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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)ज्यामिति: रेखा, कोण और त्रिभुज
Geometry: Lines, Angles, and Triangles
यह अध्याय SSC Tier-1 और Tier-2 दोनों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जिससे प्रति वर्ष 3 से 5 प्रश्न पूछे जाते हैं। मूल प्रमेयों और गुणों की स्पष्ट समझ से यह विषय कम समय में शत-प्रतिशत अंक दिलाने वाला सिद्ध होता है।
समानांतर रेखाएं और तिर्यक रेखा के कोण
जब दो या दो से अधिक समानांतर रेखाओं (Parallel lines) को कोई तीसरी रेखा काटती है, तो उसे तिर्यक रेखा (Transversal line) कहते हैं। इस कटान से कुल 8 कोण बनते हैं, जिनमें आपस में विशिष्ट संबंध होते हैं। संगत कोण (Corresponding angles - 'F' आकार) और एकांतर कोण (Alternate angles - 'Z' आकार) हमेशा आपस में बराबर होते हैं। तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अंतः कोणों (Co-interior angles - 'C' या 'U' आकार) का योग सदैव 180° (संपूरक) होता है। परीक्षा में जब भी 'AB || CD' दिया हो या तीर/जिग-जैग जैसी आकृति दिखे, तो समझ जाएं कि यही नियम लागू होगा।
सूत्र और उनके उदाहरण
📐 एकांतर कोण नियम (Alternate Angles): ∠1 = ∠2 (Z-आकार) तथा संगत कोण नियम (Corresponding Angles): ∠3 = ∠4 (F-आकार) — जब समानांतर रेखाओं के बीच 'Z' या 'F' आकृति वाले कोणों की तुलना करनी हो या अज्ञात कोण का मान निकालना हो।
- उदाहरण 1: यदि रेखा AB || CD है और एक तिर्यक रेखा इन्हें काटती है, जिससे दो एकांतर अंतः कोण (3x - 10)° और (2x + 15)° बनते हैं, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
एकांतर अंतः कोण आपस में बराबर होते हैं।
3x - 10 = 2x + 15
3x - 2x = 15 + 10
x = 25°
- ✔ उत्तर: 25°
- उदाहरण 2: दो समानांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। यदि संगत कोणों का एक युग्म (4x + 20)° और (6x - 10)° है, तो उस कोण का मान क्या होगा?
संगत कोण आपस में बराबर होते हैं।
4x + 20 = 6x - 10
6x - 4x = 20 + 10
2x = 30
x = 15°
कोण का मान = 4(15) + 20 = 60 + 20 = 80°
📐 क्रमागत अंतः कोण नियम (Co-interior Angles): θ₁ + θ₂ = 180° (C-आकार) — जब तिर्यक रेखा के एक ही तरफ स्थित दो आंतरिक कोण दिए हों।
- उदाहरण 3: दी गई समानांतर रेखाओं में तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने दो अंतः कोणों का अनुपात 2 : 3 है। बड़े कोण का मान ज्ञात कीजिए।
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180°
माना कोण 2k और 3k हैं।
2k + 3k = 180°
5k = 180°
k = 36°
बड़ा कोण = 3k = 3 × 36° = 108°
- ✔ उत्तर: 108°
- उदाहरण 4: यदि AB || CD और एक तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (2x + 15)° और (3x + 40)° हैं, तो x का मान क्या है?
एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180° होता है।
(2x + 15) + (3x + 40) = 180
5x + 55 = 180
5x = 180 - 55 = 125
x = 125 / 5 = 25°
परीक्षा में आने वाले प्रकार
- संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न
- तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (Co-interior Angles)
- जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण
- समानांतर रेखाओं के बीच कोण समद्विभाजक (Angle Bisectors)
- अज्ञात कोणों के लिए सहायक समानांतर रेखा खींचना
हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)
- प्रश्न 5 [संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न]: दी गई आकृति में रेखाएं l और m समानांतर हैं। यदि तिर्यक रेखा द्वारा बना एक बाह्य कोण 115° है, तो उसके एकांतर बाह्य कोण का मान क्या होगा?
समानांतर रेखाओं में एकांतर बाह्य कोण (Alternate exterior angles) समान होते हैं।
अतः एकांतर बाह्य कोण = 115°
- ✔ उत्तर: 115°
- प्रश्न 6 [तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (Co-interior Angles)]: दो समानांतर रेखाओं PQ और RS को एक तिर्यक रेखा क्रमशः बिंदु A और B पर काटती है। यदि ∠PAB = (5x - 20)° और ∠RBA = (3x + 40)° तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण हैं, तो ∠PAB का मान ज्ञात कीजिए।
एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
(5x - 20) + (3x + 40) = 180°
8x + 20 = 180°
8x = 160°
x = 20°
∠PAB = 5(20) - 20 = 100 - 20 = 80°
- ✔ उत्तर: 80°
- प्रश्न 7 [जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण]: यदि AB || CD है, बिंदु E इन रेखाओं के मध्य स्थित है। यदि ∠ABE = 35° और ∠CDE = 65° है (जहाँ E की चोंच बाईं ओर मुड़ती है), तो कोण ∠BED का मान ज्ञात कीजिए।
बिंदु E से होकर जाने वाली एक सहायक रेखा EF खींचें जो AB || CD हो।
∠FEB = एकांतर कोण ∠ABE = 35°
∠FED = एकांतर कोण ∠CDE = 65°
∠BED = ∠FEB + ∠FED
∠BED = 35° + 65° = 100°
- ✔ उत्तर: 100°
- प्रश्न 8 [जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण]: दी गई आकृति में AB || CD है। यदि ∠BAE = 110° और ∠ECD = 120° है, जहाँ बिंदु E दोनों रेखाओं के बीच में स्थित है, तो प्रतिवर्ती कोण (Reflex angle) ∠AEC नहीं बल्कि आंतरिक कोण ∠AEC का मान ज्ञात कीजिए।
बिंदु E से रेखा EF || AB || CD खींचें।
AB || EF के लिए अंतः कोणों का योग: ∠A + ∠AEF = 180°
∠AEF = 180° - 110° = 70°
CD || EF के लिए अंतः कोणों का योग: ∠C + ∠CEF = 180°
∠CEF = 180° - 120° = 60°
∠AEC = ∠AEF + ∠CEF = 70° + 60° = 130°
- ✔ उत्तर: 130°
- प्रश्न 9 [समानांतर रेखाओं के बीच कोण समद्विभाजक (Angle Bisectors)]: दो समानांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित दोनों अंतः कोणों के समद्विभाजक (Angle bisectors) एक-दूसरे को बिंदु P पर काटते हैं। कोण P का मान क्या होगा?
माना अंतः कोण 2x और 2y हैं।
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180°
2x + 2y = 180°
x + y = 90°
समद्विभाजकों से बने त्रिभुज में तीनों कोणों का योग = 180°
∠P + x + y = 180°
∠P + 90° = 180°
∠P = 90°
- ✔ उत्तर: 90°
- प्रश्न 10 [संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न]: दी गई आकृति में, AB || CD और CD || EF है। यदि y : z = 3 : 7 है और x तथा y तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण हैं, तो x का मान क्या होगा?
चूँकि AB || CD || EF है, इसलिए एकांतर अंतः कोण नियम से x = z होगा।
तिर्यक रेखा पर x और y अंतः कोण हैं, अतः x + y = 180°
चूँकि x = z, इसलिए z + y = 180°
y : z = 3 : 7 दिया है, माना y = 3k और z = 7k
3k + 7k = 180° ⇒ 10k = 180° ⇒ k = 18°
x = z = 7k = 7 × 18° = 126°
परीक्षा में कैसे आता है
SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL तथा CPO में इस सब-टॉपिक से सीधे कोण ज्ञात करने वाले 1-2 प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। विशेष रूप से जिग-जैग (V-shape) रेखाओं और कोण समद्विभाजक वाले प्रश्न बार-बार आते हैं।
आम गलतियाँ
- ✘ तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोणों को बराबर मान लेना, जबकि उनका योग 180° (संपूरक) होता है।
- ✘ जिग-जैग प्रश्नों में बाहरी (Reflex) और आंतरिक कोण में अंतर न कर पाना और गलत कोण निकाल देना।
- ✘ यह न पहचानना कि संगत कोण (F-shape) कब बन रहे हैं और एकांतर कोण (Z-shape) कब।
💡 जिग-जैग/V-आकार वाली आकृति में, 'बाईं ओर मुड़ने वाले सभी कोणों का योग = दाईं ओर मुड़ने वाले सभी कोणों का योग' (Left Sum = Right Sum) का सीधा प्रयोग करें। इससे बिना सहायक रेखा खींचे उत्तर 5 सेकंड में आ जाता है। उदाहरण: यदि कोण अंदर की ओर नुकीले हों तो ∠E = ∠B + ∠D। अथवा कोने वाले बिंदु से दोनों रेखाओं के समानांतर एक छोटी काल्पनिक रेखा खींच लें। रेखा के एक ही तरफ के आंतरिक कोणों के समद्विभाजक हमेशा 90° पर मिलते हैं, इसे सीधे याद रखें। परीक्षार्थी अक्सर संगत कोण और एकांतर कोण में भ्रमित होते हैं, इस
त्रिभुज कोण योग, बहिष्कोण प्रमेय, समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुज के नियम
किसी भी त्रिभुज (Triangle) के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180° होता है। यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा को आगे बढ़ाया जाए, तो बनने वाला बहिष्कोण (Exterior angle) अपने दोनों सम्मुख अंतः कोणों (Interior opposite angles) के योग के बराबर होता है। समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles triangle) में दो भुजाएं बराबर होने पर उनके सामने के कोण भी आपस में बराबर होते हैं। समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) की तीनों भुजाएं समान होती हैं और प्रत्येक कोण 60° का होता है।
सूत्र और उनके उदाहरण
📐 ∠A + ∠B + ∠C = 180° — जब त्रिभुज के दो कोण दिए हों और तीसरा कोण निकालना हो या कोणों का अनुपात दिया हो।
- उदाहरण 11: एक त्रिभुज के दो कोण 65° और 45° हैं, तो तीसरे कोण का मान ज्ञात कीजिए।
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°
तीसरा कोण = 180° - (65° + 45°)
तीसरा कोण = 180° - 110°
तीसरा कोण = 70°
- ✔ उत्तर: 70°
- उदाहरण 12: एक त्रिभुज के कोणों का अनुपात 2 : 3 : 4 है। सबसे बड़े कोण का मान ज्ञात कीजिए।
अनुपातिक योग = 2x + 3x + 4x = 9x
9x = 180°
x = 180° / 9 = 20°
सबसे बड़ा कोण = 4x = 4 × 20° = 80°
📐 बहिष्कोण = दो सम्मुख अंतः कोणों का योग (Exterior Angle = Sum of opposite interior angles) — जब किसी भुजा को बढ़ाने पर बना बाह्य कोण या उसके विपरीत अंतः कोण ज्ञात करने हों।
- उदाहरण 13: त्रिभुज ABC की भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। यदि बहिष्कोण ∠ACD = 125° और ∠A = 55° है, तो ∠B का मान ज्ञात कीजिए।
बहिष्कोण प्रमेय से: ∠ACD = ∠A + ∠B
125° = 55° + ∠B
∠B = 125° - 55°
∠B = 70°
- ✔ उत्तर: 70°
- उदाहरण 14: एक त्रिभुज का एक बहिष्कोण 110° है और इसके दो सम्मुख अंतः कोण 2 : 3 के अनुपात में हैं। इनमें से छोटे कोण का मान क्या होगा?
माना अंतः कोण 2x और 3x हैं।
2x + 3x = 110°
5x = 110°
x = 22°
छोटा कोण = 2x = 2 × 22° = 44°
📐 यदि AB = AC, तो ∠B = ∠C (समद्विबाहु नियम) — जब त्रिभुज में दो भुजाएं समान दी गई हों और उनके सम्मुख कोणों के संबंध से प्रश्न हल करना हो।
- उदाहरण 15: त्रिभुज ABC में AB = AC है। यदि शीर्ष कोण ∠A = 40° है, तो आधार कोण ∠B का मान क्या होगा?
AB = AC होने के कारण ∠B = ∠C
∠A + ∠B + ∠C = 180°
40° + 2∠B = 180°
2∠B = 140°
∠B = 70°
- ✔ उत्तर: 70°
- उदाहरण 16: त्रिभुज PQR में PQ = PR और आधार कोण ∠Q = 55° है। कोण ∠P का मान कितना होगा?
चूंकि PQ = PR, इसलिए ∠R = ∠Q = 55°
∠P + ∠Q + ∠R = 180°
∠P + 55° + 55° = 180°
∠P = 180° - 110° = 70°
परीक्षा में आने वाले प्रकार
- कोणों का अनुपात और कोण योग प्रमेय पर आधारित प्रश्न
- बहिष्कोण प्रमेय और बाह्य कोणों के संबंध
- समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध
- समबाहु त्रिभुज के अंतः कोण और गुणधर्म
- त्रिभुज की भुजाओं को दोनों दिशाओं में बढ़ाकर बने बहिष्कोण
- संयुक्त आकृति और कोण समद्विभाजक (Angle Bisector) पर आधारित प्रश्न
हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)
- प्रश्न 17 [कोणों का अनुपात और कोण योग प्रमेय पर आधारित प्रश्न]: यदि किसी त्रिभुज के कोण (2x - 5)°, (x + 15)° और (3x + 20)° हैं, तो सबसे बड़े कोण का मान क्या होगा?
तीनों कोणों का योग = 180°
(2x - 5) + (x + 15) + (3x + 20) = 180°
6x + 30 = 180°
6x = 150°
x = 25°
कोण 1 = 2(25) - 5 = 45°
कोण 2 = 25 + 15 = 40°
कोण 3 = 3(25) + 20 = 95°
- ✔ उत्तर: 95°
- प्रश्न 18 [बहिष्कोण प्रमेय और बाह्य कोणों के संबंध]: त्रिभुज ABC की भुजा BC को D तक बढ़ाया जाता है। यदि ∠ACD = 130° और ∠B = 3∠A है, तो कोण ∠A का माप क्या होगा?
बहिष्कोण प्रमेय: ∠ACD = ∠A + ∠B
130° = ∠A + 3∠A
4∠A = 130°
∠A = 130° / 4
∠A = 32.5°
- ✔ उत्तर: 32.5°
- प्रश्न 19 [समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध]: त्रिभुज ABC में AB = AC है। भुजा BC को D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि बहिष्कोण ∠ACD = 115° है। कोण ∠A का मान ज्ञात कीजिए।
∠ACB + ∠ACD = 180° (रैखिक युग्म)
∠ACB = 180° - 115° = 65°
चूंकि AB = AC, ∠B = ∠ACB = 65°
∠A = 180° - (∠B + ∠ACB)
∠A = 180° - (65° + 65°)
∠A = 180° - 130° = 50°
- ✔ उत्तर: 50°
- प्रश्न 20 [समबाहु त्रिभुज के अंतः कोण और गुणधर्म]: एक समबाहु त्रिभुज ABC में, आधार BC पर बिंदु D इस प्रकार है कि ∠BAD = 20° है। कोण ∠ADC का मान ज्ञात कीजिए।
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण = 60°
इसलिए ∠B = 60°
त्रिभुज ABD में, भुजा BD को C तक बढ़ाने पर बहिष्कोण ∠ADC बनता है।
बहिष्कोण प्रमेय: ∠ADC = ∠B + ∠BAD
∠ADC = 60° + 20°
∠ADC = 80°
- ✔ उत्तर: 80°
- प्रश्न 21 [त्रिभुज की भुजाओं को दोनों दिशाओं में बढ़ाकर बने बहिष्कोण]: त्रिभुज ABC की भुजा BC को दोनों ओर बढ़ाया गया है। यदि B और C पर बने बाह्य कोण क्रमशः 120° और 130° हैं, तो शीर्ष कोण ∠A का मान क्या होगा?
अंतः कोण ∠B = 180° - 120° = 60°
अंतः कोण ∠C = 180° - 130° = 50°
त्रिभुज ABC में: ∠A + ∠B + ∠C = 180°
∠A = 180° - (60° + 50°)
∠A = 180° - 110° = 70°
- ✔ उत्तर: 70°
- प्रश्न 22 [समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध]: त्रिभुज ABC में AB = AC और कोण ∠B का समद्विभाजक भुजा AC से D पर मिलता है। यदि BC = BD हो, तो कोण ∠A का मान क्या होगा?
माना ∠B = 2x, तो ∠C = 2x (चूंकि AB = AC)
BD कोण B का समद्विभाजक है, अतः ∠DBC = x
त्रिभुज BCD में BC = BD है, इसलिए ∠BDC = ∠C = 2x
त्रिभुज BCD में: x + 2x + 2x = 180°
5x = 180° => x = 36°
∠B = ∠C = 2 × 36° = 72°
∠A = 180° - (72° + 72°) = 36°
- ✔ उत्तर: 36°
- प्रश्न 23 [संयुक्त आकृति और कोण समद्विभाजक (Angle Bisector) पर आधारित प्रश्न]: त्रिभुज ABC में ∠B और ∠C के आंतरिक कोण समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं। यदि ∠A = 70° है, तो ∠BOC का मान क्या होगा?
सूत्र: ∠BOC = 90° + (∠A / 2)
∠A = 70°
∠A / 2 = 70° / 2 = 35°
∠BOC = 90° + 35°
∠BOC = 125°
परीक्षा में कैसे आता है
SSC CGL, CHSL और MTS में इस सब-टॉपिक से सीधे कोण ज्ञात करने वाले 1-2 प्रश्न लगभग हर शिफ्ट में पूछे जाते हैं। विशेषकर बहिष्कोण प्रमेय और अंतः/बाह्य समद्विभाजक कोण सूत्र पर बार-बार प्रश्न आते हैं।
आम गलतियाँ
- ✘ बहिष्कोण निकालते समय आसन्न अंतः कोण (Adjacent interior angle) को जोड़ देना, जबकि केवल दो सम्मुख अंतः कोणों का योग लिया जाता है।
- ✘ समद्विबाहु त्रिभुज में गलत भुजा के सामने का कोण बराबर मान लेना; हमेशा समान भुजाओं के ठीक सामने वाले सम्मुख कोण ही बराबर होते हैं।
- ✘ रैखिक युग्म (Linear pair = 180°) और बहिष्कोण सूत्र के बीच भ्रमित होना।
💡 जब कोण समद्विभाजक O पर मिलें, तो आंतरिक प्रतिच्छेद कोण = 90° + A/2 और बाह्य प्रतिच्छेद कोण = 90° - A/2 होता है; इसे सीधे याद रखें। बहिष्कोण के लिए अंतः कोण निकालने के बजाय सीधे दोनों सम्मुख कोण जोड़ें।
त्रिभुज असमिका और भुजाओं की संख्या
त्रिभुज असमिका (Triangle Inequality) के अनुसार, किसी त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योगफल हमेशा तीसरी भुजा से बड़ा होना चाहिए और उनका अंतर हमेशा तीसरी भुजा से छोटा होना चाहिए। यदि दो भुजाएँ a और b हैं, तो तीसरी भुजा c का मान हमेशा |a - b| < c < a + b के बीच रहता है। ज्यामिति में यह नियम यह सुनिश्चित करता है कि दोनों छोटी भुजाएँ मिलकर तीसरी भुजा तक पहुँच सकें और आपस में जुड़कर एक बंद आकृति बना सकें। परीक्षा में जब भुजाओं के सम्भावित मान, त्रिभुज का प्रकार (न्यूनकोण/अधिककोण), या दिए गए परिमाप से बनने वाले कुल त्रिभुजों की संख्या पूछी जाए, तब इसी अवधारणा का उपयोग होता है।
सूत्र और उनके उदाहरण
📐 तीसरी भुजा का परास (Range): |a - b| < c < a + b, तथा सम्भावित पूर्णांक मान = 2 × min(a, b) - 1 — जब किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ a और b दी गई हों और तीसरी भुजा c के सम्भावित पूर्णांक मानों की कुल संख्या या उसकी सीमा पूछी जाए।
- उदाहरण 24: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 7 सेमी और 11 सेमी हैं। तीसरी भुजा के कितने पूर्णांक मान सम्भव हैं?
तीसरी भुजा का परास = (11 - 7) < c < (11 + 7)
4 < c < 18
सम्भावित पूर्णांक मान = 5, 6, 7, ..., 17
कुल संख्या = 17 - 5 + 1 = 13
शॉर्टकट: 2 × min(7, 11) - 1 = 2 × 7 - 1 = 13
- ✔ उत्तर: 13
- उदाहरण 25: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 9 सेमी और 14 सेमी हैं। तीसरी भुजा का न्यूनतम और अधिकतम सम्भावित पूर्णांक मान क्या होगा?
तीसरी भुजा की सीमा = (14 - 9) < c < (14 + 9)
5 < c < 23
न्यूनतम सम्भावित पूर्णांक मान = 5 + 1 = 6 सेमी
अधिकतम सम्भावित पूर्णांक मान = 23 - 1 = 22 सेमी
- ✔ उत्तर: न्यूनतम = 6 सेमी, अधिकतम = 22 सेमी
📐 कोणों के प्रकार की जांच (जहाँ c सबसे लंबी भुजा है): a² + b² > c² (न्यूनकोण), a² + b² = c² (समकोण), a² + b² < c² (अधिककोण) — जब त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दी गई हों और यह पहचानना हो कि त्रिभुज न्यूनकोण (Acute), समकोण (Right) या अधिककोण (Obtuse) है।
- उदाहरण 26: एक त्रिभुज की भुजाएँ 6 सेमी, 8 सेमी और 11 सेमी हैं। यह किस प्रकार का त्रिभुज है?
सबसे बड़ी भुजा c = 11 सेमी
अन्य दो भुजाएँ a = 6 सेमी, b = 8 सेमी
a² + b² = 6² + 8² = 36 + 64 = 100
c² = 11² = 121
यहाँ a² + b² < c² (100 < 121)
अतः यह अधिककोण त्रिभुज है।
- ✔ उत्तर: अधिककोण त्रिभुज (Obtuse-angled triangle)
- उदाहरण 27: यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ 7 सेमी, 9 सेमी और 11 सेमी हैं, तो त्रिभुज की प्रकृति क्या होगी?
सबसे बड़ी भुजा c = 11 सेमी
a² + b² = 7² + 9² = 49 + 81 = 130
c² = 11² = 121
यहाँ a² + b² > c² (130 > 121)
अतः यह न्यूनकोण त्रिभुज है।
- ✔ उत्तर: न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled triangle)
📐 परिमाप P से बनने वाले कुल त्रिभुज (पूर्णांक भुजाएँ): यदि P सम है = Round(P² / 48), यदि P विषम है = Round((P + 3)² / 48) — जब केवल त्रिभुज का परिमाप दिया गया हो और पूर्णांक भुजाओं वाले कुल सम्भावित त्रिभुजों की संख्या पूछी जाए।
- उदाहरण 28: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 14 सेमी है?
यहाँ परिमाप P = 14 (सम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round(P² / 48)
14² / 48 = 196 / 48 = 4.083
निकटतम पूर्णांक (Round) = 4
- ✔ उत्तर: 4
- उदाहरण 29: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 15 सेमी है?
यहाँ परिमाप P = 15 (विषम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round((P + 3)² / 48)
(15 + 3)² / 48 = 18² / 48 = 324 / 48 = 6.75
निकटतम पूर्णांक (Round) = 7
परीक्षा में आने वाले प्रकार
- दी गई तीन भुजाओं से त्रिभुज निर्माण की सम्भावना जांचना
- दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या
- भुजाओं की लम्बाई के आधार पर त्रिभुज का प्रकार (न्यून/सम/अधिक कोण) ज्ञात करना
- न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या
- दिए गए परिमाप के साथ बनने वाले कुल पूर्णांक त्रिभुजों की संख्या
हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)
- प्रश्न 30 [दी गई तीन भुजाओं से त्रिभुज निर्माण की सम्भावना जांचना]: निम्न में से कौन-सा भुजाओं का समूह एक वास्तविक त्रिभुज बना सकता है? (A) 4 सेमी, 6 सेमी, 10 सेमी (B) 5 सेमी, 8 सेमी, 14 सेमी (C) 7 सेमी, 9 सेमी, 15 सेमी (D) 3 सेमी, 5 सेमी, 9 सेमी
त्रिभुज बनने के लिए: दो छोटी भुजाओं का योग > तीसरी भुजा
विकल्प (A): 4 + 6 = 10 (बराबर है, बड़ा नहीं) ✗
विकल्प (B): 5 + 8 = 13 < 14 ✗
विकल्प (C): 7 + 9 = 16 > 15 ✓
विकल्प (D): 3 + 5 = 8 < 9 ✗
- ✔ उत्तर: विकल्प (C) 7 सेमी, 9 सेमी, 15 सेमी
- प्रश्न 31 [दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या]: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 8 सेमी और 15 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x एक पूर्णांक है, तो x के कुल कितने मान सम्भव हैं?
नियम: |15 - 8| < x < (15 + 8)
7 < x < 23
x के मान = 8, 9, 10, ..., 22
कुल मान = 22 - 8 + 1 = 15
डायरेक्ट ट्रिक: 2 × min(8, 15) - 1 = 2 × 8 - 1 = 15
- ✔ उत्तर: 15
- प्रश्न 32 [दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या]: यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ a = 12 और b = 5 हैं, तो तीसरी भुजा c के सम्भावित मानों का परिसर (range) क्या होगा?
तीसरी भुजा c के लिए असमिका: |a - b| < c < (a + b)
|12 - 5| < c < (12 + 5)
7 < c < 17
- ✔ उत्तर: 7 < c < 17
- प्रश्न 33 [भुजाओं की लम्बाई के आधार पर त्रिभुज का प्रकार (न्यून/सम/अधिक कोण) ज्ञात करना]: एक त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ 9 सेमी, 12 सेमी और 16 सेमी हैं। बताइए यह त्रिभुज न्यूनकोण है, समकोण है या अधिककोण?
सबसे बड़ी भुजा c = 16 सेमी
दो छोटी भुजाएँ a = 9, b = 12
a² + b² = 9² + 12² = 81 + 144 = 225
c² = 16² = 256
यहाँ a² + b² < c² (225 < 256)
अतः यह अधिककोण त्रिभुज है।
- ✔ उत्तर: अधिककोण त्रिभुज
- प्रश्न 34 [न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या]: एक अधिककोण त्रिभुज (obtuse triangle) की दो भुजाएँ 8 सेमी और 15 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x सबसे बड़ी भुजा है, तो x के कितने पूर्णांक मान सम्भव हैं?
तीसरी भुजा x सबसे बड़ी भुजा है, अतः x > 15
त्रिभुज असमिका से: x < 8 + 15 ⇒ x < 23
अधिककोण होने की शर्त: x² > 8² + 15² = 64 + 225 = 289
x > √289 ⇒ x > 17
अतः 17 < x < 23
x के पूर्णांक मान = 18, 19, 20, 21, 22
कुल मान = 5
- ✔ उत्तर: 5
- प्रश्न 35 [न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या]: एक न्यूनकोण त्रिभुज (acute-angled triangle) की दो भुजाएँ 10 सेमी और 24 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x एक पूर्णांक है, तो x का न्यूनतम सम्भावित मान क्या होगा?
त्रिभुज असमिका: 24 - 10 < x < 24 + 10 ⇒ 14 < x < 34
यदि 24 सबसे बड़ी भुजा है, तो x² + 10² > 24²
x² + 100 > 576 ⇒ x² > 476
21² = 441, 22² = 484
अतः x का न्यूनतम पूर्णांक मान = 22 सेमी
- ✔ उत्तर: 22 सेमी
- प्रश्न 36 [दिए गए परिमाप के साथ बनने वाले कुल पूर्णांक त्रिभुजों की संख्या]: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 16 सेमी है?
परिमाप P = 16 (सम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round(P² / 48)
16² / 48 = 256 / 48 = 5.333
5.333 का निकटतम पूर्णांक = 5
(ये 5 त्रिभुज हैं: (2,7,7), (3,6,7), (4,5,7), (4,6,6), (5,5,6))
परीक्षा में कैसे आता है
SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL और CPO में इस टॉपिक से सीधे 1 प्रश्न अवश्य पूछा जाता है। आमतौर पर दो भुजाएँ देकर तीसरी भुजा के कुल सम्भावित मान या सबसे बड़ी भुजा के आधार पर न्यूनकोण/अधिककोण की पहचान पूछी जाती है।
आम गलतियाँ
- ✘ छात्र 'a + b ≥ c' मान लेते हैं, जबकि त्रिभुज बनने के लिए योग का तीसरी भुजा से strictly बड़ा (a + b > c) होना अनिवार्य है; बराबर होने पर सीधी रेखा बनती है।
- ✘ अधिककोण त्रिभुज में यह जांचना भूल जाते हैं कि क्या दी गई अज्ञात भुजा ही सबसे बड़ी भुजा है या पहले से ज्ञात कोई भुजा सबसे बड़ी हो सकती है।
💡 यदि दो भुजाएँ a और b दी हों, तो तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मान हमेशा '2 × min(a, b) - 1' होते हैं। पेन उठाए बिना उत्तर टिक करें। जैसे भुजाएँ 8 और 15 हैं, तो मान = 2(8) - 1 = 15 होंगे। दिए गए परिमाप P के लिए कुल सम्भावित त्रिभुजों की संख्या सीधे Round(P²/48) (सम के लिए) या Round((P+3)²/48) (विषम के लिए) से निकालें। न्यूनकोण/अधिककोण की जांच हमेशा सबसे बड़ी भुजा (c) के साथ ही करें (c² < a²+b² या c² > a²+b²)। त्रिभुज असमिका में हमेशा दोनों छोटी भुजाओं का योग सबसे बड़ी भुजा से बड़ा होना चाहिए। प
त्रिभुजों की सर्वांगसमता एवं समरूपता
जब दो आकृतियों का आकार (shape) और माप (size) दोनों बिल्कुल एक समान हों, तो उन्हें सर्वांगसम (Congruent) कहते हैं (नियम: SSS, SAS, ASA, RHS)। जब दो आकृतियों का केवल आकार एक जैसा हो लेकिन माप अलग-अलग अनुपात में हो, तो उन्हें समरूप (Similar) कहते हैं (मुख्य नियम: AA, SAS, SSS)। यदि दो त्रिभुज समरूप हों, तो उनकी संगत भुजाओं (corresponding sides), शीर्षलंबों (altitudes), माध्यिकाओं (medians) और परिमापों (perimeters) का अनुपात सदैव समान रहता है। सबसे महत्वपूर्ण नियम: दो समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं (या ऊँचाइयों/माध्यिकाओं/परिमापों) के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
सूत्र और उनके उदाहरण
📐 Area(Δ1) / Area(Δ2) = (S₁ / S₂)² = (H₁ / H₂)² = (M₁ / M₂)² = (P₁ / P₂)² — जब दो त्रिभुज समरूप दिए हों और उनकी भुजाओं, ऊँचाइयों, माध्यिकाओं या परिमाप का अनुपात देकर क्षेत्रफलों का अनुपात या कोई अज्ञात मान पूछा जाए।
- उदाहरण 37: यदि ΔABC ∼ ΔDEF है, Area(ΔABC) = 64 सेमी² और Area(ΔDEF) = 121 सेमी² है, तथा BC = 16 सेमी है, तो EF का मान ज्ञात कीजिए।
समरूप त्रिभुज के क्षेत्रफल का अनुपात = (संगत भुजाओं का अनुपात)²
Area(ΔABC) / Area(ΔDEF) = (BC / EF)²
64 / 121 = (16 / EF)²
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: 8 / 11 = 16 / EF
EF = (16 × 11) / 8
EF = 2 × 11 = 22 सेमी
- ✔ उत्तर: 22 सेमी
- उदाहरण 38: दो समरूप त्रिभुजों के शीर्षलंब (altitudes) 3 सेमी और 5 सेमी हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात = (शीर्षलंबों का अनुपात)²
Area(Δ1) / Area(Δ2) = (H₁ / H₂)²
Area(Δ1) / Area(Δ2) = (3 / 5)² = 9 / 25
अतः क्षेत्रफलों का अनुपात 9 : 25 है।
📐 P₁ / P₂ = S₁ / S₂ = H₁ / H₂ = M₁ / M₂ — जब दो समरूप त्रिभुजों के परिमाप और संगत भुजाओं या शीर्षलंबों के बीच संबंध ज्ञात करना हो।
- उदाहरण 39: दो समरूप त्रिभुजों ΔABC और ΔPQR के परिमाप क्रमशः 36 सेमी और 24 सेमी हैं। यदि PQ = 10 सेमी है, तो AB की लंबाई क्या होगी?
समरूप त्रिभुजों के परिमापों का अनुपात = संगत भुजाओं का अनुपात
Perimeter(ΔABC) / Perimeter(ΔPQR) = AB / PQ
36 / 24 = AB / 10
3 / 2 = AB / 10
AB = (3 × 10) / 2 = 15 सेमी
- ✔ उत्तर: 15 सेमी
- उदाहरण 40: ΔABC ∼ ΔDEF है। ΔABC का परिमाप 40 सेमी तथा ΔDEF का परिमाप 30 सेमी है। यदि ΔABC की एक माध्यिका 12 सेमी है, तो ΔDEF की संगत माध्यिका क्या होगी?
P₁ / P₂ = M₁ / M₂
40 / 30 = 12 / M₂
4 / 3 = 12 / M₂
M₂ = (12 × 3) / 4 = 9 सेमी
परीक्षा में आने वाले प्रकार
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना
- परिमाप और संगत भुजाओं पर आधारित प्रश्न
- त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज
- समलंब चतुर्भुज (Trapezium) में विकर्णों द्वारा बने समरूप त्रिभुज
- सर्वांगसमता की कसौटियों (Congruence Criteria) पर आधारित प्रश्न
हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)
- प्रश्न 41 [समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना]: दो समरूप त्रिभुजों ΔABC और ΔPQR के क्षेत्रफल क्रमशः 144 सेमी² और 49 सेमी² हैं। यदि ΔABC की सबसे बड़ी भुजा 36 सेमी है, तो ΔPQR की सबसे बड़ी भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हम जानते हैं: Area(ΔABC) / Area(ΔPQR) = (Side₁ / Side₂)²
144 / 49 = (36 / Side₂)²
दोनों तरफ वर्गमूल लेने पर: 12 / 7 = 36 / Side₂
Side₂ = (36 × 7) / 12
Side₂ = 3 × 7 = 21 सेमी
- ✔ उत्तर: 21 सेमी
- प्रश्न 42 [समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना]: ΔABC ∼ ΔXYZ है। यदि BC : YZ = 4 : 7 है, तो त्रिभुज ABC और त्रिभुज XYZ के क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्ग के अनुपात के बराबर होता है।
Area(ΔABC) / Area(ΔXYZ) = (BC / YZ)²
Area(ΔABC) / Area(ΔXYZ) = (4 / 7)² = 16 / 49
अतः अनुपात = 16 : 49
- ✔ उत्तर: 16 : 49
- प्रश्न 43 [परिमाप और संगत भुजाओं पर आधारित प्रश्न]: ΔABC ∼ ΔDEF है। ΔABC और ΔDEF के क्षेत्रफल क्रमशः 100 सेमी² और 49 सेमी² हैं। यदि ΔABC का परिमाप 35 सेमी है, तो ΔDEF का परिमाप ज्ञात कीजिए।
क्षेत्रफलों का अनुपात परिमापों के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है:
Area(ΔABC) / Area(ΔDEF) = (Perimeter₁ / Perimeter₂)²
100 / 49 = (35 / P₂)²
वर्गमूल लेने पर: 10 / 7 = 35 / P₂
P₂ = (35 × 7) / 10
P₂ = 245 / 10 = 24.5 सेमी
- ✔ उत्तर: 24.5 सेमी
- प्रश्न 44 [त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: ΔABC में, DE || BC है, जहाँ D, AB पर और E, AC पर स्थित है। यदि AD : DB = 2 : 3 है, तो Area(ΔADE) : Area(समलंब चतुर्भुज DECB) का अनुपात ज्ञात कीजिए।
AD / DB = 2 / 3, इसलिए AB = AD + DB = 2 + 3 = 5 इकाई
चूँकि DE || BC, अतः ΔADE ∼ ΔABC (AA समरूपता से)
Area(ΔADE) / Area(ΔABC) = (AD / AB)² = (2 / 5)² = 4 / 25
मान लें Area(ΔABC) = 25 इकाई, तो Area(ΔADE) = 4 इकाई
Area(DECB) = Area(ΔABC) - Area(ΔADE) = 25 - 4 = 21 इकाई
Area(ΔADE) : Area(DECB) = 4 : 21
- ✔ उत्तर: 4 : 21
- प्रश्न 45 [समलंब चतुर्भुज (Trapezium) में विकर्णों द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: एक समलंब चतुर्भुज ABCD में, AB || CD है और इसके विकर्ण बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि AB = 3 × CD है, तो ΔAOB और ΔCOD के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
AB || CD होने के कारण, एकांतर कोण समान होंगे: ∠OAB = ∠OCD और ∠OBA = ∠ODC
अतः AA समरूपता से: ΔAOB ∼ ΔCOD
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात = (संगत भुजाओं का अनुपात)²
Area(ΔAOB) / Area(ΔCOD) = (AB / CD)²
दिया है AB = 3CD, अतः AB / CD = 3 / 1
Area(ΔAOB) / Area(ΔCOD) = (3 / 1)² = 9 / 1
- ✔ उत्तर: 9 : 1
- प्रश्न 46 [त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: ΔABC में, रेखा खंड XY भुजा AC के समांतर है और यह त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में विभाजित करता है। अनुपात AX / AB का मान क्या होगा, जहाँ X बिंदु AB पर स्थित है?
दिया है: Area(ΔBXY) = (1/2) × Area(ΔBAC)
चूँकि XY || AC, अतः ΔBXY ∼ ΔBAC
Area(ΔBXY) / Area(ΔBAC) = (BX / AB)² = 1 / 2
BX / AB = 1 / √2
AX = AB - BX
AX / AB = 1 - (BX / AB) = 1 - (1 / √2) = (√2 - 1) / √2
- ✔ उत्तर: (√2 - 1) / √2
- प्रश्न 47 [सर्वांगसमता की कसौटियों (Congruence Criteria) पर आधारित प्रश्न]: यदि ΔABC ≅ ΔPQR है, जिसमें ∠A = 60° और ∠B = 70° है, तो ∠R का मान क्या होगा?
ΔABC में, तीनों कोणों का योग = 180°
∠C = 180° - (60° + 70°) = 180° - 130° = 50°
चूँकि ΔABC ≅ ΔPQR (सर्वांगसम त्रिभुज के संगत कोण बराबर होते हैं - CPCT)
संगत कोण: ∠A = ∠P, ∠B = ∠Q, ∠C = ∠R
अतः ∠R = ∠C = 50°
परीक्षा में कैसे आता है
SSC CGL, CHSL और CPO की हर शिफ्ट में समरूपता के क्षेत्रफल अनुपात प्रमेय [Area₁/Area₂ = (S₁/S₂)²] पर 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।
आम गलतियाँ
- ✘ क्षेत्रफल का अनुपात निकालते समय भुजाओं का वर्ग (square) करना भूल जाना और केवल भुजाओं का अनुपात लिख देना।
- ✘ समरूप त्रिभुजों के नामकरण के क्रम (order of vertices) पर ध्यान न देना, जिससे गलत संगत भुजाओं का अनुपात बन जाता है।
💡 अगर क्षेत्रफल का अनुपात दिया हो, तो भुजा या परिमाप निकालने के लिए तुरंत वर्गमूल (Square Root) निकालें; यदि भुजा/परिमाप दिया हो, तो क्षेत्रफल के लिए सीधे वर्ग (Square) करें। जैसे: Area अनुपात 49:81 है तो भुजा अनुपात सीधा √49:√81 = 7:9 होगा। (समय की बचत!)
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय और कोण समद्विभाजक प्रमेय
आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के समांतर कोई रेखा खींची जाए, तो वह अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में विभाजित करती है। कोण समद्विभाजक प्रमेय (Angle Bisector Theorem) यह बताता है कि त्रिभुज के किसी कोण का समद्विभाजक, सामने वाली भुजा को शेष दो भुजाओं के अनुपात में बाँटता है। ये दोनों प्रमेय त्रिभुज की भुजाओं के बीच संबंध स्थापित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। परीक्षा में अक्सर अज्ञात भुजा की लंबाई ज्ञात करने के लिए इनका उपयोग होता है।
सूत्र और उनके उदाहरण
📐 AD/DB = AE/EC (यदि DE || BC) — जब त्रिभुज की एक भुजा के समांतर रेखा दी गई हो और भुजाओं के खंडों का अनुपात निकालना हो।
- उदाहरण 48: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD = 2, DB = 3 और AE = 4 है, तो EC ज्ञात करें।
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
2/3 = 4/EC
2 × EC = 12
EC = 6
- ✔ उत्तर: 6
- उदाहरण 49: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD/AB = 1/3 और AC = 15 है, तो AE ज्ञात करें।
BPT के अनुसार: AD/AB = AE/AC
1/3 = AE/15
3 × AE = 15
AE = 5
📐 AB/AC = BD/DC (आंतरिक कोण समद्विभाजक) — जब त्रिभुज के किसी आंतरिक कोण का समद्विभाजक सामने वाली भुजा को विभाजित करता हो।
- उदाहरण 50: त्रिभुज ABC में, AD कोण A का समद्विभाजक है। यदि AB = 6, AC = 8 और BD = 3 है, तो DC ज्ञात करें।
प्रमेय से: AB/AC = BD/DC
6/8 = 3/DC
3/4 = 3/DC
DC = 4
- ✔ उत्तर: 4
- उदाहरण 51: त्रिभुज ABC में, AB = 5, AC = 7 और BC = 6 है। यदि AD कोण A का समद्विभाजक है, तो BD ज्ञात करें।
BD/DC = AB/AC = 5/7
BD = [5/(5+7)] × BC
BD = (5/12) × 6
BD = 2.5
📐 AD = √(AB × AC - BD × DC) — जब त्रिभुज की भुजाओं और खंडों की लंबाई दी गई हो और कोण समद्विभाजक (AD) की लंबाई निकालनी हो।
- उदाहरण 52: त्रिभुज ABC में, AB = 8, AC = 6 और BC = 7 है। यदि AD कोण A का समद्विभाजक है, तो AD की लंबाई क्या है?
BD/DC = 8/6 = 4/3
BD = 4, DC = 3 (चूंकि BC = 7)
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 8 × 6 - 4 × 3 = 36
AD = 6
- ✔ उत्तर: 6
- उदाहरण 53: त्रिभुज ABC में, AB = 5, AC = 4 और BD = 2.5, DC = 2 है। AD की लंबाई ज्ञात करें।
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 5 × 4 - 2.5 × 2
AD² = 20 - 5 = 15
AD = √15
परीक्षा में आने वाले प्रकार
- BPT: अज्ञात खंड की लंबाई ज्ञात करना
- BPT: समीकरण (x) आधारित प्रश्न
- आंतरिक कोण समद्विभाजक: खंडों की लंबाई
- आंतरिक कोण समद्विभाजक: भुजाओं का अनुपात
- बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय
- BPT: पूरी भुजा के साथ अनुपात
- कोण समद्विभाजक की लंबाई (Length of Bisector)
हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)
- प्रश्न 54 [BPT: अज्ञात खंड की लंबाई ज्ञात करना]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है, जहाँ D, AB पर और E, AC पर स्थित है। यदि AD = 3 सेमी, DB = 5 सेमी और AE = 6 सेमी है, तो EC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
3/5 = 6/EC
3 × EC = 30
EC = 10 सेमी
- ✔ उत्तर: 10 सेमी
- प्रश्न 55 [BPT: समीकरण (x) आधारित प्रश्न]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD = x, DB = x-2, AE = x+2 और EC = x-1 है, तो x का मान क्या होगा?
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
x/(x-2) = (x+2)/(x-1)
x(x-1) = (x-2)(x+2)
x² - x = x² - 4
x = 4
- ✔ उत्तर: 4
- प्रश्न 56 [आंतरिक कोण समद्विभाजक: खंडों की लंबाई]: त्रिभुज ABC में, AD कोण A का आंतरिक समद्विभाजक है। यदि AB = 10 सेमी, AC = 14 सेमी और BC = 6 सेमी है, तो BD की लंबाई ज्ञात करें।
प्रमेय से: AB/AC = BD/DC
10/14 = BD/(6 - BD)
5/7 = BD/(6 - BD)
30 - 5BD = 7BD
12BD = 30
BD = 2.5 सेमी
- ✔ उत्तर: 2.5 सेमी
- प्रश्न 57 [आंतरिक कोण समद्विभाजक: भुजाओं का अनुपात]: त्रिभुज ABC में, AD कोण A को समद्विभाजित करता है। यदि AB = 9 सेमी, BD = 3 सेमी और DC = 4 सेमी है, तो AC की लंबाई क्या होगी?
प्रमेय: AB/AC = BD/DC
9/AC = 3/4
3 × AC = 36
AC = 12 सेमी
- ✔ उत्तर: 12 सेमी
- प्रश्न 58 [बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय]: त्रिभुज ABC में, AB = 12 सेमी, AC = 8 सेमी और BC = 5 सेमी है। कोण A का बाह्य समद्विभाजक बढ़ाई गई भुजा BC को D पर मिलता है। CD की लंबाई ज्ञात करें।
बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय: AB/AC = BD/CD
12/8 = (5 + CD)/CD
3/2 = (5 + CD)/CD
3CD = 10 + 2CD
CD = 10 सेमी
- ✔ उत्तर: 10 सेमी
- प्रश्न 59 [BPT: पूरी भुजा के साथ अनुपात]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD/AB = 2/5 और AE = 6 सेमी है, तो AC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
BPT के उप-प्रमेय से: AD/AB = AE/AC
2/5 = 6/AC
2 × AC = 30
AC = 15 सेमी
- ✔ उत्तर: 15 सेमी
- प्रश्न 60 [कोण समद्विभाजक की लंबाई (Length of Bisector)]: त्रिभुज ABC में, AB = 8 सेमी, AC = 6 सेमी और BC = 7 सेमी है। यदि AD, कोण A का आंतरिक समद्विभाजक है, तो AD की लंबाई क्या है?
BD/DC = 8/6 = 4/3
BD = 4 सेमी, DC = 3 सेमी (चूंकि BC=7)
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 8 × 6 - 4 × 3 = 36
AD = 6 सेमी
परीक्षा में कैसे आता है
SSC CGL, CHSL और MTS परीक्षाओं में इस उप-विषय से हर साल कम से कम 1-2 प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से 'आंतरिक कोण समद्विभाजक प्रमेय' सबसे अधिक बार पूछा जाने वाला पैटर्न है।
आम गलतियाँ
- ✘ BPT लगाते समय AD/DB और AD/AB के बीच भ्रमित होना।
- ✘ कोण समद्विभाजक प्रमेय में भुजाओं के अनुपात को गलत शीर्ष (vertex) से जोड़ना।
- ✘ बाह्य कोण समद्विभाजक में BD की जगह केवल बाहरी खंड की लंबाई लेना।
💡 कोण समद्विभाजक प्रमेय के लिए याद रखें: 'Side 1 / Side 2 = Segment 1 / Segment 2', जहाँ प्रत्येक खंड अपनी संगत भुजा के बगल में होता है।
सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)
- समांतर रेखाओं को तिर्यक रेखा द्वारा काटने पर संगत कोण और एकांतर कोण बराबर होते हैं।
- तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतःकोणों का योग 180° होता है।
- त्रिभुज के तीनों अंतःकोणों का योग 180° होता है (Angle Sum Property)।
- त्रिभुज का बाह्य कोण उसके दोनों सुदूर अंतःकोणों के योग के बराबर होता है (Exterior Angle Theorem)।
- किसी त्रिभुज में किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से बड़ा तथा अंतर तीसरी भुजा से छोटा होता है।
- बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं (समद्विबाहु त्रिभुज गुण)।
- समानुपतिकता प्रमेय (BPT/Thales Theorem): यदि DE || BC, तो AD/DB = AE/EC।
- कोण द्विभाजक प्रमेय (Angle Bisector Theorem): यदि AD, ∠A का कोण द्विभाजक है, तो BD/DC = AB/AC।
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. दो समांतर रेखाओं AB और CD को एक तिर्यक रेखा EF क्रमशः P और Q पर काटती है। यदि तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अंतःकोण ∠APQ = 3x + 20° और ∠PQD = 2x + 10° हैं, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
- (क) 25°
- (ख) 30°
- (ग) 35°
- (घ) 40°
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 30°
तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अंतःकोणों का योग 180° होता है। (3x + 20°) + (2x + 10°) = 180° => 5x + 30° = 180° => 5x = 150° => x = 30°।
2. त्रिभुज ABC में, भुजा BC को D तक बढ़ाया जाता है। यदि बाह्य कोण ∠ACD = 115° और सम्मुख अंतः कोण ∠B = 45° है, तो ∠A का मान ज्ञात कीजिए।
- (क) 60°
- (ख) 65°
- (ग) 70°
- (घ) 75°
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 70°
बाह्य कोण प्रमेय से: ∠ACD = ∠A + ∠B => 115° = ∠A + 45° => ∠A = 70°।
3. पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज बनाए जा सकते हैं जिनकी दो भुजाएँ 5 सेमी और 9 सेमी हैं?
- (क) 7
- (ख) 8
- (ग) 9
- (घ) 10
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 9
तीसरी भुजा x के लिए: (9 - 5) < x < (9 + 5) => 4 < x < 14। सम्भावित पूर्णांक मान = 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 (कुल 9 मान)।
4. ΔABC में, AD कोण ∠A का आंतरिक द्विभाजक है जो BC से D पर मिलता है। यदि AB = 8 सेमी, AC = 12 सेमी और BC = 10 सेमी है, तो BD की लंबाई ज्ञात कीजिए।
- (क) 4 सेमी
- (ख) 5 सेमी
- (ग) 6 सेमी
- (घ) 3 सेमी
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 4 सेमी
कोण द्विभाजक प्रमेय से: BD/DC = AB/AC = 8/12 = 2/3। इसलिए BD = (2 / 5) * 10 = 4 सेमी।
5. ΔABC में, DE || BC है जहाँ D, AB पर और E, AC पर स्थित है। यदि AD = x, DB = x - 2, AE = x + 2 और EC = x - 1 है, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
- (क) 3
- (ख) 4
- (ग) 5
- (घ) 6
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 4
BPT से: AD/DB = AE/EC => x/(x - 2) = (x + 2)/(x - 1) => x(x - 1) = (x - 2)(x + 2) => x² - x = x² - 4 => x = 4।
6. दो त्रिभुज ΔABC और ΔDEF इस प्रकार समरूप हैं कि क्षेत्रफल(ΔABC) = 64 सेमी² और क्षेत्रफल(ΔDEF) = 121 सेमी² है। यदि ΔABC की सबसे बड़ी भुजा 16 सेमी है, तो ΔDEF की सबसे बड़ी भुजा ज्ञात कीजिए।
- (क) 20 सेमी
- (ख) 22 सेमी
- (ग) 24 सेमी
- (घ) 26 सेमी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 22 सेमी
क्षेत्रफलों का अनुपात = भुजाओं के वर्गों का अनुपात => 64/121 = (16/x)² => 8/11 = 16/x => x = 22 सेमी।
7. ΔABC में, AB = AC है। भुजा BC को D तक इस प्रकार बढ़ाया जाता है कि CD = AC हो। यदि ∠A = 40° है, तो ∠BAD का मान ज्ञात कीजिए।
- (क) 65°
- (ख) 70°
- (ग) 75°
- (घ) 80°
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 75°
1) ΔABC में: ∠B = ∠ACB = (180° - 40°)/2 = 70°। 2) ∠ACD (बाह्य कोण) = 180° - 70° = 110°। 3) ΔACD में (AC = CD): ∠CAD = (180° - 110°)/2 = 35°। 4) ∠BAD = ∠BAC + ∠CAD = 40° + 35° = 75°।
8. ΔABC में, DE || BC इस प्रकार है कि रेखा खंड DE, ΔABC को समान क्षेत्रफल वाले दो भागों में विभाजित करता है। अनुपात AD : DB ज्ञात कीजिए।
- (क) 1 : (√2 - 1)
- (ख) 1 : √2
- (ग) √2 : 1
- (घ) 1 : 2
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 1 : (√2 - 1)
Area(ΔADE)/Area(ΔABC) = 1/2 => (AD/AB)² = 1/2 => AD/AB = 1/√2 => AB/AD = √2 => (AD + DB)/AD = √2 => 1 + DB/AD = √2 => DB/AD = √2 - 1 => AD/DB = 1/(√2 - 1)।
9. ΔABC में, AD कोण ∠A का समद्विभाजक है जो BC से D पर मिलता है। ΔABC का परिमाप 30 सेमी है। यदि BD = 4 सेमी और CD = 6 सेमी है, तो भुजा AB की लंबाई ज्ञात कीजिए।
- (क) 6 सेमी
- (ख) 8 सेमी
- (ग) 10 सेमी
- (घ) 12 सेमी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 8 सेमी
BC = 4 + 6 = 10 सेमी। परिमाप = AB + AC + 10 = 30 => AB + AC = 20 सेमी। कोण द्विभाजक प्रमेय से: AB/AC = BD/CD = 4/6 = 2/3। AB = (2/5) * 20 = 8 सेमी।
10. ΔABC में, D भुजा AB पर एक बिंदु इस प्रकार है कि AD : DB = 2 : 3 है, और E भुजा AC पर एक बिंदु इस प्रकार है कि DE || BC है। D से होकर जाती हुई BE के समांतर एक रेखा AC को F पर मिलती है। यदि AC = 20 सेमी है, तो AF की लंबाई ज्ञात कीजिए।
- (क) 3.2 सेमी
- (ख) 4.8 सेमी
- (ग) 5.0 सेमी
- (घ) 6.4 सेमी
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 3.2 सेमी
1) ΔABC में DE || BC => AE/AC = AD/AB = 2/5 => AE = (2/5) * 20 = 8 सेमी। 2) ΔABE में DF || BE => AF/AE = AD/AB = 2/5 => AF = (2/5) * 8 = 3.2 सेमी।
English version — Geometry: Lines, Angles, and Triangles
This chapter is crucial for both SSC Tier-1 and Tier-2 exams, with 3 to 5 questions asked every year. A strong grasp of basic theorems and properties makes this section highly scoring and time-efficient.
Angles with Parallel Lines and a Transversal
When two parallel lines are intersected by a transversal line, 8 angles are formed with specific geometric properties. Corresponding angles ('F' shape) and alternate angles ('Z' shape) are equal to each other. Consecutive interior angles on the same side of the transversal ('C' or 'U' shape) are supplementary (sum = 180°). In SSC exams, whenever parallel lines or zig-zag/arrowhead figures are given, these angle-pair properties are used to solve for unknown angles.
Formulas with examples
📐 एकांतर कोण नियम (Alternate Angles): ∠1 = ∠2 (Z-आकार) तथा संगत कोण नियम (Corresponding Angles): ∠3 = ∠4 (F-आकार) — Use when finding unknown variables using equal alternate ('Z' shape) or corresponding ('F' shape) angles.
- Example 1: यदि रेखा AB || CD है और एक तिर्यक रेखा इन्हें काटती है, जिससे दो एकांतर अंतः कोण (3x - 10)° और (2x + 15)° बनते हैं, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
एकांतर अंतः कोण आपस में बराबर होते हैं।
3x - 10 = 2x + 15
3x - 2x = 15 + 10
x = 25°
- ✔ Answer: 25°
- Example 2: दो समानांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। यदि संगत कोणों का एक युग्म (4x + 20)° और (6x - 10)° है, तो उस कोण का मान क्या होगा?
संगत कोण आपस में बराबर होते हैं।
4x + 20 = 6x - 10
6x - 4x = 20 + 10
2x = 30
x = 15°
कोण का मान = 4(15) + 20 = 60 + 20 = 80°
📐 क्रमागत अंतः कोण नियम (Co-interior Angles): θ₁ + θ₂ = 180° (C-आकार) — Use when angles lie on the same side of the transversal inside two parallel lines.
- Example 3: दी गई समानांतर रेखाओं में तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने दो अंतः कोणों का अनुपात 2 : 3 है। बड़े कोण का मान ज्ञात कीजिए।
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180°
माना कोण 2k और 3k हैं।
2k + 3k = 180°
5k = 180°
k = 36°
बड़ा कोण = 3k = 3 × 36° = 108°
- ✔ Answer: 108°
- Example 4: यदि AB || CD और एक तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (2x + 15)° और (3x + 40)° हैं, तो x का मान क्या है?
एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180° होता है।
(2x + 15) + (3x + 40) = 180
5x + 55 = 180
5x = 180 - 55 = 125
x = 125 / 5 = 25°
Question types asked
- संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न
- तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (Co-interior Angles)
- जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण
- समानांतर रेखाओं के बीच कोण समद्विभाजक (Angle Bisectors)
- अज्ञात कोणों के लिए सहायक समानांतर रेखा खींचना
Solved questions (every type)
- Q 5 [संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न]: दी गई आकृति में रेखाएं l और m समानांतर हैं। यदि तिर्यक रेखा द्वारा बना एक बाह्य कोण 115° है, तो उसके एकांतर बाह्य कोण का मान क्या होगा?
समानांतर रेखाओं में एकांतर बाह्य कोण (Alternate exterior angles) समान होते हैं।
अतः एकांतर बाह्य कोण = 115°
- ✔ Answer: 115°
- Q 6 [तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण (Co-interior Angles)]: दो समानांतर रेखाओं PQ और RS को एक तिर्यक रेखा क्रमशः बिंदु A और B पर काटती है। यदि ∠PAB = (5x - 20)° और ∠RBA = (3x + 40)° तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण हैं, तो ∠PAB का मान ज्ञात कीजिए।
एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
(5x - 20) + (3x + 40) = 180°
8x + 20 = 180°
8x = 160°
x = 20°
∠PAB = 5(20) - 20 = 100 - 20 = 80°
- ✔ Answer: 80°
- Q 7 [जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण]: यदि AB || CD है, बिंदु E इन रेखाओं के मध्य स्थित है। यदि ∠ABE = 35° और ∠CDE = 65° है (जहाँ E की चोंच बाईं ओर मुड़ती है), तो कोण ∠BED का मान ज्ञात कीजिए।
बिंदु E से होकर जाने वाली एक सहायक रेखा EF खींचें जो AB || CD हो।
∠FEB = एकांतर कोण ∠ABE = 35°
∠FED = एकांतर कोण ∠CDE = 65°
∠BED = ∠FEB + ∠FED
∠BED = 35° + 65° = 100°
- ✔ Answer: 100°
- Q 8 [जिग-जैग या 'V' आकार (Arrowhead) वाले कोण]: दी गई आकृति में AB || CD है। यदि ∠BAE = 110° और ∠ECD = 120° है, जहाँ बिंदु E दोनों रेखाओं के बीच में स्थित है, तो प्रतिवर्ती कोण (Reflex angle) ∠AEC नहीं बल्कि आंतरिक कोण ∠AEC का मान ज्ञात कीजिए।
बिंदु E से रेखा EF || AB || CD खींचें।
AB || EF के लिए अंतः कोणों का योग: ∠A + ∠AEF = 180°
∠AEF = 180° - 110° = 70°
CD || EF के लिए अंतः कोणों का योग: ∠C + ∠CEF = 180°
∠CEF = 180° - 120° = 60°
∠AEC = ∠AEF + ∠CEF = 70° + 60° = 130°
- ✔ Answer: 130°
- Q 9 [समानांतर रेखाओं के बीच कोण समद्विभाजक (Angle Bisectors)]: दो समानांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है। तिर्यक रेखा के एक ही ओर स्थित दोनों अंतः कोणों के समद्विभाजक (Angle bisectors) एक-दूसरे को बिंदु P पर काटते हैं। कोण P का मान क्या होगा?
माना अंतः कोण 2x और 2y हैं।
तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग = 180°
2x + 2y = 180°
x + y = 90°
समद्विभाजकों से बने त्रिभुज में तीनों कोणों का योग = 180°
∠P + x + y = 180°
∠P + 90° = 180°
∠P = 90°
- ✔ Answer: 90°
- Q 10 [संगत और एकांतर कोणों पर आधारित सीधे प्रश्न]: दी गई आकृति में, AB || CD और CD || EF है। यदि y : z = 3 : 7 है और x तथा y तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण हैं, तो x का मान क्या होगा?
चूँकि AB || CD || EF है, इसलिए एकांतर अंतः कोण नियम से x = z होगा।
तिर्यक रेखा पर x और y अंतः कोण हैं, अतः x + y = 180°
चूँकि x = z, इसलिए z + y = 180°
y : z = 3 : 7 दिया है, माना y = 3k और z = 7k
3k + 7k = 180° ⇒ 10k = 180° ⇒ k = 18°
x = z = 7k = 7 × 18° = 126°
How it is asked
Asked as 1-2 direct geometry questions in SSC CGL, CHSL, and MTS. Pattern mainly covers arrowhead (zig-zag) figures, transversal interior angle pairs, and angle bisectors forming right angles.
Common mistakes
- ✘ तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोणों को बराबर मान लेना, जबकि उनका योग 180° (संपूरक) होता है।
- ✘ जिग-जैग प्रश्नों में बाहरी (Reflex) और आंतरिक कोण में अंतर न कर पाना और गलत कोण निकाल देना।
- ✘ यह न पहचानना कि संगत कोण (F-shape) कब बन रहे हैं और एकांतर कोण (Z-shape) कब।
💡 जिग-जैग/V-आकार वाली आकृति में, 'बाईं ओर मुड़ने वाले सभी कोणों का योग = दाईं ओर मुड़ने वाले सभी कोणों का योग' (Left Sum = Right Sum) का सीधा प्रयोग करें। इससे बिना सहायक रेखा खींचे उत्तर 5 सेकंड में आ जाता है। उदाहरण: यदि कोण अंदर की ओर नुकीले हों तो ∠E = ∠B + ∠D। अथवा कोने वाले बिंदु से दोनों रेखाओं के समानांतर एक छोटी काल्पनिक रेखा खींच लें। रेखा के एक ही तरफ के आंतरिक कोणों के समद्विभाजक हमेशा 90° पर मिलते हैं, इसे सीधे याद रखें। परीक्षार्थी अक्सर संगत कोण और एकांतर कोण में भ्रमित होते हैं, इस
Triangle Angle Sum, Exterior Angle Theorem, Isosceles and Equilateral Facts
The sum of all three interior angles of a triangle is always 180 degrees. An exterior angle of a triangle is equal to the sum of its two opposite interior angles. In an isosceles triangle, angles opposite to equal sides are equal to each other. An equilateral triangle has all three sides equal and each interior angle measures exactly 60 degrees.
Formulas with examples
📐 ∠A + ∠B + ∠C = 180° — When two angles of a triangle are given and the third is required, or when the ratio of angles is given.
- Example 11: एक त्रिभुज के दो कोण 65° और 45° हैं, तो तीसरे कोण का मान ज्ञात कीजिए।
त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°
तीसरा कोण = 180° - (65° + 45°)
तीसरा कोण = 180° - 110°
तीसरा कोण = 70°
- ✔ Answer: 70°
- Example 12: एक त्रिभुज के कोणों का अनुपात 2 : 3 : 4 है। सबसे बड़े कोण का मान ज्ञात कीजिए।
अनुपातिक योग = 2x + 3x + 4x = 9x
9x = 180°
x = 180° / 9 = 20°
सबसे बड़ा कोण = 4x = 4 × 20° = 80°
📐 बहिष्कोण = दो सम्मुख अंतः कोणों का योग (Exterior Angle = Sum of opposite interior angles) — When an exterior angle formed by extending a side or its opposite interior angles need to be found.
- Example 13: त्रिभुज ABC की भुजा BC को D तक बढ़ाया गया है। यदि बहिष्कोण ∠ACD = 125° और ∠A = 55° है, तो ∠B का मान ज्ञात कीजिए।
बहिष्कोण प्रमेय से: ∠ACD = ∠A + ∠B
125° = 55° + ∠B
∠B = 125° - 55°
∠B = 70°
- ✔ Answer: 70°
- Example 14: एक त्रिभुज का एक बहिष्कोण 110° है और इसके दो सम्मुख अंतः कोण 2 : 3 के अनुपात में हैं। इनमें से छोटे कोण का मान क्या होगा?
माना अंतः कोण 2x और 3x हैं।
2x + 3x = 110°
5x = 110°
x = 22°
छोटा कोण = 2x = 2 × 22° = 44°
📐 यदि AB = AC, तो ∠B = ∠C (समद्विबाहु नियम) — When two sides of a triangle are equal and opposite angle relations are used.
- Example 15: त्रिभुज ABC में AB = AC है। यदि शीर्ष कोण ∠A = 40° है, तो आधार कोण ∠B का मान क्या होगा?
AB = AC होने के कारण ∠B = ∠C
∠A + ∠B + ∠C = 180°
40° + 2∠B = 180°
2∠B = 140°
∠B = 70°
- ✔ Answer: 70°
- Example 16: त्रिभुज PQR में PQ = PR और आधार कोण ∠Q = 55° है। कोण ∠P का मान कितना होगा?
चूंकि PQ = PR, इसलिए ∠R = ∠Q = 55°
∠P + ∠Q + ∠R = 180°
∠P + 55° + 55° = 180°
∠P = 180° - 110° = 70°
Question types asked
- कोणों का अनुपात और कोण योग प्रमेय पर आधारित प्रश्न
- बहिष्कोण प्रमेय और बाह्य कोणों के संबंध
- समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध
- समबाहु त्रिभुज के अंतः कोण और गुणधर्म
- त्रिभुज की भुजाओं को दोनों दिशाओं में बढ़ाकर बने बहिष्कोण
- संयुक्त आकृति और कोण समद्विभाजक (Angle Bisector) पर आधारित प्रश्न
Solved questions (every type)
- Q 17 [कोणों का अनुपात और कोण योग प्रमेय पर आधारित प्रश्न]: यदि किसी त्रिभुज के कोण (2x - 5)°, (x + 15)° और (3x + 20)° हैं, तो सबसे बड़े कोण का मान क्या होगा?
तीनों कोणों का योग = 180°
(2x - 5) + (x + 15) + (3x + 20) = 180°
6x + 30 = 180°
6x = 150°
x = 25°
कोण 1 = 2(25) - 5 = 45°
कोण 2 = 25 + 15 = 40°
कोण 3 = 3(25) + 20 = 95°
- ✔ Answer: 95°
- Q 18 [बहिष्कोण प्रमेय और बाह्य कोणों के संबंध]: त्रिभुज ABC की भुजा BC को D तक बढ़ाया जाता है। यदि ∠ACD = 130° और ∠B = 3∠A है, तो कोण ∠A का माप क्या होगा?
बहिष्कोण प्रमेय: ∠ACD = ∠A + ∠B
130° = ∠A + 3∠A
4∠A = 130°
∠A = 130° / 4
∠A = 32.5°
- ✔ Answer: 32.5°
- Q 19 [समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध]: त्रिभुज ABC में AB = AC है। भुजा BC को D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि बहिष्कोण ∠ACD = 115° है। कोण ∠A का मान ज्ञात कीजिए।
∠ACB + ∠ACD = 180° (रैखिक युग्म)
∠ACB = 180° - 115° = 65°
चूंकि AB = AC, ∠B = ∠ACB = 65°
∠A = 180° - (∠B + ∠ACB)
∠A = 180° - (65° + 65°)
∠A = 180° - 130° = 50°
- ✔ Answer: 50°
- Q 20 [समबाहु त्रिभुज के अंतः कोण और गुणधर्म]: एक समबाहु त्रिभुज ABC में, आधार BC पर बिंदु D इस प्रकार है कि ∠BAD = 20° है। कोण ∠ADC का मान ज्ञात कीजिए।
समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण = 60°
इसलिए ∠B = 60°
त्रिभुज ABD में, भुजा BD को C तक बढ़ाने पर बहिष्कोण ∠ADC बनता है।
बहिष्कोण प्रमेय: ∠ADC = ∠B + ∠BAD
∠ADC = 60° + 20°
∠ADC = 80°
- ✔ Answer: 80°
- Q 21 [त्रिभुज की भुजाओं को दोनों दिशाओं में बढ़ाकर बने बहिष्कोण]: त्रिभुज ABC की भुजा BC को दोनों ओर बढ़ाया गया है। यदि B और C पर बने बाह्य कोण क्रमशः 120° और 130° हैं, तो शीर्ष कोण ∠A का मान क्या होगा?
अंतः कोण ∠B = 180° - 120° = 60°
अंतः कोण ∠C = 180° - 130° = 50°
त्रिभुज ABC में: ∠A + ∠B + ∠C = 180°
∠A = 180° - (60° + 50°)
∠A = 180° - 110° = 70°
- ✔ Answer: 70°
- Q 22 [समद्विबाहु त्रिभुज के कोण और भुजा संबंध]: त्रिभुज ABC में AB = AC और कोण ∠B का समद्विभाजक भुजा AC से D पर मिलता है। यदि BC = BD हो, तो कोण ∠A का मान क्या होगा?
माना ∠B = 2x, तो ∠C = 2x (चूंकि AB = AC)
BD कोण B का समद्विभाजक है, अतः ∠DBC = x
त्रिभुज BCD में BC = BD है, इसलिए ∠BDC = ∠C = 2x
त्रिभुज BCD में: x + 2x + 2x = 180°
5x = 180° => x = 36°
∠B = ∠C = 2 × 36° = 72°
∠A = 180° - (72° + 72°) = 36°
- ✔ Answer: 36°
- Q 23 [संयुक्त आकृति और कोण समद्विभाजक (Angle Bisector) पर आधारित प्रश्न]: त्रिभुज ABC में ∠B और ∠C के आंतरिक कोण समद्विभाजक बिंदु O पर मिलते हैं। यदि ∠A = 70° है, तो ∠BOC का मान क्या होगा?
सूत्र: ∠BOC = 90° + (∠A / 2)
∠A = 70°
∠A / 2 = 70° / 2 = 35°
∠BOC = 90° + 35°
∠BOC = 125°
How it is asked
SSC exams (CGL, CHSL, MTS, GD) regularly ask 1-2 questions directly from triangle angle properties, particularly the exterior angle theorem and angle bisector intersections.
Common mistakes
- ✘ बहिष्कोण निकालते समय आसन्न अंतः कोण (Adjacent interior angle) को जोड़ देना, जबकि केवल दो सम्मुख अंतः कोणों का योग लिया जाता है।
- ✘ समद्विबाहु त्रिभुज में गलत भुजा के सामने का कोण बराबर मान लेना; हमेशा समान भुजाओं के ठीक सामने वाले सम्मुख कोण ही बराबर होते हैं।
- ✘ रैखिक युग्म (Linear pair = 180°) और बहिष्कोण सूत्र के बीच भ्रमित होना।
💡 जब कोण समद्विभाजक O पर मिलें, तो आंतरिक प्रतिच्छेद कोण = 90° + A/2 और बाह्य प्रतिच्छेद कोण = 90° - A/2 होता है; इसे सीधे याद रखें। बहिष्कोण के लिए अंतः कोण निकालने के बजाय सीधे दोनों सम्मुख कोण जोड़ें।
Triangle Inequality and Number of Triangles
According to the Triangle Inequality Theorem, the sum of any two sides of a triangle must always be strictly greater than the third side, and their positive difference must be less than the third side (|a - b| < c < a + b). Geometrically, if the sum of the two shorter sides is not greater than the longest side, the ends cannot meet to form a closed polygon. In exams, questions asking whether three sides can form a triangle, the range or count of integer values for the third side, or the classification into acute/obtuse triangles directly test this concept.
Formulas with examples
📐 तीसरी भुजा का परास (Range): |a - b| < c < a + b, तथा सम्भावित पूर्णांक मान = 2 × min(a, b) - 1 — Used when two sides a and b are given and you need to find the range or the number of possible integer values for the third side c.
- Example 24: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 7 सेमी और 11 सेमी हैं। तीसरी भुजा के कितने पूर्णांक मान सम्भव हैं?
तीसरी भुजा का परास = (11 - 7) < c < (11 + 7)
4 < c < 18
सम्भावित पूर्णांक मान = 5, 6, 7, ..., 17
कुल संख्या = 17 - 5 + 1 = 13
शॉर्टकट: 2 × min(7, 11) - 1 = 2 × 7 - 1 = 13
- ✔ Answer: 13
- Example 25: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 9 सेमी और 14 सेमी हैं। तीसरी भुजा का न्यूनतम और अधिकतम सम्भावित पूर्णांक मान क्या होगा?
तीसरी भुजा की सीमा = (14 - 9) < c < (14 + 9)
5 < c < 23
न्यूनतम सम्भावित पूर्णांक मान = 5 + 1 = 6 सेमी
अधिकतम सम्भावित पूर्णांक मान = 23 - 1 = 22 सेमी
- ✔ Answer: न्यूनतम = 6 सेमी, अधिकतम = 22 सेमी
📐 कोणों के प्रकार की जांच (जहाँ c सबसे लंबी भुजा है): a² + b² > c² (न्यूनकोण), a² + b² = c² (समकोण), a² + b² < c² (अधिककोण) — Used to classify a triangle as acute, right, or obtuse given its three side lengths (where c is the longest side).
- Example 26: एक त्रिभुज की भुजाएँ 6 सेमी, 8 सेमी और 11 सेमी हैं। यह किस प्रकार का त्रिभुज है?
सबसे बड़ी भुजा c = 11 सेमी
अन्य दो भुजाएँ a = 6 सेमी, b = 8 सेमी
a² + b² = 6² + 8² = 36 + 64 = 100
c² = 11² = 121
यहाँ a² + b² < c² (100 < 121)
अतः यह अधिककोण त्रिभुज है।
- ✔ Answer: अधिककोण त्रिभुज (Obtuse-angled triangle)
- Example 27: यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ 7 सेमी, 9 सेमी और 11 सेमी हैं, तो त्रिभुज की प्रकृति क्या होगी?
सबसे बड़ी भुजा c = 11 सेमी
a² + b² = 7² + 9² = 49 + 81 = 130
c² = 11² = 121
यहाँ a² + b² > c² (130 > 121)
अतः यह न्यूनकोण त्रिभुज है।
- ✔ Answer: न्यूनकोण त्रिभुज (Acute-angled triangle)
📐 परिमाप P से बनने वाले कुल त्रिभुज (पूर्णांक भुजाएँ): यदि P सम है = Round(P² / 48), यदि P विषम है = Round((P + 3)² / 48) — Used to find the total number of non-congruent triangles with integer sides when only the perimeter P is given.
- Example 28: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 14 सेमी है?
यहाँ परिमाप P = 14 (सम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round(P² / 48)
14² / 48 = 196 / 48 = 4.083
निकटतम पूर्णांक (Round) = 4
- ✔ Answer: 4
- Example 29: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 15 सेमी है?
यहाँ परिमाप P = 15 (विषम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round((P + 3)² / 48)
(15 + 3)² / 48 = 18² / 48 = 324 / 48 = 6.75
निकटतम पूर्णांक (Round) = 7
Question types asked
- दी गई तीन भुजाओं से त्रिभुज निर्माण की सम्भावना जांचना
- दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या
- भुजाओं की लम्बाई के आधार पर त्रिभुज का प्रकार (न्यून/सम/अधिक कोण) ज्ञात करना
- न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या
- दिए गए परिमाप के साथ बनने वाले कुल पूर्णांक त्रिभुजों की संख्या
Solved questions (every type)
- Q 30 [दी गई तीन भुजाओं से त्रिभुज निर्माण की सम्भावना जांचना]: निम्न में से कौन-सा भुजाओं का समूह एक वास्तविक त्रिभुज बना सकता है? (A) 4 सेमी, 6 सेमी, 10 सेमी (B) 5 सेमी, 8 सेमी, 14 सेमी (C) 7 सेमी, 9 सेमी, 15 सेमी (D) 3 सेमी, 5 सेमी, 9 सेमी
त्रिभुज बनने के लिए: दो छोटी भुजाओं का योग > तीसरी भुजा
विकल्प (A): 4 + 6 = 10 (बराबर है, बड़ा नहीं) ✗
विकल्प (B): 5 + 8 = 13 < 14 ✗
विकल्प (C): 7 + 9 = 16 > 15 ✓
विकल्प (D): 3 + 5 = 8 < 9 ✗
- ✔ Answer: विकल्प (C) 7 सेमी, 9 सेमी, 15 सेमी
- Q 31 [दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या]: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 8 सेमी और 15 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x एक पूर्णांक है, तो x के कुल कितने मान सम्भव हैं?
नियम: |15 - 8| < x < (15 + 8)
7 < x < 23
x के मान = 8, 9, 10, ..., 22
कुल मान = 22 - 8 + 1 = 15
डायरेक्ट ट्रिक: 2 × min(8, 15) - 1 = 2 × 8 - 1 = 15
- ✔ Answer: 15
- Q 32 [दो भुजाएँ ज्ञात होने पर तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मानों की संख्या]: यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ a = 12 और b = 5 हैं, तो तीसरी भुजा c के सम्भावित मानों का परिसर (range) क्या होगा?
तीसरी भुजा c के लिए असमिका: |a - b| < c < (a + b)
|12 - 5| < c < (12 + 5)
7 < c < 17
- ✔ Answer: 7 < c < 17
- Q 33 [भुजाओं की लम्बाई के आधार पर त्रिभुज का प्रकार (न्यून/सम/अधिक कोण) ज्ञात करना]: एक त्रिभुज की भुजाओं की लम्बाइयाँ 9 सेमी, 12 सेमी और 16 सेमी हैं। बताइए यह त्रिभुज न्यूनकोण है, समकोण है या अधिककोण?
सबसे बड़ी भुजा c = 16 सेमी
दो छोटी भुजाएँ a = 9, b = 12
a² + b² = 9² + 12² = 81 + 144 = 225
c² = 16² = 256
यहाँ a² + b² < c² (225 < 256)
अतः यह अधिककोण त्रिभुज है।
- ✔ Answer: अधिककोण त्रिभुज
- Q 34 [न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या]: एक अधिककोण त्रिभुज (obtuse triangle) की दो भुजाएँ 8 सेमी और 15 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x सबसे बड़ी भुजा है, तो x के कितने पूर्णांक मान सम्भव हैं?
तीसरी भुजा x सबसे बड़ी भुजा है, अतः x > 15
त्रिभुज असमिका से: x < 8 + 15 ⇒ x < 23
अधिककोण होने की शर्त: x² > 8² + 15² = 64 + 225 = 289
x > √289 ⇒ x > 17
अतः 17 < x < 23
x के पूर्णांक मान = 18, 19, 20, 21, 22
कुल मान = 5
- ✔ Answer: 5
- Q 35 [न्यूनकोण या अधिककोण प्रतिबंध के साथ तीसरी भुजा के मानों की संख्या]: एक न्यूनकोण त्रिभुज (acute-angled triangle) की दो भुजाएँ 10 सेमी और 24 सेमी हैं। यदि तीसरी भुजा x एक पूर्णांक है, तो x का न्यूनतम सम्भावित मान क्या होगा?
त्रिभुज असमिका: 24 - 10 < x < 24 + 10 ⇒ 14 < x < 34
यदि 24 सबसे बड़ी भुजा है, तो x² + 10² > 24²
x² + 100 > 576 ⇒ x² > 476
21² = 441, 22² = 484
अतः x का न्यूनतम पूर्णांक मान = 22 सेमी
- ✔ Answer: 22 सेमी
- Q 36 [दिए गए परिमाप के साथ बनने वाले कुल पूर्णांक त्रिभुजों की संख्या]: पूर्णांक भुजाओं वाले ऐसे कितने त्रिभुज सम्भव हैं जिनका परिमाप 16 सेमी है?
परिमाप P = 16 (सम संख्या है)
कुल त्रिभुज = Round(P² / 48)
16² / 48 = 256 / 48 = 5.333
5.333 का निकटतम पूर्णांक = 5
(ये 5 त्रिभुज हैं: (2,7,7), (3,6,7), (4,5,7), (4,6,6), (5,5,6))
How it is asked
Asked frequently in SSC CGL (Tier 1 & 2), CHSL, and CPO as 1 direct question. Common patterns include finding the number of integer values of the third side or identifying acute/obtuse triangles based on side inequalities.
Common mistakes
- ✘ छात्र 'a + b ≥ c' मान लेते हैं, जबकि त्रिभुज बनने के लिए योग का तीसरी भुजा से strictly बड़ा (a + b > c) होना अनिवार्य है; बराबर होने पर सीधी रेखा बनती है।
- ✘ अधिककोण त्रिभुज में यह जांचना भूल जाते हैं कि क्या दी गई अज्ञात भुजा ही सबसे बड़ी भुजा है या पहले से ज्ञात कोई भुजा सबसे बड़ी हो सकती है।
💡 यदि दो भुजाएँ a और b दी हों, तो तीसरी भुजा के सम्भावित पूर्णांक मान हमेशा '2 × min(a, b) - 1' होते हैं। पेन उठाए बिना उत्तर टिक करें। जैसे भुजाएँ 8 और 15 हैं, तो मान = 2(8) - 1 = 15 होंगे। दिए गए परिमाप P के लिए कुल सम्भावित त्रिभुजों की संख्या सीधे Round(P²/48) (सम के लिए) या Round((P+3)²/48) (विषम के लिए) से निकालें। न्यूनकोण/अधिककोण की जांच हमेशा सबसे बड़ी भुजा (c) के साथ ही करें (c² < a²+b² या c² > a²+b²)। त्रिभुज असमिका में हमेशा दोनों छोटी भुजाओं का योग सबसे बड़ी भुजा से बड़ा होना चाहिए। प
Congruence and Similarity of Triangles
Two triangles are congruent if they have the exact same shape and size (criteria: SSS, SAS, ASA, RHS). Two triangles are similar if their corresponding angles are equal and corresponding sides are in the same ratio (criteria: AA, SAS, SSS). In similar triangles, the ratio of perimeters, altitudes, and medians equals the ratio of corresponding sides. The ratio of their areas is equal to the square of the ratio of their corresponding linear dimensions (sides, heights, medians, or perimeters).
Formulas with examples
📐 Area(Δ1) / Area(Δ2) = (S₁ / S₂)² = (H₁ / H₂)² = (M₁ / M₂)² = (P₁ / P₂)² — Used when two triangles are similar and relation between their areas and linear dimensions (sides, heights, medians, perimeters) is required.
- Example 37: यदि ΔABC ∼ ΔDEF है, Area(ΔABC) = 64 सेमी² और Area(ΔDEF) = 121 सेमी² है, तथा BC = 16 सेमी है, तो EF का मान ज्ञात कीजिए।
समरूप त्रिभुज के क्षेत्रफल का अनुपात = (संगत भुजाओं का अनुपात)²
Area(ΔABC) / Area(ΔDEF) = (BC / EF)²
64 / 121 = (16 / EF)²
दोनों पक्षों का वर्गमूल लेने पर: 8 / 11 = 16 / EF
EF = (16 × 11) / 8
EF = 2 × 11 = 22 सेमी
- ✔ Answer: 22 सेमी
- Example 38: दो समरूप त्रिभुजों के शीर्षलंब (altitudes) 3 सेमी और 5 सेमी हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात = (शीर्षलंबों का अनुपात)²
Area(Δ1) / Area(Δ2) = (H₁ / H₂)²
Area(Δ1) / Area(Δ2) = (3 / 5)² = 9 / 25
अतः क्षेत्रफलों का अनुपात 9 : 25 है।
📐 P₁ / P₂ = S₁ / S₂ = H₁ / H₂ = M₁ / M₂ — Used to relate perimeters of similar triangles directly to their corresponding sides, altitudes, or medians.
- Example 39: दो समरूप त्रिभुजों ΔABC और ΔPQR के परिमाप क्रमशः 36 सेमी और 24 सेमी हैं। यदि PQ = 10 सेमी है, तो AB की लंबाई क्या होगी?
समरूप त्रिभुजों के परिमापों का अनुपात = संगत भुजाओं का अनुपात
Perimeter(ΔABC) / Perimeter(ΔPQR) = AB / PQ
36 / 24 = AB / 10
3 / 2 = AB / 10
AB = (3 × 10) / 2 = 15 सेमी
- ✔ Answer: 15 सेमी
- Example 40: ΔABC ∼ ΔDEF है। ΔABC का परिमाप 40 सेमी तथा ΔDEF का परिमाप 30 सेमी है। यदि ΔABC की एक माध्यिका 12 सेमी है, तो ΔDEF की संगत माध्यिका क्या होगी?
P₁ / P₂ = M₁ / M₂
40 / 30 = 12 / M₂
4 / 3 = 12 / M₂
M₂ = (12 × 3) / 4 = 9 सेमी
Question types asked
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना
- परिमाप और संगत भुजाओं पर आधारित प्रश्न
- त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज
- समलंब चतुर्भुज (Trapezium) में विकर्णों द्वारा बने समरूप त्रिभुज
- सर्वांगसमता की कसौटियों (Congruence Criteria) पर आधारित प्रश्न
Solved questions (every type)
- Q 41 [समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना]: दो समरूप त्रिभुजों ΔABC और ΔPQR के क्षेत्रफल क्रमशः 144 सेमी² और 49 सेमी² हैं। यदि ΔABC की सबसे बड़ी भुजा 36 सेमी है, तो ΔPQR की सबसे बड़ी भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हम जानते हैं: Area(ΔABC) / Area(ΔPQR) = (Side₁ / Side₂)²
144 / 49 = (36 / Side₂)²
दोनों तरफ वर्गमूल लेने पर: 12 / 7 = 36 / Side₂
Side₂ = (36 × 7) / 12
Side₂ = 3 × 7 = 21 सेमी
- ✔ Answer: 21 सेमी
- Q 42 [समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल और भुजा/ऊँचाई का अनुपात ज्ञात करना]: ΔABC ∼ ΔXYZ है। यदि BC : YZ = 4 : 7 है, तो त्रिभुज ABC और त्रिभुज XYZ के क्षेत्रफलों का अनुपात क्या होगा?
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात उनकी संगत भुजाओं के वर्ग के अनुपात के बराबर होता है।
Area(ΔABC) / Area(ΔXYZ) = (BC / YZ)²
Area(ΔABC) / Area(ΔXYZ) = (4 / 7)² = 16 / 49
अतः अनुपात = 16 : 49
- ✔ Answer: 16 : 49
- Q 43 [परिमाप और संगत भुजाओं पर आधारित प्रश्न]: ΔABC ∼ ΔDEF है। ΔABC और ΔDEF के क्षेत्रफल क्रमशः 100 सेमी² और 49 सेमी² हैं। यदि ΔABC का परिमाप 35 सेमी है, तो ΔDEF का परिमाप ज्ञात कीजिए।
क्षेत्रफलों का अनुपात परिमापों के अनुपात के वर्ग के बराबर होता है:
Area(ΔABC) / Area(ΔDEF) = (Perimeter₁ / Perimeter₂)²
100 / 49 = (35 / P₂)²
वर्गमूल लेने पर: 10 / 7 = 35 / P₂
P₂ = (35 × 7) / 10
P₂ = 245 / 10 = 24.5 सेमी
- ✔ Answer: 24.5 सेमी
- Q 44 [त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: ΔABC में, DE || BC है, जहाँ D, AB पर और E, AC पर स्थित है। यदि AD : DB = 2 : 3 है, तो Area(ΔADE) : Area(समलंब चतुर्भुज DECB) का अनुपात ज्ञात कीजिए।
AD / DB = 2 / 3, इसलिए AB = AD + DB = 2 + 3 = 5 इकाई
चूँकि DE || BC, अतः ΔADE ∼ ΔABC (AA समरूपता से)
Area(ΔADE) / Area(ΔABC) = (AD / AB)² = (2 / 5)² = 4 / 25
मान लें Area(ΔABC) = 25 इकाई, तो Area(ΔADE) = 4 इकाई
Area(DECB) = Area(ΔABC) - Area(ΔADE) = 25 - 4 = 21 इकाई
Area(ΔADE) : Area(DECB) = 4 : 21
- ✔ Answer: 4 : 21
- Q 45 [समलंब चतुर्भुज (Trapezium) में विकर्णों द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: एक समलंब चतुर्भुज ABCD में, AB || CD है और इसके विकर्ण बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि AB = 3 × CD है, तो ΔAOB और ΔCOD के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
AB || CD होने के कारण, एकांतर कोण समान होंगे: ∠OAB = ∠OCD और ∠OBA = ∠ODC
अतः AA समरूपता से: ΔAOB ∼ ΔCOD
समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफल का अनुपात = (संगत भुजाओं का अनुपात)²
Area(ΔAOB) / Area(ΔCOD) = (AB / CD)²
दिया है AB = 3CD, अतः AB / CD = 3 / 1
Area(ΔAOB) / Area(ΔCOD) = (3 / 1)² = 9 / 1
- ✔ Answer: 9 : 1
- Q 46 [त्रिभुज में समांतर रेखा (आधार के समांतर) द्वारा बने समरूप त्रिभुज]: ΔABC में, रेखा खंड XY भुजा AC के समांतर है और यह त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में विभाजित करता है। अनुपात AX / AB का मान क्या होगा, जहाँ X बिंदु AB पर स्थित है?
दिया है: Area(ΔBXY) = (1/2) × Area(ΔBAC)
चूँकि XY || AC, अतः ΔBXY ∼ ΔBAC
Area(ΔBXY) / Area(ΔBAC) = (BX / AB)² = 1 / 2
BX / AB = 1 / √2
AX = AB - BX
AX / AB = 1 - (BX / AB) = 1 - (1 / √2) = (√2 - 1) / √2
- ✔ Answer: (√2 - 1) / √2
- Q 47 [सर्वांगसमता की कसौटियों (Congruence Criteria) पर आधारित प्रश्न]: यदि ΔABC ≅ ΔPQR है, जिसमें ∠A = 60° और ∠B = 70° है, तो ∠R का मान क्या होगा?
ΔABC में, तीनों कोणों का योग = 180°
∠C = 180° - (60° + 70°) = 180° - 130° = 50°
चूँकि ΔABC ≅ ΔPQR (सर्वांगसम त्रिभुज के संगत कोण बराबर होते हैं - CPCT)
संगत कोण: ∠A = ∠P, ∠B = ∠Q, ∠C = ∠R
अतः ∠R = ∠C = 50°
How it is asked
Asked in almost every shift of SSC CGL, CHSL, and CPO as 1-2 questions directly testing the ratio of areas = square of ratio of sides/perimeters.
Common mistakes
- ✘ क्षेत्रफल का अनुपात निकालते समय भुजाओं का वर्ग (square) करना भूल जाना और केवल भुजाओं का अनुपात लिख देना।
- ✘ समरूप त्रिभुजों के नामकरण के क्रम (order of vertices) पर ध्यान न देना, जिससे गलत संगत भुजाओं का अनुपात बन जाता है।
💡 अगर क्षेत्रफल का अनुपात दिया हो, तो भुजा या परिमाप निकालने के लिए तुरंत वर्गमूल (Square Root) निकालें; यदि भुजा/परिमाप दिया हो, तो क्षेत्रफल के लिए सीधे वर्ग (Square) करें। जैसे: Area अनुपात 49:81 है तो भुजा अनुपात सीधा √49:√81 = 7:9 होगा। (समय की बचत!)
Basic Proportionality Theorem (BPT) and Angle Bisector Theorem
The Basic Proportionality Theorem (BPT) states that if a line is drawn parallel to one side of a triangle, it divides the other two sides in the same ratio. The Angle Bisector Theorem states that an angle bisector of a triangle divides the opposite side into segments that are proportional to the other two sides of the triangle. These theorems are fundamental for finding unknown side lengths in geometry problems. They are frequently tested in SSC exams through direct applications or combined with similarity.
Formulas with examples
📐 AD/DB = AE/EC (यदि DE || BC) — When a line is parallel to one side of a triangle and you need to find the ratio of side segments.
- Example 48: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD = 2, DB = 3 और AE = 4 है, तो EC ज्ञात करें।
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
2/3 = 4/EC
2 × EC = 12
EC = 6
- ✔ Answer: 6
- Example 49: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD/AB = 1/3 और AC = 15 है, तो AE ज्ञात करें।
BPT के अनुसार: AD/AB = AE/AC
1/3 = AE/15
3 × AE = 15
AE = 5
📐 AB/AC = BD/DC (आंतरिक कोण समद्विभाजक) — When the internal bisector of an angle divides the opposite side.
- Example 50: त्रिभुज ABC में, AD कोण A का समद्विभाजक है। यदि AB = 6, AC = 8 और BD = 3 है, तो DC ज्ञात करें।
प्रमेय से: AB/AC = BD/DC
6/8 = 3/DC
3/4 = 3/DC
DC = 4
- ✔ Answer: 4
- Example 51: त्रिभुज ABC में, AB = 5, AC = 7 और BC = 6 है। यदि AD कोण A का समद्विभाजक है, तो BD ज्ञात करें।
BD/DC = AB/AC = 5/7
BD = [5/(5+7)] × BC
BD = (5/12) × 6
BD = 2.5
📐 AD = √(AB × AC - BD × DC) — When you need to find the actual length of the internal angle bisector.
- Example 52: त्रिभुज ABC में, AB = 8, AC = 6 और BC = 7 है। यदि AD कोण A का समद्विभाजक है, तो AD की लंबाई क्या है?
BD/DC = 8/6 = 4/3
BD = 4, DC = 3 (चूंकि BC = 7)
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 8 × 6 - 4 × 3 = 36
AD = 6
- ✔ Answer: 6
- Example 53: त्रिभुज ABC में, AB = 5, AC = 4 और BD = 2.5, DC = 2 है। AD की लंबाई ज्ञात करें।
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 5 × 4 - 2.5 × 2
AD² = 20 - 5 = 15
AD = √15
Question types asked
- BPT: अज्ञात खंड की लंबाई ज्ञात करना
- BPT: समीकरण (x) आधारित प्रश्न
- आंतरिक कोण समद्विभाजक: खंडों की लंबाई
- आंतरिक कोण समद्विभाजक: भुजाओं का अनुपात
- बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय
- BPT: पूरी भुजा के साथ अनुपात
- कोण समद्विभाजक की लंबाई (Length of Bisector)
Solved questions (every type)
- Q 54 [BPT: अज्ञात खंड की लंबाई ज्ञात करना]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है, जहाँ D, AB पर और E, AC पर स्थित है। यदि AD = 3 सेमी, DB = 5 सेमी और AE = 6 सेमी है, तो EC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
3/5 = 6/EC
3 × EC = 30
EC = 10 सेमी
- ✔ Answer: 10 सेमी
- Q 55 [BPT: समीकरण (x) आधारित प्रश्न]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD = x, DB = x-2, AE = x+2 और EC = x-1 है, तो x का मान क्या होगा?
BPT के अनुसार: AD/DB = AE/EC
x/(x-2) = (x+2)/(x-1)
x(x-1) = (x-2)(x+2)
x² - x = x² - 4
x = 4
- ✔ Answer: 4
- Q 56 [आंतरिक कोण समद्विभाजक: खंडों की लंबाई]: त्रिभुज ABC में, AD कोण A का आंतरिक समद्विभाजक है। यदि AB = 10 सेमी, AC = 14 सेमी और BC = 6 सेमी है, तो BD की लंबाई ज्ञात करें।
प्रमेय से: AB/AC = BD/DC
10/14 = BD/(6 - BD)
5/7 = BD/(6 - BD)
30 - 5BD = 7BD
12BD = 30
BD = 2.5 सेमी
- ✔ Answer: 2.5 सेमी
- Q 57 [आंतरिक कोण समद्विभाजक: भुजाओं का अनुपात]: त्रिभुज ABC में, AD कोण A को समद्विभाजित करता है। यदि AB = 9 सेमी, BD = 3 सेमी और DC = 4 सेमी है, तो AC की लंबाई क्या होगी?
प्रमेय: AB/AC = BD/DC
9/AC = 3/4
3 × AC = 36
AC = 12 सेमी
- ✔ Answer: 12 सेमी
- Q 58 [बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय]: त्रिभुज ABC में, AB = 12 सेमी, AC = 8 सेमी और BC = 5 सेमी है। कोण A का बाह्य समद्विभाजक बढ़ाई गई भुजा BC को D पर मिलता है। CD की लंबाई ज्ञात करें।
बाह्य कोण समद्विभाजक प्रमेय: AB/AC = BD/CD
12/8 = (5 + CD)/CD
3/2 = (5 + CD)/CD
3CD = 10 + 2CD
CD = 10 सेमी
- ✔ Answer: 10 सेमी
- Q 59 [BPT: पूरी भुजा के साथ अनुपात]: त्रिभुज ABC में, DE || BC है। यदि AD/AB = 2/5 और AE = 6 सेमी है, तो AC की लंबाई ज्ञात कीजिए।
BPT के उप-प्रमेय से: AD/AB = AE/AC
2/5 = 6/AC
2 × AC = 30
AC = 15 सेमी
- ✔ Answer: 15 सेमी
- Q 60 [कोण समद्विभाजक की लंबाई (Length of Bisector)]: त्रिभुज ABC में, AB = 8 सेमी, AC = 6 सेमी और BC = 7 सेमी है। यदि AD, कोण A का आंतरिक समद्विभाजक है, तो AD की लंबाई क्या है?
BD/DC = 8/6 = 4/3
BD = 4 सेमी, DC = 3 सेमी (चूंकि BC=7)
AD² = AB × AC - BD × DC
AD² = 8 × 6 - 4 × 3 = 36
AD = 6 सेमी
How it is asked
In SSC CGL, CHSL, and MTS exams, 1-2 questions are frequently asked from this sub-topic every year. The 'Internal Angle Bisector Theorem' is the most common pattern observed.
Common mistakes
- ✘ BPT लगाते समय AD/DB और AD/AB के बीच भ्रमित होना।
- ✘ कोण समद्विभाजक प्रमेय में भुजाओं के अनुपात को गलत शीर्ष (vertex) से जोड़ना।
- ✘ बाह्य कोण समद्विभाजक में BD की जगह केवल बाहरी खंड की लंबाई लेना।
💡 For the Angle Bisector Theorem, remember: 'Side 1 / Side 2 = Segment 1 / Segment 2', where each segment is adjacent to its respective side.
All formulas at a glance
- When two parallel lines are cut by a transversal, corresponding angles and alternate angles are equal.
- Consecutive interior angles on the same side of a transversal add up to 180°.
- The sum of interior angles of a triangle is 180°.
- Exterior angle of a triangle is equal to the sum of two interior opposite angles.
- In any triangle, the sum of two sides is greater than the third side, and the difference is smaller than the third side.
- Angles opposite to equal sides are equal (Isosceles triangle property).
- Basic Proportionality Theorem (BPT): If DE || BC, then AD/DB = AE/EC.
- Angle Bisector Theorem: If AD bisects ∠A, then BD/DC = AB/AC.
- The ratio of areas of two similar triangles is equal to the ratio of the squares of their corresponding sides.