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BPSC CCEअर्थव्यवस्थाबिहार की अर्थव्यवस्था और राज्य योजनाएँ
Bihar's Economy and State Schemes
यह अध्याय बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन (बिहार विशेष) और मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 2 (भारतीय एवं बिहार की अर्थव्यवस्था) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ से बिहार आर्थिक सर्वेक्षण, सात निश्चय, कृषि रोडमैप और प्रमुख औद्योगिक व कल्याणकारी नीतियों पर सीधे तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
बिहार की अर्थव्यवस्था: क्षेत्रवार संरचना, संवृद्धि और प्रति व्यक्ति आय
बिहार की अर्थव्यवस्था पिछले दो दशकों में तीव्र गति से विकास करने वाली राज्य अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रही है। वर्तमान में राज्य के सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में सेवा क्षेत्र यानी तृतीयक क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है। उच्च आर्थिक संवृद्धि दर के बावजूद राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है और यह देश के प्रमुख राज्यों में सबसे निचले पायदान पर है। राज्य के भीतर भी क्षेत्रीय विषमता स्पष्ट है, जहाँ पटना और बेगूसराय जैसे जिले शीर्ष पर हैं, वहीं शिवहर और अररिया सबसे निचले पायदान पर हैं। राज्य की इस आर्थिक संरचना को समझना परीक्षा में पूछे जाने वाले नवीनतम आंकड़ों और प्रवृत्तियों के दृष्टिकोण से अत्यंत अनिवार्य है।
मुख्य तथ्य
- वित्तीय वर्ष 2022-23 में वर्तमान मूल्यों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) ₹54,111 दर्ज किया गया।
- स्थिर मूल्यों पर बिहार की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, वानिकी, मत्स्यन, खनन) की हिस्सेदारी लगभग 20% है।
- प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार के 38 जिलों में पटना जिला शीर्ष स्थान पर स्थित है।
- बिहार में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला शिवहर है, जिसके बाद अररिया और सीतामढ़ी आते हैं।
- प्रति व्यक्ति आय में पटना के बाद दूसरा सर्वाधिक संपन्न जिला बेगूसराय तथा तीसरा मुंगेर है।
- वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार की वास्तविक जीएसडीपी वृद्धि दर स्थिर मूल्यों पर 10.6% दर्ज की गई थी।
- बिहार की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत प्रति व्यक्ति आय के लगभग एक-तिहाई (लगभग 33-35%) के स्तर पर बनी हुई है।
- तृतीयक क्षेत्र के उप-क्षेत्रों में व्यापार, मरम्मत, होटल एवं जलपान गृह तथा वित्तीय सेवाओं का योगदान सबसे तीव्र गति से बढ़ा है।
- कृषि क्षेत्र के अंतर्गत फसल क्षेत्र की तुलना में पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्र में उच्च संवृद्धि दर देखी गई है।
तालिका
- क्षेत्र / सूचक: प्राथमिक क्षेत्र · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): ~20.0% · मुख्य उप-घटक: फसल, पशुधन, वानिकी, मत्स्य पालन · विशेष बिंदु: पशुधन और मत्स्य पालन की वृद्धि दर फसलों से अधिक
- क्षेत्र / सूचक: प्रति व्यक्ति आय: शीर्ष 3 जिले · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): - · मुख्य उप-घटक: 1. पटना, 2. बेगूसराय, 3. मुंगेर · विशेष बिंदु: पटना राज्य औसत से कई गुना अधिक आय के साथ प्रथम
- क्षेत्र / सूचक: प्रति व्यक्ति आय: निम्नतम 3 जिले · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): - · मुख्य उप-घटक: 1. शिवहर, 2. अररिया, 3. सीतामढ़ी · विशेष बिंदु: शिवहर राज्य में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 1: वर्ष 2011-12 के आधार वर्ष पर, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान वर्तमान मूल्यों पर बिहार की प्रति व्यक्ति निवल राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) कितनी थी?
(क) ₹42,083 (ख) ₹54,111 (ग) ₹47,498 (घ) ₹61,434
- ✔ उत्तर: (ख) ₹54,111 — आधिकारिक आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2022-23 में वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद ₹54,111 था।
- प्रश्न 2: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्थिर मूल्यों पर राज्य के सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में सर्वाधिक योगदान किस क्षेत्र का है?
(क) प्राथमिक क्षेत्र (ख) द्वितीयक क्षेत्र (ग) तृतीयक क्षेत्र (घ) विनिर्माण क्षेत्र
- ✔ उत्तर: (ग) तृतीयक क्षेत्र — बिहार के जीएसवीए में सेवा (तृतीयक) क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक (लगभग 58.6% से 60%) है।
- प्रश्न 3: बिहार के जिलों में प्रति व्यक्ति आय के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म क्रमशः सबसे समृद्ध और सबसे गरीब जिले को दर्शाता है?
(क) पटना और शिवहर (ख) बेगूसराय और किशनगंज (ग) मुंगेर और अररिया (घ) पटना और सीतामढ़ी
- ✔ उत्तर: (क) पटना और शिवहर — बिहार में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय पटना जिले की है तथा न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय शिवहर जिले की है।
- प्रश्न 4: बिहार में प्रति व्यक्ति आय के घटते क्रम में सही जिला अनुक्रम कौन सा है?
(क) पटना > बेगूसराय > मुंगेर (ख) पटना > मुंगेर > बेगूसराय (ग) बेगूसराय > पटना > भागलपुर (घ) पटना > गया > मुजफ्फरपुर
- ✔ उत्तर: (क) पटना > बेगूसराय > मुंगेर — राज्य में शीर्ष तीन प्रति व्यक्ति आय वाले जिले क्रमशः पटना, बेगूसराय और मुंगेर हैं।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 127] 2011-12 को आधार वर्ष मानते हुए, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद कितना था ?
(क) ₹ 42,083 (ख) ₹ 54,111 (ग) ₹ 47,498 (घ) ₹ 61,434
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) ₹ 54,111 — 2011-12 आधार वर्ष के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) ₹54,111 आधिकारिक तौर पर दर्ज था।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 53] 2023-24 में बिहार के आर्थिक प्रदर्शन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) मौजूदा कीमतों पर बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी पिछले वर्ष की तुलना में 2023-24 में 12.8% बढ़ी (ख) 2023-24 में बिहार के जीएसवीए (स्थिर मूल्य) में तृतीयक क्षेत्र की अनुमानित हिस्सेदारी 58.6% थी (ग) सकल स्थायी पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) 2023-24 में वर्तमान मूल्यों पर जीएसडीपी का 4.6% था। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक — 2023-24 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 12.8% बढ़ी और स्थिर मूल्यों पर तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 58.6% रही, इसलिए एक से अधिक कथन सही थे।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC इस उप-विषय से वर्तमान तथा स्थिर मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक वृद्धि दर, विभिन्न क्षेत्रों (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) का प्रतिशत योगदान तथा शीर्ष एवं न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय वाले जिलों के क्रम पर तथ्यात्मक व कथन-आधारित प्रश्न पूछता है।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ प्रति व्यक्ति GSDP (सकल) और प्रति व्यक्ति NSDP (शुद्ध) के आंकड़ों में अंतर न समझ पाना; वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रति व्यक्ति NSDP ₹54,111 थी जबकि GSDP लगभग ₹59,637 थी।
- ✘ स्थिर मूल्य (आधार वर्ष 2011-12) और चालू/वर्तमान मूल्य के आंकड़ों में भ्रम होना; वर्तमान मूल्य पर मुद्रास्फीति जुड़ने के कारण मान अधिक होता है।
- ✘ कृषि प्रधान राज्य होने के कारण छात्र प्रायः प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी को सर्वाधिक मान लेते हैं, जबकि वास्तव में जीएसवीए में तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का हिस्सा 58% से अधिक है।
💡 जिले की समृद्धि का क्रम: 'प-बे-मु' (पटना, बेगूसराय, मुंगेर) और सबसे पिछड़े: 'शि-अ-सी' (शिवहर, अररिया, सीतामढ़ी)।
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण एवं बजट प्रवृत्तियाँ
बिहार में आर्थिक सर्वेक्षण और वार्षिक बजट राज्य के वित्तीय प्रबंधन एवं प्राथमिकताओं का आईना हैं। राज्य का पहला आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2006-07 में विधानमंडल में प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद से प्रतिवर्ष बजट सत्र के दौरान इसे पेश किया जाता है। बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है जिसने बाल बजट, जेंडर बजट और ग्रीन बजट जैसी नवाचारी बजट प्रणालियाँ अपनाई हैं। हाल के वर्षों में बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं, विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित रहा है। इसके साथ ही पूंजीगत व्यय में तीव्र वृद्धि से बुनियादी ढाँचे का विस्तार हुआ है और राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमाओं के भीतर बनाए रखने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
मुख्य तथ्य
- बिहार का पहला आर्थिक सर्वेक्षण वर्ष 2006-07 में तत्कालीन वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा पेश किया गया था।
- बिहार विधानमंडल में पहली बार 'ग्रीन बजट' (हरित बजट) वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रस्तुत किया गया था।
- बिहार में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए जेंडर बजटिंग की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2008-09 में हुई थी।
- बिहार में बच्चों के कल्याण और विकास के लिए बाल बजट (Child Budget) की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2013-14 में की गई थी।
- बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का राज्य बजट उप-मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री श्री सम्राट चौधरी ने पेश किया।
- बिहार के राज्य बजट में व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा हमेशा सामाजिक सेवाओं (विशेषकर शिक्षा क्षेत्र) को आवंटित किया जाता है।
- बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के जनसांख्यिकीय अनुमानों के अनुसार, राज्य का जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) 2041 के आसपास चरम पर होगा।
- आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार बिहार में 0-19 वर्ष आयु वर्ग (युवा जनसंख्या) के अनुपात में वर्ष 2041 तक भारी गिरावट का अनुमान है।
- बिहार एफआरबीएम (FRBM) अधिनियम के तहत राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3% के लक्ष्य के भीतर रखने का प्रयास किया जाता है।
- बिहार के कुल राजस्व प्राप्तियों में सबसे बड़ा आंतरिक स्रोत राज्य का स्वयं का कर राजस्व (SOTR) होता है जिसमें वाणिज्यिक कर का प्रमुख योगदान है।
- केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी (Devolution of Central Taxes) बिहार सरकार की राजस्व प्राप्तियों का सबसे बड़ा बाह्य घटक है।
तालिका
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2006-07 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: राज्य की आर्थिक वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय और क्षेत्रीय प्रगति का वार्षिक विश्लेषण
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: जेंडर बजट (Gender Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2008-09 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: महिलाओं के सशक्तीकरण और कल्याणकारी योजनाओं हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: बाल बजट (Child Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2013-14 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 0-18 वर्ष के बच्चों के पोषण, शिक्षा और सुरक्षा योजनाओं पर लक्षित व्यय
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: ग्रीन बजट (Green Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2020-21 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: जलवायु परिवर्तन, वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की वित्तीय ट्रैकिंग
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 5: बिहार राज्य में पहली बार 'ग्रीन बजट' किस वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया गया था?
(क) वित्तीय वर्ष 2018-19 (ख) वित्तीय वर्ष 2019-20 (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22
- ✔ उत्तर: (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 — बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन पर व्यय ट्रैक करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में पहली बार ग्रीन बजट पेश किया था।
- प्रश्न 6: बिहार विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का राज्य बजट निम्नलिखित में से किसने प्रस्तुत किया?
(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय कुमार चौधरी (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री तेजस्वी यादव
- ✔ उत्तर: (ग) श्री सम्राट चौधरी — वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
- प्रश्न 7: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण में उल्लिखित जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में 0-19 वर्ष की युवा आबादी का अनुपात 2041 तक घटने का अनुमान है।
2. बिहार का जनसांख्यिकीय लाभांश वर्ष 2041 के आसपास चरम पर पहुँचने की उम्मीद है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ उत्तर: (ग) 1 और 2 दोनों — आर्थिक सर्वेक्षण के अनुमानों के अनुसार 2041 तक युवा आबादी घटेगी और राज्य का जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के करीब चरम पर पहुँचेगा।
- प्रश्न 8: बिहार राज्य के वार्षिक बजट में किस क्षेत्र (Sector) को विकासात्मक व्यय के तहत सबसे अधिक बजटीय आवंटन प्राप्त होता है?
(क) उद्योग एवं खनिज (ख) कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (ग) सामाजिक सेवाएँ (शिक्षा व स्वास्थ्य) (घ) परिवहन
- ✔ उत्तर: (ग) सामाजिक सेवाएँ (शिक्षा व स्वास्थ्य) — बिहार के कुल योजनागत एवं विकासात्मक बजट में सर्वाधिक हिस्सा सामाजिक सेवाओं, विशेष रूप से शिक्षा विभाग को मिलता है।
- प्रश्न 9: बिहार में महिला विकास एवं लैंगिक समानता हेतु 'जेंडर बजट' (Gender Budget) की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
(क) 2005-06 (ख) 2008-09 (ग) 2012-13 (घ) 2015-16
- ✔ उत्तर: (ख) 2008-09 — बिहार में जेंडर बजटिंग की औपचारिक शुरुआत वित्तीय वर्ष 2008-09 में की गई थी।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 74] बिहार राज्य ने पहली बार ग्रीन बजट कब पेश किया ?
(क) वित्तीय वर्ष 2018-19 (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 (ग) वित्तीय वर्ष 2019-20 (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 — बिहार सरकार ने पहली बार पर्यावरण अनुकूल योजनाओं को रेखांकित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्रीन बजट पेश किया था।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 115] बिहार विधानसभा में राज्य बजट 2024-25 किसने पेश किया ?
(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय सिन्हा (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री विजय कुमार चौधरी
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) श्री सम्राट चौधरी — वर्ष 2024 में वित्त मंत्रालय का प्रभार उप-मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के पास था, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 54] निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1) बिहार में युवा जनसंख्या (0-19 वर्ष) के अनुपात में 2041 तक काफी गिरावट का अनुमान है।
2) बिहार का जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के आसपास चरम पर होने की उम्मीद है।
3) बिहार में बुजुर्ग आबादी (60+ वर्ष) भारत की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें :
(क) 1 और 2 सही हैं (ख) 1 और 3 सही हैं (ग) 2 और 3 सही हैं (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (क) 1 और 2 सही हैं — बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की जनसांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार 2041 तक 0-19 वर्ष की आबादी घटेगी और जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के आसपास चरम पर होगा।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में बजट और आर्थिक सर्वेक्षण से प्रतिवर्ष 2-4 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। प्रश्न अक्सर विशेष बजट प्रकार (ग्रीन बजट, जेंडर बजट का आरंभ वर्ष), चालू वर्ष का बजट किसने पेश किया, कुल बजट आकार, शिक्षा/स्वास्थ्य का आवंटन प्रतिशत तथा आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए जनसांख्यिकीय व विकास दर के आंकड़ों पर आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ ग्रीन बजट (2020-21) और जेंडर बजट (2008-09) के आरंभिक वर्षों में भ्रम हो जाता है।
- ✘ बाल बजट (2013-14) और जेंडर बजट (2008-09) को एक ही वर्ष का मान लेना।
- ✘ बजट प्रस्तुतकर्ता को लेकर भ्रम: विभिन्न कार्यकालों में सुशील कुमार मोदी, विजय कुमार चौधरी और सम्राट चौधरी ने वित्त विभाग संभाला है, अतः प्रश्न में पूछे गए वित्तीय वर्ष पर विशेष ध्यान दें।
💡 आर्थिक नवाचारों का कालक्रम: 'सर्वे 6 में, जेंडर 8 में, बाल 13 में, ग्रीन 20 में' (2006-07, 2008-09, 2013-14, 2020-21)।
बिहार के कृषि रोड मैप
बिहार में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप की शुरुआत की। इसका मुख्य विजन 'हर भारतीय की थाली में कम से कम एक बिहारी व्यंजन' सुनिश्चित करना रखा गया था। प्रथम रोड मैप के सकारात्मक परिणामों के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2012 में द्वितीय रोड मैप का शुभारंभ किया। तीसरे रोड मैप का उद्घाटन 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया, जिसमें जैविक कॉरिडोर और जलवायु अनुकूल कृषि पर विशेष जोर दिया गया। वर्तमान में चौथा कृषि रोड मैप (2023-2028) लागू है, जिसका उद्घाटन 18 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा पटना में किया गया। इसमें 12 विभागों के समन्वय से मिलेट्स (श्री अन्न), विविधीकरण और डिजिटल कृषि को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्य तथ्य
- प्रथम कृषि रोड मैप की अवधि 2008 से 2012 तक थी, जिसमें बीज प्रतिस्थापन दर और 'श्री विधि' (SRI) धान तकनीक पर जोर दिया गया।
- द्वितीय कृषि रोड मैप (2012-2017) का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2012 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था।
- द्वितीय कृषि रोड मैप के दौरान ही 'हर भारतीय की थाली में एक बिहारी व्यंजन' का प्रसिद्ध लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
- तृतीय कृषि रोड मैप (2017-2022) का लोकार्पण 9 नवम्बर 2017 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया गया था।
- कोविड-19 महामारी के कारण तृतीय कृषि रोड मैप की अवधि को एक वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2023 तक किया गया था।
- तृतीय रोड मैप का कुल प्रस्तावित परिव्यय लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपये निर्धारित था।
- तृतीय रोड मैप के तहत गंगा नदी के दोनों किनारों के 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर (Organic Corridor) विकसित करने की योजना शुरू हुई।
- चौथे कृषि रोड मैप की समयावधि 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2028 (2023-2028) तक निर्धारित है।
- चौथे कृषि रोड मैप का औपचारिक उद्घाटन 18 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा बापू सभागार, पटना में किया गया।
- चौथे कृषि रोड मैप के लिए बिहार मंत्रिमंडल द्वारा 1,62,268 करोड़ रुपये का कुल बजट स्वीकृत किया गया है।
- चौथे कृषि रोड मैप में कुल 12 सरकारी विभागों को शामिल करके समन्वित कार्ययोजना बनाई गई है।
- चौथे कृषि रोड मैप का मुख्य फोकस जलवायु अनुकूल कृषि, मिलेट्स (मोटा अनाज/श्री अन्न), भंडारण क्षमता, कृषि डिजिटलीकरण और पशुधन सुधार है।
- कृषि रोड मैप के प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप बिहार को विभिन्न फसलों के उत्कृष्ट उत्पादन के लिए कई बार केंद्र सरकार का 'कृषि कर्मण पुरस्कार' प्राप्त हुआ।
तालिका
- कृषि रोड मैप: प्रथम कृषि रोड मैप · समयावधि: 2008 - 2012 · उद्घाटनकर्ता: राज्य स्तर पर आरंभ · प्रमुख फोकस / विशेषता: बीज प्रतिस्थापन दर में वृद्धि, धान की श्री (SRI) विधि का प्रसार
- कृषि रोड मैप: द्वितीय कृषि रोड मैप · समयावधि: 2012 - 2017 · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी · प्रमुख फोकस / विशेषता: 'हर थाली में एक बिहारी व्यंजन', दुग्ध व मछली उत्पादन, कृषि कर्मण पुरस्कार
- कृषि रोड मैप: तृतीय कृषि रोड मैप · समयावधि: 2017 - 2023 (विस्तारित) · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद · प्रमुख फोकस / विशेषता: गंगा किनारे 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर, हर खेत तक सिंचाई, सौर ऊर्जा
- कृषि रोड मैप: चतुर्थ कृषि रोड मैप · समयावधि: 2023 - 2028 · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु · प्रमुख फोकस / विशेषता: बजट ₹1.62 लाख करोड़, 12 विभाग, मिलेट्स (श्री अन्न), जलवायु अनुकूल कृषि
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 10: बिहार के चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-2028) का उद्घाटन 18 अक्टूबर 2023 को किसके द्वारा किया गया था?
(क) नीतीश कुमार (ख) द्रौपदी मुर्मु (ग) नरेंद्र मोदी (घ) राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
- ✔ उत्तर: (ख) द्रौपदी मुर्मु — चतुर्थ कृषि रोड मैप का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पटना के बापू सभागार में किया था।
- प्रश्न 11: बिहार सरकार द्वारा लागू चतुर्थ कृषि रोड मैप (Fourth Agriculture Road Map) की निर्धारित समयावधि क्या है?
(क) 2022-2027 (ख) 2023-2028 (ग) 2024-2029 (घ) 2021-2026
- ✔ उत्तर: (ख) 2023-2028 — चौथा कृषि रोड मैप 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2028 तक की पांच वर्षीय अवधि के लिए स्वीकृत है।
- प्रश्न 12: बिहार में जैविक कॉरिडोर (Organic Corridor) का विकास मुख्य रूप से किस कृषि रोड मैप के तहत 13 गंगा तटीय जिलों में शुरू किया गया?
(क) प्रथम कृषि रोड मैप (ख) द्वितीय कृषि रोड मैप (ग) तृतीय कृषि रोड मैप (घ) चतुर्थ कृषि रोड मैप
- ✔ उत्तर: (ग) तृतीय कृषि रोड मैप — तृतीय कृषि रोड मैप (2017-2022) के तहत गंगा किनारे के 13 जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक कॉरिडोर योजना शुरू की गई थी।
- प्रश्न 13: बिहार के चौथे कृषि रोड मैप (2023-2028) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका कुल स्वीकृत बजट परिव्यय लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये है।
2. इसमें राज्य के कुल 12 विभागों को शामिल किया गया है।
3. इसका मुख्य फोकस मिलेट्स (श्री अन्न) और जलवायु अनुकूल कृषि पर है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ उत्तर: (घ) 1, 2 और 3 — चौथे रोड मैप में ₹1.62 लाख करोड़ का बजट, 12 विभागों का समन्वय और जलवायु अनुकूल खेती व मिलेट्स तीनों प्रावधान शामिल हैं।
- प्रश्न 14: बिहार में प्रथम कृषि रोड मैप की शुरुआत किस वर्ष की गई थी?
(क) 2005 (ख) 2006 (ग) 2008 (घ) 2012
- ✔ उत्तर: (ग) 2008 — बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र के समन्वित विकास हेतु पहला कृषि रोड मैप वर्ष 2008 (2008-2012) में शुरू किया था।
- प्रश्न 15: निम्नलिखित में से किस राष्ट्रपति ने बिहार के द्वितीय कृषि रोड मैप (2012-2017) का शुभारंभ किया था?
(क) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (ख) प्रतिभा पाटिल (ग) प्रणब मुखर्जी (घ) रामनाथ कोविंद
- ✔ उत्तर: (ग) प्रणब मुखर्जी — द्वितीय कृषि रोड मैप का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2012 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में कृषि रोड मैप से संबंधित प्रश्न प्रायः इनकी समयावधि, बजट परिव्यय, उद्घाटनकर्ता राष्ट्रपति, शामिल विभागों की संख्या तथा विशेष घटकों जैसे जैविक कॉरिडोर व श्री अन्न पर पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ तृतीय कृषि रोड मैप की मूल अवधि 2017-2022 थी, किन्तु कोविड-19 के कारण इसे एक वर्ष (मार्च 2023 तक) विस्तारित किया गया था।
- ✘ रोड मैप के उद्घाटनकर्ता राष्ट्रपतियों में भ्रम: 2nd = प्रणब मुखर्जी (2012), 3rd = रामनाथ कोविंद (2017), 4th = द्रौपदी मुर्मु (2023)।
- ✘ चौथे कृषि रोड मैप में विभागों की संख्या 12 है, छात्र अक्सर इसे 10 या 15 समझ लेते हैं।
💡 रोड मैप उद्घाटनकर्ता का क्रम: 2nd = 'प्र'णब मुखर्जी, 3rd = 'रा'मनाथ कोविंद, 4th = 'द्रौ'पदी मुर्मु (प्र - रा - द्रौ)।
सात निश्चय, जीविका एवं बिहार की प्रमुख योजनाएँ
बिहार सरकार ने समावेशी विकास, महिला सशक्तिकरण और मानव पूंजी निर्माण के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ शुरू की हैं। वर्ष 2015 में सुशासन के कार्यक्रम के रूप में 'सात निश्चय-1' (2015-2020) की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत हर घर नल का जल, शौचालय निर्माण और युवाओं के कौशल विकास जैसे बुनियादी लक्ष्य रखे गए। इसकी सफलता के बाद आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प के साथ 'सात निश्चय-2' (2020-2025) लागू किया गया, जिसमें युवा शक्ति, सक्षम महिला, हर खेत को पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर दिया गया है। विश्व बैंक संपोषित 'जीविका' (BRLPS) परियोजना ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री साइकिल व पोशाक योजना और कन्या उत्थान योजना ने स्कूल छोड़ने की दर घटाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
मुख्य तथ्य
- सात निश्चय-1 (2015-2020) के अंतर्गत आर्थिक हल युवाओं को बल, आरक्षित रोजगार महिलाओं का अधिकार, हर घर बिजली, हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली-नालियां, शौचालय निर्माण घर का सम्मान और अवसर बढ़े आगे पढ़ें शामिल थे।
- सात निश्चय-2 (2020-2025) के 7 घटक हैं: युवा शक्ति-बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ संपर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा।
- जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी - BRLPS) की शुरुआत 2006 में विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के लिए की गई थी।
- कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) 2 अक्टूबर 2016 को 15 से 28 वर्ष के युवाओं को बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता, भाषा और संवाद कौशल तथा व्यवहार कौशल प्रशिक्षण (240 घंटे) देने के लिए शुरू किया गया था।
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 12वीं पास विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य सरकार की गारंटी पर 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है।
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत 20-25 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को रोजगार तलाशने के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह अधिकतम 2 वर्षों तक दिए जाते हैं।
- मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना 2006-07 में शुरू की गई थी, जिसे बाद में कक्षा 9 में नामांकित बालकों के लिए भी विस्तारित किया गया।
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा युवा उद्यमी योजना के तहत नया उद्यम लगाने के लिए 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर 50% अनुदान (अधिकतम 5 लाख) और 50% ब्याजमुक्त/रियायती ऋण मिलता है।
- हर घर नल का जल निश्चय के तहत प्रत्येक ग्रामीण व शहरी घर को प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 70 लीटर शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया।
- मिशन दक्ष (Mission Daksh) दिसंबर 2023 में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के शैक्षणिक रूप से पिछड़े कक्षा 3 से 8 के विद्यार्थियों के बुनियादी अधिगम सुधार हेतु शुरू किया गया।
- जीविका दीदियों द्वारा राज्य के सरकारी अस्पतालों में भोजन उपलब्ध कराने हेतु 'दीदी की रसोई' का संचालन किया जा रहा है।
तालिका
- योजना का नाम: सात निश्चय-1 · शुरुआत वर्ष: 2015 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: बुनियादी ढांचा (नल-जल, नाली-गली, बिजली, शौचालय व कौशल विकास)
- योजना का नाम: सात निश्चय-2 · शुरुआत वर्ष: 2020 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: आत्मनिर्भर बिहार (युवा शक्ति, सक्षम महिला, हर खेत को पानी, स्वच्छ शहर व अतिरिक्त स्वास्थ्य)
- योजना का नाम: जीविका (BRLPS) · शुरुआत वर्ष: 2006 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा आजीविका संवर्धन (विश्व बैंक संपोषित)
- योजना का नाम: कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) · शुरुआत वर्ष: 2016 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 15-28 वर्ष के युवाओं को कंप्यूटर व संवाद कौशल का 240 घंटे का प्रशिक्षण
- योजना का नाम: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड · शुरुआत वर्ष: 2016 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान · शुरुआत वर्ष: 2018 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: कन्या भ्रूण हत्या व बाल विवाह रोकथाम; जन्म से स्नातक तक वित्तीय सहायता (स्नातक पर 50,000 रु)
- योजना का नाम: मिशन दक्ष · शुरुआत वर्ष: 2023 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: कक्षा 3 से 8 के बुनियादी शिक्षा में पिछड़े बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 16: बिहार सरकार के 'सात निश्चय-2' (2020-2025) कार्यक्रम में निम्नलिखित में से कौन-सा निश्चय शामिल नहीं है?
(क) युवा शक्ति - बिहार की प्रगति (ख) सुलभ संपर्कता (ग) हर घर बिजली लगातार (घ) स्वच्छ शहर - विकसित शहर
- ✔ उत्तर: (ग) हर घर बिजली लगातार — 'हर घर बिजली लगातार' सात निश्चय-1 (2015-2020) का हिस्सा था, जबकि सात निश्चय-2 में युवा शक्ति, सुलभ संपर्कता, स्वच्छ शहर आदि शामिल हैं।
- प्रश्न 17: बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (जीविका) को मुख्य रूप से किस अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है?
(क) विश्व बैंक (ख) एशियाई विकास बैंक (ग) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (घ) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
- ✔ उत्तर: (क) विश्व बैंक — जीविका परियोजना की शुरुआत 2006 में विश्व बैंक (World Bank) की वित्तीय सहायता से की गई थी।
- प्रश्न 18: बिहार सरकार द्वारा संचालित 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) यह केवल स्नातकोत्तर उत्तीर्ण छात्रों के लिए है। (ख) इसमें संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर और सॉफ्ट स्किल्स का 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है। (ग) यह योजना वर्ष 2021 में शुरू की गई थी। (घ) इसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को 10 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है।
- ✔ उत्तर: (ख) इसमें संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर और सॉफ्ट स्किल्स का 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है। — कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) 2016 में शुरू हुआ था जिसमें 15-28 वर्ष के युवाओं को 240 घंटे का बुनियादी कंप्यूटर, संवाद कौशल और सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण दिया जाता है।
- प्रश्न 19: बिहार में 'मिशन दक्ष' का मुख्य लक्ष्य क्या है?
(क) आईटी क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देना (ख) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पढ़ने-लिखने में कमजोर छात्रों को विशेष उपचारात्मक कक्षाएं देना (ग) खेलकूद में दक्ष एथलीटों को ओलंपिक हेतु तैयार करना (घ) सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की दक्षता बढ़ाना
- ✔ उत्तर: (ख) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पढ़ने-लिखने में कमजोर छात्रों को विशेष उपचारात्मक कक्षाएं देना — मिशन दक्ष कक्षा 3 से 8 के शैक्षणिक रूप से पिछड़े छात्रों को बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता हासिल कराने के लिए शुरू किया गया है।
- प्रश्न 20: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत बिहार में किसी स्नातक उत्तीर्ण अविवाहित/विवाहित कन्या को कितनी प्रोत्साहन राशि दी जाती है?
(क) 10,000 रुपये (ख) 25,000 रुपये (ग) 50,000 रुपये (घ) 1,00,000 रुपये
- ✔ उत्तर: (ग) 50,000 रुपये — संशोधित प्रावधान के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण होने वाली बालिकाओं को 50,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 51] बिहार के मिशन दक्ष का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
(क) ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल नामांकन बढ़ाना। (ख) वरिष्ठ-माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना। (ग) ग्रेड-स्तरीय दक्षताओं तक पहुंचने के लिए पिछड़ने वाले छात्रों के लिए व्यक्तिगत सलाह प्रदान करना। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) ग्रेड-स्तरीय दक्षताओं तक पहुंचने के लिए पिछड़ने वाले छात्रों के लिए व्यक्तिगत सलाह प्रदान करना। — बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए 'मिशन दक्ष' का उद्देश्य कक्षा 3 से 8 तक के शैक्षणिक रूप से पिछड़ने वाले विद्यार्थियों को 5-5 के छोटे समूहों में व्यक्तिगत मेंटरिंग देकर ग्रेड-स्तरीय दक्षता प्रदान करना है।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC प्रारंभिक परीक्षा में सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के घटकों की पहचान करने, योजनाओं के शुभारंभ वर्ष, लक्षित आयु वर्ग/पात्रता, सहायता राशि और हाल ही में शुरू किए गए शैक्षणिक व सामाजिक अभियानों (जैसे मिशन दक्ष, जीविका) पर सीधे और कूट-आधारित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ छात्र प्रायः 'सात निश्चय-1' (हर घर बिजली लगातार) और 'सात निश्चय-2' (स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव / सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा) के घटकों को आपस में मिला देते हैं।
- ✘ मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना (20-25 वर्ष के बेरोजगारों हेतु 1000 रु/माह) और कुशल युवा कार्यक्रम (15-28 वर्ष हेतु कौशल प्रशिक्षण) दोनों 'आर्थिक हल, युवाओं को बल' के हिस्से हैं, किंतु दोनों की आयु सीमा भिन्न है।
- ✘ कन्या उत्थान योजना में इंटरमीडिएट पास करने पर अविवाहित छात्राओं को 25,000 रुपये और स्नातक पास करने पर 50,000 रुपये दिए जाते हैं, छात्र अक्सर इन राशियों में भ्रमित होते हैं।
💡 सात निश्चय-2 के 7 स्तंभ याद रखने का सूत्र: 'युवा और महिला मिलकर गाँव-शहर स्वच्छ रखेंगे, खेत सींचेंगे, संपर्क बढ़ाएंगे और स्वास्थ्य पाएंगे'।
बिहार की औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियां
बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने विनिर्माण, मूल्य संवर्धन और नवाचार पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 (संशोधित 2020) के तहत खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, वस्त्र और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पूंजीगत अनुदान और कर छूट दी जाती है। युवाओं में स्वरोजगार को प्रेरित करने के लिए बिहार स्टार्टअप नीति 2022 लागू की गई, जिसमें 10 लाख रुपये तक की ब्याज मुक्त सीड फंडिंग का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, बिहार जैव ईंधन (उत्पादन प्रोत्साहन) नीति 2021 के जरिए राज्य देश में इथेनॉल उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। जून 2022 में अधिसूचित बिहार वस्त्र और चमड़ा नीति का उद्देश्य राज्य के कुशल कामगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और बड़े उद्योगों को आकर्षित करना है।
मुख्य तथ्य
- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति पहली बार वर्ष 2016 में लागू की गई थी, जिसे बाद में विस्तारित किया गया।
- बिहार इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति 2021 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना।
- बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत स्टार्टअप्स को 10 वर्ष के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड (सीड कैपिटल) दिया जाता है।
- बिहार स्टार्टअप नीति 2022 की रणनीति 'YUVA' (युवा) ढांचे पर आधारित है (Yes to Startups, Unleash Regulatory Enabling, Vibrancy in Education, Access to Network & Markets)।
- बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति को राज्य मंत्रिमंडल द्वारा जून 2022 में मंजूरी दी गई थी।
- बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति 2022 के तहत संयंत्र एवं मशीनरी पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक 15% पूंजीगत सब्सिडी दी जाती है।
- वस्त्र एवं चमड़ा नीति 2022 के अंतर्गत प्रति श्रमिक प्रतिमाह 3000 से 5000 रुपये तक का रोजगार सृजन अनुदान 5 वर्षों के लिए देय है।
- राज्य का पहला अनाज आधारित (ग्रेन-बेस्ड) इथेनॉल संयंत्र पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर में स्थापित किया गया।
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (SC/ST, EBC, युवा, महिला) के तहत 10 लाख रुपये की सहायता मिलती है (5 लाख अनुदान और 5 लाख ऋण)।
- बियाडा (BIADA - Bihar Industrial Area Development Authority) की स्थापना 1974 के अधिनियम के तहत राज्य में औद्योगिक अवसंरचना विकास हेतु की गई थी।
- प्लस टू और कॉलेज स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बिहार स्टार्टअप नीति के तहत 'स्टार्टअप सेल' और इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
तालिका
- नीति / योजना: बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति · अधिसूचना वर्ष: 2016 (संशोधित 2020) · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, परिधान, आईटी आदि को प्राथमिकता क्षेत्र; पूंजीगत व ब्याज सब्सिडी
- नीति / योजना: बिहार जैव ईंधन (इथेनॉल) नीति · अधिसूचना वर्ष: 2021 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: अनाज व गन्ने से इथेनॉल उत्पादन; देश में सबसे पहले लागू करने वाला राज्य
- नीति / योजना: बिहार स्टार्टअप नीति · अधिसूचना वर्ष: 2022 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: 10 लाख रुपये तक 10 वर्ष हेतु ब्याज मुक्त सीड फंडिंग; YUVA मॉडल पर आधारित
- नीति / योजना: बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति · अधिसूचना वर्ष: 2022 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: 15% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़), 2 रुपये/यूनिट बिजली सब्सिडी, रोजगार अनुदान
- नीति / योजना: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना · अधिसूचना वर्ष: 2018 (विस्तारित 2021) · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: कुल 10 लाख रुपये की सहायता (5 लाख अनुदान + 5 लाख ब्याज मुक्त/1% ब्याज ऋण)
अभ्यास प्रश्न (हल सहित)
- प्रश्न 21: बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के संदर्भ में, पात्र स्टार्टअप्स को कितनी राशि तक ब्याज मुक्त ऋण (सीड फंड) प्रदान किया जाता है?
(क) 5 लाख रुपये (ख) 10 लाख रुपये (ग) 15 लाख रुपये (घ) 20 लाख रुपये
- ✔ उत्तर: (ख) 10 लाख रुपये — बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत पात्र स्टार्टअप्स को 10 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड दिया जाता है।
- प्रश्न 22: भारत में इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति लागू करने वाला पहला राज्य निम्नलिखित में से कौन है?
(क) महाराष्ट्र (ख) उत्तर प्रदेश (ग) बिहार (घ) मध्य प्रदेश
- ✔ उत्तर: (ग) बिहार — बिहार ने 2021 में देश में सबसे पहले अपनी अलग इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति अधिसूचित की थी।
- प्रश्न 23: बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति 2022 के अंतर्गत पूंजीगत निवेश पर अधिकतम कितने प्रतिशत और कितनी राशि की सब्सिडी का प्रावधान है?
(क) 10% (अधिकतम 5 करोड़) (ख) 15% (अधिकतम 10 करोड़) (ग) 20% (अधिकतम 15 करोड़) (घ) 25% (अधिकतम 10 करोड़)
- ✔ उत्तर: (ख) 15% (अधिकतम 10 करोड़) — इस नीति में संयंत्र और मशीनरी में निवेश पर 15% की दर से अधिकतम 10 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।
- प्रश्न 24: बिहार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के संबंध में कौन सा कथन सही है?
(क) इसके तहत कुल 20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। (ख) इसमें 5 लाख रुपये अनुदान (सब्सिडी) और 5 लाख रुपये ऋण के रूप में दिए जाते हैं। (ग) यह केवल अनुसूचित जाति के उद्यमियों के लिए लागू है। (घ) इसमें कोई भी अनुदान घटक शामिल नहीं है।
- ✔ उत्तर: (ख) इसमें 5 लाख रुपये अनुदान (सब्सिडी) और 5 लाख रुपये ऋण के रूप में दिए जाते हैं। — मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 10 लाख रुपये की कुल सहायता में 50% अनुदान (5 लाख) और 50% ऋण (5 लाख) प्रदान किया जाता है।
- प्रश्न 25: बिहार का पहला अनाज आधारित (Grain-based) इथेनॉल संयंत्र किस जिले में स्थापित किया गया?
(क) बेगूसराय (ख) पूर्णिया (ग) भागलपुर (घ) रोहतास
- ✔ उत्तर: (ख) पूर्णिया — बिहार के पूर्णिया जिले के परोरा/कृत्यानंद नगर में राज्य का पहला अनाज आधारित इथेनॉल प्लांट स्थापित किया गया था।
📜 असली पिछले वर्ष के प्रश्न (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 52] बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के YUVA ढांचे के तहत निम्नलिखित में से कौन-सा/से घटक नहीं है/हैं?
(क) शिक्षा प्रणाली में जीवंतता (ख) समर्थन के लिए नियामक समर्थक (ग) अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ आधिकारिक उत्तर: (ग) अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं — बिहार स्टार्टअप नीति 2022 का 'YUVA' ढांचा चार स्तंभों पर आधारित है: Y-Yes to Startups, U-Unleashing Regulatory Enabling, V-Vibrancy in Education, A-Access to Market & Network; इसमें 'अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं' शामिल नहीं हैं।
परीक्षा में कैसे आता है
BPSC में औद्योगिक नीतियों, स्टार्टअप नीति के प्रावधानों (सीड फंड राशि, YUVA ढांचा), इथेनॉल नीति और वस्त्र-चमड़ा नीति से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। योजना के वित्तीय घटकों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर सीधे और कूट-आधारित प्रश्न आते हैं।
इनमें भ्रम न करें
- ✘ मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (कुल 10 लाख सहायता, जिसमें 5 लाख अनुदान) और बिहार स्टार्टअप नीति (10 लाख रुपये पूर्णतः ब्याज मुक्त सीड फंड 10 वर्षों के लिए) के बीच अंतर में भ्रम होना।
- ✘ बिहार स्टार्टअप नीति 2022 में सामान्य स्टार्टअप को 10 लाख, महिला उद्यमी को 5% अतिरिक्त (10.5 लाख) तथा SC/ST/दिव्यांग को 15% अतिरिक्त (11.5 लाख) मिलता है, इसे अक्सर विद्यार्थी गलत मिला देते हैं।
- ✘ देश का पहला इथेनॉल प्लांट (अनाज आधारित) पूर्णिया में लगा, जबकि बरौनी (बेगूसराय) औद्योगिक नगरी तेल शोधक कारखाने के लिए प्रसिद्ध है।
💡 स्टार्टअप 'YUVA' याद रखें: Y = Yes to Startups, U = Unleash Regulators, V = Vibrant Education, A = Access to Market (10 वर्ष के लिए 10 लाख)।
एक नज़र में (Revision)
- बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, वर्ष 2022-23 में स्थिर मूल्य पर बिहार की जीएसडीपी (GSDP) विकास दर 10.64% दर्ज की गई।
- वर्ष 2022-23 में वर्तमान मूल्य पर बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 59,637 रुपये और प्रति व्यक्ति एनएसडीपी (NSDP) 53,873 रुपये रही।
- वर्ष 2022-23 में बिहार के सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में प्राथमिक क्षेत्र का हिस्सा 19.7%, द्वितीयक का 19.6% और तृतीयक क्षेत्र का सर्वाधिक 60.7% था।
- बिहार में प्रथम कृषि रोडमैप 2008 में शुरू हुआ था, जबकि चतुर्थ कृषि रोडमैप (2023-2028) को 1.62 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ लागू किया गया है।
- सात निश्चय-1 (2015-2020) के प्रमुख घटक: आर्थिक हल युवाओं को बल, आरक्षित रोजगार महिलाओं का अधिकार, हर घर बिजली, हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली-नालियां, शौचालय निर्माण घर का सम्मान और अवसर बढ़े आगे पढ़े।
- सात निश्चय-2 (2020-2025) के 7 घटक: युवा शक्ति-बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ संपर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा।
- जीविका (BRLPS) की शुरुआत 2006 में विश्व बैंक की सहायता से ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से की गई थी।
- मुख्यमंत्री बालक/बालिका साइकिल योजना 2006-07 में शुरू की गई थी, जिसने माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन में ऐतिहासिक वृद्धि की।
- कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के तहत 15-28 वर्ष के युवाओं को बुनियादी कंप्यूटर, संवाद कौशल और व्यवहार कौशल का 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- बिहार एथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति 2021 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
- बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत युवा उद्यमियों को 10 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड (Seed Fund) प्रदान किया जाता है।
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत नए उद्यमों की स्थापना हेतु 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता (5 लाख रुपये अनुदान + 5 लाख रुपये ऋण) दी जाती है।
अपने आप को जाँचिए — 10 प्रश्न
1. बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, वर्ष 2022-23 में सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में किस क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक रहा है?
- (क) प्राथमिक क्षेत्र
- (ख) द्वितीयक क्षेत्र
- (ग) तृतीयक क्षेत्र
- (घ) विनिर्माण क्षेत्र
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) तृतीयक क्षेत्र
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जीएसवीए में तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक 60.7% था, जबकि प्राथमिक क्षेत्र का 19.7% और द्वितीयक क्षेत्र का 19.6% रहा।
2. बिहार के 'चतुर्थ कृषि रोडमैप' (Fourth Agriculture Roadmap) की कार्यान्वयन अवधि क्या है?
- (क) 2022 से 2027
- (ख) 2023 से 2028
- (ग) 2021 से 2026
- (घ) 2024 से 2029
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 2023 से 2028
बिहार सरकार द्वारा चतुर्थ कृषि रोडमैप को 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2028 तक (2023-2028) की 5 वर्ष की अवधि के लिए लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये के व्यय के साथ लागू किया गया है।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा घटक बिहार सरकार के 'सात निश्चय-2' (2020-2025) कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है?
- (क) युवा शक्ति - बिहार की प्रगति
- (ख) सुलभ संपर्कता
- (ग) हर घर बिजली लगातार
- (घ) स्वच्छ गाँव - समृद्ध गाँव
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) हर घर बिजली लगातार
'हर घर बिजली लगातार' सात निश्चय-1 (2015-2020) का घटक था। सात निश्चय-2 में युवा शक्ति, सशक्त महिला, हर खेत तक सिंचाई, स्वच्छ गाँव, स्वच्छ शहर, सुलभ संपर्कता और अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा शामिल हैं।
4. बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसके तहत पात्र उद्यमियों को 10 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड दिया जाता है।
2. महिला उद्यमियों के मामले में सीड फंडिंग राशि 5% अधिक दी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (क) केवल 1
- (ख) केवल 2
- (ग) 1 और 2 दोनों
- (घ) न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: (क) केवल 1
कथन 1 सही है क्योंकि 10 लाख रुपये का 10 वर्ष हेतु ब्याज मुक्त सीड फंड दिया जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि महिला उद्यमियों के मामले में सीड फंडिंग 5% नहीं बल्कि 10% अतिरिक्त (अर्थात् 11 लाख रुपये) दी जाती है।
5. वर्ष 2021 में अपनी समर्पित 'एथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति' (Ethanol Production Promotion Policy) तैयार करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा था?
- (क) उत्तर प्रदेश
- (ख) महाराष्ट्र
- (ग) बिहार
- (घ) मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
उत्तर: (ग) बिहार
बिहार देश का पहला राज्य बना जिसने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत 2021 में अपनी अलग 'एथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021' अधिसूचित की।
6. बिहार में 'जीविका' (BRLPS - बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति) परियोजना किस अंतरराष्ट्रीय संस्था के सहयोग से संचालित की जा रही है?
- (क) एशियाई विकास बैंक (ADB)
- (ख) विश्व बैंक (World Bank)
- (ग) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)
- (घ) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP)
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) विश्व बैंक (World Bank)
जीविका परियोजना की शुरुआत 2006 में बिहार सरकार द्वारा विश्व बैंक (World Bank) की वित्तीय सहायता से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन के लिए की गई थी।
7. बिहार सरकार के 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP) के अंतर्गत युवाओं को कौन-से तीन अनिवार्य घटकों का प्रशिक्षण दिया जाता है?
- (क) आईटी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और कानूनी साक्षरता
- (ख) संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता और व्यवहार कौशल
- (ग) बुनाई, सिलाई और डेटा एंट्री
- (घ) ड्राइविंग, प्लंबिंग और इलेक्ट्रीशियन कार्य
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता और व्यवहार कौशल
कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) में 240 घंटे का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम होता है, जिसमें बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता (BS-CIT), संवाद कौशल (BS-CLS) और व्यवहार/सॉफ्ट कौशल (BS-CSS) शामिल हैं।
8. 'मुख्यमंत्री उद्यमी योजना' (Mukhyamantri Udyami Yojana) के संबंध में वित्तीय सहायता का क्या स्वरूप है?
- (क) कुल 5 लाख रुपये (शत-प्रतिशत अनुदान)
- (ख) कुल 10 लाख रुपये (5 लाख रुपये अनुदान + 5 लाख रुपये ऋण)
- (ग) कुल 15 लाख रुपये (10 लाख रुपये अनुदान + 5 लाख रुपये ऋण)
- (घ) कुल 10 लाख रुपये (शत-प्रतिशत ब्याज-मुक्त ऋण)
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) कुल 10 लाख रुपये (5 लाख रुपये अनुदान + 5 लाख रुपये ऋण)
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (अनुसूचित जाति/जनजाति, ईबीसी, महिला व युवा) के तहत 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 50% (5 लाख रुपये) अनुदान/सब्सिडी और 50% (5 लाख रुपये) सुलभ ऋण के रूप में होता है।
9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I (योजना) | सूची-II (शुरुआत वर्ष)
A. जीविका (BRLPS) | 1. 2006
B. मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना | 2. 2006-07
C. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना | 3. 2016
D. बिहार बायोफ्यूल/एथेनॉल नीति | 4. 2021
- (क) A-1, B-2, C-3, D-4
- (ख) A-2, B-1, C-4, D-3
- (ग) A-1, B-3, C-2, D-4
- (घ) A-4, B-2, C-3, D-1
उत्तर देखें
उत्तर: (क) A-1, B-2, C-3, D-4
जीविका की शुरुआत 2006 में हुई; मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना 2006-07 में प्रारंभ हुई; स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना सात निश्चय-1 के तहत 2016 में आई; और एथेनॉल नीति 2021 में अधिसूचित हुई। अतः A-1, B-2, C-3, D-4 सही है।
10. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (Bihar Student Credit Card Scheme) के तहत उच्च शिक्षा हेतु विद्यार्थियों को अधिकतम कितनी राशि तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है?
- (क) 2 लाख रुपये
- (ख) 4 लाख रुपये
- (ग) 5 लाख रुपये
- (घ) 10 लाख रुपये
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) 4 लाख रुपये
सात निश्चय-1 के 'आर्थिक हल युवाओं को बल' घटक के तहत शुरू की गई बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्रदान किया जाता है।
English version — Bihar's Economy and State Schemes
This chapter is vital for BPSC Prelims (General Studies - Bihar Special) and Mains GS Paper II (Economy of India and Bihar). Direct factual and analytical questions are regularly asked from the Bihar Economic Survey, Saat Nishchay, Agriculture Roadmaps, and key industrial and welfare schemes.
Bihar's Economy: Sectoral Share, Growth and Per Capita Income
Bihar's economy has been among the fastest-growing state economies in India over the past two decades. In the Gross State Value Added (GSVA), the tertiary or services sector holds the dominant share, followed by secondary and primary sectors. Despite registering high annual economic growth rates, Bihar's per capita income remains significantly below the national average and stands at the lowest position among major Indian states. Marked intra-state disparities exist, with districts like Patna and Begusarai leading in per capita income, whereas districts like Sheohar and Araria trail at the bottom. Understanding these sectoral compositions and income parameters is crucial for resolving analytical and data-driven exam questions.
Key facts
- At current prices, Bihar's per capita Net State Domestic Product (NSDP) was recorded at ₹54,111 in FY 2022-23.
- At constant prices, the primary sector (agriculture, forestry, fishing, mining) accounts for around 20% of Bihar's economy.
- Patna district ranks highest among all 38 districts of Bihar in terms of per capita income.
- Sheohar is the district with the lowest per capita income in Bihar, followed by Araria and Sitamarhi.
- Begusarai ranks second and Munger ranks third after Patna in per capita income in Bihar.
- In FY 2022-23, Bihar's real GSDP growth rate at constant prices was recorded at 10.6%.
- Bihar's per capita income continues to hover at approximately one-third (around 33-35%) of the national average.
- Among sub-sectors of the tertiary sector, trade, repair services, hotels & restaurants, and financial services have witnessed the fastest expansion.
- Within the agricultural sector, livestock and fisheries have registered higher growth rates compared to the crop sector.
Table
- क्षेत्र / सूचक: प्राथमिक क्षेत्र · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): ~20.0% · मुख्य उप-घटक: फसल, पशुधन, वानिकी, मत्स्य पालन · विशेष बिंदु: पशुधन और मत्स्य पालन की वृद्धि दर फसलों से अधिक
- क्षेत्र / सूचक: प्रति व्यक्ति आय: शीर्ष 3 जिले · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): - · मुख्य उप-घटक: 1. पटना, 2. बेगूसराय, 3. मुंगेर · विशेष बिंदु: पटना राज्य औसत से कई गुना अधिक आय के साथ प्रथम
- क्षेत्र / सूचक: प्रति व्यक्ति आय: निम्नतम 3 जिले · जीएसवीए में अनुमानित हिस्सेदारी (स्थिर मूल्य): - · मुख्य उप-घटक: 1. शिवहर, 2. अररिया, 3. सीतामढ़ी · विशेष बिंदु: शिवहर राज्य में सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला
Practice questions (solved)
- Q 1: वर्ष 2011-12 के आधार वर्ष पर, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान वर्तमान मूल्यों पर बिहार की प्रति व्यक्ति निवल राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) कितनी थी?
(क) ₹42,083 (ख) ₹54,111 (ग) ₹47,498 (घ) ₹61,434
- ✔ Answer: (ख) ₹54,111 — आधिकारिक आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2022-23 में वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद ₹54,111 था।
- Q 2: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्थिर मूल्यों पर राज्य के सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) में सर्वाधिक योगदान किस क्षेत्र का है?
(क) प्राथमिक क्षेत्र (ख) द्वितीयक क्षेत्र (ग) तृतीयक क्षेत्र (घ) विनिर्माण क्षेत्र
- ✔ Answer: (ग) तृतीयक क्षेत्र — बिहार के जीएसवीए में सेवा (तृतीयक) क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक (लगभग 58.6% से 60%) है।
- Q 3: बिहार के जिलों में प्रति व्यक्ति आय के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म क्रमशः सबसे समृद्ध और सबसे गरीब जिले को दर्शाता है?
(क) पटना और शिवहर (ख) बेगूसराय और किशनगंज (ग) मुंगेर और अररिया (घ) पटना और सीतामढ़ी
- ✔ Answer: (क) पटना और शिवहर — बिहार में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति आय पटना जिले की है तथा न्यूनतम प्रति व्यक्ति आय शिवहर जिले की है।
- Q 4: बिहार में प्रति व्यक्ति आय के घटते क्रम में सही जिला अनुक्रम कौन सा है?
(क) पटना > बेगूसराय > मुंगेर (ख) पटना > मुंगेर > बेगूसराय (ग) बेगूसराय > पटना > भागलपुर (घ) पटना > गया > मुजफ्फरपुर
- ✔ Answer: (क) पटना > बेगूसराय > मुंगेर — राज्य में शीर्ष तीन प्रति व्यक्ति आय वाले जिले क्रमशः पटना, बेगूसराय और मुंगेर हैं।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 127] 2011-12 को आधार वर्ष मानते हुए, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद कितना था ?
(क) ₹ 42,083 (ख) ₹ 54,111 (ग) ₹ 47,498 (घ) ₹ 61,434
- ✔ Official answer: (ख) ₹ 54,111 — 2011-12 आधार वर्ष के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में वर्तमान कीमतों पर बिहार का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP) ₹54,111 आधिकारिक तौर पर दर्ज था।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 53] 2023-24 में बिहार के आर्थिक प्रदर्शन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) मौजूदा कीमतों पर बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी पिछले वर्ष की तुलना में 2023-24 में 12.8% बढ़ी (ख) 2023-24 में बिहार के जीएसवीए (स्थिर मूल्य) में तृतीयक क्षेत्र की अनुमानित हिस्सेदारी 58.6% थी (ग) सकल स्थायी पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) 2023-24 में वर्तमान मूल्यों पर जीएसडीपी का 4.6% था। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक — 2023-24 में बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 12.8% बढ़ी और स्थिर मूल्यों पर तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी 58.6% रही, इसलिए एक से अधिक कथन सही थे।
How it is asked
BPSC frequently asks factual and statement-based questions regarding per capita income at current vs constant prices, GSDP growth rates, sectoral shares in GSVA, and the rank order of richest and poorest districts in Bihar.
Do not confuse
- ✘ प्रति व्यक्ति GSDP (सकल) और प्रति व्यक्ति NSDP (शुद्ध) के आंकड़ों में अंतर न समझ पाना; वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रति व्यक्ति NSDP ₹54,111 थी जबकि GSDP लगभग ₹59,637 थी।
- ✘ स्थिर मूल्य (आधार वर्ष 2011-12) और चालू/वर्तमान मूल्य के आंकड़ों में भ्रम होना; वर्तमान मूल्य पर मुद्रास्फीति जुड़ने के कारण मान अधिक होता है।
- ✘ कृषि प्रधान राज्य होने के कारण छात्र प्रायः प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी को सर्वाधिक मान लेते हैं, जबकि वास्तव में जीएसवीए में तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का हिस्सा 58% से अधिक है।
💡 जिले की समृद्धि का क्रम: 'प-बे-मु' (पटना, बेगूसराय, मुंगेर) और सबसे पिछड़े: 'शि-अ-सी' (शिवहर, अररिया, सीतामढ़ी)।
Bihar Economic Survey and Budget Trends
The Bihar Economic Survey and Annual Budget reflect the state's fiscal roadmap and developmental priorities. The state's first Economic Survey was presented in 2006-07, and it is tabled annually just before the state budget. Bihar is among the leading states to institutionalize gender budgeting, child budgeting, and green budgeting. In recent fiscal trends, social sector spending—particularly on education and healthcare—commands the highest budgetary share. A consistent focus on capital expenditure has boosted infrastructure, while the state endeavours to keep the fiscal deficit within the mandated FRBM targets.
Key facts
- The first Economic Survey of Bihar was presented in 2006-07 by the then Finance Minister Sushil Kumar Modi.
- The 'Green Budget' was introduced for the first time in Bihar in the financial year 2020-21.
- Gender budgeting for women-centric schemes was initiated in Bihar in the financial year 2008-09.
- The Child Budget dedicated to child development and welfare was introduced in Bihar in the financial year 2013-14.
- The state budget for the financial year 2024-25 was presented in the Bihar Legislative Assembly by Deputy CM and Finance Minister Samrat Choudhary.
- In Bihar's state budget, the largest single share of expenditure is consistently allocated to social services, especially education.
- According to the demographic projections in the Bihar Economic Survey, the state's demographic dividend is expected to peak around 2041.
- As per the Economic Survey, the proportion of youth population (aged 0-19 years) in Bihar is projected to decline significantly by 2041.
- Under the Bihar FRBM Act, efforts are maintained to keep the fiscal deficit within the target of 3% of the Gross State Domestic Product (GSDP).
- Among internal revenue receipts in Bihar, State's Own Tax Revenue (SOTR) is key, dominated by commercial taxes.
- The share in central taxes (devolution) represents the largest external component of the Bihar government's revenue receipts.
Table
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2006-07 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: राज्य की आर्थिक वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय और क्षेत्रीय प्रगति का वार्षिक विश्लेषण
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: जेंडर बजट (Gender Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2008-09 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: महिलाओं के सशक्तीकरण और कल्याणकारी योजनाओं हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: बाल बजट (Child Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2013-14 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 0-18 वर्ष के बच्चों के पोषण, शिक्षा और सुरक्षा योजनाओं पर लक्षित व्यय
- बजट / दस्तावेज का प्रकार: ग्रीन बजट (Green Budget) · शुरुआत का वित्तीय वर्ष: 2020-21 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: जलवायु परिवर्तन, वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की वित्तीय ट्रैकिंग
Practice questions (solved)
- Q 5: बिहार राज्य में पहली बार 'ग्रीन बजट' किस वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया गया था?
(क) वित्तीय वर्ष 2018-19 (ख) वित्तीय वर्ष 2019-20 (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22
- ✔ Answer: (ग) वित्तीय वर्ष 2020-21 — बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूलन पर व्यय ट्रैक करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में पहली बार ग्रीन बजट पेश किया था।
- Q 6: बिहार विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 का राज्य बजट निम्नलिखित में से किसने प्रस्तुत किया?
(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय कुमार चौधरी (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री तेजस्वी यादव
- ✔ Answer: (ग) श्री सम्राट चौधरी — वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
- Q 7: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण में उल्लिखित जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में 0-19 वर्ष की युवा आबादी का अनुपात 2041 तक घटने का अनुमान है।
2. बिहार का जनसांख्यिकीय लाभांश वर्ष 2041 के आसपास चरम पर पहुँचने की उम्मीद है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 (ख) केवल 2 (ग) 1 और 2 दोनों (घ) न तो 1 और न ही 2
- ✔ Answer: (ग) 1 और 2 दोनों — आर्थिक सर्वेक्षण के अनुमानों के अनुसार 2041 तक युवा आबादी घटेगी और राज्य का जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के करीब चरम पर पहुँचेगा।
- Q 8: बिहार राज्य के वार्षिक बजट में किस क्षेत्र (Sector) को विकासात्मक व्यय के तहत सबसे अधिक बजटीय आवंटन प्राप्त होता है?
(क) उद्योग एवं खनिज (ख) कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (ग) सामाजिक सेवाएँ (शिक्षा व स्वास्थ्य) (घ) परिवहन
- ✔ Answer: (ग) सामाजिक सेवाएँ (शिक्षा व स्वास्थ्य) — बिहार के कुल योजनागत एवं विकासात्मक बजट में सर्वाधिक हिस्सा सामाजिक सेवाओं, विशेष रूप से शिक्षा विभाग को मिलता है।
- Q 9: बिहार में महिला विकास एवं लैंगिक समानता हेतु 'जेंडर बजट' (Gender Budget) की शुरुआत किस वर्ष हुई थी?
(क) 2005-06 (ख) 2008-09 (ग) 2012-13 (घ) 2015-16
- ✔ Answer: (ख) 2008-09 — बिहार में जेंडर बजटिंग की औपचारिक शुरुआत वित्तीय वर्ष 2008-09 में की गई थी।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 74] बिहार राज्य ने पहली बार ग्रीन बजट कब पेश किया ?
(क) वित्तीय वर्ष 2018-19 (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 (ग) वित्तीय वर्ष 2019-20 (घ) वित्तीय वर्ष 2021-22
- ✔ Official answer: (ख) वित्तीय वर्ष 2020-21 — बिहार सरकार ने पहली बार पर्यावरण अनुकूल योजनाओं को रेखांकित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्रीन बजट पेश किया था।
- [BPSC 70वीं प्रारंभिक (13 दिसंबर 2024), प्रश्न 115] बिहार विधानसभा में राज्य बजट 2024-25 किसने पेश किया ?
(क) श्री नीतीश कुमार (ख) श्री विजय सिन्हा (ग) श्री सम्राट चौधरी (घ) श्री विजय कुमार चौधरी
- ✔ Official answer: (ग) श्री सम्राट चौधरी — वर्ष 2024 में वित्त मंत्रालय का प्रभार उप-मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के पास था, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट पेश किया।
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 54] निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
1) बिहार में युवा जनसंख्या (0-19 वर्ष) के अनुपात में 2041 तक काफी गिरावट का अनुमान है।
2) बिहार का जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के आसपास चरम पर होने की उम्मीद है।
3) बिहार में बुजुर्ग आबादी (60+ वर्ष) भारत की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें :
(क) 1 और 2 सही हैं (ख) 1 और 3 सही हैं (ग) 2 और 3 सही हैं (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (क) 1 और 2 सही हैं — बिहार आर्थिक सर्वेक्षण की जनसांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार 2041 तक 0-19 वर्ष की आबादी घटेगी और जनसांख्यिकीय लाभांश 2041 के आसपास चरम पर होगा।
How it is asked
BPSC regularly asks 2-4 questions on Bihar's budget and economic survey. Frequent patterns include the introduction years of special budgets (green/gender/child), the presenter of the latest budget, top sectoral allocations (education/health), and macroeconomic/demographic projections from the survey.
Do not confuse
- ✘ ग्रीन बजट (2020-21) और जेंडर बजट (2008-09) के आरंभिक वर्षों में भ्रम हो जाता है।
- ✘ बाल बजट (2013-14) और जेंडर बजट (2008-09) को एक ही वर्ष का मान लेना।
- ✘ बजट प्रस्तुतकर्ता को लेकर भ्रम: विभिन्न कार्यकालों में सुशील कुमार मोदी, विजय कुमार चौधरी और सम्राट चौधरी ने वित्त विभाग संभाला है, अतः प्रश्न में पूछे गए वित्तीय वर्ष पर विशेष ध्यान दें।
💡 आर्थिक नवाचारों का कालक्रम: 'सर्वे 6 में, जेंडर 8 में, बाल 13 में, ग्रीन 20 में' (2006-07, 2008-09, 2013-14, 2020-21)।
Agriculture Road Maps of Bihar
To promote holistic growth in agriculture and allied sectors, the Government of Bihar initiated the Agriculture Road Map in 2008. The overarching vision has been to ensure 'at least one Bihari dish on the plate of every Indian'. Following the success of the first road map, President Pranab Mukherjee inaugurated the Second Agriculture Road Map in 2012. The Third Road Map was launched by President Ram Nath Kovind in 2017, focusing on organic corridors along the Ganga and climate-resilient farming. Currently, the Fourth Agriculture Road Map (2023-2028) is under implementation, inaugurated on 18 October 2023 by President Droupadi Murmu in Patna, involving 12 departments with special emphasis on millets, diversification, and digital agriculture.
Key facts
- The period of the First Agriculture Road Map was 2008 to 2012, emphasizing seed replacement rate and the SRI paddy technique.
- The Second Agriculture Road Map (2012-2017) was inaugurated on 3 October 2012 by then President Pranab Mukherjee.
- During the Second Agriculture Road Map, the famous goal of 'a Bihari dish on every Indian's plate' was articulated.
- The Third Agriculture Road Map (2017-2022) was launched on 9 November 2017 by President Ram Nath Kovind.
- Due to the COVID-19 pandemic, the tenure of the Third Agriculture Road Map was extended by one year to 31 March 2023.
- The total proposed outlay for the Third Agriculture Road Map was approximately Rs 1.54 lakh crore.
- Under the Third Road Map, a project to develop an Organic Corridor across 13 districts along both banks of the Ganga was initiated.
- The duration of the Fourth Agriculture Road Map is scheduled from 1 April 2023 to 31 March 2028.
- The Fourth Agriculture Road Map was formally inaugurated on 18 October 2023 by President Droupadi Murmu at Bapu Sabhagar, Patna.
- A total budget outlay of Rs 1,62,268 crore was approved by the Bihar Cabinet for the Fourth Agriculture Road Map.
- A coordinated action plan has been formulated covering a total of 12 government departments in the Fourth Agriculture Road Map.
- The primary focus of the Fourth Agriculture Road Map is climate-resilient farming, millets (Shree Anna), storage, digital agriculture, and livestock development.
- As a result of effective roadmap implementation, Bihar received the central government's 'Krishi Karman Award' multiple times for excellence in crop production.
Table
- कृषि रोड मैप: प्रथम कृषि रोड मैप · समयावधि: 2008 - 2012 · उद्घाटनकर्ता: राज्य स्तर पर आरंभ · प्रमुख फोकस / विशेषता: बीज प्रतिस्थापन दर में वृद्धि, धान की श्री (SRI) विधि का प्रसार
- कृषि रोड मैप: द्वितीय कृषि रोड मैप · समयावधि: 2012 - 2017 · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी · प्रमुख फोकस / विशेषता: 'हर थाली में एक बिहारी व्यंजन', दुग्ध व मछली उत्पादन, कृषि कर्मण पुरस्कार
- कृषि रोड मैप: तृतीय कृषि रोड मैप · समयावधि: 2017 - 2023 (विस्तारित) · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद · प्रमुख फोकस / विशेषता: गंगा किनारे 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर, हर खेत तक सिंचाई, सौर ऊर्जा
- कृषि रोड मैप: चतुर्थ कृषि रोड मैप · समयावधि: 2023 - 2028 · उद्घाटनकर्ता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु · प्रमुख फोकस / विशेषता: बजट ₹1.62 लाख करोड़, 12 विभाग, मिलेट्स (श्री अन्न), जलवायु अनुकूल कृषि
Practice questions (solved)
- Q 10: बिहार के चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-2028) का उद्घाटन 18 अक्टूबर 2023 को किसके द्वारा किया गया था?
(क) नीतीश कुमार (ख) द्रौपदी मुर्मु (ग) नरेंद्र मोदी (घ) राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर
- ✔ Answer: (ख) द्रौपदी मुर्मु — चतुर्थ कृषि रोड मैप का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पटना के बापू सभागार में किया था।
- Q 11: बिहार सरकार द्वारा लागू चतुर्थ कृषि रोड मैप (Fourth Agriculture Road Map) की निर्धारित समयावधि क्या है?
(क) 2022-2027 (ख) 2023-2028 (ग) 2024-2029 (घ) 2021-2026
- ✔ Answer: (ख) 2023-2028 — चौथा कृषि रोड मैप 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2028 तक की पांच वर्षीय अवधि के लिए स्वीकृत है।
- Q 12: बिहार में जैविक कॉरिडोर (Organic Corridor) का विकास मुख्य रूप से किस कृषि रोड मैप के तहत 13 गंगा तटीय जिलों में शुरू किया गया?
(क) प्रथम कृषि रोड मैप (ख) द्वितीय कृषि रोड मैप (ग) तृतीय कृषि रोड मैप (घ) चतुर्थ कृषि रोड मैप
- ✔ Answer: (ग) तृतीय कृषि रोड मैप — तृतीय कृषि रोड मैप (2017-2022) के तहत गंगा किनारे के 13 जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक कॉरिडोर योजना शुरू की गई थी।
- Q 13: बिहार के चौथे कृषि रोड मैप (2023-2028) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका कुल स्वीकृत बजट परिव्यय लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये है।
2. इसमें राज्य के कुल 12 विभागों को शामिल किया गया है।
3. इसका मुख्य फोकस मिलेट्स (श्री अन्न) और जलवायु अनुकूल कृषि पर है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) केवल 1 और 2 (ख) केवल 2 और 3 (ग) केवल 1 और 3 (घ) 1, 2 और 3
- ✔ Answer: (घ) 1, 2 और 3 — चौथे रोड मैप में ₹1.62 लाख करोड़ का बजट, 12 विभागों का समन्वय और जलवायु अनुकूल खेती व मिलेट्स तीनों प्रावधान शामिल हैं।
- Q 14: बिहार में प्रथम कृषि रोड मैप की शुरुआत किस वर्ष की गई थी?
(क) 2005 (ख) 2006 (ग) 2008 (घ) 2012
- ✔ Answer: (ग) 2008 — बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र के समन्वित विकास हेतु पहला कृषि रोड मैप वर्ष 2008 (2008-2012) में शुरू किया था।
- Q 15: निम्नलिखित में से किस राष्ट्रपति ने बिहार के द्वितीय कृषि रोड मैप (2012-2017) का शुभारंभ किया था?
(क) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (ख) प्रतिभा पाटिल (ग) प्रणब मुखर्जी (घ) रामनाथ कोविंद
- ✔ Answer: (ग) प्रणब मुखर्जी — द्वितीय कृषि रोड मैप का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2012 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा किया गया था।
How it is asked
In BPSC Prelims, questions on Agriculture Road Maps typically focus on their time periods, financial outlay, visiting President who launched them, number of participating departments, and flagship components like the organic corridor and millets.
Do not confuse
- ✘ तृतीय कृषि रोड मैप की मूल अवधि 2017-2022 थी, किन्तु कोविड-19 के कारण इसे एक वर्ष (मार्च 2023 तक) विस्तारित किया गया था।
- ✘ रोड मैप के उद्घाटनकर्ता राष्ट्रपतियों में भ्रम: 2nd = प्रणब मुखर्जी (2012), 3rd = रामनाथ कोविंद (2017), 4th = द्रौपदी मुर्मु (2023)।
- ✘ चौथे कृषि रोड मैप में विभागों की संख्या 12 है, छात्र अक्सर इसे 10 या 15 समझ लेते हैं।
💡 रोड मैप उद्घाटनकर्ता का क्रम: 2nd = 'प्र'णब मुखर्जी, 3rd = 'रा'मनाथ कोविंद, 4th = 'द्रौ'पदी मुर्मु (प्र - रा - द्रौ)।
Saat Nishchay, Jeevika and Major State Schemes of Bihar
The Government of Bihar has launched several ambitious welfare and development schemes to promote inclusive growth, women empowerment, and human capital formation. In 2015, 'Saat Nishchay-1' (2015-2020) was launched focusing on piped drinking water, sanitation, electricity, and youth skill building. Building upon its outcomes, 'Saat Nishchay-2' (2020-2025) was initiated to achieve an 'Atmanirbhar Bihar', prioritizing youth empowerment, female entrepreneurship, irrigation, and upgraded health infrastructure. The World Bank-aided 'Jeevika' (BRLPS) program revolutionized rural livelihood through women self-help groups (SHGs). In addition, targeted social schemes such as the Mukhyamantri Balak/Balika Cycle Yojana and Kanya Utthan Yojana have drastically curbed school dropout rates and improved gender equity.
Key facts
- Saat Nishchay-1 (2015-2020) included seven targets: Arthik Hal Yuvaon ko Bal, Aarakshit Rozgar Mahilaon ka Adhikar, Har Ghar Bijli, Har Ghar Nal ka Jal, Ghar tak Pakki Gali-Naliyan, Shauchalay Nirman Ghar ka Samman, and Awsar Badhe Aage Padhein.
- Saat Nishchay-2 (2020-2025) components are: Yuva Shakti-Bihar ki Pragati, Sashakt Mahila-Saksham Mahila, Har Khet tak Sinchai ka Pani, Swachh Gaon-Samriddh Gaon, Swachh Shahar-Viksit Shahar, Sulabh Samparkata, and Sabke Liye Atirikta Swasthya Suvidha.
- Jeevika (Bihar Rural Livelihoods Promotion Society - BRLPS) was launched in 2006 with World Bank financial assistance for rural poverty alleviation.
- Kushal Yuva Program (KYP) was launched on 2 October 2016 to provide 240 hours of training in basic computer literacy, language/communication, and soft skills to youth aged 15-28 years.
- Under the Bihar Student Credit Card Scheme, 12th-pass students receive up to Rs 4 lakh education loan on state government guarantee for pursuing higher education.
- Under Mukhyamantri Nishchay Swayam Sahayata Bhatta Yojana, unemployed youth aged 20-25 receive Rs 1,000 per month for up to 2 years while searching for jobs.
- Mukhyamantri Balika Cycle Yojana was launched in 2006-07 and was later extended to boys enrolled in Class 9.
- Under Mukhyamantri Mahila and Yuva Udyami Yojana, up to Rs 10 lakh is provided (50% grant up to 5 lakh and 50% interest-free/concessional loan) for setting up new enterprises.
- Har Ghar Nal ka Jal initiative aims to provide 70 liters per capita per day (lpcd) of safe and potable tap water to every household.
- Mission Daksh was launched in December 2023 to improve basic learning proficiencies of academically lagging students of grades 3 to 8 in primary and upper primary schools.
- 'Didi Ki Rasoi' community canteens are operated by Jeevika Didis to supply hygienic meals across government hospitals in the state.
Table
- योजना का नाम: सात निश्चय-1 · शुरुआत वर्ष: 2015 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: बुनियादी ढांचा (नल-जल, नाली-गली, बिजली, शौचालय व कौशल विकास)
- योजना का नाम: सात निश्चय-2 · शुरुआत वर्ष: 2020 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: आत्मनिर्भर बिहार (युवा शक्ति, सक्षम महिला, हर खेत को पानी, स्वच्छ शहर व अतिरिक्त स्वास्थ्य)
- योजना का नाम: जीविका (BRLPS) · शुरुआत वर्ष: 2006 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा आजीविका संवर्धन (विश्व बैंक संपोषित)
- योजना का नाम: कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) · शुरुआत वर्ष: 2016 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 15-28 वर्ष के युवाओं को कंप्यूटर व संवाद कौशल का 240 घंटे का प्रशिक्षण
- योजना का नाम: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड · शुरुआत वर्ष: 2016 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण
- योजना का नाम: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान · शुरुआत वर्ष: 2018 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: कन्या भ्रूण हत्या व बाल विवाह रोकथाम; जन्म से स्नातक तक वित्तीय सहायता (स्नातक पर 50,000 रु)
- योजना का नाम: मिशन दक्ष · शुरुआत वर्ष: 2023 · मुख्य उद्देश्य / विशेषता: कक्षा 3 से 8 के बुनियादी शिक्षा में पिछड़े बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण
Practice questions (solved)
- Q 16: बिहार सरकार के 'सात निश्चय-2' (2020-2025) कार्यक्रम में निम्नलिखित में से कौन-सा निश्चय शामिल नहीं है?
(क) युवा शक्ति - बिहार की प्रगति (ख) सुलभ संपर्कता (ग) हर घर बिजली लगातार (घ) स्वच्छ शहर - विकसित शहर
- ✔ Answer: (ग) हर घर बिजली लगातार — 'हर घर बिजली लगातार' सात निश्चय-1 (2015-2020) का हिस्सा था, जबकि सात निश्चय-2 में युवा शक्ति, सुलभ संपर्कता, स्वच्छ शहर आदि शामिल हैं।
- Q 17: बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (जीविका) को मुख्य रूप से किस अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है?
(क) विश्व बैंक (ख) एशियाई विकास बैंक (ग) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (घ) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
- ✔ Answer: (क) विश्व बैंक — जीविका परियोजना की शुरुआत 2006 में विश्व बैंक (World Bank) की वित्तीय सहायता से की गई थी।
- Q 18: बिहार सरकार द्वारा संचालित 'कुशल युवा कार्यक्रम' (KYP) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
(क) यह केवल स्नातकोत्तर उत्तीर्ण छात्रों के लिए है। (ख) इसमें संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर और सॉफ्ट स्किल्स का 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है। (ग) यह योजना वर्ष 2021 में शुरू की गई थी। (घ) इसके तहत प्रत्येक प्रतिभागी को 10 लाख रुपये का ऋण दिया जाता है।
- ✔ Answer: (ख) इसमें संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर और सॉफ्ट स्किल्स का 240 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है। — कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) 2016 में शुरू हुआ था जिसमें 15-28 वर्ष के युवाओं को 240 घंटे का बुनियादी कंप्यूटर, संवाद कौशल और सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण दिया जाता है।
- Q 19: बिहार में 'मिशन दक्ष' का मुख्य लक्ष्य क्या है?
(क) आईटी क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देना (ख) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पढ़ने-लिखने में कमजोर छात्रों को विशेष उपचारात्मक कक्षाएं देना (ग) खेलकूद में दक्ष एथलीटों को ओलंपिक हेतु तैयार करना (घ) सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की दक्षता बढ़ाना
- ✔ Answer: (ख) प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पढ़ने-लिखने में कमजोर छात्रों को विशेष उपचारात्मक कक्षाएं देना — मिशन दक्ष कक्षा 3 से 8 के शैक्षणिक रूप से पिछड़े छात्रों को बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता हासिल कराने के लिए शुरू किया गया है।
- Q 20: मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत बिहार में किसी स्नातक उत्तीर्ण अविवाहित/विवाहित कन्या को कितनी प्रोत्साहन राशि दी जाती है?
(क) 10,000 रुपये (ख) 25,000 रुपये (ग) 50,000 रुपये (घ) 1,00,000 रुपये
- ✔ Answer: (ग) 50,000 रुपये — संशोधित प्रावधान के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण होने वाली बालिकाओं को 50,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 51] बिहार के मिशन दक्ष का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
(क) ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल नामांकन बढ़ाना। (ख) वरिष्ठ-माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना। (ग) ग्रेड-स्तरीय दक्षताओं तक पहुंचने के लिए पिछड़ने वाले छात्रों के लिए व्यक्तिगत सलाह प्रदान करना। (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (ग) ग्रेड-स्तरीय दक्षताओं तक पहुंचने के लिए पिछड़ने वाले छात्रों के लिए व्यक्तिगत सलाह प्रदान करना। — बिहार सरकार द्वारा शुरू किए गए 'मिशन दक्ष' का उद्देश्य कक्षा 3 से 8 तक के शैक्षणिक रूप से पिछड़ने वाले विद्यार्थियों को 5-5 के छोटे समूहों में व्यक्तिगत मेंटरिंग देकर ग्रेड-स्तरीय दक्षता प्रदान करना है।
How it is asked
In BPSC Prelims, direct and statement-based questions are frequently asked on distinguishing between Saat Nishchay-1 and 2 components, launch years, eligibility criteria, subsidy amounts, and special welfare/educational initiatives like Jeevika and Mission Daksh.
Do not confuse
- ✘ छात्र प्रायः 'सात निश्चय-1' (हर घर बिजली लगातार) और 'सात निश्चय-2' (स्वच्छ गाँव-समृद्ध गाँव / सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा) के घटकों को आपस में मिला देते हैं।
- ✘ मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना (20-25 वर्ष के बेरोजगारों हेतु 1000 रु/माह) और कुशल युवा कार्यक्रम (15-28 वर्ष हेतु कौशल प्रशिक्षण) दोनों 'आर्थिक हल, युवाओं को बल' के हिस्से हैं, किंतु दोनों की आयु सीमा भिन्न है।
- ✘ कन्या उत्थान योजना में इंटरमीडिएट पास करने पर अविवाहित छात्राओं को 25,000 रुपये और स्नातक पास करने पर 50,000 रुपये दिए जाते हैं, छात्र अक्सर इन राशियों में भ्रमित होते हैं।
💡 सात निश्चय-2 के 7 स्तंभ याद रखने का सूत्र: 'युवा और महिला मिलकर गाँव-शहर स्वच्छ रखेंगे, खेत सींचेंगे, संपर्क बढ़ाएंगे और स्वास्थ्य पाएंगे'।
Industrial and Startup Policies of Bihar
To accelerate industrial growth and employment generation, the Government of Bihar has implemented targeted policies focused on manufacturing, value addition, and innovation. The Bihar Industrial Investment Promotion Policy provides capital subsidies and fiscal incentives to priority sectors such as food processing, textiles, leather, and renewable energy. The Bihar Startup Policy 2022 was launched to foster entrepreneurship, offering interest-free seed fund support of up to 10 lakh rupees for 10 years. Additionally, the Bihar Biofuels Promotion Policy 2021 made the state an early leader in ethanol production from surplus grains and sugarcane. The Bihar Textile and Leather Policy 2022 further supports labor-intensive manufacturing by offering power subsidies, employment generation incentives, and capital grants.
Key facts
- The Bihar Industrial Investment Promotion Policy was first introduced in 2016 and subsequently revised.
- Bihar became the first state in India to implement an Ethanol Production Promotion Policy in 2021.
- Under the Bihar Startup Policy 2022, startups receive an interest-free seed fund of up to 10 lakh rupees for 10 years.
- The Bihar Startup Policy 2022 is structured around the YUVA framework (Yes to Startups, Unleash Regulatory Enabling, Vibrancy in Education, Access to Network and Markets).
- The Bihar Textile and Leather Policy was approved by the state cabinet in June 2022.
- Under the Bihar Textile and Leather Policy 2022, a 15 percent capital subsidy up to a maximum of 10 crore rupees is provided on plant and machinery.
- Under the Textile and Leather Policy 2022, an employment generation subsidy of 3000 to 5000 rupees per employee per month is provided for 5 years.
- The state's first grain-based ethanol plant was inaugurated in Krityanand Nagar, Purnia district.
- Under the Mukhyamantri Udyami Yojana, a total assistance of 10 lakh rupees is provided (5 lakh grant and 5 lakh loan).
- BIADA (Bihar Industrial Area Development Authority) was constituted under the BIADA Act 1974 for industrial infrastructure development.
- Startup Cells and Incubation Centers have been established across colleges to promote innovation under the Bihar Startup Policy.
Table
- नीति / योजना: बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति · अधिसूचना वर्ष: 2016 (संशोधित 2020) · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, परिधान, आईटी आदि को प्राथमिकता क्षेत्र; पूंजीगत व ब्याज सब्सिडी
- नीति / योजना: बिहार जैव ईंधन (इथेनॉल) नीति · अधिसूचना वर्ष: 2021 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: अनाज व गन्ने से इथेनॉल उत्पादन; देश में सबसे पहले लागू करने वाला राज्य
- नीति / योजना: बिहार स्टार्टअप नीति · अधिसूचना वर्ष: 2022 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: 10 लाख रुपये तक 10 वर्ष हेतु ब्याज मुक्त सीड फंडिंग; YUVA मॉडल पर आधारित
- नीति / योजना: बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति · अधिसूचना वर्ष: 2022 · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: 15% पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम 10 करोड़), 2 रुपये/यूनिट बिजली सब्सिडी, रोजगार अनुदान
- नीति / योजना: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना · अधिसूचना वर्ष: 2018 (विस्तारित 2021) · प्रमुख प्रावधान / वित्तीय लाभ: कुल 10 लाख रुपये की सहायता (5 लाख अनुदान + 5 लाख ब्याज मुक्त/1% ब्याज ऋण)
Practice questions (solved)
- Q 21: बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के संदर्भ में, पात्र स्टार्टअप्स को कितनी राशि तक ब्याज मुक्त ऋण (सीड फंड) प्रदान किया जाता है?
(क) 5 लाख रुपये (ख) 10 लाख रुपये (ग) 15 लाख रुपये (घ) 20 लाख रुपये
- ✔ Answer: (ख) 10 लाख रुपये — बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत पात्र स्टार्टअप्स को 10 वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त सीड फंड दिया जाता है।
- Q 22: भारत में इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति लागू करने वाला पहला राज्य निम्नलिखित में से कौन है?
(क) महाराष्ट्र (ख) उत्तर प्रदेश (ग) बिहार (घ) मध्य प्रदेश
- ✔ Answer: (ग) बिहार — बिहार ने 2021 में देश में सबसे पहले अपनी अलग इथेनॉल उत्पादन संवर्धन नीति अधिसूचित की थी।
- Q 23: बिहार वस्त्र एवं चमड़ा नीति 2022 के अंतर्गत पूंजीगत निवेश पर अधिकतम कितने प्रतिशत और कितनी राशि की सब्सिडी का प्रावधान है?
(क) 10% (अधिकतम 5 करोड़) (ख) 15% (अधिकतम 10 करोड़) (ग) 20% (अधिकतम 15 करोड़) (घ) 25% (अधिकतम 10 करोड़)
- ✔ Answer: (ख) 15% (अधिकतम 10 करोड़) — इस नीति में संयंत्र और मशीनरी में निवेश पर 15% की दर से अधिकतम 10 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।
- Q 24: बिहार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के संबंध में कौन सा कथन सही है?
(क) इसके तहत कुल 20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। (ख) इसमें 5 लाख रुपये अनुदान (सब्सिडी) और 5 लाख रुपये ऋण के रूप में दिए जाते हैं। (ग) यह केवल अनुसूचित जाति के उद्यमियों के लिए लागू है। (घ) इसमें कोई भी अनुदान घटक शामिल नहीं है।
- ✔ Answer: (ख) इसमें 5 लाख रुपये अनुदान (सब्सिडी) और 5 लाख रुपये ऋण के रूप में दिए जाते हैं। — मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 10 लाख रुपये की कुल सहायता में 50% अनुदान (5 लाख) और 50% ऋण (5 लाख) प्रदान किया जाता है।
- Q 25: बिहार का पहला अनाज आधारित (Grain-based) इथेनॉल संयंत्र किस जिले में स्थापित किया गया?
(क) बेगूसराय (ख) पूर्णिया (ग) भागलपुर (घ) रोहतास
- ✔ Answer: (ख) पूर्णिया — बिहार के पूर्णिया जिले के परोरा/कृत्यानंद नगर में राज्य का पहला अनाज आधारित इथेनॉल प्लांट स्थापित किया गया था।
📜 Real previous-year questions (BPSC)
- [BPSC 71वीं प्रारंभिक (13 सितंबर 2025), प्रश्न 52] बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के YUVA ढांचे के तहत निम्नलिखित में से कौन-सा/से घटक नहीं है/हैं?
(क) शिक्षा प्रणाली में जीवंतता (ख) समर्थन के लिए नियामक समर्थक (ग) अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं (घ) उपरोक्त में से एक से अधिक
- ✔ Official answer: (ग) अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं — बिहार स्टार्टअप नीति 2022 का 'YUVA' ढांचा चार स्तंभों पर आधारित है: Y-Yes to Startups, U-Unleashing Regulatory Enabling, V-Vibrancy in Education, A-Access to Market & Network; इसमें 'अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार योजनाएं' शामिल नहीं हैं।
How it is asked
BPSC frequently asks questions on state industrial policies, seed funding amounts, the YUVA framework of the Startup Policy, the Biofuels/Ethanol policy, and subsidies under the Textile & Leather policy.
Do not confuse
- ✘ मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (कुल 10 लाख सहायता, जिसमें 5 लाख अनुदान) और बिहार स्टार्टअप नीति (10 लाख रुपये पूर्णतः ब्याज मुक्त सीड फंड 10 वर्षों के लिए) के बीच अंतर में भ्रम होना।
- ✘ बिहार स्टार्टअप नीति 2022 में सामान्य स्टार्टअप को 10 लाख, महिला उद्यमी को 5% अतिरिक्त (10.5 लाख) तथा SC/ST/दिव्यांग को 15% अतिरिक्त (11.5 लाख) मिलता है, इसे अक्सर विद्यार्थी गलत मिला देते हैं।
- ✘ देश का पहला इथेनॉल प्लांट (अनाज आधारित) पूर्णिया में लगा, जबकि बरौनी (बेगूसराय) औद्योगिक नगरी तेल शोधक कारखाने के लिए प्रसिद्ध है।
💡 स्टार्टअप 'YUVA' याद रखें: Y = Yes to Startups, U = Unleash Regulators, V = Vibrant Education, A = Access to Market (10 वर्ष के लिए 10 लाख)।
Quick revision
- According to the Bihar Economic Survey 2023-24, Bihar's GSDP growth rate at constant prices in 2022-23 was recorded at 10.64%.
- At current prices, Bihar's per capita GSDP was Rs 59,637 and per capita NSDP was Rs 53,873 in the year 2022-23.
- In 2022-23, the Tertiary sector held the largest share in Bihar's GSVA at 60.7%, followed by Primary (19.7%) and Secondary (19.6%) sectors.
- The first Krishi Roadmap was launched in 2008, while the 4th Krishi Roadmap (2023-2028) has been rolled out with an outlay of approx Rs 1.62 lakh crore.
- Saat Nishchay-1 (2015-2020) focused on youth development, women empowerment, universal electricity, piped tap water, concrete drains/lanes, toilets, and higher education access.
- Saat Nishchay-2 (2020-2025) comprises: Yuva Shakti-Bihar ki Pragati, Sashakt Mahila-Saksham Mahila, Har Khet Tak Sinchai ka Pani, Swachh Gaon-Samriddh Gaon, Swachh Shahar-Viksit Shahar, Sulabh Samparkata, and Additional Health Facilities for All.
- Jeevika (Bihar Rural Livelihoods Promotion Society) was launched in 2006 with World Bank assistance to mobilize rural women into self-help groups.
- Mukhyamantri Balak/Balika Cycle Yojana was initiated in 2006-07, dramatically improving enrollment of students in secondary schools.
- Kushal Yuva Program (KYP) offers 240 hours of training in basic IT literacy, communication skills, and soft skills to youth aged 15-28 years.
- Bihar became the first state in India to implement its dedicated Ethanol Production Promotion Policy in 2021.
- Under the Bihar Startup Policy 2022, an interest-free seed fund of up to Rs 10 lakh for a tenure of 10 years is provided to recognized startups.
- Under the Mukhyamantri Udyami Yojana, a total financial assistance of Rs 10 lakh (Rs 5 lakh grant + Rs 5 lakh loan) is provided to establish new enterprises.