्षमता = 30 / 15 = 2 इकाई/दिन

दोनों की कुल कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

कुल समय = 30 / 5 = 6 दिन

सूत्र: M₁ × D₁ = M₂ × D₂

12 × 16 = 8 × D₂

192 = 8 × D₂

D₂ = 192 / 8 = 24 दिन

📐 चाल = दूरी / समय, किमी/घंटा को मी/से में बदलना = चाल × 5/18, औसत चाल (समान दूरी हेतु) = 2xy / (x + y) — जब गति, दूरी या समय निकालना हो अथवा दो समान दूरियां अलग-अलग चालों से तय की गई हों।

चाल को मी/से में बदलना = 72 × 5/18 = 20 मी/से

दूरी = चाल × समय

दूरी = 20 × 25 = 500 मीटर

समान दूरी के लिए औसत चाल = 2xy / (x + y)

औसत चाल = (2 × 40 × 60) / (40 + 60)

औसत चाल = 4800 / 100 = 48 किमी/घंटा

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

कुल कार्य = 20 और 30 का ल.स.प. = 60 इकाई

A की कार्यक्षमता = 60 / 20 = 3 इकाई/दिन

B की कार्यक्षमता = 60 / 30 = 2 इकाई/दिन

दोनों की कुल कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

लिया गया समय = 60 / 5 = 12 दिन

कार्यक्षमता का अनुपात (A : B) = 150 : 100 = 3 : 2

B द्वारा किया गया कुल कार्य = 30 दिन × 2 इकाई/दिन = 60 इकाई

दोनों की सम्मिलित कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

दोनों द्वारा लिया गया समय = 60 / 5 = 12 दिन

कुल कार्य = 15 और 20 का ल.स.प. = 60 इकाई

A की कार्यक्षमता = 4 इकाई/दिन, B की कार्यक्षमता = 3 इकाई/दिन

दोनों का 4 दिनों का कार्य = (4 + 3) × 4 = 28 इकाई

शेष कार्य = 60 - 28 = 32 इकाई

B द्वारा शेष कार्य में लिया गया समय = 32 / 3 = 10 (2/3) दिन

5 पुरुष = 9 महिलाएं ⇒ 1 पुरुष = 9/5 महिलाएं

3 पुरुष = 3 × 9/5 = 27/5 महिलाएं

कुल महिलाएं = 27/5 + 6 = 57/5 महिलाएं

सूत्र: M₁ × D₁ = M₂ × D₂

9 × 19 = (57/5) × D₂

D₂ = (9 × 19 × 5) / 57 = 15 दिन

औसत चाल = (2 × 30 × 20) / (30 + 20) = 1200 / 50 = 24 किमी/घंटा

कुल तय की गई दूरी = औसत चाल × कुल समय

कुल दूरी = 24 × 5 = 120 किमी (जाना + आना)

A और B के बीच की दूरी = 120 / 2 = 60 किमी

चाल = 54 × (5/18) = 15 मी/से

कुल दूरी = रेलगाड़ी की लंबाई + प्लेटफॉर्म की लंबाई

कुल दूरी = चाल × समय = 15 × 20 = 300 मीटर

प्लेटफॉर्म की लंबाई = 300 - 180 = 120 मीटर

सुबह 7 से 8 बजे तक पहली ट्रेन द्वारा तय दूरी = 20 किमी

सुबह 8 बजे दोनों के बीच शेष दूरी = 200 - 20 = 180 किमी

विपरीत दिशा में सापेक्ष चाल = 20 + 25 = 45 किमी/घंटा

मिलने में लगा समय = 180 / 45 = 4 घंटे (सुबह 8 बजे के बाद)

मिलने का समय = 8:00 पूर्वाह्न + 4 घंटे = दोपहर 12:00 बजे

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC और SSC में इस उप-विषय से 2 से 3 प्रश्न निश्चित पूछे जाते हैं। पैटर्न मुख्य रूप से कार्य छोड़ने वाले सवाल, क्षमता अनुपात (Efficiency Ratio), और रेलगाड़ी द्वारा प्लेटफॉर्म या विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन को पार करने पर आधारित होता है।

आम गलतियाँ

💡 समय-कार्य के प्रश्नों में दिन लिखते ही सबसे पहले ल.स.प. (LCM) लेकर प्रति दिन की क्षमता लिख लें। ट्रेन वाले प्रश्नों में यदि गति किमी/घंटा में हो और लंबाई मीटर में, तो तुरंत 5/18 से गुणा करके चाल को मी/से में बदलें। BPSC में यह समय बचाता है। BPSC के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण है। BPSC के पिछले वर्षों में ऐसे प्रश्न बार-बार दोहराए गए हैं। BPSC अभ्यर्थी विशेष ध्यान दें। BPSC में गति और कार्यक्षमता दोनों का महत्व है। BPSC परीक्षा में यह अंक पक्के करता है। BPSC स्तर की तैयारी हेतु यह अचूक है। BPSC पैटर्न

साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज

साधारण ब्याज (Simple Interest) केवल मूलधन (Principal) पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। यदि ब्याज की गणना वार्षिक के बजाय अर्धवार्षिक (Half-yearly) हो, तो दर (Rate) आधी और समय (Time) दोगुना हो जाता है। परीक्षा में अक्सर इन दोनों के अंतर (Difference) और किस्तों (Installments) से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। पहचान के लिए देखें कि प्रश्न में 'साधारण' या 'चक्रवृद्धि' शब्द का प्रयोग हुआ है या नहीं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 SI = (P * R * T) / 100 — जब केवल मूलधन पर साधारण ब्याज की गणना करनी हो।

P = 5000; R = 10; T = 3; SI = (5000 * 10 * 3) / 100; SI = 50 * 30 = 1500;

P = 2000; R = 5; T = 2; SI = (2000 * 5 * 2) / 100; SI = 20 * 10 = 200;

📐 A = P(1 + R/100)^n — जब चक्रवृद्धि ब्याज के साथ कुल मिश्रधन निकालना हो।

P = 1000; R = 10; n = 2; A = 1000 * (1 + 10/100)^2; A = 1000 * 1.21 = 1210;

P = 2000; R = 5; n = 2; A = 2000 * (1 + 5/100)^2; A = 2000 * 1.1025 = 2205;

📐 D = P(R/100)^2 — जब 2 वर्ष के साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज का अंतर दिया हो या निकालना हो।

P = 4000; R = 10; D = 4000 * (10/100)^2; D = 4000 * 0.01 = 40;

P = 5000; R = 12; D = 5000 * (12/100)^2; D = 5000 * 0.0144 = 72;

📐 D = P(R/100)^2 * (300 + R) / 100 — जब 3 वर्ष के साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज का अंतर निकालना हो।

P = 1000; R = 10; D = 1000 * (10/100)^2 * (310/100); D = 10 * 3.1 = 31;

P = 2000; R = 5; D = 2000 * (5/100)^2 * (305/100); D = 5 * 3.05 = 15.25;

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

P = 4000; R = 8; T = 3; SI = (4000 * 8 * 3) / 100; SI = 40 * 24 = 960;

P = 5000; R = 10; T = 2; A = 5000 * (1 + 10/100)^2; A = 5000 * 1.21 = 6050; CI = 6050 - 5000 = 1050;

D = 25; R = 5; T = 2; D = P * (R/100)^2; 25 = P * (5/100)^2; 25 = P * (1/400); P = 25 * 400 = 10000;

P = 8000; R = 10/2 = 5%; T = 1 * 2 = 2 अवधि; A = 8000 * (1 + 5/100)^2; A = 8000 * 1.1025 = 8820; CI = 8820 - 8000 = 820;

माना P = 100; मिश्रधन A = 300; SI = 300 - 100 = 200; T = 10; R = (SI * 100) / (P * T); R = (200 * 100) / (100 * 10) = 20;

4 वर्ष में = 2^1 गुनी; माना t वर्ष में = 8 गुनी = 2^3 गुनी; समय = 4 * 3 = 12 वर्ष;

A = 6450; R = 5; n = 4; किस्त I = 100A / [100n + rt(n-1)/2]; I = 645000 / [400 + 5*4*3/2]; I = 645000 / 430 = 1500;

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और BPSC परीक्षाओं में इस टॉपिक से 1-2 प्रश्न पूछे जाते हैं। अंतर (Difference) और गुना (Times) वाले प्रश्न सबसे अधिक बार देखे गए हैं।

आम गलतियाँ

💡 2 वर्ष के चक्रवृद्धि ब्याज के लिए प्रभावी दर (Effective Rate) x + y + xy/100 का उपयोग करें, इससे गणना बहुत तेज हो जाती है।

संख्या पद्धति और सरलीकरण

संख्या पद्धति गणित का वह आधार है जहाँ हम अंकों के गुणों, उनके प्रकारों (जैसे अभाज्य, सम, विषम) और उनके बीच के संबंधों को समझते हैं। सरलीकरण (Simplification) में जटिल गणितीय व्यंजकों को BODMAS नियम का उपयोग करके हल किया जाता है। परीक्षा में विभाज्यता (Divisibility), इकाई अंक (Unit Digit) और शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem) से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों को पहचानने के लिए आपको संख्या की संरचना और संक्रियाओं के क्रम पर ध्यान देना होता है। यह विषय न केवल स्कोरिंग है बल्कि अन्य अध्यायों की गणना में भी गति प्रदान करता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Sum of first n natural numbers = n(n+1)/2 — जब प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग निकालना हो

n = 20

योग = 20(20 + 1) / 2

योग = 20 × 21 / 2

योग = 10 × 21

योग = 210

n = 100

योग = 100(100 + 1) / 2

योग = 100 × 101 / 2

योग = 50 × 101

योग = 5050

📐 BODMAS (Bracket, Of, Division, Multiplication, Addition, Subtraction) — जब एक ही प्रश्न में कई गणितीय संक्रियाएं (जैसे भाग, गुणा, कोष्ठक) दी गई हों

BODMAS के अनुसार पहले गुणा करेंगे

10 + (5 × 2)

10 + 10

20

BODMAS के अनुसार पहले कोष्ठक (Bracket) हल करेंगे

20 ÷ (5)

4

📐 Divisibility by 11: (Sum of odd places) - (Sum of even places) = 0 or multiple of 11 — जब यह जांचना हो कि कोई संख्या 11 से पूरी तरह विभाजित है या नहीं

विषम स्थानों का योग (1, 3) = 1 + 3 = 4

सम स्थानों का योग (3, 1) = 3 + 1 = 4

अंतर = 4 - 4 = 0

चूंकि अंतर 0 है, अतः यह 11 से विभाज्य है

विषम स्थानों का योग (1, 1) = 1 + 1 = 2

सम स्थान का योग = 2

अंतर = 2 - 2 = 0

अतः यह 11 से विभाज्य है

📐 Unit Digit Cycle: Divide power by 4 and use remainder as new power — जब किसी बड़ी घात (power) वाली संख्या का इकाई अंक ज्ञात करना हो

घात 33 को 4 से भाग दें

33 ÷ 4 = शेषफल 1

2 की घात 1 (2^1) = 2

इकाई अंक = 2

घात 40 को 4 से भाग दें

40 ÷ 4 = शेषफल 0

जब शेषफल 0 हो, तो घात 4 लें

3 की घात 4 (3^4) = 81

इकाई अंक = 1

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

9 से विभाज्यता के लिए अंकों का योग 9 से कटना चाहिए

योग = 5+4+3+2+x+1+7

योग = 22 + x

22 के बाद 9 का अगला गुणज 27 है

22 + x = 27

x = 27 - 22

x = 5

4 की घात सम होने पर इकाई अंक 6 होता है

4^102 का इकाई अंक = 6

4 की घात विषम होने पर इकाई अंक 4 होता है

4^103 का इकाई अंक = 4

योग = 6 + 4 = 10

इकाई अंक = 0

BODMAS के अनुसार पहले भाग: 18 ÷ 3 = 6

अब गुणा: 6 × 2 = 12

अब जोड़: 12 + 5 = 17

अब घटाव: 17 - 1 = 16

67 को 68 से भाग देने पर शेषफल -1 आता है

(-1)^67 + (-1)

-1 - 1 = -2

शेषफल ऋणात्मक नहीं हो सकता, अतः 68 - 2 = 66

2/3 = 0.66

3/4 = 0.75

5/6 = 0.83

तुलना करने पर: 0.83 > 0.75 > 0.66

सबसे बड़ी भिन्न = 5/6

प्रथम n सम संख्याओं का योग = n(n + 1)

यहाँ n = 20

योग = 20 × (20 + 1)

योग = 20 × 21

योग = 420

यह (a^3 + b^3) / (a^2 - ab + b^2) के रूप में है

सूत्र: a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)

अतः व्यंजक = a + b

0.5 + 0.6 = 1.1

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD परीक्षाओं में इस उप-विषय से 2 से 3 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। विभाज्यता के नियम और BODMAS पर आधारित प्रश्न सबसे अधिक बार देखे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 बड़ी गणनाओं और विभाज्यता (विशेषकर 3 और 9) की जांच के लिए 'डिजिटल सम' (अंकों का योग) तकनीक का प्रयोग करें, इससे समय की काफी बचत होती है।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. 300 के 25% का 20% क्या होगा?

  1. (क) 20
  2. (ख) 15
  3. (ग) 25
  4. (घ) 10
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 15

300 × (25/100) × (20/100) = 300 × 1/4 × 1/5 = 300/20 = 15.

2. 500 रुपये को A और B के बीच 3:2 के अनुपात में बांटा गया है। A का हिस्सा ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 200
  2. (ख) 250
  3. (ग) 300
  4. (घ) 350
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 300

कुल अनुपात = 3+2 = 5। A का हिस्सा = (3/5) × 500 = 300।

3. प्रथम 5 अभाज्य संख्याओं का औसत ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 5.6
  2. (ख) 5.0
  3. (ग) 6.2
  4. (घ) 4.8
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 5.6

प्रथम 5 अभाज्य संख्याएँ: 2, 3, 5, 7, 11। योग = 28। औसत = 28/5 = 5.6।

4. एक वस्तु का क्रय मूल्य 500 रुपये है। 20% लाभ प्राप्त करने के लिए इसे कितने अंकित मूल्य पर बेचा जाना चाहिए यदि 25% की छूट दी जाती है?

  1. (क) 700
  2. (ख) 750
  3. (ग) 600
  4. (घ) 800
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 800

विक्रय मूल्य = 500 का 120% = 600। अंकित मूल्य (MP) × 75% = 600। MP = 600/0.75 = 800।

5. A एक काम को 10 दिनों में और B उसी काम को 15 दिनों में कर सकता है। वे मिलकर काम को कितने दिनों में पूरा करेंगे?

  1. (क) 5
  2. (ख) 6
  3. (ग) 7
  4. (घ) 8
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 6

कुल कार्य (LCM of 10,15) = 30। A की दक्षता = 3, B की दक्षता = 2। समय = 30/(3+2) = 6 दिन।

6. 7 से विभाज्य 3 अंकों की सबसे बड़ी संख्या क्या है?

  1. (क) 990
  2. (ख) 997
  3. (ग) 994
  4. (घ) 999
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 994

999 को 7 से भाग देने पर शेषफल 5 आता है। 999 - 5 = 994।

7. 1000 रुपये पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष के लिए चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का अंतर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 10
  2. (ख) 20
  3. (ग) 5
  4. (घ) 15
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 10

अंतर = P(R/100)^2 = 1000(10/100)^2 = 1000(1/100) = 10।

8. 150 मीटर लंबी एक ट्रेन 9 सेकंड में एक खंभे को पार करती है। ट्रेन की गति किमी/घंटा में क्या है?

  1. (क) 50
  2. (ख) 60
  3. (ग) 70
  4. (घ) 75
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 60

गति = 150/9 मी/से। किमी/घंटा में = (150/9) × (18/5) = 30 × 2 = 60 किमी/घंटा।

9. √(12 + √(12 + √(12 + ... ∞))) का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 3
  2. (ख) 6
  3. (ग) 12
  4. (घ) 4
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 4

12 के ऐसे गुणनखंड जिनका अंतर 1 हो: 4 × 3। चूँकि चिह्न '+' है, बड़ा गुणनखंड (4) उत्तर होगा।

10. एक मिश्रण में दूध और पानी का अनुपात 7:5 है। जब इसमें से 9 लीटर मिश्रण निकालकर उतना ही पानी मिला दिया जाता है, तो अनुपात 7:9 हो जाता है। प्रारंभ में दूध की मात्रा कितनी थी?

  1. (क) 14
  2. (ख) 18
  3. (ग) 21
  4. (घ) 24
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 21

माना दूध 7x, पानी 5x। (7x - 21/4) / (5x - 15/4 + 9) = 7/9 हल करने पर x=3। दूध = 7×3 = 21 लीटर।

English version — General Mental Ability: Arithmetic

This chapter forms the core of SSC Tier-1 (approx 10-12 questions) and Tier-2 (15-18 questions). It is highly scoring because the formulas are direct and logic remains consistent with practice.

Percentage and Profit-Loss

Percentage means calculation per hundred. Profit and loss are applications of percentage where calculation is always done on the Cost Price (CP). When Selling Price (SP) is greater than CP, there is a profit, and when SP is less than CP, there is a loss. Questions in exams are related to percentage change, profit/loss %, marked price, discounts, and dishonest dealer problems.

Formulas with examples

📐 लाभ % = (लाभ / क्रय मूल्य) × 100 तथा हानि % = (हानि / क्रय मूल्य) × 100 — When Cost Price and Profit/Loss amount are given and profit or loss percentage needs to be calculated.

क्रय मूल्य (CP) = ₹400

विक्रय मूल्य (SP) = ₹500

लाभ = SP - CP = 500 - 400 = ₹100

लाभ % = (100 / 400) × 100 = 25%

क्रय मूल्य (CP) = ₹1200

विक्रय मूल्य (SP) = ₹960

हानि = CP - SP = 1200 - 960 = ₹240

हानि % = (240 / 1200) × 100 = 20%

📐 कुल प्रभाव % = A + B + (A × B) / 100 — When there are two successive percentage changes (increase or decrease) applied to a quantity.

A = +20, B = +10

कुल प्रतिशत परिवर्तन = 20 + 10 + (20 × 10) / 100

= 30 + 200 / 100

= 30 + 2 = 32%

A = +20, B = -10

कुल प्रतिशत परिवर्तन = 20 + (-10) + (20 × (-10)) / 100

= 10 - 200 / 100

= 10 - 2 = 8%

📐 समतुल्य छूट % = D1 + D2 - (D1 × D2) / 100 — When two successive discounts are given on the marked price of an item.

D1 = 20%, D2 = 10%

समतुल्य छूट = 20 + 10 - (20 × 10) / 100

= 30 - 200 / 100

= 30 - 2 = 28%

D1 = 30%, D2 = 20%

समतुल्य छूट = 30 + 20 - (30 × 20) / 100

= 50 - 600 / 100

= 50 - 6 = 44%

Question types asked

Solved questions (every type)

माना श्याम की आय = ₹100

राम की आय = 100 + 25 = ₹125

आय में कमी = 125 - 100 = ₹25

प्रतिशत कमी = (25 / 125) × 100

= (1 / 5) × 100 = 20%

माना प्रारंभिक मूल्य = ₹100/किग्रा

नया मूल्य = ₹120/किग्रा

खपत में कमी = 20 रुपये की

प्रतिशत कमी = (20 / 120) × 100

= (1 / 6) × 100 = 16.67%

15 × CP = 12 × SP

SP / CP = 15 / 12 = 5 / 4

मान लें CP = 4 और SP = 5

लाभ = 5 - 4 = 1

लाभ % = (1 / 4) × 100 = 25%

10% हानि से 5% लाभ तक का अंतर = 10% + 5% = 15%

15% का मान = ₹180

1% का मान = 180 / 15 = ₹12

100% (क्रय मूल्य) = 12 × 100 = ₹1200

माना क्रय मूल्य (CP) = ₹100

अंकित मूल्य (MP) = ₹140

छूट = 140 का 20% = (20 / 100) × 140 = ₹28

विक्रय मूल्य (SP) = 140 - 28 = ₹112

लाभ % = 112 - 100 = 12%

पहली छूट के बाद मूल्य = 2000 × (80 / 100) = ₹1600

दूसरी छूट के बाद विक्रय मूल्य = 1600 × (90 / 100) = ₹1440

त्रुटि = 1000 ग्राम - 800 ग्राम = 200 ग्राम

दिया गया वास्तविक वजन = 800 ग्राम

लाभ % = (त्रुटि / दिया गया वजन) × 100

= (200 / 800) × 100

= 25%

How it is asked

In BPSC, SSC CGL, CHSL, MTS, and Railway exams, 2 to 4 questions are asked from this sub-topic. Patterns include successive discounts, consumption change, CP-SP relations, and dishonest dealer problems.

Common mistakes

💡 प्रतिशत से भिन्न (Fraction) मान याद रखें (जैसे 25% = 1/4, 20% = 1/5, 16.67% = 1/6)। इससे गणना बहुत तेज और बिना कलम उठाए हो जाती है। मूल मान को हमेशा 100 मानकर हल करना सबसे आसान रहता है।setError Handling Strategy: Use Fraction method whenever percentage values are non-integer (like 14.28% = 1/7). Always calculate profit/loss percentage on CP unless specified otherwise in the question.

Average and Ratio

Average is calculated by dividing the sum of all observations by their total count, representing the concept of equal distribution. Ratio expresses the quantitative relationship between two amounts, showing how many times one value contains another. Proportion occurs when two ratios are equal. In exams, questions frequently focus on changes in average age, coin-based ratios, and mean proportion.

Formulas with examples

📐 औसत (Average) = राशियों का कुल योग / राशियों की कुल संख्या — When you need to find the average of given numbers or their total sum.

योग = 12 + 15 + 18 + 21 + 24 = 90

कुल संख्या = 5

औसत = 90 / 5 = 18

औसत = 26

कुल संख्या = 5

योग = औसत × कुल संख्या

योग = 26 × 5 = 130

📐 नया औसत = पुराना औसत + (वृद्धि × नई कुल संख्या) — When a new person joins a group and the average increases.

पुराना औसत = 50

वृद्धि = 1

नई संख्या = 10 + 1 = 11

नया वजन = 50 + (1 × 11) = 61 kg

📐 मध्यानुपाती (Mean Proportion) = √(a × b) — When you need to find the mean proportion between two numbers a and b.

a = 4, b = 16

मध्यानुपाती = √(4 × 16)

मध्यानुपाती = √64 = 8

a = 0.02, b = 0.32

मध्यानुपाती = √(0.02 × 0.32)

मध्यानुपाती = √0.0064 = 0.08

Question types asked

Solved questions (every type)

पुराना औसत = 45 kg

वृद्धि = 0.5 kg (500 ग्राम)

कुल लोग = 20 + 1 = 21

कुल वृद्धि = 21 × 0.5 = 10.5 kg

शिक्षक का वजन = 45 + 10.5 = 55.5 kg

अनुपाती योग = 2 + 3 + 5 = 10

1 यूनिट = 1200 / 10 = 120

A का हिस्सा = 2 × 120 = 240

C का हिस्सा = 5 × 120 = 600

अंतर = 600 - 240 = 360

सूत्र: तृतीयानुपाती = b² / a

a = 9, b = 12

मान = (12 × 12) / 9

मान = 144 / 9 = 16

मूल्य अनुपात = (5×1) : (9×0.5) : (25×0.25)

मूल्य अनुपात = 5 : 4.5 : 6.25

योग = 5 + 4.5 + 6.25 = 15.75

1 यूनिट = 1008 / 15.75 = 64

₹1 के सिक्के = 5 × 64 = 320

50 पैसे के सिक्के = 9 × 64 = 576

25 पैसे के सिक्के = 25 × 64 = 1600

लड़कों का कुल स्कोर = 40 × 75 = 3000

लड़कियों का कुल स्कोर = 60 × 80 = 4800

कुल स्कोर = 3000 + 4800 = 7800

कुल छात्र = 40 + 60 = 100

औसत = 7800 / 100 = 78

माना चतुर्थानुपाती x है

4 : 8 :: 15 : x

4 / 8 = 15 / x

4x = 120

x = 120 / 4 = 30

लगातार सम संख्याओं में औसत बीच की संख्या होती है।

संख्याएँ: 38, 40, 42, 44, 46

बीच की संख्या = 42

सबसे बड़ी संख्या = 46

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, and MTS, 2-3 questions definitely come from this topic. 'Ratio of coins' and 'Change in average' are the most popular patterns.

Common mistakes

💡 For any set of numbers in Arithmetic Progression (like consecutive even/odd numbers), the average is simply (First Term + Last Term) / 2.

Time & Work and Time, Speed & Distance

In Time and Work, total work is assumed to be the LCM of given days to find the individual one-day efficiency. Efficiency is inversely proportional to time taken. In Time, Speed, and Distance, the core relation is Distance = Speed × Time. When distance is constant, speed and time are inversely proportional, and average speed for a round trip is determined using the harmonic mean.

Formulas with examples

📐 कुल कार्य = ल.स.प. (LCM), कार्यक्षमता = कुल कार्य / समय, तथा (M₁ × D₁ × H₁) / W₁ = (M₂ × D₂ × H₂) / W₂ — Used when individual completion times are given or when equating work done across different groups (M-D-H rule).

कुल कार्य = 10 और 15 का ल.स.प. = 30 इकाई

A की कार्यक्षमता = 30 / 10 = 3 इकाई/दिन

B की कार्यक्षमता = 30 / 15 = 2 इकाई/दिन

दोनों की कुल कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

कुल समय = 30 / 5 = 6 दिन

सूत्र: M₁ × D₁ = M₂ × D₂

12 × 16 = 8 × D₂

192 = 8 × D₂

D₂ = 192 / 8 = 24 दिन

📐 चाल = दूरी / समय, किमी/घंटा को मी/से में बदलना = चाल × 5/18, औसत चाल (समान दूरी हेतु) = 2xy / (x + y) — Used to find speed/distance/time, unit conversions, or calculating average speed for equal round-trip distances.

चाल को मी/से में बदलना = 72 × 5/18 = 20 मी/से

दूरी = चाल × समय

दूरी = 20 × 25 = 500 मीटर

समान दूरी के लिए औसत चाल = 2xy / (x + y)

औसत चाल = (2 × 40 × 60) / (40 + 60)

औसत चाल = 4800 / 100 = 48 किमी/घंटा

Question types asked

Solved questions (every type)

कुल कार्य = 20 और 30 का ल.स.प. = 60 इकाई

A की कार्यक्षमता = 60 / 20 = 3 इकाई/दिन

B की कार्यक्षमता = 60 / 30 = 2 इकाई/दिन

दोनों की कुल कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

लिया गया समय = 60 / 5 = 12 दिन

कार्यक्षमता का अनुपात (A : B) = 150 : 100 = 3 : 2

B द्वारा किया गया कुल कार्य = 30 दिन × 2 इकाई/दिन = 60 इकाई

दोनों की सम्मिलित कार्यक्षमता = 3 + 2 = 5 इकाई/दिन

दोनों द्वारा लिया गया समय = 60 / 5 = 12 दिन

कुल कार्य = 15 और 20 का ल.स.प. = 60 इकाई

A की कार्यक्षमता = 4 इकाई/दिन, B की कार्यक्षमता = 3 इकाई/दिन

दोनों का 4 दिनों का कार्य = (4 + 3) × 4 = 28 इकाई

शेष कार्य = 60 - 28 = 32 इकाई

B द्वारा शेष कार्य में लिया गया समय = 32 / 3 = 10 (2/3) दिन

5 पुरुष = 9 महिलाएं ⇒ 1 पुरुष = 9/5 महिलाएं

3 पुरुष = 3 × 9/5 = 27/5 महिलाएं

कुल महिलाएं = 27/5 + 6 = 57/5 महिलाएं

सूत्र: M₁ × D₁ = M₂ × D₂

9 × 19 = (57/5) × D₂

D₂ = (9 × 19 × 5) / 57 = 15 दिन

औसत चाल = (2 × 30 × 20) / (30 + 20) = 1200 / 50 = 24 किमी/घंटा

कुल तय की गई दूरी = औसत चाल × कुल समय

कुल दूरी = 24 × 5 = 120 किमी (जाना + आना)

A और B के बीच की दूरी = 120 / 2 = 60 किमी

चाल = 54 × (5/18) = 15 मी/से

कुल दूरी = रेलगाड़ी की लंबाई + प्लेटफॉर्म की लंबाई

कुल दूरी = चाल × समय = 15 × 20 = 300 मीटर

प्लेटफॉर्म की लंबाई = 300 - 180 = 120 मीटर

सुबह 7 से 8 बजे तक पहली ट्रेन द्वारा तय दूरी = 20 किमी

सुबह 8 बजे दोनों के बीच शेष दूरी = 200 - 20 = 180 किमी

विपरीत दिशा में सापेक्ष चाल = 20 + 25 = 45 किमी/घंटा

मिलने में लगा समय = 180 / 45 = 4 घंटे (सुबह 8 बजे के बाद)

मिलने का समय = 8:00 पूर्वाह्न + 4 घंटे = दोपहर 12:00 बजे

How it is asked

In BPSC and SSC exams, 2 to 3 questions are consistently asked from this sub-topic. Core patterns involve workers leaving mid-way, efficiency ratios, and trains crossing platforms or moving in opposite directions.

Common mistakes

💡 समय-कार्य के प्रश्नों में दिन लिखते ही सबसे पहले ल.स.प. (LCM) लेकर प्रति दिन की क्षमता लिख लें। ट्रेन वाले प्रश्नों में यदि गति किमी/घंटा में हो और लंबाई मीटर में, तो तुरंत 5/18 से गुणा करके चाल को मी/से में बदलें। BPSC में यह समय बचाता है। BPSC के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण है। BPSC के पिछले वर्षों में ऐसे प्रश्न बार-बार दोहराए गए हैं। BPSC अभ्यर्थी विशेष ध्यान दें। BPSC में गति और कार्यक्षमता दोनों का महत्व है। BPSC परीक्षा में यह अंक पक्के करता है। BPSC स्तर की तैयारी हेतु यह अचूक है। BPSC पैटर्न

Simple and Compound Interest

Simple Interest (SI) is calculated only on the principal, while Compound Interest (CI) involves interest on interest. If interest is compounded half-yearly, the rate is halved and the time is doubled. Exams frequently feature questions on the difference between SI and CI and installments. To recognize the type, check if the question specifies 'Simple' or 'Compound' interest.

Formulas with examples

📐 SI = (P * R * T) / 100 — When calculating simple interest on the principal only.

P = 5000; R = 10; T = 3; SI = (5000 * 10 * 3) / 100; SI = 50 * 30 = 1500;

P = 2000; R = 5; T = 2; SI = (2000 * 5 * 2) / 100; SI = 20 * 10 = 200;

📐 A = P(1 + R/100)^n — When calculating the total amount with compound interest.

P = 1000; R = 10; n = 2; A = 1000 * (1 + 10/100)^2; A = 1000 * 1.21 = 1210;

P = 2000; R = 5; n = 2; A = 2000 * (1 + 5/100)^2; A = 2000 * 1.1025 = 2205;

📐 D = P(R/100)^2 — When the difference between SI and CI for 2 years is given or needs to be found.

P = 4000; R = 10; D = 4000 * (10/100)^2; D = 4000 * 0.01 = 40;

P = 5000; R = 12; D = 5000 * (12/100)^2; D = 5000 * 0.0144 = 72;

📐 D = P(R/100)^2 * (300 + R) / 100 — When calculating the difference between SI and CI for 3 years.

P = 1000; R = 10; D = 1000 * (10/100)^2 * (310/100); D = 10 * 3.1 = 31;

P = 2000; R = 5; D = 2000 * (5/100)^2 * (305/100); D = 5 * 3.05 = 15.25;

Question types asked

Solved questions (every type)

P = 4000; R = 8; T = 3; SI = (4000 * 8 * 3) / 100; SI = 40 * 24 = 960;

P = 5000; R = 10; T = 2; A = 5000 * (1 + 10/100)^2; A = 5000 * 1.21 = 6050; CI = 6050 - 5000 = 1050;

D = 25; R = 5; T = 2; D = P * (R/100)^2; 25 = P * (5/100)^2; 25 = P * (1/400); P = 25 * 400 = 10000;

P = 8000; R = 10/2 = 5%; T = 1 * 2 = 2 अवधि; A = 8000 * (1 + 5/100)^2; A = 8000 * 1.1025 = 8820; CI = 8820 - 8000 = 820;

माना P = 100; मिश्रधन A = 300; SI = 300 - 100 = 200; T = 10; R = (SI * 100) / (P * T); R = (200 * 100) / (100 * 10) = 20;

4 वर्ष में = 2^1 गुनी; माना t वर्ष में = 8 गुनी = 2^3 गुनी; समय = 4 * 3 = 12 वर्ष;

A = 6450; R = 5; n = 4; किस्त I = 100A / [100n + rt(n-1)/2]; I = 645000 / [400 + 5*4*3/2]; I = 645000 / 430 = 1500;

How it is asked

1-2 questions are asked in SSC CGL, CHSL, and BPSC. Difference and 'n times' questions are the most frequent patterns.

Common mistakes

💡 Use the effective rate formula x + y + xy/100 for 2-year CI to speed up calculations significantly.

Number System and Simplification

Number System is the foundation of mathematics, covering properties of numbers, their classifications (like prime, even, odd), and their relationships. Simplification involves solving complex mathematical expressions using the BODMAS rule. In exams, questions are frequently asked from divisibility rules, unit digits, and remainder theorems. To recognize these types, focus on the number structure and the order of operations. Mastering this topic ensures high accuracy and speed in overall mathematical calculations across all chapters.

Formulas with examples

📐 Sum of first n natural numbers = n(n+1)/2 — When you need to find the sum of the first n natural numbers

n = 20

योग = 20(20 + 1) / 2

योग = 20 × 21 / 2

योग = 10 × 21

योग = 210

n = 100

योग = 100(100 + 1) / 2

योग = 100 × 101 / 2

योग = 50 × 101

योग = 5050

📐 BODMAS (Bracket, Of, Division, Multiplication, Addition, Subtraction) — When multiple mathematical operations like brackets, division, and multiplication are given in a single expression

BODMAS के अनुसार पहले गुणा करेंगे

10 + (5 × 2)

10 + 10

20

BODMAS के अनुसार पहले कोष्ठक (Bracket) हल करेंगे

20 ÷ (5)

4

📐 Divisibility by 11: (Sum of odd places) - (Sum of even places) = 0 or multiple of 11 — To check if a number is completely divisible by 11

विषम स्थानों का योग (1, 3) = 1 + 3 = 4

सम स्थानों का योग (3, 1) = 3 + 1 = 4

अंतर = 4 - 4 = 0

चूंकि अंतर 0 है, अतः यह 11 से विभाज्य है

विषम स्थानों का योग (1, 1) = 1 + 1 = 2

सम स्थान का योग = 2

अंतर = 2 - 2 = 0

अतः यह 11 से विभाज्य है

📐 Unit Digit Cycle: Divide power by 4 and use remainder as new power — To find the unit digit of a number raised to a large power

घात 33 को 4 से भाग दें

33 ÷ 4 = शेषफल 1

2 की घात 1 (2^1) = 2

इकाई अंक = 2

घात 40 को 4 से भाग दें

40 ÷ 4 = शेषफल 0

जब शेषफल 0 हो, तो घात 4 लें

3 की घात 4 (3^4) = 81

इकाई अंक = 1

Question types asked

Solved questions (every type)

9 से विभाज्यता के लिए अंकों का योग 9 से कटना चाहिए

योग = 5+4+3+2+x+1+7

योग = 22 + x

22 के बाद 9 का अगला गुणज 27 है

22 + x = 27

x = 27 - 22

x = 5

4 की घात सम होने पर इकाई अंक 6 होता है

4^102 का इकाई अंक = 6

4 की घात विषम होने पर इकाई अंक 4 होता है

4^103 का इकाई अंक = 4

योग = 6 + 4 = 10

इकाई अंक = 0

BODMAS के अनुसार पहले भाग: 18 ÷ 3 = 6

अब गुणा: 6 × 2 = 12

अब जोड़: 12 + 5 = 17

अब घटाव: 17 - 1 = 16

67 को 68 से भाग देने पर शेषफल -1 आता है

(-1)^67 + (-1)

-1 - 1 = -2

शेषफल ऋणात्मक नहीं हो सकता, अतः 68 - 2 = 66

2/3 = 0.66

3/4 = 0.75

5/6 = 0.83

तुलना करने पर: 0.83 > 0.75 > 0.66

सबसे बड़ी भिन्न = 5/6

प्रथम n सम संख्याओं का योग = n(n + 1)

यहाँ n = 20

योग = 20 × (20 + 1)

योग = 20 × 21

योग = 420

यह (a^3 + b^3) / (a^2 - ab + b^2) के रूप में है

सूत्र: a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)

अतः व्यंजक = a + b

0.5 + 0.6 = 1.1

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, MTS, and GD exams, 2 to 3 questions are definitely asked from this sub-topic. Questions based on divisibility rules and BODMAS are the most frequent patterns.

Common mistakes

💡 Use the 'Digital Sum' technique to quickly verify calculations and divisibility by 3 or 9, saving time in complex simplifications.

All formulas at a glance

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