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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

बीजगणित: सर्वसमिकाएँ

Algebra: Algebraic Identities

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

SSC CGL, CHSL और CPO की Tier-1 परीक्षा में बीजगणित से 2 से 3 प्रश्न तथा Tier-2 में 3 से 5 प्रश्न सीधे सर्वसमिकाओं पर आधारित होते हैं। यदि आपको मानक सूत्र और वैल्यू पुटिंग तकनीक याद हैं, तो बिना अधिक गणना के पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

द्विघात सर्वसमिकाएँ

द्विघात सर्वसमिकाएँ (Quadratic Identities) बीजगणित के वे मूल सूत्र हैं जो दो या तीन चरों के योग, अंतर और गुणनफल के बीच संबंध दर्शाते हैं। ये सूत्र ज्यामितीय रूप से वर्गों और आयतों के क्षेत्रफलों के योग से सिद्ध होते हैं, जैसे (a + b)² का अर्थ (a + b) भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल होता है। परीक्षा में जब भी दो या तीन संख्याओं का योग और गुणनफल दिया हो तथा उनके वर्गों का योग या अंतर पूछा जाए, तो सीधे इन सर्वसमिकाओं का प्रयोग किया जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 (a + b)² + (a - b)² = 2(a² + b²) तथा (a + b)² - (a - b)² = 4ab — जब दो संख्याओं के योग (a + b), अंतर (a - b), वर्गों के योग (a² + b²) या गुणनफल (ab) में से किन्हीं दो के मान दिए हों और अन्य का मान ज्ञात करना हो।

(a - b)² = (a + b)² - 4ab

(a - b)² = (10)² - 4(21)

(a - b)² = 100 - 84

(a - b)² = 16

a - b = √16 = 4

(x + y)² = x² + y² + 2xy

(12)² = 80 + 2xy

144 = 80 + 2xy

2xy = 144 - 80

2xy = 64

xy = 32

📐 a² - b² = (a + b)(a - b) — जब दो पदों के वर्गों का अंतर दिया हो या गणना को सरल बनाने के लिए दो संख्याओं के गुणनफल को (x + y)(x - y) के रूप में बदलना हो।

a² - b² = (a + b)(a - b)

(105)² - (95)² = (105 + 95)(105 - 95)

= 200 × 10

= 2000

x² - y² = (x + y)(x - y)

56 = (x + y) × 4

x + y = 56 / 4

x + y = 14

📐 (a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca) — जब तीन चरों के योग (a + b + c), उनके वर्गों के योग (a² + b² + c²) या दो-दो के गुणनफल के योग (ab + bc + ca) से संबंधित प्रश्न पूछा जाए।

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(9)² = a² + b² + c² + 2(23)

81 = a² + b² + c² + 46

a² + b² + c² = 81 - 46

a² + b² + c² = 35

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(a + b + c)² = 50 + 2(47)

(a + b + c)² = 50 + 94

(a + b + c)² = 144

a + b + c = √144 = 12

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

(a + b)² = a² + b² + 2ab

(11)² = a² + b² + 2(30)

121 = a² + b² + 60

a² + b² = 121 - 60

a² + b² = 61

(x + y)² = (x - y)² + 4xy

(x + y)² = (5)² + 4(24)

(x + y)² = 25 + 96

(x + y)² = 121

x + y = √121 = 11

x² - y² = (x + y)(x - y)

88 = 22 × (x - y)

x - y = 88 / 22 = 4

अब: (x + y) + (x - y) = 22 + 4

2x = 26

x = 13

(2x + 3y)² = (2x)² + (3y)² + 2(2x)(3y)

(2x + 3y)² = 4x² + 9y² + 12xy

(13)² = 4x² + 9y² + 12(6)

169 = 4x² + 9y² + 72

4x² + 9y² = 169 - 72 = 97

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(12)² = 64 + 2(ab + bc + ca)

144 - 64 = 2(ab + bc + ca)

80 = 2(ab + bc + ca)

ab + bc + ca = 80 / 2 = 40

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(10)² = a² + b² + c² + 2(31)

100 = a² + b² + c² + 62

a² + b² + c² = 100 - 62

a² + b² + c² = 38

(3x - 2y)² = (3x)² + (2y)² - 2(3x)(2y)

(3x - 2y)² = 9x² + 4y² - 12xy

(8)² = 9x² + 4y² - 12(5)

64 = 9x² + 4y² - 60

9x² + 4y² = 64 + 60 = 124

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, CPO और Railway में इस सब-टॉपिक से 1 से 2 प्रश्न लगभग प्रत्येक शिफ्ट के Tier-1 और Tier-2 में सीधे पूछे जाते हैं। प्रश्न सामान्यतः योग/अंतर देकर वर्गों का मान या तीन चरों के संबंधों पर आधारित होते हैं।

आम गलतियाँ

💡 जब भी (x + y) देकर (x - y) पूछा जाए, तो सीधे (x - y)² = (x + y)² - 4xy का प्रयोग करें; अलग-अलग x और y निकालने में समय व्यर्थ न करें। coefficients होने पर मध्य पद 2 × (पहला पद) × (दूसरा पद) ध्यान से लिखें।

घनों की सर्वसमिकाएँ (a³ ± b³ और a³+b³+c³-3abc)

यह उप-विषय बीजीय घनों (Algebraic Cubes) के विस्तार और गुणनखंड पर आधारित है। जब दो संख्याओं के घनों का योग या अंतर निकालना हो, तो हम (a³ + b³) और (a³ - b³) के सूत्रों का प्रयोग करते हैं। तीन चरों के लिए, सर्वसमिका a³ + b³ + c³ - 3abc अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका मान शून्य हो जाता है यदि a + b + c = 0 हो। परीक्षा में जब भी तीन पदों के घनों का योग पूछा जाए, तो सबसे पहले यह जाँचें कि क्या उनका योग शून्य (0) आ रहा है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 a³ + b³ = (a + b)(a² - ab + b²) = (a + b)³ - 3ab(a + b) तथा a³ - b³ = (a - b)(a² + ab + b²) = (a - b)³ + 3ab(a - b) — जब (a + b) या (a - b) और ab का मान दिया हो और a³ ± b³ ज्ञात करना हो।

a³ + b³ = (a + b)³ - 3ab(a + b)

= (7)³ - 3(10)(7)

= 343 - 210

= 133

a³ - b³ = (a - b)³ + 3ab(a - b)

= (3)³ + 3(4)(3)

= 27 + 36

= 63

📐 a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)] = ½(a + b + c)[(a - b)² + (b - c)² + (c - a)²] — जब a, b, c के मान बहुत बड़े या निकट हों, अथवा (a + b + c) और (ab + bc + ca) का मान दिया गया हो।

a + b + c = 95 + 96 + 97 = 288

(a - b)² = (95 - 96)² = 1

(b - c)² = (96 - 97)² = 1

(c - a)² = (97 - 95)² = 4

मान = ½ × 288 × (1 + 1 + 4)

= ½ × 288 × 6

= 288 × 3 = 864

सूत्र: (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)]

= 8 × [(8)² - 3(19)]

= 8 × [64 - 57]

= 8 × 7

= 56

📐 यदि a + b + c = 0 हो, तो a³ + b³ + c³ = 3abc — जब तीनों संख्याओं का योग शून्य हो और उनके घनों का योग ज्ञात करना हो।

व्यंजक = (x³ + y³ + z³) / xyz

चूँकि x + y + z = 0, अतः x³ + y³ + z³ = 3xyz

व्यंजक = 3xyz / xyz

= 3

यहाँ a = 28, b = -15, c = -13

a + b + c = 28 + (-15) + (-13) = 0

अतः a³ + b³ + c³ = 3abc

= 3 × 28 × (-15) × (-13)

= 84 × 195

= 16380

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

सूत्र: x³ + y³ = (x + y)³ - 3xy(x + y)

मान रखने पर = (6)³ - 3(8)(6)

= 216 - 144

= 72

8a³ - 27b³ = (2a)³ - (3b)³

= (2a - 3b)³ + 3(2a)(3b)(2a - 3b)

= (5)³ + 18(ab)(5)

= 125 + 18(2)(5)

= 125 + 180

= 305

ल.स.प. (LCM) लेने पर = (a³ + b³ + c³) / abc

हम जानते हैं कि यदि a + b + c = 0, तो a³ + b³ + c³ = 3abc

अतः मान = 3abc / abc

= 3

माना a = 55, b = -25, c = -30

a + b + c = 55 - 25 - 30 = 0

जब a + b + c = 0, तब a³ + b³ + c³ = 3abc

= 3 × (55) × (-25) × (-30)

= 165 × 750

= 123750

सूत्र: ½(x + y + z)[(x - y)² + (y - z)² + (z - x)²]

x + y + z = 997 + 998 + 999 = 2994

x - y = -1 ⇒ (-1)² = 1

y - z = -1 ⇒ (-1)² = 1

z - x = 2 ⇒ (2)² = 4

कोष्ठक का मान = 1 + 1 + 4 = 6

मान = ½ × 2994 × 6 = 2994 × 3 = 8982

सूत्र: a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)]

मान प्रतिस्थापित करने पर:

= 11 × [(11)² - 3(38)]

= 11 × [121 - 114]

= 11 × 7

= 77

माना x = a - b, y = b - c, z = c - a

x + y + z = (a - b) + (b - c) + (c - a) = 0

चूँकि x + y + z = 0, अतः x³ + y³ + z³ = 3xyz

(a - b)³ + (b - c)³ + (c - a)³ = 3(a - b)(b - c)(c - a)

दिए गए व्यंजक में मान रखने पर = [3(a - b)(b - c)(c - a)] / [(a - b)(b - c)(c - a)]

= 3

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL तथा CPO में इस उप-विषय से प्रत्येक शिफ्ट में 1-2 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। विशेषकर 'a+b+c=0' और क्रमागत संख्याओं (A.P.) वाले प्रश्न बार-बार आते हैं।

आम गलतियाँ

💡 यदि a, b, c सार्व-अंतर 'd' के साथ समांतर श्रेणी (A.P.) में हों, तो सीधे शॉर्टकट a³ + b³ + c³ - 3abc = 9 × (मध्य पद) × d² का प्रयोग करें। उदाहरण के लिए (997, 998, 999) में मान = 9 × 998 × (1)² = 8982 होगा। ट्रिक मात्र 5 सेकंड में उत्तर देगी। (बशर्ते पद A.P. में हों)।

x + 1/x = k प्रकार के प्रश्न

SSC परीक्षाओं में x + 1/x = k मान देकर x^2 + 1/x^2, x^3 + 1/x^3, x^4 + 1/x^4, x^5 + 1/x^5 आदि के मान पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में (x + 1/x)^2 = x^2 + 1/x^2 + 2 सूत्र का प्रयोग होता है। इसी प्रकार घन के लिए (x + 1/x)^3 = x^3 + 1/x^3 + 3(x + 1/x) का प्रयोग होता है। उच्च घातों (जैसे घात 5) के लिए घात 2 और घात 3 के मानों का गुणा करके समायोजन किया जाता है। प्रश्न को पहचानना आसान है; समीकरण में चर (variable) और उसका व्युत्क्रम (reciprocal) दिया रहता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 यदि x + 1/x = k, तो x^2 + 1/x^2 = k^2 - 2 और x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k — जब x + 1/x का मान दिया हो और x^2 + 1/x^2 या x^3 + 1/x^3 निकालना हो।

x + 1/x = 4

दोनों तरफ वर्ग करने पर:

(x + 1/x)^2 = 4^2

x^2 + 1/x^2 + 2 = 16

x^2 + 1/x^2 = 16 - 2 = 14

x + 1/x = 3

सूत्र: x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

यहाँ k = 3

x^3 + 1/x^3 = 3^3 - 3(3)

x^3 + 1/x^3 = 27 - 9 = 18

📐 यदि x - 1/x = k, तो x^2 + 1/x^2 = k^2 + 2 और x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k — जब x - 1/x का मान दिया हो और वर्ग या घन का मान निकालना हो।

x - 1/x = 5

सूत्र: x^2 + 1/x^2 = k^2 + 2

यहाँ k = 5

x^2 + 1/x^2 = 5^2 + 2 = 25 + 2 = 27

x - 1/x = 4

सूत्र: x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k

यहाँ k = 4

x^3 - 1/x^3 = 4^3 + 3(4)

x^3 - 1/x^3 = 64 + 12 = 76

📐 x^5 + 1/x^5 = (x^2 + 1/x^2)(x^3 + 1/x^3) - (x + 1/x) — जब x + 1/x दिया हो और x^5 + 1/x^5 का मान ज्ञात करना हो।

k = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 - 2 = 7

x^3 + 1/x^3 = 3^3 - 3(3) = 18

x^5 + 1/x^5 = (7 × 18) - 3

x^5 + 1/x^5 = 126 - 3 = 123

k = 4

x^2 + 1/x^2 = 4^2 - 2 = 14

x^3 + 1/x^3 = 4^3 - 3(4) = 52

x^5 + 1/x^5 = (14 × 52) - 4

x^5 + 1/x^5 = 728 - 4 = 724

📐 (x + 1/x)^2 - (x - 1/x)^2 = 4, अतः (x - 1/x) = ±√[(x + 1/x)^2 - 4] — जब (x + 1/x) से (x - 1/x) या इसके विपरीत मान में रूपांतरण करना हो।

(x - 1/x)^2 = (x + 1/x)^2 - 4

(x - 1/x)^2 = 5^2 - 4 = 25 - 4 = 21

x - 1/x = √21

(x + 1/x)^2 = (x - 1/x)^2 + 4

(x + 1/x)^2 = 3^2 + 4 = 9 + 4 = 13

x + 1/x = √13

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

x + 1/x = 5

सूत्र: x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

k = 5 रखने पर

x^3 + 1/x^3 = 5^3 - 3(5)

x^3 + 1/x^3 = 125 - 15 = 110

x - 1/x = 6

सूत्र: x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k

k = 6 रखने पर

x^3 - 1/x^3 = 6^3 + 3(6)

x^3 - 1/x^3 = 216 + 18 = 234

x + 1/x = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 - 2 = 7

पुनः वर्ग करने पर:

x^4 + 1/x^4 = (x^2 + 1/x^2)^2 - 2

x^4 + 1/x^4 = 7^2 - 2 = 49 - 2 = 47

x^2 - 1/x^2 = (x + 1/x)(x - 1/x)

दिया है: x + 1/x = 4

x - 1/x = √[(x + 1/x)^2 - 4] = √(4^2 - 4) = √(16 - 4) = √12 = 2√3

x^2 - 1/x^2 = 4 × 2√3 = 8√3

समीकरण x^2 - 5x + 1 = 0 को x से भाग देने पर:

x - 5 + 1/x = 0

x + 1/x = 5

अब, x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

= 5^3 - 3(5) = 125 - 15 = 110

यदि x + 1/x = 2 हो, तो सदैव x = 1 होता है

x = 1 रखने पर:

1^100 + 1/(1^100)

= 1 + 1 = 2

x - 1/x = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 + 2 = 11

x^3 - 1/x^3 = 3^3 + 3(3) = 36

x^5 - 1/x^5 = (x^2 + 1/x^2)(x^3 - 1/x^3) + (x - 1/x)

x^5 - 1/x^5 = (11 × 36) + 3 = 396 + 3 = 399

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और CPO की परीक्षाओं में इस उप-विषय से 1 से 2 प्रश्न लगभग हर शिफ्ट में पूछे जाते हैं। विशेष रूप से x^3 + 1/x^3 और द्विघात समीकरण देकर मान पूछने वाले प्रश्न सर्वाधिक प्रचलित हैं।

आम गलतियाँ

💡 यदि x + 1/x = 2 हो तो सीधा x = 1 रखें, और यदि x + 1/x = -2 हो तो x = -1 रखकर उत्तर 2 सेकंड में निकालें। It saves exam time completely Target values directly when possible standard values appear in questions without quadratic solution steps necessary always test simple values if k is 2 or minus 2 instantly mentally solved exam level questions faster than formula substitution approach every single time without exception guaranteed accuracy simple quick calculation method tested repeatedly in Tier

मान रखने की विधि (सममित व्यंजक)

जब बीजगणितीय प्रश्न में चर (variables) की संख्या समीकरणों (equations) की संख्या से अधिक होती है, तो अतिरिक्त चरों को स्वेच्छा से कोई भी आसान मान (जैसे 0, 1, -1) दिया जा सकता है। सममित व्यंजकों (symmetric expressions) में सभी चर एक समान व्यवहार करते हैं, इसलिए a = b = c या a = b = 1 जैसी वैल्यू आसानी से रखी जा सकती है। मान रखते समय हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी पद का हर (denominator) 0 न बने, क्योंकि 1/0 अपरिभाषित रूप (undefined form) है। इस तकनीक का उपयोग परीक्षा में लंबे व्यंजकों को बिना विस्तृत हल के मात्र कुछ सेकंडों में हल करने के लिए किया जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 स्वतंत्र चर = (कुल चर) - (कुल समीकरण) — जब प्रश्न में दिए गए समीकरणों की संख्या चरों की संख्या से कम हो।

समीकरण = 1, चर = 3, अतः स्वतंत्र चर = 3 - 1 = 2

माना a = 1, b = 1, तब c = -(a + b) = -2

मान व्यंजक में रखने पर:

= 1²/(1 × -2) + 1²/(-2 × 1) + (-2)²/(1 × 1)

= -1/2 - 1/2 + 4/1

= -1 + 4 = 3

समीकरण = 2, चर = 3, अतः 1 चर (z) को 0 मान सकते हैं

z = 0 रखने पर: x + y = 6 और xy = 11

पूछा गया व्यंजक = x³ + y³

सूत्र: x³ + y³ = (x + y)³ - 3xy(x + y)

= (6)³ - 3(11)(6)

= 216 - 198 = 18

📐 सममित व्यंजक के लिए: a = b = c = 1 (यदि हर ≠ 0) — जब व्यंजक पूरी तरह से सममित हो और कोई विरोधाभासी शर्त न दी गई हो।

माना a = 1, b = 1, तब c = -2 (ताकि a + b + c = 0 बना रहे)

मान रखने पर:

= (1 + 1)/(-2) + (1 - 2)/1 + (-2 + 1)/1

= 2/(-2) + (-1)/1 + (-1)/1

= -1 - 1 - 1 = -3

a = b = c रखने पर हर 0 हो जाएगा, इसलिए a = 0, b = 1, c = 2 लें

a - b = -1, b - c = -1, c - a = 2

मान रखने पर:

= (-1)²/((-1)(2)) + (-1)²/((2)(-1)) + (2)²/((-1)(-1))

= -1/2 - 1/2 + 4/1 = 3

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

समीकरण = 1, चर = 3, अतः c = 0 रखें

a + b + 0 = 0 => b = -a

माना a = 1, तो b = -1, c = 0

मान रखने पर:

= (1² + (-1)² + 0²)/(1 × (-1) + (-1) × 0 + 0 × 1)

= (1 + 1 + 0)/(-1 + 0 + 0)

= 2 / (-1) = -2

समीकरण = 1, चर = 2, अतः y = 0 रखें

x + 0 = 1 => x = 1

मान रखने पर:

= (1)³ + (0)³ + 3(1)(0) - 1

= 1 + 0 + 0 - 1

= 0

व्यंजक सममित है, माना a = b = c = 1

शर्त जाँच: 1/1 + 1/1 + 1/1 = 3 (संतुष्ट)

मान व्यंजक में रखने पर:

= (1³ + 1³ + 1³)/(1 × 1 × 1)

= (1 + 1 + 1)/1 = 3

यहाँ a = b रखने पर हर 0 हो जाएगा, अतः अलग मान लें

माना a = 2, b = 1

मान रखने पर:

= 2/(2 - 1) + 1/(1 - 2)

= 2/1 + 1/(-1)

= 2 - 1 = 1

माना a = 1, b = 1, c = -2 (जिससे a + b + c = 0 हो)

a + b = 2, b + c = -1, c + a = -1

मान व्यंजक में रखने पर:

= (2)²/(1 × 1) + (-1)²/(1 × -2) + (-1)²/(-2 × 1)

= 4/1 - 1/2 - 1/2

= 4 - 1 = 3

मान रखें a = 1, b = 1, c = 1

x = 1 + 1 - 2(1) = 0

y = 1 + 1 - 2(1) = 0

z = 1 + 1 - 2(1) = 0

x + y + z = 0 + 0 + 0 = 0

माना a = 2, b = 2, c = -1 (जाँच: 2×2 + 2×(-1) + (-1)×2 = 4 - 2 - 2 = 0)

a² - bc = 4 - (2)(-1) = 6

b² - ca = 4 - (-1)(2) = 6

c² - ab = 1 - 4 = -3

व्यंजक में रखने पर:

= 1/6 + 1/6 + 1/(-3)

= 2/6 - 1/3 = 1/3 - 1/3 = 0

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, CPO और Railway NTPC की परीक्षाओं में वैल्यू पुटिंग तकनीक पर आधारित 2-3 प्रश्न हर शिफ्ट में पूछे जाते हैं। यह अलजेब्रा का सबसे समय बचाने वाला पैटर्न है।

आम गलतियाँ

💡 जब समीकरणों की संख्या चरों से कम हो, तो किसी एक चर को '0' मान लें; इससे व्यंजक के कई पद तुरंत समाप्त हो जाते हैं और गणना बेहद सरल हो जाती है।ನ್ನು,

द्विघात गुणनखंड और a⁴+a²b²+b⁴

इस उप-विषय में हम द्विघात समीकरणों के गुणनखंड और सर्वसमिका a⁴ + a²b² + b⁴ = (a² + ab + b²)(a² - ab + b²) का अध्ययन करेंगे। द्विघात समीकरण ax² + bx + c को हल करने के लिए हम मध्य पद (middle term) b को ऐसे दो भागों में तोड़ते हैं जिनका योग b और गुणनफल ac हो। a⁴ + a²b² + b⁴ वाली सर्वसमिका का उपयोग तब किया जाता है जब हमें चतुर्थ घात (fourth power) वाले समीकरण दिए हों। परीक्षा में अक्सर इनमें से कोई दो मान देकर तीसरा पूछा जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 a⁴ + a²b² + b⁴ = (a² + ab + b²)(a² - ab + b²) — जब चतुर्थ घात वाले व्यंजक को दो द्विघात गुणनखंडों में विभाजित करना हो।

x⁴ + x²y² + y⁴ = (x² + xy + y²)(x² - xy + y²)

21 = 7 × (x² - xy + y²)

x² - xy + y² = 21 / 7

x² - xy + y² = 3

x⁴ + x² + 1 = (x² + x + 1)(x² - x + 1)

133 = (x² + x + 1) × 7

x² + x + 1 = 133 / 7

x² + x + 1 = 19

📐 x² + (p+q)x + pq = (x+p)(x+q) — जब द्विघात समीकरण के मध्य पद को विभाजित करके गुणनखंड करना हो।

मध्य पद 7 को 5 और 2 में तोड़ें (5+2=7, 5×2=10)

x² + 5x + 2x + 10

x(x + 5) + 2(x + 5)

(x + 5)(x + 2)

मध्य पद -5 को -3 और -2 में तोड़ें (-3-2=-5, -3×-2=6)

x² - 3x - 2x + 6

x(x - 3) - 2(x - 3)

(x - 3)(x - 2)

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

x⁴ + x²y² + y⁴ = (x² + xy + y²)(x² - xy + y²)

133 = (x² + xy + y²) × 7

x² + xy + y² = 133 / 7

x² + xy + y² = 19

x² + xy + y² = 273 / 13 = 21

(x² + xy + y²) - (x² - xy + y²) = 21 - 13

2xy = 8

xy = 4

6 × 6 = 36; -9 और -4 ऐसे भाग हैं जिनका योग -13 और गुणनफल 36 है

6x² - 9x - 4x + 6

3x(2x - 3) - 2(2x - 3)

(3x - 2)(2x - 3)

x⁴ + x² + 1 = (x² + x + 1)(x² - x + 1)

481 = (x² + x + 1) × 13

x² + x + 1 = 481 / 13

x² + x + 1 = 37

x² - xy + y² = 585 / 45 = 13

(x² + xy + y²) + (x² - xy + y²) = 45 + 13

2(x² + y²) = 58

x² + y² = 29

9a² + 6ab + 4b² = 540 / 18 = 30

(9a² + 6ab + 4b²) - (9a² - 6ab + 4b²) = 30 - 18

12ab = 12

ab = 1

3ab = 3

-7 और -3 ऐसे भाग हैं जिनका योग -10 और गुणनफल 21 है

x² - 7x - 3x + 21

x(x - 7) - 3(x - 7)

(x - 3)(x - 7)

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL और CHSL की परीक्षाओं में इस टॉपिक से प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। a⁴+a²b²+b⁴ वाली सर्वसमिका वर्तमान में SSC का सबसे पसंदीदा पैटर्न है और लगभग हर शिफ्ट में इससे एक प्रश्न आता है।

आम गलतियाँ

💡 यदि a⁴+a²b²+b⁴ = X और a²+ab+b² = Y दिया हो, तो a²-ab+b² निकालने के लिए बस भाग दें (X/Y)। ab निकालने के लिए दोनों गुणनखंडों को घटाकर 2 से भाग दें।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. यदि x + 1/x = 5 है, तो x² + 1/x² का मान क्या होगा?

  1. (क) 23
  2. (ख) 27
  3. (ग) 25
  4. (घ) 21
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 23

x² + 1/x² = (x + 1/x)² - 2 = 5² - 2 = 25 - 2 = 23.

2. यदि a + b = 6 और ab = 8 है, तो a³ + b³ का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 96
  2. (ख) 72
  3. (ग) 144
  4. (घ) 216
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 72

a³ + b³ = (a + b)³ - 3ab(a + b) = 6³ - 3(8)(6) = 216 - 144 = 72.

3. यदि a + b + c = 0 है, तो (a²/bc) + (b²/ca) + (c²/ab) का मान क्या होगा?

  1. (क) 0
  2. (ख) 1
  3. (ग) 3
  4. (घ) -3
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 3

ल.स. लेने पर व्यंजक = (a³ + b³ + c³)/abc बनता है। यदि a + b + c = 0, तो a³ + b³ + c³ = 3abc होता है। अतः मान = 3abc/abc = 3.

4. यदि a + b + c = 9 और ab + bc + ca = 26 है, तो a² + b² + c² का मान क्या होगा?

  1. (क) 31
  2. (ख) 55
  3. (ग) 43
  4. (घ) 29
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 29

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca) ⇒ 9² = a² + b² + c² + 2(26) ⇒ 81 = a² + b² + c² + 52 ⇒ a² + b² + c² = 29.

5. यदि x - 1/x = 4 है, तो x³ - 1/x³ का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 64
  2. (ख) 76
  3. (ग) 52
  4. (घ) 68
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 76

x³ - 1/x³ = (x - 1/x)³ + 3(x - 1/x) = 4³ + 3(4) = 64 + 12 = 76.

6. यदि a + b + c = 0 है, तो व्यंजक [(a + b)²/ab] + [(b + c)²/bc] + [(c + a)²/ca] का मान क्या होगा?

  1. (क) 3
  2. (ख) 1
  3. (ग) 0
  4. (घ) -3
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 3

a = 1, b = 1, c = -2 रखने पर: (2)²/(1×1) + (-1)²/(1×-2) + (-1)²/(-2×1) = 4 - 0.5 - 0.5 = 3.

7. यदि x + 1/x = 3 है, तो x⁵ + 1/x⁵ का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 126
  2. (ख) 120
  3. (ग) 123
  4. (घ) 129
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 123

x² + 1/x² = 3² - 2 = 7; x³ + 1/x³ = 3³ - 3(3) = 18. अब, x⁵ + 1/x⁵ = (x² + 1/x²)(x³ + 1/x³) - (x + 1/x) = 7 × 18 - 3 = 126 - 3 = 123.

8. यदि x⁴ + x²y² + y⁴ = 21 और x² + xy + y² = 7 है, तो xy का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 2
  2. (ख) 4
  3. (ग) 1
  4. (घ) 3
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 2

x⁴ + x²y² + y⁴ = (x² + xy + y²)(x² - xy + y²) ⇒ 21 = 7(x² - xy + y²) ⇒ x² - xy + y² = 3. अब, (x² + xy + y²) - (x² - xy + y²) = 7 - 3 ⇒ 2xy = 4 ⇒ xy = 2.

9. यदि a + b + c = 6, a² + b² + c² = 20 और a³ + b³ + c³ = 72 है, तो abc का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 6
  2. (ख) 4
  3. (ग) 8
  4. (घ) 0
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 0

ab + bc + ca = [(a+b+c)² - (a²+b²+c²)] / 2 = (36 - 20) / 2 = 8. अब, a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)(a² + b² + c² - (ab + bc + ca)) ⇒ 72 - 3abc = 6(20 - 8) = 72 ⇒ 3abc = 0 ⇒ abc = 0.

10. यदि x⁴ + 1/x⁴ = 194 है, जहाँ x > 0 है, तो x³ + 1/x³ का मान क्या होगा?

  1. (क) 64
  2. (ख) 52
  3. (ग) 76
  4. (घ) 48
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 52

x² + 1/x² = √(194 + 2) = √196 = 14. पुनः, x + 1/x = √(14 + 2) = √16 = 4. अतः x³ + 1/x³ = 4³ - 3(4) = 64 - 12 = 52.

English version — Algebra: Algebraic Identities

In SSC CGL, CHSL, and CPO Tier-1 exams, around 2-3 questions and in Tier-2 around 3-5 questions are asked directly from algebraic identities. Mastering the core formulas and value-putting tricks makes this chapter exceptionally scoring and time-efficient.

Quadratic Algebraic Identities

Quadratic identities are foundational algebraic equations that define relationships between the sum, difference, and product of two or three variables. Geometrically, (a + b)² represents the area of a square of side (a + b) broken into smaller regions of areas a², b², and two rectangles of ab. Whenever an exam problem provides the sum/difference and product of terms and asks for the sum of their squares, these identities are directly applied.

Formulas with examples

📐 (a + b)² + (a - b)² = 2(a² + b²) तथा (a + b)² - (a - b)² = 4ab — Used to switch directly between (a + b), (a - b), (a² + b²), and ab without calculating individual values of a and b.

(a - b)² = (a + b)² - 4ab

(a - b)² = (10)² - 4(21)

(a - b)² = 100 - 84

(a - b)² = 16

a - b = √16 = 4

(x + y)² = x² + y² + 2xy

(12)² = 80 + 2xy

144 = 80 + 2xy

2xy = 144 - 80

2xy = 64

xy = 32

📐 a² - b² = (a + b)(a - b) — Used when difference of squares is given or to quickly compute products using algebraic difference.

a² - b² = (a + b)(a - b)

(105)² - (95)² = (105 + 95)(105 - 95)

= 200 × 10

= 2000

x² - y² = (x + y)(x - y)

56 = (x + y) × 4

x + y = 56 / 4

x + y = 14

📐 (a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca) — Used when three variables are involved relating their sum, sum of squares, and sum of pairwise products.

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(9)² = a² + b² + c² + 2(23)

81 = a² + b² + c² + 46

a² + b² + c² = 81 - 46

a² + b² + c² = 35

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(a + b + c)² = 50 + 2(47)

(a + b + c)² = 50 + 94

(a + b + c)² = 144

a + b + c = √144 = 12

Question types asked

Solved questions (every type)

(a + b)² = a² + b² + 2ab

(11)² = a² + b² + 2(30)

121 = a² + b² + 60

a² + b² = 121 - 60

a² + b² = 61

(x + y)² = (x - y)² + 4xy

(x + y)² = (5)² + 4(24)

(x + y)² = 25 + 96

(x + y)² = 121

x + y = √121 = 11

x² - y² = (x + y)(x - y)

88 = 22 × (x - y)

x - y = 88 / 22 = 4

अब: (x + y) + (x - y) = 22 + 4

2x = 26

x = 13

(2x + 3y)² = (2x)² + (3y)² + 2(2x)(3y)

(2x + 3y)² = 4x² + 9y² + 12xy

(13)² = 4x² + 9y² + 12(6)

169 = 4x² + 9y² + 72

4x² + 9y² = 169 - 72 = 97

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(12)² = 64 + 2(ab + bc + ca)

144 - 64 = 2(ab + bc + ca)

80 = 2(ab + bc + ca)

ab + bc + ca = 80 / 2 = 40

(a + b + c)² = a² + b² + c² + 2(ab + bc + ca)

(10)² = a² + b² + c² + 2(31)

100 = a² + b² + c² + 62

a² + b² + c² = 100 - 62

a² + b² + c² = 38

(3x - 2y)² = (3x)² + (2y)² - 2(3x)(2y)

(3x - 2y)² = 9x² + 4y² - 12xy

(8)² = 9x² + 4y² - 12(5)

64 = 9x² + 4y² - 60

9x² + 4y² = 64 + 60 = 124

How it is asked

Asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, CPO and RRB exams (1-2 questions per shift). Typically tests direct value substitution or algebraic manipulation between sum, product, and squares.

Common mistakes

💡 जब भी (x + y) देकर (x - y) पूछा जाए, तो सीधे (x - y)² = (x + y)² - 4xy का प्रयोग करें; अलग-अलग x और y निकालने में समय व्यर्थ न करें। coefficients होने पर मध्य पद 2 × (पहला पद) × (दूसरा पद) ध्यान से लिखें।

Cubic Identities (a³ ± b³ and a³+b³+c³-3abc)

This sub-topic covers algebraic cubic expansions and factorizations. Two-variable cubic formulas (a³ ± b³) relate sums or differences of cubes to products of linear and quadratic factors. For three variables, the identity a³ + b³ + c³ - 3abc is central, which simplifies directly to 0 whenever a + b + c = 0. In exam questions, whenever the sum of three cubes appears, always check first if the base terms add up to zero.

Formulas with examples

📐 a³ + b³ = (a + b)(a² - ab + b²) = (a + b)³ - 3ab(a + b) तथा a³ - b³ = (a - b)(a² + ab + b²) = (a - b)³ + 3ab(a - b) — Used when (a + b) or (a - b) and ab are given, and we need to find a³ ± b³.

a³ + b³ = (a + b)³ - 3ab(a + b)

= (7)³ - 3(10)(7)

= 343 - 210

= 133

a³ - b³ = (a - b)³ + 3ab(a - b)

= (3)³ + 3(4)(3)

= 27 + 36

= 63

📐 a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)] = ½(a + b + c)[(a - b)² + (b - c)² + (c - a)²] — Used when a, b, c are large/close values, or when (a + b + c) and (ab + bc + ca) are given.

a + b + c = 95 + 96 + 97 = 288

(a - b)² = (95 - 96)² = 1

(b - c)² = (96 - 97)² = 1

(c - a)² = (97 - 95)² = 4

मान = ½ × 288 × (1 + 1 + 4)

= ½ × 288 × 6

= 288 × 3 = 864

सूत्र: (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)]

= 8 × [(8)² - 3(19)]

= 8 × [64 - 57]

= 8 × 7

= 56

📐 यदि a + b + c = 0 हो, तो a³ + b³ + c³ = 3abc — Used when the sum of three terms is zero and the sum of their cubes is required.

व्यंजक = (x³ + y³ + z³) / xyz

चूँकि x + y + z = 0, अतः x³ + y³ + z³ = 3xyz

व्यंजक = 3xyz / xyz

= 3

यहाँ a = 28, b = -15, c = -13

a + b + c = 28 + (-15) + (-13) = 0

अतः a³ + b³ + c³ = 3abc

= 3 × 28 × (-15) × (-13)

= 84 × 195

= 16380

Question types asked

Solved questions (every type)

सूत्र: x³ + y³ = (x + y)³ - 3xy(x + y)

मान रखने पर = (6)³ - 3(8)(6)

= 216 - 144

= 72

8a³ - 27b³ = (2a)³ - (3b)³

= (2a - 3b)³ + 3(2a)(3b)(2a - 3b)

= (5)³ + 18(ab)(5)

= 125 + 18(2)(5)

= 125 + 180

= 305

ल.स.प. (LCM) लेने पर = (a³ + b³ + c³) / abc

हम जानते हैं कि यदि a + b + c = 0, तो a³ + b³ + c³ = 3abc

अतः मान = 3abc / abc

= 3

माना a = 55, b = -25, c = -30

a + b + c = 55 - 25 - 30 = 0

जब a + b + c = 0, तब a³ + b³ + c³ = 3abc

= 3 × (55) × (-25) × (-30)

= 165 × 750

= 123750

सूत्र: ½(x + y + z)[(x - y)² + (y - z)² + (z - x)²]

x + y + z = 997 + 998 + 999 = 2994

x - y = -1 ⇒ (-1)² = 1

y - z = -1 ⇒ (-1)² = 1

z - x = 2 ⇒ (2)² = 4

कोष्ठक का मान = 1 + 1 + 4 = 6

मान = ½ × 2994 × 6 = 2994 × 3 = 8982

सूत्र: a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c)[(a + b + c)² - 3(ab + bc + ca)]

मान प्रतिस्थापित करने पर:

= 11 × [(11)² - 3(38)]

= 11 × [121 - 114]

= 11 × 7

= 77

माना x = a - b, y = b - c, z = c - a

x + y + z = (a - b) + (b - c) + (c - a) = 0

चूँकि x + y + z = 0, अतः x³ + y³ + z³ = 3xyz

(a - b)³ + (b - c)³ + (c - a)³ = 3(a - b)(b - c)(c - a)

दिए गए व्यंजक में मान रखने पर = [3(a - b)(b - c)(c - a)] / [(a - b)(b - c)(c - a)]

= 3

How it is asked

SSC CGL (Tier-1 & Tier-2), CHSL, and CPO consistently feature 1-2 questions from this sub-topic per shift, especially questions based on 'a+b+c=0' and numbers in Arithmetic Progression (A.P.).

Common mistakes

💡 यदि a, b, c सार्व-अंतर 'd' के साथ समांतर श्रेणी (A.P.) में हों, तो सीधे शॉर्टकट a³ + b³ + c³ - 3abc = 9 × (मध्य पद) × d² का प्रयोग करें। उदाहरण के लिए (997, 998, 999) में मान = 9 × 998 × (1)² = 8982 होगा। ट्रिक मात्र 5 सेकंड में उत्तर देगी। (बशर्ते पद A.P. में हों)।

x + 1/x = k Type Identities

In SSC exams, questions based on x + 1/x = k are frequently asked to find higher powers like x^2 + 1/x^2, x^3 + 1/x^3, x^4 + 1/x^4, and x^5 + 1/x^5. The core concept relies on squaring and cubing algebraic identities where the product term x * (1/x) simplifies to 1. For x^5 + 1/x^5, we multiply the quadratic and cubic forms and subtract (x + 1/x). Recognise these questions by the presence of a variable and its reciprocal in the given expression.

Formulas with examples

📐 यदि x + 1/x = k, तो x^2 + 1/x^2 = k^2 - 2 और x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k — When x + 1/x is given and we need to find x^2 + 1/x^2 or x^3 + 1/x^3.

x + 1/x = 4

दोनों तरफ वर्ग करने पर:

(x + 1/x)^2 = 4^2

x^2 + 1/x^2 + 2 = 16

x^2 + 1/x^2 = 16 - 2 = 14

x + 1/x = 3

सूत्र: x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

यहाँ k = 3

x^3 + 1/x^3 = 3^3 - 3(3)

x^3 + 1/x^3 = 27 - 9 = 18

📐 यदि x - 1/x = k, तो x^2 + 1/x^2 = k^2 + 2 और x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k — When x - 1/x is given and square or cube needs to be calculated.

x - 1/x = 5

सूत्र: x^2 + 1/x^2 = k^2 + 2

यहाँ k = 5

x^2 + 1/x^2 = 5^2 + 2 = 25 + 2 = 27

x - 1/x = 4

सूत्र: x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k

यहाँ k = 4

x^3 - 1/x^3 = 4^3 + 3(4)

x^3 - 1/x^3 = 64 + 12 = 76

📐 x^5 + 1/x^5 = (x^2 + 1/x^2)(x^3 + 1/x^3) - (x + 1/x) — When x + 1/x is given and x^5 + 1/x^5 needs to be calculated.

k = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 - 2 = 7

x^3 + 1/x^3 = 3^3 - 3(3) = 18

x^5 + 1/x^5 = (7 × 18) - 3

x^5 + 1/x^5 = 126 - 3 = 123

k = 4

x^2 + 1/x^2 = 4^2 - 2 = 14

x^3 + 1/x^3 = 4^3 - 3(4) = 52

x^5 + 1/x^5 = (14 × 52) - 4

x^5 + 1/x^5 = 728 - 4 = 724

📐 (x + 1/x)^2 - (x - 1/x)^2 = 4, अतः (x - 1/x) = ±√[(x + 1/x)^2 - 4] — To convert between (x + 1/x) and (x - 1/x).

(x - 1/x)^2 = (x + 1/x)^2 - 4

(x - 1/x)^2 = 5^2 - 4 = 25 - 4 = 21

x - 1/x = √21

(x + 1/x)^2 = (x - 1/x)^2 + 4

(x + 1/x)^2 = 3^2 + 4 = 9 + 4 = 13

x + 1/x = √13

Question types asked

Solved questions (every type)

x + 1/x = 5

सूत्र: x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

k = 5 रखने पर

x^3 + 1/x^3 = 5^3 - 3(5)

x^3 + 1/x^3 = 125 - 15 = 110

x - 1/x = 6

सूत्र: x^3 - 1/x^3 = k^3 + 3k

k = 6 रखने पर

x^3 - 1/x^3 = 6^3 + 3(6)

x^3 - 1/x^3 = 216 + 18 = 234

x + 1/x = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 - 2 = 7

पुनः वर्ग करने पर:

x^4 + 1/x^4 = (x^2 + 1/x^2)^2 - 2

x^4 + 1/x^4 = 7^2 - 2 = 49 - 2 = 47

x^2 - 1/x^2 = (x + 1/x)(x - 1/x)

दिया है: x + 1/x = 4

x - 1/x = √[(x + 1/x)^2 - 4] = √(4^2 - 4) = √(16 - 4) = √12 = 2√3

x^2 - 1/x^2 = 4 × 2√3 = 8√3

समीकरण x^2 - 5x + 1 = 0 को x से भाग देने पर:

x - 5 + 1/x = 0

x + 1/x = 5

अब, x^3 + 1/x^3 = k^3 - 3k

= 5^3 - 3(5) = 125 - 15 = 110

यदि x + 1/x = 2 हो, तो सदैव x = 1 होता है

x = 1 रखने पर:

1^100 + 1/(1^100)

= 1 + 1 = 2

x - 1/x = 3

x^2 + 1/x^2 = 3^2 + 2 = 11

x^3 - 1/x^3 = 3^3 + 3(3) = 36

x^5 - 1/x^5 = (x^2 + 1/x^2)(x^3 - 1/x^3) + (x - 1/x)

x^5 - 1/x^5 = (11 × 36) + 3 = 396 + 3 = 399

How it is asked

1-2 questions are asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, MTS, and CPO. Finding x^3 + 1/x^3 or converting quadratic equations into x + 1/x form are the most frequently tested patterns.

Common mistakes

💡 यदि x + 1/x = 2 हो तो सीधा x = 1 रखें, और यदि x + 1/x = -2 हो तो x = -1 रखकर उत्तर 2 सेकंड में निकालें। It saves exam time completely Target values directly when possible standard values appear in questions without quadratic solution steps necessary always test simple values if k is 2 or minus 2 instantly mentally solved exam level questions faster than formula substitution approach every single time without exception guaranteed accuracy simple quick calculation method tested repeatedly in Tier

Value Putting Trick for Symmetric Expressions

When the number of variables in an algebraic question exceeds the number of given equations, the extra variables can be assigned arbitrary simple values (like 0, 1, -1). In symmetric expressions where variables behave identically, setting a = b = c or a = b = 1 simplifies the expression instantly. Always ensure that no denominator becomes zero, as division by zero creates an indeterminate form. This technique is designed to bypass lengthy algebraic proofs and arrive at the answer within seconds in competitive exams.

Formulas with examples

📐 स्वतंत्र चर = (कुल चर) - (कुल समीकरण) — When the number of given equations is less than the number of variables.

समीकरण = 1, चर = 3, अतः स्वतंत्र चर = 3 - 1 = 2

माना a = 1, b = 1, तब c = -(a + b) = -2

मान व्यंजक में रखने पर:

= 1²/(1 × -2) + 1²/(-2 × 1) + (-2)²/(1 × 1)

= -1/2 - 1/2 + 4/1

= -1 + 4 = 3

समीकरण = 2, चर = 3, अतः 1 चर (z) को 0 मान सकते हैं

z = 0 रखने पर: x + y = 6 और xy = 11

पूछा गया व्यंजक = x³ + y³

सूत्र: x³ + y³ = (x + y)³ - 3xy(x + y)

= (6)³ - 3(11)(6)

= 216 - 198 = 18

📐 सममित व्यंजक के लिए: a = b = c = 1 (यदि हर ≠ 0) — When the algebraic expression is fully symmetric and no condition is violated.

माना a = 1, b = 1, तब c = -2 (ताकि a + b + c = 0 बना रहे)

मान रखने पर:

= (1 + 1)/(-2) + (1 - 2)/1 + (-2 + 1)/1

= 2/(-2) + (-1)/1 + (-1)/1

= -1 - 1 - 1 = -3

a = b = c रखने पर हर 0 हो जाएगा, इसलिए a = 0, b = 1, c = 2 लें

a - b = -1, b - c = -1, c - a = 2

मान रखने पर:

= (-1)²/((-1)(2)) + (-1)²/((2)(-1)) + (2)²/((-1)(-1))

= -1/2 - 1/2 + 4/1 = 3

Question types asked

Solved questions (every type)

समीकरण = 1, चर = 3, अतः c = 0 रखें

a + b + 0 = 0 => b = -a

माना a = 1, तो b = -1, c = 0

मान रखने पर:

= (1² + (-1)² + 0²)/(1 × (-1) + (-1) × 0 + 0 × 1)

= (1 + 1 + 0)/(-1 + 0 + 0)

= 2 / (-1) = -2

समीकरण = 1, चर = 2, अतः y = 0 रखें

x + 0 = 1 => x = 1

मान रखने पर:

= (1)³ + (0)³ + 3(1)(0) - 1

= 1 + 0 + 0 - 1

= 0

व्यंजक सममित है, माना a = b = c = 1

शर्त जाँच: 1/1 + 1/1 + 1/1 = 3 (संतुष्ट)

मान व्यंजक में रखने पर:

= (1³ + 1³ + 1³)/(1 × 1 × 1)

= (1 + 1 + 1)/1 = 3

यहाँ a = b रखने पर हर 0 हो जाएगा, अतः अलग मान लें

माना a = 2, b = 1

मान रखने पर:

= 2/(2 - 1) + 1/(1 - 2)

= 2/1 + 1/(-1)

= 2 - 1 = 1

माना a = 1, b = 1, c = -2 (जिससे a + b + c = 0 हो)

a + b = 2, b + c = -1, c + a = -1

मान व्यंजक में रखने पर:

= (2)²/(1 × 1) + (-1)²/(1 × -2) + (-1)²/(-2 × 1)

= 4/1 - 1/2 - 1/2

= 4 - 1 = 3

मान रखें a = 1, b = 1, c = 1

x = 1 + 1 - 2(1) = 0

y = 1 + 1 - 2(1) = 0

z = 1 + 1 - 2(1) = 0

x + y + z = 0 + 0 + 0 = 0

माना a = 2, b = 2, c = -1 (जाँच: 2×2 + 2×(-1) + (-1)×2 = 4 - 2 - 2 = 0)

a² - bc = 4 - (2)(-1) = 6

b² - ca = 4 - (-1)(2) = 6

c² - ab = 1 - 4 = -3

व्यंजक में रखने पर:

= 1/6 + 1/6 + 1/(-3)

= 2/6 - 1/3 = 1/3 - 1/3 = 0

How it is asked

Questions based on the value putting trick appear frequently (2-3 questions per shift) in SSC CGL, CHSL, CPO, and Railway exams. It is the most time-saving pattern in algebra.

Common mistakes

💡 जब समीकरणों की संख्या चरों से कम हो, तो किसी एक चर को '0' मान लें; इससे व्यंजक के कई पद तुरंत समाप्त हो जाते हैं और गणना बेहद सरल हो जाती है।ನ್ನು,

Factorisation of Quadratics and a⁴+a²b²+b⁴

In this sub-topic, we study the factorisation of quadratic equations and the identity a⁴ + a²b² + b⁴ = (a² + ab + b²)(a² - ab + b²). To factorise ax² + bx + c, we split the middle term b into two parts such that their sum is b and product is ac. The a⁴ + a²b² + b⁴ identity is crucial for solving fourth-degree algebraic expressions frequently asked in SSC exams, where usually two factors are given to find the third.

Formulas with examples

📐 a⁴ + a²b² + b⁴ = (a² + ab + b²)(a² - ab + b²) — When a fourth-degree expression needs to be split into two quadratic factors.

x⁴ + x²y² + y⁴ = (x² + xy + y²)(x² - xy + y²)

21 = 7 × (x² - xy + y²)

x² - xy + y² = 21 / 7

x² - xy + y² = 3

x⁴ + x² + 1 = (x² + x + 1)(x² - x + 1)

133 = (x² + x + 1) × 7

x² + x + 1 = 133 / 7

x² + x + 1 = 19

📐 x² + (p+q)x + pq = (x+p)(x+q) — When factorising a quadratic equation by splitting the middle term.

मध्य पद 7 को 5 और 2 में तोड़ें (5+2=7, 5×2=10)

x² + 5x + 2x + 10

x(x + 5) + 2(x + 5)

(x + 5)(x + 2)

मध्य पद -5 को -3 और -2 में तोड़ें (-3-2=-5, -3×-2=6)

x² - 3x - 2x + 6

x(x - 3) - 2(x - 3)

(x - 3)(x - 2)

Question types asked

Solved questions (every type)

x⁴ + x²y² + y⁴ = (x² + xy + y²)(x² - xy + y²)

133 = (x² + xy + y²) × 7

x² + xy + y² = 133 / 7

x² + xy + y² = 19

x² + xy + y² = 273 / 13 = 21

(x² + xy + y²) - (x² - xy + y²) = 21 - 13

2xy = 8

xy = 4

6 × 6 = 36; -9 और -4 ऐसे भाग हैं जिनका योग -13 और गुणनफल 36 है

6x² - 9x - 4x + 6

3x(2x - 3) - 2(2x - 3)

(3x - 2)(2x - 3)

x⁴ + x² + 1 = (x² + x + 1)(x² - x + 1)

481 = (x² + x + 1) × 13

x² + x + 1 = 481 / 13

x² + x + 1 = 37

x² - xy + y² = 585 / 45 = 13

(x² + xy + y²) + (x² - xy + y²) = 45 + 13

2(x² + y²) = 58

x² + y² = 29

9a² + 6ab + 4b² = 540 / 18 = 30

(9a² + 6ab + 4b²) - (9a² - 6ab + 4b²) = 30 - 18

12ab = 12

ab = 1

3ab = 3

-7 और -3 ऐसे भाग हैं जिनका योग -10 और गुणनफल 21 है

x² - 7x - 3x + 21

x(x - 7) - 3(x - 7)

(x - 3)(x - 7)

How it is asked

This sub-topic is a recurring pattern in SSC CGL and CHSL exams. Questions on the a⁴+a²b²+b⁴ identity are highly frequent in both Tier-1 and Tier-2 exams.

Common mistakes

💡 If a⁴+a²b²+b⁴ = X and a²+ab+b² = Y are given, just divide to find a²-ab+b² = X/Y. To find ab, subtract the two quadratic factors and divide by 2.

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