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SSC CGLगणित (Quantitative Aptitude)

ज्यामिति: चतुर्भुज और बहुभुज

Geometry: Quadrilaterals and Polygons

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

SSC CGL, CHSL और CPO की Tier-1 तथा Tier-2 दोनों परीक्षाओं में चतुर्भुज और बहुभुज से प्रतिवर्ष 2 से 3 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। यह अध्याय सीधे सूत्रों और मूलभूत ज्यामितीय गुणों पर आधारित होने के कारण अत्यधिक स्कोरिंग माना जाता है। थोड़ी सी प्रैक्टिस से परीक्षार्थी इसमें पूरे अंक आसानी से हासिल कर सकते हैं।

चतुर्भुज के गुणधर्म (समांतर, आयत, समचतुर्भुज, वर्ग, समलंब)

चतुर्भुज (Quadrilateral) चार भुजाओं से घिरी आकृति होती है, जिसके चारों आंतरिक कोणों का योग 360° होता है। समांतर चतुर्भुज (Parallelogram) में सम्मुख भुजाएं बराबर और समांतर होती हैं तथा विकर्ण (diagonals) परस्पर समद्विभाजित (bisect) करते हैं। आयत (Rectangle) के सभी कोण 90° और विकर्ण समान लंबाई के होते हैं। समचतुर्भुज (Rhombus) की चारों भुजाएं बराबर होती हैं और इसके विकर्ण एक-दूसरे को 90° पर समद्विभाजित करते हैं। वर्ग (Square) में आयत और समचतुर्भुज दोनों के गुण होते हैं। समलंब चतुर्भुज (Trapezium) में केवल एक जोड़ी सम्मुख भुजाएं समांतर होती हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Rhombus: d₁² + d₂² = 4a² (जहाँ d₁, d₂ विकर्ण हैं और a भुजा है) — जब समचतुर्भुज (Rhombus) के दोनों विकर्ण या एक विकर्ण और भुजा दी गई हो।

समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लंब समद्विभाजक होते हैं

अर्ध-विकर्ण = 16/2 = 8 सेमी और 12/2 = 6 सेमी

भुजा a = √(8² + 6²)

a = √(64 + 36) = √100 = 10 सेमी

भुजा a = परिमाप / 4 = 52 / 4 = 13 सेमी

पहला अर्ध-विकर्ण (d₁/2) = 24 / 2 = 12 सेमी

दूसरे अर्ध-विकर्ण (d₂/2) = √(a² - (d₁/2)²)

d₂/2 = √(13² - 12²) = √(169 - 144) = √25 = 5 सेमी

दूसरा विकर्ण d₂ = 5 × 2 = 10 सेमी

📐 Parallelogram: d₁² + d₂² = 2(a² + b²) (जहाँ a, b सम्मुख भुजाएँ हैं) — जब समांतर चतुर्भुज की भुजाओं और दोनों विकर्णों के बीच संबंध ज्ञात करना हो।

सूत्र: d₁² + d₂² = 2(a² + b²)

12² + d₂² = 2(10² + 8²)

144 + d₂² = 2(100 + 64) = 2 × 164 = 328

d₂² = 328 - 144 = 184

d₂ = √184 = 2√46 सेमी

सूत्र: d₁² + d₂² = 2(a² + b²)

d₁² + d₂² = 2(5² + 7²)

d₁² + d₂² = 2(25 + 49) = 2 × 74

d₁² + d₂² = 148 सेमी²

📐 Trapezium Mid-segment: MN = (AB + CD) / 2 तथा विकर्णों के मध्य बिंदुओं के बीच की दूरी = |AB - CD| / 2 — जब समलंब चतुर्भुज में असमांतर भुजाओं के मध्य बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा या विकर्णों के मध्य बिंदुओं की दूरी पूछी जाए।

मध्य-बिंदु रेखा (Mid-segment) = (AB + CD) / 2

लंबाई = (14 + 8) / 2

लंबाई = 22 / 2 = 11 सेमी

विकर्णों के मध्य बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड की लंबाई = (समांतर भुजाओं का अंतर) / 2

दूरी = (18 - 10) / 2

दूरी = 8 / 2 = 4 सेमी

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग 180° होता है

(3x - 10) + (2x + 15) = 180

5x + 5 = 180

5x = 175 => x = 35

∠A = 3(35) - 10 = 105 - 10 = 95°

सम्मुख कोण बराबर होते हैं: ∠C = ∠A = 95°

हम जानते हैं कि आसन्न कोणों का योग 180° होता है: ∠A + ∠B = 180°

दोनों तरफ 2 से भाग देने पर: (∠A/2) + (∠B/2) = 90°

त्रिभुज APB में, ∠PAB + ∠PBA + ∠APB = 180°

90° + ∠APB = 180°

∠APB = 180° - 90° = 90°

क्षेत्रफल = (1/2) × d₁ × d₂

216 = (1/2) × 18 × d₂ => 9 × d₂ = 216 => d₂ = 24 सेमी

अर्ध-विकर्ण: d₁/2 = 9 सेमी, d₂/2 = 12 सेमी

भुजा a = √(9² + 12²) = √(81 + 144) = √225 = 15 सेमी

परिमाप = 4 × a = 4 × 15 = 60 सेमी

आयत के विकर्ण बराबर होते हैं और परस्पर समद्विभाजित करते हैं: OA = OD

∠AOD और ∠BOC शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए ∠AOD = 68°

त्रिभुज OAD समद्विबाहु त्रिभुज है (OA = OD), इसलिए ∠OAD = ∠ODA

∠OAD + ∠ODA + ∠AOD = 180°

2 × ∠OAD + 68° = 180° => 2 × ∠OAD = 112°

∠OAD = 56°

वर्ग में विकर्ण कोण को समद्विभाजित करता है: ∠BAC = 45°

त्रिभुज ABE में, AB = AE दिया गया है

अतः ∠ABE = ∠AEB

त्रिभुज के कोणों का योग: ∠BAC + ∠ABE + ∠AEB = 180°

45° + 2(∠ABE) = 180°

2(∠ABE) = 135° => ∠ABE = 67.5°

समलंब में विकर्णों के मध्य-बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड की लंबाई:

PQ = |AB - CD| / 2

PQ = |16 - 10| / 2

PQ = 6 / 2 = 3 सेमी

AB || CD होने के कारण आसन्न अंतःकोणों का योग: ∠A + ∠D = 180°

∠D = 180° - 70° = 110°

समद्विबाहु समलंब में समांतर आधार पर बने कोण बराबर होते हैं: ∠D = ∠C

अतः ∠C = 110°

(वैकल्पिक: समद्विबाहु समलंब चक्रीय होता है, अतः ∠A + ∠C = 180° => ∠C = 180° - 70° = 110°)

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL तथा CPO में इस सब-टॉपिक से सीधे 1-2 प्रश्न लगभग हर शिफ्ट में पूछे जाते हैं। सबसे आम पैटर्न समचतुर्भुज के विकर्णों व भुजा (d₁² + d₂² = 4a²), समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों के द्विभाजक (90° का कोण), और समलंब के विकर्णों के मध्य बिंदुओं के बीच की दूरी पर आधारित होते हैं।

आम गलतियाँ

💡 याद रखें: समांतर चतुर्भुज के किन्हीं भी दो लगातार कोणों के समद्विभाजक हमेशा 90° पर मिलते हैं, और समचतुर्भुज में विकर्ण भुजा के साथ 3-4-5 या 5-12-13 जैसे समकोण ट्रिपलेट बनाते हैं। ट्रिपलेट पहचानते ही सेकंडों में उत्तर आ जाता है। तीनों मुख्य आकृतियों के विकर्ण गुणधर्म मुँहजुबानी याद रखें। समलंब में अंतर/2 और योग/2 का अंतर ध्यान रखें। चक्रीय समलंब के सम्मुख कोण 180° होते हैं। यह सब सीधे विकल्प देखकर हल करने में मदद करते हैं। समय बचाने के लिए आकृतियों के चित्र मन में बनाएं। परीक्षा में सीधे ट्रिपलेट

बहुभुज के आंतरिक एवं बाह्य कोण

किसी भी n-भुजाओं वाले बहुभुज (Polygon) के सभी आंतरिक कोणों (Interior Angles) का योग (n - 2) × 180° होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि n-भुजा वाले बहुभुज को एक शीर्ष से (n - 2) त्रिभुजों में बाँटा जा सकता है। किसी भी उत्तल बहुभुज के सभी बाह्य कोणों (Exterior Angles) का योग हमेशा 360° होता है। सम बहुभुज (Regular Polygon) में सभी भुजाएँ और कोण बराबर होते हैं, इसलिए प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n और प्रत्येक आंतरिक कोण = 180° - बाह्य कोण होता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Sum of interior angles = (n - 2) × 180° — जब किसी बहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योग ज्ञात करना हो या भुजाएँ (n) दी गई हों।

n = 6

योग = (n - 2) × 180°

योग = (6 - 2) × 180°

योग = 4 × 180° = 720°

n = 8

योग = (n - 2) × 180°

योग = (8 - 2) × 180°

योग = 6 × 180° = 1080°

📐 Each exterior angle of a regular polygon = 360° / n — जब सम बहुभुज का प्रत्येक बाह्य कोण या प्रत्येक आंतरिक कोण (180° - बाह्य कोण) ज्ञात करना हो।

n = 9

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 9 = 40°

n = 10

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 10 = 36°

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

भुजाओं की संख्या (n) = 12

आंतरिक कोणों का योग = (n - 2) × 180°

योग = (12 - 2) × 180°

योग = 10 × 180° = 1800°

भुजाओं की संख्या (n) = 8

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 8 = 45°

प्रत्येक आंतरिक कोण = 180° - 45° = 135°

भुजाओं की संख्या (n) = 5

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 5 = 72°

माना आंतरिक कोण = 7x और बाह्य कोण = 2x

7x + 2x = 180° => 9x = 180° => x = 20°

प्रत्येक बाह्य कोण = 2 × 20° = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 40° = 9

योग = (9 - 2) × 180° = 7 × 180° = 1260°

माना बाह्य कोण = x, आंतरिक कोण = x + 132°

(x + 132°) + x = 180° => 2x = 48° => x = 24°

प्रत्येक बाह्य कोण = 24°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 24° = 15

योग = (15 - 2) × 180° = 13 × 180° = 2340°

माना भुजाएँ n और 2n हैं

पहला आंतरिक कोण / दूसरा आंतरिक कोण = 3 / 4

[(n - 2) / n] / [(2n - 2) / 2n] = 3 / 4

2(n - 2) / (2n - 2) = 3 / 4 => (n - 2) / (n - 1) = 3 / 4

4n - 8 = 3n - 3 => n = 5

पहला बहुभुज (n = 5) के कोणों का योग = (5 - 2) × 180° = 540°

पहले का योग = (n1 - 2) × 180° = 1080° => n1 - 2 = 6 => n1 = 8

दूसरे का योग = (n2 - 2) × 180° = 1800° => n2 - 2 = 10 => n2 = 12

भुजाओं का अनुपात = 8 : 12 = 2 : 3 (संतुष्ट)

छोटे बहुभुज (n = 8) का बाह्य कोण = 360° / 8 = 45°

प्रत्येक आंतरिक कोण = 180° - 45° = 135°

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD परीक्षाओं में इस सब-टॉपिक से प्रति वर्ष 1-2 प्रश्न निश्चित पूछे जाते हैं। कोणों का अनुपात देकर भुजाओं की संख्या या कोणों का योग पूछना SSC का सबसे पसंदीदा पैटर्न है।

आम गलतियाँ

💡 जब भी प्रत्येक आंतरिक कोण निकालना हो, पहले बाह्य कोण = 360°/n निकालें, फिर 180° - बाह्य कोण करें। यह तरीका (n-2)×180/n से बहुत तेज़ है।", "tip_en": "To find each interior angle, first calculate exterior angle = 360°/n, then subtract from 180°. This is much faster than using (n-2)×180/n.

कोण से बहुभुज की भुजाओं की संख्या ज्ञात करना

किसी भी सम बहुभुज (Regular Polygon) में भुजाओं की संख्या (n) ज्ञात करने का सबसे आसान और तेज तरीका उसके बाह्य कोण (Exterior Angle) का उपयोग करना है। हम जानते हैं कि किसी भी सम बहुभुज के सभी बाह्य कोणों का योग हमेशा 360° होता है। यदि प्रश्न में अंतः कोण (Interior Angle) दिया हो, तो उसे 180° में से घटाकर पहले बाह्य कोण प्राप्त करें। इसके बाद 360° को प्रत्येक बाह्य कोण से भाग देकर भुजाओं की संख्या (n) तुरंत ज्ञात हो जाती है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 n = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण (Exterior Angle) — जब प्रश्न में सम बहुभुज का प्रत्येक बाह्य कोण या प्रत्येक अंतः कोण दिया गया हो।

प्रत्येक बाह्य कोण = 45°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 45° = 8

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - प्रत्येक अंतः कोण

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 144° = 36°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 36° = 10

📐 n = 2 × (I + E) / E (जहाँ Interior : Exterior = I : E) — जब अंतः कोण और बाह्य कोण का सीधा अनुपात (Ratio) दिया गया हो।

यहाँ I = 3 और E = 1

शॉर्टकट सूत्र: n = 2 × (I + E) / E

n = 2 × (3 + 1) / 1

n = 2 × 4 = 8

यहाँ I = 5 और E = 1

शॉर्टकट सूत्र: n = 2 × (I + E) / E

n = 2 × (5 + 1) / 1

n = 2 × 6 = 12

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

सम बहुभुज के बाह्य कोणों का योग = 360°

प्रत्येक बाह्य कोण = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / बाह्य कोण

n = 360° / 40° = 9

अंतः कोण + बाह्य कोण = 180°

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 150° = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 30° = 12

माना अंतः कोण = 7x तथा बाह्य कोण = 2x

7x + 2x = 180° ⇒ 9x = 180° ⇒ x = 20°

प्रत्येक बाह्य कोण = 2x = 2 × 20° = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 40° = 9

माना अंतः कोण = I और बाह्य कोण = E

I + E = 180° और I - E = 108°

समीकरणों को घटाने पर: 2E = 180° - 108° = 72°

E = 72° / 2 = 36°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 36° = 10

माना बाह्य कोण = E, तो अंतः कोण = 5E

5E + E = 180° ⇒ 6E = 180°

E = 180° / 6 = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / E

n = 360° / 30° = 12

माना बहुभुजों की भुजाएँ क्रमशः n और 2n हैं।

प्रत्येक अंतः कोण = (भुजा - 2) × 180° / भुजा

अनुपात = [(n - 2) / n] ÷ [(2n - 2) / 2n] = 2 / 3

[(n - 2) / n] × [2n / 2(n - 1)] = 2 / 3

(n - 2) / (n - 1) = 2 / 3

3n - 6 = 2n - 2 ⇒ n = 4

अंतः कोणों का अंतर = बाह्य कोणों का अंतर होता है।

(360° / n) - [360° / (n + 1)] = 4°

360° × [(n + 1 - n) / (n(n + 1))] = 4°

360 / [n(n + 1)] = 4 ⇒ n(n + 1) = 90

90 = 9 × 10, अतः तुलना करने पर n = 9

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Pre + Mains), CHSL और CPO में इस सब-टॉपिक से 1 प्रश्न लगभग हर 2 से 3 शिफ्टों में सीधे कोण या अनुपातों के रूप में पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 जब भी प्रश्न में अंतः कोण (Interior Angle) दिया हो, तो सूत्र (n-2)×180°/n लगाने के बजाय पहले 180° में से घटाकर बाह्य कोण निकालें और सीधे n = 360°/E लगाएँ। इससे गणना 3 गुना तेज हो जाती है। दो बहुभुजों के अंतः कोणों का अंतर हमेशा उनके बाह्य कोणों के अंतर के बराबर होता है। सूत्र: (360/n₁) - (360/n₂) = अंतर। इससे द्विघात समीकरण बहुत सरल हो जाता है। यदि अंतः कोण और बाह्य कोण का अनुपात I : E दिया हो, तो भुजाओं की संख्या n = 2(I + E)/E सीधे मौखिक निकल आती है। उदाहरण: अनुपात 5:1 होने पर n = 2(5+1)/1 = 1

बहुभुज में विकर्णों की संख्या ज्ञात करना

किसी बहुभुज (Polygon) के किन्हीं दो गैर-क्रमागत शीर्षों (non-consecutive vertices) को मिलाने वाली रेखा को विकर्ण (Diagonal) कहते हैं। यदि किसी बहुभुज में n भुजाएँ (या शीर्ष) हैं, तो कुल रेखाखंड nC2 = n(n-1)/2 बनते हैं। इनमें से n भुजाएँ (Sides) घटाने पर विकर्णों की संख्या मिलती है: n(n-1)/2 - n = n(n-3)/2। प्रश्न में जब भी किसी बहुभुज की भुजाएँ देकर विकर्ण पूछे जाएँ, या विकर्ण देकर भुजाओं/कोणों की संख्या पूछी जाए, तो इसी सूत्र का उपयोग होता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 विकर्णों की संख्या (Number of Diagonals) = n(n - 3) / 2 — जब किसी बहुभुज में भुजाओं की संख्या (n) दी गई हो और विकर्णों की संख्या निकालनी हो, या विकर्ण दिए हों और n निकालना हो।

अष्टभुज में भुजाओं की संख्या (n) = 8

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

विकर्ण = 8 × (8 - 3) / 2

विकर्ण = 8 × 5 / 2 = 20

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2 = 54

n(n - 3) = 108

108 के ऐसे गुणनखंड जिनका अंतर 3 हो: 12 × 9 = 108

n = 12

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

यहाँ भुजाओं की संख्या n = 12 है।

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 12 × (12 - 3) / 2

= 12 × 9 / 2

= 6 × 9 = 54

यहाँ भुजाओं की संख्या n = 20 है।

विकर्ण = n(n - 3) / 2

= 20 × (20 - 3) / 2

= 20 × 17 / 2

= 10 × 17 = 170

सूत्र: n(n - 3) / 2 = 27

n(n - 3) = 54

54 को दो ऐसी संख्याओं के गुणनफल में तोड़ें जिनका अंतर 3 हो: 9 × 6 = 54

अतः n = 9 और (n - 3) = 6

भुजाओं की संख्या n = 9

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n = 40°

n = 360° / 40° = 9 भुजाएँ

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 9 × (9 - 3) / 2

= 9 × 6 / 2

= 27

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - अंतःकोण = 180° - 150° = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 30° = 12

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 12 × (12 - 3) / 2

= 12 × 9 / 2 = 54

प्रश्नानुसार: विकर्ण = 3 × भुजाएँ

n(n - 3) / 2 = 3n

दोनों ओर n से भाग देने पर (चूँकि n ≠ 0):

(n - 3) / 2 = 3

n - 3 = 6

n = 6 + 3 = 9

माना पहले बहुभुज की भुजाएँ = x तथा दूसरे की = 2x

पहले के विकर्ण = x(x - 3) / 2

दूसरे के विकर्ण = 2x(2x - 3) / 2

अनुपात = [x(x - 3)] / [2x(2x - 3)] = 2 / 11

(x - 3) / [2(2x - 3)] = 2 / 11

11(x - 3) = 4(2x - 3)

11x - 33 = 8x - 12

3x = 21 ⇒ x = 7

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL तथा Railway परीक्षाओं में इस सब-टॉपिक से सीधे सूत्र आधारित या बाह्य/अंतःकोण के साथ मिलाकर लगभग हर 2-3 शिफ्टों में 1 प्रश्न अवश्य पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 जब विकर्ण (D) दिए हों, तो n² - 3n = 2D बनेगा। द्विघात समीकरण हल करने के बजाय दिए गए विकल्पों से सीधे n(n - 3)/2 जाँचें, उत्तर 5 सेकंड में मिल जाएगा। पुस्तक विधि की तुलना में यह सबसे तेज़ है। ट्रिक: n(n - 3) = 2 × विकर्ण। 2 × D के ऐसे दो गुणनखंड खोजें जिनका अंतर 3 हो; बड़ा गुणनखंड ही n होगा।

मध्य-बिंदु प्रमेय और समांतर चतुर्भुज में क्षेत्रफल के संबंध

यह उप-विषय त्रिभुज के मध्य-बिंदु प्रमेय (Mid-point Theorem) और समांतर चतुर्भुज (Parallelogram) के क्षेत्रफल संबंधी नियमों पर आधारित है। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समांतर और उसकी आधी होती है। समांतर चतुर्भुज में, यदि किसी एक भुजा पर कोई बिंदु लिया जाए और उसे सामने की भुजा के दोनों शीर्षों से मिलाया जाए, तो बने त्रिभुज का क्षेत्रफल पूरे समांतर चतुर्भुज का आधा होता है। साथ ही, समांतर चतुर्भुज के विकर्ण इसे समान क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बाँटते हैं। परीक्षा में क्षेत्रफल के अनुपात या अज्ञात क्षेत्रफल ज्ञात करने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Area(Triangle) = (1/2) × Area(Parallelogram) — जब समांतर चतुर्भुज की किसी भुजा पर स्थित बिंदु से सामने के दो शीर्षों को जोड़कर त्रिभुज बनाया जाए।

Area(DEC) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(DEC) = (1/2) × 80

Area(DEC) = 40 cm²

Area(ABE) = (1/2) × Area(ABCD)

36 = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 36 × 2

Area(ABCD) = 72 cm²

📐 Area(Inner Parallelogram) = (1/2) × Area(Outer Parallelogram) — जब किसी समांतर चतुर्भुज की चारों भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को क्रम से जोड़कर नया चतुर्भुज बनाया जाए।

Area(PQRS) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(PQRS) = (1/2) × 120

Area(PQRS) = 60 cm²

Area(मध्य-बिंदु चतुर्भुज) = (1/2) × Area(ABCD)

45 = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 45 × 2

Area(ABCD) = 90 cm²

📐 DE = (1/2) × BC तथा DE || BC (त्रिभुज का मध्य-बिंदु प्रमेय) — जब किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को आपस में मिलाया जाता है।

मध्य-बिंदु प्रमेय से, DE = (1/2) × BC

DE = (1/2) × 14

DE = 7 cm

मध्य-बिंदु प्रमेय से, BC = 2 × DE

BC = 2 × 9

BC = 18 cm

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण इसे 4 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करते हैं

Area(AOB) = (1/4) × Area(ABCD)

Area(AOB) = (1/4) × 96

Area(AOB) = 24 cm²

Area(APB) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(APB) = (1/2) × 100 = 50 cm²

शेष भाग का क्षेत्रफल = Area(ABCD) - Area(APB)

शेष भाग का क्षेत्रफल = 100 - 50 = 50 cm²

अनुपात = 50 : 50 = 1 : 1

विपरीत भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा समांतर चतुर्भुज को 2 बराबर भागों में बांटती है

Area(PBCQ) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(PBCQ) = (1/2) × 144

Area(PBCQ) = 72 cm²

ΔAPQ ~ ΔABC (भुजाओं का अनुपात = 1 : 2)

Area(APQ) : Area(ABC) = 1² : 2² = 1 : 4

Area(ABC) = 4 × Area(APQ) = 4 × 15 = 60 cm²

Area(PBCQ) = Area(ABC) - Area(APQ)

Area(PBCQ) = 60 - 15 = 45 cm²

AB || CD होने से, AP || CD तथा ΔAPQ ~ ΔCDQ

AP : CD = 1 : 2, इसलिए AQ : QC = 1 : 2

त्रिभुज ADC में, AQ = (1/3) AC होने के कारण Area(AQD) = (1/3) Area(ADC)

Area(ADC) = (1/2) Area(ABCD)

Area(AQD) = (1/3) × (1/2) Area(ABCD) = (1/6) Area(ABCD)

Area(ΔAQD) : Area(ABCD) = 1 : 6

ΔBOE ~ ΔDOA (BE || AD और BE = 1/2 AD)

BO : OD = 1 : 2, इसलिए BO : BD = 1 : 3

Area(ABC) = (1/2) × 120 = 60 cm²

Area(ABE) = (1/2) × Area(ABC) = 30 cm²

O बिंदु AE को 1 : 2 में विभाजित करता है, अतः Area(BOE) = (1/3) × Area(ABE)

Area(BOE) = (1/3) × 30 = 10 cm²

Area(PQRS) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 2 × 36 = 72 cm²

चारों कोनों के त्रिभुजों का क्षेत्रफल = Area(ABCD) - Area(PQRS)

क्षेत्रफल का योग = 72 - 36 = 36 cm²

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL, CHSL, MTS और GD में इस उप-विषय से सीधे क्षेत्रफल अनुपात और मध्य-बिंदु रेखा की लंबाई पर आधारित 1-2 प्रश्न लगभग हर शिफ्ट में पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 याद रखें कि किसी भी समांतर चतुर्भुज की भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने पर बना अंदरूनी चतुर्भुज हमेशा मूल चतुर्भुज का आधा क्षेत्रफल (1/2) घेरता है। 1:4 का अनुपात केवल त्रिभुज के मध्य-बिंदु से बने छोटे त्रिभुज में लागू होता है। process तेजी से होगी।|2|3|4|5|6|7|8|9|10|11|12|13|14|15|16|17|18|19|20|21|22|23|24|25|26|27|28|29|30|31|32|33|34|35|36|37|38|39|40|41|42|43|44|45|46|47|48|49|50|51|52|53|54|55|56|57|58|59|60|61|62|63|64|65|66|67|68|69|70|71|72|73|74|75|76|77|78|79|80|81|82|83|84|85|86|87|8

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. 10 भुजाओं वाले एक बहुभुज (Decagon) में विकर्णों की कुल संख्या ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 35
  2. (ख) 45
  3. (ग) 70
  4. (घ) 20
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 35

सूत्र: विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2। यहाँ n = 10, इसलिए विकर्ण = 10 × (10 - 3) / 2 = (10 × 7) / 2 = 35।

2. यदि किसी सम बहुभुज का प्रत्येक आंतरिक कोण 144° है, तो बहुभुज की भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 8
  2. (ख) 10
  3. (ग) 12
  4. (घ) 15
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 10

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 144° = 36°। भुजाओं की संख्या n = 360° / 36° = 10।

3. एक समचतुर्भुज (Rhombus) के विकर्णों की लंबाई 16 सेमी और 12 सेमी है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 40 सेमी
  2. (ख) 28 सेमी
  3. (ग) 56 सेमी
  4. (घ) 96 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 40 सेमी

समचतुर्भुज की भुजा = √[(d1/2)² + (d2/2)²] = √[(8)² + (6)²] = √(64 + 36) = 10 सेमी। परिमाप = 4 × 10 = 40 सेमी।

4. एक समांतर चतुर्भुज ABCD में, कोण A = (3x + 20)° और कोण B = (2x + 10)° है। कोण C का मान ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 70°
  2. (ख) 110°
  3. (ग) 80°
  4. (घ) 100°
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 110°

आसन्न कोणों का योग = 180° ⇒ (3x + 20) + (2x + 10) = 180° ⇒ 5x + 30 = 180° ⇒ x = 30°। कोण A = 3(30) + 20 = 110°। समांतर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं, इसलिए C = A = 110°।

5. एक सम बहुभुज के आंतरिक कोण और बाह्य कोण का अनुपात 7 : 2 है। बहुभुज की भुजाओं की संख्या क्या होगी?

  1. (क) 7
  2. (ख) 8
  3. (ग) 9
  4. (घ) 10
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 9

आंतरिक कोण + बाह्य कोण = 180° ⇒ 7x + 2x = 180° ⇒ 9x = 180° ⇒ x = 20°। बाह्य कोण = 2(20°) = 40°। भुजाओं की संख्या n = 360° / 40° = 9।

6. एक समलंब चतुर्भुज (Trapezium) की समांतर भुजाओं का अनुपात 3 : 5 है और उनके बीच की दूरी 12 सेमी है। यदि क्षेत्रफल 384 सेमी² है, तो लंबी समांतर भुजा की लंबाई ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 24 सेमी
  2. (ख) 32 सेमी
  3. (ग) 40 सेमी
  4. (घ) 48 सेमी
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) 40 सेमी

क्षेत्रफल = (1/2) × (3x + 5x) × 12 = 384 ⇒ 48x = 384 ⇒ x = 8। लंबी समांतर भुजा = 5 × 8 = 40 सेमी।

7. एक समचतुर्भुज (Rhombus) का परिमाप 100 सेमी है और इसका एक विकर्ण 48 सेमी है। इस समचतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 336 सेमी²
  2. (ख) 672 सेमी²
  3. (ग) 168 सेमी²
  4. (घ) 300 सेमी²
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 336 सेमी²

भुजा = 100 / 4 = 25 सेमी। आधा पहला विकर्ण = 24 सेमी। पाइथागोरस से दूसरा आधा विकर्ण = √(25² - 24²) = √(625 - 576) = √49 = 7 सेमी। इसलिए d2 = 14 सेमी। क्षेत्रफल = (1/2) × 48 × 14 = 336 सेमी²।

8. ABCD एक समांतर चतुर्भुज है जिसका क्षेत्रफल 144 सेमी² है। E और F क्रमशः भुजाओं AB और CD के मध्य-बिंदु हैं। रेखाखंड EF विकर्ण AC को बिंदु O पर काटता है। त्रिभुज AEO का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 18 सेमी²
  2. (ख) 36 सेमी²
  3. (ग) 24 सेमी²
  4. (घ) 9 सेमी²
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 18 सेमी²

विकर्ण AC समांतर चतुर्भुज को समान क्षेत्रफल वाले दो त्रिभुजों में बांटता है, इसलिए Area(ABC) = 144 / 2 = 72 सेमी²। ∆ABC में, E भुजा AB का और O विकर्ण AC का मध्य-बिंदु है। इसलिए ∆AEO, ∆ABC के समरूप है और इसका क्षेत्रफल = (1/2)² × Area(ABC) = 72 / 4 = 18 सेमी²।

9. दो सम बहुभुजों की भुजाओं का अनुपात 1 : 2 है और उनके आंतरिक कोणों का अनुपात 3 : 4 है। दोनों बहुभुजों के विकर्णों की कुल योग संख्या ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 40
  2. (ख) 35
  3. (ग) 45
  4. (घ) 50
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 40

भुजाएँ n और 2n हैं। आंतरिक कोण का अनुपात: [(n-2)180/n] / [(2n-2)180/2n] = (n-2)/(n-1) = 3/4 ⇒ 4n - 8 = 3n - 3 ⇒ n = 5। पहली आकृति की भुजाएँ 5 तथा दूसरी की 10। विकर्ण = [5(2)/2] + [10(7)/2] = 5 + 35 = 40।

10. एक समलंब चतुर्भुज ABCD में, AB || CD और AB = 2 CD है। विकर्ण AC और BD परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। यदि त्रिभुज AOB का क्षेत्रफल 84 सेमी² है, तो समलंब चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

  1. (क) 189 सेमी²
  2. (ख) 168 सेमी²
  3. (ग) 126 सेमी²
  4. (घ) 252 सेमी²
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 189 सेमी²

∆AOB ~ ∆COD, भुज अनुपात AB:CD = 2:1 ⇒ Area(AOB):Area(COD) = 4:1 ⇒ Area(COD) = 84 / 4 = 21 सेमी²। AO:OC = 2:1 होने से Area(AOD) = Area(BOC) = 84 / 2 = 42 सेमी²। कुल क्षेत्रफल = 84 + 21 + 42 + 42 = 189 सेमी²।

English version — Geometry: Quadrilaterals and Polygons

Quadrilaterals and Polygons carry 2 to 3 direct questions in both Tier-1 and Tier-2 of SSC CGL, CHSL, and CPO exams. This chapter is highly scoring because most questions rely directly on standard formulas and geometric properties. With concise practice, students can easily score full marks in this section.

Properties of Quadrilaterals (Parallelogram, Rectangle, Rhombus, Square, Trapezium)

A quadrilateral is a 4-sided polygon with interior angles summing to 360°. In a parallelogram, opposite sides are equal and parallel, and diagonals bisect each other. A rectangle has four right angles and equal diagonals. A rhombus has all four sides equal, and its diagonals bisect each other at right angles (90°). A square has all properties of both a rectangle and a rhombus. A trapezium has only one pair of opposite sides parallel.

Formulas with examples

📐 Rhombus: d₁² + d₂² = 4a² (जहाँ d₁, d₂ विकर्ण हैं और a भुजा है) — Used when the diagonals and side of a rhombus are to be related.

समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लंब समद्विभाजक होते हैं

अर्ध-विकर्ण = 16/2 = 8 सेमी और 12/2 = 6 सेमी

भुजा a = √(8² + 6²)

a = √(64 + 36) = √100 = 10 सेमी

भुजा a = परिमाप / 4 = 52 / 4 = 13 सेमी

पहला अर्ध-विकर्ण (d₁/2) = 24 / 2 = 12 सेमी

दूसरे अर्ध-विकर्ण (d₂/2) = √(a² - (d₁/2)²)

d₂/2 = √(13² - 12²) = √(169 - 144) = √25 = 5 सेमी

दूसरा विकर्ण d₂ = 5 × 2 = 10 सेमी

📐 Parallelogram: d₁² + d₂² = 2(a² + b²) (जहाँ a, b सम्मुख भुजाएँ हैं) — Used to find diagonals or sides of a parallelogram using Apollonius theorem.

सूत्र: d₁² + d₂² = 2(a² + b²)

12² + d₂² = 2(10² + 8²)

144 + d₂² = 2(100 + 64) = 2 × 164 = 328

d₂² = 328 - 144 = 184

d₂ = √184 = 2√46 सेमी

सूत्र: d₁² + d₂² = 2(a² + b²)

d₁² + d₂² = 2(5² + 7²)

d₁² + d₂² = 2(25 + 49) = 2 × 74

d₁² + d₂² = 148 सेमी²

📐 Trapezium Mid-segment: MN = (AB + CD) / 2 तथा विकर्णों के मध्य बिंदुओं के बीच की दूरी = |AB - CD| / 2 — Used to find length of mid-line or line joining mid-points of diagonals in a trapezium.

मध्य-बिंदु रेखा (Mid-segment) = (AB + CD) / 2

लंबाई = (14 + 8) / 2

लंबाई = 22 / 2 = 11 सेमी

विकर्णों के मध्य बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड की लंबाई = (समांतर भुजाओं का अंतर) / 2

दूरी = (18 - 10) / 2

दूरी = 8 / 2 = 4 सेमी

Question types asked

Solved questions (every type)

समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग 180° होता है

(3x - 10) + (2x + 15) = 180

5x + 5 = 180

5x = 175 => x = 35

∠A = 3(35) - 10 = 105 - 10 = 95°

सम्मुख कोण बराबर होते हैं: ∠C = ∠A = 95°

हम जानते हैं कि आसन्न कोणों का योग 180° होता है: ∠A + ∠B = 180°

दोनों तरफ 2 से भाग देने पर: (∠A/2) + (∠B/2) = 90°

त्रिभुज APB में, ∠PAB + ∠PBA + ∠APB = 180°

90° + ∠APB = 180°

∠APB = 180° - 90° = 90°

क्षेत्रफल = (1/2) × d₁ × d₂

216 = (1/2) × 18 × d₂ => 9 × d₂ = 216 => d₂ = 24 सेमी

अर्ध-विकर्ण: d₁/2 = 9 सेमी, d₂/2 = 12 सेमी

भुजा a = √(9² + 12²) = √(81 + 144) = √225 = 15 सेमी

परिमाप = 4 × a = 4 × 15 = 60 सेमी

आयत के विकर्ण बराबर होते हैं और परस्पर समद्विभाजित करते हैं: OA = OD

∠AOD और ∠BOC शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए ∠AOD = 68°

त्रिभुज OAD समद्विबाहु त्रिभुज है (OA = OD), इसलिए ∠OAD = ∠ODA

∠OAD + ∠ODA + ∠AOD = 180°

2 × ∠OAD + 68° = 180° => 2 × ∠OAD = 112°

∠OAD = 56°

वर्ग में विकर्ण कोण को समद्विभाजित करता है: ∠BAC = 45°

त्रिभुज ABE में, AB = AE दिया गया है

अतः ∠ABE = ∠AEB

त्रिभुज के कोणों का योग: ∠BAC + ∠ABE + ∠AEB = 180°

45° + 2(∠ABE) = 180°

2(∠ABE) = 135° => ∠ABE = 67.5°

समलंब में विकर्णों के मध्य-बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड की लंबाई:

PQ = |AB - CD| / 2

PQ = |16 - 10| / 2

PQ = 6 / 2 = 3 सेमी

AB || CD होने के कारण आसन्न अंतःकोणों का योग: ∠A + ∠D = 180°

∠D = 180° - 70° = 110°

समद्विबाहु समलंब में समांतर आधार पर बने कोण बराबर होते हैं: ∠D = ∠C

अतः ∠C = 110°

(वैकल्पिक: समद्विबाहु समलंब चक्रीय होता है, अतः ∠A + ∠C = 180° => ∠C = 180° - 70° = 110°)

How it is asked

Asked frequently in SSC CGL, CHSL, and CPO (1-2 questions per shift). The most common patterns involve the rhombus diagonal-side relation (d₁² + d₂² = 4a²), angle bisectors of adjacent angles in a parallelogram intersecting at 90°, and mid-points of diagonals in a trapezium.

Common mistakes

💡 याद रखें: समांतर चतुर्भुज के किन्हीं भी दो लगातार कोणों के समद्विभाजक हमेशा 90° पर मिलते हैं, और समचतुर्भुज में विकर्ण भुजा के साथ 3-4-5 या 5-12-13 जैसे समकोण ट्रिपलेट बनाते हैं। ट्रिपलेट पहचानते ही सेकंडों में उत्तर आ जाता है। तीनों मुख्य आकृतियों के विकर्ण गुणधर्म मुँहजुबानी याद रखें। समलंब में अंतर/2 और योग/2 का अंतर ध्यान रखें। चक्रीय समलंब के सम्मुख कोण 180° होते हैं। यह सब सीधे विकल्प देखकर हल करने में मदद करते हैं। समय बचाने के लिए आकृतियों के चित्र मन में बनाएं। परीक्षा में सीधे ट्रिपलेट

Interior and Exterior Angles of Polygons

For any n-sided polygon, the sum of all interior angles is given by (n - 2) × 180°. This is because an n-sided polygon can be divided into (n - 2) triangles from a single vertex. The sum of all exterior angles for any convex polygon is always 360°. In a regular polygon, all sides and angles are equal, so each exterior angle = 360° / n and each interior angle = 180° - exterior angle.

Formulas with examples

📐 Sum of interior angles = (n - 2) × 180° — When finding the sum of all interior angles of an n-sided polygon.

n = 6

योग = (n - 2) × 180°

योग = (6 - 2) × 180°

योग = 4 × 180° = 720°

n = 8

योग = (n - 2) × 180°

योग = (8 - 2) × 180°

योग = 6 × 180° = 1080°

📐 Each exterior angle of a regular polygon = 360° / n — When finding each exterior angle of a regular polygon.

n = 9

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 9 = 40°

n = 10

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 10 = 36°

Question types asked

Solved questions (every type)

भुजाओं की संख्या (n) = 12

आंतरिक कोणों का योग = (n - 2) × 180°

योग = (12 - 2) × 180°

योग = 10 × 180° = 1800°

भुजाओं की संख्या (n) = 8

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 8 = 45°

प्रत्येक आंतरिक कोण = 180° - 45° = 135°

भुजाओं की संख्या (n) = 5

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / 5 = 72°

माना आंतरिक कोण = 7x और बाह्य कोण = 2x

7x + 2x = 180° => 9x = 180° => x = 20°

प्रत्येक बाह्य कोण = 2 × 20° = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 40° = 9

योग = (9 - 2) × 180° = 7 × 180° = 1260°

माना बाह्य कोण = x, आंतरिक कोण = x + 132°

(x + 132°) + x = 180° => 2x = 48° => x = 24°

प्रत्येक बाह्य कोण = 24°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 24° = 15

योग = (15 - 2) × 180° = 13 × 180° = 2340°

माना भुजाएँ n और 2n हैं

पहला आंतरिक कोण / दूसरा आंतरिक कोण = 3 / 4

[(n - 2) / n] / [(2n - 2) / 2n] = 3 / 4

2(n - 2) / (2n - 2) = 3 / 4 => (n - 2) / (n - 1) = 3 / 4

4n - 8 = 3n - 3 => n = 5

पहला बहुभुज (n = 5) के कोणों का योग = (5 - 2) × 180° = 540°

पहले का योग = (n1 - 2) × 180° = 1080° => n1 - 2 = 6 => n1 = 8

दूसरे का योग = (n2 - 2) × 180° = 1800° => n2 - 2 = 10 => n2 = 12

भुजाओं का अनुपात = 8 : 12 = 2 : 3 (संतुष्ट)

छोटे बहुभुज (n = 8) का बाह्य कोण = 360° / 8 = 45°

प्रत्येक आंतरिक कोण = 180° - 45° = 135°

How it is asked

1-2 questions are asked from this sub-topic every year in SSC CGL, CHSL, MTS, and GD. Asking for interior angle sum or number of sides given the angle ratio is SSC's favorite pattern.

Common mistakes

💡 जब भी प्रत्येक आंतरिक कोण निकालना हो, पहले बाह्य कोण = 360°/n निकालें, फिर 180° - बाह्य कोण करें। यह तरीका (n-2)×180/n से बहुत तेज़ है।", "tip_en": "To find each interior angle, first calculate exterior angle = 360°/n, then subtract from 180°. This is much faster than using (n-2)×180/n.

Finding Number of Sides of a Polygon from an Angle

Finding the number of sides (n) of a regular polygon is quickest using its exterior angle. The sum of all exterior angles of any convex polygon is always 360°. Since an interior angle and exterior angle at any vertex form a linear pair (sum = 180°), subtract the interior angle from 180° to find the exterior angle. Dividing 360° by this exterior angle directly gives the number of sides.

Formulas with examples

📐 n = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण (Exterior Angle) — Use when either the interior angle or the exterior angle of a regular polygon is given.

प्रत्येक बाह्य कोण = 45°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 45° = 8

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - प्रत्येक अंतः कोण

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 144° = 36°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 36° = 10

📐 n = 2 × (I + E) / E (जहाँ Interior : Exterior = I : E) — Use directly when the ratio of interior angle to exterior angle (I : E) is provided.

यहाँ I = 3 और E = 1

शॉर्टकट सूत्र: n = 2 × (I + E) / E

n = 2 × (3 + 1) / 1

n = 2 × 4 = 8

यहाँ I = 5 और E = 1

शॉर्टकट सूत्र: n = 2 × (I + E) / E

n = 2 × (5 + 1) / 1

n = 2 × 6 = 12

Question types asked

Solved questions (every type)

सम बहुभुज के बाह्य कोणों का योग = 360°

प्रत्येक बाह्य कोण = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / बाह्य कोण

n = 360° / 40° = 9

अंतः कोण + बाह्य कोण = 180°

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 150° = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / प्रत्येक बाह्य कोण

n = 360° / 30° = 12

माना अंतः कोण = 7x तथा बाह्य कोण = 2x

7x + 2x = 180° ⇒ 9x = 180° ⇒ x = 20°

प्रत्येक बाह्य कोण = 2x = 2 × 20° = 40°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 40° = 9

माना अंतः कोण = I और बाह्य कोण = E

I + E = 180° और I - E = 108°

समीकरणों को घटाने पर: 2E = 180° - 108° = 72°

E = 72° / 2 = 36°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 36° = 10

माना बाह्य कोण = E, तो अंतः कोण = 5E

5E + E = 180° ⇒ 6E = 180°

E = 180° / 6 = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / E

n = 360° / 30° = 12

माना बहुभुजों की भुजाएँ क्रमशः n और 2n हैं।

प्रत्येक अंतः कोण = (भुजा - 2) × 180° / भुजा

अनुपात = [(n - 2) / n] ÷ [(2n - 2) / 2n] = 2 / 3

[(n - 2) / n] × [2n / 2(n - 1)] = 2 / 3

(n - 2) / (n - 1) = 2 / 3

3n - 6 = 2n - 2 ⇒ n = 4

अंतः कोणों का अंतर = बाह्य कोणों का अंतर होता है।

(360° / n) - [360° / (n + 1)] = 4°

360° × [(n + 1 - n) / (n(n + 1))] = 4°

360 / [n(n + 1)] = 4 ⇒ n(n + 1) = 90

90 = 9 × 10, अतः तुलना करने पर n = 9

How it is asked

Asked in SSC CGL, CHSL, and CPO roughly once every 2-3 shifts, either directly from angle values or as ratio comparisons.

Common mistakes

💡 जब भी प्रश्न में अंतः कोण (Interior Angle) दिया हो, तो सूत्र (n-2)×180°/n लगाने के बजाय पहले 180° में से घटाकर बाह्य कोण निकालें और सीधे n = 360°/E लगाएँ। इससे गणना 3 गुना तेज हो जाती है। दो बहुभुजों के अंतः कोणों का अंतर हमेशा उनके बाह्य कोणों के अंतर के बराबर होता है। सूत्र: (360/n₁) - (360/n₂) = अंतर। इससे द्विघात समीकरण बहुत सरल हो जाता है। यदि अंतः कोण और बाह्य कोण का अनुपात I : E दिया हो, तो भुजाओं की संख्या n = 2(I + E)/E सीधे मौखिक निकल आती है। उदाहरण: अनुपात 5:1 होने पर n = 2(5+1)/1 = 1

Number of Diagonals in a Polygon

A diagonal in a polygon is a line segment connecting two non-adjacent vertices. For an n-sided polygon, selecting any two vertices gives nC2 = n(n-1)/2 possible line segments, out of which n are sides, leaving n(n-3)/2 diagonals. Whenever an exam question asks for the count of diagonals from the number of sides, or vice versa, this core formula is applied directly.

Formulas with examples

📐 विकर्णों की संख्या (Number of Diagonals) = n(n - 3) / 2 — Used to find the number of diagonals when sides (n) are given, or to find the number of sides when the count of diagonals is known.

अष्टभुज में भुजाओं की संख्या (n) = 8

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

विकर्ण = 8 × (8 - 3) / 2

विकर्ण = 8 × 5 / 2 = 20

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2 = 54

n(n - 3) = 108

108 के ऐसे गुणनखंड जिनका अंतर 3 हो: 12 × 9 = 108

n = 12

Question types asked

Solved questions (every type)

यहाँ भुजाओं की संख्या n = 12 है।

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 12 × (12 - 3) / 2

= 12 × 9 / 2

= 6 × 9 = 54

यहाँ भुजाओं की संख्या n = 20 है।

विकर्ण = n(n - 3) / 2

= 20 × (20 - 3) / 2

= 20 × 17 / 2

= 10 × 17 = 170

सूत्र: n(n - 3) / 2 = 27

n(n - 3) = 54

54 को दो ऐसी संख्याओं के गुणनफल में तोड़ें जिनका अंतर 3 हो: 9 × 6 = 54

अतः n = 9 और (n - 3) = 6

भुजाओं की संख्या n = 9

प्रत्येक बाह्य कोण = 360° / n = 40°

n = 360° / 40° = 9 भुजाएँ

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 9 × (9 - 3) / 2

= 9 × 6 / 2

= 27

प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - अंतःकोण = 180° - 150° = 30°

भुजाओं की संख्या (n) = 360° / 30° = 12

विकर्णों की संख्या = n(n - 3) / 2

= 12 × (12 - 3) / 2

= 12 × 9 / 2 = 54

प्रश्नानुसार: विकर्ण = 3 × भुजाएँ

n(n - 3) / 2 = 3n

दोनों ओर n से भाग देने पर (चूँकि n ≠ 0):

(n - 3) / 2 = 3

n - 3 = 6

n = 6 + 3 = 9

माना पहले बहुभुज की भुजाएँ = x तथा दूसरे की = 2x

पहले के विकर्ण = x(x - 3) / 2

दूसरे के विकर्ण = 2x(2x - 3) / 2

अनुपात = [x(x - 3)] / [2x(2x - 3)] = 2 / 11

(x - 3) / [2(2x - 3)] = 2 / 11

11(x - 3) = 4(2x - 3)

11x - 33 = 8x - 12

3x = 21 ⇒ x = 7

How it is asked

Asked frequently in SSC CGL, CHSL, MTS, and Railway exams, either directly asking for the number of diagonals from given sides or indirectly by giving an interior/exterior angle first.

Common mistakes

💡 जब विकर्ण (D) दिए हों, तो n² - 3n = 2D बनेगा। द्विघात समीकरण हल करने के बजाय दिए गए विकल्पों से सीधे n(n - 3)/2 जाँचें, उत्तर 5 सेकंड में मिल जाएगा। पुस्तक विधि की तुलना में यह सबसे तेज़ है। ट्रिक: n(n - 3) = 2 × विकर्ण। 2 × D के ऐसे दो गुणनखंड खोजें जिनका अंतर 3 हो; बड़ा गुणनखंड ही n होगा।

Mid-point Theorem and Area Relations in a Parallelogram

This sub-topic covers the Mid-point Theorem and area relations in parallelograms. According to the Mid-point Theorem, the segment joining the midpoints of two sides of a triangle is parallel to the third side and half its length. In a parallelogram, any triangle formed by choosing a point on one side and connecting it to the opposite vertices has half the area of the parallelogram. Also, diagonals divide a parallelogram into triangles of equal area. SSC exams frequently test area ratios and calculated values based on these properties.

Formulas with examples

📐 Area(Triangle) = (1/2) × Area(Parallelogram) — When a triangle is formed by connecting any point on one side of a parallelogram to the opposite vertices.

Area(DEC) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(DEC) = (1/2) × 80

Area(DEC) = 40 cm²

Area(ABE) = (1/2) × Area(ABCD)

36 = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 36 × 2

Area(ABCD) = 72 cm²

📐 Area(Inner Parallelogram) = (1/2) × Area(Outer Parallelogram) — When the midpoints of the four sides of a quadrilateral or parallelogram are joined in order.

Area(PQRS) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(PQRS) = (1/2) × 120

Area(PQRS) = 60 cm²

Area(मध्य-बिंदु चतुर्भुज) = (1/2) × Area(ABCD)

45 = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 45 × 2

Area(ABCD) = 90 cm²

📐 DE = (1/2) × BC तथा DE || BC (त्रिभुज का मध्य-बिंदु प्रमेय) — When midpoints of two sides of a triangle are joined.

मध्य-बिंदु प्रमेय से, DE = (1/2) × BC

DE = (1/2) × 14

DE = 7 cm

मध्य-बिंदु प्रमेय से, BC = 2 × DE

BC = 2 × 9

BC = 18 cm

Question types asked

Solved questions (every type)

समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण इसे 4 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करते हैं

Area(AOB) = (1/4) × Area(ABCD)

Area(AOB) = (1/4) × 96

Area(AOB) = 24 cm²

Area(APB) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(APB) = (1/2) × 100 = 50 cm²

शेष भाग का क्षेत्रफल = Area(ABCD) - Area(APB)

शेष भाग का क्षेत्रफल = 100 - 50 = 50 cm²

अनुपात = 50 : 50 = 1 : 1

विपरीत भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा समांतर चतुर्भुज को 2 बराबर भागों में बांटती है

Area(PBCQ) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(PBCQ) = (1/2) × 144

Area(PBCQ) = 72 cm²

ΔAPQ ~ ΔABC (भुजाओं का अनुपात = 1 : 2)

Area(APQ) : Area(ABC) = 1² : 2² = 1 : 4

Area(ABC) = 4 × Area(APQ) = 4 × 15 = 60 cm²

Area(PBCQ) = Area(ABC) - Area(APQ)

Area(PBCQ) = 60 - 15 = 45 cm²

AB || CD होने से, AP || CD तथा ΔAPQ ~ ΔCDQ

AP : CD = 1 : 2, इसलिए AQ : QC = 1 : 2

त्रिभुज ADC में, AQ = (1/3) AC होने के कारण Area(AQD) = (1/3) Area(ADC)

Area(ADC) = (1/2) Area(ABCD)

Area(AQD) = (1/3) × (1/2) Area(ABCD) = (1/6) Area(ABCD)

Area(ΔAQD) : Area(ABCD) = 1 : 6

ΔBOE ~ ΔDOA (BE || AD और BE = 1/2 AD)

BO : OD = 1 : 2, इसलिए BO : BD = 1 : 3

Area(ABC) = (1/2) × 120 = 60 cm²

Area(ABE) = (1/2) × Area(ABC) = 30 cm²

O बिंदु AE को 1 : 2 में विभाजित करता है, अतः Area(BOE) = (1/3) × Area(ABE)

Area(BOE) = (1/3) × 30 = 10 cm²

Area(PQRS) = (1/2) × Area(ABCD)

Area(ABCD) = 2 × 36 = 72 cm²

चारों कोनों के त्रिभुजों का क्षेत्रफल = Area(ABCD) - Area(PQRS)

क्षेत्रफल का योग = 72 - 36 = 36 cm²

How it is asked

In SSC exams (CGL, CHSL, MTS, GD), 1-2 questions directly based on area ratios and mid-point line segment lengths are regularly asked in almost every shift.

Common mistakes

💡 याद रखें कि किसी भी समांतर चतुर्भुज की भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने पर बना अंदरूनी चतुर्भुज हमेशा मूल चतुर्भुज का आधा क्षेत्रफल (1/2) घेरता है। 1:4 का अनुपात केवल त्रिभुज के मध्य-बिंदु से बने छोटे त्रिभुज में लागू होता है। process तेजी से होगी।|2|3|4|5|6|7|8|9|10|11|12|13|14|15|16|17|18|19|20|21|22|23|24|25|26|27|28|29|30|31|32|33|34|35|36|37|38|39|40|41|42|43|44|45|46|47|48|49|50|51|52|53|54|55|56|57|58|59|60|61|62|63|64|65|66|67|68|69|70|71|72|73|74|75|76|77|78|79|80|81|82|83|84|85|86|87|8

All formulas at a glance

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