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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

साधारण ब्याज

Simple Interest

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

साधारण ब्याज SSC परीक्षाओं (Tier-1 और Tier-2) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे आमतौर पर 1-2 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह एक स्कोरिंग अध्याय है क्योंकि इसके सूत्र सरल हैं और गणना सीधी होती है।

SI = PRT/100 और मूलधन (P), दर (R) या समय (T) ज्ञात करना

साधारण ब्याज (Simple Interest) वह ब्याज है जो केवल प्रारंभिक मूलधन (Principal) पर ही निश्चित अवधि तक समान दर से देय होता है। इसका मूल नियम यह है कि प्रत्येक वर्ष मिलने वाला ब्याज हमेशा एक समान रहता है क्योंकि मूलधन कभी नहीं बदलता। यदि मूलधन P, वार्षिक ब्याज दर R% और समय T वर्ष हो, तो कुल साधारण ब्याज SI = (P × R × T) / 100 होता है। जब भी प्रश्न में मूलधन, दर, समय और ब्याज में से कोई तीन मान दिए हों और चौथा ज्ञात करना हो, तो सीधे इसी संबंध का प्रयोग किया जाता है। मिश्रधन (Amount) = मूलधन (Principal) + ब्याज (SI) होता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 SI = (P × R × T) / 100 — जब मूलधन (P), वार्षिक दर (R%) और समय (T वर्ष) ज्ञात हों और साधारण ब्याज निकालना हो, या इनमें से कोई एक अज्ञात पद निकालना हो।

P = ₹8,000, R = 7%, T = 3 वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

SI = (8000 × 7 × 3) / 100

SI = 80 × 21 = ₹1,680

P = ₹5,000, R = 8%, SI = ₹1,200

T = (SI × 100) / (P × R)

T = (1200 × 100) / (5000 × 8)

T = 120000 / 40000 = 3 वर्ष

📐 A = P × [1 + (R × T) / 100] अथवा P = (A × 100) / (100 + R × T) — जब मिश्रधन (A), दर (R) और समय (T) दिया हो तथा मूलधन (P) निकालना हो, या मूलधन से सीधे मिश्रधन निकालना हो।

A = ₹3,720, R = 6%, T = 4 वर्ष

ब्याज प्रतिशत = R × T = 6 × 4 = 24%

मिश्रधन प्रतिशत = 100 + 24 = 124%

P = (3720 × 100) / 124

P = 30 × 100 = ₹3,000

P = ₹4,500, R = 9%, T = 2 वर्ष

ब्याज प्रतिशत = 9 × 2 = 18%

मिश्रधन = P × (100 + 18) / 100

A = 4500 × 118 / 100

A = 45 × 118 = ₹5,310

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

P = ₹15,000, R = 12%

T = 3 वर्ष + 6 माह = 3.5 वर्ष = 7/2 वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

SI = (15000 × 12 × 7) / (100 × 2)

SI = 150 × 6 × 7

SI = ₹6,300

P = ₹7,300, R = 10%, SI = ₹146

माना समय = d दिन = (d / 365) वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

146 = (7300 × 10 × d) / (100 × 365)

146 = (730 × d) / 365

146 = 2 × d

d = 146 / 2 = 73 दिन

P = ₹9,200, SI = ₹3,680, T = 5 वर्ष

R = (SI × 100) / (P × T)

R = (3680 × 100) / (9200 × 5)

R = 3680 / (92 × 5)

R = 3680 / 460 = 8%

A = ₹6,500, R = 7.5%, T = 4 वर्ष

कुल ब्याज प्रतिशत = 7.5 × 4 = 30%

मिश्रधन प्रतिशत = 100% + 30% = 130%

130% = ₹6,500

मूलधन (100%) = (6500 / 130) × 100

मूलधन = 50 × 100 = ₹5,000

माना मूलधन (P) = 5x तथा मिश्रधन (A) = 7x

साधारण ब्याज (SI) = A - P = 7x - 5x = 2x

R = 8%

T = (SI × 100) / (P × R)

T = (2x × 100) / (5x × 8)

T = 200 / 40 = 5 वर्ष

समय (T) = 3 वर्ष, अतिरिक्त दर = 4%

3 वर्ष में कुल अतिरिक्त ब्याज % = 3 × 4% = 12%

प्रश्नानुसार, 12% = ₹720

1% = 720 / 12 = ₹60

मूलधन (100%) = 60 × 100 = ₹6,000

मूलधन (P) = ₹4,000, समय (T) = 4 वर्ष

प्रारंभिक मिश्रधन = ₹5,000

दर में वृद्धि = 2% वार्षिक

4 वर्ष में अतिरिक्त ब्याज = (P × अतिरिक्त दर × T) / 100

अतिरिक्त ब्याज = (4000 × 2 × 4) / 100 = ₹320

नया मिश्रधन = पुराना मिश्रधन + अतिरिक्त ब्याज

नया मिश्रधन = 5000 + 320 = ₹5,320

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD में इस सब-टॉपिक से लगभग हर शिफ्ट में 1 प्रश्न पूछा जाता है। मुख्य पैटर्न: माह/दिनों में समय देकर ब्याज पूछना, मिश्रधन से मूलधन निकालना, तथा दर में x% परिवर्तन होने पर नया मिश्रधन ज्ञात करना।

आम गलतियाँ

💡 जब दर R% बढ़ जाए और नया मिश्रधन पूछा जाए, तो मूल दर कभी न निकालें; सीधे P पर (बढ़ी दर × T)% अतिरिक्त ब्याज निकालकर पुराने मिश्रधन में जोड़ दें। (समय की बचत: 40 सेकंड)।

कोई राशि n गुनी होना

जब कोई राशि (Amount) स्वयं की 'n' गुनी हो जाती है, तो इसका अर्थ है कि उसमें मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest) दोनों शामिल हैं। यदि राशि 3 गुनी होती है, तो अर्जित ब्याज मूलधन का 2 गुना (3 - 1 = 2) होता है। इस प्रकार के प्रश्नों में साधारण ब्याज (SI) हमेशा (n - 1) × P के बराबर होता है। परीक्षा में अक्सर वह समय या दर पूछी जाती है जिस पर राशि एक निश्चित गुना हो जाए।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 R × T = (n - 1) × 100 — जब दर (R) या समय (T) में से एक दिया हो और राशि के 'n' गुना होने की स्थिति हो।

यहाँ n = 2 और T = 5 वर्ष है

सूत्र: R × T = (n - 1) × 100

R × 5 = (2 - 1) × 100

5R = 100

R = 100 / 5

R = 20%

यहाँ n = 4 और R = 10% है

सूत्र: R × T = (n - 1) × 100

10 × T = (4 - 1) × 100

10T = 300

T = 300 / 10

T = 30 वर्ष

📐 T1 / T2 = (n1 - 1) / (n2 - 1) — जब एक ही राशि अलग-अलग समय (T1, T2) में अलग-अलग गुना (n1, n2) होती है।

T1 = 7, n1 = 3, n2 = 5, T2 = ?

7 / T2 = (3 - 1) / (5 - 1)

7 / T2 = 2 / 4

7 / T2 = 1 / 2

T2 = 7 × 2 = 14 वर्ष

T1 = 12, n1 = 2, n2 = 3, T2 = ?

12 / T2 = (2 - 1) / (3 - 1)

12 / T2 = 1 / 2

T2 = 12 × 2 = 24 वर्ष

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

n = 3, T = 8

R × 8 = (3 - 1) × 100

8R = 200

R = 200 / 8

R = 25%

n = 3, R = 5%

5 × T = (3 - 1) × 100

5T = 200

T = 200 / 5

T = 40 वर्ष

T1 = 5, n1 = 2, n2 = 9

5 / T2 = (2 - 1) / (9 - 1)

5 / T2 = 1 / 8

T2 = 5 × 8

T2 = 40 वर्ष

R1 = 10, n1 = 3, n2 = 7

10 / R2 = (3 - 1) / (7 - 1)

10 / R2 = 2 / 6

10 / R2 = 1 / 3

R2 = 10 × 3 = 30%

SI = 4/9 P, R = T

SI = (P × R × T) / 100

4/9 P = (P × R × R) / 100

4/9 = R² / 100

R² = 400 / 9

R = 20 / 3 = 6.66%

T1 = 15, n1 = 4, n2 = 10

15 / T2 = (4 - 1) / (10 - 1)

15 / T2 = 3 / 9

15 / T2 = 1 / 3

T2 = 15 × 3 = 45 वर्ष

n = 6, T = 20

R × 20 = (6 - 1) × 100

20R = 500

R = 500 / 20

R = 25%

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और MTS में इस सब-टॉपिक से हर साल कम से कम 1 प्रश्न पूछा जाता है। 'T1/T2' वाला तुलनात्मक पैटर्न सबसे अधिक बार दोहराया जाता है।

आम गलतियाँ

💡 हमेशा याद रखें: ब्याज % = (गुना - 1) × 100। बस इसे दिए गए समय से भाग दें तो दर मिल जाएगी, और दर से भाग दें तो समय।

अलग-अलग समय या भागों के लिए अलग-अलग ब्याज दरें

इस उप-विषय में, मूलधन पर ब्याज की दर समय के साथ बदलती रहती है या मूलधन को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अलग-अलग दरों पर निवेश किया जाता है। कुल साधारण ब्याज (Simple Interest) निकालने के लिए हम प्रत्येक अवधि या प्रत्येक भाग के ब्याज को अलग-अलग जोड़ते हैं। यदि दर समय के साथ बदल रही है, तो हम 'प्रभावी दर' (Effective Rate) का उपयोग करते हैं जो r1t1 + r2t2 + ... के बराबर होती है। परीक्षा में अक्सर कुल ब्याज देकर मूलधन पूछा जाता है या कुल राशि को दो भागों में बांटने को कहा जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Total SI = [P × (r1t1 + r2t2 + r3t3 + ...)] / 100 — जब एक ही मूलधन पर अलग-अलग समय अंतराल के लिए अलग-अलग ब्याज दरें दी गई हों।

कुल समय = 6 वर्ष

पहले 2 वर्ष की दर = 3% (ब्याज = 2 × 3 = 6%)

अगले 3 वर्ष की दर = 5% (ब्याज = 3 × 5 = 15%)

शेष समय (6 - 2 - 3) = 1 वर्ष की दर = 8% (ब्याज = 1 × 8 = 8%)

कुल प्रभावी दर = 6% + 15% + 8% = 29%

कुल ब्याज = 8000 का 29%

ब्याज = (8000 × 29) / 100 = 80 × 29

प्रभावी दर = (2 × 4%) + (4 × 6%) + (3 × 8%)

प्रभावी दर = 8% + 24% + 24% = 56%

माना मूलधन P है, तो P का 56% = 1120

(P × 56) / 100 = 1120

P = (1120 × 100) / 56

P = 20 × 100

📐 P1 : P2 = (1 / r1t1) : (1 / r2t2) — जब एक राशि को दो भागों में इस प्रकार बांटा जाए कि दोनों भागों से प्राप्त साधारण ब्याज (SI) बराबर हो।

r1t1 = 12 × 3 = 36

r2t2 = 16 × 4.5 = 72

अनुपात P1 : P2 = 1/36 : 1/72

दोनों ओर 72 से गुणा करने पर: P1 : P2 = 2 : 1

कुल भाग = 2 + 1 = 3 यूनिट

3 यूनिट = 12000, तो 1 यूनिट = 4000

बड़ा भाग (2 यूनिट) = 2 × 4000

r1t1 = 5 × 4 = 20

r2t2 = 4 × 5 = 20

अनुपात P1 : P2 = 1/20 : 1/20 = 1 : 1

कुल भाग = 1 + 1 = 2 यूनिट

2 यूनिट = 25000

1 यूनिट = 12500

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

प्रथम 3 वर्ष = 3 × 6% = 18%

अगले 5 वर्ष = 5 × 9% = 45%

शेष समय (11 - 8) = 3 वर्ष = 3 × 13% = 39%

कुल प्रभावी दर = 18 + 45 + 39 = 102%

माना मूलधन P है, तो P का 102% = 8160

P = (8160 × 100) / 102

P = 80 × 100

औसत दर = (कुल ब्याज / कुल मूलधन) × 100

औसत दर = (1600 / 15000) × 100 = 32/3 %

एलिगेशन से: (12 - 32/3) : (32/3 - 10)

4/3 : 2/3 = 2 : 1

कुल 3 यूनिट = 15000, तो 1 यूनिट = 5000

10% वाला भाग (2 यूनिट) = 2 × 5000

P1 × 5 × 2 = P2 × 8 × 3

10 P1 = 24 P2 => P1/P2 = 24/10 = 12/5

कुल = 12 + 5 = 17 यूनिट

17 यूनिट = 17200, तो 1 यूनिट = 1011.76 (लगभग)

सुधार: यदि राशि 17000 हो, तो 1 यूनिट = 1000

अंतर = 12 - 5 = 7 यूनिट

7 × 1000 = 7000 (यदि राशि 17000 है)

दी गई राशि 17200 के लिए: 17 यूनिट = 17200, 1 यूनिट = 17200/17

अंतर = 7 × (17200/17) = 7082.35

मिश्रधन बराबर होने पर: P1(100 + r1t1) = P2(100 + r2t2)

P1(100 + 10×2) = P2(100 + 10×4)

120 P1 = 140 P2 => P1/P2 = 7/6

कुल = 7 + 6 = 13 यूनिट

13 यूनिट = 18600, 1 यूनिट = 18600/13

दूसरा भाग (6 यूनिट) = 6 × (18600/13) = 111600/13

एलिगेशन का उपयोग करें:

(10 - 9.2) : (9.2 - 8)

0.8 : 1.2 = 2 : 3

कुल 5 यूनिट = 10000, 1 यूनिट = 2000

पहला भाग = 2 × 2000 = 4000

दूसरा भाग = 3 × 2000 = 6000

प्रभावी दर = (2 × 3) + (3 × 8) + (1 × 10)

प्रभावी दर = 6 + 24 + 10 = 40%

40% = 1520

1% = 1520 / 40 = 38

100% (मूलधन) = 38 × 100

P1 × 10 × 1 = P2 × 5 × 4

10 P1 = 20 P2 => P1/P2 = 2/1

कुल = 2 + 1 = 3 यूनिट

3 यूनिट = 21000, 1 यूनिट = 7000

दूसरा भाग (1 यूनिट) = 7000

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL में इस टॉपिक से प्रश्न अक्सर 'प्रभावी दर' या 'एलिगेशन' आधारित पूछे जाते हैं। हर 2-3 शिफ्ट में एक प्रश्न इस पैटर्न पर जरूर आता है।

आम गलतियाँ

💡 मिश्रधन (Amount) बराबर होने वाले प्रश्नों में, समय बचाने के लिए P1:P2 = 1/(100+r1t1) : 1/(100+r2t2) अनुपात का उपयोग करें।

दो अलग-अलग समय के मिश्रधन से मूलधन और दर ज्ञात करना

इस प्रकार के प्रश्नों में हमें दो अलग-अलग वर्षों के बाद का मिश्रधन (Amount) दिया जाता है। चूंकि साधारण ब्याज (Simple Interest) हर साल समान रहता है, इसलिए दो मिश्रधनों का अंतर उन वर्षों के बीच का ब्याज होता है। इस ब्याज की मदद से हम एक वर्ष का ब्याज निकाल लेते हैं। फिर किसी भी एक मिश्रधन में से उतने वर्षों का ब्याज घटाकर मूलधन (Principal) प्राप्त किया जाता है। अंत में, मूलधन और एक वर्ष के ब्याज का उपयोग करके दर (Rate) निकाली जाती है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 1 वर्ष का ब्याज = (A2 - A1) / (t2 - t1) — जब दो अलग-अलग समय (t1 और t2) के मिश्रधन (A1 और A2) दिए हों।

समय का अंतर = 5 - 2 = 3 वर्ष

मिश्रधन का अंतर = 2600 - 2240 = ₹360

3 वर्ष का ब्याज = ₹360

1 वर्ष का ब्याज = 360 / 3 = ₹120

समय का अंतर = 4 - 3 = 1 वर्ष

मिश्रधन का अंतर = 854 - 815 = ₹39

चूंकि अंतर 1 वर्ष का ही है, इसलिए 1 वर्ष का ब्याज = ₹39

📐 मूलधन (P) = A1 - (1 वर्ष का ब्याज × t1) — जब मूलधन (Principal) ज्ञात करना हो।

5 वर्ष का ब्याज = 1020 - 720 = ₹300

1 वर्ष का ब्याज = 300 / 5 = ₹60

2 वर्ष का ब्याज = 60 × 2 = ₹120

मूलधन (P) = 720 - 120 = ₹600

2 वर्ष का ब्याज = 600 - 560 = ₹40

1 वर्ष का ब्याज = 40 / 2 = ₹20

3 वर्ष का ब्याज = 20 × 3 = ₹60

मूलधन (P) = 560 - 60 = ₹500

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

3 वर्ष का ब्याज = 1280 - 992 = ₹288

1 वर्ष का ब्याज = 288 / 3 = ₹96

2 वर्ष का ब्याज = 96 × 2 = ₹192

मूलधन (P) = 992 - 192 = ₹800

3 वर्ष का ब्याज = 2250 - 2100 = ₹150

1 वर्ष का ब्याज = 150 / 3 = ₹50

2 वर्ष का ब्याज = 50 × 2 = ₹100

मूलधन (P) = 2100 - 100 = ₹2000

दर (R) = (50 × 100) / 2000 = 2.5%

1.5 वर्ष का ब्याज = 873 - 756 = ₹117

1 वर्ष का ब्याज = 117 / 1.5 = ₹78

2 वर्ष का ब्याज = 78 × 2 = ₹156

मूलधन (P) = 756 - 156 = ₹600

दर (R) = (78 × 100) / 600 = 13%

1.5 वर्ष का ब्याज = 1164 - 1008 = ₹156

1 वर्ष का ब्याज = 156 / 1.5 = ₹104

2 वर्ष का ब्याज = 104 × 2 = ₹208

मूलधन (P) = 1008 - 208 = ₹800

दर (R) = (104 × 100) / 800 = 13%

2 वर्ष का ब्याज = 1500 - 1380 = ₹120

1 वर्ष का ब्याज = 120 / 2 = ₹60

3 वर्ष का ब्याज = 60 × 3 = ₹180

मूलधन (P) = 1380 - 180 = ₹1200

10 वर्ष का ब्याज = 60 × 10 = ₹600

10 वर्ष बाद मिश्रधन = 1200 + 600 = ₹1800

1.5 वर्ष का ब्याज = 10224 - 8928 = ₹1296

1 वर्ष का ब्याज = 1296 / 1.5 = ₹864

2 वर्ष का ब्याज = 864 × 2 = ₹1728

मूलधन (P) = 8928 - 1728 = ₹7200

दर (R) = (864 × 100) / 7200 = 12%

3 वर्ष का ब्याज = 3300 - 2520 = ₹780

1 वर्ष का ब्याज = 780 / 3 = ₹260

2 वर्ष का ब्याज = 260 × 2 = ₹520

मूलधन (P) = 2520 - 520 = ₹2000

दर (R) = (260 × 100) / 2000 = 13%

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL और MTS में यह पैटर्न बहुत बार पूछा जाता है। अक्सर इसमें समय का अंतर 1.5 वर्ष या 2.5 वर्ष दिया जाता है ताकि गणना थोड़ी कठिन हो सके।

आम गलतियाँ

💡 मिश्रधनों के अंतर को वर्षों के अंतर से भाग देने पर सीधे 1 वर्ष का ब्याज मिल जाता है। इससे मूलधन निकालने में समय बचता है।

साधारण ब्याज की किस्तें

साधारण ब्याज में किस्त का अर्थ है कि किसी ऋण (Debt) को बराबर हिस्सों में चुकाना। जब हम किस्त चुकाते हैं, तो उस किस्त पर बचे हुए समय के लिए ब्याज की गणना की जाती है। देय ऋण (Due Debt) वह कुल राशि है जो समय के अंत में चुकानी होती है। इसमें प्रत्येक किस्त और उस पर मिलने वाला ब्याज मिलकर कुल ऋण के बराबर होता है। यह तरीका तब पहचाना जाता है जब प्रश्न में 'बराबर वार्षिक किस्त' या 'देय ऋण' जैसे शब्दों का प्रयोग हो।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 देय ऋण (A) = nx + [r * x * n(n-1)] / 200 — जब वार्षिक किस्त (x), समय (n) और दर (r) दी गई हो और कुल देय ऋण निकालना हो।

x = 700, n = 5, r = 10

देय ऋण = 5 * 700 + [10 * 700 * 5 * 4] / 200

= 3500 + [7000 * 20] / 200

= 3500 + 700

= 4200

x = 800, n = 3, r = 5

देय ऋण = 3 * 800 + [5 * 800 * 3 * 2] / 200

= 2400 + [4000 * 6] / 200

= 2400 + 120

= 2520

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

माना किस्त = 100 यूनिट

पहली किस्त पर ब्याज (3 वर्ष) = 100 + 15 = 115

दूसरी किस्त पर ब्याज (2 वर्ष) = 100 + 10 = 110

तीसरी किस्त पर ब्याज (1 वर्ष) = 100 + 5 = 105

चौथी किस्त (0 वर्ष) = 100

कुल योग = 115 + 110 + 105 + 100 = 430 यूनिट

430 यूनिट = 6450

1 यूनिट = 6450 / 430 = 15

किस्त = 100 * 15 = 1500

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 + (100 + 12) + (100 + 24)

कुल देय = 100 + 112 + 124 = 336 यूनिट

336 यूनिट = 1092

1 यूनिट = 1092 / 336 = 3.25

किस्त = 100 * 3.25 = 325

किस्त (x) = 500, r = 8%, n = 4

देय ऋण = 4 * 500 + [8 * 500 * 4 * 3] / 200

= 2000 + [4000 * 12] / 200

= 2000 + 240

= 2240

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 * 5 + 8 * (4 + 3 + 2 + 1)

= 500 + 8 * 10 = 580 यूनिट

580 यूनिट = 1740

1 यूनिट = 1740 / 580 = 3

किस्त = 100 * 3 = 300

A = 2520, x = 800, n = 3

2520 = 3 * 800 + [r * 800 * 3 * 2] / 200

2520 = 2400 + [r * 800 * 6] / 200

120 = r * 24

r = 120 / 24 = 5

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 * 4 + 7 * (3 + 2 + 1)

= 400 + 7 * 6 = 442 यूनिट

442 यूनिट = 2210

1 यूनिट = 2210 / 442 = 5

किस्त = 100 * 5 = 500

x = 1000, r = 10, A = 4600

4600 = n * 1000 + [10 * 1000 * n(n-1)] / 200

4600 = 1000n + 50n(n-1)

92 = 20n + n^2 - n

n^2 + 19n - 92 = 0

(n + 23)(n - 4) = 0

n = 4

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL में इस उप-विषय से प्रश्न अक्सर 'देय ऋण' (Due Debt) को किस्तों में विभाजित करने के रूप में पूछे जाते हैं। यह पैटर्न साल में कम से कम एक बार मुख्य परीक्षाओं में देखा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 किस्त के सवालों के लिए हमेशा 100 यूनिट मानकर चलें। अंतिम वर्ष में 100 लिखें और पीछे की ओर दर जोड़ते जाएं (जैसे 100, 100+r, 100+2r...)।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. ₹5000 की राशि पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज क्या होगा?

  1. (क) 1000
  2. (ख) 500
  3. (ग) 1200
  4. (घ) 1500
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 1000

SI = (P × R × T) / 100 = (5000 × 10 × 2) / 100 = 1000.

2. ₹2000 की राशि 4 वर्ष में ₹400 का साधारण ब्याज देती है। वार्षिक ब्याज दर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 4
  2. (ख) 5
  3. (ग) 6
  4. (घ) 8
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 5

R = (SI × 100) / (P × T) = (400 × 100) / (2000 × 4) = 40000 / 8000 = 5%.

3. कोई राशि साधारण ब्याज पर 8 वर्ष में दोगुनी हो जाती है। ब्याज की दर क्या है?

  1. (क) 10
  2. (ख) 15
  3. (ग) 12.5
  4. (घ) 20
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 12.5

R = (n-1) × 100 / T = (2-1) × 100 / 8 = 100 / 8 = 12.5%.

4. ₹10000 की राशि का एक हिस्सा 5% पर और शेष 6% पर उधार दिया गया। यदि 2 वर्ष बाद कुल ब्याज ₹1120 है, तो 5% पर दी गई राशि क्या थी?

  1. (क) 3000
  2. (ख) 5000
  3. (ग) 6000
  4. (घ) 4000
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 4000

माना 5% पर राशि x है। (x*5*2/100) + ((10000-x)*6*2/100) = 1120 => 10x + 120000 - 12x = 112000 => 2x = 8000 => x = 4000.

5. एक राशि साधारण ब्याज पर 2 वर्ष में ₹720 और 3 वर्ष में ₹780 हो जाती है। मूलधन ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 600
  2. (ख) 500
  3. (ग) 650
  4. (घ) 550
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 600

1 वर्ष का ब्याज = 780 - 720 = 60. 2 वर्ष का ब्याज = 120. मूलधन = 720 - 120 = 600.

6. कोई राशि साधारण ब्याज पर 5 वर्ष में 3 गुना हो जाती है। यह कितने वर्षों में 9 गुना हो जाएगी?

  1. (क) 15
  2. (ख) 20
  3. (ग) 25
  4. (घ) 10
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 20

(n1-1)/T1 = (n2-1)/T2 => (3-1)/5 = (9-1)/T2 => 2/5 = 8/T2 => T2 = 20 वर्ष।

7. एक व्यक्ति ने एक निश्चित राशि उधार ली। ब्याज की दर पहले 2 वर्षों के लिए 4%, अगले 4 वर्षों के लिए 6% और 6 वर्षों के बाद 8% वार्षिक थी। यदि 9 वर्षों के बाद कुल ब्याज ₹1120 है, तो मूलधन क्या है?

  1. (क) 2500
  2. (ख) 1800
  3. (ग) 2000
  4. (घ) 3000
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 2000

कुल ब्याज % = (4*2 + 6*4 + 8*3) = 8 + 24 + 24 = 56%. 56% of P = 1120 => P = 1120 * 100 / 56 = 2000.

8. ₹15000 की राशि को दो भागों में इस प्रकार विभाजित किया गया है कि पहले भाग पर 10% की दर से 5 वर्ष का ब्याज, दूसरे भाग पर 12.5% की दर से 4 वर्ष के ब्याज के बराबर है। पहला भाग ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 8000
  2. (ख) 7000
  3. (ग) 9000
  4. (घ) 7500
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 7500

P1*10*5 = P2*12.5*4 => 50*P1 = 50*P2 => P1 = P2. चूंकि कुल 15000 है, इसलिए P1 = 7500.

9. साधारण ब्याज की एक निश्चित दर पर 3 वर्ष में ₹800 की राशि ₹920 हो जाती है। यदि ब्याज की दर 3% बढ़ा दी जाए, तो राशि कितनी हो जाएगी?

  1. (क) 992
  2. (ख) 950
  3. (ग) 1000
  4. (घ) 980
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 992

ब्याज में वृद्धि = P*R_inc*T/100 = 800*3*3/100 = 72. नया मिश्रधन = 920 + 72 = 992.

10. 4 वर्ष बाद देय ₹6450 के ऋण को चुकाने के लिए 5% साधारण ब्याज की दर से कितनी वार्षिक किस्त देनी होगी?

  1. (क) 1600
  2. (ख) 1500
  3. (ग) 1400
  4. (घ) 1550
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1500

किस्त x = 100*6450 / [100*4 + 5*4*3/2] = 645000 / [400 + 30] = 645000 / 430 = 1500.

English version — Simple Interest

Simple Interest is a vital part of SSC exams (Tier-1 and Tier-2), typically featuring 1-2 questions. It is highly scoring due to its straightforward formulas and linear calculations.

SI = PRT/100 and finding Principal (P), Rate (R) or Time (T)

Simple Interest (SI) is calculated solely on the original principal throughout the entire loan or investment tenure. Since the principal remains constant, the interest earned each year remains uniform. If Principal is P, annual Rate is R%, and Time is T years, SI = (P × R × T) / 100. Amount (A) = P + SI. Whenever a problem gives any three among SI, P, R, and T, or requires finding one variable given the Amount, this core formula is applied.

Formulas with examples

📐 SI = (P × R × T) / 100 — When P, R, and T are given to calculate SI, or to find one unknown variable when the others are known.

P = ₹8,000, R = 7%, T = 3 वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

SI = (8000 × 7 × 3) / 100

SI = 80 × 21 = ₹1,680

P = ₹5,000, R = 8%, SI = ₹1,200

T = (SI × 100) / (P × R)

T = (1200 × 100) / (5000 × 8)

T = 120000 / 40000 = 3 वर्ष

📐 A = P × [1 + (R × T) / 100] अथवा P = (A × 100) / (100 + R × T) — When Amount (A), Rate (R), and Time (T) are given and Principal (P) needs to be calculated directly.

A = ₹3,720, R = 6%, T = 4 वर्ष

ब्याज प्रतिशत = R × T = 6 × 4 = 24%

मिश्रधन प्रतिशत = 100 + 24 = 124%

P = (3720 × 100) / 124

P = 30 × 100 = ₹3,000

P = ₹4,500, R = 9%, T = 2 वर्ष

ब्याज प्रतिशत = 9 × 2 = 18%

मिश्रधन = P × (100 + 18) / 100

A = 4500 × 118 / 100

A = 45 × 118 = ₹5,310

Question types asked

Solved questions (every type)

P = ₹15,000, R = 12%

T = 3 वर्ष + 6 माह = 3.5 वर्ष = 7/2 वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

SI = (15000 × 12 × 7) / (100 × 2)

SI = 150 × 6 × 7

SI = ₹6,300

P = ₹7,300, R = 10%, SI = ₹146

माना समय = d दिन = (d / 365) वर्ष

SI = (P × R × T) / 100

146 = (7300 × 10 × d) / (100 × 365)

146 = (730 × d) / 365

146 = 2 × d

d = 146 / 2 = 73 दिन

P = ₹9,200, SI = ₹3,680, T = 5 वर्ष

R = (SI × 100) / (P × T)

R = (3680 × 100) / (9200 × 5)

R = 3680 / (92 × 5)

R = 3680 / 460 = 8%

A = ₹6,500, R = 7.5%, T = 4 वर्ष

कुल ब्याज प्रतिशत = 7.5 × 4 = 30%

मिश्रधन प्रतिशत = 100% + 30% = 130%

130% = ₹6,500

मूलधन (100%) = (6500 / 130) × 100

मूलधन = 50 × 100 = ₹5,000

माना मूलधन (P) = 5x तथा मिश्रधन (A) = 7x

साधारण ब्याज (SI) = A - P = 7x - 5x = 2x

R = 8%

T = (SI × 100) / (P × R)

T = (2x × 100) / (5x × 8)

T = 200 / 40 = 5 वर्ष

समय (T) = 3 वर्ष, अतिरिक्त दर = 4%

3 वर्ष में कुल अतिरिक्त ब्याज % = 3 × 4% = 12%

प्रश्नानुसार, 12% = ₹720

1% = 720 / 12 = ₹60

मूलधन (100%) = 60 × 100 = ₹6,000

मूलधन (P) = ₹4,000, समय (T) = 4 वर्ष

प्रारंभिक मिश्रधन = ₹5,000

दर में वृद्धि = 2% वार्षिक

4 वर्ष में अतिरिक्त ब्याज = (P × अतिरिक्त दर × T) / 100

अतिरिक्त ब्याज = (4000 × 2 × 4) / 100 = ₹320

नया मिश्रधन = पुराना मिश्रधन + अतिरिक्त ब्याज

नया मिश्रधन = 5000 + 320 = ₹5,320

How it is asked

Regularly asked in SSC exams (CGL, CHSL, MTS, GD) with about 1 question per shift. Dominant patterns include calculating SI for fractional years/days, finding Principal from Amount, and computing revised Amount under a rate shift.

Common mistakes

💡 जब दर R% बढ़ जाए और नया मिश्रधन पूछा जाए, तो मूल दर कभी न निकालें; सीधे P पर (बढ़ी दर × T)% अतिरिक्त ब्याज निकालकर पुराने मिश्रधन में जोड़ दें। (समय की बचत: 40 सेकंड)।

Sum becomes n times

When a sum (Amount) becomes 'n' times itself, it means it includes both the Principal and the Interest. If a sum triples, the interest earned is 2 times the principal (3 - 1 = 2). In such cases, Simple Interest (SI) is always (n - 1) × P. Exams frequently ask for the time or rate required for a sum to reach a certain multiple.

Formulas with examples

📐 R × T = (n - 1) × 100 — When either Rate (R) or Time (T) is given and the sum becomes 'n' times.

यहाँ n = 2 और T = 5 वर्ष है

सूत्र: R × T = (n - 1) × 100

R × 5 = (2 - 1) × 100

5R = 100

R = 100 / 5

R = 20%

यहाँ n = 4 और R = 10% है

सूत्र: R × T = (n - 1) × 100

10 × T = (4 - 1) × 100

10T = 300

T = 300 / 10

T = 30 वर्ष

📐 T1 / T2 = (n1 - 1) / (n2 - 1) — When the same sum becomes different multiples (n1, n2) in different time periods (T1, T2).

T1 = 7, n1 = 3, n2 = 5, T2 = ?

7 / T2 = (3 - 1) / (5 - 1)

7 / T2 = 2 / 4

7 / T2 = 1 / 2

T2 = 7 × 2 = 14 वर्ष

T1 = 12, n1 = 2, n2 = 3, T2 = ?

12 / T2 = (2 - 1) / (3 - 1)

12 / T2 = 1 / 2

T2 = 12 × 2 = 24 वर्ष

Question types asked

Solved questions (every type)

n = 3, T = 8

R × 8 = (3 - 1) × 100

8R = 200

R = 200 / 8

R = 25%

n = 3, R = 5%

5 × T = (3 - 1) × 100

5T = 200

T = 200 / 5

T = 40 वर्ष

T1 = 5, n1 = 2, n2 = 9

5 / T2 = (2 - 1) / (9 - 1)

5 / T2 = 1 / 8

T2 = 5 × 8

T2 = 40 वर्ष

R1 = 10, n1 = 3, n2 = 7

10 / R2 = (3 - 1) / (7 - 1)

10 / R2 = 2 / 6

10 / R2 = 1 / 3

R2 = 10 × 3 = 30%

SI = 4/9 P, R = T

SI = (P × R × T) / 100

4/9 P = (P × R × R) / 100

4/9 = R² / 100

R² = 400 / 9

R = 20 / 3 = 6.66%

T1 = 15, n1 = 4, n2 = 10

15 / T2 = (4 - 1) / (10 - 1)

15 / T2 = 3 / 9

15 / T2 = 1 / 3

T2 = 15 × 3 = 45 वर्ष

n = 6, T = 20

R × 20 = (6 - 1) × 100

20R = 500

R = 500 / 20

R = 25%

How it is asked

At least 1 question is asked from this sub-topic every year in SSC CGL, CHSL, and MTS. The 'T1/T2' comparison pattern is the most frequently repeated.

Common mistakes

💡 Always remember: Interest % = (n - 1) × 100. Just divide this by the given time to get the rate, or by the rate to get the time.

Different rates for different years / parts lent at different rates

In this sub-topic, the interest rate on the principal changes over time or the principal is divided into parts and invested at different rates. To find the total simple interest, we calculate and add the interest from each period or part individually. If the rate changes over time, we use the 'Effective Rate' which is the sum of (rate × time) for each period. Exams often provide the total interest and ask for the principal or require dividing a sum into two parts based on given conditions.

Formulas with examples

📐 Total SI = [P × (r1t1 + r2t2 + r3t3 + ...)] / 100 — When different interest rates are applied to the same principal for different consecutive time intervals.

कुल समय = 6 वर्ष

पहले 2 वर्ष की दर = 3% (ब्याज = 2 × 3 = 6%)

अगले 3 वर्ष की दर = 5% (ब्याज = 3 × 5 = 15%)

शेष समय (6 - 2 - 3) = 1 वर्ष की दर = 8% (ब्याज = 1 × 8 = 8%)

कुल प्रभावी दर = 6% + 15% + 8% = 29%

कुल ब्याज = 8000 का 29%

ब्याज = (8000 × 29) / 100 = 80 × 29

प्रभावी दर = (2 × 4%) + (4 × 6%) + (3 × 8%)

प्रभावी दर = 8% + 24% + 24% = 56%

माना मूलधन P है, तो P का 56% = 1120

(P × 56) / 100 = 1120

P = (1120 × 100) / 56

P = 20 × 100

📐 P1 : P2 = (1 / r1t1) : (1 / r2t2) — When a sum is divided into two parts such that the simple interest (SI) from both parts is equal.

r1t1 = 12 × 3 = 36

r2t2 = 16 × 4.5 = 72

अनुपात P1 : P2 = 1/36 : 1/72

दोनों ओर 72 से गुणा करने पर: P1 : P2 = 2 : 1

कुल भाग = 2 + 1 = 3 यूनिट

3 यूनिट = 12000, तो 1 यूनिट = 4000

बड़ा भाग (2 यूनिट) = 2 × 4000

r1t1 = 5 × 4 = 20

r2t2 = 4 × 5 = 20

अनुपात P1 : P2 = 1/20 : 1/20 = 1 : 1

कुल भाग = 1 + 1 = 2 यूनिट

2 यूनिट = 25000

1 यूनिट = 12500

Question types asked

Solved questions (every type)

प्रथम 3 वर्ष = 3 × 6% = 18%

अगले 5 वर्ष = 5 × 9% = 45%

शेष समय (11 - 8) = 3 वर्ष = 3 × 13% = 39%

कुल प्रभावी दर = 18 + 45 + 39 = 102%

माना मूलधन P है, तो P का 102% = 8160

P = (8160 × 100) / 102

P = 80 × 100

औसत दर = (कुल ब्याज / कुल मूलधन) × 100

औसत दर = (1600 / 15000) × 100 = 32/3 %

एलिगेशन से: (12 - 32/3) : (32/3 - 10)

4/3 : 2/3 = 2 : 1

कुल 3 यूनिट = 15000, तो 1 यूनिट = 5000

10% वाला भाग (2 यूनिट) = 2 × 5000

P1 × 5 × 2 = P2 × 8 × 3

10 P1 = 24 P2 => P1/P2 = 24/10 = 12/5

कुल = 12 + 5 = 17 यूनिट

17 यूनिट = 17200, तो 1 यूनिट = 1011.76 (लगभग)

सुधार: यदि राशि 17000 हो, तो 1 यूनिट = 1000

अंतर = 12 - 5 = 7 यूनिट

7 × 1000 = 7000 (यदि राशि 17000 है)

दी गई राशि 17200 के लिए: 17 यूनिट = 17200, 1 यूनिट = 17200/17

अंतर = 7 × (17200/17) = 7082.35

मिश्रधन बराबर होने पर: P1(100 + r1t1) = P2(100 + r2t2)

P1(100 + 10×2) = P2(100 + 10×4)

120 P1 = 140 P2 => P1/P2 = 7/6

कुल = 7 + 6 = 13 यूनिट

13 यूनिट = 18600, 1 यूनिट = 18600/13

दूसरा भाग (6 यूनिट) = 6 × (18600/13) = 111600/13

एलिगेशन का उपयोग करें:

(10 - 9.2) : (9.2 - 8)

0.8 : 1.2 = 2 : 3

कुल 5 यूनिट = 10000, 1 यूनिट = 2000

पहला भाग = 2 × 2000 = 4000

दूसरा भाग = 3 × 2000 = 6000

प्रभावी दर = (2 × 3) + (3 × 8) + (1 × 10)

प्रभावी दर = 6 + 24 + 10 = 40%

40% = 1520

1% = 1520 / 40 = 38

100% (मूलधन) = 38 × 100

P1 × 10 × 1 = P2 × 5 × 4

10 P1 = 20 P2 => P1/P2 = 2/1

कुल = 2 + 1 = 3 यूनिट

3 यूनिट = 21000, 1 यूनिट = 7000

दूसरा भाग (1 यूनिट) = 7000

How it is asked

In SSC CGL and CHSL, questions from this topic are frequently based on 'Effective Rate' or 'Alligation'. One question on this pattern typically appears every 2-3 shifts.

Common mistakes

💡 For 'Amount is equal' questions, use the ratio P1:P2 = 1/(100+r1t1) : 1/(100+r2t2) to save time.

Finding Principal and Rate when Amounts for two different times are given

In these questions, amounts after two different time periods are provided. Since Simple Interest remains constant every year, the difference between two amounts gives the interest for the intervening years. By calculating interest for one year, we can subtract the total interest from any given amount to find the Principal. Finally, the Rate is calculated using the one-year interest and the Principal.

Formulas with examples

📐 1 वर्ष का ब्याज = (A2 - A1) / (t2 - t1) — When amounts (A1 and A2) for two different time periods (t1 and t2) are given.

समय का अंतर = 5 - 2 = 3 वर्ष

मिश्रधन का अंतर = 2600 - 2240 = ₹360

3 वर्ष का ब्याज = ₹360

1 वर्ष का ब्याज = 360 / 3 = ₹120

समय का अंतर = 4 - 3 = 1 वर्ष

मिश्रधन का अंतर = 854 - 815 = ₹39

चूंकि अंतर 1 वर्ष का ही है, इसलिए 1 वर्ष का ब्याज = ₹39

📐 मूलधन (P) = A1 - (1 वर्ष का ब्याज × t1) — When you need to find the Principal (P).

5 वर्ष का ब्याज = 1020 - 720 = ₹300

1 वर्ष का ब्याज = 300 / 5 = ₹60

2 वर्ष का ब्याज = 60 × 2 = ₹120

मूलधन (P) = 720 - 120 = ₹600

2 वर्ष का ब्याज = 600 - 560 = ₹40

1 वर्ष का ब्याज = 40 / 2 = ₹20

3 वर्ष का ब्याज = 20 × 3 = ₹60

मूलधन (P) = 560 - 60 = ₹500

Question types asked

Solved questions (every type)

3 वर्ष का ब्याज = 1280 - 992 = ₹288

1 वर्ष का ब्याज = 288 / 3 = ₹96

2 वर्ष का ब्याज = 96 × 2 = ₹192

मूलधन (P) = 992 - 192 = ₹800

3 वर्ष का ब्याज = 2250 - 2100 = ₹150

1 वर्ष का ब्याज = 150 / 3 = ₹50

2 वर्ष का ब्याज = 50 × 2 = ₹100

मूलधन (P) = 2100 - 100 = ₹2000

दर (R) = (50 × 100) / 2000 = 2.5%

1.5 वर्ष का ब्याज = 873 - 756 = ₹117

1 वर्ष का ब्याज = 117 / 1.5 = ₹78

2 वर्ष का ब्याज = 78 × 2 = ₹156

मूलधन (P) = 756 - 156 = ₹600

दर (R) = (78 × 100) / 600 = 13%

1.5 वर्ष का ब्याज = 1164 - 1008 = ₹156

1 वर्ष का ब्याज = 156 / 1.5 = ₹104

2 वर्ष का ब्याज = 104 × 2 = ₹208

मूलधन (P) = 1008 - 208 = ₹800

दर (R) = (104 × 100) / 800 = 13%

2 वर्ष का ब्याज = 1500 - 1380 = ₹120

1 वर्ष का ब्याज = 120 / 2 = ₹60

3 वर्ष का ब्याज = 60 × 3 = ₹180

मूलधन (P) = 1380 - 180 = ₹1200

10 वर्ष का ब्याज = 60 × 10 = ₹600

10 वर्ष बाद मिश्रधन = 1200 + 600 = ₹1800

1.5 वर्ष का ब्याज = 10224 - 8928 = ₹1296

1 वर्ष का ब्याज = 1296 / 1.5 = ₹864

2 वर्ष का ब्याज = 864 × 2 = ₹1728

मूलधन (P) = 8928 - 1728 = ₹7200

दर (R) = (864 × 100) / 7200 = 12%

3 वर्ष का ब्याज = 3300 - 2520 = ₹780

1 वर्ष का ब्याज = 780 / 3 = ₹260

2 वर्ष का ब्याज = 260 × 2 = ₹520

मूलधन (P) = 2520 - 520 = ₹2000

दर (R) = (260 × 100) / 2000 = 13%

How it is asked

This pattern is frequently asked in SSC CGL, CHSL, and MTS. Often, the time difference is given as 1.5 or 2.5 years to make calculations slightly more complex.

Common mistakes

💡 Directly find 1-year interest by dividing the difference in amounts by the difference in years. This saves time in finding the Principal.

Instalments under Simple Interest

In Simple Interest, an installment is a fixed amount paid periodically to clear a debt. When an installment is paid, it is assumed to earn interest for the remaining duration of the loan period. The 'Due Debt' is the total amount payable at the end of the term, which equals the sum of all installments plus the interest earned on each. This type is recognized by terms like 'equal annual installments' or 'due debt' in the question.

Formulas with examples

📐 देय ऋण (A) = nx + [r * x * n(n-1)] / 200 — When annual installment (x), time (n), and rate (r) are given to find the total due debt.

x = 700, n = 5, r = 10

देय ऋण = 5 * 700 + [10 * 700 * 5 * 4] / 200

= 3500 + [7000 * 20] / 200

= 3500 + 700

= 4200

x = 800, n = 3, r = 5

देय ऋण = 3 * 800 + [5 * 800 * 3 * 2] / 200

= 2400 + [4000 * 6] / 200

= 2400 + 120

= 2520

Question types asked

Solved questions (every type)

माना किस्त = 100 यूनिट

पहली किस्त पर ब्याज (3 वर्ष) = 100 + 15 = 115

दूसरी किस्त पर ब्याज (2 वर्ष) = 100 + 10 = 110

तीसरी किस्त पर ब्याज (1 वर्ष) = 100 + 5 = 105

चौथी किस्त (0 वर्ष) = 100

कुल योग = 115 + 110 + 105 + 100 = 430 यूनिट

430 यूनिट = 6450

1 यूनिट = 6450 / 430 = 15

किस्त = 100 * 15 = 1500

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 + (100 + 12) + (100 + 24)

कुल देय = 100 + 112 + 124 = 336 यूनिट

336 यूनिट = 1092

1 यूनिट = 1092 / 336 = 3.25

किस्त = 100 * 3.25 = 325

किस्त (x) = 500, r = 8%, n = 4

देय ऋण = 4 * 500 + [8 * 500 * 4 * 3] / 200

= 2000 + [4000 * 12] / 200

= 2000 + 240

= 2240

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 * 5 + 8 * (4 + 3 + 2 + 1)

= 500 + 8 * 10 = 580 यूनिट

580 यूनिट = 1740

1 यूनिट = 1740 / 580 = 3

किस्त = 100 * 3 = 300

A = 2520, x = 800, n = 3

2520 = 3 * 800 + [r * 800 * 3 * 2] / 200

2520 = 2400 + [r * 800 * 6] / 200

120 = r * 24

r = 120 / 24 = 5

माना किस्त = 100

कुल देय = 100 * 4 + 7 * (3 + 2 + 1)

= 400 + 7 * 6 = 442 यूनिट

442 यूनिट = 2210

1 यूनिट = 2210 / 442 = 5

किस्त = 100 * 5 = 500

x = 1000, r = 10, A = 4600

4600 = n * 1000 + [10 * 1000 * n(n-1)] / 200

4600 = 1000n + 50n(n-1)

92 = 20n + n^2 - n

n^2 + 19n - 92 = 0

(n + 23)(n - 4) = 0

n = 4

How it is asked

In SSC CGL and CHSL, questions from this sub-topic are frequently asked as dividing a 'Due Debt' into installments. This pattern is observed at least once a year in major exams.

Common mistakes

💡 Always assume the installment to be 100 units. Write 100 for the last year and keep adding the rate backwards (e.g., 100, 100+r, 100+2r...).

All formulas at a glance

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