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BPSC CCEइतिहास और राष्ट्रीय आंदोलनभारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (1885-1947)
Indian National Movement (1885-1947)
यह अध्याय BPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा दोनों के दृष्टिकोण से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आधुनिक भारतीय इतिहास खंड से पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्न इसी कालखंड से आते हैं। इसमें कांग्रेस की स्थापना से लेकर स्वदेशी आंदोलन, गांधीवादी आंदोलनों और स्वतंत्रता प्राप्ति तक के सभी प्रमुख पड़ावों को शामिल किया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना, उदारवादी चरण और प्रमुख अधिवेशन
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई थी। इसके संस्थापक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी एलन ऑक्टेवियन ह्यूम (A.O. Hume) थे और प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे। 1885 से 1905 के काल को भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का 'उदारवादी चरण' कहा जाता है। इस चरण के प्रमुख नेताओं में दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, सुरेंद्रनाथ बनर्जी और गोपाल कृष्ण गोखले शामिल थे। उदारवादियों ने प्रार्थना, याचिका और विरोध (3P's: Prayer, Petition, Protest) की संवैधानिक विधियों पर भरोसा किया। बिहार में कांग्रेस का पहला अधिवेशन 1912 में बांकीपुर (पटना) में R.N. मधोलकर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ था।
मुख्य तथ्य
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई में हुई थी।
- प्रथम अधिवेशन गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज (बंबई) में हुआ, जिसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- INC के प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी (W.C. Bonnerjee) थे तथा संस्थापक महासचिव ए.ओ. ह्यूम (A.O. Hume) थे।
- कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय लॉर्ड डफरिन (Lord Dufferin) था।
- दादाभाई नौरोजी को 'भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन' कहा जाता है; इन्होंने 1886, 1893 और 1906 में कांग्रेस की अध्यक्षता की।
- बदरुद्दीन तैयबजी 1887 के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष बने।
- जॉर्ज यूले 1888 के इलाहाबाद अधिवेशन में कांग्रेस के पहले अंग्रेज अध्यक्ष बने।
- 1896 के कोलकाता अधिवेशन में पहली बार रहीमतुल्ला एम. सयानी की अध्यक्षता में 'वंदे मातरम' गाया गया।
- 1911 के कोलकाता अधिवेशन में बिशन नारायण धर की अध्यक्षता में पहली बार 'जन गण मन' गाया गया।
- एनी बेसेंट 1917 (कोलकाता) में कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
- सरोजिनी नायडू 1925 (कानपुर) में कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष बनीं।
- बिहार में कांग्रेस का पहला अधिवेशन 1912 में बांकीपुर (पटना) में R.N. मधोलकर की अध्यक्षता में हुआ (27वां अधिवेशन)।
- बिहार में दूसरा कांग्रेस अधिवेशन 1922 में गया में देशबंधु चित्तरंजन दास (C.R. Das) की अध्यक्षता में हुआ।
- मौलाना अबुल कलाम आजाद 1923 (दिल्ली विशेष अधिवेशन) में सबसे कम उम्र के कांग्रेस अध्यक्ष बने।
तालिका
- वर्ष: 1885 · स्थान: बंबई · अध्यक्ष: व्योमेश चंद्र बनर्जी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: 72 प्रतिनिधि शामिल, ए.ओ. ह्यूम संस्थापक महासचिव
- वर्ष: 1886 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: दादाभाई नौरोजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: नेशनल कॉन्फ्रेंस का कांग्रेस में विलय
- वर्ष: 1887 · स्थान: मद्रास · अध्यक्ष: बदरुद्दीन तैयबजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष
- वर्ष: 1888 · स्थान: इलाहाबाद · अध्यक्ष: जॉर्ज यूले · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष
- वर्ष: 1896 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: रहीमतुल्ला एम. सयानी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'वंदे मातरम' गाया गया
- वर्ष: 1906 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: दादाभाई नौरोजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'स्वराज' शब्द का प्रयोग
- वर्ष: 1911 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: बिशन नारायण धर · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'जन गण मन' गाया गया
- वर्ष: 1912 · स्थान: बांकीपुर (पटना) · अध्यक्ष: आर.एन. मधोलकर · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: बिहार में आयोजित पहला कांग्रेस अधिवेशन
- वर्ष: 1916 · स्थान: लखनऊ · अध्यक्ष: अंबिका चरण मजूमदार · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता, गरम दल व नरम दल का पुनर्मिलन
- वर्ष: 1917 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: एनी बेसेंट · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम महिला अध्यक्ष
- वर्ष: 1922 · स्थान: गया (बिहार) · अध्यक्ष: चित्तरंजन दास · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: Swaraj Party के गठन की पृष्ठभूमि तैयार
- वर्ष: 1925 · स्थान: कानपुर · अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कुल कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
(क) 55 (ख) 72 (ग) 86 (घ) 102
- ✔ उत्तर: (ख) 72 — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (बंबई, 1885) में कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- प्रश्न 2: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में पहली बार 'वंदे मातरम' गाया गया था?
(क) 1885 (बंबई) (ख) 1896 (कोलकाता) (ग) 1906 (कोलकाता) (घ) 1911 (कोलकाता)
- ✔ उत्तर: (ख) 1896 (कोलकाता) — 1896 के कोलकाता अधिवेशन में रहीमतुल्ला एम. सयानी की अध्यक्षता में पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया गया था।
- प्रश्न 3: बिहार में आयोजित होने वाला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कौन सा था?
(क) 1912 बांकीपुर (ख) 1922 गया (ग) 1940 रामगढ़ (घ) 1916 लखनऊ
- ✔ उत्तर: (क) 1912 बांकीपुर — बिहार में कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 1912 में पटना के बांकीपुर में आर.एन. मधोलकर की अध्यक्षता में हुआ था।
- प्रश्न 4: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बदरुद्दीन तैयबजी कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे।
2. जॉर्ज यूले कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष थे।
3. सरोजिनी नायडू कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (क) केवल 1 और 2 — एनी बेसेंट कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष (1917) थीं, जबकि सरोजिनी नायडू प्रथम 'भारतीय' महिला अध्यक्ष (1925) थीं।
- प्रश्न 5: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (अधिवेशन) - सूची-II (अध्यक्ष)
A. 1887 मद्रास - 1. जॉर्ज यूले
B. 1888 इलाहाबाद - 2. बदरुद्दीन तैयबजी
C. 1916 लखनऊ - 3. एनी बेसेंट
D. 1917 कोलकाता - 4. अंबिका चरण मजूमदार
(क) A-2, B-1, C-4, D-3 (ख) A-1, B-2, C-3, D-4 (ग) A-2, B-4, C-1, D-3 (घ) A-4, B-3, C-2, D-1
- ✔ उत्तर: (क) A-2, B-1, C-4, D-3 — 1887 मद्रास के अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी, 1888 के जॉर्ज यूले, 1916 के अंबिका चरण मजूमदार और 1917 के एनी बेसेंट थे।
- प्रश्न 6: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था?
(क) लॉर्ड रिपन (ख) लॉर्ड डफरिन (ग) लॉर्ड कर्जन (घ) लॉर्ड कैनिंग
- ✔ उत्तर: (ख) लॉर्ड डफरिन — 1885 में कांग्रेस की स्थापना के समय भारत के वायसराय लॉर्ड डफरिन थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में INC की स्थापना, प्रथम अधिवेशन, प्रमुख अध्यक्षों (प्रथम मुस्लिम, प्रथम अंग्रेज, प्रथम महिला, प्रथम भारतीय महिला), और बिहार में हुए अधिवेशनों (1912 बांकीपुर और 1922 गया) पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ प्रथम महिला अध्यक्ष (एनी बेसेंट, 1917) और प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष (सरोजिनी नायडू, 1925) के बीच भ्रम।
- ✘ बिहार के अधिवेशनों में बांकीपुर (1912, अध्यक्ष: R.N. मधोलकर) और गया (1922, अध्यक्ष: C.R. दास) के वर्षों व अध्यक्षों में भ्रम।
💡 आरंभिक अधिवेशनों के स्थान हेतु ट्रिक: 'बक मई बक' (B-K-M-I-B-K) = बंबई (1885), कोलकाता (1886), मद्रास (1887), इलाहाबाद (1888), बंबई (1889), कोलकाता (1890)।
बंगाल विभाजन, स्वदेशी आंदोलन, सूरत विभाजन और मार्ले-मिंटो सुधार
वर्ष 1905 में लॉर्ड कर्जन ने प्रशासनिक सुविधा का बहाना बनाकर बंगाल का विभाजन कर दिया, जिसका वास्तविक उद्देश्य बंगाली राष्ट्रवाद को तोड़ना और हिंदू-मुस्लिम एकता में दरार डालना था। इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल से स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन की ऐतिहासिक शुरुआत हुई। 16 अक्टूबर 1905 को विभाजन प्रभावी होने पर पूरे बंगाल में 'राखी दिवस' और शोक दिवस मनाया गया। स्वदेशी आंदोलन की कार्यपद्धति को लेकर कांग्रेस के भीतर नरमदल और गरमदल के बीच मतभेद गहरा गए, जिसके परिणामस्वरूप 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन हो गया। इस बीच अंग्रेजों ने 1909 के मार्ले-मिंटो सुधार के तहत मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था करके सांप्रदायिकता को कानूनी रूप दिया। अंततः बढ़ते क्रांतिकारी व राष्ट्रवादी जनाक्रोश के कारण 1911 के दिल्ली दरबार में बंगाल विभाजन को रद्द कर दिया गया और भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित कर दी गई।
मुख्य तथ्य
- बंगाल विभाजन का निर्णय 20 जुलाई 1905 को घोषित हुआ तथा यह 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ।
- स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन की औपचारिक घोषणा 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित बैठक में की गई।
- 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल भर में शोक दिवस और रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर 'राखी दिवस' के रूप में मनाया गया।
- स्वदेशी आंदोलन के दौरान रवींद्रनाथ टैगोर ने 'आमार सोनार बांग्ला' गीत लिखा, जो आगे चलकर बांग्लादेश का राष्ट्रगान बना।
- स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने 'बंगाल केमिकल्स' की स्थापना की।
- स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व दिल्ली में सैयद हैदर रज़ा, मद्रास में चिदंबरम पिल्लई और पंजाब में लाला लाजपत राय ने किया।
- 1906 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए दादाभाई नौरोजी ने पहली बार 'स्वराज' शब्द का प्रयोग कांग्रेस के मंच से किया।
- 1907 के सूरत अधिवेशन में रासबिहारी घोष की अध्यक्षता में कांग्रेस नरमदल और गरमदल में विभाजित हो गई।
- 1909 के भारत परिषद अधिनियम (मार्ले-मिंटो सुधार) द्वारा मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था की गई।
- लॉर्ड मिंटो को भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक माना जाता है।
- दिसंबर 1911 में आयोजित दिल्ली दरबार में ब्रिटेन के सम्राट जॉर्ज पंचम ने बंगाल विभाजन को रद्द कर दिया।
- 1911 में भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई, जो 1912 में प्रभावी हुई।
- 23 दिसंबर 1912 को दिल्ली में राजकीय प्रवेश के दौरान वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय पर बम फेंका गया था।
तालिका
- घटना: स्वदेशी आंदोलन की घोषणा · तिथि / वर्ष: 7 अगस्त 1905 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: सुरेंद्रनाथ बनर्जी, आनंद मोहन बोस · मुख्य बिंदु / परिणाम: कलकत्ता टाउन हॉल से विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित
- घटना: बंगाल विभाजन लागू · तिथि / वर्ष: 16 अक्टूबर 1905 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड कर्जन · मुख्य बिंदु / परिणाम: पूरे बंगाल में शोक दिवस और 'राखी दिवस' के रूप में मनाया गया
- घटना: मुस्लिम लीग की स्थापना · तिथि / वर्ष: 30 दिसंबर 1906 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: नवाब सलीमुल्लाह, आगा खां · मुख्य बिंदु / परिणाम: ढाका में स्थापना; मुस्लिम हितों एवं पृथक निर्वाचन की मांग
- घटना: सूरत विभाजन · तिथि / वर्ष: 1907 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: रासबिहारी घोष (अध्यक्ष) · मुख्य बिंदु / परिणाम: कांग्रेस का गरमदल (तिलक, लाला लाजपत राय) और नरमदल में विभाजन
- घटना: मार्ले-मिंटो सुधार · तिथि / वर्ष: 1909 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड मिंटो (वायसराय), जॉन मार्ले (सचिव) · मुख्य बिंदु / परिणाम: मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल का प्रावधान
- घटना: बंगाल विभाजन रद्द · तिथि / वर्ष: 12 दिसंबर 1911 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय, जॉर्ज पंचम · मुख्य बिंदु / परिणाम: विभाजन रद्द; राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 7: 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन लागू होने के दिन रवींद्रनाथ टैगोर के सुझाव पर कौन-सा दिवस मनाया गया था?
(क) स्वराज दिवस (ख) राखी दिवस (ग) मुक्ति दिवस (घ) सत्याग्रह दिवस
- ✔ उत्तर: (ख) राखी दिवस — रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर बंगाल की जन-एकता प्रदर्शित करने के लिए 16 अक्टूबर 1905 को राखी दिवस के रूप में मनाया गया था।
- प्रश्न 8: स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता टाउन हॉल से हुई थी।
2. मद्रास में इस आंदोलन का नेतृत्व चिदंबरम पिल्लई ने किया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — दोनों कथन सत्य हैं; स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 7 अगस्त 1905 को हुई तथा मद्रास में स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी के माध्यम से चिदंबरम पिल्लई ने इसका नेतृत्व किया।
- प्रश्न 9: वर्ष 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम विभाजन किस अधिवेशन में हुआ था और उसकी अध्यक्षता किसने की थी?
(क) कलकत्ता - दादाभाई नौरोजी (ख) सूरत - रासबिहारी घोष (ग) बनारस - गोपाल कृष्ण गोखले (घ) लाहौर - मदन मोहन मालवीय
- ✔ उत्तर: (ख) सूरत - रासबिहारी घोष — 1907 के सूरत अधिवेशन में रासबिहारी घोष की अध्यक्षता में कांग्रेस का विभाजन नरमदल और गरमदल में हुआ था।
- प्रश्न 10: ब्रिटिश सरकार द्वारा मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडल' की व्यवस्था किस अधिनियम के तहत की गई थी?
(क) भारत परिषद अधिनियम, 1892 (ख) मार्ले-मिंटो सुधार (1909) (ग) मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919) (घ) भारत सरकार अधिनियम, 1935
- ✔ उत्तर: (ख) मार्ले-मिंटो सुधार (1909) — 1909 के मार्ले-मिंटो सुधार (भारत परिषद अधिनियम 1909) ने धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन की शुरुआत की थी।
- प्रश्न 11: दिसंबर 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द करने तथा राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा किस वायसराय के काल में हुई?
(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिंटो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के कार्यकाल में 1911 के दिल्ली दरबार में जॉर्ज पंचम ने बंगाल विभाजन रद्द करने और राजधानी स्थानांतरण की घोषणा की।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 72] दिल्ली में उसके राजकीय प्रवेश के अवसर पर किस वायसराय पर एक बम फेंका गया था ?
(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) लार्ड हार्डिंग्ज — 23 दिसंबर 1912 को दिल्ली को नई राजधानी के रूप में स्वीकार करने के राजकीय प्रवेश समारोह के दौरान वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय पर रासबिहारी बोस की योजना के तहत बम फेंका गया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC की परीक्षाओं में बंगाल विभाजन की तिथियों, स्वदेशी आंदोलन के नेताओं एवं प्रसार क्षेत्रों, सूरत विभाजन के अध्यक्ष, मार्ले-मिंटो सुधार के पृथक निर्वाचन प्रावधानों तथा दिल्ली दरबार (1911) व हार्डिंग बम कांड से सीधे प्रश्न लगातार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ 1907 सूरत अधिवेशन के अध्यक्ष 'रासबिहारी घोष' (उदारवादी) थे, जबकि 1912 के दिल्ली बम कांड से जुड़े क्रांतिकारी 'रासबिहारी बोस' थे।
- ✘ बंगाल विभाजन का निर्णय 20 जुलाई 1905 को घोषित हुआ था, परंतु यह प्रभावी 16 अक्टूबर 1905 को हुआ।
- ✘ राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा 1911 में हुई, जबकि दिल्ली आधिकारिक रूप से राजधानी 1912 में बनी।
💡 याद रखें क्रम: '05 में कर्जन का बांँट (विभाजन), '07 में सूरत की फूट, '09 में मिंटो की फूट (पृथक निर्वाचन), '11 में हार्डिंग की जोड़ (विभाजन रद्द)।'
गांधीवादी आंदोलन और गोलमेज सम्मेलन
महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ने एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लिया। 1919 में रोलट एक्ट और जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में रोलट सत्याग्रह शुरू हुआ। इसके बाद गांधीजी ने 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, जिसे 1922 में चौरी-चौरा कांड के बाद वापस ले लिया गया। 1930 में दांडी मार्च के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन का आगाज हुआ तथा इसी दौर में लंदन में तीन गोलमेज सम्मेलन आयोजित हुए। द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में गांधीजी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। अंततः 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के तहत गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा देकर ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी।
मुख्य तथ्य
- रोलट एक्ट मार्च 1919 में पारित हुआ, जिसे 'बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील' का कानून कहा गया।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जनरल डायर के आदेश पर हुआ।
- असहयोग आंदोलन 1 अगस्त 1920 को शुरू हुआ; इसी दिन बाल गंगाधर तिलक का निधन हुआ था।
- 4 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा कांड के कारण गांधीजी ने 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
- दांडी यात्रा 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक (24 दिन, 78 अनुयायी) साबरमती से दांडी तक चली।
- गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ, जिसके बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया गया।
- डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और तेज बहादुर सप्रू ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में भाग लिया।
- महात्मा गांधी ने केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया।
- पूना पैक्ट 24 सितंबर 1932 को गांधीजी और डॉ. अम्बेडकर के बीच यरवदा जेल में हुआ।
- व्यक्तिगत सत्याग्रह अक्टूबर 1940 में शुरू हुआ; प्रथम सत्याग्रही विनोबा भावे और दूसरे जवाहरलाल नेहरू थे।
- भारत छोड़ो प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 को बंबई के गवालिया टैंक मैदान से पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का नारा दिया।
- 9 अगस्त 1942 को 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत सभी शीर्ष कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 12: महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान 'करो या मरो' का नारा दिया था?
(क) असहयोग आंदोलन (ख) सविनय अवज्ञा आंदोलन (ग) भारत छोड़ो आंदोलन (घ) रोलट सत्याग्रह
- ✔ उत्तर: (ग) भारत छोड़ो आंदोलन — गांधीजी ने 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 'करो या मरो' का ऐतिहासिक नारा दिया था।
- प्रश्न 13: निम्नलिखित में से किसने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था?
(क) महात्मा गांधी (ख) जवाहरलाल नेहरू (ग) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (घ) सरदार पटेल
- ✔ उत्तर: (ग) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर — डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और तेज बहादुर सप्रू ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में भाग लिया था।
- प्रश्न 14: चौरी-चौरा की घटना किस तिथि को हुई थी जिसके कारण असहयोग आंदोलन स्थगित हुआ?
(क) 1 अगस्त 1920 (ख) 4 फरवरी 1922 (ग) 12 फरवरी 1922 (घ) 5 मार्च 1931
- ✔ उत्तर: (ख) 4 फरवरी 1922 — 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर के चौरी-चौरा में हुई हिंसा के बाद 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस लिया गया।
- प्रश्न 15: गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हस्ताक्षरित हुआ था?
(क) 1929 (ख) 1930 (ग) 1931 (घ) 1932
- ✔ उत्तर: (ग) 1931 — गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ था जिसके बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया गया।
- प्रश्न 16: व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940) के प्रथम सत्याग्रही कौन थे?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) विनोबा भावे (ग) ब्रह्मदत्त (घ) सरदार पटेल
- ✔ उत्तर: (ख) विनोबा भावे — 1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में आचार्य विनोबा भावे पहले तथा जवाहरलाल नेहरू दूसरे सत्याग्रही थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से आंदोलनों के कालानुक्रम (Chronology), तिथियों, नारों, गोलमेज सम्मेलन के प्रतिनिधियों तथा आंदोलनों को वापस लेने के कारणों पर सीधे प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ असहयोग आंदोलन की शुरुआत (1 अगस्त 1920) और उसकी वापसी की तिथि (12 फरवरी 1922) में भ्रम होना।
- ✘ गांधीजी का गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेना: वे केवल 'द्वितीय' गोलमेज सम्मेलन (1931) में शामिल हुए थे, तीनों में नहीं।
💡 गांधीजी का क्रम याद रखें: 'रोलट-असहयोग-सविनय-भारत छोड़ो' (रो-अ-स-भा)।logout line: आंदोलन कालानुक्रम।logout line: गोलमेज सम्मेलन संख्या।logout line: मुख्य नारे।logout line: प्रमुख सत्याग्रही।logout line: इतिहास तिथियां।logout line: आंदोलन वापसी कारण।logout line: पूना पैक्ट।logout line: दांडी यात्रा।logout line: ऑपरेशन जीरो आवर।logout line: भारत छोड़ो आंदोलन।logout line: गोलमेज प्रतिनिधि।logout line: जलियांवाला बाग।logout line: असहयोग आंदोलन।logout line: सविनय अवज्ञा।logout line: गांधी-इरविन पैक्ट
क्रांतिकारी आंदोलन, HSRA, सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसक आंदोलनों के साथ-साथ सशक्त क्रांतिकारी आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1924 में कानपुर में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) की स्थापना हुई, जिसका नाम 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) कर दिया गया। भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सांडर्स वध और केंद्रीय असेंबली बम कांड जैसी साहसिक घटनाओं को अंजाम दिया। वहीं बंगाल में सूर्य सेन (मास्टर दा) के नेतृत्व में 1930 का चटगांव शस्त्रागार छापा एक ऐतिहासिक घटना थी। दूसरी ओर, सुभाष चंद्र बोस ने 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विदेशों से भारत की आजादी का बिगुल फूंका। उन्होंने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद फौज (INA) का पुनर्गठन कर नेतृत्व संभाला तथा 'चलो दिल्ली' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' जैसे नारे दिए।
मुख्य तथ्य
- हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) की स्थापना 1924 में कानपुर में शचींद्रनाथ सान्याल और रामप्रसाद बिस्मिल द्वारा की गई थी।
- काकोरी ट्रेन कार्रवाई 9 अगस्त 1925 को हुई थी, जिसमें रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी को फांसी दी गई थी।
- सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह के नेतृत्व में HSRA की स्थापना की गई।
- दिसंबर 1928 में भगत सिंह, राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद ने लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए पुलिस अधिकारी सांडर्स का वध किया।
- 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधान सभा (सेंट्रल असेंबली) में 'जन सुरक्षा विधेयक' के विरोध में बम फेंका।
- भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को 23 मार्च 1931 को लाहौर षड्यंत्र केस में फांसी दी गई।
- चंद्रशेखर आजाद 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क (अब आजाद पार्क) में पुलिस मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए।
- अप्रैल 1930 में सूर्य सेन ('मास्टर दा') के नेतृत्व में इंडियन रिपब्लिकन आर्मी ने चटगांव शस्त्रागार पर छापा मारा।
- सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस से त्यागपत्र देने के बाद मई 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की।
- आजाद हिंद फौज (INA) का प्रारंभिक विचार कैप्टन मोहन सिंह ने 1942 में मलय में प्रस्तुत किया था।
- जुलाई 1943 में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज की कमान संभाली और अस्थाई सरकार की स्थापना की।
- सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज के सैनिकों को 'चलो दिल्ली' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का नारा दिया।
- आजाद हिंद फौज में महिलाओं की एक विशेष रेजीमेंट बनाई गई थी, जिसका नाम 'रानी झांसी रेजीमेंट' (नेतृत्व: लक्ष्मी सहगल) था।
- आशा सहाय सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज (INA) में एक सक्रिय महिला सेनानी के रूप में शामिल हुई थीं।
तालिका
- संगठन / घटना: हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) · वर्ष: 1924 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: शचींद्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल · स्थान / विवरण: कानपुर
- संगठन / घटना: काकोरी ट्रेन कार्रवाई · वर्ष: 1925 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां · स्थान / विवरण: काकोरी (लखनऊ)
- संगठन / घटना: हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) · वर्ष: 1928 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह · स्थान / विवरण: फिरोजशाह कोटला, दिल्ली
- संगठन / घटना: केंद्रीय असेंबली बम कांड · वर्ष: 1929 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त · स्थान / विवरण: नई दिल्ली (पब्लिक सेफ्टी बिल का विरोध)
- संगठन / घटना: चटगांव शस्त्रागार छापा · वर्ष: 1930 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सूर्य सेन (मास्टर दा) · स्थान / विवरण: चटगांव (बंगाल)
- संगठन / घटना: फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना · वर्ष: 1939 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सुभाष चंद्र बोस · स्थान / विवरण: त्रिपुरी अधिवेशन के बाद
- संगठन / घटना: आजाद हिंद सरकार व फौज (INA) · वर्ष: 1943 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सुभाष चंद्र बोस, रासबिहारी बोस, आशा सहाय · स्थान / विवरण: सिंगापुर ('चलो दिल्ली' का नारा)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 17: हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना 1928 में निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुई थी?
(क) कानपुर (ख) फिरोजशाह कोटला, दिल्ली (ग) इलाहाबाद (घ) लाहौर
- ✔ उत्तर: (ख) फिरोजशाह कोटला, दिल्ली — HSRA की स्थापना सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों द्वारा की गई थी।
- प्रश्न 18: 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंकने में भगत सिंह के साथ कौन शामिल थे?
(क) राजगुरु (ख) सुखदेव (ग) बटुकेश्वर दत्त (घ) चंद्रशेखर आजाद
- ✔ उत्तर: (ग) बटुकेश्वर दत्त — भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में असेंबली में बम फेंका था।
- प्रश्न 19: चटगांव शस्त्रागार छापे (1930) का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया था?
(क) शचींद्रनाथ सान्याल (ख) सूर्य सेन (ग) जतिन दास (घ) रासबिहारी बोस
- ✔ उत्तर: (ख) सूर्य सेन — बंगाल के महान क्रांतिकारी सूर्य सेन (जिन्हें 'मास्टर दा' कहा जाता था) ने चटगांव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था।
- प्रश्न 20: सुभाष चंद्र बोस द्वारा 1939 में कांग्रेस छोड़ने के बाद किस दल की स्थापना की गई थी?
(क) आजाद हिंद सरकार (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक (ग) कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (घ) गदर पार्टी
- ✔ उत्तर: (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक — त्रिपुरी संकट के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सुभाष चंद्र बोस ने मई 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी।
- प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन सी महिला सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 'आजाद हिंद फौज' में शामिल हुई थीं?
(क) आशा सहाय (ख) मातंगिनी हाजरा (ग) कनकलता बरुआ (घ) सुचेता कृपलानी
- ✔ उत्तर: (क) आशा सहाय — आशा सहाय सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल हुई थीं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 77] किसने आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व संभाला और 'चलो दिल्ली' की प्रसिद्ध लड़ाई का नारा दिया था?
(क) रास बिहारी बोस (ख) मोहन सिंह (ग) शाह नवाज खां (घ) सुभाष चन्द्र बोस
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) सुभाष चन्द्र बोस — सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद फौज की कमान संभाली थी और सैनिकों को 'चलो दिल्ली' का प्रसिद्ध नारा दिया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में क्रांतिकारी संगठनों (HRA, HSRA), संस्थापकों, लाहौर/काकोरी कांड, चटगांव शस्त्रागार छापे तथा सुभाष चंद्र बोस व आजाद हिंद फौज की गतिविधियों और नारों पर प्रत्यक्ष एवं कथन-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ HRA (1924, कानपुर) और HSRA (1928, दिल्ली) में अंतर: HSRA में 'सोशलिस्ट' शब्द जोड़ा गया था और इसका गठन दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुआ था।
- ✘ आजाद हिंद फौज (INA) की प्राथमिक स्थापना का विचार 1942 में कैप्टन मोहन सिंह का था, जबकि 1943 में इसका पुनर्गठन और सर्वप्रमुख नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस ने संभाला।
- ✘ रासबिहारी बोस (क्रांतिकारी नेता जिन्होंने जापान में इंडियन इंडिपेंडेंस लीग बनाई) और रासबिहारी घोष (1907 सूरत कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष) दो अलग व्यक्ति हैं।
💡 HSRA = कोटला 28 (1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में सोशलिस्ट शब्द जोड़कर HSRA बना)।
स्वतंत्रता का मार्ग: क्रिप्स मिशन, कैबिनेट मिशन, माउंटबेटन योजना और स्वतंत्रता अधिनियम
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद ब्रिटिश सरकार ने भारत को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए कई प्रस्ताव और योजनाएं प्रस्तुत कीं। मार्च 1942 में सर स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में क्रिप्स मिशन भारत आया, जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने खारिज कर दिया। इसके बाद 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया, जिसने त्रि-स्तरीय प्रांतीय वर्गीकरण का प्रस्ताव रखा और संविधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त किया। 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग ने प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया, जिससे व्यापक सांप्रदायिक दंगे हुए। लॉर्ड माउंटबेटन ने 3 जून 1947 को भारत-विभाजन की योजना (3 जून योजना) प्रस्तुत की, जिसे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के रूप में पारित किया गया और 15 अगस्त 1947 को दो नए डोमिनियन - भारत और पाकिस्तान - अस्तित्व में आए।
मुख्य तथ्य
- क्रिप्स मिशन मार्च 1942 में भारत आया था, जिसके अध्यक्ष सर स्टैफोर्ड क्रिप्स थे।
- महात्मा गांधी ने क्रिप्स प्रस्तावों को 'उत्तर-दिनांकित चेक' (Post-dated Cheque) कहा था।
- कैबिनेट मिशन मार्च 1946 में भारत आया था, जिसमें पैथिक लॉरेंस, स्टैफोर्ड क्रिप्स और ए. वी. अलेक्जेंडर शामिल थे।
- कैबिनेट मिशन के अध्यक्ष लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे।
- कैबिनेट मिशन योजना के तहत भारत की संविधान सभा का गठन किया गया था।
- मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को 'प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस' (Direct Action Day) मनाया था।
- 2 सितंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था।
- ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने 20 फरवरी 1947 को जून 1948 तक भारत को सत्ता हस्तांतरित करने की घोषणा की थी।
- लॉर्ड माउंटबेटन ने 3 जून 1947 को भारत के विभाजन की योजना (3 जून योजना) प्रस्तुत की थी।
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश सम्राट द्वारा स्वीकृत हुआ था।
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने।
- मोहम्मद अली जिन्ना ने मुस्लिम लीग के कराची अधिवेशन (1943) में 'बाँटो और छोड़ो' (Divide and Quit) का नारा दिया था।
- स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन तथा प्रथम भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी थे।
- पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर-जनरल मोहम्मद अली जिन्ना और प्रधानमंत्री लियाकत अली खान बने।
तालिका
- मिशन / योजना: क्रिप्स मिशन · वर्ष / तिथि: मार्च 1942 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: सर स्टैफोर्ड क्रिप्स · मुख्य प्रावधान / परिणाम: युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव; गांधीजी द्वारा खारिज
- मिशन / योजना: कैबिनेट मिशन · वर्ष / तिथि: मार्च 1946 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (अध्यक्ष) · मुख्य प्रावधान / परिणाम: त्रि-स्तरीय प्रांतीय समूह; संविधान सभा के गठन की सिफारिश
- मिशन / योजना: प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस · वर्ष / तिथि: 16 अगस्त 1946 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: एम. ए. जिन्नाह / मुस्लिम लीग · मुख्य प्रावधान / परिणाम: कोलकाता में व्यापक सांप्रदायिक दंगे (Great Calcutta Killings)
- मिशन / योजना: माउंटबेटन योजना · वर्ष / तिथि: 3 जून 1947 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: लॉर्ड माउंटबेटन · मुख्य प्रावधान / परिणाम: भारत का विभाजन तथा दो स्वतंत्र डोमिनियनों का निर्माण
- मिशन / योजना: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम · वर्ष / तिथि: 18 जुलाई 1947 (शाही स्वीकृति) · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: ब्रिटिश संसद · मुख्य प्रावधान / परिणाम: 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान की स्वतंत्रता
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 22: क्रिप्स मिशन को किसने 'उत्तर-दिनांकित चेक' (Post-dated Cheque) कहा था?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) महात्मा गांधी (ग) सुभाष चंद्र बोस (घ) सरदार पटेल
- ✔ उत्तर: (ख) महात्मा गांधी — महात्मा गांधी ने क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों को 'दिवालिया बैंक का उत्तर-दिनांकित चेक' कहा था।
- प्रश्न 23: कैबिनेट मिशन 1946 का अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन था?
(क) सर स्टैफोर्ड क्रिप्स (ख) ए. वी. अलेक्जेंडर (ग) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (घ) लॉर्ड वावेल
- ✔ उत्तर: (ग) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस — कैबिनेट मिशन में तीन सदस्य थे, जिसके अध्यक्ष भारत सचिव लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे।
- प्रश्न 24: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया।
2. माउंटबेटन योजना 3 जून 1947 को घोषित की गई थी।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया तथा माउंटबेटन योजना 3 जून 1947 को प्रस्तुत की गई।
- प्रश्न 25: किस अधिनियम ने भारत के विभाजन तथा दो स्वतंत्र अधिराज्यों (भारत और पाकिस्तान) के निर्माण को कानूनी रूप प्रदान किया?
(क) भारत सरकार अधिनियम 1935 (ख) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 (ग) कैबिनेट मिशन योजना 1946 (घ) क्रिप्स प्रस्ताव 1942
- ✔ उत्तर: (ख) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 — भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने भारत और पाकिस्तान नाम से दो स्वतंत्र अधिराज्यों के गठन का प्रावधान किया।
- प्रश्न 26: स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल कौन थे?
(क) लॉर्ड माउंटबेटन (ख) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ग) सी. राजगोपालाचारी (घ) जवाहरलाल नेहरू
- ✔ उत्तर: (ग) सी. राजगोपालाचारी — सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के प्रथम और अंतिम भारतीय गवर्नर-जनरल थे।
- प्रश्न 27: मुस्लिम लीग के किस अधिवेशन में 'बाँटो और छोड़ो' (Divide and Quit) का नारा दिया गया था?
(क) लाहौर अधिवेशन 1940 (ख) कराची अधिवेशन 1943 (ग) ढाका अधिवेशन 1906 (घ) लखनऊ अधिवेशन 1916
- ✔ उत्तर: (ख) कराची अधिवेशन 1943 — मुस्लिम लीग के 1943 के कराची अधिवेशन में मोहम्मद अली जिन्ना ने 'बाँटो और छोड़ो' का नारा दिया था।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 26] मुस्लिम लीग ने "प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस" कब मनाया ?
(क) 14 अगस्त 1946 (ख) 15 अगस्त 1947 (ग) 16 अगस्त 1946 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) 16 अगस्त 1946 — मुस्लिम लीग ने कैबिनेट मिशन योजना के विरोध में 16 अगस्त 1946 को 'प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस' मनाया था।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 80] किस अधिनियम ने भारत के विभाजन के लिए दो नये स्वतन्त्र भारत और पाकिस्तान के राज्यों को मूर्तरूप दिया था?
(क) भारत सरकार अधिनियम, 1919 (ख) भारत सरकार अधिनियम, 1935 (ग) भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम, 1947 (घ) उपरोक्त में से कोई नही
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम, 1947 — भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने भारत का विभाजन कर भारत और पाकिस्तान दो नए स्वतंत्र अधिराज्यों को कानूनी रूप से गठित किया।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 79] किसने "बाँटो और छोड़ो" के नारे को बुलन्द किया था?
(क) एम. ए. अंसारी (ख) एम. ए. जिन्नाह (ग) जवाहरलाल नेहरू (घ) मुहम्मद इकबाल
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) एम. ए. जिन्नाह — एम. ए. जिन्ना ने मुस्लिम लीग के 1943 के कराची अधिवेशन में 'बाँटो और छोड़ो' का नारा बुलंद किया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से कैबिनेट मिशन के सदस्यों, क्रिप्स मिशन के कथनों, प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस की तिथि, माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) तथा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 से संबंधित प्रत्यक्ष एवं कथन-आधारित प्रश्न बार-बार पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ कैबिनेट मिशन के अध्यक्ष लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे, न कि स्टैफोर्ड क्रिप्स (क्रिप्स 1942 वाले क्रिप्स मिशन के प्रमुख थे)।
- ✘ स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे, जबकि प्रथम 'भारतीय' गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी थे।
💡 कैबिनेट मिशन के सदस्य याद रखने की ट्रिक: PAL (Pethick-Lawrence, Alexander, Cripps)
एक नज़र में (Revision)
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में ए.ओ. ह्यूम द्वारा की गई और प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी थे।
- 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन के विरोध में 'स्वदेशी आंदोलन' शुरू हुआ।
- 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का नरम दल और गरम दल में स्पष्ट विभाजन हो गया।
- 1909 के मार्ले-मिंटो सुधारों के तहत मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल की शुरुआत की गई।
- गांधीजी ने भारत में अपना पहला सत्याग्रह 1917 में बिहार के चंपारण से शुरू किया।
- 1919 में रौलट एक्ट का विरोध तथा 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ।
- 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू हुआ, जिसे 1922 की चौरी-चौरा घटना के बाद वापस ले लिया गया।
- 1928 में चंद्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह ने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना की।
- 1930 में गांधीजी ने डांडी मार्च के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन का शुभारंभ किया।
- गांधीजी ने केवल 1931 में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया।
- 1939 में त्रिपुरी संकट के बाद सुभाष चंद्र बोस ने फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया।
- 8 अगस्त 1942 को 'करो या मरो' के नारे के साथ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ।
- 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया, जिसने संविधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त किया।
- 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना के आधार पर भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 पारित हुआ।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी।
2. यह अधिवेशन 1885 में बॉम्बे के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों
कांग्रेस का पहला अधिवेशन दिसंबर 1885 में बॉम्बे में व्योमेश चंद्र बनर्जी की अध्यक्षता में हुआ था जिसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
2. 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा किए गए बंगाल विभाजन के विरोध में कौन-सा आंदोलन शुरू हुआ था और सूरत में कांग्रेस का विभाजन किस वर्ष हुआ?
- (क) असहयोग आंदोलन और 1905
- (ख) स्वदेशी आंदोलन और 1907
- (ग) सविनय अवज्ञा आंदोलन और 1906
- (घ) होम रूल आंदोलन और 1916
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) स्वदेशी आंदोलन और 1907
बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन (1905) शुरू हुआ और 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस नरम एवं गरम दल में विभाजित हो गई।
3. 1909 के 'मार्ले-मिंटो सुधार' (भारतीय परिषद अधिनियम 1909) का मुख्य और सबसे विवादास्पद प्रावधान क्या था?
- (क) प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली की स्थापना
- (ख) मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र का प्रावधान
- (ग) केंद्र में द्विसदनीय व्यवस्था
- (घ) भारत सचिव के पद को समाप्त करना
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र का प्रावधान
1909 के अधिनियम ने धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन क्षेत्र देकर साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व की शुरुआत की थी।
4. महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए निम्नलिखित आंदोलनों/घटनाओं को सही कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए:
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन
2. रौलट सत्याग्रह
3. भारत छोड़ो आंदोलन
4. असहयोग आंदोलन
- (क) 2, 4, 1, 3
- (ख) 4, 2, 1, 3
- (ग) 2, 1, 4, 3
- (घ) 4, 1, 2, 3
उत्तर देखें
उत्तर: (क) 2, 4, 1, 3
सही कालानुक्रम है: रौलट सत्याग्रह (1919), असहयोग आंदोलन (1920-22), सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) और भारत छोड़ो आंदोलन (1942)।
5. ब्रिटेन में आयोजित तीन गोलमेज सम्मेलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सत्य है?
- (क) कांग्रेस ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था।
- (ख) महात्मा गांधी ने केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था।
- (ग) डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने केवल प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।
- (घ) तृतीय गोलमेज सम्मेलन में गांधी-इरविन समझौता हुआ था।
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) महात्मा गांधी ने केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था।
गांधी-इरविन समझौते के बाद कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1931) में हिस्सा लिया था।
6. सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) किसके नेतृत्व में किया गया था?
- (क) सुभाष चंद्र बोस
- (ख) चंद्रशेखर आज़ाद
- (ग) रासबिहारी बोस
- (घ) लाला हरदयाल
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) चंद्रशेखर आज़ाद
चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह और उनके सहयोगियों ने समाजवाद को लक्ष्य बनाते हुए HRA का पुनर्गठन कर HSRA बनाया।
7. 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने के उपरांत सुभाष चंद्र बोस ने किस संस्था का गठन किया था?
- (क) आज़ाद हिंद फ़ौज
- (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक
- (ग) कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी
- (घ) स्वराज पार्टी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक
1939 में गांधीजी से मतभेदों के कारण कांग्रेस पद छोड़ने के बाद सुभाष चंद्र बोस ने 'फॉरवर्ड ब्लॉक' की स्थापना की थी।
8. 8 अगस्त 1942 को बम्बई के गवालिया टैंक मैदान से शुरू हुए 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान महात्मा गांधी ने कौन-सा ऐतिहासिक नारा दिया था?
- (क) जय हिंद
- (ख) करो या मरो
- (ग) पूर्ण स्वराज
- (घ) दिल्ली चलो
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) करो या मरो
भारत छोड़ो आंदोलन के प्रस्ताव पारित होने के बाद गांधीजी ने देशवासियों को 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा दिया था।
9. वर्ष 1946 में भारत भेजे गए 'कैबिनेट मिशन' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- (क) इसमें तीन ब्रिटिश कैबिनेट मंत्री शामिल थे।
- (ख) पैथिक लॉरेंस इसके अध्यक्ष थे।
- (ग) इसने पाकिस्तान की मांग को स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया था।
- (घ) इसने भारत के लिए एक संविधान सभा के गठन की सिफारिश की थी।
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) इसने पाकिस्तान की मांग को स्पष्ट रूप से स्वीकार कर लिया था।
कैबिनेट मिशन ने अलग पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया था और एक अविभाजित भारत संघ का प्रस्ताव दिया था।
10. भारत के विभाजन और सत्ता के हस्तांतरण की योजना, जिसे '3 जून योजना' भी कहा जाता है, किस वायसराय द्वारा प्रस्तुत की गई थी?
- (क) लॉर्ड लिनलिथगो
- (ख) लॉर्ड वेवेल
- (ग) लॉर्ड माउंटबेटन
- (घ) लॉर्ड इरविन
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) लॉर्ड माउंटबेटन
लॉर्ड माउंटबेटन ने 3 जून 1947 को भारत और पाकिस्तान में देश के विभाजन की योजना की घोषणा की थी, जिसके आधार पर भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 बना।
English version — Indian National Movement (1885-1947)
This chapter is the most vital section for both BPSC Prelims and Mains examinations. The majority of questions in Modern Indian History are framed from this period. It comprehensively covers major events from the inception of the INC to Swadeshi, Gandhian mass movements, and final independence.
Founding of INC, Moderate Phase, and Key Sessions
The Indian National Congress (INC) was founded on 28 December 1885 at Gokuldas Tejpal Sanskrit College in Bombay. Its key founder was Allan Octavian Hume, a retired British civil servant, and its first president was Womesh Chandra Bonnerjee. The period from 1885 to 1905 is known as the 'Moderate Phase' of the Indian national movement. Prominent leaders of this era included Dadabhai Naoroji, Pherozeshah Mehta, Surendranath Banerjee, and Gopal Krishna Gokhale. Moderates relied on constitutional methods characterized as Prayer, Petition, and Protest. In Bihar, the first session of the INC was held in 1912 at Bankipore (Patna) under the presidency of R.N. Madholkar.
Key facts
- The Indian National Congress was founded on 28 December 1885 in Bombay.
- The first session was held at Gokuldas Tejpal Sanskrit College (Bombay), attended by 72 delegates.
- W.C. Bonnerjee was the first president of INC, and A.O. Hume was the founding General Secretary.
- Lord Dufferin was the Viceroy of India when the Congress was founded.
- Dadabhai Naoroji is called the 'Grand Old Man of India'; he presided over INC in 1886, 1893, and 1906.
- Badruddin Tyabji became the first Muslim president of Congress at the 1887 Madras session.
- George Yule became the first English president of Congress at the 1888 Allahabad session.
- 'Vande Mataram' was sung for the first time at the 1896 Calcutta session presided by Rahimtullah M. Sayani.
- 'Jana Gana Mana' was sung for the first time at the 1911 Calcutta session presided by Bishan Narayan Dhar.
- Annie Besant became the first female president of Congress in 1917 (Calcutta).
- Sarojini Naidu became the first Indian female president of Congress in 1925 (Kanpur).
- The first INC session in Bihar was held in 1912 at Bankipore (Patna) under R.N. Madholkar (27th session).
- The second INC session in Bihar was held in 1922 at Gaya under Deshbandhu C.R. Das.
- Maulana Abul Kalam Azad became the youngest Congress president in 1923 (Delhi special session).
Table
- वर्ष: 1885 · स्थान: बंबई · अध्यक्ष: व्योमेश चंद्र बनर्जी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: 72 प्रतिनिधि शामिल, ए.ओ. ह्यूम संस्थापक महासचिव
- वर्ष: 1886 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: दादाभाई नौरोजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: नेशनल कॉन्फ्रेंस का कांग्रेस में विलय
- वर्ष: 1887 · स्थान: मद्रास · अध्यक्ष: बदरुद्दीन तैयबजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष
- वर्ष: 1888 · स्थान: इलाहाबाद · अध्यक्ष: जॉर्ज यूले · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष
- वर्ष: 1896 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: रहीमतुल्ला एम. सयानी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'वंदे मातरम' गाया गया
- वर्ष: 1906 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: दादाभाई नौरोजी · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'स्वराज' शब्द का प्रयोग
- वर्ष: 1911 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: बिशन नारायण धर · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: पहली बार 'जन गण मन' गाया गया
- वर्ष: 1912 · स्थान: बांकीपुर (पटना) · अध्यक्ष: आर.एन. मधोलकर · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: बिहार में आयोजित पहला कांग्रेस अधिवेशन
- वर्ष: 1916 · स्थान: लखनऊ · अध्यक्ष: अंबिका चरण मजूमदार · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता, गरम दल व नरम दल का पुनर्मिलन
- वर्ष: 1917 · स्थान: कोलकाता · अध्यक्ष: एनी बेसेंट · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम महिला अध्यक्ष
- वर्ष: 1922 · स्थान: गया (बिहार) · अध्यक्ष: चित्तरंजन दास · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: Swaraj Party के गठन की पृष्ठभूमि तैयार
- वर्ष: 1925 · स्थान: कानपुर · अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू · महत्वपूर्ण तथ्य / घटना: प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष
Practice questions (solved)
- Q 1: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कुल कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
(क) 55 (ख) 72 (ग) 86 (घ) 102
- ✔ Answer: (ख) 72 — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (बंबई, 1885) में कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- Q 2: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में पहली बार 'वंदे मातरम' गाया गया था?
(क) 1885 (बंबई) (ख) 1896 (कोलकाता) (ग) 1906 (कोलकाता) (घ) 1911 (कोलकाता)
- ✔ Answer: (ख) 1896 (कोलकाता) — 1896 के कोलकाता अधिवेशन में रहीमतुल्ला एम. सयानी की अध्यक्षता में पहली बार राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' गाया गया था।
- Q 3: बिहार में आयोजित होने वाला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कौन सा था?
(क) 1912 बांकीपुर (ख) 1922 गया (ग) 1940 रामगढ़ (घ) 1916 लखनऊ
- ✔ Answer: (क) 1912 बांकीपुर — बिहार में कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन 1912 में पटना के बांकीपुर में आर.एन. मधोलकर की अध्यक्षता में हुआ था।
- Q 4: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बदरुद्दीन तैयबजी कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे।
2. जॉर्ज यूले कांग्रेस के प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष थे।
3. सरोजिनी नायडू कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष थीं।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (क) केवल 1 और 2 — एनी बेसेंट कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष (1917) थीं, जबकि सरोजिनी नायडू प्रथम 'भारतीय' महिला अध्यक्ष (1925) थीं।
- Q 5: सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (अधिवेशन) - सूची-II (अध्यक्ष)
A. 1887 मद्रास - 1. जॉर्ज यूले
B. 1888 इलाहाबाद - 2. बदरुद्दीन तैयबजी
C. 1916 लखनऊ - 3. एनी बेसेंट
D. 1917 कोलकाता - 4. अंबिका चरण मजूमदार
(क) A-2, B-1, C-4, D-3 (ख) A-1, B-2, C-3, D-4 (ग) A-2, B-4, C-1, D-3 (घ) A-4, B-3, C-2, D-1
- ✔ Answer: (क) A-2, B-1, C-4, D-3 — 1887 मद्रास के अध्यक्ष बदरुद्दीन तैयबजी, 1888 के जॉर्ज यूले, 1916 के अंबिका चरण मजूमदार और 1917 के एनी बेसेंट थे।
- Q 6: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के समय भारत का वायसराय कौन था?
(क) लॉर्ड रिपन (ख) लॉर्ड डफरिन (ग) लॉर्ड कर्जन (घ) लॉर्ड कैनिंग
- ✔ Answer: (ख) लॉर्ड डफरिन — 1885 में कांग्रेस की स्थापना के समय भारत के वायसराय लॉर्ड डफरिन थे।
How it is asked
BPSC frequently asks about the founding of INC, first session, presidents (first Muslim, first English, first woman, first Indian woman), and sessions held in Bihar (1912 Bankipore and 1922 Gaya).
Do not confuse
- ✘ प्रथम महिला अध्यक्ष (एनी बेसेंट, 1917) और प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष (सरोजिनी नायडू, 1925) के बीच भ्रम।
- ✘ बिहार के अधिवेशनों में बांकीपुर (1912, अध्यक्ष: R.N. मधोलकर) और गया (1922, अध्यक्ष: C.R. दास) के वर्षों व अध्यक्षों में भ्रम।
💡 आरंभिक अधिवेशनों के स्थान हेतु ट्रिक: 'बक मई बक' (B-K-M-I-B-K) = बंबई (1885), कोलकाता (1886), मद्रास (1887), इलाहाबाद (1888), बंबई (1889), कोलकाता (1890)।
Partition of Bengal, Swadeshi Movement, Surat Split, Morley-Minto Reforms
In 1905, Lord Curzon partitioned Bengal citing administrative convenience, though the real motive was to weaken Bengali nationalism and divide Hindus and Muslims. In response, the historic Swadeshi and Boycott Movement was launched on August 7, 1905, at Calcutta Town Hall. When the partition took effect on October 16, 1905, it was observed as a Day of Mourning and Rakhi Bandhan Day across Bengal. Differences over the scope and strategy of the Swadeshi Movement between Moderates and Extremists led to the historic Surat Split of the Congress in 1907. Meanwhile, the British introduced the Morley-Minto Reforms of 1909, establishing separate electorates for Muslims and institutionalizing communalism. Finally, due to intense nationalist pressure, the partition was annulled at the Delhi Durbar in 1911, and the imperial capital was shifted from Calcutta to Delhi.
Key facts
- The decision to partition Bengal was announced on 20 July 1905 and implemented on 16 October 1905.
- The formal proclamation of the Swadeshi and Boycott Movement was made on 7 August 1905 at Calcutta Town Hall.
- 16 October 1905 was observed as a Day of Mourning and 'Rakhi Day' across Bengal on the call of Rabindranath Tagore.
- During the Swadeshi Movement, Rabindranath Tagore composed 'Amar Sonar Bangla', which later became Bangladesh's national anthem.
- Acharya Prafulla Chandra Ray established 'Bengal Chemicals' to promote indigenous industries.
- The Swadeshi Movement was led by Syed Haider Raza in Delhi, Chidambaram Pillai in Madras, and Lala Lajpat Rai in Punjab.
- Dadabhai Naoroji used the word 'Swaraj' for the first time from the Congress platform during the 1906 Calcutta session.
- In the 1907 Surat session chaired by Rashbehari Ghosh, Congress split into Moderates and Extremists.
- The Indian Councils Act 1909 (Morley-Minto Reforms) introduced separate electorates for Muslims.
- Lord Minto is known as the Father of Communal Electorate in India.
- King George V of Britain annulled the partition of Bengal at the Delhi Durbar in December 1911.
- The shift of India's capital from Calcutta to Delhi was announced in 1911 and became effective in 1912.
- A bomb was thrown at Viceroy Lord Hardinge II during his state entry into Delhi on 23 December 1912.
Table
- घटना: स्वदेशी आंदोलन की घोषणा · तिथि / वर्ष: 7 अगस्त 1905 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: सुरेंद्रनाथ बनर्जी, आनंद मोहन बोस · मुख्य बिंदु / परिणाम: कलकत्ता टाउन हॉल से विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित
- घटना: बंगाल विभाजन लागू · तिथि / वर्ष: 16 अक्टूबर 1905 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड कर्जन · मुख्य बिंदु / परिणाम: पूरे बंगाल में शोक दिवस और 'राखी दिवस' के रूप में मनाया गया
- घटना: मुस्लिम लीग की स्थापना · तिथि / वर्ष: 30 दिसंबर 1906 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: नवाब सलीमुल्लाह, आगा खां · मुख्य बिंदु / परिणाम: ढाका में स्थापना; मुस्लिम हितों एवं पृथक निर्वाचन की मांग
- घटना: सूरत विभाजन · तिथि / वर्ष: 1907 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: रासबिहारी घोष (अध्यक्ष) · मुख्य बिंदु / परिणाम: कांग्रेस का गरमदल (तिलक, लाला लाजपत राय) और नरमदल में विभाजन
- घटना: मार्ले-मिंटो सुधार · तिथि / वर्ष: 1909 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड मिंटो (वायसराय), जॉन मार्ले (सचिव) · मुख्य बिंदु / परिणाम: मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल का प्रावधान
- घटना: बंगाल विभाजन रद्द · तिथि / वर्ष: 12 दिसंबर 1911 · संबद्ध वायसराय / प्रमुख व्यक्ति: लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय, जॉर्ज पंचम · मुख्य बिंदु / परिणाम: विभाजन रद्द; राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा
Practice questions (solved)
- Q 7: 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन लागू होने के दिन रवींद्रनाथ टैगोर के सुझाव पर कौन-सा दिवस मनाया गया था?
(क) स्वराज दिवस (ख) राखी दिवस (ग) मुक्ति दिवस (घ) सत्याग्रह दिवस
- ✔ Answer: (ख) राखी दिवस — रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर बंगाल की जन-एकता प्रदर्शित करने के लिए 16 अक्टूबर 1905 को राखी दिवस के रूप में मनाया गया था।
- Q 8: स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता टाउन हॉल से हुई थी।
2. मद्रास में इस आंदोलन का नेतृत्व चिदंबरम पिल्लई ने किया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — दोनों कथन सत्य हैं; स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 7 अगस्त 1905 को हुई तथा मद्रास में स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी के माध्यम से चिदंबरम पिल्लई ने इसका नेतृत्व किया।
- Q 9: वर्ष 1907 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम विभाजन किस अधिवेशन में हुआ था और उसकी अध्यक्षता किसने की थी?
(क) कलकत्ता - दादाभाई नौरोजी (ख) सूरत - रासबिहारी घोष (ग) बनारस - गोपाल कृष्ण गोखले (घ) लाहौर - मदन मोहन मालवीय
- ✔ Answer: (ख) सूरत - रासबिहारी घोष — 1907 के सूरत अधिवेशन में रासबिहारी घोष की अध्यक्षता में कांग्रेस का विभाजन नरमदल और गरमदल में हुआ था।
- Q 10: ब्रिटिश सरकार द्वारा मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडल' की व्यवस्था किस अधिनियम के तहत की गई थी?
(क) भारत परिषद अधिनियम, 1892 (ख) मार्ले-मिंटो सुधार (1909) (ग) मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919) (घ) भारत सरकार अधिनियम, 1935
- ✔ Answer: (ख) मार्ले-मिंटो सुधार (1909) — 1909 के मार्ले-मिंटो सुधार (भारत परिषद अधिनियम 1909) ने धर्म के आधार पर पृथक निर्वाचन की शुरुआत की थी।
- Q 11: दिसंबर 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द करने तथा राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा किस वायसराय के काल में हुई?
(क) लॉर्ड कर्जन (ख) लॉर्ड मिंटो (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (घ) लॉर्ड चेम्सफोर्ड
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय — लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय के कार्यकाल में 1911 के दिल्ली दरबार में जॉर्ज पंचम ने बंगाल विभाजन रद्द करने और राजधानी स्थानांतरण की घोषणा की।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 72] दिल्ली में उसके राजकीय प्रवेश के अवसर पर किस वायसराय पर एक बम फेंका गया था ?
(क) लार्ड कर्जन (ख) लार्ड मिन्टो (ग) लार्ड हार्डिंग्ज (घ) लार्ड वेवल
- ✔ Official answer: (ग) लार्ड हार्डिंग्ज — 23 दिसंबर 1912 को दिल्ली को नई राजधानी के रूप में स्वीकार करने के राजकीय प्रवेश समारोह के दौरान वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय पर रासबिहारी बोस की योजना के तहत बम फेंका गया था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions about the exact dates of Bengal Partition, regional leaders of Swadeshi movement, president of the Surat split, separate electorate in Morley-Minto reforms, and the 1911 Delhi Durbar / Hardinge bomb case.
Do not confuse
- ✘ 1907 सूरत अधिवेशन के अध्यक्ष 'रासबिहारी घोष' (उदारवादी) थे, जबकि 1912 के दिल्ली बम कांड से जुड़े क्रांतिकारी 'रासबिहारी बोस' थे।
- ✘ बंगाल विभाजन का निर्णय 20 जुलाई 1905 को घोषित हुआ था, परंतु यह प्रभावी 16 अक्टूबर 1905 को हुआ।
- ✘ राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा 1911 में हुई, जबकि दिल्ली आधिकारिक रूप से राजधानी 1912 में बनी।
💡 याद रखें क्रम: '05 में कर्जन का बांँट (विभाजन), '07 में सूरत की फूट, '09 में मिंटो की फूट (पृथक निर्वाचन), '11 में हार्डिंग की जोड़ (विभाजन रद्द)।'
Gandhian Movements and Round Table Conferences
Under Mahatma Gandhi's leadership, the Indian freedom struggle transformed into a mass movement. In 1919, Rowlatt Satyagraha was launched against the Rowlatt Act and the Jallianwala Bagh massacre. This was followed by the Non-Cooperation Movement in 1920, which was withdrawn in 1922 after the Chauri Chaura incident. In 1930, the Civil Disobedience Movement began with the Dandi March, alongside three Round Table Conferences held in London. Gandhi represented the Congress exclusively in the Second Round Table Conference (1931). Finally, in 1942, Gandhi launched the Quit India Movement with the call 'Do or Die', dealing a decisive blow to British rule.
Key facts
- Rowlatt Act was passed in March 1919, known as the law with 'no lawyer, no appeal, no argument'.
- Jallianwala Bagh massacre took place on April 13, 1919 in Amritsar under General Dyer's orders.
- Non-Cooperation Movement launched on 1 August 1920; Bal Gangadhar Tilak passed away on the same day.
- Due to Chauri Chaura incident on 4 Feb 1922, Gandhi withdrew NCM on 12 Feb 1922.
- Dandi March took place from 12 March to 6 April 1930 (24 days, 78 followers) from Sabarmati to Dandi.
- Gandhi-Irwin Pact was signed on 5 March 1931, suspending the Civil Disobedience Movement.
- Dr. B.R. Ambedkar and Tej Bahadur Sapru attended all three Round Table Conferences (1930, 1931, 1932).
- Mahatma Gandhi attended only the Second Round Table Conference (1931) as the Congress representative.
- Poona Pact was signed on 24 September 1932 between Gandhi and Dr. Ambedkar in Yerwada Jail.
- Individual Satyagraha started in October 1940; Vinoba Bhave was 1st and Jawaharlal Nehru was 2nd satyagrahi.
- Quit India resolution passed on 8 Aug 1942 at Gowalia Tank, Bombay, with Gandhi giving the 'Do or Die' slogan.
- On 9 Aug 1942, top Congress leaders were arrested under 'Operation Zero Hour'.
Practice questions (solved)
- Q 12: महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान 'करो या मरो' का नारा दिया था?
(क) असहयोग आंदोलन (ख) सविनय अवज्ञा आंदोलन (ग) भारत छोड़ो आंदोलन (घ) रोलट सत्याग्रह
- ✔ Answer: (ग) भारत छोड़ो आंदोलन — गांधीजी ने 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 'करो या मरो' का ऐतिहासिक नारा दिया था।
- Q 13: निम्नलिखित में से किसने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था?
(क) महात्मा गांधी (ख) जवाहरलाल नेहरू (ग) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (घ) सरदार पटेल
- ✔ Answer: (ग) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर — डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और तेज बहादुर सप्रू ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) में भाग लिया था।
- Q 14: चौरी-चौरा की घटना किस तिथि को हुई थी जिसके कारण असहयोग आंदोलन स्थगित हुआ?
(क) 1 अगस्त 1920 (ख) 4 फरवरी 1922 (ग) 12 फरवरी 1922 (घ) 5 मार्च 1931
- ✔ Answer: (ख) 4 फरवरी 1922 — 4 फरवरी 1922 को गोरखपुर के चौरी-चौरा में हुई हिंसा के बाद 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस लिया गया।
- Q 15: गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हस्ताक्षरित हुआ था?
(क) 1929 (ख) 1930 (ग) 1931 (घ) 1932
- ✔ Answer: (ग) 1931 — गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ था जिसके बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया गया।
- Q 16: व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940) के प्रथम सत्याग्रही कौन थे?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) विनोबा भावे (ग) ब्रह्मदत्त (घ) सरदार पटेल
- ✔ Answer: (ख) विनोबा भावे — 1940 के व्यक्तिगत सत्याग्रह में आचार्य विनोबा भावे पहले तथा जवाहरलाल नेहरू दूसरे सत्याग्रही थे।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on the chronology of movements, specific dates, slogans, delegates in Round Table Conferences, and reasons for movement withdrawal.
Do not confuse
- ✘ असहयोग आंदोलन की शुरुआत (1 अगस्त 1920) और उसकी वापसी की तिथि (12 फरवरी 1922) में भ्रम होना।
- ✘ गांधीजी का गोलमेज सम्मेलनों में भाग लेना: वे केवल 'द्वितीय' गोलमेज सम्मेलन (1931) में शामिल हुए थे, तीनों में नहीं।
💡 गांधीजी का क्रम याद रखें: 'रोलट-असहयोग-सविनय-भारत छोड़ो' (रो-अ-स-भा)।logout line: आंदोलन कालानुक्रम।logout line: गोलमेज सम्मेलन संख्या।logout line: मुख्य नारे।logout line: प्रमुख सत्याग्रही।logout line: इतिहास तिथियां।logout line: आंदोलन वापसी कारण।logout line: पूना पैक्ट।logout line: दांडी यात्रा।logout line: ऑपरेशन जीरो आवर।logout line: भारत छोड़ो आंदोलन।logout line: गोलमेज प्रतिनिधि।logout line: जलियांवाला बाग।logout line: असहयोग आंदोलन।logout line: सविनय अवज्ञा।logout line: गांधी-इरविन पैक्ट
Revolutionary Movements, HSRA, Subhas Chandra Bose and INA
Along with non-violent movements, armed revolutionary activities played a pivotal role in India's freedom struggle. The Hindustan Republican Association (HRA) was established in Kanpur in 1924 and later renamed Hindustan Socialist Republican Association (HSRA) at Feroz Shah Kotla, Delhi in 1928. Revolutionaries like Bhagat Singh, Chandrashekhar Azad, Sukhdev, and Rajguru challenged British rule through acts like the Saunders murder and Central Assembly bombing. In Bengal, Surya Sen led the famous Chittagong Armoury Raid in 1930. Simultaneously, Subhas Chandra Bose formed the Forward Bloc in 1939 and launched an armed campaign from abroad during World War II. In 1943, he reorganized the Indian National Army (INA) in Singapore, giving famous slogans like 'Chalo Delhi' and 'Give me blood, I will give you freedom'.
Key facts
- Hindustan Republican Association (HRA) was founded in Kanpur in 1924 by Sachindra Nath Sanyal and Ram Prasad Bismil.
- The Kakori Train Action took place on 9 August 1925, leading to the execution of Ram Prasad Bismil, Ashfaqulla Khan, Roshan Singh, and Rajendra Lahiri.
- HSRA was formed in September 1928 at Feroz Shah Kotla Ground, Delhi under the leadership of Chandrashekhar Azad and Bhagat Singh.
- In December 1928, Bhagat Singh, Rajguru, and Chandrashekhar Azad assassinated police officer Saunders to avenge the death of Lala Lajpat Rai.
- On 8 April 1929, Bhagat Singh and Batukeshwar Dutt threw bombs in the Central Legislative Assembly to protest against the Public Safety Bill.
- Bhagat Singh, Sukhdev, and Rajguru were executed on 23 March 1931 in the Lahore Conspiracy Case.
- Chandrashekhar Azad attained martyrdom on 27 February 1931 in an encounter at Alfred Park (now Azad Park), Allahabad.
- In April 1930, the Indian Republican Army under Surya Sen ('Master Da') carried out the Chittagong Armoury Raid.
- Subhas Chandra Bose founded the Forward Bloc in May 1939 after resigning from the Indian National Congress.
- The initial idea of the Indian National Army (INA) was proposed by Captain Mohan Singh in Malaya in 1942.
- In July 1943, Subhas Chandra Bose took command of the Azad Hind Fauj in Singapore and established a provisional government.
- Subhas Chandra Bose gave the slogans 'Chalo Delhi' and 'Give me blood, I will give you freedom' to the INA soldiers.
- A special women's regiment named 'Rani Jhansi Regiment' (led by Lakshmi Sahgal) was raised in the INA.
- Asha Sahay joined Subhas Chandra Bose's Azad Hind Fauj as an active woman fighter.
Table
- संगठन / घटना: हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) · वर्ष: 1924 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: शचींद्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल · स्थान / विवरण: कानपुर
- संगठन / घटना: काकोरी ट्रेन कार्रवाई · वर्ष: 1925 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां · स्थान / विवरण: काकोरी (लखनऊ)
- संगठन / घटना: हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) · वर्ष: 1928 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह · स्थान / विवरण: फिरोजशाह कोटला, दिल्ली
- संगठन / घटना: केंद्रीय असेंबली बम कांड · वर्ष: 1929 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त · स्थान / विवरण: नई दिल्ली (पब्लिक सेफ्टी बिल का विरोध)
- संगठन / घटना: चटगांव शस्त्रागार छापा · वर्ष: 1930 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सूर्य सेन (मास्टर दा) · स्थान / विवरण: चटगांव (बंगाल)
- संगठन / घटना: फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना · वर्ष: 1939 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सुभाष चंद्र बोस · स्थान / विवरण: त्रिपुरी अधिवेशन के बाद
- संगठन / घटना: आजाद हिंद सरकार व फौज (INA) · वर्ष: 1943 · प्रमुख नेता / क्रांतिकारी: सुभाष चंद्र बोस, रासबिहारी बोस, आशा सहाय · स्थान / विवरण: सिंगापुर ('चलो दिल्ली' का नारा)
Practice questions (solved)
- Q 17: हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) की स्थापना 1928 में निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुई थी?
(क) कानपुर (ख) फिरोजशाह कोटला, दिल्ली (ग) इलाहाबाद (घ) लाहौर
- ✔ Answer: (ख) फिरोजशाह कोटला, दिल्ली — HSRA की स्थापना सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद और उनके साथियों द्वारा की गई थी।
- Q 18: 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंकने में भगत सिंह के साथ कौन शामिल थे?
(क) राजगुरु (ख) सुखदेव (ग) बटुकेश्वर दत्त (घ) चंद्रशेखर आजाद
- ✔ Answer: (ग) बटुकेश्वर दत्त — भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में असेंबली में बम फेंका था।
- Q 19: चटगांव शस्त्रागार छापे (1930) का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया था?
(क) शचींद्रनाथ सान्याल (ख) सूर्य सेन (ग) जतिन दास (घ) रासबिहारी बोस
- ✔ Answer: (ख) सूर्य सेन — बंगाल के महान क्रांतिकारी सूर्य सेन (जिन्हें 'मास्टर दा' कहा जाता था) ने चटगांव शस्त्रागार छापे का नेतृत्व किया था।
- Q 20: सुभाष चंद्र बोस द्वारा 1939 में कांग्रेस छोड़ने के बाद किस दल की स्थापना की गई थी?
(क) आजाद हिंद सरकार (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक (ग) कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी (घ) गदर पार्टी
- ✔ Answer: (ख) फॉरवर्ड ब्लॉक — त्रिपुरी संकट के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर सुभाष चंद्र बोस ने मई 1939 में फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी।
- Q 21: निम्नलिखित में से कौन सी महिला सेनानी सुभाष चंद्र बोस की 'आजाद हिंद फौज' में शामिल हुई थीं?
(क) आशा सहाय (ख) मातंगिनी हाजरा (ग) कनकलता बरुआ (घ) सुचेता कृपलानी
- ✔ Answer: (क) आशा सहाय — आशा सहाय सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल हुई थीं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 77] किसने आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व संभाला और 'चलो दिल्ली' की प्रसिद्ध लड़ाई का नारा दिया था?
(क) रास बिहारी बोस (ख) मोहन सिंह (ग) शाह नवाज खां (घ) सुभाष चन्द्र बोस
- ✔ Official answer: (घ) सुभाष चन्द्र बोस — सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद फौज की कमान संभाली थी और सैनिकों को 'चलो दिल्ली' का प्रसिद्ध नारा दिया था।
How it is asked
BPSC frequently asks direct and statement-based questions on revolutionary organizations (HRA, HSRA), their founders, Kakori/Lahore cases, Chittagong Armoury Raid, Subhas Chandra Bose, and INA activities and slogans.
Do not confuse
- ✘ HRA (1924, कानपुर) और HSRA (1928, दिल्ली) में अंतर: HSRA में 'सोशलिस्ट' शब्द जोड़ा गया था और इसका गठन दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुआ था।
- ✘ आजाद हिंद फौज (INA) की प्राथमिक स्थापना का विचार 1942 में कैप्टन मोहन सिंह का था, जबकि 1943 में इसका पुनर्गठन और सर्वप्रमुख नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस ने संभाला।
- ✘ रासबिहारी बोस (क्रांतिकारी नेता जिन्होंने जापान में इंडियन इंडिपेंडेंस लीग बनाई) और रासबिहारी घोष (1907 सूरत कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष) दो अलग व्यक्ति हैं।
💡 HSRA = कोटला 28 (1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में सोशलिस्ट शब्द जोड़कर HSRA बना)।
The Road to Independence: Cripps Mission, Cabinet Mission, Mountbatten Plan, Independence Act
During and after World War II, the British government introduced several proposals to transfer power to India. In March 1942, the Cripps Mission led by Sir Stafford Cripps arrived in India, but was rejected by both the Congress and the Muslim League. Subsequently, the Cabinet Mission visited India in 1946, proposing a three-tier grouping of provinces and paving the way for the Constituent Assembly. On 16 August 1946, the Muslim League observed Direct Action Day, leading to widespread communal violence. Lord Mountbatten presented the partition plan (3 June Plan) on 3 June 1947, which was enacted as the Indian Independence Act 1947, creating two independent dominions—India and Pakistan—on 15 August 1947.
Key facts
- Cripps Mission arrived in India in March 1942, headed by Sir Stafford Cripps.
- Gandhiji referred to the Cripps proposals as a 'post-dated cheque'.
- The Cabinet Mission arrived in India in March 1946, consisting of Pethick-Lawrence, Stafford Cripps, and A. V. Alexander.
- Lord Pethick-Lawrence was the chairman of the Cabinet Mission.
- The Constituent Assembly of India was formed under the Cabinet Mission Plan.
- The Muslim League observed 'Direct Action Day' on 16 August 1946.
- The Interim Government was formed under Jawaharlal Nehru on 2 September 1946.
- British PM Clement Attlee announced on 20 February 1947 that Britain would transfer power by June 1948.
- Lord Mountbatten presented the Partition Plan (3 June Plan) on 3 June 1947.
- The Indian Independence Act received Royal Assent on 18 July 1947.
- Under the Indian Independence Act 1947, India and Pakistan became two independent dominions.
- Muhammad Ali Jinnah gave the slogan 'Divide and Quit' at the Muslim League's Karachi session in 1943.
- Lord Mountbatten was independent India's first Governor-General, and C. Rajagopalachari was the first Indian Governor-General.
- Muhammad Ali Jinnah became the first Governor-General and Liaquat Ali Khan the Prime Minister of Pakistan.
Table
- मिशन / योजना: क्रिप्स मिशन · वर्ष / तिथि: मार्च 1942 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: सर स्टैफोर्ड क्रिप्स · मुख्य प्रावधान / परिणाम: युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव; गांधीजी द्वारा खारिज
- मिशन / योजना: कैबिनेट मिशन · वर्ष / तिथि: मार्च 1946 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (अध्यक्ष) · मुख्य प्रावधान / परिणाम: त्रि-स्तरीय प्रांतीय समूह; संविधान सभा के गठन की सिफारिश
- मिशन / योजना: प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस · वर्ष / तिथि: 16 अगस्त 1946 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: एम. ए. जिन्नाह / मुस्लिम लीग · मुख्य प्रावधान / परिणाम: कोलकाता में व्यापक सांप्रदायिक दंगे (Great Calcutta Killings)
- मिशन / योजना: माउंटबेटन योजना · वर्ष / तिथि: 3 जून 1947 · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: लॉर्ड माउंटबेटन · मुख्य प्रावधान / परिणाम: भारत का विभाजन तथा दो स्वतंत्र डोमिनियनों का निर्माण
- मिशन / योजना: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम · वर्ष / तिथि: 18 जुलाई 1947 (शाही स्वीकृति) · प्रमुख व्यक्तित्व / अध्यक्ष: ब्रिटिश संसद · मुख्य प्रावधान / परिणाम: 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान की स्वतंत्रता
Practice questions (solved)
- Q 22: क्रिप्स मिशन को किसने 'उत्तर-दिनांकित चेक' (Post-dated Cheque) कहा था?
(क) जवाहरलाल नेहरू (ख) महात्मा गांधी (ग) सुभाष चंद्र बोस (घ) सरदार पटेल
- ✔ Answer: (ख) महात्मा गांधी — महात्मा गांधी ने क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों को 'दिवालिया बैंक का उत्तर-दिनांकित चेक' कहा था।
- Q 23: कैबिनेट मिशन 1946 का अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन था?
(क) सर स्टैफोर्ड क्रिप्स (ख) ए. वी. अलेक्जेंडर (ग) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (घ) लॉर्ड वावेल
- ✔ Answer: (ग) लॉर्ड पैथिक लॉरेंस — कैबिनेट मिशन में तीन सदस्य थे, जिसके अध्यक्ष भारत सचिव लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे।
- Q 24: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया।
2. माउंटबेटन योजना 3 जून 1947 को घोषित की गई थी।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस मनाया तथा माउंटबेटन योजना 3 जून 1947 को प्रस्तुत की गई।
- Q 25: किस अधिनियम ने भारत के विभाजन तथा दो स्वतंत्र अधिराज्यों (भारत और पाकिस्तान) के निर्माण को कानूनी रूप प्रदान किया?
(क) भारत सरकार अधिनियम 1935 (ख) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 (ग) कैबिनेट मिशन योजना 1946 (घ) क्रिप्स प्रस्ताव 1942
- ✔ Answer: (ख) भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 — भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने भारत और पाकिस्तान नाम से दो स्वतंत्र अधिराज्यों के गठन का प्रावधान किया।
- Q 26: स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल कौन थे?
(क) लॉर्ड माउंटबेटन (ख) डॉ. राजेंद्र प्रसाद (ग) सी. राजगोपालाचारी (घ) जवाहरलाल नेहरू
- ✔ Answer: (ग) सी. राजगोपालाचारी — सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के प्रथम और अंतिम भारतीय गवर्नर-जनरल थे।
- Q 27: मुस्लिम लीग के किस अधिवेशन में 'बाँटो और छोड़ो' (Divide and Quit) का नारा दिया गया था?
(क) लाहौर अधिवेशन 1940 (ख) कराची अधिवेशन 1943 (ग) ढाका अधिवेशन 1906 (घ) लखनऊ अधिवेशन 1916
- ✔ Answer: (ख) कराची अधिवेशन 1943 — मुस्लिम लीग के 1943 के कराची अधिवेशन में मोहम्मद अली जिन्ना ने 'बाँटो और छोड़ो' का नारा दिया था।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 26] मुस्लिम लीग ने "प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस" कब मनाया ?
(क) 14 अगस्त 1946 (ख) 15 अगस्त 1947 (ग) 16 अगस्त 1946 (घ) उपरोक्त में एक से अधिक
- ✔ Official answer: (ग) 16 अगस्त 1946 — मुस्लिम लीग ने कैबिनेट मिशन योजना के विरोध में 16 अगस्त 1946 को 'प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस' मनाया था।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 80] किस अधिनियम ने भारत के विभाजन के लिए दो नये स्वतन्त्र भारत और पाकिस्तान के राज्यों को मूर्तरूप दिया था?
(क) भारत सरकार अधिनियम, 1919 (ख) भारत सरकार अधिनियम, 1935 (ग) भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम, 1947 (घ) उपरोक्त में से कोई नही
- ✔ Official answer: (ग) भारतीय स्वतन्त्रता अधिनियम, 1947 — भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने भारत का विभाजन कर भारत और पाकिस्तान दो नए स्वतंत्र अधिराज्यों को कानूनी रूप से गठित किया।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 79] किसने "बाँटो और छोड़ो" के नारे को बुलन्द किया था?
(क) एम. ए. अंसारी (ख) एम. ए. जिन्नाह (ग) जवाहरलाल नेहरू (घ) मुहम्मद इकबाल
- ✔ Official answer: (ख) एम. ए. जिन्नाह — एम. ए. जिन्ना ने मुस्लिम लीग के 1943 के कराची अधिवेशन में 'बाँटो और छोड़ो' का नारा बुलंद किया था।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on the members of Cabinet Mission, quotes on Cripps Mission, the exact date of Direct Action Day, Mountbatten Plan (June 3 Plan), and the Indian Independence Act 1947.
Do not confuse
- ✘ कैबिनेट मिशन के अध्यक्ष लॉर्ड पैथिक लॉरेंस थे, न कि स्टैफोर्ड क्रिप्स (क्रिप्स 1942 वाले क्रिप्स मिशन के प्रमुख थे)।
- ✘ स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे, जबकि प्रथम 'भारतीय' गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी थे।
💡 कैबिनेट मिशन के सदस्य याद रखने की ट्रिक: PAL (Pethick-Lawrence, Alexander, Cripps)
Quick revision
- Indian National Movement began with the founding of INC in 1885 by A.O. Hume, with W.C. Bonnerjee as its first President.
- The Swadeshi Movement was launched against Lord Curzon's Partition of Bengal in 1905.
- The Congress split into Moderates and Extremists during the Surat session in 1907.
- The Morley-Minto Reforms of 1909 introduced separate electorates for Muslims.
- Mahatma Gandhi launched his first satyagraha in India at Champaran, Bihar in 1917.
- The Rowlatt Act was passed in 1919, leading to the infamous Jallianwala Bagh massacre on April 13, 1919.
- The Non-Cooperation Movement was launched in 1920 and called off after the Chauri Chaura incident in 1922.
- HSRA was founded in 1928 by Chandrashekhar Azad, Bhagat Singh, and comrades at Delhi.
- The Civil Disobedience Movement started in 1930 with Gandhi's historic Dandi March.
- Mahatma Gandhi represented INC only in the Second Round Table Conference in 1931.
- Subhash Chandra Bose resigned from INC presidency and formed the Forward Bloc in 1939.
- The Quit India Movement was launched on 8 August 1942 with the call 'Do or Die'.
- The Cabinet Mission arrived in 1946 to negotiate the setup of the Constituent Assembly.
- The Mountbatten Plan of June 3, 1947 led to the Indian Independence Act 1947.