होम › नोट्स › BPSC CCE › भारतीय राजव्यवस्था

BPSC CCEभारतीय राजव्यवस्था

राज्य सरकार और बिहार की राजव्यवस्था

State Government and Bihar Polity

📖 किताब की तरह पढ़ें📝 इस परीक्षा का मॉक टेस्ट

यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन तथा मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 2 (भारतीय राजव्यवस्था) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बिहार विधानमंडल की द्विसदनीय संरचना, पटना उच्च न्यायालय तथा प्रशासनिक ढांचे से संबंधित तथ्यात्मक व विश्लेषणात्मक प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

राज्यपाल: नियुक्ति, शक्तियाँ एवं विवेकाधिकार

भारतीय संविधान के भाग 6 में अनुच्छेद 153 से 167 तक राज्य कार्यपालिका का विवरण है, जिसमें राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। अनुच्छेद 153 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, हालांकि 7वें संविधान संशोधन 1956 द्वारा एक ही व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बना रहता है। राज्य की समस्त कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है जिसका प्रयोग वह प्रत्यक्ष रूप से अथवा अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है। राज्यपाल के पास कार्यपालिका, विधायी, वित्तीय तथा न्यायिक शक्तियाँ होती हैं, जिनमें अध्यादेश जारी करना और राज्य वित्त आयोग का गठन शामिल है। इसके अलावा, अनुच्छेद 163 के तहत राज्यपाल को कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में स्वविवेकाधिकार (Discretionary Powers) का भी प्रयोग करने की स्वतंत्रता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अनुच्छेद 123 (ख) अनुच्छेद 213 (ग) अनुच्छेद 200 (घ) अनुच्छेद 161

(क) राज्यपाल का चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। (ख) राज्यपाल को उसके पद की शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं। (ग) राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। (घ) राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है।

(क) 1ला संविधान संशोधन, 1951 (ख) 7वां संविधान संशोधन, 1956 (ग) 42वां संविधान संशोधन, 1976 (घ) 44वां संविधान संशोधन, 1978

(क) राज्यपाल राज्य विधि के विरुद्ध अपराध के लिए दिए गए दंड को निलंबित कर सकता है। (ख) राज्यपाल दंड को कम या उसका स्वरूप बदल सकता है। (ग) राज्यपाल मृत्युदंड की सजा को पूर्णतः क्षमा (Pardon) कर सकता है। (घ) राज्यपाल की क्षमादान शक्ति सेना न्यायालय (कोर्ट मार्शल) के निर्णयों पर लागू नहीं होती।

(क) अनुच्छेद 200 (ख) अनुच्छेद 201 (ग) अनुच्छेद 213 (घ) अनुच्छेद 163

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में राज्यपाल से संबंधित प्रश्न मुख्य रूप से संवैधानिक अनुच्छेदों (जैसे 153, 155, 161, 200, 213), उनकी योग्यताओं, अध्यादेश जारी करने की शक्ति, क्षमादान अधिकार तथा राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों के तुलनात्मक अंतर पर पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 राजा का कार्य निकास: 153 (पद), 154 (कार्यपालिका शक्ति), 155 (नियुक्ति), 156 (कार्यकाल), 157 (शर्तें/अर्हताएं), 159 (शपथ)

मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिपरिषद

राज्य की कार्यपालिका में मुख्यमंत्री वास्तविक प्रमुख (Real Executive) होता है, जबकि राज्यपाल केवल नाममात्र का प्रमुख होता है। संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को उसके कार्यों में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा। मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है। मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ है कि वे तब तक पद पर रहते हैं जब तक उन्हें सदन का विश्वास प्राप्त है। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री का पद अत्यंत प्रभावशाली रहा है, जहाँ डॉ. श्री कृष्ण सिंह से लेकर वर्तमान तक कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों ने राज्य का नेतृत्व किया है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) अनुच्छेद 163 (ख) अनुच्छेद 164 (ग) अनुच्छेद 165 (घ) अनुच्छेद 167

(क) 30 (ख) 36 (ग) 40 (घ) विधानसभा सदस्यों का 15%

(क) सुचेता कृपलानी (ख) सरोजिनी नायडू (ग) राबड़ी देवी (घ) मीरा कुमार

(क) राज्यपाल (ख) मुख्यमंत्री (ग) विधानसभा (घ) विधान परिषद

(क) भोला पासवान शास्त्री (ख) सतीश प्रसाद सिंह (ग) कर्पूरी ठाकुर (घ) जीतराम मांझी

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय सिन्हा (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री विजय कुमार चौधरी

1) मंत्रालय तथा विभागों का निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा कैबिनेट सचिव के परामर्श से होता है।

2) प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है।

इनमें से :

(क) केवल 1 सही है (ख) केवल 2 सही है (ग) 1 और 2 सही है (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस विषय से अक्सर मुख्यमंत्री की शक्तियों, बिहार के 'प्रथम' व्यक्तियों (प्रथम मुख्यमंत्री, महिला मुख्यमंत्री) और मंत्रिपरिषद की संरचना (15% नियम) पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 CM की 'शपथ' और 'नियुक्ति' के लिए '164' याद रखें - 'एक' मुख्यमंत्री, 'छह' महीने में सदस्यता, 'चार' (चयन) राज्यपाल द्वारा।

बिहार विधायिका: विधानसभा और विधान परिषद

बिहार में द्विसदनीय विधायिका व्यवस्था है, जिसका अर्थ है कि यहाँ कानून बनाने के लिए दो सदन हैं: विधानसभा और विधान परिषद। विधानसभा निचला सदन है जहाँ सदस्य जनता द्वारा सीधे चुने जाते हैं, जबकि विधान परिषद एक स्थायी उच्च सदन है। विधानसभा का नेतृत्व 'अध्यक्ष' (Speaker) करता है, जो सदन की कार्यवाही और अनुशासन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। बिहार में सीटों का बँवारा जनसंख्या के आधार पर किया गया है, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान है। 1937 के पहले चुनावों से लेकर वर्तमान तक, बिहार की विधायिका ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 38 (ख) 2 (ग) 40 (घ) 1

(क) 243 (ख) 75 (ग) 152 (घ) 101

(क) बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा (ख) राम दयालु सिंह (ग) नंद किशोर यादव (घ) राजीव रंजन प्रसाद

(क) कार्यवाही केवल अंग्रेजी में होगी (ख) महाधिवक्ता को मत देने का अधिकार है (ग) कार्यवाही हिंदी, अंग्रेजी या सरकारी भाषा में होगी (घ) न्यायाधीश के आचरण पर चर्चा हो सकती है

(क) 243 (ख) 152 (ग) 75 (घ) 324

📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)

(क) विधायिका में कार्य केवल राज्य की सरकारी भाषा में अथवा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में निष्पादित किए जाएँगे। (ख) महाधिवक्ता को मत देने का अधिकार है। (ग) यह किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आचरण पर चर्चा कर सकती है। (घ) किसी कथित अनियमितता के आधार पर कार्यवाही की वैधता पर प्रश्न किए जा सकते हैं।

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC अक्सर विधानसभा और विधान परिषद की सीटों की संख्या, आरक्षित सीटों (SC/ST) के आंकड़े और प्रथम पदाधिकारियों के नाम पूछता है।

इनमें भ्रम न करें

💡 बिहार विधायिका का '243-75' फॉर्मूला याद रखें: 243 (जनता की सभा) और 75 (बड़ों की परिषद)।

पटना उच्च न्यायालय, BPSC और राज्य निर्वाचन आयोग

बिहार की शासन व्यवस्था में न्यायपालिका और संवैधानिक आयोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पटना उच्च न्यायालय राज्य का सर्वोच्च न्यायिक अंग है, जिसकी स्थापना ब्रिटिश काल में 1916 में हुई थी। राज्य निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 243K) पंचायतों और नगर निकायों के चुनावों के लिए जिम्मेदार है, जबकि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) राज्य की प्रशासनिक सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करता है। इसके अतिरिक्त, राज्य सूचना आयोग और महिला आयोग जैसी संस्थाएं सुशासन और अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करती हैं। ये सभी संस्थाएं मिलकर बिहार में कानून का शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाती हैं।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921

(क) उनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। (ख) उन्हें केवल राज्यपाल द्वारा हटाया जा सकता है। (ग) उन्हें उसी रीति से हटाया जाएगा जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को। (घ) उनका कार्यकाल 10 वर्ष का होता है।

(क) जून 2005 (ख) जून 2006 (ग) अगस्त 2007 (घ) जनवरी 2006

(क) भारत निर्वाचन आयोग (ख) राज्य निर्वाचन आयोग (ग) जिला मजिस्ट्रेट (घ) मुख्यमंत्री कार्यालय

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में पटना उच्च न्यायालय की स्थापना तिथि, राज्य निर्वाचन आयोग के अनुच्छेद (243K) और वर्तमान पदाधिकारियों के नाम पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 16 में कोर्ट (HC), 17 में यूनिवर्सिटी (PU) - पहले न्याय मिला, फिर शिक्षा।

बिहार में जिला प्रशासन

बिहार में जिला प्रशासन राज्य शासन की सबसे महत्वपूर्ण जमीनी इकाई है, जो सीधे जनता से जुड़ी होती है। राज्य को प्रशासनिक सुगमता के लिए 9 प्रमंडलों और 38 जिलों में विभाजित किया गया है। जिला स्तर पर सर्वोच्च अधिकारी जिला पदाधिकारी (DM) होता है, जो कानून-व्यवस्था, राजस्व संग्रहण और विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार है। जिले के नीचे अनुमंडल (Subdivision) और फिर प्रखंड (Block) स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था होती है। प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का मुख्य केंद्र होता है। यह ढांचा राज्य सरकार की नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य करता है।

मुख्य तथ्य

तालिका

अभ्यास प्रश्न (हल सहित)

(क) 7 (ख) 8 (ग) 9 (घ) 12

(क) शिवहर (ख) अरवल (ग) बांका (घ) शेखपुरा

(क) 10 अगस्त 1929 (ख) 15 अगस्त 1930 (ग) 26 जनवरी 1929 (घ) 9 अगस्त 1942

(क) SDO (ख) DM (ग) BDO (घ) CO

(क) प्रमंडल - 9 (ख) जिला - 38 (ग) अनुमंडल - 101 (घ) प्रखंड - 512

परीक्षा में कैसे आता है

BPSC में इस उप-विषय से अक्सर जिलों की संख्या, प्रमंडलों के नाम, नवीनतम जिले का नाम और प्रशासनिक अधिकारियों के पदानुक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

इनमें भ्रम न करें

💡 बिहार का '9-38-101-534' नियम याद रखें (प्रमंडल-जिला-अनुमंडल-प्रखंड)।

एक नज़र में (Revision)

अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न

1. बिहार विधान सभा में आरक्षित सीटों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है?

  1. (क) अनुसूचित जाति: 40; अनुसूचित जनजाति: 0
  2. (ख) अनुसूचित जाति: 38; अनुसूचित जनजाति: 2
  3. (ग) अनुसूचित जाति: 36; अनुसूचित जनजाति: 4
  4. (घ) अनुसूचित जाति: 42; अनुसूचित जनजाति: 1
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) अनुसूचित जाति: 38; अनुसूचित जनजाति: 2

बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से 38 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए और 2 सीटें (मनिहारी एवं कटोरिया) अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं।

2. राज्यपाल के पद और शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। 2. राज्यपाल अपने पद पर राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत बना रहता है। 3. अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्राप्त है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. (क) केवल 1 और 2
  2. (ख) केवल 2 और 3
  3. (ग) केवल 1 और 3
  4. (घ) 1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) 1, 2 और 3

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 (नियुक्ति), अनुच्छेद 156 (राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत कार्यकाल), और अनुच्छेद 213 (अध्यादेश जारी करने की शक्ति) के प्रावधान राज्यपाल से संबंधित हैं और तीनों कथन सत्य हैं।

3. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत मुख्यमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन और विधायी प्रस्तावों से संबंधित जानकारी राज्यपाल को दे?

  1. (क) अनुच्छेद 163
  2. (ख) अनुच्छेद 164
  3. (ग) अनुच्छेद 166
  4. (घ) अनुच्छेद 167
उत्तर देखें

उत्तर: (घ) अनुच्छेद 167

संविधान का अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिसके अंतर्गत राज्यपाल को राज्य प्रशासन और विधायी प्रस्तावों की जानकारी देना अनिवार्य है।

4. बिहार विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या 75 है। इसके संदर्भ में राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता और समाज सेवा क्षेत्र से कितने सदस्य मनोनीत किए जाते हैं?

  1. (क) 1/3 सदस्य (25 सदस्य)
  2. (ख) 1/6 सदस्य (12 या 13 सदस्य)
  3. (ग) 1/12 सदस्य (6 सदस्य)
  4. (घ) 1/4 सदस्य (18 सदस्य)
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 1/6 सदस्य (12 या 13 सदस्य)

अनुच्छेद 171(3)(e) और 171(5) के तहत विधान परिषद के कुल सदस्यों का 1/6 भाग (75 में से लगभग 12 सदस्य) राज्यपाल द्वारा मनोनीत किया जाता है।

5. पटना उच्च न्यायालय की औपचारिक स्थापना किस तिथि को हुई थी?

  1. (क) 22 मार्च 1912
  2. (ख) 3 फरवरी 1916
  3. (ग) 1 अप्रैल 1936
  4. (घ) 26 जनवरी 1950
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) 3 फरवरी 1916

पटना उच्च न्यायालय का औपचारिक उद्घाटन 3 फरवरी 1916 को भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग द्वारा किया गया था।

6. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  1. (क) इसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  2. (ख) इसके अध्यक्ष और सदस्यों को पद से हटाने का अधिकार केवल राज्यपाल को है।
  3. (ग) इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1949 को भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत की गई थी।
  4. (घ) इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है।
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1949 को भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के तहत की गई थी।

BPSC की स्थापना 1 अप्रैल 1949 को हुई थी। नियुक्ति राज्यपाल करते हैं लेकिन निष्कासन राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 317 के तहत किया जाता है, तथा राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की आयु सीमा 62 वर्ष होती है।

7. राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) को पद से हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?

  1. (क) राज्यपाल
  2. (ख) राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष
  3. (ग) उच्च न्यायालय का न्यायाधीश
  4. (घ) राज्य का महाधिवक्ता
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) उच्च न्यायालय का न्यायाधीश

संविधान के अनुच्छेद 243K(2) के अनुसार राज्य निर्वाचन आयुक्त को केवल उन्हीं आधारों और रीति से पद से हटाया जा सकता है, जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।

8. बिहार के प्रशासनिक प्रभागों के संदर्भ में निम्नलिखित का सही मिलान कीजिए: (a) प्रमंडल (Divisions) - (1) 534 (b) जिले (Districts) - (2) 101 (c) अनुमंडल (Sub-divisions) - (3) 9 (d) प्रखंड (Blocks) - (4) 38 कूट:

  1. (क) a-3, b-4, c-2, d-1
  2. (ख) a-4, b-3, c-1, d-2
  3. (ग) a-3, b-4, c-1, d-2
  4. (घ) a-2, b-4, c-3, d-1
उत्तर देखें

उत्तर: (क) a-3, b-4, c-2, d-1

बिहार में 9 प्रमंडल, 38 जिले, 101 अनुमंडल और 534 प्रखंड (प्रखंड/अंचल) हैं। अतः सही कूट a-3, b-4, c-2, d-1 है।

9. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष (Speaker) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

  1. (क) विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव विधानसभा के सदस्यों द्वारा अपने में से ही किया जाता है।
  2. (ख) अध्यक्ष अपना त्यागपत्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को संबोधित करता है।
  3. (ग) सामान्य स्थिति में अध्यक्ष सदन में पहला मत देने का अधिकार रखता है।
  4. (घ) कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करता है।
उत्तर देखें

उत्तर: (ग) सामान्य स्थिति में अध्यक्ष सदन में पहला मत देने का अधिकार रखता है।

अनुच्छेद 189(1) के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष सामान्य स्थिति में मतदान नहीं करता; वह केवल मत बराबर (tie) होने की स्थिति में निर्णायक मत (casting vote) का प्रयोग करता है।

10. जिले के स्तर पर भू-राजस्व प्रशासन, शांति व्यवस्था और विकास योजनाओं के प्रभावी समन्वय हेतु जिला दंडाधिकारी (DM) किस रूप में कार्य करता है?

  1. (क) केवल मुख्य न्यायिक अधिकारी के रूप में
  2. (ख) जिला कलेक्टर, जिला दंडाधिकारी और जिला विकास आयुक्त/मुख्य प्रशासनिक समन्वयक के रूप में
  3. (ग) राज्य लोक सेवा आयोग के क्षेत्रीय प्रतिनिधि के रूप में
  4. (घ) उच्च न्यायालय के अधीनस्थ पर्यवेक्षक के रूप में
उत्तर देखें

उत्तर: (ख) जिला कलेक्टर, जिला दंडाधिकारी और जिला विकास आयुक्त/मुख्य प्रशासनिक समन्वयक के रूप में

जिला स्तर पर एक ही अधिकारी भू-राजस्व के लिए 'कलेक्टर', विधि-व्यवस्था के लिए 'जिला दंडाधिकारी' (DM) और विकास कार्यों के शीर्ष समन्वयक के रूप में त्रिस्तरीय भूमिका निभाता है।

English version — State Government and Bihar Polity

This chapter is vital for BPSC Prelims GS and Mains GS Paper 2 (Indian Polity). It covers the constitutional framework of the state executive, Bihar's bicameral legislature, Patna High Court, and the state's administrative machinery.

Governor: Appointment, Powers, and Discretion

Part VI of the Constitution (Articles 153 to 167) deals with the state executive, headed by the Governor as the constitutional head. Under Article 153, there shall be a Governor for each state, but the 7th Constitutional Amendment Act of 1956 allows the appointment of the same person as Governor for two or more states. The Governor is appointed by the President and holds office during the pleasure of the President. The executive power of the state is vested in the Governor under Article 154. The Governor exercises executive, legislative, financial, and judicial powers, including promulgating ordinances and constituting the State Finance Commission. Additionally, Article 163 endows the Governor with certain discretionary powers where ministerial advice is not strictly binding.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अनुच्छेद 123 (ख) अनुच्छेद 213 (ग) अनुच्छेद 200 (घ) अनुच्छेद 161

(क) राज्यपाल का चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। (ख) राज्यपाल को उसके पद की शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं। (ग) राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। (घ) राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है।

(क) 1ला संविधान संशोधन, 1951 (ख) 7वां संविधान संशोधन, 1956 (ग) 42वां संविधान संशोधन, 1976 (घ) 44वां संविधान संशोधन, 1978

(क) राज्यपाल राज्य विधि के विरुद्ध अपराध के लिए दिए गए दंड को निलंबित कर सकता है। (ख) राज्यपाल दंड को कम या उसका स्वरूप बदल सकता है। (ग) राज्यपाल मृत्युदंड की सजा को पूर्णतः क्षमा (Pardon) कर सकता है। (घ) राज्यपाल की क्षमादान शक्ति सेना न्यायालय (कोर्ट मार्शल) के निर्णयों पर लागू नहीं होती।

(क) अनुच्छेद 200 (ख) अनुच्छेद 201 (ग) अनुच्छेद 213 (घ) अनुच्छेद 163

How it is asked

BPSC frequently tests factual articles related to the Governor (such as 153, 155, 161, 200, 213), qualifications, ordinance-making powers, pardoning powers, and comparisons between the Governor and President.

Do not confuse

💡 राजा का कार्य निकास: 153 (पद), 154 (कार्यपालिका शक्ति), 155 (नियुक्ति), 156 (कार्यकाल), 157 (शर्तें/अर्हताएं), 159 (शपथ)

CM and State Council of Ministers

In the state executive, the Chief Minister is the real executive head, while the Governor is the nominal head. According to Article 163 of the Constitution, there shall be a Council of Ministers with the Chief Minister at the head to aid and advise the Governor. The Chief Minister is appointed by the Governor, and other ministers are appointed by the Governor on the advice of the CM. The Council of Ministers is collectively responsible to the State Legislative Assembly, meaning they hold office as long as they enjoy the confidence of the house. In Bihar's politics, the office of the CM has been highly influential, with figures from Dr. Shri Krishna Singh to the present day shaping the state's trajectory.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) अनुच्छेद 163 (ख) अनुच्छेद 164 (ग) अनुच्छेद 165 (घ) अनुच्छेद 167

(क) 30 (ख) 36 (ग) 40 (घ) विधानसभा सदस्यों का 15%

(क) सुचेता कृपलानी (ख) सरोजिनी नायडू (ग) राबड़ी देवी (घ) मीरा कुमार

(क) राज्यपाल (ख) मुख्यमंत्री (ग) विधानसभा (घ) विधान परिषद

(क) भोला पासवान शास्त्री (ख) सतीश प्रसाद सिंह (ग) कर्पूरी ठाकुर (घ) जीतराम मांझी

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय सिन्हा (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री विजय कुमार चौधरी

1) मंत्रालय तथा विभागों का निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा कैबिनेट सचिव के परामर्श से होता है।

2) प्रत्येक मंत्री को मंत्रालय राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के परामर्श पर आवंटित किया जाता है।

इनमें से :

(क) केवल 1 सही है (ख) केवल 2 सही है (ग) 1 और 2 सही है (घ) न तो 1 सही है और न ही 2 सही है

How it is asked

BPSC frequently asks questions on the powers of the CM, 'firsts' in Bihar (first CM, woman CM), and the structure of the Council of Ministers (15% rule).

Do not confuse

💡 CM की 'शपथ' और 'नियुक्ति' के लिए '164' याद रखें - 'एक' मुख्यमंत्री, 'छह' महीने में सदस्यता, 'चार' (चयन) राज्यपाल द्वारा।

Bihar Legislature: Vidhan Sabha and Vidhan Parishad

Bihar follows a bicameral legislature system, meaning it has two houses for law-making: the Vidhan Sabha and the Vidhan Parishad. The Vidhan Sabha is the lower house where members are directly elected by the people, while the Vidhan Parishad is a permanent upper house. The Vidhan Sabha is led by the 'Speaker', who is responsible for maintaining order and conducting house proceedings. Seat distribution in Bihar is based on population, with specific reservations for Scheduled Castes and Scheduled Tribes. From the first elections in 1937 to the present, the Bihar legislature has played a crucial role in the state's development.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 38 (ख) 2 (ग) 40 (घ) 1

(क) 243 (ख) 75 (ग) 152 (घ) 101

(क) बिंदेश्वरी प्रसाद वर्मा (ख) राम दयालु सिंह (ग) नंद किशोर यादव (घ) राजीव रंजन प्रसाद

(क) कार्यवाही केवल अंग्रेजी में होगी (ख) महाधिवक्ता को मत देने का अधिकार है (ग) कार्यवाही हिंदी, अंग्रेजी या सरकारी भाषा में होगी (घ) न्यायाधीश के आचरण पर चर्चा हो सकती है

(क) 243 (ख) 152 (ग) 75 (घ) 324

📜 Real previous-year questions (BPSC)

(क) विधायिका में कार्य केवल राज्य की सरकारी भाषा में अथवा हिन्दी अथवा अंग्रेजी में निष्पादित किए जाएँगे। (ख) महाधिवक्ता को मत देने का अधिकार है। (ग) यह किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आचरण पर चर्चा कर सकती है। (घ) किसी कथित अनियमितता के आधार पर कार्यवाही की वैधता पर प्रश्न किए जा सकते हैं।

How it is asked

BPSC frequently asks about the number of seats in the Vidhan Sabha and Parishad, data on reserved seats (SC/ST), and the names of the first office holders.

Do not confuse

💡 बिहार विधायिका का '243-75' फॉर्मूला याद रखें: 243 (जनता की सभा) और 75 (बड़ों की परिषद)।

Patna High Court, BPSC and State Election Commission

The role of the judiciary and constitutional commissions is vital in Bihar's governance. The Patna High Court is the highest judicial body in the state, established in 1916 during the British era. The State Election Commission (Article 243K) is responsible for conducting Panchayat and Municipal elections, while the Bihar Public Service Commission (BPSC) recruits officers for state administrative services. Additionally, bodies like the State Information Commission and the Women's Commission ensure good governance and the protection of rights. Together, these institutions strengthen the rule of law and democratic processes in Bihar.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 1912 (ख) 1916 (ग) 1917 (घ) 1921

(क) उनकी नियुक्ति मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। (ख) उन्हें केवल राज्यपाल द्वारा हटाया जा सकता है। (ग) उन्हें उसी रीति से हटाया जाएगा जैसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को। (घ) उनका कार्यकाल 10 वर्ष का होता है।

(क) जून 2005 (ख) जून 2006 (ग) अगस्त 2007 (घ) जनवरी 2006

(क) भारत निर्वाचन आयोग (ख) राज्य निर्वाचन आयोग (ग) जिला मजिस्ट्रेट (घ) मुख्यमंत्री कार्यालय

How it is asked

BPSC frequently asks questions on the establishment date of Patna High Court, the Article for the State Election Commission (243K), and the names of current office holders.

Do not confuse

💡 16 में कोर्ट (HC), 17 में यूनिवर्सिटी (PU) - पहले न्याय मिला, फिर शिक्षा।

District Administration in Bihar

District administration in Bihar is the most crucial ground-level unit of state governance, directly interacting with the public. For administrative ease, the state is divided into 9 divisions and 38 districts. The District Magistrate (DM) is the highest official at the district level, responsible for law and order, revenue collection, and development works. Below the district level, there is a hierarchy of Subdivisions and then Blocks. At the block level, the Block Development Officer (BDO) is the central figure for implementing development schemes. This structure ensures that state government policies reach the last person in the hierarchy.

Key facts

Table

Practice questions (solved)

(क) 7 (ख) 8 (ग) 9 (घ) 12

(क) शिवहर (ख) अरवल (ग) बांका (घ) शेखपुरा

(क) 10 अगस्त 1929 (ख) 15 अगस्त 1930 (ग) 26 जनवरी 1929 (घ) 9 अगस्त 1942

(क) SDO (ख) DM (ग) BDO (घ) CO

(क) प्रमंडल - 9 (ख) जिला - 38 (ग) अनुमंडल - 101 (घ) प्रखंड - 512

How it is asked

In BPSC, questions from this sub-topic are frequently asked regarding the number of districts, names of divisions, the name of the newest district, and the hierarchy of administrative officers.

Do not confuse

💡 बिहार का '9-38-101-534' नियम याद रखें (प्रमंडल-जिला-अनुमंडल-प्रखंड)।

Quick revision

← न्यायपालिका, संवैधानिक एवं गैर-संवैधानिक निकाय तथा आपातकालीन उपबंधपंचायती राज और नगरीय निकाय →