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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन

चंपारण सत्याग्रह और गांधी युग में बिहार

Champaran Satyagraha and Gandhi Era in Bihar

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। इसमें गांधीजी के पहले सत्याग्रह से लेकर 1942 की क्रांति तक के बिहार के योगदान का विवरण है।

चंपारण सत्याग्रह 1917

1917 का चंपारण सत्याग्रह भारत की धरती पर महात्मा गांधी का पहला सफल सत्याग्रह आंदोलन था। चंपारण के किसानों पर यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा तिनकठिया प्रथा थोप दी गई थी, जिसके तहत भूमि के 3/20 भाग पर नील उगाना अनिवार्य था। स्थानीय किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मिलकर उन्हें चंपारण आने का न्योता दिया। अप्रैल 1917 में गांधीजी चंपारण पहुंचे, जहां डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह, जे.बी. कृपलानी और ब्रजकिशोर प्रसाद जैसे नेताओं ने उनका साथ दिया। सरकार ने चंपारण कृषि जांच समिति गठित की, जिसके दबाव में तिनकठिया प्रथा समाप्त हुई और चंपारण एग्रेरियन एक्ट पारित हुआ।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) भूमि के 1/3 भाग पर नील की खेती करना (ख) भूमि के 3/20 भाग पर नील की खेती करना (ग) 3 वर्षों तक लगान माफ करना (घ) कुल उपज का 3% कर के रूप में देना

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) अनुग्रह नारायण सिंह (ग) राज कुमार शुक्ल (घ) ब्रजकिशोर प्रसाद

(क) महात्मा गांधी (ख) एफ.जी. सलाई (F.G. Sly) (ग) एडवर्ड गेट (घ) एल.सी. अदामी

(क) 10 प्रतिशत (ख) 25 प्रतिशत (ग) 50 प्रतिशत (घ) 100 प्रतिशत

1. गांधीजी 15 अप्रैल 1917 को मोतिहारी पहुंचे।

2. चंपारण सत्याग्रह के परिणामस्वरूप तिनकठिया प्रथा समाप्त हो गई।

3. डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जे.बी. कृपलानी गांधीजी के सहयोगी थे।

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) 1, 2 और 3 (घ) केवल 1

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) भारतीय सरकार और गाँधीजी (ख) भारतीय सरकार और राज कुमार शुक्ला (ग) भारतीय सरकार और राजेन्द्र प्रसाद (घ) भारतीय सरकार और अनुग्रह नारायण सिंह

सूची-I

घटना/संगठन

a) चंपारन सत्याग्रह

b) आज़ाद दस्ता

c) 1940 में बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह

d) किसान सभा बिहार

सूची-II

सम्बन्धित व्यक्ति

1) जयप्रकाश नारायण

2) श्याम नारायण सिंह

3) सहजानन्द सरस्वती

4) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

(क) a-4, b-2, c-3, d-1 (ख) a-2, b-3, c-1, d-4 (ग) a-1, b-4, c-3, d-2 (घ) a-4, b-1, c-2, d-3

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC की प्रारंभिक परीक्षा में चंपारण सत्याग्रह से हर वर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न मुख्य रूप से तिनकठिया प्रणाली का अनुपात (3/20), राजकुमार शुक्ल का गांव (मुरली भरहवा), चंपारण कृषि समिति के अध्यक्ष (एफ.जी. सलाई), गांधीजी के प्रमुख सहयोगियों के नाम और वापसी की गई राशि (25%) पर आधारित होते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 तिनकठिया = 3/20 (20 कट्ठा में 3 कट्ठा नील); सलाई = तिनकठिया प्रथा की 'सिलाई/समाप्ति' करने वाले अध्यक्ष सलाई।

बिहार में असहयोग एवं खिलाफत आंदोलन, बिहार विद्यापीठ और सदाकत आश्रम

बिहार में खिलाफत और असहयोग आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाया। 1919 में पटना में खिलाफत आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसका नेतृत्व मौलाना मजहरुल हक, हसन इमाम और शफी दाऊदी ने किया। अगस्त 1920 में भागलपुर में डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में बिहार प्रांतीय सम्मेलन में असहयोग प्रस्ताव पारित किया गया। आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 6 फरवरी 1921 को महात्मा गांधी ने बिहार विद्यापीठ और बिहार राष्ट्रीय महाविद्यालय का उद्घाटन किया। पटना के दीघा में खैरू मियाँ द्वारा दान दी गई भूमि पर मौलाना मजहरुल हक ने सदाकत आश्रम की स्थापना की, जो बिहार कांग्रेस का मुख्य केंद्र बना। यहीं से मजहरुल हक ने राष्ट्रीय चेतना के प्रसार हेतु 'द मदरलैंड' (The Motherland) समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) पंडित जवाहरलाल नेहरू

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) ब्रजकिशोर प्रसाद (घ) अनुग्रह नारायण सिंह

(क) हसन इमाम (ख) खैरू मियाँ (ग) मजहरुल हक (घ) मोहम्मद शफी

(क) सर्चलाइट (ख) द मदरलैंड (ग) बिहार बंधु (घ) द इंडियन नेशन

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) गया (ख) मुजफ्फरपुर (ग) भागलपुर (घ) पटना

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC प्रीलिम्स परीक्षा में बिहार विद्यापीठ के उद्घाटनकर्ता, उसके प्रथम कुलपति व प्राचार्य, सदाकत आश्रम की भूमि दान देने वाले व्यक्ति, तथा 'द मदरलैंड' समाचार पत्र के संस्थापक/संपादक से सीधे प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 ट्रिक: 'विद्यापीठ के हक (मजहरुल हक - कुलपति), कॉलेज के प्रसाद (राजेंद्र प्रसाद - प्राचार्य), आश्रम में खैर (खैरू मियाँ)'।

बिहार में सविनय अवज्ञा और नमक सत्याग्रह (नखास पिंड, बिहपुर)

सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार में समुद्र तट न होने के कारण नमकीन मिट्टी (लोनिया मिट्टी) से नमक बनाकर कानून तोड़ा गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बिहार के लिए सत्याग्रह की रूपरेखा तैयार की और 6 अप्रैल 1930 की तिथि निर्धारित की, हालांकि वास्तविक शुरुआत 15 अप्रैल को हुई। पटना में 'नखास पिंड' नमक सत्याग्रह का मुख्य केंद्र बना, जहाँ अंबिका कांत सिंह के नेतृत्व में जत्थों ने पुलिस दमन का सामना किया। भागलपुर के बिहपुर में सत्याग्रहियों पर भीषण लाठीचार्ज हुआ, जिसमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद और अब्दुल बारी घायल हुए। बिहार में इस आंदोलन की एक विशिष्ट विशेषता 'चौकीदारी कर' का बहिष्कार करना था, क्योंकि यहाँ नमक बनाना कठिन था। महिलाओं ने भी शराब और विदेशी कपड़ों की दुकानों पर धरना देकर इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 6 अप्रैल 1930 (ख) 15 अप्रैल 1930 (ग) 12 मार्च 1930 (घ) 20 अप्रैल 1930

(क) बांकीपुर मैदान (ख) सदाकत आश्रम (ग) नखास पिंड (घ) गांधी मैदान

(क) चौकीदारी कर (ख) नमक कर (ग) आय कर (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) अब्दुल बारी (ग) अनुग्रह नारायण सिंह (घ) A और B दोनों

(क) सच्चिदानंद सिन्हा (ख) सर अली इमाम (ग) हसन इमाम (घ) मजहरुल हक

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC अक्सर नमक सत्याग्रह की शुरुआत की तारीख, पटना के विशिष्ट स्थल (नखास पिंड) और बिहपुर की घटना के नेताओं के बारे में पूछता है। चौकीदारी कर का बहिष्कार बिहार की एक अनूठी विशेषता के रूप में बार-बार पूछा जाता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 नखास में 'न' से नमक और 'प' से पटना; बिहपुर में 'ब' से बारी (अब्दुल बारी) और 'ब' से भागलपुर।

भारत छोड़ो आंदोलन 1942: बिहार की भूमिका

8 अगस्त 1942 को गांधीजी के 'करो या मरो' के आह्वान के साथ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें बिहार ने क्रांतिकारी भूमिका निभाई। 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर झंडा फहराने के प्रयास में सात छात्र शहीद हो गए, जो बिहार के बलिदान का प्रतीक बना। जयप्रकाश नारायण 9 नवंबर 1942 (दिवाली की रात) को हजारीबाग जेल से भागकर नेपाल पहुंचे और वहां 'आजाद दस्ता' का गठन कर छापामार युद्ध का नेतृत्व किया। इस दौरान बिहार में समानांतर सरकारें बनीं और व्यापक जन-विद्रोह देखा गया। आंदोलन के दौरान बिहार में आधिकारिक रूप से 134 लोग शहीद हुए और 15,000 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। अंततः 12 अप्रैल 1946 को कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी से प्रतिबंध हटने के बाद जयप्रकाश नारायण की रिहाई हुई।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11

(क) हजारीबाग जेल (ख) पटना (ग) नेपाल (घ) भागलपुर

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) जयरामदास दौलतराम (ग) श्री कृष्ण सिंह (घ) अनुग्रह नारायण सिंह

(क) होली (ख) छठ (ग) दिवाली (घ) दशहरा

(क) पटना (ख) गया (ग) भागलपुर (घ) मुजफ्फरपुर

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) गोराखड़ी के रघुनाथ सिंह (ख) बिक्रमपुर के राम नारायण (ग) गोराखड़ी के सत्येन्द्र (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से सचिवालय गोलीकांड की तिथि, शहीदों की संख्या, जेपी के जेल से भागने की तिथि और आजाद दस्ता के स्थान के बारे में बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 हजारीबाग से दिवाली पर भागे जेपी और नेपाल में बनाया आजाद दस्ता।

बिहार में कांग्रेस अधिवेशन एवं 1946-47 में बिहार की भूमिका

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इतिहास में बिहार की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अविभाजित बिहार में कांग्रेस के तीन प्रमुख अधिवेशन आयोजित किए गए। वर्ष 1912 में पटना के बाँकीपुर में बिहार का पहला (27वाँ) कांग्रेस अधिवेशन हुआ, जिसकी अध्यक्षता आर. एन. मधोलकर ने की थी। इसके बाद 1922 में गया में देशबंधु चितरंजन दास की अध्यक्षता में 37वाँ अधिवेशन आयोजित हुआ, जिससे स्वराज पार्टी के गठन की पृष्ठभूमि तैयार हुई। वर्ष 1940 में अविभाजित बिहार के रामगढ़ में मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में 53वाँ अधिवेशन संपन्न हुआ। स्वतंत्रता के अंतिम चरण (1946-47) में श्री कृष्ण सिंह के नेतृत्व में पुनः कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन हुआ तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) गया (ख) बाँकीपुर (पटना) (ग) रामगढ़ (घ) मुजफ्फरपुर

(क) मजहरुल हक (ख) मौलाना अबुल कलाम आजाद (ग) चितरंजन दास (घ) आर. एन. मधोलकर

1. 1940 का रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में हुआ था।

2. 9 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया था।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2

(क) गृह विभाग (ख) रेल विभाग (ग) खाद्य एवं कृषि विभाग (घ) रक्षा विभाग

(क) द्वितीय विश्व युद्ध में भारत को सहमति के बिना शामिल करने के विरोध में (ख) मुस्लिम लीग के विरोध के कारण (ग) किसान आंदोलन के दबाव में (घ) ब्रिटिश सरकार द्वारा बजट अस्वीकृत करने के कारण

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में बाँकीपुर, गया और रामगढ़ अधिवेशनों के वर्षों, स्थानों तथा अध्यक्षों पर प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। साथ ही संविधान सभा में बिहार के नेताओं (राजेंद्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा) की भूमिका और 1946 के मंत्रिमंडल गठन पर सीधे तथा कथन-आधारित प्रश्न आते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 '12 में बाँकी (मधोलकर), '22 में गया (दास), '40 में रामगढ़ (आजाद)

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 9 प्रश्न

1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान गांधीजी के साथ निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं था?

  1. (क) राजेंद्र प्रसाद
  2. (ख) अनुग्रह नारायण सिन्हा
  3. (ग) जयप्रकाश नारायण
  4. (घ) ब्रजकिशोर प्रसाद
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) जयप्रकाश नारायण

जयप्रकाश नारायण चंपारण सत्याग्रह (1917) के समय सक्रिय राजनीति में नहीं थे; वह बाद में 1930 के दशक में प्रमुख नेता बने।

2. बिहार में 'तिनकठिया' पद्धति का अर्थ क्या था?

  1. (क) 3/20 भाग पर नील की खेती
  2. (ख) 3/25 भाग पर नील की खेती
  3. (ग) 3/10 भाग पर नील की खेती
  4. (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (क) 3/20 भाग पर नील की खेती

तिनकठिया पद्धति के तहत किसानों को अपनी प्रति बीघा (20 कट्ठा) भूमि के 3 कट्ठा पर नील उगाना अनिवार्य था।

3. असहयोग आंदोलन के दौरान पटना में 'सदाकत आश्रम' की स्थापना किसने की थी?

  1. (क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  2. (ख) मजहरुल हक
  3. (ग) हसन इमाम
  4. (घ) मोहम्मद जुबैर
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) मजहरुल हक

मजहरुल हक ने खैरू मियाँ द्वारा दान दी गई भूमि पर सदाकत आश्रम की स्थापना की थी।

4. बिहार में नमक सत्याग्रह सर्वप्रथम किन जिलों से शुरू हुआ था?

  1. (क) पटना और गया
  2. (ख) सारण और चंपारण
  3. (ग) मुंगेर और भागलपुर
  4. (घ) पूर्णिया और कटिहार
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) सारण और चंपारण

बिहार में नमक सत्याग्रह 15 अप्रैल 1930 को सारण और चंपारण जिलों में नमकीन मिट्टी से नमक बनाकर शुरू किया गया था।

5. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 'आजाद दस्ता' का गठन कहाँ किया गया था?

  1. (क) हजारीबाग जेल में
  2. (ख) पटना सचिवालय में
  3. (ग) नेपाल के जंगलों में
  4. (घ) मुंगेर की पहाड़ियों में
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) नेपाल के जंगलों में

जयप्रकाश नारायण ने हजारीबाग जेल से भागने के बाद नेपाल के राजविलास जंगल में छापामार युद्ध के लिए आजाद दस्ता बनाया था।

6. पटना सचिवालय गोलीकांड (11 अगस्त 1942) में शहीद होने वाले छात्रों की संख्या कितनी थी?

  1. (क) 5
  2. (ख) 7
  3. (ग) 9
  4. (घ) 11
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 7

सचिवालय भवन पर झंडा फहराने के प्रयास में पुलिस की गोलीबारी में 7 छात्र शहीद हुए थे।

7. 1922 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गया अधिवेशन किसकी अध्यक्षता में हुआ था?

  1. (क) आर.एन. मुधोलकर
  2. (ख) चितरंजन दास
  3. (ग) मौलाना अबुल कलाम आजाद
  4. (घ) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) चितरंजन दास

1922 का गया अधिवेशन चितरंजन दास (सी.आर. दास) की अध्यक्षता में हुआ था, जहाँ स्वराज पार्टी के गठन की नींव पड़ी थी।

8. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  1. (क) बांकीपुर अधिवेशन - 1912
  2. (ख) रामगढ़ अधिवेशन - 1940
  3. (ग) नखास पिंड - नमक सत्याग्रह
  4. (घ) हजारीबाग जेल पलायन - 1930
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) हजारीबाग जेल पलायन - 1930

हजारीबाग जेल से जयप्रकाश नारायण का पलायन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हुआ था, न कि 1930 में।

9. 1946 में गठित अंतरिम सरकार में बिहार के किस नेता को खाद्य एवं कृषि मंत्री बनाया गया था?

  1. (क) जगजीवन राम
  2. (ख) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  3. (ग) श्री कृष्ण सिंह
  4. (घ) सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 1946 की अंतरिम सरकार में खाद्य एवं कृषि विभाग का कार्यभार सौंपा गया था।

English version — Champaran Satyagraha and Gandhi Era in Bihar

This chapter is crucial for BPSC Prelims and Mains as it highlights Bihar's leading role in the Indian freedom struggle. It details Bihar's contribution from Gandhi's first Satyagraha to the 1942 revolution.

Champaran Satyagraha 1917

The Champaran Satyagraha of 1917 marked Mahatma Gandhi's first successful satyagraha movement on Indian soil. Farmers in Champaran were subjected to the Tinkathia system by European indigo planters, compelling them to cultivate indigo on 3/20th of their land. Local farmer Raj Kumar Shukla invited Gandhi during the 1916 Lucknow Congress session to investigate their plight. Arriving in Champaran in April 1917, Gandhi was assisted by leaders like Dr. Rajendra Prasad, Anugrah Narayan Sinha, J.B. Kripalani, and Brajkishore Prasad. The government set up the Champaran Agrarian Committee, leading to the abolition of Tinkathia and the enactment of the Champaran Agrarian Act.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) भूमि के 1/3 भाग पर नील की खेती करना (ख) भूमि के 3/20 भाग पर नील की खेती करना (ग) 3 वर्षों तक लगान माफ करना (घ) कुल उपज का 3% कर के रूप में देना

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) अनुग्रह नारायण सिंह (ग) राज कुमार शुक्ल (घ) ब्रजकिशोर प्रसाद

(क) महात्मा गांधी (ख) एफ.जी. सलाई (F.G. Sly) (ग) एडवर्ड गेट (घ) एल.सी. अदामी

(क) 10 प्रतिशत (ख) 25 प्रतिशत (ग) 50 प्रतिशत (घ) 100 प्रतिशत

1. गांधीजी 15 अप्रैल 1917 को मोतिहारी पहुंचे।

2. चंपारण सत्याग्रह के परिणामस्वरूप तिनकठिया प्रथा समाप्त हो गई।

3. डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जे.बी. कृपलानी गांधीजी के सहयोगी थे।

(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) 1, 2 और 3 (घ) केवल 1

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) भारतीय सरकार और गाँधीजी (ख) भारतीय सरकार और राज कुमार शुक्ला (ग) भारतीय सरकार और राजेन्द्र प्रसाद (घ) भारतीय सरकार और अनुग्रह नारायण सिंह

सूची-I

घटना/संगठन

a) चंपारन सत्याग्रह

b) आज़ाद दस्ता

c) 1940 में बिहार में व्यक्तिगत सत्याग्रह

d) किसान सभा बिहार

सूची-II

सम्बन्धित व्यक्ति

1) जयप्रकाश नारायण

2) श्याम नारायण सिंह

3) सहजानन्द सरस्वती

4) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

(क) a-4, b-2, c-3, d-1 (ख) a-2, b-3, c-1, d-4 (ग) a-1, b-4, c-3, d-2 (घ) a-4, b-1, c-2, d-3

How it is asked

Questions on the Champaran Satyagraha appear consistently in BPSC Prelims. Key topics covered include the Tinkathia ratio (3/20), Raj Kumar Shukla's village (Murli Bharhawa), the chairman of the Champaran Agrarian Committee (F.G. Sly), Gandhi's associates, and the percentage of refund agreed upon (25%).

Do not confuse

💡 तिनकठिया = 3/20 (20 कट्ठा में 3 कट्ठा नील); सलाई = तिनकठिया प्रथा की 'सिलाई/समाप्ति' करने वाले अध्यक्ष सलाई।

Non-Cooperation and Khilafat in Bihar, Bihar Vidyapeeth, Sadaqat Ashram

The Khilafat and Non-Cooperation Movements transformed the freedom struggle in Bihar into a mass movement. In 1919, the Khilafat Movement gained momentum under leaders like Maulana Mazharul Haq, Hasan Imam, and Shafi Daudi. In August 1920, the Bihar Provincial Conference held in Bhagalpur under Dr. Rajendra Prasad supported the Non-Cooperation movement. To promote national education, Mahatma Gandhi inaugurated Bihar Vidyapeeth and Bihar National College on February 6, 1921. Maulana Mazharul Haq built the Sadaqat Ashram on land donated by Khairu Mia in Digha, Patna, which became the nerve center of Congress activities in Bihar. From here, Mazharul Haq launched the English newspaper 'The Motherland' to spread national awakening.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) महात्मा गांधी (घ) पंडित जवाहरलाल नेहरू

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) मौलाना मजहरुल हक (ग) ब्रजकिशोर प्रसाद (घ) अनुग्रह नारायण सिंह

(क) हसन इमाम (ख) खैरू मियाँ (ग) मजहरुल हक (घ) मोहम्मद शफी

(क) सर्चलाइट (ख) द मदरलैंड (ग) बिहार बंधु (घ) द इंडियन नेशन

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2

(क) गया (ख) मुजफ्फरपुर (ग) भागलपुर (घ) पटना

How it is asked

BPSC frequently asks direct questions regarding the inauguration of Bihar Vidyapeeth, its first Chancellor/Principal, the land donor of Sadaqat Ashram, and the founder-editor of 'The Motherland' newspaper.

Do not confuse

💡 ट्रिक: 'विद्यापीठ के हक (मजहरुल हक - कुलपति), कॉलेज के प्रसाद (राजेंद्र प्रसाद - प्राचार्य), आश्रम में खैर (खैरू मियाँ)'।

Civil Disobedience and Salt Satyagraha in Bihar (Nakhas Pond, Bihpur)

During the Civil Disobedience Movement, since Bihar was landlocked, salt was manufactured from saline soil (Lonia soil) to defy British laws. Dr. Rajendra Prasad drafted the plan for Bihar and fixed April 6, 1930, as the starting date, though it effectively began on April 15. In Patna, 'Nakhas Pond' became the epicenter where volunteers led by Ambika Kant Singh faced police atrocities. In Bihpur (Bhagalpur), a major satyagraha took place where leaders like Dr. Rajendra Prasad and Abdul Bari were injured in a lathi charge. A unique feature of the movement in Bihar was the 'Chaukidari Tax' boycott, as salt manufacturing had geographical limitations. Women also participated significantly by picketing liquor and foreign cloth shops.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 6 अप्रैल 1930 (ख) 15 अप्रैल 1930 (ग) 12 मार्च 1930 (घ) 20 अप्रैल 1930

(क) बांकीपुर मैदान (ख) सदाकत आश्रम (ग) नखास पिंड (घ) गांधी मैदान

(क) चौकीदारी कर (ख) नमक कर (ग) आय कर (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) अब्दुल बारी (ग) अनुग्रह नारायण सिंह (घ) A और B दोनों

(क) सच्चिदानंद सिन्हा (ख) सर अली इमाम (ग) हसन इमाम (घ) मजहरुल हक

How it is asked

BPSC frequently asks about the start date of the Salt Satyagraha, the specific site in Patna (Nakhas Pond), and the leaders involved in the Bihpur incident. The boycott of Chaukidari tax is repeatedly asked as a unique feature of Bihar.

Do not confuse

💡 नखास में 'न' से नमक और 'प' से पटना; बिहपुर में 'ब' से बारी (अब्दुल बारी) और 'ब' से भागलपुर।

Quit India Movement 1942: Role of Bihar

The Quit India Movement began on August 8, 1942, with Gandhi's 'Do or Die' call, and Bihar played a revolutionary role in it. On August 11, 1942, seven students were martyred while attempting to hoist the flag at the Patna Secretariat, becoming a symbol of Bihar's sacrifice. Jayaprakash Narayan escaped from Hazaribagh Jail on the night of November 9, 1942 (Diwali) and reached Nepal, where he formed the 'Azad Dasta' to lead guerrilla warfare. During this period, parallel governments were formed in Bihar, and widespread public rebellion was witnessed. Officially, 134 people were martyred and over 15,000 were imprisoned in Bihar during the movement. Finally, on April 12, 1946, the ban on the Congress Socialist Party was lifted, leading to JP Narayan's release.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 5 (ख) 7 (ग) 9 (घ) 11

(क) हजारीबाग जेल (ख) पटना (ग) नेपाल (घ) भागलपुर

(क) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ख) जयरामदास दौलतराम (ग) श्री कृष्ण सिंह (घ) अनुग्रह नारायण सिंह

(क) होली (ख) छठ (ग) दिवाली (घ) दशहरा

(क) पटना (ख) गया (ग) भागलपुर (घ) मुजफ्फरपुर

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) गोराखड़ी के रघुनाथ सिंह (ख) बिक्रमपुर के राम नारायण (ग) गोराखड़ी के सत्येन्द्र (घ) उपरोक्त में से कोई नहीं

How it is asked

BPSC frequently asks questions about the date of the Secretariat firing, the number of martyrs, the date of JP's escape from jail, and the location of Azad Dasta.

Do not confuse

💡 हजारीबाग से दिवाली पर भागे जेपी और नेपाल में बनाया आजाद दस्ता।

Congress sessions held in Bihar and Bihar's role in 1946-47

Bihar played a pivotal role in the history of the Indian National Congress. Undivided Bihar hosted three major Congress sessions. In 1912, the first session in Bihar (27th overall) took place at Bankipore, Patna, presided over by R.N. Mudholkar. In 1922, the 37th session was held in Gaya under Deshbandhu Chittaranjan Das, paving the way for the Swaraj Party. In 1940, undivided Bihar's Ramgarh hosted the 53rd session chaired by Maulana Abul Kalam Azad. During 1946-47, Bihar formed a Congress ministry under Shri Krishna Sinha, and Dr. Rajendra Prasad was elected President of the Constituent Assembly.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) गया (ख) बाँकीपुर (पटना) (ग) रामगढ़ (घ) मुजफ्फरपुर

(क) मजहरुल हक (ख) मौलाना अबुल कलाम आजाद (ग) चितरंजन दास (घ) आर. एन. मधोलकर

1. 1940 का रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन मौलाना अबुल कलाम आजाद की अध्यक्षता में हुआ था।

2. 9 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया था।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1, न ही 2

(क) गृह विभाग (ख) रेल विभाग (ग) खाद्य एवं कृषि विभाग (घ) रक्षा विभाग

(क) द्वितीय विश्व युद्ध में भारत को सहमति के बिना शामिल करने के विरोध में (ख) मुस्लिम लीग के विरोध के कारण (ग) किसान आंदोलन के दबाव में (घ) ब्रिटिश सरकार द्वारा बजट अस्वीकृत करने के कारण

How it is asked

BPSC frequently asks direct questions about the years, venues, and presidents of Bankipore, Gaya, and Ramgarh sessions, along with statement-based questions on Bihar leaders (Rajendra Prasad, Sachchidananda Sinha) in the Constituent Assembly and the 1946 ministry formation.

Do not confuse

💡 '12 में बाँकी (मधोलकर), '22 में गया (दास), '40 में रामगढ़ (आजाद)

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