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SSC CGLकंप्यूटर (Computer)

कंप्यूटर की मूल बातें (हार्डवेयर, मेमोरी, संख्या प्रणाली)

Basics of Computer (Hardware, Memory, Number System)

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय SSC CGL और CHSL टियर-2 के कंप्यूटर ज्ञान मॉड्यूल (CKT) में 4 से 6 प्रश्नों के रूप में पूछा जाता है। यह एक क्वालिफाइंग लेकिन अत्यंत निर्णायक विषय है, जिसमें सही तथ्यात्मक तैयारी से पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

कंप्यूटर की पीढ़ियाँ और प्रकार

कंप्यूटर के विकास के इतिहास को मुख्य हार्डवेयर तकनीक में बदलाव के आधार पर पाँच पीढ़ियों (Generations) में बाँटा गया है। पहली पीढ़ी में वैक्यूम ट्यूब, दूसरी में ट्रांजिस्टर, तीसरी में इंटीग्रेटेड सर्किट (IC), चौथी में माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) और पाँचवीं पीढ़ी में अल्ट्रा लार्ज स्केल इंटीग्रेशन (ULSI/AI) का प्रयोग हुआ। इसके अलावा कंप्यूटर को उनके कार्यप्रणाली (एनालॉग, डिजिटल, हाइब्रिड) और आकार/क्षमता (माइक्रो, मिनी, मेनफ्रेम, सुपरकंप्यूटर) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। परीक्षा में मुख्य घटक (switching device), भाषा, गति और सुपरकंप्यूटर के उदाहरणों पर सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

प्रथम पीढ़ी में वैक्यूम ट्यूब (निर्वात नली) का प्रयोग हुआ था।

दूसरी पीढ़ी (1956-1963) में वैक्यूम ट्यूब को बदलकर ट्रांजिस्टर (Transistor) का उपयोग शुरू हुआ।

ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में विलियम शॉकले, जॉन बारडीन और वाल्टर ब्रैटन ने किया था।

तीसरी पीढ़ी (Third Generation) के कंप्यूटरों में मुख्य स्विचिंग डिवाइस IC चिप थी।

IC का विकास जैक किल्बी (Jack Kilby) और रॉबर्ट नोयस द्वारा किया गया था।

यह चिप अर्द्धचालक पदार्थ (Semiconductor) सिलिकॉन (Silicon) की बनी होती है।

पहली पीढ़ी में केवल मशीनी (Machine) और असेंबली भाषा का प्रयोग होता था।

दूसरी पीढ़ी में प्रारंभिक उच्च स्तरीय भाषाएँ (High Level Languages) जैसे FORTRAN और COBOL विकसित हुईं।

इनका व्यापक उपयोग दूसरी और तीसरी पीढ़ी में डेटा प्रोसेसिंग के लिए किया गया।

मरीज के शारीरिक संकेत (Analog signal) को मापा जाता है।

फिर उसे मॉनिटर पर अंकों (Digital numbers) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।

एनालॉग और डिजिटल दोनों के संयुक्त रूप को हाइब्रिड (Hybrid) कंप्यूटर कहते हैं।

माइक्रो कंप्यूटर एकल उपयोगकर्ता (Single user) के लिए होता है।

सुपरकंप्यूटर वैज्ञानिक गणनाओं और मौसम पूर्वानुमान के लिए होता है।

बैंकों और बड़े संस्थानों में केंद्रीय सर्वर के रूप में भारी डेटा प्रोसेसिंग हेतु मेनफ्रेम कंप्यूटर प्रयुक्त होता है।

भारत का पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 (परम 8000) था।

इसे वर्ष 1991 में C-DAC (पुणे) द्वारा विजय भटकर के नेतृत्व में विकसित किया गया था।

यह भारत के सुपरकंप्यूटिंग कार्यक्रम का ऐतिहासिक पड़ाव था।

इन सभी उपकरणों में माइक्रोप्रोसेसर लगा होता है।

ये एकल उपयोगकर्ता (Personal/Single User) प्रणाली हैं।

आकार और क्षमता के वर्गीकरण में इन्हें माइक्रो कंप्यूटर (Microcomputer) कहा जाता है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-II कंप्यूटर मॉड्यूल), CHSL और Railway परीक्षाओं में इस सब-टॉपिक से 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। प्रमुख पैटर्न: पीढ़ी-दर-पीढ़ी मुख्य हार्डवेयर घटक (Vacuum tube, Transistor, IC, VLSI), भारत के सुपरकंप्यूटर (PARAM श्रृंखला), तथा एनालॉग बनाम हाइब्रिड कंप्यूटर की पहचान।

आम गलतियाँ

💡 याद रखने का क्रम: पहली = वैक्यूम ट्यूब, दूसरी = ट्रांजिस्टर, तीसरी = IC, चौथी = माइक्रोप्रोसेसर (VLSI), पाँचवीं = AI/ULSI। भारत का पहला सुपरकंप्यूटर = PARAM 8000 (C-DAC)। चिप हमेशा सिलिकॉन की होती है। (VT-T-IC-MP-AI कोड याद रखें)।

इनपुट और आउटपुट डिवाइस एवं पोर्ट्स

कंप्यूटर में डेटा और निर्देश प्रविष्ट करने के लिए इनपुट डिवाइस (जैसे कीबोर्ड, माउस, स्कैनर) का उपयोग किया जाता है। सीपीयू द्वारा प्रोसेस किए गए परिणामों को उपयोगकर्ता तक पहुँचाने वाले उपकरण आउटपुट डिवाइस (जैसे मॉनिटर, प्रिंटर, प्लॉटर) कहलाते हैं। कुछ उपकरण जैसे टचस्क्रीन, मॉडेम और फैक्स मशीन दोनों (I/O) कार्य करते हैं। कंप्यूटर के मदरबोर्ड से इन बाहरी उपकरणों को जोड़ने के लिए विशेष कनेक्टर इंटरफ़ेस होते हैं, जिन्हें पोर्ट्स (Ports) कहा जाता है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 डेटा प्रवाह दिशा (Data Flow): इनपुट (यूज़र → सीपीयू) | आउटपुट (सीपीयू → यूज़र) — जब किसी डिवाइस को इनपुट या आउटपुट के रूप में वर्गीकृत करना हो।

वेबकैम बाहरी दृश्य/वीडियो कैप्चर करके कंप्यूटर में डेटा भेजता है।

डेटा का प्रवाह यूज़र/पर्यावरण से कंप्यूटर की ओर होता है।

अतः यह एक इनपुट डिवाइस है।

प्रोजेक्टर कंप्यूटर से विजुअल डेटा प्राप्त करके उसे बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है।

डेटा का प्रवाह कंप्यूटर से बाहरी दुनिया की ओर होता है।

अतः यह एक आउटपुट डिवाइस है।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

(A) माउस (B) जॉयस्टिक (C) ट्रैकबॉल (D) बारकोड रीडर

माउस, जॉयस्टिक और ट्रैकबॉल स्क्रीन पर कर्सर को नियंत्रित करने वाले पॉइंटिंग डिवाइस हैं।

बारकोड रीडर छपे हुए बारकोड को स्कैन करके डेटा इनपुट करता है, कर्सर को पॉइंट नहीं करता।

अतः बारकोड रीडर पॉइंटिंग डिवाइस नहीं है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर स्याही वाले रिबन पर पिन से प्रहार (स्ट्राइक) करके अक्षर छापता है।

कागज और रिबन के भौतिक संपर्क (मैकेनिकल स्ट्राइक) के कारण यह इम्पैक्ट श्रेणी में आता है।

लेज़र और इंकजेट प्रिंटर बिना चोट किए छपाई करते हैं, इसलिए वे नॉन-इम्पैक्ट होते हैं।

प्लॉटर (Plotter) उच्च गुणवत्ता वाले बड़े वेक्टर ग्राफिक्स बनाने के लिए पेन या कटर का उपयोग करता है।

सामान्य प्रिंटर इतने बड़े आकार और सटीक रेखाचित्रों को उच्च रिज़ॉल्यूशन में प्रिंट नहीं कर सकते।

अतः ब्लूप्रिंट और वास्तुशिल्प मानचित्रों के लिए प्लॉटर का उपयोग होता है।

(A) प्रिंटर (B) टचस्क्रीन (C) स्पीकर (D) स्कैनर

टचस्क्रीन डिस्प्ले पर उंगली से छूकर डेटा/कमांड दर्ज की जाती है (इनपुट)।

साथ ही उसी स्क्रीन पर परिणाम और ग्राफिक्स प्रदर्शित होते हैं (आउटपुट)।

अतः टचस्क्रीन इनपुट और आउटपुट दोनों का कार्य करता है।

वायर्ड इंटरनेट या लैन कनेक्शन ईथरनेट पोर्ट के माध्यम से किया जाता है।

ईथरनेट केबल के सिरे पर RJ-45 (Registered Jack 45) कनेक्टर लगा होता है।

टेलीफोन लाइन में RJ-11 का उपयोग होता है, जबकि लैन के लिए RJ-45 का उपयोग होता है।

MICR का पूर्ण रूप 'Magnetic Ink Character Recognition' है।

बैंक चेक पर चुंबकीय स्याही (आयरन ऑक्साइड) से 9 अंकों का कोड मुद्रित होता है।

MICR रीडर इस विशेष स्याही को चुंबकीय तरंगों के आधार पर स्कैन करता है।

HDMI का पूर्ण रूप 'High-Definition Multimedia Interface' है।

VGA केवल एनालॉग वीडियो सिग्नल ट्रांसमिट करता है, ऑडियो नहीं।

HDMI एक ही केबल के माध्यम से हाई-डेफिनिशन डिजिटल वीडियो और डिजिटल ऑडियो दोनों ट्रांसमिट करता है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (टीयर-2), CHSL और रेलवे परीक्षाओं में इस उप-विषय से 1-2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। प्रश्नों का प्रारूप मुख्य रूप से 'निम्न में से कौन इनपुट डिवाइस नहीं है', प्रिंटर के प्रकार (Impact vs Non-Impact), पोर्ट्स (HDMI, VGA, USB, RJ-45) के उपयोग तथा MICR/OCR/OMR के फुल फॉर्म और कार्य पर आधारित होता है।

आम गलतियाँ

💡 याद रखें: यदि डिवाइस से डेटा सिस्टम के 'अंदर' जाता है तो वह Input (जैसे Scanner) है, और यदि सिस्टम से परिणाम 'बाहर' यूजर को मिलता है तो वह Output (जैसे Printer) है। केवल Touchscreen, Modem और Network Card दोनों होते हैं। Video Ports में VGA = केवल एनालॉग वीडियो, जबकि HDMI = डिजिटल वीडियो + ऑडियो। राजा ट्रिक: 'P' से शुरू होने वाले मुख्य शब्द Printer, Plotter, Projector सब Output हैं। ट्रिक 2: MICR चेक के लिए, OMR परीक्षा ओएमआर शीट के लिए, OCR प्रिंटेड अक्षरों को एडिटेबल टेक्स्ट बनाने के लिए प्रयु

कंप्यूटर मेमोरी: प्राथमिक, द्वितीयक, कैश एवं मेमोरी इकाइयाँ

कंप्यूटर मेमोरी डेटा और निर्देशों को प्रोसेस करने से पहले या बाद में सुरक्षित रखने (store करने) का स्थान है। इसे मुख्यतः प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory जैसे RAM, ROM) और द्वितीयक मेमोरी (Secondary Storage जैसे Hard Disk, SSD) में विभाजित किया जाता है। CPU सीधे केवल प्राथमिक मेमोरी और कैश (Cache) मेमोरी से डेटा एक्सेस करता है। बिजली जाने पर डेटा नष्ट होने वाली मेमोरी को वोलेटाइल (Volatile) और डेटा सुरक्षित रखने वाली को नॉन-वोलेटाइल (Non-Volatile) कहते हैं। डेटा मापन की सबसे छोटी इकाई बिट (Bit) और मानक इकाई बाइट (Byte) होती है।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 1 Nibble = 4 Bits | 1 Byte = 8 Bits | 1 KB = 1024 Bytes | 1 MB = 1024 KB | 1 GB = 1024 MB | 1 TB = 1024 GB | 1 PB = 1024 TB — मेमोरी इकाइयों (Bit से Petabyte तक) के आपसी रूपांतरण और आकार की तुलना करने के लिए इस संबंध का उपयोग करते हैं।

1 KB = 1024 Bytes. अतः 4 KB = 4 × 1024 Bytes = 4096 Bytes.

1 Nibble = 4 Bits. निबलों की संख्या = 32 / 4 = 8 Nibbles.

📐 गति क्रम (Speed Hierarchy): CPU Registers > Cache Memory > RAM > Flash/SSD > HDD > Optical Disks — जब प्रश्न में मेमोरी को एक्सेस समय (Access Time) या डेटा ट्रांसफर गति (Speed) के आरोही/अवरोही क्रम में व्यवस्थित करने को कहा जाए।

पदानुक्रम नियम के अनुसार रजिस्टर्स सीधे CPU कोर के अंदर होते हैं, इसके बाद L1/L2/L3 कैश और फिर RAM आती है। अतः गति में रजिस्टर्स सबसे आगे हैं।

प्राथमिक मेमोरी RAM सबसे तेज़ होती है। इसके बाद सेमीकंडक्टर आधारित SSD आती है और सबसे धीमी मैकेनिकल HDD होती है। सही क्रम: RAM > SSD > HDD.

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

DRAM (Dynamic RAM) में डेटा संधारित्र (Capacitor) और ट्रांजिस्टर में स्टोर होता है, जिससे चार्ज लीक होता है। इसलिए DRAM को प्रति सेकंड सैकड़ों बार रिफ्रेश (Refresh) करना पड़ता है। SRAM (Static RAM) फ्लिप-फ्लॉप से बनती है और इसे रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। DRAM सस्ती और सघन होती है, जिसका उपयोग मुख्य सिस्टम रैम में होता है।

EEPROM का पूर्ण रूप 'Electrically Erasable Programmable Read-Only Memory' है। साधारण EPROM में डेटा पराबैंगनी किरणों (UV rays) से मिटाया जाता है। EEPROM में डेटा विद्युत पल्स (Electrical voltage) द्वारा मिटाया और दोबारा लिखा जाता है। पेन ड्राइव और आधुनिक BIOS चिप इसी तकनीक पर आधारित हैं।

CPU की गति बहुत तीव्र होती है जबकि मुख्य मेमोरी (RAM) तुलनात्मक रूप से धीमी होती है। गति के इस अंतर (Speed Mismatch) को पाटने के लिए कैश मेमोरी का प्रयोग किया जाता है। कैश मेमोरी को CPU (प्रोसेसर) और मुख्य मेमोरी (RAM) के मध्य स्थापित किया जाता है। बार-बार उपयोग होने वाले निर्देश L1, L2, L3 कैश में रखे जाते हैं।

HDD में घूमने वाली चुंबकीय प्लेट्स (Platters) और मूविंग रीड/राइट हेड होते हैं (मैकेनिकल पार्ट्स)। SSD में कोई भी मूविंग पार्ट (चलने वाला पुर्जा) नहीं होता है, यह फ्लैश मेमोरी (NAND Flash) चिप्स का उपयोग करती है। मूविंग पार्ट्स न होने के कारण SSD का डेटा एक्सेस टाइम बहुत कम होता है और झटके लगने पर खराब होने का जोखिम न्यूनतम होता है।

हम जानते हैं कि 1 GB = 1024 MB होता है। तथा 1 MB = 1024 KB होता है। इसलिए 1 GB = 1024 × 1024 KB = 10,48,576 KB होता है (या 2^20 KB)।

मेमोरी पदानुक्रम इस प्रकार बढ़ता है: Byte < Kilobyte (KB) < Megabyte (MB) < Gigabyte (GB) < Terabyte (TB) < Petabyte (PB)। अतः दिया गया सही आरोही क्रम होगा: Megabyte < Gigabyte < Terabyte < Petabyte।

वोलेटाइल मेमोरी वह होती है जो पावर कट होने पर डेटा खो देती है (जैसे RAM, Cache, Registers)। नॉन-वोलेटाइल मेमोरी पावर ऑफ होने के बाद भी डेटा को सुरक्षित रखती है। ROM (BIOS चिप), Flash Drive (पेन ड्राइव) और HDD (हार्ड डिस्क) तीनों बिजली कटने पर भी डेटा सुरक्षित रखते हैं। अतः विकल्प (B) पूर्णतः नॉन-वोलेटाइल है।

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-1 और Tier-2), CHSL एवं Railway में मेमोरी से 1 से 2 प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। सबसे पसंदीदा पैटर्न: (1) मेमोरी इकाइयों का क्रम (KB, MB, GB, TB, PB), (2) RAM (SRAM vs DRAM) और ROM के प्रकारों की फुल फॉर्म, (3) वोलेटाइल/नॉन-वोलेटाइल की पहचान, (4) सबसे तेज़ मेमोरी का चयन (Registers/Cache)।

आम गलतियाँ

💡 मेमोरी इकाइयों का क्रम याद रखने की शॉर्ट ट्रिक: 'B-K-M-G-T-P-E-Z-Y' (Bit, KB, MB, GB, TB, PB, EB, ZB, YB)। प्रत्येक अगला स्तर पिछले स्तर का 1024 गुना होता है। गति पूछे तो याद रखें: Register > Cache > RAM > ROM/Secondary। रोम कभी नहीं मिटती (Non-volatile), रैम बिजली जाते ही साफ हो जाती है (Volatile)।

संख्या प्रणाली और रूपांतरण (Number Systems)

कंप्यूटर डेटा को केवल बाइनरी रूप में प्रोसेस और स्टोर करता है। कंप्यूटर विज्ञान में चार मुख्य संख्या प्रणालियाँ होती हैं: दशमलव (Decimal - Base 10), द्विआधारी (Binary - Base 2), अष्टाधारी (Octal - Base 8), और षोडश आधारी (Hexadecimal - Base 16)। दशमलव से अन्य आधार में बदलने के लिए निरंतर भाग (Division method) विधि का उपयोग किया जाता है, जबकि अन्य आधारों से दशमलव में आने के लिए स्थानीय मान (Positional weights) से गुणा किया जाता है। परीक्षा में सीधे बाइनरी, हेक्साडेसिमल और दशमलव के आपसी रूपांतरण के प्रश्न पूछे जाते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 Decimal to Any Base (R) = Successive division by R and writing remainders in reverse order (bottom to top) — जब किसी दशमलव संख्या (Base 10) को बाइनरी (Base 2), ऑक्टल (Base 8) या हेक्साडेसिमल (Base 16) में बदलना हो।

13 ÷ 2 = 6, शेषफल = 1; 6 ÷ 2 = 3, शेषफल = 0; 3 ÷ 2 = 1, शेषफल = 1; 1 ÷ 2 = 0, शेषफल = 1; शेषफलों को नीचे से ऊपर की ओर लिखने पर = 1101

27 ÷ 8 = 3, शेषफल = 3; 3 ÷ 8 = 0, शेषफल = 3; नीचे से ऊपर क्रम में लिखने पर = 33

📐 Any Base (R) to Decimal = Sum of (Digit × R^position) from right to left (starting at position 0) — जब बाइनरी, ऑक्टल या हेक्साडेसिमल संख्या को दशमलव (Base 10) में बदलना हो।

(1 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (1 × 2⁰); = (1 × 8) + (0 × 4) + (1 × 2) + (1 × 1); = 8 + 0 + 2 + 1 = 11

हेक्साडेसिमल में A = 10 होता है; मान = (1 × 16¹) + (A × 16⁰); = (1 × 16) + (10 × 1); = 16 + 10 = 26

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

45 ÷ 2 = 22, शेष = 1; 22 ÷ 2 = 11, शेष = 0; 11 ÷ 2 = 5, शेष = 1; 5 ÷ 2 = 2, शेष = 1; 2 ÷ 2 = 1, शेष = 0; 1 ÷ 2 = 0, शेष = 1; नीचे से ऊपर शेषफल लिखने पर = 101101

स्थानीय मानों का योग: (1 × 2⁵) + (1 × 2⁴) + (0 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (0 × 2⁰); = 32 + 16 + 0 + 0 + 2 + 0; = 50

दाईं ओर से 3-3 बिट्स का समूह बनाते हैं: 110 और 101; समूह 110 = (1×4) + (1×2) + (0×1) = 6; समूह 101 = (1×4) + (0×2) + (1×1) = 5; दोनों समूहों को मिलाकर लिखने पर = 65

दाईं ओर से 4-4 बिट्स के समूह बनाएँ: (1110) और (1011); पहला समूह 1110 = 8+4+2+0 = 14 = E; दूसरा समूह 1011 = 8+0+2+1 = 11 = B; परिणाम = EB

प्रत्येक हेक्साडेसिमल अंक को 4-बिट बाइनरी में लिखें; 3 = 0011; F = 15 = 1111; दोनों को संयोजित करने पर = 00111111 (या 111111)

हेक्साडेसिमल का आधार (Base) 16 होता है जिसमें प्रतीक 0-9 और A-F होते हैं; A=10, B=11, C=12, D=13, E=14, F=15; अतः प्रतीक D का मान 13 है

कुल 8 बिट्स हैं, जहाँ केवल 7वीं घात (0-indexed) पर 1 है; मान = 1 × 2⁷; = 128

परीक्षा में कैसे आता है

SSC CGL (Tier-2) और CHSL में कंप्यूटर ज्ञान खंड में 1 प्रश्न प्रत्यक्ष रूपांतरण (जैसे बाइनरी से दशमलव या हेक्साडेसिमल) या बेस/प्रतीक पहचान पर नियमित रूप से पूछा जाता है।

आम गलतियाँ

💡 बाइनरी से ऑक्टल के लिए 3-बिट कोड (4-2-1) तथा हेक्साडेसिमल के लिए 4-बिट कोड (8-4-2-1) का सीधा उपयोग करें, भाग या गुणा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

सीपीयू के भाग (ALU, CU, रजिस्टर्स)

सीपीयू (Central Processing Unit) को कंप्यूटर का 'मस्तिष्क' कहा जाता है, जो सभी निर्देशों को प्रोसेस करता है। इसके मुख्य तीन भाग होते हैं: अंकगणितीय एवं तार्किक इकाई (ALU), नियंत्रण इकाई (CU), और रजिस्टर्स (Registers)। ALU सभी गणितीय जोड़-घटाव और तार्किक (तुलनात्मक) निर्णय लेता है। CU कंप्यूटर के सभी घटकों के बीच डेटा और निर्देशों के प्रवाह को नियंत्रित और समन्वित करता है (ट्रैफिक पुलिस की तरह)। रजिस्टर्स सीपीयू के अंदर स्थित सबसे तेज और छोटी मेमोरी होते हैं जो तात्कालिक डेटा को अस्थायी रूप से रखते हैं।

सूत्र और उनके उदाहरण

📐 मशीन चक्र (Machine Cycle) = Fetch (लाना) → Decode (व्याख्या) → Execute (निष्पादित करना) → Store (संग्रहित करना) — जब सीपीयू द्वारा किसी निर्देश को पूरा करने के चरणों का क्रम पूछा जाए।

पहला चरण: मेमोरी से निर्देश लाना (Fetch)।

दूसरा चरण: निर्देश को समझना और डिकोड करना (Decode)।

तीसरा चरण: क्रियान्वयन करना (Execute)।

चौथा चरण: परिणाम को सुरक्षित करना (Store)।

मेमोरी से निर्देश लाने का कार्य CU करता है।

इसके बाद निर्देश का अर्थ समझना (Decode) भी CU ही करता है।

डिकोड होने के बाद ALU या अन्य यूनिट को निर्देश भेजा जाता है।

परीक्षा में आने वाले प्रकार

हल किए हुए प्रश्न (हर प्रकार)

ALU का पूर्ण रूप Arithmetic Logic Unit है।

यह अंकगणितीय क्रियाओं (+, -, ×, ÷) के लिए उत्तरदायी है।

यह तार्किक तुलनात्मक संक्रियाओं (<, >, =, AND, OR) को निष्पादित करता है।

CU (Control Unit) सिस्टम के सभी घटकों को समयबद्ध नियंत्रण संकेत (Control Signals) भेजता है।

यह डेटा को प्रोसेस नहीं करता बल्कि उसके प्रवाह का समन्वय करता है।

इसलिए इसे सिस्टम का नर्वस सिस्टम या ट्रैफिक पुलिस कहा जाता है।

प्रोग्राम काउंटर सीपीयू का एक विशेष रजिस्टर है।

यह उस अगले निर्देश (Next Instruction) का मेमोरी एड्रेस रखता है जिसे निष्पादित किया जाना है।

वर्तमान निर्देश पूरा होते ही इसका मान स्वतः बढ़ जाता है।

Accumulator (ACC) एक प्राथमिक डेटा रजिस्टर है।

यह सीधे ALU से जुड़ा होता है।

यह अंकगणितीय और तार्किक संचालन के तात्कालिक परिणाम को सुरक्षित रखता है।

मेमोरी पदानुक्रम (Hierarchy) में रजिस्टर्स सीधे CPU कोर के अंदर स्थित होते हैं।

इनका एक्सेस टाइम 1 नैनोसेकंड से भी कम होता है।

यह कैश (Cache) और रैम (RAM) दोनों से अधिक तीव्र होते हैं।

एड्रेस बस (Address Bus) सीपीयू से मेमोरी या I/O डिवाइस तक एड्रेस ले जाती है।

चूंकि केवल सीपीयू ही मेमोरी एड्रेस जनरेट करता है, इसलिए यह एकतरफा (Unidirectional) होती है।

जबकि डेटा बस द्विदिशीय (Bidirectional) होती है।

प्रोसेसर की आंतरिक घड़ी की गति चक्र प्रति सेकंड (Cycles per second) में मापी जाती है।

1 Hz = 1 चक्र प्रति सेकंड।

आधुनिक प्रोसेसर की गति गीगाहर्ट्ज़ (GHz) में व्यक्त की जाती है।

परीक्षा में कैसे आता है

एसएससी (CGL, CHSL, MTS) और रेलवे परीक्षाओं में प्रत्येक शिफ्ट में CPU के आंतरिक भागों (ALU, CU, Registers जैसे PC, ACC, MAR) के कार्यों पर प्रत्यक्ष तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।

आम गलतियाँ

💡 याद रखें: CU केवल निर्देश देता और नियंत्रित करता है, ALU गणना करता है, और Program Counter (PC) हमेशा 'अगले' निर्देश का पता रखता है।

सारे सूत्र एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. प्रथम पीढ़ी (First Generation) के कंप्यूटरों में मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक के रूप में किसका उपयोग किया गया था?

  1. (क) ट्रांजिस्टर (Transistor)
  2. (ख) वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube)
  3. (ग) इंटीग्रेटेड सर्किट (IC)
  4. (घ) माइक्रोप्रोसेसर (Microprocessor)
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube)

प्रथम पीढ़ी (1940-1956) में वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग हुआ था। ट्रांजिस्टर दूसरी पीढ़ी में, IC तीसरी पीढ़ी में और माइक्रोप्रोसेसर चौथी पीढ़ी में प्रयुक्त हुए।

2. निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण एक साथ इनपुट और आउटपुट दोनों प्रकार के उपकरण (I/O Device) के रूप में कार्य करता है?

  1. (क) प्लॉटर (Plotter)
  2. (ख) ओसीआर (OCR)
  3. (ग) टचस्क्रीन (Touchscreen)
  4. (घ) बारकोड रीडर (Barcode Reader)
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) टचस्क्रीन (Touchscreen)

टचस्क्रीन डिस्प्ले के माध्यम से आउटपुट दिखाता है और स्पर्श के माध्यम से इनपुट प्राप्त करता है। प्लॉटर केवल आउटपुट है; OCR और बारकोड रीडर केवल इनपुट हैं।

3. कंप्यूटर मेमोरी में 1 निबल (Nibble) कितने बिट्स (Bits) के बराबर होता है?

  1. (क) 2 बिट्स
  2. (ख) 4 बिट्स
  3. (ग) 8 बिट्स
  4. (घ) 16 बिट्स
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 4 बिट्स

4 बिट्स के समूह को 1 निबल (Nibble) कहा जाता है। 8 बिट्स मिलकर 1 बाइट बनाते हैं।

4. CPU का कौन-सा भाग निर्देशों को डीकोड करता है तथा कंप्यूटर के अन्य सभी घटकों के कार्यों का समन्वय व नियंत्रण करता है?

  1. (क) अंकगणितीय तर्क इकाई (ALU)
  2. (ख) नियंत्रण इकाई (Control Unit)
  3. (ग) कैश मेमोरी (Cache Memory)
  4. (घ) रजिस्टर (Registers)
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) नियंत्रण इकाई (Control Unit)

कंट्रोल यूनिट (CU) सीपीयू का तंत्रिका केंद्र है, जो निर्देशों को प्राप्त करता है, डीकोड करता है और नियंत्रण सिग्नल भेजकर कार्यों का समन्वय करता है।

5. ऐसी ROM (Read Only Memory) जिसमें संग्रहीत डेटा को पराबैंगनी किरणों (UV Light) के संपर्क में लाकर मिटाया जा सकता है, कहलाती है:

  1. (क) PROM
  2. (ख) EPROM
  3. (ग) EEPROM
  4. (घ) DRAM
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) EPROM

EPROM (Erasable Programmable ROM) को UV प्रकाश द्वारा मिटाया जाता है। EEPROM को विद्युत संकेतों (Electrical charge) द्वारा मिटाया जाता है।

6. द्वि-आधारी संख्या (11011)₂ का दशमलव (Decimal) मान क्या होगा?

  1. (क) 25
  2. (ख) 27
  3. (ग) 29
  4. (घ) 31
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 27

(1 × 2⁴) + (1 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (1 × 2⁰) = 16 + 8 + 0 + 2 + 1 = 27।

7. मेमोरी पदानुक्रम में डेटा एक्सेस गति के आधार पर सबसे तेज से सबसे धीमी गति का सही क्रम कौन-सा है?

  1. (क) रजिस्टर > मुख्य मेमोरी (RAM) > कैश मेमोरी > SSD
  2. (ख) कैश मेमोरी > रजिस्टर > मुख्य मेमोरी (RAM) > HDD
  3. (ग) रजिस्टर > कैश मेमोरी > मुख्य मेमोरी (RAM) > सेकेंडरी स्टोरेज (SSD/HDD)
  4. (घ) मुख्य मेमोरी (RAM) > कैश मेमोरी > रजिस्टर > सेकेंडरी स्टोरेज
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) रजिस्टर > कैश मेमोरी > मुख्य मेमोरी (RAM) > सेकेंडरी स्टोरेज (SSD/HDD)

CPU रजिस्टर सीधे प्रोसेसर कोर में होते हैं और सबसे तेज होते हैं, इसके बाद L1/L2/L3 कैश, फिर प्राथमिक रैम और अंत में सेकेंडरी स्टोरेज (SSD/HDD) आती है।

8. बाइनरी संख्या (11101011)₂ को हेक्साडेसिमल (Hexadecimal) संख्या में परिवर्तित करने पर क्या मान प्राप्त होगा?

  1. (क) EB
  2. (ख) DB
  3. (ग) FA
  4. (घ) E9
उत्तर देखें

उत्तर: (क) EB

4-4 बिट्स के दो समूह बनाएं: 1110 और 1011। 1110 = 14 (हेक्स में 'E'), 1011 = 11 (हेक्स में 'B')। अतः परिणाम (EB)₁₆ है।

9. एक 1 TB (टेराबाइट) क्षमता वाले एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव में 512 MB आकार की अधिकतम कितनी वीडियो फाइलें पूरी तरह संग्रहीत की जा सकती हैं? (1 TB = 1024 GB, 1 GB = 1024 MB मानें)

  1. (क) 1024
  2. (ख) 2048
  3. (ग) 4096
  4. (घ) 512
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 2048

1 TB = 1024 GB = 1024 × 1024 MB = 1,048,576 MB। फाइलों की संख्या = 1,048,576 / 512 = 2048।

10. CPU के किस विशेष रजिस्टर में उस 'अगले निर्देश का मेमोरी पता' (Memory Address of the next instruction) सुरक्षित रहता है जिसे निष्पादित किया जाना है?

  1. (क) इंस्ट्रक्शन रजिस्टर (IR)
  2. (ख) मेमोरी डेटा रजिस्टर (MDR)
  3. (ग) प्रोग्राम काउंटर (PC)
  4. (घ) संचयक (Accumulator)
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) प्रोग्राम काउंटर (PC)

प्रोग्राम काउंटर (PC) अगले निर्देश के पते को ट्रैक करता है। इंस्ट्रक्शन रजिस्टर (IR) वर्तमान में निष्पादित हो रहे निर्देश को रखता है, MDR डेटा को रखता है और Accumulator मध्यवर्ती गणना परिणामों को रखता है।

English version — Basics of Computer (Hardware, Memory, Number System)

This chapter accounts for 4 to 6 questions in the Computer Knowledge Test (CKT) of SSC CGL and CHSL Tier-2. It is a qualifying yet critical section where direct factual and conceptual clarity ensures full marks.

Generations and Types of Computers

The evolution of computers is categorized into five generations based on the core hardware technology used. The 1st generation used vacuum tubes, the 2nd used transistors, the 3rd used integrated circuits (ICs), the 4th used microprocessors (VLSI/LSI), and the 5th uses ULSI and artificial intelligence. Computers are also classified by functionality (Analog, Digital, Hybrid) and by size/capacity (Micro, Mini, Mainframe, Supercomputer). Exam questions directly test switching devices, programming languages used, and facts about Indian and global supercomputers.

Question types asked

Solved questions (every type)

प्रथम पीढ़ी में वैक्यूम ट्यूब (निर्वात नली) का प्रयोग हुआ था।

दूसरी पीढ़ी (1956-1963) में वैक्यूम ट्यूब को बदलकर ट्रांजिस्टर (Transistor) का उपयोग शुरू हुआ।

ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में विलियम शॉकले, जॉन बारडीन और वाल्टर ब्रैटन ने किया था।

तीसरी पीढ़ी (Third Generation) के कंप्यूटरों में मुख्य स्विचिंग डिवाइस IC चिप थी।

IC का विकास जैक किल्बी (Jack Kilby) और रॉबर्ट नोयस द्वारा किया गया था।

यह चिप अर्द्धचालक पदार्थ (Semiconductor) सिलिकॉन (Silicon) की बनी होती है।

पहली पीढ़ी में केवल मशीनी (Machine) और असेंबली भाषा का प्रयोग होता था।

दूसरी पीढ़ी में प्रारंभिक उच्च स्तरीय भाषाएँ (High Level Languages) जैसे FORTRAN और COBOL विकसित हुईं।

इनका व्यापक उपयोग दूसरी और तीसरी पीढ़ी में डेटा प्रोसेसिंग के लिए किया गया।

मरीज के शारीरिक संकेत (Analog signal) को मापा जाता है।

फिर उसे मॉनिटर पर अंकों (Digital numbers) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।

एनालॉग और डिजिटल दोनों के संयुक्त रूप को हाइब्रिड (Hybrid) कंप्यूटर कहते हैं।

माइक्रो कंप्यूटर एकल उपयोगकर्ता (Single user) के लिए होता है।

सुपरकंप्यूटर वैज्ञानिक गणनाओं और मौसम पूर्वानुमान के लिए होता है।

बैंकों और बड़े संस्थानों में केंद्रीय सर्वर के रूप में भारी डेटा प्रोसेसिंग हेतु मेनफ्रेम कंप्यूटर प्रयुक्त होता है।

भारत का पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 (परम 8000) था।

इसे वर्ष 1991 में C-DAC (पुणे) द्वारा विजय भटकर के नेतृत्व में विकसित किया गया था।

यह भारत के सुपरकंप्यूटिंग कार्यक्रम का ऐतिहासिक पड़ाव था।

इन सभी उपकरणों में माइक्रोप्रोसेसर लगा होता है।

ये एकल उपयोगकर्ता (Personal/Single User) प्रणाली हैं।

आकार और क्षमता के वर्गीकरण में इन्हें माइक्रो कंप्यूटर (Microcomputer) कहा जाता है।

How it is asked

Asked in SSC CGL Tier-II Computer Knowledge module, CHSL, and Railway exams (usually 1-2 questions per shift). Key patterns include matching hardware tech to generation (Vacuum tubes to VLSI/ULSI), Indian supercomputers (PARAM series, C-DAC), and identifying types of computers based on function and size.

Common mistakes

💡 याद रखने का क्रम: पहली = वैक्यूम ट्यूब, दूसरी = ट्रांजिस्टर, तीसरी = IC, चौथी = माइक्रोप्रोसेसर (VLSI), पाँचवीं = AI/ULSI। भारत का पहला सुपरकंप्यूटर = PARAM 8000 (C-DAC)। चिप हमेशा सिलिकॉन की होती है। (VT-T-IC-MP-AI कोड याद रखें)।

Input/Output Devices and Ports

Input devices (e.g., keyboard, mouse, scanner) are used to enter data and instructions into the computer. Output devices (e.g., monitor, printer, plotter) display or deliver the processed results to the user. Some devices like touchscreens, modems, and fax machines act as both input and output (I/O) devices. Ports (like USB, HDMI, VGA) are physical hardware interfaces on the motherboard used to connect these peripheral devices to the computer system.

Formulas with examples

📐 डेटा प्रवाह दिशा (Data Flow): इनपुट (यूज़र → सीपीयू) | आउटपुट (सीपीयू → यूज़र) — Used to classify any peripheral hardware device based on the direction of data transmission.

वेबकैम बाहरी दृश्य/वीडियो कैप्चर करके कंप्यूटर में डेटा भेजता है।

डेटा का प्रवाह यूज़र/पर्यावरण से कंप्यूटर की ओर होता है।

अतः यह एक इनपुट डिवाइस है।

प्रोजेक्टर कंप्यूटर से विजुअल डेटा प्राप्त करके उसे बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है।

डेटा का प्रवाह कंप्यूटर से बाहरी दुनिया की ओर होता है।

अतः यह एक आउटपुट डिवाइस है।

Question types asked

Solved questions (every type)

(A) माउस (B) जॉयस्टिक (C) ट्रैकबॉल (D) बारकोड रीडर

माउस, जॉयस्टिक और ट्रैकबॉल स्क्रीन पर कर्सर को नियंत्रित करने वाले पॉइंटिंग डिवाइस हैं।

बारकोड रीडर छपे हुए बारकोड को स्कैन करके डेटा इनपुट करता है, कर्सर को पॉइंट नहीं करता।

अतः बारकोड रीडर पॉइंटिंग डिवाइस नहीं है।

डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर स्याही वाले रिबन पर पिन से प्रहार (स्ट्राइक) करके अक्षर छापता है।

कागज और रिबन के भौतिक संपर्क (मैकेनिकल स्ट्राइक) के कारण यह इम्पैक्ट श्रेणी में आता है।

लेज़र और इंकजेट प्रिंटर बिना चोट किए छपाई करते हैं, इसलिए वे नॉन-इम्पैक्ट होते हैं।

प्लॉटर (Plotter) उच्च गुणवत्ता वाले बड़े वेक्टर ग्राफिक्स बनाने के लिए पेन या कटर का उपयोग करता है।

सामान्य प्रिंटर इतने बड़े आकार और सटीक रेखाचित्रों को उच्च रिज़ॉल्यूशन में प्रिंट नहीं कर सकते।

अतः ब्लूप्रिंट और वास्तुशिल्प मानचित्रों के लिए प्लॉटर का उपयोग होता है।

(A) प्रिंटर (B) टचस्क्रीन (C) स्पीकर (D) स्कैनर

टचस्क्रीन डिस्प्ले पर उंगली से छूकर डेटा/कमांड दर्ज की जाती है (इनपुट)।

साथ ही उसी स्क्रीन पर परिणाम और ग्राफिक्स प्रदर्शित होते हैं (आउटपुट)।

अतः टचस्क्रीन इनपुट और आउटपुट दोनों का कार्य करता है।

वायर्ड इंटरनेट या लैन कनेक्शन ईथरनेट पोर्ट के माध्यम से किया जाता है।

ईथरनेट केबल के सिरे पर RJ-45 (Registered Jack 45) कनेक्टर लगा होता है।

टेलीफोन लाइन में RJ-11 का उपयोग होता है, जबकि लैन के लिए RJ-45 का उपयोग होता है।

MICR का पूर्ण रूप 'Magnetic Ink Character Recognition' है।

बैंक चेक पर चुंबकीय स्याही (आयरन ऑक्साइड) से 9 अंकों का कोड मुद्रित होता है।

MICR रीडर इस विशेष स्याही को चुंबकीय तरंगों के आधार पर स्कैन करता है।

HDMI का पूर्ण रूप 'High-Definition Multimedia Interface' है।

VGA केवल एनालॉग वीडियो सिग्नल ट्रांसमिट करता है, ऑडियो नहीं।

HDMI एक ही केबल के माध्यम से हाई-डेफिनिशन डिजिटल वीडियो और डिजिटल ऑडियो दोनों ट्रांसमिट करता है।

How it is asked

Asked as 1-2 questions per shift in SSC CGL Tier-2, CHSL, and Railway exams. Patterns focus on identifying input vs output devices, impact vs non-impact printers, ports (HDMI, VGA, USB, RJ-45), and acronyms/functions of MICR, OMR, and OCR.

Common mistakes

💡 याद रखें: यदि डिवाइस से डेटा सिस्टम के 'अंदर' जाता है तो वह Input (जैसे Scanner) है, और यदि सिस्टम से परिणाम 'बाहर' यूजर को मिलता है तो वह Output (जैसे Printer) है। केवल Touchscreen, Modem और Network Card दोनों होते हैं। Video Ports में VGA = केवल एनालॉग वीडियो, जबकि HDMI = डिजिटल वीडियो + ऑडियो। राजा ट्रिक: 'P' से शुरू होने वाले मुख्य शब्द Printer, Plotter, Projector सब Output हैं। ट्रिक 2: MICR चेक के लिए, OMR परीक्षा ओएमआर शीट के लिए, OCR प्रिंटेड अक्षरों को एडिटेबल टेक्स्ट बनाने के लिए प्रयु

Computer Memory: Primary, Secondary, Cache and Memory Units

Computer memory is the storage space where data and instructions are kept for processing. It is primarily divided into Primary Memory (RAM, ROM) and Secondary Storage (Hard Disk, SSD). The CPU directly accesses data only from registers, cache, and primary memory. Memory that loses its data when power is turned off is called volatile, while memory that retains data is non-volatile. The smallest unit of computer data is a bit, and the standard addressable unit is a byte.

Formulas with examples

📐 1 Nibble = 4 Bits | 1 Byte = 8 Bits | 1 KB = 1024 Bytes | 1 MB = 1024 KB | 1 GB = 1024 MB | 1 TB = 1024 GB | 1 PB = 1024 TB — Used to convert and compare memory units from Bit up to Petabyte.

1 KB = 1024 Bytes. अतः 4 KB = 4 × 1024 Bytes = 4096 Bytes.

1 Nibble = 4 Bits. निबलों की संख्या = 32 / 4 = 8 Nibbles.

📐 गति क्रम (Speed Hierarchy): CPU Registers > Cache Memory > RAM > Flash/SSD > HDD > Optical Disks — Used when questions ask to rank memories based on access time or data transfer speed.

पदानुक्रम नियम के अनुसार रजिस्टर्स सीधे CPU कोर के अंदर होते हैं, इसके बाद L1/L2/L3 कैश और फिर RAM आती है। अतः गति में रजिस्टर्स सबसे आगे हैं।

प्राथमिक मेमोरी RAM सबसे तेज़ होती है। इसके बाद सेमीकंडक्टर आधारित SSD आती है और सबसे धीमी मैकेनिकल HDD होती है। सही क्रम: RAM > SSD > HDD.

Question types asked

Solved questions (every type)

DRAM (Dynamic RAM) में डेटा संधारित्र (Capacitor) और ट्रांजिस्टर में स्टोर होता है, जिससे चार्ज लीक होता है। इसलिए DRAM को प्रति सेकंड सैकड़ों बार रिफ्रेश (Refresh) करना पड़ता है। SRAM (Static RAM) फ्लिप-फ्लॉप से बनती है और इसे रिफ्रेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। DRAM सस्ती और सघन होती है, जिसका उपयोग मुख्य सिस्टम रैम में होता है।

EEPROM का पूर्ण रूप 'Electrically Erasable Programmable Read-Only Memory' है। साधारण EPROM में डेटा पराबैंगनी किरणों (UV rays) से मिटाया जाता है। EEPROM में डेटा विद्युत पल्स (Electrical voltage) द्वारा मिटाया और दोबारा लिखा जाता है। पेन ड्राइव और आधुनिक BIOS चिप इसी तकनीक पर आधारित हैं।

CPU की गति बहुत तीव्र होती है जबकि मुख्य मेमोरी (RAM) तुलनात्मक रूप से धीमी होती है। गति के इस अंतर (Speed Mismatch) को पाटने के लिए कैश मेमोरी का प्रयोग किया जाता है। कैश मेमोरी को CPU (प्रोसेसर) और मुख्य मेमोरी (RAM) के मध्य स्थापित किया जाता है। बार-बार उपयोग होने वाले निर्देश L1, L2, L3 कैश में रखे जाते हैं।

HDD में घूमने वाली चुंबकीय प्लेट्स (Platters) और मूविंग रीड/राइट हेड होते हैं (मैकेनिकल पार्ट्स)। SSD में कोई भी मूविंग पार्ट (चलने वाला पुर्जा) नहीं होता है, यह फ्लैश मेमोरी (NAND Flash) चिप्स का उपयोग करती है। मूविंग पार्ट्स न होने के कारण SSD का डेटा एक्सेस टाइम बहुत कम होता है और झटके लगने पर खराब होने का जोखिम न्यूनतम होता है।

हम जानते हैं कि 1 GB = 1024 MB होता है। तथा 1 MB = 1024 KB होता है। इसलिए 1 GB = 1024 × 1024 KB = 10,48,576 KB होता है (या 2^20 KB)।

मेमोरी पदानुक्रम इस प्रकार बढ़ता है: Byte < Kilobyte (KB) < Megabyte (MB) < Gigabyte (GB) < Terabyte (TB) < Petabyte (PB)। अतः दिया गया सही आरोही क्रम होगा: Megabyte < Gigabyte < Terabyte < Petabyte।

वोलेटाइल मेमोरी वह होती है जो पावर कट होने पर डेटा खो देती है (जैसे RAM, Cache, Registers)। नॉन-वोलेटाइल मेमोरी पावर ऑफ होने के बाद भी डेटा को सुरक्षित रखती है। ROM (BIOS चिप), Flash Drive (पेन ड्राइव) और HDD (हार्ड डिस्क) तीनों बिजली कटने पर भी डेटा सुरक्षित रखते हैं। अतः विकल्प (B) पूर्णतः नॉन-वोलेटाइल है।

How it is asked

In SSC CGL, CHSL, and Railway exams, 1 to 2 questions are routinely asked on memory. Most common patterns include: (1) Conversion and hierarchy of units (KB, MB, GB, TB, PB), (2) SRAM vs DRAM and ROM variants, (3) Identifying volatile vs non-volatile storage, (4) Selecting the fastest memory hierarchy.

Common mistakes

💡 मेमोरी इकाइयों का क्रम याद रखने की शॉर्ट ट्रिक: 'B-K-M-G-T-P-E-Z-Y' (Bit, KB, MB, GB, TB, PB, EB, ZB, YB)। प्रत्येक अगला स्तर पिछले स्तर का 1024 गुना होता है। गति पूछे तो याद रखें: Register > Cache > RAM > ROM/Secondary। रोम कभी नहीं मिटती (Non-volatile), रैम बिजली जाते ही साफ हो जाती है (Volatile)।

Number Systems and Conversions

Computers process and store all data in binary form. There are four primary number systems used in computer systems: Decimal (Base 10), Binary (Base 2), Octal (Base 8), and Hexadecimal (Base 16). Converting from decimal to any base uses successive division, while converting from any base to decimal uses positional weight multiplication. Grouping bits (3 bits for Octal, 4 bits for Hexadecimal) simplifies inter-base conversions directly.

Formulas with examples

📐 Decimal to Any Base (R) = Successive division by R and writing remainders in reverse order (bottom to top) — Used to convert a Decimal number (Base 10) to Binary, Octal, or Hexadecimal.

13 ÷ 2 = 6, शेषफल = 1; 6 ÷ 2 = 3, शेषफल = 0; 3 ÷ 2 = 1, शेषफल = 1; 1 ÷ 2 = 0, शेषफल = 1; शेषफलों को नीचे से ऊपर की ओर लिखने पर = 1101

27 ÷ 8 = 3, शेषफल = 3; 3 ÷ 8 = 0, शेषफल = 3; नीचे से ऊपर क्रम में लिखने पर = 33

📐 Any Base (R) to Decimal = Sum of (Digit × R^position) from right to left (starting at position 0) — Used to convert Binary, Octal, or Hexadecimal numbers to Decimal representation.

(1 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (1 × 2⁰); = (1 × 8) + (0 × 4) + (1 × 2) + (1 × 1); = 8 + 0 + 2 + 1 = 11

हेक्साडेसिमल में A = 10 होता है; मान = (1 × 16¹) + (A × 16⁰); = (1 × 16) + (10 × 1); = 16 + 10 = 26

Question types asked

Solved questions (every type)

45 ÷ 2 = 22, शेष = 1; 22 ÷ 2 = 11, शेष = 0; 11 ÷ 2 = 5, शेष = 1; 5 ÷ 2 = 2, शेष = 1; 2 ÷ 2 = 1, शेष = 0; 1 ÷ 2 = 0, शेष = 1; नीचे से ऊपर शेषफल लिखने पर = 101101

स्थानीय मानों का योग: (1 × 2⁵) + (1 × 2⁴) + (0 × 2³) + (0 × 2²) + (1 × 2¹) + (0 × 2⁰); = 32 + 16 + 0 + 0 + 2 + 0; = 50

दाईं ओर से 3-3 बिट्स का समूह बनाते हैं: 110 और 101; समूह 110 = (1×4) + (1×2) + (0×1) = 6; समूह 101 = (1×4) + (0×2) + (1×1) = 5; दोनों समूहों को मिलाकर लिखने पर = 65

दाईं ओर से 4-4 बिट्स के समूह बनाएँ: (1110) और (1011); पहला समूह 1110 = 8+4+2+0 = 14 = E; दूसरा समूह 1011 = 8+0+2+1 = 11 = B; परिणाम = EB

प्रत्येक हेक्साडेसिमल अंक को 4-बिट बाइनरी में लिखें; 3 = 0011; F = 15 = 1111; दोनों को संयोजित करने पर = 00111111 (या 111111)

हेक्साडेसिमल का आधार (Base) 16 होता है जिसमें प्रतीक 0-9 और A-F होते हैं; A=10, B=11, C=12, D=13, E=14, F=15; अतः प्रतीक D का मान 13 है

कुल 8 बिट्स हैं, जहाँ केवल 7वीं घात (0-indexed) पर 1 है; मान = 1 × 2⁷; = 128

How it is asked

In SSC CGL Tier-2 and CHSL, 1 question is frequently asked on direct conversion (Binary to Decimal, Hexadecimal grouping) or base and symbol definitions.

Common mistakes

💡 Remember the 8-4-2-1 code for 4-bit binary to hex conversion, and 4-2-1 code for 3-bit binary to octal conversion to solve in under 10 seconds.

CPU Components (ALU, CU, Registers)

The CPU (Central Processing Unit) is the 'brain' of the computer, executing instructions and processing data. It consists of three primary components: the Arithmetic Logic Unit (ALU), the Control Unit (CU), and Registers. The ALU performs all arithmetic operations (+, -, *, /) and logical comparisons. The CU manages and coordinates data flow and operations across all components, acting like a traffic controller. Registers are extremely high-speed, temporary internal memory units located directly inside the CPU to hold immediate instructions and operands.

Formulas with examples

📐 मशीन चक्र (Machine Cycle) = Fetch (लाना) → Decode (व्याख्या) → Execute (निष्पादित करना) → Store (संग्रहित करना) — Used to describe the sequence of steps a CPU executes to process an instruction.

पहला चरण: मेमोरी से निर्देश लाना (Fetch)।

दूसरा चरण: निर्देश को समझना और डिकोड करना (Decode)।

तीसरा चरण: क्रियान्वयन करना (Execute)।

चौथा चरण: परिणाम को सुरक्षित करना (Store)।

मेमोरी से निर्देश लाने का कार्य CU करता है।

इसके बाद निर्देश का अर्थ समझना (Decode) भी CU ही करता है।

डिकोड होने के बाद ALU या अन्य यूनिट को निर्देश भेजा जाता है।

Question types asked

Solved questions (every type)

ALU का पूर्ण रूप Arithmetic Logic Unit है।

यह अंकगणितीय क्रियाओं (+, -, ×, ÷) के लिए उत्तरदायी है।

यह तार्किक तुलनात्मक संक्रियाओं (<, >, =, AND, OR) को निष्पादित करता है।

CU (Control Unit) सिस्टम के सभी घटकों को समयबद्ध नियंत्रण संकेत (Control Signals) भेजता है।

यह डेटा को प्रोसेस नहीं करता बल्कि उसके प्रवाह का समन्वय करता है।

इसलिए इसे सिस्टम का नर्वस सिस्टम या ट्रैफिक पुलिस कहा जाता है।

प्रोग्राम काउंटर सीपीयू का एक विशेष रजिस्टर है।

यह उस अगले निर्देश (Next Instruction) का मेमोरी एड्रेस रखता है जिसे निष्पादित किया जाना है।

वर्तमान निर्देश पूरा होते ही इसका मान स्वतः बढ़ जाता है।

Accumulator (ACC) एक प्राथमिक डेटा रजिस्टर है।

यह सीधे ALU से जुड़ा होता है।

यह अंकगणितीय और तार्किक संचालन के तात्कालिक परिणाम को सुरक्षित रखता है।

मेमोरी पदानुक्रम (Hierarchy) में रजिस्टर्स सीधे CPU कोर के अंदर स्थित होते हैं।

इनका एक्सेस टाइम 1 नैनोसेकंड से भी कम होता है।

यह कैश (Cache) और रैम (RAM) दोनों से अधिक तीव्र होते हैं।

एड्रेस बस (Address Bus) सीपीयू से मेमोरी या I/O डिवाइस तक एड्रेस ले जाती है।

चूंकि केवल सीपीयू ही मेमोरी एड्रेस जनरेट करता है, इसलिए यह एकतरफा (Unidirectional) होती है।

जबकि डेटा बस द्विदिशीय (Bidirectional) होती है।

प्रोसेसर की आंतरिक घड़ी की गति चक्र प्रति सेकंड (Cycles per second) में मापी जाती है।

1 Hz = 1 चक्र प्रति सेकंड।

आधुनिक प्रोसेसर की गति गीगाहर्ट्ज़ (GHz) में व्यक्त की जाती है।

How it is asked

Direct factual questions about the functions of ALU, CU, and specific registers (PC, ACC, MAR, MDR) appear regularly in SSC (CGL, CHSL, MTS) and Railway exams.

Common mistakes

💡 Remember: CU directs and coordinates, ALU calculates and compares, and Registers hold immediate data; Program Counter (PC) always points to the NEXT instruction.

All formulas at a glance

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