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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest)

Compound Interest

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

चक्रवृद्धि ब्याज SSC परीक्षाओं (Tier-1 और Tier-2) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है, जिससे प्रतिवर्ष 2-3 प्रश्न पूछे जाते हैं। यह एक स्कोरिंग विषय है क्योंकि इसके प्रश्न निश्चित सूत्रों और पैटर्न्स पर आधारित होते हैं।

चक्रवृद्धि ब्याज का मूल सूत्र और प्रभावी दर

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे हर साल मूलधन (Principal) बढ़ता जाता है। यदि ब्याज वार्षिक संयोजित होता है, तो मिश्रधन (Amount) निकालने के लिए घातांकीय सूत्र का उपयोग किया जाता है। प्रभावी दर (Effective Rate) वह एकल प्रतिशत है जो 2 या 3 वर्षों के कुल ब्याज को दर्शाती है, जिससे गणना तेज होती है। परीक्षा में जब समय 2 या 3 वर्ष हो, तो सूत्र के बजाय प्रभावी दर या अनुपात विधि (Ratio Method) का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 A = P(1 + R/100)^n — जब मूलधन (P), दर (R) और समय (n) दिया हो और मिश्रधन (A) या ब्याज (CI = A - P) निकालना हो।

A = 12000(1 + 10/100)^2

A = 12000 × (11/10) × (11/10)

A = 120 × 121 = 14520

CI = A - P

CI = 14520 - 12000

A = 8000(1 + 5/100)^3

A = 8000 × (21/20) × (21/20) × (21/20)

A = 8000 × (9261 / 8000)

A = 9261

📐 प्रभावी दर (2 वर्ष) = x + y + (xy/100) — 2 वर्ष के लिए कुल चक्रवृद्धि ब्याज दर प्रतिशत में निकालने के लिए।

प्रभावी दर = 6 + 6 + (6 × 6 / 100)

दर = 12 + 36/100

दर = 12 + 0.36

2 वर्ष की दर = 10 + 10 + 1 = 21%

3 वर्ष की दर = 21 + 10 + (21 × 10 / 100)

दर = 31 + 2.1 = 33.1%

ब्याज = 10000 × 33.1 / 100

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

A = 5000 × (110/100) × (110/100)

A = 5000 × 1.1 × 1.1

A = 5000 × 1.21

A = 6050

प्रभावी दर = 4 + 4 + (4×4/100) = 8.16%

CI = 25000 × 8.16 / 100

CI = 250 × 8.16

CI = 2040

10% की 3 वर्ष की प्रभावी दर = 33.1%

CI = 10000 × 33.1 / 100

CI = 100 × 33.1

CI = 3310

10% = 1/10, मिश्रधन अनुपात = (11/10)^3

1331 / 1000 = 13310 / P

1331 इकाई = 13310

1 इकाई = 10

1000 इकाई = 1000 × 10

12.5% = 1/8

राशि 8 से 9 होती है (2 बार)

मिश्रधन = 6400 × (9/8) × (9/8)

मिश्रधन = 100 × 81 = 8100

CI = 8100 - 6400

A = 20000 × (105/100) × (110/100)

A = 20000 × 1.05 × 1.1

A = 21000 × 1.1

A = 23100

8% = 2/25

मिश्रधन = 15625 × (27/25) × (27/25) × (27/25)

15625 = 25 का घन है, अतः कट जाएगा

मिश्रधन = 27 × 27 × 27 = 19683

CI = 19683 - 15625

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL में इस टॉपिक से हर शिफ्ट में 1-2 प्रश्न आते हैं। सबसे ज्यादा 2 या 3 वर्ष के लिए ब्याज निकालने के प्रश्न पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 2 वर्ष के लिए प्रभावी दर 2R.R^2 (जैसे 3% के लिए 06.09%) और 3 वर्ष के लिए 3R.3R^2R^3 का उपयोग करें, यह गणना को बहुत तेज कर देता है।

अर्धवार्षिक और त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज

जब ब्याज की गणना वर्ष में एक बार से अधिक की जाती है, तो उसे अर्धवार्षिक (Half-yearly) या त्रैमासिक (Quarterly) संयोजन कहते हैं। अर्धवार्षिक संयोजन में ब्याज हर 6 महीने में मूलधन में जुड़ता है, इसलिए दर (Rate) को आधा और समय (Time) को दोगुना कर दिया जाता है। त्रैमासिक संयोजन में ब्याज हर 3 महीने में जुड़ता है, इसलिए दर को एक-चौथाई और समय को चार गुना कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया चक्रवृद्धि ब्याज के मूल सिद्धांत पर ही आधारित है, बस गणना के चक्र (Cycles) बढ़ जाते हैं। परीक्षा में अक्सर 1 वर्ष या 1.5 वर्ष के लिए ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 For Half-yearly: New R = R/2, New n = 2T — जब प्रश्न में ब्याज 'अर्धवार्षिक' या 'छमाही' संयोजित होने की शर्त दी गई हो।

दर (R) = 10/2 = 5% छमाही

समय (n) = 1 × 2 = 2 छमाही

मिश्रधन (A) = 10000(1 + 5/100)²

A = 10000 × (21/20) × (21/20)

A = 25 × 441 = 11025

ब्याज (CI) = 11025 - 10000

दर (R) = 20/2 = 10% छमाही

समय (n) = 1.5 × 2 = 3 छमाही

मिश्रधन (A) = 20000(1 + 10/100)³

A = 20000 × (11/10)³

A = 20000 × 1331 / 1000

A = 20 × 1331 = 26620

ब्याज (CI) = 26620 - 20000

📐 For Quarterly: New R = R/4, New n = 4T — जब प्रश्न में ब्याज 'त्रैमासिक' या 'हर तीन महीने' में संयोजित होने की शर्त हो।

दर (R) = 20/4 = 5% प्रति तिमाही

समय (n) = 9 महीने = 3 तिमाही

मिश्रधन (A) = 16000(1 + 5/100)³

A = 16000 × (21/20)³

A = 16000 × 9261 / 8000

A = 2 × 9261 = 18522

ब्याज (CI) = 18522 - 16000

दर (R) = 40/4 = 10% प्रति तिमाही

समय (n) = 6 महीने = 2 तिमाही

मिश्रधन (A) = 10000(1 + 10/100)²

A = 10000 × (11/10)²

A = 10000 × 121 / 100

A = 12100

ब्याज (CI) = 12100 - 10000

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

दर = 10/2 = 5% छमाही

समय = 1.5 × 2 = 3 छमाही

प्रभावी दर (3 वर्ष के लिए 5%) = 15.7625%

ब्याज = 12000 × 15.7625 / 100

ब्याज = 120 × 15.7625

ब्याज = 1891.5

दर = 20/4 = 5% तिमाही

समय = 6 महीने = 2 तिमाही

मिश्रधन = 32000(1 + 5/100)²

मिश्रधन = 32000 × (21/20) × (21/20)

मिश्रधन = 80 × 441 = 35280

ब्याज = 35280 - 32000

वार्षिक ब्याज = 5000 का 4% = 200

अर्धवार्षिक दर = 4/2 = 2%, समय = 2 छमाही

अर्धवार्षिक ब्याज = 5000[(1.02)² - 1]

अर्धवार्षिक ब्याज = 5000[1.0404 - 1] = 5000 × 0.0404

अर्धवार्षिक ब्याज = 202

अंतर = 202 - 200

दर = 10/2 = 5%, समय = 2 छमाही

प्रभावी दर = 5 + 5 + (5×5)/100 = 10.25%

माना मूलधन P है

P × 10.25 / 100 = 1640

P = (1640 × 100) / 10.25

P = 164000 / 10.25 = 16000

दर = 10/2 = 5% = 1/20

मिश्रधन/मूलधन = 92610 / 80000 = 9261 / 8000

(21/20)^n = (21/20)³

n = 3 छमाही

समय = 3/2 वर्ष = 1.5 वर्ष

समय = 6 महीने = 2 तिमाही

(1 + r/100)² = 11025 / 10000

(1 + r/100)² = (105 / 100)²

1 + r/100 = 1.05 => r = 5% (तिमाही)

वार्षिक दर = 5 × 4 = 20%

दर = 20/2 = 10% छमाही

समय = 1 × 2 = 2 छमाही

प्रभावी दर = 10 + 10 + (10×10)/100 = 21%

ब्याज = 8000 का 21%

ब्याज = 80 × 21

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL में इस टॉपिक से प्रश्न अक्सर 'वार्षिक बनाम अर्धवार्षिक' के अंतर के रूप में या 9 महीने के त्रैमासिक ब्याज के रूप में पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 2 चक्रों (जैसे 1 वर्ष अर्धवार्षिक) के लिए, ब्याज प्रतिशत जल्दी निकालने के लिए प्रभावी दर सूत्र x + y + xy/100 का उपयोग करें।

2 और 3 वर्षों के लिए CI और SI का अंतर

पहले वर्ष में चक्रवृद्धि ब्याज (CI) और साधारण ब्याज (SI) हमेशा बराबर होते हैं, इसलिए 1 वर्ष के लिए अंतर शून्य होता है। दूसरे वर्ष में जो अंतर पैदा होता है, वह केवल पहले वर्ष के ब्याज पर लगने वाला ब्याज होता है, जिसे सूत्र D = P(R/100)² से निकाला जाता है। तीसरे वर्ष में अंतर इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि पुराने ब्याजों पर ब्याज जुड़ता रहता है। परीक्षा में जब भी 'साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज का अंतर दिया हो या पूछा जाए', तो बेसिक तरीके के बजाय सीधे अंतर सूत्र का उपयोग करें।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 D₂ = P × (R / 100)² — जब 2 वर्ष के लिए CI और SI का अंतर (D), मूलधन (P) या दर (R%) ज्ञात करना हो।

अंतर (D) = P × (R / 100)²

D = 5000 × (10 / 100)²

D = 5000 × (1 / 10)²

D = 5000 × (1 / 100)

D = ₹50

D = P × (R / 100)²

72 = P × (12 / 100)²

72 = P × (144 / 10000)

P = (72 × 10000) / 144

P = 10000 / 2 = ₹5,000

📐 D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100] = D₂ × [(300 + R) / 100] — जब 3 वर्ष के लिए CI और SI का अंतर (D), मूलधन (P) या दर (R%) ज्ञात करना हो।

D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

D₃ = 10000 × (10 / 100)² × [(300 + 10) / 100]

D₃ = 10000 × (1 / 100) × (310 / 100)

D₃ = 100 × 3.1

D₃ = ₹310

D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

155 = P × (10 / 100)² × (310 / 100)

155 = P × (1 / 100) × (31 / 10)

155 = P × (31 / 1000)

P = (155 × 1000) / 31

P = 5 × 1000 = ₹5,000

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

D₂ = 15000 × (8 / 100)²

D₂ = 15000 × (64 / 10000)

D₂ = 15 × 6.4

D₂ = ₹96

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

45 = P × (15 / 100)²

45 = P × (225 / 10000)

P = (45 × 10000) / 225

P = 10000 / 5

P = ₹2,000

सूत्र: D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

D₃ = 8000 × (5 / 100)² × [(300 + 5) / 100]

D₃ = 8000 × (1 / 400) × (305 / 100)

D₃ = 20 × 3.05

D₃ = ₹61

सूत्र: D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

124 = P × (10 / 100)² × (310 / 100)

124 = P × (1 / 100) × (31 / 10)

124 = P × (31 / 1000)

P = (124 × 1000) / 31

P = 4 × 1000 = ₹4,000

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

72 = 1800 × (R / 100)²

72 / 1800 = (R / 100)²

4 / 100 = (R / 100)²

दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: 2 / 10 = R / 100

R = (2 / 10) × 100

R = 20%

सूत्र: D₃ / D₂ = (300 + R) / 100

25 / 8 = (300 + R) / 100

25 × 100 = 8 × (300 + R)

2500 = 2400 + 8R

8R = 2500 - 2400 = 100

R = 100 / 8

R = 12.5%

अलग दरों (R₁ और R₂) पर 2 वर्ष का अंतर = P × (R₁ × R₂) / 10000

अंतर = 12000 × (5 × 10) / 10000

अंतर = 12000 × 50 / 10000

अंतर = 12000 / 200

अंतर = ₹60

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Pre + Mains), CHSL और CPO में CI-SI के अंतर पर 1 प्रश्न लगभग हर दूसरी शिफ्ट में पूछा जाता है। सबसे आम पैटर्न 2 वर्ष या 3 वर्ष के अंतर से मूलधन पूछना या D₃/D₂ का अनुपात देकर दर पूछना है।

आम गलतियाँ

💡 जब 3 वर्ष और 2 वर्ष के अंतर का अनुपात दिया हो, तो सीधे D₃ / D₂ = 3 + (R / 100) लगाएं; इससे बिना मूलधन निकाले मात्र 5 सेकंड में दर (R) मिल जाती है। धन्यवाद। 3 वर्ष के अंतर वाले प्रश्न में 300+R की तकनीक सबसे तेज़ है। जय हिंद। ऑल द बेस्ट। ध्यान रखें। बहुत बढ़िया। अभ्यास करते रहें। सफलता निश्चित है। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। हमेशा सकारात्मक रहें। यह तरीका समय बचाता है। परीक्षा में इसका प्रयोग करें। पूरे अंक पाएं। गणित आसान है। सूत्र याद रखें। प्रश्न ध्यान से पढ़ें। गणना सही करें। समय प्रबंधन ज़रूर

समय-गुना संबंध और क्रमागत मिश्रधन

चक्रवृद्धि ब्याज (CI) में धन एक निश्चित समय अंतराल में समान अनुपात (Ratio) में बढ़ता है। यदि कोई धन 't' वर्षों में 'n' गुना होता है, तो अगले 't' वर्षों में वह फिर से 'n' गुना हो जाएगा, यानी कुल '2t' वर्षों में 'n²' गुना। इस प्रकार के प्रश्नों में हम घात (Power) का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, यदि हमें दो लगातार वर्षों का मिश्रधन (Amount) दिया हो, तो उनके बीच का अंतर उस वर्ष का ब्याज होता है। इसमें पिछले वर्ष का मिश्रधन अगले वर्ष के लिए मूलधन (Principal) का कार्य करता है, जिससे दर (Rate) आसानी से निकल जाती है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 n2 = (n1)^(t2/t1) — जब कोई धन t1 समय में n1 गुना और t2 समय में n2 गुना हो रहा हो।

n1 = 2, t1 = 3 वर्ष

n2 = 64, t2 = ?

64 को 2 की घात में लिखें: 64 = 2^6

यहाँ घात 6 है, इसलिए समय = t1 × घात

समय = 3 × 6 = 18 वर्ष

t1 = 5, n1 = 3

t2 = 20, n2 = ?

समय का अनुपात = t2 / t1 = 20 / 5 = 4

n2 = (n1)^4 = 3^4

n2 = 3 × 3 × 3 × 3 = 81 गुना

📐 Rate (R) = [(A2 - A1) / A1] × 100 — जब दो क्रमागत (consecutive) वर्षों का मिश्रधन A1 और A2 दिया हो।

A1 (2 वर्ष) = 2420

A2 (3 वर्ष) = 2662

ब्याज = 2662 - 2420 = 242

दर (R) = (242 / 2420) × 100

R = 1/10 × 100 = 10%

A1 = 6000, A2 = 6720

ब्याज = 6720 - 6000 = 720

दर (R) = (720 / 6000) × 100

R = 72 / 6 = 12%

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

3 गुना = 6 वर्ष

81 गुना = 3^4 गुना

समय = 6 × 4 = 24 वर्ष

t1 = 4 वर्ष, n1 = 2

t2 = 12 वर्ष

समय का गुणांक = 12 / 4 = 3

गुना = (2)^3 = 8 गुना

A3 = 800, A4 = 840

1 वर्ष का ब्याज = 840 - 800 = 40

दर (R) = (40 / 800) × 100

R = 40 / 8 = 5%

A2 = 4500, A4 = 6750

अनुपात (A4/A2) = 6750 / 4500 = 3/2

चूँकि समय का अंतर (4-2=2) और (2-0=2) समान है

P × (3/2) = 4500

P = 4500 × 2 / 3 = 3000

t1 = 8, n1 = 1.5

t2 = 24

समय का गुणांक = 24 / 8 = 3

गुना = (1.5)^3 = 1.5 × 1.5 × 1.5

गुना = 3.375

समय का अंतर = 6 - 3 = 3 वर्ष

अनुपात = 5324 / 4000 = 1331 / 1000

3 वर्ष का अंतर है, इसलिए घनमूल लें: ∛(1331/1000) = 11/10

वृद्धि = 11 - 10 = 1

दर (R) = (1 / 10) × 100 = 10%

परीक्षा में कैसे आता है

SSC परीक्षाओं (CGL, CHSL, MTS) में इस टॉपिक से 'गुना' वाले सवाल सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं। अक्सर 2 या 3 साल के अंतर वाले मिश्रधन देकर दर या मूलधन पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 यदि समय का अंतर 'x' वर्ष है, तो मिश्रधन के अनुपात का 'x-वां मूल' (x-th root) निकालें, इससे 1 वर्ष का अनुपात मिल जाएगा और दर तुरंत आ जाएगी। (जैसे 2 वर्ष के लिए √ और 3 वर्ष के लिए ∛)।

समान वार्षिक किस्तें और क्रमिक दरें

जब कोई ऋण (Loan) समान वार्षिक किस्तों में चुकाया जाता है, तो प्रत्येक किस्त में मूलधन का एक हिस्सा और उस समय तक का ब्याज शामिल होता है। चक्रवृद्धि ब्याज (CI) में किस्त की गणना 'वर्तमान मूल्य' (Present Value) के आधार पर की जाती है। क्रमिक दरों (Successive Rates) का अर्थ है कि हर वर्ष ब्याज की दर अलग-अलग होती है, जैसे पहले वर्ष 5% और दूसरे वर्ष 10%। परीक्षा में अक्सर 2 या 3 किस्तों वाले प्रश्न या अलग-अलग वर्षों की दरों वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। अनुपात विधि (Ratio Method) इन प्रश्नों को हल करने का सबसे तेज़ तरीका है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 P = [I / (1 + R/100)] + [I / (1 + R/100)^2] — जब ऋण को 2 समान वार्षिक किस्तों (I) में चुकाया जाता है।

दर (R) = 12.5% = 1/8. पहले वर्ष का अनुपात = 8 : 9. दूसरे वर्ष का अनुपात = 8² : 9² = 64 : 81. किस्तों को बराबर करने के लिए पहले अनुपात को 9 से गुणा करें: (8×9) : (9×9) = 72 : 81. कुल मूलधन (P) = 72 + 64 = 136 यूनिट. 136 यूनिट = 6800 रुपये. 1 यूनिट = 50 रुपये. किस्त = 81 यूनिट = 81 × 50 = 4050 रुपये।

R = 10% = 1/10. वर्ष 1: 10 : 11. वर्ष 2: 100 : 121. किस्त बराबर करने पर: (10×11) : (11×11) = 110 : 121. कुल मूलधन = 110 + 100 = 210 यूनिट. किस्त = 121 यूनिट = 1089 रुपये. 1 यूनिट = 1089 / 121 = 9 रुपये. मूलधन = 210 × 9 = 1890 रुपये।

📐 A = P × (1 + R1/100) × (1 + R2/100) × ... — जब अलग-अलग वर्षों के लिए ब्याज की दरें (R1, R2, R3...) अलग-अलग हों।

P = 10000. R1 = 5%, R2 = 10%. मिश्रधन (A) = 10000 × (105/100) × (110/100). A = 10000 × 1.05 × 1.1 = 11550 रुपये. चक्रवृद्धि ब्याज (CI) = A - P = 11550 - 10000 = 1550 रुपये।

A = 13200. R1=10% (1/10), R2=20% (1/5), R3=25% (1/4). अनुपात: (10:11), (5:6), (4:5). कुल अनुपात = (10×5×4) : (11×6×5) = 200 : 330 = 20 : 33. 33 यूनिट = 13200 रुपये. 1 यूनिट = 400 रुपये. मूलधन = 20 × 400 = 8000 रुपये।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

शेष ऋण = 4400 - 2000 = 2400 रुपये. R = 15% = 3/20. वर्ष 1: 20 : 23. वर्ष 2: 400 : 529. किस्त बराबर करने पर: (20×23) : (23×23) = 460 : 529. कुल मूलधन = 460 + 400 = 860 यूनिट. 860 यूनिट = 2400 रुपये. 1 यूनिट = 2400 / 860 = 120 / 43. किस्त = 529 × (120 / 43) = 1476.27 रुपये (लगभग)।

R = 5% = 1/20. वर्ष 1: 20 : 21. वर्ष 2: 400 : 441. किस्त बराबर करने पर: 420 : 441. कुल मूलधन = 420 + 400 = 820 यूनिट. किस्त = 441 यूनिट = 17640 रुपये. 1 यूनिट = 40 रुपये. कुल ऋण = 820 × 40 = 32800 रुपये. कुल भुगतान = 17640 × 2 = 35280 रुपये. कुल ब्याज = 35280 - 32800 = 2480 रुपये।

R = 5% = 1/20. वर्ष 1: 20 : 21. वर्ष 2: 400 : 441. वर्ष 3: 8000 : 9261. किस्त बराबर करने पर (9261): वर्ष 1: 20×441 = 8820. वर्ष 2: 400×21 = 8400. वर्ष 3: 8000. कुल मूलधन = 8820 + 8400 + 8000 = 25220 यूनिट. 25220 यूनिट = 25220 रुपये. 1 यूनिट = 1 रुपये. किस्त = 9261 × 1 = 9261 रुपये।

P = 20000. R1 = 10%, R2 = 20%. प्रभावी दर = 10 + 20 + (10×20)/100 = 32%. CI = 20000 का 32%. CI = 20000 × 32 / 100 = 6400 रुपये।

A = 50000 × (104/100) × (105/100) × (110/100). A = 50000 × 1.04 × 1.05 × 1.1. A = 50000 × 1.2012 = 60060 रुपये. CI = A - P = 60060 - 50000 = 10060 रुपये।

P = 10000. R1 = +10%, R2 = -20%. जनसंख्या = 10000 × (110/100) × (80/100). जनसंख्या = 10000 × 1.1 × 0.8. जनसंख्या = 10000 × 0.88 = 8800.

R = 25% = 1/4. वर्ष 1: 4 : 5. वर्ष 2: 16 : 25. किस्त बराबर करने पर: (4×5) : (5×5) = 20 : 25. कुल मूलधन = 20 + 16 = 36 यूनिट. किस्त = 25 यूनिट = 2500 रुपये. 1 यूनिट = 100 रुपये. मूलधन = 36 × 100 = 3600 रुपये।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL में किस्त वाले प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। क्रमिक दरों वाले प्रश्न जनसंख्या वृद्धि या मूल्यह्रास (Depreciation) के रूप में भी आते हैं। हर 2-3 शिफ्ट में एक प्रश्न इस सब-टॉपिक से देखा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 किस्त के लिए हमेशा अनुपात विधि का उपयोग करें। यदि R=10% है, तो वर्ष 1 के लिए 10:11 और वर्ष 2 के लिए 100:121 का उपयोग करें। किस्तों को तुरंत बराबर (121) करने के लिए पहली पंक्ति को 11 से गुणा करें।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. ₹10,000 की राशि पर 10% वार्षिक दर से 2 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा?

  1. (क) ₹2,000
  2. (ख) ₹2,100
  3. (ग) ₹2,200
  4. (घ) ₹2,110
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) ₹2,100

A = 10000(1 + 10/100)^2 = 10000 * 1.21 = 12100. CI = 12100 - 10000 = 2100.

2. ₹5,000 की राशि पर 4% वार्षिक दर से 2 वर्ष के लिए CI और SI के बीच का अंतर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) ₹10
  2. (ख) ₹8
  3. (ग) ₹12
  4. (घ) ₹16
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) ₹8

अंतर = P(R/100)^2 = 5000 * (4/100)^2 = 5000 * 0.0016 = 8.

3. एक राशि चक्रवृद्धि ब्याज पर 4 वर्षों में 3 गुनी हो जाती है। यह कितने वर्षों में 9 गुनी हो जाएगी?

  1. (क) 6 वर्ष
  2. (ख) 12 वर्ष
  3. (ग) 8 वर्ष
  4. (घ) 16 वर्ष
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 8 वर्ष

यदि राशि t वर्ष में n गुनी होती है, तो n^2 गुनी 2t वर्ष में होगी। यहाँ n=3, t=4, इसलिए 3^2=9 गुनी 4*2=8 वर्ष में होगी।

4. ₹8,000 पर 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा, यदि ब्याज अर्धवार्षिक संयोजित होता है?

  1. (क) ₹800
  2. (ख) ₹840
  3. (ग) ₹820
  4. (घ) ₹810
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) ₹820

अर्धवार्षिक के लिए: R = 10/2 = 5%, T = 1*2 = 2 वर्ष। CI = 8000[(1.05)^2 - 1] = 8000 * 0.1025 = 820.

5. चक्रवृद्धि ब्याज पर दी गई एक राशि 1 वर्ष के अंत में ₹2,420 और 2 वर्ष के अंत में ₹2,662 हो जाती है। ब्याज की दर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 5%
  2. (ख) 10%
  3. (ग) 12%
  4. (घ) 15%
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 10%

दर (R) = [(A2 - A1) / A1] * 100 = [(2662 - 2420) / 2420] * 100 = (242 / 2420) * 100 = 10%.

6. ₹10,000 की राशि पर पहले वर्ष के लिए 5% और दूसरे वर्ष के लिए 6% की दर से चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा?

  1. (क) ₹1,100
  2. (ख) ₹1,130
  3. (ग) ₹1,150
  4. (घ) ₹1,200
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) ₹1,130

A = 10000 * (1 + 5/100) * (1 + 6/100) = 10000 * 1.05 * 1.06 = 11130. CI = 11130 - 10000 = 1130.

7. ₹20,000 की राशि पर 5% वार्षिक दर से 3 वर्ष के लिए CI और SI का अंतर ज्ञात कीजिए।

  1. (क) ₹150
  2. (ख) ₹152.5
  3. (ग) ₹155
  4. (घ) ₹160
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) ₹152.5

अंतर = P(R/100)^2 * (3 + R/100) = 20000 * (5/100)^2 * (3 + 5/100) = 20000 * 0.0025 * 3.05 = 50 * 3.05 = 152.5.

8. ₹21,000 का ऋण 10% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की दर से दो बराबर वार्षिक किस्तों में चुकाया जाना है। प्रत्येक किस्त की राशि क्या है?

  1. (क) ₹11,000
  2. (ख) ₹12,000
  3. (ग) ₹12,100
  4. (घ) ₹12,500
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) ₹12,100

P = x/(1+R/100) + x/(1+R/100)^2 => 21000 = x/1.1 + x/1.21 => 21000 = (1.1x + x)/1.21 => 21000 = 2.1x/1.21 => x = 12100.

9. ₹16,000 की राशि पर 20% वार्षिक दर से 9 महीने का चक्रवृद्धि ब्याज क्या होगा, यदि ब्याज त्रैमासिक संयोजित होता है?

  1. (क) ₹2,400
  2. (ख) ₹2,522
  3. (ग) ₹2,600
  4. (घ) ₹2,500
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) ₹2,522

त्रैमासिक के लिए: R = 20/4 = 5%, T = (9/12)*4 = 3 अवधि। CI = 16000[(1.05)^3 - 1] = 16000 * 0.157625 = 2522.

10. 10% वार्षिक दर से 3 वर्ष के लिए ₹10,000 पर चक्रवृद्धि ब्याज ज्ञात कीजिए (प्रभावी दर विधि का उपयोग करें)।

  1. (क) ₹3,000
  2. (ख) ₹3,300
  3. (ग) ₹3,310
  4. (घ) ₹3,410
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) ₹3,310

10% की 3 वर्ष की प्रभावी दर = 33.1%। CI = 10000 * 33.1/100 = 3310.

English version — Compound Interest

Compound Interest is a vital chapter for SSC exams (Tier-1 & Tier-2), with 2-3 questions appearing regularly. It is highly scoring as questions follow standard formulas and predictable patterns.

Basic Formula of CI and Effective Rate

Compound Interest (CI) involves earning interest on interest, causing the Principal to grow every year. If interest is compounded annually, an exponential formula is used to find the Amount. The Effective Rate is a single percentage representing the total interest over 2 or 3 years, making calculations faster. In exams, for 2 or 3 years, using the effective rate or Ratio Method is preferred over the basic formula for speed.

Formulas with examples

📐 A = P(1 + R/100)^n — When Principal (P), Rate (R), and Time (n) are given to find Amount (A) or Interest (CI = A - P).

A = 12000(1 + 10/100)^2

A = 12000 × (11/10) × (11/10)

A = 120 × 121 = 14520

CI = A - P

CI = 14520 - 12000

A = 8000(1 + 5/100)^3

A = 8000 × (21/20) × (21/20) × (21/20)

A = 8000 × (9261 / 8000)

A = 9261

📐 प्रभावी दर (2 वर्ष) = x + y + (xy/100) — To find the total compound interest rate in percentage for 2 years.

प्रभावी दर = 6 + 6 + (6 × 6 / 100)

दर = 12 + 36/100

दर = 12 + 0.36

2 वर्ष की दर = 10 + 10 + 1 = 21%

3 वर्ष की दर = 21 + 10 + (21 × 10 / 100)

दर = 31 + 2.1 = 33.1%

ब्याज = 10000 × 33.1 / 100

Question types asked

Solved questions (every type)

A = 5000 × (110/100) × (110/100)

A = 5000 × 1.1 × 1.1

A = 5000 × 1.21

A = 6050

प्रभावी दर = 4 + 4 + (4×4/100) = 8.16%

CI = 25000 × 8.16 / 100

CI = 250 × 8.16

CI = 2040

10% की 3 वर्ष की प्रभावी दर = 33.1%

CI = 10000 × 33.1 / 100

CI = 100 × 33.1

CI = 3310

10% = 1/10, मिश्रधन अनुपात = (11/10)^3

1331 / 1000 = 13310 / P

1331 इकाई = 13310

1 इकाई = 10

1000 इकाई = 1000 × 10

12.5% = 1/8

राशि 8 से 9 होती है (2 बार)

मिश्रधन = 6400 × (9/8) × (9/8)

मिश्रधन = 100 × 81 = 8100

CI = 8100 - 6400

A = 20000 × (105/100) × (110/100)

A = 20000 × 1.05 × 1.1

A = 21000 × 1.1

A = 23100

8% = 2/25

मिश्रधन = 15625 × (27/25) × (27/25) × (27/25)

15625 = 25 का घन है, अतः कट जाएगा

मिश्रधन = 27 × 27 × 27 = 19683

CI = 19683 - 15625

How it is asked

1-2 questions appear in every shift of SSC CGL and CHSL. Questions asking for CI for 2 or 3 years are most frequent.

Common mistakes

💡 For 2 years, use the shortcut rate: 2R.R^2 (e.g., for 3%, 2*3 . 3^2 = 06.09%). For 3 years, use 3R.3R^2R^3.

Half-yearly and Quarterly Compounding

When interest is calculated more than once a year, it is called half-yearly or quarterly compounding. In half-yearly compounding, interest is added to the principal every 6 months, so the rate is halved and the time is doubled. In quarterly compounding, interest is added every 3 months, so the rate is divided by 4 and the time is multiplied by 4. The core logic remains the same as standard CI, but the number of conversion cycles increases. Exams frequently feature these for 1 or 1.5-year periods.

Formulas with examples

📐 For Half-yearly: New R = R/2, New n = 2T — When the condition 'compounded half-yearly' or 'semi-annually' is given in the question.

दर (R) = 10/2 = 5% छमाही

समय (n) = 1 × 2 = 2 छमाही

मिश्रधन (A) = 10000(1 + 5/100)²

A = 10000 × (21/20) × (21/20)

A = 25 × 441 = 11025

ब्याज (CI) = 11025 - 10000

दर (R) = 20/2 = 10% छमाही

समय (n) = 1.5 × 2 = 3 छमाही

मिश्रधन (A) = 20000(1 + 10/100)³

A = 20000 × (11/10)³

A = 20000 × 1331 / 1000

A = 20 × 1331 = 26620

ब्याज (CI) = 26620 - 20000

📐 For Quarterly: New R = R/4, New n = 4T — When the condition 'compounded quarterly' or 'every three months' is given in the question.

दर (R) = 20/4 = 5% प्रति तिमाही

समय (n) = 9 महीने = 3 तिमाही

मिश्रधन (A) = 16000(1 + 5/100)³

A = 16000 × (21/20)³

A = 16000 × 9261 / 8000

A = 2 × 9261 = 18522

ब्याज (CI) = 18522 - 16000

दर (R) = 40/4 = 10% प्रति तिमाही

समय (n) = 6 महीने = 2 तिमाही

मिश्रधन (A) = 10000(1 + 10/100)²

A = 10000 × (11/10)²

A = 10000 × 121 / 100

A = 12100

ब्याज (CI) = 12100 - 10000

Question types asked

Solved questions (every type)

दर = 10/2 = 5% छमाही

समय = 1.5 × 2 = 3 छमाही

प्रभावी दर (3 वर्ष के लिए 5%) = 15.7625%

ब्याज = 12000 × 15.7625 / 100

ब्याज = 120 × 15.7625

ब्याज = 1891.5

दर = 20/4 = 5% तिमाही

समय = 6 महीने = 2 तिमाही

मिश्रधन = 32000(1 + 5/100)²

मिश्रधन = 32000 × (21/20) × (21/20)

मिश्रधन = 80 × 441 = 35280

ब्याज = 35280 - 32000

वार्षिक ब्याज = 5000 का 4% = 200

अर्धवार्षिक दर = 4/2 = 2%, समय = 2 छमाही

अर्धवार्षिक ब्याज = 5000[(1.02)² - 1]

अर्धवार्षिक ब्याज = 5000[1.0404 - 1] = 5000 × 0.0404

अर्धवार्षिक ब्याज = 202

अंतर = 202 - 200

दर = 10/2 = 5%, समय = 2 छमाही

प्रभावी दर = 5 + 5 + (5×5)/100 = 10.25%

माना मूलधन P है

P × 10.25 / 100 = 1640

P = (1640 × 100) / 10.25

P = 164000 / 10.25 = 16000

दर = 10/2 = 5% = 1/20

मिश्रधन/मूलधन = 92610 / 80000 = 9261 / 8000

(21/20)^n = (21/20)³

n = 3 छमाही

समय = 3/2 वर्ष = 1.5 वर्ष

समय = 6 महीने = 2 तिमाही

(1 + r/100)² = 11025 / 10000

(1 + r/100)² = (105 / 100)²

1 + r/100 = 1.05 => r = 5% (तिमाही)

वार्षिक दर = 5 × 4 = 20%

दर = 20/2 = 10% छमाही

समय = 1 × 2 = 2 छमाही

प्रभावी दर = 10 + 10 + (10×10)/100 = 21%

ब्याज = 8000 का 21%

ब्याज = 80 × 21

How it is asked

In SSC CGL and CHSL, questions from this topic are frequently asked as the difference between 'annual vs half-yearly' compounding or as quarterly interest for a 9-month period.

Common mistakes

💡 For 2 cycles (like 1 year half-yearly), use the effective rate formula x + y + xy/100 to quickly find the interest percentage.

CI - SI Difference for 2 and 3 Years

For the first year, CI and SI are identical, so their difference is zero. In the second year, the difference arises entirely from the interest earned on the first year's interest, given by D = P(R/100)². For three years, the difference includes interest on previous interest components. Whenever an exam problem specifies the difference between CI and SI, applying direct difference formulas saves crucial calculation time.

Formulas with examples

📐 D₂ = P × (R / 100)² — When difference (D), principal (P), or annual rate (R%) is to be found for 2 years.

अंतर (D) = P × (R / 100)²

D = 5000 × (10 / 100)²

D = 5000 × (1 / 10)²

D = 5000 × (1 / 100)

D = ₹50

D = P × (R / 100)²

72 = P × (12 / 100)²

72 = P × (144 / 10000)

P = (72 × 10000) / 144

P = 10000 / 2 = ₹5,000

📐 D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100] = D₂ × [(300 + R) / 100] — When difference (D), principal (P), or annual rate (R%) is to be found for 3 years.

D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

D₃ = 10000 × (10 / 100)² × [(300 + 10) / 100]

D₃ = 10000 × (1 / 100) × (310 / 100)

D₃ = 100 × 3.1

D₃ = ₹310

D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

155 = P × (10 / 100)² × (310 / 100)

155 = P × (1 / 100) × (31 / 10)

155 = P × (31 / 1000)

P = (155 × 1000) / 31

P = 5 × 1000 = ₹5,000

Question types asked

Solved questions (every type)

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

D₂ = 15000 × (8 / 100)²

D₂ = 15000 × (64 / 10000)

D₂ = 15 × 6.4

D₂ = ₹96

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

45 = P × (15 / 100)²

45 = P × (225 / 10000)

P = (45 × 10000) / 225

P = 10000 / 5

P = ₹2,000

सूत्र: D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

D₃ = 8000 × (5 / 100)² × [(300 + 5) / 100]

D₃ = 8000 × (1 / 400) × (305 / 100)

D₃ = 20 × 3.05

D₃ = ₹61

सूत्र: D₃ = P × (R / 100)² × [(300 + R) / 100]

124 = P × (10 / 100)² × (310 / 100)

124 = P × (1 / 100) × (31 / 10)

124 = P × (31 / 1000)

P = (124 × 1000) / 31

P = 4 × 1000 = ₹4,000

सूत्र: D₂ = P × (R / 100)²

72 = 1800 × (R / 100)²

72 / 1800 = (R / 100)²

4 / 100 = (R / 100)²

दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: 2 / 10 = R / 100

R = (2 / 10) × 100

R = 20%

सूत्र: D₃ / D₂ = (300 + R) / 100

25 / 8 = (300 + R) / 100

25 × 100 = 8 × (300 + R)

2500 = 2400 + 8R

8R = 2500 - 2400 = 100

R = 100 / 8

R = 12.5%

अलग दरों (R₁ और R₂) पर 2 वर्ष का अंतर = P × (R₁ × R₂) / 10000

अंतर = 12000 × (5 × 10) / 10000

अंतर = 12000 × 50 / 10000

अंतर = 12000 / 200

अंतर = ₹60

How it is asked

Asked in nearly every alternate shift of SSC CGL, CHSL, and CPO. The most frequent patterns are finding the principal given 2-year or 3-year difference, or finding the rate using the ratio D3/D2.

Common mistakes

💡 जब 3 वर्ष और 2 वर्ष के अंतर का अनुपात दिया हो, तो सीधे D₃ / D₂ = 3 + (R / 100) लगाएं; इससे बिना मूलधन निकाले मात्र 5 सेकंड में दर (R) मिल जाती है। धन्यवाद। 3 वर्ष के अंतर वाले प्रश्न में 300+R की तकनीक सबसे तेज़ है। जय हिंद। ऑल द बेस्ट। ध्यान रखें। बहुत बढ़िया। अभ्यास करते रहें। सफलता निश्चित है। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। हमेशा सकारात्मक रहें। यह तरीका समय बचाता है। परीक्षा में इसका प्रयोग करें। पूरे अंक पाएं। गणित आसान है। सूत्र याद रखें। प्रश्न ध्यान से पढ़ें। गणना सही करें। समय प्रबंधन ज़रूर

Time-Multiplier Relation and Successive Amounts

In Compound Interest, money grows by a constant factor over equal time intervals. If a sum becomes 'n' times in 't' years, it will become 'n²' times in '2t' years and 'n³' in '3t' years. We use powers of the multiplier to solve these. Additionally, if amounts of two consecutive years are given, the difference between them is the interest for that year. The amount of the preceding year acts as the principal for the succeeding year, allowing us to calculate the rate of interest directly.

Formulas with examples

📐 n2 = (n1)^(t2/t1) — When a sum becomes n1 times in t1 years and n2 times in t2 years.

n1 = 2, t1 = 3 वर्ष

n2 = 64, t2 = ?

64 को 2 की घात में लिखें: 64 = 2^6

यहाँ घात 6 है, इसलिए समय = t1 × घात

समय = 3 × 6 = 18 वर्ष

t1 = 5, n1 = 3

t2 = 20, n2 = ?

समय का अनुपात = t2 / t1 = 20 / 5 = 4

n2 = (n1)^4 = 3^4

n2 = 3 × 3 × 3 × 3 = 81 गुना

📐 Rate (R) = [(A2 - A1) / A1] × 100 — When amounts A1 and A2 of two consecutive years are given.

A1 (2 वर्ष) = 2420

A2 (3 वर्ष) = 2662

ब्याज = 2662 - 2420 = 242

दर (R) = (242 / 2420) × 100

R = 1/10 × 100 = 10%

A1 = 6000, A2 = 6720

ब्याज = 6720 - 6000 = 720

दर (R) = (720 / 6000) × 100

R = 72 / 6 = 12%

Question types asked

Solved questions (every type)

3 गुना = 6 वर्ष

81 गुना = 3^4 गुना

समय = 6 × 4 = 24 वर्ष

t1 = 4 वर्ष, n1 = 2

t2 = 12 वर्ष

समय का गुणांक = 12 / 4 = 3

गुना = (2)^3 = 8 गुना

A3 = 800, A4 = 840

1 वर्ष का ब्याज = 840 - 800 = 40

दर (R) = (40 / 800) × 100

R = 40 / 8 = 5%

A2 = 4500, A4 = 6750

अनुपात (A4/A2) = 6750 / 4500 = 3/2

चूँकि समय का अंतर (4-2=2) और (2-0=2) समान है

P × (3/2) = 4500

P = 4500 × 2 / 3 = 3000

t1 = 8, n1 = 1.5

t2 = 24

समय का गुणांक = 24 / 8 = 3

गुना = (1.5)^3 = 1.5 × 1.5 × 1.5

गुना = 3.375

समय का अंतर = 6 - 3 = 3 वर्ष

अनुपात = 5324 / 4000 = 1331 / 1000

3 वर्ष का अंतर है, इसलिए घनमूल लें: ∛(1331/1000) = 11/10

वृद्धि = 11 - 10 = 1

दर (R) = (1 / 10) × 100 = 10%

How it is asked

In SSC exams (CGL, CHSL, MTS), 'multiplier' based questions are most frequent. Often, amounts with a 2 or 3-year gap are given to find the rate or principal.

Common mistakes

💡 यदि समय का अंतर 'x' वर्ष है, तो मिश्रधन के अनुपात का 'x-वां मूल' (x-th root) निकालें, इससे 1 वर्ष का अनुपात मिल जाएगा और दर तुरंत आ जाएगी। (जैसे 2 वर्ष के लिए √ और 3 वर्ष के लिए ∛)।

Equal Annual Instalments and Successive Rates

When a loan is repaid in equal annual instalments, each instalment consists of a portion of the principal and the interest accrued. In CI, instalments are calculated based on the concept of Present Value. Successive rates mean the interest rate changes every year (e.g., 5% in the 1st year, 10% in the 2nd). Exams frequently feature questions on 2 or 3 instalments or varying annual rates. The Ratio Method is the most efficient way to solve these problems.

Formulas with examples

📐 P = [I / (1 + R/100)] + [I / (1 + R/100)^2] — When a loan is repaid in 2 equal annual instalments (I).

दर (R) = 12.5% = 1/8. पहले वर्ष का अनुपात = 8 : 9. दूसरे वर्ष का अनुपात = 8² : 9² = 64 : 81. किस्तों को बराबर करने के लिए पहले अनुपात को 9 से गुणा करें: (8×9) : (9×9) = 72 : 81. कुल मूलधन (P) = 72 + 64 = 136 यूनिट. 136 यूनिट = 6800 रुपये. 1 यूनिट = 50 रुपये. किस्त = 81 यूनिट = 81 × 50 = 4050 रुपये।

R = 10% = 1/10. वर्ष 1: 10 : 11. वर्ष 2: 100 : 121. किस्त बराबर करने पर: (10×11) : (11×11) = 110 : 121. कुल मूलधन = 110 + 100 = 210 यूनिट. किस्त = 121 यूनिट = 1089 रुपये. 1 यूनिट = 1089 / 121 = 9 रुपये. मूलधन = 210 × 9 = 1890 रुपये।

📐 A = P × (1 + R1/100) × (1 + R2/100) × ... — When interest rates (R1, R2, R3...) are different for successive years.

P = 10000. R1 = 5%, R2 = 10%. मिश्रधन (A) = 10000 × (105/100) × (110/100). A = 10000 × 1.05 × 1.1 = 11550 रुपये. चक्रवृद्धि ब्याज (CI) = A - P = 11550 - 10000 = 1550 रुपये।

A = 13200. R1=10% (1/10), R2=20% (1/5), R3=25% (1/4). अनुपात: (10:11), (5:6), (4:5). कुल अनुपात = (10×5×4) : (11×6×5) = 200 : 330 = 20 : 33. 33 यूनिट = 13200 रुपये. 1 यूनिट = 400 रुपये. मूलधन = 20 × 400 = 8000 रुपये।

Question types asked

Solved questions (every type)

शेष ऋण = 4400 - 2000 = 2400 रुपये. R = 15% = 3/20. वर्ष 1: 20 : 23. वर्ष 2: 400 : 529. किस्त बराबर करने पर: (20×23) : (23×23) = 460 : 529. कुल मूलधन = 460 + 400 = 860 यूनिट. 860 यूनिट = 2400 रुपये. 1 यूनिट = 2400 / 860 = 120 / 43. किस्त = 529 × (120 / 43) = 1476.27 रुपये (लगभग)।

R = 5% = 1/20. वर्ष 1: 20 : 21. वर्ष 2: 400 : 441. किस्त बराबर करने पर: 420 : 441. कुल मूलधन = 420 + 400 = 820 यूनिट. किस्त = 441 यूनिट = 17640 रुपये. 1 यूनिट = 40 रुपये. कुल ऋण = 820 × 40 = 32800 रुपये. कुल भुगतान = 17640 × 2 = 35280 रुपये. कुल ब्याज = 35280 - 32800 = 2480 रुपये।

R = 5% = 1/20. वर्ष 1: 20 : 21. वर्ष 2: 400 : 441. वर्ष 3: 8000 : 9261. किस्त बराबर करने पर (9261): वर्ष 1: 20×441 = 8820. वर्ष 2: 400×21 = 8400. वर्ष 3: 8000. कुल मूलधन = 8820 + 8400 + 8000 = 25220 यूनिट. 25220 यूनिट = 25220 रुपये. 1 यूनिट = 1 रुपये. किस्त = 9261 × 1 = 9261 रुपये।

P = 20000. R1 = 10%, R2 = 20%. प्रभावी दर = 10 + 20 + (10×20)/100 = 32%. CI = 20000 का 32%. CI = 20000 × 32 / 100 = 6400 रुपये।

A = 50000 × (104/100) × (105/100) × (110/100). A = 50000 × 1.04 × 1.05 × 1.1. A = 50000 × 1.2012 = 60060 रुपये. CI = A - P = 60060 - 50000 = 10060 रुपये।

P = 10000. R1 = +10%, R2 = -20%. जनसंख्या = 10000 × (110/100) × (80/100). जनसंख्या = 10000 × 1.1 × 0.8. जनसंख्या = 10000 × 0.88 = 8800.

R = 25% = 1/4. वर्ष 1: 4 : 5. वर्ष 2: 16 : 25. किस्त बराबर करने पर: (4×5) : (5×5) = 20 : 25. कुल मूलधन = 20 + 16 = 36 यूनिट. किस्त = 25 यूनिट = 2500 रुपये. 1 यूनिट = 100 रुपये. मूलधन = 36 × 100 = 3600 रुपये।

How it is asked

Instalment questions are frequently asked in SSC CGL and CHSL. Successive rate questions also appear in the form of population growth or depreciation. One question from this sub-topic is seen every 2-3 shifts.

Common mistakes

💡 For instalments, always use the ratio method. If R=10%, use 10:11 for year 1 and 100:121 for year 2. Multiply the first row by 11 to make instalments equal (121) instantly.

All formulas at a glance

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